संविधान संशोधन की दिशा में बड़ा कदम: ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर संयुक्त समिति की बैठक

‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की बैठक 30 जुलाई यानी आज होगी. इस बैठक में जाने-माने अर्थशास्त्री एनकेसिंह पैनल के सामने अपने विचार साझा करेंगे. सिंह पूर्व राज्यसभा सदस्य, भारत के 15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष, योजना आयोग के पूर्व सदस्य, पूर्वराजस्व सचिव और पूर्व प्रधानमंत्री के सचिव रह चुके हैं. इस बैठक में उनकी मदद अर्थशास्त्र की प्रोफेसर डॉ. प्राची मिश्रा करेंगी, जो अशोकाविश्वविद्यालय के आइजैक सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी की प्रमुख हैं. इससे पहले 11 जुलाई को भी एक बैठक हुई थी. जिसमें भारत के दो पूर्व मुख्यन्यायाधीश- जेएस खेहर और डीवाई चंद्रचूड़ समेत कई कानूनी विशेषज्ञों से चर्चा की गई थी. बैठक के बाद, समिति के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने इसपहल को राष्ट्र निर्माण के लिए एक सुनहरा मौका बताया और कहा कि सभी सदस्य राजनीति से ऊपर उठकर मजबूत कानून बनाने में लगे हैं. चौधरी नेबताया, ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव के लिए एक बैठक हुई। पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति खेहर और न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ हमारे समक्ष उपस्थित थे और हमनेबातचीत की. सुनहरा है अवसरराष्ट्र निर्माण के लिए इस समिति के लिए यह एक सुनहरा अवसर है. समिति के सभी सदस्य दलगत राजनीति से ऊपर हैं और एक अच्छा ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ विधेयक तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि समिति के सदस्य और विशेषज्ञ दोनों इस पहल के महत्व परसहमत थे. मुख्य न्यायाधीशों के अलावा, समिति ने पूर्व सांसद और विधि एवं न्याय संबंधी संसदीय स्थायी समिति के पूर्व अध्यक्ष ईएमएस नचियप्पनके विचार भी सुने. पिछली बैठक में उपस्थित सदस्यों में प्रियंका गांधी वाड्रा, मनीष तिवारी, रणदीप सिंह सुरजेवाला, भुवनेश्वर कलिता, साकेत गोखले, शांभवी चौधरी और भर्तृहरि महताब शामिल थे. मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए, चौधरी ने कहा कि समिति न्यायाधीशों से परामर्श कर रही है, क्योंकि वे सांविधानिक विशेषज्ञ हैं, और निष्पक्ष रहते हैं. वह केवल कानूनी ढांचे से संबंधित होते हैं. संशोधनों पर कर रही है विचारभाजपा सांसद पीपी चौधरी ने कहा कि समिति संभावित संशोधनों पर विचार कर रही है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि विधेयक न्यायिक जांच में खराउतरे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के दृष्टिकोण को लागू करने में सहायक हो. जेपीसी प्रमुख ने समिति के पांच राज्यों और एककेंद्र शासित प्रदश के दौरे पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि उन्हें बहुमूल्य जानकारी मिली. उन्होंने कहा कि कई राजनीतिक नेताओं, नागरिक समाज केसदस्यों और अधिकारियों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया. समिति इस समय जिन दो विधेयकों पर काम कर रही है उनमें संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 और केंद्र शासित प्रदेश विधि (संशोधन) विधेयक, 2024 शामिल हैं. इन विधेयकों का मकसद लोकसभा और राज्य विधानसभा केचुनावों को एक साथ कराना है.’एक राष्ट्र, एक चुनाव’ विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की बैठक आज होगी. इस बैठक में जाने-मानेअर्थशास्त्री एनके सिंह पैनल के सामने अपने विचार साझा करेंगे। उनकी मदद अर्थशास्त्र की प्रोफेसर डॉ. प्राची मिश्रा करेंगी, जो अशोकाविश्वविद्यालय के आइजैक सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी की प्रमुख हैं.
