राहुल गांधी ने कोलंबिया में बजाज-हीरो की सराहना की, बोले इनोवेशन से जीत रही हैं भारतीय कंपनियां, न कि भाई-भतीजावाद से

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी इन दिनों दक्षिण अमेरिका के चार देशों के दौरे पर हैं। इस दौरान जब वे कोलंबिया पहुंचेतब वहां उन्होंने भारतीय दोपहिया वाहन कंपनियों बजाज, हीरो और टीवीएस की सराहना की है। उन्होंने कहा कि इन कंपनियों की सफलता दिखाती हैकि भारतीय कंपनियां इनोवेशन (नवाचार) के दम पर जीत सकती हैं, न कि भाई-भतीजावाद से।बता दें कि राहुल गांधी ने कोलंबिया की सड़कों परबजाज पल्सर मोटरसाइकिल के सामने खड़े होकर एक तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। साथ ही लिखा कि बजाज, हीरो औरटीवीएस को कोलंबिया में इतना अच्छा प्रदर्शन करते देखकर गर्व महसूस हो रहा है। यह दर्शाता है कि भारतीय कंपनियां साठगांठ वाले पूंजीवाद सेनहीं, बल्कि नवाचार से सफलता हासिल कर सकती हैं। हमारा देश उस तरह की प्रणाली को स्वीकार नहीं करेगाइससे पहले गुरुवार को अपने कोलंबिया दौरे के दौरान राहुल गांधी ने ईआईए यूनिवर्सिटी में आयोजित एक सेमिनार ‘द फ्यूचर इड टूडे’ को संबोधित भी किया था। जहां उन्होंने लोकतंत्र और उद्योगजगत के बारे में बातचीत की थी। साथ ही दावा किया था कि मौजूदा समय में भारत में ‘लोकतांत्रिक व्यवस्था पर व्यापक हमला’ हो रहा है, लेकिन यह एक ऐसा बड़ा जोखिम है जिससे देश को पार पाना होगा। साथ ही राहुल ने येभी कहा था कि भारत में कुछ गिने-चुने उद्योगपतियों का पूरा अर्थव्यवस्था पर कब्जा होता जा रहा है, जो खतरनाक है।उन्होंने कहा कि भारत एकजटिल लेकिन विविधता भरा देश है। यहां अलग-अलग धर्म, भाषाएं और परंपराएं हैं। यह देश अपने लोगों के बीच एक संवाद है और उस संवाद केलिए लोकतंत्र सबसे जरूरी माध्यम है। राहुल गांधी ने आगे कहा कि भारत की ताकत चीन से अलग है। चीन की तरह भारत में लोगों को दबाकरतानाशाही शासन नहीं चलाया जा सकता। हमारा देश उस तरह की प्रणाली को स्वीकार नहीं करेगा। भारत के लिए खतरा बतायाराहुल गांधी ने भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपराओं और विचारधारा को आज के दौर में भी बेहद उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि भारत की सोचऔर परंपराएं दुनिया को बहुत कुछ दे सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आज भारत के लोकतंत्र पर बड़ा हमला हो रहा है, जो एक गंभीर खतरा है।अगर देश की विविध आवाज़ों को जगह नहीं दी गई, तो हम आगे नहीं बढ़ सकते। दक्षिण अमेरिका दौरे पर पहुंचे राहुल गांधी ने कोलंबिया में बजाज, हीरो और टीवीएस की सफलता की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीयकंपनियां इनोवेशन से दुनिया में नाम कमा रही हैं, न कि भाई-भतीजावाद से।ईआईए यूनिवर्सिटी में उन्होंने चंद उद्योगपतियों के बढ़ते दबदबे को भारत के लिए खतरा बताया।
चोटों को मात देकर मीराबाई चानू ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में जीता रजत, पेरिस ओलंपिक 2028 की ओर बढ़ाया मजबूत कदम

भारत की स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने एक बार फिर विश्व मंच पर देश का परचम लहराया। उन्होंने शुक्रवार को नॉर्वे के फोर्डे में चल रहीभारोत्तोलन विश्व चैंपियनशिप में महिला 48 किग्रा वर्ग में रजत पदक अपने नाम किया। यह मीराबाई का इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में तीसरा पदक है।मीराबाई चानू हालफिलहाल में चोट से काफी जूझती रही हैं। इसी वजह से पिछले कुछ टूर्नामेंट्स में उनका प्रदर्शन कुछ नहीं रहा था, लेकिन विश्वभारोत्तोलन चैंपियनशिप में उन्होंने जलवा बिखेरा। उनका यह प्रदर्शन साबित करता है कि चोटों और संघर्षों के बावजूद वह आज भी विश्व वेटलिफ्टिंगमें भारत की सबसे बड़ी उम्मीद बनी हुई हैं। उनका यह रजत पदक आने वाले पेरिस ओलंपिक 2028 की तैयारियों की दिशा में एक मजबूत कदममाना जा रहा है। चानू का प्रदर्शन स्नैच में उम्मीद के मुताबिक नहीं रहामीराबाई चानू 2017 में विश्व चैंपियन बनी थीं और 2022 में उन्होंने रजत पदक हासिल किया था। इस बार उन्होंने 48 किग्रा वर्ग में उतरकर 199 किग्रा (84 किग्रा स्नैच + 115 किग्रा क्लीन एंड जर्क) का कुल भार उठाया और पोडियम तक पहुंचीं। चानू इससे पहले 49 किग्रा वर्ग में प्रतिस्पर्धाकर रही थीं, लेकिन रणनीतिक बदलाव के चलते उन्होंने 48 किग्रा वर्ग में हिस्सा लिया।