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20–21 जनवरी को BJP के कार्यकारी अध्यक्ष बनेंगे नितिन नबीन, पार्टी कार्यालय में पूरी होगी औपचारिकता

बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष बनने की औपचारिकता 20-21 जनवरी तक पूरी की जा सकती है। पंडित दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थित भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय पर पार्टी के शीर्ष नेताओं की उपस्थिति में यह प्रक्रिया पूरी होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह उनके अध्यक्ष बनने के प्रस्तावक हो सकते हैं। अध्यक्ष पद हेतु केवल नितिन नबीन ही नामांकन कर सकते हैं। इस अवसर पर पार्टी के सभी मुख्यमंत्री, प्रदेशों के अध्यक्ष और अन्य उच्च पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे। बुधवार को मकरसंक्रांति के दिन नितिन नबीन ने पार्टी की दिल्ली प्रदेश इकाई के पूर्वांचल मोर्चा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। नितिन नबीन ने पार्टी कार्यकर्ताओं को मकरसंक्रांति की शुभकामना देते हुए कहा कि उन सबको मिलकर अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के हित के लिए कार्य करना है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य है जिसे पूरा करने के लिए सबको एकजुट होकर कार्य करना है। बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रहेदिल्ली भाजपा के पूर्वांचल मोर्चा अध्यक्ष संतोष ओझा ने अमर उजाला से कहा कि मकरसंक्रांति पूर्वांचल का बहुत लोकप्रिय त्योहार है। यह पूरे विश्व के कल्याण के लिए भगवान सूर्य से प्रार्थना के लिए मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल के सभी भाजपा कार्यकर्ता दिल्ली को बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। दिल्ली सरकार का भी इसमें सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के माध्यम से हर बस्ती में कल्याण कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जाएगा। मकरसंक्रांति पर प्रदेश कार्यालय पर पूर्वांचली गीत – संगीत का कार्यक्रम किया गया जिसमें भारी संख्या में पूर्वांचली कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में लगाए गए हेल्थ कैंप पर लोगों ने अपनी स्वास्थ्य जांच भी कराई।

हिंदुत्व हमारी आत्मा है, वोट के लिए प्रदर्शन नहीं किया, निकाय चुनाव से पहले देवेंद्र फडणवीस का बयान

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निकाय चुनाव के मतदान से पहले कहा कि उनकी पार्टी ने कभी वोट पाने के लिए हिंदुत्व का प्रदर्शन नहीं किया। फडणवीस ने हिंदुत्व को अपनी पार्टी की “आत्मा” बताते हुए कहा कि यह मराठी समाज में गहराई से जुड़ा हुआ है और उनकी पार्टी हर समुदाय की परंपराओं और विश्वासों का सम्मान करती है। फडणवीस ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा हिंदुत्व हमारी आत्मा है। हमने कभी वोट पाने के लिए हिंदुत्व का प्रदर्शन नहीं किया। हमने केवल हिंदुत्व की पूजा की। क्या मराठी व्यक्ति हिंदुत्व में विश्वास नहीं करता? हम हर जाति के हिंदुत्व का उनके अपने रीति-रिवाजों के अनुसार सम्मान और पूजा करते हैं। हिंदुत्व की वास्तविकता जनता के सामने रखनी पड़तीउन्होंने असदुद्दीन ओवैसी पर इशारों में निशाना साधा। ओवैसी ने हाल ही में यह कहा था कि अगर उनकी गठबंधन सरकार बनी, तो हिजाब पहनने वाली महिला मेयर बन सकती हैं। फडणवीस ने इसे मराठी लोगों की अस्मिता को भ्रमित करने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा जब कोई ‘मराठी मुसलमानों’ के साथ गठबंधन कर के हिजाब में मेयर बनाने का दावा करता है और मराठी लोगों की अस्मिता को भ्रमित करता है, तब हमें हिंदुत्व की वास्तविकता जनता के सामने रखनी पड़ती है। हिंदुत्व से दूरी बनानासीएम ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर भी आरोप लगाया कि वे चुनावी फायदे के लिए हिंदुत्व से दूरी बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने बलासाहेब ठाकरे के लंबे समय से चले आ रहे लाउडस्पीकर हटाने के सपने को कानून और सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार पूरा किया। फडणवीस ने कहा केवल वोट के लिए हिंदुत्व से दूरी बनाना और किसी विशेष समुदाय को लुभाना सही नहीं है। जो लोग सत्ता में आने के बाद लाउडस्पीकर वापस लगाने का दावा कर रहे थे, अब घृणास्पद ढंग से व्यवहार कर रहे हैं। उन्हें शर्म आनी चाहिए।

