हिंदी विरोध की नहीं, सहयोग की भाषा है- हिंदी सभी भारतीय भाषाओं की सखी है, दुश्मन नहीं बोले- गृह मंत्री अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को आधिकारिक भाषा विभाग की स्वर्ण जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि हिंदी किसी भीभारतीय भाषा की विरोधी नहीं, बल्कि सभी भाषाओं की मित्र है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि हिंदी और अन्य भारतीय भाषाएं मिलकर भारत कीसांस्कृतिक पहचान और आत्मसम्मान को मजबूत कर सकती हैं। चिकित्सा और इंजीनियरिंग शिक्षा स्थानीय भाषा में होअपने संबोधन में शाह ने राज्यों से आग्रह किया कि वे चिकित्सा और तकनीकी शिक्षा जैसे क्षेत्रों में स्थानीय भाषाओं के उपयोग को बढ़ावा दें। उन्होंनेयह आश्वासन भी दिया कि केंद्र सरकार प्रशासनिक कार्यों में भारतीय भाषाओं के उपयोग को लेकर राज्यों को हरसंभव सहयोग देगी अपनी भाषा से जुड़ना आवश्यकगृह मंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी विदेशी भाषा का विरोध नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन साथ ही यह आवश्यक है कि हर व्यक्ति को अपनीमातृभाषा पर गर्व हो और वह उसमें सोचने, बोलने और अभिव्यक्त करने की भावना विकसित करे। उन्होंने इसे मानसिक गुलामी से मुक्ति का एकआवश्यक कदम बताया। भाषा राष्ट्र की आत्मा हैशाह ने जोर देते हुए कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र की आत्मा का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने सभी भारतीयभाषाओं को जीवंत और समृद्ध बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि राजभाषा समेत सभी भाषाओं के लिए भविष्य में व्यापकप्रयास किए जाने चाहिए।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने विश्वकर्मा समाज से की मुलाकात, जाति जनगणना को बताया पहला कदम

हाल ही में दिल्ली में कांग्रेस नेता और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश के विभिन्न हिस्सों से आए विश्वकर्मा समाज के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।इस दौरान समाज के प्रतिनिधियों ने खुलकर अपनी समस्याएं साझा कीं, जिनमें पारंपरिक रोजगार का खत्म होना, अपमान का अनुभव, प्रतिनिधित्व कीकमी और मुख्यधारा से दूरी जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। सिर्फ प्रतिनिधित्व नहीं, सत्ता में भागीदारी भी जरूरीराहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि केवल प्रतिनिधित्व पर्याप्त नहीं है, बल्कि सत्ता के भीतर प्रभावशाली भागीदारी और सशक्त आवाज़ भी उतनी ही जरूरीहै। उन्होंने कांग्रेस के स्वतंत्रता संग्राम के मूल सिद्धांत ‘पूर्ण स्वराज’ का हवाला देते हुए कहा कि परिवर्तन की नींव मजबूत भागीदारी से ही रखी जासकती है। सामाजिक न्याय की नींवउन्होंने जोर देकर कहा कि जाति आधारित जनगणना इस दिशा में पहला और सबसे आवश्यक कदम है। इससे समाज की वास्तविक स्थिति सामनेआएगी और नीति निर्धारण उसी आधार पर होगा, जिससे प्रतिनिधित्व, भागीदारी और संसाधनों में हिस्सेदारी सुनिश्चित की जा सकेगी। पार्टी के भीतर से शुरू होगा प्रतिनिधित्वराहुल गांधी ने विश्वकर्मा समाज को आश्वस्त किया कि कांग्रेस इस सामाजिक बदलाव की लड़ाई में उनके साथ है। उन्होंने बताया कि पार्टी के भीतरप्रतिनिधित्व की शुरुआत पहले ही गुजरात में जिला स्तर पर की जा चुकी है और यह प्रक्रिया अन्य राज्यों में भी आगे बढ़ाई जाएगी। योग्य नेतृत्व को मिलेगा समर्थनउन्होंने यह भी कहा कि जब विश्वकर्मा समाज के भीतर से ऐसे नेता सामने आएंगे, जिन्हें समुदाय का व्यापक समर्थन प्राप्त होगा, तभी असली बदलावकी शुरुआत होगी। यह बदलाव सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सामाजिक सम्मान और समानता की दिशा में भी बड़ा कदम होगा। सम्मान और समानता की यात्रा में कांग्रेस साथअंत में राहुल गांधी ने पिछड़े वर्गों और हुनरमंद समाज के साथ खड़े रहने के अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि कांग्रेस समाज के हर वंचित वर्ग कोउसकी वास्तविक पहचान और सम्मान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी को इस यात्रा में हिम्मत और एकता के साथ आगे बढ़ने का संदेशदिया।
