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अमेरिका ने चीन पर लगाया 100% अतिरिक्त टैरिफ, बीजिंग ने कहा यह व्यापारिक दुश्मनी और दोहरा रवैया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में चीन पर 100 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने का एलान किया है। इसे लेकर चीन ने कड़ी नाराजगीजाहिर की है और अमेरिका पर पलटवार किया है। चीन ने अतिरिक्त टैरिफ को अमेरिका का दोहरा रवैया करार दिया है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय केएक अधिकारी ने एक बयान में कहा कि हाल ही में अमेरिका ने जो बयान जारी किया है, वह उसका दोहरा रवैया दिखाता है। चीन ने कहा कि’अमेरिका की ये कार्रवाई चीन के हितों को भारी नुकसान पहुंचाएगी और साथ ही दोनों देशों के बीच के व्यापार और आर्थिक संबंधों को भी गंभीर रूपसे कमजोर करेगी। भारी टैरिफ लगाने की धमकी देना चीन से बात करने का सही तरीका नहीं है।’ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका आने वालेचीन के सभी सामानों पर 100 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। ये टैरिफ 1 नवंबर से लागू होंगे। इसके अलावा ट्रंप ने अमेरिका मेंबने सभी महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर के निर्यात पर भी कंट्रोल की घोषणा की है। ट्रंप के इस कदम से चीन और अमेरिका के बीच चल रहा व्यापार युद्ध औरगंभीर हो सकता है। अमेरिका ने चीन के सामान पर पूर्व में भी 30 प्रतिशत टैरिफ लगाया हुआ है। ऐसे में अमेरिका द्वारा चीन से आने वाले सामान परलगाया गया कुल टैरिफ बढ़कर 130 प्रतिशत हो गया है। 30 प्रतिशत टैरिफ लगाया हुआअमेरिकी प्रशासन द्वारा चीन पर टैरिफ लगाने का फैसला चीन की उस घोषणा के बाद सामने आया है, जिसमें चीन ने 1 नवंबर से रेयर अर्थ मिनरल्सपर बड़े पैमाने पर निर्यात प्रतिबंध लगाने का एलान किया है। रेयर अर्थ मिनरल्स, तकनीक और मैन्युफैक्चरिंग के लिए बेहद अहम हैं। यही वजह है किचीन की इस कार्रवाई से ट्रंप प्रशासन भड़क गया। चीन के एलान के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा कि’चीन ने व्यापार के मामले में बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए दुनिया को एक बेहद आक्रामक पत्र भेजा है। यह बिना किसी अपवाद के सभी देशों कोप्रभावित करेगा, और जाहिर तौर पर यह प्लान उन्होंने वर्षों पहले ही बना लिया था। अंतरराष्ट्रीय व्यापार में ऐसा बिल्कुल नहीं सुना गया है, यह अन्यदेशों का नैतिक अपमान है।’ अमेरिका ने चीन के सामान पर पूर्व में भी 30 प्रतिशत टैरिफ लगाया हुआ है। ऐसे में अमेरिका द्वारा चीन से आने वालेसामान पर लगाया गया कुल टैरिफ बढ़कर 130 प्रतिशत हो गया है।

