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भाजपा में पवन सिंह की फिर से वापसी? कुशवाहा के साथ मुलाकात के बाद गरमाई सियासत

भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार पवन सिंह ने मंगलवार को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े से मुलाकात की सांसद उपेंद्र कुशवाहा के आवासपर हुई इस बैठक की कई तस्वीरें वायरल हो रही हैं तावड़े ने बैठक के बाद कहा कि पवन जी भाजपा में ही हैं आदरणीय उपेंद्र कुशवाहा जी ने उन्हेंशुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया है आने वाले दिनों में पवन जी सक्रियता से एनडीए के लिए काम करेंगे, भाजपा के कार्यकर्ता के तौर पर.गौरतलब है कि कुछ समय पहले ही भाजपा नेता आरके सिंह ने कहा था कि पवन सिंह को पहले भाजपा से टिकट दिया गया था, फिर चुनाव लड़ने सेमना कर दिया गया और कहीं और से भी टिकट नहीं मिला यह सुनकर थोड़ा दर्द हुआ. तृणमूल कांग्रेस ने शत्रुघ्न सिन्हा क उम्मीदवार बनायाइसलिए मेरा मानना है कि पवन सिंह को फिर से भाजपा में शामिल हो जाना चाहिए। आरके सिंह के इस बयान के बाद से यह अटकलें थीं कि पवनसिंह भाजपा से पूरी तरह से नाता तोड़ चुके हैं हालांकि, अब तावड़े के बयान ने एक बार फिर पवन सिंह को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म कर दियाबीते साल हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा ने पवन सिंह को आसनसोल सीट से उम्मीदवार बनाया था हालांकि, पवन सिंह ने अगले ही दिन इस सीट सेचुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस ने शत्रुघ्न सिन्हा क उम्मीदवार बनाया था पवन सिंह के नाम वापस लेने के बाद उनकीभाजपा से दूरियां बनना शुरू हो गई थीं हालांकि, इसमें अगला पड़ाव तब आया, जब भोजपुरी स्टार ने काराकाट सीट से निर्दलीय ही ताल ठोंकने काएलान कर दिया. मुलाकात के बाद चर्चाओं का बाजार गर्मइस सीट पर एनडीए पहले ही उपेंद्र कुशवाहा का नाम तय कर चुकी थी इसके बाद भाजपा ने पवन सिंह को निष्कासित कर दिया था. हालांकि, पवनसिंह के काराकाट से लड़ने का असर यह रहा कि वोट बंटने से लोकसभा चुनाव में कुशवाहा की हार हुई इसके बाद एनडीए में दरार की स्थिति पैदा होगई थी बताया जाता है कि कुशवाहा समाज में भी भाजपा को लेकर नाराजगी थी ऐसे में भाजपा विधानसभा चुनाव से पहले इस नाराजगी को खत्मकरने की तैयारी कर रही थी. बीते साल भाजपा ने पवन सिंह को निष्कासित कर दिया था अब बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा औरराष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख से मुलाकात के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया.

वरिष्ठ भाजपा नेता प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा का 94 वर्ष की आयु में निधन जनसंघ से लेकर भाजपा तक की यात्रा के थे साक्षी

