भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की ऐतिहासिक उड़ान अब 25 जून को, नासा ने दी जानकारी

भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की बहुप्रतीक्षित स्पेस यात्रा अब 25 जून को पूरी होने जा रही है। यह जानकारी मंगलवार को अमेरिकी अंतरिक्षएजेंसी नासा ने साझा की। ‘एक्सियम मिशन-4’ (Axiom Mission-4) के तहत न केवल भारत, बल्कि हंगरी और पोलैंड भी एक बार फिर अंतरिक्षमें कदम रखने जा रहे हैं। इस मिशन का संचालन नासा, स्पेसएक्स और निजी अंतरिक्ष कंपनी Axiom Space मिलकर कर रहे हैं। शुभांशु शुक्ला निभाएंगे पायलट की भूमिकाAxiom-4 मिशन, इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के लिए रवाना होने वाला चौथा व्यावसायिक मिशन है। इस ऐतिहासिक अभियान में भारत केशुभांशु शुक्ला बतौर पायलट शामिल हैं। मिशन की कमान अमेरिका की अनुभवी अंतरिक्ष यात्री पेगी व्हिटसन के हाथों में है। वहीं हंगरी के टिबोर कापुऔर पोलैंड के स्लावोश उज़नांस्की-विस्निएवस्की मिशन स्पेशलिस्ट के रूप में हिस्सा ले रहे हैं। तकनीकी कारणों से पहले कई बार टली लॉन्चिंगइस मिशन की लॉन्चिंग पहले 29 मई को प्रस्तावित थी, लेकिन तकनीकी खामियों के चलते इसे कई बार स्थगित करना पड़ा। कभी फाल्कन-9 रॉकेटमें लिक्विड ऑक्सीजन लीक तो कभी ISS के रूसी मॉड्यूल में आई तकनीकी दिक्कतों के चलते तारीखें बदली गईं।8 जून, 10 जून और 11 जून को भी लॉन्च की नई तारीखें तय की गई थीं, लेकिन सुरक्षा जांचों के कारण उड़ान को फिर से टालना पड़ा। इसके बाद19 और 22 जून को भी लॉन्चिंग की योजना बनी, जिसे ISS में मरम्मत के कार्य की समीक्षा के चलते रोक दिया गया। नई लॉन्च तारीख 25 जून, रात 12:01 बजे होगी उड़ानअब मिशन की नई लॉन्च तिथि 25 जून तय की गई है। यह उड़ान भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 12:01 बजे नासा के केनेडी स्पेस सेंटर, फ्लोरिडा से फाल्कन-9 रॉकेट के माध्यम से भरी जाएगी। इस रॉकेट में स्पेसएक्स का अत्याधुनिक ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट प्रयोग किया जा रहा है। ISS से जुड़ने का समय भी तयमिशन के तहत अंतरिक्ष यात्री इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से जुड़ेंगे। नासा के अनुसार, यह डॉकिंग भारतीय समयानुसार 26 जून को शाम 4:30 बजे होनेकी संभावना है। मिशन के दौरान वैज्ञानिक शोध, तकनीकी प्रयोग और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई गतिविधियां की जाएंगी।
गुजरात में मानसून का कहर, सूरत सहित कई जिलों में भारी बारिश, स्कूल बंद, अलर्ट जारी

गुजरात में मानसून के सक्रिय होते ही कई जिलों में मूसलधार बारिश हो रही है। सूरत शहर में रविवार रात से लेकर सोमवार सुबह तक लगातार तेजबारिश हुई है। सुबह 8 बजे तक शहर में करीब 9 इंच वर्षा दर्ज की गई। भारी बारिश के चलते शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्नहो गई है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सूरत के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। साथ ही, सूरत सेंट्रल बस स्टेशन से चलने वालीसभी एसटी बस सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। ड्राइवरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बसों को जलमग्न क्षेत्रों में न ले जाएं।