सट्टेबाजी ऐप मामले में ईडी की पूछताछ में पहुंचे सुरेश रैना, धन शोधन के आरोपों की जांच तेज

भारत के पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना दिल्ली में प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर पहुंच चुके हैं. उन्हें ईडी ने ऑनलाइन सट्टा लगाने वाले ऐप (बेटिंग ऐप) से जुड़ेमामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था. ईडी अब उनसे कथित अवैध सट्टेबाजी ऐप से जुड़े धन शोधन मामले में पूछताछ कर रही है. साथ हीसंघीय जांच एजेंसी धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत उनके बयान को भी दर्ज करेगी. माना जा रहा है कि पूर्व भारतीय क्रिकेटरकुछ विज्ञापनों के जरिए इस ऐप से जुड़े हैं. ईडी अधिकारियों द्वारा पूछताछ के दौरान इस ऐप से उनके संबंधों को समझने की उम्मीद है. बता दें कि एजेंसी अवैध सट्टेबाजी एप्स से जुड़े कई ऐसे मामलों की जांच कर रही है. जिन पर कई लोगों और निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी करनेया भारी मात्रा में कर चोरी करने का आरोप है. इस मामले में ईडी ने कार्रवाई तेज की है. खासकर उन विज्ञापनों पर जिनमें फिल्मी सितारे और क्रिकेटरशामिल हैं. ईडी इस मामले में कई अभिनेता और अभिनेत्रियों और खिलाड़ियों से भी पूछताछ कर चुकी है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये बेटिंगप्लेटफॉर्म बड़े-बड़े नामों का इस्तेमाल कर लोगों के पैसे लूटने का काम कर रहे हैं. विज्ञापनों में दिए गए क्यूआर कोड सीधे सट्टेबाजी साइटों पर ले जातेहैं. जो भारतीय कानून का उल्लंघन है. जांच में यह भी सामने आया है कि ये प्लेटफॉर्म अक्सर खुद को स्किल-बेस्ड गेमिंग के रूप में पेश करते है. लेकिन फर्जी एल्गोरिद्म के जरिए अवैध सट्टेबाजी को बढ़ावा देते हैं. सुरेश रैना भारत के सबसे सफल मिडल ऑर्डर बल्लेबाजों में गिने जाते हैं. उन्होंनेअंतरराष्ट्रीय स्तर पर 322 मैचों में करीब 8000 रन बनाए हैं. इसके अलावा वो तीनों प्रारूपों में शतक लगाने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी हैं. रैना काआईपीएल करियर भी बेहद शानदार रहा है. 205 मुकाबलों में उन्होंने 5528 रन बनाए हैं और उन्हें ‘मिस्टर आईपीएल’ का टाइटल भी मिला है. चारबार सीएसके को चैंपियन बनाने में उनकी अहम भूमिका रही है. उनके 100* रन की पारी आज भी आईपीएल की यादगार पारियों में से एक मानीजाती है. माना जा रहा है कि पूर्व भारतीय क्रिकेटर कुछ विज्ञापनों के जरिए इस ऐप से जुड़े हैं. ईडी अधिकारियों द्वारा पूछताछ के दौरान इस ऐप सेउनके संबंधों को समझने की उम्मीद है.
