पीएम मोदी ने दी बड़ी सौगात, पूरे भारत में एक साथ लॉन्च हुई BSNL 4G सर्विस

भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) की स्थापना के 25 वर्ष पूरा होने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ओडिशा के झारसुगुड़ासे देश का पहला पूर्णतः स्वदेशी 4जी नेटवर्क राष्ट्र को समर्पित किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी ने वर्चुअल माध्यम से लखनऊ से कार्यक्रम में भाग लिया।इस अवसर पर लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुये केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीके नेतृत्व में भारत अब दुनिया का पाँचवाँ ऐसा देश बन गया है, जिसने अपना पूर्ण रूप से स्वदेशी 4जी टेलीकॉम स्टैक विकसित और लागू किया है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी के आह्वान पर भारत हर क्षेत्र में प्रगति कर रहाहै। उन्होंने कहा कि सॉफ़्टवेयर, आई.टी. सेवाओं, इलेक्ट्रॉनिक्स और स्मार्टफोन जैसे क्षेत्रों में प्रगति हुई है, डिज़ाइन, निर्माण और नवाचार की क्षमता बढ़ीहै। केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि स्वदेशी 4जी स्टैक का लॉन्च बीएसएनएल के लिए केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीकीसफलता है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी 4जी स्टैक को आने वाले समय में 5जी में विकसित किया जा सकता है जिससे देश के नागरिकों के लिए शीघ्रही 6जी का मार्ग प्रशस्त होगा। चौधरी ने कहा कि इस मिशन के लिए महीनों के कठोर परिश्रम से स्वदेशी 4 जी तकनीक का विकास हुआ है और यह2025 तक पूरी तरह गतिशील हो गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रयास से भारत के गाँव और शहर पहले से कहीं अधिक डिजिटल रूप से जुड़ रहे हैं।यह तकनीक स्वदेशी नवाचार को बढ़ावा देती है और विदेशी आयात पर निर्भरता को कम करती है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कोविड के समय में भारत ने स्वदेशी वैक्सीन बनाई, जिससे सिर्फ भारत के ही नहीं बल्कि विश्व के लोगों को इसका लाभमिला। चौधरी ने कहा कि यूपीआई के माध्यम से डिजिटल क्षेत्र में भारत ने क्रांति लाई है, भारत का यूपीआई पूरे विश्व में यूनिक है। उन्होंने कहा किचंद्रयान, गगनयान और आदित्य एल-1 के साथ भारत ने विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में नया आयाम हासिल किया है और रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीअपनाकर ड्रोन और अन्य उपकरणों के माध्यम से भारत की पहचान पिछले 11 वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदल गई है। आत्मनिर्भर भारत के विज़न के तहत, बीएसएनएल ने तेजस नेटवर्क द्वारा विकसित रेडियो एक्सेस नेटवर्क (RAN), सी-डॉट द्वारा तैयार कोर नेटवर्क औरटीसीएस द्वारा एकीकृत पूर्णतः स्वदेशी 4जी प्रौद्योगिकी स्टैक को लागू किया है। भारत अब वैश्विक दूरसंचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। जो कार्य कुछ वर्ष पहले असंभव प्रतीत होता था, वह अब साकार हुआ है। इसउपलब्धि के साथ भारत न केवल 1.2 बिलियन लोगों तक उच्च-गुणवत्ता वाली दूरसंचार सेवाओं का विस्तार कर रहा है, बल्कि दूरसंचार उपकरणनिर्माण के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में भी स्थापित हो रहा है। यह दोहरी उपलब्धि वैश्विक विकास, समता और डिजिटल समावेशन के वाहक के रूप में देश की भूमिका को और मज़बूत करती है। राष्ट्रीय महत्व केइस क्षण में प्रधानमंत्री ने इस उपलब्धि का अनावरण कर इसे राष्ट्र को समर्पित किया, जो केवल एक तकनीकी उपलब्धि ही नहीं, बल्कि एक लंबेसमय से संजोए गए सपने के साकार होने का प्रतीक भी है।