प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य जारी है और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। राज्य के 159 तालुकों में हुई बारिश, कई जिलों में जलजमावपिछले 24 घंटों में गुजरात के 159 तालुकों में हल्की से लेकर भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है। सबसे अधिक वर्षा जामनगर के जोडिया में 7.17 इंचदर्ज की गई। इसके अलावा मेन्दरदा में 5.7 इंच, अमीरगढ़ में 5 इंच, केशोद में 4.9 इंच, कलावड में 4.6 इंच और पालसाना में 5.6 इंच बारिश हुई।इससे कई क्षेत्रों में सड़कों पर पानी भर गया है और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग का अलर्टभारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों के लिए अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी दी है। अमरेली, भावनगर, नवसारी, वलसाड, बोटाड, अरावली, महिसागर, दाहोद, वडोदरा, आनंद, भरूच और पंचमहल जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, सौराष्ट्र औरदक्षिण गुजरात के 16 जिलों में 24 जून को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। अमरेली, भावनगर, नवसारी और वलसाड के लिएऑरेंज अलर्ट और राजकोट, जूनागढ़, सूरत, तापी, डांग, नर्मदा, वडोदरा सहित कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी है। NDRF और SDRF टीमें तैनात, राज्य सरकार सतर्क25 जून को अरावली, दाहोद, पंचमहल, नवसारी और भावनगर जैसे जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इसके अलावा, पोरबंदर, बोटाड, आनंद, अहमदाबाद, गांधीनगर और साबरकांठा में भी भारी बारिश की संभावना है। 26 से 28 जून तक पूरे गुजरात में मानसून सक्रिय रहने की उम्मीदहै, जिसमें गरज, बिजली और तेज़ बारिश का सिलसिला बना रहेगा। राज्य सरकार ने सभी जिला प्रशासन को जलभराव, बाढ़ और यातायात में बाधाकी स्थिति के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें संवेदनशील इलाकों में तैनात हैं। कंट्रोल रूम 24×7 एक्टिव हैं और जल निकासी, बांधों की निगरानी, निकासी अभियान, स्वास्थ्य सुविधाएं, बिजली और पानी की आपूर्ति को लेकर पूरी तैयारी की जाचुकी है।
दहेज हत्या केस, सुप्रीम कोर्ट ने अपील खारिज की, बरी करने में हस्तक्षेप को लेकर दिए अहम निर्देश

केवल दुर्लभ मामलों में ही अपीलीय अदालत कर सकती है हस्तक्षेपसुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में स्पष्ट किया है कि अपीलीय अदालतें निचली अदालतों द्वारा दिए गए बरी करने के फैसलों में केवल उन्हीं मामलों मेंहस्तक्षेप कर सकती हैं, जहां निचली अदालत का दृष्टिकोण पूरी तरह असंगत हो या जहां उपलब्ध साक्ष्य केवल दोषसिद्धि की ओर ही ले जाते हों।न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति पीबी वराले की पीठ ने शुक्रवार को यह टिप्पणी एक दहेज हत्या मामले से जुड़ी अपील को खारिज करते हुएकी। निचली अदालत के फैसले में कोई कानूनी त्रुटि नहींअदालत ने कहा कि यदि ट्रायल कोर्ट या हाई कोर्ट द्वारा प्रस्तुत निष्कर्ष संभावित और साक्ष्य आधारित हैं, तो शीर्ष अदालत को हस्तक्षेप नहीं करनाचाहिए। न्यायालय ने माना कि जिस फैसले को चुनौती दी गई है, उसमें ट्रायल कोर्ट और इलाहाबाद हाई कोर्ट दोनों ने पूरी तरह विचार करने के बादआरोपी को बरी किया है और निर्णय में कोई कानूनी खामी नहीं है। क्या था पूरा मामला?