दिल्ली भाजपा के प्रथम अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा का 30 सितंबर 2025 को 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया एम्स दिल्लीमें इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम साँस ली जनसंघ काल से लेकर भाजपा के उदय तक, प्रो. मल्होत्रा भाजपा और दिल्ली की राजनीति का अहमकिरदार रहे. अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी जैसे दिग्गजों के साथ उनका नाता गहरा था संगठन विस्तार करना हो या बात वैचारिकप्रतिबद्धता की हो, वह अटल-आडवाणी युग के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ बने रहे. वे पांच बार सांसद और दो बार विधायक चुने गए, तथा लोकसभा मेंभाजपा संसदीय दल के उपनेता के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी निभाई. मल्होत्रा जी की राजनीतिक शुरुआत 1960 के दशक में भारतीय जनसंघ सेहुई, जब उन्होंने दिल्ली में संघ की विचारधारा को जमीनी स्तर पर फैलाया वे वह आरएसएस छोड़कर जनसंघ में शामिल हुए, जहां वाजपेयी कीकाव्यात्मक दृष्टि और आडवाणी की संगठनात्मक कुशलता के बीच एक मजबूत स्तंभ बने. सार्वजनिक लेखा समिति के अध्यक्ष भी रहेएक यादगार घटना 1960-70 के दशक की है, जब दिल्ली मेट्रोपोलिटन कौंसिल से जुड़े मल्होत्रा जी के सरकारी बंगले में आडवाणी जी फ्रंट ऑफिसमें बैठते थे उनके घर पर हुई एक महत्वपूर्ण मीटिंग में केदारनाथ साहनी और मदनलाल खुराना के साथ डीएमसी एल्डरमैन की लिस्ट तैयार की गई, जिसने आडवाणी के राजनीतिक उदय की नींव रखी. 1980 में भाजपा के गठन में वे संस्थापक सदस्य थे और दिल्ली इकाई के पहले अध्यक्ष बने।राम जन्मभूमि आंदोलन में आडवाणी के नेतृत्व में सक्रिय योगदान दिया, जबकि वाजपेयी सरकार में राष्ट्रीय एकता और विकास योजनाओं में सहयोगकिया युवा अवस्था में तीनों ने घंटों चर्चा, फिल्म देखना, चाट खाना और होली मनाने जैसे सामाजिक पल साझा किए लोकसभा में उपनेता के रूप मेंउन्होंने भाजपा की विपक्षी भूमिका को प्रभावी बनाया, विशेषकर 2004 के बाद, जहां सार्वजनिक लेखा समिति के अध्यक्ष भी रहे. राष्ट्रीय एकता और विकास योजनाओं में सहयोगराजनीति के अतिरिक्त, मल्होत्रा जी हिंदी साहित्य में पीएचडी धारक थे और दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़कर युवाओं को प्रेरित किया खेल प्रशासन मेंउनका योगदान अविस्मरणीय रहा इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में 1974 के एशियाई खेलों में भारतीय दल का नेतृत्वकिया, तथा आर्चरी और चेस फेडरेशन को मजबूत बनाया. सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार के रूप में उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा और खेल को बढ़ावादिया, जिससे लाखों युवाओं को दिशा मिली. प्रो. मल्होत्रा जी का निधन हमें याद दिलाता है कि सच्ची विरासत संगठन निर्माण, वैचारिक संघर्ष औरसामाजिक दायित्वों में निहित होती है वाजपेयी-आडवाणी की त्रयी में वे एक अनमोल कड़ी थे, जिनकी सादगी और समर्पण की मिसाल दी जाती रहेगी.1980 में भाजपा के गठन में वे संस्थापक सदस्य थे और दिल्ली इकाई के पहले अध्यक्ष बने राम जन्मभूमि आंदोलन में आडवाणी के नेतृत्व में सक्रिययोगदान दिया, जबकि वाजपेयी सरकार में राष्ट्रीय एकता और विकास योजनाओं में सहयोग किया.

भारत से तीसरी हार के बाद बवाल, पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी पर फूटा पाकिस्तान का गुस्सा

एशिया कप 2025 में भारत के हाथों लगातार तीसरी हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी को सोशल मीडिया परतीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है रविवार को खेले गए फाइनल में पाकिस्तान भारत से हार गया, जिसके बाद भारतीय खिलाड़ियों नेनकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया यह घटना एशियाई क्रिकेट परिषद (ACC) के अध्यक्ष होने के बावजूद उनके लिए शर्मनाक साबित हुईसोशल मीडिया पर कई फैन्स नेनकवी को तुरंत हटाने की मांग उठाई और असली प्रतिभाओं को वापस टीम में लाने की अपील की. पाकिस्तानतहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के वरिष्ठ नेता मूनिस इलाही ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, ‘अगर प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ में थोड़ी भी हिम्मत है तो उन्हेंमोहसिन नकवी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए इस व्यक्ति ने इतने कम समय में पाकिस्तान क्रिकेट को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है इलाही नेयह भी कहा कि नकवी को हटाना जरूरी है क्योंकि उन्होंने अपने फैसलों से टीम की ताकत कमजोर कर दी है. खिलाड़ियों को चुना इस फैसले से पाकिस्तान की बल्लेबाजी लाइनसिंध के पूर्व राज्यपाल मोहम्मद जुबैर ने भी नकवी पर निशाना साधा उनका आरोप है कि नकवी ने पाकिस्तान के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को टीम से बाहरकर दिया जुबैर ने कहा, ‘नकवी ने पाकिस्तान के सबसे अच्छे बल्लेबाज बाबर आजम और विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान को टीम से बाहरकर दिया. उनकी जगह सलमान आगा और हारिस जैसे खिलाड़ियों को चुना इस फैसले से पाकिस्तान की बल्लेबाजी लाइन-अप पूरी तरह बिखर गई. जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने भी नकवी की तुलना सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर से करते हुए कहा, ‘मोहसिन नकवी पाकिस्तान क्रिकेटके साथ वही कर रहे हैं जो सेना प्रमुख देश के साथ कर रहे हैं. मोहसिन नकवी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करनी चाहिएपत्रकार उमर दराज गोंडल ने लिखा कि भारतीय खिलाड़ियों का नकवी से हाथ मिलाने या ट्रॉफी लेने से इनकार करना एक चेतावनी है उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान में क्रिकेट का पतन हो चुका है, ठीक वैसे ही जैसे हॉकी का हुआ था नकवी को सिर्फ ‘बिग बॉस’ की चहेती होने के कारण पीसीबी काअध्यक्ष बनाया गया है जब तक इस तरह की राजनीतिक नियुक्तियां खत्म नहीं होंगी, पाकिस्तान क्रिकेट सुधार नहीं सकता.पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के वरिष्ठ नेता मूनिस इलाही ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, ‘अगर प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ में थोड़ी भी हिम्मतहै तो उन्हें मोहसिन नकवी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए.