यूपी के लोगों के लिए सीएम योगी का दिवाली स्पेशल तोहफा: 1.86 करोड़ परिवारों को फ्री LPG सिलेंडर

यूपी के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. दीवाली से पहले सीएम योगी आदित्यानाथ की तरफ से 1.86 करोड़ लोगों को खास तोहफा दिया जारहा है. आइए जानते हैं। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने दिवाली से ठीक पहले लाखों परिवारों को बड़ा तोहफा दिया है। शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में अहमफैसला लिया। इनमें सबसे बड़ा फैसला प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की लाभार्थी महिलाओं को दो मुफ्त एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने का है।दरअसल, पिछले साल की तरह इस दीपावली पर भी मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने का सरकार ने शासनादेश जारी कर दिया है। योगी सरकार के इसकदम से प्रदेश के करोड़ों परिवारों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का सीधा लाभ मिलेगा। कैबिनेट ने तय किया है कि इस बार भी दीपावली के अवसर पर उज्ज्वला योजना के तहत प्रदेश की 1.86 करोड़ महिलाओं को मुफ्त एलपीजीसिलेंडर (रिफिल) मिलेगा। वहीं, होली के त्योहार पर भी एक सिलेंडर रिफिल दी जाएगी। उज्जवला योजना की लाभार्थियों को ये लाभ देने के लिएकैबिनेट की बैठक में इसके प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है. बताया जा रहा है कि सिलेंडरों के वितरण पर 1385.34 करोड़ रुपये की धनराशि खर्चहोगी। हर पात्र परिवार को एक मुफ्त LPG सिलेंडर (रिफिल) मिलेगा। सरकार सीधे डिस्ट्रीब्यूटरों को सब्सिडी देगी, जिससे उपभोक्ताओं को कोई अतिरिक्तखर्च नहीं करना पड़ेगा। योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस पर 1,890 करोड़ रुपये खर्च करने का ऐलान किया है। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिएपहुंचाई जाएगी।आपको बता दे कि वितरण दिवाली से पहले ही शुरू हो चुका है। होली और दिवाली पर हर साल यह सुविधा दी जाती है, ताकि त्योहारों पर परिवारोंको राहत मिले। कैसे मिलेगा लाभ?पात्रता: अगर आपका परिवार PM उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत रजिस्टर्ड है (BPL/अंत्योदय कार्डधारक या SC/ST/OBC वर्ग), तोआपका नंबर आ ही जाएगा। आधार लिंकिंग जरूरी है।
बरेली हिंसा पर योगी आदित्यनाथ का बयान

उत्तर प्रदेश के बरेली में 26 सितंबर को जुमे की नमाज के बाद ‘आई लव मोहम्मद’ अभियान के तहत लगाए गए पोस्टर्स को लेकर प्रदर्शन के दौरानहिंसा भड़क उठी। उपद्रवियों ने पथराव किया, वाहनों में आग लगाई और पुलिस पर हमला बोला, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए। इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान को हिरासत में लिया गया है। इस घटना पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने27 सितंबर को लखनऊ में ‘विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ कार्यक्रम के दौरान कड़ा बयान दिया। सीएम योगी कहा “बरेली में एक मौलाना भूल गया कि राज्य में सत्ता किसकी है। उसे लगा कि वह धमकी देकर शहर जाम कर सकता है, लेकिन हमनेस्पष्ट कर दिया कि न तो कोई नाकाबंदी होगी और न ही कर्फ्यू लगेगा। हमने ऐसा सबक सिखाया है कि आने वाली सात पीढ़ियां दंगा करना भूलजाएंगी।” उन्होंने जोर देकर कहा, “उपद्रवियों को कुचल देगी सरकार, कोई बचने ना पाए। कुछ लोगों की बुरी आदतें बिना डेंटिंग-पेंटिंग के नहीं जातीं।