संजय राउत ने अमित शाह को लिखा पत्र, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के ठिकाने और स्वास्थ्य पर जताई चिंता

शिवसेना उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है. शिवसेना सांसद ने पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का केबारे में जानने के लिए यह पत्र लिखा है. उन्होंने दावा किया है कि उनसे संपर्क करने के प्रयास असफल रहे हैं. दरअसल, धनखड़ ने संसद के मानसूनसत्र के पहले दिन 21 जुलाई को उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था. संजय राउत ने 10 अगस्त को अमित शाह को लिखे अपने पत्र में कहा, ‘हमारे पूर्व उपराष्ट्रपति के बारे में कोई जानकारी नहीं है. वह वर्तमान में कहां हैं? उनका स्वास्थ्य कैसा है? इन मामलों पर कोई स्पष्टता नहीं है. राज्यसभाके कुछ सदस्यों ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे. कर्मचारियों से नहीं है कोई संपर्कशिवसेना-यूबीटी नेता ने सोमवार को ‘एक्स’ पर यह पत्र साझा किया. राउत ने कहा कि दिल्ली में अफवाहें फैल रही हैं कि धनखड़ को उनके आवासतक सीमित कर दिया गया है और कथित तौर पर वह सुरक्षित नहीं हैं. उन्होंने कहा, ‘उनसे या उनके कर्मचारियों से कोई संपर्क नहीं हुआ है. जो गंभीरचिंता का विषय है उन्होंने कहा, ‘हमारे पूर्व उपराष्ट्रपति के साथ आखिर क्या हुआ? वह कहां हैं? उनका स्वास्थ्य कैसा है? क्या वह सुरक्षित हैं? देश इनसवालों की सच्चाई जानने का हकदार है. पिछले हफ्ते शिवसेना-यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने धनखड़ के बारे में पूछा था. उन्होंने गुरुवार को एकसंवाददाता सम्मेलन में कहा’पूर्व उपराष्ट्रपति अब कहां हैं? इस मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए. धनखड़ को लेकर है चिंतितराज्यसभा सदस्य राउत ने कहा कि उच्च सदन के उनके कुछ सहयोगी सुप्रीम कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर करने पर विचार कर रहे हैं क्योंकिवे वास्तव में धनखड़ को लेकर चिंतित हैं.राउत ने कहा’सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने से पहले मैंने आपसे यह जानकारी मांगना उचित समझा मुझे उम्मीद है कि आप मेरी भावनाओंको समझेंगे और धनखड़ के वर्तमान ठिकाने, उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य के बारे में वास्तविक जानकारी प्रदान करेंगे. राज्यसभा सदस्य राउत ने कहा किउच्च सदन के उनके कुछ सहयोगी सुप्रीम कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर करने पर विचार कर रहे हैं क्योंकि वे वास्तव में धनखड़ को लेकरचिंतित हैं.
अमेरिका में फिर गाया कश्मीर राग पाक सेना प्रमुख आसिम मुनीर को भारत का करारा जवाब, विदेश मंत्रालय ने कहा “कश्मीर हमारा आंतरिक मामला”

पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने एक बार फिर कश्मीर राग अलापा है. भारत की लगातार लताड़ के बाद भी बड़बोले मुनीर अपनी हरकतों सेबाज नहीं आ रहे हैं. अमेरिका दौरे पर गए मुनीर ने कहा कि कश्मीर पाकिस्तान की गले की नस है. उन्होंने यह बात पहलगाम हमले से पहले भी कहीथी। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान कश्मीर के मुद्दे को नहीं भूलेगा. इस पर भारत के विदेश मंत्रालय ने उनको करारा जवाब दिया था .विदेश मंत्रालयने कहा था कि कोई विदेशी चीज कैसे गले में अटक सकती है? यह भारत का एक केंद्र शासित प्रदेश है. पाकिस्तान को यहां अवैध रूप से कब्जाए गएक्षेत्रों को खाली कर देना चाहिए.फ्लोरिडा के टैम्पा में पाकिस्तानी मूल के कारोबारी अदनान असद की तरफ से रखे गए डिनर कार्यक्रम में मुनीर ने एक बार फिर झूठ बोला कि भारत केसाथ हाल के संघर्ष के दौरान पाकिस्तान ने दृढ़ता और बलपूर्वक जवाब दिया. मुहंतोड़ जवाबहमने दिखा दिया कि किसी भी भारतीय आक्रमण का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा. कश्मीर भारत का आंतरिक मामला नहीं, बल्कि एक अधूराअंतरराष्ट्रीय एजेंडा है. मुनीर ने कहा कि डेढ़ महीने के अंतराल के बाद उनकी यह दूसरी अमेरिका यात्रा पाकिस्तान-अमेरिका संबंधों में एक नया आयामस्थापित करती है। इन यात्राओं का उद्देश्य संबंधों को रचनात्मक, टिकाऊ और सकारात्मक दिशा में ले जाना है. पाकिस्तान ट्रंप का बेहद आभारी है, जिनके रणनीतिक नेतृत्व ने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध को रोकने के साथ-साथ दुनिया भर में कई अन्य युद्धों को भी रोका है. हालांकि भारत ट्रंपऔर मुनीर के इस दावे को खारिज कर चुका है. बड़बोले मुनीर यहीं नहीं रुके और बोले कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते से भारी निवेश आकर्षितहोने की उम्मीद है और पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मोर्चे पर महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल की हैं. परिवर्तन समारोह में लिया भागपाकिस्तानी सेना ने कहा कि टाम्पा में मुनीर ने संयुक्त राज्य अमेरिका सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के निवर्तमान कमांडर जनरल माइकल ई. कुरिल्ला के सेवानिवृत्ति समारोह और एडमिरल ब्रैड कूपर द्वारा कमान संभालने के अवसर पर आयोजित कमांड परिवर्तन समारोह में भाग लिया. मुनीर नेज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन से भी मुलाकात की. उन्होंने जनरल केन को पाकिस्तान आने का निमंत्रण दिया. इस दौरान थलसेना प्रमुख ने मित्र देशों के रक्षा प्रमुखों से भी बातचीत की. बयान में कहा गया है कि पाकिस्तानी प्रवासियों के साथ एक संवाद सत्र के दौरानसीओएएस ने उनसे पाकिस्तान के उज्ज्वल भविष्य के प्रति आश्वस्त रहने और निवेश आकर्षित करने में सक्रिय रूप से योगदान देने का आग्रह किया. प्रवासियों ने पाकिस्तान की प्रगति और विकास का समर्थन करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की.
ऑस्ट्रेलिया देगा फलस्तीन को मान्यता, पीएम अल्बानीज बोले दो-राष्ट्र समाधान ही है पश्चिम एशिया में शांति का रास्ता

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया भी फलस्तीन को मान्यता देगा. अल्बानीज नेसोमवार को ऐसे संकेत दिए कि वे फ्रांस, ब्रिटेन और कनाडा के साथ मिलकर फलस्तीन को अलग देश की मान्यता दे सकते हैं. दरअसल गाजा में जारीभुखमरी और बड़ी संख्या में हो रही लोगों की मौतों के खिलाफ दुनियाभर में आवाज उठ रही है. ऑस्ट्रेलिया में भी गाजा में जारी मानवीय संकट केखिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज की कैबिनेट के कई सदस्यों ने भी फलस्तीन को अलग देश के रूप में मान्यता देने कीमांग की थी. इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में गाजा पर कब्जे की जो योजना बनाई है. रोक लगने की है उम्मीदउसकी भी ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने तीखी आलोचना की है. अल्बानीज ने मीडिया से बातचीत में बताया कि सोमवार को उनकी कैबिनेट की बैठक है. इस बैठक में ही फलस्तीन को अलग देश का दर्जा देने पर फैसला होगा. आगामी सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के अधिवेशन के दौरान इसकाऔपचारिक एलान किया जाएगा. अल्बानीज ने कहा कि फलस्तीन ने ऑस्ट्रेलिया से कुछ प्रतिबद्धताओं का पूरा करने की बात कही थी. जिनके तहतफलस्तीन में हमास की कोई भूमिका नहीं होगी और साथ ही गाजा का वि-सैन्यीकरण होगा और वहां चुनाव भी कराए जाएंगे. अल्बानीज ने कहा किद्वि-राष्ट्र समाधान से ही पश्चिम एशिया में हिंसा के चक्र पर रोक लगने की उम्मीद है. लोगों की परेशानी होगी खत्मइससे संघर्ष का अंत होगा और गाजा में भुखमरी और लोगों की परेशानी खत्म होगी. अल्बानीज ने इस्राइली सरकार की आलोचना की और आरोपलगाया कि इस्राइली सरकार अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन कर रही है और लोगों को खाना-पानी भी देने से रोक रही है. ऑस्ट्रेलियाई नेताओं ने बीतेहफ्ते फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से बात की. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महमूद अब्बास ने पश्चिमी देशों की शर्तों के प्रति सकारात्मकजवाब दिया है. वहीं ऑस्ट्रेलिया और अन्य यूरोपीय देशों द्वारा फलस्तीन को मान्यता देने के एलान की इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कड़ी निंदाकी। गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों में से 150 देश फलस्तीन को मान्यता दे चुके हैं. हालांकि ये मान्यता महज संकेतात्मक है. द्वि-राष्ट्र सिद्धांत के तहत इस्राइल के साथ ही फलस्तीन भी अलग देश होगा, जिसमें वेस्ट बैंक, गाजा और पूर्वी यरूशलम के कुछ हिस्से होंगे. पूर्वीयरूशलम के वे हिस्से फलस्तीन में शामिल किए जाएंगे, जिन्हें इस्राइल ने 1967 के मध्य पूर्व युद्ध में जीता था.
