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मल्लिकार्जुन मंदिर में पीएम मोदी का रुद्राभिषेक, आंध्र दौरे में विकास और धर्म का संगम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को आंध्र प्रदेश दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री ने नंदयाल जिले में श्रीशैलम स्थित श्री भ्रमरम्बा मल्लिकार्जुन स्वामी वरलादेवस्थानम में पूजा-अर्चना की। भाजपा नेताओं ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने पंचमुरलु (गाय के दूध, गाय के दूध से बनी दही, गाय के घी, शहदऔर चीनी से बना एक पवित्र मिश्रण) से भगवान का रुद्राभिषेक किया। मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण उनके साथ रहे।आंध्र प्रदेश का मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक और 52 शक्तिपीठों में से एक है। इस मंदिर की एक अनूठी विशेषता यह है किएक ही परिसर में एक ज्योतिर्लिंग और एक शक्तिपीठ का सह-अस्तित्व है, जो इसे पूरे देश में अपनी तरह का एक अनूठा मंदिर बनाता है। पवित्र तीर्थस्थल की ऐतिहासिक यात्रामंदिर दर्शन के बाद प्रधानमंत्री मोदी श्री शिवाजी ध्यान केंद्र का दौरा करेंगे, जो एक स्मारक परिसर है। इसमें चार कोनों पर स्थित चार प्रतिष्ठित किलों, प्रतापगढ़, राजगढ़, रायगढ़ और शिवनेरी के मॉडल वाला एक ध्यान कक्ष भी शामिल है। बीच में छत्रपति शिवाजी की गहन ध्यान मुद्रा में एक प्रतिमास्थापित है। श्री शिवाजी स्मारक समिति द्वारा संचालित यह ध्यान कक्ष 1677 में छत्रपति शिवाजी की इस पवित्र तीर्थस्थल की ऐतिहासिक यात्रा केउपलक्ष्य में स्थापित किया गया था। मुख्यमंत्री नायडू और अन्य ने उनका स्वागत कियाइसके बाद, प्रधानमंत्री कुरनूल जाएंगे और बिजली, रक्षा, रेलवे और पेट्रोलियम जैसे क्षेत्रों में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यासकरेंगे। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ‘सुपर जीएसटी  सुपर बचत’ नामक एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे, जिसमें लोगों को जीएसटी सुधारों के लाभोंके बारे में बताया जाएगा। इससे पहले, कुरनूल हवाई अड्डे पर राज्यपाल एस अब्दुल नजीर, मुख्यमंत्री नायडू और अन्य ने उनका स्वागत किया।प्रधानमंत्री आज कुरनूल भी जाएंगे और बिजली, रक्षा, रेलवे और पेट्रोलियम जैसे क्षेत्रों में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यासकरेंगे। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ‘सुपर जीएसटी – सुपर बचत’ नामक एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे, जिसमें लोगों को जीएसटी सुधारों के लाभोंके बारे में बताया जाएगा।

भगोड़ों पर रुथलेस ऐक्शन अमित शाह ने लॉन्च किया CBI का ‘ग्लोबल ऑपरेशन सेंटर’, 9 माह में 189 रेड कॉर्नर नोटिस

