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CM रेखा गुप्ता का ऐलान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक ‘सेवा पखवाड़ा’, 150 आरोग्य मंदिर होंगे शुरू

दिल्ली सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से 2 अक्तूबर तक सेवा पखवाड़ा के रूप में मनाएगी. इस दौरान 75 नई सेवाएं औरयोजनाएं जनता को सौंपी जाएंगी. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और लंबे समय से रुके कामकी शुरुआत होगी. मुख्यमंत्री ने मंगलवार को दिल्ली सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ये सेवा पखवाड़ा केवल औपचारिक आयोजननहीं होगा, बल्कि जनता को वास्तविक लाभ पहुंचाने वाली योजनाएं होंगी. परियोजनाएं की जाएंगी शुरुप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कभी ये नहीं देखा कि किस राज्य में किस पार्टी की सरकार है, उन्होंने हर राज्य और हर नागरिक के लिए समान रूप से कामकिया है. दिल्ली सरकार भी उसी भावना से उनके सम्मान में सेवा पखवाड़ा आयोजित करेगी. मुख्यमंत्री ने बताया कि सेवा पखवाड़े में 150 आयुष्मानआरोग्य मंदिरों का उद्घाटन, कड़ाई से सफाई अभियान, पांच बड़े अस्पतालों के उद्घाटन, शिक्षा, आवास, परिवहन और नागरिक सुविधाओं से जुड़ीपरियोजनाएं शुरू की जाएंगी. काम की रहेगी शुरुआतमुख्यमंत्री ने विपक्षी नेताओं के हालिया विवादित बयानों पर कड़ा आक्रोश जताते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री की स्व. माता के विरुद्ध अपमानजनकभाषा का प्रयोग न केवल राजनीति का स्तर गिराता है, बल्कि पूरे महिला समाज का अपमान है. इस दौरान 75 नई सेवाएं और योजनाएं जनता कोसौंपी जाएंगी. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और लंबे समय से रुके काम की शुरुआत होगी.

मराठा आरक्षण आंदोलन खत्म, सरकार ने मांगों को माना अब ओबीसी उपसमिति करेगी मुद्दों पर चर्चा

महाराष्ट्र सरकार ने मराठा आरक्षण विवाद को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) समुदाय के मुद्दों पर चर्चा के लिए छह सदस्यीयकैबिनेट उपसमिति बनाने का फैसला किया है. इसमें तीनों सत्तारूढ़ दलों से दो-दो मंत्री शामिल होंगे. बता दें कि मराठा आरक्षण आंदोलन के नेतामनोज जरांगे की मांग थी कि सभी मराठाओं को कुनबी जाति में शामिल किया जाए कुनबी जाति ओबीसी वर्ग में आती है, जिससे मराठा समुदाय कोसरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण का लाभ मिल सकेगा. गणपति की आरती कर मनाई खुशीमंगलवार को मनोज जरांगे ने मुंबई के आजाद मैदान में अपना पांच दिन का अनिश्चितकालीन आंदोलन समाप्त कर दिया उन्होंने सरकार की तरफ सेजारी सरकारी प्रस्ताव (जीआर) स्वीकार करते हुए जूस पीकर अपना उपवास तोड़ा. इस दौरान मनोज जरांगे भावुक नजर आए और उन्होंने कहा, ‘आजमराठा समाज की जीत हुई है, यह हमारे लिए दिवाली जैसा दिन है. आंदोलन स्थल पर समर्थकों ने गणपति आरती कर खुशी मनाई. बड़े पैमाने पर आंदोलनराज्य सरकार ने गांव स्तर पर समितियां बनाने और पुराने दस्तावेजों की जांच कर मराठा समुदाय के उन सदस्यों को कुनबी जाति प्रमाणपत्र देने कानिर्णय लिया है, जिनके पास ऐतिहासिक प्रमाण मौजूद हैं यह निर्णय हैदराबाद गजेटियर के आधार पर लागू होगा. उपसमिति के प्रमुख राधाकृष्णविके पाटिल ने जरांगे का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार मराठा समाज की ‘न्यायसंगत मांगों को पूरा करने के लिए सकारात्मक कदम’ उठारही है. इस बीच, ओबीसी नेता और मंत्री छगन भुजबल, जो मराठाओं को ओबीसी आरक्षण देने का विरोध कर रहे हैं, बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक मेंशामिल नहीं हुए. उन्होंने साफ कहा- मैं कैबिनेट बैठक में नहीं गया.’ इससे पहले छगन भुजबल ने सोमवार को चेतावनी दी थी कि अगर मराठाओं कोओबीसी कोटे में शामिल कर मौजूदा ओबीसी आरक्षण से छेड़छाड़ की गई तो ओबीसी समुदाय के लोग बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे.

