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टीम इंडिया की नई जर्सी में एंट्री अपोलो टायर्स की, 579 करोड़ की डील के साथ बना नया किट स्पॉन्सर

भारत और वेस्टइंडीज के बीच टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया नई जर्सी में नजर आई। अभ्यास सत्र के दौरान भारतीय खिलाड़ी और टॉस के दौरान भारतीयकप्तान ‘अपोलो टायर्स’ लिखी हुई जर्सी में दिखे। जर्सी के बीच में अपोलो टायर्स का लोगो प्रमुखता से देखा गया। बीसीसीआई ने हाल ही में अपोलोटायर्स को आधिकारिक किट स्पॉन्सर के रूप में पेश किया है। हालांकि, भारत के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने इस पर चुटकी भी ली। इससे पहले कई बड़ीकंपनियों के नाम भारतीय टीम की जर्सी पर दिखाई दे चुके हैं। अपोलो टायर्स से पहले ड्रीम-11 भारत का जर्सी स्पॉनसर था।टीम इंडिया की नई जर्सी लॉन्च होते ही पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री ने मजाकिया अंदाज में चुटकी ली। उन्होंने कहा, ‘उम्मीद है यह जर्सी लंबा टिकेगी।’ शास्त्री का यह बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। माना जा रहा है कि यह तंज उन कंपनियों पर था जिनका जर्सी स्पॉन्सरशिप कासफर ज्यादा लंबा नहीं चला। ओप्पो से लेकर ड्रीम-11 तक, कोई भी ज्यादा समय तक भारतीय किट स्पॉनसर के रूप में नहीं रह सका। अपोलो टायर्स के बीच ढाई साल की अवधि के लिए करारयानी ज्यादातर कंपनियां करार का समय पूरा होने से पहले ही या तो हट गईं, या फिर किसी और को स्पॉनसशिप बेच दी। इनमें से ज्यादातर कंपनियोंकी तो हालत भी खराब हो गई। बायजू की स्थिति खराब है, जबकि ओप्पो का मार्केट भी डाउन हुआ था। ड्रीम-11 पर भी असर पड़ने की संभावना है।सहारा की भी हालत खराब हो चुकी है। ड्रीम11 के बाहर होने के बाद अपोलो टायर्स भारतीय क्रिकेट टीम का नया प्रायोजक बना है। बीसीसीआईऔर अपोलो टायर्स के बीच ढाई साल की अवधि के लिए करार हुआ है, जो मार्च 2028 में समाप्त होगा। इस डील के तहत, अपोलो टायर्स कालोगो सभी प्रारूपों में भारतीय पुरुष और महिला राष्ट्रीय टीमों की जर्सी पर दिखाई देगा। यह करार 579 करोड़ रुपये का है, जो ड्रीम-11 के 358 करोड़ रुपये के समझौते से कहीं ज्यादा है। इस टायर्स मेजर के साथ डील में 121 द्विपक्षीय मैच और 21 आईसीसी मैच शामिल हैं।बीसीसीआई ने ड्रीम11 के साथ अपना अनुबंध को खत्म कर दिया था। ड्रीम11 से यह अनुबंध इसलिए समाप्त किया गया क्योंकि यह एक बेटिंग-संबंधित एप है, जिस पर हाल ही में बैन लगा दिया गया। टेस्ट सीरीज में जीत के इरादे से मैदान में उतरेगीइस वजह से 358 करोड़ रुपये का करार समय से पहले ही खत्म हो गया था। यह करार 2023 में तीन साल की अवधि के लिए हुआ था। हाल ही मेंपारित ‘ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025’ के कारण ड्रीम-11 ने अनुबंध से बाहर निकलने का फैसला किया। ड्रीम-11 ने 2023 में बायजू (Byju’s) कीजगह ली थी।दो सितंबर को बीसीसीआई ने भारतीय टीम के मुख्य प्रायोजक अधिकारों के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे और बोली प्रक्रिया 14 सितंबर को हुई। बीसीसीआई ने नियम बताते हुए कहा था कि गेमिंग, सट्टेबाजी, क्रिप्टो और तंबाकू ब्रांडों को बोली प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमतिनहीं होगी।आने वाले समय में भारत के व्यस्त अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैलेंडर को देखते हुए इस साझेदारी से अपोलो टायर्स को वैश्विक स्तर पर बड़ीपहचान मिलेगी। यह करार हाल के वर्षों में भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े और सबसे फायदेमंद स्पॉन्सरशिप कॉन्ट्रैक्ट्स में से एक माना जा रहा है।नई जर्सी में उतरी भारतीय टीम अब वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज में जीत के इरादे से मैदान में उतरेगी। कप्तान शुभमन गिल ने साफ कहा है किवह घर पर हर टेस्ट मैच जीतना चाहते हैं और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के फाइनल के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करना चाहते हैं।

