वाराणसी में पीएम मोदी की मॉरीशस के प्रधानमंत्री से मुलाकात, द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने पर चर्चा

मॉरीशस के प्रधानमंत्री भारत दौरे पर हैं इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी गुरुवार को वाराणसी का दौरा करेंगे और पने समकक्ष नवीनचंद्र रामगुलाम कीमेजबानी करेंगे। साथ ही द्विपक्षीय चर्चा भी करेंगे. एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा कि यह बैठक स्थायी सभ्यतागत जुड़ाव, आध्यात्मिकबंधनों और लोगों के बीच गहरे संबंधों को लेकर होगी. जिसने भारत और मॉरीशस के बीच रिश्ते और मजबूत होंगे. इसके बाद नरेंद्र मोदी बाद मेंदेहरादून के लिए रवाना होंगे जहां उत्तराखंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे. 16 सितंबर तक भारत के दौरे परमिली जानकारी के मुताबिक, यहां पीएम मोदी अधिकारियों के साथ एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे मंगलवार को मुंबई पहुंचेमॉरीशस पीएम 16 सितंबर तक भारत के दौरे पर हैं. अधिकारियों ने आगे कहा कि दोनों देशों के पीएम अपनी द्विपक्षीय चर्चाओं के दौरान सभीपहलुओं की समीक्षा करेंगे. जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, बुनियादी ढांचे के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटलसार्वजनिक बुनियादी ढांचे और नीली अर्थव्यवस्था जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर भी चर्चा करेंगे. अन्य जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम के एक दिन बाद 12 सितंबर को मॉरीशस के प्रधानमंत्री देहरादून एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे. अधिकारियों के साथ समीक्षा की बैठकप्रदेश में उनका भ्रमण कार्यक्रम बताया जा रहा है. पीएम रामगुलाम आठ दिनों की राजकीय यात्रा के दौरान मंगलवार को मुंबई पहुंचे उनका 16 सितंबर को वापसी का कार्यक्रम है.उनकी भारत यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाना है शुक्रवार को उनकाउत्तराखंड भ्रमण का कार्यक्रम है जिसके तहत वो पहले देहरादून एयरपोर्ट पहुंचेंगे. पीएम मोदी और उनके कार्यक्रम को लेकर देहरादून एयरपोर्ट परतैयारियां की जा रही हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को वाराणसी में मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगूलम से मुलाकात करेंगे और द्विपक्षीयचर्चा करेंगे. इसके बाद पीएम उत्तराखंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे करेंगे और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे.
एनडीए उम्मीदवार सी. पी. राधाकृष्णन नए उपराष्ट्रपति निर्वाचित, विपक्षी उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी को 152 वोटों से हराया

एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन देश के नए उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए हैं आज हुए मतदान में सीपी राधाकृष्णन को कुल 452 वोट मिले. वहींविपक्षी गठबंधन इंडिया के उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले. राधाकृष्णन ने 152 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की. उपराष्ट्रपति चुनाव में हारके बाद बी सुदर्शन रेड्डी ने कहा, मैं नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन को उनके कार्यकाल की शुरुआत के लिए शुभकामनाएं देता हूं हालांकिपरिणाम मेरे पक्ष में नहीं है, फिर भी वैचारिक लड़ाई और अधिक जोश के साथ जारी रहेगी. उपराष्ट्रपति चुनाव में कुल 98 प्रतिशत मतदान दर्ज कियागया. शाम पांच बजे मतदान समाप्त होने के एक घंटे बाद छह बजे मतगणना प्रारंभ हुई. नासिर हुसैन थे शामिलमतगणना समाप्त होने के बाद आज देर शाम नतीजे घोषित किए गए. जिसमें एनडीए उम्मीदवार को कुल 452 वोट मिले. जबकि विपक्ष केउम्मीदवार को 300 वोट मिले. उपराष्ट्रपति चुनाव में कुल 767 वोट डाले गए जिनमें से 752 वैध और 15 अवैध थे. कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार केपक्ष में 315 सांसदों के मतदान का दावा किया था वहीं बीआरएस और बीजेडी ने चुनाव में भाग नहीं लिया, जबकि राज्यसभा में बीआरएस के चारऔर बीजेडी के सात सांसद हैं वहीं अकाली दल के सांसद ने बाढ़ के चलते मतदान में हिस्सा लेने से मना कर दिया था.प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले मतदान किया. मोदी ने केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू, अर्जुन राम मेघवाल, जितेंद्र सिंह और एल. मुरुगन के साथ संसदभवन के कमरा संख्या 101, वसुधा में स्थापित मतदान केंद्र में अपना वोट डाला. शुरुआत में मतदान करने वालों में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेससंसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, पूर्वप्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा, समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश और सैयद नासिर हुसैन शामिल थे. इंजीनियर रशीद ने भी लिया हिस्सापूर्व प्रधानमंत्री, 92 वर्षीय देवेगौड़ा व्हीलचेयर पर मतदान केंद्र पहुंचे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे हाथों में हाथडाले मतदान केंद्र तक जाते देखे गए. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी(एसपी) के प्रमुख शरद पवार, एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी और कई अन्य नेताओं ने भी मतदान किया. जेल में बंद सांसद इंजीनियररशीद ने भी मतदान में हिस्सा लिया. संसद के हालिया मानसून सत्र के दौरान जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पद सेइस्तीफा दे दिया था, हालांकि उनका कार्यकाल दो साल बचा हुआ था. उनके इस्तीफे के कारण यह चुनाव हुआ. इस बार दोनों उम्मीदवार दक्षिणभारत से हैं राधाकृष्णन तमिलनाडु से जबकि रेड्डी तेलंगाना से हैं.
लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह का बड़ा आरोप- मानव संपदा पोर्टल फेल, एक्स-रे टेक्नीशियन भर्ती में फर्जीवाड़ा, सरकार की मंशा पर उठे सवाल

लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह जी ने भर्ती पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करते हुए कहा है कि भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए करोड़ोंरुपये खर्च करके बनाया गया मानव संपदा पोर्टल भी भ्रष्टाचार रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई. एक्स-रे टेक्नीशियन भर्ती में बड़े पैमाने परफर्जीवाड़ा सामने आया, लेकिन हैरानी की बात यह है कि यह पोर्टल, जिसके माध्यम से अधिकारियों का वेतन तक स्वीकृत होता है, गड़बड़ी पकड़ हीनहीं पाया. लोकदल अध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि जब वेतन भुगतान तक पोर्टल से होता है, तो भर्ती में हुए फर्जीवाड़े की जानकारी क्यों नहीं मिली?आखिर पोर्टल बनाने पर जनता के करोड़ों रुपये क्यों बर्बाद किए गए?भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने का दावा करने वाली सरकार की मंशा पर अब जनता क्यों भरोसा करे?भर्ती घोटाले में शामिल अधिकारियों पर तुरंत कड़ी कार्रवाई कब होगी?पोर्टल की उपयोगिता और इसकी निगरानी प्रणाली की उच्चस्तरीय जांच क्यों नहीं?जनता के पैसे का हिसाब सरकार दे कि आखिर यह पोर्टल भ्रष्टाचारियों का सहायक क्यों है? लगाया गंभीर आरोपउन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार रोकने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर के बनाया गया “मानव संपदा पोर्टल” अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरहविफल रहा है. उन्होंने कहा कि यह पोर्टल न सिर्फ कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया बल्कि उनका वेतन और सेवा विवरण तक नियंत्रित करता है, इसकेबावजूद यह फर्जी भर्ती पकड़ने में असमर्थ रहा. चौधरी सुनील सिंह ने यह भी कहा कि अब जनता सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति मंशा पर सवाल उठानेलगी है और यदि समय रहते कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मुद्दा और गंभीर हो जाएगा.
