जब वादे अधूरे हों और आवाज़ें अनसुनी, तब सड़कों पर सन्नाटा नहीं, चुप्पी का शोर है शोर निराशा की धरती पर उबलता लद्दाख

लेह के निवासियों ने इससे पहले इस तरह के हालात नहीं देखे थे गत बुधवार को हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद यहां कर्फ्यू दिया गया था हर कोने परनाका है सड़कों पर सन्नाटा और कंटीले तार लगे हैं। बीच-बीच में एंबुलेंस का सायरन गूंज रहा था. अच्छी बात यह थी कि इंटरनेट सेवा बहाल कर दीगई है युवा सोशल मीडिया पर सक्रिय रहे हर जुबां पर हिंसक प्रदर्शन का ही जिक्र था।कर्फ्यू की वजह से लोगों को अस्पताल तक पहुंचने में बेहददिक्कत हुई जगह-जगह पुलिस और सीआरपीएफ तैनात थी सड़क पर निकलने वालों को रोक-रोककर सख्ती से पूछताछ की जा रही थी केवलआवश्यक सेवाओं को कर्फ्यू से मुक्त रखा गया था। सड़कों पर गाड़ियां बेहद कम निकलीं वे भी पुलिस की पूछताछ से जगह-जगह रुककर ही आगेबढ़ पा रहे थे घरों में भी लोगों के बीच चर्चा लद्दाख के मुद्दों पर ही केंद्रित रही. व्यक्त की और वहां हुए जानी नुकसान को लेकर अफसोसऑल इंडिया लद्दाख स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष स्टेंजिन का कहना है कि जम्मू से भी बहुत से युवाओं के कॉल उनके पास आए वे लद्दाख केवास्तविक हालात जानना चाहते थे लद्दाख में जो प्रदर्शन हुआ उसकी जड़ में सबसे बड़ा मसला रोजगार था. युवा वर्तमान स्थिति से बेहद निराश थे औरउन्हें इस निराशा से निकलने का कोई ठोस रास्ता नजर नहीं आ रहा था. युवाओं के बीच सोशल मीडिया पर भी प्रदर्शन को लेकर ही बहस चलती रहीउन्होंने कुछ लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद पर निशाना साध रहे थे तो कुछ लद्दाख प्रशासन पर अलबत्ता, केंद्रीय गृह मंत्रालय से बैठक पर भीउनकी निगाहें लगी हैं मारे गए युवाओं के प्रति भी उनकी सहानुभूति खुलकर नजर आई. मीरवाइज मौलवी उमर फारूक ने लेह में हिंसक हालातों कोलेकर चिंता व्यक्त की और वहां हुए जानी नुकसान को लेकर अफसोस जाहिर किया इसके अलावा उन्होंने एक बार फिर उन्हें प्रशासन द्वारा घर परनजरबंद रखने का दावा किया. प्रमुख धार्मिक संगठनों के प्रमुख भाग लेने वालेमीरवाइज में एक्स पर किये गए एक पोस्ट में लिखा, लद्दाख में विरोध प्रदर्शनों में हुई बहुमूल्य मानव जानों की हानि से अत्यंत दुखी हूं. जम्मू-कश्मीरराज्य के विखंडन और निम्नीकरण के एकतरफा निर्णय तथा उसके बाद वहां के लोगों से किए गए अधूरे वादों के परिणाम स्वरूप ये दुर्भाग्यपूर्णपरिणाम सामने आ रहे हैं आशा है कि लद्दाख के लोगों से किए गए वादे पूरे होंगे और जानें बचेंगी. वहीं एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, आज मुझेफिर से कड़ी नजरबंदी में रखा गया है और मेरे घर की ओर जाने वाली गलियों में कंटीले तारों से बैरिकेडिंग कर दी गई है मुत्तहिदा मजलिस-ए-उलेमा(एमएमयू) की एक बैठक जिसमें प्रमुख धार्मिक संगठनों के प्रमुख भाग लेने वाले थे आज मेरे आवास पर होनी थी
रोहिणी के रुख से राजद में हलचल, क्या परिवार में ही उठने लगी ‘फ्रंट सीट’ की जंग “जानें क्या कुछ कहा”