बिहार चुनाव NDA में सीट बंटवारे पर सहमति लगभग तय, आज हो सकता है औपचारिक एलान

बिहार विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में बातचीत का दौर अब अंतिम चरण है। भाजपा और जदयू नेअपने कई पुराने चेहरों को हरी झंडी भी दे दी है। लेकिन, अब तक औपचारिक रूप से घोषणा नहीं की है। यह घोषणा आज शाम तक संभावित है।लेकिन, इससे पहले भारतीय जनता पार्टी की कोर कमेटी के सदस्य दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर पर जुटे हैं। गृह मंत्री अमित शाह, बिहारचुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय समेत भाजपा के वरिष्ठ नेता सीट शेयरिंग समेत कई मुद्दों पर बातचीत कर रहे हैं। जल्द ही सीट बंटवारे का एलान कर दिया जाएगाराष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में सीट बंटवारे का काम 95 फीसदी तक हो चुका है। भाजपा और जदयू दोनों 100 से अधिक पर चुनाव लड़नेकी तैयारी में हैं। केंद्रीय चिराग पासवान की पार्टी को 28, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी को आठ और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहाकी पार्टी को करीब पांच सीटें भाजपा और जदयू देना चाहती है। लेकिन, लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा मानने कोतैयार नहीं। चिराग 35 से कम सीटों पर चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं। वहीं जीतन राम मांझी का तर्क है कि राज्य स्तर की पार्टी बनने के लिए आठविधायक चाहिए। हमारे पास पहले से चार विधायक हैं। ऐसे में 15 सीटों से कम पर चुनाव हमलोग नहीं लड़ कसते हैं। वहीं आरएलएसपी के अध्यक्षउपेंद्र कुशवाहा ने 24 सीटों की मांग की है। तीनों पार्टी के नेताओं ने चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान से मिलकर अपनी-अपनी बात रख दी है। जदयू केकार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने दावा किया है कि एनडीए के घटक दलों के कहीं कोई मतभेद नहीं है। सबलोग एकजुट हैं। जल्द ही सीट बंटवारे काएलान कर दिया जाएगा।उम्मीदवारों और प्रचार को लेकर विस्तृत चर्चा कर रहेबिहार चुनाव को लेकर बीजेपी के साथ सीट बंटवारे की बातचीत पर एलजेपी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि बातचीतसकारात्मक ढंग से चल रही है और अब अपने अंतिम चरण में है। जिस घोषणा का इंतजार आपलोग कर रहे हैं, वह भी जल्द होने वाली है। हमलोगहर एक चीजों पर विस्तार से चर्चा कर रहे हैं। ताकि बाद में गठबंधन के अंदर किसी भी चीजों को लेकर कोई संशय नहीं हो। हम हर छोटे-बड़े मुद्दे, सीटों, उम्मीदवारों और प्रचार को लेकर विस्तृत चर्चा कर रहे हैं। जहां पर मेरे प्रधानमंत्री हैं, वहां पर मुझे अपने सम्मान करने की चिंता नहीं है।

दिल्ली में अफगान विदेश मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों पर प्रतिबंध, राहुल गांधी ने पीएम मोदी की चुप्पी पर उठाए सवाल

अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी की दिल्ली में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों की एंट्री पर लगे प्रतिबंध को लेकर विवाद बढ़चुका है। प्रियंका गांधी वाड्रा, महुआ मोइत्रा और पी. चिदंबरम सरीखे नेताओं के बाद अब कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी नेइस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने सीधा पीएम मोदी पर तीखा हमला बोला। राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री की चुप्पी उनके नारी शक्ति नारों केखोखलेपन को उजागर करती है। राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “मोदी जी, जब आप किसी सार्वजनिक मंच पर महिला पत्रकारों कोबाहर रखे जाने की अनुमति देते हैं, तो आप भारत की हर महिला को यह संदेश दे रहे हैं कि आप उनके लिए खड़े होने के लिए बहुत कमजोर हैं।” उन्होंने आगे कहा, “हमारे देश में महिलाओं को हर क्षेत्र में समान भागीदारी का अधिकार है। इस तरह के भेदभाव पर आपकी चुप्पी आपके ‘नारी शक्ति’ नारों की खोखलापन दिखाती है।” केवल कुछ चुनिंदा पत्रकारों को आमंत्रित किया गयागौरतलब है कि एक दिन पहले ही अफगान विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी ने नई दिल्ली स्थित अफगान दूतावास में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इस दौरानकेवल कुछ चुनिंदा पत्रकारों को आमंत्रित किया गया था और महिला पत्रकारों को बुलाया नहीं गया था। मुत्ताकी ने इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ विस्तृत बातचीत की थी। सूत्रों ने बताया कि भारतीय पक्ष ने अफगान अधिकारियों से महिला पत्रकारों को आमंत्रित करने का सुझावदिया था, लेकिन अंतिम निर्णय तालिबान अधिकारियों ने ही लिया। काबुल में तालिबान शासन पर महिलाओं के अधिकारों को सीमित करने के लिएसंयुक्त राष्ट्र समेत कई देशों ने पहले भी कड़ी आलोचना की है। एक दिन पहले ही अफगान विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी ने नई दिल्ली स्थितअफगान दूतावास में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इस दौरान केवल कुछ चुनिंदा पत्रकारों को आमंत्रित किया गया था और महिला पत्रकारों को बुलाया नहींगया था।