ट्रंप सरकार के टैरिफ के बाद भी अमेरिका के सुर नरम, भारत के साथ रिश्तों में कोई बदलाव नहीं अमेरिकी विदेश विभाग ने दिए निर्देश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगा गए टैरिफ को लेकर भारत के सख्त रुख को दुनिया देख रही है. भारत पर अपनी दबाव रणनीति नाकामहोता देख अब अमेरिका के सुर नरम पड़ गए हैं. उसकी ओर से कहा गया है कि भारत के साथ अमेरिका के रिश्ते पहले जैसे ही हैं. इसमें कोई भीबदलाव नहीं हुआ है. हमारे राजनयिक भारत-अमेरिका रिश्तों को लेकर प्रतिबद्ध हैं. विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने कहा कि भारत औरपाकिस्तान दोनों के साथ अमेरिका के संबंध बदले नहीं हैं. राजनयिक दोनों देशों के प्रति प्रतिबद्ध हैं. उनका यह बयान पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरलअसीम मुनीर की फ्लोरिडा में की गई टिप्पणी के बाद आया है. वहां मुनीर ने कथित तौर पर कहा था कि पाकिस्तान अस्तित्व के लिए खतरा पैदा होनेकी स्थिति में भारत और आधी दुनिया को तबाह करने के लिए परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है. राजनयिक देशों के प्रति प्रतिबद्धविदेश विभाग की ब्रीफिंग में बोलते हुए ब्रूस ने कहा, ‘भारत-पाकिस्तान के साथ हमारा एक ऐसा अनुभव रहा है कि जब इनके बीच संघर्ष हुआ था तोवह बहुत भयानक रूप ले सकता था. उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने जो कुछ हो रहा था. उसकी प्रकृतिपर तत्काल चिंता जताई और तत्काल उस पर काम शुरू किया. ब्रूस ने संघर्ष को बढ़ने से रोकने में कूटनीतिक प्रयासों की सफलता पर जोर देते हुएकहा, ‘हमने फोन कॉल्स की प्रकृति और हमलों को रोकने के लिए किए गए प्रयासों के बारे में बताया है. जिससे दोनों पक्षों को एक साथ लाकर एकस्थायी समाधान तैयार हुआ. यह बहुत गर्व की बात है कि विदेश मंत्री रुबियो, उपराष्ट्रपति वेंस और इस देश के शीर्ष नेता उस संभावित तबाही कोरोकने में शामिल थे. उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के साथ अमेरिका के संबंध अपरिवर्तित और अच्छे बने हुए हैं. राजनयिक दोनों देशों के प्रतिप्रतिबद्ध हैं. फ्लोरिडा में की गई टिप्पणीउन्होंने आगे कहा, ‘एशियाई क्षेत्र और दुनिया के लिए अमेरिका का दोनों देशों के साथ काम करना अच्छी खबर है। यह एक ऐसे भविष्य को बढ़ावादेगा जो लाभकारी होगा. गौरतलब है कि मुनीर दो महीने से भी कम समय में दूसरी बार अमेरिका की यात्रा पर हैं. यह यात्रा जून में ट्रंप के साथ एकनिजी लंच के बाद हो रही है. मुनीर रविवार को अमेरिका के शीर्ष राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व के साथ कई उच्च-स्तरीय बैठकों के लिए वाशिंगटनपहुंचे थे. विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों के साथ अमेरिका के संबंध बदले नहीं हैं राजनयिक दोनों देशों केप्रति प्रतिबद्ध हैं उनका यह बयान पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की फ्लोरिडा में की गई टिप्पणी के बाद आया है.
विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश 2047 पर 24 घंटे अनवरत चलेगा विशेष सत्र, योगी करेंगे शुरुआत विपक्ष बोले– वादों की खुलेगी पोल

विधान परिषद और विधानसभा में 13 अगस्त को पूर्वाह्न 11 बजे से विजन डॉक्युमेंट-2047 पर चर्चा शुरू होगी. यह चर्चा 14 अगस्त को पूर्वाह्न 11 बजे तक लगातार चलेगी. इसका थीम है. विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश-2047 विधानसभा में चर्चा की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथकरेंगे जबकि विधान परिषद में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सबसे पहले अपनी बात रखेंगे. वर्ष 2047 में यूपी को लेकर सदस्यों का क्यादृष्टिकोण है। तब तक क्या-क्या काम होने चाहिए और यूपी की कैसी तस्वीर तब तक वे देखना चाहते हैं. सभी सदस्य इस मुद्दे पर अपना मत रखसकेंगे. चर्चा में भाग लेने के लिए मंत्रियों के लिए भी समय का स्लॉट तय कर दिया गया है. वादों की खोली पोलविजन डॉक्यूमेंट पर चर्चा को लेकर सपा ने भी अपनी रणनीति तैयार की है. सपा सदस्यों का कहना है कि वे सदन में मौजूद रहकर भाजपा के झूठे वादोंकी पोल खोलेंगे. सपा के विधायक आरके वर्मा ने कहा कि हम भाजपा का विजन डाक्यूमेंट बहुत पहले देख चुके हैं. उन्होंने सवाल दागे कि क्याकाला धन वापस आया। हर खाते में 15 लाख पहुंचे. दो करोड़ लोगों को रोजगार मिला. नोटबंदी के क्या फायदे हुए और किसानों की आय दोगुनाकरने के वादे का क्या हश्र हुआ. सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि यह चर्चा अनावश्यक है. अपनी रणनीति हम बुधवार को 10 बजेबैठक करके तय करेंगे. रोस्टर भी किया गया जारीबुधवार से चौबीस घंटे चलने वाले सदन में मंत्रियों की मौजूदगी अनिवार्य करने के लिए शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई है. बुधवार शाम 6 बजे सेबृहस्पतिवार सुबह 11 बजे तक सदन में रहने के लिए 28 मंत्रियों का रोस्टर जारी किया गया है. सबसे ज्यादा 8 मंत्री तड़के तीन बजे से सुबह छह बजेके बीच रहेंगे. सदन में हर समय मंत्रियों की अनिवार्य मौजूदगी का रोस्टर बुधवार शाम 6 बजे से लागू होगा. इससे पहले सदन में 28 के अतिरिक्तअन्य मंत्री मौजूद रहेंगे. शाम 6 से बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे तक का समय छह शिफ्ट में बांटा गया है। सिर्फ एक शिफ्ट दो घंटे की होगी. शेष शिफ्ट3-3 घंटे की रहेंगी। यूपी विधानसभा में आज रिकॉर्ड बनने जा रहा है. सुबह 11 बजे से शुरू होने वाला सदन कल दोपहर 11 बजे तक अनवरत चलतारहेगा.