पिछले कुछ दिनों से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य के सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सियासी गलियारेमें कई बातें चल रही है अब तक केवल इस मामले में पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने प्रतिक्रिया दी थी अब राजद के सांसद, तेजस्वी यादव के करीबीसंजय यादव रोहिणी आचार्य के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने साफ कहा कि रोहिणी दीदी ने जो कहा, उसका संदर्भ हम सब भली-भांति समझतेहैं। पार्टी पूरी तरह से एकजुट है, और किसी प्रकार का कोई भ्रम या मतभेद नहीं है राजद में किसी तरह की गलतफहमी नहीं है. संजय यादव ने रोहिणीदीदी ने जो त्याग और बलिदान दिया है, उसे भाजपा और टोलर्स कभी नहीं समझ सकते हैं उन्होंने जितना महान बलिदान दिया, उसे भी भाजपा केलोग नहीं समझ पाए हैं जो लोग भ्रम फैलना चाहते हैं, उन्हें कोई फायदा नहीं होने वाला है. तीन-तीन बार प्रभारी बदल रहेपार्टी और लालू परिवार पूरी तरह से एकजुट है सबका एक ही लक्ष्य है कि भाजपा को हराना और इस सरकार को उखाड़ फेंकना जल्दी ही जनताभाजपा और उनके सहयोगियों को जवाब दे दी. संजय यादव ने कहा कि संजय यादव एक समर्पित कार्यकर्ता हैं, जिन्हें पार्टी अध्यक्ष द्वारा एकजिम्मेदारी सौंपी गई है, जैसे कई और कार्यकर्ताओं को दी गई है भाजपा चाहती है कि भ्रम फैले, लेकिन बिहार लोकतंत्र की जननी है बिहार ने हमेशालोकतंत्र को मजबूती दी है, और यह कभी नहीं सहेगा कि लोकतंत्र को चुनाव आयोग के जरिये कुचला जाए संजय यादव ने भाजपा पर सीधा हमलाकरते हुए कहा कि भाजपा को सबसे ज्यादा डर बिहार से है, क्योंकि यह एकमात्र राज्य है जहां उन्हें आज तक मुख्यमंत्री नहीं मिला इसीलिए वह तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं कभी दस-दस हजार रुपये बांट रहे हैं, कभी तीन-तीन बार प्रभारी बदल रहे हैं इससे साफ है कि उन्हें बिहार को लेकरकितनी चिंता है. रोहिणी की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल18 सितंबर को रोहिणी आचार्य ने कहा था कि वह लालू-तेजस्वी की जगह लेने की कोशिश करने वालों को देखना पसंद नहीं करती हैं उन्होंने सोशलमीडिया पर आलोक कुमार के पोस्ट को शेयर किया था इसके बाद संजय यादव के खिलाफ लोगों ने जमकर प्रतिक्रिया दी है रोहिणी आचार्य ने जोशेयर किया है, उसमें लिखा है कि फ्रंट सीट सदैव शीर्ष के नेता-नेतृत्वकर्त्ता के लिए चिन्हित होती है और उनकी अनुपस्थिति में भी किसी को उस सीटपर नहीं बैठना चाहिए वैसे अगर “कोई” अपने आप को शीर्ष नेतृत्व से भी ऊपर समझ रहा है, तो अलग बात है 19 सितंबर को रोहिणी आचार्य नेअपने पिता लालू प्रसाद यादव को जीवनदान देने वाला फोटो-वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि जो जान हथेली पर रखते हुए बड़ी से बड़ी कुर्बानी देनेका जज्बा रखते हैं, बेखौफी-बेबाकी-खुद्दारी तो उनके लहू में बहती है..” इधर, इस पोस्ट के कुछ ही घंटे बाद रोहिणी ने एक और पोस्ट किया उसमेंउन्होंने लिखा कि मैंने एक बेटी व बहन के तौर पर अपना कर्त्तव्य एवं धर्म निभाया है और आगे भी निभाती रहूंगी। मुझे किसी पद की लालसा नहीं है, नमेरी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा है। मेरे लिए मेरा आत्म-सम्मान सर्वोपरि है रोहिणी की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुए.