चानू का प्रदर्शन स्नैच में उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने87 किग्रा का वजन दो बार उठाने की कोशिश की, लेकिन असफल रहीं। हालांकि, तीसरे प्रयास में 84 किग्रा सफलतापूर्वक उठाया। इसके बादक्लीन एंड जर्क में उन्होंने शानदार वापसी की और तीनों प्रयास सफलतापूर्वक पूरे किए। चानू ने तीन प्रयासों में 109 किग्रा, 112 किग्रा और 115 किग्रा का भार उठाकर सबको प्रभावित किया। पेरिस ओलंपिक 2028 की तैयारियों की दिशामीराबाई ने पिछली बार टोक्यो ओलंपिक (2021) में क्लीन एंड जर्क में 115 किग्रा उठाया था, जहां उन्होंने भारत को ऐतिहासिक रजत पदकदिलाया था। इस बार भी उसी ऊर्जा और आत्मविश्वास के साथ उन्होंने यह वजन आसानी से उठाया।भारतीय टीम के मुख्य कोच विजय शर्मा ने पहलेही कहा था कि इन विश्व चैंपियनशिप का लक्ष्य मीराबाई को फिर से 200 किग्रा का आंकड़ा पार कराने का है और उन्हें 49 किग्रा वर्ग में उठाए गएभार के करीब लाना है। हालांकि, चानू 199 किग्रा तक ही पहुंच सकीं, लेकिन उनका प्रदर्शन उत्साहवर्धक रहा। प्रतियोगिता का स्वर्ण पदक उत्तरकोरिया की रि सोंग गुम के नाम रहा। उन्होंने 213 किग्रा (91 किग्रा स्नैच + 122 किग्रा क्लीन एंड जर्क) उठाकर नए विश्व रिकॉर्ड बनाए। खासकरउनके अंतिम दो प्रयास (120 किग्रा और 122 किग्रा) ऐतिहासिक साबित हुए। इस मुकाबले का कांस्य पदक थाईलैंड की थनयाथोन सुक्चारो नेजीता। उन्होंने 198 किग्रा (88 + 110 किग्रा) वजन उठाकर कांस्य पदक हासिल किया। मीराबाई चानू का यह प्रदर्शन साबित करता है कि चोटोंऔर संघर्षों के बावजूद वह आज भी विश्व वेटलिफ्टिंग में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद बनी हुई हैं। उनका यह रजत पदक आने वाले पेरिस ओलंपिक2028 की तैयारियों की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
मैं तुम्हें इंडिया के लिए बना रहा हूं” युवराज सिंह के विज़न ने बदली अभिषेक शर्मा की किस्मत, एशिया कप 2025 में बने प्लेयर ऑफ दटूर्नामेंट

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर रह चुके युवराज सिंह ने जब युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा को अपने साये में लिया, तब से ही उनकी सोचसाफ थी, उन्हें सिर्फ घरेलू क्रिकेट या आईपीएल के लिए नहीं, बल्कि टीम इंडिया का मैच-विनर बनाने का। युवराज, जिन्होंने भारत को 2007 काटी20 विश्व कप और 2011 का वनडे विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई थी, खुद जानते थे कि बड़े मंच पर जीत दिलाने के लिए कैसी तैयारीजरूरी होती है।अभिषेक शर्मा ने हाल ही में ‘ब्रेकफास्ट विद चैंपियंस’ शो पर बताया कि लॉकडाउन के दौरान युवराज सिंह के साथ ट्रेनिंग करना उनकेकरियर का टर्निंग प्वॉइंट रहा। उन्होंने कहा, ‘मैं युवी पाजी का बहुत आभारी हूं। लॉकडाउन में हम उनके घर पर कैंप करते थे। मैं, शुभमन, प्रभसिमरन, अनमोलप्रीत। मुझे इसकी बहुत जरूरत थी। हम फ्लाइट में थे तो मैंने उनसे कहा कि क्या कुछ दिनों का कैंप किया जा सकता है। उन्होंने तुरंत हां करदी। उस समय मैं संघर्ष कर रहा था।’अभिषेक ने बताया कि उस कैंप के बाद उन्हें समझ आयाअभिषेक ने बताया कि उस दौर में उनका प्रदर्शन निरंतर नहीं था और वह अपनी आईपीएल टीम के प्लेइंग इलेवन में भी जगह नहीं बना पा रहे थे।वहीं, उनके साथी खिलाड़ी शुभमन गिल जैसे क्रिकेटर पहले ही भारत के लिए डेब्यू कर चुके थे। अभिषेक बोले, ‘मैं आईपीएल में लगातार अच्छा नहींकर पा रहा था और टीम में भी नहीं खेल रहा था। शुभमन इंडिया के लिए खेल रहा था। मुझे लगने लगा कि मैं पीछे छूट गया हूं, क्योंकि मेरी उम्र केखिलाड़ी अच्छा कर रहे थे। एक दिन मैं और शुभमन, पाजी (युवराज) के साथ लंच कर रहे थे तभी पाजी ने मुझे सीधे कहा कि वह मुझे राज्य याआईपीएल के लिए नहीं, बल्कि इंडिया के लिए तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा- मैं तुम्हें इंडिया के लिए मैच जिताने वाला खिलाड़ी बना रहा हूं। इसेलिख लो, यह अगले दो-तीन साल में होगा।’