जर्मन विदेश मंत्री बोले, एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी भारत की वैश्विक महत्वाकांक्षा का प्रतीक

जर्मन विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल अपनी बंगलूरू यात्रा के दौरान प्रौद्योगिकी क्षेत्र में भारत के विकास के मुरीद हुए उन्होंने कहा कि जर्मनी और भारतको सहयोग बढ़ाकर बहुत कुछ हासिल करना है. जोहान वाडेफुल ने विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंनेकहा, ‘अगर हमें अपने सहयोग को और आगे बढ़ाना है, तो हमारी अर्थव्यवस्थाओं को बहुत कुछ हासिल करना होगा. मैं कल बंगलूरू में था, और मैंनेखुद देखा कि भारत कितना नवोन्मेषी महाशक्ति और प्रौद्योगिकी केंद्र बन गया है. जोहान वाडेफुल ने दुनिया में भारत के ‘विशेष और रणनीतिक’ महत्वपर भी जोर दिया. सहयोग को बढ़ाना है औरउन्होंने कहा, भारत एक उभरती हुई महाशक्ति है और दुनिया का सबसे बड़ी आबादी वाला देश है इसके साथ ही सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में, भारतका वैश्विक क्षेत्र में विशेष और रणनीतिक महत्व है. वाडेफुल और एस जयशंकर ने द्विपक्षीय बैठक के दौरान अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों पर भी चर्चा की. वाडेफुल ने चीन के बढ़ते आक्रामक व्यवहार पर चिंता व्यक्त की और रक्षा, सुरक्षा एवं आयुध के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का लक्ष्य रखा. उन्होंने कहा, ‘भारत और जर्मनी नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को बनाए रखने के उद्देश्य से एकजुट हैं, जिसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री व्यापार मार्गों कीस्वतंत्रता भी शामिल है हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन का बढ़ता आक्रामक व्यवहार दोनों देशों के लिए चिंता का विषय है. सामान्य तौर पर, हमारा लक्ष्यरक्षा, सुरक्षा और आयुध के क्षेत्रों में अपने सहयोग को और बढ़ाना है.वाडेफुल ने कहा, ‘हमने आज इस बारे में बात की. मेजबानी के बारे में की बातचाहे वह हमारी सेनाओं के साझा अभ्यास के जरिये हो या पिछले साल जर्मन फ्रिगेट द्वारा भारत के बंदरगाह पर किए गए हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग केलिए निर्यात लाइसेंस प्रक्रिया में तेजी लाने के जरिये। हमने इस तथ्य पर भी चर्चा की कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा यूरोप की सुरक्षा से गहराई सेजुड़ी हुई है रूस का आक्रामक युद्ध अभी भी हमारी सुरक्षा नीति के लिए सबसे बड़ी चुनौती है. जर्मन विदेश मंत्री वाडेफुल ने भारत द्वारा एआई शिखरसम्मेलन की मेजबानी के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा कि यह नई तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी देशों में शामिल होने की भारत की महत्वाकांक्षा औरदावे का प्रदर्शन है द्विपक्षीय व्यापार पर बोलते हुए उन्होंने कहा, 31 अरब यूरो से भी कम के व्यापार के साथ भारत और जर्मनी पहले से ही प्रीमियरलीग में खेल रहे हैं जर्मनी भारत को अपना सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार मानता है हमारा लक्ष्य इसे दोगुना करना है.

