बिहार चुनाव को लेकर CEC की बैठक आज, कांग्रेस तय करेगी उम्मीदवारों की लिस्ट “आज फाइनल होगा प्रत्याशियों का चयन”

कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की आज बैठक होने वाली है, जिसमें आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नामों परफैसला लिया जा सकता है। पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे डिजिटल माध्यम से इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में सीईसी के सदस्य औरपार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी इस बैठक में ऑनलाइन शामिल हैं। वह इस समय दक्षिण अमेरिकीदेशों के दौरे पर हैं। सीईसी के अन्य प्रमुख सदस्यों में सोनिया गांधी, अधीर रंजन चौधरी, केसी वेणुगोपाल, अमी याज्ञनिक, उत्तम कुमार रेड्डी, टीएससिंह देव और कई अन्य नेता शामिल होंगे। 11 नवंबर को दूसरे चरण का मतदानकांग्रेस पार्टी बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और भाकपा, भाकपा (माले) जैसे दलों के साथ गठबंधन में है। यह गठबंधन भाजपा, जदयू, लोजपा(रामविलास), हम और अन्य दलों के साथ बने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को कड़ी टक्कर देने की तैयारी में है।हालांकि, कांग्रेस ने अब तकअपने गठबंधन सहयोगियों के सीट बंटवारे की औपचारिक घोषणा नहीं की है। लेकिन पार्टी ने हाल ही में ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ पूरी की है। यहयात्रा बिहार के कई जिलों में निकाली गई थी और इसमें राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव ने मिलकर नेतृत्व किया। उत्तराखंड के पूर्वमुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने पहले कहा था कि बिहार इस बार पूरे देश को बदलाव का रास्ता दिखाने जा रहा है। चुनाव आयोगबिहार विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर चुका है। विधानसभा की 243 सीटों पर दो चरणों में मतदान होगा। छह नवंबर कोपहले चरण का मतदान होगा और 11 नवंबर को दूसरे चरण का मतदान होगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी। 11 नवंबर को चुनाव होंगे और मतगणना 14 नवंबर को होगीअंतिम मतदाता सूची के अनुसार, राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 7.42 करोड़ है। 24 जून 2025 तक यह संख्या 7.89 करोड़ थी। चुनावआयोग की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक मसौदा सूची से 65 लाख मतदाता हटाए गए थे और एक अगस्त 2025 को जारी मसौदा सूची में मतदाताओंकी संख्या 7.24 करोड़ थी। कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की आज यानी आठ अक्तूबर बैठक होगी, जिसमें बिहार विधानसभा चुनाव के लिएउम्मीदवारों के नाम तय किए जा सकते हैं। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे बैठक की अध्यक्षता करेंगे और राहुल गांधी विदेश दौरे से ऑनलाइनजुड़ेंगे। बिहार में दो चरणों में छह और 11 नवंबर को चुनाव होंगे और मतगणना 14 नवंबर को होगी।
भारत-UK साझेदारी का नया अध्याय, पीएम मोदी और कीर स्टार्मर की मुंबई में अहम बैठक

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वार से वैश्विक अर्थव्यवस्था में शुरू हुई उथल-पुथल के बीच भारत की ब्रिटेन के साथ साझेदारी के एक नएयुग की शुरुआत होने की संभावना है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बनने पर सर कीर स्टार्मर बुधवार को पहली बार भारत आ रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदीबृहस्पतिवार को सुबह 10 बजे मुंबई में प्रधानमंत्री स्टार्मर की मेजबानी करेंगे। इस मुलाकात में दोनों देशों के साथ समयबद्ध कार्यक्रम विजन-2035 को आगे बढ़ाया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी की जुलाई में लंदन यात्रा के दौरान स्टार्मर ने भारत-यूके विजन 2035 का समर्थन किया था। यह दोनों देशोंके साथ मिलकर काम करने के संकल्प को दिखाता है। मुंबई में दोनों नेताओं की बैठक में इसको लेकर अहम चर्चा होगी। प्रधानमंत्री मोदी करीब पौनेदो बजे ब्रिटिश प्रधानमंत्री के साथ मुंबई के जिओ वर्ल्ड सेंटर में सीईओ फोरम में भाग लेंगे। इसके बाद करीब 2:45 बजे दोनों प्रधानमंत्री ग्लोबलफिनटेक फेस्ट (जीएफएफ) के छठें संस्करण में शामिल होंगे और मुख्य भाषण देंगे। प्रधानमंत्री विजन 2035 रोडमैप के तहत भारत–ब्रिटेन व्यापक रणनीतिकपीएम मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री विजन 2035 रोडमैप के तहत भारत–ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा भी करेंगे। इसदौरान दोनों दिग्गज भारत–ब्रिटेन कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (सीईटीए) और अन्य वैश्विक-क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे। विजन 2035 व्यापार और निवेश, प्रौद्योगिकी और नवाचार, रक्षा और सुरक्षा, जलवायु और ऊर्जा, स्वास्थ, शिक्षा और लोगों के बीच संबंधों के प्रमुख स्तंभों मेंकार्यक्रमों और पहलों का एक केंद्रित है। संस्करण में शामिल होंगे और मुख्य भाषण देंगेतीन दिवसीय ग्लोबल फिनटेक फेस्ट-2025 में 75 से अधिक देशों के एक लाख से अधिक प्रतिभागियों के हिस्सा लेने की उम्मीद है। आयोजन मेंलगभग 7500 कंपनियां, 800 वक्ता, 400 प्रदर्शक और भारतीय व विश्व स्तर के 70 प्रमुख नियामक संस्थान भाग लेंगे। इसमें सिंगापुर का मौद्रिकप्राधिकरण (मोनेटरी अथॉरिटी ऑफ सिंगापुर), जर्मनी का ड्यूश बुंडे बैंक जैसे प्रतिष्ठित नियामक शामिल है। प्रधानमंत्री मोदी की जुलाई में लंदन यात्राके दौरान स्टार्मर ने भारत-यूके विजन 2035 का समर्थन किया था। यह दोनों देशों के साथ मिलकर काम करने के संकल्प को दिखाता है। मुंबई मेंदोनों नेताओं की बैठक में इसको लेकर अहम चर्चा होगी। प्रधानमंत्री मोदी करीब पौने दो बजे ब्रिटिश प्रधानमंत्री के साथ मुंबई के जिओ वर्ल्ड सेंटर मेंसीईओ फोरम में भाग लेंगे। इसके बाद करीब 2:45 बजे दोनों प्रधानमंत्री ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (जीएफएफ) के छठें संस्करण में शामिल होंगे औरमुख्य भाषण देंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने किया नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन, मुंबई में मेट्रो-3 का भी लोकार्पण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण का उद्घाटन किया। इसके अलावा वे महानगर वासियों को भूमिगतमेट्रो-3 एक्वा लाइन की सौगात देंगे। प्रधानमंत्री 8 व 9 अक्तूबर को महाराष्ट्र में रहेंगे और इस दौरान कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन औरलोकार्पण करेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री मुंबई में विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण करेंगे और एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।पीएम मोदी मुंबई मुंबई में ब्रिटिश प्रधानमंत्री सर कीर स्टार्मर से भी मिलेंगे। इस दौरान दोनों देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने के लिएबैठक करेंगे। इसके मद्देनजर देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पीएम मोदी का दो दिवसीय दौरा काफी अहम माना जा रहा है। हवाई अड्डा भी होगा जो वाटर टैक्सी से जुड़ापीएमओ ने कहा कि नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए तैयार है। 