एक जिला, एक उत्पाद’ से चीन को टक्कर, युवा कॉन्क्लेव में योगी की जोरदार बात “कॉन्क्लेव में CM ने दिखाई CM-YUVA और ODOP की दिशा”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 के पहले यूपी का बाजार त्योहारों पर चीन के सामान से पटा हुआ था. आज चीन के उत्पाद से ज्यादाओडीओपी (एक जिला एक उत्पाद) का उप्पाद बिक रहा है। 2017 के पहले भी प्रदेश में ओडीओपी बड़े पैमाने पर थे लेकिन तब उस समय कीसरकारें नहीं समझ पाईं क्योंकि उनके लिए परिवारवाद ही सर्वोपरि था. वो लोग लगातार प्रदेश के एमएसएमई उद्योगों को बंद करने की साजिश काहिस्सा बन गए थे पर अब सरकार युवाओं को उद्यमी बनने के लिए मदद कर रही है. ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के इंदिरा गांधीप्रतिष्ठान में आयोजित युवा कॉन्क्लेव में कही. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना अब युवाओं के लिए जॉब लेने नहीं बल्कि देने का माध्यमबन गई है. सक्सेस स्टोरी सुनकर बहुत अच्छा महसूस हुआ एक ऐसी स्कीम जिसका ब्याज और गारंटी सरकार दे रही है. एक्सपो का किया शुभारंभदस फीसदी मार्जिन मनी का लाभ भी सरकार दे रही है. इसी का परिणाम है कि 2751 करोड़ रुपए 68000 युवाओं को दिए गए. ये यूपी कापोटेंशियल है ऐसे लाखों युवा यूपी में हैं जो अलग अलग सेक्टर में काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि विश्विद्यालय टापू जैसा बन गए उन्हें स्टेट और सेंट्रलकी योजनाओ की जानकारी नहीं होती. वहां से निकला युवा चौराहे पर खड़ा होकर असमंजस में होता है फिर बिना जानकारी के लोन लेता है लेकिनज्ञान न होने के कारण कर्ज के बोझ तले दब जाता है जिनके पास ज्ञान होता है उनके पास पैसा नहीं होता ऐसी सभी समस्याओं का समाधान सीएमयुवा योजना है विश्विद्यालय के साथ एमओयू इसीलिए किए गए हैं कि वहां पढ़ रहे बच्चों को राज्य और केंद्र योजनाओं का लाभ मिल सके. इसकेपहले सीएम योगी ने युवा कॉन्क्लेव और एक्सपो 2025 का शुभारंभ किया है यह दो दिवसीय युवा कॉन्क्लेव प्रदेश के लाखों युवाओं के लिएउद्यमिता के द्वार खोलेगा. इसमें फ्रेंचाइजी, वित्तीय संस्थाएं, औद्योगिक ब्रांड्स, नीति निर्माता, प्रशिक्षक और निवेशक एक ही मंच पर मौजूद रहेंगे. युवाओं को जोड़ने की परिकल्पनाअपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सीएम युवा उद्यमी अभियान रोजगार को युवाओं से जोड़ने कीपरिकल्पना है. इसे एक साल पहले लॉन्च किया गया था जिसके इतने जबरदस्त रिस्पांस की उम्मीद नहीं थी. हम आज 150 नए आईडिया दे रहे हैं.ये सक्सेसफुल बिजनेस आइडिया हैं जो पांच लाख रुपए से शुरू किए जा सकते हैं. इस अभियान के तहत युवाओं को बिजनेस आइडिया से जोड़ाजाएगा. विश्वविद्यालय को पहली बार जोड़ा गया है जिनके 1100 छात्र आज आए हैं। जो उद्यमी बनेंगे. रूफटॉप सोलर मेंटेनेंस उद्यम की भी शुरुआतआज से की जाएगी. उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य अगले एक साल में 10 लाख इंटरप्रेन्योर को पैदा करना है.आयुक्त एवं निदेशक उद्योग के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि इस कॉन्क्लेव को वन स्टॉप बिजनेस प्लेटफॉर्म के रूप में डिजाइन किया गया है, जहांआइडिया से लेकर उद्यम शुरू करने तक की पूरी यात्रा को सरल बनाया गया है.
