दिल्ली में जलभराव पर आम आदमी पार्टी का हमला, संजीव झा बोले- बीजेपी सरकार बनी जनता के लिए विपदा

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक संजीव झा ने रविवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि दिल्ली की भाजपा सरकारअब जनता के लिए एक आपदा बन चुकी है। उन्होंने कहा कि कुछ ही मिनटों की बारिश ने भाजपा की चार इंजन वाली सरकार की तैयारियों की पोलखोल दी है। दिल्ली के विभिन्न इलाकों में जलभराव की स्थिति ने दिखा दिया कि सरकार केवल कागजों पर काम कर रही है, जमीनी स्तर पर कुछ भीनहीं हुआ है। उन्होंने खास तौर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की विधानसभा शालीमार बाग का उल्लेख किया, जहां बारिश के घंटों बाद भी पानी जमारहा। संजीव झा ने आरोप लगाया कि भाजपा के मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल और मंत्री बारिश से पहले जगह-जगह जाकर फोटो सेशन कर रहे थे और दावा कररहे थे कि दिल्ली में इस बार जलभराव नहीं होगा। सरकार ने 400 से अधिक संभावित जलभराव स्थलों की पहचान और वहां नोडल अधिकारियों कीतैनाती की बात कही थी, लेकिन जब मानसून की कुछ बारिश हुई तो सभी दावे ध्वस्त हो गए। उन्होंने बताया कि दिल्ली में नालों की सफाई का काम तीन एजेंसियों एमसीडी, पीडब्ल्यूडी और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग—के अधीन है, लेकिन नालों की सफाई अधूरी है। पीडब्ल्यूडी के 2140 किलोमीटर लंबे नालों में से अब तक केवल 1300 किलोमीटर की सफाई हुई है, जबकिएमसीडी के करीब 800 किलोमीटर नालों में से 150 से 200 किलोमीटर की सफाई बाकी है। सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग के 23 बड़े नालों मेंसे 8–10 की सफाई अधूरी है, और विधानसभा क्षेत्रों में स्थित छोटे नालों की सफाई भी पूरी नहीं की गई है। संजीव झा ने सवाल उठाया कि जब सरकार ने नालों की रीमॉडलिंग के लिए 150 करोड़ रुपये, स्वच्छता और जल प्रबंधन के लिए 9 हजार करोड़रुपये और बाढ़ नियंत्रण के लिए 600 करोड़ रुपये का बजट दिया, तो फिर भी नालों की सफाई क्यों नहीं हो सकी? उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की किविधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाए और श्वेत पत्र जारी कर नालों की वास्तविक स्थिति को सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता ने भाजपा को उम्मीदों के साथ वोट दिया था, लेकिन अब हालत यह है कि हल्की बारिश में भी लोग अपने घरों सेनिकलने से डरते हैं। सोशल मीडिया पर जलभराव की तस्वीरें और वीडियो इस बात का सबूत हैं कि सरकार विफल हो चुकी है। संजीव झा ने कहा किदिल्ली में आज एक ऐसी सरकार चल रही है जो समस्याएं सुलझाने के बजाय जनता की परेशानियां और बढ़ा रही है।
दिल्ली भाजपा ने राज्यसभा के लिए नामित हर्षवर्धन श्रंगला और मीनाक्षी जैन का किया अभिनंदन

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आज शाम पार्टी प्रतिनिधिमंडल के साथ राज्यसभा के लिए हाल ही में नामित दो गणमान्य सदस्यों—पूर्वविदेश सेवा अधिकारी हर्षवर्धन श्रंगला और प्रख्यात इतिहासकार मीनाक्षी जैन—से भेंट कर दिल्लीवासियों की ओर से उनका अभिनंदन किया। हर्षवर्धन श्रंगला से मुलाकातपूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रंगला से मिलने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में वीरेंद्र सचदेवा के साथ राज्यसभा सांसद कमलजीत सहरावत, विधायक कैलाशगहलोत और अनिल शर्मा शामिल थे। इस अवसर पर उन्होंने श्रंगला को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं और उनके अनुभव को राष्ट्रहित मेंउपयोगी बताया। मीनाक्षी जैन को दी गई शुभकामनाएंप्रख्यात इतिहासकार मीनाक्षी जैन से मिलने वाले दल में भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और विधायक सतीश उपाध्याय, सांसद कमलजीत सहरावत औरपार्टी नेता बांसुरी स्वराज शामिल रहीं। प्रतिनिधिमंडल ने मीनाक्षी जैन को राज्यसभा में मनोनयन पर बधाई देते हुए उनके योगदान को ऐतिहासिक शोधऔर सांस्कृतिक चेतना के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बताया।