दुनिया के कई मुल्कों में छिपे बैठे भगोड़ों को पकड़ने के लिए सीबीआई ने ‘ग्लोबल ऑपरेशन सेंटर’ तैयार किया है। पिछले 9 महीने में 189 रेड कॉर्नरनोटिस जारी किए गए हैं। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को ‘भगोड़े अपराधियों के प्रत्यर्पण’ पर आयोजित दो दिवसीयसम्मेलन का उद्घाटन किया। शाह ने कहा, हम भारत में भ्रष्टाचार, अपराध और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस तो जरूर रखें, लेकिन भारत कीसरहदों के बाहर बैठकर जो इसे चला रहे हैं, उनके लिए भी जीरो टॉलरेंस रखना, उन्हें कानून के दायरे में लाने का प्रयास करना और इसके लिए एकसुनिश्चित तंत्र बनाना, यह जिम्मेदारी भी हमारी ही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, अपराध और अपराधी की चाल चाहे कितनी भी तेज क्यों नहो, न्याय की पहुंच उससे भी अधिक गतिमान होनी चाहिए। पीएम मोदी के नेतृत्व में एक मज़बूत भारत, सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ रूल ऑफलॉ की मजबूती सुनिश्चित करने के लिए आगे बढ़ रहा है। भगोड़े चाहे आर्थिक अपराधी हों, साइबर अपराधी हों, आतंकवादी घटनाओं में लिप्त हों यासंगठित अपराध नेटवर्क के हिस्सेदार हों, हर भगोड़े के साथ रुथलेस अप्रोच अपनाकर उन्हें भारतीय न्याय व्यवस्था के समक्ष खड़ा करने की व्यवस्थासुनिश्चित करनी चाहिए। अब इसका समय आ गया है।इसके साथ ही रेड नोटिस प्रकाशनसीबीआई हमारे यहां प्रत्यर्पण के लिए नामित एजेंसी है। इस जांच एजेंसी के सहयोग से हर राज्य को अपने यहां एक यूनिट खड़ी करनी चाहिए, जोराज्य से भागे हुए भगोड़ों को वापस लेने के लिए एक तंत्र स्थापित करे। इसे whole-of-government अप्रोच से गति भी देनी पड़ेगी। नरेंद्र मोदी केप्रधानमंत्री बनने के बाद इस दिशा में कई तरह के बदलाव हुए हैं। साल 2018 में भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम लाया गया है। इससे सरकारको भगोड़ों की भारत में स्थित संपत्तियों को जब्त करने का अधिकार मिला। लगभग चार वर्षों के भीतर लगभग 2 बिलियन डॉलर की रिकवरी हुई है, यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री शाह ने कहा, इसमें आगे और भी गति बनाए रखनी होगी। मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून(PMLA) को भी और सशक्त तथा पुख़्ता बनाया गया है। लगभग 12 बिलियन डॉलर की संपत्तियां 2014–23 के बीच जब्त की गई हैं। सीबीआईने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भगोड़ों को पकड़ने के लिए विशेष ग्लोबल ऑपरेशन सेंटर भी स्थापित किया है। यह सेंटर, दुनिया भर की पुलिस के साथ रीयल-टाइम समन्वय कर रहा है। इसके साथ ही रेड नोटिस प्रकाशन, जनवरी-सितंबर 2025 के बीच 189 इश्यू किए गए हैं, जो की स्थापना के बाद अबतक सबसे अधिक हैं। यह दर्शाता है कि जब व्यवस्था होती है तो बहुत अच्छे परिणाम मिलते हैं। अपराधों के समन्वय के लिए एक फोकसशाह ने कहा, “जनवरी 2025 में संरचना के बाद भारतपोल को बहुत अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। यदि इसका अधिकतम उपयोग राज्य पुलिस भी करेंतो उद्देश्यों की प्राप्ति में और अधिक सफल होंगे। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में हमने धारा 355 और 356 में ट्रायल इन एब्सेंशिया का प्रावधानकिया है। आज़ाद भारत में पहली बार कानून में इसे स्थान दिया गया है। यदि कोई व्यक्ति भगोड़ा घोषित हो जाता है, तो उसकी अनुपस्थिति में भीअदालत उसके बचाव के लिए एक वकील नियुक्त करके मुकदमे की कार्यवाही चला सकती है। एक बार जब वह भगोड़ा से सजायाफ्ता ठहरायाजाता है, तो इससे अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत उसके दर्जे में बहुत बड़ा बदलाव आ जाता है।” शाह ने आगे कहा, “भगोड़ों का एक वैज्ञानिक डेटाबेसबनाया जाना चाहिए, जो पूरे देश की पुलिस के साथ साझा हो सके। इसमें यह स्पष्ट हो कि भगोड़ा किस विषय में भागा है, वह कहां पर है, उसकानेटवर्क कहां-कहां फैला हुआ है। उसे वापस लाने की प्रक्रिया किस चरण में रुकी हुई है। यह जानकारी हर देश की पुलिस एजेंसी के पास उपलब्धहोनी चाहिए। नार्को, आतंकवाद, गैंगस्टर, वित्तीय और साइबर अपराधों के समन्वय के लिए एक फोकस ग्रुप सभी राज्यों की पुलिस के भीतर स्थापितकिया जाना चाहिए। “