राहुल गांधी की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई, अमेरिका में सिखों पर टिप्पणी का मामला

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अर्जी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई बुधवार को चल रही है. मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति समीर जैनकी एकल पीठ कर रही है पिछले सोमवार को सुनवाई शुरू होने के बाद एक पीठ ने सुनवाई को स्थगित करते हुए तीन सितंबर की तारीख लगा दी गईथी. अमेरिका में कथित तौर पर सिखों पर टिप्पणी करने के मामले में वाराणसी के नागेश्वर मिश्रा ने राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिएवाराणसी के एमपी-एमएलए कोर्ट में अर्जी दी है जिसे सुनवाई के लिए कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है. इसके खिलाफ राहुल गांधी ने हाईकोर्ट कादरवाजा खटखटाया है। राहुल गांधी ने आपराधिक पुनरीक्षण याचिका दाखिल की है. विभाजनकारी बताते हुए किया विरोधयह मामला सितंबर 2024 का है। राहुल गांधी ने अमेरिका में एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर कहा था कि भारत में सिखों के लिए माहौलअच्छा नहीं है, क्या सिख पगड़ी पहन सकते हैं, कड़ा रख सकते हैं और गुरुद्वारे जा सकते हैं? उनके इस बयान को भड़काऊ और समाज में विभाजनकारीबताते हुए विरोध हुआ था. आदेश पर लगाई रोकवाराणसी निवासी नागेश्वर मिश्रा ने इस बयान के खिलाफ सारनाथ थाने में एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की लेकिन सफलता न मिलने परउन्होंने अदालत का रुख किया. न्यायिक मजिस्ट्रेट (द्वितीय) ने 28 नवंबर 2024 को यह कहते हुए वाद खारिज कर दिया कि मामला अमेरिका में दिएगए भाषण से जुड़ा है और यह उनके क्षेत्राधिकार से बाहर है. इसके बाद नागेश्वर मिश्रा ने सत्र न्यायालय में निगरानी याचिका दाखिल की जिसे 21 जुलाई 2025 को विशेष न्यायाधीश (एमपी/एमएलए) की अदालत ने स्वीकार कर लिया. अब इस फैसले के खिलाफ राहुल गांधी ने हाईकोर्ट मेंपुनरीक्षण याचिका दाखिल की है. दलील दी गई है कि वाराणसी अदालत का आदेश गलत, अवैध और अधिकार क्षेत्र से बाहर है लिहाजा जब तकयह मामला हाईकोर्ट में लंबित है तब वाराणसी अदालत के आदेश पर रोक लगाई जाए.

बीआरएस से निलंबित के कविता ने छोड़ी पार्टी, हरीश राव और संतोष राव पर लगाए गंभीर आरोप

पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में बीआरएस से निलंबित की गई के कविता ने आज हैदराबाद में पार्टी और एमएलसी पद छोड़ने का एलान कियाहै. इस दौरान उन्होंने कहा कि मेरा निलंबन पूरे बीआरएस को नियंत्रित करने की साजिश का हिस्सा है उन्होंने अपने चचेरे भाई हरीश राव और संतोष रावपर भी गंभीर आरोप लगाए. दोनों पर हमला तेज करते हुए उन्होंने कहा कि चचेरे भाई हरीश राव और संतोष राव के भ्रष्टाचार के कारण केसीआर केखिलाफ सीबीआई जांच हो रही है. सदस्यों ने की टिप्पणीउन्होंने कहा कि तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद, मैंने विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया और बीआरएस का झंडा पहनकर कांग्रेस सरकार के खिलाफपिछड़ा वर्ग आरक्षण और अन्य पहलों के लिए काम किया. मुझे समझ नहीं आ रहा कि ये गतिविधियां पार्टी विरोधी गतिविधियां कैसे हैं कुछ पार्टीसदस्यों ने टिप्पणियां कीं, और मैंने उनका जवाब दिया। मैंने हरीश राव और संतोष के बारे में बात की और कहा कि जब उनके घरों में सोना होता है तोसुनहरा तेलंगाना नहीं होता. मैंने पहले अपने भाई केटीआर से मेरे खिलाफ साजिश रचने वाले लोगों के बारे में बात की थी और उनसे कार्रवाई करने काअनुरोध किया था. मुझे खुशी है कि मेरे निलंबन के बाद बीआरएस की महिला विधायक एकजुट हुईं, जिसकी मैंने हमेशा कल्पना की थी. हरीश राव के खिलाफ नहींइस दौरान कविता ने अपने भाई रामा राव को दोनों से बचकर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि चचेरे भाई शुभचिंतक नहीं हैं. साथ ही निलंबितबीआरएस नेता ने पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर राव से अनुरोध किया कि वे अपने आसपास क्या हो रहा है, इस पर नजर रखें.भारत राष्ट्र समिति पार्टी से निलंबित होने पर के. कविता ने कहा कि मैं अपने पिता से अनुरोध कर रही हूं कि वे अपने आसपास के पार्टी नेताओं कीजांच करें. मैंने स्पष्ट रूप से अपनी बात रखी और उनसे अपने शब्दों पर विचार करने का अनुरोध किया प्रदेश के सीएम रेवंत रेड्डी पर आरोप लगाते हुएउन्होंने कहा कि रेवंत रेड्डी और हरीश राव ने कथित तौर पर हमारे परिवार को नष्ट करने की योजना बनाई थी। रेवंत रेड्डी को इसका जवाब देना चाहिए. रेवंत रेड्डी ने केवल मेरे परिवार के सदस्यों, केटीआर और केसीआर के खिलाफ मामला दर्ज किया, लेकिन हरीश राव के खिलाफ नहीं.