“मैं हिंदी बोलूंगा” कहने पर विरार में ऑटो ड्राइवर से मारपीट, शिवसेना (UBT) और MNS कार्यकर्ताओं पर आरोप, भाषा विवाद पर महाराष्ट्रमें एक बार फिर बढ़ा तनाव

महाराष्ट्र के पालघर जिले के विरार इलाके में भाषा को लेकर एक और विवाद सामने आया है। एक ऑटो रिक्शा चालक को सिर्फ इसलिए निशानाबनाया गया क्योंकि उसने सोशल मीडिया पर एक वीडियो में कहा था मैं हिंदी बोलूंगा”। इस बयान के वायरल होते ही शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कुछ कार्यकर्ताओं ने मिलकर उस ड्राइवर को घेरकर सार्वजनिक रूप से थप्पड़ मारे। वीडियो वायरल होने के बाद हुआ हमलाबताया गया है कि कुछ दिन पहले एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें एक व्यक्ति भावेश पडोलिया और रिक्शा चालक के बीच मराठी भाषा कोलेकर बहस हो रही थी। जब भावेश ने पूछा कि वह मराठी में क्यों नहीं बोल रहा, तो ड्राइवर ने जवाब दिया, “मैं हिंदी बोलूंगा, भोजपुरी बोलूंगा, मराठीनहीं।” यही वीडियो विवाद की जड़ बन गया। शनिवार को वायरल वीडियो के आधार पर शिवसेना (UBT) और मनसे के कार्यकर्ताओं ने विरार स्टेशन के पास ड्राइवर की पहचान की और उसकेसाथ सरेआम मारपीट की। वीडियो में यह भी देखा गया कि इस घटना में महिलाएं भी शामिल थीं। शिवसेना नेता का बयान, मराठी अस्मिता के अपमान पर देंगे जवाबघटना के वक्त शिवसेना (UBT) के विरार शहर प्रमुख उदय जाधव भी मौजूद थे। उन्होंने मीडिया से कहा, “अगर कोई महाराष्ट्र, मराठी भाषा या मराठीमानुष का अपमान करेगा, तो शिवसेना उसका जवाब देना जानती है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि ड्राइवर ने मराठी अस्मिता का अपमान किया, इसलिएउसे सबक सिखाना जरूरी था। अब तक पुलिस में कोई मामला दर्ज नहींइस घटना को लेकर अभी तक कोई पुलिस शिकायत दर्ज नहीं हुई है। हालांकि, पालघर पुलिस का कहना है कि उन्हें वीडियो मिला है और वे इसकीजांच कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार, जब तक कोई पक्ष औपचारिक शिकायत नहीं करता, तब तक FIR दर्ज नहीं की जा सकती। पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएंयह पहली बार नहीं है जब महाराष्ट्र में भाषा को लेकर हिंसक घटनाएं सामने आई हैं। 1 जुलाई को ठाणे में मनसे कार्यकर्ताओं ने एक स्ट्रीट फूड वेंडरको भी इसलिए मारा था क्योंकि वह मराठी में बात नहीं कर रहा था। उस घटना के बाद व्यापारी संगठनों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था। सोशल मीडिया पर घटना की निंदाघटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और कई लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और भाषा की विविधता पर हमला बतारहे हैं। हालांकि, स्थानीय राजनीतिक दल इस घटना को ‘मराठी अस्मिता’ से जोड़ रहे हैं।
अमरनाथ यात्रा के दौरान तीन बसों की टक्कर, 10 श्रद्धालु घायल,कुलगाम में हादसा, सभी की हालत स्थिर, खुदवानी क्षेत्र में तीर्थयात्रियों के काफिले की बसों की आपस में भिड़ंत

जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार को अमरनाथ यात्रा में शामिल तीर्थयात्रियों के काफिले की तीन बसें एक-दूसरे से टकरा गईं। यह हादसाजम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के खुदवानी क्षेत्र में टाचलू क्रॉसिंग के पास उस समय हुआ, जब बालटाल की ओर तीव्र गति से बढ़ रहा काफिलाअचानक रुका। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक बस के अचानक ब्रेक लगाने पर पीछे आ रही दो अन्य बसें उससे टकरा गईं। कुछ खबरों में यह भीबताया गया है कि दुर्घटना ओवरटेक करने की कोशिश के दौरान हुई। स्थानीय प्रशासन ने संभाला मोर्चा, घायलों को मिली मददघटना की सूचना मिलते ही राहत दल और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा और घायलों को तुरंत पास के अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल केडॉक्टरों ने बताया कि सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (GMC) अनंतनाग रेफर कर दिया गया है। डॉक्टरों केअनुसार, उन्हें सामान्य चोटें आई हैं और सभी की हालत फिलहाल स्थिर है। एहतियातन, काफिले की आवाजाही को कुछ समय के लिए रोका गयाऔर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। तीव्र गति से जारी है अमरनाथ यात्रागौरतलब है कि इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू हुई है और अब तक लगभग 1.63 लाख श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। शनिवारको भी जम्मू से 6,639 तीर्थयात्रियों का नया जत्था कश्मीर के लिए रवाना हुआ। दो मार्गों से होती है यात्रा, हेलीकॉप्टर सेवा नहींतीर्थयात्री दो मुख्य मार्गों से यात्रा करते हैं पहलगाम और बालटाल। पहलगाम रूट पर चंदनवाड़ी, शेषनाग और पंचतरणी होते हुए श्रद्धालु 46 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर गुफा मंदिर तक पहुंचते हैं, जिसे पूरा करने में लगभग चार दिन लगते हैं। वहीं, बालटाल मार्ग अपेक्षाकृत छोटा है, जिसमें 14 किलोमीटर की यात्रा कर श्रद्धालु उसी दिन वापस आधार शिविर लौट आते हैं। इस बार सुरक्षा कारणों से यात्रियों को हेलीकॉप्टर सुविधाउपलब्ध नहीं कराई गई है। 9 अगस्त को यात्रा का समापनइस वर्ष की अमरनाथ यात्रा 38 दिनों तक चलेगी और इसका समापन 9 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा एवं रक्षाबंधन के दिन होगा। प्रशासन की ओर सेयात्रा को सुचारु और सुरक्षित बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। हादसे के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह बना हुआ है और यात्रा कासिलसिला जारी है।
तिरुवल्लूर में डीजल से भरी मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त, आग लगने से मची अफरातफरी, रेलवे ट्रैक में दरार से हादसे की आशंका, जांच जारी

तमिलनाडु के तिरुवल्लूर में रविवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा हुआ, जब डीजल से भरी मालगाड़ी पटरी से उतर गई और उसकी चार बोगियों में भीषणआग लग गई। रेलवे अधिकारियों और पुलिस को घटनास्थल से करीब 100 मीटर दूर रेलवे ट्रैक पर दरार मिली है, जिसे लेकर जांच की जा रही है किक्या यह हादसा इसी वजह से हुआ। दमकल और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर तैनातट्रेन में आग लगने की खबर मिलते ही कांचीपुरम, चेंगलपेट और चेन्नई समेत आसपास के जिलों से 25 से अधिक दमकल वाहन घटनास्थल पर भेजेगए। अग्निशमन विभाग की टीमें आग पर काबू पाने में जुटी हैं। साथ ही राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की दो टीमें भी राहत और बचावकार्य में लगी हुई हैं। आग बहुत विकराल थी, लोगों को हटाया गयाएनडीआरएफ के टीम कमांडर संजीव जायसवाल ने बताया कि उन्हें सुबह 7 बजे घटना की सूचना मिली। ट्रेन चेन्नई से अरक्कोणम की ओर जा रहीथी, तभी तिरुवल्लूर के पास उसमें आग लग गई। स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने के बाद जानकारी मिली कि आग बहुत तेज़ी से फैल रही थी, इसलिए एनडीआरएफ की टीमें मौके पर भेजी गईं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, ईंधन रिसाव भी हुआजिला कलेक्टर एम. प्रताप ने बताया कि आग और ईंधन रिसाव की गंभीरता को देखते हुए आसपास