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तेलंगाना विधानसभा में OBC आरक्षण पर रेवंत रेड्डी और केटीआर आमने-सामने, एक-दूसरे पर लगाए तीखे आरोप

तेलंगाना विधानसभा में पंचायती राज संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री रेवन्त रेड्डी और बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव(केटीआर) के बीच जोरदार बहस देखने को मिली. मुद्दा था पिछड़ा वर्ग आरक्षण और बीआरएस की भूमिका. मुख्यमंत्री ने बीआरएस पर गंभीर आरोपलगाए कि वह पिछड़े लोगों के सशक्तिकरण के खिलाफ रही है, वहीं बीआरएस ने सरकार पर चुनौती दी कि वह पिछड़े वर्ग के लिए बिल पास करानेके लिए सच्चा संघर्ष दिखाए. मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने विधानसभा में कहा कि बीआरएस प्रमुख के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) पिछड़े लोगों केसशक्तिकरण के खिलाफ रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि जब दिल्ली के जंतर मंतर पर पिछड़ा आरक्षण को लेकर बड़ा धरना हुआ, तब बीआरएस नेउसका समर्थन नहीं किया रेवंत रेड्डी ने कहा कि यह साफ सबूत था कि बीआरएस को पिछड़ा वर्ग की हिस्सेदारी बढ़ाने में कोई ईमानदारी नहीं है. उन्होंनेआगे आरोप लगाया कि बीआरएस ने राज्यपाल पर दबाव डालकर पिछड़े वर्ग के आरक्षण अध्यादेश को रोका. असली समर्पण दिखाने का समयमुख्यमंत्री ने विधानसभा में यह भी कहा कि जनता पहले ही बीआरएस के खिलाफ जनादेश दे चुकी है. उन्होंने दोहराया कि सरकार पिछड़ा समुदाय केअधिकारों को लेकर गंभीर है और इस बार उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर प्रयास करेगी रेवंत रेड्डी का कहना था कि बीआरएस सिर्फ दिखावे कीराजनीति करती रही है, जबकि जमीनी स्तर पर उसने पिछड़ा वर्ग को कभी वास्तविक शक्ति नहीं दी. मुख्यमंत्री के आरोपों पर बीआरएस नेता केटीआरने तीखा जवाब दिया. उन्होंने कहा कि अगर रेवंत रेड्डी सचमुच पिछड़ा वर्ग के लिए प्रतिबद्ध हैं तो उन्हें दिल्ली के जंतर मंतर पर अनिश्चितकालीन भूखहड़ताल करनी चाहिए, जब तक कि पिछड़ा बिल पास न हो जाए. केटीआर ने कहा कि यह सिर्फ बैठकों और नियुक्तियों का मामला नहीं है, बल्किअसली समर्पण दिखाने का समय है. दिल्ली में रहना डटेउन्होंने रेवन्त रेड्डी को याद दिलाया कि जिस तरह केसीआर दिल्ली गए थे और घोषणा की थी कि वह तेलंगाना के गठन तक वापस नहीं लौटेंगे, उसीतरह मौजूदा मुख्यमंत्री को भी दिल्ली में डटे रहना चाहिए.केटीआर ने विधानसभा में यह भी याद दिलाया कि 2004 में केसीआर पहले नेता थे जिन्होंने देश में अलग से ओबीसी कल्याण मंत्रालय की मांग कीथी. पार्टी गठन के बाद उन्होंने पिछड़े समुदाय के लिए एक व्यापक नीति भी पेश की थी. बीआरएस नेता ने कहा कि विधानसभा में उनकी पार्टी नेजाति जनगणना और विधानमंडलों में ओबीसी आरक्षण की मांग करते हुए प्रस्ताव पारित किए थे और उन्हें केंद्र सरकार को भेजा था. उन्होंने दावाकिया कि जब भी बीआरएस को मौका मिला, उसने पिछड़ा और कमजोर वर्गों को न्याय देने का काम किया.

