राकेश शर्मा के बाद अब शुभांशु शुक्ला, भारत का प्रतिनिधित्व अंतरिक्ष में

भारत ने अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। शुभांशु शुक्ला सहित चार अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर SpaceX का फाल्कन 9 रॉकेट सफलतापूर्वक फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च हुआ। यह मिशन Axiom-4 का हिस्सा है, जो इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन(ISS) पर लगभग 14 दिनों तक चलेगा। भारत के लिए ऐतिहासिक पल: ISS पर पहुंचने वाले दूसरे भारतीय होंगे शुभांशुAxiom-4 मिशन के तहत शुभांशु शुक्ला भारत के पहले ऐसे व्यक्ति बनेंगे जो इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन तक पहुंचेंगे। इससे पहले केवल राकेश शर्माअंतरिक्ष में गए थे। यह रॉकेट 26 जून को शाम करीब 4:30 बजे ISS पर डॉक करेगा, जिससे भारत का नाम एक बार फिर वैश्विक अंतरिक्ष मानचित्रपर प्रमुखता से उभरेगा। मिशन में शामिल चार देशों के अंतरिक्ष यात्रीइस मिशन में भारत के शुभांशु शुक्ला पायलट के रूप में शामिल हैं। उनके साथ अमेरिका से अनुभवी अंतरिक्ष यात्री पैगी व्हिटसन कमांडर के रूप में हैं, जबकि पोलैंड के स्लावोज उज़्नान्स्की-विस्नीव्स्की और हंगरी के टिबोर कापू मिशन स्पेशलिस्ट के रूप में शामिल हुए हैं। यह मिशन भारत, हंगरी औरपोलैंड के लिए मानव अंतरिक्ष उड़ान की नई शुरुआत है। ISS पर होंगे 60 वैज्ञानिक प्रयोग, 7 भारत से प्रस्तावितAxiom-4 मिशन के दौरान चारों अंतरिक्ष यात्री इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर 60 वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे, जिनमें से 7 प्रयोग भारतीय वैज्ञानिकों द्वाराप्रस्तावित किए गए हैं। मिशन को नासा और Axiom Space द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किया जा रहा है। शुभांशु का परिवार भावुक, पत्नी ने बताया ‘शांत लड़का’स्पेस मिशन से पहले शुभांशु शुक्ला ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट शेयर कर अपने परिवार और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने खासतौर पर अपनी पत्नी कामना शुक्ला का धन्यवाद किया और लिखा, “कोई भी व्यक्ति अकेले अंतरिक्ष की यात्रा नहीं करता, हम सब कई लोगों केसहयोग से वहां पहुंचते हैं।” शुभांशु की पत्नी कामना ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनकी मुलाकात स्कूल के दिनों में लखनऊ में हुई थी। “शुभांशु क्लास का सबसे शांतलड़का था, आज वही देश के लिए अंतरिक्ष में जा रहा है, मुझे उस पर गर्व है।” शुभांशु की मां आशा शुक्ला ने भी बहू की सराहना करते हुए कहा किउनके बिना यह मिशन संभव नहीं था।
ऑपरेशन सिंधु: ईरान से 282 भारतीयों को लेकर विशेष विमान नई दिल्ली पहुंचा

ईरान और इज़राइल के बीच हालिया सैन्य तनाव के चलते चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंधु’ के तहत भारत सरकार ने बुधवार को 282 और भारतीयनागरिकों को सुरक्षित स्वदेश वापस लाया। विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि मशहद से उड़ान भरने वाली यह विशेष फ्लाइट बुधवार को नई दिल्लीमें सुरक्षित उतरी। अब तक कुल 2,858 नागरिकों की सुरक्षित वापसीइस ताज़ा रेस्क्यू ऑपरेशन के साथ ही अब तक इस अभियान के तहत 2,858 भारतीय नागरिकों को ईरान से निकाला जा चुका है। यह अभियान उससमय शुरू किया गया था जब पश्चिम एशिया में ईरान और इज़राइल के बीच जारी तनाव ने गंभीर रूप ले लिया था, हालांकि अब दोनों देशों के बीचयुद्धविराम की सहमति बन चुकी है। लौटने वालों ने जताया आभार, बताया राहत का अनुभवनई दिल्ली पहुंचने पर निकाले गए लोगों ने भारत सरकार और ईरान में स्थित भारतीय दूतावास का आभार व्यक्त किया। एक रेस्क्यू किए गए व्यक्ति नेकहा, “अब हालात सुधर गए हैं। भारतीय दूतावास ने हमारे लिए सारी व्यवस्था बहुत अच्छे से की। किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं हुई।” शरणार्थी सैयद आदिल मंसूर ने कहा, “मैं अच्छा महसूस कर रहा हूं। वहां स्थिति सामान्य हो रही है। भारतीय दूतावास और ग्राउंड स्टाफ ने हमारी बहुतमदद की।” वहीं, मोहम्मद असीम ने भी इसी तरह की बात कही और कहा, “मैं भगवान का शुक्रगुज़ार हूं कि मैं अब भारत में हूं और भारतीय दूतावासका आभारी हूं।” 