GST में बड़े बदलाव पर CM रेखा गुप्ता ने पीएम मोदी का जताया आभार, कहा आम जनता को मिला बड़ा तोहफा

केंद्र सरकार के द्वारा गुड्स एंड सर्विस टैक्स काउंसिल की 56वीं बैठक के बाद बीते दिन यानी बुधवार को जीएसटी से जुड़े कई बड़े बदलाव सामनेआए. जिसके बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जीएसटी को लेकर कहा कि मैं प्रधानमंत्री काधन्यवाद करना चाहती हूं, उन्होंने देश के आम नागरिक को बहुत बड़ा तोहफा दिया है. इतनी बड़ी राहत जिससे न सिर्फ आम आदमी को फायदा होगाबल्कि कई क्षेत्रों में दी गई राहत के लिए जनता प्रधानमंत्री का धन्यवाद करती है. मील का पत्थर होगा साबितउन्होंने कहा कि जीएसटी में किए गए बदलाव, जैसे दो स्लैब (5% और 18%) और आवश्यक वस्तुओं पर शून्य कर, आम नागरिकों, स्वास्थ्य, बीमा, इलेक्ट्रॉनिक्स, शिक्षा और व्यवसायों के लिए बड़ी राहत लाएंगे यह कदम छोटे और बड़े व्यवसायों को स्थिरता प्रदान करेगा और एक महत्वपूर्ण मीलका पत्थर साबित होगा. बदलाव जैसे लिए अहम फैसलेइसके अतिरिक्त, सीएम गुप्ता ने पहले भी व्यापारियों के लिए 1600 करोड़ रुपये के लंबित जीएसटी रिफंड को दीपावली से पहले अदा करने कीघोषणा की थी, जिससे दिल्ली के व्यापारियों को आर्थिक राहत मिलेगी।. साथ ही, दिल्ली जीएसटी अधिनियम में संशोधन और एमनेस्टी स्कीम जैसेकदमों से करदाताओं को लाभ हुआ है. जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में वित्त मंत्रालय ने गहन मंथन के बाद आईपीएल जैसे खेल आयोजनों केटिकट पर जीएसटी, तंबाकू-सिगरेट जैसे उत्पादों पर लगने वाले टैक्स, बीमा पर कर की दरों में बदलाव जैसे अहम फैसले लिए.
बिहार बंद पर लालू यादव का BJP पर तीखा हमला, ‘क्या पीएम मोदी ने गालीबाजी का दिया आदेश?’

दरभंगा में राहुल गांधी द्वारा आयोजित वोटर अधिकार यात्रा के मंच से पीएम मोदी की मां पर अशोभनीय टिप्पणी के मामले में एनडीए ने आज बिहारबंद का आह्वान किया था. अब इस मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का बयान सामने आया है. लालू प्रसादयादव ने कहा कि क्या प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपाइयों को आदेश दिया है कि आज पूरे बिहार और बिहारियों की माताओं-बहनों और बेटियों को गालीदो? गुजराती लोग बिहारियों को इतने हल्के में ना लें? यह बिहार है। बीजेपी के गुंडे-मव्वाली सम्मानित शिक्षिकाओं, राह चलती महिलाओं, छात्राओं, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और पत्रकारों को गालियां दे रहे है, उनके साथ हाथापाई कर दुर्व्यवहार कर रहे है? क्या यह उचित है? गालीबाजी का आदेशबिहार बंद के दौरान आज मुजफ्फरपुर में ओबीसी मोर्चा पूर्वी जिलाध्यक्ष कुंदन गुप्ता के नेतृत्व में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और बिहार विधानसभा मेंनेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का पुतला दहन किया गया. कार्यकर्ताओं ने कल्याणी चौक पर दोनों नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और माफीकी मांग पर अड़े रहे. प्रदर्शन के दौरान ‘राहुल गांधी मुर्दाबाद, तेजस्वी यादव मुर्दाबाद’ के नारे गूंजते रहे. राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालूप्रसाद यादव बिहार चुनाव के बीच अब सोशल मीडिया के जरिए फिर से सक्रिय हो गए हैं। बिहार बंद को लेकर उन्होंने भाजपाइयों से पूछा है कि क्याआप पीएम मोदी ने उन्हें गालीबाजी का आदेश दिया है.