के घरों को खाली कराया गया है। राजस्व विभागऔर नगर पालिका ने लोगों के रहने और खाने-पीने की वैकल्पिक व्यवस्था की है। उन्होंने बताया कि आग को फैलने से रोकने के लिए ट्रेन के बाकीहिस्से से 47 बोगियों को अलग कर दिया गया है। रेल सेवाएं प्रभावित, कई ट्रेनें रद्द और डायवर्टइस हादसे का असर चेन्नई आने-जाने वाली ट्रेनों पर भी पड़ा है। दक्षिण रेलवे ने आठ ट्रेनों को रद्द कर दिया है, पांच ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गयाहै और आठ ट्रेनों को बीच रास्ते में ही रोका गया है। रेलवे प्रशासन ने ट्रेनों से जुड़ी सभी जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की है। स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं अधिकारीपूरे घटनाक्रम पर रेलवे, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की संयुक्त निगरानी बनी हुई है। फिलहाल आग पर नियंत्रण के प्रयास जारी हैंऔर पटरी की तकनीकी जांच की जा रही है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि हादसे की असल वजह क्या थी।
ओडिशा कॉलेज यौन उत्पीड़न मामला: खुद को आग लगाने वाली छात्रा की हालत नाजुक, एम्स में इलाज जारी, 95% तक झुलसी छात्रा, अगले 48 घंटे बेहद अहम

ओडिशा के बालासोर जिले में कॉलेज परिसर में कथित यौन उत्पीड़न से परेशान होकर आत्मदाह करने वाली 20 वर्षीय छात्रा की हालत बेहद गंभीरबनी हुई है। एम्स भुवनेश्वर में भर्ती इस छात्रा का शरीर लगभग 95 प्रतिशत तक जल चुका है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि पीड़िता की हालत मेंकोई सुधार नहीं हो रहा है और आने वाले 48 घंटे उसके जीवन के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। गंभीर अंग क्षति, विशेषज्ञ टीम निगरानी में जुटीएम्स भुवनेश्वर के कार्यकारी निदेशक डॉ. आशुतोष बिस्वास के अनुसार, पीड़िता के फेफड़े और गुर्दे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और वह फिलहाल गहनचिकित्सा इकाई में वेंटिलेटर सपोर्ट पर है। अस्पताल ने आठ विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम गठित की है, जिसमें एनेस्थीसिया, नेफ्रोलॉजी, बर्न एंडप्लास्टिक, पल्मोनोलॉजी सहित कई विभागों के विशेषज्ञ शामिल हैं। यह टीम लगातार छात्रा की स्थिति पर नजर रख रही है। मुख्यमंत्री ने एम्स पहुंचकर जानी स्थिति, परिवार से की मुलाकातरविवार को ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने एम्स भुवनेश्वर जाकर छात्रा की हालत की जानकारी लीऔर परिजनों से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीज की हालत बेहद नाजुक है और मेडिकल टीम लगातार इलाज में जुटी है। उन्होंने प्रार्थना कीकि छात्रा जल्द स्वस्थ हो। घटना के विरोध में बीजेडी नेताओं का प्रदर्शनइस हृदयविदारक घटना को लेकर राज्य की राजनीति में हलचल मच गई है। बीजेडी नेताओं ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन कियाऔर सरकार से जवाबदेही की मांग की। विपक्ष ने प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रिंसिपल निलंबित, आरोपी शिक्षक गिरफ्तारबालासोर स्थित फकीर मोहन (स्वायत्त) कॉलेज की द्वितीय वर्ष की बीएड छात्रा ने कॉलेज के एक शिक्षक द्वारा यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़नाका आरोप लगाते हुए शनिवार को आत्मदाह किया था। इस घटना के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेज के प्रिंसिपल को उनके कर्तव्यों के निर्वहन मेंविफल रहने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही, पुलिस ने आरोपी शिक्षक समीरा कुमार साहू को गिरफ्तार कर लिया है। छात्रा की हालत पर पूरे राज्य की नजरएम्स प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्रा को बचाने के लिए हरसंभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, लेकिन फिलहाल उसकी हालत बेहदनाजुक बनी हुई है। इस दुखद घटना ने राज्यभर में छात्र सुरक्षा, यौन उत्पीड़न पर कार्रवाई और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े करदिए हैं।