अभिषेक ने बताया कि उस कैंप के बाद उन्हें समझ आया कि उनका असली लक्ष्य कुछ और है। उन्होंनेकहा, ‘जिन्हें मैं अपना आदर्श मानता हूं, अगर उन्हें मुझपर इतना विश्वास है…मुझे लगा कि मेरा लक्ष्य ही कुछ और है। जिसके लिए मैं तैयार हो रहा हूं, जो युवराज करवा रहे हैं मुझे, वो तो कुछ और है और मैं करके रहूंगा।’ नतीजा अब पूरी दुनिया देख रहीअभिषेक ने बताया कि युवराज सिंह उनके शॉट्स और तकनीक को सुधारने के लिए वीडियो देखकर नोट्स बनाते थे। वह छोटी-छोटी गलतियों कोपकड़कर उन्हें समझाते और पावर-हिटिंग पर खास काम कराते। उन्होंने कहा, ‘वो घर पर बैठकर हमारी बैटिंग के वीडियो देखते थे, उनसे नोट्स बनाते थेऔर फिर अलग-अलग वीडियो से स्क्रीनशॉट लेकर पहले और बाद की तुलना करते थे। किसी को नहीं पता कि युवी पाजी इतनी बारीकियों में जातेहैं। और जब हम पांच घंटे से ज्यादा अभ्यास करते थे, तो वो पूरे समय हमारे साथ मौजूद रहते थे।’आज हालात बिल्कुल बदल चुके हैं। अभिषेक शर्माहाल ही में समाप्त हुए एशिया कप 2025 में भारत के लिए हीरो बनकर उभरे। उन्होंने टूर्नामेंट में 314 रन बनाए और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुने गए।अभिषेक का कहना है कि युवराज सिंह के मार्गदर्शन ने उन्हें यह मुकाम दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई। उनकी यह कहानी बताती है कि किस तरहसही मेंटर और सही सोच एक खिलाड़ी का करियर बदल सकते हैं। युवराज सिंह जैसे दिग्गज ने जिस विजन के साथ अभिषेक को तैयार किया, उसकानतीजा अब पूरी दुनिया देख रही है।
आरएसएस पर स्मारक सिक्का और डाक टिकट जारी, कांग्रेस का तंज “देश गांधी का था, है और रहेगा

देश में आजादी के इतिहास पर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। इसकी वजह है- सरकार की तरफ से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के योगदान पर डाकटिकट और 100 रुपये का विशेष स्मारक सिक्का जारी करना। लेकिन कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार इतिहास कोचाहे जितना बदलने की कोशिश करे, देश हमेशा महात्मा गांधी का ही रहेगा। पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘अगरआरएसएस के नाम पर सिक्का जारी करना ही था तो वह 60 रुपये का होना चाहिए था। वही 60 रुपये जो स्वतंत्रता सेनानी कहे जाने वाले विनायकदामोदर सावरकर को अंग्रेजों से पेंशन के तौर पर मिला करता था।’ उन्होंने आगे कहा, ‘अगर डाक टिकट जारी करना था तो वह ब्रिटिश पोस्ट का करनाचाहिए था, जिससे सावरकर अंग्रेजों को अपनी दया याचिकाएं भेजते थे।’ दूसरी ओर वर मुद्रा में भारत माता का चित्रपवन खेड़ा ने आरएसएस और भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि चाहे कितने भी सिक्के छापे जाएं, डाक टिकट निकाले जाएं या पाठ्यक्रममें आरएसएस की विचारधारा भरी जाए, ‘यह देश गांधी का था, है और रहेगा।’ उन्होंने यह भी कहा कि एक दिन सत्ता से बाहर होने के बादआरएसएस-भाजपा की विचारधारा को लोग ऐसे निकाल फेंकेंगे जैसे दूध से मक्खी निकाली जाती है।आरएसएस का स्मारक सिक्का जारी को जारीकरते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर कहा कि यह संभवतः स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार है कि भारतीय मुद्रा पर भारत माता कीछवि छपी है। 100 रुपये के सिक्के पर एक ओर राष्ट्रीय प्रतीक (अशोक स्तंभ का शेर) और दूसरी ओर वर मुद्रा में भारत माता का चित्र है। ‘ऐतिहासिक कदम’ कहा जा रहाभारत माता के पास एक सिंह खड़ा है और सामने स्वयंसेवक सलामी की मुद्रा में दिखाई दे रहे हैं। सिक्के पर संघ का मूल मंत्र भी अंकित है, ‘राष्ट्रायस्वाहा, इदं राष्ट्राय, इदं न मम।’ इसके साथ ही, प्रधानमंत्री ने जारी किए गए डाक टिकट की ऐतिहासिक महत्ता भी बताई। उन्होंने याद दिलाया कि1963 के गणतंत्र दिवस परेड में आरएसएस स्वयंसेवक अनुशासन और देशभक्ति की धुनों के साथ शामिल हुए थे। नया टिकट उसी क्षण को दर्शाताहै। एक तरफ सरकार ने आरएसएस के 100 वर्ष के योगदान को सम्मान देने की कोशिश की, तो वहीं कांग्रेस ने इसे इतिहास तोड़-मरोड़कर पेश करनेकी कवायद बताया। एक ओर भारत माता की छवि वाले सिक्के को ‘ऐतिहासिक कदम’ कहा जा रहा है, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे गांधी के विचारोंको दबाने की कोशिश मान रहा है।