स्वदेशी हथियारों से सशस्त्र बलों की ताकत, ऑपरेशन सिंदूर में दिखा भारत का दम बोले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता काबेहतरीन उदाहरण बताया। पुणे में सिम्बायोसिस स्किल्स एंड प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथसिंह ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का बेहतरीन उदाहरण है, क्योंकि इस अभियान के दौरान सशस्त्र बलों द्वाराइस्तेमाल किए गए ज्यादातर उपकरण स्वदेशी थे। अपने भाषण में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “हमने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा मेंकाम करना शुरू कर दिया है। शुरुआती दौर में यह मुश्किल था, क्योंकि हम पूरी व्यवस्था को बदलने की कोशिश कर रहे थे। आजादी के बाद से हमहथियारों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर थे। हमारे लिए विदेशों से रक्षा उपकरण खरीदना एक जरूरत बन गई थी और स्वदेशी उत्पादन लगभग ना केबराबर था।” उन्होंने आगे कहा कि भारत ने अब उस बाधा को तोड़ दिया है, जो आजादी के बाद से मौजूद थी। उन्होंने कहा, “हमने देश में हथियारों के निर्माण कोजोरदार बढ़ावा दिया है। यह बिल्कुल भी आसान नहीं था, क्योंकि देश रक्षा खरीद के मामले में एक सहज स्थिति में पहुंच गया था। हम दूसरे देशों सेहथियार खरीदने के आदी हो गए थे।” राजनाथ सिंह ने पिछली कांग्रेस सरकार को घेरते हुए कहा कि कहा कि ना तो घरेलू स्तर पर हथियारों काउत्पादन करने की “राजनीतिक इच्छाशक्ति” थी और न ही रक्षा निर्माण को बढ़ावा देने के लिए कोई कानूनी ढांचा। देश के युवाओं में इस क्षेत्र में भारतको आत्मनिर्भर बनाने में मदद करने की प्रेरणा का भी अभाव था। दीक्षांत समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर अपने आप मेंहमारी आत्मनिर्भरता का जीता-जागता सबूत है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, हमारे सशस्त्र बलों द्वारा प्रदर्शित वीरता को पूरी दुनिया ने देखा। खास बातयह है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारी सेनाओं ने बड़ी मात्रा में भारत में बने उपकरणों का इस्तेमाल किया।” उन्होंने कहा, “स्थिति हमारे लिए अनुकूल नहीं थी; बल्कि प्रतिकूल थी। लेकिन ऐसी परिस्थितियों में भी हम रुके नहीं। हमने रक्षा निर्माण को बढ़ावादेने के लिए हर संभव कदम उठाए और आज उन प्रयासों के स्पष्ट परिणाम सामने आ रहे हैं।” रक्षा मंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आगे कहा, “आपने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारे सशस्त्र बलों की बहादुरी देखी होगी। ऑपरेशन सिंदूर भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का सबसे अच्छाउदाहरण है, क्योंकि सशस्त्र बलों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले अधिकांश उपकरण स्वदेशी थे।” आपको बता दें कि अप्रैल में पहलगाम आतंकीहमले, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। उसके बाद भारत ने मई में पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। पुणे में रक्षा मंत्रीराजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अपने आप में हमारी आत्मनिर्भरता का जीता जागता सबूत है। इसी के साथ उन्होंने पिछली कांग्रेस सरकारको घेरते हुए कहा कि पहले न तो घरेलू स्तर पर हथियारों का उत्पादन करने की राजनीतिक इच्छाशक्ति थी और ना ही रक्षा निर्माण को बढ़ावा देने केलिए कोई कानूनी ढांचा।

मायावती ने सपा-कांग्रेस के आरोपों का किया खंडन, योगी सरकार की तारीफ पर जताया राजनीतिक ईमानदारी का अभाव

