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कांग्रेस का आरोप, गुजरात में मनरेगा घोटाले में मंत्री बच्चूभाई खाबड़ की सीधी संलिप्तता, कोर्ट की निगरानी में CBI जांच की मांग

कांग्रेस प्रवक्ता शक्तिसिंह गोहिल ने प्रेस कांफ्रेंस की, उन्होंने कहा कि गुजरात के वडोदरा जिले में मुजपुर गंभीरा नदी पर बने पुल गिरने की दर्दनाक घटना से की, जिसमें अब तक कम से कम 10 लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि एक ट्रक, कारें, एक ऑटो और तीन बाइकें पुल के साथ नदी में समा गईं। स्थानीय लोगों और पूर्व जिला परिषद सदस्यों ने इस पुल की हालत को लेकर पहले ही प्रशासन को चेतावनी दी थी, लेकिन बावजूद इसके कोई मरम्मत नहीं हुई। गोहिल ने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में ठेकेदारों से पार्टी कार्यालय ‘कमलम’ में घूस मांगी जाती है, जिससे वे काम की गुणवत्ता से समझौता करते हैं और इस भ्रष्ट व्यवस्था का नतीजा पुलों के गिरने जैसे हादसे हैं। मनरेगा में मंत्री की निजी ज़मीन पर फर्जीवाड़ा गोहिल ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि गुजरात सरकार में मंत्री बच्चूभाई खाबड़ ने अपनी निजी जमीन पर मनरेगा के तहत कई फर्जी वर्क ऑर्डर जारी करवाए। उन्होंने प्रेस को दिखाए गए दस्तावेजों के ज़रिए बताया कि सर्वे नंबर 115 के अंतर्गत दर्जनों विकास कार्य जैसे जल निकासी नाले, डैम, बंड, प्लांटेशन, और लेवलिंग कार्य दर्ज किए गए, जिन पर लाखों रुपए खर्च दिखाए गए, जबकि मौके पर कोई भी निर्माण नहीं हुआ। इसके बाद उन्हीं गैर-मौजूद कार्यों के ‘मरम्मत’ के नाम पर और फंड स्वीकृत किए गए। मंत्री के बेटे को बिना टेंडर दिए ठेके कांग्रेस नेता ने दावा किया कि मनरेगा फंड से मटेरियल सप्लाई का ठेका सीधे मंत्री के बेटे बलवंत खाबड़ की कंपनी ‘श्री राज कंस्ट्रक्शन’ को दे दिया गया, जो पूरी तरह टेंडर प्रक्रिया के विरुद्ध है। मनरेगा नियमों के तहत मटेरियल सप्लाई के लिए खुले टेंडर, विज्ञापन और एल1 बिडर को चयनित करना जरूरी होता है, लेकिन इस मामले में कोई प्रतिस्पर्धा नहीं कराई गई और बेटे को सीधे लाभ पहुंचाया गया। सिर्फ धानपुर ब्लॉक में ही 2,235 वर्क ऑर्डर एक सीमित समय में जारी हुए और अधिकांश में श्री राज कंस्ट्रक्शन को सप्लायर बनाया गया। लाखों का मटेरियल फर्जी, जीएसटी चोरी भी उजागर गोहिल ने आगे बताया कि श्री राज कंस्ट्रक्शन ने करोड़ों रुपए के मटेरियल सप्लाई के बिल बनाए, लेकिन फील्ड पर कोई भी सामग्री नहीं पहुंचाई गई। यही नहीं, जीएसटी नंबर होने के बावजूद कंपनी ने कोई टैक्स जमा नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि एक ईमानदार अधिकारी ने खुद यह लिखित में दिया है कि एल1 बिडर को दरकिनार कर गैर-योग्य कंपनी को ठेका दिया गया, लेकिन भाजपा की सत्ता में होने से जांच आगे नहीं बढ़ पाई। बर्खास्तगी से लेकर सीबीआई जांच तक कांग्रेस प्रवक्ता ने प्रेस के माध्यम से कई मांगें रखीं मंत्री बच्चूभाई खाबड़ को तत्काल पद से हटाया जाए, पूरे मामले की कोर्ट मॉनिटर्ड सीबीआई जांच हो और जीएसटी चोरी पर केंद्र सरकार कार्रवाई करे। साथ ही, उन्होंने मांग की कि गुजरात में मनरेगा और जल-से-नल जैसी योजनाओं की व्यापक जांच कराई जाए, क्योंकि ये योजनाएं अब भाजपा नेताओं के निजी हितों की पूर्ति का जरिया बन गई हैं। अडानी को दिए गए प्रोजेक्ट पर सवाल मीडिया द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में गोहिल ने महाराष्ट्र के गोरेगांव में अडानी समूह को मिले 3,600 करोड़ के रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह देश की संसाधनों की खुली लूट है। उन्होंने बताया कि जिन एयरपोर्ट्स को पहले एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया संचालित करती थी, वहाँ पर सेवाओं के लिए मामूली शुल्क लिया जाता था, लेकिन अडानी समूह के हाथ में आते ही चार्ज कई गुना बढ़ा दिए गए। ड्रॉप और पिकअप जैसी सुविधाओं पर भी अतिरिक्त शुल्क वसूला जा रहा है। चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर संदेह बिहार बंद पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि जनता ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़कों पर उतर कर आवाज़ उठाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अब पूरी तरह भाजपा के नियंत्रण में है। पहले आयोग का चयन प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और मुख्य न्यायाधीश की संयुक्त समिति द्वारा होता था, लेकिन अब न्यायपालिका को बाहर कर सिर्फ सत्ता पक्ष के हाथ में चयन प्रक्रिया दे दी गई है। इससे चुनाव की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बलवंत की गिरफ्तारी और बेल पर कांग्रेस की चिंता एक अन्य सवाल के जवाब में गोहिल ने कहा कि बलवंत खाबड़ को 72 करोड़ के घोटाले में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उसे जल्द ही जमानत मिल गई। उन्होंने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब कांग्रेस से जुड़े किसी व्यक्ति पर आरोप लगता है, तो ईडी, सीबीआई तुरंत हरकत में आ जाती है, लेकिन भाजपा नेताओं के मामलों में सरकार चुप्पी साध लेती है। उन्होंने चेताया कि अगर इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो यह लीपापोती बनकर रह जाएगा।

