करुर में हुई भगदड़ त्रासदी के बाद टीवीके ने रैलियों को दो हफ्तों के लिए स्थगित किया, पार्टी ने मृतकों के प्रति जताई गहरी संवेदना

तमिल अभिनेता और तमिलगा वेत्त्री कझगम (टीवीके) पार्टी प्रमुख विजय की रैलियों में करुर में हुई भगदड़ की घटना का गहरा असर देखने को मिलाहै। इस हादसे में 41 लोगों की मौत और 60 से अधिक लोग घायल हो गए थे। घटना के बाद पार्टी ने अगले दो हफ्तों के लिए विजय की सभीरैलियों को अस्थायी रूप से स्थगित करने का एलान किया है। 27 सितंबर को करुर में विजय की जनसभा के दौरान भगदड़ मच गई थी। भीड़ कोनियंत्रित करने में भारी चूक सामने आई और बड़ी संख्या में लोग दबकर जान गंवा बैठे। इस घटना के बाद से पार्टी और समर्थकों में शोक का माहौलहै। टीवीके मुख्यालय ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि करुर की इस त्रासदी ने सबको हिला दिया है और ऐसे माहौल में कार्यक्रम जारीरखना उचित नहीं होगा। रैलियां दो हफ्तों तक नहीं होंगीपार्टी ने कहा है कि विजय की “जनता से मिलो” पहल के तहत हर शनिवार को होने वाली रैलियां दो हफ्तों तक नहीं होंगी। विजय अब तकतिरुचिरापल्ली, नमक्कल और करुर का दौरा कर चुके हैं। करुर हादसे के बाद अगली निर्धारित रैलियां अस्थायी तौर पर रोक दी गई हैं। पार्टी ने साफकिया है कि नए कार्यक्रमों की घोषणा विजय की मंजूरी के बाद ही की जाएगी। टीवीके की आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया कि हमअपने 41 साथियों की मौत से दुखी और व्यथित हैं। इस स्थिति में हमारे नेता के अगले दो हफ्तों के कार्यक्रम स्थगित किए जाते हैं। संशोधितकार्यक्रम की जानकारी बाद में दी जाएगी। बयान में यह भी कहा गया कि इस मुश्किल समय में पार्टी पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताईहादसे के बाद विजय और उनकी पार्टी नेताओं ने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताई है। विजय ने खुद भी इस त्रासदी पर शोक व्यक्तकिया था और घायलों के इलाज व पीड़ितों के परिवारों की मदद के लिए कदम उठाने की घोषणा की थी। इस स्थगन को कई राजनीतिक पर्यवेक्षकोंने “संवेदनशील फैसला” बताया है।पार्टी सूत्रों के अनुसार, विजय की रैलियों की नई तारीखें पार्टी मुख्यालय द्वारा तय की जाएंगी। यह भी माना जारहा है कि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किए जाने के बाद ही अगले सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। करुर की त्रासदी ने न केवलपार्टी बल्कि तमिलनाडु की राजनीति पर भी बड़ा असर डाला है
शिमला के रिज मैदान पर अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुजुर्गों को सम्मानित किया, नई रोगी मित्र योजना का किया ऐलान

शिमला के रिज मैदान पर बुधवार को अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खूने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस दौरान खलीनी और विकासनगर की 60 से 80 वर्ष के आयु वर्ग की महिलाओं ने रैंप वॉक किया। उपस्थितसभी दर्शकों ने तालियों से बुजुर्गों का बढ़ाया। इसके अलावा स्वयं सहायता समूह चौपाल के सदस्यों ने चौपाल का पारंपरिक नृत्य भी प्रस्तुत किया।इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिकों को अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए मुख्यमंत्री की ओर से सम्मान दिया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंद्रसिंह सुक्खू ने कहा कि आने वाले समय में 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए रोगी मित्र योजना ला रहे हैं। रोगी मित्र लोगों के घर जाएंगे औरउनकी बीमारियों की जानकारी लेंगे। अच्छा इलाज यहीं देंगे। थोड़ा सा इसमें सहयोग करें। हिमाचल प्रदेश में बुजुर्गों की उम्र में इजाफा हुआ है। भ्रष्टाचार के चोर दरवाजे को बंद करके योजना लाईबुजुर्गों के लिए सरकार आने वाले समय में कुछ न कुछ करेगी। सीएम सुक्खू ने कहा कि भ्रष्टाचार के चोर दरवाजे को बंद करके योजना लाई है।सबको सुविधाएं होंगी तो हिमाचल समृद्धशाली राज्य बनेगा। सुक्खू ने कहा कि साक्षरता दर में हिमाचल पूरे हिंदुस्तान में पहले नंबर पर आया है।आंवला खाते हैं तो पहले खट्टा लगता है, बाद में मुंह मीठा हो जाता है। सीबीएसई से स्कूलों को जोड़ा गया है। उससे बदलाव आ रहा है। सीएम नेकहा कि पहले मेडिकल कॉलेजों को दुरुस्त किया जाएगा। एम्स की तर्ज पर आईजीएमसी में सुविधाएं दे रहे हैं। पहली रोबोटिक सर्जरी चमियानाअस्पताल में शुरू की गई है। ओल्ड पेंशन स्कीम भी बुजुर्गों के सम्मान के लिए दी गई। सीएम ने कहा कि आने वाले समय में हिमाचल के लोगों केआशीर्वाद की जरूरत है
कांग्रेस ने मोदी सरकार की विदेश नीति पर हमला, ट्रंप की पाक सेना प्रमुख की तारीफ को बताया भारत के लिए बड़ी चुनौती

कांग्रेस ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से पाकिस्तान के सेना प्रमुखजनरल असीम मुनीर की तारीफ ने भारत की कूटनीति को कटघरे में खड़ा कर दिया है। पार्टी का कहना है कि अब केवल नारेबाजी, डींगे मारने औरभाषण झाड़ने से काम नहीं चलेगा। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘स्वयंभू विश्वगुरु और उनके चेले अब पूरीतरह बेनकाब हो गए हैं। भारतीय कूटनीति के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी हैं, सिर्फ अमेरिका ही नहीं बल्कि और भी कई देशों के साथ संबंधों मेंदिक्कतें हैं।’ इसके साथ ही कांग्रेस नेता ने ट्रंप के उस भाषण को साझा किया जिसमें उन्होंने पाकिस्तान आर्मी चीफ आसिम मुनीर की जमकर तारीफकी थी। उन्होंने कहा कि ट्रंप का मुनीर के प्रति आकर्षण अब भी जारी है, जबकि मुनीर के भड़काऊ और सांप्रदायिक बयानों के बाद ही अप्रैल मेंपहलगाम आतंकी हमला हुआ था। तीन महीनों में व्हाइट हाउस में मुनीर से दो बार मुलाकात कीकांग्रेस नेता ने दावा किया कि ट्रंप ने पिछले तीन महीनों में व्हाइट हाउस में मुनीर से दो बार मुलाकात की है। अब ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें अच्छालगा जब फील्ड मार्शल मुनीर ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने 10 मई को भारत-पाकिस्तान के बीच टकराव रोककर लाखों लोगों की जानबचाई। ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि उनके चीफ ऑफ स्टाफ ने मुनीर की इस बात को ‘सबसे खूबसूरत चीज’ बताया। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार कोएक बार फिर यह दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान जैसे परमाणु संपन्न देशों के बीच बड़े टकराव को खत्म किया। वर्जीनिया के क्वांटिकोमें सैन्य अधिकारियों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, ‘मैंने अपने कार्यकाल के नौ महीनों में सात युद्ध खत्म कर दिए। कल शायद मैंने अब तक का सबसेबड़ा विवाद सुलझा लिया। भारत और पाकिस्तान का विवाद बहुत बड़ा था और मैंने उसे रोक दिया।’ कांग्रेस का कहना है कि ट्रंप की इन टिप्पणियोंऔर पाकिस्तान सेना प्रमुख की मौजूदगी में हुई इन मुलाकातों से साफ है कि मोदी सरकार की विदेश नीति केवल प्रचार तक सीमित रही है और असलकूटनीतिक मोर्चे पर भारत की साख कमजोर पड़ रही है।