यह मामला अक्टूबर 2010 में गाजियाबाद में हुई एक महिला, सुचिता सिंह, की आत्महत्या से जुड़ा है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि उनकीबहन को दहेज की मांग को लेकर लगातार प्रताड़ित किया गया, जिसके चलते उसने आत्महत्या कर ली। 2014 में ट्रायल कोर्ट ने महिला के पतिअजीत सिंह और उनके चार परिजनों को आरोपों से बरी कर दिया था। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अक्टूबर 2024 में ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकराररखा। एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी बनी संदेह का कारणसुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि घटना के चार दिन बाद एफआईआर दर्ज की गई, जिससे आरोपों की सत्यता पर संदेह उत्पन्न होता है। ट्रायलकोर्ट के अनुसार, इस देरी से यह प्रतीत होता है कि एफआईआर में दर्ज कहानी बाद में बनाई गई थी। मृतका के पिता की मौजूदगी में हुई थी जांचशीर्ष अदालत ने यह भी बताया कि मृतका के पति ने घटना के तुरंत बाद मायके वालों को सूचना दी थी, और मृतका के पिता, जो पुलिस उपाधीक्षकके पद पर थे, उनकी मौजूदगी में ही जांच और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई थी। इसके बावजूद, उस समय किसी भी प्रकार की आपत्ति यासंदेह प्रकट नहीं किया गया।
एयर इंडिया की मुंबई फ्लाइट में 7 लोग बीमार, जयपुर-दुबई उड़ान तकनीकी कारणों से रद्द

टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया की लंदन से मुंबई आ रही फ्लाइट (AI 130) में उड़ान के दौरान पांच यात्रियों और दो चालक दल केसदस्यों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। एयर इंडिया की ओर से जारी बयान में बताया गया कि यात्रियों को चक्कर और मतली की शिकायत थी।फ्लाइट के मुंबई पहुंचने पर सभी बीमार यात्रियों और क्रू मेंबर्स को तुरंत एयरपोर्ट पर मौजूद मेडिकल टीम की मदद से इलाज के लिए मेडिकल रूम मेंले जाया गया। मेडिकल जांच के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। उड़ान के दौरान बिगड़ी हालत, डीजीसीए को दी गई जानकारीएयर इंडिया ने यात्रियों और स्टाफ की कुल संख्या का जिक्र किए बिना बताया कि उड़ान के अलग-अलग चरणों में कुछ लोगों को तबीयत खराब होनेकी शिकायत हुई। हालांकि, विमान सुरक्षित रूप से मुंबई पहुंचा और घटना की सूचना नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) को दे दी गई है।फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। जयपुर-दुबई फ्लाइट तकनीकी खराबी के कारण रद्दउधर, 23 जून को एयर इंडिया एक्सप्रेस की जयपुर से दुबई जाने वाली फ्लाइट IX-195 को उड़ान से ठीक पहले तकनीकी खराबी के कारण रद्दकरना पड़ा। यह फ्लाइट सुबह 5:30 बजे रवाना होने वाली थी, लेकिन टेक-ऑफ से पहले ही समस्या सामने आ गई। यात्री 4 घंटे तक प्लेन में फंसे रहेजानकारी के अनुसार, फ्लाइट में सवार यात्री सुबह छह बजे बोर्डिंग के बाद प्लेन में बैठे रहे। विमान टैक्सी-वे तक पहुंच चुका था, तभी पायलट कोतकनीकी गड़बड़ी का पता चला। अगले चार घंटे तक विमान को ठीक करने की कोशिश की गई, लेकिन जब तकनीकी खराबी दूर नहीं हो सकी तोएयरलाइन ने फ्लाइट कैंसिल करने का निर्णय लिया। यात्रियों को भविष्य की यात्रा के लिए टिकट रिफंड का विकल्प दिया गया है। एयरलाइन की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाईदोनों घटनाओं को लेकर एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही है। लंदन-मुंबई फ्लाइट कीघटना पर जांच जारी है, जबकि जयपुर-दुबई फ्लाइट को लेकर एयरलाइन ने यात्रियों से असुविधा के लिए खेद जताया है और जल्द ही वैकल्पिकव्यवस्था करने का आश्वासन दिया है।