व्हाइट हाउस में ट्रंप-शहबाज की मुलाकात: अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों में नई गर्माहट, मोदी से दूरी के बीच निर्णायक कदम

अमेरिकी के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ वार्ता की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जबअमेरिका ने हाल ही इस दक्षिण एशियाई देश के साथ संबंधों में गर्मजोशी के संकेत दिए हैं शरीफ उन आठ अरब और इस्लामी देशों के शीर्ष नेताओं मेंशामिल थे, जिन्होंने इस हफ्ते संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर ट्रंप से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान गाजा में जारी इस्राइल-हमास युद्ध को खत्मकरने की रणनीति पर चर्चा हुई मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मुलाकात से पहले ट्रंप ने शरीफ और और मुनीर को इंतजार करायापाकिस्तान और अमेरिका के संबंधों में यह सुधार उस समय आया है, जब ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंधों में खटास आई है ट्रंप के पहलेकार्यकाल में मोदी उनके सबसे करीबी वैश्विक नेताओं में से एक थे। लेकिन फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद भारत ने रियायती दरोंपर रूसी तेल की खरीद बढ़ा दी, जिससे संबंधों में तनाव आया। रूसी अर्थव्यवस्था पर दबाव बनाने के लिए ट्रंप ने तेल खरीदने को लेकर भारत परभारी टैरिफ लगाए हैं. पीएम मोदी ने इसके विपरीत ट्रंप को श्रेय देने से इनकार कर दियाइस बीच, अमेरिका और पाकिस्तान ने जुलाई में एक व्यापार समझौता किया, जिससे वॉशिंगटन पाकिस्तान के कथित तेल भंडारों से तेल निकालपाएगा इससे तेल भंडारों के विकास में मदद मिलेगी और इस्लामाबाद के लिए टैरिफ में भी कटौती की जाएगी. शरीफ गुरुवार को शाम करीब 5 बजेव्हाइट हाउस पहुंचे, उस समय ट्रंप कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर कर रहे थे और मीडिया से बात कर रहे थे दोनों नेताओं के बीच हुई मुलाकात मीडियाके लिए बंद थी पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल शाम 6.18 बजे व्हाइट हाउस से रवाना हुआ. शरीफ ने इस साल पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव कमकरने के लिए ट्रंप प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए समर्थन दिया था, जिससे ट्रंप की नजरों में उनकी छविऔर मजबूत हुई है मई में भारत और पाकिस्तान के बीच एक युद्धविराम समझौता हुआ था, जिसने परमाणु हथियारों से लैस इन दो देशों के बीचदशकों में सबसे गंभीर सैन्य टकराव को रोक दिया था शहबाज शरीफ ने युद्धविराम समझौते में अमेरिका के शामिल होने की बात स्वीकार की लेकिनपीएम मोदी ने इसके विपरीत ट्रंप को श्रेय देने से इनकार कर दिया. मुलाकात ऐसे समय पर हुईट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शरीफ और फील्ड मार्शल से मुलाकात से पहले ओवल ऑफिस में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, वो आ रहे हैं, और हो सकता है कि वो अभी इसी कमरे में हों मुझे नहीं पता, क्योंकि हम लेट हो गए हैं। ट्रंप ने आगे कहा, हमारे पास एक महान नेता आ रहे हैं – पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और फील्ड मार्शल फील्ड मार्शल एक बेहतरीन इंसान हैं और प्रधानमंत्री भी दोनों बहुत अच्छे हैं,और वो आ रहे हैं- हो सकताहै कि इस वक्त यहीं हो. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर सेमुलाकात की, जिससे दोनों देशों के बीच संबंधों में गर्माहट आई है यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई है जब ट्रंप और पीएम नरेंद्र मोदी के संबंधों में दूरीआई है, खासकर रूस से तेल खरीद को लेकर.
