वोट चोरी लोकतंत्र पर है हमला राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर फिर साधा निशाना, कांग्रेस ने लॉन्च किया पोर्टल

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनाव आयोग पर निशाना साधा. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा कर लिखा, ‘वोट चोरी एक व्यक्ति, एक वोट के बुनियादी लोकतांत्रिक सिद्धांत पर हमला है. स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों केलिए साफ-सुथरी मतदाता सूची अनिवार्य है. चुनाव आयोग से हमारी मांग साफ है कि पारदर्शिता दिखाएं और डिजिटल मतदाता सूची सार्वजनिक करें, ताकि जनता और राजनीतिक दल उसका खुद ऑडिट कर सकें. आप भी हमारे साथ जुड़ कर इस मांग का समर्थनकरें- http://votechori.in/ecdemand पर जाएं या 9650003420 पर मिस्ड कॉल दें. ये लड़ाई लोकतंत्र की रक्षा की है. राहुल ने सोशलमीडिया पर एक वीडियो साझा किया. जिसमें उन्होंने भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत से चुनावों में बड़े पैमाने पर आपराधिक धोखाधड़ी होनेके अपने दावों को दोहराया. उन्होंने कर्नाटक के एक निर्वाचन क्षेत्र के विश्लेषण का हवाला देते हुए कहा था कि यह संविधान के खिलाफ अपराध है. चुनाव आयोग भी है शामिलपोर्टल पर एक संदेश भी है जिसमें कहा गया है कि वोट हमारे लोकतंत्र की नींव है लेकिन इस पर भाजपा की ओर से सुनियोजित हमला किया जा रहाहै जिसमें चुनाव आयोग भी शामिल है.इसमें दावा किया गया, ‘बंगलूरू मध्य के सिर्फ एक विधानसभा क्षेत्र में हमें एक लाख से ज्यादा फर्जी मतदाता मिले, जिन्होंने भाजपा को यह लोकसभासीट जीतने में मदद की. कल्पना कीजिए कि अगर ऐसा 70-100 सीटों पर हो तो यह स्वतंत्र चुनावों को नष्ट कर देगा. पोर्टल पर दिए गए संदेश मेंलिखा है’कांग्रेस और भारत ने पहले भी महाराष्ट्र सहित कई जगहों पर चिंता जताई है. अब हमारे पास सबूत हैं हम इस वोट चोरी से पूरी ताकत सेलड़ेंगे. हमारे लोकतंत्र की रक्षा के लिए हमारे साथ जुड़ें. प्रमाण पत्र किया जाता है जारीजब कोई व्यक्ति पोर्टल पर पंजीकरण करता है तो उसके नाम पर एक प्रमाण पत्र जारी किया जाता है. जिसमें लिखा होता है कि वह ‘वोट चोरी’ केखिलाफ है. प्रमाणपत्र में लिखा है’मैं चुनाव आयोग से डिजिटल मतदाता सूची की राहुल गांधी की मांग का समर्थन करता हूं. प्रमाणपत्र पर कांग्रेसअध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और कोषाध्यक्ष अजय माकन के हस्ताक्षर हैं.राहुल गांधी के चुनावी धांधली के दावों के बाद कांग्रेस ने एक वेब पोर्टल लॉन्च किया. यहां लोग चुनाव आयोग से ‘वोट चोरी’ के खिलाफ जवाबदेहीकी मांग करने और विपक्ष के नेता की डिजिटल मतदाता सूची की मांग का समर्थन करने के लिए पंजीकरण करा सकते हैं. कोई भी पोर्टल लिंक परक्लिक करके ‘वोट चोरी का सबूत, चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग और वोट चोरी की रिपोर्ट’ डाउनलोड कर सकता है.
