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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, मासूम से दुष्कर्म के दोषी की फांसी को बदला 25 साल की सजा में

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक जघन्य अपराध के मामले में एक अहम निर्णय सुनाते हुए, चार वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के प्रयास के दोषीराजकुमार उर्फ राजाराम की फांसी की सजा को 25 वर्ष के कठोर कारावास में बदल दिया है। न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल और न्यायमूर्ति देवनारायणमिश्रा की खंडपीठ ने कहा कि भले ही यह अपराध अत्यंत घिनौना और अमानवीय है, लेकिन दोषी की पारिवारिक और सामाजिक पृष्ठभूमि को देखतेहुए मृत्यु दंड उचित नहीं है। मामला गंभीर, लेकिन मौत की सजा नहींअदालत ने स्पष्ट किया कि चार साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म कर उसे गला घोंटकर मारने की कोशिश करना निस्संदेह एक क्रूर और निंदनीयअपराध है। आरोपी ने बच्ची को सुनसान जगह पर फेंक दिया था, जिससे उसकी जान भी जा सकती थी। इसके बावजूद, कोर्ट ने आरोपी की उम्र, शिक्षा की कमी और पारिवारिक उपेक्षा को ध्यान में रखते हुए फांसी की सजा को कठोर कारावास में बदलने का निर्णय लिया। आरोपी की सामाजिक स्थिति बनी राहत का आधारकोर्ट ने बताया कि राजकुमार एक 20 वर्षीय आदिवासी युवक है, जो न तो शिक्षित है और न ही उसे परिवार से पर्याप्त सहयोग या संरक्षण मिला। वहबहुत छोटी उम्र से जीविकोपार्जन के लिए एक ढाबे में काम करने लगा, जहां उसे उचित माहौल और मार्गदर्शन नहीं मिला। इन परिस्थितियों को ध्यानमें रखते हुए कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के निर्णय में संशोधन करते हुए फांसी की सजा को 25 वर्षों के कारावास में बदल दिया। ट्रायल कोर्ट ने सुनाई थी फांसी की सजाखंडवा जिले की पाक्सो अदालत ने 21 अप्रैल 2023 को राजकुमार को नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के प्रयास के आरोप में मृत्युदंड कीसजा सुनाई थी। यह मामला हाई कोर्ट के समक्ष पुष्टि के लिए भेजा गया था, और आरोपी की ओर से भी सजा के खिलाफ अपील दायर की गई थी। पीड़िता को खेत में मरणासन्न हालत में पाया गयाघटना 30 और 31 अक्टूबर 2022 की रात की है जब बच्ची सोते हुए गायब हो गई थी। बाद में वह एक आम के बाग में गंभीर हालत में मिली, जिसके बाद उसे इंदौर के बॉम्बे अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस जांच में आरोपी की पहचान हुई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। डीएनए रिपोर्ट बनी सजा का आधारअदालत में आरोपी की ओर से यह तर्क दिया गया कि उसके खिलाफ प्रत्यक्षदर्शी गवाह नहीं हैं और केवल डीएनए रिपोर्ट ही सबूत के रूप में प्रस्तुतकी गई है। वहीं, राज्य सरकार की ओर से यह कहा गया कि डीएनए एक वैज्ञानिक और विश्वसनीय साक्ष्य है, जिसने आरोपी की संलिप्तता स्पष्ट रूपसे सिद्ध कर दी है। अपराध गंभीर पर पुनर्वास भी जरूरीहाई कोर्ट के फैसले में यह संतुलन देखने को मिला कि न्याय सिर्फ दंड देने में ही नहीं बल्कि परिस्थितियों को समझते हुए पुनर्वास और सुधार कीसंभावना को भी ध्यान में रखना चाहिए। हालांकि अपराध की गंभीरता को नजरअंदाज नहीं किया गया, लेकिन आरोपी की पृष्ठभूमि ने उसे मृत्युदंड सेराहत दिला दी।