दिल्ली में पुरानी गाड़ियों पर रोक का मुद्दा, भाजपा का दोहरा चेहरा उजागर, बोले सौरभ भारद्वाज

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आज एक प्रेस वार्ता में भाजपा की दिल्ली सरकार पर तीखा हमला बोला और पुरानीगाड़ियों को पेट्रोल देने पर रोक लगाने के निर्णय को लेकर गंभीर आरोप लगाए। भाजपा ने खुद लिया था फैसला, अब कोर्ट जाने की बात दिखावासौरभ भारद्वाज ने बताया कि भाजपा ने 1 मार्च को ही घोषणा कर दी थी कि 30 मार्च से दिल्ली में पुरानी गाड़ियों को पेट्रोल नहीं मिलेगा। जबसरकार की तैयारी नहीं हुई, तो तारीख को आगे बढ़ाकर 30 जून कर दिया गया। जब फैसले का विरोध हुआ तो भाजपा ने सीएक्यूएम और अदालतके नाम पर इसे थोपने की कोशिश की। लेकिन सच्चाई यह है कि सीएक्यूएम की चिट्ठी 23 अप्रैल की है, यानी भाजपा पहले ही इस फैसले कोघोषित कर चुकी थी।दिल्ली सरकार ने पड़ोसी शहरों में भी रोकी पुरानी गाड़ियांभारद्वाज ने आरोप लगाया कि दिल्ली की भाजपा सरकार ने न केवल राजधानी में, बल्कि नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत जैसेशहरों में भी पुराने वाहनों को पेट्रोल न देने और उन्हें जब्त करने की सिफारिश की। अब नवंबर से यह फैसला इन शहरों में भी लागू होगा, जिससेलगभग दो करोड़ वाहन मालिक प्रभावित होंगे। सीएक्यूएम को लिखित सहमति, सुप्रीम कोर्ट का बहाना क्यों?आप नेता ने सवाल उठाया कि जब भाजपा की दिल्ली सरकार ने खुद लिखित रूप में सीएक्यूएम के फैसले को समर्थन दिया, तो अब सुप्रीम कोर्ट मेंइसका विरोध कैसे कर सकती है? उन्होंने इसे जनता को भ्रमित करने की एक और चाल बताया। केवल केंद्र सरकार के अध्यादेश से मिल सकती है राहतभारद्वाज ने सुझाव दिया कि जैसे केंद्र सरकार ने सेवा से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पलटने के लिए अध्यादेश लाया था, वैसे ही इसमामले में भी दो करोड़ वाहन मालिकों को राहत देने के लिए केंद्र को अध्यादेश लाना होगा। कार कंपनियों से सांठगांठ के आरोप, जनता पर बोझ डालने का आरोपउन्होंने दावा किया कि भाजपा ने गाड़ियों का उत्पादन करने वाली कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए यह निर्णय लिया। पुराने वाहन बंद कराना औरजनता को नई गाड़ी खरीदने पर मजबूर करना, पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने की साजिश है। यह सीधा-सीधा भाजपा और कार निर्माताओं कीमिलीभगत को दर्शाता है। जनता को गुमराह करने की राजनीति कर रही है भाजपावार्ता के अंत में भारद्वाज ने कहा कि भाजपा जनता के हितों की बात करके उन्हें नुकसान पहुंचा रही है और जनता अब उनके इस दोहरे रवैये को अच्छीतरह समझ चुकी है। आम आदमी पार्टी जनता के साथ खड़ी है और इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी।