जो जाति या धर्म के नाम पर भड़काते हैं, उनके लिए हमने बुलडोजर बनाया था।” साथ ही उन्होंने विपक्षी सरकारों पर तंज कसते हुए कहा कि पहले दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास पर सम्मानित किया जाता था और माफिया सत्ता केसामने सलाम ठोकते थे। लेकिन 2017 के बाद यूपी में ऐसा कुछ नहीं चलेगा। अब कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों को सात पीढ़ियां याद दिलायाजाएगा। ताकि वो इस तरह का कृत्य करने से पहले दस बार सोचने पर मजबूर हो जाए। इसके साथ ही आपको बता दे कि इस पूरे घटनाक्रम में हिंसा इस्लामिया ग्राउंड की ओर मार्च के दौरान हिंसा हुई लेकिन पुलिस ने भीड़ को रोकने कीकोशिश की। जिसके बादपुलिस ने 10 एफआईआर दर्ज कीं और 30 से अधिक गिरफ्तारियां की गई है। और साथ ही एनएसए के तहत कार्रवाई की जा रही है।
बरेली बवाल: IMC प्रमुख मौलाना तौकीर रजा गिरफ्तार, सीतापुर जेल भेजने की तैयारी

आई लव मोहम्मद मामले को लेकर शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के बाद महानगर के कई स्थानों पर हुए बवाल के मामले में आईएमसी मुखिया तौकीरराजा को गिरफ्तार कर लिया गया है। कोर्ट में पेश किए गए मौलाना की अब सीतापुर जेल की रवानगी की तैयारियां की जा रही है। शनिवार कोमहानगर पुलिस द्वारा बीते दिन महानगर में शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के बाद शहर में कई स्थानों पर हुए बवाल के मामले के बाद हिरासत में लिएगए आईएमसी मुखिया मौलाना तौकीर राजा को गिरफ्तार करने की घोषणा करते हुए सवेरे तकरीबन 5:00 बजे उनका मेडिकल कराया गया। इसके बाद सवेरे 6:00 बजे कोर्ट में पेश किए गए मौलाना तौकीर राजा को जब अदालत जेल भेजने का आदेश दिया तो पुलिस और प्रशासन सुरक्षाकारणों की वजह से अब मौलाना को सीतापुर जेल में दाखिल करने की तैयारी में जुट गया है। शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के बाद हुए बवाल केदौरान पथराव और झड़पों की चपेट में आकर 15 पुलिस कर्मी घायल हो गए थे, जिनका जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया। अनुमति न मिलने के बावजूद प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। बरेली के सौदागरान औरविहारीपुर इलाकों में भारी सुरक्षा बल तैनात था, और ड्रोन से निगरानी की जा रही थी।27 सितंबर सुबह करीब 5 बजे तौकीर रजा को गिरफ्तार किया गया। उन्हें 6 बजे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जमानत याचिका खारिज हो गई।अब उन्हें सीतापुर जेल स्थानांतरित करने की तैयारी चल रही है। उनके 7 समर्थकों को भी गिरफ्तार किया गया है।
जुबेर एनकाउंटर: गोरखपुर हत्याकांड के मुख्य आरोपी का अंत

उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। गोरखपुर के बहुचर्चित NEET छात्र दीपक गुप्ताहत्याकांड के मुख्य आरोपी जुबेर उर्फ कालिया को रामपुर जिले में मुठभेड़ के दौरान ढेर कर दिया गया। यह घटना 26 सितंबर की देर रात करीब 10 बजे रामपुर के गंज थाना क्षेत्र के चाकू चौराहे के पास हुई। जुबेर पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित था और उसके खिलाफ 17 से अधिक मुकदमेदर्ज थे, जिनमें पशु तस्करी और हत्या जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। आपको बता दे कि STF और रामपुर पुलिस की संयुक्त टीम जुबेर की तलाश में चेकिंग कर रही थी। जैसे ही पुलिस ने उसे रोकने का इशारा किया, जुबेर ने गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने फायरिंग किया, जिसमें जुबेर को कई गोलियां लगीं। जिसके बाद उसको अस्पताल लेजाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया इस मुठभेड़ में एक उपनिरीक्षक राहुल सिंह और एक कांस्टेबल संदीप कुमार घायल हो गए।