AAP’s Delhi unit chief Saurabh Bharadwaj carries first consignment; leaders and volunteers from Delhi to dispatch daily aid

Acting on the instructions of AAP National Convenor Arvind Kejriwal, Delhi unit president Saurabh Bharadwaj on Wednesday morning left for flood-ravaged Punjab with the first consignment of relief material, marking the beginning of AAP’s aid dispatch from Delhi to the disaster-hit state. AAP National Convenor Arvind Kejriwal announced that Delhi State President Saurabh Bharadwaj is reaching Punjab with flood relief material. “Every day, AAP leaders, MLAs, MPs, and common citizens from Delhi will carry trucks of relief supplies to Punjab and serve the affected people. Many RWAs and traders are also extending their support at their own level in this tragedy. People from across the country are coming forward to help Punjab. Today, the entire nation stands with Punjab,” he affirmed. Delhi unit president Saurabh Bharadwaj carries first consignmentMeanwhile, senior AAP leader and Punjab Prabhari Manish Sisodia wrote on X: “AAP leaders and volunteers are wholeheartedly stepping forward to help their brothers and sisters affected by floods in Punjab. Delhi State President Saurabh Bharadwaj is reaching Punjab today with relief material.” Before leaving Delhi for Punjab with the relief material on Wednesday morning, AAP Delhi unit chief Saurabh Bharadwaj told the media that Punjab has been struck by a devastating flood, which has caused massive destruction of crops, livestock, property, and livelihoods. “The AAP government in Punjab, its ministers and MLAs, and people from all sections, including leaders of different parties, are engaged in relief efforts,” he noted. Kejriwal invokes Punjab’s spirit of serviceRecalling Arvind Kejriwal’s message on Tuesday, he added, “Everyone should serve in whichever way they can. Because whenever India or even the world has faced calamities — be it floods, earthquakes, or wars between nations — it is always our Punjabi and Sikh brothers who are the first to start langars. The service of gurdwaras reaches places even before the media can.”

देवेन्द्र यादव का AAP पर हमला, ‘मुख्यमंत्री आवास के पास भी बाढ़, व्यवस्थाएं नाकाम’