19,650 करोड़ रुपयेकी लागत से तैयार नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (एनएमआईए) भारत की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजना है। सार्वजनिक-निजीभागीदारी (पीपीपी) के तहत विकसित यह हवाईअड्डा मुंबई महानगर क्षेत्र के लिए दूसरे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में एनएमआईए छत्रपति शिवाजीमहाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (सीएसएमआईए) के साथ मिलकर काम करेगा। इससे भीड़भाड़ को कम किया जा सकेगा और मुंबई को वैश्विक बहु-हवाई अड्डा प्रणालियों की श्रेणी में शामिल किया जा सके। नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को 1160 हेक्टेयर क्षेत्रफल के साथ, दुनिया के सबसेकुशल हवाई अड्डों में से एक के रूप में डिजाइन किया गया है। यह हवाई अड्डा अंततः वार्षिक 90 मिलियन यात्रियों (एमपीपीए) और 3.25 मिलियनमीट्रिक टन कार्गो को संभाल सकेगा। इसकी अनूठी सुविधाओं में एक स्वचालित पीपल मूवर (एपीएम) शामिल है, जो एक परिवहन प्रणाली है जोसभी चार यात्री टर्मिनलों को सुचारू अंतर-टर्मिनल स्थानांतरण के लिए जोड़ेगी। साथ ही एक लैंडसाइड एपीएम भी है जो शहर के बुनियादी ढांचे कोजोड़ेगा। स्थायी प्रथाओं के अनुरूप, इस हवाई अड्डे में स्थायी विमानन ईंधन (एसएएफ) के लिए समर्पित भंडारण, लगभग 47 मेगावाट सौर ऊर्जाउत्पादन और पूरे शहर में सार्वजनिक संपर्क के लिए ईवी बस सेवाएं उपलब्ध होंगी। एनएमआईए देश का पहला हवाई अड्डा भी होगा जो वाटर टैक्सीसे जुड़ा होगा। अधिक कुशल और आधुनिक परिवहन समाधान प्रदान करेगीपीएम मोदी आचार्य अत्रे चौक से कफ परेड तक फैली मुंबई मेट्रो लाइन-3 के चरण 2बी का भी उद्घाटन करेंगे, जिसका निर्माण लगभग 12,200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से किया गया है। इसके साथ ही, वह 37,220 करोड़ से अधिक की लागत से बनी संपूर्ण मुंबई मेट्रो लाइन 3 (एक्वा लाइन) का लोकार्पण करेंगे, जो शहरी परिवहन में मील का पत्थर साबित होगी। यह परियोजना मुंबई की पहली और एकमात्र पूर्ण भूमिगतमेट्रो लाइन के रूप में मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में आवागमन को नए सिरे से परिभाषित करेगी और यहां के लाखों निवासियों के लिए तेज, अधिक कुशल और आधुनिक परिवहन समाधान प्रदान करेगी।
रामपुर में ऐतिहासिक बैठक, अखिलेश यादव और आजम खां एक साथ क्या हो रहा है सपा में नए सिरे से गठबंधन?

सपा प्रमुख अखिलेश यादव बुधवार को आजम खां से मिलने रामपुर पहुंचे। उनका हेलीकॉप्टर जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में उतरा। दोनों के बीचलगभग तीन साल बाद दोनों की मुलाकात हो रही है। हेलीपैड पर आजम खान ने अखिलेश यादव को रिसीव किया। इसके बाद दोनों एक कार मेंबैठकर घर पहुंचे। सिर्फ आजम खान और अखिलेश ही घर के अंदर गए।आजम के जेल से छूटने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली मुलाकात है। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री के रामपुर पहुंचते ही यूनिवर्सिटी के बाहर सुरक्षाव्यवस्था और सख्त कर दी गई। पुलिस ने मीडिया कर्मियों को आजम के घर के बाहर ही रोक दिया। अखिलेश यादव का काफिला जौहर यूनिवर्सिटीपहुंचा तो सपा कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला। कार्यकर्ताओं की भीड़ नारे लगाती रही। अखिलेश यादव आजम खां की सेहत का हालचाल भी जानाजिले के सपा जिलाध्यक्ष समेत तमाम वरिष्ठ नेता पहले से ही यूनिवर्सिटी परिसर में मौजूद थे। पूर्व मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन मंगलवारसे ही सतर्क था। जौहर यूनिवर्सिटी और आजम खां के घर के आसपास कई थानों की पुलिस तैनात की गई है। पुलिस के आला अधिकारी लगातारमौके पर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। खुफिया विभाग ने भी इलाके में निगरानी बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, अखिलेश