AAP का BJP पर हमला “क्या दिल्ली CM के पति सरकार चला रहे हैं?” आप नेता सौरभ भारद्वाज का गंभीर आरोप जानें क्या है पूरा मामला

आम आदमी पार्टी ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के पति की सरकारी बैठकों और निरीक्षण में सक्रिय भूमिका को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलाहै. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने प्रेस वार्ता में कहा कि यह पूरी तरह गैर संवैधानिक और गंभीर मामला है. उन्होंने सवाल किया कि आखिरकिस कानून के तहत मुख्यमंत्री के पति सरकारी अधिकारियों के साथ बैठकें कर रहे हैं और निर्देश दे रहे हैं सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा की सरकारदिल्ली को फुलेरा की पंचायत की तरह चला रही. जिस तरह ग्राम पंचायत या निगम चुनाव में महिलाओं की आरक्षित सीट पर उनके पति कामकाजसंभालते हैं, उसी तरह अब दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के पति बैठकों में अधिकारियों के साथ बैठे नजर आ रहे हैं उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तरपर दिल्ली पर निगाहें रहती हैं और ऐसी गतिविधियां लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए शर्मनाक हैं. बताया विधानसभा स्तरीय बैठकआप नेता ने आरोप लगाया कि यह किसी संयोग का मामला नहीं है, बल्कि सोची-समझी रणनीति के तहत सीएम के पति को सरकारी तंत्र के बीचस्थापित किया जा रहा है उन्होंने कहा कि दर्जनों वीडियो सोशल मीडिया पर मौजूद हैं, जिनमें मुख्यमंत्री के पति अधिकारियों संग निरीक्षण करते औरनिर्देश देते नजर आ रहे हैं. हैरानी की बात यह है कि खुद सीएम अपने सोशल मीडिया अकाउंट से इन वीडियो को साझा करती हैं. भारद्वाज ने भाजपाआईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी जिसमें उन्होंने इसे विधानसभा स्तरीय बैठक बताया. पीएम मोदी ने पूछे सवालभारद्वाज ने कहा कि चाहे विधानसभा स्तरीय की बैठक हो या सरकारी निरीक्षण, जनता ने रेखा गुप्ता को वोट दिया है, उनके पति को नहीं उन्होंने इसबारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी सवाल पूछा है क्या उन्हें यह उचित लगता है कि भाजपा की मुख्यमंत्री अपने सरकारी कामकाज पति के जरिए करवारही हैं सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा की सरकार दिल्ली को फुलेरा की पंचायत की तरह चला रही है जिस तरह ग्राम पंचायत या निगम चुनाव मेंमहिलाओं की आरक्षित सीट पर उनके पति कामकाज संभालते हैं, उसी तरह अब दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के पति बैठकों में अधिकारियों केसाथ बैठे नजर आ रहे हैं.
हिमाचल को पीएम मोदी की बड़ी सौगात: बाढ़ राहत के लिए 1500 करोड़ रुपये की सहायता, मृतकों के परिजनों को 2 लाख की अनुग्रह राशि

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले का हवाई सर्वे करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए 1500 करोड़ रुपये कीवित्तीय सहायता का एलान किया है. पीएम मोदी ने इस दौरान मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर संवेदनाएं प्रकट कीं और उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया. प्रधानमंत्री नेसबसे पहले हिमाचल प्रदेश के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया. इसके बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने कांगड़ा में एक आधिकारिक बैठक कीजिसमें हिमाचल प्रदेश में हुए नुकसान का आकलन करने के साथ-साथ राहत और पुनर्वास उपायों की समीक्षा की गई प्रधानमंत्री मोदी ने हिमाचलप्रदेश के लिए 1500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की. वर्तमान में बिजली कनेक्शन नहींएसडीआरएफ और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की दूसरी किस्त अग्रिम रूप से जारी की जाएगी. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मंजूरी, राष्ट्रीयराजमार्गों का जीर्णोद्धार, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष के तहत राहत का प्रावधान और पशुधन के लिए मिनी किट भी जारी किए जाएंगे. कृषि समुदायको सहायता प्रदान करने की महत्वपूर्ण आवश्यकता को देखते हुए, विशेष रूप से उन किसानों को अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी जिनके पासवर्तमान में बिजली कनेक्शन नहीं हैं.प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत, क्षतिग्रस्त घरों की जियोटैगिंग की जाएगी इससे नुकसान का सटीक आकलन करने और प्रभावित लोगों तकसहायता शीघ्र पहुंचाने में मदद मिलेगी. निर्बाध शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए, स्कूल नुकसान की सूचना दे सकेंगे और जियोटैग कर सकेंगे, जिससेसमग्र शिक्षा अभियान के तहत समय पर सहायता मिल सकेगी. भेज दिए केंद्रीय दल पहलेवर्षा जल संग्रहण और भंडारण में सहायता के लिए जल संचयन हेतु पुनर्भरण संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा इन प्रयासों से भूजल स्तर में सुधारहोगा और बेहतर जल प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा. केंद्र सरकार ने नुकसान का आकलन करने के लिए हिमाचल प्रदेश का दौरा करने के लिए अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल पहले ही भेज दिए हैं और उनकी विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर आगे की सहायता पर विचार किया जाएगा. प्रधानमंत्री ने आपदा सेप्रभावित परिवारों से भी मुलाकात की उन्होंने जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना और गहरा दुख व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि केंद्रसरकार इस कठिन समय में राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करेगी और हर संभव सहायता प्रदान करेगी. प्रधानमंत्री मोदी ने बाढ़ और प्राकृतिकआपदा में मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की भी घोषणा की.
