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बच्चों में डर, अभिभावकों में चिंता , बीजेपी की “चार इंजन सरकार” पूरी तरह विफल, बोले अरविंद केजरीवाल

दिल्ली में स्कूलों और कॉलेजों को बार-बार मिल रही बम धमकियों ने एक बार फिर राजधानी की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।सोमवार को दो स्कूलों को धमकी मिलने के बाद, मंगलवार को सेंट थॉमस स्कूल और सेंट स्टीफन कॉलेज को भी बम धमकी मिली, जिससे पूरे शहर मेंदहशत का माहौल है। आम आदमी पार्टी ने इस स्थिति के लिए बीजेपी सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि दिल्ली की सुरक्षा के चारों पहिए फेल हो चुके हैं। पार्टी केसंयोजक अरविंद केजरीवाल, दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी और एमसीडी में विपक्ष के नेता अंकुश नारंग ने कहा कि बच्चों के मन में डरऔर परिवारों में बेचैनी साफ दिखाई दे रही है, और दिल्ली की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाली सभी बीजेपी सरकारें पूरी तरह असफल रही हैं। लगातार हो रही धमकियां, भाजपा जवाब देने को तैयार नहींअरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “दिल्ली में हो क्या रहा है? सोमवार को दो स्कूलों को बम धमकी मिली औरमंगलवार को फिर एक स्कूल और कॉलेज को। बच्चे डरे हुए हैं, अभिभावक चिंतित हैं। बीजेपी की चारों इंजन सरकारें पूरी तरह नाकाम हैं।” शिक्षण स्थानों की सुरक्षा खतरे मेंदिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने भी इस पर चिंता जताई और कहा, “यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। बार-बार स्कूलों और कॉलेजों कोबम से उड़ाने की धमकी मिल रही है। बच्चों के मन में डर समा गया है और अभिभावक बेचैन हैं। बीजेपी की चार सरकारें जो दिल्ली की कानून-व्यवस्था की जिम्मेदार हैं, वे बच्चों की सुरक्षा की परवाह तक नहीं करतीं।” जब स्कूल भी सुरक्षित नहीं, तो क्या सुरक्षित है?एमसीडी में विपक्ष के नेता अंकुश नारंग ने कहा, “अगर देश की राजधानी में स्कूल भी सुरक्षित नहीं हैं, तो फिर क्या सुरक्षित है? हर दिन स्कूलों औरकॉलेजों को धमकियां दी जा रही हैं। अभिभावक अपने बच्चों को डर के साये में स्कूल भेज रहे हैं और बीजेपी की चार इंजन सरकारें चुप बैठी हैं।सुरक्षा के मोर्चे पर इन चारों इंजनों की बुरी तरह से हार हुई है।” पहले भी दी गई थी चेतावनी, लेकिन बीजेपी ने नहीं लिया सबकआप पार्टी ने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले भी नेवी स्कूल (चाणक्यपुरी) और सीआरपीएफ स्कूल (द्वारका सेक्टर 16) को धमकियां मिल चुकीहैं। उस समय भी ‘आप’ ने कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर चिंता जताई थी और सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की थी। लेकिन बीजेपीसरकार ने तब भी अनदेखी की और अब वही खतरनाक स्थिति दोबारा लौट आई है। ‘चार इंजन’ सिर्फ प्रचार में काम करते हैं, सुरक्षा में नहींआप ने सवाल उठाया कि जिन चार बीजेपी सरकारों को दिल्ली की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है केंद्र सरकार, उपराज्यपाल, दिल्ली पुलिस औरएमसीडी उनमें से कोई भी जवाबदेह क्यों नहीं है? जब बच्चों को स्कूल भेजने से पहले माता-पिता डरने लगें, तब यह साफ हो जाता है कि बीजेपी की‘चार इंजन’ सरकारें सिर्फ प्रचार और राजनीति में व्यस्त हैं, सुरक्षा और जिम्मेदारी में नहीं।

85 दिन बाद भी पहलगाम हमले के दोषी फरार, सेना ने बताया चीन भी था हमले में पाकिस्तान के साथ