बिहार बंद को जनसमर्थन, राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल, ‘संपूर्ण बिहार बंद’ को मिला जबरदस्त समर्थन

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में INDIA गठबंधन द्वारा बुलाए गए ‘संपूर्ण बिहार बंद’ को प्रदेश भर में जबरदस्त जनसमर्थनमिला। पटना में इस बंद के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी, राजद नेता तेजस्वी यादव, सीपीआई और सीपीएम समेत विभिन्न दलों के वरिष्ठ नेताओं नेसड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और इनकम टैक्स गोलंबर से शहीद स्मारक तक भारी जनसैलाब का नेतृत्व किया। राहुल गांधी का आरोप, बिहार में भी ‘महाराष्ट्र मॉडल’ दोहराने की साजिशराहुल गांधी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जैसे महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव को प्रभावित किया गया, वैसीही साजिश अब बिहार में रची जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग बीजेपी और आरएसएस के इशारों पर काम कर रहा है।75 लाख नए वोटर, भाजपा को फायदाराहुल गांधी ने दावा किया कि महाराष्ट्र में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच लगभग 75 लाख नए मतदाता जोड़े गए और जहां वोटर बढ़े, वहांभाजपा को जीत मिली। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ इमारतों में हजारों की संख्या में वोटर पंजीकृत किए गए, जबकि गरीबों के वोटजानबूझकर हटाए गए। चुनाव आयोग की भूमिका पर उठे सवालकांग्रेस नेता ने कहा कि जब INDIA गठबंधन ने मतदाता सूची और मतदान केंद्रों की वीडियोग्राफी की मांग की, तब चुनाव आयोग ने कोई जवाब नहींदिया। उन्होंने आरोप लगाया कि वीडियोग्राफी संबंधी कानून में भी बदलाव कर सच्चाई को दबाने की कोशिश की गई। “बिहार मॉडल” से लोकतंत्र को खतराराहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष अब “महाराष्ट्र मॉडल” को समझ चुका है, इसलिए चुनाव आयोग अब “बिहार मॉडल” लेकर आया है, जिससे चुनावप्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठते हैं। उन्होंने चुनाव आयोग को संविधान की रक्षा करने के बजाय राजनीतिक एजेंडा साधने वाला बताया। चुनाव आयुक्त चयन प्रक्रिया में बदलाव पर आपत्तिराहुल गांधी ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में हुए संशोधन को लोकतंत्र के लिए घातक बताते हुए कहा कि पहले चयन प्रधानमंत्री, विपक्ष केनेता और CJI की समिति करती थी, लेकिन अब CJI की जगह कैबिनेट मंत्री को शामिल किया गया है, जिससे निष्पक्षता खत्म हो गई है। बिहार के वोटर के अधिकार की हो रही चोरी राहुल गांधी ने कहा कि बिहार के नागरिकों से उनके मताधिकार को छीनना, उनके भविष्य और अधिकारों की सीधी चोरी है। उन्होंने भरोसा दिलाया किINDIA गठबंधन बिहार की जनता के साथ मजबूती से खड़ा है और यह साजिश सफल नहीं होने दी जाएगी।