दिल्ली में कांग्रेस के खिलाफ BJP का ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन, पीएम मोदी की स्वर्गीय माताजी पर अभद्र टिप्पणी को लेकर उबाल

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के आवाहन पर आज प्रदेश के 11 संगठनात्मक जिलों के प्रमुख स्थानों पर कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी की स्वर्गीय माताजी के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किए जाने के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया।विरोध प्रदर्शन में सांसद, विधायक, निगम पार्षद सहित प्रदेश, जिला और मंडल के कई पदाधिकारी भी विभिन्न स्थानों पर शामिल हुए। आज चाँदनीचौक जिला अध्यक्ष श्री अरविंद गर्ग के नेतृत्व में सदर थाना चौक पर हुए विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से सांसद प्रवीन खंडेलवाल, प्रदेश महामंत्री विष्णुमित्तल, जिला प्रभारी राजेश भाटिया सहित विधायक अशोक गोयल सहित कई प्रमुख गणमान्य निगम पार्षद और सैकड़ो की संख्या में कार्यकर्तामौजूद थे। हजारों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थितआज शाहदरा जिला अध्यक्ष दीपक गाबा के नेतृत्व में मधुबन चौक लक्ष्मी नगर में हुए विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से प्रदेश उपाध्यक्ष श्री दिनेश प्रतापसिंह, प्रदेश मंत्री श्री किशन शर्मा और सारिका जैन, जिला प्रभारी डॉक्टर अनिल गुप्ता और विधायक अभय वर्मा, संजय गोयल और अनिल गोयलसहित सैकड़ो की संख्या में कार्यकर्ता उपास्थि थे।करोल बाग जिला अध्यक्ष वीरेंद्र बब्बर के नेतृत्व में आयोजित अंबेडकर पार्क के सामने विरोध प्रदर्शन में नई दिल्ली से सांसद सुश्री बांसुरी स्वराज, जिला प्रभारी श्री विनय रावत, राष्ट्रीय प्रवक्ता सरदार आर पी सिंह, राजेश भाटिया, हरीश खुराना सहित अन्य पदाधिकारी और हजारों की संख्या मेंकार्यकर्ता उपस्थित थे। भाजपा कार्यकर्ता भी थे मौजूदनई दिल्ली जिला में डिफेंस कॉलोनी कोटला चौक नारायणा मंदिर में आयोजित विरोध प्रदर्शन में विधायक श्री सतीश उपाध्याय के नेतृत्व में विधायकनीरज बसोया एवं अनिल शर्मा, जिलाध्यक्ष श्री रविन्द्र चौधरी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। दक्षिणी दिल्ली जिला अध्यक्ष श्रीमति माया सिंहबिष्ट के नेतृत्व में एम बी रोड रतिया मार्ग संगम विहार में आयोजित विरोध प्रदर्शन में सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, जिला प्रभारी जय प्रकाश (जे पी), आदित्य झा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। महरौली जिला अध्यक्ष रवींद्र सोलंकी के नेतृत्व में भूलभूलैया के पास आयोजित विरोध प्रदर्शन मेंमुख्य रूप से जिला प्रभारी श्री राजीव बब्बर सहित अन्य पदाधिकारी और सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।
यमुना की बाढ़ पर कांग्रेस का हमला, देवेन्द्र यादव बोले, राहत कैंप खुद ‘राहत’ के मोहताज, सरकार कर रही सिर्फ कैमरा मैनेजमेंट

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि राजधानी दिल्ली में यमुना ने रौद्र रुप धारण कर लिया है और पानी खादर में उफान पर बह रहा है। उन्होंने कहा कि भयानक रुप ले रही यमुना से तटीय क्षेत्रों और सड़कों तक पहुॅचे पानी से राहत दिलाने के लिए राहत कैंप पर्याप्त मात्रा में नही लगाए है और जो राहत कैंप लगाएं है उन्हे व्यवस्थित तरीके से नही लगाए गए है। शायद भाजपा सरकार के पास अनुभवकी कमी रही, यही कारण है कि राहत कैंप कहा और किन सुविधाओं के साथ लगाने थे, वो कुछ राहत कैंपों में दिखाई नही दे रहा है। राहत शिविरों मेंखाने सहित दूसरी सुविधाओं की भारी कमी है। हजारों लोग बाढ़ से प्रभावित हो रहे है। देवेन्द्र यादव ने कहा कि हमने 31 अगस्त, 2025 कोसंवाददाता सम्मेलन में सरकार को चेताया था कि बाढ़ से निपटने और लोगों को बचाने के