उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक कर्मचारियों को राहत, UCC में संशोधन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रमोशन में बड़ा लाभ

उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक आज सीएम धामी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस दौरान विभिन्न विभागों के कई प्रस्तावों पर चर्चा के बाद कैबिनेट नेनिर्णय लिया। वहीं, कर्मचारियों के लिए कैबिनेट ने अहम फैसला लिया। राज्य कर्मचारियों की पदोन्नति के संबंध में अर्हकारी सेवा में शिथिलीकरणकी नियमावली में संशोधन को मंजूरी मिल गई है। – उत्तराखंड महिला एवं बाल विकास अधीनस्थ सुपरवाइजर सेवा नियमावली 2021 के संशोधनको कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। सुपरवाइजर सेवा नियमावली के अंतर्गत सुपरवाइजर के पदों पर 50% सीधी भर्ती से एवं 40% आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएवं शेष 10% मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पदोन्नति से भरे जाते थे। भारत सरकार के दिशा निर्देशों में राज्य के समस्त मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों कोपूर्ण आंगनबाड़ी केंद्रों में उच्चीकृत किया जाना है, ऐसे में मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से सुपरवाइजर पद पर होने वाले पदोन्नति के 10% कोटा को भीआंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पदोन्नति कोटे में शामिल करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री के पदोन्नति कोटे को 40% से बढ़ाकर 50% किया गया है। कीपहाड़ से पहाड़ में एवं मैदानी जनपदों से पर्वतीय जनपदों में स्थानांतरण किया जा सकेगारायपुर एवं उसके समीप क्षेत्रों के अंतर्गत जहां विधानसभा परिसर प्रस्तावित है, उस क्षेत्र को फ्रिज जोन बनाया गया था। अब कैबिनेट ने फ्रिज जोन मेंआंशिक संशोधन करते हुए इन क्षेत्रों में छोटे घरों ( लो डेंसिटी हाउसों ) और छोटी दुकानों के निर्माण की अनुमति दे दी है। जिसके मानक आवासविकास विभाग के द्वारा निर्धारित किए जाएंगे। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं स्वास्थ्यपर्यवेक्षक की सेवा नियमावली में संशोधन की कैबिनेट ने मंजूरी दी है। अब स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं स्वास्थ्य पर्यवेक्षक के पांच साल की संतोषजनकसेवा के बाद एक स्थान से दूसरे स्थान तक अपने जीवनकाल में एक बार पारस्परिक स्थानांतरण को अनुमति दी जाएगी। नए स्थान में जाने पर अपनेनए जनपद के कैडर के अंतर्गत यह सबसे जूनियर होंगे। इसके अलावा रिक्त पद उपलब्ध होने पर पहाड़ से पहाड़ में एवं मैदानी जनपदों से पर्वतीयजनपदों में स्थानांतरण किया जा सकेगा, जिसके लिए मानक विभाग द्वारा तैयार किए जाएंगे। तिब्बती मूल के व्यक्तियों के लिए विदेशी पंजीकरणसमान नागरिक संहिता के अंतर्गत होने वाले ऑनलाइन विवाह पंजीकरण में संशोधन को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। यूसीसी में पंजीकरण के लिए आधारकार्ड की व्यवस्था रखी गई है। क्योंकि उत्तराखंड प्रदेश में नेपाली भूटानी एवं तिब्बती मूल के लोगों से भी शादी होती है। ऐसे में आधार के अलावाअब नेपाल, भूटान के नागरिकों हेतु नेपाली एवं भूटानी नागरिकता प्रमाण पत्र, एवं 182 दिनों से अधिक के प्रवास के लिए भारत में नेपाली मिशन/रॉयल भूटानी मिशन द्वारा जारी प्रमाणपत्र एवं तिब्बती मूल के व्यक्तियों के लिए विदेशी पंजीकरण अधिकारी द्वारा जारी वैध पंजीकरण प्रमाण पत्रको अनुमन्य किया जाएगा। सीएम धामी की अध्यक्षता में संपन्न हुई कैबिनेट बैठक में आज आठ प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इसमें यूसीसी औरकर्मचारियों को लेकर बड़ा फैसला हुआ है।
आधुनिक हिमाचल के निर्माता को श्रद्धांजलि, सोनिया गांधी ने किया वीरभद्र सिंह की प्रतिमा के अनावरण में दिखी एकजुटता