देशभर में वोटर लिस्ट का विशेष पुनरीक्षण, दस्तावेज़ी प्रक्रिया पर उठे सवाल, बिहार से शुरू हुआ मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा

बिहार में चुनाव आयोग द्वारा हाल ही में शुरू किए गए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) को लेकरराजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। हालांकि, शीर्ष अदालत ने इसप्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है, लेकिन इस बात पर चिंता जरूर जताई है कि यदि चुनाव से पहले किसी व्यक्ति का नाम लिस्ट से हटगया, तो उसके मतदान का अधिकार छिन सकता है। अब पूरे देश में दोबारा होगी वोटर लिस्ट की जांचसिर्फ बिहार तक सीमित न रहकर, चुनाव आयोग ने अब पूरे देश के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पत्र भेजकर निर्देश दिया है कि वे 1 जनवरी 2026 को आधार मानकर मतदाता सूची की समीक्षा की तैयारी शुरू करें। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उस दिन तक 18 वर्ष की उम्र पूरी कर चुकेसभी नागरिकों का नाम मतदाता सूची में दर्ज हो। हालांकि, इस अभियान की स्पष्ट समयसीमा अब तक तय नहीं हुई है। हाशिए पर खड़े तबकों में भय का माहौलइस प्रक्रिया को लेकर सबसे ज़्यादा चिंता हाशिए पर खड़े समुदायों में देखी जा रही है। दलित, ईबीसी, मुस्लिम और गरीब वर्ग के लोगों में यह डर हैकि कहीं उनके नाम मतदाता सूची से न हटा दिए जाएं। कई सामाजिक कार्यकर्ता और संगठनों ने इसे “परोक्ष रूप से लागू किया गया एनआरसी” करारदिया है। उनका कहना है कि बिना स्पष्ट रूप से नागरिकता की बात किए, दस्तावेज़ों के ज़रिए नागरिकता की पुष्टि करवाई जा रही है। आयोग की सफाई और राजनीतिक पृष्ठभूमिचुनाव आयोग का तर्क है कि शहरी इलाकों में लोगों का पलायन बढ़ गया है, जिससे एक ही व्यक्ति का नाम कई स्थानों पर दर्ज हो जाता है। इसेसुधारने के लिए यह पुनरीक्षण जरूरी है। आयोग ने यह भी कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों ने फर्जी मतदान को लेकर कई बार शिकायतें की हैं।हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी महाराष्ट्र में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। आयोग का कहना है कि इन समस्याओं के समाधानके लिए ही यह कदम उठाया गया है। पहले से दर्ज मतदाताओं से भी मांगे जा रहे दस्तावेज़हालांकि भारत में मतदाता सूची का पुनरीक्षण पहले भी कई बार हो चुका है 1950 के दशक से लेकर 2004 तक कई उदाहरण मिलते हैं लेकिन इसबार की प्रक्रिया दो मायनों में अलग है। पहली बार पहले से पंजीकृत मतदाताओं से भी नए सिरे से दस्तावेज़ मांगे जा रहे हैं। दूसरी बात यह किआयोग खुद अपनी ही पुरानी मतदाता सूचियों की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहा है। मतदाताओं को फिर से करनी होगी खुद की पहचान की पुष्टिइस विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया के चलते देशभर में मतदाता सूची को लेकर बड़ा बदलाव होने वाला है। आम नागरिकों को एक बार फिर खुद कोमतदाता के रूप में प्रमाणित करने के लिए तैयार रहना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने भी आयोग को सलाह दी है कि दस्तावेजी प्रक्रिया को सरल और पारदर्शीबनाया जाए, ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम बिना कारण मतदाता सूची से न हटाया जाए।
अनंगपुर को बचाने की हुंकार, गांव-देहात की एकजुटता से झुकेगी सरकार, बोले सौरभ भारद्वाज