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा पर दो EPIC नंबर का आरोप, तेजस्वी यादव बोले मतदाता सूची में बड़ा फर्जीवाड़ा

डिप्टी सीएम विजय सिन्हा पर राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस पार्टी ने बड़ा आरोप लगा दिया है. राजद और कांग्रेस ने दावा किया है कि डिप्टी सीएमविजय सिन्हा के पास दो EPIC नंबर है. उन्होंने दो जगह से मतदाता पुनरीक्षण कार्य का फॉर्म भरा. तेजस्वी यादव ने इस मुद्दे पर रविवार सुबह प्रेसवार्ता की. उन्होंने सवाल पूछा कि किस कारण से डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने बांकीपुर और लखीसराय से एसआईआर फॉर्म भरा? उनका नए वोटरलिस्ट में दो जगह नाम कैसे आया? इतना ही नहीं दोनों वोटर लिस्ट में डिप्टी सीएम के उम्र भी अलग-अलग है. लखीसराय वाले वोटर लिस्ट में उनकीउम्र 57 साल है. बांकीपुर में उन्होंने 60 साल अपनी उम्र बताई है। एक EPIC कार्ड नंबर IAF 39393370 है, इसका सीरियल नंबर 274 है. वहींदूसरा EPIC कार्ड नंबर AFS0853341 है और इसका सीरियल नंबर 767 है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को इसकी जांच करनी चाहिए औरडिप्टी सीएम को इसका जवाब देना चाहिए. यह गंभीर मुद्दा है तेजस्वी ने कहा कि अगर विजय सिन्हा गलत पाए गए तो वह फौरन इस्तीफा दें. अगरचुनाव आयोग गलत पाया गया तो मतदाता पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया को ही रद्द कर देनी चाहिए. चुनाव आयोग की प्रक्रिया है भर्जीतेजस्वी यादव ने कहा कि मतदाता सूची प्रारूप में दो अलग-अलग जगह पीएम नरेंद्र मोदी के दुलरुवा विजय सिन्हा का नाम आ गया है. क्या अबचुनाव आयोग दो EPIC नंबर पर इनसे जवाब मांगेगी? क्या पटना और लखीसराय जिला प्रशासन डिप्टी सीएम विजय सिन्हा से जवाब मांगेगी? क्याइन पर प्राथमिकी दर्ज होगी? जितनी जल्दी मेरे ऊपर आरोप लगाकर नोटिस भेजी गई? क्या उतनी जल्दी विजय सिन्हा पर कार्रवाई होगी? तेजस्वी नेकहा कि अब विजय सिन्हा को सामने आकर यह बताना चाहिए कि उनके हस्ताक्षर से कैसे दो विधानसभा में उनके नाम दर्ज हैं. क्या वह दो जगह वोटगिराना चाह रहे हैं? अगर नहीं दो वह बताएं कि चुनाव आयोग की यह प्रक्रिया ही फर्जी है. उनके पास बीएलओ गए ही नहीं. नाम किए थे दर्जबिना उनके हस्ताक्षर से ही दो अलग-अलग विधानसभा में उनके नाम दर्ज कर लिए गए है?उन्होंने कहा कि एसआईआर बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा है. हमलोगों ने कई बार यह बात कही. सुप्रीम कोर्ट में भी यह मामला है. अब इससे बड़ा सबूत क्याहोगा कि बिहार के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा का दो विधानसभा क्षेत्र के वोटर लिस्ट में नाम है. उनके नाम दो EPIC नंबर दर्ज है. तेजस्वी ने कहा किचुनाव आयोग मतदाता सूची प्रारूप की फाइल ही बदल दी है. पूरा फॉर्मेट ही बदल दी है यह फाइल काफी हैवी हो गई है. पहले मतदाता सेवा पोर्टलसे टैक्स्ट बेस्ट पीडीएफ डाउनलोड होता था. अब इमेज बेस्ड पीडीएफ डाउनलोड हो रहा है. इस नए फाइल कुछ भी सर्च करना काफी मुश्किल है. इतना ही नहीं जो फाइल डाउनलोड हो रही है? उनकी साइज बड़ी हो गई है.