पंडित छन्नूलाल मिश्र के निधन पर प्रधानमंत्री मोदी की श्रद्धांजलि ,काशी की आत्मा और संगीत का स्वर सदा जीवित रहेगा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पद्मविभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्रजी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पंडित छन्नूलालमिश्रजी का जाना भारत के संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पंडित छन्नूलाल मिश्र जीवन भर कला और संस्कृति केलिए समर्पित रहे और उन्होंने बनारस घराने की संगीत परंपरा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि काशी की परंपराओं औरउत्सवों को पंडित मिश्र जी ने अपने स्वरों और गीतों से समृद्ध किया। मणिकर्णिका घाट पर होने वाली होली हो या सावन की उनकी कजरी, उनकेसंगीत से काशी सदा गुंजायमान होता रहेगा। उन्होंने लोकगायन की महत्वपूर्ण विधाओं को विश्व पटल पर प्रतिष्ठा दिलाने के लिए पंडित मिश्र जी द्वाराकिये गए कार्य की सराहना की। सन्देश लिखते हुए उनके लिए जीवंतप्रधानमंत्री मोदी ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें कई बार पंडित मिश्र जी से मिलने और उनका स्नेह पाने का अवसर मिला।2014 के चुनाव में पंडित छन्नूलाल मिश्र जी उनके प्रस्तावक बने थे – इस बात को स्मरण करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा की काशी के प्रति पंडित मिश्रजी का आत्मीय भाव अद्वितीय था।प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी के विकास और परंपराओं पर पंडित मिश्रजी ने उन्हें कई बार महत्वपूर्ण सुझाव दिए।साथ ही प्रधानमंत्री ने यह भी कहा की महात्मा गांधीजी की 150वीं जयंती पर वे उनके आवास पर पधारे थे, जिसकी स्मृति आज गांधी जयंती के दिनयह सन्देश लिखते हुए उनके लिए जीवंत है। हर संगीत प्रेमी उनके जीवन से प्रेरणा लेता रहेगाप्रधानमंत्री ने कहा कि यद्यपि पंडित मिश्रजी आज सशरीर हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन भारत का हर संगीत प्रेमी उनके जीवन से प्रेरणा लेता रहेगा तथाकाशी उनके भजनों से उन्हें हर उत्सव में स्मरण करती रहेगी।प्रधानमंत्री ने पंडित मिश्र जी के शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करतेहुए कहा कि पंडित मिश्र जी के स्वजनों की पीड़ा उनकी व्यक्तिगत पीड़ा है। प्रधानमंत्री ने प्रार्थना की कि बाबा विश्वनाथ पंडित छन्नूलाल मिश्र जी कोअपने चरणों में स्थान दें और उनके शुभचिंतकों को इस दुःख की घड़ी में संबल प्रदान करें।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंडित छन्नूलाल मिश्र के परिवार कोपंत्र भेजकर अपनी शोक संवेदना जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि भारत का हर संगीत प्रेमी उनके जीवन से प्रेरणा लेता रहेगा।
करूर भगदड़ पर सियासी घमासान विजय पर डीएमके का हमला, भाजपा पर स्टालिन का तंज

करूर भगदड़ मामले पर आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। अब डीएमके पार्टी ने टीवीके नेता और फिल्म अभिनेता विजय पर तीखा हमला बोला है। डीएमके नेअपने मुखपत्र मुरासोली में प्रकाशित एक लेख में विजय पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, ‘विजय ने जो वीडियो जारी की है, वह उनके अहंकार, पैसे-प्रचार की भूख और सत्ता पाने की चाह को दिखाती है।’दरअसल विजय ने एक वीडियो जारी कर कहा कि सरकार को जो भी कार्रवाई करनी है, उनकेखिलाफ करे, लेकिन उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को छोड़ दे। इसी पर निशाना साधते हुए डीएमके ने कहा कि ‘विजय ने सरकार के दबाव में हीमृतकों के परिजनों को 20 लाख रुपये का मुआवजा देने का एलान किया है। क्योंकि सरकार ने 10 लाख रुपये देने की बात कही तो उन्होंने 20 लाखदेने का एलान कर दिया, लेकिन अगर सरकार एक लाख रुपये देती तो विजय दो लाख देने की बात करते।’