बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान, दो चरणों में होगा मतदान” 7.43 करोड़ मतदाता तय करेंगे 243 सीटों की किस्मत”

बिहार के विधानसा चुनाव के लिए सोमवार को तारीखों का एलान किया गया। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस केमाध्यम के माध्यम से बताया कि बिहार विधानसभा चुनाव दो चरण में होंगे। छह नवंबर को पहले चरण का मतदान होगा और 11 नवंबर को दूसरेचरण का मतदान होगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी। बिहार में कुल 7.43 करोड़ मतदाता हैं। 14 लाख मतदाता पहली बार वोट डालेंगे।अनुसूचित जाति के लिए 38 और अनुसूचित जनजाति के लिए दो सीट आरक्षित होंगी। चुनाव आयोग के मुताबिक 90,712 मतदान केंद्र होंगे। इनमें76,801 ग्रामीण क्षेत्रों में होंगे और 13,911 शहरों में होंगे। मतदान केंद्रों को सौ फीसदी वेब कास्टिंग होगी। प्रत्येक मतदान केंद्र पर औसत 818 मतदाता होंगे। 2015 के विधानसभा चुनाव पांच चरण में हुएसाल 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव तीन चरण में हुए थे। जबकि 2015 के विधानसभा चुनाव पांच चरण में हुए थे। उससे पहले 2010 केविधानसभा चुनाव छह चरण में हुए थे। 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में पहले चरण में 71 सीटों पर मतदान हुआ था। दूसरे चरण में 94 औरतीसरे चरण में 78 सीटों पर चुनाव हुआ था। वहीं, 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में पहले चरण में 49, दूसरे चरण में 32, तीसरे चरण में 50, चौथे चरण में 55 और पांचवें में 57 सीटों पर मतदान हुआ था। बिहार में कुल 243 विधानसभा सीटें हैं। विधानसभा चुनाव में छह चरणों में मतदान हुआ2010 के विधानसभा चुनाव में छह चरणों में मतदान हुआ था। इनमें पहले चरण में 47 जिलों, दूसरे चरण में 45 जिलों, तीसरे चरण में 48 सीटों, चौथे चतरण में 42 सीटों, पांचवें चरण में 35 सीटों और छठे चरण में 26 सीटों पर मतदान हुआ था। राज्य में अक्तूबर 2005 में विधानसभा चुनावहुए थे। ये चुनाव चार चरण में आयोजित किए गए थे। इस चुनाव में 243 सीटों पर कुल 2135 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था। इसमें पुरुषउम्मीदवारों की भागीदारी 93 फीसदी (1999) और महिला उम्मीदवारों की भागीदारी सात फीसदी (136) थी।
BJP must fulfil its promises made to auto drivers & provide ₹10 lakh compensation to driver who swept away in drain says Kuldeep Kumar

The Aam Aadmi Party (AAP) has demanded ₹10 lakh compensation for the family of the auto driver swept away in a Mehrauli drain last week, pointing to the BJP government’s abandonment of its promises. AAP MLA Kuldeep Kumar said the BJP’s pledge of ₹10 lakh insurance for auto drivers remains unfulfilled even after eight months, while the government has failed to recover the driver’s body or meet his grieving family. Addressing a press conference, AAP MLAfrom Kondli Kuldeep Kumar stated, “It has been almost eight months since the BJP came to power in Delhi, yet not a single promise made to the people during the elections has been fulfilled. The BJP came to power by making false promises. All so-called four engines of the BJP in Delhi have failed. This government is limited to photo shoots and reels; it has no agenda for the development of Delhi.”Referring to the tragic incident that took place in MehrauliReferring to the tragic incident that took place in Mehrauli on 30 September, Kuldeep Kumar said, “After a brief spell of rain, an auto driver was swept away by the strong flow of water in a drain. This is the first time that a person has been washed away in a drain after such light rainfall in Delhi. The sad part is that even after six days, the BJP government has failed to find the driver’s body. Till date, the family has not received the body, nor has any assistance been provided.”Expressing anger at the government’s apathy, he continued, “Neither CM Rekha Gupta, nor any minister, MLA, or public representative has visited the bereaved family yet. The entire BJP government is busy in theatrics. The deceased was a poor auto driver who supported his family through daily earnings. The BJP deceived him with false promises. This accident happened because the drains were not desilted and due to mismanagement. Despite the Centre, Delhi government, Municipal Corporation of Delhi (MCD) and the Lieutenant Governor all being under the