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बिहार चुनाव के बाद सीएम कौन? अमित शाह बोले फैसला विधायक दल करेगा “जानें क्या कुछ कहा”

बिहार विधानसभा चुनाव के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा? यह अब तक तय नहीं हुआ है। गृह मंत्रीअमित शाह के बयान के बाद यह बात साफ हो गई है। गृह मंत्री अमित शाह से एक चैनल पर दिए गए इंटरव्यू में जब सवाल किया गया कि अगरबिहार चुनाव में एनडीए जीतता है तो क्या आप नीतीश कुमार बनाएंगे? तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि मैं भला कौन होता हूं किसी को मुख्यमंत्री बनानेवाला। इतनी सारी पार्टियों का गठबंधन है। बिहार चुनाव के बाद जब सभी दल एकजुट होंगे विधायक दल के नेता बैठेंगे तो अपना नेता तय कर लेंगे।हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि एनडीए नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ रहा है नीतीश कुमार पर न सिर्फ भाजपा बल्कि बिहार की जनता कोभी पूरा भरोसा है। गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री कौन होगा? इसका फैसला विधायक दल के नेता आपस में बैठकर तय कर लेंगे। गठबंधन में सब कुछ ठीक हो चुकाइधर गृह मंत्री अमित शाह के इस बयान के बाद सियासत गरमा गई कांग्रेस ने अमित शाह के इस बयान को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया औरलिखा कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। अमित शाह ने क्लियर कर दिया। वहीं एनडीए गठबंधन के घटक दल के प्रमुख केंद्रीय मंत्री जीतनमांझी ने कहा कि अमित शाह एनडीए के प्रमुख नेताओं में आते हैं। उन्होंने कहा है कि उस बात को आधिकारिक ही माना जाएगा। लेकिन, मुझे लगताहै कि चुनाव से पहले मुख्यमंत्री का नाम तय हो जाना चाहिए था। ऐसे में कोई दुविधा नहीं रहती। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नाराजगी के सवाल परजीतन राम मांझी ने कहा कि हाल में ही सीएम नीतीश ने नाराजगी जताई थी। लेकिन, अब सब ठीक हो चुका है। गठबंधन में सब कुछ ठीक हो चुकाहै। जीतन राम मांझी ने भी इस बात पर बयान दियाबता दें कि शुक्रवार सुबह गृह मंत्री अमित शाह ने सीएम नीतीश कुमार से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की थी। इसके बाद जदयू के कार्यकारीअध्यक्ष ने इस मुलाकात के बारे में कहा कि बिहार चुनाव में आगे की कैंपेनिंग रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। अब समय कम है, इसलिए कईमुद्दों पर बातचीत हुई। एनडीए में कोई गड़बड़ी नहीं है। सबकुछ ठीक है। हमलोग एकजुट हैं। सीएम नीतीश कुमार ही चेहरा हैं। भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) और जनता दल (यूनाइटेड) यानी जदयू दोनों 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 29 सीटें मिली हैं।राष्ट्रीय लोक मोर्चा को छह सीटें दी गई हैं। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) को भी छह सीटों पर चुनाव लड़ने का मौका मिला है। गृह मंत्री अमित शाहके सीएम फेस को लेकर दिए गए बयान पर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा है कि अब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। यहअमित शाह ने क्लियर कर दिया है। इधर, जीतन राम मांझी ने भी इस बात पर बयान दिया है।