आरएसएस के शताब्दी वर्ष पर बोले अमित शाह ‘त्याग और समर्पण से बना विश्व का सबसे बड़ा संगठन’, जेपी नड्डा ने बताया राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को आरएसएस के शताब्दी वर्ष पर कहा कि संगठन के कार्यकर्ता हमेशा सभी सुख-सुविधाओं का त्याग कर राष्ट्रकी सेवा और सुरक्षा के लिए समर्पित रहे हैं। शाह ने स्वयं को गौरवान्वित स्वयंसेवक बताते हुए कहा कि आरएसएस ने अपने 100 वर्षों में शीर्ष नेतृत्वसे लेकर जमीनी स्तर तक के कार्यकर्ताओं तक कई व्यक्तित्वों को आकार दिया है।अमित शाह ने एक्स पर लिखा, विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन’राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’ की शताब्दी वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं। संघ शताब्दी की इस विशाल यात्रा में मां भारती की सेवा, सुरक्षा और संवेदना केलिए अपना सर्वस्व अर्पण कर देने वाले आरएसएस के सभी साधकों को नमन करता हूं।सभी सुख-वैभव को त्यागकर एक स्वयंसेवक और प्रचारक केरूप में पूरा जीवन राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित कर देना आसान नहीं है। 100 वर्षों में संघ के असंख्य स्वयंसेवकों और प्रचारकों ने त्याग और समर्पण सेइसे सिद्ध कर दिखाया है। परम पूज्य हेडगेवार जी के नेतृत्व में वर्ष 1925 में नागपुर में विजयादशमी के दिन कुछ लोगों के साथ शुरू हुआ संघ आजव्यक्ति से लेकर राष्ट्र के प्रति समर्पण और संगठन कौशल के दम पर दुनिया का सबसे बड़ा सामाजिक संगठन बन गया है। मुझे गर्व है कि मैं भी एकस्वयंसेवक हूं।इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखीउन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च पदों पर आसीन नेताओं से लेकर जमीनी कार्यकर्ताओं तक, संघ शताब्दी की ऐतिहासिक यात्रा ने अनेक ऐसे व्यक्तित्वगढ़े हैं, जिनके जीवन का लक्ष्य ही राष्ट्रनिर्माण रहा। हैदराबाद मुक्ति संग्राम हो, आपातकाल का प्रतिकार हो, गोवा मुक्ति आन्दोलन हो, युद्धों में वीरजवानों की सहायता हो, धारा 370 का विरोध हो, पूर्वोत्तर में घुसपैठिया विरोधी आंदोलन हो, स्वयंसेवकों ने राष्ट्रनिर्माण के कार्यों को त्याग औरसमर्पण से नई ऊंचाई दी है। मरुभूमि हो या बीहड़ जंगल, हिमालय की दुर्गम चोटियां हों या सुदूर देहात, संघ ने हर जगह ‘महामंगले पुण्यभूमे’ के प्रतिनिष्ठा और सेवा का ध्वज लहराया। वनवासियों, पिछड़ों, दलितों, वंचितों और देश के सभी वर्गों को एकता के सूत्र में पिरोकर, आत्मगौरव से युक्त राष्ट्रकी संकल्पना में अहर्निश योगदान देने वाली संघ शताब्दी की यह यात्रा इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखी जाएगी। प्रेरणा देकर राष्ट्रनिर्माण में अद्वितीय योगदानभारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने गुरुवार को कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने युवाओं को जीवन का हर क्षणमातृभूमि की सेवा के लिए समर्पित करने की प्रेरणा देकर राष्ट्रनिर्माण में अनूठा योगदान दिया है।जेपी नड्डा ने एक्स पर लिखा कि सेवा, अनुशासन औरराष्ट्रीय विचारों के प्रबल संवाहक, विश्व के सबसे बड़े सामाजिक व सांस्कृतिक संगठन ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’ के शताब्दी वर्ष की कोटि: स्वयंसेवकोंको हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं। व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण के इस संकल्प को लेकर 100 साल तक मां भारती की सेवा का लक्ष्यलेकर असंख्य स्वयंसेवकों ने मातृभूमि के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित किया है। नड्डा ने आगे कहा, समाज में राष्ट्रीय विचारों का प्रसार करसमर्थ व अखण्ड भारत निर्माण के दिव्य ध्येय के साथ लोगों को जोड़ता यह संगठन असंख्य नागरिकों के लिए प्रेरणा का केंद्र है। विगत 100 वर्षों सेमातृभूमि की सेवा और स्वाभिमान के लिए युवाओं को अपने कण-कण व क्षण-क्षण के समर्पण की प्रेरणा देकर राष्ट्रनिर्माण में अद्वितीय योगदानप्रणम्य है।

14 साल बाद भारत लौटेंगे लियोनल मेसी, कोलकाता से शुरू होगी यात्रा देश भर में फैंस के लिए फुटबॉल महोत्सव

अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर लियोनल मेसी ने गुरुवार को भारत दौरे की पुष्टि कर दी है। उन्होंने इसके लिए उत्सुकता जताई है और कहा है कि एक ऐसेदेश में खेलना जहां फुटबॉल को लेकर काफी जुनून है, ये उनके लिए सम्मान की बात है। मेसी 14 साल पहले भारत दौरे पर आए थे और उस दौरानउन्होंने एक दोस्ताना मुकाबले में हिस्सा लिया था। मेसी ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा, ‘इस दौरे पर आना मेरे लिए सम्मान की बात है। भारतएक विशेष देश है और 14 साल पहले वहां की मेरी अच्छी यादें हैं। भारत एक जुनूनी फुटबॉल राष्ट्र है और मैं नई पीढ़ी के फैंस से मिलने के लिएउत्साहित हूं।’ आयोजकों ने 15 अगस्त को ही मेसी के कार्यक्रम की घोषणा कर दी थी, लेकिन इस स्टार फुटबॉलर ने पहली बार इस दौरे की पुष्टि कीहै। मेसी अपनी चार शहरों की यात्रा की शुरुआत 13 दिसंबर को कोलकाता से करेंगे, जिसके बाद वह अहमदाबाद, मुंबई और नई दिल्ली जाएंगे। इसयात्रा का समापन 15 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के साथ होगा। अर्जेंटीना का यह सुपरस्टार इस दौरे के दौरान कई कार्यक्रमों मेंशिरकत करेगा। इनमें कॉन्सर्ट, मुलाकात का सत्र, फूड फेस्टिवल, फुटबॉल मास्टरक्लास और यहां तक कि मुंबई के ब्रेबॉर्न स्टेडियम में एक पैडलप्रदर्शनी भी शामिल है। जीओएटी कप में भी शामिल होंगे और कई सितारों से मुलाकातकोलकाता में मेसी का कार्यक्रम सॉल्ट लेक स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। यह स्टेडियम दूसरी बार इस दिग्गज की मेजबानी करेगा। जहां वह13 दिसंबर को जीओएटी कॉन्सर्ट और जीओएटी कप का हिस्सा बनेंगे। मेसी के जीओएटी कप में सौरव गांगुली, बाईचुंग भूटिया और लिएंडर पेसजैसे भारतीय खेल नायकों के साथ मैदान साझा करने की उम्मीद है।आयोजक दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान एक 25 फुट ऊंचा भित्ति चित्र का अनावरणकरने की भी योजना बना रहे हैं। इसके साथ ही मेसी की अब तक की सबसे बड़ी मूर्ति का उद्घाटन भी किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के लिए टिकटों कीकीमत 3,500 रुपये से शुरू होने की उम्मीद है। मेसी ने इससे पहले 2011 में सॉल्ट लेक स्टेडियम में वेनेजुएला के खिलाफ फीफा के मैत्री मैच मेंअर्जेंटीना की कप्तानी की थी। इस दौरे के प्रमोटर शतद्रु दत्ता ने बताया कि इस दौरान भारतीय और अर्जेंटीना की संस्कृति का मिश्रण पेश कियाजायेगा। मेसी मुंबई में पैडल जीओएटी कप में भी शामिल होंगे और कई सितारों से मुलाकात करेंगे। आयोजनों में से एक होने की उम्मीदइसमें शाहरुख खान, सचिन तेंदुलकर, महेंद्र सिंह धोनी और अन्य बॉलीवुड सितारे शामिल हो सकते हैं। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व होने कीउम्मीद है, जिसमें मेसी की टीम और स्थानीय अधिकारी दोनों शामिल होंगे। मेसी अपने दिसंबर के कार्यक्रमों की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन अर्जेंटीना कीराष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने नवंबर के फीफा अंतरराष्ट्रीय विंडो के लिए अपने कार्यक्रम में भारत को शामिल किया है।कोच लियोनेल स्कालोनी की यह विश्वचैंपियन टीम 10 से 18 नवंबर के बीच केरल में एक मैत्री मैच खेलने वाली है। इसके लिए हालांकि प्रतिद्वंद्वी और स्थान अभी तय नहीं किए गए हैं।टीम का यह दौरा अगर हुआ तो इसका मतलब हो सकता है कि मेसी दो महीनों के भीतर दो बार भारत आ सकते हैं। राज्य के एक सूत्र ने कहा, यहमहान फुटबॉल खिलाड़ी अगर एक महीने के अंदर दो बार भारत आता है तो मुझे आश्चर्य होगा। यह भी हो सकता है कि अर्जेंटीना की टीम मेसी के बिनाकेरल में खेलने आए।ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता और 2022 फीफा विश्व कप विजेता कप्तान मेसी दुनिया भर में सबसे ज्यादा लोकप्रियता वालेफुटबॉल खिलाड़ी है। उनका दिसंबर का दौरा भारत में आयोजित होने वाले सबसे बड़े फुटबॉल-संबंधित आयोजनों में से एक होने की उम्मीद है।