हिमाचल में आपदा राहत पर CM सुक्खू का बड़ा ऐलान, कहा हर प्रभावित परिवार को मिलेगा विशेष पैकेज

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि आपदा से प्रभावित हर परिवार के पुनर्वास के लिए प्रदेश सरकार विशेष राहत पैकेज देगी सुक्खू ने शनिवारको जिला चंबा के भरमौर, मणिमहेश और अन्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों के साथ-साथ कांगड़ा जिले में पौंग बांध से छोड़े गए पानी के कारण बाढ़प्रभावित फतेहपुर और इंदौरा के मंड क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया. मुख्यमंत्री पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन से भरमौर के लिए रवाना हुए, लेकिन खराबमौसम के कारण उनका हेलिकाप्टर वहां उतर नहीं सका. सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से समय पर उठाए गए एहतियाती कदमों के कारणजनजीवन की हानि वर्ष 2023 की तुलना में कम हुई है, लेकिन इस बार विनाश का पैमाना कहीं अधिक है. सड़क, बिजली, पानी आपूर्ति और संचारसेवाएं 2023 की तुलना में अधिक प्रभावित हुई हैं राज्य सरकार के समक्ष लोगों के पुनर्वास की भी एक बड़ी चुनौती है, जिसे प्रदेशवासियों के सहयोगसे पार किया जाएगा. संकट का कर रही है सामनामुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह लगातारजमीनी स्तर पर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं. सरकार आपदा प्रभावितों को हरसंभव राहत पहुंचाने और चंबा भरमौर मार्ग में संपर्क सुविधा बाधित होनेके कारण विभिन्न स्थानों पर फंसे लोगों को सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी चंबा से पैदल हीभरमौर के लिए रवाना हुए हैं यह दर्शाता है कि राज्य सरकार मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए संवेदनशीलता के साथ इस संकट का सामना कर रही है. विधानसभा सत्र बढ़ाने की कर रही थी मांगसुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार सड़क संपर्क बहाल करने के लिए तेजी से काम कर रही है जिला प्रशासन को यथाशीघ्र सड़क संपर्क बहाल करने केनिर्देश दिए गए हैं. हालांकि खराब मौसम राहत और पुनर्स्थापन कार्यों में बाधा उत्पन्न कर रहा है. भरमौर क्षेत्र में फंसे लोगों की सकुशल वापसी केलिए प्रदेश सरकार ने हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं जो मौसम की अनुकूल परिस्थिति होने पर लोगों को एयरलिफ्ट करेंगे.भाजपा नेताओं की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे प्रभावित लोगों की मदद करने के बजाय अफवाहें फैला रहे हैं भाजपा मानसून सत्र स्थगितकरने की मांग कर रही है, जबकि 2023 में यही पार्टी विधानसभा सत्र बढ़ाने की मांग कर रही थी.

दिल्ली में भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं ने सुनी PM मोदी की ‘मन की बात’, प्रेरणादायक संदेशों को बताया जन-जन का कार्यक्रम

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने वीरेंद्र सचदेवा ने केन्द्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा की उपस्थिती में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम कोश्री रामलीला कमेटी इंद्रप्रस्थ के पंडाल में लीला कलाकारों व रामलीला कमेटी सदस्यों के साथ सुना। इस मौके पर प्रदेश मंत्री सारिका जैन भीउपस्थित थीं. वीरेंद्र सचदेवा ने कार्यक्रम के बाद एकत्र जनों को सम्बोधित करते हुए कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी का मासिक मन की बात कार्यक्रमहमेशा प्रेरणा और नई सीख का स्रोत होता है. यह न केवल विचारों को दिशा देता है, बल्कि समाज को सकारात्मकता और राष्ट्र निर्माण के पथ परआगे बढ़ने के लिए ऊर्जा भी प्रदान करता है. सचदेवा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम अब जन जन का कार्यक्रम बन गया है और इसमें मिलने वाली जानकारी बहुत अद्भुत होती है. उन्होंने कहा कि आज प्रधान मंत्री ने प्राकृतिक आपदा से लेकर कश्मीर के वाटर स्पोर्ट तक की बात की इसलिए मन की बात कार्यक्रम में जो जानकारीमिलती है उसे हम सब को अपने परिवार के साथ सुनना चाहिए. कार्यकर्ताओं ने सुना मन की बात कार्यक्रमहर्ष मल्होत्रा ने कहा कि देश की जानता के साथ अनवरत महीने के अंतिम रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बात करते हैं जो विश्व में कोई भी नेता नहींकरता है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कार्यक्रम के माध्यम से लगातार देश की बेहतर संस्कृति और रिवाजों के साथ विकास को भीजानता तक पहुंचाते हैं.भाजपा संगठन महामंत्री पवन राणा ने आज मंगोलपुरी वार्ड ए में जिला अध्यक्ष रामचंद्र चावड़िया और भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मन की बातकार्यक्रम को सुना. प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय संगठक वी. सतीश ने कार्यकर्ताओं के साथ “मन की बात” कार्यक्रम सुना. भाजपा सांसद योगेन्द्र चांदोलिया ने पुथ खुर्द वार्ड 29 के सेक्टर 34 मनोकामना अपार्टमेंट में निगम पार्षद अंजू अमन सहित भाजपाकार्यकर्ताओं के साथ मन की बात कार्यक्रम को सुना. प्रेरणादायक कार्यक्रम को सुनाभाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने आज द्वारका स्थित अपने कार्यालय में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मन की बात कार्यक्रम को सुना. सांसदरामवीर सिंह बिधूड़ी ने तुगलकाबाद गांव की चौपाल पर आज सुना प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी की मन की बात का प्रेरणादायक कार्यक्रम को सुना. इस अवसर पर गाँववासियों के साथ निगम पार्षद रोहतास कुमार एडवोकेट, जिला भाजपा उपाध्यक्ष अमित बिधूड़ी और भाजपा मंडल अध्यक्ष अनिलबिधूड़ी भी उपस्थित रहे. नई दिल्ली से सांसद बांसुरी स्वराज ने आज जी.के -1 स्थित जमरूदपुर के डीडीए पार्क में माननीय केंद्रीय राज्यमंत्री डॉक्टरसुकांता मजूमदार के साथ माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रेरणादायी मन की बात के 125वें संस्करण को सुना. इस अवसर पर विधायक श्रीसतीश उपाध्याय, शिखा रॉय एवं नीरज बसोया, प्रदेश महामंत्री विष्णु मित्तल, भाजपा नई दिल्ली के जिलाध्यक्ष रवीन्द्र चौधरी के साथ-साथ भाजपाके कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक भी सम्मिलित हुए.