राज्य का दौरा नहीं किया और न ही कोई फंड जारी कियासीएम स्टालिन ने करूर भगदड़ पर भाजपा द्वारा प्रतिनिधिमंडल गठित करने पर तंज कसा है। सीएम ने भाजपा पर करूर भगदड़ पर राजनीति करने काआरोप लगाया और कहा कि भाजपा को लोगों की चिंताओं के बजाय आगामी चुनाव की चिंता है। रामनाथपुरम जिले में विकास कार्यों का उद्घाटनकरते हुए सीएम स्टालिन ने कहा कि ‘जब तमिलनाडु में तीन बड़ी आपदाएं आईं, जिनसे हजारों लोग प्रभावित हुए, तब केंद्र सरकार की तरफ से किसीने राज्य का दौरा नहीं किया और न ही कोई फंड जारी किया। भाजपा ने तुरंत अपना प्रतिनिधिमंडल भेज दियाअब करूर मामले पर भाजपा ने तुरंत अपना प्रतिनिधिमंडल भेज दिया है, जबकि मणिपुर दंगों, गुजरात की घटना और कुंभ मेले में हुई मौतों की जांच केलिए उन्होंने कोई प्रतिनिधिमंडल नहीं भेजा। भाजपा को तमिलनाडु के लोगों की चिंता नहीं है, बस उन्हें अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव सेमतलब है।’सीएम ने एआईएडीएमके पर भी निशाना साधा और कहा कि भाजपा राज्य के हितों को नजरअंदाज कर रही है, लेकिन एआईएडीएमकेउनका समर्थन कर रही है। मजबूती से खड़े होने के बजाय एआईएडीएमके भाजपा की गुलामी कर रही है। सीएम स्टालिन ने कहा कि ‘जब तमिलनाडुमें तीन बड़ी आपदाएं आईं, जिनसे हजारों लोग प्रभावित हुए, तब केंद्र सरकार की तरफ से किसी ने राज्य का दौरा नहीं किया और न ही कोई फंड जारीकिया। अब करूर मामले पर भाजपा ने तुरंत अपना प्रतिनिधिमंडल भेज दिया है।’
राहुल गांधी लोकतंत्र की बात करते हैं, लेकिन कांग्रेस में है राजशाही” सुधांशु त्रिवेदी का करारा हमला

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने शुक्रवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय लोकतंत्र पर हमला हो रहा है। त्रिवेदी ने गांधी की लोकतांत्रिक साख पर सवाल उठाते हुए उन्हें ऐसे परिवार कानया मुखिया बताया, जिसने कांग्रेस में लोकतंत्र की आड़ में राजशाही को जिंदा रखा है।सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, पिछले 36 घंटे में देश ने दो प्रकार के दृश्य देखे। एक विगत 100 वर्षों के देश के लिए निरंतर समर्पित राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक उत्थान के लिएअपना प्रतिपल समर्पित करने वाले विश्व के सबसे बड़े संगठन आरएसएस के शताब्दी पूर्ण होना और उस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एकऐसा सिक्का जारी होना जिसमें संभवतः पहली बार भारत के किसी मुद्रा पर मां भारती का चित्र है। भारत विरोधी बयान की एक लंबी सूचीइन्हीं 24 घंटे में देश ने दूसरा दृश्य देखा कि 140 वर्ष पुरानी पार्टी, 100 वर्ष से जिस पर एक ही परिवार का वर्चस्व है उस पार्टी के पतन और सत्ताछूटने की बदहवासी ने उनके खानदान के बरखुरदार ने एक और ऐसा बयान दिया है जिसमें कुछ भी आश्चर्यजनक नहीं है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधीकी विदेशी यात्रा में भारत विरोधी बयान की एक लंबी सूची है। उन्होंने कहा, राहुल गांधी में ऐसी कौन सी प्रतिभा है, जिसके लिए उन्हें विदेशविश्वविद्यालय बुलाते हैं? उन्होंने कहा कि कांग्रेस में एक से एक बुद्धिमान लोग हैं, उन्हें क्यों नहीं बुलाया जाता? कांग्रेस में पी. चिदंबरम, अभिषेक मनुसिंघवी, शशि थरूर, मनीष तिवारी जैसे बुद्धिमान और अपने-अपने विषय में विशेषज्ञ लोग मौजूद हैं। न तो जयराम रमेश और न ही सैम पित्रोदा, जोविदेश में रहते हैं और बुद्धिजीवी माने जाते हैं, उनको कभी नहीं बुलाया जाता। लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला होने की बात कहीविदेशी विश्वविद्यालय सिर्फ राहुल गांधी को ही क्यों आमंत्रित करते हैं? सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, राहुल गांधी को भारत में किसी भी विश्वविद्याल में नहींबुलाया जाता है। यहां तक कि 2004 से 2014 तक जब कांग्रेस केंद्र में सत्ता में थी, तब भी उन्हें नहीं बुलाया गया। सवाल ये है कि भारत के बाहर हीउनको क्यों बुलाया जाता है। ये अपने आप में यक्ष प्रश्न है।उन्होंने इंडिया ब्लॉक पार्टियों की भी आलोचना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी काविरोध करने की मानसिकता इतनी प्रबल हो गई है कि सच्चाई नजर ही नहीं आती। भाजपा नेता ने कहा, जिनकी आंखों में ‘मोदी-ए-बिंदु’ है, उन्हें देशमें हो रहा निर्माण दिखाई नहीं दे रहा है।कोलंबिया में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला होने की बात कही, जिसकेबाद भारतीय जनता पार्टी ने पलटवार किया है।