वोट चोरी के आरोपों पर इंडिया ब्लॉक का संसद से चुनाव आयोग तक मार्च, राहुल गांधी ने की डिजिटल मतदाता सूची सार्वजनिक करने की मांग

वोटों की हेराफेरी के आरोपों के बीच इंडिया ब्लॉक के लोकसभा और राज्यसभा के करीब 300 सांसदों ने आज संसद से निर्वाचन सदन तक मार्चकिया. विपक्षी सांसद सुबह 11:30 बजे संसद भवन स्थित मकर द्वार से परिवहन भवन होते हुए निर्वाचन सदन (चुनाव आयोग) तक मार्च करने के लिएरवाना हुए. हालांकि, थोड़ी दूरी पर ही पुलिस ने बैरेकेडिंग कर मार्च को रोक दिया. विपक्ष का कहना है कि भाजपा के साथ मिलकर चुनाव आयोगवोटों की चोरी कर रहा है. उसका यह भी कहना है कि बिहार में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) मतदाताओं के हित केबजाय अहित कर रहा है. एसआईआर के चलते राज्य से लाखों की संख्या में मतदाताओं के मताधिकार छीने गए हैं. विपक्ष इसमें मामले में सदन मेंलगातार चर्चा की मांग के साथ इसे वापस लेने की मांग कर रहा है. आधार पर दो बार किया मतदानवरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने रविवार को ग्वालियर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि सभी बूथलेवल ऑफिसर (बीएलओ) एक ही कमरे में ‘फर्जी फॉर्म’ भर रहे हैं. उन्होंने कहा’राहुल गांधी ने ऐसे तथ्य सामने रखे हैं. जिन्हें कोई नकार नहीं सकताएक ही व्यक्ति का नाम कई जगहों पर, मतदान केंद्रों सहित दिखाई देता है. राहुल गांधी की मांग मतदाता सूची के इलेक्ट्रॉनिक डेटा की है. जिसे हमसॉफ्टवेयर की मदद से स्कैन करके यह पता लगा सकते हैं कि एक ही EPIC नंबर पर कितने वोट पड़े हैं. बिहार में एसआईआर क्यों हो रहा है? 2003 में इसका गहन परीक्षण किया गया था. जिसमें बिहार में 2 साल लगे थे, लेकिन इस बार वे इसे 1 महीने में करना चाहते हैं. दिग्विजय सिंह नेआगे कहा कि चुनाव आयोग का कहना है कि इतने लोग मर गए. लेकिन उनकी सूची नहीं दी जाती है उन्होंने कहा कि इंडिया ब्लॉक के सांसद आजसंसद से चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च करेंगे. इनमें भाजपा और एनडीए गठबंधन के सांसदों को छोड़कर सभी दलों के सांसद शामिल होंगे. इससे पहले रविवार को कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से भारत निर्वाचन आयोग पर उनके ‘वोट चोरी’ केआरोपों की जांच के लिए दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा. सीईओ ने कहा कि राहुल गांधी ने 7 अगस्त को अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारत निर्वाचनआयोग के रिकॉर्ड से कुछ दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं. जिनमें आरोप लगाया गया है कि एक मतदाता शकुन रानी ने एक मतदान अधिकारी द्वारा दिखाएगए आंकड़ों के आधार पर दो बार मतदान किया.मतदान करने से किया इनकारचुनाव निकाय ने आगे कहा कि प्रारंभिक जांच में शकुन रानी ने दो बार मतदान करने से इनकार किया है. सीईओ कार्यालय ने यह भी पाया कि राहुलगांधी द्वारा प्रस्तुत किया गया टिक-मार्क वाला दस्तावेज मतदान अधिकारी द्वारा जारी नहीं किया गया था. जिससे दावे की प्रामाणिकता पर सवालउठते हैं. मतदाता सूची में धांधली को लेकर मचे बवाल के बीच कांग्रेस ने ‘वोट चोरी’ के खिलाफ अभियान लॉन्च किया है. इस अभियान के मिस्डकॉल देने के लिए फोन नंबर और एक वेबसाइट लॉन्च की है. राहुल गांधी ने अभियान को लेकर कहा कि वोट चोरी एक व्यक्ति, एक वोट के बुनियादीलोकतांत्रिक सिद्धांत पर हमला है. स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के लिए साफ-सुथरी