अमित शाह ने कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल का उद्घाटन किया, मांगी ‘सोनार बांग्ला’ की कामना 2026 के बाद नई सरकार की

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कोलकाता के मशहूर संतोष मित्रा स्क्वायर दुर्गा पूजा पंडाल का उद्घाटन किया इस मौके पर उन्होंने बंगालऔर देशवासियों को दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं दीं और कहा कि नौ दिनों तक चलने वाला शक्ति की उपासना का यह पर्व आज पूरी दुनिया मेंलोकप्रिय हो गया है साथ ही उन्होंने इस दौरान मां दुर्गा से प्रार्थना की कि 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद बंगाल में ऐसी सरकार बने, जो राज्यको फिर से ‘सोनार बांग्ला’ (स्वर्णिम बंगाल) बना सके. गृह मंत्री ने कहा कि नवरात्रि और दुर्गा पूजा अब सिर्फ बंगाल और भारत तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसे पूरी दुनिया में सराहा जा रहा है उन्होंने कहा कि बंगाल की ये महान परंपरा अब वैश्विक पहचान बन चुकी है पूरे नौ दिन राज्य में शक्ति कीउपासना होती है उन्होंने कामना की कि यह पर्व बंगाल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाए और राज्य के विकास के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के‘विकसित भारत’ के सपने को साकार किया जा सके. ईश्वरचंद्र विद्यासागर को उनकी जयंती पर यादइस दौरान शाह ने दुर्गा पूजा की शुरुआत में हुई भारी बारिश और हादसों पर भी दुख जताया उन्होंने कहा, “त्योहार की शुरुआत एक दुखद घटना सेहुई, जहां 10 से ज्यादा लोगों की जान चली गई। मैं उन सभी को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं गौरतलब है कि 23 सितंबर को कोलकाता और आसपासके इलाकों में मूसलधार बारिश से कम से कम 11 लोगों की मौत हुई थी. इसके सात ही इस मौके पर शाह ने महान समाज सुधारक और शिक्षाविदईश्वरचंद्र विद्यासागर को उनकी जयंती पर याद किया. सरकार बने जो राज्य को फिर से ‘सोनार बांग्ला’ बनाएउन्होंने कहा कि विद्यासागर जी ने बंगाल ही नहीं, पूरे भारत में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा योगदान दिया, खासकर महिलाओं की शिक्षा के लिए उन्होंनेअपना जीवन बंगाली भाषा और संस्कृति के लिए समर्पित किया इसके साथ ही अमित शाह ने सॉल्ट लेक स्थित ईस्टर्न जोनल कल्चरल सेंटर(ईजेडसीसी) में भाजपा समर्थित पश्चिम बंगा संस्कृति मंच के दुर्गा पूजा पंडाल का भी उद्घाटन किया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता केसंतोष मित्रा स्क्वायर दुर्गा पूजा पंडाल का उद्घाटन करते हुए बंगाल और देशवासियों को शुभकामनाएं दीं उन्होंने मां दुर्गा से प्रार्थना की कि 2026 केचुनावों के बाद बंगाल में ऐसी सरकार बने जो राज्य को फिर से ‘सोनार बांग्ला’ बनाए.
उप मुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन का बयान द्रमुक की शिक्षा और छात्र कल्याण योजनाओं को कोई भी बदलने की हिम्मत नहीं करेगा

प्रसिद्ध द्रविड़ नेता सी.एन. अन्नादुरई के शब्दों का जिक्र करते हुए उप मुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि अगर भविष्य में विपक्ष दल शिक्षा औरछात्रों के कल्याण को लेकर चल रही द्रमुक सरकार की योजनाओं को बदलने की सोचेंगे भी तो वह ऐसा करने से डरेंगे, क्योंकि उन योजनाओं से लाभपाने वाले लोग इसका विरोध करेंगे और उन्हें इसका सामना करना पड़ेगा. अन्नादुरई 1967 से 1969 के बीच मुख्यमंत्री थे उदयनिधि ने गुरुवार कोएक कार्यक्रम में उनकी उपलब्धियों की सूची दी इनमें राज्य का नाम मद्रास से बदलकर तमिलनाडु रखना, तमिल और अंग्रेजी की दो-भाषा नीति कोअपनाना, स्वाभिमान विवाहों को भी कानूनी मान्यता देने का भी जिक्र किया था। स्वाभिमान विवाह में बिना पंडित या धार्मिक रीति-रिवाजों के विवाहहोता है. करुणानिधि स्टालिन मुख्यमंत्री रहेंगेउदयनिधि ने कहा, अन्ना ने कहा था कि अगर उनके जो उत्तराधिकारी सत्ता संभालेंगे, उन तीन योजनाओं को खत्म करने की सोचेंगे तो उनके दिल में डररहेगा वह इस बात से डरेंगे कि लोग उनके खिलाफ क्या करेंगे और जब तक विरोधियों के मन में यह डर रहेगा, तब तक अन्ना मुख्यमंत्री रहेंगे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वह इसे आज के समय के हिसाब से बदलना चाहते हैं. उन्होंने कहा, हमारे मुख्यमंत्री और हमारी द्रविड़ मॉडल सरकार ने स्कूल केबच्चों के लिए नाश्ता योजना, पुडुमई पेन, तमिल पुधलवान और नान मुडलवान जैसी योजनाएं दी हैं भविष्य में अगर कोई विरोधी इन योजनाओं कोबदलने की सोच भी रखेगा तो उसके दिल में डर होगा वह चिंतित होगा क्योंकि इसके लाभार्थी और समर्थक इसका विरोध करेंगे जब तक ऐसा डररहेगा, मुथुवेल करुणानिधि स्टालिन मुख्यमंत्री रहेंगे. उन्होंने राज्य को नई पहचान दीउन्होंने बताया कि तमिलनाडु भारत का पहला राज्य है, जिसने 1920 में स्कूल के बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन योजना शुरू की थी यह ऐतिहासिकउपलब्धि न्याय पार्टी ने सौ साल पहले शुरू की थी तमिल पुधलवान और पुडुमई पेन योजनाओं के तहत कॉलेज जाने वाले लड़के और लड़कियों कोहर महीने एक हजार रुपये की मदद मिलती है नान मुडलवान रोजगार केंद्रित कौशल विकास योजना है, जिसमें छात्रवृत्तियां भी शामिल हैं। नाश्तायोजना सरकारी और राज्य समर्थित स्कूलों के बच्चों को भोजन प्रदान करती है. उप मुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि द्रमुक सरकार की शिक्षाऔर छात्र कल्याण योजनाएं इतनी लोकप्रिय हैं कि भविष्य में कोई भी विरोधी दल इन्हें बदलने की हिम्मत नहीं करेगा, क्योंकि जनता इसका विरोधकरेगी उन्होंने सी. एन. अन्नादुरई की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि जैसे उन्होंने राज्य को नई पहचान दी, वैसे ही मौजूदा योजनाएं भीबदलाव का प्रतीक हैं.