राजधानी लखनऊ में नौ अक्तूबर को हुई रैली में योगी सरकार की तारीफ कर सपा-कांग्रेस के निशाने पर आईं बसपा सुप्रीमो मायावती ने तीखापलटवार किया है। उन्होंने कहा कि इन दलों में राजनीतिक ईमानदारी और साहस नहीं है। यही कारण है कि प्रदेश सरकार के प्रति मेरा आभार प्रकटकरना इन लोगों को पसंद नहीं आया। उन्होंने रैली में सरकारी बसों के प्रयोग पर भी पलटवार करते हुए कहा कि रैली में बसपा के समर्थक अपना धनखर्च करके दूर-दूर से आए थे। रैली में सरकारी बसों के इस्तेमाल की बातें आधारहीन हैं। मायावती ने ये बातें लखनऊ में बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेशके पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के बाद बयान जारी कर कहीं। उन्होंने कहा कि सपा की सरकार ने बीएसी की सरकार में बने स्मारकों वपार्कों की उपेक्षा की थी जबकि योगी सरकार ने उनके अनुरोध को मानते हुए टिकटों से आए धन से इनका रखरखाव किया था जिसे लेकर रैली मेंउन्होंने योगी सरकार का आभार प्रकट किया और अब राजनीतिक विद्वेष के कारण ये लोग बसपा पर मिलीभगत का आरोप लगा रहे हैं। इन दलों मेंस्वस्थ राजनीतिक ईमानदारी और साहस नहीं है। पार्टी कार्यकर्ताओं से इस तरह के आरोपों से सावधान रहने की अपीलरैली में दिए गए अपने इस बयान के बाद वह सपा-कांग्रेस के निशाने पर आ गईं थी। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव व कांग्रेस ने उन पर भाजपा सेमिलीभगत के आरोप लगाए थे। कांग्रेस ने कहा था कि ऐसे समय में जब देश में दलितों पर अत्याचार हो रहे हैं बसपा सुप्रीमो भाजपा सरकार कीतारीफ कर रही हैं। सपा-कांग्रस की तरफ से यह भी आरोप लगाए गए थे कि रैली को सफल बनाने के लिए सरकारी बसों में भरकर भीड़ लाई गई थीजिस पर मायावती ने जवाब देते हुए कहा कि पार्टी के लोग प्राइवेट बसों और ट्रेनों में अपना किराया देकर रैली में शामिल होने आए थे। इस तरह कीबातें पूरी तरह आधारहीन हैं। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से इस तरह के आरोपों से सावधान रहने की अपील की। बसपा सुप्रीमो मायावती ने सपा-कांग्रेस पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि इन दलों में राजनीतिक ईमानदारी और साहस नहीं बचा है इसलिए ये अनाप-सनाप बातें फैला रहे हैं।उन्होंने आरोपों पर तीखा पलटवार किया है।

प्रसिद्ध हेयर ड्रेसर जावेद हबीब और बेटे अनोस लापता, दिल्ली स्थित घर पर पुलिस की छापेमारी, मुंबई में होगी तलाश

मशहूर हेयर ड्रेशर जावेद हबीब और बेटे अनोस की तलाश में संभल पुलिस दिल्ली की फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित उनके घर पहुंची, लेकिन आरोपी पिता-पुत्र नहीं मिले। सर्च वारंट होने पर पुलिस ने घर की तलाशी ली भी। अब आरोपियों की तलाश में पुलिस मुंबई जाएगी। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोईका कहना है कि पांच कराेड़ की ठगी के मामले में आरोपी जावेद हबीब और उसके बेटे अनोस को 12 अक्तूबर तक पुलिस के सामने पेश होने औरजांच में सहयोग करने के लिए नोटिस दिया था, लेकिन वह नहीं आए। इसके बाद संभल के रायसत्ती थाने की पुलिस आरोपी के दिल्ली की फ्रेंड्सकॉलोनी स्थित घर पहुंची। जहां पर जावेद हबीब की बहन ने घर पर न होने की बात कही। पुलिस ने घर की तलाशी भी ली, लेकिन वह नहीं मिले।अब मुंबई टीम भेजकर तलाश कराई जाएगी। रुपये वापस करें और पुलिस की जांच में सहयोग करेंएसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि पांच करोड़ की ठगी के मामले में हेयर ड्रेसर जावेद हबीब, उसके बेटे अनोस हबीब और संभल के मोहल्लानई सराय निवासी सैफुल के खिलाफ रायसत्ती थाने में धोखाधड़ी के 32 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। यह मुकदमे कॉइन में निवेश कराकर ठगी करने केमामले से जुड़े हैं। पुलिस के सामने 47 पीड़ित सामने आए हैं। इन सभी की तहरीर के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। जो लोग ठगी का शिकार हुएहैं, उनमें कई ऐसे लोग भी हैं, जिन्होंने उधार रुपये लेकर निवेश किए थे। ज्यादा मुनाफा मिलने का झांसा देकर लोगों को फंसाया गया था। एसपीकृष्ण कुमार विश्नोई ने कहा कि जावेद हबीब के अधिवक्ता तीन दिन पहले रायसत्ती थाने पहुंचे थे। जहां उन्होंने बताया गया है कि जिन लोगों से ठगीकी गई है उनके रुपये वापस करें और पुलिस की जांच में सहयोग करें। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो संपत्ति तक जब्त कराने की कार्रवाई कीजाएगी। महिलाएं भी मुनाफा पाने के झांसे में आकर निवेश कर बैठीठगी का मामला जैसे-जैसे खुला वैसे ही पीड़ित भी सामने आने लगे। इन पीड़ितों में महिलाएं भी शामिल हैं। जब मामला पूरी तरह खुल गया तो इनमहिलाओं ने भी अपनी पीड़ा परिवार को सुनाई। कई महिलाओं की तहरीर के आधार पर कार्रवाई भी हो चुकी है। अभी कई महिलाएं ऐसी हैं जिन्होंनेतहरीर नहीं दी है, लेकिन उनके परिवार में क्लेश हो रहा है। यह महिलाएं भी मुनाफा पाने के झांसे में आकर निवेश कर बैठी थीं। संभल पुलिस पांचकरोड़ की ठगी के मामले में जावेद हबीब और उनके बेटे की तलाश में दिल्ली स्थित घर पहुंची। इसके साथ ही पुलिस ने सर्च वारंट के तहत घर कीतलाशी भी ली। अब उनकी तलाश के लिए पुलिस मुंबई जाएगी। अब तक उनके खिलाफ 32 केस दर्ज हो चुके हैं।