आज पहलगाम आतंकी हमले को 85 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक न किसी आतंकी की गिरफ्तारी हुई है और न ही किसी की शिनाख्त। यहचौंकाने वाला तथ्य देश की सुरक्षा एजेंसियों की विफलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। चीन भी था ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के साथभारतीय सेना के उपसेनाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर. सिंह ने हाल ही में स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने सिर्फ पाकिस्तान सेनहीं, बल्कि एक साथ तीन मोर्चों पर लड़ाई लड़ी जिसमें चीन भी प्रत्यक्ष रूप से शामिल था। उन्होंने कहा कि चीन ने पाकिस्तान को रियल-टाइमइंटेलिजेंस, यानी “लाइव इनपुट्स” दिए। यह वही चेतावनी थी जिसे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने संसद में पहले ही दे दी थी, लेकिन सरकार ने उसेनजरअंदाज किया और आज पूरा देश इसकी कीमत चुका रहा है। चीन को क्लीन चिट और मुस्कुराते जयशंकर14 जुलाई 2025 को जब विदेश मंत्री एस. जयशंकर चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग से मुलाक़ात कर रहे थे, तो उन्होंने कहा कि “भारत-चीन के रिश्तेप्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की पिछले साल अक्टूबर में कजान में हुई बैठक के बाद सुधर रहे हैं।” यह बयान ऐसे समय में आया जबचीन हमारे खिलाफ खुलेआम पाकिस्तान की मदद कर रहा था। इससे पहले जयशंकर खुद सार्वजनिक मंच पर यह भी कह चुके हैं कि भारत चीन सेछोटा देश है, और हम उनसे लड़ नहीं सकते। चीन की मदद से पाकिस्तान का आधुनिक युद्ध–तंत्रऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने चीनी हथियारों और तकनीक का खुलकर उपयोग किया। इसमें J-10C फाइटर जेट्स, PL-15E मिसाइलेंऔर तुर्की व चीन से आए ड्रोन भी शामिल थे। पाकिस्तान ने नेटवर्क-बेस्ड प्लेटफॉर्म के ज़रिए अपनी क्षमताओं को और बढ़ाया, जिसका सीधा समर्थनचीन से मिला। चीन का आर्थिक और भू–राजनैतिक अतिक्रमणचीन ने न केवल सैन्य मोर्चे पर पाकिस्तान का साथ दिया, बल्कि भारत पर आर्थिक दबाव भी बनाया। भारत के लिए जरूरी रेयर-अर्थ मिनरल्स, फर्टिलाइज़र और टनल बोरिंग मशीनों का निर्यात सीमित कर दिया गया है। वहीं, भारत-चीन व्यापार घाटा 99.2 बिलियन डॉलर के ऐतिहासिक स्तरपर पहुंच गया है। LAC पर अब भी भारत की स्थिति कमजोरचीन के कब्जे वाले इलाकों में आज भी भारतीय पेट्रोलिंग पार्टीज़ को अपने ही बिंदुओं तक पहुंचने के लिए चीन की सहमति की ज़रूरत है। गलवान, हॉट स्प्रिंग, पैंगोंग झील, देपसांग और चुमार जैसे क्षेत्रों में बनाए गए बफर ज़ोन भारत की ज़मीन पर बने हैं, जिससे भारतीय सेना अपनी ही ज़मीन परगश्त नहीं कर पा रही है। गांव, नक्शा और रणनीतिक कब्जाLAC पर चीन ने अब तक 50 नए गांव बसा लिए हैं जिनमें सड़क, बिजली, पानी और इंटरनेट जैसी बुनियादी सुविधाएं भी मौजूद हैं। इसके साथ हीचीन ने अरुणाचल प्रदेश की 30 जगहों के नाम बदल दिए हैं और भारत के नक्शे से छेड़छाड़ कर हमारे क्षेत्रीय अधिकार को चुनौती दी है। प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री की चुप्पी और पूर्व संबंधप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 जून 2020 को दिए गए बयान में दावा किया था कि “ना कोई घुसा है, ना ही घुसा हुआ है,” जिससे चीन को अंतरराष्ट्रीयस्तर पर फायदा मिला। मोदी जी की चीन से करीबी भी किसी से छिपी नहीं है वे अब तक चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से 30 बार मिल चुके हैं औरमहाबलीपुरम से लेकर साबरमती तक झूले भी साझा कर चुके हैं। लेकिन अब जब चीन खुलकर हमारे दुश्मन के साथ खड़ा है, तो यह चुप्पी चौंकानेवाली है। 28 शहीदों के परिवार आज भी न्याय की प्रतीक्षा मेंआज तक हमले के दोषी न तो पकड़े गए हैं, न ही उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई हुई है। शहीदों के परिवार सरकार से सवाल कर रहे हैं कि आखिरउन्हें कब इंसाफ मिलेगा? और हमलावर इतनी आसानी से भारतीय सीमा के 200 किलोमीटर भीतर कैसे दाखिल हुए और इतनी ही आसानी से गायबकैसे हो गए? जासूसों के साथ भाजपा की नजदीकियांइस पूरे घटनाक्रम में सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि जिन लोगों पर भारत के खिलाफ जासूसी के आरोप लगे हैं, वे भाजपा सरकार के आयोजनोंऔर कार्यक्रमों में आमंत्रित किए जा रहे थे। मई 2025 में हिसार पुलिस ने यात्रा व्लॉगर ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने केआरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसके भाजपा से संबंधों का खुलासा हुआ। ज्योति मल्होत्रा का पाकिस्तान से गहरा संपर्कज्योति ने नवम्बर 2023 से मार्च 2025 के बीच पाकिस्तान के खुफिया अधिकारियों से नियमित संपर्क रखा। रिपोर्ट्स के अनुसार, उसका मुख्य हैंडलरपाकिस्तान हाई कमिशन में कार्यरत एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश था। यहां तक कि उसने पाकिस्तानी एजेंट शकिर का नाम “जाट रंधावा” के तौर परसेव किया हुआ था। कहा जा रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी वह दानिश से संपर्क में थी। सरकार की भूमिका पर गंभीर प्रश्नअब सवाल यह है कि जब ऐसे संदिग्ध तत्व देश में खुलेआम घूम रहे थे और भाजपा के साथ उठ-बैठ रहे थे, तो हमारी खुफिया एजेंसियां औरसत्ताधारी दल क्या कर रहे थे? क्या यह राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता नहीं है?