गुजरात पुल हादसा दुखद, भाजपा शासन की लापरवाही और भ्रष्टाचार का परिणाम

वडोदरा के पादरा तालुका में महिसागर नदी पर बना पुल गिरने की घटना को लेकर आम आदमी पार्टी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। इस दुर्घटना कोअति दुखद बताते हुए पार्टी ने सवाल उठाया है कि आखिर भाजपा की दीर्घकालीन सत्ता में एक के बाद एक निर्माणाधीन ढांचे बार-बार कैसे गिरते हैं? आप नेताओं ने इसे ‘‘गुजरात मॉडल’’ की सच्चाई बताते हुए तत्काल जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। 30 वर्षों के शासन में भाजपा नहीं दे सकी सुरक्षित बुनियादी ढांचाआप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा, “ईश्वर मृतकों की आत्मा कोशांति दें और परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति दें। लेकिन आज यह भी सवाल पूछना जरूरी है कि गुजरात में बार-बार ऐसे पुल कैसे ढहतेहैं? क्या यह विकास है या भ्रष्टाचार का पुल?” उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे प्रभावशाली लोग यदि दोषी हैं तो उनके खिलाफ भी निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। जब तक जिम्मेदारी तयनहीं की जाएगी और दोषियों को सजा नहीं मिलेगी, तब तक मासूम लोगों की जान ऐसे ही जाती रहेगी। गुजरात का तथाकथित विकास मॉडल फिर से धराशायीगुजरात प्रभारी और वरिष्ठ आप नेता गोपाल राय ने कहा, “यह कोई पहली घटना नहीं है। मोरबी पुल हादसा, राजकोट अग्निकांड, सूरत का तक्षशिलाअग्निकांड—हर बार भाजपा की नाकामी और भ्रष्टाचार सामने आया है। इस बार वडोदरा में पुल गिरा है। जनता अब और बर्दाश्त नहीं करेगी। बदलावतय है।” स्थानीय मदद में जुटे आप कार्यकर्ता, सरकार पर गढ़वी का निशानाआप के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष ईशुदान गढ़वी ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “सरकार की संवेदनहीनता देखिए, मुख्यमंत्री यह कहकर बचाव कररहे हैं कि 23 में से केवल एक पुल गिरा है। यह किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरी शासन प्रणाली की असफलता है।” उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों ने पहले ही पुल की जर्जर स्थिति को लेकर प्रशासन को चेताया था, लेकिन उनकी बातों को अनदेखा किया गया। आमआदमी पार्टी के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य में प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं। सरकार को जिम्मेदारी लेनी ही होगीआम आदमी पार्टी ने मांग की है कि इस प्रकार की घटनाओं पर केवल औपचारिक जांच नहीं, बल्कि जवाबदेही तय होनी चाहिए। जब तकभ्रष्टाचारियों और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसे हादसे दोहराए जाते रहेंगे।

Virendra Sachdeva Slams Kejriwal’s Nobel Remark, Calls Out Trail of Scams and Anarchy