दिवाली से पहले हिमाचल में आउटसोर्स कर्मियों को मानदेय, आईजीएमसी शिमला में शुरू होगी गाइनी की रोबोटिक सर्जरी

हिमाचल प्रदेश में दिवाली से पहले सभी आउटसोर्स और परियोजना कर्मियों को मानदेय मिलेगा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वित्त विभाग कोइस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। इससे प्रदेश के हजारों आउटसोर्स कर्मियों को राहत मिलेगी। वहीं प्रदेश के ठेकेदारों को दिवाली का तोहफा दियाहै। दस लाख रुपये तक की लंबित भुगतान करने के लिए वित्त विभाग को निर्देश जारी किए गए हैं। एआइएमएसएस चमियाणा और टांडा मेडिकलकॉलेज में रोबोटिक सर्जरी की शुरूआत के बाद राज्य सरकार शीघ्र ही आईजीएमसी शिमला में यह सुविधा उपलब्ध करवाने जा रही है। मुख्यमंत्रीसुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि आईजीएमसी शिमला में कमलानेहरू अस्पताल के मरीजों की रोबोटिक सर्जरी के लिए 40 बेड आवंटित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार लोगों को विशेषज्ञस्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रदेश के अस्पतालों में अत्याधुनिक मशीनरी उपलब्ध करवा रही है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आईजीएमसीमें गाइनी की रोबोटिक सर्जरी शुरू की जाए। बैठक में गाइनी की रोबोटिक सर्जरी से जुड़े अनेक अन्य निर्णय भी लिए गए। कमला नेहरू अस्पताल के स्त्री रोग विशेषज्ञ भी उपस्थितउन्होंने कहा कि केएनएच के स्त्री रोग विशेषज्ञ रोबोटिक सर्जरी के अलावा आईजीएमसी में इलेक्टिव सर्जरी भी करेंगे। उन्होंने कहा कि केएनएचप्रशासन रोबोटिक व इलेक्टिव सर्जरी के लिए आईजीएमसी में डॉक्टरों की टीम तैनात करेगा ताकि दोनों जगह महिला रोगियों को सुगम इलाज मिलसके। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी में रोबोटिक व इलेक्टिव सर्जरी का तीन माह तक ट्रायल आधार पर प्रयोग किया जाएगा। इसके बाद समीक्षा कर आगामी बदलाव किए जा सकते हैं। सुक्खू ने कहा कि 25 करोड़ रुपये की लागत से आईजीएमसी में डायग्नोस्टिक लैब स्थापित की जा रही है। कॉलेज प्रशासन को इसके लिए राशि जारी कर दी गई है। इसमें टेस्ट शुरू होने के बाद केएनएच के स्त्री रोग विशेषज्ञों को भीमहिला रोगियों के उपचार में काफी लाभ होगा। बैठक में सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, निदेशक स्वास्थ्य शिक्षा राकेश शर्मा तथा कमला नेहरूअस्पताल के स्त्री रोग विशेषज्ञ भी उपस्थित थे।