आधुनिक हिमाचल के निर्माता स्व. वीरभद्र सिंह की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में शामिल होने कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी औरमौजूदा राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी रविवार को शिमला पहुंचीं। सोमवार को करीब 11.30 के करीब सोनिया गांधी ने स्व. वीरभद्र सिंह की प्रतिमाका आनावरण किया। इस दौरान कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्रसिंह सुक्खू, रजनी पाटिल, सचिन पायलट, दीपेंद्र सिंह हुड्डा और अन्य कांग्रेस नेता हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की प्रतिमा केअनावरण समारोह में शामिल हुए। प्रदेशभर से लोग इस कार्यक्रम में भाग लेने आए। पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ लोग पहुंचे व नाटी डालते हुएकार्यक्रम में पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस सचिन पायलट ने कहा कि वीरभद्र सिंह हमारे देश के सबसे कद्दावर नेताओं में से एक थे, वे कई बार मुख्यमंत्रीरहे, हमने हिमाचल प्रदेश में उनकी विरासत और उनके काम का सम्मान किया है, आज उनकी प्रतिमा स्थापित की गई है, यह बहुत अच्छा दिन है, हमसभी इसका स्वागत करते हैं। हम उस प्रेरणा को आगे बढ़ाना चाहते हैं जो वीरभद्र सिंह ने न केवल हमारी पार्टी को, बल्कि पूरे देश को दी है। शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में अंतिम सांस लीकांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि हम राजा वीरभद्र सिंह को श्रद्धांजलि देते हैं और उनकी प्रतिमा स्थापित करने के लिए इतने भव्य आयोजन केलिए हिमाचल सरकार को बधाई देते हैं। हिमाचल में उनका बहुत बड़ा योगदान था। हम उन्हें नमन करते हैं। हिमाचल कांग्रेस के पूर्व प्रभारी राजीवशुक्ल भी रविवार देर शाम शिमला पहुंच गए थे। सोमवार सुबह सोनिया और प्रियंका रिज मैदान पर पहुंची। कार्यक्रम की शुरुआत प्रदेश के छह बारमुख्यमंत्री रहे स्व. वीरभद्र सिंह की प्रतिमा के अनावरण और श्रद्धांजलि के साथ हुआ। इसके बाद उनके जीवन परिचय को दर्शाती प्रदर्शनी काअवलोकन हुआ। वीआईपी मूवमेंट के चलते रविवार को राज्य गुप्तचर विभाग और सीआरपीएफ के सुरक्षा अधिकारी दिन भर रिज मैदान से लेकरछराबड़ा तक सुरक्षा का जायजा लेते रहे। वीरभद्र सिंह फाउंडेशन के अध्यक्ष लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कार्यक्रम की तैयारियों का जायजालिया। वीरभद्र सिंह हिमाचल प्रदेश के छह बार मुख्यमंत्री रहे। 1962 में पहली बार लोकसभा सांसद बने और उन्होंने 13 चुनाव लड़े। उन्होंने केंद्र मेंइस्पात, उद्योग, पर्यटन और लघु उद्योग मंत्री के रूप में भी कार्य किया। 47 वर्षों के राजनीतिक जीवन में वह नौ बार विधायक और पांच बार सांसदरहे। आधुनिक हिमाचल के निर्माता कहे जाने वाले वीरभद्र सिंह ने शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण योगदान दिया। 8 जुलाई 2021 को उन्होंने शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में अंतिम सांस ली। आपदा के चलते कार्यक्रम फिर स्थगित हो गयाछह बार के मुख्यमंत्री, 9 बार के विधायक और 5 बार सांसद रहे वीरभद्र सिंह को सोमवार को श्रद्धांजलि देने के लिए कांग्रेसी एक मंच पर होंगे। कईदिग्गज शिमला पहुंच चुके हैं। कार्यक्रम में कांग्रेसी एकजुटता का संदेश भी देंगे। इस साल के अंत में पंचायतीराज और नगर निकाय चुनाव प्रस्तावितहैं। कार्यक्रम में 10,000 लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। रिज मैदान पर 7,000 कुर्सियां लगाई गई हैं। वीरभद्र सिंह फाउंडेशन एक माह सेकार्यक्रम की तैयारियों में जुटी है। मुख्यमंत्री भी आयोजन की तैयारियों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। वीरभद्र सिंह के चाहने वाले ढोल-नगाड़ों केसाथ रिज मैदान पर पहुंचंगे। नगर निगम के मेयर और पार्षदों के अलावा रामपुर, रोहड़ू, शिमला ग्रामीण और ठियोग विधानसभा क्षेत्र को कार्यक्रम मेंलोगों को पहुंचाने का जिम्मा सौंपा गया है।कार्यक्रम में पहुंचने वाले लोगों के लिए धाम की भी व्यवस्था की जा रही है। इस साल जून माह में वीरभद्र सिंह की प्रतिमा रिज मैदान के दौलत सिंहपार्क में स्थापित कर दी गई थी। अनावरण के लिए सबसे पहले वीरभद्र सिंह के जन्मदिन 23 जून का दिन तय किया गया, लेकिन कार्यक्रम स्थगित होगया। इसके बाद 15 जुलाई को कार्यक्रम तय हुआ, लेकिन आपदा के चलते कार्यक्रम फिर स्थगित हो गया था।
“चीन से दोस्ती में है भारत का भविष्य” मणिशंकर अय्यर ने मोदी सरकार को दी सलाह “जानें क्या कुछ कहा”

पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा कि राहुल गांधी तभी प्रधानमंत्री बन सकते हैं, जब इंडिया गठबंधन में मतभेद नहीं होंगे।कसौली में खुशवंत सिंह लिटफेस्ट के अंतिम दिन खास बातचीत में उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के अलावा और कोई नहीं है, जो गठबंधन की सरकारचला पाए। जिस तरह से इंडिया गठबंधन के हालात हैं, इससे भाजपा को हराना मुश्किल होगा। एकजुट होकर ही भाजपा का सामना कर सकते हैं।उन्होंने कहा कि हम चाहें भी तो भी पार्टी के ऊंचे पदों पर नहीं बैठ सकते क्योंकि हमें एक दो वोट ही मिलेंगे। पार्टी व अन्य नेता दिल से गांधी परिवारको चाहते हैं। ऐसे में हमें विकल्प पूछे जाते हैं, जिसमें हम तीन से चार नाम उन्हें सुझा देते हैं। उसी में से एक को बड़े पदों पर चुना जाता है। अय्यर नेकहा कि 2019 में जब कांग्रेस की बुरी तरह से हार हुई थी तो राहुल गांधी ने पद छोड़ दिया था और कहा था कि जिसे मर्जी अध्यक्ष बनाएं, मगर हमकिसी को ढूंढने में कामयाब नहीं हुए। फिर उन्हीं के कहने पर मल्लिकार्जुन खरगे को कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। अपनी ‘रिजिजिंग राजीवगांधी लेगेसी फॉर इंडियाज फ्यूचर’ किताब पर चर्चा करते हुए उन्होंने राजीव गांधी की श्रीलंका नीति के पतन के लिए भारतीय प्रतिष्ठान कीविफलताओं को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि सेना और खुफिया एजेंसियों ने उन्हें निराश किया, जबकि वह मिशन पर डटे रहे। अय्यर ने कहा कि मौजूदा समय में चीन के साथ जो हालातमणिशंकर ने राजीव गांधी को फेलियर प्रधानमंत्री कहने के सवाल पर कहा कि वह भाजपा का फैलाया गया प्रोपेगेंडा था। उस समय मैंने सिर्फ इतनाकहा था कि जिस तरह राजीव गांधी ने कहा था कि वह यूनिवर्सिटी में दो बार फेल हुए थे तो मोदी भी बीए और एमए की डिग्री दिखाएं या गुजरातविवि को कहें कि उनकी डिग्री सार्वजनिक करें। मगर उन्होंने नहीं दिखाई। अय्यर ने कहा कि मौजूदा समय में चीन के साथ जो हालात हैं, उसमें केवलचीन से दोस्ती ही भारत को दुनिया में नंबर एक बना सकता है। अगर डर में रहे तो भी कुछ नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि चीन और भारत अगर एकहो जाते हैं तो वह पूरी दुनिया में मिसाल कायम कर सकते हैं। अब मौजूदा सरकार को यह सोचना है कि उन्हें चीन से मुकाबला करना है या दोस्ती। विद्रोही नेता लालडेंगा को मुख्यमंत्री बनाया गयाअय्यर ने 1987 के समझौते और भारतीय शांति सेना की तैनाती का बचाव करते हुए कहा कि यह श्रीलंका के विघटन को रोकने और तमिलनाडु मेंअलगाववादी भावनाओं को भड़काने वाले संभावित फैलाव को रोकने का एक प्रयास था। राजीव जानते थे कि श्रीलंका में विघटन भारत में विघटन काकारण बन सकता है। समझौते में सेना की सहमति थी और इसमें कोलंबो के अनुरोध पर शांति सैनिकों को देश को स्थिर करने के लिए काम करने कीपरिकल्पना की गई थी, न कि कब्जा करने के लिए। अय्यर ने स्वीकार किया कि ऑपरेशन विफल रहा। अय्यर ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव काविश्वास उनकी ताकत और कमजोरी दोनों था। कहा कि देश और विदेश में उनके सलाहकारों और सहयोगियों पर गलत भरोसा करना उनके लिएनुकसानदेह रहा। पंजाब में उन्होंने अकाली दल को सत्ता में लाने के लिए चुनाव कराकर कांग्रेस के जनाधार को खतरे में डाल दिया। असम में ऑलअसम स्टूडेंट्स यूनियन, असम गण परिषद में तब्दील हो गया और समझौते के बाद सत्ता में आया। मिजोरम में दो दशक से चल रहा उग्रवाद तबसमाप्त हुआ जब विद्रोही नेता लालडेंगा को मुख्यमंत्री बनाया गया।
अफगान-पाक तनाव से दहशत में छंब और पुंछ के सीमावर्ती गांव, ग्रामीणों ने मांगा बंकर निर्माण “बंकर अधूरे, फसलें खतरे में”

छंब क्षेत्र के सीमावर्ती गावों के लोगों में ऑपरेशन सिंदूर के बाद अब एक बार फिर दहशत बनी हुई है। इसका कारण अफगानिस्तान और पाकिस्तानकी सेना के बीच लड़ाई बताई जा रही है। सीमावर्ती गावों के लोगों का कहना है अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच छिड़ी जंग की लपटें कहींभारत की तरफ रुख न कर लें। लोगों ने बताया कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच जंग ऐसे समय पर शुरू हुई है जब अफगानिस्तान के विदेशमंत्री आमिर खान भारत के दौरे पर हैं। सीमावर्ती गांव निवासी नवीन सिंह, पवन कुमार तथा चंचला देवी निवासी पलांवाला ने बताया कि पाकिस्तानका कोई भरोसा नहीं है। अफगानिस्तान और भारत के बीच अच्छे संबंधों को देखकर बौखलाई पाकिस्तान की सेना कहीं भारतीय क्षेत्र को निशानाबनाने की कोशिश न कर दे। पाकिस्तान का कोई भरोसा नहींक्षेत्र में धान की फसल पक कर तैयार है और किसानों की तरफ से धान की छोटी फसल की कटाई भी चल रही है।