24 जून को 281 भारतीय और 5 विदेशी नागरिक भी लाए गए थेइससे एक दिन पहले, यानी 24 जून को एक और विशेष विमान 281 भारतीय नागरिकों के साथ 3 श्रीलंकाई और 2 नेपाली नागरिकों को लेकर नईदिल्ली पहुंचा था। इन सभी की सुरक्षित वापसी पर विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने एयरपोर्ट पर उनका गर्मजोशी
आरोपी तौफीक बुर्का पहनकर पहुंचा, छत से फेंककर की हत्या

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के ज्योति नगर थाना क्षेत्र में 19 वर्षीय युवती नेहा की दर्दनाक हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। मामले केमुख्य आरोपी तौफीक को उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के टांडा से गिरफ्तार कर लिया गया है। बुर्का पहनकर पहुंचा आरोपी, छत से फेंककर की हत्याघटना 23 जून की सुबह लगभग 8:30 बजे की है जब पुलिस को सूचना मिली कि अशोक नगर इलाके में एक लड़की छत से गिर गई है। मौके परपहुंची पुलिस को बताया गया कि युवती को गंभीर हालत में जीटीबी अस्पताल ले जाया गया है। जांच के दौरान सामने आया कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई हत्या थी। नेहा के परिवार वालों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कितौफीक नाम का युवक बुर्का पहनकर नेहा की बिल्डिंग में दाखिल हुआ था। छत पर किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बादतौफीक ने नेहा को धक्का देकर नीचे गिरा दिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। कानूनी कार्रवाई और तकनीकी जांचघटना के बाद ज्योति नगर पुलिस ने तुरंत संज्ञान लेते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1)/351(2) के तहत मामला दर्ज किया।जांच में सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर आरोपी की पहचान की गई।दिल्ली पुलिस की कई टीमों ने किया पीछा, रामपुर से गिरफ्तारीआरोपी की लोकेशन ट्रेस कर दिल्ली पुलिस की कई टीमों को लगाया गया। सतत प्रयासों के बाद तौफीक को रामपुर जिले के टांडा कस्बे से गिरफ्तारकर लिया गया है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
शशि थरूर की पीएम मोदी की प्रशंसा पर खड़गे का कटाक्ष, ‘कुछ लोगों के लिए मोदी पहले, देश बाद में’

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पार्टी के वरिष्ठ नेता शशि थरूर पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोगों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले हैंऔर देश बाद में। खड़गे की यह टिप्पणी उस वक्त आई है जब थरूर और पार्टी नेतृत्व के बीच मतभेद की चर्चाएं ज़ोरों पर हैं। ऑपरेशन सिंदूर में थरूर की भूमिका को लेकर सवालखड़गे की यह टिप्पणी केंद्र सरकार द्वारा शशि थरूर को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के लिए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सौंपे जाने के संदर्भ में आई है।खड़गे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “थरूर की अंग्रेज़ी अच्छी है, इसलिए उन्हें कांग्रेस कार्यसमिति में रखा गया है। लेकिन जब हमने कहा कि ‘देश पहले’, कुछ लोग ‘मोदी पहले’ की भावना से काम करते हैं।”