दोनों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। सीओ सिटी जितेंद्र सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट में दो गोलियां लगने से वेबाल-बाल बच गए। इसके साथ आपको बता दे कि जुबेर अहमद उर्फ कालिया रामपुर के घेर मर्दान खां का निवासी था। वह लंबे समय से पशु तस्करी के धंधे में लिप्त थाऔर पूर्वांचल में गो-तस्करी गैंग का प्रमुख सदस्य माना जाता था। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में 16-17 मुकदमे दर्ज थे, जिनमेंहत्या, अपहरण और तस्करी जैसे कई मामले प्रमुख थे। इसी क्रम में यूपी STF की इस कार्रवाई को एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि जुबेर कई मामलों में फरार चल रहा था। रामपुर के एसएसपीऔर अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। पोस्टमॉर्टम के बाद जुबेर का शव उसके परिजनों को सौंप दिया जाएगा। इस एनकाउंटर से पशु तस्करी केनेटवर्क पर लगाम लग सकती है, लेकिन पुलिस अन्य फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए अलर्ट पर है।
लाल किला मैदान में लव कुश रामलीला का पाँचवाँ दिन

लाल किला मैदान में लव कुश रामलीला कमेटी की पांचवीं लीला का आयोजन बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ हुआ। इस दिन की लीला ने दर्शकोंके दिलों को छू लिया। पूरा मैदान रामलीला प्रेमियों और दर्शकों से भरा रहा। हर कोई मंच पर हो रही अद्भुत अदाकारी को देखकर मंत्रमुग्ध हो गया। भरत मिलाप का भावपूर्ण दृश्यआज की लीला में सबसे ज्यादा ध्यान आकर्षित करने वाला दृश्य था भरत मिलाप। इस दृश्य में कलाकारों ने अपने भाव और अभिनय से दर्शकों कोभावविभोर कर दिया। चित्रकूट में भरत और राम की भेंट के समय दर्शकों की आँखें आंसुओं से भर गईं। हर कोई इस दृश्य को देखकर रामलीला कीगहराई और भावनाओं का अनुभव कर रहा था। वीआईपी और कलाकारों की उपस्थितिलीला देखने के लिए कई वीआईपी भी पहुंचे। इस अवसर पर पंकज सिंह, सांसद और भारतीय जनता पार्टी के जनरल सेक्रेटरी, मंच पर आए औरलीला का आनंद लिया। इसके अलावा, बॉलीवुड और हॉलीवुड की प्रसिद्ध एक्ट्रेस और सिंगर शिखा चौधरी भी मुंबई से विशेष रूप से आईं। उन्होंनेअपने मधुर भजन और चरण वंदना से दर्शकों का मन मोह लिया। उनकी आवाज़ में प्रभु श्रीराम के प्रति भक्ति की भावना साफ झलक रही थी। लीला के प्रमुख घटनाक्रमलीला का आज का आयोजन बहुत ही रोचक और मनोरम था। श्रीराम, लक्ष्मण और सीता जी के वनवास के बाद से लेकर सुमंत की वापसी तक कीघटनाओं का मंचन किया गया। इसके अलावा निषाद राज से भेंट, केवट द्वारा गंगा पार करना, सुमंत की वापसी, कौशल्या महल में दशरथ का निधन, भरत का ननिहाल में सपना, मार्ग में शत्रुघ्न का भरत से मिलना, कौशल में भरत और राम की वार्तालाप, निषाद राज का दरबार और भरत मिलाप जैसीघटनाओं का मंचन किया गया। आज की लीला में भरत मिलाप का दृश्य सबसे ज्यादा आकर्षक रहा, जिसमें लगभग 150 कलाकार एक साथ मंचपर उपस्थित थे। अतिथियों का स्वागत और सम्मानमंच पर आए सभी अतिथियों का स्वागत कमेटी की ओर से बड़े ही सम्मानपूर्वक किया गया। जनरल सेक्रेटरी सुभाष गोयल, सीनियर वाइस प्रेसिडेंटसत्य भूषण जैन, गौरव सूरी, संदीप भूटानी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, लीला मंत्री प्रवीण सिंगल, संजय वर्मा और वीरू सिंधी ने अतिथियों का अभिनंदन किया।उन्हें लीला का प्रतीक चिन्ह और राम नामी पटका भेंट किया गया। मंचन और कलाकारों की प्रस्तुतिलीला का मंचन मुंबई फिल्म नगरी और टीवी के अनुभवी कलाकारों द्वारा किया गया। कलाकारों की अदाकारी और भजन गायन ने लीला को और भीजीवंत और आकर्षक बना दिया। दर्शक हर दृश्य में रमणीयता और भक्ति का अनुभव कर रहे थे। हर कोई कलाकारों की प्रस्तुति और मंच की सजावटसे बहुत प्रभावित हुआ। दर्शकों की प्रतिक्रियालीला देखने आए दर्शक बहुत खुश और रोमांचित नजर आए। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी ने पूरी लीला का आनंद लिया। हर कोई मंच पर हो रहीअदाकारी और भजन गायन के बीच रामलीला की भावनाओं में डूबा रहा। पांचवें दिन की यह लीला सभी के लिए एक यादगार अनुभव बन गई।