ऐसे समय पर सीमा पर माहौलबिगड़ना किसानों के लिए नुकसानदायक है। गांव के लोगों ने बताया कि हमें भारतीय सेना पर पूरा भरोसा है। भारतीय सेना सीमावर्ती गांवों के लोगोंकी रक्षा करने के लिए सीमा पर पूरी तरह से मुस्तैद है। ऑपरेशन सिंदूर के छह महीने बाद भी पुंछ में बंकर निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से लोगों में रोषहै। गांव दिगवार निवासी सुनील कुमार, राविंद्र सिंह कहना है कि पाकिस्तान का कोई भरोसा नहीं कब नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम समाप्त कर अपनीनापाक हरकत को अंजाम देने लगे। ऑपरेशन सिंदूर के बाद सरकार ने नए बंकर बनाने की घोषणा कीवैसे भी पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र और अब अफगानिस्तान के साथ पाकिस्तान के तनाव से जिले में हालात तनावपूर्ण हैं। इसलिए सरकार औरप्रशासन को नियंत्रण रेखा से सटे इलाकों के साथ नगर में जल्दी बंकरों का निर्माण कार्य शुरू करवाना चाहिए। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानीगोलाबारी में पुंछ नगर में भारी जान माल का नुकसान हुआ था। वैसे गांव तीन तरफ से पाकिस्तानी सेना की चौकियों की गोलाबारी की जद में आता हैऔर वहां आज तक एक भी बंकर नहीं बनाया गया है। लोगों ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद सरकार ने नए बंकर बनाने की घोषणा की थीलेकिन अभी तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव ने जम्मू-कश्मीर के छंब और पुंछ के सीमावर्तीगांवों में दहशत का माहौल बना दिया है। ग्रामीणों ने सरकार से जल्द बंकर निर्माण की मांग की है, ताकि जान-माल और फसल की सुरक्षा सुनिश्चितहो सके।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सपा के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी के खिलाफ जमीन कब्जा व रंगदारी मामले में ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर लगाई रोक, जानें क्या है पूरा मामला

कानपुर के सीसामऊ से सपा के विधायक रहे इरफान सोलंकी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली है। हाईकोर्ट ने रंगदारी और जमीन पर कब्जाकरने के मामले में ट्रायल कोर्ट में चल रहे मुकदमे की कार्यवाही पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति समीर जैन कीएकल पीठ कर रही है। कानपुर के जाजमऊ थाना क्षेत्र के दुर्गा विहार निवासी विमल कुमार ने 25 दिसंबर 2022 को पूर्व विधायक इरफान सोलंकीके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। सोलंकी के साथ ही बिल्डर हाजी वसी, शाहिद लारी और कमर आलम के खिलाफ भी मारपीट, रंगदारी, धमकीसमेत सार्वजनिक संपति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। वादी ने आरोप लगाया था कि उसकी जाजमऊ स्थितआराजी संख्या 963 जिसका रकबा एक हजार वर्ग मीटर जमीन था। विधायक इरफान सोलंकी, हाजी वसी, कमर आलम और शाहिद लारी ने जबरनउसकी जमीन पर कब्जा कर लिया था। डीएम से शिकायत पर लेखपाल ने जाकर जांच की और पुलिस के द्वारा कार्रवाई करके जमीन कब्जा मुक्तकराने की बात भी लिखी थी। आरोप है कि जब इन लोगों ने उसकी जमीन पर कब्जा किया था तो दर्शाया कि आराजी संख्या 48 की जमीन काहिस्सा है। वादी ने आराजी संख्या 48 के संबंध में जानकारी की गई तो पता चला कि यह जमीन कानपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी के नाम है जिसका पूरारकबा 77 सौ वर्ग मीटर का है। जानकारी केडीए में उपलब्ध नहींविमल ने आरोप लगाया कि इस दौरान एक और फर्जीवाड़ा सामने आया कि सभी आरोपियों के द्वारा केडीए की जमीन एक ऐसे हाईकोर्ट के आर्डर कोदिखाकर बेची जा रही है जिसमें कहीं भी आराजी संख्या 48 का जिक्र न होकर सिर्फ प्लाट नंबर 247, 48 का जिक्र था। इन लोगों ने केडीए केअधिकारियों से साठगांठ कर एक ऐसा आरटीआई का पत्र प्राप्त किया था जिसमें लिखा था कि केडीए यह मुकदमा हार चुका है, लेकिन नीचे यह भीलिखा है कि जो मुकदमा केडीए हारा है उसका कोई जानकारी केडीए में उपलब्ध नहीं थी। वादी का जमीन के मूल मलिक के साथ सिविल मुकदमा चल रहापूर्व विधायक इरफान सोलंकी के अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने दलील दी कि वादी जिस जमीन को अपना बताकर विधायक पर जमीन पर कब्जाकरने का आरोप लगाया है, वह जमीन वादी की है ही नहीं। वादी का जमीन के मूल मलिक के साथ सिविल मुकदमा चल रहा है। राजनीतिक रंजिशके चलते वादी ने इरफान सोलंकी पर झूठे मुकदमा दर्ज कराए हैं। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने इरफान सोलंकी पर चल रहे मुकदमे कीपूरी कार्यवाही पर रोक लगा दी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर से सपा के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी के खिलाफ चल रहे जमीन पर कब्जे औररंगदारी के मुकदमे की पूरी कार्यवाही पर रोक लगा दी है। कोर्ट में इरफान के अधिवक्ता ने दलील दी कि जिस जमीन के मामले में मकुदमा दर्ज कियागया है वह जमीन वादी के नाम है ही नहीं।