देशभर में मानसून का प्रकोप, गुजरात, हिमाचल, राजस्थान समेत कई राज्यों में बाढ़ और अलर्ट जारी-गुजरात में भारी बारिश से हालात बिगड़े, बाइक सवार की मौत

गुजरात के अहमदाबाद में बीते 12 घंटे से लगातार तेज बारिश हो रही है, जिससे मणिनगर, वटवा, सीटीएम, हाटकेश्वर, निकोल, ओधव और विराटनगर जैसे क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। बारिश के दौरान एक बाइक सवार युवक ड्रेनेज लाइन में गिर गया, जिसकी तलाश में दमकलविभाग को 9 घंटे का समय लगा। अंततः उसका शव 200 फीट दूर बरामद किया गया। इस सीजन में अहमदाबाद में अब तक 6.03 इंच बारिश होचुकी है। वहीं, सूरत में लगातार तीसरे दिन तेज बारिश जारी है, जिससे बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। गीतानगर क्षेत्र में पानी का स्तर 3 से 4 फीट तकपहुंच गया है। एक गर्भवती महिला की तबीयत बिगड़ने पर फायर ब्रिगेड की टीम ने उसे सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया। वड़ोदरा में भी भारी बारिश सेअहमदाबाद-मुंबई नेशनल हाइवे की जाम्बुवा ब्रिज रोड पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे वहां 15 किलोमीटर लंबा जाम लग गया है। हिमाचल प्रदेश में बादल फटने की घटनाएं, 2 हजार पर्यटक फंसेहिमाचल प्रदेश के कुल्लू और कांगड़ा जिलों में बीते 24 घंटे में बादल फटने की पांच घटनाएं हुई हैं। गढ़सा घाटी, जीवा नाला, बंजार के होरनगढ़, मनाली के स्त्रो गैलरी और धर्मशाला के खनियारा क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। इन घटनाओं से अचानक बाढ़ आ गई, जिसमें कई लोग बहगए। दो शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कुल्लू में लगभग दो हजार पर्यटक अभी भी फंसे हुए हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर डैम से पानी छोड़नेका अलर्ट भी जारी किया है। राजस्थान में भीषण बारिश, एक दिन में 8 इंच तक रिकॉर्डराजस्थान के बांसवाड़ा जिले में मानसून की जबरदस्त बारिश हुई है। यहां एक ही दिन में 8 इंच तक वर्षा दर्ज की गई है। राज्य में अब तक कुल 11.3 इंच बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग ने यहां के 30 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अनुमान के अनुसार जून में जितनी बारिश होनी थी, वहपहले ही हो चुकी है, लेकिन बारिश का सिलसिला अब भी जारी है। इन राज्यों में रेड, ऑरेंज और येलो अलर्टदेश के कई राज्यों में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किए हैं। गुजरात, ओडिशा और झारखंड के 9 जिलों के साथ-साथ महाराष्ट्र के मुंबई समेत 3 जिलोंमें रेड अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में ऑरेंज अलर्ट है। यहांभारी बारिश, लैंडस्लाइड और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। उत्तर प्रदेश और बिहार में भी तेज बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी दीगई है। इसके अलावा केरल, कर्नाटक और गोवा में भी अलर्ट की स्थिति बनी हुई है। पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और लक्षद्वीप मेंयेलो अलर्ट जारी है, जहां कुछ स्थानों पर हल्की तो कुछ जगहों पर तेज बारिश की संभावना