दिल्ली सरकार के फोन खर्च पर ‘आप’ का हमला, सौरभ भारद्वाज बोले- जनता परेशान, मंत्री ऐश मेंमंत्रियों के लिए लाखों के फोन, जनता के लिए कमेटी, ‘आप’ का सवाल

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा है। ‘आप’ के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया किसरकार राजधानी की जनता की समस्याएं छोड़कर अपने मुख्यमंत्री और मंत्रियों के लिए 1.25 से 1.5 लाख रुपये के महंगे मोबाइल फोन औरअनलिमिटेड बिल की सुविधा मंजूर कर रही है। महिलाओं को वादा किया 2500 रुपये, जवाब में मिली कमेटीभारद्वाज ने कहा कि भाजपा ने 8 मार्च 2025 से पहले दिल्ली की महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये देने का वादा किया था, लेकिन आज तक एकभी महिला को पैसा नहीं मिला। इसके बजाय सरकार ने एक कमेटी बना दी, जो सिर्फ बैठकों में समय बर्बाद कर रही है और नतीजा शून्य है। मंत्रियों के फोन पर तो तुरंत मंजूरी, जनता के लिए क्यों देरी?सौरभ भारद्वाज ने तंज कसते हुए कहा कि यदि भाजपा सरकार को महंगे मोबाइल फोन खरीदने के लिए कमेटी बनानी होती, तो शायद सालों लगजाते। लेकिन अपने फायदे के लिए फैसले मिनटों में हो जाते हैं। उन्होंने कहा, “फोन के लिए भी कमेटी बना लेते, पता लगाते कौन-सा फोन कितनाका है, कितनी बैटरी है, कितना बिल आएगा। लेकिन वहां कोई देरी नहीं की गई।” दिल्ली की समस्याओं पर चुप्पी, खुद के लिए खर्च में कोई कसर नहींभारद्वाज ने दिल्ली में जनता की समस्याओं का हवाला देते हुए कहा कि एक तरफ जल भराव, ट्रैफिक जाम, स्कूल फीस में बढ़ोतरी, विधवा पेंशन मेंकटौती और गरीबों के घरों को तोड़ा जाना जैसी समस्याएं हैं, दूसरी तरफ सरकार अपने मंत्रियों के लिए ऐश-ओ-आराम के इंतजाम कर रही है। एक्स पोस्ट में कसा तंजसौरभ भारद्वाज ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर भी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए लिखा,दिल्ली भाजपा के सीएम और मंत्रियों को बधाई 1.25/1.5 लाखका फोन और अनलिमिटेड बिल पास हो गया। विकास हो रहा है, किसी का तो हो रहा है। महिलाओं को 2500 नहीं मिले, तो क्या? स्कूल फीसबढ़ी, ट्रैफिक जाम हुआ, मकान टूटे, पेंशन कटी कोई बात नहीं। लेकिन अपने फोन के लिए कमेटी नहीं बनी, सीधे ऑर्डर पास हो गया।”

