सुप्रीम कोर्ट नाराज़, 20 हाई कोर्ट्स ने नहीं सौंपी शौचालय सुविधाओं पर रिपोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को देश भर की अदालतों और न्यायाधिकरणों में शौचालय सुविधाएं सुनिश्चित करने संबंधी अपने निर्देशों की अवहेलना पर कड़ीनाराजगी जताई है। अदालत ने पाया कि 25 उच्च न्यायालयों में से केवल 5 ने ही अनुपालन रिपोर्ट दाखिल की है। शेष 20 उच्च न्यायालयों कोरिपोर्ट सौंपने के लिए अब अंतिम रूप से 8 सप्ताह की मोहलत दी गई है। यह आखिरी मौकान्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने कड़े शब्दों में कहा, “यह अंतिम अवसर है। यदि अगले आठ हफ्तों में अनुपालनरिपोर्ट दाखिल नहीं की जाती, तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।” पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि अनुपालन में विफल रहने पर संबंधित उच्च न्यायालयोंके रजिस्ट्रार जनरल को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना पड़ेगा। जनवरी में दिया गया था ऐतिहासिक निर्णय15 जनवरी 2025 को दिए गए एक महत्वपूर्ण फैसले में, सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत स्वच्छता सुविधाओं तक पहुंच कोनागरिकों का मौलिक अधिकार घोषित किया था। अदालत ने निर्देश दिया था कि सभी अदालत परिसरों चाहे वे किसी भी स्तर पर हों में पुरुषों, महिलाओं, दिव्यांगजनों और ट्रांसजेंडर्स के लिए अलग-अलग और सुलभ शौचालयों की व्यवस्था की जाए। केवल 5 उच्च न्यायालयों ने की रिपोर्टिंगपीठ ने बताया कि अब तक केवल झारखंड, मध्य प्रदेश, कलकत्ता, दिल्ली और पटना उच्च न्यायालयों ने ही इस विषय पर हलफनामे दाखिल किएहैं। इनमें यह स्पष्ट किया गया है कि अदालत परिसरों में स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। रजिस्ट्रार जनरल की व्यक्तिगत उपस्थिति की चेतावनीसुप्रीम कोर्ट ने अन्य उच्च न्यायालयों को दो टूक कहा है कि यदि वे रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करते हैं, तो उनके रजिस्ट्रार जनरल को स्वयं अदालत में उपस्थितहोना पड़ेगा। अदालत ने यह भी कहा कि रिपोर्ट में यह सुनिश्चित किया जाए कि शौचालय सुविधाएं स्पष्ट रूप से चिह्नित हों और उनका उपयोगन्यायाधीशों, वकीलों, पक्षकारों और अदालत कर्मचारियों द्वारा सुगमता से किया जा सके। एक जनहित याचिका से शुरू हुआ मामलायह मामला अधिवक्ता राजीब कालिता द्वारा दाखिल एक जनहित याचिका से जुड़ा है, जिसमें देश भर की अदालतों में बुनियादी स्वच्छता सुविधाओंकी कमी को उजागर किया गया था। उसी याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश जारी किए थे।
National Capital Gripped by Panic as Bomb Threats Hit Schools for Third Day Straight, BJP’s “Four-Engine Government” Failing Delhi’s Children

Delhi Chief Minister and AAP National Convenor Arvind Kejriwal today sharply criticized the BJP-led Central and Delhi administrations, holding them accountable for the rising wave of fear in the national capital. “For the third consecutive day, schools in Delhi have received bomb threats. Union Home Minister Amit Shah and the so-called four-engine government appear completely indifferent to the safety of Delhi’s schoolchildren. The BJP is pushing Delhi into chaos and lawlessness,” Kejriwal said on social media platform X. Recurring Bomb Scares Forcing Parents into Daily Panic: Saurabh BharadwajAAP Delhi President Saurabh Bharadwaj highlighted the emotional toll on families due to recurring bomb threats to schools. “This has become a disturbing routine. Parents drop their kids to school and head to work, only to be called back in panic hours later. Since school buses