5 वर्ष पूरे हुए NEP को, ABSS‑2025 में नई शिक्षण पहलें पेश, पीएम मोदी ने शिक्षा को राष्ट्र के निर्माण का बताया आधार

एनईपी के पांच वर्ष पूरे होने पर एक संदेश में, पीएम मोदी ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय मंगलवार को अखिल भारतीय शिक्षा समागम (एबीएसएस) काआयोजन कर रहा है और इस कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल शुरू की जाएंगी. पीएम मोदी ने कहा, शिक्षा वह माध्यम है जो व्यक्ति कोआत्मनिर्भर और राष्ट्र को सशक्त बनाती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में कई सकारात्मक बदलाव हुए हैं नईराष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करके छात्रों के समग्र और बहुआयामी विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है. एनईपी के पांच वर्ष पूरे होने पर एक संदेश में, पीएम मोदी ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय मंगलवार को अखिल भारतीय शिक्षा समागम (एबीएसएस) काआयोजन कर रहा है और इस कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल शुरू की जाएंगी. राष्ट्र को बनाती है सशक्तपीएम मोदी ने कहा, शिक्षा वह माध्यम है जो व्यक्ति को आत्मनिर्भर और राष्ट्र को सशक्त बनाती है. हमारा उद्देश्य ऐसी शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनाहै जिसमें विद्यार्थी अपनी रुचि, क्षमता और सपनों के अनुसार आगे बढ़ सकें. आज देश गौरवशाली भारतीय संस्कृति से जुड़ी शिक्षा को तकनीक औरवैश्विक मानकों से सुसज्जित करके प्रगति के पथ पर अग्रसर है. पीएम ने कहा, पिछले पांच वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में अनेक सकारात्मक बदलाव हुए हैं. राष्ट्रीय शिक्षा नीति अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करके विद्यार्थियों के समग्र और बहुआयामी विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है. केंद्रीयशिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मंगलवार को अखिल भारतीय शिक्षा समागम (एबीएसएस 2025) का उद्घाटन करेंगे। इस समागम में शिक्षा को अधिकसुलभ, व्यावहारिक, कौशल-उन्मुख बनाने पर विचार विमर्श होगा. इसमें रोजगार के अवसरों के साथ समेकित रूप से एकीकृत करने पर जोर दियाजाएगा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि छात्र गतिशील वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए तैयार हो. 2020 की भूमिका होगी मह्वपूर्णप्रधानमंत्री ने कहा कि अमृत काल में भारत एक भव्य और विकसित राष्ट्र के निर्माण की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है. इस दौरान, हमारे युवाओं केआत्मविश्वास, जिज्ञासा और रचनात्मकता को बढ़ावा देने में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भूमिका महत्वपूर्ण होगी. शिक्षा समागम हमारे साझासंकल्प और सहयोग की भावना का प्रतीक है। पीएम मोदी ने कहा, मुझे विश्वास है कि यह आयोजन न सिर्फ शिक्षण संस्थानों को अपनी सर्वोत्तमप्रथाओं, रणनीतियों और उपलब्धियों को साझा करने का अवसर प्रदान करेगा, बल्कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सफल कार्यान्वयन के लिए निरंतर प्रयासोंको भी और सशक्त करेगा. शिक्षा को अधिक सुलभ, व्यावहारिक, कौशल-उन्मुख, और रोज़गार से जुड़ा बनाने पर जोर। इसका उद्देश्य छात्रों कोवैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए सक्षम बनाना है. धर्मेंद्र प्रधान ने ABSS‑2025 का उद्घाटन किया. समागम में नीति की प्रभावशीलता, चुनौतियाँ औरआगे की रणनीति पर विचार-विमर्श हुआ.
ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा में बहस, लेकिन कांग्रेस में उठे असंतोष के सुर थरूर-तिवारी की चुप्पी ने खड़े किए सवाल

ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा में जारी चर्चा के दौरान जहां एक ओर कांग्रेस सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है. वहीं पार्टी के भीतर असंतोष केसुर भी उभरकर सामने आ रहे हैं। वरिष्ठ नेता शशि थरूर के चर्चा में शामिल न होने पर पहले से सवाल उठ रहे थे और अब कांग्रेस सांसद मनीष तिवारीकी एक सोशल मीडिया पोस्ट ने इस बहस को और रोमांचक बना दिया है मनीष तिवारी ने सोमवार को एक्स पर एक स्क्रीनशॉट शेयर किया, जिसमेंबताया गया कि उन्हें और थरूर को संसद बहस से दूर रखा गया है. उन्होंने इस पोस्ट के साथ 1970 की फिल्म ‘पूरब और पश्चिम’ के देशभक्ति गीत कीपंक्तियां लिखीं कि भारत का रहने वाला हूं, भारत की बात सुनाता हूं. इस इशारे को कांग्रेस नेतृत्व पर निशाने के रूप में देखा जा रहा है. शशि थरूरविदेश मामलों पर अपनी बेबाक राय और भाषण शैली के लिए मशहूर हैं. पहला दायित्व राष्ट्र के प्रतिहालांकि इसके बावजूद वो कांग्रेस के वक्ताओं की सूची में नहीं थे मीडिया ने जब उनसे इस पर सवाल किया तो उन्होंने मुस्कराकर सिर्फ ‘मौन व्रत’ कहा थरूर पहले भी कह चुके हैं कि उनका पहला दायित्व राष्ट्र के प्रति है उन्होंने कहा था कि पार्टी देश को बेहतर बनाने का जरिया है. इसलिए जो भीपार्टी हो, उसका लक्ष्य होना चाहिए भारत को बेहतर बनाना. इस बयान को पार्टी नेतृत्व से उनके मतभेद का संकेत माना जा रहा है. खासकर पहलगामहमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद उनके सार्वजनिक बयानों के बाद से ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत सरकार की वैश्विक कूटनीतिक पहल के तहतमनीष तिवारी और शशि थरूर उन सांसदों में शामिल थे. जिन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों में भेजा गया था. इसी मिशन का हिस्सा रहे फतेहगढ़ साहिबसे कांग्रेस सांसद अमर सिंह भी बहस में नहीं बोल रहे हैं. हालांकि आनंद शर्मा और सलमान खुर्शीद जैसे वरिष्ठ नेता भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे. लेकिन वे वर्तमान में सांसद नहीं हैं. भाजपा ने इस मौके को भुनाने में देर नहीं की. वरिष्ठ भाजपा नेता बैजयंत जय पांडा ने कांग्रेस पर तंज कसते हुएकहा कि आपके पास अच्छे वक्ता हैं. शशि थरुर है अच्छे वक्तालेकिन पार्टी उन्हें बोलने नहीं दे रही मेरे मित्र शशि थरूर जी बहुत अच्छे वक्ता हैं, लेकिन उन्हें आपकी पार्टी बोलने ही नहीं दे रही है। ऑपरेशन सिंदूरजैसे राष्ट्रीय सुरक्षा के गंभीर मुद्दे पर चर्चा के दौरान पार्टी के कुछ सबसे विश्वसनीय और अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण रखने वाले नेताओं को मंच से दूर रखने परकांग्रेस की रणनीति पर सवाल खड़े हो रहे हैं. यह भी दिखाता है कि पार्टी भीतर से एकमत नहीं है और नेतृत्व के फैसलों को लेकर असंतोष बढ़ रहाहै.मनीष तिवारी और शशि थरूर जैसे नेताओं की यह नाराजगी कांग्रेस नेतृत्व के लिए गंभीर चेतावनी हो सकती है। ऐसे समय में जब पार्टी सरकार कोघेरने की कोशिश कर रही है, उसके भीतर उठती आवाजें भाजपा को विपक्ष पर हमला करने का नया मौका दे रही हैं यह बहस संसद से निकलकर अबकांग्रेस के अंदरूनी हालात पर भी केंद्रित हो गई है. लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान कांग्रेस के भीतर असंतोष सामने आया है. वरिष्ठनेता शशि थरूर और मनीष तिवारी को बहस से बाहर रखने पर सवाल उठे हैं। तिवारी की सोशल मीडिया पोस्ट और थरूर की ‘मौन व्रत’ टिप्पणी नेपार्टी नेतृत्व की रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
नीतीश फिर बनेंगे मुख्यमंत्री चिराग पासवान का बड़ा दावा, आलोचना के बाद भी जताया समर्थन

केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान ने सोमवार को कहा कि बिहार के विधानसभा चुनावों के बाद नीतीश कुमार ही फिर सेमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. पासवान की यह टिप्पणी नीतीश कुमार सरकार का समर्थन करने पर अफसोस जताने के दो दिन बाद आई है. दो दिनपहले उन्होंने आरोप लगाया था कि नीतीश सरकार ने अपराधियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है.एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से बात करते हुए, केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि ऑपरेशन सिंदूर के मामले में प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी पर हमला करने के लिए सेना को निशाना बनाया जा रहा है. पासवान ने कहा, एनडीए चुनावों के लिए एक विजयी गठबंधन है उन्होंनेप्रधानमंत्री मोदी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. चिराग ने कहा, मैंने कई बार दोहराया है कि मेरी प्रतिबद्धता और प्रेम प्रधानमंत्री के प्रति है. मुख्यमंत्री पद की लेंगें शपथप्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में, बिहार में चुनाव लड़े जाएंगे चुनाव परिणामों के बाद, नीतीश कुमार फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. बिहार मेंमतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर पासवान ने कहा कि यह प्रक्रिया पहले चार बार हो चुकी है और इसमें कोई अंतर नहीं आयाहै, सिवाय इसके कि अब डिजिटल तकनीक को जोड़ दिया गया है. समारोह से बाहर पत्रकारों से बातचीत में, चिराग ने विपक्ष पर आरोप लगाया किऑपरेशन सिंदूर पर प्रधानमंत्री मोदी पर हमला करने के लिए सेना को निशाना बनाया जा रहा है उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता औरप्रेम दोहराया, और कहा कि बिहार में चुनाव उनके नेतृत्व में लड़े जाएंगे. इसके अलावा उन्होंने मति मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) पर कहा कि यहप्रक्रिया पहले चार बार हो चुकी है. इसमें नया सिर्फ डिजिटल तकनीक जोड़ना है यह बयान सियासी उतार-चढ़ाव और गठबंधन की आंतरिकजटिलताओं को दर्शाता है. सरकार की आलोचनाचिराग पासवान ने तत्कालीन सरकार की आलोचना की, लेकिन फिर भी नीतीश के कार्यकाल की पुष्टि की है। NDA में एक ओर जहां ब्लॉक के नेतानीतीश कुमार संक्रमक चेहरे बने दिख रहे हैं, वहीं चिराग जैसे सहयोगी नेता ने हालिया विवादास्पद बयानबाज़ियों से संकेत दिया कि गठबंधन के भीतरमतभेद भी हैं कुछ JDU नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि चुनाव में नीतीश ही मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं होंगे, तो JDU गठबंधन छोड़ सकती है. इससेगठबंधन में तनाव के संकेत मिलते हैं चिराग पासवान का बयान बिहार की आगामी राजनीति में NDA के चुनाव अभियान की रणनीतिक दिशा, मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर गठबंधन के भीतर प्रतिक्रिया, और चुनौतीपूर्ण राजनीतिक समीकरणों का संकेत देता है. यह बयान बिहार विधानसभा चुनावोंमें गठबंधन की स्थिति और भ्रष्टाचार एवं कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर केंद्रित सियासी बहस की पड़ताल करता है.