Delhi BJP President Shri Virendra Sachdeva has taken sharp aim at Chief Minister Arvind Kejriwal over his recent statement regarding the Nobel Prize, calling it not only laughable but an insult to public intelligence. “If Nobel Prizes were given for incompetence, anarchy, and corruption, Kejriwal would be the frontrunner,” Shri Sachdeva remarked sarcastically. From Sheeshmahal to Liquor Police,A Trail of ScamsEnumerating a series of alleged scandals linked to the Delhi CM, Shri Sachdeva said that each scam associated with Kejriwal is bigger than the previous from the Sheeshmahal construction irregularities to the liquor excise policy scandal. “We only regret that there is no Nobel Prize for corruption, only jail terms,” he added. History of Controversial Funding and Magsaysay Award Under QuestionShri Sachdeva also cast doubt on Kejriwal’s past associations with foreign entities and awards. “His early activities, funded by foreign sources and linked to the Ford Foundation, have always been surrounded by suspicion. Even the Magsaysay Award he received was controversial,” he said. Public Has Not Forgotten Kejriwal’s Governance FailuresThe Delhi BJP President listed several incidents and scams under Kejriwal’s tenure that he said the public still remembers the alleged scam in the pension scheme for underprivileged women, failure of panic button installations for women’s safety, assault allegations involving female colleagues, Delhi Jal Board irregularities, transport and education department corruption, COVID-19 supply scams, illegal surveillance activities, and more. Anarchy Before National Days a Sign of Reckless PoliticsShri Sachdeva also reminded citizens of Kejriwal’s disruptive sit-ins and protests at the Lieutenant Governor’s residence before Republic Day 2014 and Independence Day 2024, calling them examples of “premeditated political chaos.” Delhi Voters Have Already Delivered Their VerdictConcluding his remarks, Shri Sachdeva said, “The people of Delhi have already made their stance clear in the February 2025 elections. There’s no prize for betrayal of public trust only accountability and consequences.”

गुजरात के वडोदरा में पुल गिरा, महिसागर नदी में समाए वाहन, 9 की मौत, 9 को बचाया गया

गुजरात के वडोदरा जिले के पादरा तालुका में बुधवार सुबह एक बड़ा हादसा हुआ, जब आणंद और पादरा को जोड़ने वाले पुल का एक हिस्साअचानक महिसागर नदी में ढह गया। हादसे के वक्त पुल पर दो ट्रक, एक बोलेरो SUV और एक पिकअप वैन सहित चार वाहन गुजर रहे थे, जो ढहतेही सीधे नदी में गिर गए। इस दुखद दुर्घटना में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 9 अन्य लोगों को बचा लिया गया है। तेज धमाके के साथ टूटा पुल, स्थानीय लोगों ने चलाया बचाव अभियानप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुल के टूटने से पहले एक तेज आवाज सुनाई दी, जिसके बाद वाहन नदी में समा गए। घटना की सूचना मिलते ही फायरब्रिगेड, स्थानीय पुलिस और वडोदरा जिला प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। स्थानीय नागरिकों ने भी मलबे में फंसे लोगों कोबाहर निकालने में प्रशासन की मदद की। घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने जताया शोक, मुआवजे की घोषणागुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने घटना पर दुख व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उन्होंने एक उच्च स्तरीय समितिको मौके पर भेजकर विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी है और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर संवेदना जताई है और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को₹50,000 की सहायता राशि देने की घोषणा की है। गृह मंत्री हर्ष संघवी ने दी जानकारी, जांच के आदेश जारीगुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि हादसे में 9 लोगों की जान गई है और 9 को सुरक्षित बाहर निकाल लियागया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने तकनीकी विशेषज्ञों को घटनास्थल पर भेजने का निर्देश दिया है ताकि कारणों की गहन जांच की जा सके। केजरीवाल का सवाल, 30 साल से सत्ता में भाजपा, फिर क्यों ढहते हैं पुल?दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी घटना पर दुख प्रकट किया, लेकिन साथ ही सवाल उठाया किपिछले 30 वर्षों से गुजरात की सत्ता में बैठी भाजपा सरकार बार-बार बनने वाले कमजोर और खतरनाक पुलों की जिम्मेदारी क्यों नहीं लेती। उन्होंनेकहा, “ये हादसा केवल दुखद नहीं, बल्कि गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का प्रतीक है।” स्थानीय लोगों की चेतावनी को नजरअंदाज किया गया थाएक स्थानीय निवासी ने बताया कि यह पुल ट्रैफिक दुर्घटनाओं और आत्महत्या जैसी घटनाओं के लिए पहले से ही बदनाम था। कई बार इसकी जर्जरस्थिति की शिकायत की गई, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। 1985 में बना था पुल, सरकार ने हाल ही में नए पुल को दी थी मंज़ूरीबताया जा रहा है कि यह पुल 1985 में बनाया गया था और काफी समय से खराब स्थिति में था। हाल ही में राज्य सरकार ने ₹212 करोड़ की लागतसे एक नए पुल के निर्माण की मंज़ूरी दी थी, लेकिन पुराना पुल लगातार उपयोग में बना हुआ था। अब मुख्यमंत्री ने तकनीकी जांच के आदेश दिए हैंताकि निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव की जिम्मेदारी तय की जा सके।