राजनाथ सिंह का बड़ा बयान, तीनों सेनाओं में लॉजिस्टिक्स एकीकरण और साइबर युद्ध से निपटने की तैयारी जरूरी

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि आज के समय में साइबर हमलों, सूचना युद्ध और बदलती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए भारतीयसेना के बीच बेहतर तालमेल और एक समान प्रणाली की जरूरत है वह दिल्ली में आयोजित त्रि-सेवा संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे उन्होंने कहा किरक्षा मंत्रालय इस दिशा में हरसंभव सहयोग करेगा. राजनाथ सिंह ने कहा, हमारी सेनाओं ने वर्षों के अनुभव से अपनी ऑडिट प्रणाली विकसित की हैंलेकिन आज के एकीकृत अभियानों के दौर में जरूरी है कि ये प्रणाली एक-दूसरे जुड़ी हों अगर हर सेना अलग-अलग काम करेगी, तो फैसला लेनामुश्किल हो सकता है एकीकृत प्रणाली से सेनाओं का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा आज हमें साइबर हमलों और सूचना युद्ध का खतरा है, इसलिए हमेंइनके लिए मानक तय करने होंगे. उन्होंने आगे कहा, जब हम मानक तय करने की बात करते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि सेनाओं की अपनीपहचान खत्म हो जाएगी. जरूरतों के हिसाब से समाधान तैयार करना होगाहम हर सेना पर एक जैसा तरीका नहीं थोप सकते। हमें ऐसी प्रणाली बनानी होगी जो तीनों सेनाओं के काम को एकसाथ जोड़े मुझे भरोसा है कि इसपर गंभीर चर्चा होगी और रक्षा मंत्रालय पूरा सहयोग करेगा रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि देश को इस दिशा में लगातार काम करने की जरूरत है, ताकिएक ऐसी आधुनिक और सक्षम प्रणाली तैयार की जा सके जो सभी सेवाओं के लिए उपयोगी हो. उन्होंने कहा, इसके लिए हमें लगातार संवाद कीजरूरत होगी इस प्रक्रिया में नेतृत्व की भूमिका बहुत अहम होगी हर कदम पर यह स्पष्ट करना होगा कि यह सुधार क्यों जरूरी है जब तक हर सेवा औरहर कर्मचारी को ‘संयुक्तता’ का महत्व समझ में नहीं आएगा, तब तक यह सफल नहीं हो सकता। हम दूसरे देशों के अच्छे अनुभवों से सीख सकते हैं, लेकिन हर देश की अपनी परिस्थितियां होती हैं हमें अपनी जरूरतों के हिसाब से समाधान तैयार करना होगा. लॉजिस्टिक्स एकीकरण’ की दिशा में होना चाहिएरक्षा मंत्री ने थल सेना, वायु सेना और नौसेना के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि देश ऑपरेशनल तैयारियों की दिशा में आगे बढ़ रहा है, लेकिनअब अगला कदम ‘त्रि-सेवा लॉजिस्टिक्स’ का एकीकरण होना चाहिए। उन्होंने कहा, हमें एक ऐसी डिजिटल प्रणाली बनानी चाहिए जो हर सेवा कीजरूरतों का सम्मान करे और सभी के लिए जरूरी संसाधनों की स्थिति को साझा रूप से दिखा सके इस दिशा में काम शुरू हो चुका है हमें मिलकरसंयुक्तता की ओर बढ़ना है जब तीनों सेनाएं एक साथ आगे बढ़ेंगी, तभी हम बड़ी चुनौतियों का डटकर सामना कर सकेंगे. राजनाथ सिंह ने देवी दुर्गा काउदाहरण देते हुए कहा, जब चुनौतियां बहुत बड़ी हों, तो एकता की ताकत अजेय बन जाती है हमारी सेना ऑपरेशनल तैयारी कर रही है, वायुसेना औरनौसेना भी इसी दिशा में काम कर रही हैं लेकिन जैसे ही हम ‘संयुक्त सेवा कमान’ की बात करते हैं, तो अगला कदम ‘अखिल भारतीय त्रि-सेवालॉजिस्टिक्स एकीकरण’ की दिशा में होना चाहिए.