मणिपुर में दो अलग-अलग घटनाओं में हिंसा, कुकी महिला की मौत, मैतेई किसान घायल, धान के खेत में काम कर रहे किसान को मारी गोली

मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में गुरुवार को एक मैतेई किसान को उस समय गोली मार दी गई जब वह अपने खेत में काम कर रहा था। पुलिस के अनुसार, फुबाला अवांग मनींग लीकाई गांव के रहने वाले निंगथोजम बीरेन सिंह पर अज्ञात हमलावर ने हमला किया। घायल किसान को पहले बिष्णुपुर जिलाअस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत में उन्हें इम्फाल स्थित रिम्स अस्पताल रेफर कर दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक उनकी हालत अब स्थिरहै। सुरक्षाबलों पर फायरिंग, एक महिला की जान गईकिसान पर हमले के बाद सुरक्षा बलों ने चुराचांदपुर जिले के आस-पास के इलाकों में सघन तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान अज्ञातअसामाजिक तत्वों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी की, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने भी फायरिंग की। इसी गोलीबारी में एक महिला की जान चलीगई, जिनकी पहचान होइखोलहिंग के रूप में हुई है। वह एक गांव प्रमुख की पत्नी थीं। उनका शव पोस्टमार्टम के लिए चुराचांदपुर जिला अस्पतालभेजा गया है। बढ़ते तनाव के बीच सुरक्षा की समीक्षापुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी है कि दोषियों की तलाश के लिए तलाशी अभियान जारी है। इसके साथ ही, इम्फाल घाटी के मैतेई-बहुलइलाकों और कुकी-जो समुदायों के बीच स्थित बफर ज़ोन में किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रणनीति बनाई जा रही है। भविष्य में ऐसीघटनाओं को रोकने के लिए खेती के समय अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और सख्ती की जाएगी। 15 जून की झड़प के बाद बढ़ा तनावगौरतलब है कि 15 जून को इम्फाल ईस्ट और कांगपोकपी जिलों की सीमा पर कुकी और मैतेई समुदाय के किसानों के बीच झड़प हुई थी। इसकेबाद से दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया है। प्रशासन फिलहाल क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है और स्थिति पर नजररखे हुए है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अगले हफ्ते चीन दौरे पर, SCO बैठक में करेंगे शिरकत

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अगले सप्ताह चीन के क़िंगदाओ शहर में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की रक्षा मंत्रियों की बैठक मेंहिस्सा लेने जा रहे हैं। यह बैठक 25 से 27 जून 2025 तक आयोजित की जाएगी। इस दौरान राजनाथ सिंह की चीन के रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जुनके साथ द्विपक्षीय वार्ता होने की संभावना भी जताई जा रही है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री भी होंगे मौजूदइस महत्वपूर्ण क्षेत्रीय बैठक में भारत के साथ पाकिस्तान भी भाग ले रहा है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ भी SCO के इस सम्मेलन मेंभाग लेंगे, जिससे यह बैठक और अधिक संवेदनशील मानी जा रही है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पहली विदेश यात्राराजनाथ सिंह के लिए यह दौरा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम होगा। इस यात्रा को भारत और चीन के बीच संवाद बहालीऔर संबंध सामान्य बनाने की दिशा में एक अहम कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। दोनों देश व्यापार, यात्रा और राजनीतिक वार्ता को फिर से मजबूतकरने की कोशिश कर रहे हैं। सात वर्षों में पहली बार कोई भारतीय मंत्री चीन दौरे परयह दौरा इस मायने में भी ऐतिहासिक है कि पिछले सात वर्षों में यह किसी भारतीय केंद्रीय मंत्री का पहला आधिकारिक दौरा होगा। इससे पहलेअप्रैल 2018 में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज चीन गई थीं। अब एक बार फिर उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत चीन से सीधा संवाद स्थापितकर रहा है। सीमा पर हालात सुधारने की कोशिशभारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों से तनाव रहा है, विशेष रूप से सीमा क्षेत्रों जैसे डेपसांग और डेमचोक में। हालांकि हाल के महीनों मेंदोनों देशों ने कई स्तरों पर बातचीत की है। कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली और दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय राजनयिक मुलाकातें इस सुधारके संकेत हैं। इससे पहले लाओस में एडीएमएम-प्लस शिखर सम्मेलन के दौरान भी राजनाथ सिंह और एडमिरल डोंग जुन के बीच मुलाकात हुई थी।वहीं, हाल ही में नई दिल्ली में भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री और चीन के उप विदेश मंत्री सुन वेइदोंग के बीच भी सकारात्मक वार्ता हुई थी, जिसमें भारत ने चीन की SCO अध्यक्षता का समर्थन दोहराया था।