ओडिशा आत्मदाह कांड पर कांग्रेस का हमला, सीएम से इस्तीफा और न्यायिक जांच की मांग, छात्रा के आत्मदाह प्रयास ने खड़े किए सवाल

ओडिशा के बालासोर में यौन उत्पीड़न का शिकार हुई एक छात्रा द्वारा आत्मदाह के प्रयास ने राजनीतिक भूचाल ला दिया है। कांग्रेस ने इस गंभीरमामले को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री मोहन माझी से इस्तीफे की मांग करते हुए उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है। कांग्रेस का आरोप: भाजपा शासन में बेटियों की सुरक्षा खतरे मेंदिल्ली में आयोजित एक प्रेस वार्ता में महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा और ओडिशा की कांग्रेस विधायक सोफिया फिरदौस ने कहा कि भाजपाके शासन में ओडिशा महिलाओं के लिए असुरक्षित होता जा रहा है। अलका लांबा ने बताया कि बालासोर स्थित फकीर मोहन कॉलेज की 20 वर्षीयबीएड छात्रा ने लगातार यौन उत्पीड़न की शिकायत अपने प्रिंसिपल और राज्य प्रशासन से की थी। शिकायतों के बावजूद छात्रा को धमकियां दी गईंऔर जांच समिति ने आरोपी एचओडी की जगह छात्रा से ही कठोर पूछताछ की। जब न्याय नहीं मिला, तो खुद को लगा ली आगलांबा ने बताया कि छात्रा 11 दिन तक संघर्ष करने के बाद जब निराश हो गई, तो उसने कॉलेज कैंपस में खुद को आग लगा ली। वह 95 प्रतिशतजल चुकी है और वर्तमान में एम्स भुवनेश्वर में जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है। भाजपा-आरएसएस-एबीवीपी दे रहे अपराधियों को संरक्षणमहिला कांग्रेस अध्यक्ष ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा, आरएसएस और एबीवीपी जैसे संगठनों की भूमिका अपराधियों को बचाने की रहीहै। उन्होंने यह भी बताया कि पीड़ित छात्रा स्वयं एबीवीपी की पदाधिकारी थी और उसने प्रधानमंत्री मोदी से मिलने की कोशिश की थी, लेकिन उसेमिलने नहीं दिया गया। अपराध के आंकड़ों से कांग्रेस का हमलालांबा ने भाजपा के शासनकाल में ओडिशा में बढ़ते अपराधों के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि पिछले एक वर्ष में राज्य में महिलाओं के खिलाफ2,14,113 मामले दर्ज हुए, जिनमें बलात्कार के 3,054 और हत्या के 1,207 मामले शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि न केवल ओडिशा, बल्किभाजपा शासित अन्य राज्यों जैसे बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान में भी महिलाएं असुरक्षित हैं। राष्ट्रपति से की छात्रा से मिलने की अपीललांबा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी अपील की कि वे एम्स में भर्ती छात्रा से मिलें, क्योंकि वे ओडिशा से ही आती हैं और वर्तमान में राज्य दौरे पर हैं। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल करेगा परिवार से मुलाकातमहिला कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़िता के परिवार से मिलने भेजा है।प्रतिनिधिमंडल की रिपोर्ट जल्द सार्वजनिक की जाएगी। लांबा ने कहा कि कांग्रेस हरसंभव मदद और न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिनभाजपा सरकार कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पीड़िता से मिलने से रोक रही है। प्रधानमंत्री मोदी चुप क्यों हैं ? – सोफिया फिरदौस कांग्रेस विधायक सोफिया फिरदौस ने कहा कि ओडिशा में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी बेहद निराशाजनकहै। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को सामने आकर ओडिशा की जनता को जवाब देना चाहिए।

दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा स्नेहा देबनाथ का शव यमुना नदी से बरामद-त्रिपुरा की रहने वाली थी स्नेहा, छह दिन से थीं लापता

दिल्ली विश्वविद्यालय के आत्मा राम सनातन धर्म कॉलेज में बीएससी (मैथ्स) की द्वितीय वर्ष की छात्रा स्नेहा देबनाथ का शव पूर्वी दिल्ली के गीताकॉलोनी क्षेत्र के पास यमुना नदी से बरामद किया गया। 19 वर्षीय स्नेहा त्रिपुरा की रहने वाली थीं और अपने परिवार के साथ दिल्ली के पर्यावरणकॉम्प्लेक्स में रहती थीं। वह 7 जुलाई की सुबह से लापता थीं। घर से निकलीं दोस्त को स्टेशन छोड़ने, फिर नहीं लौटीं7 जुलाई को स्नेहा ने अपनी मां से कहा था कि वह एक दोस्त को सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन छोड़ने जा रही हैं। इसके बाद उन्होंने सुबह 5:15 बजेएक कैब बुक की, जिसकी पहचान ड्राइवर सुभे चंद्र के रूप में हुई। जब स्नेहा काफी समय तक वापस नहीं लौटीं तो परिवार ने सुबह 8:45 बजे उन्हेंकॉल करने की कोशिश की, लेकिन फोन स्विच ऑफ मिला। कैब ड्राइवर ने छोड़ा था सिग्नेचर ब्रिज परबड़ी बहन बिपाशा देबनाथ ने बताया कि जब उन्होंने स्नेहा की उस दोस्त से संपर्क किया तो पता चला कि दोनों की मुलाकात हुई ही नहीं थी। इसकेबाद कैब ड्राइवर से संपर्क किया गया, जिसने बताया कि उसने स्नेहा को वज़ीराबाद के सिग्नेचर ब्रिज पर छोड़ा था। परिवार ने जताई अपहरण की आशंकास्नेहा के लापता होने के बाद परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और हर संभव तरीके से उसे खोजने की कोशिश की। उन्हें लगा किशायद किसी ने स्नेहा का अपहरण कर लिया है। हालांकि, इसके कोई ठोस सबूत नहीं मिले। सिग्नेचर ब्रिज से छलांग लगाने का था संकेतपरिवार ने पुलिस को एक नोट सौंपा जिसमें संकेत था कि स्नेहा ने सिग्नेचर ब्रिज से छलांग लगाने का मन बना लिया था। इसी जगह कैब ड्राइवर नेउसे छोड़ा था, और यह स्नेहा की आखिरी ज्ञात लोकेशन थी। एनडीआरएफ के साथ चला सघन तलाशी अभियानदिल्ली पुलिस ने NDRF की मदद से सात किलोमीटर के दायरे में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन खराब CCTV कवरेज के कारण पुलिस कोकोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई। इसके बाद त्रिपुरा सरकार भी सक्रिय हुई और मुख्यमंत्री माणिक साहा ने स्नेहा का पता लगाने के निर्देश दिए। 13 जुलाई को यमुना में मिला शवकरीब छह दिनों की तलाश के बाद 13 जुलाई को स्नेहा का शव यमुना नदी से बरामद हुआ। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है औरपुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी है।