‘80% कमीशन सरकार’ कर्नाटक में ठेकेदारों के आरोपों पर BJP का हमला, सिद्धारमैया से इस्तीफे की मांग

कर्नाटक में ठेकेदार संघ की ओर कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाने के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हमलावर हो गई है भाजपा केवरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की है आर अशोक ने सिद्धारमैयासरकार को ’80 फीसदी कमीशन वाली सरकार’ बताया उन्होंने कहा कि कर्नाटक अब इस भ्रष्ट कांग्रेस सरकार को बर्दाश्त नहीं कर सकता.पिछले हफ्ते कर्नाटक राज्य ठेकेदार संघ (केएससीए) ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में आरोप लगाया गया था कि कांग्रेससरकार में विभिन्न विभागों में बिल पास करवाने के लिए मांगी जाने वाली कमीशन की दर पिछली भाजपा सरकार की तुलना में दोगुनी हो गई हैकेएससीए ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने पिछले करीब दो वर्षों से ठेकेदारों का लंबित भुगतान नहीं किया है. अब 80 फीसदी कमीशन सरकार बन गई2023 के विधानसभा चुनावों से पहले केएससीए ने 40 फीसदी कमीशन का आरोप लगाया था जो राज्य की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गया था, जिसेकांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ एक बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया था. आर. अशोक ने एक्स पर लिखा, कर्नाटक के ठेकेदारों ने कांग्रेस के भ्रष्टाचार की पोलखोल दी है जब विपक्ष में थे, तब सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार (मौजूद उपमुख्यमंत्री) 40 फीसदी कमीशन को लेकर खूब बोलते थे आज उनकेराज में खुद ठेकेदार कह रहे हैं कि अब (कमीशन की) दर दोगुनी हो गई है। कर्नाटक में अब 80 फीसदी कमीशन सरकार बन गई है भाजपा के वरिष्ठनेता ने पूछा कि इन आरोपों पर मंत्री आखिर चुप क्यों हैं और सामने आकर सफाई क्यों नहीं दे रहे? कांग्रेस सरकार को ’80 फीसदी कमीशन सरकार’ बतायाउन्होंने पूछा, जब राज्य की साख दांव पर लगी है, तब मुख्यमंत्री चुप क्यों हैं? बिदाडी टाउनशिप जैसी परियोजनाओं का इस्तेमाल आखिर अवैधरियल एस्टेट सौदों और किसानों की उपजाऊ जमीन को हड़पने के लिए क्यों किया जा रहा है? उन्होंने लिखा, यह विश्वासघात की चरम सीमा हैपारदर्शिता के नाम पर कांग्रेस सरकार ने उत्पीड़न, लूट और पर्दे के पीछे भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है अगर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया में जरा भी आत्मसम्मानबचा है, तो उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए. कर्नाटक ठेकेदार संघ की ओर से कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाने के बाद भाजपा नेमुख्यमंत्री सिद्धारमैया से इस्तीफे की मांग की है भाजपा नेता आर. अशोक ने कांग्रेस सरकार को ’80 फीसदी कमीशन सरकार’ बताया उन्होंने पूछा किइन आरोपों पर मुख्यमंत्री और मंत्रियों क्यों चुप हैं?

सूर्यकुमार का सेना को डोनेशन, AAP नेता ने बदला रुख अब केंद्र-ICC से मांगी एशिया कप की कमाई

आम आदमी पार्टी प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने हाल ही में एशिया कप 2025 में भारत-पाकिस्तान मैचों का विरोध करते हुए भारतीय क्रिकेट टीमके कप्तान सूर्य कुमार यादव को चुनौती दी उन्होंने कहा था कि सूर्य कुमार यादव, अगर तुममे हिम्मत हो तो मैच फीस पहलगाम आतंकी हमले केपीड़ितों को दान कर दो तो हम भी मान जाएंगें एशिया कप 2025 जीत के बाद भारतीय टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने आम आदमी पार्टी नेतासौरभ भारद्वाज के चैलेंज का जवाब देते हुए अपनी सारी मैच फीस भारतीय सेना को देने का एलान किया. सूर्यकुमार के इस कदम के बाद सौरभभारद्वाज का नया बयान सामने आया है उन्होंने अपने पिछले बयान से पलटते हुए फोकस को सूर्य कुमार से हटाकर केंद्र सरकार, बीसीसीआई औरआईसीसी पर डाल दिया अब सौरभ भारद्वाज ने अपने बयान पर यूटर्न लेते हुए कहा कि यह अच्छा कदम है, लेकिन असली संवेदना दिखाने के लिएकेंद्र सरकार और बीसीसीआई/आईसीसी को एशिया कप के भारत-पाक मैचों से हुई कुल कमाई को पहलगाम हमले 26 पीड़ित परिवारों को दानकरना चाहिए. जबकि वीडियो सबूत इसके उलट साबित करतेउन्होंने जोर देकर कहा कि क्रिकेटरों की व्यक्तिगत दान से काम नहीं चलेगा, बल्कि पूरे आयोजन की कमाई को पीड़ितों तक पहुंचाना जरूरी हैबीसीसीआई और आईसीसी को अपने विज्ञापन, टिकट, और टीवी ब्रॉडकास्टिंग से मिले सारे पैसे पीड़ितों तक पहुंचाने चाहिए यही सच्चा सम्मान औरदेशभक्ति होगी. वहीं, सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं और मंत्रियों ने एशिया कप में भारतीय कप्तान के पाकिस्तानी कप्तान औरमंत्री से हाथ नहीं मिलाने का झूठ फैलाया, जबकि वीडियो सबूत इसके उलट साबित करते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने देश को धोखा दियाऔर पहलगाम हमले की 26 विधवाओं के जख्मों पर नमक छिड़का. भारद्वाज ने कहा कि बीसीसीआई की कमाई 490 से 690 करोड़ रुपये तकबताई जा रही है अगर यह रकम पहलगाम हमले के पीड़ित परिवारों में बांटी जाए तो हर परिवार को 19 से 25 करोड़ रुपये मिल सकते हैं. दोनों कप्तानों ने हाथ मिलायाआप नेता ने कहा कि शुरुआत में भारतीय कप्तान ने पाकिस्तानी कप्तान से हाथ मिलाया और कप रखकर फोटो खिंचवाई देशभर में मैच का विरोधबढ़ने पर भाजपा की पटकथा बदल गई। दावा किया गया कि जीत के बाद हाथ नहीं मिलाया गया भारद्वाज ने वीडियो जारी कर दिखाया कि प्रेसकॉन्फ्रेंस स्टेज पर हाथ नहीं मिलाने के बावजूद बाहर निकलते समय दोनों कप्तानों ने हाथ मिलाया भारद्वाज ने कहा कि बीसीसीआई की कमाई 490 से 690 करोड़ रुपये तक बताई जा रही है अगर यह रकम पहलगाम हमले के पीड़ितों में बांटी जाए तो हर परिवार को 19 से 25 करोड़ रुपये मिलसकते हैं.