मध्यप्रदेश कैबिनेट का बड़ा फैसला: 2027 से नगर पालिका अध्यक्षों का प्रत्यक्ष चुनाव, स्क्रैपिंग नीति को मिली इंडस्ट्री जैसी सुविधाएं “बोले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव”

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए. इनमें सबसे बड़ा फैसला नगरीयनिकायों की चुनाव प्रणाली से जुड़ा रहा. अब नगर पालिका परिषद और नगर परिषदों के अध्यक्ष का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से होगा. यानी आगामीआम चुनाव वर्ष 2027 से मतदाता सीधे अपने वोट से अध्यक्ष का चयन करेंगे. वर्ष 2022 तक नगर पालिका और परिषदों में अध्यक्ष का चुनावप्रत्यक्ष प्रणाली से ही होता था, लेकिन बाद में इसे बदलकर अप्रत्यक्ष प्रणाली लागू कर दी गई थी इसमें पार्षदों के मतों से अध्यक्ष चुना जाता था इसव्यवस्था में राजनीतिक जोड़-तोड़ और अस्थिरता की स्थिति उत्पन्न हो जाती थी. जनता का सीधा जनादेश ही लोकतंत्र की असली ताकत है नगरपालिका और नगर परिषद अध्यक्षों को बार-बार अविश्वास प्रस्तावों से बचाने के लिए उनके प्रत्यक्ष चुनाव की व्यवस्था लागू करने का कैबिनेट ने निर्णयलिया है। इसी दृष्टि से नगर पालिका (संशोधन) अध्यादेश, 2025 को मंजूरी दी गई है इसके तहत मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1961 कीधारा 19, 20(2), 32 से 35, 43, 45, 47, 55, 63 और 328 सहित कई धाराओं में संशोधन किया जाएगा.स्क्रैपिंग संस्था को इंडस्ट्री की तरह ही सुविधाएंअध्यक्ष के प्रत्यक्ष चुनाव की यह नई व्यवस्था वर्ष 2027 के नगरीय निकाय चुनाव से लागू होगी. तब जनता अपने मताधिकार का उपयोग करते हुएसीधे अध्यक्ष का चुनाव करेगी. सरकार का कहना है कि इस बदलाव से पारदर्शिता बढ़ेगी और अविश्वास प्रस्तावों के कारण बार-बार पैदा होने वालीअस्थिरता समाप्त होगी. कैबिनेट बैठक में वाहनों से प्रदूषण घटाने को लेकर भी अहम निर्णय लिया गया. बीएस-1 और बीएस-2 गाड़ियों को स्क्रैपकरने के लिए अधिक प्रोत्साहन देने की व्यवस्था की गई है अब अधिकृत स्क्रैपिंग संस्था को इंडस्ट्री की तरह ही सुविधाएं मिलेंगी. करेंगें योजनाओं की समीक्षीजो वाहन मालिक अपनी पुरानी गाड़ी स्क्रैप करेंगे, उन्हें नई गाड़ी खरीदते समय मोटर रियायत में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी. सरकार का मानना हैकि इस कदम से न केवल प्रदूषण घटेगा बल्कि आम लोगों को नई गाड़ी खरीदने में आर्थिक राहत भी मिलेगी. बैठक में यह भी तय हुआ कि 17 सितंबर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से लेकर 2 अक्टूबर गांधी जयंती तक सेवा पखवाड़ा चलाया जाएगा. इस दौरान मुख्यमंत्री जिलों का दौराकरेंगे और कार्यक्रमों में शामिल होकर योजनाओं की समीक्षा करेंगे.