अमरनाथ यात्रा 2025: श्रद्धालुओं की संख्या दो लाख के पार, हर दिन बढ़ रहा है बाबा बर्फानी के दर्शन का उत्साह

अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। रविवार को 17,317 लोगों ने पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन किए। इसकेसाथ ही इस वर्ष यात्रा में भाग लेने वालों की कुल संख्या 2,00,063 तक पहुंच गई है। हर वर्ग से बढ़-चढ़कर हो रहा है शामिलआधिकारिक जानकारी के अनुसार रविवार को दर्शन करने वालों में 12,210 पुरुष, 4,202 महिलाएं, 264 बच्चे, 103 साधु, 18 साध्वियां, 6 ट्रांसजेंडर और 514 सुरक्षा कर्मी शामिल थे। यह विविधता यात्रा में सभी वर्गों की भागीदारी और श्रद्धा को दर्शाती है। कठिन रास्तों के बावजूद नहीं थम रहा जनसैलाबसमुद्र तल से करीब 3,800 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को दुर्गम पहाड़ी रास्तों से होकर गुजरना पड़ताहै। इसके बावजूद हजारों लोग प्रतिदिन भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, जो उनकी गहरी आस्था और समर्पण को दर्शाता है। देशभर से उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़इस वर्ष यात्रा में न केवल भारत के विभिन्न राज्यों से लोग पहुंचे हैं, बल्कि बच्चों से लेकर वृद्धों तक, साधु-संतों से लेकर सुरक्षा बलों के जवानों तकसभी पूरी श्रद्धा के साथ इस धार्मिक यात्रा में भाग ले रहे हैं। सुरक्षा और सुविधाओं के किए गए पुख्ता इंतजामयात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सेना, पुलिस, सीआरपीएफ और अन्य एजेंसियां चौकसी बरत रही हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए मेडिकलकैंप, विश्राम स्थल और हेलीकॉप्टर सेवा जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। बढ़ती संख्या, बढ़ती आस्थाश्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या अमरनाथ यात्रा की बढ़ती लोकप्रियता और लोगों की मजबूत आस्था को प्रमाणित करती है। यह यात्रा 9 अगस्ततक जारी रहेगी, और आने वाले दिनों में इसमें और भी अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

एयर इंडिया विमान हादसे पर सीईओ कैम्पबेल विल्सन का बयान, प्रारंभिक जांच में तकनीकी खामी नहीं, ईंधन और टेक-ऑफ प्रक्रिया में नहींपाई गई कोई गड़बड़ी

एयर इंडिया के सीईओ और प्रबंध निदेशक कैम्पबेल विल्सन ने अहमदाबाद विमान हादसे पर कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि एएआईबी(एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में किसी भी प्रकार की यांत्रिक या रख-रखाव से जुड़ी समस्या सामने नहीं आई है।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विमान के ईंधन की गुणवत्ता और ‘टेक-ऑफ रोल’ प्रक्रिया में कोई असामान्यता दर्ज नहीं हुई है। पायलट मेडिकल टेस्ट में पास, उड़ान से पहले सब कुछ सामान्यविल्सन ने बताया कि उड़ान भरने से पहले दोनों पायलटों ने ब्रेथ एनलाइज़र टेस्ट पास किया था और उनकी चिकित्सा स्थिति में भी कुछ भी असामान्यनहीं पाया गया। ‘टेक-ऑफ रोल’, जिसमें विमान रनवे पर उड़ान भरने से पहले तेज़ी से दौड़ता है, उस दौरान भी किसी गड़बड़ी के संकेत नहीं मिले। प्रारंभिक रिपोर्ट में कारण और सिफारिशें नहीं12 जून को अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 उड़ान भरते ही एक इमारत से टकरा गई थी, जिसमें 260 लोगोंकी जान चली गई। शनिवार को एएआईबी ने इस हादसे पर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की, जिसमें किसी स्पष्ट कारण या सिफारिश का उल्लेख नहींकिया गया है। इस पर विल्सन ने ज़ोर दिया कि जांच अभी अधूरी है और समय से पहले निष्कर्ष निकालने से बचना चाहिए। जांच में पूरा सहयोग देगा एयर इंडियाकैम्पबेल विल्सन ने कहा कि एयर इंडिया जांच एजेंसियों के साथ मिलकर पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रहा है। डीजीसीए की निगरानी में एयरइंडिया के पूरे बोइंग 787 बेड़े की जांच की गई है और सभी विमान संचालन के लिए उपयुक्त पाए गए हैं। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि भविष्य मेंअगर किसी अतिरिक्त जांच या सुधार की सिफारिश की जाती है, तो उसे भी पूरी गंभीरता से लागू किया जाएगा।