जो काम मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में किए जा रहे है वोनाकाफी है, लेकिन सरकार ने दिल्ली कांग्रेस की चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया जिसका हर्जाना दिल्ली की जनता भुगत रही है। सरकार की कोई जिम्मेदारी नहीदेवेन्द्र यादव ने कहा कि भाजपा मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रां में राहत की घोषणा तो की है लेकिन सरकार द्वारा लोगों के लिए राहत कैंप को सिर्फऔपचारिकता पूरी करने के लिए टैंट लगाए है। क्योंकि राहत कैंपों में ही पानी घुस गया है जहां न डाक्टर की सुविधा है न दवाई की और न ही कोईमौलिक सुविधा और मदद के लिए सहायक तो नाम को भी दिखाई नही दे रहे। जब राहत कैंपों को राहत की जरुरत पड़े तो जनता को क्या मददमिलेगी। सरकार प्रयास सिर्फ इतना दिखाई दे रहा है कि कैमरे में राहत कार्य दिखाई दे, फिर लोगों को राहत मिले या न मिले, सरकार की कोईजिम्मेदारी नही। राजनीति से प्रेरित करने वालादेवेन्द्र यादव ने कहा कि यमुना के नदीजक क्षेत्रों में बसी कॉलोनियों के घरों में पानी घुस चुका है। उन्होंने कहा कि जब यमुना के तटीय क्षेत्रों सहितबदरपुर खादर, गढ़ी, माडूं पुराना उस्मानपुर गांव, यमुना खादर, जमना बाजार, निगम बोध घाट, मोनेस्ट्री, लोहे का पुल, आईएसबीटी, सहित विश्वकर्माकॉलोनी पूरी डूब गई है वहीं आईटीओ, दिल्ली सचिवालय, नजफगढ़ की कॉलोनियों और कांलिदी कुंज में पानी लबालब है। जहां दिल्ली डूबने कीकगार पर है वहीं सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण मंत्री श्री परवेश वर्मा का बुधवार को दियान बयान कि दिल्ली में बाढ़ का कोई खतरा नही है, दिल्ली कीजनता की जान को जोखिम में डालकर राजनीति से प्रेरित करने वाला है।
मुजफ्फरपुर में राहुल-तेजस्वी के खिलाफ फूटा गुस्सा, ओबीसी मोर्चा और BJP कार्यकर्ताओं ने किया पुतला दहन

मुजफ्फरपुर जिले में बुधवार (3 सितंबर) को ओबीसी मोर्चा पूर्वी जिलाध्यक्ष कुंदन गुप्ता के नेतृत्व में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और बिहार विधानसभामें नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का पुतला दहन किया गया. कार्यकर्ताओं ने कल्याणी चौक पर दोनों नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की औरमाफी की मांग पर अड़े रहे. प्रदर्शन के दौरान ‘राहुल गांधी मुर्दाबाद, तेजस्वी यादव मुर्दाबाद’ के नारे गूंजते रहे. ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष कुंदन गुप्ता केसाथ महामंत्री आकाश पटेल और राकेश रंजन ने इस विरोध का नेतृत्व किया. मोर्चा कार्यकर्ताओं का कहना है कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव कोप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मां के खिलाफ की गई कथित टिप्पणी पर सार्वजनिक माफी मांगनी होगी, तभी विरोध समाप्त होगा. जोरदार किया विरोध प्रदर्शनइसी क्रम में बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। बीजेपी नेता साकेत ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री और उनकेपरिवार के खिलाफ आपत्तिजनक बयान को पार्टी कभी बर्दाश्त नहीं करेगी. उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक माफी नहीं मांगी जाती, विरोध प्रदर्शन औरपुतला दहन लगातार जारी रहेगा.पुतला दहन और प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष विवेक कुमार, जिला प्रभारी रमेश श्रीवास्तव, महामंत्री मुकेश शर्मा, उपाध्यक्ष अशोक झा, मंत्री पूनम वर्मा, रितु आनंद, मीडिया प्रभारी रंजन ओझा समेत बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता और ओबीसी मोर्चा से जुड़े नेता मौजूद रहे. मुजफ्फरपुर में ओबीसी मोर्चाऔर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का पुतला दहन कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया.