BJP, they have not been able to recover the body even after six days. Shame on such a government.” Manifesto mentions seven benefits for auto driversHolding up the BJP’s ‘Viksit Dilli Sankalp Patra 2025’, Kuldeep Kumar said, “The manifesto mentions seven benefits for auto drivers, including a ₹10 lakh cover under the Pradhan Mantri Jeevan Bima Yojana from 17 September 2025. The Prime Minister’s birthday has passed, but the scheme has not been implemented. When will this family receive the ₹10 lakh insurance cover? Other promises such as scholarships for the higher education of auto drivers’ children, housing under the Pradhan Mantri Awas Yojana for those without private homes, stands in colonies and markets, and electricity recharge assistance for e-rickshaw drivers — none of these have been fulfilled.”Comparing the two administrations, he added, “During Arvind Kejriwal’s government, the entire administration stood with the affected families in the event of an accident. When a person died after drowning in a drain in Ghazipur, the Aam Aadmi Party ensured ₹20 lakh compensation to the family. The BJP should at least fulfil its own promises.”
यूपी में दलितों पर अत्याचार चरम पर, कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम ने मांगा योगी आदित्यनाथ का इस्तीफा “जानें क्या कुछ कहा”

कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था और दलितों पर बढ़ते अत्याचारों को लेकर भाजपा सरकार को घेरते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथका इस्तीफा मांगा है। इंदिरा भवन स्थित कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम और सांसदइमरान मसूद ने रायबरेली में दलित युवक की पीट-पीटकर हत्या समेत अन्य घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यूपी में कानून व्यवस्था ध्वस्त होचुकी है। गौतम ने कहा कि पिछले दस वर्षों में उत्तर प्रदेश में दलितों के खिलाफ क्रूर हमलों, बलात्कार, हत्याओं, सामाजिक बहिष्कार, संस्थागतभेदभाव की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। उन्होंने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि देश के पांच भाजपाशासित राज्यों में दलित उत्पीड़न की 75 प्रतिशत घटनाएं हुईं, जबकि 26.2 प्रतिशत अकेले उत्तर प्रदेश में दर्ज की गई हैं। 2023 में देशभर में दलितोंके खिलाफ अपराध के 57,789 मामले दर्ज हुए, जिनमें से सबसे अधिक 15,130 मामले उत्तर प्रदेश में दर्ज हुए। गौतम ने इस वर्ष की दलितउत्पीड़न की कुछ ताजा घटनाओं का उल्लेख भी किया। दोषियों को सख्त सजा दिए जाने की भी मांगगौतम ने रायबरेली की हालिया घटना का जिक्र करते हुए एक वीडियो दिखाया, जिसमें एक दलित युवक हरिओम की हमलावरों द्वारा पीट-पीटकरहत्या कर दी गई और जब मरने से पहले उसने राहुल गांधी का नाम लिया तो उसका मजाक उड़ाया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या योगी सरकारने अपराधियों को खुली छूट दे दी है? गौतम ने मांग की कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्य में दलित उत्पीड़न की घटनाओं की ज़िम्मेदारी लेते हुएइस्तीफा दें। साथ ही, पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा और प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। उन्होंनेएसआईटी द्वारा ऐसे मामलों की जांच कराने और फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से दोषियों को सख्त सजा दिए जाने की भी मांग की। आज देश का संविधान खतरे मेंवहीं लोकसभा सांसद इमरान मसूद ने कहा कि आज देश का संविधान खतरे में है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार कानून का राज स्थापित करने में पूरीतरह विफल रही है और उत्तर प्रदेश भ्रष्टाचार में नंबर वन बन गया है। इसके अलावा वहां दलितों, महिलाओं और मुसलमानों के खिलाफ अपराध भीचरम पर है।उन्होंने कहा कि योगी सरकार की बुलडोजर कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का उल्लंघन कर रही है और सीजेआई के निर्देशों केबावजूद बुलडोजर चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश में कानून का नहीं, बल्कि भाजपा की विचारधारा के नियमों का राज है। भाजपा सरकार उनलोगों को बचा रही है जो हिंसा फैलाते हैं, जबकि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर लाठी और गोली चलाई जा रही है। बरेली की घटना का जिक्रकरते हुए उन्होंने कहा कि 2,800 लोगों को नामजद किया गया है, पोस्टर थामने पर कार्रवाई हो रही है, जबकि सड़कों पर उत्पात मचाने वालों कोकेवल समझाकर छोड़ दिया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि लोकसभा में नेता विपक्ष और रायबरेली से सांसद राहुल गांधी ने मृतक हरिओमके परिवार से फोन पर बात की है। इसके अलावा अमेठी से कांग्रेस सांसद के.एल. शर्मा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने रायबरेली में पीड़ितपरिवार से मुलाकात की है। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी जल्द ही एक फैक्ट-फाइंडिंग टीम बनाकर दलित उत्पीड़न की घटनाओं की जांच करेगी औरएक विस्तृत रिपोर्ट जारी करेगी।