शिक्षा का अधिकार सिर्फ कानून नहीं, देश के भविष्य की बुनियाद है, बोले लोकदल अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह

लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के सरकारी स्कूलों के विलय (मर्जर) के प्रयासों को लेकर गहरीनाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय “मुफ़्त और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009” (RTE) की भावना औरप्रावधानों का सीधा उल्लंघन है। अदालत का स्पष्ट निर्देश, कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहेचौधरी सुनील सिंह ने याद दिलाया कि उच्च न्यायालय पहले ही यह निर्देश दे चुका है कि किसी भी बच्चे को 6 से 14 वर्ष की आयु सीमा में शिक्षा सेवंचित नहीं किया जा सकता। यह राज्य सरकारों की संवैधानिक जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को स्कूलों में दाखिला दिलवाएं और उनकी नियमित शिक्षासुनिश्चित करें। बच्चों को स्कूल से दूर करने वाले फैसले असंवेदनशीललोकदल अध्यक्ष ने कहा कि स्कूलों का जबरन विलय, खासकर ग्रामीण और वंचित इलाकों में, ऐसे बच्चों की पढ़ाई छीन लेता है जो पहले हीआर्थिक, सामाजिक या भौगोलिक बाधाओं से जूझ रहे हैं। कई जगह स्कूल की दूरी बढ़ने से छोटे बच्चों के लिए शिक्षा दुर्गम हो जाती है। उन्होंने पूछा, “क्या राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर सकती है कि प्रत्येक गांव या बस्ती के हर बच्चे को नजदीकी स्कूल में सुरक्षित, सुविधाजनक औरसतत शिक्षा मिले? अगर नहीं, तो स्कूलों को बंद करना या विलय करना न्यायसंगत कैसे है?” अधिकारियों की जवाबदेही तय हो, कार्रवाई होचौधरी सुनील सिंह ने मांग की कि जिन अधिकारियों की लापरवाही या अनुचित नीतियों के चलते बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है, उन परजवाबदेही तय की जाए और सख्त कानूनी कार्रवाई हो। उन्होंने कहा, “शिक्षा केवल एक संवैधानिक अधिकार नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की नींव है। अगर हम बच्चों को शिक्षा से वंचित कर रहे हैं, तो हम देशके भविष्य के साथ अन्याय कर रहे हैं।” लोकदल की मांग, RTE कानून का सख्ती से पालन होलोकदल ने केंद्र और राज्य सरकारों से मांग की है कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम को पूरी निष्ठा और सख्ती के साथ लागू किया जाए। स्कूलों कोबंद करने या मर्ज करने से पहले समुचित सामाजिक और भौगोलिक मूल्यांकन किया जाए, और किसी भी स्थिति में बच्चों की शिक्षा बाधित न हो।