ऑपरेशन सिंदूर पर संसद में सियासी संग्राम आज अमित शाह और PM मोदी देंगे जवाब, विपक्ष का ट्रंप कार्ड हमला

ऑपरेशन सिंदूर को लेकर लोकसभा में चर्चा की शुरुआत हो चुकी है. सोमवार से शुरू हुई चर्चा के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहसदेखने को मिली यह चर्चा आज भी जारी रहेगी. इस दौरान सरकार और विपक्ष के बीच दो-दो हाथ होना तय है. अन्य सांसदों के प्रस्तावों के बाद आजकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच लोकसभा को संबोधित करेंगे. इस दौरान वे विपक्ष को करारा जवाब देंगे. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम को समापन भाषण देंगे. वहीं, राज्यसभा में भी आज से पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की शुरुआत होगी. राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के लिए आवंटित कुल 16 घंटों में से कांग्रेस को लगभग दो घंटे का समय आवंटित किया गया है. जिसके दौरानराज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सदन में बहस की शुरुआत करेंगे.भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाने के अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार दावे को लेकर विपक्ष राज्यसभा में भी सरकार को घेर सकताहै. ट्रंप सार्वजनिक मंचों से कई बार दावा कर चुके हैं उन्होंने व्यापार रोकने की धमकी देकर भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाई थी. पहले ही किया जा चुका है खारिजहालांकि, भारत सरकार की ओर से उनके इस दावे को पहले ही खारिज किया जा चुका है. लेकिन, लोकसभा में चर्चा के दौरान विपक्ष ने इसे पहले हीमुद्दा बना लिया है. राहुल गांधी समेत समूचा विपक्ष विदेश नीति को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर है. राहुल और विपक्षी नेता दावा करते रहे हैंकि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में भारत को किसी दूसरे देश का सहयोग नहीं मिला. इसके अलावा विपक्ष पहलगामआतंकी हमले में सुरक्षा चूक का मुद्दा उठाते हुए भी सरकार को घेरे हुए है. लोकसभा में चर्चा की शुरुआत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की उन्होंने कहाकि अब भारत पाकिस्तान को आतंकी हमले पर डौजियर नहीं भेजता, बल्कि कार्रवाई करता है. जड़ तक जाता है भारत के 22 मिनट के सैन्य ऑपरेशनमें 100 आतंकियों के सफाए का दावा किया. विपक्ष की तरफ से चर्चा की शुरुआत गौरव गगोई ने की। गगोई ने रक्षा मंत्री पर गोलमोल जवाब देनेऔर तथ्यों से दूरी बनाने का आरोप लगाया तीखे सवाल पूछे और सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया. गगोई ने राष्ट्रपति ट्रंप के संघर्ष विराम के दावे, आतंकियों के पहलगाम की बैसरन घाटी तक पहुंचने, सुरक्षा इंतजाम न होने, सूरक्षा में चूक समेत तमाम सवाल उठाए। टीएमसी के कल्यण बनर्जी नेप्रधानमंत्री के आकार प्रकार के घटने पर तंज कसा सपा के राजभर ने सरकार को घेरा. आईना दिखाने की कोशिशहालांकि, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बड़ी सावधानी से विपक्ष को आईना दिखाने की कोशिश की. जद(यू) के राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह काअंदाज निराला था. भाजपा के अनुराग ठाकुर ने सीधे विपक्ष के नेता राहुल गांधी को ही निशाने पर ले लिया. उन्हें एलओपी बनने में अक्षम बताते हुएएलओबी (भारत के विरोध में बोलने वाला) तक बता दिया. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार ऑपरेशन सिंदूर के संघर्ष विराम को स्पष्ट संदेशदिया. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच में 22 अप्रैल से 17 जून तक किसी सीधी वार्ता से साफ इनकार किया। एस. जयशंकर नेपरोक्ष रूप से कहने की कोशिश की कि पाकिस्तान हार रहा था. संघर्ष विराम की पेशकस उसने की और भारत ने इसे मान लिया। रक्षा मंत्री राजनाथसिंह ने साफ कहा कि पाकिस्तान के डीजीएमओ के कार्रवाई रोकने के अनुरोध पर भारत ने संघर्ष विराम को स्वीकार किया.