चुनाव आयोग पर भी साधा निशानाकांग्रेस अध्यक्ष ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग अब मोदी सरकार के अधीन कठपुतली जैसाव्यवहार कर रहा है। जब राहुल गांधी ने जांच एजेंसियों पर सवाल उठाए, तो ईडी जवाब नहीं दे पाई।” मोदी की चुनावी जीत पर सवाल, मशीनों पर भरोसा नहींखड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद को चुनाव का विजेता बताते हैं, लेकिन असल में जीत मशीन की है। उन्होंने कहा, “बिहार में प्रचार कर रहेमोदी यह भूल रहे हैं कि जनता नहीं, मशीनें जीत रही हैं।” आपातकाल पर सरकार के परिपत्र की आलोचनाप्रधानमंत्री द्वारा आपातकाल के 50 साल पूरे होने पर जारी किए गए सरकारी परिपत्र पर भी खड़गे ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “सरकार कहती हैकि इमरजेंसी में संविधान नष्ट हो गया था, लेकिन सच्चाई यह है कि आज संविधान की सबसे ज़्यादा अनदेखी हो रही है।” ‘संविधान बचाओ यात्रा’ से डर रही है बीजेपी: खड़गेकांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि बीजेपी को ‘संविधान बचाओ यात्रा’ से घबराहट हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों का स्वतंत्रता संग्राम मेंकोई योगदान नहीं रहा, वही आज संविधान पर सवाल उठा रहे हैं। सर्वदलीय बैठक और रैलियों को लेकर भी जताई नाराजगीखड़गे ने केंद्र सरकार पर विपक्ष को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए कहा, “आप पहलगाम आतंकी हमले पर सर्वदलीय बैठक बुलाते हैं लेकिनफिर खुद रैली करने निकल जाते हैं। विपक्ष को साथ लेकर चलने की बजाय उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है।”
लोकदल ने सरकार की सहकारी नीति पर उठाए गंभीर सवाल,सुनील सिंह बोले, किसानों को ठगने की साजिश, सहकारी समितियों कानिजीकरण कर रही है सरकार

लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह ने केंद्र सरकार की सहकारी नीति पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया है कि वहसहकारी समितियों को निजी हाथों में सौंपने की साजिश कर रही है, जिससे किसानों, मजदूरों और आम नागरिकों के हितों को सीधा नुकसान पहुंच रहाहै। सहकारिता आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश: लोकदलसुनील सिंह ने कहा कि सरकार एक तरफ देश में सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर अपने फैसलों और नीतियोंसे इन संस्थाओं को कॉर्पोरेट के हवाले करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा, “सरकार की असल मंशा अब सामने आ चुकी है। सहकारीसंस्थाओं को धीरे-धीरे निजी नियंत्रण में देने की कोशिश की जा रही है, जो किसानों के हितों के खिलाफ है।” सार्वजनिक संसाधनों को कॉर्पोरेट को सौंपने की मंशालोकदल प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार केवल सहकारी समितियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वह सार्वजनिक संसाधनों को भी निजीऔर कॉर्पोरेट हाथों में सौंपने की दिशा में काम कर रही है। यह नीति जनविरोधी है और देश के संसाधनों पर कुछ गिने-चुने पूंजीपतियों का कब्जाकरवाने का प्रयास है। सहकारिता का मूल उद्देश्य नष्ट न किया जाएसुनील सिंह ने कहा कि सहकारी संस्थाएं ग्रामीण भारत की रीढ़ हैं, जो सामूहिक भागीदारी, स्थानीय नेतृत्व और समुदायिक सशक्तिकरण की भावना सेजुड़ी हुई हैं। सरकार को चाहिए कि वह पारदर्शी नीति अपनाए और निजीकरण की प्रक्रिया को तत्काल रोके। किसानों की नाराज़गी और चेतावनीसिंह ने कहा, “किसान देश की आत्मा हैं और सहकारी समितियाँ उनके सहयोग की धुरी हैं। इस धुरी को तोड़ने की किसी भी साजिश को देश काअन्नदाता कभी स्वीकार नहीं करेगा। लोकदल इस नीति का पूरी ताकत से विरोध करेगा और किसान हितों के साथ किसी भी समझौते को बर्दाश्त नहींकिया जाएगा।”
सीबीएसई 2026 से साल में दो बार कराएगा 10वीं की बोर्ड परीक्षा