चुनावी बंगाल में कांग्रेस की बड़ी तैयारी, 17 जनवरी को दिल्ली में अहम रणनीतिक बैठक

चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल में चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी है। टीएमसी और भाजपा के बाद अब कांग्रेस ने भी अपनी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। इसके लिए कांग्रेस ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। बंगाल को लेकर कांग्रेस 17 जनवरी को दिल्ली में अहम बैठक करने जा रही है, जिसमें कांग्रेस के बड़े नेता बंगाल के नेताओं के साथ विधानसभा चुनाव की रणनीति को अंतिम रूप देने का काम करेंगे। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के बड़े नेता आगामी विधानसभा चुनावों के लिए चुनाव की तैयारियों और रणनीति पर चर्चा करने के लिए 17 जनवरी को दिल्ली में पश्चिम बंगाल के पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करेंगे। बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल के लिए पार्टी की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक भी 18 जनवरी को कोलकाता में होगी। खबरों के मुताबिक राज्य राजनीतिक कार्रवाई समिति के सदस्यों और चुनाव समिति के सदस्यों के साथ-साथ राज्य के लिए पार्टी के वरिष्ठ पर्यवेक्षकों की अन्य बैठकें भी 18 जनवरी को कोलकाता में होंगी। TMC और कांग्रेस जैसी पार्टियों ने कड़ी आलोचना कीसूत्रों ने बताया कि 17 जनवरी की बैठक के दौरान चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति पर चर्चा होने और उसे अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। कांग्रेस को यह भी तय करना है कि वह चुनावों के लिए किनके साथ गठबंधन करेगी। कांग्रेस ने सुदीप रॉय बर्मन, शकील अहमद खान और प्रकाश जोशी को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, एआईसीसी महासचिव संगठन प्रभारी केसी वेणुगोपाल, AICC महासचिव पश्चिम बंगाल प्रभारी गुलाम अहमद मीर और पश्चिम बंगाल कांग्रेस कमेटी के प्रमुख शुभंकर सरकार सहित अन्य लोगों के 17 जनवरी की बैठक में भाग लेने की उम्मीद है। ये बैठकें पश्चिम बंगाल में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन पर विवाद के बीच हो रही हैं, जिसकी TMC और कांग्रेस जैसी पार्टियों ने कड़ी आलोचना की है। चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल की रणनीति को धार देने के लिए कांग्रेस ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। बंगाल को लेकर कांग्रेस 17 जनवरी को दिल्ली में अहम बैठक करने जा रही है, जिसमें कई मुद्दों पर मंथन किया जाएगा।

नगर निगम चुनाव से पहले बीजेपी का दावा, पश्चिमी महाराष्ट्र की सभी सीटों पर महायुति का कब्जा बरकरार

महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों से पहले राज्य मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने भरोसा जताया है कि बीजेपी के नेतृत्व वाला महायुति गठबंधन आगामी नगर निगम चुनावों में पश्चिमी महाराष्ट्र की सभी पांचों सीटों पर अपना कब्जा बरकरार रखेगा। रविवार को एक इंटरव्यू में वरिष्ठ बीजेपी नेता ने दावा किया कि महायुति (बीजेपी, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजीत पवार की एनसीपी) राज्य के सभी 29 नगर निगमों में अपना मेयर बनाएगी। इन जगहों पर 15 जनवरी को चुनाव होने हैं। उन्होंने मुंबई में विपक्ष की तरफ से उठाए गए क्षेत्रीय और भाषाई मुद्दों को बेअसर बताया। उन्होंने दावा किया कि मराठी और गैर-मराठी दोनों वोटर गठबंधन का समर्थन कर रहे हैं। पाटिल पुणे, पिंपरी-चिंचवड़, कोल्हापुर, सांगली और इचलकरंजी में चुनाव तैयारियों की देखरेख कर रहे हैं। 2017 के चुनावों के बाद यहां बीजेपी सत्ता में आई थी। 65 सीटों में से बीजेपी 55 सीटें जीतेगीबीजेपी नेता ने कहा कि उनके अंदरूनी सर्वे से पता चलता है कि इन निकायों में उन्हें अच्छी बढ़त हासिल है। 165 सदस्यों वाले पुणे नगर निगम में बीजेपी मजबूत स्थिति में है। उन्होंने कहा, “हमें 115 से ज्यादा सीटें जीतने का भरोसा है।” यह अनुमान प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण की वार्ड-स्तर की समीक्षा पर आधारित है। पाटिल ने दावा किया कि चव्हाण के सुझावों पर अमल करने के बाद 10 और सीटें बढ़ सकती हैं। पुणे में बीजेपी लगभग अकेले चुनाव लड़ रही है, बस कुछ सीटें गठबंधन सहयोगी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) के साथ साझा की गई हैं। सीट बंटवारे पर सहमति न बनने के कारण शिवसेना के साथ गठबंधन नहीं हो पाया। पाटिल ने कहा कि पिंपरी-चिंचवड़ में बीजेपी को 128 में से 80 सीटें जीतने की उम्मीद है। जबकि स्थानीय नेताओं का मानना है कि यह आंकड़ा 85 तक जा सकता है। उन्होंने बताया कि कोल्हापुर में बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी मिलकर लड़ रहे हैं। पाटिल ने इसे ‘परफेक्ट गठबंधन’ बताया। उन्होंने कहा कि 81 में से महायुति को करीब 65 सीटें मिलेंगी और मेयर उन्हीं का होगा। वहीं, इचलकरंजी नगर निकाय की 65 सीटों में से बीजेपी 55 सीटें जीतेगी। विपक्ष अभी भी बिखरा हुआसांगली में, उन्होंने एनसीपी (एसपी) नेता जयंत पाटिल, कांग्रेस विधायक विश्वजीत कदम, पूर्व बीजेपी सांसद और एनसीपी नेता संजय काका पाटिल और मौजूदा सांसद विशाल पाटिल जैसे कुछ विपक्षी राजनीतिक दिग्गजों की मौजूदगी के बावजूद, पाटिल ने कहा बीजेपी के नेतृत्व वाला गठबंधन अपने पिछले प्रदर्शन में सुधार करने की अच्छी स्थिति में है। उन्होंने कहा पार्टी को 78 में से कम से कम 45 सीटें जीतने का भरोसा है। इसमें आरपीआई की सीटें भी शामिल हैं जो बीजेपी के चुनाव चिन्ह पर लड़ रही है। उन्होंने यह भी साफ किया कि सांगली में शिवसेना गठबंधन का हिस्सा नहीं है। इसके साथ ही बीजेपी नेता ने सोलापुर में अंदरूनी कलह की बातों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि मतभेदों के बावजूद कोई भी नेता पार्टी के खिलाफ काम नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष अभी भी बिखरा हुआ है, जबकि जिले में बीजेपी की ताकत बढ़ी है।

केरल दौरे पर अमित शाह का भाजपा का बड़ा संदेश, “कमल निशान की सरकार और मुख्यमंत्री लाना हमारा अंतिम लक्ष्य”