only operate in the afternoon, each parent is forced to rush to the school to collect their terrified child,” he said. He further questioned the government’s helplessness in the face of threats allegedly originating from abroad. “Is this the same government that promised to bring back black money from foreign banks? And now they can’t trace who is behind these emails? If these threats are truly coming from another country, why hasn’t the issue been taken up diplomatically? Why is our government standing silent and powerless?” Failure to Act Despite Repeated Threats is a ShameFormer Deputy Chief Minister Manish Sisodia also expressed his dismay, stating: “Every few weeks, schools across Delhi receive bomb threats. This has instilled deep fear among parents and children. The worst part is that not a single culprit has been identified. It seems the entire intelligence machinery is busy chasing the Opposition instead of protecting children.” He added, “It is appalling that in a nation boasting of technological progress, we remain clueless about the source of these threats. The BJP must redirect its surveillance systems from political witch-hunts to tracking down the real culprits threatening our schools.” Even With Full Control, BJP Fails to Secure SchoolsEchoing these sentiments, Delhi Leader of Opposition Atishi condemned the BJP’s inaction. “Despite having full control at the Centre, MCD, LG office, and the Delhi Police—what BJP calls its four-engine model—there’s still no breakthrough. The party has failed to determine who is sending these threats and why. This is not governance; this is abdication of duty.” Vinay Mishra Shares Personal AccountAAP MLA Vinay Mishra shared a heart-wrenching personal experience from earlier in the day. “As a father, I too felt the fear that so many parents endure. I had just dropped my daughter to school when panic broke out. We were told to take our children back home immediately as several schools had received fresh bomb threats. How long will this continue? Is there any accountability?” He urged Union Home Minister Amit Shah to prioritize Delhi’s safety over political campaigns. “Instead of spending all his time at rallies, Mr. Shah must focus on restoring a sense of security in Delhi’s schools. Thousands of young children study here, and every such incident throws families into turmoil.” AAP Demands Immediate ActionThe Aam Aadmi Party has called upon the Central Government and Delhi’s law enforcement agencies to take swift and serious action to identify those behind the threats and restore safety and peace for the city’s families. The party emphasized that the lives of lakhs of students and their families must not be put at risk due to political apathy and administrative paralysis.
बिहार में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त बोले कन्हैया कुमार, कांग्रेस ने कानून-व्यवस्था पर जताई गंभीर चिंता