भारत-चीन तनाव में नरमी यूरिया निर्यात पर लगी पाबंदी में ढील, भारत आयात कर सकेगा 3 लाख टन

चीन ने भारत के साथ तनाव घटाने की कवायद के तहत यूरिया के निर्यात में ढील दे दी है. हालांकि इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गईहै लेकिन मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि भारत चीन से तीन लाख टन तक यूरिया का आयात कर सकता है. भारत दुनिया में यूरिया का सबसे बड़ाआयातक है। चीन ने भारत के साथ तनाव घटाने की पहल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत पर 50 फीसदी टैरिफ की घोषणा के बादकी है. भारत और चीन के बीच जून, 2020 में लद्दाख की गलवां घाटी में हिंसक झड़प के बाद से संबंध निचले स्तर पर पहुंच गए थे. हालांकि पिछलेकुछ महीनों में हालात में सुधार दिखा है फिर भी दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर विवाद जारी है. पिछले साल के मुकाबले 20 फीसदी कमी2023 में चीन का आधा यूरिया निर्यात भारत को होता था लेकिन पिछले साल इसने दुनिया के सभी देशों को यूरिया की बिक्री रोक दी। इस जून मेंचीन ने इस प्रतिबंध में ढील दी लेकिन भारत पर लगा प्रतिबंध अभी तक जारी था अब इसमें ढील दी गई है. हालांकि 3 लाख टन की मात्र बहुतअधिक नहीं है लेकिन धीरे-धीरे इसमें बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. इससे वैश्विक आपूर्ति में सुधार होने और कीमतों में कमी आने की उम्मीद है.भारत ने 31 मार्च, 2025 को समाप्त हुए वर्ष के दौरान 57 लाख टन यूरिया का आयात किया था. यह पिछले साल के मुकाबले 20 फीसदी कम था. कर दी थी ढीलवहीं, प्रतिबंध के कारण चीन से होने वाला आयात 2023-24 के 18.70 लाख टन से घटकर 2024-25 में एक लाख टन के करीब रह गया था. भारत की ज्यादातर अर्थव्यवस्था अब भी कृषि पर निर्भर है और इसलिए घरेलू मांग को पूरा करने के लिए भारत को उर्वरकों को बड़ी मात्रा में आयातकरना पड़ता है. सरकार यूरिया पर बड़ी मात्रा में सब्सिडी भी देती है ताकि किसानों पर बोझ न पड़े. 2023 में चीन का आधा यूरिया निर्यात भारत कोहोता था लेकिन पिछले साल इसने दुनिया के सभी देशों को यूरिया की बिक्री रोक दी. इस जून में चीन ने इस प्रतिबंध में ढील दी लेकिन भारत परलगा प्रतिबंध अभी तक जारी था. अब इसमें ढील दी गई है.