संजय सिंह का आरोप यूपी में वोटर लिस्ट से काटे जाएंगे 1 करोड़ नाम, ‘मोदी वोट चोर है’ नारा अब यूपी में भी गूंजेगा

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय सिंह का कहना है कि ‘गली–गली में शोर है, मोदी वोट चोर है‘ का नारा अब उत्तर प्रदेश में भीगूंजेगा. चर्चा है कि यूपी में पंचायत चुनाव से पहले भाजपा लगभग एक करोड़ वोट कटवाने जा रही है. पंचायत चुनाव से पहले एसआईआर के जरिएएक बड़ा चुनावी घोटाला करने की तैयारी शुरू हो गई है. भाजपा जनता के बीच अपना आधार खो चुकी है. इसलिए अब वोट चोरी के जरिए चुनावजीतना चाहती है. संजय सिंह ने यूपी की जनता से अपील की कि अपने लोकतंत्र और वोट के अधिकार को बचाने के लिए सड़क से संसद तक लड़ाईलड़ने को तैयार हो जाएं. राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने पंचायत चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कराने को लेकर रविवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव से पहले एसआईआर के जरिए एक बड़ा चुनावी घोटाला करने की तैयारी शुरू होगई है. यह वही एसआईआर है, जिस पर पूरा बिहार आंदोलित है और जिसके जरिए महाराष्ट्र और हरियाणा में भाजपा ने चुनाव जीता और दिल्ली मेंतो सारी हदें पार कर दीं.मोदी है वोट चोर– संजय सिंहसंजय सिंह ने कहा कि अरविंद केजरीवाल की विधानसभा (नई दिल्ली) में चुनाव शुरू होने से पहले 42,000 वोट काट दिए गए. दिल्ली की 14 विधानसभाओं में भाजपा के चंद कार्यकर्ताओं ने हजारों वोट कटवा दिए. केंद्रीय मंत्रियों के घरों में फर्जी वोट बनवाए गए। वोट और वोटर सूची मेंधोखा देकर वोट चोरी करके चुनाव जीतने का यह खेल अब उत्तर प्रदेश में शुरू होने वाला है. इस बात की चर्चा है कि पंचायत चुनाव से पहले पूरे उत्तरप्रदेश में 1 करोड़ वोट काटे जाएंगे. कल्पना कीजिए, यह कितना बड़ा घोटाला करने की तैयारी है. संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश की जनता से अपील करतेहुए कहा कि अगर लोग अपने राज्य के लोकतंत्र, चुनाव और अपनी पंचायतों को बचाना चाहते हैं तो बाहर निकलकर अपनी आवाज बुलंद कीजिए. केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ न्यायालय तक अपनी आवाज पहुंचाइए. सड़क से लेकर संसद और सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ने कोतैयार हो जाइए, क्योंकि यह एसआईआर उनके वोट के अधिकार को खत्म कर देगा और पूरे देश में जो नारा है, वह अब उत्तर प्रदेश में भी लोगों कोलगाना पड़ेगा कि “गली–गली में शोर है, मोदी वोट चोर है.