कांग्रेस पार्टी ने बिहार की बिगड़ती कानून-व्यवस्था और शिक्षा व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। पार्टी ने आरोप लगाया कि राज्य मेंअपराधियों को कानून का कोई भय नहीं है और वे खुलेआम घूम रहे हैं। कांग्रेस ने यह भी कहा कि बिहार में जदयू-भाजपा सरकार के शासन में शिक्षाप्रणाली पूरी तरह चरमरा गई है और अब वक्त आ गया है कि इस सरकार को बदला जाए। राज्य में अपराधियों का बोलबालाAICC मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) के सदस्य डॉ. कन्हैया कुमार ने कहा कि बिहार में आम लोग खुद कोसुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं क्योंकि अपराधी बेखौफ होकर वारदात कर रहे हैं। उन्होंने उपमुख्यमंत्री के उस बयान पर कटाक्ष किया जिसमें कहा गयाथा कि राज्य से संगठित अपराध समाप्त हो चुका है।कन्हैया ने आरोप लगाया कि संगठित अपराध में लिप्त लोग अब सत्ता में हैं और शूटरों के माध्यम से वसूली का रैकेट चला रहे हैं। उन्होंने यह भी कहाकि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कभी इस तरह शासन नहीं चलाते थे, और अब राज्य की कमान असल में भाजपा के हाथ में है। नालंदा की धरती पर शिक्षा की दुर्दशाकन्हैया कुमार ने कहा कि जिस बिहार को कभी नालंदा विश्वविद्यालय और गौतम बुद्ध की तपोभूमि के रूप में जाना जाता था, वहां अब शिक्षा व्यवस्थाबुरी तरह बिखर गई है। उन्होंने दावा किया कि कॉलेजों में प्राचार्य तक की नियुक्ति अब लॉटरी प्रणाली के माध्यम से की जा रही है। एक कुलपति केहवाले से उन्होंने कहा कि शहरी इलाकों में नियुक्ति की अधिक मांग को देखते हुए प्रशासन ने यह अनोखा तरीका अपनाया है। पाँच साल में पूरी होती है तीन साल की डिग्रीउन्होंने बताया कि जहां देशभर में स्नातक की पढ़ाई तीन साल में पूरी हो जाती है, वहीं बिहार में इसे पूरा करने में पाँच साल तक लग जाते हैं। उन्होंनेराज्य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में आधारभूत ढांचे की कमी और बढ़ते भ्रष्टाचार की भी बात कही। कॉलेज बने लूट और भ्रष्टाचार के केंद्रकन्हैया कुमार ने खुलासा किया कि कुछ कॉलेज ऐसे भी हैं जिनमें मात्र चार कमरे हैं, लेकिन उनमें हजारों छात्रों का नामांकन किया गया है। उन्होंने कहाकि इनका उद्देश्य सिर्फ पैसे कमाना और डिग्री बांटना है, न कि शिक्षा देना। छात्राओं की मौत पर जताया शोकप्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कन्हैया कुमार ने हाल ही में दो छात्राओं की दुखद मौत पर भी शोक व्यक्त किया। एक छात्रा ओडिशा के एक कॉलेज की थी, जिसने यौन उत्पीड़न की शिकायत पर कार्रवाई न होने के कारण आत्मदाह कर लिया था। दूसरी छात्रा का शव हाल ही में दिल्ली में मिला था।
उत्तर प्रदेश के नेताओं ने अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की सफल वापसी पर दी बधाई, ऐतिहासिक उपलब्धि पर देशभर से मिली शुभकामनाएं

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई शीर्ष नेताओं ने भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को Axiom-4 मिशन कीसफलता और पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी के लिए हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने इस उपलब्धि को भारत के लिए गौरवपूर्ण क्षण और युवाओं के लिएप्रेरणा स्रोत बताया। सीएम योगी ने बताया “विज्ञान के प्रति समर्पण का प्रतीक“मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स (X) पर पोस्ट कर लिखा, “पृथ्वी पर आपका स्वागत है! ऐतिहासिक एक्सिओम मिशन-4 के सफल समापन परग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला और उनकी टीम को हार्दिक बधाई। आज हर भारतीय, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के लोग, बेहद गर्व महसूस कर रहे हैं। यहमिशन विज्ञान के प्रति साहस, समर्पण और प्रतिबद्धता का प्रतीक है।” उपमुख्यमंत्री मौर्य और पाठक ने दी व्यक्तिगत शुभकामनाएंउपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्ला की वापसी को “शुभांशु की शुभ घर वापसी” बताते हुए कहा कि “उन्होंने अंतरिक्ष की ऊँचाइयों को छूकरप्रदेश और देश का मान बढ़ाया है। यह सफलता लाखों युवाओं को प्रेरणा देगी।” दूसरे उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, “धरती पर आपका स्वागत है ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला जी। 