Punjab Launches Landmark 10 Lakh Annual Health Coverage Scheme for All Families

The Aam Aadmi Party (AAP) government, under the leadership of National Convenor Shri Arvind Kejriwal and Punjab Chief Minister Sardar Bhagwant Mann, has launched Punjab’s most ambitious public healthcare scheme to date ‘Mukh Mantri Sehat Yojana’. This initiative guarantees free, cashless treatment of up to ₹10 lakh annually for every family in Punjab, applicable at both government and empanelled private hospitals. Registration Begins October 2 With Just Aadhaar and Voter IDAnnouncing the scheme in Chandigarh, Shri Arvind Kejriwal stated that from October 2, residents can register for the Health Card using only their Aadhaar and Voter ID. No questions will be asked about caste, religion, or income, and each family will be issued a unique ID with separate health cards for each member. This Should Have Happened 50 Years Ago”Speaking at a public gathering in Mohali, Arvind Kejriwal emphasized the long-standing neglect of essential services in India. “Ours is a country where people are often forced to sell land and jewelry for medical treatment. What we are launching in Punjab today should have been done decades ago,” he said, calling education and healthcare the core pillars of AAP’s governance model. AAP’s Focus,Real Governance, Not Hollow SlogansTargeting rival parties, Kejriwal remarked, “While some leaders are busy with slogans of turning India into a ‘Vishwaguru’, they ignore basic needs like healthcare and education. Countries like Japan, Germany, and Singapore advanced by prioritizing these services. India missed thaopportunity post-independence.” AAP’s Nation-Building Through Public WelfareCalling AAP’s work “true nation-building,” Kejriwal said that in just three years of governance, Punjab has leapfrogged in education rankings, even surpassing Kerala in the 2024 National Achievement Survey. “Other parties had the chance but lacked sincerity. We have proven that with honest intent, transformation is possible,” he asserted. Massive Healthcare Gains Under AAP RuleHighlighting AAP’s record in health services, Kejriwal shared that Punjab now has 881 Mohalla Clinics, with 200 more nearing completion a target of 1,000 clinics in three years. “All diagnostic tests and medicines at government hospitals are now free,” he added. He also criticised BJP-led efforts to dismantle Mohalla Clinics in Delhi, renaming them and closing them down out of political spite. Health Card Scheme,A Game-Changer for Every HouseholdKejriwal described the Mukh Mantri Sehat Yojana as a revolutionary step. “Private health insurance for ₹10 lakh is out of reach for the common man. But now, even critical hospital treatments will be fully free. This is a model for the entire nation,” he declared. The scheme also covers government employees and pensioners. Camps will be set up in every village and urban ward, where residents can enroll easily and receive their health cards. Free Electricity, Education, and Now Healthcare, Without Raising TaxesKejriwal stated that AAP’s model of governance proves that public welfare doesn’t require tax hikes. “In today’s inflationary era, we are providing free electricity, quality education, and now healthcare. We have not raised taxes, because we ended corruption and directed public money towards people’s welfare,” he said. This Is Real Relief for Punjab’s FamiliesPunjab Chief Minister Bhagwant Mann hailed the new scheme as a lifeline for lakhs of struggling families. “People have been forced to sell their homes for treatment. No more. With this scheme, no one in Punjab will have to bear the burden of medical bills,” he said. Kejriwal’s Leadership Has Changed the Meaning of GovernanceMann credited Arvind Kejriwal for redefining political priorities in India. “While other parties played divisive politics, AAP brought education, health, electricity, and water to the forefront. This is what real leadership looks like,” he said. We Give Health Cards, They Ask for Birth CertificatesTaking a dig at the Centre, Mann said, “While our government is distributing health cards without any condition, the Prime Minister is asking voters for their birth certificates. That shows the difference in intent.” Criticism of ‘Operation Sindoor’ and Centre’s Political StuntsReferring to the recent military tension and BJP’s symbolic campaign, Mann said, “During a crisis with Pakistan, Punjab suffered the most. Yet the Centre indulged in emotional theatrics by distributing ‘sindoor’. People saw through this gimmick.” Warning to Criminal Nexus and Political PatronsMann asserted that the previous governments turned Punjab into a hotbed for drug lords and gangsters. “Now, the same politicians who shielded criminals are facing justice. We have begun a serious crackdown and those who destroyed our youth will face the consequences,” he declared. A Clean and Secure Future for PunjabEnding on a hopeful note, Mann said, “Punjab is the land of brave soldiers and saints. We will erase the stains of crime and corruption. AAP is committed to restoring Punjab’s dignity and building a safer, healthier, and more equitable future.”