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा कि आम आदमी पार्टी प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज जिनका कहना है कि दिल्ली में बाढ़ आ ही नही सकती और संकट के समय दिल्ली के बाहर है. क्या 2023 में दिल्ली में आई बाढ़ को भूल चुके है. जबकि परवेज वर्मा 2-4 जगह जाकर अनर्गल बयानबाजी कर रहे है कि अभी बाढ़ के हालात नही है, जबकि वास्तविकता में हालात खतरनाक बन चुके है और क्योंकि दिल्ली में यमुना के इर्द गिर्द बसी कॉलोनियों और गांवों में पानी घुस चुका है. जबकि जरुरत को देखते हुए उन्हें यहां होना चाहिए. देवेन्द्र यादव ने आज बाढ़ प्रभावित जमना बाजार क्षेत्र का दौरा किया और वहां प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनकी परेशानियों के बारे में बातचीत की. जमनाबाजार क्षेत्र मुख्यमंत्री आवास से 2 कि0मी0, उपराज्यपाल आवास 2.5 कि0मी0 और विधानसभा 3 कि0मी0 है व्यवस्थाओं और बाढ़ राहत कार्योंकी नाकामी के कारण मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल निवास के नजदीक खतरनाक स्थिति बन रही है तो यमुना के तटीय क्षेत्रों के आसपास क्या हो रहा हैइसका अंदाजा लगाया जा सकता है. यादव ने कहा कि हम प्रभावित लोगां की परेशानी में उनके साथ खड़े है. ध्यान देने की जरुरतइस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष देवेन्द्र यादव के अलावा कम्युनिकेशन विभाग चेयरमैन अनिल भारद्वाज, जिला अध्यक्ष मिर्जा जावेद, पूर्व पार्षद अशोकजैन, जिला आर्ब्जवर डा0 पी0के0 मिश्रा, सोशल मीडिया चेयरमैन राहुल शर्मा, मौहम्मद उस्मान, अजय कुमार लालू, राहुल डबला, ब्लाक अध्यक्षमंजूर मलिक, संजय यादव, अजय कुमार, राजू पुरी, मौहम्मद आसिम और महेंद्र मंगला मौजूद थे. देवेन्द्र यादव ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित लोगों केबचाव और उनके रहने खाने का इंतजाम करने तक में सरकार नाकाम साबित हो रही है, जो व्यवस्थाएं समय से पहले होनी चाहिए थी, मुख्यमंत्री बाढ़आने के बाद बयान दे रही है कि हम बचाव और राहत के हर संभव प्रयास करेंगे। मैं पूछना चाहता हूॅ कि जब दिल्ली खत्म हो जाऐगी, तब प्रशासनकिसको बचाने के लिए राहत देगा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री लोगों के साथ बैठकर फोटो खिंचवाने की जगह अधिकारियों को बाढ़ राहत के लिएदिशा निर्देश देने पर ध्यान देने की जरुरत है. समय पर नहीं कोई इंतजामदेवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली में बाढ़ के लिए पूरी तरह सरकार जिम्मेदार है. व्यवस्थाएं समय पर नही करने के कारण लोगों का भारी नुकसान हुआ है, जबकि हम जुलाई के बाद से ही बार-बार भाजपा सरकार को आगाह कर रहे थे कि यमुना तट के नजदीक रहने वाले लोगों के विस्थापन के लिएप्रशासन समय पर कार्यवाही करें. देवेन्द्र यादव ने कहा कि प्रशासन बाढ़ प्रभावित लोगों के खाने का इंतजाम करे और यमुना का जल स्तर कम होने के बाद लोगों नुकसान का मुआवजा भी सरकार देने की घोषणा करें. उन्होंने कहा कि लोगों ने बताया कि 2023 में आई बाढ़ में हुए नुकसान का मुआवजा भी आम आदमी पार्टी की सरकार ने प्रभावितों को नही दिया था. उन्होंने कहा कि यह सरकार की नाकामी है क्योंकिव्यवस्थाओं का समय पर इंतजाम नही किया.

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी के नेतृत्व में खजूरी चौक पर हुआ विरोध प्रदर्शन, नेताओं ने कांग्रेस पर ‘नीचतापूर्ण’ राजनीति का आरोप लगाया

उत्तर पूर्वी जिला भाजपा द्वारा कांग्रेस के खिलाफ आज खजूरी चौक पर सांसद मनोज तिवारी के नेतृत्व में विशाल प्रदर्शन किया. प्रदर्शन में जिलाअध्यक्ष डॉ यू के चौधरी, राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी, प्रदेश महामंत्री विष्णु मित्तल, विधायक अजय महावर, पूर्व जिला अध्यक्ष महक सिंह, राजकुमार बल्लन, मोहन गोयल एवं पूनम चौहान, सिविल लाइन जोन चेयरमैन गुलाब सिंह राठौर, मनोनीत पार्षद सागर त्यागी, राहुल गौड राज कुमारझा, भाजपा नेता आनंद त्रिवेदी मीडिया प्रभारी दीपक चौहान सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे. मनोज तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री हमारे देश के प्रधानसेवक है और कांग्रेस ने उनकी माँ को गाली देकर हर माँ का अपमान किया है . दिवंगतपुण्यआत्मा जो कि इस धरती लोक मे नहीं हैं, देव लोक जा चुकी है उनको गाली देना बहुत नीचता का काम है इनको भगवान भी माफ़ नहीं करेंगे. जोमाँ अपने पुत्र को 100 रुपये देकर बोलती है कि बेटा भारत देश ही तुम्हारा परिवार है और भारत माता की सेवा करना तुम्हारा परम् धर्म है. आज उनकाबेटा प्रधानमंत्री बन भारत माता और भारत मे रहने वाली हर माता का सम्मान कर उनको शीर्ष पर बिठा रहा है. पर कांग्रेस के भ्रष्ट नकारात्मकसोच केनेता आज प्रधानमंत्री की माँ को गाली देकर पूरे देश की माताओ का अपमान कर रहे है इसलिए देश का हर नागरिक कांग्रेस और उनके साथी दलों को माफ़ नहीं करेगा और जिसने भी ये कृत किया है उसको देश की जनता और कानून माफ़ नहीं करेगा. विष्णु मित्तल ने कहा की कांग्रेस अराजकता फैलाने का काम करती है और साथी दलों के साथ मिलकर सस्ती राजनीति करने मे माहिर है। प्रधानमंत्री की माँ हमारी माँ है औरइनके सस्ते नेता जो माताओं को गाली देते है उनको देश माफ़ नहीं करेगा. जिला अध्यक्ष डॉ यू के चौधरी ने बताया कि उत्तर पूर्वी जिला जहाँ पूरे विश्व की घनत्व आवादी रहती है वहां पर हमारा कांग्रेस की विरुद्ध प्रदर्शन जारी रहेगा. प्रधानमंत्री की माँ को गाली देने वाली पार्टी और उनके नेताओं को माफ़ नहीं किया जायेगा. इस विरोध को हम मण्डल स्तर और बूथ स्तर तक लेकर जाएंगे और माताओ की सम्मान मे गाली देने वाले कोंग्रेसियों को जेल पंहुचायेंगे. विधायक अजय महावर ने कहा हर विधानसभा मेराहुल गाँधी का पुतला फूंक हम कांग्रेस पार्टी की बुद्धि को दुरुस्त करेंगे भाजपा माताओं का हमेशा सम्मान करती है और उनसे आशीर्वाद लेती है परन्तुकांग्रेस ना तो माँ का सम्मान करती ना नारी का.