है। कहां कितनी बारिश हुई अब तकइस मानसून सीजन में अब तक सबसे ज्यादा बारिश अरुणाचल प्रदेश में दर्ज की गई है, जहां 27.6 मिमी वर्षा हो चुकी है। इसके अलावा केरल में23.6 मिमी, मणिपुर में 23.0 मिमी, असम में 21.3 मिमी, मिजोरम में 15.4 मिमी और मेघालय में 14.2 मिमी बारिश हो चुकी है। गुजरात में17.0 मिमी, मध्य प्रदेश में 16.1 मिमी और गोवा में 13.3 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। वहीं नागालैंड, त्रिपुरा, झारखंड, उत्तराखंड, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में 10 से 13 मिमी तक बारिश हुई है। दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, बिहार और तमिलनाडु जैसे राज्यों में अब तक बहुत कम बारिश—केवल 3 मिमी या उससे भी कम—दर्ज की गई है।
टू-व्हीलर पर टोल टैक्स को लेकर वायरल खबर का सच, क्या सच में देना होगा टोल? जानें सरकार का जवाब

गुरुवार को एक खबर ने देशभर के दो-पहिया वाहन चालकों को हैरान कर दिया। इस रिपोर्ट में दावा किया गया कि केंद्र सरकार ने 15 जुलाई 2025 से टू-व्हीलर वाहनों पर भी टोल टैक्स लागू करने का फैसला किया है। खबर के मुताबिक, अब दो-पहिया वाहन चालकों को भी फास्टैग के माध्यम सेटोल चुकाना होगा और इसका उल्लंघन करने पर 2,000 रुपये का जुर्माना देना पड़ सकता है। पहले से टोल शामिल होता था पंजीकरण मेंअब तक दो-पहिया वाहनों पर अलग से टोल नहीं वसूला जाता था क्योंकि नए वाहन की खरीद पर रजिस्ट्रेशन के समय ही टोल शुल्क एकमुश्त वसूललिया जाता था। लेकिन वायरल खबरों में दावा किया गया कि अब यह प्रक्रिया बदल दी गई है। NHAI ने खबरों को बताया बेबुनियादहालांकि, इन दावों पर कोई आधिकारिक सरकारी अधिसूचना नहीं जारी की गई है। वहीं, मीडिया में सामने आई रिपोर्ट्स के अनुसार NHAI के सूत्रों नेइन खबरों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि टू-व्हीलर वाहनों से टोल वसूली को लेकर कोई नया आदेश नहीं जारी किया गया है। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने दी सफाईकेंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया के माध्यम से इन खबरों को पूरी तरह गलत और भ्रामक करार दिया। उन्होंनेस्पष्ट कहा कि दो-पहिया वाहनों पर टोल लगाने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास नहीं है और इस वर्ग को पहले की तरह छूट मिलती रहेगी। गडकरी नेभ्रामक खबरें फैलाने वाली मीडिया रिपोर्टिंग की भी आलोचना की। कार-जीप वालों के लिए नया फास्टैग आधारित वार्षिक पासहाल ही में, 18 जून को केंद्रीय मंत्री गडकरी ने एक नया ऐलान किया था जिसमें निजी उपयोग के लिए कार, जीप और वैन जैसे वाहनों के लिए₹3,000 का वार्षिक फास्टैग पास लाने की घोषणा की गई। यह पास 15 अगस्त 2025 से लागू होगा और एक्टिवेशन की तारीख से एक साल या200 यात्राओं (जो पहले हो) तक मान्य रहेगा।
स्टार हेल्थ इंश्योरेंस पर गंभीर आरोप, उपभोक्ता को नहीं मिला क्लेम, अफसरों ने कस्टमरों से की बदतमीजी

स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस एक उपभोक्ता की नाराज़गी का कारण बन गई है। सोशल मीडिया पर अनिल सक्सेना नामक एक व्यक्ति ने आरोपलगाया है कि उन्होंने और उनके रिश्तेदारों ने इस कंपनी से स्वास्थ्य बीमा करवाया था और लगातार पाँच वर्षों तक प्रीमियम भरते रहे। इसके बावजूदजब उनके भांजे सिद्धार्थ सक्सेना को उदयपुर के GBH अमेरिकन हॉस्पिटल में हार्ट संबंधी समस्या के कारण भर्ती कराया गया, तो कंपनी ने बिनाकिसी स्पष्ट वजह के उनका क्लेम अस्वीकार कर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि यह उनका पहला क्लेम था। पहले भी क्लेम हो चुका है रिजेक्टअनिल सक्सेना ने यह भी लिखा