The rapid increase in cases of dengue, malaria and chikungunya is worrisome, the BJP-led Delhi government and the Municipal Corporation of Delhi have completely failed to control water-borne diseases says Devender Yadav

Delhi Pradesh Congress Committee president Shri Devender Yadav said that after the monsoon rains and water-logging caused untold suffering to people living on the Yamuna banks, unauthorized colonies, JJ Clusters, urban villages and resettlement colonies in particular where sanitation is a major casualty, cases of vector-borne diseases like Malaria, Dengue, Chikengunya and Cholera have been on the surge due to the failure of the “Triple Engine” BJP Government. He said that the accumulation of rain and drain water on the streets and in many colonies, particularly JJ clusters, urban villages and unauthorized colonies where people still wade through dirty water and children commute every day on filthy streets to go to schools, they become easy targets of vector-borne diseases, it was no surprise that Malaria cases have surged to a six-year high, and cholera cases have also increased with poor people forced to drink polluted water.Devender Yadav appealed to the Rekha Gupta Government to take urgent steps to prevent the fast spread of vector-borne diseases as despite the BJP having a “Triple Engine” Government in Delhi, no improvement in any sector has been witnessed in the Capital, which had been ruined by the misrule of the AAP Government headed by Kejriwal for over 11 years with the civic infrastructure in a devastated state. Welfare work for the peopleDevender Yadav said that after the Rekha Gupta Government assumed power over seven months ago, it has made many major announcements like cleanliness drive, repairing of the pot-holed, crumbling roads and lifting of the accumulated garbage, but sadly such promises have remained only on paper as the BJP Government’s priority has been to enhance the comforts of its leaders and Ministers and creating photo-ops for them, and not in fulfilling its election promises or doing welfare work for the people. Big promises in its election manifestoDevender Yadav said that BJP had made big promises in its election manifesto like upgrading the health infrastructure with the assurance that “We are committed to the implementation of the Ayushman Bharat Yojana in Delhi and up gradation of the overall healthcare infrastructure, prioritizing preventive healthcare”, but so far the Rekha Gupta Government has not been able to come up with an effective alternative to the now dysfunctional and dilapidated Mohalla Clinics. He said that Delhi’s Health Minister and the Chief Minister had promised to create Ayushman Arogya Mandirs across Delhi and as the Delhi Government’s 100-day action plan drew to a close, it had promised to inaugurate 33 new Ayushman Arogya Mandirs (AAMs) out of which 20 were to be constructed in Public Works Department (PWD) buildings, including the Delhi Secretariat, while 11 will function from Municipal Corporation of Delhi (MCD) premises, and two in New Delhi Municipal Corporation buildings, but nothing more has since been heard about the launch of the AAMs. Devender Yadav said that lack of quick access to medical treatment has affected the poor people the most who cannot afford to get treatment in private hospitals and clinics, and with MCD’s sanitation being a major issue for worry, due to short of sanitation workers, equipment and lack of dynamic initiative to keep the city clean and green, vector-borne diseases and mounds of garbage dotting the city have affected the city the worst.