चार इंजन की कूड़े वाली सरकार ‘आप’ ने कूड़ा प्रदर्शनी लगाकर भाजपा के सफाई अभियान की खोली पोल, जानें क्या कुछ कहा

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में जगह-जगह जमा कूड़े को लेकर भाजपा की चार इंजन की सरकार के खिलाफ एक नए अंदाज में विरोध जताया।मंगलवार को एमसीडी में ‘‘आप’’ के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से लोगों द्वारा भेजी गई कूड़े की तश्वीरों का बैनर बनाकर एक प्रदर्शनी लगाकर भाजपा के मेगा सफाई अभियान की पोल खोल दी। जीबी पंत अस्पताल के पास वार्ड 77 में आयोजित कूड़ा प्रदर्शनी के दौरान अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा की सरकार ने पहले 1 से 31 अगस्त तक सफाई अभियान चलाया था। जो अब 2 अक्टूबरतक बढ़ाया गया है। इसके बावजूद दिल्ली में जगह-जगह कूड़े का अंबार पड़ा है। भाजपा वालों को नसीहत है कि अगर दिल्ली को कूड़े से आजादीदिलानी है तो उनको जमीन पर उतरना होगा। सिर्फ फोटो खिंचवाने से दिल्ली साफ नहीं होगी। विधायक बनने का देख रहे है सपनाअंकुश नारंग ने कहा कि हमने कूड़ा प्रदर्शनी को चार इंजन की सरकार, कूड़े वाली सरकार’ पंचलाइन दी है। यह दिल्ली की स्थिति है, जिसे कूड़े नेबेहाल कर दिया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और एमसीडी के मेयर राजा इकबाल सिंह ने मिलकर ‘दिल्ली को कूड़े से आजादी’ का अभियानचलाया। भाजपा के लोग सिर्फ उन सड़कों पर जाते हैं, जहां कर्मठ सफाई कर्मचारी पहले ही सफाई कर चुके होते हैं। वहां पर थोड़े से कागज फैलाकरझाड़ू मारने लगते हैं। एक जगह मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता गईं, जहाँ बहुत सारा कूड़ा था, लेकिन उन्होंने कूड़े वाली जगह पर सफाई अभियान नहीं चलाया।मेयर के वार्ड और उनकी पूरी विधानसभा में उनके घर के पास ही चारों तरफ कूड़ा-कूड़ा है, लेकिन वे उस कूड़े को नहीं हटा पा रहे हैं। जबकि मेयरविधायक बनने का सपना देख रहे हैं। अभियान है चलानाअंकुश नारंग ने कहा कि अगर सिर्फ कागजों पर कूड़ के खिलाफ अभियान चलाना है और दिल्ली को कूड़े से आजादी’ सिर्फ कागजों पर दिलाना है, तबतो बहुत बेहतरीन बात है या फिर सिर्फ फोटो खिंचवाने के लिए खड़े हो रहे हैं, तो यह अलग बात है। आज पूरी दिल्ली कूड़े में तब्दील हो चुकी है, हरजगह कूड़ा फैला हुआ है। अगर सचमुच दिल्ली को कूड़े से आजादी दिलवानी है, तो जमीन पर इस स्थित स्थिति को सुधारना होगा। एमसीडीअधिकारियों के साथ बैठकर उनकी जवाबदेही तय करनी होगी और कड़े कदम उठाने होंगे। लेकिन भाजपा और उसकी सरकार के चार इंजन पूरी तरहविफल हैं और दिल्ली कूड़े में तब्दील हो रही है। हर एक सड़क वलनेरेबल पॉइंट्स बन गई है।