आंध्र प्रदेश विधानसभा में हंगामा टीडीपी के बालकृष्ण ने पूर्व सीएम जगन को ‘साइको’ कहा, YSRCP ने कड़ा विरोध जताया

आंध्र प्रदेश विधानसभा में उस समय भारी हंगामा शुरू हो गया जब तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के विधायक और मशहूर अभिनेता नंदमुरी बालकृष्ण नेपूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी को लेकर विवादित टिप्पणी की इसके बाद वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के विधायकों ने भी इसपरतीखी प्रतिक्रिया दी और पार्टी ने अभिनेता बालकृष्ण के बयान को गैरजिम्मेदाराना और असभ्य बताया. बता दें कि ये विवाद तब शुरू हुआ जब टीडीपीविधायक बालकृष्ण ने पूर्व सीएम जगन मोहन रेड्डी को ‘साइको’ (मनरोगी) कहा बता दें कि यह विवाद तब शुरू हुआ जब भाजपा विधायक कमिनेनीश्रीनिवास ने पिछली YSRCP सरकार पर तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री की अनदेखी करने का आरोप लगाया उन्होंने कहा कि कई फिल्मी हस्तियों ने उससमय के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी से मिलने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया. बाद में जब अभिनेता चिरंजीवी ने हस्तक्षेपकिया, तब जाकर बैठक संभव हो पाई इस दौरान बालकृष्ण ने श्रीनिवास की बात को काटते हुए जगन को साइको कह दिया बस फिर क्या था, YSRCP विधायकों ने विरोध करना शुरू कर दिया. राजनीतिक फायदे के लिए इंसानियत और शिष्टाचार को भुला देनापूर्व सीएम पर टिप्पणी करने के बाद पूर्व मंत्री पर्नी वेंकट रमैया (नानी) ने बालकृष्ण को आड़े हाथों लिया उन्होंने कहा कि जगन ने हमेशा बालकृष्ण कासाथ दिया है उन्होंने बताया कि ‘अखंडा’ फिल्म की रिलीज से पहले बालकृष्ण खुद जगन से मिलने गए थे और जगन ने न सिर्फ मुलाकात की, बल्किअधिकारियों को हर संभव मदद देने का निर्देश भी दिया. इसके अलावा, जब बालकृष्ण के घर पर गोलीबारी की घटना हुई थी, तब भी जगन ने चिंताजताई थी और सहयोग दिया था साथ ही, बालकृष्ण से जुड़े बसवतारकम ट्रस्ट के बकाया बिल्स भी समय पर क्लियर किए गए थे नानी ने सवालउठाया कि क्या राजनीतिक फायदे के लिए इंसानियत और शिष्टाचार को भुला देना चाहिए? बालकृष्ण की ‘वीरा सिम्हा रेड्डी’ भी शामिलवहीं YSRCP नेताओं अंबाती रामबाबू और मारगनी भारत ने इसे लेकर टीडीपी, जनसेना, चंद्रबाबू नायडू, नारा लोकेश, पवन कल्याण और बालकृष्णपर हमला बोला उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने जनता को झूठी कहानियों” से गुमराह किया है मारगनी भारत ने कहा कि सच्चाई सामने आ गई है जगनने हमेशा फिल्म इंडस्ट्री का साथ दिया अब यह मौका परस्त राजनीति बंद होनी चाहिए. वहीं घटना के बाद विधानसभा मची हलचल को देखते हुएअभिनेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री चिरंजीवी ने एक बयान जारी कर स्थिति साफ करने की कोशिश की उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद फिल्म इंडस्ट्री कीसमस्याओं को लेकर मंत्री पर्नी नानी के माध्यम से जगन से मुलाकात की थी चिरंजीवी के अनुसार, जगन ने उनकी बात ध्यान से सुनी और सकारात्मकप्रतिक्रिया दी इसके बाद सरकार ने टिकट प्राइसिंग की नीति में बदलाव किया, जिससे पूरी फिल्म इंडस्ट्री को फायदा हुआ, इसमें चिरंजीवी की फिल्म’वाल्टेयर वीरेय्या’ और बालकृष्ण की ‘वीरा सिम्हा रेड्डी’ भी शामिल थीं.