Delhi Police, राहुल गांधी के अभद्र बयान पर बीजेपी का तीखा विरोध, माफी की मांग और कानूनी कार्रवाई की भी चेतावनी

राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अभद्र भाषा के इस्तेमाल पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने तीखा विरोध जताया है और प्रचंड प्रदर्शनकिया. बीजेपी नेताओं ने इसे न केवल अनावश्यक बल्कि अनुशासनहीनता का प्रतीक भी करार दिया. बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने राहुल गांधी के बयानको “निंदनीय” और “राजनीतिक गरिमा के खिलाफ” बताया और इस पर पार्टी ने विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत कर दी. बीजेपी का कहना है कि राहुलगांधी को अपनी भाषा और आचरण में संयम रखना चाहिए, खासकर जब वे एक राष्ट्रीय नेता हैं पार्टी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी जानबूझकरप्रधानमंत्री मोदी और भारतीय जनता पार्टी की छवि को धूमिल करने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं. लोकतंत्र के संस्थानों का भी अपमानबीजेपी कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ सड़कों पर उतरकर नारेबाजी की और उनके बयान का विरोध किया. पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजितकर राहुल गांधी से इस विवादास्पद टिप्पणी पर माफी मांगने की मांग की. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने राहुल गांधी के बयान पर तीखाहमला किया और कहा कि “यह राजनीति की मर्यादा को लांघने जैसा है. हालांकि राहुल गांधी ने अपनी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दियाहै, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने यह तर्क दिया कि उनका बयान “राजनीतिक आलोचना” के दायरे में आता है और यह भारतीय राजनीति की एक सामान्यप्रक्रिया है. बीजेपी ने राहुल गांधी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है, और इस मुद्दे को संसद में उठाने की योजना बनाई है. पार्टी काकहना है कि यह मामला सिर्फ एक अपमानजनक बयान नहीं बल्कि भारतीय लोकतंत्र के संस्थानों का अपमान है. चुनाव में बन सकता है मुद्दायह मामला अब देशभर में चर्चा का विषय बन चुका है. बीजेपी के प्रदर्शनों और कांग्रेस की प्रतिक्रियाओं के बीच राजनीतिक गलियारों में गर्मा-गर्मी हैकई विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आगामी चुनावों में भी एक मुद्दा बन सकता है, क्योंकि यह पार्टी की छवि और उनके चुनावी रणनीतियोंको प्रभावित करेगा. कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर एक प्रेस नोट जारी किया है, जिसमें राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा गया कि उनके बयानका उद्देश्य किसी की व्यक्तिगत छवि पर हमला करना नहीं था, बल्कि यह सरकार की नीतियों पर आलोचना करने की प्रक्रिया थी कांग्रेस ने यह भीबताया कि राहुल गांधी हमेशा से सरकार की नीतियों का विरोध करते रहे हैं, जो गरीबों, किसानों और आम जनता के खिलाफ हैं.

कालकाजी मंदिर के पुजारी की निर्मम हत्या पर AAP का बीजेपी पर हमला, दिल्ली में कानून व्यवस्था की नाकामी