हरियाणा के फरीदाबाद स्थित ऐतिहासिक अनंगपुर गांव की विरासत को बचाने के लिए रविवार को आयोजित महापंचायत में आम आदमी पार्टी केएक प्रतिनिधिमंडल ने हिस्सा लिया। यह प्रतिनिधिमंडल पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर पहुंचा था, जिसका नेतृत्व पार्टी केदिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने किया। उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि 1300 साल पुरानी इस विरासत को मिटाने कीसाजिश के खिलाफ अब गांव और देहात एकजुट हो चुके हैं। उन्होंने चेताया कि जब लोग एक साथ खड़े होंगे, तो सरकार को झुकना ही पड़ेगा। किसानों की तरह एकजुटता से मिलेगी जीतसौरभ भारद्वाज ने तीन साल पहले हुए किसान आंदोलन की याद दिलाते हुए कहा कि जैसे पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसानों ने कालेकानूनों के खिलाफ एकजुट होकर लंबी लड़ाई लड़ी थी और आखिरकार केंद्र सरकार को कानून वापस लेने पड़े थे, वैसे ही अनंगपुर की लड़ाई भी धैर्यऔर एकता से जीती जा सकती है। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष लंबा हो सकता है, लेकिन अगर लोग संगठित रहें तो अंततः सरकार को झुकना होगा। सरकार की मंशा पर सवाल, कोर्ट के आदेश का बहानाभारद्वाज ने आरोप लगाया कि सरकार बार-बार कोर्ट के आदेश का हवाला देती है, जबकि अदालत में मुकदमा सरकार ने ही गांव वालों के खिलाफदाखिल किया था। उन्होंने कहा कि जब सरकार ही अदालत में गांव वालों के विरोध में जाएगी, तो न्याय की उम्मीद कैसे की जा सकती है? सरकारको जनता की ओर से मुकदमे लड़ने चाहिए, न कि उनके खिलाफ। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के पास जब इच्छा होती है, तो वह सुप्रीम कोर्टके आदेश को अध्यादेश के ज़रिए पलट देती है, जैसा कि दिल्ली सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त के मामलों में देखा गया है। इसलिए सरकार चाहेतो अनंगपुर को बचाने के लिए भी अध्यादेश ला सकती है। जिस दिन बुलडोजर आएगा, पूरी पार्टी अनंगपुर में खड़ी होगीसौरभ भारद्वाज ने लोगों से वादा किया कि जिस दिन अनंगपुर गांव में बुलडोजर चलेगा, आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता और विधायक दिल्ली सेआकर गांव में खड़े होंगे। उन्होंने कहा कि अगर हम सब बुलडोजर के सामने खड़े हो गए, तो कोई भी ताकत हमें हिला नहीं सकती। उन्होंने विशेष रूपसे गुर्जर समाज और ग्रामीण समुदाय की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक गांव नहीं, बल्कि लाखों लोगों का अस्तित्व दांव पर है, जिसेकेंद्र सरकार और हरियाणा सरकार उजाड़ना चाहती है। सभी को साथ लेकर लड़ाई लड़ने का संकल्पमहापंचायत में आम आदमी पार्टी के नेताओं के साथ-साथ ब्रह्म सिंह तंवर, महाबल मिश्रा, सहीराम पहलवान, रमेश पहलवान और कृष्ण जाखड़ जैसेगुर्जर समाज के प्रमुख प्रतिनिधि भी शामिल हुए। सौरभ भारद्वाज ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर भी लिखा कि अनंगपुर गांव की 1300 साल पुरानी विरासतको मिटाने की साजिश के खिलाफ गांव-देहात एकजुट हैं और आम आदमी पार्टी इस लड़ाई में पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ी है।
Glass Shards Found on Kanwar Route in Delhi, BJP Alleges Conspiracy to Disrupt Pilgrimage