20 साल की अनदेखी और 10,000 का लालच, प्रियंका गांधी ने महिला संवाद में उठाई महिला सम्मान की आवाज़”

प्रियंका गांधी वाद्रा ने ‘महिला संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा– आप सब बहुत थक गई होंगी इतना इंतजार करते-करते, गर्मी भी है। तोसबसे पहले मैं आप सबको धन्यवाद देना चाहती हूं कि आप यहां आई हैं और एक-दूसरे की जो समस्याएं हैं, उनके बारे में आपने मुझे अवगत किया, उसके साथ-साथ आप मेरी बातों को भी सुनने के लिए आई हैं। देखिए, हम सब महिलाएं हैं और महिला होने के नाते हम एक-दूसरे को इस तरह सेसमझ पाते हैं, जिस तरह से दूसरे नहीं समझ पाते हैं। आदमी नहीं समझ पाते हैं, क्योंकि हमारा जीवन अलग होता है। चाहे आप गांव में गरीब महिलाहों, चाहे आप बड़े शहर में बड़े घर की महिला हों, महिला होने के नाते हमें संघर्ष का सामना करना होता है। किसी ना किसी तरह का संघर्ष हमेशाहमारे सामने आता है। जहां तक आपकी बात है, आप इतना संघर्ष कर रही हैं, इतने सालों से, 20 सालों से, जब से यह सरकार आई है… आपकोक्या मिला है? मैंने सबकी बातें सुनीं, एक महिला नहीं थी, आंगनबाड़ी की महिलाएं थीं, उनके प्रतिनिधि ने बोला, आशा बहुओं की प्रतिनिधि नेबोला, जीविका की महिलाओं की प्रतिनिधि ने बोला, स्वंयसेवक समूह की महिलाओं की प्रतिनिधि ने बोला और सबने एक ही बात कही कि हमेंसम्मान ही नहीं मिल रहा है। यही बात की, अगर ठोस तरीके से देखा जाए तो जो वेतन मांग रही हैं, जो कह रही हैं कि हम दिन-रात काम कर रहे हैं, हमें12 बजे रात को फोन आता है तो हम चले जाते हैं किसी की डिलीवरी कराने। हम अपने छोटे, 10 दिन के बच्चे को अपने साथ ले जाकर गए हैंकोविड के समय। काम करने के लिए, लेकिन हमारा सम्मानतो हमें 24 घंटे मौजूद होना पड़ता है, 24 घंटे तैयार होना पड़ता है काम करने के लिए, लेकिन हमारा सम्मान नहीं है, हमें वेतन ही नहीं मिलता। सबयही कह रहे हैं कि सरकार उनको जो मानदेय दे रही है कहीं 1,500, कहीं 3,000 यह कोई मानदेय है। आज के जमाने में आप बाजार जाओगी, आपको क्या मिलेगा 3,000 रुपए में, 1,000 रुपए में क्या मिलेगा आपको, आधी चीजें आप छोड़कर वापस आ जाएंगी और आपको महीने में1,000 रुपए दिए जा रहे हैं। त्यौहार आते हैं, बच्चों की शिक्षा करानी है, बच्चे बीमार पड़ जाते हैं, घर के छप्पर में कोई लीक आ जाता है, पानी आरहा है, उसकी मरम्मत करानी है, कैसे करते हैं आप यह सब और जब आपको बुलाया जाता है, आपको हाजिर होना पड़ता है। तो चाहे आप किसीपाठशाला में काम कर रहे हैं, चाहे आप मिड-डे मील पका रहे हैं, चाहे आप स्वास्थ्य की सुविधाओं में मदद कर रहे हैं, चाहे कुछ भी कर रहे हैं, आपके8 से 10 घंटे इसी काम में गुजरते हैं। आप घर आती हो तो यह नहीं है कि आराम से लेट सकती हो, आप घर आती हो तो आपको अपने बच्चों कोसंभालना है, उनकी पढ़ाई की देखरेख करनी है, किसी का स्वास्थ्य ठीक नहीं है उसकी देखभाल करना है, पूरे घर को खाना खिलाना है, परिवारजनोको खाना खिलाना है और जब तक वह सब सोते नहीं हैं, तब तक आप सोती नहीं हो… सच है कि नहीं है? सच है ना। 20 सालों से यहां कौन सरकार में रहातो यह समाज और यह जो सरकारें हैं, यह आपका सम्मान क्यों नहीं कर रही हैं… यह मैं पूछना चाहती हूं, आपने सोचा है कि चुनाव आ रहा है, चुनावके आज शायद एक-डेढ़ महीने पहले हैं हम… चुनाव आ रहा है तो आपको 10,000 रुपए मिल रहे हैं, तो ऐलान हो गया है कि आपको 10,000 रुपए दिए जाएंगे। 