नेपाल में बेकाबू हुआ आंदोलन सोशल मीडिया बैन के खिलाफ हिंसा में 20 मौतें, PM ओली ने दिया इस्तीफा, प्रचंड का आवास जलाया

नेपाल में बीते दो दिनों में बहुत कुछ बदल गया है। शोसल मीडिया बैन को लेकर शुरू हुए आंदोलन में अब तक 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकीहै वही, करीब 300 लोगों के घायल होने की खबर है। इस बीच, भारी दबाव के बाद पीएम केपी शर्मा ओली ने पद से इस्तीफा दे दिया है. मीडियारिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि ओली देश से बाहर निकलने की फिराक में हैं और दुबई जा सकते हैं कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहाहै कि युवाओं के प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ने पर उन्होंने अपने आधिकारिक आवास से सुरक्षित निकलने और देश छोड़ने के लिए सेना की मददमांगी थी. राष्ट्राध्यक्षों ने देश छोड़ दियाकहा जा रहा है कि ओली इलाज के बहाने दुबई जाने की योजना बना रहे हैं , जिसके लिए निजी एयरलाइन हिमालय एयरलाइंस को तैयार रखा गयाहै। वहीं, कहा यह भी जा रहा है कि ओली के पद छोड़ने के बाद सेना आगे आ सकती है. नेपाल के हालात बहुत कुछ श्रीलंका और बांग्लादेश की तरहहो गए हैं. इन दोनों देशों में भी उग्र विरोध के बाद राष्ट्राध्यक्षों ने देश छोड़ दिया था. प्रचंड के आवास में आग लगा दीनेपाल के ताजा हालातों में यह अपडेट तब सामने आया है जबकि काठमांडू समेत कई जिलों में युवाओं का प्रदर्शन हिंसक हो चुके हैं ओली से पहलेकई मंत्री और सांसद इस्तीफा दे चुके हैं इस्तीफा देने वाले मंत्रियों में गृहमंत्री रमेश लेखक, स्वास्थ्य मंत्री प्रदीप पौडेल, कृषि एवं पशुधन विकास मंत्रीरामनाथ अधिकारी का नाम शामिल है वहीं, प्रदर्शनकारियों ने कई मंत्रियों के आवासों और सरकारी इमारतों को आग के हवाले कर दिया है. नेपाल केप्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल, सूचना एवं संचार मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग, पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड के आवासमें आग लगा दी.
अमेरिका के पूर्व सलाहकार का हमला, ‘ब्रिक्स बिना अमेरिका के नहीं टिक सकते “ब्रिक्स का अस्तित्व अमेरिका पर निर्भर”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वरिष्ठ सलाहकार पीटर नवारो ने ब्रिक्स देशों पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘वैम्पायर’ यानी खून चूसने वाले करार दिया. उनका आरोप है कि ये देश अनुचित व्यापारिक नीतियों के जरिए अमेरिका की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं पीटर नवारो ने अमेरिकी मीडियाचैनल को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि ब्रिक्स देशों का अस्तित्व तभी तक है जब तक वे अमेरिका को सामान बेचते हैं. उन्होंने कहा, ‘इन देशों में सेकोई भी अमेरिका को अपने उत्पाद बेचे बिना जीवित नहीं रह सकता. लेकिन जब ये हमें सामान बेचते हैं तो ये वैम्पायर की तरह हमारे खून को चूसते हैं.उन्होंने दावा किया कि ब्रिक्स देशों के बीच आपसी अविश्वास और तनाव है नवारो ने कहा, ‘इतिहास गवाह है कि ये देश एक-दूसरे से नफरत करते हैंऔर लड़ते-भिड़ते रहते हैं. नवारो ने कसा तंजनवारो ने उदाहरण देते हुए कहा कि रूस और चीन के बीच भरोसा नहीं है चीन, रूस के व्लादिवोस्तोक पोर्ट पर अपना दावा करता है और अवैध आव्रजनके जरिए साइबेरिया में अपनी पकड़ बढ़ा रहा है. भारत और चीन के बीच दशकों से सीमा विवाद और तनाव है चीन ने पाकिस्तान को परमाणु हथियारदिए, जिससे भारत की सुरक्षा चिंताएं और बढ़ीं। ब्राजील की अर्थव्यवस्था राष्ट्रपति लूला की समाजवादी नीतियों की वजह से गिर रही है नवारो ने तंजकसते हुए कहा, ‘अब देखना होगा कि ये गठबंधन कितने दिन चलता है. पीटर नवारो की यह टिप्पणी उस समय आई है जब ब्राजील की अध्यक्षता मेंब्रिक्स की वर्चुअल बैठक हुई भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रतिनिधित्व किया.राजनीतिक और आर्थिक समन्वय का मंचजयशंकर ने बैठक में जोर दिया कि ब्रिक्स को वैश्विक अर्थव्यवस्था को स्थिर करने, वैश्विक दक्षिण पर जारी संघर्षों के प्रभाव को दूर करने औरबहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार का समर्थन करना चाहिए. वहीं इस समिट में ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने कहा कि चर्चा काकेंद्र एक न्यायपूर्ण, संतुलित और समावेशी वैश्विक व्यवस्था बनाने पर रहा. वर्तमान में ब्रिक्स में 11 देश शामिल हैं- ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिणअफ्रीका, सऊदी अरब, मिस्र, यूएई, इथियोपिया, इंडोनेशिया और ईरान यह समूह मुख्य रूप से ग्लोबल साउथ देशों के बीच राजनीतिक और आर्थिकसमन्वय का मंच है.