बिहार बीजेपी को बड़ा झटका, अलीनगर से विधायक मिश्रीलाल यादव ने पार्टी छोड़ी

जनता दल यूनाइटेड के बाद भारतीय जनता पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। दरभंगा जिले की अलीनगर विधानसभा सीट से भाजपाविधायक मिश्रीलाल यादव ने पार्टी से इस्तीफा देने का एलान कर दिया है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा अबपिछड़ों का सम्मान नहीं करती। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व घमंड में चूर हो गया है। इस बात जनता इन्हें सबक सिखाकर रहेगी। मिश्रीलाल यादव ने पत्रकारोंसे बात करते हुए कहा कि अलीनगर में पिछले 30 वर्षों से एनडीए का विधायक नहीं रहा। लेकिन, 2020 में मैंने वहां भाजपा का परचम लहराया।इसके बावजूद पार्टी ने मेरा अपमान किया है। भाजपा में मेरे स्वाभिमान की कोई कद्र नहीं है। मुझे लगातार प्रताड़ित किया गया। अब ऐसे दल में रहनामेरे जैसे स्वाभिमानी व्यक्ति के लिए संभव नहीं है। हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए 18 जुलाई को विधानसभा सदस्यता रद्दउन्होंने यह भी कहा कि वे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को अपना इस्तीफा पत्र सौंपने जा रहे हैं। मिश्रीलाल यादव ने साफ कर दिया कि वह अलीनगर सेचुनाव जरूर लड़ेंगे, चाहे किसी भी दल से लड़ना पड़े। हालांकि उन्होंने अभी तक यह नहीं बताया कि वे किस पार्टी में शामिल होंगे। कहा कि मैं एकसेकुलर सोच रखने वाला व्यक्ति हूं, इसलिए संभव है कि मैं किसी सेकुलर पार्टी में जाऊं। लेकिन फिलहाल यह तय नहीं है कि किस पार्टी से जुड़ूंगा।उन्होंने कहा कि एक बात तय है कि मैं चुनाव लड़ूंगा और जीतूंगा भी। बता दें कि दरभंगा के अलीनगर विधानसभा से भाजपा विधायक मिश्रिलालयादव की विधानसभा की सदस्यता 23 जुलाई को बहाल कर दी गई है। विधायक मिश्रिलाल यादव को दरभंगा के एमपी एमएलए की विशेषन्यायालय ने एक पुराने मारपीट के मामले सुनवाई करते हुए 27 मई को दो साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद मिश्रीलाल को जेल हो गई थी, जिसवजह से 20 जून को भाजपा विधायक मिश्रिलाल यादव की विधानसभा की सदस्यता समाप्त कर दी गई थी। हालांकि इस मामले में विधायक कोहाईकोर्ट से पहले ही जमानत मिल चुकी है, जबकि हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए 18 जुलाई को विधानसभा सदस्यता रद्द करने के मामले को निरस्तकर दिया था। तीन विधायक भाजपा में शामिल हो गएबता दें कि मिश्रीलाल यादव ने 2020 के विधानसभा चुनाव में मुकेश सहनी की पार्टी विकाससील इंसान पार्टी (वीआईपी) के टिकट पर चुनाव लड़ाथा। उस समय वीआईपी एनडीए का हिस्सा थी। लेकिन, 2022 में पार्टी टूट गई थी और चार में से तीन विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे, जिनमें मिश्रीलाल यादव भी शामिल थे। इधर, हाल में ही वह राष्ट्रीय जनता दल के कुछ नेताओं के साथ देखे गए थे, लेकिन उन्होंने इन खबरों काखंडन करते हुए कहा था कि मैं बीजेपी में हूं और बीजेपी में ही रहूंगा।

दिवाली खरीदारी पर विवादित बयान, एनसीपी विधायक संग्राम जगताप को अजित पवार का शो-कॉज नोटिस