दिसंबर तक भारत की लॉजिस्टिक्स कॉस्ट घटकर 9% होगी, नितिन गडकरी का बड़ा ऐलान

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि भारत की लॉजिस्टिक्स कॉस्ट (परिवहन लागत) इस साल दिसंबर तकसिंगल डिजिट यानी 9 प्रतिशत तक आ जाएगी। उन्होंने बताया कि यह कमी देशभर में तेजी से बन रहे एक्सप्रेसवे और आर्थिक गलियारों (इकोनॉमिककॉरिडोर्स) की वजह से संभव हो पाई है। गडकरी एसोचैम वार्षिक सम्मेलन 2025 को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि आईआईटी चेन्नई, आईआईटी कानपुर और आईआईएम बंगलूरू की एक संयुक्त रिपोर्ट के अनुसार, भारत की लॉजिस्टिक्स कॉस्ट पहले 16 प्रतिशत थी, जो अब घटकर10 प्रतिशत रह गई है। नितिन गडकरी ने कहा, “दिसंबर तक यह लागत 9 प्रतिशत तक आ जाएगी। इससे भारत का उद्योग और निर्यात दोनों औरज्यादा प्रतिस्पर्धी बनेंगे। मुझे पूरा भरोसा है कि इससे हमारे उद्योग को 100 प्रतिशत फायदा होगा।” खासकर दिल्ली जैसे शहरों के लिए बड़ी समस्या बन चुकाउन्होंने बताया कि लॉजिस्टिक्स कॉस्ट अमेरिका और यूरोप में करीब 12 प्रतिशत, जबकि चीन में 8-10 प्रतिशत के बीच है। ऐसे में भारत भी अब इनदेशों के बराबर पहुंचने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। गडकरी ने भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, “अगले पांच साल में हमारा लक्ष्य है कि भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री दुनिया में नंबर 1 बने।” उन्होंने बताया कि जब उन्होंने मंत्रालय संभाला था, तब भारतीय ऑटो इंडस्ट्री का आकार 14 लाख करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 22 लाख करोड़ रुपये हो गया है। यह सेक्टर आज 4 लाख युवाओंको रोजगार दे रहा है और केंद्र व राज्य सरकारों को सबसे ज्यादा जीएसटी भी यही उद्योग देता है। वर्तमान में अमेरिका की ऑटो इंडस्ट्री का आकार 78 लाख करोड़ रुपये, चीन का 47 लाख करोड़ रुपये, और भारत का 22 लाख करोड़ रुपये है। गडकरी ने बताया कि भारत में कुल वायु प्रदूषण का 40 प्रतिशत हिस्सा ट्रांसपोर्ट ईंधन से आता है, और यह खासकर दिल्ली जैसे शहरों के लिए बड़ी समस्या बन चुका है। उन्होंने कहा, “हम राष्ट्रीय हित में देशका प्रदूषण घटाने के लिए काम कर रहे हैं।”निर्भरता देश की अर्थव्यवस्था पर बोझ डाल रहीगडकरी ने कहा कि भारत की फॉसिल फ्यूल (तेल और गैस) पर निर्भरता देश की अर्थव्यवस्था पर बोझ डाल रही है। क्योंकि हर साल करीब 22 लाखकरोड़ रुपये सिर्फ ईंधन आयात में खर्च होते हैं। इसके साथ ही यह पर्यावरण प्रदूषण का भी बड़ा कारण है। इसलिए अब देश के लिए क्लीन एनर्जी(स्वच्छ ऊर्जा) अपनाना बहुत जरूरी हो गया है। मंत्री ने कहा कि अगर भारत को तेजी से आगे बढ़ाना है, तो कृषि क्षेत्र पर ध्यान देना होगा। उन्होंनेबताया कि सरकार ने कॉर्न (मक्का) से बायो-इथेनॉल बनाने की अनुमति दी थी, जिससे किसानों की कमाई में भारी इजाफा हुआ है। पहले मक्का कीकीमत 1,200 रुपये प्रति क्विंटल थी, जो अब बढ़कर 2,800 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है। इस फैसले से उत्तर प्रदेश और बिहार के किसानों को45,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय हुई है। दोनों राज्यों में मक्का की खेती अब तीन गुना बढ़ गई है, जिससे वहां की अर्थव्यवस्था को सीधाफायदा हुआ है। गडकरी ने कहा कि उद्योग जगत को भी कृषि पर ध्यान देना चाहिए, “हमें कृषि में नई तकनीक, नवाचार और शोध पर ध्यान देनाहोगा, ताकि कृषि विकास दर बढ़ाई जा सके। कृषि के बिना आत्मनिर्भर भारत बनाना संभव नहीं है।”

सिद्धारमैया का साफ संदेश कर्नाटक का सामाजिक-सैक्षिक सर्वेक्षण सिर्फ पिछड़ों के लिए नहीं “सभी के लिए जानें क्य़ा कुछ कहा”