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा को साल में दो बार आयोजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह नईव्यवस्था 2026 से लागू होगी। बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने इसकी पुष्टि की है। परीक्षा की संभावित तिथियांसीबीएसई द्वारा तैयार किए गए ड्राफ्ट के अनुसार, पहली परीक्षा फरवरी में आयोजित हो सकती है, जिसकी संभावित तिथियां 17 फरवरी से 6 मार्चके बीच होंगी। वहीं, दूसरी परीक्षा मई में संभावित है और यह 5 से 20 मई के बीच आयोजित की जा सकती है। दोनों परीक्षाओं का सिलेबस एक समानदोनों चरणों की परीक्षाएं पूरे पाठ्यक्रम पर आधारित होंगी। इसमें कोई यूनिट सिस्टम या आंशिक सिलेबस नहीं होगा। इसके अलावा, जो छात्र दोनोंपरीक्षाओं में शामिल होंगे, उनके परीक्षा केंद्र एक ही रहेंगे। परीक्षा शुल्क और रजिस्ट्रेशनपरीक्षाओं की फीस रजिस्ट्रेशन के समय ही दोनों परीक्षाओं के लिए एक साथ जमा करनी होगी। यानी छात्र को एक बार में ही दोनों बार की परीक्षाफीस देनी होगी। परिणामों में सुधार का मौकाइस नई प्रणाली के अंतर्गत छात्रों को परिणाम सुधारने का एक और अवसर मिलेगा। जो छात्र पहली परीक्षा के प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं होंगे, वे दूसरीपरीक्षा देकर अपने अंकों में सुधार कर सकते हैं। किन अंकों को माना जाएगा अंतिम?यदि कोई छात्र दोनों परीक्षाओं में शामिल होता है, तो उसके अंतिम अंक वही माने जाएंगे, जो बेहतर होंगे। उदाहरण के लिए, अगर पहले चरण मेंज्यादा अंक आते हैं और दूसरे में कम, तो पहले चरण के अंक ही मान्य होंगे। किन छात्रों को दूसरी परीक्षा का मौका नहीं मिलेगा?अगर कोई छात्र पहली परीक्षा में तीन या उससे अधिक विषयों की परीक्षा नहीं देता है, तो उसे दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिलेगी। केवलउन्हीं छात्रों को दूसरी परीक्षा में बैठने की सुविधा दी जाएगी, जिन्होंने अधिकतम तीन विषयों में प्रदर्शन सुधारने की आवश्यकता जताई हो।
देशभर में मानसून का कहर, हिमाचल से गुजरात तक भारी बारिश का असर-सैंज घाटी में बादल फटा, पार्वती नदी उफान पर

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की सैंज घाटी में बादल फटने की घटना सामने आई है। इसके चलते जीवा नाले में अचानक तेज़ बहाव आ गया औरआसपास के इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। पार्वती नदी के जलस्तर में भी बढ़ोतरी देखी गई है। हालांकि, अभी तक किसी जानमाल केनुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और नदी-नालों के पास न जाने की अपील की है। साथ ही आपदाप्रबंधन टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के दौरान हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों मेंभारी वर्षा की संभावना जताई है। गुजरात में मूसलाधार बारिश, कई जिलों में रेड अलर्टगुजरात में भी मानसून का प्रकोप जारी है। राज्य के 26 जिलों में भारी बारिश के चलते हालात बिगड़ते जा रहे हैं। तीन जिलों में रेड अलर्ट जारी कियागया है। सूरत सहित अन्य कई हिस्सों में लगातार तेज़ बारिश हो रही है और निकट भविष्य में राहत के आसार कम हैं। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्करहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। राजस्थान में झमाझम बारिश, जयपुर में 77.8 मिमी वर्षाराजस्थान में भी मानसून सक्रिय हो गया है। मंगलवार को राजधानी जयपुर समेत कई जिलों में तेज़ बारिश दर्ज की गई। जयपुर में 77.8 मिमी वर्षाहुई, जबकि सीकर में 13 मिमी, डूंगरपुर में 10 मिमी, माउंट आबू में 7 मिमी, प्रतापगढ़ में 4 मिमी और कोटा में 2.9 मिमी बारिश दर्ज की गई। चंडीगढ़ और हरियाणा में भी पहुंचा मानसूनपंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी मानसून ने दस्तक दे दी है। भारतीय मौसम विभाग ने 25 जून से 30 जून के बीच इन क्षेत्रों में भारी बारिश कीसंभावना जताई है। बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। चंडीगढ़ का अधिकतम तापमान 34.1°C, अमृतसर 33.9°C, लुधियाना33.5°C, पटियाला 33.1°C, पठानकोट 34.1°C और मोहाली में 33.3°C दर्ज किया गया।