दिल्ली में अपराध की भयावह वृद्धि, बीजेपी के केंद्रीय शासन की नाकामी उजागर , एनसीआरबी 2023 रिपोर्ट में हुआ खुलासा आप नेता कुलदीप कुमार ने लगाये गंभीर गंभीर आरोप

दिल्ली में बदहाल कानून व्यवस्था की पोल बीजेपी की केंद्र सरकार की ही एजेंसी एनसीआरबी ने खोल कर रख दी है। एनसीआरबी की 2023 कीरिपोर्ट से साफ है कि बीजेपी के राज में सिर्फ अपराध का विकास हो रहा है। इसलिए अपराध के मामले दिल्ली देश भर में टॉप पर पहुंच गई है। येरिपोर्ट बता रही है कि 2023 में दिल्ली में एक फीसद बढ़ा अपराध है और साल भर में कुल 3.23 लाख केस दर्ज हुए है। अपराध ऐसे ही बढ़ता रहातो, 2025 में सारे रिकॉर्ड टूटने के आसार हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस न सिर्फ अपराध रोकने में फेल है, बल्कि चार्जशीट दाखिल करने में भी देशभर मेंफिसड्डी है। जब से अमित शाह देश के गृहमंत्री बने हैं, दिल्ली अपराधियों का अड्डा बन गई है, रोज हत्या-लूट हो रही है। मंगलवार को “आप” मुख्यालय पर प्रेसवार्ता कर वरिष्ठ नेता और विधायक कुलदीप कुमार ने ये बातें कहीं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हाथ में कुलदीप कुमार ने कहा किदिल्ली की कानून व्यवस्था केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हाथ में है। उनके गृहमंत्री रहते दिल्ली में हर दिन चाकूबाजी, लूट, बलात्कार और छेड़छाड़की खबरें आ रही हैं। आज दिल्ली में बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। सुबह पार्क में टहलने वाले बुजुर्ग डरते हैं। लाखों बच्चे स्कूल जाते हैं, लेकिन माता-पिता को बम धमकी की खबर मिलती है। जब बच्चा स्कूल में हो और बम से स्कूल उड़ाने की धमकी आए तो एक पेरेंट्स पर क्या गुजरती होगी? बड़ेप्राइवेट स्कूलों को बार-बार बम धमकियां मिल रही हैं, लेकिन केंद्र सरकार का खुफिया तंत्र स्रोत नहीं बता पा रहा।कुलदीप कुमार ने हालिया घटनाओं का जिक्र किया और कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट तक को ईमेल से बम से उड़ाने की धमकी मिली है, जिसके बादपूरा परिसर खाली कराया गया। दिल्ली वालों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। चार इंजन वाली सरकार अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी कोगालियां देने, फोटो खिंचवाने, रील बनाने और झूठे प्रचार में लगी है। उधर एलजी साहब भी लापता हैं, अब उनका कोई बयान नहीं आता। फीसद केसों की बढ़ोतरीकुलदीप कुमार ने एनसीआरबी 2023 डेटा का हवाला देते हुए कहा कि एक फीसद केसों की बढ़ोतरी के साथ दिल्ली अपराध के मामलों में शीर्ष परआ चुका है। डेटा के अनुसार, 2022 में दिल्ली में 2.98 लाख अपराध के मामले दर्ज हुए, जबकि 2023 में यही संख्या बढ़कर 3.23 लाख हो गई।वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराध में भी दिल्ली शीर्ष पर पहुंच गया है। आलम यह है कि दिल्ली हर तरह के अपराध में शीर्ष पर है, लेकिन दिल्लीपुलिस चार्जशीट दाखिल करने के मामले में सबसे निचले पायदान पर है। इसलिए अपहरण, हत्याएं बढ़ रही हैं। कुलदीप कुमार ने पूर्व “आप” सरकारकी तुलना की, जहां अरविंद केजरीवाल ने शिक्षा में रिकॉर्ड बनाए। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार में सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे पूरे देश मेंसुर्खियां बटोरी, लेकिन भाजपा राज में अपराध सुर्खियां बटोर रहा है। 11 साल से केंद्र में बीजेपी की सरकार हैं, दिल्ली की जिम्मेदारी केंद्रीय गृहमंत्रीके अधीन है। भाजपा के पास केंद्र, उपराज्यपाल, एमसीडी और डीडीए है। दिल्लीवासियों ने भाजपा को चुनकर यह चार इंजन वाली सरकार दी, इसके बावजूद दिल्ली सुरक्षित नहीं है, क्योंकि अपराधी भाजपा के संरक्षण में पल रहे हैं।
भाजपा में पवन सिंह की फिर से वापसी? कुशवाहा के साथ मुलाकात के बाद गरमाई सियासत

भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार पवन सिंह ने मंगलवार को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े से मुलाकात की सांसद उपेंद्र कुशवाहा के आवासपर हुई इस बैठक की कई तस्वीरें वायरल हो रही हैं तावड़े ने बैठक के बाद कहा कि पवन जी भाजपा में ही हैं आदरणीय उपेंद्र कुशवाहा जी ने उन्हेंशुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया है आने वाले दिनों में पवन जी सक्रियता से एनडीए के लिए काम करेंगे, भाजपा के कार्यकर्ता के तौर पर.गौरतलब है कि कुछ समय पहले ही भाजपा नेता आरके सिंह ने कहा था कि पवन सिंह को पहले भाजपा से टिकट दिया गया था, फिर चुनाव लड़ने सेमना कर दिया गया और कहीं और से भी टिकट नहीं मिला यह सुनकर थोड़ा दर्द हुआ. तृणमूल कांग्रेस ने शत्रुघ्न सिन्हा क उम्मीदवार बनायाइसलिए मेरा मानना है कि पवन सिंह को फिर से भाजपा में शामिल हो जाना चाहिए। आरके सिंह के इस बयान के बाद से यह अटकलें थीं कि पवनसिंह भाजपा से पूरी तरह से नाता तोड़ चुके हैं हालांकि, अब तावड़े के बयान ने एक बार फिर पवन सिंह को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म कर दियाबीते साल हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा ने पवन सिंह को आसनसोल सीट से उम्मीदवार बनाया था हालांकि, पवन सिंह ने अगले ही दिन इस सीट सेचुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस ने शत्रुघ्न सिन्हा क उम्मीदवार बनाया था पवन सिंह के नाम वापस लेने के बाद उनकीभाजपा से दूरियां बनना शुरू हो गई थीं हालांकि, इसमें अगला पड़ाव तब आया, जब भोजपुरी स्टार ने काराकाट सीट से निर्दलीय ही ताल ठोंकने काएलान कर दिया. मुलाकात के बाद चर्चाओं का बाजार गर्मइस सीट पर एनडीए पहले ही उपेंद्र कुशवाहा का नाम तय कर चुकी थी इसके बाद भाजपा ने पवन सिंह को निष्कासित कर दिया था. हालांकि, पवनसिंह के काराकाट से लड़ने का असर यह रहा कि वोट बंटने से लोकसभा चुनाव में कुशवाहा की हार हुई इसके बाद एनडीए में दरार की स्थिति पैदा होगई थी बताया जाता है कि कुशवाहा समाज में भी भाजपा को लेकर नाराजगी थी ऐसे में भाजपा विधानसभा चुनाव से पहले इस नाराजगी को खत्मकरने की तैयारी कर रही थी. बीते साल भाजपा ने पवन सिंह को निष्कासित कर दिया था अब बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा औरराष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख से मुलाकात के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया.