लेह हिंसा के बाद लद्दाख में तनाव, जयराम रमेश और अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

लेह में 24 सितंबर को हुई हिंसा के बाद लद्दाख में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं राज्य के लोग केंद्र शासित प्रदेश को छठी अनुसूची में शामिल करनेऔर राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं इसी बीच कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश और आप पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंदकेजरीवाल ने भी केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला है. जयराम रमेश ने कहा कि लद्दाख के लोगों की पीड़ा और गुस्सा सरकार की अंतरात्मा कोझकझोरना चाहिए उन्होंने आरोप लगाया कि लद्दाख के लोगों की जमीन और रोजगार के अधिकार खतरे में हैं स्थानीय प्रशासन का पूरा नियंत्रणउपराज्यपाल और नौकरशाही के हाथों में है उन्होंने कहा, ‘छह साल पहले जब लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था, तब लोगों की बड़ीउम्मीदें थीं लेकिन आज निराशा और असंतोष है चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर एकतरफा बदलाव किए हैं और प्रधानमंत्री ने 19 जून2020 को चीन को क्लीन चिट दी थी, जिससे स्थिति और अस्थिर हुई है. भाजपा बार–बार वादे करने के बावजूद उनका हक नहीं दे रहीउन्होंने यह भी कहा कि लद्दाख सांस्कृतिक, आर्थिक, पारिस्थितिक और रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम है और यहां के लोग हमेशा से गर्वित भारतीय रहेहैं सरकार को सिर्फ बैठकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनकी मांगें पूरी तरह और जल्द से जल्द पूरी करनी चाहिए. वहीं आम आदमी पार्टीके राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सत्ता के नशे में चूर भाजपा सरकार जनता की आवाज को दबा रही हैऔर लोकतंत्र की बुनियाद को कमजोर कर रही है लद्दाख के लोग किसी विशेषाधिकार की नहीं बल्कि सिर्फ अपने संवैधानिक अधिकार- वोट देने औरअपनी सरकार चुनने की मांग कर रहे हैं, लेकिन भाजपा बार-बार वादे करने के बावजूद उनका हक नहीं दे रही. सरकार सत्ता के नशे में चूरकेजरीवाल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि भारत ने अंग्रेजों से आजादी इसलिए नहीं ली थी कि जनता अंग्रेजों की जगह भाजपा की गुलाम बन जाएभगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद जैसे क्रांतिकारियों ने लोकतंत्र के लिए बलिदान दिया था, लेकिन आज भाजपा राज्यों को केंद्र शासित प्रदेश बनाकरजनता से उनके अधिकार छीन रही है अगर आज लद्दाख की आवाज को अनसुना किया गया, तो कल यह पूरे देश की आवाज बन जाएगी.इधर, लेह में धारा 163 के तहत पाबंदियां जारी हैं पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने, रैली और मार्च पर बैन है। किसी भी कार्यक्रम के लिएपहले से लिखित अनुमति लेना जरूरी है. लद्दाख में तनावपूर्ण हालात के बीच तमाम राजनीतिक दलों की तरफ से केंद्र सरकार पर निशाना साधा गयाहै इसमें कांग्रेस नेता जयराम रमेश और आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सरकार सत्ता के नशे मेंचूर है
केरल में सबरीमाला विवाद पर यूडीएफ का स्पष्ट पक्ष, कांग्रेस ने किया राजनीतिक आरोपों का खंडन