महाराष्ट्र में एनसीपी गुट के विधायक संग्राम जगताप के दिवाली की खरीदारी को लेकर दिए गए बयान पर सियासत तेज हो गई है। आरोप-प्रत्यारोपकी बीच अब पार्टी प्रमुख और उपमुख्यमंत्री अजित पवार भी इस मामले में सक्रिय हो गए है। इसके तहत उन्होंने मामले में संज्ञान लेते हुए पार्टी केविधायक संग्राम जगताप को उनके कथित विवादित बयान के लिए कारण बताओ नोटिस (शो-कॉज नोटिस) भेजने की बात कही है। पवार ने शनिवारको कहा कि पार्टी विधायक संग्राम जगताप को उनके बयान के लिए कारण बताओ नोटिस (शो-कॉज नोटिस) भेजा जाएगा। बता दें कि महाराष्ट्र केउपमुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख अजित पवार उन मीडिया रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया दे रहे थे जिनमें जगताप पर लोगों से दिवाली पर केवल हिंदूदुकानदारों और व्यापारियों से खरीदारी करने की अपील करने का आरोप लगाया गया था। जगताप पर यह आरोप है कि उन्होंने लोगों से दीवाली कीखरीदारी सिर्फ हिंदू दुकानदारों से करने की अपील की थी। दुकानदारों से खरीदारी की अपील करने का आरोपमीडिया में आई इन खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए अजित पवार ने कहा कि यह बयान पूरी तरह से गलत है। जब पार्टी की नीतियां और उद्देश्य पहले सेतय हैं, तो किसी विधायक को इस तरह की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। पार्टी इसे कतई स्वीकार नहीं करेगी। संग्राम जगताप अहमदनगर (अबअहिल्यानगर) विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। इस पर बात करते हुए अजित पवार ने कहा कि जब तक अरुणकाका जगताप (संग्राम के पिता) जीवितथे, तब तक सब कुछ ठीक था। अब हम पर अतिरिक्त बोझ महसूस हो रहा है। कुछ लोगों को यह समझना चाहिए कि पिता की छत्रछाया नहीं रहनेपर उन्हें जिम्मेदारी से व्यवहार करना चाहिए। दिवाली की खरीदारी को लेकर एनसीपी विधायक संग्राम जगताप की तरफ से दिए गए बयान परसियासी घमासान तेज हो गया है। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने संज्ञान लेते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजने की बात कही। जगताप पर सिर्फ हिंदूदुकानदारों से खरीदारी की अपील करने का आरोप है।

महाराष्ट्र बाढ़ राहत पर सियासी संग्राम उद्धव बोले ‘इतिहास का सबसे बड़ा मज़ाक’, शिंदे ने कहा ‘घड़ियाली आंसुओं का तमाशा’

महाराष्ट्र में हाल ही में आई भारी बारिश और बाढ़ के कारण किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। ऐसे में अब राज्य सरकार द्वारा घोषितराहत पैकेज पर सियासत में गर्माहट सातवें आसमान पर पहुंच गई है। एक ओर जहां शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्यसरकार के मुआवजे को ‘इतिहास का सबसे बड़ा मजाक’ बताया है। तो वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे परपलटवार करते हुए उनकी संभाजीनगर में हुई रैली और बयान को घड़ियाली आंसुओं का तमाशा करार दिया। संभाजीनगर में एक रैली को संबोधितकरते हुए शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख ने राज्य सरकार पर किसानों के मुआवजे को लेकर जमकर निशाना साधा। उन्होंने राज्य सरकार के मुआवजे को’इतिहास का सबसे बड़ा मजाक’ बताते हुए कहा कि अगर सरकार ने किसानों के लिए पूर्ण कर्जमाफी की घोषणा नहीं की, तो किसान सड़कों परउतरेंगे। रैली को घड़ियाली आंसुओं का तमाशा करार दियाइस दौरान ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने पीएम मोदी के हाल ही में किए गए महाराष्ट्र दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि वेहाल ही में महाराष्ट्र आए लेकिन किसानों के मुद्दे पर एक शब्द नहीं बोले। उन्होंने सवाल उठाया कि जब किसानों की जिंदगी उजड़ गई है, तब सरकारमें बैठे लोग चुप क्यों हैं। वहीं बयानबाजी का बाजार ज्यादा गर्म तब हो गया जब उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे उद्धव ठाकरे के संभाजीनगर रैली में दिएगए बयानों को लेकर आड़ेहाथ लिया। शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर पलटवार करते हुए उनकी रैली को घड़ियाली आंसुओं का तमाशा करार दिया। शिंदे नेकहा कि ठाकरे सत्ता से बाहर होने के बाद किसानों के दर्द का दिखावा कर रहे हैं। नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के समर्थन से राज्य और केंद्र मिलकर काम कर रहेशिंदे ने कहा कि जब खेत, घर और मवेशी सब बर्बाद हो गए, तब महायुति सरकार ने पूरे राज्य में दौरा किया और तय किया कि एनडीआरएफ केनियमों के बावजूद किसानों को तुरंत राहत दी जाएगी। इसके साथ ही शिंदे ने महाराष्ट्र सरकार की ओर से घोषित 31,628 करोड़ रुपये के राहत पैकेजका जिक्र करते हुए कहा कि किसानों के खातों में दिवाली से पहले 10,000 रुपये जमा कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की फसलें बर्बादहुई हैं, उन्हें 48,000 रुपये प्रति हेक्टेयर तक और मनरेगा के तहत 3.47 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तक की सहायता मिलेगी। शिंदे ने कहा कि महायुतिसरकार नारे नहीं, समाधान देती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के समर्थन से राज्य और केंद्र मिलकर काम कर रहे हैं ताकि कोई भीकिसान पीछे न छूटे।