20 दिन अंतरिक्ष में और 18 दिन अंतरिक्ष स्टेशनपर बिताने के बाद सकुशल वापसी हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है।” बसपा प्रमुख मायावती ने जताया गर्वबसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि शुक्ला की सफलता न केवल युवाओं के लिए प्रेरणादायक है बल्कि यह पूरे देश के लिए उत्साहवर्धक भी है।उन्होंने शुक्ला के परिवार, इसरो के वैज्ञानिकों और पूरे मिशन से जुड़े संस्थानों को बधाई दी। सुरक्षित वापसी के साथ ऐतिहासिक मिशन पूराAxiom-4 मिशन के तहत, शुभांशु शुक्ला और उनके तीन सहयोगी अंतरिक्ष यात्री स्पेस एक्स के ड्रैगन “ग्रेस” कैप्सूल से मंगलवार को कैलिफ़ोर्निया केसैन डिएगो तट के पास 22.5 घंटे की वापसी यात्रा के बाद सुरक्षित लौटे। वैज्ञानिक प्रयोगों में भारत की भागीदारी25 जून को स्पेस एक्स के फाल्कन-9 रॉकेट से प्रक्षेपण के बाद, यह मिशन 26 जून को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से जुड़ा था। शुक्ला ने 18 दिनोंकी कक्षा यात्रा में 310 बार पृथ्वी की परिक्रमा की और लगभग 1.3 करोड़ किलोमीटर की दूरी तय की। इस दौरान उन्होंने ISRO द्वारा निर्धारित सातसूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण प्रयोग किए, जिनमें मांसपेशियों का पुनर्जनन, विकिरण प्रभाव, शैवाल अध्ययन और मानव शरीर क्रिया विज्ञान जैसे महत्वपूर्णविषय शामिल थे। ये प्रयोग भारत के गगनयान मिशन के लिए अहम माने जा रहे हैं।लखनऊ में खुशी की लहरलखनऊ निवासी शुभांशु शुक्ला की सफलता ने न सिर्फ उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे देश में उत्साह और गर्व की लहर दौड़ा दी है। शुक्ला के माता-पिता इसउपलब्धि से भावुक हो उठे, वहीं आम नागरिकों और उनके परिचितों ने इसे भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का ऐतिहासिक क्षण बताया।
मणिपुर के पांच जिलों में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई, भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद-खुफिया जानकारी के आधार पर चला संयुक्त अभियान

मंगलवार को मणिपुर के घाटी क्षेत्र में स्थित पांच जिलों इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम, काकचिंग, थौबल और बिष्णुपुर में सुरक्षा बलों ने एक साथसमन्वित तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई विशेष खुफिया सूचना के आधार पर की गई, जिसमें मणिपुर पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल(CAPF), भारतीय सेना और असम राइफल्स की टीमें शामिल रहीं। 86 घातक हथियार बरामदपुलिस महानिरीक्षक (जोन-2) के. कबीब ने बताया कि अभियान के दौरान कुल 86 हथियार जब्त किए गए हैं। इनमें 5 एके-47 राइफल, 3 इंसासराइफल, 16 सेल्फ लोडिंग राइफल (एसएलआर), 5 प्वॉइंट 303 राइफल, 19 पिस्तौल, 2 कार्बाइन, 9 अन्य किस्म की राइफलें और 16 सिंगलबैरल बंदूकें शामिल हैं। भारी मात्रा में गोला-बारूद और संचार उपकरण भी मिलेहथियारों के साथ-साथ सुरक्षाबलों को 974 राउंड गोला-बारूद, कई प्रकार के ग्रेनेड, विस्फोटक सामग्री और मोर्टार शेल भी मिले हैं। इसके अलावा, 41 मैगजीन और 6 वायरलेस हैंडसेट भी जब्त किए गए हैं। शांति स्थापना के प्रयासों को मिली मजबूतीआईजी के. कबीब ने इस अभियान को राज्य में कानून-व्यवस्था बहाल करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम उपलब्धिबताया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई राज्य में स्थायित्व और शांति की बहाली के लिए सुरक्षाबलों की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
श्री हरिमंदिर साहिब को फिर मिली RDX से उड़ाने की धमकी, जांच में जुटी पुलिस, लगातार दूसरे दिन भेजा गया धमकी भरा ईमेल