देशभर में इन दिनों केरल में स्थित सबरीमाला मंदिर को लेकर चर्चा तेज है ऐसे में जारी बहस के बीच कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ ने साफ किया है किउनकी किसी भी धार्मिक संगठन या समुदाय से कोई मतभेद नहीं है केरल में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने गुरुवार को कहा कि ‘ग्लोबल अयप्पासंगम’ में हिस्सा न लेने का फैसला एक राजनीतिक निर्णय था, किसी समुदाय के खिलाफ नहीं बता दें कि सतीशन की यह टिप्पणी उस वक्त आईजब दो प्रमुख हिंदू संगठन नायर सर्विस सोसाइटी (एनएसएस) और नारायण धर्म परिपालना (एसएनडीपी) योगम ने सबरीमाला मुद्दे पर सत्तारूढ़एलडीएफ (एलडीएफ) का समर्थन किया. वीडी सतीसन ने कहा कि हमारे और एनएसएस या एसएनडीपी के विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन इसकामतलब टकराव नहीं है हम अपने निर्णय पर कायम हैं, और यह सही था. मामले में सतीशन ने आगे केरल की एलडीएफ सरकार पर आरोप लगाया किउसने सबरीमाला की परंपराओं की रक्षा नहीं की, बल्कि महिलाओं की एंट्री को पुलिस सुरक्षा के साथ लागू करवाकर परंपराओं का उल्लंघन किया. लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने अल्पसंख्यकों को खुश कियाउन्होंने कहा कि हम ही थे जिन्होंने इन परंपराओं की रक्षा की कोशिश की. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर राज्य सरकार सच में भक्तों के साथथी, तो महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ विरोध करने वाले हजारों एनएसएस कार्यकर्ताओं पर दर्ज मामलों को अब तक क्यों नहीं हटाया गया, जैसासरकार ने वादा किया था. इसके सात ही कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर चुनावी मौके पर तुष्टीकरण का आरोप लगाया उन्होंने कहा किलोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने अल्पसंख्यकों को खुश किया, अब राज्य में होने वाले चुनाव से पहले बहुसंख्यकों को खुश करने की कोशिश कर रहेहैं. हिंदू वोटों की अनदेखी करने का आरोप भी लगायासतीशन ने इस बात की भी आलोचना की कि अयप्पा संगम के पोस्टरों में मुख्यमंत्री विजयन और देवस्वम मंत्री वीएन वसावन की तस्वीरें थीं, लेकिनभगवान अयप्पा की नहीं जो उनके अनुसार, इस आयोजन को राजनीतिक रूप से भुनाने की कोशिश थी. इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थिरुवंचूरराधाकृष्णन ने भी कहा कि यूडीएफ और एनएसएस के बीच कोई टकराव नहीं है और दोनों सबरीमाला की परंपराओं की रक्षा के लिए एक ही दिशा मेंकाम कर रहे हैं उन्होंने कहा कि सरकार का रुख ही बदला है, एनएसएस का नहीं गौरतलब है कि मामले में एनएसएस के महासचिव जी सुकुमारन नायरपहले ही कह चुके हैं कि वे अब सरकार पर भरोसा करते हैं, जिसने सबरीमाला की परंपराओं को बनाए रखने का वादा किया है उन्होंने कांग्रेस पर हिंदूवोटों की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राहुल गांधी की याचिका खारिज की, वाराणसी स्पेशल कोर्ट के फैसले को दी मंजूरी

रायबरेली के सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से झटका लगा है स्पेशल कोर्ट वाराणसी के फैसले कोचुनौती देने वाली याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है राहुल गांधी पर मुकदमा दर्ज होगा या नहीं अब स्पेशल कोर्ट इस मामले की सुनवाई केलिए कार्रवाई को आगे बढ़ा सकेगी यह आदेश न्यायमूर्ति समीर जैन की अदालत ने दिया है. यह मामला सितंबर 2024 का है राहुल गांधी ने अमेरिकामें एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर कहा था कि भारत में सिखों के लिए माहौल अच्छा नहीं है, क्या सिख पगड़ी पहन सकते हैं, कड़ा रख सकतेहैं और गुरुद्वारे जा सकते हैं? उनके इस बयान को भड़काऊ और समाज में विभाजनकारी बताते हुए विरोध हुआ था नागेश्वर मिश्रा ने इस बयान के खिलाफ सारनाथ थाने में एफआईआर दर्जवाराणसी निवासी नागेश्वर मिश्रा ने इस बयान के खिलाफ सारनाथ थाने में एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन सफलता न मिलने परउन्होंने अदालत का रुख किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट (द्वितीय) ने 28 नवंबर 2024 को यह कहते हुए वाद खारिज कर दिया कि मामला अमेरिका में दिएगए भाषण से जुड़ा है और यह उनके क्षेत्राधिकार से बाहर