दिल्ली में भाजपा की चार इंजन की सरकार होने के बावजूद कालकाजी मंदिर के एक पुजारी की पीट-पीट कर निर्मम हत्या कर दी गई. यह सिर्फ हत्यानहीं, बल्कि हमारी आस्था पर भी हमला है. यह सब भाजपा सरकार-दिल्ली पुलिस की नाकामी की वजह से हुआ. भाजपा कानून व्यवस्था को संभालनेमें पूरी तरह फेल है शनिवार को आम आदमी पार्टी के विधायक अनिल झा ने प्रेसवार्ता के दौरान यह बातें कहीं उन्होंने कहा कि वैसे तो देश भर मेंभाजपा धार्मिंक उन्माद फैलाती है, लेकिन दिल्ली में धर्म की रक्षा कर रहे पुजारी की जान नहीं बचा पाई. दिल्ली में कानून व्यवस्था का बुरा हाल हैऔर अपराधियों के हौसले बुलंद है। कानून व्यवस्था अक्षम लोगों के हाथों में होने के कारण ही हत्या, लूटपाट, चोरी, रेप की घटनाएं बढ़ रही हैं. मामला बेहद हैरान करने वालाशनिवार को “आप” मुख्यालय पर अनिल झा ने कहा कि दिल्ली की बदहाल कानून व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी अत्यंत चिंचित है केंद्र और दिल्ली में भाजपा की सरकार है एमसीडी, कैंटोमेंट बोर्ड, एनडीएमसी, डीडीए ओर एलजी सब भाजपा के अधीन है भाजपा खुद को धर्म का सबसे बड़ा पैरोकार मानती है. मंदिरों के लिए आंदोलन, मंदिरों को बचाने और पुजारियों के रख-रखाव का प्रयास करती रही है इसके बावजूदआज देश की राजधानी दिल्ली में ऐसी स्थिति बन गई है कि भाजपा सरकार की इंटेलिजेंस फेल नजर आ रही है. अनिल झा ने कहा कि नई दिल्ली सेमहज 6-7 किलोमीटर दूर कालकाजी का प्रतिष्ठित मंदिर दुर्गापूजा के दौरान कालकाजी मंदिर में हजारों लाखों लोग दर्शन करने के लिए आते हैं. भाजपा दिल्ली मे ंहमेशा कानून व्यवस्था पुख्ता होने का दावा करती रही है इसके बावजूद कालकाजी मंदिर के पुजारी की निर्मम हत्या कर दी गई. यह घटना सिर्फ चिंता का विषय नहीं है, बल्कि भाजपा सरकार की विफलता है दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस, स्थानीय सूचना तंत्र ने घटना का अंदेशाहोने के बावजूद सुरक्षा में ढील रखा और कालकाजी मंदिर के पूजारी की हत्या कर दी गई. यह मामला बेहद हैरान करने वाला है. पीट रही झूठा ढिंढोराअनिल झा ने दिल्ली पुलिस के रवैये पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि अभिषेक धारिया पूर्वी दिल्ली के डीसीपी हैं 25 लाख रुपए की फिरौती कोलेकर प्रेस कांफ्रेंस करने के दौरान अभिषेक धारिया ने कहा कि लॉरेंस विश्नोई ‘साहब’ का इसमें नाम आया है यह दिल्ली पुलिस का मानसिकदिवालियापन है दिल्ली की कानून व्यवस्था अक्षम लोगों के हाथ में है एक तरफ भाजपा कहती है कि वह धार्मिक अस्था पर पीछे नहीं हट सकती औरदूसरी तरफ भाजपा के ही राज में मंदिर का पुजारी, गुरुद्वारे का ग्रंथी और मस्जिद का मौलाना, गिरजाधर का पादरी सुरक्षित नहीं है तो क्या भाजपा उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक मजबूत कानून व्यवस्था का सिर्फ झूठा ढिंढोरा पीट रही है?

राहुल गांधी की बिहार जनसभा में बीजेपी पर निशाना, वोट चोर गद्दी छोड़ो” का जोरदार नारा