रेड लाइन पार नहीं करेगा कोई, जयशंकर ने अमेरिका को दिया कड़ा संदेश “जानें क्या कुछ कहा”

अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए डबल टैरिफ और India-US ट्रेड डील पर अंतिम मुहर न लग पाने को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बड़ाबयान दिया है. उन्होंने नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता में उलझे हुए मुद्दों को सुलझाने के प्रयास जारीहैं, लेकिन किसी भी डील में नई दिल्ली की ‘रेड लाइन’ का सम्मान होना चाहिए. बता दें कि भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर कई चरणों कीबातचीत हो चुकी है, लेकिन अभी तक इस पर कोई बात बनती नजर नहीं आई है. टैरिफ पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीति को लेकर भारतऔर अमेरिका के संबंधों में जो तनाव चल रहा है, उसके बीच विदेश मंत्री ने रविवार को कहा कि दोनों देशों में होने वाले किसी भी व्यापार समझौते मेंभारत की सीमाओं का सम्मान किया जाना चाहिए. नई दिल्ली के कौटिल्य इकोनॉमिक एन्क्लेव में एक कार्यक्रम में बोलते हुए विदेश मंत्री ने ये बड़ाबयान दिया है. अमेरिका के साथ व्यापार समझौता होना ही चाहिएविदेश मंत्री ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच व्यापार पर समझ बेहद जरूरी है, क्योंकि अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है, तो भारत की भी अपनीसीमाएं हैं. पीटीआई के मुताबिक, एस जयशंकर ने कहा कि ट्रेड डील को लेकर आज हमारे सामने अमेरिका के साथ कुछ मुद्दे हैं और ये बड़ा कारण हैकि व्यापार वार्ता किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई है. इस डील के अटकने के चलते ही अमेरिका की ओर से भारत पर हाई टैरिफ लगाया गया है. उन्होंने अपने संबोधन में भारत पर ट्रंप की ओर से लगाए गए 25% के एक्स्ट्रा टैरिफ को लेकर कहा कि हमने सार्वजनिक रूप से कहा है कि हम इसदूसरे टैरिफ को बहुत अनुचित मानते हैं. रूस से एनर्जी व्यापार करने के लिए हम पर निशाना साधा गया है. लेकिन, ऐसा अन्य देशों ने भी ऐसा किया है, जिनमें वे देश भी हैं, जिनके रूस के साथ अधिक शत्रुतापूर्ण संबंध हैं. एस जयशंकर ने आगे कहा कि आखिरकार जो भी हो, लेकिन अमेरिका के साथव्यापार समझौता होना ही चाहिए, क्योंकि यह दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है.बीते दिनों ये फिर से आगे बढ़ती हुई नजर आईकिसी भी समझौते में, कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिन पर आप बातचीत कर सकते हैं और कुछ ऐसी भी होती हैं जिन पर आप बातचीत नहीं कर सकते. भारत अपने रुख को लेकर पूरी तरह से को लेकर पूरी तरह से स्पष्ट है. उन्होंने कहा कि भारत-यूएस ट्रेड डील पर मार्च से ही बातचीत चल रही है. इसमेंसमस्याएं हैं, मुद्दे हैं, कोई भी इससे इनकार नहीं कर सकता, लेकिन उन पर बातचीत, चर्चा और समाधान की जरूरत है और हम यही करने का प्रयासकर रहे हैं. यहां बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से पहले भारत पर 25% का रेसिप्रोकल टैरिफ लागू किया गया था. लेकिन दोनोंदेशों के बीच ट्रेड डील बात फंसने के दौरान अमेरिका की ओर से रूसी तेल और हथियारों की खरीद के जरिए रूस को युक्रेन युद्ध में आर्थिक मददपहुंचाने का आरोप लगाया गया और एक्स्ट्रा 25% टैरिफ लगाकर इसे 50% कर दिया गया था. इसके बाद ट्रेड डील पर बातचीत पर ब्रेक लग गयाथा, लेकिन बीते दिनों ये फिर से आगे बढ़ती हुई नजर आई है….