कि इससे पहले उनकी पत्नी शांति सक्सेना के इलाज से जुड़ा बीमा दावा भी खारिज कर दिया गया था। दोनों मामलोंमें अस्पताल द्वारा उचित इलाज की पुष्टि के बावजूद कंपनी ने क्लेम स्वीकृत नहीं किया। उपभोक्ता का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया उन्हें मानसिकरूप से परेशान कर रही है। सोशल मीडिया पर विवादित प्रतिक्रियावहीं कस्टमर की शिकायत करने पर कंपनी के सीनियर मैनेजर जिग्नेश गोर ने टिप्पणी की, ट्विटर पर पोस्ट का रिप्लाई करते हुए लिखा कि “सब जगह ललकारने से क्लेम मिल जाएगा तुझे,” जिसे अनिल सक्सेना ने धमकी की तरह लिया और जवाब देते हुए लिखा, “आपके कहने से मैं डर गया हूँ, मानसिक प्रताड़ना पहले से थी। कृपया आप मुझे नहीं धमकायें। कंपनी की चुप्पी, उपभोक्ताओं में नाराज़गीइस पूरे मामले पर अब तक स्टार हेल्थ की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन यह घटना न केवल बीमा क्षेत्र की पारदर्शितापर सवाल खड़े करती है, बल्कि ग्राहकों के साथ व्यवहार और सेवा की गुणवत्ता पर भी चिंता बढ़ाती है।
ASAP Sets Up Help Desk for DU Admissions, Slams ABVP-NSUI for ‘Reel Politics’, Demands Infrastructure Reforms

The Aam Aadmi Party’s student wing, Association of Students for Alternative Politics (ASAP), has launched a major initiative to assist students during Delhi University’s admission season. To support students particularly those coming from outside Delhi or facing financial difficulties ASAP has set up a dedicated Admission Help Desk outside the Arts Faculty. Alongside this, they have released zone-wise helpline numbers to address admission-related queries, ensuring that students don’t have to struggle due to lack of guidance. Addressing a press conference on Thursday, ASAP leaders Eeshna Gupta and Deepak Bansal highlighted the steps being taken to offer round-the-clock support to students. Eeshna Gupta stated that under the guidance of AAP National Convenor Arvind Kejriwal, ASAP has been actively involved in student welfare through cultural, social, and issue-based campaigns. She mentioned a recent instance at Chaudhary Charan Singh Haryana Agricultural University, where ASAP provided water, food, and even financial aid to protesting students. Carrying forward this spirit of service, the newly launched help desk and helpline aim to assist students in real time with undergraduate and postgraduate admission concerns. Gupta emphasized that students from economically weaker backgrounds often lose out on opportunities due to lack of awareness, and ASAP is committed to bridging that gap. Deepak Bansal further reinforced ASAP’s mission to raise real issues affecting students, contrasting it with what he called the “reel politics” of traditional student organisations. He criticized both ABVP and NSUI, comparing them to BJP and Congress, and accused them of reducing student politics to performative social media stunts. Referring to a recent DUSU office incident, Bansal claimed it was a scripted act by ABVP and NSUI leaders and symbolic of their failure to deliver on core student issues. He expressed disappointment over the lack of action following the fire at Zakir Hussain College, which lacked basic safety infrastructure. He also highlighted the poor condition