जाति की राजनीति से सत्ता का रास्ता नहीं खुलेगा, अखिलेश यादव पर बृजेश पाठक का हमला

प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि एसआईआर पर सपा भ्रम फैला रही है। कहीं कोई गड़बड़ी नहीं है। नागरिकों का मताधिकार सुरक्षित है। उपमुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी को सिर्फ एक खानदान की पार्टी बताया। उन्होंने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा मुखिया अच्छी तरह जानते हैं कि उनकी दाल नहीं गलने वाली है, इसलिए वह दूसरों की जाति का सहारा लेकर चुनाव जीतना चाहते हैं। यह सपना कभी पूरा नहीं होगा। उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक बृहस्पतिवार को बरेली पहुंचे। उन्होंने पीर बहोड़ा स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर (अर्बन पीएचसी) का निरीक्षण किया। आरोग्य मंदिर में व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं। अग्निशमन उपकरण पर रिफिलिंग तिथि न होने पर तत्काल वैध पर्ची लगाने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के बाद पत्रकार वार्ता में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अर्बन पीएचसी के चिकित्सकों ने बेहतर काम किया है। सभी अस्पतालों को इसी तरह का काम करना चाहिए। सपा को स्वीकार नहीं करेंगेउन्होंने कहा कि प्रदेश में दवाइयों की कोई कमी नहीं है। सरकार की प्राथमिकता सभी मरीजों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने की है। स्वास्थ्य मंत्री ने जिला अस्पताल में हृदय रोग और नेफ्रो विशेषज्ञ की इंटरव्यू से भर्ती की बात कही। निजी डॉक्टरों से संपर्क के लिए सीएमओ से कहा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सपा की मंशा प्रदेश को लूटने की है। प्रदेश में सरकारी संसाधनों की लूट हो। गुंडे-माफिया सत्ता के सरंक्षण में पले, यह सपा की चाहत है। प्रदेश के लोग कभी भी सपा को स्वीकार नहीं करेंगे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जब प्रदेश में सपा की सत्ता में रही, तब गुंडे-बदमाशों का राज रहा। सपा का नारा है, खाली प्लॉट हमारा है। सपा को सिर्फ एक खानदान की पार्टी बतायाउन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश इंफ्राट्रक्चर से लेकर लॉ एंड आर्डर में नंबर एक पर है। सड़क, बिजली-पानी, स्कूल-अस्पताल मूलधूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकारी की योजनाओं ने जन जन का भरोसा जीता है। अर्बन पीएचसी का निरीक्षण करने के बाद उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक दिवंगत भाजपा विधायक श्याम बिहारी लाल के आवास पर पहुंचे। उन्होंने दिवंगत विधायक को श्रद्धांजलि दी। उनके परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने सपा को सिर्फ एक खानदान की पार्टी बताया। सपा के पीडीए पर तंज कसते हुए कहा कि सपा मुखिया दूसरे की जाति का सहारा लेकर चुनाव जीतना चाहते हैं, यह सपना कभी पूरा नहीं होगा।
एसआईआर पर ममता बनर्जी का चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप, कहा– भाजपा आईटी सेल के ऐप से हो रहा है अवैध काम

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोग राज्य में एसआईआर अभ्यास को कराने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आईटी सेल के बनाए मोबाइल एप्लिकेशन का इस्तेमाल कर रहा है। मुख्यमंत्री बनर्जी दक्षिण 24 परगना जिले के सागर द्वीप में गंगासागर मेले की तैयारियों का जायजा लेने के लिए दो दिन की यात्रा पूरी करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं। इस दौरान उन्होंने कहा, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान चुनाव आयोग ‘हर तरह के गलत तरीके’ अपना रहा है। मतदाताओं की परेशानियों को काफी बढ़ा दियाउन्होंने कंहा, एसआईआर कराने के लिए चुनाव आयोग हर तरह के गलत कदम उठा रहा है। वह योग्य मतदाताओं को मृत घोषित कर रहा है और बुजुर्ग, बीमार और असहाय लोगों को सुनवाई में आने के लिए मजबूर कर रहा है। वह इस काम के लिए भाजपा के आईटी सेल के बनाए मोबाइल एप का इस्तेमाल कर रहा है। यह अवैध, असांविधानिक और अलोकतांत्रिक है। ऐसे नहीं चल सकता। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सुप्रीमो की ओर से यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब उनकी पार्टी के सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में जारी एसआईआर को कराने के लिए आयोग ने मनमाने और प्रकिया के खिलाफ कदम उठाए हैं। टीएमसी ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया ने राज्य के योग्य और वास्तविक मतदाताओं की परेशानियों को काफी बढ़ा दिया है। एसआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगीममता बनर्जी ने कहा, मैं जनता से अपील करती हूं कि एसआईआर में भाग लेते समय सतर्क रहें। जो लोग जरूरतमंद हैं, उनके साथ खड़े रहें। उन्हें मेरा समर्थन करने की जरूरत नहीं है, केवल लोगों का साथ दें, जो इस प्रक्रिया की वजह से परेशानी में हैं। मुख्यमंत्री ने सोमवार को कहा था कि वह राज्या में मतदाता सूची के एसआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि डर, उत्पीड़न और प्रशासनिक मनमानी के कारण मौतें हो रही हैं और लोगों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है।
ईवीएम पर जनता का भरोसा, कर्नाटक सर्वे ने कांग्रेस नेताओं के सवालों को किया खारिज

कांग्रेस के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार ने 2024 के लोकसभा चुनाव पर सर्वे में ईवीएम पर जनता ने मजबूत भरोसा दिखाया है। राज्य सरकार की एजेंसी का सर्वे के सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने भी कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर पलटवार किया, जिन्होंने चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए थे। सर्वे का शीर्षक ‘नागरिकों के ज्ञान, दृष्टिकोण और व्यवहार पर किए गए अंतिम सर्वे का मूल्यांकन’ था। इसमें 83.61 फीसदी प्रतिभागियों ने कहा कि उन्हें ईवीएम पर भरोसा है। कुल मिलाकर 69.39 फीसदी प्रतिभागियों ने माना कि ईवीएम सही नतीजे देती है, जबकि 14.22 फीसदी ने इस बात से पूरी तरह सहमति जताई। यह सर्वे 5,100 प्रतिभागियों के बीच 102 विधानसभा क्षेत्रों में किया गया। इसमें बंगलूरू, बेलगावी, कलबुर्गी और मैसूर प्रशासनिक क्षेत्रों को शामिल किया गया। सिद्धारमैया सरकार कर्नाटक को पीछे ले जा रहीआंकड़ों में सबसे अधिक भरोसा कलबुर्गी में देखा गया, जहां 83.24 फीसदी ने सहमति और 11.24 फीसदी ने पूरी सहमति जताई कि ईवीएम भरोसेमंद हैं। मैसूर में 70.67 फीसदी ने सहमति और 17.92 फीसदी ने पूर्ण सहमति जताई। बेलगावी में 63.90 फीसदी ने सहमति और 21.43 फीसदी ने पूरी सहमति जताई। बंगलूरू में पूर्ण सहमति सबसे कम 9.28 फीसदी रही। हालांकि 63.67 फीसदी ने सहमति जताई। बंगलूरू में तटस्थ मत सबसे अधिक 15.67 फीसदी रहे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कई बार भाजपा और केंद्रीय चुनाव आयोग (ईसीआई) पर ईवीएम में हेराफेरी और ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया है। इस सर्वे के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कर्नाटक के नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने एक्स पर लिखा, वर्षों से राहुल गांधी पूरे देश में यही कहानी सुनाते रहे हैं कि भारत का लोकतंत्र ‘खतरे’ में है, ईवीएम ‘अविश्वसनीय’ हैं और हमारे संस्थानों पर भरोसा नहीं किया जा सकता। लेकिन कर्नाटक ने बिल्कुल अलग कहानी बताई है। भाजपा ने कहा कि राज्यव्यापी सर्वे ने यह दिखाया कि लोग चुनाव, ईवीएम और भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भरोसा करते हैं। उन्होंने कहा, यह कांग्रेस के मुंह पर ‘एक तमाचा’ है। भाजपा ने स्थानीय निकाय चुनाव मतपत्रों का उपयोग कर रही कर्नाटक सरकार की आलोचना की। पार्टी ने कहा, जनता का स्पष्ट भरोसा होने बावजूद सिद्धारमैया सरकार कर्नाटक को पीछे ले जा रही है। स्थानीय चुनावों में के मतपत्रों की घोषणा कर रीह है, जो हेरफेर, देरी और दुरुपयोग के लिए जाना जाता है।