मतदाता सूची अनिवार्य है. राहुल गांधी ने रविवार को सोशलमीडिया पर एक वीडियो साझा किया. जिसमें उन्होंने भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत से चुनावों में बड़े पैमाने पर आपराधिक धोखाधड़ी होनेके अपने दावों को दोहराया उन्होंने जनता से इसमें जुड़कर वोट चोरी को रोकने की अपील की। पोस्ट में राहुल गांधी ने लिखा, चुनाव आयोग से हमारीमांग साफ है. पारदर्शिता दिखाएं और डिजिटल मतदाता सूची सार्वजनिक करें, ताकि जनता और राजनीतिक दल उसका खुद ऑडिट कर सकें. आप भीहमारे साथ जुड़ कर इस मांग का समर्थन करें. हमारी वेबसाइट पर जाएं या दिए गए नंबर पर मिस्ड कॉल करें। यह लड़ाई लोकतंत्र की रक्षा की है.
सुप्रीम कोर्ट ने सेना की जेएजी शाखा में लैंगिक आरक्षण नीति रद्द की, समान अवसर की दोहराई बात

सुप्रीम कोर्ट ने सेना की कानूनी शाखा जज एडवोकेट जनरल (जेएजी) में पुरुष अधिकारियों की भर्ती के लिए बनी आरक्षण नीति को रद्द कर दिया. कोर्ट ने कहा कि कानूनी शाखा में पुरुष और महिलाओं की 2:1 आरक्षण नीति समानता के अधिकार का उल्लंघन है. यह प्रथा मनमानी है आरक्षणनीति के तहत पुरुषों के लिए महिलाओं से अधिक पर आवंटित करना गलत है. न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने कहा किसेना अधिनियम 1950 की धारा 12 के तहत जारी अधिसूचना के माध्यम से महिलाओं को जेएजी शाखा में शामिल होने की अनुमति दी है. हमारामानना है कि कार्यपालिका नीति या प्रशासनिक निर्देशों के माध्यम से भर्ती के नाम पर पुरुष अधिकारियों की संख्या को सीमित नहीं कर सकती है याउनके लिए आरक्षण नहीं कर सकती है. विवादित अधिसूचना में पुरुष उम्मीदवारों के लिए छह रिक्तियों के मुकाबले महिला उम्मीदवारों के लिए केवलतीन रिक्तियों का प्रावधान है. उम्मीदवारों का किया जाए चयनयह समानता के अधिकार के खिलाफ है भर्ती के नाम पर पुरुष उम्मीदवारों के लिए आरक्षण का प्रावधान करती है भर्ती की आड़ में इसकी अनुमति नहींमिलेगी. पीठ ने कहा कि लैंगिक तटस्थता का अर्थ है कि सभी योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाए. चाहे वह किसी भी लिंग के हों। पीठ ने सरकारऔर सेना को निर्देश दिया कि लिंग के आधार पर सीटें न बांटी जाएं. अगर सभी महिला उम्मीदवार योग्य हैं तो सभी का अध्ययन किया जाए और चयनकिया जाए. जेएजी में एक सामान्य मेरिट सूची प्रकाशित की जाए और सभी उम्मीदवारों के अंक सार्वजनिक किए जाएं. जेएजी प्रवेश योजना के 31वेंकोर्स पर नियुक्ति के लिए दायर याचिका पर कोर्ट ने कहा कि महिलाओं का पिछली भर्ती में नामांकन नहीं हुआ है. अब सरकार महिला उम्मीदवारों कीकम से कम 50 प्रतिशत रिक्तियां आवंटित करेगा. आसमान आवंटन को दी चुनौतीसुप्रीम कोर्ट में दो महिला उम्मीदवारों ने रिक्तियों में असमान आवंटन को चुनौती दी थी. दोनों ने कहा था कि उनके अंक पुरुष उम्मीदवाारों से अधिकथे. लेकिन महिला रिक्तियों की सीमित संख्या के कारण उनका चयन नहीं किया गया. अदालत ने निर्देश दिया कि एक याचिकाकर्ता को सेवा मेंशामिल किया जाए, जबकि दूसरी याचिकाकर्ता को राहत देने से इनकार कर दिया. जो याचिका के लंबित रहने के दौरान भारतीय नौसेना में शामिल होगई थी. जेएजी प्रवेश योजना के 31वें कोर्स पर नियुक्ति के लिए दायर याचिका पर कोर्ट ने कहा कि महिलाओं का पिछली भर्ती में नामांकन नहीं हुआहै. अब सरकार महिला उम्मीदवारों की कम से कम 50 प्रतिशत रिक्तियां आवंटित करेगा. सुप्रीम कोर्ट में दो महिला उम्मीदवारों ने रिक्तियों में असमानआवंटन को चुनौती दी थी.