हरियाणा कांग्रेस का बड़ा दांव 48 साल बाद अहीरवाल नेता को सौंपी कमान, हुड्डा का दबदबा बरकरार

हरियाणा कांग्रेस ने इस बार प्रदेश संगठन में बड़ा फेरबदल किया है पिछले 20 साल से चले आ रहे दलित (प्रदेश अध्यक्ष) और जाट (सीएम या नेताप्रतिपक्ष) के समीकरण को बदलते हुए ओबीसी वर्ग से आने वाले किसी नेता को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है. 48 साल बाद किसी अहीरवाल नेताको कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी है इससे पहले राव निहाल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के पद पर नियुक्त थे हालांकि जब उन्हें प्रदेश अध्यक्षनियुक्त किया गया तो उस दौरान राव ओबीसी वर्ग में नहीं आते थे। वहीं, नेता प्रतिपक्ष के तौर पर पार्टी ने पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को चुना है इससेएक यह भी संकेत मिलता है कि पार्टी के अंदर हुड्डा का दबदबा कायम है और वे अब भी कांग्रेस में (लगातार तीन विधानसभा चुनाव हारने के बावजूद) अहमियत रखते हैं. कांग्रेस में पिछले 20 साल से दलित वर्ग से ही प्रदेश अध्यक्ष बनते रहे हैं 2001 से 2004 तक पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा अध्यक्षथे उसके बाद कांग्रेस ने फूलचंद मुलाना, अशोक तंवर, कुमारी सैलजा और उदयभान को प्रदेश अध्यक्ष चुना मगर 2014 के बाद कांग्रेस कोविधानसभा चुनाव में सफलता नहीं मिली वहीं, दूसरी तरफ भाजपा ने गैर जाट वोट ओबीसी में डोरे डालते हुए उन्हें अपना मुख्य वोट बैंक बना लिया।पिछले तीन विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत में ओबीसी वोट बैंक सबसे बड़ा निर्णायक साबित होता रहा है. कांग्रेस ने चिरंजीव राव के मुकाबले राव नरेंद्र पर विश्वास जतायाइसलिए पार्टी ने इस बार अपने समीकरण में बदलाव करते हुए ओबीसी वर्ग के नेता राव नरेंद्र को प्रदेश अध्यक्ष चुना. राव नरेंद्र सिंह हरियाणा कांग्रेसप्रदेश अध्यक्ष के लिए सबसे मुख्य विकल्प के तौर पर थे ओबीसी में यादव यानी राव सबसे बड़ा वोट बैंक है कांग्रेस हाईकमान ने पहले से ही मन बनालिया था कि प्रदेश अध्यक्ष के पद के लिए ओबीसी पर ही दांव लगाना है मगर किसे बनाना है इसके लिए पार्टी ने काफी मंथन किया और क्षेत्रीयसमीकरण को भी ध्यान में रखा हाईकमान के पास तीन नाम भेजे गए थे, जिनमें राव नरेंद्र के अलावा चिरंजीव राव और राव दान सिंह का नाम थाराव दान सिंह पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के काफी करीबी हैं साथ ही उनके परिवार पर ईडी के मामले चल रहे हैं इसलिए कांग्रेस ने उनके नाम सेपरहेज किया वहीं, चिरंजीव राव पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव के बेटे हैं अजय यादव समय-समय पर कांग्रेस आलाकमान को असहज स्थिति मेंडालते रहे हैं इसलिए कांग्रेस ने चिरंजीव राव के मुकाबले राव नरेंद्र पर विश्वास जताया. राहुल गांधी के सामाजिक समीकरण में भी फिट बैठतेवहीं, अहीरवाल बेल्ट हरियाणा कांग्रेस के लिए सबसे कमजोर कड़ी साबित होती रही है 2024 विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस यादव बहुल इलाके में11 में से 10 सीटें हार गई थी वहीं, राव नरेंद्र सिंह पर किसी गुट का ठप्पा नहीं है। कांग्रेस पिछले कई समय से गुटबाजी से जूझ रही है ऐसे में उन्हें ऐसेनेता की जरूरत है, जो किसी गुट में शामिल नहीं रहा है राव नरेंद्र सिंह राहुल गांधी के सामाजिक समीकरण में भी फिट बैठते हैं. कांग्रेस के प्रदेश मेंपांच सांसद और 38 विधायक हैं इनमें से चार सांसद और 32 विधायक पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पाले में हैं इतना बड़े जनसमर्थन को हाईकमानअनदेखी नहीं कर सकता हुड्डा के अलावा उनके पास कोई दूसरा चारा भी नहीं था दूसरा बड़ा कारण जाट वोट बैंक है. हरियाणा में करीब 21 फीसदीवोट बैंक जाट बिरादरी का है यह वोट बैंक एकतरफा हुड्डा के पीछे खड़ा है दरअसल जाट वोट बैंक को आज भी भरोसा है कि भाजपा को यदि कोई हरासकता है तो वे पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ही हैं वहीं, कांग्रेस के पुराने नेता में आज भूपेंद्र सिंह हुड्डा ही बचे हैं, बाकी पुराने कांग्रेसी पार्टी को छोड़ चुकेहैं। इनमें मुख्य रूप से पूर्व सीएम भजनलाल, पूर्व सीएम बंसीलाल, राव इंद्रजीत का परिवार शामिल रहा है ये सभी भाजपा में हैं.