प्रधानमंत्री मोदी को निमंत्रण मिला, लेकिन शिखर सम्मेलन में नहीं होंगे शामिल भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे किर्ति वर्धन

गाजा के मुद्दे पर मिस्र के शर्म अल-शेख शहर में आज होने वाले शांति शिखर सम्मेलन में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत दुनिया के 20 शीर्षनेता शिरकत करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी सम्मेलन में शामिल होने के लिए मिस्र की ओर से निमंत्रण भेजा गया था, हालांकि वे इसमें शामिलनहीं होंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति इस बाबत अमेरिका से एयरफोर्स वन विमान से रवाना हो चुके हैं। वे पहले इस्राइल जाएंगे। इसके बाद वहीं से मिस्ररवाना हो जाएंगे। उनकी ओर से इस्राइल-हमास युद्धविराम समझौते की घोषणा के बाद से पहली यात्रा है। इस्राइल रवाना होने से पहले उन्होंने इसदौरे को बेहद खास बताया। ट्रंप ने कहा कि यह एक बहुत खास समय होने जा रहा है… हर कोई इस पल को लेकर बेहद उत्साहित है। ऐसा पहलेकभी नहीं हुआ। आमतौर पर अगर एक पक्ष खुश होता है, तो दूसरा नाराज होता है। लेकिन इस बार सब एक साथ प्रसन्न हैं। क्षेत्र के देशों को एकजुट कर स्थायी शांति की दिशा में एक बड़ा कदम साबितगौरतलब है कि मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ इस शांति शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करेंगे। इसदौरान गाजा पट्टी में युद्ध समाप्त करने के साथ-साथ पश्चिम एशिया में स्थायी शांति लाने के तरीकों पर चर्चा की जाएगी। यह शिखर सम्मेलन राष्ट्रपतिट्रंप की गाजा शांति योजना के प्रथम चरण के प्रभावी होने के कुछ दिनों बाद होने जा रहा है। ट्रंप के अलावा सम्मेलन में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीरस्टार्मर, इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी शामिल होंगे।विदेश राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्य पूर्व दौरे पर रवाना होने से पहले एयर फोर्स वन मेंपत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह दौरा क्षेत्र के देशों को एकजुट कर स्थायी शांति की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।उन्होंने कहा कि हम सबको खुश करने जा रहे हैं। हर कोई खुश है…चाहे यहूदी हो, मुस्लिम या अरब देश। हम इस्राइल के बाद मिस्र जा रहे हैं, औरवहां मेरी बहुत ताकतवर, बड़े और अमीर देशों के नेताओं से मुलाकात होगी। और सभी इस समझौते के साथ हैं। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच भी युद्ध चल रहाअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्य पूर्व दौरे पर रवाना होने से पहले एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह दौराक्षेत्र के देशों को एकजुट कर स्थायी शांति की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। उन्होंने कहा कि हम सबको खुश करने जा रहे हैं। हर कोई खुशहै…चाहे यहूदी हो, मुस्लिम या अरब देश। हम इस्राइल के बाद मिस्र जा रहे हैं, और वहां मेरी बहुत ताकतवर, बड़े और अमीर देशों के नेताओं सेमुलाकात होगी। और सभी इस समझौते के साथ हैं। आगे पत्रकारों से वार्ता करते हुए ट्रंप ने फिर से खुद को युद्ध शांत कराने वाला करार दिया। ट्रंप नेकहा कि यह आठवीं जंग है जिसे उन्होंने सुलझाया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें खबर मिली है कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच भी संघर्षजारी है, और वे लौटकर उस पर भी ध्यान देंगे। ट्रंप ने कहा कि यह मेरी आठवीं जंग होगी जिसे मैंने सुलझाया है। और मुझे बताया गया कि अबपाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच भी युद्ध चल रहा है। इस पर मैंने कहा कि मेरे लौटने तक इंतजार करना होगा। क्योंकि मैं अभी एक और जंगको सुलझा रहा हूं। लौटने पर उसे भी सुलझा लूंगा। क्योंकि मैं युद्ध सुलझाने में अच्छा हूं।