सनातन धर्म का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ सुप्रीम कोर्ट में वकील ने की नारेबाज़ी, कार्रवाई शुरू

सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को एक चौंकाने वाली घटना हुई। यहां सुनवाई के दौरान एक वकील ने भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई पर जूताउछालने की कोशिश की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस शख्स ने कोर्ट के अंदर नारेबाजी भी की। बाद में कोर्ट में मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उसे बाहरनिकाला। इससे कुछ देर के लिए कोर्ट की कार्यवाही बाधित रही। लाइव लॉ वेबसाइट के मुताबिक, अदालत में मौजूद लोगों ने बताया कि पकड़े गएशख्स ने नारे लगाए- सनातन धर्म का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने वेबसाइट को बताया कि व्यक्ति ने सीजेआई पर जूताफेंकने की कोशिश की थी, वहीं कुछ और ने कहा कि चीफ जस्टिस पर कागज का रोल फेंका गया। इस व्यक्ति के वकील की वेशभूषा में होने का भीदावा किया गया है। दूसरी तरफ कानूनी मामलों से जुड़ी वेबसाइट बार एंड बेंच ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि जब सीजेआई की अध्यक्षता वालीबेंच वकीलों से केस के बारे में सुन रही थी, तभी एक वकील दौड़ता हुआ आगे आया और अपना चीफ जस्टिस पर हमले के लिए पैर से जूता निकालनेकी कोशिश करने लगा। हालांकि, लगभग तुरंत ही सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड़ लिया और कोर्ट से बाहर कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरलमुख्य न्यायाधीश ने इस घटना के बाद कहा कि उन्हें इन घटनाओं से फर्क नहीं पड़ता। इसके बाद उन्होंने कार्यवाही जारी रखने की बात कही। बतायागया है कि सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में जांच बिठा दी है। वकील की तरफ से इस घटना को अंजाम दिए जाने पर भी पूछताछ जारी है।गौरतलब है कि खजुराहो के जवारी मंदिर में भगवान विष्णु की मूर्ति स्थापित करने वाली याचिका खारिज करने और सुनवाई के दौरान दिए गए बयानोंको लेकर सीजेआई बीआर गवई का सोशल मीडिया पर काफी विरोध हुआ था। तब मुख्य न्यायाधीश ने इन टिप्पणियों का संज्ञान लेते हुए कहा था- ‘किसी ने मुझे बताया कि मैंने जो टिप्पणियां की थीं, उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है। मैं सभी धर्मों का सम्मान करता हूं।’ घटना सच है तो कार्रवाई होनी चाहिएसुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव एडवोकेट रोहित पांडेय ने कहा, “आज की घटना बेहद दुखद है। अगर किसी वकील ने अदालत में हमलाकिया है या करने की कोशिश की है, तो हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। वह हमारे बार का सदस्य है। हमने हाल ही में पूछताछ की तो पता चला किवह 2011 बार का सदस्य है। लेकिन यह बेहद दुखद घटना है। उन्होंने भगवान विष्णु मामले में CJI द्वारा की गई टिप्पणी के आधार पर यह प्रयासकिया। यह बेहद दुखद घटना है। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं और अगर यह घटना सच है तो कार्रवाई होनी चाहिए।”
लोकगायिका से लोकनेता? मैथिली ठाकुर की बीजेपी नेताओं संग मुलाकात से अटकलें तेज़