लालू प्रसाद यादव 13वीं बार आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित

राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के संस्थापक और वरिष्ठ नेता लालू प्रसाद यादव को एक बार फिर पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। यह उनकालगातार 13वां कार्यकाल होगा। वे इस पद पर निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। आरजेडी के राष्ट्रीय निर्वाचन पदाधिकारी रामचंद्र पूर्वे ने मंगलवार को इसकीऔपचारिक घोषणा की। नामांकन प्रक्रिया में कोई अन्य उम्मीदवार नहीं आया सामनेपार्टी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सोमवार दोपहर 2 बजे तक नाम वापस लेने की समयसीमा तय थी। इस दौरान केवललालू प्रसाद यादव ने ही अपना नामांकन दाखिल किया था और किसी अन्य उम्मीदवार ने दावेदारी नहीं की। नामांकन वापसी की अवधि समाप्त होनेके बाद निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें निर्विरोध चुना गया घोषित कर दिया। 5 जुलाई को सौंपा जाएगा निर्वाचन पत्ररामचंद्र पूर्वे ने बताया कि लालू प्रसाद यादव को आगामी 5 जुलाई को आरजेडी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक के दौरान औपचारिक रूप से अध्यक्ष पदका निर्वाचन पत्र सौंपा जाएगा। इससे पहले 23 जून को उन्होंने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था, और तभी से यह लगभग तय हो गया था कि वेइस बार भी निर्विरोध ही चुने जाएंगे। पार्टी में बनी हुई है लालू की मजबूत पकड़लालू प्रसाद यादव का आरजेडी में प्रभाव और अनुभव आज भी पार्टी के लिए एक मजबूत आधार माना जाता है। उनके फिर से अध्यक्ष बनने से पार्टीकार्यकर्ताओं में उत्साह है और आगामी चुनावों की तैयारियों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। पार्टी की अगुवाई में अब एक बार फिरलालू यादव महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने भारत के रुख को स्पष्ट किया, प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा बयान

भारत की आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति को मिली वैश्विक मान्यताप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ कोई समझौता नहीं करता।उन्होंने यह टिप्पणी श्री नारायण गुरु और महात्मा गांधी के बीच ऐतिहासिक संवाद की 100वीं वर्षगांठ पर आयोजित समारोह में की। प्रधानमंत्री नेदेश का नाम लिए बिना कहा कि हालिया सैन्य कार्रवाई में भारत में बने हथियारों ने निर्णायक भूमिका निभाई और दुश्मन पर भारी पड़े। आतंकियों के लिए कोई ठिकाना सुरक्षित नहींप्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का यह स्पष्ट संदेश है कि भारतियों का खून बहाने वाले आतंकवादियों को कहीं भी पनाह नहीं मिलेगी। उन्होंनेकहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय सेना ने 22 मिनट में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर, यह दिखा दिया कि भारत अब रक्षात्मक नहीं, बल्किनिर्णायक कार्रवाई में विश्वास रखता है। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ी प्रगतिमोदी ने बताया कि भारत अब अपनी रक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहना चाहता। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारतअभियान के तहत रक्षा क्षेत्र में भी निर्माण क्षमताएं बढ़ रही हैं और भविष्य में भारत में बने हथियार वैश्विक स्तर पर भी सराहे जाएंगे। 