of colleges like Aditi Mahavidyalaya and Bhagini Nivedita College, citing broken fans, unhygienic hostel food, and rising hostel fees despite deteriorating infrastructure. ASAP has presented a list of demands to the DU administration, including installation of cold drinking water coolers, improvement in infrastructure and fire safety, and rollback of unjustified hostel fee hikes. The organisation has warned that if these demands are not met promptly, they will submit a memorandum to the Vice Chancellor and initiate a protest. Bansal concluded by reiterating that ASAP is focused on solving real problems and promoting accessible, quality education, as demonstrated by the Delhi model under Arvind Kejriwal’s leadership. #DUAdmissions2025 #ASAPStudentSupport #AdmissionHelpDesk #StudentWelfare #StopReelPolitics #CampusReality #DUInfrastructureCrisis #AffordableEducation #HostelFeeHike #YouthForChange
आपातकाल की 50वीं बरसी पर मोदी सरकार का हमला, अमित शाह बोले- कांग्रेस ने की थी संविधान की हत्या”

आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर देश में “संविधान हत्या दिवस” मनाया गया। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कार्यक्रम कोसंबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल में कांग्रेस ने जो अत्याचार किए, देश उन्हें कभी नहीं भुला पाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी ने इस दिन को “संविधान हत्या दिवस” का नाम दिया ताकि आने वाली पीढ़ियों को भी उस काले अध्याय की जानकारी रहे। ‘दमन और यातना’ की यादें अब भी ताज़ाअमित शाह ने कहा कि वह स्वयं उस दौर के दमन और यातना को आज भी नहीं भूल पाए हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास के उसअंधकारमय काल को भूलना ठीक नहीं होगा क्योंकि समाज और लोकतंत्र के लिए ऐसी घटनाओं से सीख लेना जरूरी है ताकि वे दोबारा न दोहराईजाएं। कैसे तय हुआ ‘संविधान हत्या दिवस’ का नामशाह ने बताया कि जब गृह मंत्रालय में इस दिन के नाम को लेकर सुझाव लिए गए, तब कई लोगों ने इसे कठोर शब्द बताया। लेकिन अंततः‘संविधान हत्या दिवस’ नाम इसलिए चुना गया क्योंकि आपातकाल के दौरान जिस तरह लोकतंत्र का गला घोंटा गया, उसे केवल ऐसे ही स्पष्ट शब्दोंमें याद रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि उस दौर में न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर हमला हुआ, प्रेस की आज़ादी छीनी गई और पूरे देश को जेलजैसा बना दिया गया। आपातकाल में नरेंद्र मोदी की भूमिका पर किताब का ज़िक्रशाह ने उस किताब का उल्लेख किया जिसमें नरेंद्र मोदी के युवावस्था में आपातकाल विरोधी संघर्ष की कहानी दर्ज है। किताब का नाम है “The Emergency Diary: Years that Forged a Leader”। इसमें बताया गया है कि 23-24 वर्ष की उम्र में मोदी ने किस तरह जेपी आंदोलनऔर नानाजी देशमुख के नेतृत्व में आपातकाल के विरोध में सक्रिय भागीदारी की। 2014 में परिवारवाद का अंत: शाहअमित शाह ने कहा कि समय का चक्र देखिए, जब एक युवा कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर इंदिरा गांधी की नीतियों का विरोध कर रहा था, उसी ने वर्ष2014 में उस परिवारवादी राजनीति को खत्म कर दिया जिसके कारण आपातकाल लगाया गया था। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी नेलोकतंत्र की जड़ों को मजबूत किया है। 12 जून और 24 जून की घटनाओं का हवालागृह मंत्री ने बताया कि 12 जून 1975 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इंदिरा गांधी के चुनाव को अवैध करार दिया था और छह साल तक चुनाव लड़ने पररोक लगा दी थी। इसी दिन गुजरात में कांग्रेस सरकार भी सत्ता से बाहर हो गई थी। इन घटनाओं के बाद 24 जून को इंदिरा गांधी ने ‘आपातकाल’ लागू करने की सिफारिश की। शाह ने कहा कि इंदिरा गांधी ने संविधान की आत्मा को कुचलते हुए अपने पद को बचाने के लिए देश को अंधकार मेंधकेल दिया।