कसौली लिटफेस्ट में ऑपरेशन ब्लू स्टार पर तीखी बहस, चिदंबरम-हरिंदर बावेजा में विवाद कश्मीर और महिला एनडीए अफसर की कहानी भीचर्चा में

कसौली में खुशवंत सिंह लिटफेस्ट के दूसरे दिन पूर्व गृह मंत्री पी चिंदबरम व पत्रकार हरिंदर बावेजा की पुस्तक ‘इंकिंग ऑफ मेमॉयर’ पर चर्चा के दौरानऑपरेशन ब्लू स्टार पर खुलकर चर्चा हुई। हरिंदर बावेजा ने ऑपरेशन ब्लू स्टार के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सबसे बड़ी गलती करारदिया। उन्होंने कहा कि इसके बिना भी आतंकवादियों को स्वर्ण मंदिर से बाहर निकाला जा सकता था। वहीं, पूर्व गृह मंत्री पी चिंदबरम ने इंदिरा गांधीका बचाव करते हुए कहा कि ऑपरेशन ब्लू स्टार का फैसला उनका अकेले का नहीं था। उस समय सेना, पुलिस व उस समय के पंजाब के नेताओं कानिर्णय था। इस पर बावेजा ने कहा कि प्रधानमंत्री तो इंदिरा गांधी थी। ऐसे में उनके आदेश पर ही ऑपरेशन ब्लू स्टार हुआ। बावेजा ने कहा कि इंदिरागांधी की हत्या उनके ही सुरक्षा कर्मियों ने की थी और उनकी सुरक्षा में एक एमपी का बेटा भी था। जिस पर चिदंबरम ने कहा कि बावेजा ने किताबकेवल एक ही नेता के सोर्स पर लिखी है, जबकि कई लोगों से बात करके यह लिखी जानी चाहिए थी। कश्मीर के दौरे में उन्हें 2 ही मंदिर ऐसे मिलेइसके अलावा कश्मीर पर चर्चा करते हुए चिदंबरम ने कहा कि वर्तमान में जम्मू-कश्मीर की दिल्ली से दूरी बन गई है। केंद्र को कश्मीरियों को समझनाहोगा। अधिकांश कश्मीरियों को भारत से लगाव है। कश्मीर के लोग अब समझ गए हैं कि पाकिस्तानी सेना उन्हें केवल भारत के खिलाफ भड़काने काकाम कर रही है। वहीं बावेजा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों की बढ़ी संख्या हमेशा शांति का एक बड़ा उदाहरण है। ऑपरेशन सिंदूर से कश्मीर मेंसमस्या का हल नहीं होगा। कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद कश्मीर में अप्रैल माह में ही करीब 60 से 70 हजार पर्यटक पहुंचे थे। बावेजा नेबाबरी मस्जिद को गिराने के बाद कश्मीर में हिंदू मंदिरों का निशाना बनाने के उपजे विवाद पर कहा कि उस समय इस तरह की सूचनाएं आ रही थीं किवहां पर करीब 62 मंदिरों को निशाना बनाया गया है। लेकिन कश्मीर के दौरे में उन्हें 2 ही मंदिर ऐसे मिले, जिन्हें तोड़ा गया था। महिला एनडीए अफसर की कहानीलिटफेस्ट में पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम के सत्र के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब एक श्रोता ने चिदंबरम को कई बातें सुना दीं। इसकेबाद चिदंबरम ने स्टेज छोड़ दिया। चर्चा के दौरान पी चिदंबरम ने 1984 के दंगों पर इंदिरा गांधी का बचाव किया और कहा कि वहां पर दंगे हुए थे।इस पर दर्शकों के बीच बैठे कसौली स्टेशन हेडक्वार्टर के पहले प्रमुख के नातिन हरप्रीत सिंह भड़क गए और उन्होंने चिदंबरम से कहा कि वह पंजाब में1984 में सिखों पर हुए अत्याचार को दंगों का नाम नहीं दे सकते। केवल उस समय सिखों को टारगेट कर उनका कत्लेआम करवाया गया और यहकांग्रेस का काम था। जिस पर चिदंबरम वहां से उठकर चले गए। मामला यहीं शांत नहीं हुआ। जब चिदंबरम कसौली क्लब से बाहर निकल रहे थे तोहरप्रीत सिंह ने उन्हें फिर से घेर लिया और कहा कि आपने उस समय के कत्लेआम को दंगा कैसे कहा। जिस पर चिदंबरम ने कहा कि और इसे क्याबोल सकते हैं। अपनी किताब ‘द कैंटोनमेंट थ्रिलर’ पर पूर्व सेना जनरल एमएम नरवणे ने कहा कि पहले महिलाओं के सेना में जाने पर सोचा जाता थाकि वह कैसे कर पाएंगी। आज महिलाएं आर्मी में न केवल सेवाएं दे रही हैं, बल्कि जल्दी प्रमोशन भी ले रही हैं। 2022 तक आर्मी में महिलाओं काप्रवेश नहीं था। उस समय मेरे सामने एक मुद्दा उठा था कि आर्मी में महिला चीफ कब बनेगी तो मैंने जवाब दिया था कि शायद 40 साल लग जाएं।उसी समय मेरे मन में विचार आया कि इस पर मैं एक किताब लिखूंगा, जिसमें किसी महिला एनडीए अफसर की कहानी बनाऊंगा। वहीं इस पर मैंनेकहानी लिखी है।
CJI बीआर गवई का बयान “भारतीय संविधान ने देश को एकजुट रखा, जबकि पड़ोसी देश उथल-पुथल से जूझते रहे

भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई ने रविवार को कहा कि हमारे संविधान ने सुनिश्चित किया है कि देश मजबूत और एकजुट रहे, जबकिपड़ोसी देश अशांति और उथल-पुथल का सामना कर रहे हैं। महाराष्ट्र के रत्नागिरी ज़िले के मंदनगढ़ तालुका में एक न्यायालय भवन का उद्घाटन करनेके बाद मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि यह भवन ऐसे क्षेत्र में बना है जहां संविधान के मुख्य निर्माता और महान समाज सुधारक बाबासाहेब आंबेडकर कापैतृक गांव अंबावडे भी स्थित है। दो वर्षों में बनकर तैयार हुआजस्टिस गवई ने कहा, ‘देश युद्ध और शांति दोनों ही स्थितियों में एकजुट और विकास के पथ पर अग्रसर रहा है। हमने आंतरिक आपातकाल भी देखाहै, लेकिन हम मजबूत और एकजुट रहे हैं। यह डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के संविधान की वजह से है, जो हमें उन पड़ोसी देशों से अलग करता है जोउथल-पुथल का सामना कर रहे हैं। उनकी और हमारी स्थिति में अंतर भारतीय संविधान की मजबूती के कारण है। जैसा कि बाबासाहेब आंबेडकर नेठीक ही कहा था, जब तक इस देश में सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र स्थापित नहीं हो जाता, तब तक राजनीतिक लोकतंत्र का कोई मतलब नहींहै।’श्रीलंका, बांग्लादेश और हाल ही में नेपाल में हिंसक नागरिक आंदोलन हुए, जिनके चलते सरकारें बदलीं और बड़े पैमाने पर हिंसा और आगजनी हुई।जस्टिस बीआर गवई ने कहा, ‘पिछले 22 वर्षों में एक न्यायाधीश के रूप में, मैंने न्याय के विकेंद्रीकरण का समर्थन किया है और कई न्यायिकबुनियादी ढांचा परियोजनाओं को पूरा किया है। मुझे सबसे ज्यादा संतुष्टि कोल्हापुर सर्किट बेंच (बॉम्बे उच्च न्यायालय की) और यह मंडनगढ़न्यायालय भवन से मिलती है, जो दो वर्षों में बनकर तैयार हुआ है।’ बाबासाहेब आंबेडकर के सपने को भी पूरा करेंगीजस्टिस बीआर गवई ने एक सपने के साकार होने जैसा बताते हुए, मुख्य न्यायाधीश ने मंडनगढ़ न्यायालय भवन परियोजना में तेजी लाने के लिएमहाराष्ट्र सरकार को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, ‘वैसे तो कार्यपालिका और न्यायपालिका की शक्तियों को अलग-अलग कर लोगों को न्याय मिलनेकी उम्मीद की जाती है, लेकिन न्याय सभी तक पहुंचे, इसके लिए न्यायपालिका को कार्यपालिका से धन के मामले में सहयोग की जरूरत है। हाल हीमें नासिक, नागपुर, कोल्हापुर और दरियापुर में न्यायालय भवनों का उद्घाटन किया गया है, मुझे उनके निर्माण की गुणवत्ता पर गर्व है।’ मुख्यन्यायाधीश ने कहा कि ये अदालतें अंतिम नागरिक तक जल्द न्याय पहुंचाने के बाबासाहेब आंबेडकर के सपने को भी पूरा करेंगी।
ओवैसी की चेतावनी “भाजपा पलक झपकते ही कर लेती है काम, विपक्ष को रहना होगा सतर्क “जानें क्या है पूरा मामला”

एआईएमआईएम सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी ने भाजपा को एक ‘मजबूत राजनीतिक प्रतिद्वंदी’ बताया और कहा कि भाजपा ’24 घंटे काम करने वालीपार्टी’ है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी दलों को सतर्क रहना होगा, क्योंकि भाजपा चुनाव में पलभर में बाजी मार सकती है। उन्होंने राहुल गांधी के’वोट चोरी’ अभियान से खुद को अलग रखते हुए कहा, ‘मैं राहुल गांधी या उनकी पार्टी की तरफ से कुछ नहीं कह सकता। लेकिन अगर भाजपा कोहराना है तो जिस तरह वो चुनाव लड़ते हैं, उसी तरह मेहनत करनी होगी। हमें उनके हर कदम पर नजर रखनी होगी।’ ओवैसी ने एक पुराने अनुभव काजिक्र भी किया, ‘2009 या 2014 में मेरे संसदीय क्षेत्र में वोटर लिस्ट में डुप्लिकेट नाम थे। हमने जाकर उन्हें चुनौती दी थी। भाजपा एक मजबूतविपक्षी पार्टी है। आप पलक झपकते हैं और वो अपना काम कर लेते हैं। इसलिए सतर्क रहना जरूरी है, वोटर लिस्ट को जांचना जरूरी है।’ राहुलगांधी अब तक दो प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुके हैं। 7 अगस्त को दिल्ली में राहुल गांधी ने कर्नाटक की राजधानी बंगलूरू के महादेवपुरा क्षेत्र का हवाला देकरआरोप लगाया था कि वोटर लिस्ट में 1 लाख से ज्यादा गड़बड़ एंट्री हैं, जिनमें डुप्लिकेट वोटर, फर्जी पते और एक ही जगह पर कई वोट शामिल हैं।