भुजबल को देना चाहिए इस्तीफा, अगर OBC के साथ हुआ अन्याय, बोले संजय राउत

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने गुरुवार को कहा कि अगर महाराष्ट्र सरकार के फैसले से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के साथ अन्याय हुआ है, जैसा कि कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल का मानना है, तो उन्हें अपने आत्मसम्मान और नैतिकता की खातिर पद से इस्तीफा दे देना चाहिए. संजय राउत नेयह भी आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मराठा आरक्षण आंदोलन को इस तरह आगे बढ़ाया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामनेराजनीतिक मुश्किलें खड़ी हों. खुलकर जताई नाराजगीमराठा आरक्षण आंदोलन के समर्थक मनोज जरांगे ने मंगलवार को मुंबई में पांच दिन से चल रहे अपने अनशन को तब खत्म किया जब सरकार नेउनकी ज्यादातर मांगें मान लीं. राज्य सरकार ने एक सरकारी आदेश जारी किया, जिसमें पात्र मराठा समुदाय के लोगों को कुनबी (ओबीसी) जातिप्रमाणपत्र देने का प्रावधान किया गया है इस फैसले से मराठा समाज को ओबीसी श्रेणी में आरक्षण का रास्ता मिल सकता है लेकिन इस कदम काविरोध ओबीसी समुदाय के कुछ नेताओं, खासकर एनसीपी नेता छगन भुजबल ने किया है उनका कहना है कि यह फैसला ओबीसी समुदाय केअधिकारों को प्रभावित करेगा. छगन भुजबल ने बुधवार को राज्य कैबिनेट की बैठक का बहिष्कार किया और बाद में खुलकर नाराजगी जताई.-कारण साफ- साफउन्होंने इशारा किया कि वह इस सरकारी आदेश को अदालत में चुनौती देंगे. इस पर संजय राउत ने कहा, ‘छगन भुजबल खुद मानते हैं कि उनकेसमुदाय के साथ अन्याय हुआ है ऐसे में वे उसी मुख्यमंत्री के साथ काम कर रहे हैं जिसने यह अन्याय किया अगर कोई नेता सचमुच अपने समुदाय केप्रति ईमानदार है तो उसे कैबिनेट से इस्तीफा दे देना चाहिए. संजय राउत ने आगे पूर्व वित्त मंत्री सीडी देशमुख का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंनेप्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से मतभेद होने पर इस्तीफा दे दिया था उन्होंने कहा, ‘आप (भुजबल) कैबिनेट मीटिंग का बहिष्कार कर रहे हैं, यानी आपमुख्यमंत्री पर भरोसा नहीं करते ऐसे में आत्मसम्मान और नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दें और जनता के सामने कारण साफ-साफ बताएं.