सुरेश गोपी पर फर्जी घोषणापत्र और वोटर लिस्ट में हेरफेर के आरोप निराधार, केरल BJP अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर न किया खारिज “जानें क्या है पूरा मामला”

केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कांग्रेस और सीपीआई के उन आरोपों को खारिज किया है. जिनमें केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी पर 2024 लोकसभा चुनाव में फर्जी घोषणा पत्र देने और मतदाता सूची में हेरफेर करने के आरोप लगाए गए हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों को चुनावआयोग या अदालत में उठाएं, न कि जनता को भड़काने के लिए झूठ फैलाना चाहिए. चंद्रशेखर की यह टिप्पणी कांग्रेस और भाकपा के उन आरोपों केबाद आई है. जिनमें कहा गया है कि केंद्रीय राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान गलत घोषणापत्र दाखिल किया था औरत्रिशूर निर्वाचन क्षेत्र से उनकी जीत मतदाता सूची में हेरफेर के कारण हुई थी. गोपी की हुई जीतकांग्रेस ने एक दिन पहले आरोप लगाया था कि केंद्रीय पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और पर्यटन राज्य मंत्री ने त्रिशूर लोकसभा क्षेत्र की मतदाता सूची मेंशामिल होने के लिए गलत घोषणापत्र दाखिल किया था. देश की सबसे पुरानी पार्टी ने उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग करतेहुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. इससे पहले, भाकपा नेता वी.एस. सुनील कुमार ने सोमवार को आरोप लगाया था कि मतदाता सूची में स्पष्टहेराफेरी हुई है, जिससे त्रिशूर निर्वाचन क्षेत्र में गोपी की जीत हुई. गोपी ने त्रिशूर सीट पर 74,000 से ज़्यादा मतों के बड़े अंतर से जीत हासिल की थी. उन्होंने कुमार और कांग्रेस उम्मीदवार के. मुरलीधरन को कांटे के त्रिकोणीय मुकाबले में हराया था. वहीं बुधवार को चंद्रशेखर ने आरोपों की सत्यता परसवाल उठाते हुए कहा कि ये दावे गोपी के लोकसभा चुनाव जीतने के डेढ़ साल बाद उठाए जा रहे हैं. सवालों का नहीं दिया जवाबभाजपा नेता ने यह भी कहा कि ऐसे मुद्दों को चुनाव आयोग या अदालतों में शिकायत या चुनाव याचिका दायर करके उठाया जाना चाहिए लेकिन वोऐसा नहीं करते हैं. इसके बजाय, वे झूठ बोलकर जनता को भड़काने या अपने दुष्प्रचार से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश करते हैं यह सबदिखावा है. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी और केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन इस तरह के नाटककर रहे हैं. इस बीच, गोपी त्रिशूर पहुंचे और एक भाजपा कार्यकर्ता से मिले, जो मंगलवार को एक विरोध प्रदर्शन में घायल हो गया था. त्रिशूर रेलवेस्टेशन पहुंचने के बाद, मंत्री ने कांग्रेस और भाकपा के आरोपों के बारे में पत्रकारों के सवालों का जवाब नहीं दिया.
इस्लामाबाद में भारतीय राजनयिकों को परेशान कर रहा पाकिस्तान, भारत ने भी दिया ‘जैसे को तैसा’ जवाब

पाकिस्तान ने फिर नापाक हरकत करते हुए इस्लामाबाद में भारतीय राजनयिकों के घरों में मिनरल वाटर, गैस और अखबार की आपूर्ति बंद कर दी है. स्थानीय गैस सिलिंडर के सप्लायरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे भारतीय राजनयिकों को सिलिंडर न बेचें. जवाबी कदम के तौर पर भारत ने भी दिल्लीमें पाकिस्तानी राजनयिकों को अखबार पहुंचाना बंद कर दिया है. सूत्रों ने बताया, पाकिस्तानी अधिकारी भारतीय राजनयिकों की निगरानी भी करवा रहेहैं. इस्लामाबाद में भारतीय राजनयिकों के आवासों व दफ्तरों में अवैध प्रवेश की घटनाएं सामने आई हैं. इसे राजनयिकों और कर्मचारियों को डराने कीकोशिश के रूप में देखा जा रहा है. बताया जा रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद बदले की कार्रवाई के तहत पाकिस्तान यह हरकतें कर रहा है. आईएसआई की साजिश का हिस्सायह उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई की साजिश का हिस्सा है. ऑपरेशन सिंदूर से पहले विक्रेता गैस सिलिंडर व बोतलबंद पानी की आपूर्तिभारतीय उच्चायोग में करते थे पर अब वे ऐसा करने में हिचकिचा रहे हैं और ज्यादातर बार मना कर देते हैं. सूत्रों ने बताया पाकिस्तानी कंपनी सुई नॉर्दर्नगैस पाइपलाइन लि. ने भारतीय उच्चायोग परिसर में लगी पाइपलाइन में गैस की आपूर्ति रोक दी है. भारतीय राजनयिकों और उनके परिवारों कोअधिक पैसे चुकाने के बावजूद सिलिंडर मिलने में दिक्कतें पैदा की जा रही हैं. 