सितंबर महीने में उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधा, जो मुख्य चुनाव आयुक्त हैं। राहुल ने आरोप लगाया कि चुनावआयोग वोटर लिस्ट में गड़बड़ी करने वालों की जानकारी छुपा रहा है। पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान ने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष उठायाओवैसी ने चुनाव आयोग की तरफ से बिहार में की गई विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यह काम’जल्दबाजी में’ किया गया और नागरिकता की जांच गृह मंत्रालय का काम है। ओवैसी के मुताबिक, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 65 लाख नाम हटाए गए औरअब आयोग ने और 3.5 लाख नाम भी हटाए हैं। बिहार में बड़ी ग्रामीण आबादी है, और आयोग ने एसआईआर प्रक्रिया जून में शुरू की थी। बिहारविधानसभा चुनाव दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को होंगे, और वोटों की गिनती 14 नवंबर को होगी। ओवैसी ने चेतावनी दी- ‘अगर जिन लोगों केनाम हटाए गए हैं वो जांच नहीं करेंगे, तो मतदान वाले दिन हंगामा होगा।’ उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान नेइस मामले को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष उठाया है। पलक झपकते ही काम कर लेतीविशेष गहन पुनरीक्षण वोटर लिस्ट की विशेष समीक्षा होती है। इसमें पुराने, डुप्लिकेट या फर्जी नाम हटाए जाते हैं और नए मतदाताओं के नाम जोड़ेजाते हैं। जून 2025 में बिहार में यह प्रक्रिया शुरू हुई थी। जून में मतदाताओं की कुल संख्या 7.89 करोड़ थी। संशोधन के बाद अंतिम सूची में अब7.42 करोड़ मतदाता बचे हैं। बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों की बात करें तो, बिहार में मतदान 6 और 11 नवंबर को होंगे। मतों की गणना 14 नवंबर को की जाएगी। 2025 के चुनावी माहौल में आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं। राहुल गांधी ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाकर चुनाव आयोग पर दबाव बना रहेहैं। वहीं ओवैसी ने कांग्रेस का साथ न देते हुए भी भाजपा को हल्के में न लेने की चेतावनी दी है। ओवैसी का कहना है, ‘अगर विपक्ष को जीतना है, तोचौकस रहना होगा। ये भाजपा है, पलक झपकते ही काम कर लेती है।’
दिल्ली बनेगी ‘कौशल राजधानी’ युवाओं को मिलेगा रोजगार और सम्मानजनक जीवन बोले शिक्षा मंत्री आशीष सूद

कौशल भारत (स्किल इंडिया) केवल एक मिशन नहीं, बल्कि एक आंदोलन है जो युवाओं को रोजगार और सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की दिशामें अग्रसर है। दिल्ली को देश की कौशल राजधानी बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। यह बातें दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद नेदिल्ली कौशल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय के छठवें स्थापना दिवस पर कहीं। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार युवाओं को केवल डिग्री नहीं बल्किकौशल, आत्मनिर्भरता से सशक्त बनाने और रोजगार के अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। विश्वविद्यालय इसी दृष्टि का परिणाम है जो युवाओं को उद्योगकी आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण और उद्यमिता की दिशा में सक्षम बना रही है। हर वर्ष दिल्ली में विशेष रूप से मनाया जाएगासरकार शिक्षा क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के संकल्पके अनुरूप शिक्षा क्षेत्र में ठोस सुधारों और नवाचार को लेकर आगे बढ़ रही है। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि सरकार विश्वविद्यालयों औरशिक्षण संस्थानों से जुड़े लंबित विषयों के समाधान के लिए एक कोर कमेटी गठित करेगी जो समयबद्ध तरीके से समस्याओं का निस्तारण करेगी। साथही राष्ट्रीय युवा दिवस (12) जनवरी) को अब से हर वर्ष दिल्ली में विशेष रूप से मनाया जाएगा। वर्ष 2026 से यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर होगाजिसमें देशभर के विद्यार्थी, नवोन्मेषक और युवा उद्यमी भाग लेंगे। कौशल राजधानी बनाया जाएगादिल्ली कौशल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अशोक कुमार नागावत ने कहा कि विश्वविद्यालय की यात्रा और उपलब्धियों पर कहा किक्राफ्टिंग एक्सीलेंस हमारा मूलमंत्र है। दिल्ली सरकार का विजन है कौशल के माध्यम से उद्यमिता को सशक्त बनाना है। कुलपति ने नए शैक्षिकसाझेदारों के साथ मिलकर स्ट्रीट वेंडरों और अन्य पेशेवरों के लिए लघु अवधि कौशल आधारित कार्यक्रमों के शुभारंभ की घोषणा की। शिक्षा मंत्रीअतिशी सूद ने कहा कि दिल्ली को देश की ‘कौशल राजधानी’ बनाया जाएगा। वे दिल्ली कौशल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय के छठे स्थापना दिवससमारोह को संबोधित कर रही थीं।