अमित मिश्रा ने क्रिकेट को कहा अलविदा, चयन में अनदेखी पर जताई निराशा

भारतीय टीम के पूर्व स्पिनर अमित मिश्रा ने इस बात पर निराशा जताई है कि वह नियमित रूप से टीम में जगह नहीं बना पा रहे थे अमित ने गुरुवार को42 साल की उम्र में क्रिकेट के सभी प्रारूपों को अलविदा कहा 42 वर्षीय हरियाणा के इस गेंदबाज ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत साल2003 में की थी और 2017 तक भारत का प्रतिनिधित्व किया. लंबे समय से राष्ट्रीय टीम का हिस्सा रहे अमित ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरानदो अलग दौर का सामना किया. पहला दौर महान स्पिनर अनिल कुंबले की जगह लेने के साथ उनसे की जाने वाली अपेक्षाओं के भारी दबाव सेनिपटने में बीता तो दूसरा दौर रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा के आने से हुई प्रतिस्पर्धा से निपटने का रहा. खीचा सबका ध्यानइसमें से ऑफ स्पिनर अश्विन जहां महेंद्र सिंह धोनी की योजना का हिस्सा रहे तो वहीं जडेजा विराट कोहली की रणनीति के अनुकूल रहे। लेकिन लेगब्रेक गेंदबाजी करने वाले और शानदार गुगली फेंकने वाले मिश्रा को अश्विन और जडेजा के साथ तीसरे विकल्प के रूप में काफी कम इस्तेमाल कियाजाता. अमित मिश्रा ने साल 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था उन्होंने अपने पहले ही मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए पहली पारीमें पांच विकेट झटके और दूसरी पारी में भी दो विकेट लेकर सबका ध्यान खींचा. सकारात्मक बने रहने की कोशिशअमित ने 22 टेस्ट में 76 विकेट लिए हैं उन्होंने प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से संन्यास की घोषणा के बाद न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, यह बहुत निराशाजनकचीज थी कभी आप टीम में होते हैं, कभी बाहर। कभी आपको प्लेइंग-11 में खेलने का मौका मिलता, कभी नहीं. निश्चित रूप से यह निराशाजनक हैइसमें कोई शक नहीं कि मैं कई बार निराश हुआ. लेकिन आपका सपना तो भारत के लिए क्रिकेट खेलना होता है आप राष्ट्रीय टीम के साथ हो औरलाखों लोग टीम में जगह बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हो. आप भारतीय टीम के 15 खिलाड़ियों में से एक हो तो मैंने सकारात्मक बने रहने कीकोशिश की.
कृषि और डेयरी क्षेत्र को राहत जीएसटी दरों में कटौती से किसानों की आय बढ़ेगी, लागत घटेगी

कृषि और डेयरी क्षेत्र ने जीएसटी कानून के ढांचे में किए गए बदलावों को जमकर सराहा है इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने प्रमुख कृषि इनपुट और डेयरीउत्पादों पर जीएसटी दरों को कम करने के सरकार के फैसले का स्वागत किया है और इसे बढ़ती इनपुट लागत व मौसम की अनिश्चितताओं से जूझ रहेकिसानों के लिए बड़ी राहत कहा है. जीएसटी परिषद की ओर से उर्वरकों, जैव कीटनाशकों, कृषि उपकरणों और डेयरी उत्पादों पर दरों में कटौती केकदम से किसानों की आय में तो वृद्धि होगी ही इसके साथ-साथ उपभोक्ताओं को भी पौष्टिक भोजन अधिक किफायती दर पर उपलबध हो सकेगा. खपत में होगा सुधारगोदरेज एग्रोवेट लिमिटेड के सीईओ और एमडी सुनील कटारिया के अनुसार उर्वरकों और जैव कीटनाशकों पर जीएसटी में कमी से किसानों को ऐसेसमय में “बड़ी राहत” मिलेगी, जब कृषि फसलों पर अनियमित मौसम के कारण प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है.कटारिया ने एक बयान में कहा, “औसत इनपुट लागत कुल खेती खर्च का लगभग 30-40 प्रतिशत है, इन लागतों को कम करने से गुणवत्तापूर्णफसल सुरक्षा समाधानों की पहुंच बढ़ेगी, जिससे किसानों को उपज बढ़ाने और आय बढ़ाने में मदद मिलेगी.