2019 में भारत की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भी इस्लामाबाद मेंभारतीय राजनयिकों को ऐसी ही परेशानियां झेलनी पड़ी थीं. दबाव बनाने का माहौलपाकिस्तान के गैस, पानी और अखबार रोकने का फैसला विएना कन्वेंशन ऑन डिप्लोमेटिक रिलेशंस (1961) का उल्लंघन है. कन्वेंशन के आर्टिकल25 के मुताबिक, मेजबान देश को राजनयिक मिशन के सुचारू काम के लिए सभी सुविधाएं देनी होती हैं. पाकिस्तान ने जानबूझकर ये बुनियादीसप्लाई रोककर मिशन के काम और राजनयिकों की रोजमर्रा की जिंदगी में रुकावट डाली. पाकिस्तान की हरकतें सीधे तौर पर दबाव का माहौल बनानेकी कोशिश है. पाकिस्तान ने भारतीय राजनयिकों की पानी और गैस की आपूर्ति रोक दी है. भारत ने भी पड़ोसी को ‘जैसे को तैसा’ जवाब दिया है. अखबार पर भी पाबंदी लगाई गई है. भारत ने भी पाकिस्तानी राजनयिकों को समाचार पत्रों की आपूर्ति बंद करने का फैसला लिया है.
नए केंद्रीय सचिवालय भवनों में प्रवेश के लिए आधार आधारित स्मार्ट कार्ड व्यवस्था लागू, गृह मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना

केंद्र सरकार के नए विभागों में प्रवेश के लिए सरकार नई व्यवस्था बना रही है. नए सरकारी भवनों के लिए स्मार्ट कार्ड के अलावा पास जारी किएजाएंगे. इसके लिए व्यक्ति की पहचान आधार नंबर से प्रमाणित की जाएगी. गृह मंत्रालय ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है. अधिसूचना केअनुसार, आधार प्रमाणीकरण स्वैच्छिक आधार पर किया जाएगा. बता दें कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्तव्य भवन-3 का उद्घाटन किया थाइसमें कई केंद्रीय मंत्रालयों के अधिकारियों का विभाग होगा. यहां तक पहुंचने के लिए स्मार्ट कार्ड या पास जरूरी होंगे. गृह मंत्रालय ने कहा है कि कार्डया पास जारी करने के लिए लोगों को आधार कार्ड दिखाना होगा. इस दस्तावेज की मदद से लोगों की पहचान प्रमाणित की जाएगी, इसके बाद हीसंबंधित विभागों या मंत्रालयों में प्रवेश की अनुमति मिलेगी. पहचान प्रमाणित करने का है उद्देश्यइस संबंध में गृह मंत्रालय से जारी अधिसूचना के मुताबिक, नए निर्मित केंद्रीय सचिवालय भवनों में प्रवेश के इच्छुक आवेदकों के विवरण की जांचकरने के लिए आधार प्रमाणीकरण का सहारा लिया जाएगा. इसके बाद उन्हें स्मार्ट कार्ड और आगंतुक पास जारी किए जाएंगे. इलेक्ट्रॉनिक्स औरसूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने आधार नंबर के उपयोग की अनुमति दे दी है. सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण(यूआईडीएआई) से परामर्श के बाद कहा, गृह मंत्रालय के अधीन काम करने वाले सचिवालय सुरक्षा संगठन (SSO) के अधिकारी मंत्रालयों में जानेसे पहले व्यक्ति की पहचान की पुष्टि करने के लिए आधार प्रमाणीकरण कर आधार संख्या धारक की पहचान स्थापित करेंगे. गृह मंत्रालय कीअधिसूचना के अनुसार, आधार प्रमाणीकरण स्वैच्छिक आधार पर किया जाएगा. सचिवालय सुरक्षा संगठन आधार का इस्तेमाल केवल स्मार्ट कार्डऔर आगंतुक पास जारी करने के लिए व्यक्तियों की पहचान प्रमाणित करने के उद्देश्य से करेगा. आवेदकों की पहचान की जाएगी आधार कार्ड सेSSO के अधिकारी आधार कार्ड धारक को पहचान के अन्य दस्तावेजों, जैसे ‘पैन कार्ड’, ‘वोटर आईडी कार्ड’, ‘पासपोर्ट’ या ‘विभागीय पहचान पत्र’ जैसे वैकल्पिक और व्यावहारिक माध्यमों के बारे में भी सूचित करेंगे. अधिसूचना में कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति आधार प्रमाणीकरण से इनकारकरता है या किसी और कारण से ऑथेंटिकेशन में परेशानी आती है या प्रमाणीकरण में असमर्थ होने पर भी किसी आधार कार्ड धारक को मंत्रालयों याविभागों से मिलने वाली किसी सेवा का लाभ लेने से रोका नहीं जाएगा.दिल्ली में नवनिर्मित केंद्रीय सचिवालय भवनों में प्रवेश करने के लिए स्मार्ट कार्ड और आगंतुक पास का इस्तेमाल किया जाएगा. इन कार्ड को प्राप्तकरने के इच्छुक आवेदकों की पहचान आधार कार्ड से की जाएगी.