राहुल गांधी ने ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए कहा– कैसे हैं आप लोग? मूड कैसा है? सबसे पहले मैं आप जैसेकरोड़ों बिहार के युवाओं का दिल से धन्‍यवाद करना चाहता हूं कि आपने अपनी आवाज इस संविधान को बचाने में लगाई (संविधान की प्रति दिखातेहुए कहा) आपने अपनी शक्ति इस संविधान को, अंबेडकर जी के संविधान को, गांधी जी के संविधान को बचाने में… इसकी रक्षा करने में आपनेअपनी आवाज रखी. भाईयो और बहनो, बिहार से क्रांति शुरू होती है और आपने दिखाया कि बिहार से ही क्रांति… वोटर अधिकार यात्रा शुरू हुई और पूरे देश में फैलने जारही है। अब आप पूरी दुनिया को यह नारा सुनाइए- वोट चोर– (जनसभा ने नारा पूरा किया– गद्दी छोड़), वोट चोर– (जनसभा ने फिर से नारा पूरा करतेहुए कहा – गद्दी छोड़), वोट चोर– (जनसभा ने एक बार फिर नारा पूरा करते हुए कहा – गद्दी छोड़), वोट चोर – (जनसभा ने एक और बार नारा पूराकरते हुए कहा – गद्दी छोड़)। यह चोरी सिर्फ आपके वोट की नहीं है, यह चोरी आपके अधिकार की है, आपके भविष्‍य की है. आपको पहले रास्‍ते दिए जाते थे, पब्लिक सेक्‍टर था, यह सारे के सारे रास्‍ते आपके हाथ से छीन लिए गए है नरेंद्र मोदी, बीजेपी-आरएसएस अडानी-अंबानी की सरकार चलाती है और इसीलिए वह चाहते हैं कि गरीबों की आवाज इस देश में ना सुनी जाए, दबाई जाए और हमने साफ कह दिया है किपूरे देश में गरीब युवाओं की आवाज गूंजेगी, सुनाई देगी और हम बिहार में एक वोट चोरी नहीं होने देंगे. भाईयो और बहनो, इन्‍होंने महाराष्‍ट्र में चुनावचोरी किया, हरियाणा में किया, लोकसभा में किया, मगर हम बिहार का चुनाव इनको चोरी नहीं करने देंगे… बात मंजूर है –(जनसभा ने कहा– हां), पक्‍का– (जनसभा ने कहा– हां)। वोट चोरी होगी बिहार में – जनसभा ने कहा– नहीं), होगी- (जनसभा ने कहा – नहीं) बिल्‍कुल नहीं होगी. आप सबकादिल से धन्‍यवाद करता हूं. नमस्‍कार, जय हिंद, जय बिहार.

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का कांग्रेस और विपक्ष पर हमला, “सेवानिवृत्त जजों का हस्ताक्षर अभियान असंवैधानिक”

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को बंगलूरू में कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकरकुछ सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जजों द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ चलाए गए हस्ताक्षर अभियान को असंवैधानिक और अनुचित करार दिया. रिजिजू ने कहा कि यह मामला पूरी तरह राजनीतिक है और रिटायर्ड जजों की भागीदारी से यह संदेश जाता है कि वे अपने कार्यकाल में भीविचारधारात्मक झुकाव रखते थे. रिजिजू ने कहा कि कुछ रिटायर्ड जजों ने गृह मंत्री के खिलाफ पत्र लिखे और अभियान शुरू किया, जो न्यायपालिकाकी गरिमा के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति का चुनाव एक राजनीतिक प्रक्रिया है. यह नहीं है उचितरिटायर्ड जजों को इसमें दखल नहीं देना चाहिए। इससे यह संदेश जाता है कि वे अपने कार्यकाल में भी किसी खास विचारधारा से प्रभावित थे. यहठीक नहीं है कि गृह मंत्री के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाया जाए. रिजिजू ने कांग्रेस नेताओं पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके परिवार केखिलाफ अपमानजनक भाषा इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. उन्होंने राहुल गांधी और तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा का नाम लेते हुए कहा कि यहरवैया लोकतंत्र और देश के भविष्य के लिए खतरनाक है. रिजिजू ने कहा, “हम लोकतांत्रिक लोग हैं और सम्मानपूर्वक बात करते हैं लेकिन विपक्ष केनेता प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं, यह उचित नहीं है. ठीकरा फोड़ती है चुनाव आयोग परकेंद्रीय मंत्री ने कहा कि भाजपा और एनडीए हमेशा संवैधानिक दायरे में चुनाव लड़ते हैं.जबकि कांग्रेस अपनी हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़तीहै. उन्होंने कहा कि अगर जनता आपको वोट नहीं दे रही तो चुनाव आयोग को कोसने का क्या मतलब? राहुल गांधी ने तीन चुनाव हारे हैं और अबउनका गुस्सा देश, जनता और संविधान पर निकल रहा है. यह जनता की पसंद है कि वे आपको वोट नहीं दे रहे, इसमें हमारी गलती नहीं.