मंगलवार दोपहर को श्री हरिमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) को लेकर एक बार फिर ईमेल के जरिए विस्फोटक आरडीएक्स से उड़ाने की धमकी मिली है।यह धमकी ठीक उसी तरह की है जैसी सोमवार को भेजी गई थी। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि मामले की जांच जारी है औरसोमवार को ही इस संबंध में केस भी दर्ज कर लिया गया था।मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में तलाशी अभियानधमकी को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने श्री हरिमंदिर साहिब के आसपास के इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियांयह सुनिश्चित करने में लगी हैं कि कहीं परिसर में या आस-पास कोई विस्फोटक पदार्थ न रखा गया हो। शिरोमणि कमेटी ने सीएम को लिखा पत्रशिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सचिव प्रताप सिंह ने इस धमकी को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंनेबताया कि समिति की ईमेल आईडी पर दोबारा एक धमकी भरा मेल प्राप्त हुआ है, जिसमें कहा गया है कि श्री हरिमंदिर साहिब में आरडीएक्स रखागया है। सभी संबंधित अधिकारियों को भेजी गई पत्र की प्रतिप्रताप सिंह ने अपने पत्र के साथ धमकी वाले ईमेल की कॉपी भी संलग्न की है और मुख्यमंत्री से इस मामले की त्वरित जांच एवं सख्त कार्रवाई कीमांग की है। इस पत्र की प्रतियां अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर, पुलिस कमिश्नर, थाना कोतवाली के एसएचओ और गलियारा थाना के इंचार्ज को भीभेजी गई हैं।
राहुल गांधी को लखनऊ कोर्ट से मिली जमानत, सेना पर कथित टिप्पणी को लेकर हुआ था मामला, सिर्फ दो घंटे में लौटे दिल्ली

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी मंगलवार को लखनऊ पहुंचे, लेकिन उनका यह दौरा महज दो घंटे का रहा। उन्हें वर्ष2022 में भारतीय सेना पर दिए एक कथित विवादास्पद बयान से जुड़े मानहानि मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश होना पड़ा था। कोर्ट से राहत, मिली जमानतराहुल गांधी ने लखनऊ की विशेष अदालत में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद उनके वकील ने जमानत याचिका दाखिल की। कोर्ट ने यह याचिकास्वीकार करते हुए उन्हें 20-20 हजार रुपए की दो जमानतों के साथ रिहा कर दिया। सेना पर टिप्पणी को लेकर दर्ज हुआ था परिवादयह मामला वर्ष 2022 की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान दिए गए उस बयान से जुड़ा है, जिसे सेना की छवि को ठेस पहुंचाने वाला माना गया।याचिकाकर्ता ने इसे सैनिकों के मनोबल को प्रभावित करने वाला बताया था। इसी शिकायत पर कोर्ट ने राहुल गांधी को समन जारी किया था। व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हुए पेशकोर्ट के आदेश पर राहुल गांधी खुद लखनऊ की एमपी-एमएलए अदालत में हाज़िर हुए और औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण किया। इसके बादउन्होंने कानूनी प्रक्रिया के तहत जमानत प्राप्त की। एयरपोर्ट पर हुआ गर्मजोशी से स्वागतराहुल गांधी मंगलवार दोपहर एक बजे चार्टर्ड विमान से लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे। वहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ ने उनका जोरदार स्वागतकिया। यूपी कांग्रेस के प्रभारी अविनाश पांडे, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और कई अन्य नेता भी इस दौरान मौजूद रहे।
बेंगलुरु में कॉलेज छात्रा से यौन शोषण का गंभीर मामला, दो लेक्चरार समेत तीन आरोपी गिरफ्तारशिक्षकों ने ही तोड़ा भरोसा, बार-बार किया यौन शोषण