असम दौरे पर अमित शाह का बड़ा बयान,1 लाख बीघा जमीन घुसपैठियों से मुक्त, शंकरदेव की धरती को अतिक्रमण से कराया आज़ाद

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को असम के एक दिन के दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पहले असम के नगांव जिले में वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव के जन्मस्थान बटाद्रवा का उद्घाटन किया। बटाद्रवा को 227 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकसित किया गया है। इस दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और पवित्र मार्गेरिटा और राज्य के संस्कृति मंत्री बिमल बोरा मौजूद रहे। गृह मंत्री ने असम दौरे की शुरुआत गुवाहाटी में ‘शहीद स्मारक क्षेत्र’ में अवैध घुसपैठियों के खिलाफ असम आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करके की। इसके बाद बटाद्रवा पहुंचने पर गृह मंत्री का ‘गायन-बयान’ (गायक और ढोल वादक) द्वारा पारंपरिक स्वागत किया गया। शाह ने संत शंकरदेव के जन्मस्थल का पुनर्विकास के बाद उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद शाह केंद्रीय भवन में भी गए जहां ‘गुरु आसन’ (पूजनीय संत की सीट) रखी है। ‘महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव आविर्भाव क्षेत्र’ नाम की इस जगह को फिर से विकसित करने का फैसला सबसे पहले 2021-22 के राज्य बजट में प्रस्तावित किया गया था। ज्यादा जमीन खाली करवाईइस परियोजना को न केवल ऐतिहासिक स्थल बल्कि एक प्रमुख पर्यटन स्थल बनाने के लिए भी डिजाइन किया गया है। यहां महापुरुष शंकरदेव से जुड़े जीवन, आदर्शों और कलात्मक विरासत और राज्य की व्यापक सांस्कृतिक परंपराओं को भी दर्शाया गया है। सरमा ने कहा कि यह परियोजना (आविर्भाव क्षेत्र), महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव की विरासत का सम्मान करते हुए, ‘असम के सत्रों, नामघरों और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की हमारी प्रतिबद्धता’ को मजबूत करती है। बोरदुरवा में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा, वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव के जन्मस्थान को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव ने ‘एक भारत’ का आह्वान किया था, जिसका अब पीएम नरेंद्र मोदी पालन कर रहे हैं। अमित शाह ने दावा किया कि असम में हिमंत बिस्वा सरमा सरकार ने बांग्लादेशी घुसपैठियों से 1 लाख बीघा से ज्यादा जमीन खाली करवाई है। हम न सिर्फ असम से बल्कि पूरे भारत से सभी बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान करेंगे। उन्होंने कहा, हमने उग्रवादी संगठनों के साथ शांति समझौते किए, इन समझौतों की 92% शर्तें पूरी हो चुकी हैं। बसने का कानूनी रास्ता बनायाशाह ने कहा, ‘बीजेपी पूरे देश से सभी घुसपैठियों को हटाने का संकल्प लेती है। क्या यह सही था कि शंकरदेव की इस जगह पर बांग्लादेशी घुसपैठिए थे? मैं हिमंत बिस्वा सरमा को यहां से घुसपैठियों को हटाने और नामघर को फिर से स्थापित करने के लिए बधाई देता हूं। एक लाख बीघा से ज्यादा जमीन घुसपैठियों से आजाद कराई गई है। कांग्रेस ने इतने वर्षों तक राज किया, लेकिन उसने असम आंदोलन में जान देने वालों के लिए कुछ नहीं किया। कांग्रेस पार्टी वर्षों तक घुसपैठियों को आगे बढ़ाती रही और 1983 में आईएमडीटी एक्ट लाकर उन्होंने घुसपैठियों को यहां बसने का कानूनी रास्ता बनाया।’