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार को कहा कि इंफोसिस के संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति और लेखिका सुधा मूर्ति को राज्य में चल रहेसामाजिक और शैक्षिक सर्वेक्षण को लेकर गलतफहमियां हैं। सामाजिक और शैक्षिक सर्वेक्षण को आमतौर पर जाति जनगणना कहा जाता है।सिद्धारमैया ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ऐसी धारणा है कि यह पिछड़ी जातियों के लिए सर्वेक्षण है। उन्होंने कहा, यह पिछड़े वर्गों का सर्वेक्षण नहींहै। उन्होंने जो लिखना है, लिखने दीजिए। लोगों को समझना चाहिए कि यह सर्वेक्षण किस बारे में है। अगर वे नहीं समझ पा रहे हैं तो मैं क्या करसकता हूं? मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी तब की है, जब मूर्ति दंपती ने इस सर्वेक्षण में भाग लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने अपने प्रपत्र में लिखा था किवे पिछड़े समुदायों से नहीं आते हैं। सिद्धारमैया ने कहा, क्या इंफोसिस (संस्थापक) का मतलब बृहस्पति (बुद्धिमान) होना चाहिए? हम 20 बार कहचुके हैं कि यह पिछड़े वर्गों का सर्वक्षण नहीं है, बल्कि सभी के लिए सर्वेक्षण है। कमजोर वर्ग के परिवार की महिला प्रमुख को हर महीने दो हजार रुपये प्रदान करतीउन्होंने कहा कि शक्ति जैसी कल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ किया है, जो सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की पेशकश करती है।गृहलक्ष्मी योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवार की महिला प्रमुख को हर महीने दो हजार रुपये प्रदान करती है। उन्होंने पूछा, क्या शक्तियोजना सवर्ण महिलाओं और गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों के लिए नहीं है? क्या सवर्ण लोग गृह लक्ष्मी योजना के लाभार्थी नहीं हैं? मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रियों की ओर से कई बार स्पष्ट किए जाने के बावजूद इस प्रक्रिया को लेकर अभी भी गलत धारणाएं बनी हुई हैं। उन्होंने कहा, अब केंद्र सरकार भी जाति जनगणना कराने जा रही है। तब वे (मूर्ति दंपती) क्या जवाब देंगे? मुझे लगता है कि उनके पास गलत जानकारी है।कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि नारायण मूर्ति और सुधा मूर्ति को राज्य में हो रहे सामाजिक व शैक्षिक सर्वेक्षण को लेकर गलतफहमी है।उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सर्वेक्षण केवल पिछड़े वर्गों के लिए नहीं, बल्कि सभी वर्गों के लिए है।

राहुल गांधी ने यूपी में मॉब लिंचिंग के शिकार हरिओम वाल्मीकि के परिवार से की भावुक मुलाकात, न्याय दिलाने का दिया आश्वासन