है। इसके बाद नागेश्वर मिश्रा ने सत्र न्यायालय में निगरानी याचिका दाखिल की जिसे 21 जुलाई 2025 को विशेष न्यायाधीश (एमपी/एमएलए) की अदालत ने स्वीकार कर लिया. अब इस फैसले के खिलाफ राहुल गांधी ने हाईकोर्ट मेंपुनरीक्षण याचिका दाखिल की है दलील दी गई है कि वाराणसी अदालत का आदेश गलत, अवैध और अधिकार क्षेत्र से बाहर है लिहाजा जब तकयह मामला हाईकोर्ट में लंबित है तब वाराणसी अदालत के आदेश पर रोक लगाई जाए. रायबरेली के सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुलगांधी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से झटका लगा है स्पेशल कोर्ट वाराणसी के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है
दिल्ली में आधुनिक ऑटोमेटेड पजल कार पार्किंग का उद्घाटन, जाम मुक्त राजधानी के लिए बड़ा कदम मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया बड़ा एलान

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बृहस्पतिवार को पंजाबी बाग श्मशान घाट में एमसीडी की ओर से बनाई गई अत्याधुनिक ऑटोमेटेड पजल कार पार्किंग काउद्घाटन किया और भारत दर्शन पार्क में अन्य पार्किंग प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार का लक्ष्य दिल्ली के सभीक्षेत्रों में अत्याधुनिक पार्किंग सुविधाएं विकसित करने का है इसके पीछे आम नागरिकों को राहत दिलाने और दिल्ली को एक आधुनिक व व्यवस्थितराजधानी बनाने की मंशा है हमारी पार्टी की नीति यही है कि हम शिलान्यास करते हैं तो लोकार्पण भी खुद करते हैं यानी जनता को सुविधाएं देने में देरीनहीं करते पिछली सरकार ने विकास कार्यों को ठप कर दिया था लेकिन भाजपा सरकार ने राजधानी के बुनियादी ढांचे को सुधारने की दिशा में ठोसऔर तेज कदम उठाए हैं. दिल्ली को जाम मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदमप्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और सेवाभाव से प्रेरणा लेते हुए दिल्ली विकास की राह पर आगे बढ़ रही है सरकार का पहला वर्ष इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार कोसमर्पित है और आने वाले वर्षों में स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन व स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती परश्मशान घाट के पास इस पार्किंग का लोकार्पण करना केवल विकास का उद्घाटन नहीं बल्कि कृतज्ञता का प्रतीक भी है ये परियोजनाएं न केवलट्रैफिक व्यवस्था को सुधारेंगी बल्कि लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं को हल करने में भी अहम भूमिका निभाएंगी. वहीं, शहरी विकास मंत्री आशीषसूद ने कहा कि यह परियोजना दिल्ली को जाम मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम है. 88 गाड़ियों की क्षमता होगी जिस पर करीब 31.65 करोड़ रुपये खर्च होंगेहमारा लक्ष्य है कि हर क्षेत्र में ऑटोमेटेड पार्किंग सिस्टम विकसित हो ताकि लोग बिना तनाव के वाहन खड़ा कर सकें और ट्रैफिक व्यवस्था भी दुरुस्त होकार्यक्रम में सांसद कमलजीत सहरावत, उपमहापौर जयभगवान यादव, स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा, नेता सदन प्रवेश वाही भी मौजूद रहे. महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह ने कहा कि निगम जनता को सुविधाएं देने के लिए लगातार प्रयासरत है भाजपा की सरकार और निगम ने मिलकरविकास की नई गति दी है ये पार्किंग दिल्ली के नागरिकों के लिए बड़ी राहत साबित होगी इस पार्किंग में 225 वाहनों की सुविधा है जिसे नौ मॉड्यूलमें तैयार किया गया है यहां किसी भी वाहन को सुरक्षित रूप से पार्क और निकालने में औसतन 150 सेकंड का समय लगेगा वहीं भारत दर्शन पार्क मेंबनने वाली पार्किंग में 188 गाड़ियों की क्षमता होगी जिस पर करीब 31.65 करोड़ रुपये खर्च होंगे.