11 वर्षों में सामाजिक और आर्थिक बुनियाद को किया मजबूतप्रधानमंत्री ने कहा कि बीते 11 वर्षों में उनकी सरकार ने सामाजिक, आर्थिक और रक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। उन्होंनेबताया कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं—जैसे आवास, स्वच्छ पेयजल, और स्वास्थ्य बीमा—ने समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को सशक्तकिया है। IIT, IIM और एम्स जैसे संस्थानों का हुआ विस्तारमोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने उच्च शिक्षा को भी प्राथमिकता दी है। पिछले एक दशक में देश में पहले की तुलना में कहीं अधिक संख्या में IIT, IIM और AIIMS जैसे प्रमुख शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थान स्थापित किए गए हैं, जिससे युवाओं को बेहतर अवसर मिल रहे हैं। श्री नारायण गुरु के आदर्शों की प्रेरणाप्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने समाज सुधारक श्री नारायण गुरु के दृष्टिकोण को अपनाते हुए एक ऐसा भारत बनाने का प्रयास कियाहै, जो हर प्रकार के भेदभाव से मुक्त हो और सबके लिए समान अवसर सुनिश्चित करे।
ईरान-इजरायल संघर्ष पर बोले ट्रंप, इजरायल ने संघर्षविराम का उल्लंघन किया, पायलटों को लौटाओ

मध्य पूर्व में जारी ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का तीखा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा किसंघर्षविराम की शर्तों का उल्लंघन दोनों पक्षों ने किया है, लेकिन उन्होंने विशेष रूप से इजरायल की आलोचना की। ट्रंप ने कहा, “इजरायल कोसंघर्षविराम के तुरंत बाद बमबारी नहीं करनी चाहिए थी।” उन्होंने इजरायली सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, “इजरायल, उन बमों को मत गिराओ।यह एक गंभीर उल्लंघन है। अपने पायलटों को तुरंत वापस बुलाओ।” ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर भी जताई चिंताट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि वे ईरान से संतुष्ट नहीं हैं, लेकिन इस समय वे इजरायल की आक्रामक कार्रवाई से अधिक नाखुश हैं। उन्होंने कहा किअमेरिका किसी भी सूरत में ईरान को फिर से अपना परमाणु कार्यक्रम शुरू नहीं करने देगा। ईरान ने बताया हमला आत्मरक्षा, सीजफायर से पहले की कार्रवाईईरानी पक्ष ने संघर्षविराम के उल्लंघन के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने अंतिम मिसाइल तब दागी थी जब इजरायल नेबीयरशेवा शहर पर हमला किया था और यह घटना संघर्षविराम की घोषणा से पहले की है। ईरान ने इसे आत्मरक्षा में उठाया गया कदम बताया हैऔर सीजफायर शर्तों के उल्लंघन से इनकार किया है। कतर की मध्यस्थता से टला बड़ा टकरावइस तनावपूर्ण स्थिति में कतर ने निर्णायक मध्यस्थ की भूमिका निभाई। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कतर के अमीर से फोन परबातचीत की और उनसे आग्रह किया कि वे ईरान को अमेरिका समर्थित संघर्षविराम योजना मानने के लिए मनाएं। इसके बाद कतर के प्रधानमंत्री नेपहल की और ईरान को राजी किया। एक अमेरिकी अधिकारी ने पुष्टि करते हुए बताया कि ट्रंप और कतर के अमीर की बातचीत के बाद ही ईरान संघर्षविराम प्रस्ताव पर सहमत हुआ।इससे स्पष्ट है कि कतर की कूटनीतिक भूमिका इस पूरे विवाद में बेहद अहम रही। इजरायल-ईरान में हालिया झड़पों से बढ़ा तनावपिछले कुछ दिनों में ईरान और इजरायल के बीच भीषण हमले हुए, जिनमें एक-दूसरे के सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया।अमेरिका द्वारा हाल में किए गए हवाई हमलों ने हालात को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया। संघर्षविराम के बावजूद जब दोनों पक्षों ने एक-दूसरे परउल्लंघन का आरोप लगाया, तो यह विवाद और गहराता गया।