यूपी विधानसभा में मानसून सत्र के दौरान हंगामा, सपा का विरोध प्रदर्शन और विपक्ष के तीखे सवाल “जानें किसने साधा क्या निशाना”

यूपी विधानमंडल का मानसून सत्र चल रहा है सत्र के दौरान प्रदेश में परिषदीय स्कूलों के विलय और बिजली निजीकरण के मुद्दे पर गहमागहमी कामाहौल बन गया। विपक्ष ने सरकार को घेरा. सत्र के दौरान लगातार हंगामा और नारेबाजी चलती रही. निधन के निर्देश के बाद सदन में प्रश्नकाल कीकार्यवाही जारी है. विपक्ष के नेता अपने सवाल पूछ रहे हैं. सरकार के मंत्रियों की तरफ से उनके जवाब दिए जा रहे हैं. सदन की कार्यवाही दोबारा शुरूहुई तो नेता प्रतिपक्ष के अपमान के मुद्दे पर सपा सदस्यों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया. इस कारण सदन को दो बार स्थगित करना पड़ा. 12.20 बजे से फिरसे कार्यवाही शुरू हुई. कार्यवाही शुरू होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने निधन के निर्देश पढ़े इस दौरान सभी लोग शांत हो गए. सपा विधायकों और विधान परिषद सदस्यों ने विधानसभा में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के पास प्रदर्शन किया. उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजीकरते हुए जमकर हंगामा किया. जलभराव पर जुड़े मुद्दों पर चर्चाप्रश्नकाल में विपक्ष के हंगामे के चलते विधानसभी अध्यक्ष सतीश महाना ने 15 मिनट के लिए हाउस स्थगित कर दिया है. सपा विधायक पल्लवीपटेल के प्रश्न का उत्तर देते हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश में कानपुर मेडिकल कॉलेज, केजीएमयू, गोरखपुर मेडिकल कॉलेज समेतआठ बड़े अस्पतालों में कैंसर का इलाज किया जा रहा है. कल्याण सिंह कैंसर संस्थान में रिसर्च जारी है जरूरत हुई तो केंद्र सरकार से बात करके आगेभी रिसर्च सेंटर बनाए जाएंगे. विधायक पल्लवी पटेल ने प्रदेश में लगातार बढ़ रहे कैंसर रोगियों के लिए सरकारी सुविधाओं और कैंसर संस्थान कोलेकर सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि क्या सरकार के विजन डॉक्यूमेंट में कैंसर के इलाज के लिए कोई सुविधा बढ़ाई जाएगी?? सत्र से पहले सीएमयोगी आदित्यनाथ ने कहा कि मानसून सत्र के दौरान बाढ़, जलभराव से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी. कार्ययोजना की भी करेंगें घोषणास्वास्थ्य, शिक्षा समेत अन्य सभी मुद्दों पर सरकार ने पिछले 8.5 वर्षों में जो कुछ भी किया है उस पर भी चर्चा होगी. विकसित भारत और विकसितउत्तर प्रदेश के विजन को लेकर 13-14 अगस्त को 24 घंटे की चर्चा होगी. सीएम ने आगे कहा कि चर्चा के बाद, हम सदन में एक विस्तृत कार्ययोजनाकी भी घोषणा करेंगे. उसमें बताएंगे कि कैसे सरकार नीति आयोग के मार्गदर्शन में विशेषज्ञों की मदद से इस विजन डॉक्यूमेंट में आम जनता के साथ-साथ हर वर्ग के नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करेगी. उस कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए. सरकार अगले 25 वर्षों की कार्ययोजना के साथ अपनाविजन सदन के पटल पर रखेगी.सपा विधायक अतुल प्रधान मानसून सत्र में एक अनोखी कांवड़ लेकर पहुंचे। उनके कंधे पर जो कांवड़ थी. उसमें एक तरफ सरकार स्कूल व बच्चों कीतस्वीर लटक रही थी. दूसरी तरफ सरकारी शराब की दुकान की तस्वीर लटक रही थी. वहीं ऊपर डंडे पर बाबा साहेब और राम मनोहर लोहिया कीतस्वीर लगा रखी थी.