जुलाई से बढ़ सकता है ट्रेन किराया, लंबी दूरी की यात्रा होगी महंगी, एसी-नॉन एसी कोच पर पड़ेगा असर

भारतीय रेलवे 1 जुलाई 2025 से एक नई किराया नीति लागू करने की तैयारी कर रहा है, जिसके तहत लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिएट्रेन का सफर महंगा हो सकता है। रेलवे बोर्ड ने एक प्रस्ताव तैयार किया है जिसमें मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के एसी और नॉन-एसी कोच में प्रतिकिलोमीटर किराए में मामूली बढ़ोतरी की सिफारिश की गई है। इस प्रस्ताव के अनुसार, एसी कोच में सफर करने वाले यात्रियों को प्रति किलोमीटर 2 पैसे और नॉन-एसी कोच में सफर करने वालों को 1 पैसा प्रति किलोमीटर अधिक देना होगा। वहीं, सेकेंड क्लास के यात्रियों को 500 किलोमीटर सेज्यादा की दूरी पर आधा पैसा प्रति किलोमीटर अतिरिक्त देना पड़ सकता है। यह बदलाव सिर्फ उन्हीं यात्रियों पर लागू होगा जो 500 किलोमीटर से अधिक की यात्रा करते हैं। इसके तहत 500 किलोमीटर से कम दूरी तय करनेवालों को कोई अतिरिक्त किराया नहीं देना होगा और उन्हें पुराने दर पर ही टिकट मिलते रहेंगे। इस प्रस्ताव का उद्देश्य केवल लंबी दूरी की यात्रा करनेवालों से मामूली अतिरिक्त किराया लेना है, जबकि रोजमर्रा के यात्री और कम दूरी तय करने वाले लोग इससे प्रभावित नहीं होंगे। यह किराया संशोधन सिर्फ एक्सप्रेस और मेल ट्रेनों के एसी और नॉन-एसी कोच पर लागू किया जाएगा, जबकि पैसेंजर ट्रेनों के यात्रियों पर इसकाकोई असर नहीं पड़ेगा। फिलहाल यह प्रस्ताव रेलवे बोर्ड की ओर से तैयार करके रेल मंत्रालय को भेजा गया है और मंत्रालय की अंतिम मंजूरी के बादही इसे लागू किया जाएगा।
लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह का विपक्ष और जातीय भेदभाव पर तीखा बयान

लोकदल के अध्यक्ष श्री सुनील सिंह ने आज एक प्रेस वक्तव्य में कथावाचक के साथ जातीय आधार पर किए गए भेदभाव की तीव्र निंदा की। उन्होंनेकहा कि कथावाचक के साथ जो व्यवहार हुआ, वह केवल उनकी जाति के कारण हुआ और यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसी घटनाएं सामाजिकसमरसता के लिए एक चुनौती हैं और इनकी कड़ी भर्त्सना की जानी चाहिए। अखिलेश यादव मुद्दों से भटक जाते हैंश्री सिंह ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वे बार-बार ऐसे बयानों में उलझ जाते हैं जिनकाआम जनता की ज्वलंत समस्याओं से कोई सीधा सरोकार नहीं होता।उन्होंने कहा, “जब देश महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों से जूझ रहा है, तब विपक्ष को चाहिए कि वह ठोसऔर समाधान केंद्रित राजनीति करे। लेकिन अखिलेश जी कभी व्यक्तिगत हमलों में उलझते हैं तो कभी पुराने आंकड़ों के सहारे जनता का ध्यानभटकाने की कोशिश करते हैं।” विपक्ष की भूमिका जिम्मेदारी भरी होनी चाहिएसुनील सिंह ने कहा कि विपक्ष का दायित्व केवल सोशल मीडिया या जुमलों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसे जमीनी मुद्दों पर सरकार सेसवाल पूछने चाहिए। उन्होंने आह्वान किया कि विपक्ष को चाहिए कि वह अपने प्रयासों को आम जन के हित में केंद्रित करे और रचनात्मक विपक्ष कीभूमिका निभाए।