AAP Slams ‘Irony’ on Gandhi Jayanti While Leaders Pay Tribute to Bapu, True Gandhian Sonam Wangchuk Remains Behind Bars on Sedition Charges

On the birth anniversary of father of nation Mahatma Gandhi, the Aam Aadmi Party (AAP) turned the spotlight on a grave irony—while leaders flocked to Rajghat to lay flowers at Mahatma Gandhi’s Samadhi, the world’s foremost Gandhian and social activist Sonam Wangchuk remains behind bars on a “false sedition case.” Delhi State President Saurabh Bharadwaj, accompanied by MLA Sanjeev Jha, leader Adil Khan and Women’s Wing President Sarika Chaudhary, led the tribute at Rajghat on Thursday afternoon, observing a silent prayer for Sonam Wangchuk’s release and declaring that a man who has shown the nation the path of truth and non-violence is today being punished by those who claim to revere Gandhiji.After offering prayers, Senior AAP leader and Delhi unit chief Saurabh Bharadwaj spoke to the media and said that while the entire world is remembering Mahatma Gandhi today, one of the greatest Gandhians of our times, Sonam Wangchuk, is imprisoned under false charges of sedition. Party is ready to help in every waySaurabh Bharadwaj said that today, even the Russian government has organized an exhibition on the lives of Mahatma Gandhi and Leo Tolstoy near Gandhi Samadhi, which shows how the entire world continues to remember Gandhi. Calling it a matter of national shame, Saurabh Bharadwaj said, “Those who are laying flowers at Gandhi’s Samadhi are the same people who have imprisoned one of the greatest Gandhians, Sonam Wangchuk, under false allegations of sedition.”He appealed to the people of India, saying, “If there is even a trace of Gandhi in your heart, then today, from that very heart, pray for Sonam Wangchuk. The prayer is not that he should be released from jail soon, because for a true Gandhian, being in jail is not a matter of concern. The prayer is that the path of non-violence and truth that Sonam Wangchuk has shown to the people of Ladakh and the people of India, may he continue to walk that path with strength, and may God give us the courage to walk on that same path.”Sonam Bharadwaj further revealed that he had spoken to Wangchuk’s wife overthe phone on Wednesday, during her recent visit to Delhi. Coincidentally, on the very morning of Wangchuk’s arrest, Saurabh Bharadwaj had also exchanged messages with him. “The Aam Aadmi Party had assured that if he comes to Delhi, we will extend every possible help. Now, I have also spoken to his wife and assured her that the party is ready to help in every way it can,” he said. Greatest Gandhian of our timeDuring the occasion, AAP MLA from Burari, Sanjeev Jha, also addressed the media. He said, “Today, the greatest Gandhian of our times, Sonam Wangchuk, is imprisoned. He is the very person who carried forward Gandhi’s ideas and methods. It is astonishing that those who put him in jail are also the ones laying flowers at Bapu’s Samadhi. They may be offering flowers to Bapu’s Samadhi, but they are jailing the very people who follow Bapu’s ideals.”Sanjeev Jha urged the people of India to pray for Wangchuk, stating, “He was carrying forward his movement through Gandhian means, but he has been imprisoned. Today is a day of prayer and inspiration—so that just as Sonam Wangchuk has fought his struggle, we too draw inspiration from him and continue our struggles in the same spirit.”