AI-171 विमान हादसे पर सरकार की सफाई, ब्लैक बॉक्स अमेरिका भेजने की खबरों को बताया भ्रामक

मीडिया रिपोर्ट्स में ब्लैक बॉक्स को लेकर फैलाई गई भ्रम की स्थितिहाल ही में एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 को लेकर कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि विमान के ब्लैक बॉक्स यानी CVR (कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर) और DFDR (डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर) को विश्लेषण के लिए अमेरिका भेजा जा रहा है। इन खबरों पर प्रतिक्रियादेते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने स्पष्ट रूप से इन दावों का खंडन किया है और उन्हें भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। मंत्रालय ने अपीलकी है कि इतनी संवेदनशील जांच प्रक्रिया को लेकर अनावश्यक कयासों से बचा जाए। डिकोडिंग का फैसला AAIB द्वारा तय होगामंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि फ्लाइट रिकॉर्डर को कहां डिकोड किया जाएगा, इसका निर्णय विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) द्वारा सभी तकनीकी, संरक्षा और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की समीक्षा के बाद लिया जाएगा। यह एक गंभीर और तकनीकी जांच है, जिसे पूरीव्यावसायिकता के साथ संपन्न किया जाएगा। मंत्रालय ने सभी संबंधित पक्षों से अपील की कि वे इस प्रक्रिया में अटकलबाजी से बचें और जांचएजेंसियों को अपना कार्य निर्बाध रूप से करने दें। उड़ान के कुछ ही मिनटों में हुआ हादसागौरतलब है कि यह दुर्घटना 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के साथ हुई थी। दोपहर 1:39 बजे सरदारवल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान तकनीकी खराबी के कारण शहर के एकमेडिकल कॉलेज परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भीषण हादसे में विमान में सवार सभी 241 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि एक यात्रीचमत्कारिक रूप से जीवित बच गया। दुर्घटना में कॉलेज परिसर में मौजूद 29 अन्य लोगों की भी जान चली गई, जिनमें पांच एमबीबीएस छात्रशामिल थे। ब्लैक बॉक्स बरामद, जांच जारीघटनास्थल से विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है और तकनीकी जांच की प्रक्रिया चल रही है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है किकिसी भी निर्णय को जांच एजेंसियों के विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी आधार पर लिया जाएगा, न कि अफवाहों के आधार पर।