UKSSSC पेपर लीक पर धामी की ‘सीधी परीक्षा’ आंदोलन की आग में तपे, CM पुष्कर सिंह धामी ने किया CBI जांच का ऐलान”

यूकेएसएसएससी परीक्षा लीक को लेकर प्रदेश में उठा तूफान अचानक शांत हो गया कौन जीता-कौन हारा, यह बहस का विषय हो सकता है लेकिनइस पूरे प्रकरण में धामी सरकार को कड़ी परीक्षा से गुजरना पड़ा है लोकतांत्रिक मूल्यों की कसौटी पर कसा जाए तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अतत: इस परीक्षा में पास हुए हैं जो युवा घूम-घूमकर वीक और लीक, गद्दी छोड़ के नारे बुलंद कर रहे थे, उन्हीं युवाओं ने तालियां बजाकर अपने मंच परमुख्यमंत्री धामी का स्वागत किया. अब बारी सरकार की है, जिसे उन सभी सवालों के जवाब हल करने हैं जो परेड ग्राउंड से उठे हैं. कुछ इस परीक्षा सेसंबंधित सवाल हैं, कुछ भविष्य की परीक्षाओं को लेकर हैं इसे सुखद पटाक्षेप मान सकते हैं, जिसने राज्य के जेन-जी और आंदोलन को गलत दिशा मेंनहीं भटकने दिया आंदोलन से उपजे उत्तराखंड के युवाओं की परिपक्वता भी स्पष्ट तौर पर दिखी. राज्य में भाजपा के मुख्यमंत्रियों में सबसे लंबेकार्यकाल के साथ सरकार चला रहे धामी इस आंदोलन की आंच में तपे जरूर लेकिन सीबीआई जांच की घोषणा उसी मंच से की जहां से उन्हें याउनकी सरकार को न जाने क्या-क्या कहा गया.युवाओं ने सरकार और प्रशासन को खरी-खरीमुख्यमंत्री धामी को बीते कुछ दिनों में जवाब सिर्फ आंदोलनरत युवाओं को नहीं देना था, बल्कि अपने कार्यकाल में बनाए गए सख्त नकल विरोधीकानून को भी आंच से बचाना था, जिसे लेकर भाजपा ने कई चुनाव लड़े और जीते हैं इस प्रकरण में हार की माला सरकार के सलाहकारों के गले पड़ीहै. आंदोलन की तरुणाई और युवाओं के आक्रोश को समझने में कहीं चूक हुई सरकार ने पेपर लीक को लेकर जो कार्रवाई और फैसले लिए, उचिततो कहे जा सकते थे लेकिन युवाओं ने उसे सिरे से नकार दिया आंदोलन में तीखापन आने के बाद सरकार का देहरादून के जिलाधिकारी और एसएसपीको धरना स्थल परेड ग्राउंड भेजना सेफ्टीवॉल्व का काम कर गया युवाओं ने सरकार और प्रशासन को खरी-खरी सुनाकर अपना गुबार निकाला. सरकारके सलाहकार कतई नहीं चाहते थे मुख्यमंत्री सीधे तौर पर आगे आएं, लेकिन बीते तीन दिनों में मुख्यमंत्री के बयानों में युवाओं के प्रति हमदर्दी औरचिंता का भाव झलकने लगा था. गाड़ी में बैठाकर इस मिशन पर निकलेमुख्यमंत्री ने एक दिन पूर्व फैसला कर लिया था कि सीबीआई जांच के लिए भी तैयार हैं. सलाहकारों पर उठते सवालों के बीच सोमवार सुबह सीएम नेउनसे कोई सलाह नहीं ली, नतीजे की परवाह किए बिना खुद धरना स्थल पर पहुंचने का फैसला कर लिया मुख्यमंत्री की फ्लीट में शामिल एकअधिकारी को ही इसकी सूचना थी शेष स्टाफ को परेड ग्राउंड पहुंचने से कुछ दूरी पर ही पता चला सीएम के साथ धरना स्थल पर पहुंचे विधायकखजानदास को भी परेड ग्राउंड के समीप पहुंचकर सीएम के प्लान का पता चला मुख्यमंत्री उन्हें यूं ही गाड़ी में बैठाकर इस मिशन पर निकले थे.यूकेएसएसएससी परीक्षा लीक को लेकर चले युवाओं के आंदोलन इस आंदोलन की आंच में मुख्यमंत्री धामी तपे जरूर लेकिन सीबीआई जांच कीघोषणा उसी मंच से की जहां से उन्हें या उनकी सरकार को न जाने क्या-क्या कहा गया.