केरल दौरे पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने पिनरई विजयन सरकार को जमकर घेरा। तिरुवनंतपुरम में एक सभा को संबोधित करते हुए अमित शाह नगर निगम में भाजपा की जीत पर बात करते हुए कहा, ‘विजय हमारा लक्ष्य नहीं है, बल्कि लक्ष्य तक पहुंचने का एक पड़ाव है। हमारा अंतिम लक्ष्य है, कमल निशान की केरल में सरकार बनाना और भाजपा का मुख्यमंत्री लाना है। इसी के साथ शाह ने केरल सरकार को सबरीमाला मंदिर में सोना चोरी मामले पर भी घेरा। शाह ने अपने बयान में कहा कि जो मंदिर का सोना नहीं बचा पाए, वो धर्म क्या बचाएंगे। इसी के साथ उन्होंने सीबीआई जांच की मांग भी की। शाह ने आगे कहा कि हमारा लक्ष्य है केरल को पूर्ण विकसित बनाना, केरल को देशविरोधी ताकतों से सुरक्षित करना और केरल में जो सदियों से आस्था की ताकत है, उसकी भी रक्षा करना है। शाह ने दावे के साथ कहा कि केरल के लोग भी मानते हैं कि यूडीएफ और एलडीएफ काम नहीं कर सकते हैं, सिर्फ नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए ही यह काम कर सकती है। विनम्रता और एक साफ विजन के साथ जाया जाएअमित शाह ने अपने बयान में कहा कि नरेंद्र मोदी ने 2047 तक इस देश को एक विकसित भारत बनाने का सपना देखा है। मैं आज यहां केरल के लोगों को यह बताने आया हूं कि विकसित भारत का रास्ता विकसित केरल से होकर जाता है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मैं केरल के लोगों से अपील करने के लिए इस कार्यकर्ता सम्मेलन में आया हूं। केरल के भविष्य का रास्ता, चाहे वह विकास हो, सुरक्षा हो, या हमारी मान्यताओं की रक्षा हो, LDF या UDF के जरिए हासिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टियां पूरी दुनिया से गायब हो गई हैं, और कांग्रेस पार्टी पूरे देश में खत्म हो रही है। अब केरल के विकास का रास्ता सिर्फ नरेंद्र मोदी के एनडीए के साथ है। जरूरत इस बात की है कि केरल के लोगों के पास विनम्रता और एक साफ विजन के साथ जाया जाए। असम में सहयोगियों के साथ मैदान में उतरेगीकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की रणनीति का नेतृत्व करेंगे। इसके लिए उन्होंने इन राज्यों में चुनावी दौरे भी शुरू कर दिए हैं। इन सभी चुनावी राज्यों में शाह की रणनीति बिहार के तर्ज पर कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरने, संगठन को सक्रिय करने और सहयोगी दलों के साथ साझा अभियान और ठोस संयुक्त रणनीति को अमली जामा पहनाने की है। इन राज्यों में भाजपा पश्चिम बंगाल में अपने दम पर चुनाव मैदान में उतरेगी। जबकि तमिलनाडु, केरल और असम में सहयोगियों के साथ मैदान में उतरेगी।

चुनाव आते ही ईडी सक्रिय क्यों? कपिल सिब्बल का केंद्र पर हमला, बोले विपक्ष को डराने का हथियार बनी एजेंसी

पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कार्रवाई को लेकर राज्य से लेकर देशभर की राजनीति में गर्माहट तेज है। इसी बीच इस कार्रवाई को लेकर राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आते ही जांच एजेंसियों को अचानक दस्तावेजों की याद आ जाती है और इसका मकसद सिर्फ विपक्षी नेताओं को परेशान करना होता है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान सिब्बल ने पश्चिम बंगाल में ईडी की कार्रवाई का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में जहां भाजपा चुनाव नहीं जीत सकती, वहां ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को परेशान करने के लिए ईडी का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि कोई भी जांच एजेंसी किसी दफ्तर में जाकर सभी फाइलें कैसे ले जा सकती है। अगर कोयला घोटाले की जांच करनी है तो उससे जुड़ी फाइलें लें, लेकिन हर फाइल ले जाना किस अधिकार में है? किसी भी जांच एजेंसी को ऐसा करने का हक नहीं है। यूपीए सरकार ने ईडी को इतनी खुली छूट नहीं दीकपिल सिब्बल ने ईडी को एक सर्वव्यापी एजेंसी की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य कानून लागू करना नहीं, बल्कि विपक्षी नेताओं को डराना और परेशान करना है। उन्होंने केंद्र और राज्य के बीच बढ़ते टकराव का जिक्र करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में राज्य और केंद्र के बीच जानबूझकर विवाद पैदा किया जा रहा है। सिब्बल ने आगे कहा कि चुनाव के समय ही ऐसी कार्रवाइयां क्यों तेज हो जाती हैं। कोयला घोटाला कोई नया मामला नहीं है, यह कई वर्षों से चल रहा है। फिर अब ही अचानक कार्रवाई क्यों? राज्यसभा सांसद ने यूपीए सरकार के कार्यकाल (2004 से 2014) को याद करते हुए कहा कि उस समय इस तरह की खबरें अखबारों में नहीं आती थीं। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार ने ईडी को इतनी खुली छूट नहीं दी थी। उस दौर में किसी भी राजनीतिक पार्टी या नेता के खिलाफ झूठी जानकारी के आधार पर कार्रवाई नहीं की गई। केंद्र सरकार पर निशाना साधासिब्बल ने आरोप लगाते हुए कहा कि आज ईडी एक ऐसी एजेंसी बन गई है जो देश में कहीं भी, कभी भी पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि जब भी कहीं कोई एफआईआर दर्ज होती है, ईडी वहां पहुंच जाती है और खासतौर पर चुनाव के समय उसकी सक्रियता बढ़ जाती है। इससे देश की संघीय व्यवस्था (फेडरल स्ट्रक्चर) को नुकसान पहुंच रहा है। ईडी की कार्रवाई को लेकर जहां एक ओर पश्चिम बंगाल की राजनीति में गर्माहट तेज है। वहीं दूसरी ओर अब राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने ईडी की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय ही जांच एजेंसियां सक्रिय होती हैं और इसका मकसद विपक्षी नेताओं को परेशान करना है।