व्हाइट हाउस में अरबपतियों के बीच ट्रंप की भव्य डिनर पार्टी, नए बालरूम के लिए 25 करोड़ डॉलर का लक्ष्य

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को व्हाइट हाउस में एक आलीशान डिनर पार्टी का आयोजन किया। इस पार्टी में अमेरिका के अरबपतिकारोबारी और धनी व्यक्ति शामिल हुए। यह पार्टी व्हाइट हाउस में नए बालरूम के निर्माण के लिए चंदा जुटाने के लिए आयोजित की गई थी। इसपार्टी में करीब 130 हस्तियां शामिल हुईं, जिनमें बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि और दिग्गज निवेशक शुमार रहे। व्हाइट हाउस में नए बालरूम के निर्माणमें करीब 25 करोड़ डॉलर की लागत आएगी। यह करीब 90 हजार वर्ग मीटर में फैला होगा। ट्रंप ने पहले कहा था कि इस बालरूम में 650 लोग बैठसकेंगे, लेकिन बुधवार को ट्रंप ने कहा कि इसकी क्षमता 999 लोगों की होगी। यह ट्रंप प्रशासन द्वारा किया जाने वाला अभी तक का सबसे बड़ापुनर्निर्माण कार्य है। इस बालरूम की खासियत ये होगी कि ये बेहद विशाल होगा, जिसमें राष्ट्रपति का उद्घाटन समारोह भी आयोजित किया जासकेगा। नए बालरूम को बुलेटप्रूफ ग्लास से बनाया जाएगा। नए बालरूम के निर्माण में व्हाइट हाउस के डिजाइन का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। ट्रंपने कहा कि व्हाइट हाउस एक खास जगह है और हमें इसका ध्यान रखना होगा। दालचीनी की मिठाईं और बटरस्कॉच आइसक्रीम आदि शामिल रहींट्रंप की इस पार्टी में शामिल हुए लोग बिजनेस सूट और महिलाएं गाउन पहने नजर आईं। सभी मेहमानों के लिए टेबल आरक्षित थीं, जिन पर मोमबत्ती, गुलदस्ते, पानी आदि रखा हुआ था। मेहमानों को सोने की परत चढ़ी प्लेटों में खाना परोसा गया। खाने के मेन्यू में कई खास डिश परोसीं गईं, जिनमेंटमैटो पेंजानेला सलाद, बीफ वेलिंग्टन, नाशपत्ती, दालचीनी की मिठाईं और बटरस्कॉच आइसक्रीम आदि शामिल रहीं। व्हाइट हाउस की इस खासपार्टी में अमेजन, एपल, बूज एलन हेमिल्टन, कॉइनबेस, कोमकास्ट, गूगल, लॉकहीड मार्टिन, मेटा प्लेटफॉर्म और टी-मोबाइल जैसी कंपनियों के प्रमुखशामिल हुए। साथ ही एडेल्सन फैमिली फाउंडेशन, तेल अरबपति कारोबारी हेरोल्ड हैम, ब्लैकस्टोन के सीईओ स्टीव श्वार्जमैन, क्रिप्टो कारोबारी टाइलरऔर कैमरून विंकलेवोस आदि हस्तियां भी इस पार्टी में शामिल हुईं। ट्रंप के राजनीतिक सलाहकार और अन्य करीबी दोस्त भी इस पार्टी में शामिल हुए।डिनर पार्टी के खाने के मेन्यू में कई खास डिश परोसीं गईं, जिनमें टमैटो पेंजानेला सलाद, बीफ वेलिंग्टन, नाशपत्ती, दालचीनी की मिठाईं औरबटरस्कॉच आइसक्रीम आदि शामिल रहीं।

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने अंतरिम सरकार प्रमुख युनुस को सेना के साथ टकराव से बचने की चेतावनी दी, समर्थन शर्तों से बंधा