ननों की गिरफ्तारी पर प्रियंका गांधी का विरोध प्रदर्शन, बीजेपी पर लगाया अत्याचार का आरोप

भारत और पाकिस्तान के हालिया तनाव को खत्म करने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से लगातार किए गए दावों से भारत मेंसियासी बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले रहा है. ऐसे में एक बार फिर इस मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी पर निशाना साधा है. राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ नहीं कहा कि ट्रंप झूठ बोल रहेहैं, क्योंकि वे खुद बोल नहीं पा रहे हैं. राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर पीएम मोदी बोलेंगे तो ट्रंप सच सामने ला देंगे, इसलिए मोदी चुप हैं. उन्होंने यह भी कहा कि डोनाल्ड ट्रंप अपनी व्यापार डील के लिए पीएम मोदी पर दबाव बना रहे हैं और देखना होगा यह डीलकैसी बनती है.ट्रंप के दावों को लेकर तीखा हमलाराहुल गांधी के बाद कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी पीएम मोदी पर ट्रंप के दावों को लेकर तीखा हमला किया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदीऔर विदेश मंत्री एस जयशंकर के बयान गोलमोल हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सुझाव दिया कि उन्हें साफ-साफ कहना चाहिए कि अमेरिकीराष्ट्रपति झूठ बोल रहे हैं. देखा जाए तो संसद में ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम आतंकी हमले को लेकर चल रहे बहस के दौरान कांग्रेस नेताओं की यहआलोचना मोदी सरकार की अमेरिका के प्रति नरम रुख पर सवाल उठाती है. वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को छत्तीसगढ़में दो कैथोलिक ननों की गिरफ्तारी को लेकर भाजपा पर अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार का आरोप लगाया. साथ ही संसद परिसर में विरोधप्रदर्शन भी किया. केरल से कांग्रेस और विपक्षी सांसदों के साथ मिलकर प्रियंका गांधी ने संसद भवन के मकर द्वार के पास प्रदर्शन किया और गिरफ्तारननों की रिहाई की मांग की. अत्याचारों का कर रहे है विरोधप्रदर्शन में कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और आरएसपी सांसद एन.के. प्रेमचंद्रन भी शामिल रहे. बता दें कि 25 जुलाई को छत्तीसगढ़ के दुर्गरेलवे स्टेशन से नन प्रीति मेरी, वंदना फ्रांसिस और सुकामन मंडावी को गिरफ्तार किया गया. बजरंग दल के एक स्थानीय पदाधिकारी की शिकायत परयह कार्रवाई की गई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि ये नन नारायणपुर की तीन लड़कियों का जबरन धर्म परिवर्तन करवा रही थीं और उन्हें मानवतस्करी के तहत ले जा रही थीं. इस दौरान प्रियंका गांधी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि केरल की कुछ ननों के साथ बहुत बुरा व्यवहार हुआ. उन्हें झूठे आरोपों में फंसाया गया, उनके साथ धक्का-मुक्की की गई और फिर पुलिस उन्हें जबरन ले गई. हम अल्पसंख्यकों पर हो रहे इस तरह केअत्याचारों का विरोध कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि ये महिलाएं हैं. इनके साथ ऐसे व्यवहार की इजाजत नहीं दी जा सकती. आप किसी को बिनासबूत ऐसे आरोप नहीं लगा सकते. साथ ही सरकार पर निशाना साधते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार सिर्फ प्रचार और चुनाव के समय की छविपर काम करती है. असली मुद्दों पर कोई कार्रवाई नहीं होती. हमें उम्मीद नहीं है कि वे कुछ करेंगे, लेकिन हमारा काम है उन पर दबाव बनाना.
मालेगांव धमाका 2008 के दर्दनाक विस्फोट पर फैसला अब करीब, निगाहें एनआईए कोर्ट पर

महाराष्ट्र के मालेगांव में 29 सितंबर 2008 हुए बम धमाके के मामले में करीब 17 साल के बाद अब फैसला सामने आने की उम्मीद तेज हो गई है. संभावना इस बात की तेज है कि मामले में गुरुवार 31 जुलाई 2025 को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) कोर्ट फैसला सुना सकती है. यह मामलामुंबई से लगभग 200 किमी दूर स्थित मालेगांव में हुआ था, जो एक संवेदनशील और मुस्लिम बहुल इलाका माना जाता है इस धमाके में छह लोगोंकी मौत हो गई थी और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. बता दें कि मामले की शुरुआती जांच महाराष्ट्र की आतंकवाद विरोधी दस्ता (एटीएस) नेकी थी. इसके बाद 2011 में केस राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपा गया. 2018 से कोर्ट में ट्रायल शुरू हुआ और 19 अप्रैल 2025 को बहसपूरी हुई. ऐसे में अब फैसला कल यानी 31 जुलाई 2025 को आने की संभावना है. मामले में भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसादपुरोहित, मेजर रमेश उपाध्याय, अजय राहिरकर, सुधाकर द्विवेदी, सुधाकर चतुर्वेदी और समीर कुलकर्णी पर आतंकवाद और आपराधिक साजिश केगंभीर आरोप लगे हैं. 37 गवाह गए है मुकरइन सभी पर गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून (यूएपीए) और भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत मुकदमा चला है जिनमें हत्या, साजिश, सांप्रदायिकता फैलाना, और आतंक फैलाने जैसे आरोप शामिल हैं. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इस मामले की जांच की और कोर्ट सेआरोपियों को उनके अपराध के अनुसार सजा देने की मांग की है. अब बात अगर मामले में एनआईए के पक्ष की करें तो धमाका रमजान के महीने मेंऔर नवरात्रि से ठीक पहले हुआ, जिससे यह साबित होता है कि हमले का मकसद मुस्लिम समुदाय के बीच डर पैदा करना, सांप्रदायिक तनाव फैलानाऔर राज्य की आंतरिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचाना था. एनआई का कहना है कि उनके पास पक्के और विश्वसनीय सबूत हैं जिससे यह साबित होता हैकि सभी आरोपी साजिश का हिस्सा थे और धमाके को अंजाम देने में उनकी सीधी भूमिका थी. हालांकि जांच में 323 गवाहों के बयान दर्ज हुए, जिनमें से 37 गवाह मुकर गए. फसाया गया झूठे केस मेंअब बात इस मामले में आरपियों के पक्ष की करें तो प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि उन्हें झूठे केस में फंसाया गया है और उनके खिलाफ सबूत गढ़े गए हैं. वहींपुरोहित ने कहा कि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं हैं और जांच में कई खामियां रही हैं. इसके साथ ही बाकी आरोपियों ने भी यही कहा कि उन्हेंगलत तरीके से फंसाया गया है और केस में कई विरोधाभासी बातें हैं. वहीं मामले में पीड़ितों की ओर से कोर्ट में कहा गया कि सभी आरोपियों कीदलीलें आपस में मेल नहीं खातीं, कोई कहता है धमाका हुआ ही नहीं, तो कोई इसका दोष स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (एसआईएमआई) पर डालता है. इन विरोधाभासों से यह साफ होता है कि प्रॉसिक्यूशन का केस मजबूत है. महाराष्ट्र के मालेगांव में 29 सितंबर 2008 को हुए बमधमाके के मामले में करीब 17 साल बाद फैसला सामने आने की संभावना तेज हो गई है. इस मामले में भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नलप्रसाद पुरोहित सहित सात आरोपियों पर आतंकवाद और साजिश के गंभीर आरोप हैं. एनआईए ने आरोपियों को सजा देने की मांग की है। ऐसे मेंसबकी निगाहें गुरुवार को एनआईए कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं.
CM ममता की पोस्ट पर बवाल, दिल्ली पुलिस ने लगाए ‘राजनीतिक मंशा वाले झूठ’ के आरोप

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक्स पर जिस वीडियो को पोस्ट कर दिल्ली में भाजपा और पुलिस पर बंगालियों पर अत्याचार कारने काआरोप लगाया था. उस वीडियो को दिल्ली पुलिस ने फर्जी बता दिया है. पुलिस के मुताबिक जांच में पता चला कि महिला ने पश्चिम बंगाल, मालदाके रहने वाले एक टीएमसी नेता बप्पी खान के कहने पर फर्जी वीडियो बनाकर वायरल किया था. ममता बनर्जी ने जो वीडियो एक्स पर पोस्ट किया थाउसमें एक महिला दिल्ली पुलिस पर पीटने का आरोप लगाते हुए नजर आ रही है पुलिस के मुताबिक जांच में पता चला कि महिला के पति के बैंकखाते में वीडियो बनाने के अगले ही दिन 25 हजार रुपये आए हैं. नियत से रची जा रही थी सारी साजिशआशंका व्यक्त की जा रही है कि छवि खराब करने की नियत से सारी साजिश रची गई है दिल्ली पुलिस ने फिलहाल इस संबंध में अभी कोईएफआईआर नहीं की है. पुलिस के मुताबिक मूलरूप से मालदा की रहने वाली सजनूर नामक महिला पूर्वी दिल्ली के ईस्ट विनोद नगर में परिवार केसाथ रहती है वह एक सार्वजनिक शौचालय में काम करती है. इसके सास-ससुर गीता कालोनी में काम करते हैं. 26 जुलाई को सजनूर ने दावा कियाथा कि दिल्ली पुलिस के जवानों ने उसके व बच्चे के साथ मारपीट की. अगले दिन 27 जुलाई को इस वीडियो को ममता बनर्जी ने एक्स पर पोस्टकरते हुए दिल्ली पुलिस पर सवाल खड़े किए। मधु विहार थाना पुलिस साजिश समेत तमाम एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है.ममता बनर्जी ने जो वीडियो एक्स पर पोस्ट किया था उसमें एक महिला दिल्ली पुलिस पर पीटने का आरोप लगाते हुए नजर आ रही है. X पर किया था पोस्टपुलिस के मुताबिक जांच में पता चला कि महिला के पति के बैंक खाते में वीडियो बनाने के अगले ही दिन 25 हजार रुपये आए हैं. दिल्ली पुलिस नेतुरंत जांच शुरू की और पाया कि इस वीडियो में दिख रही महिला, संजानु परवीन, अपने मालदा स्थित एक राजनीतिक कार्यकर्ता रिश्तेदार के कहने परफर्जी वीडियो बना कर viral कर रही थी. वीडियो वायरल करने के तुरंत बाद महिला के पति के बैंक खाते में ₹25,000 जमा हुए थे पश्चिम बंगाल कीमुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने X (पूर्व ट्विटर) पर एक बंगाली-मौली महिला और उसके बच्चे की कथित दिल्ली पुलिस द्वारा मारपीट की वीडियो शेयर कीथी. इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला सिर्फ बंगाली भाषा बोलने के कारण हुआ था हालांकि, ममता बनर्जी ने इन पुलिस दावों को खारिजकरते हुए कहा कि महिला और उसके बच्चे को धमकी दी गई थी, उन्हें विभिन्न थानों में ले जाया गया—और उन्होंने प्रवासियों की मदद के लिए कहाकि वे बंगाल लौट आए ताकि सच सामने आ सके.
मुख्यमंत्री भगवंत मान का अकाली दल पर निशाना “पंजाब की जवानी खा गए, अब लोगों की करवा रहे हैं” जमानतें जब्त

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया पर हमला बोला है. मान ने कहा कि यह लोग पंजाब की जवानी खागए. मान बुधवार को वन विभाग के 942 कर्मचारियों को नियमित करने के समारोह को संबोधित कर रहे थे. मान ने कहा कि मजीठिया पर कार्रवाई केबाद यह साफ हो गया कि यह सभी आपस में मिले हुए हैं. पहले विपक्षी नेता कहते थे कि बड़े तस्करों को नहीं पकड़ रहे हैं. अब जब हमने पकड़ लियातो इसका विरोध करना शुरू कर दिया है. इस दौरान हाउसिंग व शहरी विकास के 6 कर्मचारियों को भी पक्का किया गया है. मान ने कहा कि लोगअब इनकी जमानतें जब्त करवा रहे हैं और यह मुझे बिना मतलब के कोसते रहते हैं. कर्मचारियों का रखा प्रमुखता के साथ पक्षमुख्यमंत्री ने कहा कि पहले इन कर्मचारियों की सुध नहीं ली गई सरकारों का काम लोगों के हितों की रक्षा करना है, जिसमें स्वास्थ और शिक्षा देना, रोजगार देना और विकास कार्यों का पूरा करना शामिल हैं. पिछली सरकारों ने इन हितों की तरफ ध्यान नहीं दिया. उन सरकारों की प्राथमिकताएं हीकुछ और थी अपने परिवारों के हित साधने में लगे रहे हैं जिसमें बड़ी कंपनियां स्थापित करना शामिल है। जिस देश का राजा ही व्यापार करने लगजाएगा. वहां कभी लोगों भला नहीं हो सकता है. मान ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि मैंने यह कुर्सी लेनी ही नहीं थी. अपनों ने इस कुर्सी केसाथ इंसाफ नहीं किया, इसलिए लोगों ने हमें चुन लिया. पिछली सरकारों की प्राथमिकता सिर्फ सत्ता और पैसा था. लोगों के हितों की तरफ उनकाकोई ध्यान नहीं था. मान ने कहा कि साढ़े तीन साल हो गए तो हमने सीएम आवास के पास नाके हटा दिया, क्योंकि उनकी कोई जरूरत नहीं है 10 से20 साल से कर्मचारी डेलीवेज काम कर रहे थे. इसमें अनुबंध पर भी तैनात थे इन कर्मचारियों के हमने सभी के केस चेक किए और अदालतों में भीकर्मचारियों का प्रमुखता से पक्ष रखा. हो रहा है जलवायु परिवर्तनइसी के तहत इन कर्मचारियों को पक्का करने की प्रकिया पूरी की है 942 कर्मचारियों को पक्का किया गया है. जिनको पहले यह नहीं पता था किकल उनकी नौकरी रहेगी या नहीं मान ने कहा कि पूरे देश में जलवायु परिवर्तन हो रहा है. क्योंकि प्राकृति के साथ छेड़छाड़ हो रही है ऐसे में पर्यावरणविभाग के इन कर्मचारियों का महत्व और भी बढ़ जाता है. मान ने कहा कि पेड़ तो लगा दिए हैं. लेकिन उनकी संभाल नहीं हो रही है। यही कारण है किइन पेड़ों का कुछ अता पता नहीं चलता है. वन विभाग के जो गेस्ट हाउस है, उनकी हालत सुधारने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं. जिससे पर्यटन कोबढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है. परमात्मा ने एक कमी रख दी पंजाब के लिए बस कि सबसे अधिक लुटेरे भी पंजाब को दे दिए हैं. सबसे पहलेजेल की यात्रा आपके नाभा के मंत्री ने ही की थी अभी भी एक नाभा में बैठा है. वित्त मंत्री नौ साल यह कहता रहा कि खजाना खाली है तो युवाओं नेप्रदेश से पलायन करना शुरू कर दिया है. कर्मचारियों को नियमित करने की प्रक्रिया बहुत साल पहले हो जानी चाहिए थे. लेकिन पिछली सरकारों कीनाकामी के कारण यह देरी से हुआ है.
बिहार में आशा-ममता कार्यकर्ताओं की प्रोत्साहन राशि बढ़ाने को लेकर सियासत गरमाई, तेजस्वी यादव ने दावा किया क्रेडिट

बिहार में आशा और ममता कार्यकर्ताओं की प्रोत्साहन राशि बढ़ाने पर सियासत शुरू हो गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस पर भी अपना क्रेडिटले लिया और कहा कि मैंने 17 महीने स्वास्थ्य मंत्री रहते आशा एवं ममता कार्यकर्ताओं की प्रोत्साहन राशि बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू दी थी जो अंतिमस्टेज में थी लेकिन तब तक सरकार और मुख्यमंत्री आदतन पलटी मार गए. ये निकम्मी एनडीए सरकार उस पर भी दो साल से कुंडली मार कर बैठी रही. अब आखिरकार इन्हें आशा एवं ममता कार्यकर्ताओं की प्रोत्साहन राशि बढ़ाने की हमारी इस मांग के सामने भी झुकना ही पड़ा. तेजस्वी यादव ने कहाकि यहां सरकार ने चालाकी करते हुए हमारी इस मांग को पूर्णरूपेण लागू नहीं किया. प्रोत्साहन राशि की जाएगी प्रदानइनको प्रोत्साहन राशि नहीं बल्कि मानदेय मिलना चाहिए. हम इन्हें मानदेय देंगे अब इस सरकार को आंगनवाड़ी सेविका/सहायिका तेजस्वी यादव नेकहा कि हमारी मांगों, घोषणाओं, वादों, इरादों और दावों को देखकर इस नकलची, थकी-हारी, दृष्टिहीन और विजन रहित सरकार का डर देखकरअच्छा लगता है. ये डर अच्छा है लेकिन 20 साल तक क्या यह मूंगफली छील रहे थे? यही सरकार, इनके नेता-मंत्री और अधिकारी जो हमारी घोषणाका मखौल उड़ाते थे वो अब सत्ता जाते देख दौड़ रहे है. सब कुछ तेजस्वी का ही नक़ल करोगे या अपनी भी अक्ल लगाओगे? बता दें कि बुधवार सुबहही सीएम नीतीश कुमार ने आशा और ममता कार्यकर्ताओं की प्रोत्साहन राशि बढ़ने का एलान किया है. सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि आशाकार्यकर्ताओं को अब एक हजार रुपये की जगह तीन हजार रुपए प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी. स्वास्थ्य सेवाएं और होगीं मजबूतसाथ ही ममता कार्यकर्ताओं को प्रति प्रसव 300 रुपये की जगह 600 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी. इससे उनका मनोबल और बढ़ेगातथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी.और रसोइयां के मानदेय में भी बढ़ोतरी करने की हमारी मांग को भी मजबूरन मानना ही पड़ेगा. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हमारे 17 महीनों के अल्पकार्यकाल में ही हमने विकास मित्र, शिक्षा मित्र/टोला सेवक, तालीमी मरकज़ और पंचायती राज जनप्रतिनिधियों का मानदेय बढ़ाया था. मुफ्तबिजली, सामाजिक सुरक्षा पेंशन के बाद अब आशा और ममता कार्यकर्ताओं की प्रोत्साहन राशि बढ़ाने पर क्रेडिट पॉलिटिक्स शुरू हो चुकी है. तेजस्वीयादव ने कहा कि नीतीश सरकार को हमारी इस मांग के सामने भी झुकना ही पड़ा.
दिल्ली में महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम की अनुमति, सुरक्षा व्यवस्था होगी अनिवार्य

राष्ट्रीय राजधानी में महिलाएं अब दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में नाइट शिफ्ट में भी काम कर सकेंगी. इसके लिए कार्यस्थल पर सुरक्षा इंतजामबढ़ाने होंगे. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली को कारोबारी हब बनाने के लिए महिलाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखतेहुए यह फैसला किया गया है. मुख्यमंत्री ने मंगलवार को बताया कि इस मुद्दे पर उनकी उपराज्यपाल वीके सक्सेना से लगातार बातचीत चल रही थी. श्रम विभाग को दिल्ली दुकान एवं स्थापना अधिनियम-1954 में बदलाव के निर्देश दिए गए थे. अब नियमों में बदलाव के साथ प्रस्ताव जल्द हीमंजूरी के लिए उपराज्यपाल को भेजा जाएगा. मौजूदा नियम के अनुसार महिलाओं को रात 8 या 9 बजे से सुबह तक की रात्रि पाली में काम करने कीअनुमति नहीं है. कल्याण है हमारी प्राथमिकतासीएम रेखा ने बताया कि महिला कल्याण हमारी प्राथमिकता है नियमों में बदलाव से महिलाओं को आर्थिक आजादी मिलेगी. उन्होंने बताया किहरियाणा, तेलंगाना और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में महिलाओं को रात्रि पाली में काम करने की पहले से ही छूट है. महिलाओं को बिना डर या तनाव केकाम करने का मौका मिलेगा. यह कदम दिल्ली को व्यापार और महिला सशक्तीकरण के मामले में अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है. नए नियमोंके मुताबिक, नाइट शिफ्ट में काम करने के लिए महिलाओं की लिखित सहमति जरूरी होगी. कार्यस्थल पर सीसीटीवी, सुरक्षा गार्ड, सुरक्षित परिवहन, रेस्ट रूम, टॉयलेट और लॉकर की व्यवस्था अनिवार्य होगी. बनानी होगी शिकायत समितियौन उत्पीड़न रोकथाम (पीओएसएच) अधिनियम के तहत शिकायत समिति बनानी होगी. वेतन का भुगतान बैंक या ईसीएस से, ईएसआई, बोनस, भविष्य निधि, साप्ताहिक अवकाश और ओवरटाइम का भुगतान भी सुनिश्चित करना होगा. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली को कारोबारी हबबनाने के लिए महिलाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया गया है. यौन उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम(POSH) के अंतर्गत शिकायत समिति बनाना जरूरी होगा. इसके अलावा वेतन बैंक या ईसीएस के माध्यम से दिया जाएगा, साथ ही ईएसआई, बोनस, भविष्य निधि, साप्ताहिक अवकाश और ओवरटाइम का भुगतान भी सुनिश्चित होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम महिलाओं को आर्थिकस्वतंत्रता देगा और दिल्ली को व्यापार और महिला सशक्तिकरण में अग्रणी बनाएगा.
लोकसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर गरमागरम बहस राफेल से POK तक उठे सवाल, सरकार ने दी दो-टूक जवाब

लोकसभा में सोमवार को ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम आतंकी हमले पर लगभग 10 घंटे लंबी चर्चा हुई. इस दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीचतीखी नोकझोंक देखने को मिली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, गृहमंत्री अमित शाह और विपक्षी दलों के कई प्रमुख नेताओं नेअपने विचार रखे. इस चर्चा में राफेल विमान, ट्रंप की मध्यस्थता, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और यहां तक कि मैकडॉनल्ड्स जैसे उदाहरणों ने चर्चाको दिलचस्प बना दिया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की सैन्य कार्रवाई का जवाब था, जो पहलगाम आतंकी हमले केबाद शुरू किया गया था. उन्होंने कहा कि भारत ने यह ऑपरेशन इसलिए रोका क्योंकि अपने सभी सैन्य लक्ष्य हासिल कर लिए थे. ऑपरेशन सिंदूर पूरीतरह सफल रहा. कोई भी महत्वपूर्ण सैन्य संपत्ति नष्ट नहीं हुई. उन्होंने आगे कहा कि अगर पाकिस्तान फिर कोई हरकत करता है तो यह ऑपरेशन फिरशुरू होगा. कितने गिरे राफेलकांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने बहस के दौरान पूछा कि हम जानना चाहते हैं कि कितने राफेल विमान गिरे? अगर कुछ गिरे हैं. तो यह देश के लिए बहुतबड़ा नुकसान है उन्होंने यह भी कहा कि अगर हमला किया गया था तो उसे अंजाम तक पहुंचाना चाहिए था और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर वापसलेना चाहिए था उन्होंने सरकार से पारदर्शिता की मांग की. विपक्ष ने दावा किया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान के बीचयुद्धविराम कराया था. इस पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जवाब दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ट्रंप के बीच किसी भी बातचीत में व्यापार यायुद्धविराम का कोई संबंध नहीं था. जयशंकर के बयान के बीच विपक्ष ने शोरगुल शुरू किया, जिस पर गृह मंत्री अमित शाह भड़क गए और कहा, किइनको भारत के विदेश मंत्री पर भरोसा नहीं, लेकिन अमेरिका पर है. बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए उन्हें पाकिस्तान केप्रति सहानुभूति रखने वाला बताया। वहीं टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि ट्रंप के सामने प्रधानमंत्री की 56 इंच की छाती 36 इंच की होजाती है. चर्चा के दौरान राजनीतिक कटाक्षों का दौर लगातार चलता रहा. राष्ट्रहित है सर्वोपरिराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की नेता सुप्रिया सुले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने सभी दलों के नेताओं कोआतंकवाद के खिलाफ विदेशों में भारत का पक्ष रखने का मौका दिया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हित सर्वोपरि है, उसके बाद राज्य, फिर पार्टी औरआखिर में परिवार आता है. लोकसभा में चर्चा के बाद अब मंगलवार को राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर बहस होगी. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीऔर गृहमंत्री अमित शाह के बोलने की संभावना है. यह बहस देश की सुरक्षा नीति, सैन्य रणनीति और राजनीतिक दृष्टिकोण को लेकर अहम मानी जारही है. लोकसभा में सोमवार को पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर 10 घंटे लंबी बहस हुई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन कीसफलता गिनाई, तो कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने राफेल गिरने का सवाल उठाया. जयशंकर ने ट्रंप की मध्यस्थता को नकारा, तो अमित शाह ने विपक्षकी सोच पर तंज कसा। चर्चा में POK, आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दे छाए रहे.
भारत-दक्षिण कोरिया और भारत-जापान के बीच रणनीतिक साझेदारी पर जोर, Indo-Pacific में सहयोग को बताया अत्यंत महत्वपूर्ण

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने सोमवार को दक्षिण कोरिया के नवनियुक्त विदेश मंत्री चो ह्यून से द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की. उन्होंने विदेश मंत्री चो ह्यून को उनके सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं भी दीं. इससे पहले, 21 जुलाई को डॉ. जयशंकर ने चो ह्यून को दक्षिणकोरिया के नए विदेश मंत्री के रूप में उनकी नियुक्ति पर बधाई दी थी। उन्होंने एक पोस्ट में दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने और नईदिल्ली और सियोल के बीच एक विशेष रणनीतिक साझेदारी हासिल करने की दिशा में मिलकर काम करने का विश्वास जताया. उन्होंने सोशलमीडिया पोस्ट में लिखा, हमारी विशेष रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए साथ मिलकर काम करने के लिए हम तत्पर हैं। 17 जुलाईको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षिण कोरिया के विशेष दूतों के एक प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया था. फुनापोशी से की मुलाकातभारत और जापान ने सोमवार को रक्षा, आर्थिक सुरक्षा, व्यापार, निवेश और बुनियादी ढांचे समेत अन्य क्षेत्रों में अपने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की. विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा कि विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने द्विपक्षीय विदेश सचिव-उपमंत्री वार्ता के लिए जापान के उप विदेश मंत्री ताकेहिरोफुनाकोशी से मुलाकात की. जापान में भारत के राजदूत सिबी जॉर्ज ने जापान के आर्थिक सुरक्षा मंत्री मिनोरू किउची से मिलकर द्विपक्षीय विशेषरणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा की. दोनों पक्षों ने खासकर आर्थिक सुरक्षा, अंतरिक्ष और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केक्षेत्रों में जोर दिया. जापान स्थित भारतीय दूतावास ने सोमवार को कहा, दोनों देशों में आर्थिक सुरक्षा, अंतरिक्ष और विज्ञान-प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में आगेकाम को और आगे ले जाने पर रणनीतिक जोर दिया गया. यह बैठक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने के उद्देश्य से हाल ही में हुईकई राजनयिक और रणनीतिक बैठकों के बीच हुई है. इस सप्ताह की शुरुआत में, टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास में आईपीओआई : समुद्री संपर्क मेंभारत-जापान साझेदारी कार्यक्रम आयोजित किया गया था. राजदूत सिबी जॉर्ज ने उद्घाटन भाषण दिया, जिसके बाद जापान के पूर्व रक्षा मंत्री औरसांसद मिनोरू किहारा, भारत के सचिव (पूर्व) पी. कुमारन और जापान के विदेश मंत्रालय के महानिदेशक शिंगो मियामोतो ने विशेष भाषण दिए।चर्चाएं हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री संबंधों को बढ़ाने पर केंद्रित रही. बताया अत्यंत महत्वपूर्ण28 जुलाई 2025 को विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने जापान के उप विदेश मंत्री ताकेहीरो फुनाकोशी से नई दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता की. दोनों नेभारत‑जापान की विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी को Indo‑Pacific क्षेत्र में स्थिरता और समृद्धि बनाए रखने के लिए अत्यंत महत्वपूर्णबताया. इस बातचीत में राजनीतिक, रक्षा, आर्थिक सुरक्षा, व्यापार‑निवेश, आधारभूत सुविधाएं, प्रौद्योगिकी सहयोग और लोक‑जन संपर्क जैसेव्यापक क्षेत्रों पर गहन समीक्षा हुई. विक्रम मिस्री ने भारत‑जापान साझेदारी को 21वीं सदी का एक महत्वपूर्ण आर्थिक और रणनीतिक गठजोड़बताया, जिसमें सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, डिजिटल सेवाएँ, शहरी अधोसंरचना और रक्षा सहयोग जैसे नए क्षेत्रों को शामिल करने पर बल दियागया.