अखिलेश यादव का हमला यूपी में चार करोड़ वोट काटे जाने की आशंका, भाजपा सरकार पर माफिया राज और महिला असुरक्षा का आरोप

अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेसवार्ता की। उन्होंने कहा, ये जो SIR का काम चल रहा है, किसी भी पार्टी ने इसका विरोध नहीं किया। मैं बता दूं कि कोई न कोई साजिश चल रही है। PDA समाज का वोट काटने की और अपना वोट बढ़ाने की। जब एक प्रतिष्ठित अखबार में ये बात सामने कि सरकार ने ये निर्देश दिए हैं कि हर बूथ में 200 वोट बढ़ाए जाएं, तब ये शक और भी गहरा हो जाता है। मेरी मांग कि सभी वोटों को आधार से जोड़ा जाए। यूपी में BLO के बनाए गए आंकड़े पंचायत चुनाव की लिस्ट में अलग हैं, जबकि विधानसभा की लिस्ट में अलग हैं। हम ऐसा नहीं होने देंगे। इसके लिए हमने एक प्रारूप तैयार कर लिया है। हम चुनाव आयोग से जांच की मांग करेंगे। करीब चार करोड़ वोट काटे जाएंगेअखिलेश यादव ने कहा, जैसे ही ड्राफ्ट वोटर लिस्ट सामने आई, वैसे ही मेरी आशंकाएं सच साबित होती दिख रही हैं। मुझे करीब तीन करोड़ वोट काटे जाने की आशंका थी। प्रक्रिया के दौरान ही खुद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने पहले ही चार करोड़ वोट काटे जाने की बात सार्वजनिक मंचों पर कही थी। अखिलेश यादव ने कहा, जब वोटर लिस्ट अभी आई भी नहीं थी और किसी को यह जानकारी नहीं थी कि कितने वोट हटाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने अपने नेताओं, कार्यकर्ताओं और अधिकारियों के बीच यह बात कही कि करीब चार करोड़ वोट काटे जाएंगे। यह बयान रिकॉर्ड में है। कई लोगों ने सुना भी है। जब पहले से यह आंकड़ा तय कर लिया गया था, तो यह पूरी प्रक्रिया कितनी निष्पक्ष है। उत्तर प्रदेश में माफिया राज खत्म नहीं हुआवहीं, शुक्रवार को सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा था कि भाजपा सरकार ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है। प्रदेश में अपराध और भ्रष्टाचार चरम पर है। महिलाएं और बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। इस सरकार का जीरो टॉलरेंस का वादा जीरो हो चुका है। मेरठ में मां पर कातिलाना हमला और बेटी को उठाकर ले जाने का मामला बेहद गंभीर है। महिला अपराध और साइबर क्राइम में उत्तर प्रदेश सबसे ऊपर पहुंच गया है। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में रोज 5 महिलाएं हिंसा का शिकार हो रही हैं। हर 15 दिन में दुष्कर्म की शर्मनाक घटनाएं हो रही है। महिला सुरक्षा के झूठे दावे करने वाले मुख्यमंत्री को प्रदेश की जनता 2027 में सत्ता से बाहर कर देगी। भाजपा सरकार में तमाम तरह के अपराध पनप रहे हैं। जिस कफ सिरप मामले को पहले लोग स्थानीय अपराध समझ रहे थे, वो अब अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्राइम निकल रहा है। उत्तर प्रदेश में माफिया राज खत्म नहीं हुआ है, बल्कि आगे बढ़ रहा है।

जाति की राजनीति से सत्ता का रास्ता नहीं खुलेगा, अखिलेश यादव पर बृजेश पाठक का हमला