महात्मा गांधी की 156वीं जयंती पर राष्ट्र ने किया नमन, राजघाट पर पीएम मोदी, राष्ट्रपति मुर्मू, राहुल गांधी समेत नेताओं ने अर्पित की श्रद्धांजलि

आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 156वीं जयंती है इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, विपक्ष केनेता राहुल गांधी समेत तमाम नेता राजघाट पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी प्रतिमा को नमन किया और पुष्प अर्पित किए.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को गांधी जयंती के अवसर पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता के आदर्शों ने मानव इतिहासकी दिशा को बदल दिया और आज भी भारत के विकास की दिशा तय कर रहे हैं प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि गांधीजीने दिखाया कि साहस और सादगी बड़े बदलाव के उपकरण बन सकते हैं. उन्होंने सेवा और करुणा की शक्ति में विश्वास रखा, जो लोगों को सशक्तबनाने का मूल आधार है उन्होंने कहा, गांधी जयंती प्यारे बापू के असाधारण जीवन को श्रद्धांजलि अर्पित करने का दिन है, जिनके आदर्शों ने मानवइतिहास का मार्ग बदल दिया उन्होंने दिखाया कि साहस और सादगी कैसे बड़े बदलाव ला सकते हैं। वह सेवा और करुणा को लोगों को सशक्त बनानेके जरूरी माध्यम मानते थे। हम उनका रास्ता अपनाकर विकसित भारत के निर्माण की ओर बढ़ेंगे। दो अक्तूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में जन्मेमोहनदास करमचंद गांधी अहिंसा और सत्याग्रह के प्रवर्तक थे। उनके विचारों ने लाखों भारतीयों को ब्रिटिश शासन के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम में भागलेने के लिए प्रेरित किया। सशक्त व समृद्ध भारत का निर्माण करके गांधी जी के सपनों को साकार करेंगे30 जनवरी 1948 को नई दिल्ली में गांधी स्मृति स्थल पर नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या कर दी थी। भारत की स्वतंत्रता के कुछ महीनेबाद यह घटना हुई। उनका जीवन और बलिदान दुनियाभर में शांति और मानव गरिमा का प्रतीक बना हुआ है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपतिसीपी राधाकृष्णन ने भी महात्मा गांधी की जयंती पर राजघाट पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इससे पहले गांधी जयंती के मौके पर राष्ट्रपति ने अपनेसंदेश में कहा, गांधी जयंती हम सभी के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आदर्शों और जीवन मूल्यों के प्रति स्वयं को पुनः समर्पित करने का अवसर है।गांधीजी ने विश्व को शांति, सहिष्णुता और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया जो संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणा स्रोत है। वह आजीवनअस्पृश्यता, निरक्षरता, नशाखोरी और अन्य सामाजिक बुराइयों को मिटाने के लिए संघर्ष करते रहे। उन्होंने अपने दृढ़ संकल्प से समाज के कमजोर सेकमजोर व्यक्ति को संबल और शक्ति प्रदान की।राष्ट्रपति ने कहा, नैतिकता और सदाचार में उनका अटूट विश्वास था जिसका उन्होंने आजीवन पालनकिया और जन समुदाय को भी उस मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। एक स्वावलंबी, आत्मनिर्भर और शिक्षित भारत के निर्माण के लिए उन्होंनेचरखा चलाकर आत्मनिर्भरता का संदेश दिया। अपने आचरण एवं उपदेशों के माध्यम से वे सदैव श्रम की गरिमा को प्रतिष्ठित करते रहे। उनके जीवन-मूल्य आज भी प्रासंगिक हैं और भविष्य में भी बने रहेंगे। आइए, गांधी जयंती के इस शुभ अवसर पर हम सब यह संकल्प लें कि हम सत्य और अहिंसाके मार्ग पर चलते हुए राष्ट्र के कल्याण और प्रगति के लिए समर्पित रहेंगे और एक स्वच्छ, समर्थ, सशक्त व समृद्ध भारत का निर्माण करके गांधी जी केसपनों को साकार करेंगे। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती पर उन्हें सादर नमनउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, आज दो अक्तूबर है, राष्ट्रपति महात्मा गांधी की जयंती है। यह पूरी दुनिया के लिए शोध औरजिज्ञासा का विषय रहा है कि क्या केवल सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर ही स्वतंत्रता प्राप्त की जा सकती है। लेकिन भारत ने यह कर दिखाया।