20 सालों से यहां कौन सरकार में रहा, 20 सालों से किसने नीतियां बनाईं, 20 सालों से यह 10,000 रुपए आपको क्यों नहींदिए? अब चुनाव आ रहा है तो उन्होंने कह दिया है कि 10,000 रुपए आपको मिलेंगे, लेकिन यह नहीं कह रहे हैं कि हर महीने मिलेंगे, यह नहीं कहरहे हैं कि आपका मानदेय 10,000 रुपए हो जाएगा, कि उसको बढ़ाकर हम आपको 10,000 रुपए देंगे। यह सिर्फ यह कह रहे हैं कि अब बड़ीसंख्या में हम महिलाओं को 10,000 रुपए दे देंगे। क्यों, ताकि आप अपना वोट उनको दें। सिर्फ एक ही मकसद है, एक ही नीयत है। महिला परक्या बीतती है, महिला जब एक जगह से दूसरी जगह जाती है तो असुरक्षित महसूस करती है अपने आपको, अपराध बढ़ गए हैं महिलाओं पर, 10 गुनाबढ़ गए होंगे। यह जो लड़की अभी स्टेज पर आई थी, क्या कह रही थी… कि मैं जब कॉलेज जाती हूं दीदी मुझे डर लगता है। पढ़ाई के लिए जा रहीहै, घर से जा रही है, वापस आ रही है उसको डर लगता है, क्योंकि इस सरकार ने उसको सुरक्षित करने का कोई काम नहीं किया। महिलाओं केबलात्कार हो रहे हैं, अपराध हो रहे हैं महिलाओं पर, यह लोग एफआईआर दर्ज तक नहीं होने देते। जब आप एफआईआर दर्ज करने जाते हैं, मनाकिया जाता है। मैंने बार-बार, बार-बार यह देखा है। मैं यूपी में काम करती थी, पांच साल काम किया, मेरे ख्याल से हर हफ्ते, हर 10 दिन ऐसा एककेस आता था, जहां महिला पर अपराध हुआ है और उसके लिए कोई मदद नहीं है, कोई खड़ा नहीं हो रहा है उसको मदद करने के लिए, वह खुद खड़ीहै।
आप नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग के नेतृत्व में ‘आप’ पार्षदों ने भाजपा की विफलताओं पर घेरा, जोरदार नारेबाजी”

दिल्ली नगर निगम में आम आदमी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग के नेतृत्व में पार्टी के पार्षदों ने शुक्रवार को सदन के अंदर डेंगू, मलेरिया औरचिकनगुनिया के बढ़ते केस को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्षदों ने नारेबाजी कर मौसमी बीमारियों पर काबूपाने में नाकाम भाजपा सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए। अंकुश नारंग ने कहा कि दिल्ली में हर तरफ मच्छरों का प्रकोप है। एमसीडी का सदन भीमच्छरों से अछूता नहीं है। इसीलिए सभी “आप” पार्षद मच्छरदानी ओढ कर सदन के अंदर आए और भाजपा से इन मच्छरों के प्रकोप से बचाने कीमांग की। अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा की चार इंजन की सरकार ने मौसमी बीमारियों की रोकथाम को लेकर अभी तक कोई ठोस कदम नहींउठाया और ना तो कोई जागरूकता अभियान ही चला रही है, जिससे कि लोग जागरूक होकर खुद का बचाव कर सकें। आम आदमी पार्टी इस गंभीरमुद्दे पर सदन के अंदर चर्चा चाहती है लेकिन भाजपा सरकार इसके लिए भी तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी हमेशा दिल्लीवासियों केहक़ और हितों की आवाज़ सड़क से सदन तक मजबूती से उठाती रही है और उठाती रहेगी।अंकुश नारंग ने कहा कि दिल्ली में डेंगू, मलेरिया औरचिकनगुनिया के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। 