प्रियंका गांधी की गाजा टिप्पणी पर इस्राइली राजदूत के बयान की कांग्रेस ने की निंदा, जयराम रमेश बोले मोदी सरकार की चुप्पी नैतिक कायरता

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने मंगलवार को पार्टी नेता प्रियंका गांधी की गाजा संघर्ष पर की गई टिप्पणी के जवाब इस्राइली राजदूत के बयान कीनिंदा की. उन्होंने इस्राइली राजदूत रियूवेन अजार के शब्दों को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया और नरेंद्र मोदी सरकार की इस मुद्दे पर चुप्पी को नैतिककायरता कहा रमेश ने मांग की कि भारत सरकार को इस पर सख्त आपत्ति जतानी चाहिए. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में जयरामरमेश ने लिखा, कांग्रेस ने इस्राइल के भारत में राजदूत की ओर से प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा गाजा में जारी नरसंहार पर जताई गई पीड़ा और दुख केजवाब में कहे गए शब्दों की निंदा की है. यह उम्मीद करना बहुत ज्यादा होगा कि मोदी सरकार इस पर कोई कड़ा कदम उठाएगी, जिसने पिछले 18 से20 महीनों में गाजा की तबाही पर बोलने में बहुत बड़ी नैतिक कायरता दिखाई है. लेकिन हम इस टिप्पणी को पूरी तरह अस्वीकार्य मानते हैं औरइसका विरोध करते हैं. नरसंहार रहा है करयह विवाद तब शुरू हुआ, जब प्रियंका गांधी वाड्रा ने गाजा में इस्राइली कार्रवाई को ‘नरसंहार’ बताया और कहा कि इस्राइल ने 60,000 से अधिकलोगों की हत्या की है, जिनमें 18,430 बच्चे शामिल हैं. उन्होंने कहा कि सरकार की इस मुद्दे पर चुप्पी ‘शर्मनाक’ है. प्रियंका गांधी ने अपने पोस्ट मेंलिखा, इस्राइली राज्य नरसंहार कर रहा है. उसने 60,000 से ज्यादा लोगों की हत्या की है, जिनमें 18,430 बच्चे हैं. उसने सैकड़ों लोगों को भूख सेमार डाला है जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं और अब वह लाखों लोगों को भूखा मारने की धमकी दे रहा है. उन्होंने आगे लिखा, इन अपराधों पर चुपरहना और कुछ न करना भी एक अपराध है यह शर्मनाक है कि जब इस्राइल यह तबाही फलस्तीनियों पर बरपा रहा है तब भारत सरकार चुप है. एकअन्य पोस्ट में उन्होंने अलजजीरा के पांच पत्रकारों की हत्या की निंदा करते हुए लिखा, पांच पत्रकारों की हत्या फलस्तीनी जमीन पर किया गया एकऔर भयानक अपराध है. इन पत्रकारों की हिम्मत और सच्चाई के लिए लड़ने की ताकत कभी इस्राइली हिंसा से नहीं टूटेगी. हमास के आतंकियो को माराइस्राइली राजदूत रियूवेन अजार ने प्रियंका गांधी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, शर्मनाक आपकी चालबाजी है। इस्राइल ने 25,000 हमासके आतंकियों को मारा है. उन्होंने यह भी कहा कि हमास आम नागरिकों के पीछे छिपता है और इस्राइल ने गाजा में 20 लाख टन खाद्य सामग्री भेजीहै. राजदूत अजार ने लिखा, इंसानी जानों की भारी कीमत हमास की घिनौनी रणनीति की वजह से है. वे आम नागरिकों के पीछे छिपते हैं, मदद लेनेवालों पर गोली चलाते हैं और रॉकेट दागते हैं. उन्होंने यह भी कहा, गाजा की आबादी पिछले 50 वर्षों में 450 फीसदी बढ़ी है, वहां कोई नरसंहार नहींहो रहा. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि हमास के आंकड़ों पर भरोसा न करें। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने प्रियंका गांधी की गाजा पर कीगई टिप्पणी के जवाब में इस्राइली राजदूत के बयान की निंदा की और उसे पूरी तरह अस्वीकार्य बताया. उन्होंने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर नैतिककायरता का आरोप लगाया और कहा कि सरकार को इस बयान पर सख्त आपत्ति जतानी चाहिए. प्रियंका गांधी ने गाजा युद्ध में 60,000 से अधिकलोगों की मौत को नरसंहार बताया था.