बिहार मतदाता सूची विवाद को लेकर विपक्षी सांसदों का चुनाव आयोग तक मार्च, राहुल-प्रियंका समेत कई नेता हिरासत में

बिहार में मतदाता सूची संशोधन के विरोध में विपक्षी सांसदों ने संसद भवन से चुनाव आयोग कार्यालय तक विरोध मार्च शुरू किया. इस दौरानप्रदर्शनकारी विपक्षी सांसदों को रोकने के लिए परिवहन भवन में पुलिस बैरिकेड्स लगा दिए. यहां उन्हें चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर आगे बढ़ने सेरोक दिया गया पुलिस का कहना है कि विपक्षी सांसदों की ओर से इस मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी. पुलिस की ओर से रोके जाने केबाद अखिलेश यादव, महुआ मोइत्रा समेत कई सांसदों ने बैरिकेड्स पर चढ़ने की कोशिश. कुछ सांसद बैरिकेड्स कूदकर बीच सड़क पर धरने पर बैठगए. पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे सांसदों को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब सांसदों ने सड़क से हटने से इनकार किया तो राहुल-प्रियंका गांधीसमेत तमाम नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. सांसद भी थे शामिलमल्लिकार्जुन खरगे और शरद पवार समेत विपक्षी सांसदों ने सोमवार को बिहार में मतदाता सूची संशोधन के विरोध में संसद भवन से चुनाव आयोगमुख्यालय तक मार्च निकाला. हालांकि पुलिस ने उन्हें परिवहन भवन के पास बीच रास्ते में ही रोक दिया.पुलिस की ओर से सांसदों को आगे बढ़ने सेरोके जाने पर कई नेता सड़क पर ही बैठ गए और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया और ‘वोट चोरी’ के आरोपों के विरोध में नारे लगानेलगे. उन्होंने पोस्टर लिए और एसआईआर को वापस लेने की मांग करते हुए नारे लगाए. ‘एसआईआर’ और ‘वोट चोरी’ लिखी हुई लाल क्रॉस वालीसफेद टोपी पहने प्रदर्शनकारी सांसदों ने तख्तियां और बैनर लहराकर एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ नारे लगाए. इससे पहले संसद के मकर द्वार परविरोध मार्च शुरू करने से पहले उन्होंने राष्ट्रगान गाया. मार्च में शामिल होने वालों में प्रमुख रूप से टीआर बालू (द्रमुक), संजय राउत (शिवसेना-यूबीटी), डेरेक ओब्रायन (टीएमसी), कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव समेत द्रमुक, राजद और वामपंथी दलों जैसेविपक्षी दलों के अन्य सांसद शामिल थे. सूचना देने की कही थी बातदरअसल चुनाव आयोग ने कांग्रेस नेता जयराम रमेश को पत्र लिखकर दोपहर 12.30 बजे मिलने के लिए बुलाया था. चुनाव आयोग ने उनसे 30 सांसदों के साथ आने को कहा था और आनले से पहले उन सांसदों की सूचना देने की बात कही थी. इसी के मद्देनजर पुलिस ने प्रदर्शनकारी सांसदों सेकहा कि 30 लोग चुनाव आयोग के दफ्तर तक जा सकते हैं. इसके लिए पैदल या वाहन जैसे विकल्प चुन सकते हैं. हालांकि, विपक्ष इसके लिएतैयार नहीं हुआ. पुलिस ने यह भी बताया कि मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी. इससे पहले पुलिस ने प्रदर्शनकारी सांसदों को आगे बढ़ने सेरोकने के लिए संसद मार्ग पर परिवहन भवन के पास व्यापक व्यवस्था की थी. इस दौरान बैरिकेड्स लगाए गए थे. पुलिस ने सांसदों से आगे न बढ़नेको कहा। इस दौरान लाउडस्पीकर से घोषणा की गई. उन्हें संसद भवन से कुछ ही दूरी पर स्थित चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर बढ़ने से रोका गया.