बेंगलुरु में एक कॉलेज छात्रा के साथ हुए यौन उत्पीड़न का बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने दो कॉलेजलेक्चरारों और उनके एक दोस्त को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि तीनों ने मिलकर छात्रा के साथ अलग-अलग समय पर बलात्कार किया और उसेधमकाकर चुप रहने के लिए मजबूर किया। शिक्षा की आड़ में बुलाया और किया शोषणपीड़िता ने बताया कि भौतिक विज्ञान के लेक्चरार नरेंद्र ने उसे नोट्स देने के बहाने शहर बुलाया और एक दोस्त के घर पर उसके साथ बलात्कार किया।इसके बाद, जीव विज्ञान के लेक्चरार संदीप ने नरेंद्र के बनाए वीडियो के ज़रिए उसे ब्लैकमेल किया और फिर उसके साथ दुष्कर्म किया। धमकियां और सीसीटीवी फुटेज से किया ब्लैकमेलतीसरे आरोपी अनूप, जो संदीप का दोस्त बताया जा रहा है, ने भी छात्रा को धमकी दी कि उसके पास उसके कमरे में आने का सीसीटीवी फुटेज है।इसी डर का फायदा उठाकर उसने भी उसके साथ बलात्कार किया। परिवार को बताया सच, महिला आयोग ने दिलाया न्यायघटना को लेकर छात्रा लंबे समय तक चुप रही, लेकिन आखिरकार एक महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद उसने अपने माता-पिता को पूरी बातबताई। इसके बाद कर्नाटक राज्य महिला आयोग में शिकायत दर्ज की गई। आयोग के हस्तक्षेप के बाद, मराठाहल्ली पुलिस स्टेशन में मामला दर्जकिया गया और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच जारी, पीड़िता को न्याय दिलाने की प्रक्रिया शुरूपुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है। यह मामला न केवल शैक्षणिकसंस्थानों में सुरक्षा की चिंता बढ़ाता है, बल्कि यह भी बताता है कि जब शिक्षक ही विश्वासघात करें, तो छात्राओं के लिए न्याय की राह कितनीमुश्किल हो जाती है।
भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की ऐतिहासिक ISS यात्रा पूरी,18 दिन अंतरिक्ष में बिताकर लौटे धरती पर, किए कई अहम वैज्ञानिक प्रयोग

भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर अपनी 18 दिवसीय ऐतिहासिक यात्रा पूरी कर ली है। यहउनका पहला अंतरिक्ष मिशन था, जो एक्सिओम मिशन 4 (Ax-4) के तहत हुआ। उन्होंने 25 जून 2025 को अमेरिका के कैनेडी स्पेस सेंटर सेस्पेसएक्स फाल्कन 9 रॉकेट के ज़रिए उड़ान भरी और 26 जून को भारतीय समयानुसार दोपहर 4:01 बजे ISS पर पहुंचे। शुभांशु अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्षस्टेशन तक पहुंचने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। वैज्ञानिक अनुसंधान में निभाई अग्रणी भूमिकाअपनी यात्रा के दौरान शुभांशु ने कुल मिलाकर 60 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोगों में भाग लिया, जिनमें से 7 प्रयोग विशेष रूप से भारतीय अंतरिक्षअनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा डिजाइन किए गए थे। ये सभी अध्ययन भारत के आगामी अंतरिक्ष अभियानों जैसे गगनयान और चंद्रयान से जुड़ेअनुभवों को समृद्ध करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहे। माइक्रोग्रैविटी में मांसपेशियों की कमजोरी पर अध्ययनएक महत्वपूर्ण प्रयोग में शुभांशु ने यह समझने का प्रयास किया कि अंतरिक्ष की सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण स्थितियों में मांसपेशियों की संरचना पर क्याप्रभाव पड़ता है। उन्होंने उन उपायों की भी जांच की जिनसे मांसपेशियों की क्षति को रोका जा सकता है। यह शोध न केवल अंतरिक्ष यात्रियों के लिएउपयोगी होगा, बल्कि ऑस्टियोपोरोसिस जैसे रोगों के इलाज में भी मददगार सिद्ध हो सकता है। टार्डिग्रेड्स पर किया शोध, जीवन की सीमाओं की पड़तालएक अन्य प्रयोग में शुभांशु ने टार्डिग्रेड्स नामक सूक्ष्म जीवों का परीक्षण किया। ये जीव अत्यंत विकट परिस्थितियों में भी जीवित रह सकते हैं। उन्होंनेदेखा कि ये जीव अंतरिक्ष के विकिरण और माइक्रोग्रैविटी जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों में कैसे प्रतिक्रिया करते हैं। यह शोध लंबी अंतरिक्ष यात्राओं जैसेमंगल अभियान के लिए महत्वपूर्ण समझा जा रहा है। बीज अंकुरण का परीक्षण, अंतरिक्ष में खेती की