संविधान हत्या दिवस: पीएम मोदी ने आपातकाल को बताया लोकतंत्र की हत्या

आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने पर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसे भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्यायबताया और इस अवसर पर कांग्रेस पार्टी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तीखी आलोचना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई विशेषकैबिनेट बैठक की शुरुआत दो मिनट के मौन के साथ हुई, जिसमें आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए बलिदान देने वालों को श्रद्धांजलिदी गई। बैठक में एक प्रस्ताव भी पारित किया गया, जिसमें आपातकाल को संविधान के मूल्यों के विरुद्ध बताया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर इस दिन को “संविधान हत्या दिवस” करार देते हुए लिखा कि 25 जून 1975 को देश के मौलिक अधिकारों कोनिलंबित कर दिया गया था, प्रेस की स्वतंत्रता छीनी गई और हजारों नागरिकों, छात्रों तथा नेताओं को जेल में डाल दिया गया। उन्होंने आरोप लगायाकि उस समय की कांग्रेस सरकार ने लोकतंत्र को पूरी तरह कुचलने का प्रयास किया। गृह मंत्री अमित शाह और अन्य भाजपा नेताओं ने भी इसी स्वर मेंआपातकाल की निंदा की। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कांग्रेस पार्टी आज भी आपातकाल जैसे गंभीर विषय परआत्ममंथन करने को तैयार नहीं है, और यह दर्शाता है कि उसने उस दौर से कोई सबक नहीं लिया है। कैबिनेट बैठक में इस ऐतिहासिक संदर्भ के अलावा तीन प्रमुख फैसले भी लिए गए। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पुणे मेट्रो विस्तार केलिए 3626 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, वहीं झारखंड के झरिया में वर्षों से जारी भूमिगत कोयला आग से निपटने के लिए 5940 करोड़ रुपये कासंशोधित मास्टर प्लान स्वीकृत किया गया है। इसके अलावा आगरा में 111 करोड़ रुपये की लागत से एक अंतरराष्ट्रीय आलू अनुसंधान केंद्र स्थापितकिया जाएगा। इस मौके पर भाजपा ने युवाओं से आह्वान किया कि वे आपातकाल की सच्चाई को जानें और लोकतंत्र की रक्षा के लिए सतर्क रहें। पार्टी का मानना हैकि इतिहास के इस काले दौर को भुलाना नहीं चाहिए, बल्कि इससे सीख लेकर संविधान और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए जागरूकताफैलानी चाहिए।
राजस्थान में 3500 साल पुरानी नदी के अवशेष मिले, सरस्वती नदी से जुड़ाव की संभावना

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने राजस्थान के डीग जिले के बहाज गांव में खुदाई के दौरान एक प्राचीन नदी के पेलियोचैनल (नदी मार्ग के अवशेष) की खोज की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वही पौराणिक नदी हो सकती है जिसका उल्लेख ऋग्वेद में सरस्वती के रूप में किया गया है। प्राचीन काल की ओर इशारा करती है खोजअप्रैल 2024 से मई 2025 के बीच चली खुदाई में ऐसे प्रमाण मिले हैं जो 3500 ईसा पूर्व से 1000 ईसा पूर्व के समय से संबंधित हो सकते हैं। यहखोज इतिहासकारों और पुरातत्वविदों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भारत में पहली बार खोजा गया ‘पेलियोचैनल’पुरातत्व विभाग द्वारा खोजे गए अवशेष को ‘पेलियोचैनल’ कहा जाता है – यह उस सूखी नदी का प्राचीन