सुप्रीम कोर्ट के ‘ब्लैंकेट रीमूवल’ आदेश पर राहुल गांधी की तीखी प्रतिक्रिया, बोले करुणा खत्म कर रही है ये नीति जानें क्या है पूरा मामला

दिल्ली और असपास के इलाकों से आवारा कुत्तों को हटाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी नेअपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने ‘एक्स’ पर ट्वीट किया, ‘दिल्ली-एनसीआर से सभी आवारा कुत्तों को हटाने का सुप्रीम कोर्ट का निर्देश दशकों से चली आरही मानवीय और विज्ञान-समर्थित नीति से एक कदम पीछने हटने जैसा है. ये बेजुबान जीव कोई समस्या नहीं हैं. जिन्हें मिटाया जा सके. आश्रय, नसबंदी, टीकाकरण और सामुदायिक देखभाल सड़कों को बिना किसी क्रूरता के सुरक्षित रख सकते हैं. ब्लैंकेट रीमूवल (पूरी तरह से हटा देना) क्रूर, अदूरदर्शी है. यह हमारी करुणा को खत्म करता है. हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि जन सुरक्षा और पशु कल्याण साथ-साथ चलें. सख्त करेंगें कार्रवाईराहुल की यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिल्ली-एनसीआर के अधिकारियों को जल्द से जल्द सभी आवारा कुत्तों को सड़कों से स्थायी रूप सेआश्रय स्थलों में स्थानांतरित करने का निर्देश देने के एक दिन बाद आई. शीर्ष अदालत ने कहा था कि आवारा कुत्तों के काटने से रेबीज होने की वजहसे स्थिति बेहद गंभीर हो गई है. खासकर छोटे बच्चे इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. कोर्ट ने यह भी कहा कि समय के साथ कुत्तों के आश्रयों की संख्याबढ़ानी होगी. इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने दिल्ली के अधिकारियों को छह से आठ हफ्तो में लगभग 5,000 कुत्तों के आश्रय स्थल बनाने का निर्देशदिया.बीते दिन पीठ ने कहा था’अगर कोई व्यक्ति या संगठन आवारा कुत्तों को पकड़कर उन्हें इकट्ठा करने वाले ऐसे बल के आड़े आता है और अगर हमेंइसकी सूचना दी जाती है. तो हम ऐसे किसी भी प्रतिरोध के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे. निगरानी रखने के दिए निर्देशपीठ ने आगे टिप्पणी की कि क्या पशु कार्यकर्ता और तथाकथित प्रेमी रेबीज के शिकार बच्चों को वापस ला पाएंगे? पीठ ने कहा, ‘क्या वे उन बच्चोंको जीवन वापस दे पाएंगे? जब परिस्थिति की मांग हो तो आपको कार्रवाई करनी होगी. शीर्ष अदालत राष्ट्रीय राजधानी में आवारा कुत्तों के काटने सेरेबीज होने के मामले में 28 जुलाई को स्वतः संज्ञान लेते हुए शुरू किए गए एक मामले की सुनवाई कर रही थी. शीर्ष अदालत ने सोमवार को दिल्लीसरकार और गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद के नगर निकायों को सभी आवारा कुत्तों को हटाकर आश्रय स्थलों में रखने का निर्देश दिया. पीठ ने कुत्तोंके आश्रय स्थलों में कुत्तों की देखभाल के अलावा टीकाकरण आदि काम समेत पर्याप्त कर्मचारी रखने का आदेश दिया था. कोर्ट ने इन केंद्रों परसीसीटीवी निगरानी रखने के निर्देश दिए थे.