मुख्यमंत्री बनने की मेहनत बेकार गई” खरगे के पुराने जख्म से कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हाल ही में 1999 में मुख्यमंत्री न बन पाने की पुरानी बात को याद किया. जिससे कर्नाटक की राजनीति में नेतृत्वपरिवर्तन को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है. अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या राज्य में नेतृत्व बदला जाएगा और क्या कांग्रेस अब किसीदलित नेता को मुख्यमंत्री बना सकती है. दरअसल खरगे ने रविवार को विजयपुरा में एक कार्यक्रम को संबोधित किया था. इस दौरान उन्होंने कहा किमैंने 1999 में सीएलपी नेता के रूप में पार्टी को सत्ता में लाने के लिए खूब मेहनत की थी. पार्टी ने सरकार बनाई और एसएम कृष्णा मुख्यमंत्री बने. वहकेपीसीसी अध्यक्ष के रूप में चुनावों से चार महीने पहले पार्टी में सक्रिय हुए थे. उन्होंने कहा कि मेरी सारी मेहनत बेकार चली गई. मुझे लगता है किमैंने पांच साल मेहनत की. लेकिन जो व्यक्ति चार महीने पहले आया उसे मुख्यमंत्री बना दिया गया. खरगे ने आगे कहा’मैं यह कहना चाह रहा हूं किहमें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. लेकिन हमें बिना किसी लालच के काम करते रहना चाहिए अगर आप लालची हैं, तो आपको कुछ नहींमिलेगा.पदों के पीछे नहीं भागा कोईसाथ ही आप अपने मन की बात नहीं कर पाएंगे इन सब परिस्थितियों से गुजरते हुए, एक ब्लॉक अध्यक्ष से मैं आज एआईसीसी अध्यक्ष बन गया हूं मैंपदों के पीछे नहीं भागा. खरगे के इस बयान के बाद जगलुर के कांग्रेस विधायक बी. देवेंद्रप्पा ने कहा कि अब कर्नाटक में किसी दलित को मुख्यमंत्रीबनाया जाना चाहिए. देवेंद्रप्पा के इस कथित बयान ने नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को और बढ़ा दिया है वहीं, समाज कल्याण मंत्री एचसी महादेवप्पाने कहा, ‘खरगे देश के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं और उनमें किसी भी सांविधानिक पद पर आसीन होने के सभी आवश्यक गुण मौजूद हैं, और हमारीइच्छा है कि जब भी मौका मिले, उन्हें अवसर मिले. महादेवप्पा ने कांग्रेस के उन दलित नेताओं का नाम लिया, जिन्होंने अन्य राज्यों में मुख्यमंत्री पदसंभाला है. जैसे- दामोदरम संजीवय्या, सुशील कुमार शिंदे, जगन्नाथ पहाड़िया और राम सुंदर दास महादेवप्पा ने कहा कि समय आने पर पार्टी निर्णयलेगी और सभी उसका पालन करेंगे. हालांकि खरगे के बेटे और आईटी/बीटी मंत्री प्रियांक खरगे ने अटकलों को कम करने की कोशिश की. कोई नहीं है पछतावाउन्होंने कहा कि उनके पिता केवल अपने राजनीतिक जीवन के उतार-चढ़ाव के बारे में बता रहे थे. उनके भाषण को समग्रता में देखा जाना चाहिए. नकि चुनिंदा रूप से उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें कोई पछतावा नहीं है. प्रियांक ने कहा, ‘कलबुर्गी और कर्नाटक की जनता, सभी के आशीर्वाद से, वह उस पद पर हैं जिस पर सुभाष चंद्र बोस और गांधीजी थे. अपने राजनीतिक भविष्य के बारे में उन्होंने जो भी फैसला किया है, वह खुद तय करेंगे. उन्होंने यह सम्मान और प्रतिष्ठा अर्जित की है। आलाकमान के साथ उनके अच्छे संबंध हैं. वह जो भी फैसला करेंगे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी औरप्रियंका गांधी उसे स्वतः स्वीकार करेंगे. ‘इस बीच, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि खरगे नेराज्य की जनता के साथ अपनी पीड़ा और निराशा खुलकर साझा की है. उन्होंने यह बता दिया कि कांग्रेस पार्टी में 40-50 साल तक काम करने केबाद भी उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया. उन्होंने कहा कि खरगे की टिप्पणियों ने अप्रत्यक्ष रूप से यह उजागर कर दिया है कि गांधी परिवार, कांग्रेसपार्टी और सिद्धारमैया अनुसूचित जातियों और जनजातियों के साथ कैसे अन्याय करते रहे हैं. भाजपा अध्यक्ष ने सवाल किया कि क्या कांग्रेस पार्टीखरगे की टिप्पणियों को गंभीरता से ले रही है? उन्होंने कहा कि समय ही इस सवाल का जवाब देगा.