बिहार को लोकप्रिय गायिका मैथिली ठाकुर को लेकर चर्चा है कि वे 2025 का विधानसभा चुनाव लड़ सकती हैं। यह चर्चा इसलिए हो रही है, क्योंकि उन्होंने बीजेपी के नेताओं से मुलाकात की है। इस मुलाकात के दौरान उनके पिता भी साथ में थे। विनोद तावड़े और नित्यानंद राय के साथ जबसे उनकी तस्वीर सामने आई है चुनाव लड़ने को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। दरअसल, विनोद तावड़े ने बीते रविवार को अपने एक्स हैंडल सेतस्वीरें शेयर कर लिखा कि वर्ष 1995 में बिहार में लालू राज आने पर जो परिवार बिहार छोड़कर चले गए, उस परिवार की बिटिया सुप्रसिद्ध गायिकामैथिली ठाकुर जी बदलते बिहार की रफ्तार को देखकर फिर से बिहार आना चाहती हैं। आज गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय जी और मैंने उनसे आग्रहकिया कि बिहार की जनता के लिए और बिहार के विकास के लिए उनका योगदान बिहार का सामान्य आदमी अपेक्षित करता है और वे उनकीअपेक्षाओं को पूरा करें। बिहार की बिटिया मैथिली ठाकुर जी को अनंत शुभकामनाएं! बला में अपने दादा और पिता द्वारा प्रशिक्षितविनोद तावड़े के इस पोस्ट से संकेत मिल रहा है कि मैथिली चुनाव लड़ सकती हैं। मैथिली ठाकुर ने भी एक्स पर पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा है, “जोलोग बिहार के लिए बड़े सपने देखते हैं, उनके साथ हर बातचीत मुझे दूर दृष्टि और सेवा की शक्ति की याद दिलाती है। हृदय से सम्मानित और आभारीहूं. श्री नित्यानंद राय जी एवं श्री विनोद श्रीधर तावड़े जी।” मैथिली ठाकुर मधुबनी के बेनीपट्टी की रहने वाली हैं। चुनाव आयोग द्वारा मैथिली ठाकुरको बिहार का ‘स्टेट आइकॉन’ भी नियुक्त किया गया था। भारतीय शास्त्रीय और लोक संगीत में प्रशिक्षित मैथिली ठाकुर को 2021 के लिए बिहार केलोक संगीत में उनके योगदान के लिए संगीत नाटक अकादमी के उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार के लिए चुना गया था। मैथिली ठाकुर अपनेदो भाइयों के साथ लोक, हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत, हारमोनियम और तबला में अपने दादा और पिता द्वारा प्रशिक्षित की गई हैं।
गिल में है नेचुरल लीडरशिप वनडे कप्तानी पर बोले मोंटी, मिलेगा भारत को फायदा

इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर ने शुभमन गिल को टेस्ट के बाद भारतीय वनडे टीम की कप्तानी सौंपने के फैसले की सराहना की है। पनेसर ने इसेमास्टरस्ट्रोक बताया है और कहा कि गिल नेचुरल लीडर हैं जो जिम्मेदारी मिलने पर उभर जाते हैं। हाल ही में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड(बीसीसीआई) ने इस महीने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली सीमित ओवरों की सीरीज के लिए गिल को वनडे टीम का कप्तान नियुक्त किया था।गिल ने रोहित शर्मा की जगह ली थी जिनके नेतृत्व में भारत ने इस साल चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता था। भारत को 19 अक्तूबर से ऑस्ट्रेलिया केखिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलनी है और इसके बाद दोनों टीमों के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज खेली जाएगी। मुख्य चयनकर्ता अजीतअगरकर ने कहा था कि उन्होंने खुद रोहित को टीम प्रबंधन के फैसले की जानकारी दी थी। जिम्मेदारी मिलने पर अच्छा प्रदर्शन करतेरोहित की जगह गिल को कप्तान बनाए जाने से फैंस काफी आश्चर्य हो गए थे और इसे लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली थी।पनेसर ने हालांकि, भारतीय टीम प्रबंधन के इस कदम का स्वागत किया है और कहा कि लीडरशीप भूमिका गिल के लिए सही है। पनेसर ने कहा, मुझेलगता है कि यह एक बेहतरीन फैसला है क्योंकि मुझे गिल ने वाकई अच्छा प्रदर्शन किया है। रोहित शर्मा के रहते उन्हें कप्तान बनाना, उन्हें सीरीज केदौरान मदद और मार्गदर्शन दे सकता है। यह वाकई एक अच्छा कदम है। हमने इंग्लैंड में देखा है कि वह एक स्वाभाविक कप्तान हैं। जब आप शुभमनगिल को जिम्मेदारी देते हैं, तो आप उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देखते हैं। मुझे लगता है कि हम वनडे सीरीज में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देखेंगे। मुझे हैरानीनहीं होगी अगर उन्हें टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की