महाराष्ट्र सरकार मराठा आरक्षण पर कर रही है काम, फडणवीस, पवार ने संविधान संशोधन की आवश्यकता जताई

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे की मांगों को कानूनी औरसंवैधानिक ढांचे के भीतर पूरा करने के लिए काम कर रही है. उन्होंने कहा कि पिछले साल मराठा समुदाय को (सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ेवर्ग श्रेणी के तहत) दिया गया 10 प्रतिशत आरक्षण अभी भी लागू है, जबकि ओबीसी कोटे में आरक्षण के लिए जरांगे का अनिश्चितकालीन अनशनदूसरे दिन भी जारी रहा. ताजा आंदोलन किया शुरुफडणवीस ने कहा कि मराठा समुदाय को शिक्षा और रोजगार प्रदान करने के लिए सबसे ज्यादा फैसले 2014 और 2025 के बीच लिए गए. यह वहअवधि है, जब ज्यादातर समय भाजपा के नेतृत्व वाली सरकारें सत्ता में रही हैं जरांगे के हजारों समर्थक दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान और उसकेआसपास डेरा डाले हुए हैं, जहां से जरांगे ने अपना ताजा आंदोलन शुरू किया है. समाज में न रहे कोई कटुताइस बीच राकांपा (सपा) अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि इन मुद्दों के समाधान के लिए संविधान संशोधन आवश्यक है, क्योंकि कुल आरक्षण की एकसीमा है. उन्होंने कहा कि लगभग 80 प्रतिशत मराठा खेती पर निर्भर हैं, लेकिन केवल कृषि ही उनका भविष्य सुरक्षित नहीं कर सकती, इसलिएआरक्षण ही एकमात्र विकल्प है. पवार ने यहां समारोह में कहा कि वह अन्य सांसदों के साथ संविधान संशोधन की आवश्यकता पर चर्चा कर रहे हैं. पवार ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने आरक्षण पर 52 प्रतिशत की सीमा लगाई है, लेकिन तमिलनाडु में न्यायालय ने 72 प्रतिशत आरक्षण कोमंजूरी दे दी है इस मुद्दे पर केंद्र की भूमिका पारदर्शी और स्पष्ट होनी चाहिए. देश को एक समान नीति की आवश्यकता है ताकि समाज में कोई कटुता नरहे.

केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण का एमके स्टालिन पर हमला:,”तमिलनाडु में मूपनार को प्रधानमंत्री बनने से रोका गया”

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में कुछ ताकतों नेतमिल मनीला कांग्रेस के संस्थापक और दिवंगत नेता जी के मूपनार को देश का प्रधानमंत्री बनने से रोका. मूपनार की 24वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलिअर्पित करने के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि ये ताकतें जो अक्सर तमिल, तमिल संस्कृति और तमिल भाषा को बढ़ावा देने की बात करती हैं, येवहीं ताकतें हैं जिन्होंने अवसर आने पर मूपनार को प्रधानमंत्री पद पर आसीन होने से रोका. एकजुट होकर करते है कामसीतारमण ने कहा कि अपने कॉलेज के दिनों में जब उनकी राजनीति में रुचि उभर रही थी, तब वे मूपनार को तमिलनाडु के एक व्यापक रूप सेसम्मानित व्यक्ति के रूप में देखती थीं मूपनार अपनी सादगी और ईमानदारी के लिए जाने जाते हैं और वह एक राष्ट्रवादी नेता थे. वह देशभर में एकसम्मानित नेता थे उन्हें बिहार ही नहीं, हरियाणा और देश के कोने-कोने में जाना जाता था. सीतारमण ने आरोप लगाया कि मूपनार का कद प्रभावशालीथा. उन्हें जानने वाले लोग उनकी बातों का सम्मान करते थे और एकजुट होकर काम करते थे. शराब बेचकर कर रहे है अपना गुजाराहालांकि, जब उनके प्रधानमंत्री बनने का अवसर आया तो कुछ ताकतों ने उन्हें रोक दिया हम सभी जानते हैं कि वे कौन सी ताकतें थीं जिन्होंने उन्हेंप्रधानमंत्री बनने से रोका सीतारमण ने कहा कि ऐसी घटना को भुलाया नहीं जा सकता. मुझे लगता है कि यह तमिलनाडु के लिए अब तक का सबसेबड़ा विश्वासघात है उन्होंने कहा कि मेरी टिप्पणी को राजनीतिक नहीं समझा जाना चाहिए, क्योंकि यह कार्यक्रम मूपनार को श्रद्धांजलि देने के लिएआयोजित किया गया था. तमिलनाडु में 2026 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में केंद्रीय मंत्री ने आगामी चुनावों के दौरान तमिलनाडु कीराजनीति में बदलाव की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने कहा कि लोग सुशासन चाहते हैं इस गठबंधन को साथ लेकर इसे लागू करना हमाराकर्तव्य है उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में एक परिवार ड्रग्स और शराब बेचकर अपना गुजारा कर रहा है.