ओडिशा में नाबालिग लड़कियों की आत्महत्याओं पर फूटा गुस्सा पूर्व CM नवीन पटनायक बोले, बेटियों को सुरक्षित माहौल देने में फेल रही भाजपा सरकार

ओडिशा में लगातार सामने आ रहे नाबालिग लड़कियों के आत्मदाह के मामलों को लेकर विपक्ष ने हमला बोला है. ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीनपटनायक ने राज्य की भाजपा सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि भाजपा बेटियों में सुरक्षा का विश्वास पैदा नहीं कर सकी. सरकार ऐसी व्यवस्था बनाने मेंफेल रही जहां बेटियां सुरक्षित, सम्मानित महसूस करें. एक महीने के अंदर इसी तरह की घटनाओं में चार लड़कियों की मौत हो चुकी है. पूर्व मुख्यमंत्रीने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि यह जानकर बहुत दुःख, सदमा और पीड़ा हुई कि बरगढ़ के गैसिलाट की एक और लड़की ने खुद को आग लगाकर जानदे दी. इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उस बच्ची के साथ हैं और परिवार के साथ प्रार्थनाएं हैं. ईश्वर परिवार के सदस्यों को इस अपूरणीय क्षति कोसहन करने की शक्ति प्रदान करें. बेहद है दुखदउन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि यह बेहद दुखद है कि हमारी लड़कियां अपनी जान लेने के लिए खुद पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़क रही हैं और यहहृदयविदारक है. एक महीने के भीतर ऐसी ही परिस्थितियों में चार बच्चियों की जान जा चुकी है. हर मासूम की मौत में ओडिशा की एक बेटी का दर्दछिपा है जो इतना असहनीय हो गया कि उसे अपनी जान लेने के अलावा कोई और रास्ता नहीं सूझा. ये चार मौतें कोई छिटपुट मामले नहीं हैं. ऐसीकई लड़कियां हैं जो हर दिन अपराध का शिकार होकर सबसे दुखद तरीके से मर रही हैं. पूर्व सीएम ने कहा कि एनकी हताशा सिर्फ व्यक्तिगत त्रासदीनहीं है. हर त्रासदी उनकी चीखें न सुन पाने की नाकामी को दर्शाती है. भाजपा प्रशासन व्यवस्था में विश्वास पैदा करने में नाकाम रहा है जहां हमारीबेटियां सुरक्षित, मूल्यवान और सुनी हुई महसूस करें. भाजपा सरकार इन मामलों को रोकने के लिए कब तक इंतज़ार करेगी? भाजपा सरकार कीदर्दनाक चुप्पी और निष्क्रियता ओडिशा की बेटियों को और भी असुरक्षित बना रही है. अस्पताल में तोड़ दिया दमओडिशा के बरगढ़ जिले के एक गांव में कथित तौर पर खुद को आग लगाने वाली 13 वर्षीय स्कूली छात्रा ने सोमवार को बुर्ला के एक अस्पताल मेंदम तोड़ दिया. बरगढ़ जिले के प्रभारी बोलांगीर के एसपी अभिलाष जी ने बताया कि बुर्ला स्थित वीर सुरेंद्र साईं आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान(VIMSAR) में लड़की की मौत हो गई. आठवीं कक्षा की छात्रा ने खुद को आग लगाने के लिए पेट्रोल का इस्तेमाल किया. यह घटना 12 जुलाई सेअब तक तीन अन्य महिलाओं की जलकर मौत के बाद हुई है. उसी दिन बालासोर में एक 20 वर्षीय छात्रा ने अपने कॉलेज परिसर में खुद को आगलगा ली और 14 जुलाई को एम्स भुवनेश्वर में उसकी मौत हो गई. 19 जुलाई को बालांगा में एक नाबालिग लड़की को कथित तौर पर तीन बदमाशोंने आग लगा दी और 2 अगस्त को एम्स दिल्ली में उसकी मौत हो गई. तीसरी ऐसी घटना 6 अगस्त को केंद्रपाड़ा जिले में हुई. जब पट्टामुंडई (ग्रामीण) थाना क्षेत्र में एक तृतीय वर्ष की स्नातक छात्रा का जला हुआ शव उसके घर से मिला.