आरएसएस के 100 साल संजय सिंह ने उठाए तीखे सवाल दलित, आदिवासी, पिछड़े और महिलाओं की अनुपस्थिति पर जताई चिंता

आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने 100 वर्ष पूरे होने पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक (आरएसएस) से कुछ तीखे, कड़वे और सच्चे सवाल पूछे हैं। उन्होंनेपूछा है कि 100 सालों में 1 भी दलित, पिछड़ा, आदिवासी आरएसएस प्रमुख क्यों नहीं बना? जिन्ना की मुस्लिम लीग के साथ मिलकर तुम्हारेआकाओं ने सरकार क्यों बनाई? आजादी के आंदोलन में क्रांतिकारियों की मुखबिरी क्यों की? संघ के लोगों को अंग्रेजों की सेना में भर्ती क्यों कराया? भारत की आन बान और शान तिरंगे झंडे का विरोध क्यों किया? आरएसएस के मुख्यालय पर 52 साल तक तिरंगा क्यों नहीं फहराया? जो राष्ट्र केनहीं हुए, हम उनके नहीं। संजय सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का नाम सुनकर ऐसा लगता है कि यह पूरे राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करता है, लेकिन 100 वर्षों की यात्रा में मेरे कुछ सवाल हैं, जो तीखे, कड़वे और सच्चे हैं। उन्होंने पूछा कि 100 वर्षों में देश की 85 फीसद आबादी कीआरएसएस में हिस्सेदारी क्यों नहीं हुई? एक भी दलित, आदिवासी या पिछड़े वर्ग का व्यक्ति आरएसएस का प्रमुख क्यों नहीं बना? इतना ही नहीं, आज तक कोई महिला भी इस संगठन की प्रमुख नहीं बनी? उन्होंने इसे दकियानूसी और संकुचित सोच वाला संगठन बताया, जो संविधान, आरक्षण, दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों के खिलाफ है। आरएसएस मनुवादी व्यवस्था, जाति भेदभाव और छूत-अछूत की सोच में विश्वास रखता है। यहसंगठन बाबा साहब डॉ. बीआर अंबेडकर और उनके बनाए संविधान के खिलाफ है। देशवासियों को ऐसे संगठनों से सावधान रहना चाहिए। आरएसएस के योगदान पर भी सवाल उठाएसंजय सिंह ने भारत की आजादी के आंदोलन में आरएसएस के योगदान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आरएसएस की स्थापना 1925 में हुई।जब देश अंग्रेजों की गुलामी में था, तब आरएसएस ने अंग्रेजों का साथ दिया। देशवासियों को आरएसएस के 100 वर्ष पूरे होने पर उसकी यह सच्चाईजाननी चाहिए। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान आरएसएस ने हिंदुस्तानियों को अंग्रेजों की सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित किया और उनका साथ दिया।इतिहास की जांच करने पर पता चलता है कि आरएसएस ने क्रांतिकारियों की मुखबिरी की, भारत छोड़ो आंदोलन का विरोध किया और तिरंगे झंडे काभी विरोध किया। यह इतिहास का काला सच है, जिसे आरएसएस कभी इंकार नहीं कर सकता। संजय सिंह ने कहा कि 100 वर्ष पूरे होने परप्रधानमंत्री द्वारा टिकट जारी करने या पाठ्यक्रमों में आरएसएस का इतिहास पढ़ाए जाने की बात हो रही है, जहां केवल आरएसएस की तारीफ होगी, लेकिन आजादी के आंदोलन में देश के साथ गद्दारी की सच्चाई छिपाई जाएगी। उन्होंने देश के लोगों को याद दिलाया कि 52 साल तक आरएसएसने अपने मुख्यालय पर तिरंगा नहीं फहराया। यह संगठन भेदभाव में विश्वास रखता है। यही वजह है कि आज तक इसका कोई प्रमुख दलित, पिछड़ा, आदिवासी या महिला नहीं बना

भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, दिल्ली ने नम आँखों से दी विदाई