ओडिशा में मछली पालन को बढ़ावा, पीएम मोदी ने रखी एक्वा पार्क और मछली बाजार की नींव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ओडिशा को एक बड़ी सौगात दी है। इसके तहत पीएम मोदी ने ओडिशा में करीब 160 करोड़ रुपये की दो बड़ीमछली पालन (मत्स्य) परियोजनाओं की वर्चुअली आधारशिला रखी। ये आयोजन दिल्ली से हुआ, जहां उन्होंने 24,000 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्रीधन-धान्य कृषि योजना (पीएम-डीडीकेवाई) और 11,440 करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर दाल मिशन की भी शुरुआत की। ओडिशा के दो परियोजनाओंकी आधारशिला रखी गई। इसके तहत 100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला एकीकृत एक्वा पार्क, जो संबलपुर जिले के बसंतपुर में स्थापितहोगा और 59.13 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली आधुनिक मछली बाजार, जो भुवनेश्वर के पंडारा इलाके में बनेगी। बता दें कि इस कार्यक्रम मेंओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, उप मुख्यमंत्री केवी सिंह देव और अन्य अधिकारी वर्चुअली शामिल हुए। कटक जैसे शहरों की मछली की मांग को पूरा करेगाइस दौरान मुख्यमंत्री माझी ने बताया कि भुवनेश्वर में बनने वाली मछली बाजार प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के तहत एकमहत्वपूर्ण पहल है। इसमें केंद्र सरकार 30 करोड़ रुपये और राज्य सरकार बाकी राशि देगी। यह परियोजना भुवनेश्वर नगर निगम (बीएमसी) और राज्यसरकार के मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सहयोग से पूरी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह बाजार सीधे तौर पर 143 व्यापारियों को लाभपहुंचाएगा और 2,000 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार देगा। यह बाजार भुवनेश्वर और कटक जैसे शहरों की मछली की मांग को पूराकरेगा। इस परियोजना को नवंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। आधुनिक मछली बाजार शामिल हैंवहीं, संबलपुर के हिराकुंड में बनने वाला एक्वा पार्क 95.47 एकड़ सरकारी ज़मीन पर तैयार किया जाएगा। इसमें केंद्र सरकार 60 करोड़ और राज्यसरकार 40 करोड़ रुपये खर्च करेगी। मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि यह पूर्वी भारत का पहला एक्वा पार्क होगा और इसे जनवरी 2027 तक पूरा कियाजाएगा। यह परियोजना संबलपुर को आधुनिक मत्स्य पालन का उत्कृष्ट केंद्र बनाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ओडिशा में 160 करोड़की दो मछली पालन परियोजनाओं की वर्चुअली आधारशिला रखी। संबलपुर में एक्वा पार्क और भुवनेश्वर में आधुनिक मछली बाजार शामिल हैं।मुख्यमंत्री माझी ने इसे राज्य के लिए मील का पत्थर बताया।