बेंगलुरु फ्लाईओवर उद्घाटन विवाद, गडकरी बोले- सिद्धारमैया को दो बार भेजा गया था निमंत्रण, 11 और 12 जुलाई को भेजे गए थे पत्र

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को फ्लाईओवर उद्घाटन कार्यक्रम के लिए दो बार औपचारिक निमंत्रणभेजे जाने की बात कही है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दोनों पत्रों की प्रतियां भी साझा कीं। गडकरी ने बताया कि पहला पत्र 11 जुलाईऔर दूसरा 12 जुलाई को भेजा गया, जिसमें मुख्यमंत्री को व्यक्तिगत रूप से या वर्चुअली शामिल होने का विकल्प दिया गया था। बावजूद इसके, सिद्धारमैया ने कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी, और कांग्रेस का कोई भी प्रतिनिधि कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हुआ। राज्य सरकार का एतराज़, ‘पूर्व जानकारी नहीं दी गई’कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर केंद्र पर समन्वय की कमी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “ऐसे बड़े आयोजनके लिए मुख्यमंत्री को समय रहते सूचित किया जाना चाहिए था। हमने इस परियोजना में सिंचाई विभाग के माध्यम से 2000 करोड़ रुपये से अधिकनिवेश किया है। यदि हमें एक महीने पहले सूचना दी जाती, तो हम जरूर शामिल होते।” गडकरी की प्रतिक्रिया,”केंद्र ने प्रोटोकॉल का पालन किया”गडकरी ने अपने पोस्ट में लिखा, “कर्नाटक के शिवमोग्गा में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास समारोह का आयोजन किया जारहा है। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता के लिए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को 11 जुलाई को आमंत्रण भेजा गया था। संभावित व्यावहारिक कठिनाइयों कोध्यान में रखते हुए, 12 जुलाई को दूसरा पत्र भेजा गया जिसमें वर्चुअल उपस्थिति का विकल्प दिया गया।” उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हमेशासहकारी संघवाद के सिद्धांतों पर काम करती रही है और राज्य सरकारों के योगदान की सराहना करती है। निमंत्रण पत्रों में क्या लिखा था?पहले पत्र में लिखा गया था कि 14 जुलाई को शिवमोग्गा के सागरा में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास का कार्यक्रमआयोजित किया जाएगा, और मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया था कि वे इसमें अध्यक्षता करें।दूसरे पत्र में इसी कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए लिखा गया कि यदि व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना संभव न हो, तो वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिएभी शामिल हो सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला,वैवाहिक विवाद में कॉल रिकॉर्डिंग को मान्य सबूत माना, पति-पत्नी की बातचीत की रिकॉर्डिंग कोर्ट में स्वीकार्य