2025 में अब तक दिल्ली में मलेरिया के 333 मामले आ चुके हैं। इस साल मलेरिया ने पिछलेपांच साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। चिकनगुनिया के मामले भी पिछले पांच साल की तुलना में सबसे ज्यादा हैं। यही हाल डेंगू का भी है। दिल्ली मेंमलेरिया, चिकनगुनिया और डेंगू तेजी से फैल रहे हैं। भाजपा के पास इनसे लड़ने की कोई ठोस कार्य योजना नहीं है। केजरीवाल सरकार के इस सफल कैंपेनअंकुश नारंग ने याद दिलाया कि जब अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री थे, तब आम आदमी पार्टी की सरकार 10 सप्ताह, 10 रविवार, सुबह10 बजे, 10 मिनट का एक कैंपेन चलाती थी। केजरीवाल सरकार के इस सफल कैंपेन का भाजपा के लोग मजाक उड़ाते थे। जबकि उस अभियान केजरिए लोगों के बीच जागरूकता बढ़ती थी। लोगों को पता होता था कि मलेरिया, चिकनगुनिया और डेंगू से कैसे लड़ना है। अगर कहीं पानी एकत्रितहै, तो वे उसे साफ करके इन बीमारियों से बच सकते हैं। केजरीवाल का विजन था कि लोग जितना जागरूक होंगे, उतना इन बीमारियों पर काबू पायाजा सकेगा।अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा सरकार ने इन मौसमी बीमारियों को काबू करने को लेकर कोई अभियान नहीं चला रही है और ना तोभाजपा की केंद्र, दिल्ली सरकार और एमसीडी के अस्पताल डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया का इलाज ही सुचारू रूप से दे पा रहे हैं। जब मेयर राजाइकबाल सिंह अपने सिविक सेंटर को ही मच्छर मुक्त नहीं कर सकते। तो पूरी दिल्ली को क्या मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया मुक्त करेंगे? जहांगीरपुरी जैसे इलाकों से रोजाना डेंगू-मलेरिया के मामले अंकुश नारंग ने कहा कि सिविल लाइन जोन के जहांगीरपुरी जैसे इलाकों से रोजाना डेंगू-मलेरिया के मामले आ रहे हैं, जिस जोन से महापौर राजाइकबाल सिंह खुद आते हैं। अगर महापौर अपने वार्ड, या अपने जोन में ही मौसमी बीमारियों को नहीं रोक पा रहे हैं, तो उनसे पूरी दिल्ली से डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया के बढ़ते मामलों को रोकने की उम्मीद कैसे की जाए? अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा के मेगा सफाई अभियान सेमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मेयर राजा इकबाल सिंह की वीडियो आ रही हैं। वे साफ सड़कों पर कूड़ा फेंकवा कर उसे साफ करते हैं। जबकि जमीनी हकीकतइसके बिल्कुल उलट है। मेयर राजा इकबाल के ही जोन में आने वाला मजलिस पार्क, बुराड़ी का निरंकारी ग्राउंड, वजीराबाद के रामघाट, कादीपुरसहित पूरे सिविल लाइन जोन की हर गली, सड़क और चौराहे पर कूड़े के ढेर लगे हैं। जहां कभी पहले पांच टिपर होते थे, वहां अब एक टिपर आताहै। एमसीडी की सफाई वाली गाड़ियों का साइलेंसर रस्सी से बंधा है। ये गाड़ियां धक्के से स्टार्ट होती हैं। मेयर राजा इकबाल सिंह और पूरी भाजपाकूड़ा और मलबा उठाने में विफल है।
मनजिंदर सिंह सिरसा के नेतृत्व में DPCC ने आयोजित की ‘ब्रेथ ऑफ चेंज’ कार्यशाला, सड़क धूल प्रदूषण के समाधान पर रहा केंद्रित फोकस”

माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व और माननीय मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी के प्रभावी मार्गदर्शन में दिल्ली सरकार ने आज एक दिवसीय“ब्रेथ ऑफ चेंज – क्लीन एयर डायलॉग” कार्यशाला और आईईसी एक्टिविटी का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सड़कों को कम्प्लीटस्ट्रीट्स के कॉन्सेप्ट में ढालकर धूल प्रदूषण से निपटना था। यह कार्यक्रम दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने राहगिरी फाउंडेशन के साथमिलकर आयोजित किया। इसमें 15 सरकारी एजेंसियों के 170 से ज्यादा इंजीनियर और टेक्नीशियन शामिल हुए, जिन्हें रोड रिडेवलपमेंट के साथधूल नियंत्रण के नई तकनीक और तरीके सिखाए गए। कार्यक्रम बहुत अहमइस मौके पर दिल्ली के माननीय पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा “यह कार्यक्रम बहुत अहम है क्योंकि सीएम रेखा गुप्ता के नेतृत्व मेंदिल्ली सरकार ने धूल प्रदूषण से निपटने के लिए 24×7 सालभर की रणनीति बनाई है। ज़मीन पर इन योजनाओं को लागू करने वाले अधिकारियों कोट्रेनिंग देना उतना ही ज़रूरी है, क्योंकि किसी भी योजना की सफलता उसके सही अमल पर निर्भर करती है। हम लगातार सभी हितधारकों—सरकारीएजेंसियों, स्वतंत्र संस्थानों, एनजीओ, एक्सपर्ट्स, छात्रों और आम जनता से संवाद कर रहे हैं, क्योंकि प्रदूषण से लड़ाई सबके सहयोग से ही जीती जासकती है।” तकनीकी ढाँचे पर फोकसकार्यशाला में ‘कम्प्लीट स्ट्रीट्स’ बनाने के लिए तकनीकी ढाँचे पर फोकस किया गया, जिसमें शामिल थे.