ईरानी संसद अध्यक्ष का बयान: IAEA पर गैरपेशेवर रवैये का आरोप, सहयोग निलंबन के विधेयक पर विचार, IAEA के व्यवहार परकलीबाफ की नाराजगी

ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कलीबाफ ने संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था IAEA (अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी) परगैरपेशेवर रवैये का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि IAEA ने अपनी जिम्मेदारियों का पालन नहीं किया और वह अब राजनीतिक उपकरण बन चुकीहै। ईरान का परमाणु कार्यक्रम केवल शांति के लिएतेहरान में संसद सत्र को संबोधित करते हुए कलीबाफ ने दोहराया कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्य से जुड़ा है। उन्होंने इस्लामीक्रांति के सर्वोच्च नेता के उस धार्मिक आदेश का हवाला दिया जिसमें परमाणु हथियारों को हराम (निषिद्ध) घोषित किया गया है। उन्होंने कहा किईरान की गैर-शांतिपूर्ण गतिविधियों में कोई दिलचस्पी नहीं है। IAEA से सहयोग खत्म करने पर विधेयक लाने की तैयारीकलीबाफ ने बताया कि संसद अब IAEA के साथ सहयोग निलंबित करने के लिए एक विधेयक लाने पर विचार कर रही है। प्रस्तावित कानून में यहशर्त होगी कि **IAEA तब तक ईरान के साथ काम नहीं कर सकेगी जब तक उसके पेशेवर व्यवहार की गार
यमुनोत्री धाम पैदल मार्ग पर भूस्खलन, कई श्रद्धालु मलबे में दबे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

अचानक गिरी पहाड़ी, पैदल मार्ग पर मची अफरा-तफरीउत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले से एक गंभीर हादसे की खबर सामने आई है। यमुनोत्री धाम के पैदल मार्ग पर नौ कैंची बैंड के पास सोमवार शाम बिनाबारिश के पहाड़ी का हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया, जिससे वहां मौजूद कई तीर्थयात्री मलबे में दब गए। 4 से 5 यात्रियों के दबे होने की आशंका, एक घायल का रेस्क्यूप्रशासन को सूचना मिलते ही NDRF, SDRF और पुलिस की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। अब तक मिलीजानकारी के अनुसार 4 से 5 लोगों के दबे होने की आशंका है, जबकि एक घायल यात्री को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है और उसका उपचारजारी है। सुरक्षा के मद्देनजर आवाजाही पर रोकउत्तरकाशी जिला सूचना अधिकारी के अनुसार, शाम 4:12 बजे अचानक पहाड़ी गिरने की घटना घटी। इसके बाद पुलिस ने नौ कैंची बैंड क्षेत्र मेंआवाजाही को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। जानकीचट्टी चौकी प्रभारी गंभीर सिंह तोमर के नेतृत्व में राहत दल घटनास्थल पर मौजूद है और फंसेहुए लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास कर रहा है। प्रशासन की सतर्क निगरानी, लोगों से शांति बनाए रखने की अपीलजिलाधिकारी प्रशांत कुमार आर्या स्थिति की स्मार्ट कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से घबराने कीबजाय सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
कांग्रेस विधायक भरमगौड़ा कागे ने इस्तीफे की चेतावनी दी, राज्य सरकार पर लगाया प्रशासनिक विफलता का आरोप

कर्नाटक के कागवाड़ से कांग्रेस विधायक भरमगौड़ा अलगौड़ा कागे ने सोमवार को संकेत दिए कि वह जल्द ही विधानसभा से इस्तीफा दे सकते हैं।