कटारिया ने कहा कि डेयरी उत्पादों पर जीएसटी को घटाकर 5 प्रतिशत करने के निर्णय से किसानों के सामर्थ्य और खपत में सुधार होगा. अवशेषों को जलाने में आएगी कमीइससे देश में प्रोटीन की कमी दूर होगी और साथ ही डेयरी किसान परिवारों को सहायता मिलेगी. सीएनएच इंडिया के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक नरिंदरमित्तल ने कृषि उपकरणों, कलपुर्जों और टायरों पर जीएसटी घटाकर 5 प्रतिशत करने की सराहना करते हुए कहा कि इससे ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और अन्यउपकरण अधिक किफायती बनकर मशीनीकरण में तेजी आएगी. मित्तल ने कहा, “ये सुधार उद्योग जगत को श्रम की कमी को दूर करने, किसानों कीउत्पादकता बढ़ाने और टिकाऊ प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए सशक्त बनाएंगे. उन्होंने कहा कि यह कदम आगे स्थानीयकरण और नवाचार के लिएसही वातावरण प्रदान करता है उन्होंने कहा कि यह सुधार विशेष रूप से कटाई के मौसम से पहले समय पर किया गया है कम लागत से अधिक किसानगठरी बनाने जैसे समाधान अपना सकेंगे। इससे फसल अवशेषों को जलाने में कमी आएगी.
इंदौर अस्पताल में नवजातों की मौत पर राहुल गांधी का सरकार पर हमला, ये दुर्घटना नहीं, हत्या है

इंदौर के एमवाय अस्पताल में नवजातों को चूहों द्वारा कुतरने का मामला गर्माता जा रहा है. मानवाधिकार आयोग के निर्देश के बाद अब कांग्रेस नेताराहुल गांधी ने इसे लेकर सरकार पर हमला बोला है राहुल ने यहां तक कहा कि जब आप नवजात बच्चों की सुरक्षा तक नहीं कर सकते तो सरकारचलाने का क्या हक है. बता दें कि इंदौर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल में मंगलवार को एक नवजात की तो बुधवार को दूसरे नवजात की मौत होगई थी. कारण था चूहे द्वारा नवजातों को कुतर लेना हालांकि डॉक्टर अब भी मामले में पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं, उनका कहना है कि बच्चोंकी हालत पहले से ही खराब थी उनका वजन कम और सर्जरी की गई थी. नहीं निभाई जिम्मेदारीबुधवार देर रात सहायक अधीक्षक मुकेश जायसवाल, प्रभारी नर्सिंग अधिकारी प्रवीणा सिंह को निलंबित कर दिया गया है इसके अलावा विभागाध्यक्षडॉ. ब्रजेश लाहोटी को नोटिस दिया गया है इधर मामला सामने आने के बाद कांग्रेस लगातार हमलावर है अब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधीने फेसबुक पर इसे लेकर लिखा है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लिखा कि इंदौर में मध्य प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में दो नवजात शिशुओंकी चूहों के काटने से मौत – यह कोई दुर्घटना नहीं, यह सीधी-सीधी हत्या है. यह घटना इतनी भयावह, अमानवीय और असंवेदनशील है कि इसे सुनकरभी रूह कांप जाए. एक मां की गोद से उसका बच्चा छिन गया, सिर्फ इसलिए क्योंकि सरकार ने अपनी सबसे बुनियादी जिम्मेदारी नहीं निभाई. हर बच्चे का है हकहेल्थ सेक्टर को जानबूझकर प्राइवेट हाथों में सौंपा गया – जहां इलाज अब सिर्फ अमीरों के लिए रह गया है, और गरीबों के लिए सरकारी अस्पतालअब जीवनदायी नहीं, मौत के अड्डे बन चुके हैं प्रशासन हर बार की तरह कहता है – “जांच होगी” – लेकिन सवाल यह है – जब आप नवजात बच्चों कीसुरक्षा तक नहीं कर सकते, तो सरकार चलाने का क्या हक़ है? PM मोदी और MP के मुख्यमंत्री को शर्म से सिर झुका लेना चाहिए। आपकी सरकारने देश के करोड़ों गरीबों से स्वास्थ्य का अधिकार छीन लिया है – और अब मां की गोद से बच्चे तक छिनने लगा है मोदी जी, यह आवाज़ उन लाखोंमां-बाप की तरफ से उठ रही है जो आज सरकारी लापरवाही का शिकार हो रहे हैं क्या जवाब देंगे? हम चुप नहीं रहेंगे ये लड़ाई हर गरीब, हर परिवार, हर बच्चे के हक़ की है.