राहुल गांधी की ‘डिनर पॉलिटिक्स’ विपक्ष एकजुट, वोटर लिस्ट विवाद से लेकर उपराष्ट्रपति चुनाव तक सरकार को घेरने की तैयारी

विपक्ष सरकार को घेरने के लिए सारे प्रयत्न कर रहा है. मतदाता सूची पुनरीक्षण से लेकर उपराष्ट्रपति के इस्तीफे तक, हर मामले में विपक्ष एकजुटहोकर सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहा है. हाल ही में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 12 प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं को अपनेआवास पर रात्रिभोज के लिए आमंत्रित किया था. इस ‘डिनर पॉलिटिक्स’ का मकसद सरकार को घेरने की नई रणनीति पर काम करना माना जा रहा है. राहुल के आमंत्रण पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता उद्धव ठाकरे, राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव, एनसीपी की सुप्रिया सूले, डीएमके की कनिमोई समेत तमाम नेता शामिल हुए. विपक्ष ने बिहार में मतदाता सूची की गहन समीक्षा (एसआईआर) परचुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठा रहा है. एकजुटना को भी है दिखानाराहुल गांधी ने खुद इंदिरा भवन में प्रेसवार्ता करके चुनाव आयोग पर भाजपा के लिए वोट की चोरी करने का आरोप लगाया है विपक्ष का इरादा इसमुद्दे पर सरकार को जमकर घेरना है. इसके बहाने वह संसद में विपक्ष की एकजुटता को भी दिखाना चाह रहे हैं. पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ केइस्तीफा देने बाद इस पद के चुनाव प्रक्रिया की घोषणा हो चुकी है. उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन शुरू हो गया है. 21 अगस्त तक प्रत्याशीनामांकन कर सकते हैं. नामांकन पत्रों की होगी जांच22 अगस्त को नामांकन पत्रों की जांच होगी. 25 अगस्त तक नाम वापस लिए जा सकेंगे. 9 सितंबर को मतदान होगा. विपक्ष की योजना साझाउम्मीदवार उतारने और सरकार के सामने बड़ी चुनौती पेश करने की है. राहुल गांधी चाहते हैं कि विपक्ष उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर एकजुट हो।रात्रिभोज में इस सहमति एक बड़ा मुद्दा रही होगी. देश के अगले उपराष्ट्रपति के लिए एनडीए ने भी तैयारी शुरू कर दी है. इंडिया ब्लाक में इसमें अबदेरी नहीं करना चाहता. राहुल के आमंत्रण पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता उद्धव ठाकरे, राष्ट्रीय जनता दलके तेजस्वी यादव, एनसीपी की सुप्रिया सूले, डीएमके की कनिमोई समेत तमाम नेता शामिल हुए.
गलत नंबर से बदली किस्मत मडागांव के दो दोस्तों की विराट, एबी और पाटीदार से हुई अनोखी बातचीत

सोचिए आप अपने गांव में किसी किराने की दुकान पर बैठे हो और आपक फोन बज उठे. कॉल की दूसरी साइड से कोई बोले. हैलो! मैं विराट कोहलीबोल रहा हूं. कुछ देर बाद दूसरा कॉल आए और दूसरी साइड से कोई बोले…हैलो! मैं एबी डिविलियर्स बोल रहा हूं. आप सोच में पड़ जाएंगे औरलगेगा कि कोई प्रैंक या फिर मजाक कर रहा है. फिर कुछ देर बाद एक और कॉल आए और सामने वाला शख्स बोले…हैलो! मैं रजत पाटीदार बोलरहा हूं. ये किसी फिल्म की कहानी जैसा लग रहा होगा. लेकिन छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के देवभोग छेत्र के मडागांव में दो दोस्तों के साथ कुछऐसा ही हुआ है. उनकी जिंदगी ने अचानक ऐसी करवट ली कि सब सोच में पड़ गए. मडागांव के दो दोस्त मनीष और खेमराज ने खुद को अचानकवीआईपी के कॉन्टैक्ट लिस्ट में पाया और हैरान रह गए. बाद में जब पूरा मामले का खुलासा हुआ तो पुलिस को इसका हल निकालना पड़ा. दरअसल, इस कहानी की शुरुआत 28 जून को हुई. पाटीदार की दिखी तस्वीरमनीष ने आसपास के एक दुकान से एक नया सिमकार्ड खरीदा सिमकार्ड के लिए वही प्रक्रिया अपनाई गई, जिससे आमतौर पर सबको गुजरना पड़ताहै. हालांकि, ट्विस्ट तब आया, जब वह सिमकार्ड चालू हुआ और मनीष ने व्हाट्सएप इंस्टॉल किया. उस नंबर के व्हाट्सएप पर प्रोफाइल पिक्चर मेंरजत पाटीदार की तस्वीर दिखी. मनीष और खेमराज ने सोचा कि यह कोई मजाक है. लेकिन इसके कुछ दिन बाद उस नंबर पर कॉल आने शुरू हो गए. ये कॉल पड़ोसी या फिर रिलेटिव्स के नहीं, बल्कि क्रिकेट स्टार्स और उनसे जुड़े लोगों के थे. किसी ने खुद को विराट कोहली बताया तो किसी ने एबीडिविलियर्स,मनीष और खेमराज को लगा कि किसी का प्रैंक है. उन्होंने भी प्रैंक करने का सोचा इसके बाद जब भी क्रिकटर्स की ओर से फोन आता, तोउन्होंने खुद को ‘महेंद्र सिंह धोनी’ के रूप में पेश करना शुरू कर दिया.