ईरान-इजराइल युद्ध का असर, खाड़ी देशों ने बंद किया एयरस्पेस, भारत की 50+ फ्लाइट्स रद्द

ईरान और इजराइल के बीच चल रही सैन्य झड़पों ने वैश्विक हवाई यातायात को भी प्रभावित किया है। हाल ही में ईरान ने कतर स्थित अमेरिकी अल-उदीद मिलिट्री बेस को निशाना बनाकर मिसाइल हमला किया। इसके बाद कतर, बहरीन, यूएई, इराक और कुवैत ने एहतियात के तौर पर अपनेएयरस्पेस को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। भारत से मिडिल ईस्ट जाने वाली उड़ानें रद्दएयरस्पेस प्रतिबंधों के चलते भारत से मिडिल ईस्ट की ओर जाने वाली 50 से अधिक उड़ानों को रद्द कर दिया गया है। अकेले दिल्ली एयरपोर्ट से 40 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित हुई हैं। जयपुर से 6, लखनऊ से अबूधाबी और शारजाह के लिए 2 उड़ानें और अहमदाबाद से लंदन, अबूधाबी, कुवैत, दोहाजैसी जगहों से आने वाली 5 उड़ानें कैंसिल हुई हैं। अमृतसर से दुबई जाने वाली फ्लाइट SG-55 भी रद्द कर दी गई है। एयरलाइंस ने जारी किया बयानइंडिगो एयरलाइंस ने कहा है कि जैसे-जैसे मिडिल ईस्ट के एयरपोर्ट फिर से चालू हो रहे हैं, वैसे-वैसे सेवाएं बहाल की जा रही हैं। कंपनी ने यह भीस्पष्ट किया है कि वह यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए केवल सुरक्षित मार्गों का ही उपयोग कर रही है।अकासा एयर ने भी इसी दिशा में बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि मौजूदा हालात को ध्यान में रखते हुए उनकी सभी उड़ानें केवल सुरक्षितएयरस्पेस में संचालित की जाएंगी। संघर्ष की शुरुआतइस सैन्य संघर्ष की शुरुआत 13 जून को इजराइल के हमले से हुई, जिसे “Operation Rising Lion” नाम दिया गया। इस हमले में ईरान केरिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कई शीर्ष कमांडरों और वैज्ञानिकों की मौत हुई, जिनमें IRGC एयरफोर्स प्रमुख आमिर अली हाजीजादेह और अयातुल्लाखामेनेई के करीबी अली शामखानी भी शामिल थे। ईरान का जवाब – ‘ट्रू प्रॉमिस थ्री’एक दिन बाद, 14 जून को ईरान ने ‘True Promise 3’ नाम से जवाबी कार्रवाई की। ईरान ने सैकड़ों मिसाइलें दागीं, जिसके बाद दोनों देशों केबीच लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू हो गए।22 जून को अमेरिका भी युद्ध में शामिल हुआ और ईरान के फोर्डो, नतांज और इस्फहान स्थित परमाणु ठिकानों पर हमले किए। इस ऑपरेशन में B-2 स्टेल्थ बॉम्बर्स ने बंकर बस्टर बमों का इस्तेमाल किया। एयरस्पेस बंद होने के पीछे की मुख्य वजह 23 जून की रात ईरान ने अमेरिकी मिलिट्री बेस पर मिसाइलें दागीं, जिसके बाद कई खाड़ी देशों ने एयरस्पेस बंद कर दिया। इस फैसले ने भारत सेमध्य पूर्व के लिए चलने वाली उड़ानों को बुरी तरह प्रभावित किया। युद्ध में नरमी के संकेत24 जून को इस संघर्ष का 12वां दिन है। अब तक इजराइल में 29 लोगों की मौत और 900 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं, वहीं ईरान में 657 मौतें और 2000 से अधिक घायल होने की पुष्टि हो चुकी है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमले रोकने की घोषणा करते हुए कहा कि”हमारा उद्देश्य पूरा हो गया है”। यह निर्णय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की युद्धविराम की अपील के बाद आया। हालांकि, ईरान की तरफ से अभीतक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