बेलगावी में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह चरमरा चुकाहै। उन्होंने कहा, “मुझे बहुत दुख है। मैं इस्तीफे पर गंभीरता से विचार कर रहा हूं। अगर दो दिन के भीतर मैंने मुख्यमंत्री को इस्तीफा सौंप दिया, तो यहकिसी के लिए चौंकाने वाली बात नहीं होगी।” विकास कार्यों में देरी को लेकर जताई नाराजगीकागे ने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र कागवाड़ में पिछले दो वर्षों से कोई भी विकास कार्य नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि भूमिपूजन तक नहीं हुआ औरजनता की मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 25 करोड़ रुपये की परियोजनाएं, जिनमेंसे 12 करोड़ सड़क निर्माण के लिए थे, अब तक सिर्फ कागजों तक सीमित हैं क्योंकि प्रशासनिक आदेश जारी नहीं हुए। बी.आर. पाटिल के आरोपों का समर्थन कियाभरमगौड़ा कागे ने अपने सहयोगी विधायक बी.आर. पाटिल का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने जो बातें कहीं हैं, वे पूर्णतः सत्य हैं। पाटिल पहले हीसरकारी आवास योजनाओं में भ्रष्टाचार का आरोप लगा चुके हैं। उनका कहना है कि लाभार्थियों से अवैध रूप से पैसे वसूले जा रहे हैं। हालांकि, मंत्रीबी.जेड. जमीर अहमद खान ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। भाजपा ने कांग्रेस पर बोला हमलाकांग्रेस विधायकों के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के राज्य अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने सोशल मीडिया पर सरकार को आड़े हाथों लिया।उन्होंने कहा, “भ्रष्टाचार और अव्यवस्था अब कांग्रेस सरकार की पहचान बन चुकी है।” विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सरकार राज्य पर एकअभिशाप बन गई है, और अब कांग्रेस के अपने विधायक ही सरकार की असलियत उजागर कर रहे हैं। सत्ता संघर्ष का भी लगाया आरोपविजयेंद्र ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बीच आंतरिक टकराव चल रहा है, जिससे सरकारकमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि पहले जो कांग्रेस विधायक भाजपा की जनआंदोलनों का मज़ाक उड़ाते थे, आज वही सरकार के खिलाफ आवाज़ उठारहे हैं।
इंडिगो में जातिवाद का आरोप, ट्रेनी पायलट ने तीन वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दर्ज कराई FIR

इंडिगो एयरलाइंस के एक ट्रेनी पायलट ने कंपनी के तीन वरिष्ठ अधिकारियों पर जातिगत भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है।पायलट का कहना है कि वह अनुसूचित जाति (SC) से ताल्लुक रखते हैं, इसी वजह से उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया और उन्हें विमानउड़ाने के लायक नहीं समझा गया। गंभीर टिप्पणियों का दावा, बैठक में किया गया अपमानपायलट ने अपनी शिकायत में बताया कि 28 अप्रैल को गुरुग्राम स्थित इंडिगो के मुख्यालय में आयोजित एक बैठक में उनसे कहा गया, “तुम विमानउड़ाने लायक नहीं हो, वापस जाओ और चप्पलें सिलवाओ। तुम यहां चौकीदार बनने के भी लायक नहीं हो।” इस अपमानजनक व्यवहार का उद्देश्य, उनके अनुसार, उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर करना था। तीन वरिष्ठ अधिकारियों पर एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्जपुलिस ने मनीष साहनी, तपस डे और कैप्टन राहुल पाटिल के खिलाफ एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है।शुरुआत में शिकायत बेंगलुरु में दर्ज की गई थी, जहां जीरो एफआईआर के रूप में इसे स्वीकार किया गया। इसके बाद केस को गुरुग्राम ट्रांसफर करदिया गया, क्योंकि इंडिगो का मुख्यालय वहीं स्थित है।वेतन कटौती और बार-बार ट्रेनिंग का भी आरोपशिकायतकर्ता पायलट ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें अनुचित वेतन कटौती, अवांछित पुनः प्रशिक्षण, और बिना कारण चेतावनी पत्र जैसीकार्यस्थल पर प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। उनका दावा है कि इस मुद्दे को उन्होंने इंडिगो के उच्च अधिकारियों और नैतिकता समिति के समक्षउठाया था, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। पुलिस जांच जारी, इंडिगो की प्रतिक्रिया का इंतजारफिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस बीच, इंडिगो की ओर से इस मामले में आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ट्रेनी पायलट कीशिकायत ने ना सिर्फ इंडिगो की आंतरिक कार्यसंस्कृति पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि भारत में कार्यस्थलों पर जातीय भेदभाव की बहस को भी एकबार फिर से सामने ला दिया है।