बांग्लादेश की मुख्य राजनीतिक पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने अंतरिम सरकार प्रमुख मोहम्मद युनुस को सेना के साथ किसी भी तरह के टकराव सेबचने की चेतावनी दी। पार्टी के स्थायी समिति सदस्य सलाहुद्दीन अहमद ने आपातकालीन बैठक में कहा हम चाहते हैं कि आप सशस्त्र बलों के साथअच्छे संबंध बनाए रखें। राज्य को संतुलित स्थिति में रखना आवश्यक है। अहमद ने बताया कि आगामी फरवरी 2026 के आम चुनाव से पहले किसीभी तरह का जोखिम पार्टी बर्दाश्त नहीं कर सकती। उन्होंने चेताया कि पूर्व नेतृत्व और उनके सहयोगी अवामी लीग सेना और अंतरिम सरकार के बीचमतभेदों का फायदा उठा सकते हैं। 15 अधिकारियों को हिरासत में लियाबांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने पिछले हफ्ते 16 सक्रिय सेना अधिकारियों और 14 अन्य व्यक्तियों, जिनमें पूर्व प्रधानमंत्री शेखहसीना भी शामिल हैं, के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। आरोप उनके कथित राजनीतिक विरोधियों की अगवा और यातना में शामिल होने केहैं। सेना ने 16 में से 15 अधिकारियों को हिरासत में लिया, जबकि वारंट की कोई प्रति नहीं मिली। सरकार ने ढाका कैंटोनमेंट में एक इमारत कोअस्थायी जेल घोषित किया, जिससे जनता में चिंता और असमंजस की स्थिति बनी। बीएनपी नेताओं ने युनुस से कहा कि उनका समर्थन सीमित औरशर्तों के अंतर्गत है। अहमद ने कहा हमारा समर्थन लोकतंत्र की दिशा में है, लेकिन इसकी भी एक सीमा है। कृपया इसे समझें और निर्णयवास्तविकताओं के अनुसार लें। बैठक में बीएनपी के अलावा जमात-ए-इस्लामी, नेशनल सिटीजन पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ बांग्लादेश और अन्यराजनीतिक समूह शामिल हुए।बांग्लादेश में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने अंतरिम प्रमुख युनुस को सेना के साथ विवाद टालने की चेतावनी दी। पार्टी का समर्थन सीमित और शर्तोंके साथ है।

केंद्र सरकार संसद में पेश करेगी ‘औषधि, चिकित्सा उपकरण और सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम 2025

कई राज्यों में दूषित कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामलों के बाद केंद्र सरकार दवाओं और सौंदर्य प्रसाधनों की सख्त गुणवत्ता जांच और निगरानी केलिए कानून लाने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के अनुसार ‘औषधि, चिकित्सा उपकरण और सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम 2025’ का मसौदा मोदी सरकारसंसद के आगामी शीतकालीन सत्र में पेश कर सकती है। देश में चिकित्सा उत्पादों के लिए सुरक्षा और गुणवत्ता नियंत्रण मानदंडों के सख्त अनुपालनकी बढ़ती मांग के बीच, केंद्र सरकार चिकित्सा उपकरणों और सौंदर्य प्रसाधनों के नियमन के साथ-साथ दवा गुणवत्ता परीक्षण और बाजार निगरानी केलिए कानूनी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक कानून बना रही है।अधिकारियों ने प्रस्तावित कानून की रूपरेखा प्रस्तुत कीइस कानून का मसौदा तैयार करने के पीछे एक प्रमुख कारण विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) सहित दुनिया भर के स्वास्थ्य नियामकों द्वारा भारतीय दवानिर्माताओं द्वारा गुणवत्ता संबंधी गंभीर खामियों को लेकर बार-बार की गई शिकायतें और चिंताएं हैं। एक दिन पहले मंगलवार (14 अक्तूबर) कोकेंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की एक उच्च-स्तरीय बैठक में भारतीय औषधि महानियंत्रक (DCGI) डॉ. राजीव रघुवंशी मसौदा पेश किया गया। जिसकीअध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने की थी। बैठक के दौरान भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) और केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रणसंगठन (सीडीएससीओ) के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रस्तावित कानून की रूपरेखा प्रस्तुत की। यह बैठक मध्य प्रदेश में दूषित कफ सिरप के कारण कईबच्चों की मौत के कुछ दिनों बाद हो रही है। घटिया दवाओं की समस्या अधिकारियों के लिए एक बड़ी चिंता का विषयसूत्रों ने बताया कि स्वीकृत होने के बाद नया कानून सीडीएससीओ अधिकारियों को घरेलू उपयोग और निर्यात दोनों के लिए भारत में निर्मित दवाओं, चिकित्सा उपकरणों और सौंदर्य प्रसाधनों की सख्त गुणवत्ता जांच और निगरानी सुनिश्चित करने का वैधानिक अधिकार प्रदान करेगा। बताया जा रहा हैकि नए कानून के तहत, सीडीएससीओ को पहली बार नकली या घटिया दवाओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के लिए वैधानिक अधिकार प्रदानकिए जाएंगे। इसी के साथ लाइसेंसिंग प्रक्रिया को डिजिटल बनाने, राज्य-स्तरीय नियामकों के बीच समन्वय बढ़ाने और परीक्षण प्रयोगशालाओं कीक्षमताओं को उन्नत करने के प्रावधान भी शामिल होंगे। बता दें कि यह नया कानून 1940 के औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम का स्थान लेगाऔर इसे अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य निर्माण से लेकर बाजार वितरण तक, हर स्तर पर जवाबदेही औरपारदर्शिता सुनिश्चित करना है। गौरतलब है कि नकली और घटिया दवाओं की समस्या अधिकारियों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय रही है।