प्रधानमंत्री की गैरहाजिरी पर खड़गे का निशाना, विपक्ष को तुच्छ समझते हैं

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बादबुलाई गई सर्वदलीय बैठकों में प्रधानमंत्री की गैरमौजूदगी विपक्ष के प्रति उनकी “अवमानना” को दर्शाती है। खड़गे ने कहा, “देश कठिन समय से गुजररहा है और जब पूरे देश को एकजुट होकर संकट का सामना करना चाहिए, तब प्रधानमंत्री का ऐसे बैठकों से गायब रहना चिंताजनक है।”खड़गे बोले: श्रेय लेने की होड़ में लगे कुछ लोगरायचूर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए खड़गे ने इशारों में कहा कि कुछ लोग व्यक्तिगत श्रेय लेने में लगे हैं, जबकि उन्होंने कभी सेना में कोईयोगदान नहीं दिया। उन्होंने कहा, “अगर वे सेना में रहते, तो हम उनके बलिदान की सराहना करते। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ है, इसलिए केवलप्रचार से देशभक्ति का प्रमाण नहीं मिलता।” रायचूर में कई विकास परियोजनाओं की नींव रखीमुख्यमंत्री सिद्धारमैया और अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ खड़गे ने रायचूर में विकास योजनाओं की आधारशिला रखी और रायचूर विश्वविद्यालय केनामकरण समारोह में भाग लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ही पहलगाम हमले के बाद सर्वदलीय बैठक की मांग सबसे पहले की थी, लेकिनप्रधानमंत्री ने दो बार आयोजित बैठकों में हिस्सा नहीं लिया। “विपक्ष को छोटा दिखाने की कोशिश ठीक नहीं”खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री की बिहार चुनाव प्रचार में व्यस्तता बताती है कि वह विपक्ष को गंभीरता से नहीं लेते। “जब देश के नेता बैठक में शरीकहोने आए, प्रधानमंत्री को भी आना चाहिए था। उनकी गैरमौजूदगी संकेत देती है कि वह विपक्ष को महत्व नहीं देते, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाकसंकेत है,” उन्होंने चेताया। विदेश नीति और महंगाई पर भी साधा निशानाखड़गे ने ईरान और इज़राइल के बीच संघर्ष का हवाला देते हुए कहा कि भारत को राजनयिक हस्तक्षेप कर हालात सुधारने की कोशिश करनी चाहिएथी। उन्होंने मोदी पर अमेरिका से दबाव में आने और ईंधन आयात जैसे अहम मुद्दों को नज़रअंदाज़ करने का आरोप लगाया। लोगों को ‘विश्व गुरु’ नहीं, रोटी-कपड़ा-मकान चाहिएकांग्रेस प्रमुख ने तंज कसते हुए कहा, “चाहे प्रधानमंत्री ‘विश्व गुरु’ बनने की बात करें या घर का गुरु, आम जनता को पेट भरने के लिए खाना, पहनने कोकपड़े और सिर पर छत चाहिए।” उन्होंने कहा कि इस पर ध्यान देने के बजाय सरकार केवल प्रचार पर ध्यान दे रही है। शिक्षा के भगवाकरण और कल्याण योजनाओं पर टिप्पणीखड़गे ने केंद्र सरकार पर शिक्षा के भगवाकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस की कल्याणकारी योजनाएं, खासकर महिलाओं को लाभ पहुंचानेवाली गारंटियाँ, जनता में लोकप्रिय हो रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा ऐसी सामाजिक न्याय की योजनाएं कभी नहीं चला सकती।
ईरान-इजरायल संघर्ष और गहराया, इजरायली वायुसेना ने कई एयरबेस और बंकर किए तबाह