यादव और आजम खां के बीचयह मुलाकात करीब एक घंटे तक चलेगी। दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से चल रहे गिले-शिकवे दूर करने और संगठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने कीसंभावना है। साथ ही अखिलेश यादव आजम खां की सेहत का हालचाल भी जाना. एक-दूसरे का हाथ थामे साथ चलते नजर आ रहेप्रशासन ने अखिलेश यादव की सुरक्षा के लिए तीन मजिस्ट्रेट और सीओ स्तर के अधिकारी तैनात किए हैं। पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दियागया है। आजम खां के मोहल्ले की ओर जाने वाले कई रास्तों और दुकानों को बंद करा दिया गया है। सपा कार्यकर्ताओं में अखिलेश यादव के दौरे कोलेकर जबरदस्त उत्साह है। लगभग तीन साल बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव और रामपुर के कद्दावर नेता आजम खां आमने-सामने आए। दोनोंनेताओं की दिल से हुई मुलाकात की तस्वीर सामने आई। इसमें वह एक-दूसरे का हाथ थामे साथ चलते नजर आ रहे हैं।
आप नेता संजय सिंह का मोदी सरकार पर बड़ा आरोप, ‘भारत को छुआछूत युग में वापस ले जाना चाहते “जानें क्या कुछ कहा”

आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई पर हुए हमले के पीछेभाजपा की नफ़रती फौज का हाथ बताया है। उन्होंने कहा कि अगर भारत को बचाना है तो भाजपा रूपी नफरती सांप को कुचलना होगा। सीजेआई परहुए हमले के विरोध में आम आदमी पार्टी 10 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में प्रदर्शन कर जूता फेंकने वाले पर कार्रवाई की मांग करेगी। यहहमला मोदी सरकार, भाजपा और आरएसएस की गहरी साज़िश का हिस्सा है। मुख्य न्यायाधीश की मां ने आरएसएस के कार्यक्रम में जाने से इन्कारकिया तो भाजपा और आरएसएस की गहरी साजिश से उन पर हमला हुआ। संजय सिंह ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश को गाली व मारने की धमकी देनेवाले और गले में हांडी बांधकर अपमान जनक वीडियो बनाने वाले, सब भाजपा की नफरती फ़ौज है। इसलिए इन पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।सीजेआई पर हमला संविधान की आत्मा पर हमला है। मोदी जी, भारत को “छूआछूत युग” में दोबारा वापस ले जाना चाहते हैं, जहां दलितों के गले मेंहांडी बांधी जाएगी। दलितों को अपमानित किया जाता थासंजय सिंह ने कहा कि भारत के मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने की कोशिश हुई और पूरी भाजपा सरकार खामोश है। कई घंटों बाद प्रधानमंत्री कोट्वीट करने की याद आई, फोन पर औपचारिकता हुई, लेकिन जिम्मेदार लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह कृत्य करने वाला वकील राकेश किशोरखुलेआम मीडिया में कह रहा है कि उसे कोई अफसोस नहीं है। वह खुश है कि उसने मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने की कोशिश की। यह सिर्फमुख्य न्यायाधीश पर हमला नहीं, बल्कि बाबा साहब के संविधान और भारत की आत्मा का अपमान है। संजय सिंह ने भाजपा-आरएसएस कीमानसिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा पूरी तरह खामोश है, क्योंकि उनकी सोच है कि दलितों को सम्मान नहीं मिलना चाहिए। उसकीमातृ संस्था आरएसएस ने 100 साल में एक भी दलित, पिछड़े या आदिवासी को सरसंघचालक नहीं बनाया। सोशल मीडिया पर मुख्य न्यायाधीश केगले में हांडी और पीछे झाड़ू बांधने के वीडियो वायरल हैं। यह वही युग याद दिलाने की कोशिश है, जब दलितों को अपमानित किया जाता था। दलितों को फिर से हांडी-झाड़ू बांधने वाले युग में धकेलनासंजय सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया ट्रोल्स मुख्य न्यायाधीश को गालियां दे रहे हैं। कोई कह रहा है, ‘सिर्फ जूता क्यों, गोली मारनी चाहिए।’ कोईकह रहा है, ‘मुख्य न्यायाधीश पर थूक देना चाहिए।’ अजीत भारती जैसे लोग, जिन्हें नोएडा पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया, बाहर निकलकर ट्वीटकरते हैं, ‘सरकार भी हमारी, सिस्टम भी हमारा।’ यह भाजपा की नफरत की राजनीति का नतीजा है। केंद्र सरकार इन जहरीले ट्रोल्स को संरक्षण दे रहीहै।संजय सिंह ने केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय से सवाल किया कि मुख्य न्यायाधीश के ऊपर अपनमजनक पोस्ट करने वाले कितने एक्स हैंडल्स अभीतक बैन हुए? कितनी गिरफ्तारियां हुईं? कोई कार्रवाई क्यों नहीं? यह साफ है कि भाजपा इनका साथ दे रही है। यह अपमान सिर्फ मुख्य न्यायाधीशका नहीं है, बल्कि बाबा साहब के संविधान का भी है, जिसने एक दलित बेटे को मुख्य न्यायाधीश की कुर्सी तक पहुंचाया। भाजपा इसे बर्दाश्त नहींकर सकती। वे दलितों को फिर से हांडी-झाड़ू बांधने वाले युग में धकेलना चाहते हैं। भाजपा के इस सपने को पूरा नहीं होने देना है। यह लोग किसी केसगे नहीं
माइक छोड़ मंच पर? मैथिली ठाकुर के ‘मधुर सुर’ अब होंगे चुनावी रण का शंखनाद

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी हुई है। चुनावों के लिए कौन सी पार्टी किस दावेदार के साथ उतरेगी ये तमाम अटकलेंलगाई जा रही हैं। ऐसे ही एक दावे की चर्चा लोकप्रिय गायिका मैथिली ठाकुर को लेकर भी चल रही है। दावा किया जा रहा है कि मैथिली ठाकुर2025 का विधानसभा चुनाव लड़ सकती हैं। मैथिली की बीजेपी के नेताओं से मुलाकात के बाद इस तरह की चर्चा होने लगी है। बताया जा रहा हैकि इस मुलाकात के दौरान उनके पिता भी साथ में थे।वहीं, जबलपुर पहुंची भक्ति गायिका मैथिली ठाकुर ने अपने चुनाव लड़ने की खबरों पर कहा, “मैं भी टीवी पर ये सब देख रही हूं। हाल ही में मैं बिहार गई थी और मुझे नित्यानंद राय और विनोद तावड़े से मिलने का मौका मिला। हमने बिहार केभविष्य पर चर्चा की। अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। देखते हैं क्या होता है। मैं अपने गांव के निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहूंगी, क्योंकि मुझे उससे लगाव है”बिहार चुनाव में वह किसे समर्थन दे रही हैं, इस पर उन्होंने कहा, “मैं अभी इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती। मैं देशके विकास में हर संभव योगदान देने के लिए पूरी ताकत से खड़ी हूं” बीजेपी नेता विनोद तावड़े से मुलाकात कीदरअसल, विनोद तावड़े ने बीते रविवार को अपने एक्स हैंडल से तस्वीरें शेयर कर लिखा था, “वर्ष 1995 में बिहार में लालू राज आने पर जो परिवारबिहार छोड़कर चले गए, उस परिवार की बिटिया सुप्रसिद्ध गायिका मैथिली ठाकुर जी बदलते बिहार की रफ्तार को देखकर फिर से बिहार आना चाहतीहैं। आज गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय जी और मैंने उनसे आग्रह किया कि बिहार की जनता के लिए और बिहार के विकास के लिए उनका योगदानबिहार का सामान्य आदमी अपेक्षित करता है और वे उनकी अपेक्षाओं को पूरा करें। बिहार की बिटिया मैथिली ठाकुर जी को अनंत शुभकामनाएं!” बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले लोकप्रिय भक्ति गायिका मैथिली ठाकुर के राजनीति में आने की चर्चा तेज हो गई है। हाल ही में उन्होंने गृहराज्यमंत्री नित्यानंद राय और बीजेपी नेता विनोद तावड़े से मुलाकात की, जिसके बाद उनके चुनाव लड़ने के कयास लगाए जा रहे हैं।
25 से 30, हमारे दो भाई बिहार में फिर नीतीश पर बीजेपी का भरोसा, 14 नवंबर को NDA की वापसी का दावा