ट्रम्प ने Xi Jinping से बैठक का किया खंडन , कहा ‘मैं किसी शिखर सम्मेलन की तलाश में नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ किसी संभावित बैठक से इनकार किया है. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर साझा एकपोस्ट में लिखा कि वे, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बैठक करने की कोई कोशिश नहीं कर रहे हैं और जो इस संबंध में खबरें चल रही हैं वे पूरीतरह से गलत हैं. ट्रंप फिलहाल स्कॉटलैंड में हैं, जहां वे यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौते के लिए पहुंचे हैं.डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि ‘एक फर्जी खबर चलाई जा रही है कि मैं चीन के राष्ट्रपति शीजिनपिंग के साथ बैठक करना चाहता हूं. ये सही नहीं है मैं ऐसा कुछ नहीं चाह रहा हूं. मैं चीन जा सकता हूं, लेकिन ये तभी होगा, जब चीन के राष्ट्रपतिमुझे निमंत्रण देंगे, जो दिया गया है. वरना मेरी इसमें कोई रुचि नहीं है इस मामले पर ध्यान देने के लिए आप सभी का धन्यवाद मैं अभी स्कॉटलैंड में हूंऔर हमने यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौता किया है और कई अन्य मुद्दों पर बात हुई अमेरिका अभी बहुत अच्छा कर रहा है. समझौते को लेकर की बातचीतराष्ट्रपति ट्रंप का बयान ऐसे समय सामने आया है जब उनका प्रशासन कई देशों के साथ व्यापारिक समझौतों को लेकर बातचीत कर रहा है. कुछसमझौतों पर सहमति बन गई है और कई देशों के साथ बातचीत चल रही है. अमेरिका के राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद ही ट्रंप ने कई देशों केखिलाफ टैरिफ युद्ध का एलान किया. ट्रंप ने चीन पर भी भारी भरकम टैरिफ लगाने का एलान किया उसके बाद चीन ने भी अमेरिका पर जवाबीकार्रवाई करते हुए टैरिफ का एलान कर दिया. अब अमेरिका और चीन के बीच भी व्यापार समझौते पर बातचीत चल रही है. इस बातचीत का उद्देश्यआपसी विवाद को निपटाना और बढ़े हुए टैरिफ को रोकना है. राष्ट्रपति ट्रंप का बयान ऐसे समय सामने आया है. जब उनका प्रशासन कई देशों के साथव्यापारिक समझौतों को लेकर बातचीत कर रहा है। कुछ समझौतों पर सहमति बन गई है और कई देशों के साथ बातचीत चल रही है. चीन की विदेशमंत्रालय ने कार्मिक रूप से ट्रम्प के कॉल दावा को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि हाल के समय में दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच कोई फोन कॉल नहींहुआ और न ही टैरिफ वार्ता चल रही है. संभावना है नगण्यविश्लेषकों का मानना है कि यदि Xi Jinping ने कॉल किया होता, तो यह चीन के लिए राजनीतिक कमजोरी साबित हो सकती थी. इसलिए इसकीसंभावना नगण्य है. ट्रम्प की ओर से यह बयान स्पष्ट रूप से मीटिंग की अफवाहों और फेक न्यूज़ को खारिज करने के उद्देश्य से आता है। उन्होंने दोहरायाकि यदि Xi ने आमंत्रण दिया है तो वे विचार कर सकते हैं. लेकिन फिलहाल उनकी कोई रुचि नहीं। ट्रम्प और चीन दोनों के बीच व्यापार-संबंध खुलीबातचीत से गुजर रहे हैं. जहाँ सार्वजनिक संदेश मुख्य रूप से चल रही कूटनीतिक गतिरोध को कमज़ोर और असंगठित दिखाता है. ट्रम्प ने शी जिनपिंगके साथ शिखर बैठक की किसी भी अफवाह को स्पष्ट रूप से खारिज किया यह कहते हुए कि अगर चीन ने निमंत्रण भेजा हो—जो उन्होंने बताया कि होचुका है तो वे विचार करेंगे वरना उन्हें इसमें कोई रुचि नहीं है. दूसरा यह कि व्यापार और टैरिफ वार्ता के बीच यह बयान दोनों देशों के बीच रणनीतिकसंदेश का हिस्सा प्रतीत होता है: अमेरिका बातचीत चाहता है लेकिन किसी दबाव में नहीं है.