वरिष्ठ भाजपा नेता प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा का 94 वर्ष की आयु में निधन जनसंघ से लेकर भाजपा तक की यात्रा के थे साक्षी

दिल्ली भाजपा के प्रथम अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा का 30 सितंबर 2025 को 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया एम्स दिल्लीमें इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम साँस ली जनसंघ काल से लेकर भाजपा के उदय तक, प्रो. मल्होत्रा भाजपा और दिल्ली की राजनीति का अहमकिरदार रहे. अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी जैसे दिग्गजों के साथ उनका नाता गहरा था संगठन विस्तार करना हो या बात वैचारिकप्रतिबद्धता की हो, वह अटल-आडवाणी युग के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ बने रहे. वे पांच बार सांसद और दो बार विधायक चुने गए, तथा लोकसभा मेंभाजपा संसदीय दल के उपनेता के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी निभाई. मल्होत्रा जी की राजनीतिक शुरुआत 1960 के दशक में भारतीय जनसंघ सेहुई, जब उन्होंने दिल्ली में संघ की विचारधारा को जमीनी स्तर पर फैलाया वे वह आरएसएस छोड़कर जनसंघ में शामिल हुए, जहां वाजपेयी कीकाव्यात्मक दृष्टि और आडवाणी की संगठनात्मक कुशलता के बीच एक मजबूत स्तंभ बने. सार्वजनिक लेखा समिति के अध्यक्ष भी रहेएक यादगार घटना 1960-70 के दशक की है, जब दिल्ली मेट्रोपोलिटन कौंसिल से जुड़े मल्होत्रा जी के सरकारी बंगले में आडवाणी जी फ्रंट ऑफिसमें बैठते थे उनके घर पर हुई एक महत्वपूर्ण मीटिंग में केदारनाथ साहनी और मदनलाल खुराना के साथ डीएमसी एल्डरमैन की लिस्ट तैयार की गई, जिसने आडवाणी के राजनीतिक उदय की नींव रखी. 1980 में भाजपा के गठन में वे संस्थापक सदस्य थे और दिल्ली इकाई के पहले अध्यक्ष बने।राम जन्मभूमि आंदोलन में आडवाणी के नेतृत्व में सक्रिय योगदान दिया, जबकि वाजपेयी सरकार में राष्ट्रीय एकता और विकास योजनाओं में सहयोगकिया युवा अवस्था में तीनों ने घंटों चर्चा, फिल्म देखना, चाट खाना और होली मनाने जैसे सामाजिक पल साझा किए लोकसभा में उपनेता के रूप मेंउन्होंने भाजपा की विपक्षी भूमिका को प्रभावी बनाया, विशेषकर 2004 के बाद, जहां सार्वजनिक लेखा समिति के अध्यक्ष भी रहे. राष्ट्रीय एकता और विकास योजनाओं में सहयोगराजनीति के अतिरिक्त, मल्होत्रा जी हिंदी साहित्य में पीएचडी धारक थे और दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़कर युवाओं को प्रेरित किया खेल प्रशासन मेंउनका योगदान अविस्मरणीय रहा इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में 1974 के एशियाई खेलों में भारतीय दल का नेतृत्वकिया, तथा आर्चरी और चेस फेडरेशन को मजबूत बनाया. सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार के रूप में उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा और खेल को बढ़ावादिया, जिससे लाखों युवाओं को दिशा मिली. प्रो. मल्होत्रा जी का निधन हमें याद दिलाता है कि सच्ची विरासत संगठन निर्माण, वैचारिक संघर्ष औरसामाजिक दायित्वों में निहित होती है वाजपेयी-आडवाणी की त्रयी में वे एक अनमोल कड़ी थे, जिनकी सादगी और समर्पण की मिसाल दी जाती रहेगी.1980 में भाजपा के गठन में वे संस्थापक सदस्य थे और दिल्ली इकाई के पहले अध्यक्ष बने राम जन्मभूमि आंदोलन में आडवाणी के नेतृत्व में सक्रिययोगदान दिया, जबकि वाजपेयी सरकार में राष्ट्रीय एकता और विकास योजनाओं में सहयोग किया.
भारत से तीसरी हार के बाद बवाल, पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी पर फूटा पाकिस्तान का गुस्सा

एशिया कप 2025 में भारत के हाथों लगातार तीसरी हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी को सोशल मीडिया परतीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है रविवार को खेले गए फाइनल में पाकिस्तान भारत से हार गया, जिसके बाद भारतीय खिलाड़ियों नेनकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया यह घटना एशियाई क्रिकेट परिषद (ACC) के अध्यक्ष होने के बावजूद उनके लिए शर्मनाक साबित हुईसोशल मीडिया पर कई फैन्स नेनकवी को तुरंत हटाने की मांग उठाई और असली प्रतिभाओं को वापस टीम में लाने की अपील