दिया है जवाब15 जुलाई को मनीष को एक अनजान नंबर से एक और कॉल आया. इस बार एक विनम्र आवाज ने कहा, ‘भाई, मैं रजत पाटीदार हूं. जिस नंबर से तुमबात कर रहे हो, वह मेरा नंबर है, कृपया इसे वापस कर दें. तब भी मनीष और खेमराज चिढ़ाने के मूड में थे और उन्होंने जवाब दिया ‘और हम एमएसधोनी हैं. पाटीदार ने धैर्यपूर्वक समझाया कि यह नंबर उनके लिए महत्वपूर्ण है. इस नंबर की वजह से वह अपने कोच, दोस्तों और क्रिकेट बिरादरी सेजुड़े हुए हैं. जब मनीष और खेमराज की मस्ती बंद नहीं हुई, तो पाटीदार ने चेतावनी दी, ‘ठीक है, मैं पुलिस भेजूंगा. 10 मिनट के अंदर, पुलिस उनकेदरवाजे पर थी। तभी मनीष और खेमराज का दिमाग कौंधा और उन्हें पता चला कि वे असली रजत पाटीदार या फिर विराट कोहली या फिर एबीडिविलियर्स से बात कर रहे थे. उन दोनों ने सिम बिना किसी हिचकिचाहट के वापस कर दिया. विराट कोहली के फैन खेमराज के लिए दुर्घटनावशआए फोन ने उनकी जिंदगी बदल दी. खेमराज ने मुस्कुराते हुए बताया, ‘गलत नंबर की वजह से मुझे कोहली से बात करने का मौका मिला. मेरे जीवनका लक्ष्य पूरा हो गया है. गांव वाले अब मडागांव के ‘क्रिकेट के नक्शे पर’ होने जैसा मजाक करते हैं. वहीं, मनीष और खेमराज को उम्मीद है किपाटीदार इस बार फिर से अपने सिम के लिए नहीं, बल्कि धन्यवाद कहने के लिए फोन करेंगे.
टैरिफ से बढ़ी कीमतें अमेरिका में महंगे हुए कपड़े, सोशल मीडिया पर भड़की मर्सिडीज चैंडलर जानें क्या है पूरा मामला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया के विभिन्न देशों पर टैरिफ लगाकर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं और उनका कहना है कि इससे अमेरिका में अरबोंडॉलर आएंगे. हालांकि अमेरिकी आम लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है. दरअसल टैरिफ के चलते अमेरिका में रोजमर्रा की जरूरत वालेसामान और कपड़ों आदि की कीमतों में भारी इजाफा हुआ है. सोशल मीडिया इंफ्लुएंशर मर्सिडीज चैंडलर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्टकिया है. इस वीडियो में उन्होंने बताया कि टैरिफ का असर अमेरिका में दिखना शुरू हो गया है और कपड़ों की कीमतों में उछाल आया है. वीडियो मेंदिख रहा है कि चैंडलर एक कपड़ों के शोरूम में है और वे कपड़ों के प्राइस टैग दिखा रही हैं. करना होगा डॉलर का भुगतानचैंडलर ने बताया कि पहले जो कपड़े 10 डॉलर में मिल जाते थे, अब उनके लिए अमेरिकी लोगों को 12-13 डॉलर का भुगतान करना पड़ रहा है. चैंडलर ने ये भी दिखाया कि कई कपड़ों पर पुराने प्राइस टैग लगे हैं। वहीं कुछ पुराने प्राइस टैग को ढक दिया गया है. चैंडलर ने साझा पोस्ट में कहाकि अगर लोगों को उनकी बात पर विश्वास नहीं है तो वे अपने नजदीकी वालमार्ट या अन्य स्टोर में जाकर खुद जांच सकते हैं. इस वीडियो पर कईयूजर्स ने टिप्पणी की है एक यूजर ने ट्रंप प्रशासन के फैसले पर सवाल खड़े किए और लिखा कि ‘क्या टैरिफ लगाना सही है? क्या हम इससे महान बनगए हैं या बनने वाले हैं?’ एक अन्य यूजर ने लिखा कि ‘हमारे पास टैरिफ से अरबों डॉलर आएंगे और इसके बदले में हमें अतिरिक्त डॉलर का भुगतानकरना होगा. स्टोर में जाकर कर सकते है जांचटैरिफ दूसरे देशों से खरीदे जाने वाले या बेचे जाने वाले सामान पर लगाया जाने वाला शुल्क होता है. इसको हम आयात टैरिफ और निर्यात टैरिफ कहसकते हैं. अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी का टैरिफ लगाया है, इसका मतलब है कि भारत से अमेरिका जाने वाला सामान वहां पर महंगा मिलेगा. इससे अमेरिका में भारत की चीजें महंगी होंगी तो लोग दूसरे देशों से आए सामान को खरीदेंगे. इसका नतीजा ये होगा कि भारत का अमेरिका को जानेवाला निर्यात प्रभावित होगा.चैंडलर ने साझा पोस्ट में कहा कि अगर लोगों को उनकी बात पर विश्वास नहीं है तो वे अपने नजदीकी वालमार्ट या अन्य स्टोर में जाकर खुद जांचसकते हैं.