‘चिदंबरम पाकिस्तान को क्लीन चिट क्यों दे रहे?’लोकसभा में अमित शाह का तीखा हमला, ऑपरेशन सिंदूर को बताया भारत की दृढ़ इच्छा शक्ति का प्रतीक

लोकसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस सांसद और पूर्व गृहमंत्री पी. चिदंबरम के बयान पर तीखा हमलाबोला. उन्होंने सवाल उठाया कि पाकिस्तान को बचाने की कोशिश कर कांग्रेस को क्या हासिल होगा. शाह ने कहा कि चिदंबरम का बयान पूरी दुनियाके सामने अपने पाक प्रेम का बखान कर रहे हैं. गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेता का यह सवाल कि आतंकी पाकिस्तान से आए या नहीं, देश के पूर्वगृह मंत्री की तरफ से एक तरह से पाकिस्तान को क्लीन चिट देने जैसा है. इसके साथ ही शाह ने कहा कि हमारे पास सबूत हैं और हम संसद के पटलपर उसे रखने को तैयार हैं. उन्होंने कहा कि मारे गए तीन आतंकियों में से दो के वोटर नंबर तक हमारे पास हैं. उनकी जेब में पाकिस्तान निर्मित चॉकलेटभी मिले हैं. साथ ही शाह ने बताया कि हमला कब और कैसे हुआ. अमित शाह ने कहा कि जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि पहलगाम हमले में शामिलआतंकी पाकिस्तान से थे उन्होंने बताया कि मंगलवार सुबह 4 बजे इसकी पुष्टि हो गई. आतंकियों को दी थी शरणसाथ ही जिन दो लोगों ने इन आतंकियों को शरण दी थी, उन्हें भी पकड़ लिया गया है. गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने आतंकियों और उनकेमददगारों को पकड़ने के लिए सभी संसाधनों का इस्तेमाल किया. शाह ने जानकारी दी कि 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था, जिसमें26 लोगों की जान गई थी. उसी दिन वह श्रीनगर रवाना हो गए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले दिन सीसीएस की बैठक बुलाई. उन्होंने बताया किबैठक में सिंधु जल संधि को रोकने का फैसला लिया गया, जो कांग्रेस की ऐतिहासिक भूल थी. शाह ने कहा कि सरकार ने तय किया कि आतंकियोंको उनके छिपने के ठिकानों में जाकर मार गिराया जाएगा. गौरव गोगोई के ‘मोदी बिहार चले गए और राहुल गांधी पहलगाम गए’ वाले बयान पर शाहने कहा कि जब प्रधानमंत्री बिहार में थे. तब तक पहलगाम में कोई स्थिति नहीं थी. राहुल गांधी वहां पहले से मौजूद थे. लेकिन इसका मतलब यह नहींकि पीएम की प्राथमिकता गलत है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने एक सभा में देश पर हुए हमले को लेकर जिम्मेदारी से बात की. हमले में मारे गए लोगअमित शाह ने अपने भाषण के अंत में विपक्ष से अपील की कि ऐसे वक्त में जब देश के निर्दोष लोग आतंकी हमले में मारे गए. तब राजनीति करने केबजाय राष्ट्रहित में एकजुटता दिखानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति काप्रतीक है. कांग्रेस नेताओं को इस पर सवाल उठाने के बजाय सेना और सरकार के साथ खड़ा होना चाहिए. लोकसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा केदौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम के बयान पर नाराजगी जताई और उनपर जमकर हमला बोला उन्होंने कहा कि चिदंबरमपाकिस्तान को बचाने की कोशिश कर रहे हैं. साथ ही शाह ने बताया कि हमले में शामिल आतंकियों की पहचान हो चुकी है और उनके मददगार भीपकड़े गए हैं.
ओवल टेस्ट से पहले बवाल पिच क्यूरेटर से भिड़े टीम इंडिया के कोच गौतम गंभीर, वीडियो हुआ वायरल

भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर की मंगलवार को ओवल के पिच क्यूरेटर से बहस हो गई. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. हालांकि, अब तक मामले की वजह सामने नहीं आई है. बता दें कि, भारत और इंग्लैंड के बीच जारी पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का आखिरी मुकाबला31 जुलाई से द ओवल में खेला जाएगा. टीम इंडिया इस मैच में जीत के साथ सीरीज का समापन 2-2 की बराबरी के साथ करना चाहेगी. फिलहाल, मेहमान टीम मौजूदा सीरीज में 1-2 से आगे चल रही है.समाचार एजेंसी पीटीआई की तरफ से जारी किए गए वीडियो में भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर और मुख्य क्यूरेटर ली फोर्टिस के बीच बहसहोती दिख रही है. इस दौरान गंभीर पिच क्यूरेटर को हाथ से जाने का इशारा करते हैं वीडियो में सितांशु कोटक को बीच बचाव करते देखा जा सकताहै. हालांकि इस विवाद की असली वजह अब तक सामने नहीं आई है. भारत और इंग्लैंड के बीच जारी टेस्ट सीरीज का अंतिम मुकाबला रोमांचक होनेवाला है. कुलदीप यादव को मिल सकता है मौकाइस मैच में भारतीय टीम को आदर्श प्लेइंग 11 की तलाश है. भारतीय टीम प्रबंधन गेंदबाजी संयोजन में परिवर्तन कर सकता है. बल्लेबाजी में आठवेंक्रम तक गहराई देने के लिए एक विशुद्ध गेंदबाज को बाहर बिठाने के निर्णय पर सवाल उठ रहे हैं. माना जा रहा है कि अंतिम मुकाबले में शार्दुल ठाकुरको आराम दिया जा सकता है और उनकी जगह कुलदीप यादव को मौका मिल सकता है. वहीं, अंशुल कंबोज अपने डेब्यू टेस्ट में निष्प्रभावी रहे ऐसे मेंउनकी जगह फिटनेस हासिल कर चुके आकाशदीप या प्रसिद्ध कृष्णा को लिया जा सकता है. शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएलराहुल, साई सुदर्शन, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, आकाश दीप/जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह/मोहम्मदसिराज, प्रसिद्ध कृष्णा/अंशुल कंबोज. वीडियो है सोशल मीडिया पर जमकर वायरलभारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर की मंगलवार को ओवल के पिच क्यूरेटर से बहस हो गई. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. हालांकि, अब तक मामले की वजह सामने नहीं आई है. यह बहस न केवल एक व्यक्तिगत घटना है बल्कि दर्शाती है कि कैसे पिच तैयारियों और मैचरणनीति से जुड़े मुद्दों पर टीम प्रबंधन और स्थल स्टाफ के बीच टकराव हो सकता है भले ही अभी विवाद की वजह स्पष्ट नहीं हुई है, लेकिन क्रिकेट मेंपिच विवादों का पारंपरिक इतिहास इस मामले को और रोचक बनाता है.बातचीत संभवतः पिच की तैयारियों, गेंद की व्यवहार्यता या विकेट के स्वभावपर केंद्रित रही हो सकती है. ऐसे विषयों पर टीम प्रबंधन पिच क्यूरेटर से अक्सर तनावपूर्ण स्थिति में संवाद करता है
चिदंबरम के बयान से संसद में हंगामा, BJP बोली कांग्रेस ने फिर पाकिस्तान का दिया साथ

संसद में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर बहस से ठीक पहले कांग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम के एक बयान ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है।चिदंबरम ने एक इंटरव्यू में पहलगाम आतंकी हमले को लेकर सवाल उठाए कि क्या हमले में शामिल आतंकी वाकई पाकिस्तान से आए थे? क्या इसबात के सबूत हैं? उन्होंने यह भी कहा कि हमले में घरेलू आतंकी भी हो सकते हैं. इस बयान के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला औरआरोप लगाया कि वह हमेशा दुश्मनों की तरफदारी करती है और पाकिस्तान को क्लीन चिट देती है. पी. चिदंबरम ने एक इंटरव्यू में कहा कि सरकारयह साफ नहीं कर रही कि नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने हमले के बाद क्या काम किया है. इसी दौरान चिदंबरम ने ये भी कहा कि क्याउन्होंने(सरकार) आतंकियों की पहचान की है? क्या यह पक्का है कि वे पाकिस्तान से ही आए थे? इसके साथ ही चिदंबरम ने ऑपरेशन सिंदूर केदौरान हुए नुकसान छिपाने का भी आरोप लगाया. चिदंबरम ने कहा कि जंग में दोनों पक्षों को नुकसान होता है. ब्रिटेन ने वर्ल्ड वॉर में रोजाना अपनेनुकसान बताए. भारत को भी ऐसा करना चाहिए सरकार सब कुछ छुपा रही है.कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह संसद में ऑपरेशन सिंदूर पर नहीं बोल रहे हैं. उन्होंने पूछा कि जबपीएम मोदी देश को संबोधित कर सकते हैं. योजना हो गई फेलरैलियों में भाषण दे सकते हैं, तो संसद में क्यों नहीं बोल रहे? चिदंबरम ने यह भी आरोप लगाया कि भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर कीघोषणा खुद भारत ने नहीं बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की थी. क्या सरकार इस पर चर्चा से घबरा रही है? भाजपा आईटी सेल प्रमुखअमित मालवीय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि चिदंबरम वही नेता हैं जिन्होंने भगवा आतंक का झूठ फैलाया. अब फिरपाकिस्तान को बचाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हर बार पाकिस्तान समर्थित आतंक पर सवाल उठाने की जगह उसेबचाने में जुट जाती है. मालवीय ने आगे कहा कि जब भी भारत पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई करता है, कांग्रेस के नेता इस्लामाबाद के बचाव मेंखड़े नजर आते हैं यह दुर्भाग्यपूर्ण है. भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी कांग्रेस पर हमला बोला उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा पाकिस्तान केसाथ खड़ी दिखती है, चाहे वो मुंबई हमले हों या सर्जिकल स्ट्राइक या अब पहलगाम हमला उन्होंने कहा कि संसद में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठायाजाएगा. पहलगाम आतंकी हमले को लेकर पी. चिदंबरम द्वारा पाकिस्तान का जिक्र न करने पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने तीखा हमला बोला है. दुबे ने कहा कि कांग्रेस अब गद्दार संगठन बन चुकी है. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से एमओयू साइन करते हैं औरकांग्रेस पर देश को बेचने की मंशा रही है। उन्होंने कहा कि मोदी जी आ गए, इसलिए इनकी योजना फेल हो गई है. अनुराग ठाकुर पर बोला तीखा हमलाऑपरेशन सिंदूर पर पी. चिदंबरम के बयान को लेकर बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि जब भी पाकिस्तान औरआतंकवाद की बात होती है, तो राहुल गांधी की कांग्रेस, पाकिस्तान से भी ज़्यादा उसका पक्ष लेती है. ठाकुर ने सवाल उठाया कि कांग्रेस कोपाकिस्तान का साथ देने की क्या मजबूरी है उन्होंने कहा कि एक पूर्व गृहमंत्री का ऐसा बयान कांग्रेस की मानसिकता को उजागर करता है. पी. चिदंबरमके इस बयान पर कि पहलगाम हमलावर पाकिस्तानी नहीं थे, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि चिदंबरम को अपनी जानकारी होगी, लेकिन सरकार कह चुकी है कि वे पाकिस्तानी आतंकी थे. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का भारत में आतंक फैलाने का इतिहास रहा है और देश में हुएसभी बड़े आतंकी हमलों के पीछे पाकिस्तान का हाथ रहा है.