एसआईआर मुद्दे पर विपक्ष के मार्च पर भाजपा का पलटवार, धर्मेंद्र प्रधान बोले राहुल गांधी फैला रहे है देश में अराजकता

बिहार एसआईआर मामले को लेकर विपक्ष के चुनाव आयोग मार्च पर भाजपा ने तीखा पलटवार किया है. केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस औरराहुल गांधी पर संविधान विरोधी रवैये का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि एसआईआर देश में पहली बार नहीं हो रहा है. लेकिन विपक्ष इसे बहानाबनाकर झूठ फैलाने और अराजकता पैदा करने की कोशिश कर रहा है. भाजपा नेता ने विपक्ष से संसद में मुद्दे उठाने की अपील भी की. धर्मेंद्र प्रधान नेकहा कि देश देख रहा है कि जो लोग संविधान के खिलाफ काम कर रहे हैं, उनकी अगुवाई राहुल गांधी कर रहे हैं। एसाआईआर कोई नई प्रक्रिया नहींहै. ध्यान भटकाने के लिए कर रही है ऐसे मुद्दों का इस्तेमालयह पहले भी हो चुकी है इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर झूठ बोलने, ईवीएम पर सवाल उठाने, महाराष्ट्र और हरियाणा चुनावों को लेकर भ्रम फैलानेका आरोप लगाया. प्रधान के अनुसार, यह विपक्ष की सोची-समझी रणनीति है ताकि देश में अराजकता फैलाई जा सके. भाजपा नेता ने विपक्ष सेआग्रह किया कि वे सड़क पर मार्च निकालने के बजाय संसद में अपने मुद्दे रखें. उन्होंने कहा कि संसद में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान भी विपक्षऔर कांग्रेस के पास कोई ठोस एजेंडा नहीं था. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष जनता के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे कदम उठा रहाहै. रणनीति के रुप में कर रहा है इस्तेमालप्रधान ने आगे कहा कि कांग्रेस बार-बार ईवीएम को लेकर भी झूठ बोलती है और चुनाव प्रक्रिया पर अविश्वास पैदा करती है. उन्होंने आरोप लगाया किविपक्ष चुनावी हार के डर से जनभावनाओं को भड़काने की कोशिश कर रहा है. भाजपा नेता ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक बताया औरकहा कि ऐसे कदम जनता के विश्वास को कमजोर करते हैं. बिहार एसआईआर पर विपक्ष के चुनाव आयोग मार्च को लेकर भाजपा नेता धर्मेंद्र प्रधान नेराहुल गांधी और कांग्रेस पर संविधान विरोधी रवैये का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि एसआईआर पहली बार नहीं हो रहा और विपक्ष इसे अराजकताफैलाने की रणनीति के रूप में इस्तेमाल कर रहा है.
जनता दर्शन में सीएम योगी का आश्वासन इलाज में धन की कमी नहीं होने देंगे, हर जरूरतमंद को मिलेगा विवेकाधीन कोष से सहारा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग करने पहुंचे लोगों को आश्वस्त किया किवह बिना चिंता किए अच्छे से अच्छे अस्पताल में इलाज कराएं, सरकार उनकी भरपूर आर्थिक मदद करेगी. उपचार में जो भी धनराशि खर्च होगी, उसकी व्यवस्था सरकार करेगी. सीएम योगी ने इसे लेकर अफसरों को निर्देशित भी किया कि किया कि जिन लोगों को उपचार में आर्थिक सहायता कीआवश्यकता है. उनके इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से पूरा कराकर शासन को उपलब्ध कराया जाए. हर जरूरतमंद को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष सेपर्याप्त सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार शाम गोरखपुर पहुंचे थे. गोरखनाथ मंदिर में रात्रि प्रवास के बादरविवार सुबह उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में करीब 200 लोगों से मुलाकात की. की जाए कानूनी कार्रवाईमंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों से एक-एक करके समस्याएं सुनीं और निस्तारण के लिएआश्वस्त करते हुए उनके प्रार्थना पत्र संबंधित अधिकारियों को हस्तगत किए. उन्होंने सभी लोगों को आश्वस्त किया कि किसी को भी परेशान होने याघबराने होने की आवश्यकता नहीं है. हर समस्या का समाधान कराया जाएगा मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनता की समस्याओंपर पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता से ध्यान देकर उनका त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपरक निस्तारण कराएं ताकि किसी को भी परेशान न