सीवान रैली में पीएम मोदी का विपक्ष पर हमला, बिहार को फिर जंगलराज में नहीं लौटने देंगे”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बिहार के सीवान में आयोजित एक जनसभा में विपक्षी महागठबंधन, विशेषकर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) औरकांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार ने एक समय जंगलराज का दौर झेला है और अब फिर से उन दिनों को लौटने का कोई मौकानहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष राज्य के आर्थिक संसाधनों पर नियंत्रण पाने के लिए हर तरह के हथकंडे अपना रहा है। लूट-खसोट ने बिहार को गरीबी में धकेलाप्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इन दलों की भ्रष्ट नीतियों और लूटपाट के कारण ही गरीबी बिहार की पहचान बन गई थी। उन्होंने कहा कि अनेकचुनौतियों के बावजूद, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने बिहार को विकास की राह पर फिर से खड़ा किया है। मोदी ने भरोसादिलाया कि वह अब भी बिहार के लिए बहुत कुछ करने का संकल्प लेकर आए हैं और उनके प्रयास रुकने वाले नहीं हैं। विकास की गिनाई उपलब्धियांअपने 10 साल के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बिहार में 55,000 किलोमीटर से अधिक सड़कें बनाई गईं, डेढ़ करोड़ सेज्यादा घरों को बिजली और पानी की सुविधा दी गई, और 45,000 से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर खोले गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आजबिहार के छोटे शहरों में नए स्टार्टअप्स की शुरुआत हो रही है, जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। भारत की तरक्की से दुनिया प्रभावितप्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वे हाल ही में विदेश यात्रा से लौटे हैं और इस दौरान उनकी बातचीत दुनिया के समृद्ध देशों के नेताओं से हुई। उन्होंनेबताया कि वैश्विक नेता भारत की तेज़ विकास दर से काफी प्रभावित हैं और भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनते देख रहे हैं।मोदी ने जोर देकर कहा कि इस परिवर्तन में बिहार की भी बड़ी भूमिका होगी और राज्य की समृद्धि देश की प्रगति को और बल देगी।

देशभर में मानसून की दस्तक: कई राज्यों में तेज बारिश, कुछ हिस्सों में गर्मी बरकरार, राजस्थान, यूपी, एमपी समेत कई राज्यों में पहुंचा मानसून

पिछले 48 घंटों में मानसून ने राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश में दस्तक दे दी है। कई इलाकों में झमाझम बारिश केचलते मौसम सुहावना हो गया है। हालांकि कुछ स्थानों पर अभी भी भीषण गर्मी बनी हुई है। गुजरात में बारिश से जनजीवन प्रभावितगुजरात के अहमदाबाद, वापी और राजकोट में भारी वर्षा के कारण सड़कें, घर और दुकानें जलमग्न हो गईं। सावरकुंडला और राजुला क्षेत्रों में स्थानीयनदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और राहत कार्य जारी हैं। उत्तर प्रदेश में बिजली गिरने से 10 मौतेंउत्तर प्रदेश के लखनऊ और सीतापुर में रातभर रुक-रुक कर बारिश होती रही। अमेठी जिले में भारी बारिश के चलते एसपी ऑफिस और गौरीगंजथाना परिसर जलमग्न हो गया। फायर ब्रिगेड ने पानी निकासी का कार्य किया। इसी दौरान आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में 10 लोगों कीजान चली गई। राजस्थान और कश्मीर में गर्मी से राहत नहींमानसून के आगमन के बावजूद राजस्थान के कुछ हिस्सों में गर्मी कम नहीं हुई है। जैसलमेर में तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्यके लिए इस समय अत्यधिक है। वहीं, जम्मू-कश्मीर की घाटी में गुरुवार का दिन सबसे गर्म रहा। श्रीनगर में तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज कियागया। कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारीभारतीय मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य महाराष्ट्र, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी कियाहै। अगले दो से तीन दिनों में मानसून के दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के कुछ हिस्सों तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।

एअर इंडिया ने शेड्यूल स्थिरता के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में 15% कटौती की, कई रूट्स पर सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित

टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया ने एक बार फिर यात्रियों को झटका देते हुए आठ अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों को रद्द कर दिया है। इनमेंचेन्नई से दुबई, दिल्ली से मेलबर्न, हैदराबाद से मुंबई और अहमदाबाद से दिल्ली की उड़ानें शामिल हैं। एयरलाइंस ने इन उड़ानों के रद्द होने का कारणरखरखाव और परिचालन संबंधी दिक्कतों को बताया है। रद्द की गई उड़ानों में AI906 (दुबई-चेन्नई), AI308 (दिल्ली-मेलबर्न), AI309 (मेलबर्न-दिल्ली), AI2204 (दुबई-हैदराबाद), AI874 (पुणे-दिल्ली), AI456 (अहमदाबाद-दिल्ली), AI2872 (हैदराबाद-मुंबई) और AI571 (चेन्नई-मुंबई) शामिल हैं। एयर इंडिया ने यह भी घोषणा की है कि 21 जून से 15 जुलाई 2025 के बीच हर सप्ताह 38 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कटौती की जाएगी, जबकितीन विदेशी मार्गों—दिल्ली-नैरोबी, अमृतसर-लंदन (गैटविक) और गोवा (मोपा)-लंदन (गैटविक)—पर सेवाएं पूरी तरह स्थगित रहेंगी। यह कदम हालही में अहमदाबाद में हुए विमान हादसे और उसके बाद उत्पन्न परिचालन संबंधी चुनौतियों के मद्देनज़र उठाया गया है। इसके साथ ही, उत्तरी अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और सुदूर पूर्व के 18 अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर उड़ानों की संख्या घटाई जाएगी। उत्तरी अमेरिका में दिल्ली-टोरंटो, दिल्ली-वैंकूवर, दिल्ली-सैन फ्रांसिस्को, दिल्ली-शिकागो और दिल्ली-वाशिंगटन जैसे रूट्स प्रभावित होंगे, जबकि यूरोपीय मार्गों में दिल्ली-लंदन (हीथ्रो), बेंगलुरु-लंदन(हीथ्रो), अमृतसर-बर्मिंघम, दिल्ली-बर्मिंघम, दिल्ली-पेरिस, दिल्ली-मिलान, दिल्ली-कोपेनहेगन, दिल्ली-वियना और दिल्ली-एम्सटर्डम शामिल हैं। एयर इंडिया ने बताया है कि यह कटौती स्वैच्छिक रूप से की जा रही है, जिसका उद्देश्य शेड्यूल की स्थिरता को बहाल करना और यात्रियों को अंतिमसमय में होने वाली असुविधा से बचाना है। कंपनी ने अपने बयान में कहा कि उड़ान से पहले अतिरिक्त सुरक्षा जांच की प्रक्रिया और मिडिल ईस्ट मेंहवाई क्षेत्र बंद होने की स्थिति को देखते हुए यह निर्णय जरूरी हो गया था। एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने जानकारी दी कि एयरलाइन नेअपने बोइंग 787 और बोइंग 777 विमानों पर फ्लाइट से पहले सुरक्षा जांच जारी रखने का फैसला किया है। इन अतिरिक्त जांचों में लगने वालेसमय को ध्यान में रखते हुए अंतरराष्ट्रीय वाइड-बॉडी फ्लाइट्स में 15 प्रतिशत तक की कटौती की गई है, जो कम से कम 15 जुलाई 2025 तक जारीरहेगी।