• इंटरसेक्शन, खाली ज़मीन और जल स्रोतों का टोपोग्राफिकल सर्वे• कॉन्टूर सर्वे, सतह की जाँच और लेवल का आंकलन• यूटिलिटी सर्वे (पानी की सप्लाई, सीवरेज, ड्रेनेज, बिजली, स्ट्रीट लाइटिंग, सीसीटीवी, आदि)• वेजिटेशन सर्वे—स्थानीय पेड़-पौधे, जैव विविधता और खास प्राकृतिक इलाकों की पहचान• सीएक्यूएम गाइडलाइंस पर आधारित मानक डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करने की प्रक्रिया सीएक्यूएम रिसोर्स लैब ने इस कार्यक्रम मेंअहम भूमिका निभाई। यहाँ अधिकारियों को डिज़ाइन ड्रॉइंग्स में मानक लेजेंड बनाने, बेस्ट प्रैक्टिसेज़ साझा करने और एनसीआर शहरों के इंजीनियरों वस्टेकहोल्डर्स को ट्रेनिंग देने का मौका मिला। यह लैब आगे भी एनसीआर शहरों को सस्टेनेबल रोड डेवलपमेंट मॉडल अपनाने में मदद करेगी।
Delhi’s health system shifted from ICU to ventilator under the BJP rule says Devender Yadav

Expressing concern over the deterioration of the health infrastructure and lack of facilities in the Municipal Corporation of Delhi (MCD) hospitals, Delhi Pradesh Congress Committee president Shri Devender Yadav said that Delhi Chief Minister Rekha Gupta has been launching new schemes to mislead the people and to impress BJP’s Central leadership without paying any attention to the basic needs of the people. He said that it was disturbing to note that patients who go to MCD hospitals have to face myriad problems due to lack of facilities, medicines and staff, as Delhi’s health system has been shifted from ICU to ventilator.Devender Yadav said that patients are forced to run from pillar to post, and shell out huge sums to buy medicines from outside as treatments at the Hindu Rao Hospital, Balak Ram Hospital and Swami Dayanand Hospital come at a heavy price as these hospitals are without even basic medicines. MCD hospitals is so depressing and terribleDevender Yadav said that the system in the BJP-ruled MCD hospitals is so depressing and terrible that patients dread to approach these hospitals as medicines for BP, antibiotics, heart diseases are scarce to get. He said that after standing in long queues, doctors prescribe medicines which are not available in these hospitals and the poor, helpless patients have to buy these medicines from outside, which many patients are unable to afford. He said that with cases of vector-borne diseases like dengue and malaria on the rise, there is no special arrangement for the treatment of such patients in these hospitals. He said that patients have been facing shortage of medicines for the past several months as very few medicines prescribed by the doctors are available in these hospitals. He said that this situation has been prevailing in the MCD hospitals for the past many months, but the BJP Government has not bothered to address these issues.