इंदौर एयरपोर्ट पर इंडिगो फ्लाइट में तकनीकी खामी, टेक-ऑफ से पहले पायलट की सतर्कता से टला बड़ा हादसा

सोमवार सुबह इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पर उस वक्त हड़कंप मच गया जब इंडिगो की फ्लाइट 6E 6332, जो भुवनेश्वर जानेवाली थी, में उड़ान से ठीक पहले तकनीकी गड़बड़ी का पता चला। विमान में 140 यात्री सवार थे और यह उड़ान सुबह 9 बजे निर्धारित थी। पायलट की सूझबूझ से बची बड़ी दुर्घटनाजैसे ही विमान रनवे की ओर बढ़ा, पायलट को तकनीकी खराबी का संकेत मिला। एयरपोर्ट डायरेक्टर विपिनकांत सेठ के अनुसार, पायलट ने तुरंतसतर्कता दिखाते हुए विमान को एप्रन एरिया की ओर मोड़ दिया। एप्रन वह स्थान होता है जहां विमानों की पार्किंग, ईंधन भराई और तकनीकी जांचहोती है। इंजीनियरों की तत्परता से जल्द ठीक हुई समस्याविमान को एप्रन पर लाने के बाद इंडिगो के तकनीकी इंजीनियरों ने जांच शुरू की। सेठ ने बताया कि गड़बड़ी गंभीर नहीं थी और उसे समय रहते दूर करलिया गया। यात्रियों को विमान से उतारने की आवश्यकता नहीं पड़ी, जिससे अफरा-तफरी की स्थिति नहीं बनी। हालांकि, खराबी की विस्तृतजानकारी साझा नहीं की गई। एक घंटे की देरी के बाद सुरक्षित उड़ानमरम्मत के कारण फ्लाइट को करीब एक घंटे की देरी का सामना करना पड़ा। निर्धारित समय सुबह 9 बजे के बजाय विमान ने सुबह 10:16 बजेउड़ान भरी। एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक, सभी यात्रियों ने राहत की सांस ली जब विमान ने सुरक्षित उड़ान भरी।
पहलगाम आतंकी हमला, दो आरोपी एनआईए की हिरासत में, आतंकियों को शरण देने का आरोप

दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए भीषण आतंकी हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दो स्थानीय आरोपियों कोगिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जांच में एक अहम मोड़ के रूप में देखी जा रही है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान परवेज अहमद जोथर(निवासी: बटकोट, पहलगाम) और बशीर अहमद जोथर (निवासी: हिल पार्क, पहलगाम) के रूप में हुई है। अदालत ने पांच दिन की हिरासत मंजूर कीसोमवार को दोनों आरोपियों को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रितेश कुमार दुबे की अदालत में पेश किया गया। न्यायालय ने 27 जून तकएनआईए हिरासत को स्वीकृति दे दी है ताकि एजेंसी मामले की और गहन जांच कर सके। हमले से पहले आतंकियों को दी शरणएनआईए की शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि परवेज और बशीर ने हमले से पहले तीन सशस्त्र आतंकियों को जानबूझकर शरण दी थी। इनआतंकियों को हिल पार्क क्षेत्र स्थित एक झोपड़ी में ठहराया गया था, जहां उन्होंने उन्हें भोजन, आश्रय और अन्य रसद सामग्री मुहैया कराई। हमले में 26 की मौत, 16 घायल22 अप्रैल को हुए इस आतंकी हमले में कुल 26 लोग मारे गए, जिनमें से अधिकांश पर्यटक थे। इसके अलावा 16 लोग गंभीर रूप से घायल हुए।यह हमला अब तक के सबसे घातक आतंकी हमलों में से एक माना जा रहा है। पाकिस्तानी लश्कर आतंकियों की पहचानएनआईए के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने हमले में शामिल तीन आतंकियों की पहचान उजागर की है, जो लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़ेपाकिस्तानी नागरिक थे। यह जानकारी सुरक्षा एजेंसियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच में जुटी एजेंसियांएनआईए अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि आतंकियों के नेटवर्क और हमले की साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी हासिलकी जा सके। एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस हमले में स्थानीय सहयोगियों की भूमिका कितनी गहरी थी।