की. पाकिस्तानतहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के वरिष्ठ नेता मूनिस इलाही ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, ‘अगर प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ में थोड़ी भी हिम्मत है तो उन्हेंमोहसिन नकवी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए इस व्यक्ति ने इतने कम समय में पाकिस्तान क्रिकेट को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है इलाही नेयह भी कहा कि नकवी को हटाना जरूरी है क्योंकि उन्होंने अपने फैसलों से टीम की ताकत कमजोर कर दी है. खिलाड़ियों को चुना इस फैसले से पाकिस्तान की बल्लेबाजी लाइनसिंध के पूर्व राज्यपाल मोहम्मद जुबैर ने भी नकवी पर निशाना साधा उनका आरोप है कि नकवी ने पाकिस्तान के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को टीम से बाहरकर दिया जुबैर ने कहा, ‘नकवी ने पाकिस्तान के सबसे अच्छे बल्लेबाज बाबर आजम और विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान को टीम से बाहरकर दिया. उनकी जगह सलमान आगा और हारिस जैसे खिलाड़ियों को चुना इस फैसले से पाकिस्तान की बल्लेबाजी लाइन-अप पूरी तरह बिखर गई. जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने भी नकवी की तुलना सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर से करते हुए कहा, ‘मोहसिन नकवी पाकिस्तान क्रिकेटके साथ वही कर रहे हैं जो सेना प्रमुख देश के साथ कर रहे हैं. मोहसिन नकवी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करनी चाहिएपत्रकार उमर दराज गोंडल ने लिखा कि भारतीय खिलाड़ियों का नकवी से हाथ मिलाने या ट्रॉफी लेने से इनकार करना एक चेतावनी है उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान में क्रिकेट का पतन हो चुका है, ठीक वैसे ही जैसे हॉकी का हुआ था नकवी को सिर्फ ‘बिग बॉस’ की चहेती होने के कारण पीसीबी काअध्यक्ष बनाया गया है जब तक इस तरह की राजनीतिक नियुक्तियां खत्म नहीं होंगी, पाकिस्तान क्रिकेट सुधार नहीं सकता.पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के वरिष्ठ नेता मूनिस इलाही ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, ‘अगर प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ में थोड़ी भी हिम्मतहै तो उन्हें मोहसिन नकवी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए.
राजनाथ सिंह का बड़ा बयान, तीनों सेनाओं में लॉजिस्टिक्स एकीकरण और साइबर युद्ध से निपटने की तैयारी जरूरी

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि आज के समय में साइबर हमलों, सूचना युद्ध और बदलती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए भारतीयसेना के बीच बेहतर तालमेल और एक समान प्रणाली की जरूरत है वह दिल्ली में आयोजित त्रि-सेवा संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे उन्होंने कहा किरक्षा मंत्रालय इस दिशा में हरसंभव सहयोग करेगा. राजनाथ सिंह ने कहा, हमारी सेनाओं ने वर्षों के अनुभव से अपनी ऑडिट प्रणाली विकसित की हैंलेकिन आज के एकीकृत अभियानों के दौर में जरूरी है कि ये प्रणाली एक-दूसरे जुड़ी हों अगर हर सेना अलग-अलग काम करेगी, तो फैसला लेनामुश्किल हो सकता है एकीकृत प्रणाली से सेनाओं का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा आज हमें साइबर हमलों और सूचना युद्ध का खतरा है, इसलिए हमेंइनके लिए मानक तय करने होंगे. उन्होंने आगे कहा, जब हम मानक तय करने की बात करते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि सेनाओं की अपनीपहचान खत्म हो जाएगी. जरूरतों के हिसाब से समाधान तैयार करना होगाहम हर सेना पर एक जैसा तरीका नहीं थोप सकते। हमें ऐसी प्रणाली बनानी होगी जो तीनों सेनाओं के काम को एकसाथ जोड़े मुझे भरोसा है कि इसपर गंभीर चर्चा होगी और रक्षा मंत्रालय पूरा सहयोग करेगा रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि देश को इस दिशा में लगातार काम करने की जरूरत है, ताकिएक ऐसी आधुनिक और सक्षम प्रणाली तैयार की जा सके जो सभी सेवाओं के लिए उपयोगी हो. उन्होंने कहा, इसके लिए हमें लगातार संवाद कीजरूरत होगी इस प्रक्रिया में नेतृत्व की भूमिका बहुत अहम होगी हर कदम पर यह स्पष्ट करना होगा कि यह सुधार क्यों जरूरी है जब तक हर सेवा औरहर