भाजपा अध्यक्ष ने आतिशी के बयान को बताया पेंशन घोटाले पर पर्दा डालने की कोशिश, कहा- रेखा गुप्ता सरकार देगी पारदर्शी पेंशन व्यवस्था

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने विपक्ष की नेता सुश्री आतिशी मार्लेना द्वारा असहाय महिलाओं की पेंशन को लेकर दिए गए बयान कोभ्रामक बताते हुए कहा है कि यह बयान केजरीवाल सरकार के कार्यकाल में हर वर्ष हुए 200 करोड़ रुपये से अधिक के पेंशन घोटाले को छुपाने काप्रयास है। 60 हज़ार लाभार्थियों का कोई पता नहींसचदेवा ने पूछा कि आखिर ऐसा क्यों हुआ कि जांच में 60,000 से अधिक पेंशनधारी महिलाएं अपने पंजीकृत पते पर नहीं पाई गईं? साथ ही, हजारों डुप्लीकेट पेंशन खातों का सामने आना क्या भ्रष्टाचार की पुष्टि नहीं करता? भाजपा सरकार देगी ज्यादा महिलाओं को पेंशन, पर नहीं होने देगी फर्जीवाड़ादिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार पेंशन व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंनेकहा कि मौजूदा सरकार असहाय महिलाओं की संख्या में और वृद्धि करते हुए उन्हें पेंशन देने को तैयार है, लेकिन एक भी फर्जी लाभार्थी को पेंशन नहींदी जाएगी। भाजपा सरकार पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ करेगी पेंशन वितरणसचदेवा ने कहा कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता जरूरतमंदों तक सरकारी सहायता को बिना किसी भ्रष्टाचार के पहुंचाना है। पूर्ववर्ती सरकार कीतरह फर्जी लाभार्थियों के ज़रिए जनता के पैसे की बर्बादी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Rekha Gupta Government Temporarily Suspends Ban on Old Vehicles After Public Outcry

Delhi BJP President Shri Virendra Sachdeva today announced that the Rekha Gupta-led Delhi Government has shown sensitivity to the challenges faced by citizens and temporarily suspended the enforcement of the National Green Tribunal (NGT)-imposed ban on older vehicles, just two days after its implementation. Sachdeva Slams Atishi for ‘Drama’ RemarksCriticizing the remarks of Delhi Assembly Leader of Opposition Ms. Atishi Marlena, who termed the Delhi Government’s decision to approach the Supreme Court as “drama,” Shri Sachdeva said this reflects the anarchic tendencies of both Ms. Atishi and the Aam Aadmi Party. He pointed out that for a full decade, neither the Kejriwal government nor Ms. Atishi took any initiative to seek judicial relief from the NGT’s 2015 directive banning older vehicles thereby worsening the situation for Delhi residents. BJP-Led Delhi Govt Moves Swiftly for ReliefShri Sachdeva highlighted that the Rekha Gupta government took prompt and considerate action in response to the public’s difficulties. By suspending the ban, the administration has proven that it is attentive to the needs of the common citizen. He further stated that the Delhi Government will now present the matter in court, placing the public’s grievances on record. He expressed full confidence that vehicles found to be mechanically sound will eventually receive relief from the judiciary. Call for Practical and Balanced Environmental PoliciesThe Delhi BJP reiterated its commitment to environmental protection but emphasized the need for practical implementation that doesn’t disproportionately burden the citizens. The party underlined the importance of balancing ecological concerns with the everyday realities of the people.