राहुल गांधी का नए सरकारी आवास में गृह प्रवेश, 5 सुनहरी बाग बना नया ठिकाना

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आज अपने 54वें जन्मदिन के अवसर पर अपने नए सरकारी आवास 5, सुनहरी बाग रोडमें प्रवेश किया। यह बंगला उन्हें सांसद बनने और लोकसभा में विपक्ष के नेता का दर्जा मिलने के बाद आवंटित किया गया था। पहले मां सोनिया गांधी के साथ 10 जनपथ में रह रहे थेराहुल गांधी लंबे समय तक 12, तुगलक लेन स्थित आवास में रहे, जहां वे 2004 से 2023 तक ठहरे थे। लेकिन 2023 में मानहानि के एक मामलेमें दोषी ठहराए जाने के बाद उन्हें अपनी लोकसभा सदस्यता और बंगला दोनों से हाथ धोना पड़ा। इसके बाद वे अपनी मां सोनिया गांधी के निवास10, जनपथ में रहने लगे थे, जो कांग्रेस मुख्यालय (24, अकबर रोड) के पास स्थित है। उनकी संसद सदस्यता बहाल होने के बाद भी वे वहीं रह रहेथे। 5, सुनहरी बाग रोड: कैबिनेट मंत्री स्तर का टाइप-8 बंगलाराहुल गांधी को जो नया आवास आवंटित किया गया है, वह टाइप-8 श्रेणी का सरकारी बंगला है। यह श्रेणी आम तौर पर कैबिनेट मंत्री या समकक्षपदधारियों को दी जाती है। राहुल गांधी को लोकसभा में विपक्ष के नेता होने के कारण कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त है और इसी आधार पर उन्हें यहबंगला आवंटित किया गया। इससे पहले किसके पास था यह बंगला?5, सुनहरी बाग रोड स्थित यह बंगला पहले कर्नाटक से बीजेपी के नेता और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री ए. नारायणस्वामी के पास था। वे 2021 से 2024 तक सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रहे और हाल ही में लोकसभा चुनाव हारने के बाद यह बंगला खाली किया गया। क्या हैं बंगले की प्रमुख विशेषताएं?संसद भवन से मात्र 500 मीटर की दूरी पर स्थित यह बंगला लोकेशन के लिहाज से बेहद खास है। इसमें पाँच शयनकक्ष (बेडरूम), एक बड़ा हॉल, भोजन कक्ष (डाइनिंग रूम), एक अध्ययन कक्ष (स्टडी रूम) और कर्मचारियों के लिए अलग क्वार्टर शामिल हैं। बंगले की सुविधाएं और इसका स्थानइसे वीवीआईपी क्षेत्र में एक प्रमुख निवास बनाते हैं।

अमित शाह का भाषाई पहचान पर जोर, अंग्रेजी पर साधा निशाना

देश में भाषा विवाद के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भाषाई पहचान को लेकर एक बार फिर स्पष्ट और तीखी टिप्पणी की है। एक पुस्तकविमोचन कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने अंग्रेजी भाषा के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताई और भारतीय भाषाओं को राष्ट्र की आत्मा करार दिया। “वह दिन दूर नहीं जब अंग्रेजी बोलने वालों को होगी शर्म”गृह मंत्री ने कहा कि वह समय अब बहुत दूर नहीं है जब भारत में अंग्रेजी बोलने वाले स्वयं को लेकर असहज महसूस करेंगे। उन्होंने कहा कि विदेशीभाषा में कोई भी समाज अपने इतिहास, धर्म या संस्कृति को सही तरीके से नहीं समझ सकता। भारत की कल्पना बिना उसकी मातृभाषाओं के नहीं कीजा सकती। देशी भाषाएं भारत की आत्मा हैंशाह ने कहा कि देश की भाषाएं न केवल संवाद का माध्यम हैं, बल्कि वे भारतीय संस्कृति के मूल तत्वों की वाहक भी हैं। उन्होंने इस बात पर जोरदिया कि यदि हमें सच्चा भारतीय बनना है तो अपनी भाषाओं को अपनाना होगा। उनका कहना था कि भारतीय भाषाएं हमारी सांस्कृतिक धरोहर कीचमकते हुए रत्न हैं। अंग्रेजी को बताया औपनिवेशिक विरासत का प्रतीकअपने संबोधन में अमित शाह ने अंग्रेजी को औपनिवेशिक मानसिकता की निशानी बताया और भविष्यवाणी की कि आने वाले वर्षों में पूरी दुनिया इसेउपनिवेशवाद के प्रतीक के रूप में देखेगी। उन्होंने कहा कि अधूरी और विदेशी भाषाओं के सहारे भारत की पूर्ण कल्पना नहीं की जा सकती। भविष्य में भारतीय भाषाओं से होगा देश का संचालनगृह मंत्री ने विश्वास जताया कि यह लड़ाई कठिन जरूर है, लेकिन देशवासी इसे जरूर जीतेंगे। उन्होंने कहा कि एक दिन भारत न केवल अपनी भाषाओंमें प्रशासन चलाएगा, बल्कि इन्हीं भाषाओं के बल पर वैश्विक नेतृत्व भी करेगा। हिंदी थोपने के आरोपों की पृष्ठभूमि में आया बयानअमित शाह की यह टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है जब कई विपक्षी और दक्षिणी राज्यों ने केंद्र सरकार पर ‘त्रि-भाषा फॉर्मूला’ के माध्यम से हिंदीको थोपने का आरोप लगाया है। यह नीति नई शिक्षा नीति (एनईपी) का हिस्सा है, जिसे कई राज्यों ने भाषा विविधता पर खतरा बताया है।