किसानों के नाम पर वोट बैंक की राजनीति कर रही है मोदी सरकार-लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह बोले नहीं करुंगा किसानों के हितसे कोई समझौता

लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं करूंगा” वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रियादेते हुए कहा है कि यह बयान सिर्फ और सिर्फ वोट बैंक की राजनीति है. अगर वास्तव में किसानों के हित सर्वोच्च होते तो आज भारत सरकार अमेरिकाद्वारा लगाए गए 50% टैरिफ पर चुप नहीं रहती. उन्होंने कहा कि मोदी जी जो बातें कर रहे हैं, वह सच्चाई से परे हैं और देश की जनता को भ्रमित करनेका प्रयास है. भारत सरकार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के हितों की रक्षा करने में विफल रही है. नहीं उठाया कोई ठोस कदमसुनील सिंह ने मांग की कि प्रधानमंत्री देश को साफ-साफ बताएं कि अमेरिका के साथ व्यापारिक समझौते में किसानों के हितों की सुरक्षा को लेकरक्या ठोस प्रावधान किए गए हैं. लोकदल स्पष्ट करना चाहता है कि वह किसी भी स्थिति में किसानों के हितों के साथ समझौता नहीं होने देगा. सरकारको किसानों के साथ छल करना बंद करना चाहिए. उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब अमेरिका ने भारत पर रूस से तेल खरीदने के चलते 50% तक टैरिफबढ़ा दिया, तो भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर किसानों की रक्षा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया. नीति करनी चाहिए स्पष्टलोकदल किसी भी सूरत में किसानों के साथ धोखा नहीं होने देगा. सरकार को किसानों के साथ छल बंद करना चाहिए और संसद व जनता के समक्षपूरी पारदर्शिता के साथ अपनी नीति स्पष्ट करनी चाहिए. हाल ही में अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगानेकी घोषणा की थी, जिससे कुल टैरिफ 50% तक पहुंच गया. भारत सरकार ने इसे अनुचित और एकतरफा कदम बताया, लेकिन चीन जैसे देशों केप्रति अमेरिकी नरमी ने भारत के रुख को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए.लोकदल का बयान इस बात का संकेत है कि भारत की आंतरिक राजनीति मेंकिसानों का मुद्दा अब केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहेगा. विपक्ष अब इस पर ठोस नीति और कार्यवाही की मांग कर रहा है.
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर लगाया बड़ा आरोप ‘भाजपा के साथ मिलकर हो रही है वोटों की चोरी’-जानें क्या है पूरा मामला

चुनाव आयोग के सूत्रों ने शुक्रवार को सवाल उठाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अभी कोई आपत्ति क्यों नहीं जताई. यह सवाल बिहार की मतदातासूची के मसौदे में नाम जोड़ने या हटाने के लिए किसी भी राजनीतिक दल की ओर से चुनाव आयोग से संपर्क न करने के बाद किया गया. राहुल गांधीपर निशाना साधते हुए सूत्रों ने कहा कि ऐसा लगता है कि कांग्रेस नेता अपने दावे और आपत्तियां अभी देने के बजाय चुनाव के बाद ही देंगे. चुनावआयोग ने लोकसभा में विपक्ष के नेता पर यह कटाक्ष कर्नाटक, महाराष्ट्र और हरियाणा में ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाने के एक दिन बाद किया है. तीनोंराज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने उनसे चुनाव संचालन नियमों के प्रावधानों के अनुसार शपथ-पत्र देकर ऐसे मतदाताओं के नाम पेश करने कोकहा है. इससे पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को संस्थागत चोरी करार देते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को दावा किया किचुनाव आयोग गरीबों के मताधिकार को छीनने के लिए इस चोरी को अंजाम देने के लिए भाजपा के साथ खुलेआम मिलीभगत कर रहा है. उन्होंने यहभी दावा किया कि बिहार में SIR इसलिए लाया गया है. क्योंकि चुनाव आयोग जानता है कि हमने उनकी चोरी पकड़ ली है. उत्तराखंड में हार गए थे चुनावराहुल गांधी अपने दावों को दोहराते हुए कहा कि कर्नाटक की बंगलूरू सेंट्रल लोकसभा सीट के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में पांच तरह की हेराफेरी केजरिए 1 लाख से ज्यादा वोट चुराए गए. 2024 के लोकसभा चुनावों में महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में 1,00,250 वोट चुराए गए. मुझे पूरा विश्वासहै कि भारत में ऐसी 100 से ज्यादा सीटें हैं। यहां जो हुआ है, वही इन सीटों पर भी हुआ है. अगर भाजपा की 10-15 सीटें कम होतीं, तो मोदीप्रधानमंत्री नहीं होते और भारत में विपक्षी गठबंधन इंडिया सरकार होती. राहुल ने कहा कि जब वे छोटे थे, 1980 में, वे अपनी बहन प्रियंका के साथरात में बाहर जाकर प्रचार के लिए पोस्टर चिपकाते थे. उन्होंने कहा, ‘मैं चुनावों को समझता हूं और पिछले 20 साल से खुद चुनाव लड़ रहा हूं. मतदानकैसे होता है, मतदान केंद्रों का प्रबंधन कैसे होता है, मतदाता सूची, फॉर्म 17, मैं ये सब समझता हूं. कुछ समय पहले हमें लगा कि कुछ गड़बड़ है।चुनाव नतीजे माहौल के उलट होते हैं। मुझे याद है उत्तराखंड में हम चुनाव हार गए थे. मैंने उम्मीदवार से कहा कि जाकर पता करो कि हमें कितने वोटमिले, जहां एक रोड शो हुआ था. सच्चाई का पता लगाने को कहाहजारों लोग रोड शो में आए थे, लेकिन किसी ने भी मतदान केंद्रों पर वोट नहीं डाला यह नामुमकिन था. ऐसा हो ही नहीं सकता. फिर छत्तीसगढ़ औरमध्य प्रदेश के नतीजे आए और हमें एहसास हुआ कि कुछ गड़बड़ है.राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के बारे में भी बात की, जहां पार्टी ने 2018 में जीतहासिल की थी. उन्होंने कहा कि बाद में कांग्रेस की सरकार छीन ली गई भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भाजपा शासन के खिलाफ जबरदस्त सत्ता विरोधीलहर दिखी, लेकिन 2023 में हमें केवल 65 सीटें मिलीं। यह असंभव है. फिर महाराष्ट्र आया और हमें पहली बार इसका प्रमाण मिला. लोकसभा औरविधानसभा चुनावों के बीच जादू से नए मतदाता उभरे. इन नए मतदाताओं ने जहां भी वोट दिया, उनका वोट भाजपा को गया. उन्होंने कहा कि जब हमेंसंदेह हुआ तो हमने अपने गठबंधन सहयोगी नेताओं के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. हमने चुनाव आयोग से मतदाता सूची और वीडियो रिकॉर्डिंग मांगी. उन्होंने न तो हमें मतदाता सूची दी और न ही वीडियो रिकॉर्डिंग, जिससे संदेह पैदा हुआ. इससे हमारे मन में यह सवाल उठा कि क्या चुनाव आयोगभाजपा की मदद कर रहा है. क्या चुनाव आयोग चुनाव चुराने में लिप्त है? हमने एक टीम बनाई और उन्हें सच्चाई का पता लगाने को कहा.