होनापड़े. हर पीड़ित के साथ संवेदनशील रवैया अपनाया जाए और उसकी समस्या का समाधान कर उसे संतुष्ट किया जाए. इसमें किसी भी तरह कीकोताही नहीं होनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कहीं कोई जमीन कब्जा या दबंगई कर रहा हो तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए. संवाद करने की दी जाए प्राथमिकतापारिवारिक मामलों के निस्तारण में दोनों पक्षों को एकसाथ बैठाकर संवाद करने को प्राथमिकता दीजाए. एक महिला की गुहार पर उन्होंने अफसरों को उक्त महिला को जमीन का पट्टा देने का निर्देश दिया. जनता दर्शन में हर बार की तरह इस बार भीकई लोग गंभीर बीमारियों में इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे. सीएम योगी ने सभी को भरोसा दिया कि उनकी सरकार किसी भीजरूरतमंद के इलाज में धन की कमी को बाधक नहीं बनने देगी. विवेकाधीन कोष से मदद की जाएगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार शामगोरखपुर पहुंचे थे. गोरखनाथ मंदिर में रात्रि प्रवास के बाद रविवार सुबह उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में करीब 200 लोगों सेमुलाकात की. मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों से एक-एक करके समस्याएं सुनीं औरनिस्तारण के लिए आश्वस्त करते हुए उनके प्रार्थना पत्र संबंधित अधिकारियों को दिए.
भारत को आंखें दिखाना पड़ा पाकिस्तान को भारी, हवाई क्षेत्र प्रतिबंध से झेला ₹1240 करोड़ का नुकसान

आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को भारत को आंखें दिखाना महंगा पड़ रहा है. कर्ज के बोझ तले दबा पाकिस्तान एक गलती की वजह से अपनाबड़ा नुकसान करा चुका है. भारतीय विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध लगाकर पाकिस्तान को दो महीने में 1240 करोड़ रुपये का नुकसानझेलना पड़ा है. पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में रक्षा मंत्रालय ने बताया कि हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध से यातायात में 20 प्रतिशत कमी आई. 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था. इसके जवाब मेंपाकिस्तान ने सभी भारतीय विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध लगा दिया था. मगर यह प्रतिबंध पाकिस्तान पर ही उल्टा पड़ गया. पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक 24 अप्रैल से 30 जून के बीच हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध से पाकिस्तान हवाई अड्डा प्राधिकरण (पीएए) का हवाई उड़ानशुल्क राजस्व गिर गया. 20 प्रतिशत की आई कमीवहीं रोज लगभग 100-150 भारतीय विमान प्रभावित हुए. जबकि पाकिस्तान के पारगमन हवाई यातायात में लगभग 20 प्रतिशत की कमी आई. पाकिस्तानी रक्षा मंत्रालय ने नुकसान की बात स्वीकार की, लेकिन यह कहकर उसे उचित ठहराने की कोशिश की कि संप्रभुता और राष्ट्रीय रक्षा आर्थिकपहलुओं से ऊपर हैं. अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि ऐसे उपाय रणनीतिक और कूटनीतिक कारणों से नोटिस टू एयरमैन (NOTAMs) के जरिएजारी किए गए थे. आंकड़ों के मुताबिक 2019 में पीएए का औसत दैनिक ओवरफ्लाइट राजस्व 508,000 डॉलर था. जबकि 2025 में यह760,000 डॉलर था, जिसका अर्थ है कि प्रतिबंध से पाकिस्तान को काफी नुकसान हुआ है. पाकिस्तान पर ही पड़ा उल्टामौजूदा समय में पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र भारतीय एयरलाइनों और विमानों को छोड़कर सभी के लिए खुला है. इस प्रतिबंध को दो बार बढ़ाया गया हैऔर अब यह अगस्त के अंतिम सप्ताह तक जारी रहेगा. भारतीय एयरलाइन्स कंपनियां अन्य अंतर्राष्ट्रीय मार्गों पर अप्रभावित हैं. जबकि पाकिस्तानीएयरलाइन्स को अभी भी भारतीय वायुक्षेत्र में प्रवेश करने से रोक दिया गया है. 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफकड़ी कार्रवाई करते हुए सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था. इसके जवाब में पाकिस्तान ने सभी भारतीय विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र परप्रतिबंध लगा दिया था. मगर यह प्रतिबंध पाकिस्तान पर ही उल्टा पड़ गया.