इतना ही नहीं, स्वदेशी का भी आजादी की लड़ाई में बहुत बड़ा योगदान रहा… भारत की आजादी की लड़ाई ने दिखाया कि सत्य, अहिंसा और स्वदेशीके सहारे भी सदियों की गुलामी से आजादी मिल सकती है। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गांधी जयंती के अवसर पर शासन सचिवालय मेंस्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी राजघाट पर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किएऔर उन्हें श्रद्धांजलि दी। अपनी एक्स पोस्ट में राहुल गांधी ने लिखा, सत्य, अहिंसा और सौहार्द के सिद्धांतों से भारत को एकजुट करने वाले बापू केआदर्श हमें नफरत के सामने शांति, भाईचारे, सच्चाई और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते रहेंगे। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती परउन्हें सादर नमन।
एलन मस्क बने दुनिया के पहले 500 अरब डॉलर की संपत्ति वाले व्यक्ति, टेस्ला-एक्सएआई और स्पेस एक्स की उछाल ने रचा इतिहास

टेस्ला के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एलन मस्क बुधवार को दुनिया के पहले ऐसे व्यक्ति बन गए हैं, जिनकी कुल संपत्ति 500 अरब डॉलरतक पहुंच गई। यह उपलब्धि उन्हें टेस्ला के शेयरों में तेजी और उनकी दूसरी टेक कंपनियों के तेजी से बढ़ते मूल्यांकन की वजह से मिली। फोर्ब्स केअरबपतियों की सूची के अनुसार, बुधवार शाम सवा चार बजे (पश्चिमी समयानुसार) तक मस्क की संपत्ति 500.1 अरब डॉलर थी।मस्क की संपत्ति का बड़ा हिस्सा टेस्ला से जुड़ा है। 15 सितंबर तक मस्क के पास टेस्ला में 12.4 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी थी। टेस्ला के शेयर इससाल अब तक 14 फीसदी से ज्यादा बढ़े हैं और बुधवार को इसमें 3.3 फीसदी की और तेजी आई, जिससे मस्क की संपत्ति में एक दिन में छह अरबडॉलर से ज्यादा का इजाफा हुआ। साल की शुरुआत में टेस्ला के शेयरों में गिरावट देखी गई थी। लेकिन अब उनमें फिर से मजबूती आई है। निवेशकोंका भरोसा तब और बढ़ा, जब मस्क ने फिर से अपने कारोबार की ओर ध्यान देना शुरू किया है। शेयर सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाले शेयरों में से एक रहेटेस्ला के निदेशक मंडल की अध्यक्ष रॉबिन डेनहोल्म ने पिछले महीने कहा था कि मस्क अब कंपनी में फिर से पूरी तरह से सक्रिय हो चुके हैं। इससेपहले वह कुछ महीनों तक व्हाइट हाउस से जुड़े कामों में व्यस्त थे। इसके कुछ ही दिन बाद मस्क ने करीब एक अरब डॉलर के टेस्ला शेयर खरीदने कीजानकारी दी, जो टेस्ला के भविष्य को लेकर उनके मजबूत भरोसे को दिखाता है। कंपनी अब पारंपरिक कार निर्माता से आगे बढ़कर एआई औररोबोटिक्स की दुनिया में बड़ी ताकत बनने की दिशा में काम कर रही है।हालांकि, कारों की घटती बिक्री और लगातार मुनाफे पर दबाव की वजह सेटेस्ला के शेयरों को नुकसान हुआ है। इसी कारण ‘मैग्निफिसेंट सेवन’ कहे जाने वाले बड़ी टेक कंपनियों के समूह में इसके शेयर सबसे कमजोर प्रदर्शनकरने वाले शेयरों में से एक रहे हैं। वित्तीय और ऑपरेशनल लक्ष्य तय किए गएटेस्ला के निदेशक मंडल ने पिछले महीने एलन मस्क के लिए एक ट्रिलियन डॉलर (लगभग 83 लाख करोड़ रुपये) की मुआवजा योजना प्रस्तावितकिया था। इस योजना में मस्क के लिए कुछ बड़े वित्तीय और ऑपरेशनल लक्ष्य तय किए गए। साथ ही उनकी उस मांग को भी ध्यान में रखा गया है, जिसमें उन्होंने कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी की इच्छा जताई थी।मस्क की एआई कंपनी एक्सएआई और रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स के मूल्यांकन (वैल्यूएशन) में भी इस साल भारी इजाफा हुआ है। पिचबुक के आंकड़ों के अनुसार, एक्स की वैल्यू जुलाई में करीब 75 अरब डॉलर आंकी गई थी। सितंबर मेंसीएनबीसी ने रिपोर्ट में बताया था कि यह कंपनी एक फंडिंग के जरिए 200 अरब डॉलर तक की वैल्यूएशन का लक्ष्य बना रही है। लेकिन मस्क ने उससमय कहा था कि कंपनी कोई पूंजी नहीं जुटा रही है।ब्लूमबर्ग न्यूज ने जुलाई में बताया था कि स्पेसएक्स निवेश जुटाने और कुछ आंतरिक शेयर बेचनेकी योजना पर काम कर रही है, जिससे कंपनी का मूल्यांकन करीब 400 अरब डॉलर तक हो सकता है। फोर्ब्स की सूची में मस्क के बाद दूसरे सबसेअमीर व्यक्ति लैरी एलिसन हैं, जो ओरेकल कंपनी के संस्थापक हैं। बुधवार तक उनकी कुल संपत्ति करीब 350.7 अरब डॉलर थी।