विधानसभा उपचुनाव परिणाम, INDIA गठबंधन का जलवा, AAP को बड़ी कामयाबी, BJP को झटका

चार राज्यों की पांच सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजों में विपक्षी गठबंधन INDIA ने बाजी मारी है। अब तक के रुझानों में चार सीटों पर गठबंधन सेजुड़े दलों की बढ़त दर्ज की गई है, जबकि भाजपा केवल गुजरात की कड़ी सीट पर आगे है। गुजरात की विसावदर सीट पर AAP की बड़ी जीतगुजरात की विसावदर विधानसभा सीट आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए अहम साबित हुई है। यहां AAP प्रत्याशी गोपाल इटालिया ने भाजपा केकिरीट पटेल को 17,581 मतों के बड़े अंतर से हराया। यह सीट पहले भी AAP के पास थी, लेकिन पूर्व विधायक भूपेंद्र भयानी के भाजपा में शामिलहोने के कारण उपचुनाव कराया गया था। गोपाल इटालिया कभी प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। पंजाब की लुधियाना पश्चिम सीट पर AAP की बढ़तपंजाब में लुधियाना पश्चिम विधानसभा सीट पर भी आम आदमी पार्टी का दबदबा नजर आया। AAP के उम्मीदवार संजीव अरोड़ा 10वें राउंड तक6,025 वोटों से आगे रहे। कांग्रेस प्रत्याशी भारत भूषण आशु दूसरे स्थान पर जबकि भाजपा के जीवन गुप्ता तीसरे स्थान पर हैं। अकाली दल केउम्मीदवार चौथे नंबर पर चल रहे हैं। केरल की नीलांबर सीट पर कांग्रेस आगेकेरल की नीलांबर सीट से कांग्रेस उम्मीदवार आर्यदन शौकत 11 हजार वोटों से बढ़त बनाए हुए हैं। इस सीट पर भाजपा को खासा झटका लगा हैक्योंकि उसके प्रत्याशी एडवोकेट मोहन जॉर्ज केवल 8,648 मतों के साथ चौथे स्थान पर हैं। पश्चिम बंगाल की कालीगंज सीट पर TMC की मजबूत पकड़बंगाल की कालीगंज विधानसभा सीट पर सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) की उम्मीदवार आलिफा अहमद ने 28,784 वोटों की निर्णायक बढ़तबनाई है। भाजपा के आशीष घोष दूसरे स्थान पर हैं। 11 राउंड की गिनती पूरी होने के बाद यह साफ संकेत मिल रहा है कि TMC की जीत लगभगतय है। गुजरात की कड़ी सीट पर BJP की एकमात्र जीतगुजरात की कड़ी सीट पर भाजपा ने एकमात्र बढ़त बनाई है। यहां भाजपा प्रत्याशी राजूभाई चावड़ा ने कांग्रेस के रमेशभाई चावड़ा को 38,904 मतों सेहराकर सीट अपने नाम की।
अमेरिका ने ईरान पर दागे बम, तीन परमाणु ठिकाने तबाह, ट्रम्प बोले, अभी और टारगेट बाकी हैं

पश्चिम एशिया में जारी ईरान-इजरायल तनाव के बीच अमेरिका ने शुक्रवार तड़के ईरान पर सीधी सैन्य कार्रवाई करते हुए उसके तीन प्रमुख परमाणुठिकानों पर बमबारी की। अमेरिकी वायुसेना ने यह ऑपरेशन स्थानीय समयानुसार सुबह 4:30 बजे अंजाम दिया। मिशन के दौरान अमेरिकी लड़ाकूविमान बिना किसी नुकसान के लौट आए। यह सैन्य कार्रवाई एक निर्णायक सफलताराष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हमले के तुरंत बाद राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा, “हमारा उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना औरवैश्विक सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।” उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “अगर ईरान ने रुख नहीं बदला, तो हम और ठिकानों को निशाना बनाएंगे।” परमाणु अधिकार से पीछे नहीं हटेंगेईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका की कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया और कहा कि उनका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्य के लिएहै। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ईरान के संप्रभु अधिकार को मान्यता देने की अपील की। तनाव की पृष्ठभूमि में आया हमलापिछले कुछ हफ्तों से ईरान और इजरायल के बीच सैन्य झड़पें लगातार बढ़ रही थीं। इजरायल पहले ही ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बना चुकाहै। अमेरिका का यह हमला इजरायल के साथ सैन्य समन्वय का हिस्सा माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय जगत में चिंता, प्रतिक्रियाओं की बौछारहमले के बाद कई देशों ने क्षेत्रीय स्थिरता पर चिंता जताई है। अमेरिका के कुछ मित्र देशों ने इसे समर्थन में कदम बताया, जबकि अन्य ने आलोचनाकरते हुए संयम बरतने की सलाह दी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका ने इस ऑपरेशन में B-2 स्टील्थ बमवर्षकों का प्रयोग किया, जो गहरेभूमिगत बंकरों को नष्ट करने में सक्षम हैं। इजरायल ने जताया समर्थन, ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई की आशंकाइजरायल ने अमेरिका की कार्रवाई को “सुरक्षा की दिशा में निर्णायक कदम” बताया और राष्ट्रपति ट्रम्प का आभार जताया। वहीं क्षेत्रीय विश्लेषकों कामानना है कि ईरान की ओर से जल्द जवाबी हमला या साइबर प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है, जिससे मध्य पूर्व में अशांति और बढ़ सकती है।
कटरा-श्रीनगर वंदे भारत ट्रेन को यात्रियों का जबरदस्त समर्थन, 7 जून से शुरू हुई सेवा की सभी सीटें लगभग जुलाई तक बुक

हाल ही में कटरा से श्रीनगर के बीच शुरू की गई वंदे भारत एक्सप्रेस को यात्रियों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। रेलवे की वेबसाइट के अनुसार, इसट्रेन में 25 जुलाई तक अधिकांश सीटें फुल हैं। इन ट्रेनों में लगातार वेटिंग लिस्ट या “नो सीट” का मैसेज दिखाई दे रहा है।पर्यटन और व्यापार दोनों को मिला नया विकल्पयह ट्रेन न सिर्फ पर्यटकों के लिए बल्कि व्यापारिक समुदाय के लिए भी यात्रा का एक तेज़, सुविधाजनक और किफायती विकल्प बन गई है। आंकड़ोंके अनुसार, इस वर्ष अब तक कश्मीर आने वाले पर्यटकों की संख्या 3.74 लाख से अधिक रही है और उनमें से बड़ी संख्या में लोग अब हवाई यात्राकी बजाय ट्रेन से सफर करना पसंद कर रहे हैं। वंदे भारत के बाद हवाई यात्रा में आई गिरावट21 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले के बाद श्रीनगर एयरपोर्ट से उड़ानों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है। पहले जहाँ प्रतिदिन 104 उड़ानेंसंचालित होती थीं, अब यह घटकर 48 से 52 रह गई हैं। एयरलाइनों का कहना है कि वंदे भारत के शुरू होने से यात्रियों ने ट्रेन को प्राथमिकता देनी शुरू कर दी है, जिससे हवाई किरायों में गिरावट आई है।पहले जहाँ किराया ₹12,000 तक था, अब यह घटकर ₹5,000 से ₹6,000 के बीच आ गया है। इसके साथ ही, 50% तक फ्लाइट बुकिंग रद्दहोने के मामले भी बढ़े हैं। सुविधाजनक समय और किफायती किराया बना आकर्षणवंदे भारत एक्सप्रेस का शेड्यूल यात्रियों को खूब भा रहा है। कटरा से सुबह 8:10 बजे रवाना होकर दोपहर 11:55 बजे और दोपहर 2:55 बजे रवानाहोकर शाम 5:35 बजे श्रीनगर पहुंचने वाली दो सेवाएं उपलब्ध हैं। वापसी में श्रीनगर से सुबह 8:00 बजे चलकर दोपहर 2:00 बजे कटरा पहुंचा जासकता है। टिकट दरें भी किफायती हैं—इकोनॉमी क्लास का किराया लगभग ₹700-₹800, जबकि एग्जीक्यूटिव क्लास का ₹1300-₹1400 तक है। अबतक करीब 52,000 यात्रियों ने इस सेवा का लाभ उठाया है, जिनमें से लगभग 30,000 पर्यटक रहे हैं। कारोबार को भी मिला संजीवनीरेलवे के वाणिज्यिक अधिकारी उचित सिंघल के अनुसार, यात्रियों को इस रूट की प्राकृतिक सुंदरता बहुत पसंद आ रही है। वहीं, व्यापारियों को भीइस सेवा से समय और लागत दोनों में राहत मिली है। सोपोर के व्यापारी बताते हैं कि अब सामान समय पर बाजार पहुंच रहा है, जिससे कारोबार मेंगति आई है। कश्मीर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने भी इस बात की पुष्टि की है कि वंदे भारत सेवा से माल ढुलाई की लागत में कमी आई है। इसके अलावा, होटल, टैक्सी और गाइड जैसे स्थानीय व्यवसायों को भी इस ट्रेन सेवा से अच्छा लाभ हो रहा है।
भारत के पड़ोसियों को अब समझना होगा, सहयोग करें या परिणाम भुगतें बोले एस. जयशंकर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 11 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत की बदलती विदेश नीति पर विस्तार से प्रकाशडाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत को अपने पड़ोसी देशों के साथ हमेशा सहज संबंधों की उम्मीद नहीं करनी चाहिए, लेकिन यह जरूरी है कि वे यहसमझें कि भारत के साथ सहयोग करने से फायदा और विरोध करने से नुकसान होता है। पाकिस्तान पर तीखा प्रहार: ‘विरोध की कीमत चुकानी होगी’विदेश मंत्री ने अपने संबोधन में पाकिस्तान का नाम लिए बिना संकेत किया कि कुछ देशों को भारत की रणनीति को समझने में समय लगता है। उन्होंनेकहा, “कुछ देशों ने दुश्मनी को अपनी पहचान बना लिया है, और पाकिस्तान इसका एक उदाहरण है।” उन्होंने यह भी कहा कि अगर पाकिस्तान कोछोड़ दें, तो भारत की रणनीति अधिकतर पड़ोसियों पर लागू होती है। चीन और अमेरिका को लेकर संतुलित दृष्टिकोणजब जयशंकर से पूछा गया कि भारत ने अमेरिका और चीन जैसे वैश्विक शक्तियों के साथ संबंधों में उतार-चढ़ाव को कैसे संभाला, तो उन्होंने जवाबदिया कि अमेरिका के मामले में कुछ अनिश्चितताएं हैं, इसलिए भारत को बहुआयामी और स्थिर रिश्तों पर काम करना होता है। वहीं चीन के बारे मेंउन्होंने कहा, “चीन के साथ खड़ा होना है तो अपनी राष्ट्रीय क्षमताओं को मज़बूत बनाना होगा।” उन्होंने गलवान घाटी संघर्ष (2020) का उदाहरण देतेहुए कहा कि सीमा पर तनावपूर्ण स्थितियां भारत ने मजबूती से झेली हैं। वैश्विक संकटों में भारत की तत्परताजयशंकर ने मोदी सरकार के दौरान नागरिकों की सुरक्षा और आपात निकासी अभियानों की सफलता को विदेश नीति का अहम पहलू बताया। उन्होंनेहाल ही में ईरान-इज़राइल संघर्ष के दौरान चलाए गए ऑपरेशन सिंधु और रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच किए गए ऑपरेशन गंगा को याद करते हुए कहा किये मिशन भारत की तेज, निर्णायक और संवेदनशील विदेश नीति के उदाहरण हैं। श्रीलंका और मालदीव के साथ रिश्तों में निरंतरताजयशंकर ने कहा कि मोदी सरकार की नीति के तहत मालदीव और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों से संबंधों में मजबूती आई है। उन्होंने बताया किमालदीव के साथ शुरुआती कुछ कूटनीतिक अड़चनों के बावजूद दोनों देशों के बीच संबंध सामान्य हो गए हैं, जबकि श्रीलंका में सत्ता परिवर्तन के बादभी भारत का सहयोग और संपर्क बना रहा। हर परिस्थिति में संयम ज़रूरीनेपाल के संदर्भ में जयशंकर ने माना कि भारत को अक्सर वहां की आंतरिक राजनीति में खींचा जाता है, लेकिन भारत को अपने दृष्टिकोण में स्थिरताबनाए रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि रिश्तों में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन भारत को संयम और दूरदर्शिता से काम लेना चाहिए।