इंडिया गठबंधन में सीट शेयरिंग पर खींचतान, राजद की बैठक में तेजस्वी की रणनीति तेज़

इंडिया गठबंधन में सीट शेयरिंग का फार्मूला पूरी तरह तय नहीं हुआ है। कांग्रेस, वाम दल और वीआईपी की मांग ने पहले से ही तेजस्वी यादव कीटेंशन बढ़ा रखी है। पहले चरण की सीटों के उम्मीदवार भी अपने समर्थकों के साथ राबड़ी आवास और तेजस्वी यादव के आवास के बाहर कैंप कर रहेहैं। कुछ प्रत्याशी के समर्थक तो पिछले पांच दिनों से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। सभी राजद के प्रत्याशियों की सूची जारी करने की मांग कर रहे हैं।इन मुद्दों को देखते हुए आज राबड़ी आवास पर राष्ट्रीय जनता दल की एक कार्यालय बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता राजद के राष्ट्रीय अध्यक्षलालू यादव ने की। इसमें नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल, वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अब्दुल बारीक सिद्दीकी, उदय नारायण चौधरी और आलोक मेहता शामिल हुए। करीब 2 घंटे चली बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव में सीट शेयरिंग, उम्मीदवारों के चयन, चुनाव प्रचार-प्रसार समेत कई विषयों पर चर्चा की गई। 24 से 48 घंटे में उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी जाएगीसूत्रों के अनुसार, जिन विधायकों ने 2020 के विधानसभा चुनाव में काफ़ी अंतर से जीत हासिल की थी, उन्हें हरी झंडी मिल चुकी है। वहीं, कुछ नएचेहरों को भी उनके रिपोर्ट कार्ड देखकर टिकट दिया गया है। इनमें जदयू छोड़कर आए पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा, पूर्व विधायक राहुल शर्मा समेतकुछ नेता शामिल हैं। हालांकि, राजद की ओर से प्रत्याशियों के नामों की औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। शीर्ष नेतृत्व की मानें, तो अगले 24 से48 घंटे में उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी जाएगी। 75 सीटों पर उसे जीत मिलीकरीब 80 से अधिक सीटें ऐसी हैं, जहां उम्मीदवारों का फैसला राजद के शीर्ष नेतृत्व ने कर लिया है। तेजस्वी यादव इस बार खुद ही हर एक सीट परउतारे गए उम्मीदवार की समीक्षा कर रहे हैं। टिकट उन्हीं को दिया जा रहा है जो मजबूती से राजद का झंडा उस विधानसभा में बुलंद कर हर हाल मेंजीत दिला सके। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने कहा कि पिछले बीस साल से बिहार में काबिज खटारा सरकार से जनता उबर चुकी है। लोग बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार और पलायन की मार झेल रहे हैं। बिहार की जनता अब बदलाव चाहती है। उन्होंने यह भी कहा कि इंडिया गठबंधन सरकार बनने परजनता को इन समस्याओं से राहत दिलाने का काम किया जाएगा। बता दें कि राजद ने 2020 के विधानसभा चुनाव में 144 सीटों पर अपने उम्मीदवारउतारे थे, जिनमें से 75 सीटों पर उसे जीत मिली थी।

नेपाल को पहली महिला अंतरिम प्रधानमंत्री मिली सुषीला कार्की ने संभाली कमान, Gen-Z आंदोलन बना बदलाव की वजह