उत्तर बंगाल आपदा में केंद्र सरकार पर निशाना, ममता बनर्जी ने कहा एक पैसा भी नहीं मिला “जानें क्या है पूरा मामला”

उत्तर बंगाल में बीते दिनों भारी बारिश और भूस्खलन ने जबरदस्त तबाही मचा दी। इतना ही नहीं इस प्राकृतिक आपदा के चलते लगभग 32 लोगों कीमौत भी हो गई। ऐसे में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है। बुधवार को उन्होंने प्रभावित लोगों की मदद कोलेकर कहा कि केवल सरकार की आलोचना करने से कुछ नहीं होगा, बल्कि जरूरत है कि लोग खुद आगे आकर पीड़ितों के साथ खड़े हों। दार्जिलिंगहिल्स में एक प्रशासनिक बैठक को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि मिरिक, कालिमपोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और अन्य इलाकों मेंकई घर, स्वास्थ्य केंद्र और सरकारी इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। सरकार इन इलाकों में युद्धस्तर पर पुनर्निर्माण कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा किसिर्फ आलोचना करने से लोगों की परेशानियां कम नहीं होंगी। जरूरत है कि हम पीड़ितों के पास जाकर उनकी मदद करें। उत्तर बंगाल में आई प्राकृतिक आपदाओं के बाद केंद्र ने एक पैसा भी नहीं दिया।सीएम ममता ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने ‘पश्चिम बंगाल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण’ नाम से एक नया फंड शुरू किया है। साथ ही लोगोंसे उसमें दान देने की अपील की। उन्होंने पावर मंत्री अरूप विश्वास को खाते की जानकारी पढ़ने को भी कहा। उन्होंने कहा कि भूस्खलन और बाढ़ केबाद इन केंद्रों को 500 क्विंटल आलू भेजे गए हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार अब तक उत्तर बंगाल में कृषि विकास के लिए 7,000 करोड़ रुपयेखर्च कर चुकी है। इसके साथ ही इस दौरान ममता बनर्जी ने भाजपा की केंद्र सरकार पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हम किसी से भीखनहीं मांग रहे, हम अपने दम पर सब संभाल लेंगे। उन्होंने दावा किया कि उत्तर बंगाल में आई प्राकृतिक आपदाओं के बाद केंद्र ने एक पैसा भी नहींदिया। पीड़ितों के साथ खड़ा होना चाहिएमुख्यमंत्री ने बताया कि राहत किट बांटी जा रही हैं और प्रभावित किसानों को फसल बीमा की राशि दी जाएगी। इसके लिए जिलाधिकारियों कोनुकसान का ब्यौरा तैयार कर कृषि विभाग को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।ममता बनर्जी ने बताया कि राज्य सरकार ने सब्जियां और अन्य जरूरी सामानसस्ते दामों पर बेचने के लिए 46 नए सुफल बांग्ला केंद्र खोले हैं। उत्तर बंगाल आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए सीएम ममता बनर्जी ने कहाकि केवल आलोचना से मदद नहीं मिलेगी, सभी को पीड़ितों के साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार युद्धस्तर पर राहत कार्य कर रही हैऔर अब तक 7,000 करोड़ रुपये कृषि विकास पर खर्च कर चुकी है।