मराठा आरक्षण पर मनोज जरांगे की चेतावनी, चुनाव में सत्ताधारी दलों को चटाएंगे धूल

कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने गुरुवार को चेतावनी दी कि अगर मराठा समुदाय को आरक्षण के मुद्दे पर धोखा मिला, तो वे चुनावों में सत्तारूढ़ दलों को ‘धूलचटवा देंगे’. उन्होंने यह भी कहा कि मराठा समाज के सभी लोगों को ओबीसी वर्ग में शामिल किया जाएगा. मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोजजरांगे एक निजी अस्पताल में पत्रकारों से बात कर रहे थे। मुंबई में पांच दिन की भूख हड़ताल खत्म करने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गयाथा यह हड़ताल शिक्षा और सरकारी नौकरियों में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर की गई थी. जरांगे ने मंगलवार को अपनी भूख हड़ताल तब खत्मकी, जब महाराष्ट्र सरकार ने एक समिति गठित करने की घोषणा की, जो मराठा समुदाय के उन लोगों को कुनबी जाति का प्रमाणपत्र देने के लिए कामकरेगी, जिनके पास उनके कुनबी वंश की ऐतिहासिक जानकारी या सबूत मौजूद हैं कुनबी जाति को राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में रखा गयाहै. पीढ़ियों को खतरे में नहीं डालना चाहिएउन्होंने कहा, अगर हैदराबाद और सतारा के राजपत्र (गजट) को एक महीने के भीतर लागू नहीं किया गया,तो हम सत्तारूढ़ दलों को आने वाले चुनावों मेंधूल चटा देंगे. मैं धीरे-धीरे यह सुनिश्चित करूंगा कि पूरा मराठा समाज ओबीसी वर्ग में आ जाए कार्यकर्ता ने कहा कि उनका आरक्षण के लिए संघर्ष पूरेराज्य के मराठाओं के लिए है.उन्होंने आगे कहा, आंदोलन जारी रहेगा क्योंकि कोकण क्षेत्र के मराठा अभी भी इस दायरे में नहीं आए हैं कोकण के लोगों को आरक्षण का लाभ लेनाचाहिए, नहीं तो वे 40-50 साल बाद पछताएंगे. उन्हें किसी की बात नहीं सुननी चाहिए और अपनी आने वाली पीढ़ियों को खतरे में नहीं डालनाचाहिए. इससे कोई आपत्ति नहींजब पत्रकारों ने उनसे ओबीसी वर्ग के लिए सरकारी योजनाएं तेजी से लागू करने और आरक्षण से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए एक कैबिनेटउप-समिति बनाए जाने पर प्रतिक्रिया मांगी, तो जरांगे ने कहा कि उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है.उन्होंने कहा, अगर हमें कुछ मिलता है, तो कुछ ओबीसी नेता मांगें उठाने लगते हैं। वे हमेशा शिकायत करते रहते हैं लेकिन अगर इससे ओबीसी कोफायदा होता है, तो हमें खुशी है अगर सरकार ओबीसी के लिए ऐसे कदम उठा रही है, तो उन्हें दलितों, मुसलमानों, आदिवासियों और किसानों के लिएभी ऐसी उप-समितियां बनानी चाहिए.