भारतीय जनसंघ, भारतीय जनता पार्टी एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संस्थापक सदस्य एवं दिल्ली के पूर्व मुख्य कार्यकारी पार्षद प्रोफेसरविजय कुमार मल्होत्रा का अंतिम संस्कार आज लोधी रोड़ श्मशान घाट पर सम्पन्न हुआ।दिल्ली भाजपा की सह प्रभारी डा. अल्का गुर्जर, दिल्ली की मुख्य मंत्री रेखा गुप्ता एवं दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने आज अपने अंतिमसंयुक्त शोक संदेश में कहा – “हमेशा याद आयेगा संगठन के हर कठिन समय में दिया आपका मार्गदर्शन।दिल्ली में जनसंघ एवं भाजपा दोनों के लिए मजबूत राजनीतिक भूमी तैयार करने में अहम भूमिका निभाने वाले प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा का निधनकल मंगलवार 30 सितम्बर की प्रातः इलाज के दौरान एम्स अस्पताल में हुआ था। आज दिल्ली सरकार एवं दिल्ली पुलिस द्वारा दिये गये पूरे राजकीयसम्मान के साथ आज उनका अंतिम संस्कार उनके पुत्र श्री अजय मल्होत्रा ने मुखांगणी देकर सम्पन्न किया और इसी के साथ उनका शरीर पंचतत्व मेंविलीन हो गया। रेखा गुप्ता की उपस्थिती में बिगुल बजालोधी रोड़ श्मशान घाट पर पार्थिव शरीर के पहुंचने पर घोषित राजकीय सम्मान के अंतिम संस्कार की परम्परा अनुसार दिल्ली पुलिस की पलटन नेमुख्य मंत्री रेखा गुप्ता की उपस्थिती में बिगुल बजा कर, पहले बंदूक उल्टी कर फिर हवा में फायर कर दिल्ली के पूर्व मुख्य कार्यकारी पार्षद प्रो. विजयकुमार मल्होत्रा को अंतिम सलामी दी।अंतिम संस्कार से पूर्व आज प्रातः 12 बजे से दोपहर 3 बजे तक कार्यकर्ताओं के दर्शन हेतू प्रो. विजय कुमारमल्होत्रा का पार्थिव शरीर दिल्ली भाजपा के 14 पंत मार्ग स्थित कार्यालय के सभाकक्ष में रखा गया। दिल्ली के अलग अलग कोनों से आये हजारोंकार्यकर्ताओं के साथ ही प्रबुद्ध नागरिकों एवं खेल संस्थाओं के पदाधिकारियों ने आल इंडिया स्पोर्ट्स काउंसिल के भी दो बार अध्यक्ष रहे प्रो. विजयकुमार मल्होत्रा को अंतिम श्रद्धासुमन अर्पित किए। श्मशान घाट पर मुख्य मंत्री के साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा, केन्द्रीय राज्य मंत्री हर्षमल्होत्रा, दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह एवं आशीष सूद, सांसद मनोज तिवारी, रामवीर सिंह बिधूड़ी, श्री कमलजीत सहरावत एवं सुश्रीबाँसुरी स्वराज, विधायक श्री नीरज बसोया, श्री अनिल शर्मा आदि, डी.डी.ए. सदस्य श्री राजीव बब्बर के अलावा अनेक प्रदेश एवं जिला भाजपापदधिकारियों के साथ ही खेल संस्थाओं से जुड़े सरदार तरोचलन सिंह एवं श्री ललित भनोट प्रमुख थे। मंडल स्तर के हजारों कार्यकर्ताओं ने श्रद्धासुमन अर्पित किएपंत मार्ग स्थित भाजपा कार्यालय सभाकक्ष में पार्थिव शरीर रखे जाने के दौरान जिला एवं मंडल स्तर के हजारों कार्यकर्ताओं ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।प्रदेश कार्यालय में श्रद्धासुमन अर्पित करने वालों में प्रमुख थे विश्व हिन्दू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अलोक कुमार एडवोकेट, भाजपा के राष्ट्रीयसंगठन महामंत्री श्री बी.एल. संतोष, सह संगठन महामंत्री श्री शिव प्रकाश राष्ट्रीय संगठक श्री वी. सतीश, संघ परिवार प्रतिनिधि श्री दयानंद जी, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री श्री अरूण सिंह, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र सचदेवा, मुख्य मंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, दिल्ली सरकार के मंत्री श्री प्रवेशसाहिब सिंह, श्री आशीष सूद, सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा एवं श्री रविन्द्र इन्द्रराज, सांसद श्रीमती कमलजीत सहरावत एवं सुश्री बाँसुरी स्वराज, महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह, वरिष्ठ नेता डा. हर्षवर्धन एवं श्री राजवरधन सिंह राठौर, प्रदेश महामंत्री श्री विष्णु मित्तल, उपाध्यक्ष श्री दिनेशप्रताप सिंह एवं श्रीमती योगिता सिंह, मीडिया प्रमुख श्री प्रवीण शंकर कपूर, कार्यालय मंत्री श्री बृजेश राय एवं श्री अमित गुप्ता सहित अनेक मुख्यप्रदेश, मोर्चों, प्रकोष्ठों एवं जिलों के पदाधिकारियों के आलावा विधायक श्री राजकुमार भाटिया, श्री गजेन्द्र यादव एवं श्री हरीश खुराना और अनेकनिगम पार्षद आदि।

Delhi Congress Demands ₹20 Lakh Compensation, Judicial Probe After Youth Drowns in Open Drain Amid Civic Negligence