प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि एसआईआर पर सपा भ्रम फैला रही है। कहीं कोई गड़बड़ी नहीं है। नागरिकों का मताधिकार सुरक्षित है। उपमुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी को सिर्फ एक खानदान की पार्टी बताया। उन्होंने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा मुखिया अच्छी तरह जानते हैं कि उनकी दाल नहीं गलने वाली है, इसलिए वह दूसरों की जाति का सहारा लेकर चुनाव जीतना चाहते हैं। यह सपना कभी पूरा नहीं होगा। उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक बृहस्पतिवार को बरेली पहुंचे। उन्होंने पीर बहोड़ा स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर (अर्बन पीएचसी) का निरीक्षण किया। आरोग्य मंदिर में व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं। अग्निशमन उपकरण पर रिफिलिंग तिथि न होने पर तत्काल वैध पर्ची लगाने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के बाद पत्रकार वार्ता में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अर्बन पीएचसी के चिकित्सकों ने बेहतर काम किया है। सभी अस्पतालों को इसी तरह का काम करना चाहिए। सपा को स्वीकार नहीं करेंगेउन्होंने कहा कि प्रदेश में दवाइयों की कोई कमी नहीं है। सरकार की प्राथमिकता सभी मरीजों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने की है। स्वास्थ्य मंत्री ने जिला अस्पताल में हृदय रोग और नेफ्रो विशेषज्ञ की इंटरव्यू से भर्ती की बात कही। निजी डॉक्टरों से संपर्क के लिए सीएमओ से कहा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सपा की मंशा प्रदेश को लूटने की है। प्रदेश में सरकारी संसाधनों की लूट हो। गुंडे-माफिया सत्ता के सरंक्षण में पले, यह सपा की चाहत है। प्रदेश के लोग कभी भी सपा को स्वीकार नहीं करेंगे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जब प्रदेश में सपा की सत्ता में रही, तब गुंडे-बदमाशों का राज रहा। सपा का नारा है, खाली प्लॉट हमारा है। सपा को सिर्फ एक खानदान की पार्टी बतायाउन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश इंफ्राट्रक्चर से लेकर लॉ एंड आर्डर में नंबर एक पर है। सड़क, बिजली-पानी, स्कूल-अस्पताल मूलधूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकारी की योजनाओं ने जन जन का भरोसा जीता है। अर्बन पीएचसी का निरीक्षण करने के बाद उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक दिवंगत भाजपा विधायक श्याम बिहारी लाल के आवास पर पहुंचे। उन्होंने दिवंगत विधायक को श्रद्धांजलि दी। उनके परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने सपा को सिर्फ एक खानदान की पार्टी बताया। सपा के पीडीए पर तंज कसते हुए कहा कि सपा मुखिया दूसरे की जाति का सहारा लेकर चुनाव जीतना चाहते हैं, यह सपना कभी पूरा नहीं होगा।

एसआईआर पर ममता बनर्जी का चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप, कहा– भाजपा आईटी सेल के ऐप से हो रहा है अवैध काम

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोग राज्य में एसआईआर अभ्यास को कराने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आईटी सेल के बनाए मोबाइल एप्लिकेशन का इस्तेमाल कर रहा है। मुख्यमंत्री बनर्जी दक्षिण 24 परगना जिले के सागर द्वीप में गंगासागर मेले की तैयारियों का जायजा लेने के लिए दो दिन की यात्रा पूरी करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं। इस दौरान उन्होंने कहा, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान चुनाव आयोग ‘हर तरह के गलत तरीके’ अपना रहा है। मतदाताओं की परेशानियों को काफी बढ़ा दियाउन्होंने कंहा, एसआईआर कराने के लिए चुनाव आयोग हर तरह के गलत कदम उठा रहा है। वह योग्य मतदाताओं को मृत घोषित कर रहा है और बुजुर्ग, बीमार और असहाय लोगों को सुनवाई में आने के लिए मजबूर कर रहा है। वह इस काम के लिए भाजपा के आईटी सेल के बनाए मोबाइल एप का इस्तेमाल कर रहा है। यह अवैध, असांविधानिक और अलोकतांत्रिक है। ऐसे नहीं चल सकता। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सुप्रीमो की ओर से यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब उनकी पार्टी के सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में जारी एसआईआर को कराने के लिए आयोग ने मनमाने और प्रकिया के खिलाफ कदम उठाए हैं। टीएमसी ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया ने राज्य के योग्य और वास्तविक मतदाताओं की परेशानियों को काफी बढ़ा दिया है। एसआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगीममता बनर्जी ने कहा, मैं जनता से अपील करती हूं कि एसआईआर में भाग लेते समय सतर्क रहें। जो लोग जरूरतमंद हैं, उनके साथ खड़े रहें। उन्हें मेरा समर्थन करने की जरूरत नहीं है, केवल लोगों का साथ दें, जो इस प्रक्रिया की वजह से परेशानी में हैं। मुख्यमंत्री ने सोमवार को कहा था कि वह राज्या में मतदाता सूची के एसआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि डर, उत्पीड़न और प्रशासनिक मनमानी के कारण मौतें हो रही हैं और लोगों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है।

ईवीएम पर जनता का भरोसा, कर्नाटक सर्वे ने कांग्रेस नेताओं के सवालों को किया खारिज

कांग्रेस के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार ने 2024 के लोकसभा चुनाव पर सर्वे में ईवीएम पर जनता ने मजबूत भरोसा दिखाया है। राज्य सरकार की एजेंसी का सर्वे के सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने भी कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर पलटवार किया, जिन्होंने चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए थे। सर्वे का शीर्षक ‘नागरिकों के ज्ञान, दृष्टिकोण और व्यवहार पर किए गए अंतिम सर्वे का मूल्यांकन’ था। इसमें 83.61 फीसदी प्रतिभागियों ने कहा कि उन्हें ईवीएम पर भरोसा है। कुल मिलाकर 69.39 फीसदी प्रतिभागियों ने माना कि ईवीएम सही नतीजे देती है, जबकि 14.22 फीसदी ने इस बात से पूरी तरह सहमति जताई। यह सर्वे 5,100 प्रतिभागियों के बीच 102 विधानसभा क्षेत्रों में किया गया। इसमें बंगलूरू, बेलगावी, कलबुर्गी और मैसूर प्रशासनिक क्षेत्रों को शामिल किया गया। सिद्धारमैया सरकार कर्नाटक को पीछे ले जा रहीआंकड़ों में सबसे अधिक भरोसा कलबुर्गी में देखा गया, जहां 83.24 फीसदी ने सहमति और 11.24 फीसदी ने पूरी सहमति जताई कि ईवीएम भरोसेमंद हैं। मैसूर में 70.67 फीसदी ने सहमति और 17.92 फीसदी ने पूर्ण सहमति जताई। बेलगावी में 63.90 फीसदी ने सहमति और 21.43 फीसदी ने पूरी सहमति जताई। बंगलूरू में पूर्ण सहमति सबसे कम 9.28 फीसदी रही। हालांकि 63.67 फीसदी ने सहमति जताई। बंगलूरू में तटस्थ मत सबसे अधिक 15.67 फीसदी रहे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कई बार भाजपा और केंद्रीय चुनाव आयोग (ईसीआई) पर ईवीएम में हेराफेरी और ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया है। इस सर्वे के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कर्नाटक के नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने एक्स पर लिखा, वर्षों से राहुल गांधी पूरे देश में यही कहानी सुनाते रहे हैं कि भारत का लोकतंत्र ‘खतरे’ में है, ईवीएम ‘अविश्वसनीय’ हैं और हमारे संस्थानों पर भरोसा नहीं किया जा सकता। लेकिन कर्नाटक ने बिल्कुल अलग कहानी बताई है। भाजपा ने कहा कि राज्यव्यापी सर्वे ने यह दिखाया कि लोग चुनाव, ईवीएम और भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भरोसा करते हैं। उन्होंने कहा, यह कांग्रेस के मुंह पर ‘एक तमाचा’ है। भाजपा ने स्थानीय निकाय चुनाव मतपत्रों का उपयोग कर रही कर्नाटक सरकार की आलोचना की। पार्टी ने कहा, जनता का स्पष्ट भरोसा होने बावजूद सिद्धारमैया सरकार कर्नाटक को पीछे ले जा रही है। स्थानीय चुनावों में के मतपत्रों की घोषणा कर रीह है, जो हेरफेर, देरी और दुरुपयोग के लिए जाना जाता है।