Delhi BJP President Virendra Sachdeva commended the ongoing efforts of the Delhi administration under Chief Minister Rekha Gupta for significantly improving arrangements for Kanwar pilgrims compared to previous years. He highlighted that direct fund transfers to Kanwar committees through banks have empowered them to organize better facilities. Dedicated tracks for the Yatra are being laid across the city to ensure a smooth and safe journey, with medical camps also being set up at key locations. Serious Security Lapse,Glass Shards on Kanwar Route in ShahdaraSachdeva expressed serious concern over the discovery of sharp glass pieces spread over a one-kilometer stretch of the Kanwar path in East Delhi’s Shahdara area on the night of July 12. He emphasized that this was not a random act but a deliberate attempt to sabotage the peaceful religious event. Deliberate Conspiracy to Disturb PeaceThe pattern of glass shard both small and largescattered across such a long stretch, suggests a well-planned conspiracy by anti-social elements aiming to create chaos and disrupt harmony. Sachdeva urged Delhi Police to expedite its investigation and bring those responsible to justice. Political Silence Raises QuestionsSachdeva also pointed out the silence of certain political parties that have often engaged in appeasement politics. Their unwillingness to speak out on such a serious matter raises doubts about their intentions and complicity, he said. Major Tragedy AvertedHe expressed relief that no Kanwar pilgrims were present on that particular stretch when the glass was discovered, as the Yatra is still in its early stages. If the route had been active, it could have resulted in injuries or even unrest. Call for Public Vigilance and Communal HarmonySachdeva called on citizens to remain alert and united in the face of such acts. He assured that BJP remains committed to safeguarding devotees and ensuring that the Kanwar Yatra proceeds without disruption.
अहमदाबाद विमान दुर्घटना पर लोकदल की चिंता, हादसा या कोई साजिश?

अहमदाबाद में हाल ही में घटी विमान दुर्घटना को लेकर लोकदल ने गहरी चिंता जाहिर की है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने कहा कियह हादसा सिर्फ एक मानवीय भूल या तकनीकी त्रुटि नहीं हो सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक प्रशिक्षित पायलट गंभीर चूक करता है औरविमान में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी जैसी अहम हस्ती सवार होती है, तो क्या इस घटना को साधारण मान लेना उचित होगा? लोकदलका मानना है कि यह दुर्घटना किसी साजिश, राजनीतिक दबाव या व्यवस्था में बड़ी खामी का नतीजा भी हो सकती है। स्वतंत्र और गहन जांच की मांगचौधरी सुनील सिंह ने मांग की है कि इस घटना की एक उच्चस्तरीय, स्वतंत्र और बहुआयामी जांच कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यह पतालगाया जाना चाहिए कि क्या विमान में सवार कोई व्यक्ति किसी महत्वपूर्ण खुलासे या साक्षात्कार की तैयारी कर रहा था। इसके साथ ही DGCA, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और संबंधित एयरलाइन कंपनी की भूमिका की भी गंभीरता से जांच होनी चाहिए। साक्ष्य सार्वजनिक करने की अपीललोकदल ने यह भी मांग की है कि विमान का ब्लैक बॉक्स डेटा, पायलट के संवाद, और तकनीकी रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए, ताकि देश कीजनता सही जानकारी से अवगत हो सके। पार्टी का कहना है कि इस मामले को केवल एक तकनीकी भूल कहकर नजरअंदाज करना उचित नहीं है। यहजरूरी है कि हर पहलू की जांच हो, ताकि यदि कोई गहरी साजिश या लापरवाही हो, तो वह उजागर की जा सके। जनता को चाहिए सचलोकदल का स्पष्ट मत है कि लोकतंत्र में नागरिकों को यह जानने का अधिकार है कि किसी घटना के पीछे क्या कारण थे। अगर यह दुर्घटना एक बड़ीसाजिश या प्रशासनिक विफलता का हिस्सा है, तो उसे हर हाल में सामने लाया जाना चाहिए।