Delhi Congress demands Rs 20 lakh compensation to the next of kin of 33-year-old Devendra alias Kalu, who drowned in a drain during Tuesday’s rain & Judicial enquiry into the incident Delhi Pradesh Congress Committee president Devender Yadav said that the death of a youth due to drowning in rain water in the Mehrauli area of South Delhi was a heart-wrenching incident for which the Delhi BJP Government and the Municipal Corporation of Delhi should be held responsible. He said that the 33-year-old Devendra alias Kalu, who fell into the drain in front of the Dargah Hazrat Khwaja Qutubuddin Bakhtiar Kaki, tried to be rescued by the fire department but they could only retrieve his lifeless body, and the incident happened due to the civic negligence of the Rekha Gupta Government and the MCD. Devender Yadav demanded that a compensation of Rs 20 lakh should be given to the next of kin of the dead youth and a judicial inquiry should be conducted into this tragic incident to fix responsibility. Fulfill BJP’s promise of desilting and cleaning of drainsDevender Yadav said that the Delhi Government headed by CM Rekha Gupta and the Municipal Corporation of Delhi had failed to fulfill BJP’s promise of desilting and cleaning of drains and sewers to prevent waterlogging during rains. He said that it has come to light that a few days ago, the Deputy Chief Minister had visited the area and on whose orders the wiremesh over the drain was removed. He said thtat the BJP government, which claims to be running a campaign of cleaning drains, repairing broken roads and sanitation drive, is only doing photo-ops and empty rhetoric without actually doing any work, and the death of a young man was yet another instance of the incompetent governance model of the BJP Government. Devender Yadav said that the heavy rain on Tuesday’s has once again exposed the poor developmental model of the Rekha Gupta government, as half of Delhi, including Mehrauli, Badarpur Flyover, MB Road, Mundka, Rohini Vishwakarma Road, had been submerged, and the death of a young man by falling into a drain was due to the negligence of the Delhi government and the MCD. He said that on September 17, a 40-year-old man named Arvind died while doing manual scavenging of a sewer, for which the Delhi government has not yet taken any action against those responsible for the tragedy. Supreme Court on manual cleaning of drainsDevender Yadav said that despite raising concerns by the NGT and the Supreme Court on manual cleaning of drains, the Rekha Gupta Government and the Municipal Corporation of Delhi have not done away with this obnoxious practice though the Government has given financial powers to bureaucrats for carrying out development works up to 10 crores.

जेल में पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति पर हमला, परिवार ने बताई साजिश; सुरक्षा बढ़ाने की मांग

पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति पर हुए हमले के बाद उनके परिवार ने बुधवार को उनकी सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। साथ ही परिवार ने हमले कोएक साजिश का हिस्सा बताया है। पूर्व मंत्री पर मंगलवार को लखनऊ जिला जेल में हमला हुआ था, हमले में उनके सिर पर चोट आई थी।अस्पताल से निकलते समय प्रजापति ने बताया कि उन पर एक सजायाफ्ता कैदी विश्वास ने चाकू से हमला किया। उनकी बेटी अंकिता प्रजापति नेकहा कि उनके पिता पिछले आठ वर्षों से एक ऐसे अपराध (सामूहिक दुष्कर्म) के लिए जेल में हैं जो उन्होंने कभी किया ही नहीं। आरोपी (महिला) कामेडिकल नहीं कराया गया और पिता को आजीवन कारावास की सजा सुना दी गई। हमारी बात नहीं सुनी गई। हमने मुख्यमंत्री से मिलने और मददकरने का अनुरोध किया। मेरे पिता निर्दोष हैं। कुछ भी हुआ वह एक साजिशउन्होंने आरोप लगाया कि उनके पिता की जान को खतरा है और जेल में उनकी सुरक्षा बढ़ाई जानी चाहिए। अमेठी से सपा विधायक और गायत्री कीपत्नी महाराजी प्रजापति ने कहा कि जेल में जो कुछ भी हुआ वह एक साजिश थी। उन्होंने कहा कि जब सुई भी अंदर नहीं पहुंच सकती, तो चाकू जेलमें कैसे पहुंच गया? मैं सरकार से अपने पति के साथ न्याय की मांग करती हूं। पुलिस ने बताया कि अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकारमें मंत्री रहे प्रजापति पर एक साथी कैदी ने हमला कर दिया। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि झगड़े के दौरान कैदी ने कथित तौर पर प्रजापतिपर अलमारी की एक स्लाइडिंग हिस्से से प्रहार किया, जिससे उन्हें चोट आई। प्रजापति दुष्कर्म सहित कुछ मामलों में न्यायिक हिरासत मेंप्रजापति अब पूरी तरह से ठीक हो गए हैं। प्रजापति दुष्कर्म सहित कुछ मामलों में न्यायिक हिरासत में हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उन पर हुएकथित हमले की न्यायिक जांच की मांग की है। एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री गायत्री प्रजापतिपर जेल में हुए जानलेवा हमले की निष्पक्ष न्यायिक जांच होनी चाहिए। उत्तर प्रदेश में कहीं भी कोई सुरक्षित नहीं है।लखनऊ जिला जेल में बंद पूर्वमंत्री गायत्री प्रजापति पर मंगलवार की शाम एक बंदी ने हमला कर दिया। बंदी ने लोहे की रॉड से गायत्री प्रजापति का सिर फोड़ दिया। जेल केचिकित्सक ने छह टांके लगाते हुए प्राथमिक उपचार किया। मौके पर जेल अधीक्षक व जेलर समेत अन्य अधिकारी भी पहुंच गए। चोट को देखते हुएपूर्व मंत्री को कड़ी सुरक्षा के बीच ट्रॉमा सेंटर भेजा गया। सामूहिक दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे गायत्री प्रजापति डायबिटीज, बीपी, किडनी, कमर दर्द समेत अन्य बीमारियों से ग्रसित हैं। इसी वजह से उन्हें जेल अस्पताल में रखा गया है। जेल अफसरों के मुताबिक, मंगलवार की शामकरीब साढ़े छह बजे उन्होंने अस्पताल में साफ सफाई करने वाले बंदी विश्वास को पानी देने के लिए बुलाया था।