यूपी के फतेहपुर जिले में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार की सुबह रायबरेली के ऊंचाहार में मॉब लिंचिंग का शिकार हुएहरिओम वाल्मीकि के परिवार से काफी देर तक मुलाकात की। इस दौरान हरिओम के परिजन राहुल से मिलकर भावुक हो गए। बेटे हरिओम को खोनेके बाद परिवार सदमे में है।राहुल गांधी ने संवेदना व्यक्त की और परिवार के सदस्यों का हाथ अपने हाथ में थाम लिया। मार्मिक मुलाकात के दौरान राहुल ने हरिओम के पिता कोगले भी लगाया। कांग्रेस नेता के सामने हरिओम की मां फूट-फूटकर रोने लगीं। इसपर राहुल ने उनका हाथ थामकर ढांढस बंधाया। शुक्रवार सुबह जबकांग्रेस नेता मृतक हरिओम के घर पहुंचे तो शोकाकुल परिवार सदमे में डूबा था। राहुल गांधी ने हरिओम के पिता का न केवल हाथ थामा बल्कि उन्हेंगले भी लगाया। हरिओम की मां के सामने भी राहुल गांधी भी भावुक हो गए। कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या मारे गए हरिओम वाल्मीकिहरिओम की मां राहुल के सामने फफक पड़ीं। बेटे की मौत पर दुख जताया। कांग्रेस नेता ने उनका हाथ पकड़कर उन्हें शांत कराया। इस दौरान राहुलगांधी ने परिवार को न्याय दिलाने और हर कदम पर उनका साथ देने का आश्वासन दिया। यूपी के रायबरेली जिले के ऊंचाहार में 2 अक्तूबर को चोरसमझकर भीड़ ने बर्बरता से हरिओम वाल्मीकि की पिटाई की। जिससे उसकी मौत हो गई। मॉब लिंचिंग की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया।बताया जाता है कि पिटाई के दौरान हरिओम ने अपना नाम और पता भी बताया था। इसके अलावा अंतिम सांसों में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम भी लिया था। जिसके बाद इस मुद्दे ने बड़ा सियासी रूप ले लिया था। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने दो अक्तूबर को रायबरेली में कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या मारे गए हरिओम वाल्मीकि के परिवार से मुलाकात के बाद कहा कि, “कुछ दिन पहले दलित अफसर ने आत्महत्या कीथी। मैं वहां गया और आज मैं यहां आया हूं। अपराध इस परिवार ने नहीं किया, अपराध इनके खिलाफ किया गया है और लग ऐसा रहा है कि यहलोग अपराधी हैं। इन्हें घर में बंद कर रखा है, इन्हें डराया जा रहा है। ये लोग केवल न्याय मांग रहे हैं। हमारे बेटे, हमारे भाई को मारा गया है। उसकीहत्या की गई है। हम केवल न्याय मांग रहे हैं। मुझसे न मिलने की धमकी दीपूरे देश में दलितों के खिलाफ अत्याचार, हत्याएं, दुष्कर्म जैसी घटनाएं हो रही हैं। मैं मुख्यमंत्री से कहना चाहता हूं, इन्हें न्याय दीजिए, इनका सम्मानकीजिए। जो अपराधी हैं उनके खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई कीजिए और उनकी रक्षा करने का प्रयास मत कीजिए…(पीड़ित परिवार) मुझ से मिलें, मुझ से ना मिलें यह जरूरी नहीं है, बल्कि जरूरी बात यह है कि ये लोग अपराधी नहीं हैं। इन्होंने कोई गलती नहीं की है… अपराधी दूसरे लोग हैं औरउनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मैंने आज यहां आकर इनसे बातचीत की, इनका दर्द और दुख सुना और कांग्रेस पार्टी और मेरा प्रयास है कि हमजो मदद कर सकते हैं हम करेंगे। लोकसभा नेता राहुल गांधी ने कहा कि आज सुबह सरकार ने परिवार को मुझसे न मिलने की धमकी दी, यहमहत्वपूर्ण नहीं है कि पीड़ित परिवार मुझसे मिलता है या नहीं, लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि ये लोग अपराधी नहीं हैं। उन्होंने कोई गलती नहीं की है।मैंने मृतक के परिवार से मुलाकात की और उनकी बात सुनी। कांग्रेस पार्टी और मैं परिवार को हर संभव मदद प्रदान करने की पूरी कोशिश करेंगे। देश मेंजहां भी दलितों के खिलाफ अत्याचार होगा, कांग्रेस वहां होगी और हम हर संभव मदद प्रदान करेंगे और न्याय के लिए लड़ेंगे। इससे पहले शुक्रवारसुबह परिवार ने राहुल गांधी से मुलाकात करने से साफ इनकार कर दिया था। हरिओम के भाई शिवम ने कहा है कि मैं सरकार की कार्रवाई से संतुष्टहूं। इस मामले में किसी तरह की राजनीति नहीं चाहते हैं। मेरे भाई के हत्यारों को जेल भेजा गया है और बहन को नौकरी भी दी गई है। हम चाहते हैं किकांग्रेस और अन्य राजनैतिक पार्टियों के नेता राजनीति करने न आएं। माना जा रहा है कि परिवार अब राजनीतिक हस्तक्षेप से दूर रहना चाहता है, क्योंकि मामले में प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है।

छत्तीसगढ़ के दंडकारण्य में 208 नक्सलियों का बड़ा आत्मसमर्पण, 153 हथियार भी हुए जमा, उत्तर बस्तर में लाल आतंक का अंत नजदीक