संभावनाशुभांशु ने मेथी और मूंग जैसे भारतीय बीजों को अंतरिक्ष में अंकुरित करने का प्रयोग किया। उन्होंने इन बीजों में होने वाले आनुवांशिक परिवर्तन, सूक्ष्मजीव गतिविधियों और पोषण स्तर का अध्ययन किया। यह प्रयोग भविष्य में अंतरिक्ष में खाद्य उत्पादन की संभावना तलाशने की दिशा में एकबड़ा कदम माना जा रहा है। भारत के अंतरिक्ष भविष्य को मिली नई ऊर्जाशुभांशु शुक्ला की यह यात्रा न केवल वैज्ञानिक दृष्टि से, बल्कि प्रतीकात्मक रूप से भी भारत के बढ़ते अंतरिक्ष कदमों का परिचायक है। गगनयानमिशन और अन्य भविष्य की परियोजनाओं के लिए उनका अनुभव बेहद मूल्यवान रहेगा। उनकी उपलब्धियां भारत के युवा वैज्ञानिकों और अंतरिक्षयात्रियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगी।
देश में आधार कार्ड की विश्वसनीयता पर गंभीर संकट, लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह की चेतावनी

लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह ने आधार कार्ड की पारदर्शिता और भरोसे को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि देश कीपहचान प्रणाली मानी जाने वाली आधार व्यवस्था अब फर्जीवाड़े और तकनीकी खामियों की शिकार बन चुकी है। बिहार से सामने आई एक चौंकाने वाली रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि राज्य में करीब 65 लाख फर्जी आधार कार्ड सक्रिय रूप से उपयोग में हैं।इतना ही नहीं, हजारों मृत व्यक्तियों के आधार कार्ड भी सरकारी योजनाओं और सेवाओं में आज भी चलन में हैं। भ्रष्टाचार और तकनीकी खामियों का गंभीर उदाहरणसुनील सिंह ने कहा कि यह स्थिति केवल आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि एक गंभीर प्रशासनिक विफलता भी है। जब मृत लोगों के नाम पर लाभ उठायाजा सकता है, तो यह पूरे तंत्र की साख पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि आम जनता उस पहचान प्रणाली पर भरोसा कर रही थी, जिसेसरकार सबसे सुरक्षित और अचूक मानती रही है, लेकिन आज वही तंत्र जनधोखा बनता जा रहा है। फर्जी आधार बनाने वाले और उनका इस्तेमाल करने वाले अधिकारियों पर हो कड़ी कार्रवाईलोकदल ने यह मांग की है कि जो अधिकारी इस गड़बड़ी के लिए ज़िम्मेदार हैं, उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। पार्टी का मानना है कि जब तकदोषियों को सजा नहीं मिलेगी, ऐसी गड़बड़ियों पर रोक नहीं लग सकती। पारंपरिक पहचान व्यवस्था को दी जाए प्राथमिकतालोकदल ने सुझाव दिया है कि गांव स्तर पर ग्राम प्रधान या स्थानीय निकायों की सिफारिश आधारित पहचान प्रणाली को आधार निर्माण में महत्वदिया जाए। डिजिटल तंत्र के साथ-साथ पारंपरिक स्थानीय तंत्र को भी सशक्त बनाना जरूरी है ताकि जमीनी स्तर पर फर्जीवाड़ा रोका जा सके। यह सिर्फ बिहार नहीं, पूरे देश की चेतावनी हैसुनील सिंह ने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल बिहार तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, “यदि आज इस संकट पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आनेवाले समय में पूरे देश को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।” लोकदल की प्रमुख मांगें?UIDAI को तत्काल आधार निर्माण प्रक्रिया की समीक्षा करनी चाहिए और फर्जी आधार पर रोक के लिए सख्त व्यवस्था लागू करनी चाहिए।गांवों में पारंपरिक पहचान प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाए ताकि जमीनी सत्यापन सुनिश्चित हो सके। सरकारी धन का दुरुपयोग नहीं, जवाबदेही जरूरी हैलोकदल अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने इस पहचान तंत्र पर करोड़ों रुपये खर्च किए, लेकिन यदि यही तंत्र भ्रष्टाचार और जालसाजी का माध्यम बनजाए, तो सरकार को तत्काल जवाबदेही तय करनी चाहिए। देशवासियों का भरोसा टूट रहा है, और इसे दोबारा कायम करने के लिए कठोर कदमउठाने होंगे।