2020 के विधानसभा चुनाव में भाजपा सीएम नीतीश कुमार को बड़ा भाई बनाकर उनके चेहरे पर चुनाव लड़ी थी। जनता दल यूनाईटेड को 43 सीटआने पर भी भाजपा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ही बनाया था। इस बार चुनाव से पहले विपक्ष लगातार यह कह रहा है कि चुनाव के बाद भाजपानीतीश कुमार को मुख्यमंत्री नहीं बनाएगी। लेकिन, भाजपा के वरिष्ठ नेता हमेशा कहते हैं ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्वमें ही इस बार भी चुनाव लड़ेगी। इस बात को भाजपा ने और पुख्ता कर दिया। एक नया नारा देकर। बिहार चुनाव की घोषणा होते ही भारतीय जनतापार्टी ने नया 25 से 30, हमारे दो भाई नरेंद्र और नीतीश। यानी 2025 से 2030 तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही होंगे। 14 नवंबर को फिर आ रही प्रचंड बहुमतभाजपा ने सोशल मीडिया पर भी कुछ ऐसे ही नारे लिखे। जैसे, “बिहार में जारी रहेगी विकास की तेज रफ्तार, 14 नवंबर को फिर एक बार एनडीएसरकार”। इसके अलावा भाजपा ने लिखा कि “जनता का विश्वास, फिर से NDA सरकार! बस 38 दिन का है इंतज़ार, थमेगी नहीं विकास कीरफ्तार।” वहीं एक अन्य पोस्ट में भाजपा ने लिखा कि “बिहार की जनता का मूड, मन-मिजाज सिर्फ एनडीए के साथ, 160 से अधिक सीटों परजीतकर 14 नवंबर को फिर आ रही प्रचंड बहुमत की सरकार!” प्रचंड मतों से समर्थन प्रदान करेगीवहीं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने लिखा कि भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा आज बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा का मैं स्वागत करता हूं। चुनावलोकतंत्र का सबसे बड़ा उत्सव है। यह देश व प्रदेश को विकास और सुशासन के पथ पर अग्रसर रखने का प्रमुख माध्यम है। पीएम मोदी के नेतृत्व मेंबिहार में NDA सरकार जनकल्याण और सुशासन का पर्याय बनी है। बिहार का यह चुनाव प्रदेश को विकास के रास्ते पर अनवरत ले जाने, घुसपैठियामुक्त करने और जंगलराज को फिर से आने से रोकने का चुनाव है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि लोकतंत्र की जननी बिहार की पुण्यधरा की जनता इनविधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी एवं NDA को अपना आशीर्वाद और प्रचंड मतों से समर्थन प्रदान करेगी।
CJI पर जूता फेंकने वाले वकील की सफाई’सनातन धर्म का किया अपमान, मुझे कोई पछतावा नहीं

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई पर जूता उछालने वाले वकील राकेश किशोर ने कहा है कि वह सीजेआई की टिप्पणी से आहत हैं और उन्हेंअपने किए पर कोई अफसोस या पछतावा नहीं है। वकील राकेश किशोर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब भी सनातन धर्म से जुड़े मामले आते हैंतो सुप्रीम कोर्ट ऐसे ही आदेश देता है। सीजेआई पर जूता उछालने की कोशिश के बाद आरोपी वकील राकेश किशोर को निलंबित कर दिया गया है।वकील राकेश किशोर ने कहा ‘मैं आहत था…मैं कोई नशे में नहीं था। ये उनकी कार्रवाई पर मेरी प्रतिक्रिया थी। न तो मैं डरा हुआ हूं और न ही मुझेअपने किए पर कोई अफसोस है। 16 सितंबर को मुख्य न्यायाधीश की अदालत में एक जनहित याचिका दायर की गई थी। मुख्य न्यायाधीश नेइसका मजाक उड़ाते हुए कहा – जाओ और मूर्ति से प्रार्थना करो और उससे ही अपना सिर वापस लगाने के लिए कहो….। जब हमारे सनातन धर्म सेजुड़ा कोई मामला आता है, तो सर्वोच्च न्यायालय ऐसे आदेश देता है। याचिकाकर्ता को राहत नहीं देनी मत दीजिए, लेकिन उसका मजाक भी नउड़ाएं।’ बौद्ध धर्म का पालन करने लगेन्यायपालिका के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ अपनी कार्रवाई को लेकर निलंबित वकील ने कहा कि ‘इतने उच्च संवैधानिक पद पर बैठनेवाले सीजेआई को भी सोचना चाहिए। उन्हें ‘माई लॉर्ड’ शब्द के मतलब को समझना चाहिए और इसकी गरिमा को बनाए रखना चाहिए। आपमॉरीशस जाते हैं तो वहां कहते हैं कि देश बुलडोजर से नहीं चलेगा। मैं सीजेआई से पूछना चाहता हूं कि सरकारी संपत्ति पर अतिक्रमण करने वालों केखिलाफ योगी जी की कार्रवाई गलत है? मैं आहत हूं और आगे भी आहत ही रहूंगा।’ वकील राकेश किशोर ने दलित सीजेआई पर जूता उछालने कोलेकर हो रही आलोचनाओं पर कहा कि ‘मेरा नाम राकेश किशोर है, क्या कोई मेरी जाति बता सकता है? हो सकता है कि मैं भी दलित हूं। सीजेआईबीआर गवई एक दलित हैं और यह एक पक्ष है और इसका फायदा लेने की कोशिश हो रही है। लेकिन वे दलित नहीं हैं। वे पहले सनातनी हिंदू थे, बाद में उन्होंने अपनी आस्था बदल ली और बौद्ध धर्म का पालन करने लगे। अब वे दलित कैसे हैं? ये सिर्फ सोच की बात है।’ उनकी टिप्पणी से आहत हूंवकील राकेश किशोर ने कहा कि ‘न्यायाधीशों को अपनी संवेदनशीलता पर काम करने की जरूरत है। लाखों मामले लंबित हैं। मैं किसी से माफी नहींमांगने वाला और न ही मुझे अफसोस है। मैंने ऐसा कुछ नहीं किया। आप मुझसे सवाल कर रहे हैं, लेकिन ये सब ऊपर वाले ने मुझसे कराया।’ सीजेआई पर सुनवाई के दौरान जूता उछालने वाले वकील राकेश किशोर ने कहा है कि उन्हें अपने किए पर कोई अफसोस नहीं है। उन्होंने कहा कि’सीजेआई ने अपनी टिप्पणी से सनातन धर्म का मजाक उड़ाया। मैं उनकी टिप्पणी से आहत हूं।’
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा भारत AI के क्षेत्र में विश्व के लिए प्रेरणा स्रोत, जिम्मेदार और संतुलित नियमन होगा सफलता की कुंजी

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि ‘भारत पर एक विशेष जिम्मेदारी है, क्योंकि वैश्विक दक्षिण के कई देश हमसे प्रेरणा लेते हैं।’ उन्होंने यह बातमंगलवार को आयोजित ‘ट्रस्ट एंड सेफ्टी इंडिया फेस्टिवल 2025’ में कही। यह आयोजन फरवरी 2026 में होने वाले एआई इम्पैक्ट समिट की तैयारीका हिस्सा है, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई के भविष्य पर वैश्विक चर्चा होगी। उन्होंने जयशंकर ने कहा कि भारत आज दुनिया में डिजिटलपब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर का एक प्रेरणास्रोत बन चुका है, चाहे बात आधार, यूपीआई, या डिजिटल गवर्नेंस की हो। उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले दसवर्षों में जिस पैमाने पर जनता तक सेवाएं पहुंचाई हैं और शासन में पारदर्शिता व दक्षता लाई है, वह दुनिया के लिए एक मिसाल बन गई है। उन्होंनेकहा, ‘जब मैं विदेश जाता हूं, तो वहां के नेता मुझसे भारत की डिजिटल सफलताओं की चर्चा करते हैं। अब यह चर्चा एआई के क्षेत्र तक पहुंच चुकीहै।’ विदेश मंत्री ने कहा कि भारत जैसे विशाल समाज के लिए ‘जिम्मेदार एआई’ की दिशा में काम करना बेहद जरूरी है। इसके लिए उन्होंने तीन प्रमुखकदम बताए। जिसमें स्वदेशी उपकरण और ढांचे तैयार करना, इन नवाचारों के लिए आत्म-मूल्यांकन प्रणाली बनाना. और ठोस दिशा-निर्देश तैयारकरना शामिल है। उन्होंने कहा कि केवल इन कदमों के बाद ही यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि एआई का विकास, उसका उपयोग और शासन, सभी सुरक्षित और सभी के लिए सुलभ हों। इसका संतुलित और जिम्मेदार नियमन करेंविदेश मंत्री ने कहा कि दुनिया इस समय एक ‘महान परिवर्तन के मोड़’ पर खड़ी है। जो फैसले आज लिए जाएंगे, वही आने वाले दशकों की दिशा तयकरेंगे। उन्होंने कहा कि जो लोग एआई को अभी भी एक दूर की बात मानते हैं, उन्हें जल्द ही एहसास होगा कि आने वाले कुछ वर्षों में एआई हमारीअर्थव्यवस्थाओं, काम करने के तरीकों, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और जीवनशैली. सब कुछ बदल देगा। उन्होंने कहा, ‘एआई नए अवसर तो लाएगा ही, लेकिन इसके साथ नए खिलाड़ी और नई ताकतें भी उभरेंगी। इसलिए जरूरी है कि हम इसका संतुलित और जिम्मेदार नियमन करें।’ पुरजोर आग्रह कियाउन्होंने कहा कि एआई का असर हर नागरिक तक पहुंचेगा, इसलिए डिजिटल नागरिकों की सुरक्षा के लिए ‘गार्डरेल्स’ यानी सुरक्षा सीमाएं तय करनाबहुत जरूरी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शब्दों का हवाला देते हुए कहा, ‘टेक्नोलॉजी तभी भलाई की ताकत बनती है, जब मानवता उसे सहीदिशा देती है।’ इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं ने भी यह माना कि भारत न केवल एआई के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है, बल्किविकासशील देशों के लिए एक ‘नीति मार्गदर्शक’ बन चुका है। भारत का दृष्टिकोण है, टेक्नोलॉजी सबके लिए, जिम्मेदारी के साथ। ट्रस्ट एंड सेफ्टीइंडिया फेस्टिवल 2025 के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा, ‘हम भारत में लगातार वैश्विक एआई शासनऔर एक अंतरराष्ट्रीय एजेंडा तैयार करने की वकालत करते रहे हैं। हमने अपने G-20 प्रेसीडेंसी के दौरान इसका प्रदर्शन किया है और विश्वास, सुरक्षा, निष्पक्षता और जवाबदेही को सुरक्षित रखते हुए सतत विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए इसके उपयोग पर पुरजोर आग्रह किया है।’
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बोले 2025 में भारत करेगा 1.20 लाख करोड़ की स्वदेशी सैन्य खरीद, आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है देश

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि भारत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1.20 लाख करोड़ रुपये मूल्य के घरेलू सैन्य उपकरण और हथियारखरीद रहा है। उन्होंने कहा कि देश सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए तेजी से आत्मनिर्भरता की तरफ ध्यान लगा रहा है। एक कार्यक्रम कोसंबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार, युद्ध क्षेत्र के बदलते स्वरूप, खासकर ड्रोन आदि के इस्तेमाल की अहमियत से पूरी तरहवाकिफ है और उसके अनुसार ही अपनी सैन्य तैयारी कर रही है। राजनाथ सिंह ने बताया कि ‘2021-22 में, घरेलू स्रोतों से हमने करीब 74 हजारकरोड़ रुपये के घरेलू सैन्य उपकरण खरीदे, लेकिन 2024-25 के अंत तक, घरेलू स्रोतों से सैन्य खरीद बढ़कर करीब 1.20 लाख करोड़ रुपये हो गईहै। यह बदलाव केवल आंकड़ों का नहीं, बल्कि मानसिकता का भी है।’ रक्षा मंत्री ने कहा कि ‘मोदी सरकार ने पिछले 10 वर्षों में देश में रक्षा उपकरणोंके स्वदेशी डिजाइन, विकास और निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए कई नीतिगत पहल की हैं और इन पहलों के तहत, अब सैन्य उपकरणों कीखरीद में घरेलू स्रोतों को प्राथमिकता दी जा रही है।’ ऑपरेशन सिंदूर में भी इसका प्रदर्शन देखारक्षा मंत्री ने कहा, ‘भारत सरकार युद्ध के बदलते स्वरूप से पूरी तरह वाकिफ है। आज का युद्ध पूरी तरह से तकनीक आधारित हो गया है। हमनेऑपरेशन सिंदूर में भी इसका प्रदर्शन देखा। इसमें हमने पाया कि ड्रोन, ड्रोन-रोधी युद्ध और वायु-रक्षा प्रणालियों जैसे गैर-संपर्क युद्धों का महत्व काफीबढ़ गया है।’ राजनाथ सिंह ने कहा कि 2047 तक भारत को एक विकसित देश बनाने में रक्षा क्षेत्र की भूमिका अहम है।रक्षा मंत्री ने कहा, ‘हमें महत्वपूर्ण रक्षा क्षमताओं में आत्मनिर्भरता हासिल करनी होगी। साथ ही हमें रक्षा क्षेत्र में एक प्रमुख वैश्विक निर्यातक बननाहोगा। तीसरा, भारत को अत्याधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में आगे ले जाने के लिए, हमें कुछ खास तकनीकों और प्रौद्योगिकी में प्रगति करनी होगी।’ रक्षामंत्री ने कहा, ‘भारत सरकार युद्ध के बदलते स्वरूप से पूरी तरह वाकिफ है। आज का युद्ध पूरी तरह से तकनीक आधारित हो गया है। हमने ऑपरेशनसिंदूर में भी इसका प्रदर्शन देखा।’