कर्मचारी को ‘संयुक्तता’ का महत्व समझ में नहीं आएगा, तब तक यह सफल नहीं हो सकता। हम दूसरे देशों के अच्छे अनुभवों से सीख सकते हैं, लेकिन हर देश की अपनी परिस्थितियां होती हैं हमें अपनी जरूरतों के हिसाब से समाधान तैयार करना होगा. लॉजिस्टिक्स एकीकरण’ की दिशा में होना चाहिएरक्षा मंत्री ने थल सेना, वायु सेना और नौसेना के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि देश ऑपरेशनल तैयारियों की दिशा में आगे बढ़ रहा है, लेकिनअब अगला कदम ‘त्रि-सेवा लॉजिस्टिक्स’ का एकीकरण होना चाहिए। उन्होंने कहा, हमें एक ऐसी डिजिटल प्रणाली बनानी चाहिए जो हर सेवा कीजरूरतों का सम्मान करे और सभी के लिए जरूरी संसाधनों की स्थिति को साझा रूप से दिखा सके इस दिशा में काम शुरू हो चुका है हमें मिलकरसंयुक्तता की ओर बढ़ना है जब तीनों सेनाएं एक साथ आगे बढ़ेंगी, तभी हम बड़ी चुनौतियों का डटकर सामना कर सकेंगे. राजनाथ सिंह ने देवी दुर्गा काउदाहरण देते हुए कहा, जब चुनौतियां बहुत बड़ी हों, तो एकता की ताकत अजेय बन जाती है हमारी सेना ऑपरेशनल तैयारी कर रही है, वायुसेना औरनौसेना भी इसी दिशा में काम कर रही हैं लेकिन जैसे ही हम ‘संयुक्त सेवा कमान’ की बात करते हैं, तो अगला कदम ‘अखिल भारतीय त्रि-सेवालॉजिस्टिक्स एकीकरण’ की दिशा में होना चाहिए.
‘80% कमीशन सरकार’ कर्नाटक में ठेकेदारों के आरोपों पर BJP का हमला, सिद्धारमैया से इस्तीफे की मांग

कर्नाटक में ठेकेदार संघ की ओर कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाने के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हमलावर हो गई है भाजपा केवरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की है आर अशोक ने सिद्धारमैयासरकार को ’80 फीसदी कमीशन वाली सरकार’ बताया उन्होंने कहा कि कर्नाटक अब इस भ्रष्ट कांग्रेस सरकार को बर्दाश्त नहीं कर सकता.पिछले हफ्ते कर्नाटक राज्य ठेकेदार संघ (केएससीए) ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में आरोप लगाया गया था कि कांग्रेससरकार में विभिन्न विभागों में बिल पास करवाने के लिए मांगी जाने वाली कमीशन की दर पिछली भाजपा सरकार की तुलना में दोगुनी हो गई हैकेएससीए ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने पिछले करीब दो वर्षों से ठेकेदारों का लंबित भुगतान नहीं किया है. अब 80 फीसदी कमीशन सरकार बन गई2023 के विधानसभा चुनावों से पहले केएससीए ने 40 फीसदी कमीशन का आरोप लगाया था जो राज्य की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गया था, जिसेकांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ एक बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया था. आर. अशोक ने एक्स पर लिखा, कर्नाटक के ठेकेदारों ने कांग्रेस के भ्रष्टाचार की पोलखोल दी है जब विपक्ष में थे, तब सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार (मौजूद उपमुख्यमंत्री) 40 फीसदी कमीशन को लेकर खूब बोलते थे आज उनकेराज में खुद ठेकेदार कह रहे हैं कि अब (कमीशन की) दर दोगुनी हो गई है। कर्नाटक में अब 80 फीसदी कमीशन सरकार बन गई है भाजपा के वरिष्ठनेता ने पूछा कि इन आरोपों पर मंत्री आखिर चुप क्यों हैं और सामने आकर सफाई क्यों नहीं दे रहे? कांग्रेस सरकार को ’80 फीसदी कमीशन सरकार’ बतायाउन्होंने पूछा, जब राज्य की साख दांव पर लगी है, तब मुख्यमंत्री चुप क्यों हैं? बिदाडी टाउनशिप जैसी परियोजनाओं का इस्तेमाल आखिर अवैधरियल एस्टेट सौदों और किसानों की उपजाऊ जमीन को हड़पने के लिए क्यों किया जा रहा है? उन्होंने लिखा, यह विश्वासघात की चरम सीमा हैपारदर्शिता के नाम पर कांग्रेस सरकार ने उत्पीड़न, लूट और पर्दे के पीछे भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है अगर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया में जरा भी आत्मसम्मानबचा है, तो उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए. कर्नाटक ठेकेदार संघ की ओर से कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाने के बाद भाजपा नेमुख्यमंत्री सिद्धारमैया से इस्तीफे की मांग की है भाजपा नेता आर. अशोक ने कांग्रेस सरकार को ’80 फीसदी कमीशन सरकार’ बताया उन्होंने पूछा किइन आरोपों पर मुख्यमंत्री और मंत्रियों क्यों चुप हैं?