नेपाल की राजनीति ने सितंबर 2025 में एक ऐतिहासिक मोड़ लिया, जब जन-Z के नेतृत्व में हुए युवा आंदोलनों ने पुरानी सत्ता को हिला दिया।प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली के इस्तीफे और संसद के भंग होने के बाद नेपाल ने पहली बार एक महिला नेता को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया, जिनकानाम है सुषीला कार्की। यह न सिर्फ नेपाल की राजनीति का नया अध्याय है, बल्कि दक्षिण एशिया में महिला नेतृत्व के उभरते युग की भी शुरुआत है।उनका छह महीने का अंतरिम कार्यकाल नेपाल के भविष्य के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। प्रशासनिक मामलों में निडर होकर निर्णय दिएसुषीला कार्की का जन्म 7 जून 1952 को बिराटनगर में हुआ। उन्होंने त्रिभुवन विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की और आगे की पढ़ाई बनारस हिन्दूविश्वविद्यालय से पूरी की। कानून की पढ़ाई के बाद उन्होंने न्यायपालिका में कदम रखा और 2016 में नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीशबनीं। अपने सख्त फैसलों और भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर रुख के कारण कार्की हमेशा चर्चा में रहीं। उनके कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई बड़ेराजनीतिक और प्रशासनिक मामलों में निडर होकर निर्णय दिए, जिससे वे ईमानदार न्याय की पहचान बन गईं। महिला नेता को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया2025 में जब युवाओं ने बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार और राजनीतिक अपारदर्शिता के खिलाफ सड़कों पर उतरकर Gen Z Protests शुरू किए, तो सुषीलाकार्की उनके प्रतीक बन गईं। आंदोलन के बढ़ते दबाव में प्रधानमंत्री ओली ने इस्तीफा दिया और संसद भंग कर दी गई। ऐसे में कार्की को सर्वसम्मतिसे अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया गया ताकि वे पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया की तैयारी कर सकें। प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली के इस्तीफे और संसद के भंगहोने के बाद नेपाल ने पहली बार एक महिला नेता को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया, जिनका नाम है सुषीला कार्की।

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधा केंद्र की शुरुआत, भीड़ प्रबंधन में मिलेगी बड़ी राहत बोले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर बने नए होल्डिंग एरिया का निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस नईव्यवस्था से यात्रियों को न केवल राहत मिलेगी, बल्कि स्टेशन की भीड़ प्रबंधन प्रणाली भी और बेहतर होगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि नईदिल्ली रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने और बेहतर अनुभव देने के लिए अब एक ‘यात्री सुविधा केंद्र’ (Passenger Facilitation Centre) तैयार किया गया है। रेल मंत्री मंत्री ने बताया कि दो साल पहले एक अस्थायी होल्डिंग एरिया का प्रयोग किया गया था, जिससे यात्रियों को काफी राहत मिली थी। अब उसी प्रयोग को स्थायी रूप में लागू किया गया है। यह सुविधा खास तौर पर उन यात्रियों के लिए है, जो बिना आरक्षण टिकट के स्टेशन पहुंचते हैं। यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर भीड़ का सामना न करना पड़ेरेल मंत्री ने बताया कि अब सभी टिकट काउंटर इस केंद्र में स्थानांतरित कर दिए गए हैं। अगर किसी यात्री के पास आरक्षित टिकट है, तो वह सीधेप्लेटफॉर्म की ओर जा सकता हैं। अगर टिकट नहीं है, तो वह यहां आकर आराम से टिकट खरीद सकता है और व्यवस्थित तरीके से प्रवेश कर सकताहै। यह केंद्र यात्रियों को बैठने की बड़ी जगह, पर्याप्त शौचालय और आरामदायक माहौल प्रदान करेगा। रेल मंत्री ने कहा कि यह नई दिल्ली स्टेशन केलिए स्थायी सुविधा है, ताकि यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर भीड़ का सामना न करना पड़े। देशभर में रेलवे के ढांचे को नए रूप में विकसित किया जा रहारेल मंत्री ने बताया कि देशभर के 76 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर, जहां भीड़ अधिक रहती है, इसी तरह की स्थायी व्यवस्था लागू की जाएगी। आने वालेसमय में, जब छठ और दीपावली जैसे त्योहारों पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ेगी, तब इस नई प्रणाली की व्यावहारिक परीक्षा होगी। उस अनुभव केआधार पर अन्य स्टेशनों पर भी ऐसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेल मंत्रालय लगातार यात्री सुविधाओं को एक नएस्तर तक पहुंचाने के प्रयास में जुटा है। उन्होंने बताया कि आने वाले फरवरी या मार्च तक आईआरसीटीसी (इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्मकॉर्पोरेशन) की क्षमता करीब दस गुना बढ़ जाएगी। साथ ही, यात्रियों में रेल वन ऐप को लेकर भी रुझान तेजी से बढ़ रहा है। मंत्री ने कहा, हम हर तरहकी प्रतिक्रिया को गंभीरता से लेते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में रेलवे के ढांचे को नए रूप में विकसित किया जा रहा है।