भाजपा का राहुल गांधी पर पलटवार ‘झूठ का पुलिंदा’, संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का लगाया आरोप

कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी की तरफ से चुनाव में धांधली को लेकर लगाए गए आरोपों पर भाजपा ने तीखा पलटवार किया है. भाजपा नेराहुल के आरोपों को ‘झूठ का पुलिंदा’ बताते हुए कहा कि राहुल जिस डाल पर बैठे थे, उसी को काट दिया. केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि राहुलगांधी ने चुनाव आयोग (ईसी) जैसे संवैधानिक संस्थान को धमकाने वाली भाषा का इस्तेमाल किया, जो विपक्ष के नेता के पद की गरिमा के खिलाफहै. उन्होंने कहा कि अगर राहुल को वाकई आपत्ति है तो उन्हें मीडिया में आरोप लगाने की बजाय चुनाव आयोग के सामने शपथपत्र देकर शिकायत दर्जकरानी चाहिए.भूपेंद्र यादव ने बताया कि राहुल गांधी ने दावा किया था कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में एक करोड़ नए वोटर जुड़े, लेकिन चुनाव आयोग के आंकड़ोंके अनुसार यह संख्या 40 लाख से थोड़ी अधिक है. दावे को किया गलत साबितउन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने अपने आरोपों की जो बुनियाद बनाई, वह ही गलत साबित हो गई. यादव ने कहा कि महाराष्ट्र की कई सीटों जैसे मढ़ा, मोहोल, नागपुर वेस्ट और नागपुर नॉर्थ में वोटर की संख्या बढ़ी और वहां कांग्रेस या उसकी सहयोगी पार्टियां ही जीतीं. ऐसे में धांधली का आरोप खुदउनके ही दावे को गलत साबित करता है. बता दें कि राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि वो जो सबूत दिखाएंगे, वो परमाणु बम जैसाहोगा. इस पर यादव ने तंज कसते हुए कहा कि यह तो वही बात हो गई जैसे कोई आदमी जिस डाल पर बैठा हो, उसी को काट दे. उन्होंने यह भीआरोप लगाया कि कांग्रेस सिर्फ एक परिवार के लिए संवैधानिक संस्थाओं की छवि खराब करने में लगी है. चाहे वो चुनाव आयोग हो, संसद हो यासेना. शिकायत करने की दी नसीहतयादव ने कहा कि राहुल गांधी को पहले सुप्रीम कोर्ट में माफी मांगनी पड़ी थी क्योंकि उन्होंने सेना को लेकर भी गलत बयान दिए थे. अंत में भूपेंद्रयादव ने कहा कि जो लोग संविधान का सम्मान करते हैं, उन्हें संवैधानिक संस्थानों के खिलाफ धमकी भरी भाषा नहीं अपनानी चाहिए. राहुल गांधी केचुनावों में धांधली के आरोपों पर भाजपा ने पलटवार किया है. केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने इन आरोपों को झूठा बताते हुए कहा कि महाराष्ट्र में वोटरबढ़ने के बावजूद कांग्रेस ने कई सीटें जीतीं. उन्होंने चुनाव आयोग को धमकाने वाली भाषा पर भी राहुल को घेरा और शपथपत्र देकर शिकायत करनेकी नसीहत दी.
तेलंगाना फोन टैपिंग मामला केंद्रीय मंत्री बी संजय कुमार ने CBI जांच की मांग की, SIT पर उठाए सवाल

तेलंगाना में पूर्ववर्ती बीआरएस सरकार के दौरान कथित फोन टैपिंग के मामले में एक बार फिर बातचीत तेज हो गई है. कारण है कि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री बी संजय कुमार ने इस मामले में जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की है. शुक्रवार को उन्होंने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) के सामनेगवाही देने से पहले पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्हें एसआईटी की जांच पर भरोसा नहीं है. मंत्री ने कहा कि एसआईटी के अधिकारी अच्छे हैंलेकिन कांग्रेस सरकार उन्हें स्वतंत्र रूप से जांच नहीं करने दे रही है. मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और बीआरएस के बीच मिलीभगत है और दोनोंएक-दूसरे के खिलाफ सिर्फ ड्रामा कर रहे हैं. प्रभाकर राव मुख्य है आरोपीमामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री संजय कुमार ने आरोप लगाए हैं कि बीआरएस शासन के दौरान उनके और उनके परिवार के फोन सबसे ज्यादा टैप किएगए. उनके स्टाफ, घर पर काम करने वालों और भाजपा कार्यकर्ताओं की भी निगरानी की गई. संजय कुमार ने कहा कि उन्होंने ही सबसे पहले फोनटैपिंग का खुलासा किया था. इसके लिए एसआईटी को वे इस मामले से जुड़ी गोपनीय रिपोर्ट और जानकारी सौंपेंगे. बता दें कि इससे पहले संजयकुमार 28 जुलाई को बयान दर्ज कराने वाले थे, लेकिन संसद सत्र के चलते नहीं जा सके थे. शुक्रवार को उन्होंने खैरताबाद स्थित हनुमान मंदिर में पूजाकी और फिर पैदल चलते हुए दिलकुशा गेस्ट हाउस पहुंचे, जहां एसआईटी ने उनका बयान दर्ज किया.गौरतलब है कि इस मामले में तेलंगाना की स्पेशल इंटेलिजेंस ब्यूरो (एसआईबी) के पूर्व प्रमुख टी प्रभाकर राव मुख्य आरोपी हैं. जमानत है मिल गईआरोप है कि उन्होंने एक स्पेशल ऑपरेशंस टीम बनाई थी जो राजनीतिक निगरानी जैसे काम कर रही थी. मार्च 2024 में एसआईबी के एक सस्पेंडेडडीएसपी सहित चार पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया था. उन पर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से डेटा मिटाने और गैरकानूनी फोन टैपिंग काआरोप है. बाद में उन्हें जमानत मिल गई. संजय कुमार ने आरोप लगाया कि ये सब पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की जानकारी और निर्देश पर हो रहाथा. उन्होंने कहा कि वे इस मामले में जांच एजेंसियों का पूरा सहयोग करेंगे, लेकिन निष्पक्ष जांच के लिए यह जरूरी है कि सीबीआई इस मामले कीजांच करे.