दिल्ली हाईकोर्ट जज के घर से जली हुई नकदी मिलने पर मचा बवाल, जांच रिपोर्ट में गंभीर खुलासे

दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी आवास में आग लगने और वहां से जली हुई नकदी मिलने की घटना नेन्यायपालिका की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह रहस्यमयी घटना 14 मार्च को होली की रात दिल्ली के तुगलक क्रेसेंट स्थित उनकेआवास पर घटी, जब वर्मा और उनकी पत्नी भोपाल में थे। उस समय घर पर केवल उनकी बेटी और बुजुर्ग मां मौजूद थीं। आग बुझाने पहुंचेअग्निशमन कर्मियों को स्टोर रूम में नकदी से भरे थैलों में आग लगी हुई मिली। इस घटना के बाद दो वीडियो वायरल हुए, जिनमें एक में बड़ी मात्रा मेंनोट पड़े हुए दिखाई दे रहे थे और एक व्यक्ति की आवाज़ सुनाई देती है—”नोट ही नोट हैं…”, जबकि दूसरे वीडियो में कहा गया, “सारे बर्न हो गएसाहब।” मामले की गंभीरता को देखते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने 22 मार्च को एक विशेष जांच समिति गठित की, जिसमें तीन वरिष्ठन्यायाधीश शामिल थे। समिति ने 42 दिन की जांच के बाद जो रिपोर्ट सौंपी, उसमें कई ऐसे तथ्य सामने आए, जो जस्टिस वर्मा के आचरण पर गंभीरसंदेह जताते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, घटना वाली रात जस्टिस वर्मा ने अपने स्टाफ से सिर्फ व्हाट्सएप कॉल और एन्क्रिप्टेड मैसेज के जरिए संपर्क किया, जिससे संवाद का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हो सका। दिल्ली लौटने के बावजूद उन्होंने और उनकी पत्नी ने उस स्टोर रूम का मुआयना नहीं किया, जहां आग लगी थी, जो समिति को असामान्य प्रतीत हुआ। इसके अलावा, जस्टिस वर्मा ने घटना को साजिश बताया, परंतु उन्होंने न पुलिस में कोई शिकायत दर्ज कराई, न ही किसी अदालत में इसकी रिपोर्टदी। इतना ही नहीं, जब उन्हें स्थानांतरण का प्रस्ताव मिला, तो उन्होंने उसे बिना कोई सवाल उठाए तुरंत स्वीकार कर लिया, जबकि उनके पास अगलेदिन तक का समय था। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि जिस स्टोर रूम में आग लगी थी, वहां के सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे। जस्टिस वर्मा ने सफाई दी किये कैमरे सुरक्षा विभाग के नियंत्रण में थे और उन्हें बंद होने की जानकारी नहीं थी। वहीं, वीडियो सबूत में साफ तौर पर स्टोर रूम के अंदर और बाहरबिखरे हुए नोट देखे जा सकते हैं, जिससे नकदी की मौजूदगी को लेकर उनके दावे गलत साबित होते हैं। इन सभी तथ्यों ने न सिर्फ जस्टिस वर्मा के बयानों पर सवाल उठाए हैं, बल्कि उच्च न्यायपालिका की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर भी गहरा प्रभावडाला है। अब यह देखना अहम होगा कि न्यायपालिका इस मामले में आगे क्या रुख अपनाती है और क्या कोई कानूनी कार्रवाई की जाती है।