मार्ग होता है जो अब अस्तित्व में नहीं है। यहभारतीय इतिहास में पहली बार है जब किसी सूखी नदी के मार्ग को वैज्ञानिक तौर पर प्रमाणित किया गया है। पहले अनुमान है कि यह नदी कुषाण, शुंग और मगध साम्राज्यों के दौरान सक्रिय रही होगी। मानव सभ्यता के पोषण में रहा होगा योगदानबनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में हुए एक प्रेजेंटेशन में ASI जयपुर के पुरातत्वविद् विनय गुप्ता ने बताया कि यह नदी प्रणाली संभवतः प्रारंभिकमानव बस्तियों के जल स्रोत के रूप में कार्य करती रही होगी और बहाज क्षेत्र को सरस्वती बेसिन से जोड़ती होगी। ‘अभूतपूर्व खोज’ मान रहे हैं विशेषज्ञविनय गुप्ता ने इसे ‘अभूतपूर्व खोज’ बताया है और कहा कि यह भारतीय इतिहास और भूगर्भ विज्ञान दोनों के लिए अहम है। बहाज गांव मथुरा से करीब50 किलोमीटर दूर स्थित है और इसकी खुदाई रिपोर्ट संस्कृति मंत्रालय को सौंप दी गई है, जहां से इसे संरक्षित करने पर निर्णय लिया जाएगा। खुदाई में मिले और भी ऐतिहासिक अवशेषखुदाई के दौरान टीम को प्राचीन मिट्टी के बर्तन, दीवारों से जुड़े गड्ढे, खाइयां, भट्टियां, लोहे और तांबे की कलाकृतियां भी मिली हैं। ये सभी प्रमाण इसक्षेत्र में हजारों साल पहले मानव बस्ती के अस्तित्व का संकेत देते हैं।
उदयपुर में फ्रांसीसी युवती से दुष्कर्म का मामला, कास्टिंग डायरेक्टर सिद्धार्थ ओझा गिरफ्तार

उदयपुर में टूरिस्ट वीज़ा पर भारत आई एक फ्रांसीसी युवती के साथ दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने आरोपी सिद्धार्थ ओझा उर्फ पुष्पराज को गिरफ्तारकर लिया है। आरोपी एक कास्टिंग एजेंसी का संचालन करता है और कई बॉलीवुड प्रोजेक्ट्स में कार्य कर चुका है। मामले की पुष्टि उदयपुर के पुलिसअधीक्षक योगेश गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में की। शूट के बहाने भारत आई थी पीड़िता, आरोपी ने फ्लैट पर बुलाकर किया दुष्कर्मपुलिस के अनुसार, युवती को ‘कास्टिंग कॉल’ नामक कंपनी के जरिए एक मोबाइल एड शूट के लिए हायर किया गया था। 22 जून को वह उदयपुरपहुंची और सज्जनगढ़ किले, पिछोला झील और अन्य लोकेशनों पर शूटिंग की गई। शूट के बाद, टीम ने टाइगर हिल स्थित एक रेस्टोरेंट में पार्टी रखी, जहां से आरोपी ने ‘स्मोक ब्रेक’ का बहाना बनाकर युवती को अपने सुखेर स्थित फ्लैट ले जाकर दुष्कर्म किया। विदेशी महिला से जुड़ा मामला, पुलिस ने तेज़ी से की कार्रवाईपुलिस अधीक्षक योगेश गोयल ने बताया कि चित्तौड़गढ़ के गंगरार क्षेत्र से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया किचूंकि मामला एक विदेशी नागरिक से जुड़ा है, इसलिए इसे प्राथमिकता दी गई और सात दिन में चार्जशीट दाखिल करने का लक्ष्य रखा गया है। हनी ट्रैप का दावा, फिर कुबूल किया अपराधगिरफ्तारी के बाद आरोपी सिद्धार्थ ने शुरुआत में खुद को ‘हनी ट्रैप’ में फंसाने की बात कही। उसने बॉलीवुड से जुड़े कुछ लोगों पर साजिश रचने का भीआरोप लगाया। उसका कहना था कि उसे इस पेशे को छोड़कर गांव लौटने के लिए मजबूर किया जा रहा था। हालांकि पुलिस की सख्ती के बादउसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। आक्रोशित भीड़ और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विरोधइस घटना को लेकर शहर में गुस्सा देखा गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्री पर प्रदर्शन किया। इसी दौरान जब पुलिस आरोपी को एसपीकार्यालय लेकर पहुंची, तो कुछ प्रदर्शनकारियों ने उसकी पिटाई की कोशिश की। इसके बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष फतेहसिंह राठौड़ सहित कार्यकर्ताएसपी ऑफिस पहुंचे, जहाँ पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई।