"National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |    

जयराम रमेश का PM मोदी को आह्वान, अहंकार छोड़ो और इंदिरा गांधी की कूटनीतिक दृढ़ता से सीखो जानें क्या है पूरा मामला

कांग्रेस के संचार प्रभारी और महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि भारत की विदेश नीति में एक व्यापक बदलाव की जरूरत है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी से कहा कि उन्हें अपना अहंकार छोड़कर 1970 के दशक में जिस तरह इंदिरा गांधी अमेरिका के सामने डटकर खड़ी हुई थीं, उससे प्रेरणा लेनीचाहिए.रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर लिखा, राष्ट्रपति ट्रंप अब भी खुद को मोदी का दोस्त बताते हैं. लेकिन भारत को अनुचितऔर भारी चोट पहुंचा रहे हैं. उन्होंने जो टैरिफ और जुर्माने लगाए हैं वो बिल्कुल भी स्वीकार करने योग्य नहीं हैं. लेकिन सच्चाई यह भी है कि ये सबमोदी की व्यक्तिगत छवि चमकाने वाली ‘हग-लोमेसी’ (गले मिलने की रणनीति) की विफलता को दिखाते हैं. उन्होंने आगे लिखा, भारत ने 1970 केदशक में अमेरिका की दबंगई का डटकर सामना किया था, खासकर जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं. मोदी को इंदिरा गांधी को बदनाम करने, उनकीछवि बिगाड़ने और उनका अपमान करने के बजाय – अगर संभव हो तो – अपना अहंकार छोड़ना चाहिए और यह समझना चाहिए कि इंदिरा गांधी नेअमेरिका के सामने कैसे मजबूती से भारत का पक्ष रखा था. आज भारत की विदेश नीति और प्रशासन में पूरी तरह से बदलाव की जरूरत है. लगाए गए कम टैरिफजयराम रमेश ने मोदी सरकार के पुराने कदमों को याद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सितंबर 2019 में अमेरिका गए थे और ह्यूस्टन में ‘हाउडीमोदी’ नाम का कार्यक्रम किया था. उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी मौजूद थे और मोदी ने परंपरा तोड़ते हुए मंचसे कहा था – अबकी बार, ट्रंप सरकार. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, ट्रंप का 50% टैरिफ आर्थिक ब्लैकमेल है – भारत को एक अनुचित व्यापारसमझौते के लिए डराने-धमकाने की कोशिश है. उन्होंने आगे कहा, प्रधानमंत्री मोदी को अपनी कमजोरी को भारत की जनता के हितों पर हावी नहीं होनेदेना चाहिए. शशि थरूर ने कहा, मुझे नहीं लगता कि यह हमारे लिए कोई अच्छी खबर है अगर कुल मिलाकर टैरिफ 50 प्रतिशत हो जाते हैं, तो इससेहमारे उत्पाद अमेरिका में बहुत से लोगों के लिए महंगे हो जाएंगे। जब आप इन प्रतिशतों को देखते हैं तो तुलना करनी होती है कि हमारे प्रतिस्पर्धियोंपर कितने टैरिफ लगाए गए हैं. उन्होंने आगे कहा, अगर आप वियतनाम, इंडोनेशिया, फिलीपींस, यहां तक कि बांग्लादेश और पाकिस्तान को देखें, तोउन पर हमसे कम टैरिफ लगाए गए हैं. नहीं है अच्छा संकेतऐसे में अमेरिकी बाजार में लोग हमारे सामान नहीं खरीदेंगे, अगर उन्हें वही चीज कहीं और सस्ती मिल रही है. ये हमारे अमेरिकी निर्यात के लिए अच्छासंकेत नहीं है. उन्होंने कहा हमें अब गंभीरता से सोचना होगा कि और किन देशों और बाजारों में हम अपने उत्पाद बेच सकते हैं. अब हमारे पास ब्रिटेन केसाथ मुक्त व्यापार समझौता है. हम यूरोपियन यूनियन (ईयू) से भी बात कर रहे हैं उम्मीद है, कई देशों के साथ हम नए रास्ते खोल पाएंगे लेकिनफिलहाल यह हमारे लिए एक झटका है. थरूर ने आगे कहा, यूरेनियम, पैलेडियम …अमेरिका रूस से बहुत सी चीजें आयात कर रहा है. इसमें एक तरहका दोहरा मापदंड है। उन्होंने चीन को 90 दिन की छूट दी है, जबकि चीन हमसे कहीं ज्यादा रूसी तेल खरीद रहा है। उन्होंने कहा, यह फैसला उस देशसे आया है जिसे हमने अपना दोस्त समझा था. इसलिए हमें इसके हिसाब से कदम उठाने होंगे और इस अनुभव से सीख लेनी होगी. उन्होंने कहा, अबभारत में भी यह मांग उठ सकती है कि हम अमेरिका से आने वाले सामान पर जवाबी टैरिफ लगाएं. हमें अब नए व्यापारिक साझेदारों की ओर गंभीरतासे देखना होगा, खासकर ऐसी परिस्थिति में.

पंजाब का पानी नहीं बँटेगा सीएम भगवंत मान ने केंद्र से की मांग, चिनाब‑यमुना जल पर है प्राथमिक अधिकार

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सतलुज-यमुना लिंक नहर विवाद पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि हरियाणा और राजस्थान को पानी देनेकी मांग की जा रही है. लेकिन “क्या हम अरब सागर तक पानी छोड़ देंगे. उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि चिनाब और अन्य सहायक नदियों काअतिरिक्त पानी पंजाब को उपलब्ध कराया जाए. बुधवार को दिल्ली में सांसद भवन में लोकसभा स्पीकर और अन्य सांसदों से मुलाकात के बाद मान नेमीडिया से बातचीत में कहा कि पंजाब का किसी राज्य से झगड़ा नहीं है, लेकिन कोई हमारी मजबूरी नहीं समझ रहा. उन्होंने बताया कि सांसद भवन मेंपुराने सांसद साथियों से मिलकर उनकी यादें ताजा हो गईं, जिन्होंने उन्हें संसद की रौनक बताया। मान ने जोर देकर कहा कि पंजाब के पास आजपर्याप्त पानी नहीं है. उन्होंने केंद्र से अपील की कि पंजाब के जल संसाधनों की समीक्षा की जाए और इस मुद्दे को नासूर बनने से रोकने के लिए स्थायीसमाधान निकाला जाए. मजबूरी नहीं रहा कोई समझमजाकिया अंदाज में उन्होंने कहा कि मैं रोज सुबह डोनाल्ड ट्रंप का सोशल मीडिया चेक करता हूं, कहीं वे सिंधु जल संधि बहाल करने की बात न करदें. उन्होंने यह भी कहा कि सिंधु नदी क्षेत्र का पानी पंजाब से होकर ही आगे जा सकता है और पंजाब के पास ही रणजीत सागर, पौंग, और भाखड़ाजैसे बांधों के जरिए इस पानी को रोकने की क्षमता है. मान ने सुझाव दिया कि चिनाब का पानी रोहतांग सुरंग के माध्यम से ब्यास नदी में मोड़ा जाए, ताकि पंजाब की जरूरतें पूरी हों और बचा हुआ पानी हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली की पेयजल आवश्यकताओं के लिए उपयोग हो सके. बन चुका है भावनात्मक मुद्दापंजाब के 153 में से 115 ब्लॉक भूजल की अत्यधिक निकासी के कारण संकटग्रस्त हैं. मान ने मांग की कि शारदा-यमुना लिंक परियोजना कोप्राथमिकता दी जाए और यमुना के पानी में पंजाब को 60% हिस्सेदारी दी जाए, क्योंकि 1972 की सिंचाई आयोग की रिपोर्ट में पंजाब को यमुना कारिपेरियन राज्य माना गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एसवाईएल नहर के लिए पंजाब में जमीन उपलब्ध नहीं है और यह भावनात्मक मुद्दा बन चुका है, जो कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकता है. दिल्ली में सांसद भवन में लोकसभा स्पीकर और अन्य सांसदों से मुलाकात के बाद मान ने मीडिया सेबातचीत में कहा कि पंजाब का किसी राज्य से झगड़ा नहीं है लेकिन कोई हमारी मजबूरी नहीं समझ रहा.

अराजकता, उजाड़ और अँधेरा बोले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, बीजेपी सरकार ने हर मोर्चे पर बना दी तबाही जानें क्या कुछ कहा

सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में प्रदेश में अराजकता का माहौल है. कानून-व्यवस्था ध्वस्त है. बिजलीव्यवस्था चरमरा चुकी है. किसानों को फसलों के लिए खाद नहीं मिल रही है. खाद की कालाबाजारी और मुनाफाखोरी रोकने में सरकार विफल है. अखिलेश यादव ने जारी बयान में कहा कि प्रदेश के कई जिले बाढ़ से जूझ रहे हैं. लाखों की आबादी के सामने खाने-रहने, दवा, इलाज का संकट है।सरकार बाढ़ पीड़ितों की मदद नहीं कर रही है. उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर क्षेत्र में अराजकता, लूट और भ्रष्टाचार है. भाजपा सरकार ने नौ साल केकार्यकाल में किसानों, नौजवानों, महिलाओं और आम जनता सभी को धोखा दिया है. सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार के सभी दावे और वादेझूठे साबित हो चुके हैं. यह सरकार प्रदेश के लिए अभिशाप बन चुकी है। इसने प्रदेश की जनता को संकट में डाल दिया है. प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्थसपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि बिहार में भाजपा एसआईआर (मतदाता सूची का गहन विशेष पुनरीक्षण) को लागूकरके संविधान का विरोध कर रही है. जनता भाजपा के खिलाफ वोट न डाल सके, इसलिए भाजपा जनता से वोट देने का अधिकार छीनना चाहती है. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तरकाशी के धराली में बचाव और राहत का कार्य युद्धस्तर पर किया जाए. लोगों के जीवन को बचाने का हरसंभव प्रयास किया जाए. हर एक जीवन अनमोल है पहाड़ी इलाकों में जिस तरह से आपदा आ रही है, वो बहुत चिंता का विषय है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त है. बढ़ती जा रही है बिजली की मांगअखिलेश यादव ने जारी बयान में कहा कि प्रदेश में बिजली की मांग लगातार बढ़ती जा रही है. उत्पादन कम है, मांग ज्यादा है. इस सरकार ने अपनेपूरे कार्यकाल में एक भी यूनिट उत्पादन नहीं बढ़ाया. प्रदेश को आज जो बिजली मिल रही है, वो समाजवादी सरकार में लगाए बिजलीघरों के उत्पादनसे ही मिल रही है. अखिलेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बिजली की भारी कमी है. शहरों में बड़े पैमाने पर अघोषित कटौती हो रही है। छोटे नगरों औरगांवों में कटौती बहुत ज्यादा है. मुरादाबाद में ऊर्जा मंत्री के कार्यक्रम में ही बिजली कट गई.

निजी स्कूलों को बचाने वाला बिल, आप नेता आतिशी ने साधा निशाना बोलीं फीस बढ़ाने वालों की रक्षक बन गई है अब दिल्ली की भाजपा सरकार

आम आदमी पार्टी की नेता और पूर्व सीएम आतिशी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर निजी स्कूलों को लेकर लाए गए बिल पर भाजपा सरकार को घेरा. आपनेता आतिशी ने कहा कि भाजपा सरकार निजी स्कूलों को फायदा पहुंचाने के लिए बिल लेकर आई है. आगे कहा कि निजी स्कूलों की बढ़ाई गई फीसका अभिभावक विरोध कर रहे थे. जिसके बाद भाजरा सरकार ने अप्रैल में कहा कि वह बिल लेकर आ रहे हैं. लेकिन यह बिल चार महीने के बादअगस्त में लाया गया. इसमें इतना समय क्यों लगा और इस बिल के लिए किसी से राय क्यों नहीं ली गई? आगे कहा कि दरअसल, यह बिल निजीस्कूलों को बचाने और उन्हें फीस बढ़ाने का मौका देने के लिए लाया गया है. यह बात कल विधानसभा में भाजपा के विधायक राजकुमार भाटिया नेमान भी ली. बीते मंगलवार को आप दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने अभिभावकों के प्रदर्शन में शामिल होकर उनकी मांगों का समर्थनकिया.स्कूल के खिलाफ की जा सकती है शिकायतसौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली विधानसभा में निजी स्कूलों में फीस तय करने को लेकर जो कानून लाया जा रहा है, उस बारे में अभिभावकों से कोईराय नहीं ली गई. दिल्ली विधानसभा के पास चंदगी राम अखाड़ा पर अभिभावकों ने बढ़ी फीस वापस लो, स्कूल की मनमानी नहीं चलेगी, शिक्षा है व्यापार नहीं के नारे लगाए. अभिभावकों ने शिक्षा मंत्री आशीष सूद के इस्तीफे की मांग की थी. सौरभ भारद्वाज ने कहा था कि अभिभावकों की मांग है कि सभी प्राइवेट स्कूलों का ऑडिट कराया जाए. भाजपा सरकार कह रही है कि वह हर स्कूल का ऑडिट करा चुकी है. लेकिन नए कानून में स्कूलों के ऑडिट का कोई प्रावधान नहीं है. अगर स्कूल के खिलाफ शिकायत भी करनी होगी तो 15 फीसदी अभिभावकों की जरूरत पड़ेगी. अगर किसी स्कूल में तीन हजार बच्चे पढ़ रहे हैं तो 450 अभिभावक हस्ताक्षर करेंगे तभी स्कूल के खिलाफ शिकायत की जा सकती है. मालिकों के साथ है मिली हुईआप प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा था कि कमेटी के पास न कोई सीए है और ना कोई ऑडिटेट अकाउंट है तो प्राइवेट स्कूलों में फीस तय करने का फैसला कोई कमेटी कैसे करेगी? स्कूलों के टीचर कहेंगे कि हमारी सैलरी बढ़ानी है, तो अभिभावक इसमें क्या करेंगे? इसका साधारण तरीका यह था कि दिल्ली के 1677 स्कूलों का सरकार हर साल ऑडिट कराए. ऑडिट को सार्वजनिक किया जाए ताकि स्कूल को कितना फायदा या घाटा हुआ है, अभिभावकों को पता चल सके। इसके मुताबिक फीस घटाई या बढ़ाई जा सकती है. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी नेस्कूल फीस बिल में कई संशोधन करने के के लिए कई सुझाव दिए हैं. प्राइवेट स्कूल के खिलाफ शिकायत करने के लिए 15 फीसद अभिभावकों कीअनिवार्यता को हटाया जाना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाा कि भाजपा प्राइवेट स्कूल मालिकों के साथ मिली हुई है.

ट्रम्प के दूत विटकॉफ की -मॉस्को में बैठक, पुतिन से तीन घंटे की ‘प्रोडक्टिव’ चर्चा, अगले हफ्ते ट्रम्प-पुतिन मुलाकात की है संभावना “शीतयुद्ध को लेकर दिए नए संकेत”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने बुधवार (स्थानीय समयानुसार) को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मॉस्को मेंमुलाकात की. ये मुलाकात उस समय हुई जब रूस को यूक्रेन के साथ शांति वार्ता करने के लिए दी गई समय सीमा लगभग खत्म होने वाली है. अगरसमझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका रूस पर सख्त आर्थिक प्रतिबंध लगा सकता है. जिससे रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर भी असर पड़ सकता है।इस बीच, खबर है कि डोनाल्ड ट्रंप रूसी राष्ट्रपति पुतिन से अगले हफ्ते व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर सकते हैं. क्रेमलिन ने बताया कि यह मुलाकातकरीब तीन घंटे तक चली. पुतिन के विदेश मामलों के सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा कि यह बातचीत उपयोगी और सकारात्मक रही. इसमें यूक्रेनके हालात, अमेरिका-रूस संबंधों में सुधार और दोनों देशों के बीच भविष्य में रणनीतिक सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई. हमला कम करने की अपीलडोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर बताया कि विटकॉफ की पुतिन के साथ ‘बहुत उपयोगी बैठक’ हुई, जिसमें काफी प्रगति हुईहै. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने यूरोप में अमेरिका के सहयोगियो को बैठक के बारे में जानकारी दे दी है. अमेरिका अब अपने यूरोपीय सहयोगियों के साथमिलकर रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ेगा. इससे पहले, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि ट्रंप की दी हुई 10 दिन कीडेडलाइन खत्म होने के बाद अमेरिका रूस पर और भी कड़े प्रतिबंध लगा सकता है. हालांकि, व्हाइट हाउस ने अभी तक इन प्रतिबंधों की पूरी जानकारीसार्वजनिक नहीं की है. अधिकारी को सार्वजनिक रूप से बोलने का अधिकार नहीं था और उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर यह बात कही. अमेरिका नेधमकी दी है कि अगर हत्याएं नहीं रुकीं, तो कड़े टैरिफ और अन्य आर्थिक दंड लगाए जाएंगे. ट्रंप ने रूस द्वारा यूक्रेन के यूक्रेन के नागरिक क्षेत्रों पर बढ़तेहमलों को लेकर नाराजगी जताई है. उन्होंने कई बार पुतिन से हमला कम करने की अपील की थी, लेकिन रूस ने हमले और तेज कर दिए हैं. यूक्रेन कर रहा है सर्दियों की तैयारीयूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बुधवार शाम (स्थानीय समयानुसार) को बताया कि उन्होंने पुतिन-विटकॉफ की मुलाकात के बाद अमेरिकीराष्ट्रपति ट्रंप से फोन पर बात की. उन्होंने कहा कि यूरोपीय नेताओं ने भी बातचीत में भाग लिया. जेलेंस्की ने कहा कहा, ‘हमने मॉको में हुई बातचीत परचर्चा की. जेलेंस्की ने कहा कि सभी की राय साफ है ‘युद्ध खत्म होना चाहिए. हालांकि, उन्होंने बातचीत का कोई विवरण नहीं दिया. क्षेत्रीय गवर्नरइवान फेडोरोव ने बुधवार को बताया कि रूस ने मंगलवार रात यूक्रेन के जापोरिज्जिया इलाके में एक मनोरंजन केंद्र पर हमला किया. जिसमें दो लोगोंकी मौत हो गई और 12 घायल हुए, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं. उन्होंने बताया कि रूसी सेना ने क्षेत्र पर कम से कम चार हमले किए और शुरुआतमें शक्तिशाली ग्लाइड बमों से हमला किया. राष्ट्रपति जेलेंस्की ने टेलीग्राम पर एक पोस्ट में कहा, ‘इन हमलों का कोई सैन्य मकसद नहीं, बस डरफैलाना है. जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने यूक्रेन के पावर ग्रिड और हीटिंग व रसोई गैस की सुविधाओं पर भी हमला किया, क्योंकि यूक्रेन सर्दियों कीतैयारी कर रहा है.

महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग ने जताई गहरी चिंता, कहा सभी कार्यस्थलों पर किया जाए पॉश ऑडिट अनिवार्य

महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग ने कार्यस्थलों पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से सुरक्षा के लिए बनाए गए कानून पॉश एक्ट की कमजोर अमलवारी परचिंता जताई है. आयोग ने सभी दफ्तरों में पॉश ऑडिट को अनिवार्य करने की मांग की है. आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने सोशल मीडियाप्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो संदेश में कहा कि उन्होंने हाल ही में राज्य के कई हिस्सों का दौरा किया और पाया कि कई दफ्तरों में आंतरिकशिकायत समिति (आईसीसी) तो बनी है लेकिन वो सिर्फ कागजों पर ही मौजूद है। उन्होंने कहा, ‘कई बार समिति के सदस्यों को यह तक नहीं पताहोता कि उनके अधिकार और जिम्मेदारियां क्या हैं. ऐसे में महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं, भले ही कमेटी हो भी. सुरक्षित माहौल है तैयार करनाइस स्थिति को सुधारने के लिए महिला आयोग ने महिला और बाल विकास मंत्री को एक प्रस्ताव सौंपा है. इस प्रस्ताव में मांग की गई है कि पॉशकानून के अनुपालन की नियमित जांच के लिए सरकार एक सरकारी निर्णय (जीआर) जारी करे. रूपाली चाकणकर ने कहा, ‘पॉश ऑडिट को वित्तीयऑडिट या अग्नि सुरक्षा ऑडिट जितना ही जरूरी माना जाना चाहिए।’ उन्होंने आगे कहा कि ऐसे ऑडिट से सुनिश्चित होगा कि कार्यस्थल सिर्फ कानूननसुरक्षित नहीं, बल्कि वास्तव में महिलाओं के लिए सुरक्षित और सहायक वातावरण वाले हों. कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम, निषेध और निवारण एक्ट 2013 में लागू हुआ था. इसका उद्देश्य कार्यस्थलों पर महिलाओं को यौन उत्पीड़न से बचाना है और उनके लिए सुरक्षितमाहौल तैयार करना है. महिलाएं करवा सकेंगी अपनी शिकायत दर्जइसके तहत हर दफ्तर में 10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले संस्थान को एक आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) बनानी होती है, जहाँ महिलाएंअपनी शिकायत दर्ज करवा सकें. यह पता लगाने के लिए कि आईसीसी वाकई में सक्रिय है या नहीं. समिति के सदस्यों को कानून और प्रक्रिया कीपूरी जानकारी होनी चाहिए। महिला कर्मचारी खुलकर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकें, ऐसा भरोसेमंद माहौल बनाना. कार्यस्थल पर महिलाओं कीसुरक्षा को गंभीरता से लिया जाए. महाराष्ट्र महिला आयोग ने साफ कहा है कि सभी दफ्तरों में पॉश ऑडिट जरूरी किया जाए और राज्य सरकार इसप्रस्ताव पर अमल करे व इसे लेकर एक आदेश जारी करे, जिससे हर दफ्तर में पॉश ऑडिट अनिवार्य किया जाए. इससे न केवल कानूनी अनुपालनसुनिश्चित होगा, बल्कि महिलाओं को कार्यस्थल पर असली सुरक्षा भी मिलेगी.

भारत-फिलीपीन संबंधों में अब बना नया अध्याय, राष्ट्रपति मार्कोस ने भारत दौरे को बताया सबसे सफल यात्रा रात्रिभोज पर बोले मार्कोस

मार्कोस राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा राष्ट्रपति भवन में आयोजित रात्रिभोज में बोल रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा, ‘यह मेरी अब तक की सबसे अच्छी औरसफल यात्राओं में से एक रही है और इसका श्रेय भारत और फिलीपीन की गहरी दोस्ती को जाता है. फिलीपीन के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोसजूनियर ने भारत दौरे को अब तकी अपनी सबसे फायदेमंड और सफल यात्राओं में से एक बताया. उन्होंने कहा कि यह सब भारत और फिलीपीन केबीच मजबूत दोस्ती की वजह से संभव हुआ है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में फिलीपीन के राष्ट्रपति मार्कोस जूनियर का औपचारिक स्वागतकिया. उनके सम्मान में एक भोज का आयोजन किया। मार्कोस की यह यात्रा महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. क्योंकि दोनों देश राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहे हैं. भारत की राष्ट्रपति मुर्मू ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘उन्होंने राष्ट्रपति भवन में फिलीपीन के राष्ट्रपति मार्कोस कास्वागत किया और उनके सम्मान में भोज दिया. साझेदारी बनाने में करेंगी मदददोनों देशों के नेताओं ने माना कि यह यात्रा भारत और फिलीपीन के बीच मजबूत साझेदारी बनाने में मदद करेगी. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यह भी कहाकि भारत और फिलीपीन के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और व्यावसायिक आदान-प्रदान से बने संबंध हमारी मित्रता और सहयोग को एक मजबूतआधार प्रदान करते हैं. मुझे विश्वास है कि वीजा व्यवस्था में और अधिक सुगमता, बेहतर हवाई संपर्क के साथ हमारे लोग और व्यवसाय अधिकसहयोग करेंगे. उन्होंने कहा कि हमारे दोनों देश समृद्ध कलात्मक विरासत और सांस्कृतिक विविधता से संपन्न हैं. हमारे सदियों पुराने संबंधों की झलकआज भी देखी जा सकती है. मुझे बताया गया है कि रामायण पर आधारित दंतकथाएं फिलीपीन में भी लोकप्रिय हैं. मुझे आशा है कि फिलीपीन केहमारे मित्र रात्रिभोज के दौरान इस सांस्कृतिक बंधन का अनुभव कर पाएंगे. इससे पहले सोमवार को, राष्ट्रपति मार्कोस जूनियर ने अपनी पांच दिवसीयआधिकारिक भारत यात्रा की शुरुआत विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात कर की. मोदी के साथ व्यापक चर्चाउन्होंने हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भी व्यापक चर्चा की. राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में बोलते हुए, फिलीपीन के राष्ट्रपति ने यह भीकहा, ‘इंडो-पैसिफिक, एशिया-प्रशांत का सही विकास है. उन्होने अपनी यात्रा को भारत और फिलीपीन के बीच गठबंधन की पुनः पुष्टि बताया. मार्कोस जूनियर के 2022 में पदभार ग्रहण करने के बाद से फिलीपीन के किसी राष्ट्रपति की यह पहली आधिकारिक भारत यात्रा है। उनके साथ प्रथममहिला लुईस अरनेटा मार्कोस और कई कैबिनेट मंत्रियों सहित एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी है. फिलीपीन के राष्ट्रपति 4-8 अगस्त तक भारत कीयात्रा पर हैं. फिलीपीन के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित रात्रिभोज के दौरान कहा कि यह मेरी अब तक कीसबसे अच्छी और सफल यात्राओं में से एक है. इसका श्रेय भारत और फिलीपीन की गहरी दोस्ती को जाता है.

बरेली को सीएम योगी ने दी बड़ी सौगात, 545 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण व शिलान्यास, 6000 लोगों को मिलेगा रोजगार का अवसर

बरेली कॉलेज स्थित जनसभा स्थल पर मुख्यमंत्री की मौजूदगी में रोजगार मेले में निजी कंपनियों के प्रतिनिधि 6000 पदों के लिए अभ्यर्थियों का चयनकरेंगे. सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत लाभार्थियों को डमी चेक भी दिए जाएंगे. बरेली मंडल के पहले यूनानी मेडिकल कॉलेज में अब इलाज केसाथ पढ़ाई की राह आसान होगी. शिलान्यास के लगभग चार साल बाद 129 करोड़ रुपये की लागत से हजियापुर में बन कर तैयार यूनानी मेडिकलकॉलेज का बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोकार्पण करेंगे.मुख्यमंत्री 22.64 अरब रुपये की 545 परियोजनाओं की सौगात जिले के लोगों को देंगे. वह 223 उन विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे, जिनकालाभ सीधे जनता को मिलने लगा है या मिलना शुरू हो जाएगा. इसी तरह से जिले में होने वाले 322 विकास कार्यों का शिलान्यास भी मुख्यमंत्रीकरेंगे. इससे पहले बारिश के कारण मंगलवार की देर रात तक जिला प्रशासन की तरफ से बरेली कॉलेज के मैदान पर जलभराव वाले स्थल को दुरुस्तकरा कर इंटरलॉकिंग कराई गई. डमी चेक जाएंगें बांटेविभागों की ओर से लगाए जाने वाले स्टॉल के सामने प्लाई बिछाई गई. बरेली कॉलेज के मैदान पर आकर्षक तरीके से तिरंगा पंडाल बनाया गया है।मुख्यमंत्री जनसभा स्थल पर आते ही सबसे पहले अलग-अलग विभागों के स्टॉल का निरीक्षण करेंगे. इसके बाद वह 545 विकास कार्यों का लोकार्पणऔर शिलान्यास करेंगे. उपायुक्त उद्योग विकास यादव ने बताया कि सीएम युवा उद्यमी योजना में 1550 अभ्यर्थियों को लोन बांटा गया है. इसमेंमुख्यमंत्री के हाथों से पांच लोगों को डमी चेक दिलाकर सम्मानित कराएंगे. इसी तरह आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूह की लखपति दीदियोंको सम्मानित किया जाएगा. डूडा की तरफ से बने प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चाबी दी जाएगी. शिक्षा विभाग के तीनप्रतिभावान खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री सम्मानित करेंगे. किसान दुर्घटना बीमा योजना के लाभार्थी परिवारों को डमी चेक बांटे जाएंगे. पुलिस बल को दिए गए दिशा निर्देशमुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियों को मंगलवार की देर शाम अंतिम रूप दे दिया. कार्यक्रम की नोडल अधिकारीसीडीओ देवयानी हैं. जनसभा स्थल को सात जोन में बांटा गया है. इसमें जोनल-सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। जनसभा स्थल के सभी ब्लॉक मेंपानी की व्यवस्था की गई है. व्यवस्था में लगे अधिकारियों को किसी भी विपरीत स्थिति में कंट्रोल रूम के नंबर 9454417441 पर सूचना देने केलिए कहा गया है. व्यवस्थाओं के क्रम में एडीएम सिटी सौरभ दुबे ने आदेश जारी किए हैं. मुख्यमंत्री सर्किट हाउस में बरेली मंडल के 28 जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे। यह बैठक सुबह 10:30 से 11:45 बजे तक चलेगी. सवा घंटे की बैठक के बाद वह जनसभा स्थल पर जाएंगे।जनसभा के मंच पर मुख्यमंत्री विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे. विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर योजनाओंके लाभार्थियों को प्रमाण पत्र बांटेंगे. इसके बाद बरेली के लोगों को संबोधित करेंगे. मुख्यमंत्री के बरेली कॉलेज में प्रस्तावित कार्यक्रम की निगरानी केलिए कई ड्रोन लगाए गए हैं. करीब 1600 पुलिसवालों की तैनाती सुरक्षा व यातायात व्यवस्था में रहेगी. पीएसी अलग से लगाई गई है. मंगलवार कोएडीजी, डीएम-एसएसपी ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया. एसएसपी ने ड्यूटी में लगे पुलिस बल दिशा-निर्देश दिए.

दिल्ली में निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर अब होगी लगाम, फीस विनियमन विधेयक पर सदन में जोरदार बहस, पास होने की है उम्मीद

दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को दिल्ली स्कूल शिक्षा (शुल्क निर्धारण एवं विनियमन में पारदर्शिता) विधेयक-2025 परगंभीर चर्चा हुई लेकिन यह पास नहीं हो सका. शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने इस बिल को लाखों अभिभावकों के लिए राहतकारी बताया. उन्होंने कहा किये निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर लगाम लगाएगा. सत्ता पक्ष के विधायकों ने इसे अभिभावकों के हित में क्रांतिकारी कदम बताया. बुधवार कोसदन में इस बिल के पास होने की उम्मीद है. विधानसभा में मंगलवार को बहुप्रतीक्षित दिल्ली स्कूल शिक्षा विधेयक पर चर्चा के दौरान गहमागहमीरही. ये बिल सोमवार को शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने सदन में पेश किया था लेकिन दो दिन बाद भी यह पास नहीं हो सका. सत्ताधारी भाजपा केविधायकों ने इसे दिल्ली के 18 लाख बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए गेम चेंजर बताया शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने चर्चा में कहा कि ये बिलदिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम, 1973 को और मजबूत करता है, उसे कमजोर नहीं. 10 लाख तक का जुर्मानामंत्री सूद ने साफ किया कि एक भी अभिभावक की शिकायत पर शिक्षा विभाग मनमानी फीस वृद्धि के खिलाफ कार्रवाई करेगा. इस बिल के प्रमुखप्रावधानों ने अभिभावकों में उम्मीद जगाई है. सभी निजी स्कूलों को हर तीन साल में प्रस्तावित फीस स्ट्रक्चर जमा करना होगा और बदलाव सिर्फ तीनसाल में एक बार ही हो सकेगा. स्कूलों को अपनी वित्तीय स्थिति सार्वजनिक करनी होगी. अगर कोई स्कूल बिना इजाजत फीस बढ़ाता है तो 1 लाख से 10 लाख तक का जुर्माना लगेगा. बार-बार गलती करने पर यह जुर्माना दोगुना या तिगुना हो सकता है. अगर कोई स्कूल फीस के लिए बच्चे को तंग करता है तो प्रति बच्चा 50,000 रुपये का जुर्माना लगेगा. गंभीर मामलों में स्कूल की मान्यता रद्द हो सकती है या सरकार उसका प्रबंधनअपने हाथ में ले सकती है. भाजपा विधायक राजकुमार भाटिया ने कहा कि ये बिल दिल्ली के लाखों अभिभावकों के लिए राहत है. विधायक तरविंदरसिंह मारवाह ने कहा कि बिल में छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा गया है. अगर कोई स्कूल फीस के लिए अभिभावकों या बच्चों को परेशान करता है, तो उसे सजा मिलेगी.सरकार का किया धन्यवादबिल में तीन स्तरों स्कूल, जिला और राज्य स्तर की शिकायत निवारण प्रणाली होगी. फीस तय करने में स्कूल के इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टाफ की सैलरी औरसालाना वृद्धि को ध्यान में रखा जाएगा लेकिन मुनाफाखोरी पर सख्त रोक होगी. विवाद के दौरान स्कूल केवल पिछले साल की फीस ही वसूल सकेंगे. शिक्षा मंत्री ने अभिभावकों से इस बिल का समर्थन करने की अपील की. हालांकि विपक्ष ने इस बिल पर कुछ सवाल उठाए जिसके चलते यहमंगलवार को पास नहीं हो सका. अब बुधवार को होने वाली चर्चा और मतदान पर सबकी नजर है. अगर यह बिल पास हो जाता है तो दिल्ली के निजीस्कूलों की फीस व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा. मंगलवार को कुछ अभिभावकों ने दिल्ली विधानसभा परिसर में आकर इस बिल को लाने के लिएसरकार का धन्यवाद भी किया.

भारत और फिलीपींस की रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई, पीएम मोदी और राष्ट्रपति मार्कोस की हुई ऐतिहासिक मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारत दौरे पर आए फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर से राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली मेंमुलाकात की. साथ ही गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया. विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच दोस्ताना और गहरे रिश्तों को आगेबढ़ाने के लिए बातचीत हुई. विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि भारत और फिलीपींस के बीच सभ्यता, इतिहासऔर लोगों के बीच मजबूत जुड़ाव पर आधारित पुराने रिश्ते हैं. दोनों नेताओं के बीच हो रही बातचीत का उद्देश्य दोनों देशों की दोस्ती और आपसीसहयोग को और मजबूत करना है. इस मुलाकात से उम्मीद की जा रही है कि भारत और फिलीपींस के संबंध और भी मजबूत होंगे और कई अहम क्षेत्रोंमें सहयोग बढ़ेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत और फिलीपींस अपनी मर्जी से दोस्त हैं और उनकी दोस्ती नियति से जुड़ी है. स्वतंत्रता का करते है समर्थउन्होंने कहा कि हिंद महासागर से लेकर प्रशांत महासागर तक दोनों देशों को साझा मूल्य जोड़ते हैं. यह दोस्ती केवल पुरानी नहीं बल्कि भविष्य के लिएभी एक मजबूत वादा है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और ‘महासागर’ विजन में फिलीपींस एक महत्वपूर्ण साझेदार है. दोनोंदेश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, सुरक्षा, समृद्धि और नियमों पर आधारित व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध हैं. वे अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार नौवहन कीस्वतंत्रता का समर्थन करते हैं. अगले साल फिलीपींस आसियान का अध्यक्ष होगा, जिसके सफल संचालन के लिए भारत पूरी मदद देगा. पीएम मोदीने बताया कि दोनों देशों के बीच हर स्तर पर बातचीत और सहयोग जारी है. आज दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग, क्षेत्रीय मुद्दों और अंतरराष्ट्रीयपरिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की. इस बैठक में भारत-फिलीपींस संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर ले जाने का फैसला किया गया है. इससाझेदारी को सफल बनाने के लिए एक विस्तृत कार्य योजना भी बनाई गई है. दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 3 अरब डॉलर से अधिक हो गयाहै। इसे और मजबूत करने के लिए भारत-आसियान फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की समीक्षा जल्द पूरी करने और द्विपक्षीय प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट पर काम करनेका निर्णय लिया गया है. सुरक्षा क्षेत्र में आएगी मजबूतीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर के साथ वार्ता की. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीचरक्षा संबंध दिन-ब-दिन मजबूत हो रहे हैं. जो गहरे विश्वास का प्रतीक हैं। दोनों देश समुद्री राष्ट्र हैं. इसलिए समुद्री सहयोग जरूरी और स्वाभाविक है. उन्होंने कहा कि पहली बार, भारतीय नौसेना के तीन जहाज फिलीपींस में हो रही नौसेना अभ्यास में भाग ले रहे हैं जिसमें भारत का हाइड्रोग्राफी जहाजभी शामिल है. प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दिन भारत-फिलीपींस के द्विपक्षीय संबंधों के लिए ऐतिहासिक है. अब दोनों देशों के रिश्ते रणनीतिकसाझेदारी के स्तर पर पहुंच रहे हैं, जिससे रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में मजबूती आएगी. पिछले कुछ वर्षों में व्यापार, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, स्वास्थ्य, खाद्यसुरक्षा और विकास साझेदारी जैसे क्षेत्रों में बहुत प्रगति हुई है. अगले पांच वर्षों के लिए एक कार्य योजना बनाई गई है फिलीपींस जुलाई 2027 तकभारत का देश समन्वयक होगा और 2026 में वह आसियान के अध्यक्ष पद का संचालन करेगा. पीएम मोदी ने फिलीपींस के राष्ट्रपति से मुलाकात केदौरान भारत फिलीपींस के रिश्ते के 75 साल पूरे होने का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इस साल भारत और फिलीपींस के बीच राजनयिक रिश्तों को75 साल पूरे हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि भले ही हमारे कूटनीतिक रिश्ते नए हों, लेकिन हमारी संस्कृतियों का जुड़ाव बहुत पुराना है। फिलीपींस मेंरामायण की कहानी ‘महारादिया लवाना’ इसका बड़ा उदाहरण है, जो हमारी सदियों पुरानी सांस्कृतिक कड़ी को दर्शाता है.