राहुल गांधी के आरोपों को शशि थरूर ने बताया गंभीर, चुनाव आयोग से की तत्काल कार्रवाई को लेकर की मांग

राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाने के बाद देशभर में बयानबाजी तेज हो गई है. इसी बीच राहुल के आरोपों पर कांग्रेस सांसदशशि थरूर ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. थरूर ने शुक्रवार को राहुल गांधी द्वारा चुनावों में धांधली के लगाए गए आरोपों को गंभीर बताया है. उन्होंनेकहा कि इन सवालों पर सभी दलों और मतदाताओं के हित में गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए. उन्होंने चुनाव आयोग से तुरंत कार्रवाई करने कीमांग की है. थरूर ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि हमारा लोकतंत्र बहुत कीमती है, इसे लापरवाही, अयोग्यता याजानबूझकर की गई छेड़छाड़ से कमजोर नहीं होने देना चाहिए. चुनाव आयोग को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए और देश को जानकारी देते रहनाचाहिए. बता दें कि थरूर ने कांग्रेस द्वारा साझा किए गए राहुल गांधी के प्रेस कॉन्फ्रेंस के वीडियो को टैग करते हुए यह टिप्पणी की. मामले की हुई है जांचउस प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने चुनावों में बड़ी आपराधिक साजिश का आरोप लगाया था और दावा किया कि भाजपा और चुनाव आयोग कीमिलीभगत से यह हुआ है. अपने बयान में राहुल गांधी ने कहा था कि कर्नाटक की एक सीट पर किए गए विश्लेषण से यह बात सामने आई है और यहसंविधान के खिलाफ अपराध है. उन्होंने कहा कि इस तरह का वोट चोरी मॉडल देश के कई हिस्सों में इस्तेमाल किया गया और अब न्यायपालिका कोभी इसमें दखल देना चाहिए, क्योंकि जिस लोकतंत्र से हम प्यार करते हैं, वह अब अस्तित्व में नहीं है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस के पासजो सबूत हैं, वो आपराधिक प्रमाण हैं, और चुनाव आयोग देशभर में ऐसे सबूत नष्ट करने में लगा है. राहुल ने चुनाव आयोग को खुली चेतावनी देते हुएकहा मैं चुनाव आयोग और उसके अधिकारियों से साफ कहता हूं जो आप कर रहे हैं वो देशद्रोह है. वक्त आएगा. हम आपको पकड़ेंगे और छोड़ेंगे नहींउन्होंने कहा कि उन्होंने सिर्फ वोटर जोड़ने वाले मामलों की जांच की है.साजिश को नहीं होने देना चाहिए कमजोरजबकि वोटर हटाने के मामले इससे भी ज्यादा हो सकते हैं. चुनावों के नतीजे जनता के मूड से उलट क्यों आते हैं?साथ ही राहुल ने बताया कि कई बारउन्होंने महसूस किया कि जनता में गुस्सा था, फिर भी कांग्रेस चुनाव हार गई. उदाहरण देते हुए उन्होंने उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्रकी घटनाओं को याद किया और कहा कि कई जगह “चमत्कारी वोटर” सामने आए, जो अचानक लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच वोटरलिस्ट में जुड़ गए और उनका वोट सीधा भाजपा को गया. राहुल गांधी के चुनावों में धांधली के आरोपों को कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने गंभीर बतातेहुए चुनाव आयोग से तुरंत कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की साख को लापरवाही या साजिश से कमजोर नहीं होने देना चाहिए.