RSS संस्थापक हेडगेवार को भारत रत्न देने की मांग, जमाल सिद्दीकी ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र”

भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रमुख जमाल सिद्दीकी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर आरएसएस संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार को मरणोपरांत भारतरत्न देने की मांग की है। उन्होंने हेडगेवार को ‘स्वतंत्रता सेनानी’ और ‘राष्ट्र निर्माता’ बताया। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अल्पसंख्यक मोर्चा केराष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संस्थापक केशवबलिराम हेडगेवार को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग की है। इस पत्र में सिद्दीकी ने हेडगेवार को स्वतंत्रता सेनानी और राष्ट्र निर्माता बताया और कहाकि उन्होंने देश की आजादी और राष्ट्र निर्माण में जो योगदान दिया है, उसके लिए उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया जानाचाहिए। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं में देशभक्ति की भावना को भी प्रेरणा मिलेगी। भारत रत्न देना बिलकुल उपयुक्त होगाजमाल सिद्दीकी ने कहा, हेडगेवार जी के योगदानों- जैसे स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भागीदारी, संगठन निर्माण की अद्भुत क्षमता और एक भारत कासपना- को देखते हुए उन्हें भारत रत्न देना बिलकुल उपयुक्त होगा। यह सम्मान न केवल उनके बलिदान को मान्यता देगा, बल्कि देशभर में सेवा कार्यमें लगे स्वयंसेवकों को भी प्रेरित करेगा। केशव बलिराम हेडगेवार का जन्म एक अप्रैल 1889 को नागपुर में हुआ था। उन्होंने 1925 में राष्ट्रीयस्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की स्थापना की थी। यह संगठन इस साल दो अक्तूबर को विजयदशमी के दिन अपने 100 साल पूरे कर रहा है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आरएसएस के इस शताब्दी वर्ष के अवसर पर आज दिल्ली के डॉ. आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित समारोह में मुख्यअतिथि के रूप में शामिल हुए। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने इसकी जानकारी दी है। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने एक विशेष डाक टिकट औरस्मृति सिक्का भी जारी किया, जो आरएसएस के राष्ट्र के प्रति कथित योगदान को दर्शाएगा. 100 साल पहले आरएसएस की स्थापनामन की बात’ कार्यक्रम में देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने आरएसएस और उसके संस्थापक हेडगेवार की ‘अभूतपूर्व और प्रेरणादायक’ यात्रा की सराहना की। पीएम मोदी खुद पहले आरएसएस से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब 100 साल पहले आरएसएस की स्थापना हुई थी, तबभारत गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था। उन्होंने कहा, ‘सदियों की गुलामी ने हमारे आत्म-सम्मान और आत्म-विश्वास को गहरी चोट पहुंचाई थी।दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यता पहचान के संकट से गुजर रही थी। हमारे नागरिक हीन भावना के शिकार हो रहे थे। ऐसे समय में पूज्यनीय हेडगेवार जीने विजयदशमी के शुभ अवसर पर 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की। हेडगेवार जी के निधन के बाद गुरुजी ने इस महान सेवा कार्य कोआगे बढ़ाया।’

हरियाणा भाजपा में नेतृत्व बदलाव की सुगबुगाहट मोहन लाल बड़ौली सबसे आगे, लेकिन दलित कार्ड खेल सकती है पार्टी