नितेश राणे vs रोहित पवार बयानबाज़ी की जंग में गरमाई महाराष्ट्र की सियासत “पवार का राणे पर पलटवार”

महाराष्ट्र की राजनीति बयानबाजी अपने चरम पर है इसी बीच फडणवीस सरकार में मंत्री नितेश राणे और इन दिनों लगातार चर्चा में चल रहे शरद गुटके एनसीपी विधायक रोहित पवार के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. जहां मंत्री राणे ने एनसीपी विधायक पर तंज कसते हुए कहा कि विधायकरोहित पवार का झुकाव भाजपा की ओर है और वह भाजपा नेताओं के संपर्क में थे. हालांकि राणे के इस बयान पर एनसीपी (एसपी) नेता ने भीजोरदार पलटवार किया. उन्होंने कहा कि जो खुद कीचड़ में फंसा हो उसे दूसरो पर बात नहीं करनी चाहिए. महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे पहलेरोहित पवार पर तंज कसते हुए कहा कि रोहित पवार 2019 में भाजपा में शामिल होने वाले थे. अगर हमने ये बताना शुरू कर दिया कि वो किन-किनभाजपा नेताओं के संपर्क में थे तो उन्हें चेहरा छिपाने की जगह नहीं मिलेगी. वह भले ही शरीर से शरद पवार के साथ हों, लेकिन उनका दिल भाजपा केसाथ है. एनसीपी का दिया चुनाव चिन्ह्राणे के इस तंज पर विधायक और शरद पवार के ग्रैंड-भतीजे रोहित पवार ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जो खुद कीचड़ में फंसा हो, उसे दूसरोंपर बात नहीं करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि नितेश राणे जब कांग्रेस में थे और उनसे पार्टी बदलने को लेकर सवाल पूछा गया था. तो खुद गुस्से में आगबबूला हो गए थे. वो जैसे कपड़े बदलते हैं, वैसे ही पार्टियां बदलते हैं। रोहित ने आगे कहा कि वो राजनीति में शुरुआत से ही एक ही पार्टी के साथ हैंसाथ ही पवार ने नितेश राणे को आईना देखने की सलाह दी. बता दें कि बीते साल 2023 में शरद पवार की पार्टी एनसीपी का विभाजन हुआ था. अजीत पवार ने कई विधायकों के साथ भाजपा-शिवसेना सरकार में शामिल होकर अलग गुट बना लिया था. चुनाव आयोग ने अजीत पवार गुट कोअसली एनसीपी का नाम और चुनाव चिह्न दिया, जबकि शरद पवार गुट को नया नाम एनसीपी (शरदचंद्र पवार) मिला. नहीं उठानी चाहिए कोई उंगलीमहाराष्ट्र में सियासी बयानबाजी गरमाई हुई है भाजपा मंत्री नितेश राणे ने तंज कसते हुए कहा कि एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवारका दिल भाजपा के साथ है और वे 2019 में पार्टी में आने वाले थे. इस पर रोहित पवार ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि जो खुद बार-बार पार्टीबदलते हैं और कीचड़ में फंसे हैं, उन्हें दूसरों पर उंगली नहीं उठानी चाहिए. महाराष्ट्र की राजनीति वर्तमान में बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप कीगहमागहमी से घिर गई है. नितेश राणे ने रोहित पवार पर भाजपा के साथ झुकाव और पार्टी बदलने का आरोप लगाया है, वहीं रोहित पवार ने उन्हेंवरिष्ठों के बोलने वाला बताया और साफ किया कि वे बार-बार पार्टी बदलने वाले परिवार से हैं। रोहित पवार ने राणे द्वारा लगाए आरोपों को वरिष्ठनेताओं का निर्देशन मानते हुए खारिज किया. उन्होंने कहा कि राणे कांग्रेस में अधिक मुखर थे, लेकिन भाजपा में आने के बाद “अपना तेवर बदला”