इजरायल और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले के बाद अब इजरायली डिफेंस फोर्सेज(IDF) ने ईरान के कई हवाई अड्डों और मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाकर हमला किया है। इन हमलों में तेहरान, मशहद और देजफुल जैसे बड़ेएयरबेस को नुकसान पहुंचा है। IDF के अनुसार, ये हमले ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने और इज़राइल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के मकसदसे किए गए। 15 फाइटर जेट की मदद से इजरायली वायुसेना ने दिया अंजामIDF ने बताया कि 15 से ज्यादा रिमोट-ऑपरेटेड फाइटर जेट्स ने ईरान के पश्चिमी, पूर्वी और मध्य हिस्सों में स्थित छह से अधिक एयरबेस को निशानाबनाया। इन हमलों में रनवे, भूमिगत बंकर, एक ईंधन भरने वाला विमान और ईरान के F-14, F-5 और AH-1 जैसे विमान क्षतिग्रस्त हुए हैं। करमानशाह में मिसाइल भंडारण स्थलों पर भी हमलेIDF की जानकारी के अनुसार, खुफिया सूचनाओं के आधार पर ईरान के करमानशाह क्षेत्र में मिसाइल लॉन्च साइट और भंडारण केंद्रों पर भी हवाईहमले किए गए। इन हमलों से ईरान की ज़मीन से ज़मीन पर मार करने वाली मिसाइल प्रणाली को बड़ा नुकसान पहुंचा है। ‘सुरक्षा सर्वोपरि है’, इजरायल की दो टूकIDF ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई इजरायल की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए की गई है। बयान में कहा गया, “हम अपनी रक्षाके लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं और ईरानी सैन्य गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।” ईरान की हवाई शक्ति को झटकाइन हमलों के बाद ईरान के प्रमुख हवाई अड्डों की परिचालन क्षमता को बड़ा नुकसान हुआ है। इजरायली सेना के मुताबिक, यह अभियान आगे भीजारी रहेगा ताकि ईरान की ओर से किसी भी आक्रामक कार्रवाई को रोका जा सके।
बांग्लादेश के पूर्व चुनाव आयुक्त नूरुल हुदा गिरफ्तार, चुनाव में गड़बड़ी के आरोप में केस दर्ज

बांग्लादेश के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) केएम नूरुल हुदा को गिरफ्तार कर लिया गया है। ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस के डिप्टी कमिश्नरमोहिदुल इस्लाम के मुताबिक, हुदा को उस मामले में पकड़ा गया है जिसमें उन पर अपने कार्यकाल के दौरान चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी औरपक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप है। इस केस में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और बीएनपी प्रमुख खालिदा जिया की पार्टी की ओर से 18 अन्यलोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। सड़क पर हुआ हमला, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियोगिरफ्तारी से पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लोगों की भीड़ नूरुल हुदा को जूतों से मारती, उन्हें जूतों कीमाला पहनाती और अंडे फेंकती नजर आ रही है। भीड़ उन्हें गालियां देती हुई भी दिख रही है। पुलिस के पहुंचने के बाद भी भीड़ ने हमला जारी रखा, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। हमले के बाद अंतरिम सरकार की आपात प्रतिक्रियासोशल मीडिया पर हो रहे बवाल और सार्वजनिक गुस्से को देखते हुए, मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार को आधी रातको एक आधिकारिक बयान जारी करना पड़ा। इस हमले ने बांग्लादेश की राजनीतिक अस्थिरता और लोकतांत्रिक संस्थानों पर लोगों के भरोसे कीगिरावट को फिर से उजागर कर दिया है।