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने छह अत्याधुनिक मोबाइल फोरेंसिक वैन लॉन्च कर जांच तंत्र को किया सशक्त, साक्ष्य संग्रह में पारदर्शिता और सटीकता

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को अपने अधिकारिक आवास ओक ओवर शिमला से छह अत्याधुनिक मोबाइल फोरेंसिक वैन को झंडीदिखाकर रवाना किया. पहले चरण में ये वैन तीन जिला फोरेंसिक इकाइयों (बद्दी, नूरपुर और बिलासपुर), जुन्गा स्थित राज्य फोरेंसिक लैब औरधर्मशाला व मंडी स्थित क्षेत्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं में तैनात की जाएंगी इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने फोरेंसिक साक्ष्य संग्रह, संरक्षण औरभंडारण (जांच अधिकारियों और चिकित्सा पेशेवरों के लिए मानक दिशा-निर्देश) नामक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को भी लॉन्च किया तथाआपराधिक घटना स्थल का निरीक्षण करने वाले फोरेंसिक विशेषज्ञों के लिए जैकेट का अनावरण किया उन्होंने कहा कि इन अत्याधुनिक वाहनों काउपयोग जांचकर्ताओं की ओर से आपराधिक स्थल पर साक्ष्य इकट्ठा करने के लिए किया जाएगा. इससे कुशल, त्वरित तथा निपुणता से साक्ष्य कासंरक्षण और वैज्ञानिक रूप से प्रसंस्करण और संग्रहण किया जाएगा फोरेंसिक जांच को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस किया जा रहा है इससे सजा कीदर में सुधार होगा और न्याय प्रणाली मजबूत होगीफोरेंसिक साक्ष्यों का तत्काल और दोषमुक्त संग्रह सुनिश्चित करनाप्रत्येक वाहन की कीमत 65 लाख रुपये है और यह वैन, किट और ड्रग तथा विस्फोटक पहचान प्रणाली, फिंगर प्रिंट, फुट प्रिंट डवेल्पमेंट किट्स, डीएनए सैपलिंग किट्स, एरोजन किट, रेफ्रिजरेशन यूनिटस, पोर्टेबल पावर जनरेटर, साइबर फोरेंसिक सॉफ्टवेयर, उच्च रेजोल्यूशन वीडियो डॉक्यूमेंटेशनप्रणाली, माइक्रोस्कोप, जीपीएस के साथ बड़े वार्न कैमरा, डीएसएलआर कैमरा, सीसीटीवी फ्रंट एंड रियर एंड ऑफ व्हीकल और अन्य आवश्यक उपकरणों से लैस है। उन्होंने कहा कि फोरेंसिक विशेषज्ञ इंटेग्रेटिड किट में उपलब्ध लेटेंट फिंगरप्रिंट, जैविक तरल पदार्थ, बाल, कपड़ा फाइबर, गोली और विस्फोटक अवशेष, काटने के निशान, संदिग्ध दस्तावेज, टायर के निशान, जूते के निशान, नशीले पदार्थ और अन्य ट्रेस साक्ष्य से जांचको प्रभावशाली तरीके से कर पाएंगे इन मोबाइल प्रयोगशालाओं का एक प्राथमिक उद्देश्य फोरेंसिक साक्ष्यों का तत्काल और दोषमुक्त संग्रह सुनिश्चितकरना है, क्योंकि देरी से साक्ष्यों को एकत्रित करने से जांच प्रक्रिया बाधित होती है उन्होंने कहा कि यह पहल सबूत इकट्ठा करने में अधिक पारदर्शिताऔर अपराध को साबित करने की प्रक्रिया को तेज करेगी. जांच तंत्र को भी उन्नत करने की आवश्यवर्तमान में बदलते आपराधिक मामलों के अनुरूप जांच तंत्र को भी उन्नत करने की आवश्यकता है उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल फोरेंसिक सेवाओंमें तेजी लाएगी, बल्कि सटीक, विश्वसनीय साक्ष्य संग्रह सुनिश्चित करके अपराध सिद्ध करने में भी बढ़ावा देगी उन्होंने कहा कि फोरेंसिक सेवानिदेशालय अब न केवल राज्य जांच एजेंसियों, बल्कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों की जांच में मदद करता है विधायक संजय अवस्थी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान, अतिरिक्त मुख्यसचिव के.के. पंत, डीजीपी अशोक तिवारी, फोरेंसिक सेवा निदेशालय की निदेशक डॉ. मीनाक्षी महाजन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर परउपस्थित थे.