मराठा आरक्षण आंदोलन पर मुंबई पुलिस का अल्टीमेटम, छगन भुजबल ने जताई ओबीसी आरक्षण में बदलाव की आशंका

मुंबई पुलिस ने मंगलवार को मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे और उनकी टीम को एक नोटिस जारी कर उन्हें जल्द से जल्द आजाद मैदान खालीकरने को कहा है. पुलिस ने नोटिस में कहा कि दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में 5,000 प्रदर्शनकारियों के जमावड़े की अनुमति थी, लेकिन महाराष्ट्र केविभिन्न हिस्सों से 40,000 से ज़्यादा आंदोलनकारी आजाद मैदान पहुंच गए. पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने पिछले कुछ दिनों में बड़ी संख्यामें इकट्ठा होकर दक्षिण मुंबई में सड़कें जाम कर दीं और आजाद मैदान और आसपास के इलाकों को जोड़ने वाली सड़कों पर 5,000 से ज़्यादा वाहनभी खड़े कर दिए, जिससे भारी यातायात जाम हो गया. पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर खाना पकाया, नहाए, सार्वजनिक जगहों परनृत्य किया और क्रिकेट खेला, जिससे आरक्षण आंदोलन के लिए पहले से तय शर्तों का उल्लंघन हुआ. सभी डटे हुए है आजाद मैदान मेंबॉम्बे उच्च न्यायालय ने सोमवार को उनके समर्थकों से मंगलवार दोपहर तक शहर की सभी सड़कों को खाली करने और साफ-सफाई करने औरसामान्य स्थिति बहाल करने को कहा पुलिस ने बताया कि नोटिस अमरन पोषण और उसकी कोर टीम के आठ सदस्यों के नाम पर जारी किया गया था. मराठा आरक्षण आंदोलन के बीच अब महाराष्ट्र के मंत्री छगन भुजबल ने चेतावनी दी है कि अगर मराठों को आरक्षण देने के लिए ओबीसी के मौजूदाआरक्षण में कोई भी बदलाव करने की कोशिश की गई, तो ओबीसी समुदाय सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगा. भुजबल ने सोमवार को अन्यपिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के प्रमुख नेताओं के साथ बैठक की वहीं मनोज जरांगे के नेतृत्व में मराठा प्रदर्शनकारी 29 अगस्त से अपनी आरक्षण की मांगको लेकर दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में डटे हुए हैं. 17 प्रतिशत बचता है कोटामराठों को ओबीसी वर्ग से आरक्षण दिए जाने का विरोध करते हुए वरिष्ठ राकांपा नेता छगन भुजबल ने दावा किया कि महाराष्ट्र में ओबीसी के लिए27 प्रतिशत आरक्षण में से 6 प्रतिशत खानाबदोश जनजातियों के लिए, 2 प्रतिशत गोवारी समुदाय के लिए, जबकि अन्य छोटे हिस्से विभिन्न समूहोंके लिए निर्धारित हैं, जिससे 374 समुदायों के लिए केवल 17 प्रतिशत कोटा बचता है. सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए, भुजबल ने दावा कियाकि ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) कोटे के आठ प्रतिशत लाभार्थी मराठा समुदाय के सदस्य हैं। उन्होंने कहा, ‘मैंने हाथ जोड़कर निवेदनकिया है कि मराठों को ओबीसी श्रेणी में शामिल नहीं किया जाना चाहिए. अगर उन्हें ओबीसी कोटे में बदलाव किए बिना आरक्षण मिलता है तो हमेंकोई आपत्ति नहीं है.