सुप्रीम कोर्ट ने वैवाहिक मामलों में पति या पत्नी द्वारा एक-दूसरे की कॉल रिकॉर्डिंग को सबूत के तौर पर स्वीकार करने की अनुमति दे दी है। कोर्ट नेस्पष्ट किया कि यदि कोई पक्ष फोन पर हुई बातचीत को कोर्ट में पेश करता है, तो उसे साक्ष्य के रूप में खारिज नहीं किया जा सकता। पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट का फैसला पलटाइस मामले में पंजाब के बठिंडा निवासी एक व्यक्ति ने तलाक के मुकदमे के दौरान पत्नी की कॉल रिकॉर्डिंग को सबूत के रूप में पेश किया था।फैमिली कोर्ट ने इसे स्वीकार कर लिया था, लेकिन पत्नी की अपील पर पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने निजता के अधिकार का हवाला देते हुए इसेसबूत मानने से इनकार कर दिया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के इस फैसले को खारिज कर दिया है। वैवाहिक विवादों में निजता की सीमा अलगन्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने कहा कि वैवाहिक विवादों में कई व्यक्तिगत विषय कोर्ट के सामने आते हैं।इसलिए केवल निजता के आधार पर किसी रिकॉर्डिंग को साक्ष्य के रूप में खारिज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर कोई पक्षमानसिक क्रूरता का आरोप लगा रहा है, तो कॉल रिकॉर्डिंग उसकी पुष्टि के लिए उपयोगी हो सकती है। इंडियन एविडेंस एक्ट की धारा 122 और अपवादसुप्रीम कोर्ट ने इंडियन एविडेंस एक्ट की धारा 122 का हवाला देते हुए कहा कि यह प्रावधान पति-पत्नी की आपसी बातचीत को गोपनीय मानता है।लेकिन यह अपवाद भी देता है जब पति या पत्नी पर एक-दूसरे के खिलाफ अपराध का मुकदमा चल रहा हो, तब ऐसी बातचीत अदालत में बतौरसाक्ष्य प्रस्तुत की जा सकती है। वैवाहिक विवाद भी इसी श्रेणी में आता है। फैमिली कोर्ट एक्ट का भी दिया गया हवालासुनवाई के दौरान पति ने फैमिली कोर्ट एक्ट की धाराओं 14 और 20 का भी जिक्र किया। उसने कहा कि इन धाराओं का उद्देश्य सच्चाई की खोजऔर निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित करना है। कॉल रिकॉर्डिंग के ज़रिए उसने अदालत को वास्तविक स्थिति समझाने में मदद की।

हरियाणा, गोवा और लद्दाख को मिले नए राज्य प्रमुख, राष्ट्रपति मुर्मू ने की नियुक्ति, प्रोफेसर असीम घोष, गजपति राजू और कविंद्र गुप्ता कोबड़ी जिम्मेदारियां

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रोफेसर असीम कुमार घोष को हरियाणा का नया राज्यपाल नियुक्त किया है। वे बंडारू दत्तात्रेय की जगह लेंगे, जो 18 जुलाई2021 से इस पद पर कार्यरत थे। असीम घोष की नियुक्ति को केंद्र द्वारा राज्यों में प्रशासनिक सशक्तिकरण के एक अहम कदम के रूप में देखा जारहा है। गोवा के नए राज्यपाल बने पुष्पपति अशोक गजपति राजूगोवा में राज्यपाल के रूप में अब पुष्पपति अशोक गजपति राजू की नियुक्ति की गई है। इससे पहले इस पद पर पीएस श्रीधरन पिल्लई कार्यरत थे।गजपति राजू के पास पूर्व में मंत्री का अनुभव रहा है और उनकी नियुक्ति से गोवा में प्रशासनिक स्थिरता को और बल मिलने की संभावना है। लद्दाख को मिला नया उपराज्यपाललद्दाख में उपराज्यपाल के रूप में ब्रिगेडियर (डॉ.) बी.डी. मिश्रा (सेवानिवृत्त) के इस्तीफे के बाद भाजपा नेता कविंद्र गुप्ता को यह जिम्मेदारी सौंपी गईहै। राष्ट्रपति ने बीडी मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार करते हुए यह नियुक्ति की। कविंद्र गुप्ता जम्मू-कश्मीर में विधानसभा उपाध्यक्ष और डिप्टी सीएम रहचुके हैं और अब लद्दाख की प्रशासनिक बागडोर संभालेंगे। राज्यसभा के लिए भी नामित हुए चार नए सदस्यराष्ट्रपति मुर्मू ने एक दिन पहले ही राज्यसभा के लिए चार प्रतिष्ठित व्यक्तियों को नामित किया था। इन नामों में वरिष्ठ वकील उज्ज्वल निकम, केरल केसमाजसेवी सी. सदानंदन मास्टे, पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला और इतिहासकार मीनाक्षी जैन शामिल हैं।