सचिन तेंदुलकर बोले, ICC महिला वनडे विश्व कप महिला क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण मोड़, समान मैच फीस से मिलेगी नई पहचान

महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का मानना है कि भारत में मंगलवार से शुरू हो रहा आईसीसी महिला वनडे विश्व कप देश में महिला क्रिकेट के लिएएक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है तेंदुलकर का कहना है कि यह सिर्फ एक खिताब जीतने का टूर्नामेंट नहीं होगा, बल्कि यह उन अनगिनतलड़कियों के सपनों को पूरा करने का मंच बनेगा जो क्रिकेट को करियर के रूप में देखती हैं भारतीय महिला टीम ने 2017 में इंग्लैंड में हुए विश्व कप केफाइनल में जगह बनाकर पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा था हालांकि, टीम इंडिया अभी तक किसी वैश्विक ट्रॉफी को नहीं जीत पाई हैतेंदुलकरका मानना है कि हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली यह टीम घरेलू मैदान पर इतिहास रच सकती है और महिला क्रिकेट को एक नई दिशा दे सकती है बेहतरीन बल्लेबाजों की श्रेणी में खड़ा करतीतेंदुलकर ने आईसीसी के कॉलम में लिखा, ‘मुझे आज भी 2017 विश्व कप के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हरमनप्रीत कौर की 171 रनोंकी नाबाद पारी याद है. उनके शॉट्स की निडरता, दिमाग की स्पष्टता और दिल में साहस ने भारत में महिला क्रिकेट की तस्वीर बदल दी. यह वह पलथा जब लोगों ने महिला क्रिकेट को गंभीरता से लेना शुरू किया।’उन्होंने आगे लिखा कि मोगा में एक लड़की होगी जो अपने आदर्श हरमनप्रीत की तरहबनने के लिए बल्ला कसकर पकड़ रही होगी, और सांगली में एक और लड़की होगी जो स्मृति मंधाना की तरह कवर ड्राइव खेलने का अभ्यास कर रहीहोगी तेंदुलकर स्मृति मंधाना की बल्लेबाजी से भी बेहद प्रभावित हैं। उन्होंने कहा, “स्मृति की बल्लेबाजी कला की तरह है उनके शॉट खेलने काअंदाज, टाइमिंग और गैप खोजने की क्षमता उन्हें दुनिया की बेहतरीन बल्लेबाजों की श्रेणी में खड़ा करती है. पुरुष और महिला खिलाड़ियों के लिए समान मैच फीस लागूसचिन तेंदुलकर का मानना है कि घरेलू मैदान पर हो रहा यह विश्व कप महिला क्रिकेट को वह पहचान देगा जिसकी उसे लंबे समय से जरूरत थी उन्होंनेकहा, ‘यह टूर्नामेंट लिंग, धारणा और पहुंच की बाधाओं को तोड़ने का मौका है छोटे शहरों की लड़कियों को यह विश्वास होना चाहिए कि दुनिया उनकेलिए खुली है, ठीक वैसे ही जैसे मैंने 1983 में कपिल देव की टीम को विश्व कप जीतते देख कर महसूस किया था. मास्टर ब्लास्टर ने मौजूदाआईसीसी अध्यक्ष जय शाह की भी तारीफ की उन्होंने कहा कि महिला क्रिकेट के लिए जो बदलाव हुए हैं, उनका बड़ा श्रेय जय शाह को जाता हैबीसीसीआई सचिव रहते हुए उन्होंने पुरुष और महिला खिलाड़ियों के लिए समान मैच फीस लागू करने और महिला प्रीमियर लीग (WPL) कीशुरुआत में अहम भूमिका निभाई.