सूर्यकुमार का सेना को डोनेशन, AAP नेता ने बदला रुख अब केंद्र-ICC से मांगी एशिया कप की कमाई

आम आदमी पार्टी प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने हाल ही में एशिया कप 2025 में भारत-पाकिस्तान मैचों का विरोध करते हुए भारतीय क्रिकेट टीमके कप्तान सूर्य कुमार यादव को चुनौती दी उन्होंने कहा था कि सूर्य कुमार यादव, अगर तुममे हिम्मत हो तो मैच फीस पहलगाम आतंकी हमले केपीड़ितों को दान कर दो तो हम भी मान जाएंगें एशिया कप 2025 जीत के बाद भारतीय टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने आम आदमी पार्टी नेतासौरभ भारद्वाज के चैलेंज का जवाब देते हुए अपनी सारी मैच फीस भारतीय सेना को देने का एलान किया. सूर्यकुमार के इस कदम के बाद सौरभभारद्वाज का नया बयान सामने आया है उन्होंने अपने पिछले बयान से पलटते हुए फोकस को सूर्य कुमार से हटाकर केंद्र सरकार, बीसीसीआई औरआईसीसी पर डाल दिया अब सौरभ भारद्वाज ने अपने बयान पर यूटर्न लेते हुए कहा कि यह अच्छा कदम है, लेकिन असली संवेदना दिखाने के लिएकेंद्र सरकार और बीसीसीआई/आईसीसी को एशिया कप के भारत-पाक मैचों से हुई कुल कमाई को पहलगाम हमले 26 पीड़ित परिवारों को दानकरना चाहिए. जबकि वीडियो सबूत इसके उलट साबित करतेउन्होंने जोर देकर कहा कि क्रिकेटरों की व्यक्तिगत दान से काम नहीं चलेगा, बल्कि पूरे आयोजन की कमाई को पीड़ितों तक पहुंचाना जरूरी हैबीसीसीआई और आईसीसी को अपने विज्ञापन, टिकट, और टीवी ब्रॉडकास्टिंग से मिले सारे पैसे पीड़ितों तक पहुंचाने चाहिए यही सच्चा सम्मान औरदेशभक्ति होगी. वहीं, सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं और मंत्रियों ने एशिया कप में भारतीय कप्तान के पाकिस्तानी कप्तान औरमंत्री से हाथ नहीं मिलाने का झूठ फैलाया, जबकि वीडियो सबूत इसके उलट साबित करते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने देश को धोखा दियाऔर पहलगाम हमले की 26 विधवाओं के जख्मों पर नमक छिड़का. भारद्वाज ने कहा कि बीसीसीआई की कमाई 490 से 690 करोड़ रुपये तकबताई जा रही है अगर यह रकम पहलगाम हमले के पीड़ित परिवारों में बांटी जाए तो हर परिवार को 19 से 25 करोड़ रुपये मिल सकते हैं. दोनों कप्तानों ने हाथ मिलायाआप नेता ने कहा कि शुरुआत में भारतीय कप्तान ने पाकिस्तानी कप्तान से हाथ मिलाया और कप रखकर फोटो खिंचवाई देशभर में मैच का विरोधबढ़ने पर भाजपा की पटकथा बदल गई। दावा किया गया कि जीत के बाद हाथ नहीं मिलाया गया भारद्वाज ने वीडियो जारी कर दिखाया कि प्रेसकॉन्फ्रेंस स्टेज पर हाथ नहीं मिलाने के बावजूद बाहर निकलते समय दोनों कप्तानों ने हाथ मिलाया भारद्वाज ने कहा कि बीसीसीआई की कमाई 490 से 690 करोड़ रुपये तक बताई जा रही है अगर यह रकम पहलगाम हमले के पीड़ितों में बांटी जाए तो हर परिवार को 19 से 25 करोड़ रुपये मिलसकते हैं.