कप्तानी भी दी जाए क्योंकि मुझे लगता है कि वह ऐसे खिलाड़ी हैं जो जिम्मेदारी मिलने पर अच्छाप्रदर्शन करते हैं। हमारा लक्ष्य दक्षिण अफ्रीका में होने वाला विश्व कपदूसरी तरफ, गिल भविष्य पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और उनकी नजरें 2027 वनडे विश्व कप पर टिकी हैं। इस बड़े आयोजन से पहले भारत के लगभग20 वनडे मैच खेलने की उम्मीद है और नए कप्तान का लक्ष्य प्रतिष्ठित ट्रॉफी के साथ स्वदेश लौटना है। गिल ने हाल ही में बीसीसीआई के एकवीडियो में कहा था, अपने देश की वनडे टीम की कप्तानी करना और एक ऐसी टीम का नेतृत्व करना जो अच्छा प्रदर्शन कर रही है, मेरे लिए सबसे बड़ासम्मान है। यह मेरे लिए बहुत गर्व की बात है। मुझे उम्मीद है कि मैं अच्छा प्रदर्शन कर पाऊंगा। मुझे लगता है कि विश्व कप से पहले हमारे पासलगभग 20 वनडे मैच हैं और जाहिर है कि हमारा लक्ष्य दक्षिण अफ्रीका में होने वाला विश्व कप है।
जयपुर SMS अस्पताल में भीषण अग्निकांड, ICU में लगी आग से 8 मरीजों की मौत, देश भर में शोक प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री ने जताया दुख, विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना

जयपुर में कल देर रात सवाई मान सिंह अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के न्यूरो आईसीयू वार्ड में अचानक लगी आग से आठ मरीजों की मौत के बादप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि “जयपुर, राजस्थान के अस्पताल में आग की त्रासदी के कारण लोगोंकी जान जाना अत्यंत दुखद है। जिन्होंने अपने प्रियजन खोए हैं, उन्हें मेरी संवेदना। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”अस्पताल पहुंचेमुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में कहा कि जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में आग लगने की घटनाअत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकों एवं अधिकारियों से जानकारी ली और त्वरित राहत कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मरीजोंकी सुरक्षा, इलाज और प्रभावित लोगों की देखभाल के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रभु श्रीरामदिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान दें। राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ है और उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धहै। जनहानि का समाचार अत्यंत दु:खद और पीड़ादायकहादसे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के ICU में आग लगने से सात लोगों की मृत्यु बहुत दुखी करनेवाली है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि इस हादसे में कम से कम जनहानि हो। प्रभु दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं घायलों कोशीघ्र स्वस्थ करें। साथ ही यह भी कहा है कि राज्य सरकार इस घटना की उच्च स्तरीय जांच करवाकर यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में कहीं भी ऐसेहादसों की पुनरावृत्ति न हो सके। इधर प्रदेश की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने भी एक्स पर लिखा है कि जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में आगलगने की हृदय विदारक घटना में मरीजों की जनहानि का समाचार अत्यंत दु:खद और पीड़ादायक है। गहरी संवेदना व्यक्त करती हूंईश्वर दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं। प्रभु श्रीराम हादसे मेंघायल हुए नागरिकों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें । नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने अपने शोक संदेश में कहा कि एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमासेंटर के ICU में आग लगने से 3 महिलाओं सहित 8 लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है। इस भीषण घटना ने मन कोझकझोर कर रख दिया है, हृदय अत्यंत व्यथित है। मेरी गहरी संवेदनाएं दिवंगतों के परिजनों के साथ हैं। ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्माओंको अपने श्रीचरणों में एवं शोकाकुल परिजनों को यह असहनीय दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामनाकरता हूं। अभी जयपुर जिला कलेक्टर से घटना की पूरी जानकारी ली है और थोड़ी ही देर में SMS अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंच रहा हूं। हादसे कोलेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि प्रदेश में सरकार नाम की चीज नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री अब तक सो रहे हैं। डोटासरा ने कहाकि ये सरकार किसी काम की नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मंत्री निजी कंपनियों को क्लीन चीट देने में लगे हैं।
1956 में कांग्रेस ने बेचा था खनन मंत्रालय” BJP सांसद निशिकांत दुबे का बड़ा आरोप, राहुल गांधी पर बोला सीधा हमला

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोमवार को कांग्रेस पार्टी पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने साल 1956 में खनन औरपेट्रोलियम मंत्रालय बेच दिया था। भाजपा सांसद ने कहा कि तत्कालीन खनन मंत्री केडी मालवीय ने यह मंत्रालय सेराजुद्दीन एंड कंपनी नाम की खननकंपनी को सौंप दिया था। निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कुछ दस्तावेज साझा करते हुए कहा कि सेराजुद्दीन एंड कंपनी उससमय मैंगनीज अयस्क की बड़ी ठेकेदार कंपनी थी और उसे बेहद फायदे वाले खनन पट्टे मिले थे।भाजपा सांसद ने लिखा, ‘राहुल गांधी की पार्टी की करतूतें बेमिसाल हैं, तभी तो कांग्रेस पार्टी के पास बेहिसाब संपत्ति है। 1956 में प्रधानमंत्रीजवाहरलाल नेहरू जी ने खुद लोकसभा में माना था कि मंत्रालय सेराजुद्दीन को बेचा गया था।’ कांग्रेस के पुराने शासनकाल को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गईनिशिकांत दुबे ने आगे कहा कि केडी मालवीय पर सुप्रीम कोर्ट के जज एसके दास ने जांच की थी, और उनके खिलाफ चार चार्जशीट दाखिल हुई थीं।इसके बाद उन्होंने 1963 में मंत्री पद से इस्तीफा दिया था।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 1977 में केडी मालवीय को मुंबई हाई ऑयल स्कैम केमामले में जेल भेजा गया था, लेकिन 1980 में कांग्रेस सरकार ने वह केस वापस ले लिया ताकि ‘गांधी परिवार के भ्रष्टाचार का पर्दां न उठे।’ भाजपानेता के इन आरोपों से एक बार फिर कांग्रेस के पुराने शासनकाल को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। राहुल गांधी, यह आपकी पार्टी का असली संविधाननिशिकांत दुबे ने इससे पहले 3 अक्तूबर को भी कांग्रेस पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि 1975 में इंदिरा गांधी के शासन में जयपुर कीमहारानी गायत्री देवी और उनके बेटे कर्नल भवानी सिंह को जेल भेजा गया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि ‘इंदिरा गांधी, महारानी गायत्री देवी कीसुंदरता से ईर्ष्या करती थीं। इसलिए उन्हें और उनके बेटे को 1975 में ड्रग्स, हवाला और हथियारों की तस्करी जैसे झूठे आरोपों में जेल में डाल दियागया।’भाजपा सांसद निशिकांत दुबे कांग्रेस पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं, उन्होंने दावा किया है कि कांग्रेस ने 1956 में खनन मंत्रालय को बेच दियाथा। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी को निशाना बनाते हुए कहा, ‘राहुल गांधी, यह आपकी पार्टी का असली संविधान है, इसे आप कोलंबिया में जाकरभी बताइए।’