हरियाणा कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के बाद भाजपा में बदलाव की आहट शुरू हो गई है। भाजपा के ओबीसी वोट बैंक में सेंध लगाने के मकसद सेकांग्रेस ने अहीरवाल बेल्ट के राव नरेंद्र पर विश्वास जताया है।दो दशक में यह पहली बार है जब कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए किसी दलित नेताके बजाय ओबीसी के नेता को नियुक्त किया गया है। कांग्रेस इसे पार्टी की बदली हुई रणनीति बता रही है। वहीं, भाजपा आने वाले दिनों में इसी कोभुना सकती है। भाजपा में भी अध्यक्ष पद का चुनाव होना है। ऐसे में भाजपा अध्यक्ष पद के लिए पार्टी किसी दलित नेता पर दांव खेल सकती है।भाजपा में अध्यक्ष पद का चुनाव पिछले कई महीनों से लंबित है। बताया जा रहा है कि अगले एक महीने के भीतर प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए चुनावकी घोषणा की जा सकती है। प्रदेश अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए कुल 117 वोटर हैं। मोहन लाल बड़ौली का नाम सूची में सबसे ऊपरइनमें 27 जिला अध्यक्ष और 90 हलका अध्यक्ष शामिल हैं। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष बनने की दौड़ में मोहन लाल बड़ौली का नाम सूची में सबसे ऊपरहै। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व पूर्व सीएम मनोहर लाल के करीबी होने के साथ-साथ संगठन के कार्यक्रमों को सफल बनाना उनका दावा मजबूतकरता है। पिछले दिनों सभी बूथों पर मन की बात कार्यक्रम होने पर केंद्रीय हाईकमान ने उनके नेतृत्व को सराहा भी था। मगर कांग्रेस की बदलीरणनीति और मौजूदा हालात को देखते हुए पार्टी दूसरे विकल्प के साथ भी जा सकती है। जाहिर है कि पार्टी अभी 2029 के विधानसभा चुनाव में जुटगई है। विधानसभा चुनाव में हारी सीटों के साथ पार्टी अपने संगठन को मजबूत करने में जुटी है। अध्यक्ष पद के लिए सबसे मजबूत दावेदार तो मोहनलाल बड़ौली ही हैं। मगर दूसरे विकल्प के तौर पर पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार का दावा भी कमजोर नहीं है। दलित बिरादरी से आने वाले कृष्णलाल पंवार शीर्ष नेतृत्व के साथ हरियाणा नेतृत्व के करीबी हैं। भाजपा एससी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

किसानों को बड़ी राहत, गेहूं की MSP ₹160 बढ़ी, दालों में आत्मनिर्भरता के लिए ₹11,440 करोड़ का मिशन शुरू

केंद्र सरकार ने बुधवार को कई अहम फैसले लिए। इसकी जानकारी देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि गेहूं की एमएसपी₹160 प्रति क्विंटल बढ़ाकर ₹2,585 प्रति क्विंटल कर दिया गया है। वहीं रबी सीजन 2026-27 में सरकार 297 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदका अनुमान लगा रही है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘रबी सीजन की MSP बढ़ाने से कुल 84263 करोड़ रुपए हमारे किसानों भाईयों केमेहनत के इसमें जाएंगे…रबी सीजन 2026-27 के दौरान अनुमानित खरीद 297 लाख मीट्रिक टन होने की संभावना है और प्रस्तावित एमएसपी परकिसानों को भुगतान की जाने वाली राशि 84,263 करोड़ रुपये है। हमारे किसानों को उनकी कड़ी मेहनतकैबिनेट के फैसलों पर प्रेस को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘रबी सीजन के लिए एमएसपी बढ़ाने के फैसले से हमारेकिसानों को उनकी कड़ी मेहनत का लाभ मिलेगा। सीएसीपी की सिफारिशों के आधार पर, छह प्रमुख रबी फसलों, गेहूं, जौ, चना, मसूर, रेपसीड, सरसों और सूरजमुखी के लिए एमएसपी को मंजूरी दी गई है। नीति यह सुनिश्चित करती है कि प्रत्येक फसल के लिए एमएसपी उत्पादन लागत परन्यूनतम 50% का मार्जिन प्रदान करे।’ केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, ‘भारत, दुनिया के सबसे बड़े दाल उत्पादकों और उपभोक्ताओं में से एक है। 2024 के भाजपा घोषणापत्र में दालों के लिए एक मिशन बनाने की बात कही गई थी और हम आत्मनिर्भरता हासिल करने और आयात में कटौती के लिए11,440 करोड़ रुपये का मिशन शुरू कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य बेहतर बीजों के साथ उत्पादकता में सुधार, खेती को 275 लाख हेक्टेयर सेबढ़ाकर 310 लाख हेक्टेयर करना और खेती से लेकर भंडारण तक पूरी मूल्य श्रृंखला को मजबूत करना है। इसका लक्ष्य उपज को 881 किलोग्राम सेबढ़ाकर 1,130 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर करना है, जिससे उत्पादन में बढ़ोतरी और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित होगी