बिहार कैबिनेट की बड़ी सौगात आंगनबाड़ी सेविकाओं का मानदेय बढ़ा, कन्या विवाह मंडप और सोलर लाइट योजना को मंजूरी

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक संपन्न हो गई. सीएम नीतीश ने 25 प्रस्तावों पर मुहर लगा दी. सरकार ने जहांआंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाया, वहीं थानों में सीसीटीवी लगाने और नए संस्थानों के निर्माण पर भी हरी झंडी दे दी इसकेअलावा मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना के तहत 50 करोड़ की राशि की स्वीकृति दे दी. 8053 पंचायत में चरणबद्ध तरीके से विवाह मंडप कानिर्माण किया जाएगा. इसके अलावा मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट के तहत 100 करोड़ स्वीकृत किए गए. किया जाएगा स्थापनवहीं मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना को भी कैबिनेट ने किया मंजूर. कैबिनेट ने बिहार के छह शहरों में एलपीजी आधरित शवदाह गृह बनाने के प्रस्ताव परस्वीकृति दे दी इसके तहत छह शहरों पटना, गया जी, छपरा, सहरसा, भागलपुर और बेगूसराय में एलपीजी आधारित शवदाह गृह स्थापना एवंसंचालन किया जाएगा. मजबूत करने तक का किया फैसलाइन शवदाह गृहों का संचालन ईशा फाऊंडेशन (कोयंबटूर) लीज पर करेगा. बिहार चुनाव से पहले सीएम नीतीश कुमार ने राज्यवासियों को बड़ी सौगातदी है आज सीएम नीतीश ने कैबिनेट में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगा दी.
राहुल गांधी की नागरिकता पर सवाल उठाने वाले भाजपा कार्यकर्ता से ED की पूछताछ, शिशिर ने सौंपे दस्तावेज

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की नागरिकता पर सवाल उठाने वाले कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर सेमंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय ने पूछताछ की. यह पूछताछ विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (एफईएमए) के तहत हुई. शिशिर ने ईडी दफ्तर में प्रवेशकरने से पहले बताया कि उन्हें एफईएमए की धारा 37 के तहत तलब किया गया है उन्होंने कहा, ‘मेरे पास ठोस सबूत, जानकारी, दस्तावेज, रिकॉर्डऔर वीडियो हैं, जिन्हें मैं एजेंसी को सौंपूंगा. लगातार मिल रही धमकियांएजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, शिशिर से कई सवाल पूछे गए और उनका बयान दर्ज किया गया. उनसे कुछ दस्तावेज और सबूत भी मांगे गए एफईएमएके तहत ईडी विदेशी मुद्रा कानून से जुड़े उल्लंघनों की जांच करती है. बता दें कि शिशिर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी, जिसमें दावा किया गया था कि उनके पास ब्रिटिश सरकार के दस्तावेज और ईमेल हैं जो साबित करते हैं कि राहुल गांधी ब्रिटिश नागरिक हैं उनकाकहना है कि अगर ऐसा है तो राहुल गांधी भारत में चुनाव लड़ने के पात्र नहीं हैं. हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने 30 अगस्त को शिशिर की सुरक्षा के लिएकेंद्र सरकार को 24 घंटे सुरक्षा देने का आदेश दिया था. अदालत ने कहा कि शिशिर एक प्रभावशाली व्यक्ति के खिलाफ मामले को आगे बढ़ा रहे हैंऔर उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं. राहुल गांधी ब्रिटिश नागरिकशिशिर का यह भी दावा है कि उनकी शिकायत पर सीबीआई पहले से जांच कर रही है और वह कई बार दिल्ली में एजेंसी के सामने पेश होकर सबूतदे चुके हैं. इस मामले की अगली सुनवाई 9 अक्तूबर को होगी. केंद्रीय सरकार ने अदालत को बताया था कि राहुल गांधी की कथित ब्रिटिशनागरिकता के मामले में ब्रिटेन सरकार से जानकारी मांगी गई है कांग्रेस पार्टी ने इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है. प्रवर्तननिदेशालय ने भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर से पूछताछ की है। उनसे यह पूछताछ विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम की गई है बता दें किविग्नेश शिशिर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी जिसमें उन्होंने दावा किया था कि राहुल गांधीब्रिटिश नागरिक हैं.