छत्तीसगढ़ के दंडकारण्य क्षेत्र में शुक्रवार को 208 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इनमें 110 महिलाएं और 98 पुरुष शामिल हैं। सरेंडर करने वालेनक्सलियों को संविधान की कॉपी और गुलाब का फूल दिया गया। इन्हें अब सरकार की पुनर्वास योजना का लाभ मिल सकेगा। इसके साथ ही, अबूझमाड़ का अधिकांश हिस्सा नक्सली प्रभाव से मुक्त हो जाएगा और बड़ी संख्या में नक्सलियों के सरेंडर के बाद माना जा रहा है कि उत्तरी बस्तर मेंकाफी हद तक लाल आतंक का अंत हो जाएगा। अब केवल दक्षिणी बस्तर ही बचा है। आत्मसमर्पण के दौरान कुल 153 हथियार भी अधिकारियोंको सौंपे गए। इन हथियारों में 19 एके-47 राइफल, 17 एसएलआर राइफल, 23 इंसास राइफल, 1 इंसास एलएमजी, 36 .303 राइफल, 4 कार्बाइन, 11 बीजीएल लॉन्चर, 41 बारह बोर/सिंगल शॉट गन और 1 पिस्तौल शामिल है। इन 208 नक्सिलियों में एक केंद्रीय समिति सदस्य(सीसीएम), चार दंडकारण्य विशेष क्षेत्रीय समिति (डीकेएसजेडसी) सदस्य, एक क्षेत्रीय समिति सदस्य, 21 संभागीय समिति सदस्य (डीवीसीएम), 61 क्षेत्रीय समिति सदस्य (एसीएम), 98 पार्टी सदस्य और 22 पीएलजीए/आरपीसी/अन्य कार्यकर्ता शामिल हैं। अगला चरण दक्षिण बस्तर पर केंद्रित होगापुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इस बड़े आत्मसमर्पण के बाद उत्तर बस्तर में नक्सल गतिविधियों का लगभग अंत हो गया है।अधिकारियों ने बताया कि अब अभियान का अगला चरण दक्षिण बस्तर पर केंद्रित होगा, ताकि छत्तीसगढ़ को पूरी तरह लाल आतंक से मुक्त करायाजा सके। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, ‘छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए आज के दिन को ऐतिहासिक दिन कह सकते हैं।आज बहुत बड़ी संख्या में नक्सली हमारे संविधान पर विश्वास करते हुए विकास की धारा से जुड़ने जा रहे हैं। उनका स्वागत है। छत्तीसगढ़ के डीजीपीअरुण देव गौतम ने बताया, ‘जो युवा इस तरह से भटक रहे थे, वे बस्तर की जनता के लिए लड़ रहे थे लेकिन उन्हें पता चला कि वे वास्तव में बस्तर कीजनता के लिए नहीं लड़ रहे बल्कि उनका नुकसान कर रहे थे। बस्तर का विकास इतने साल में नहीं है। अब अगर वे सभी मिलकर योगदान करेंगे तोबस्तर आगे बढ़ेगा।’ बस्तर के जगदलपुर में 208 नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण किया और मुख्यधारा में शामिल होने के लिए अपनेहथियार डाल दिए। उन्होंने संविधान में विश्वास व्यक्त किया। छत्तीसगढ़ में आज 200 से अधिक नक्सली संविधान में विश्वास व्यक्त करते हुए सुरक्षाबलों के समक्ष आत्मसमर्पण करके मुख्यधारा में शामिल हुए। कुल 208 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें 98 पुरुष और 110 महिलाएंशामिल हैं। सभी 208 नक्सलियों ने 153 हथियारों के साथ सरेंडर किया है।

आयुष दोसेजा का विराट कोहली के साथ खेलने का सपना अधूरा रहा, लेकिन रणजी ट्रॉफी डेब्यू पर दोहरा शतक से जीता दिल

दिल्ली के युवा बल्लेबाज आयुष दोसेजा का सपना था कि वह अपने बचपन के हीरो विराट कोहली के साथ एक ही टीम में खेलें। इस साल कीशुरुआत में जब उन्हें रेलवे के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच के लिए दिल्ली टीम में जगह मिली, तो उनका सपना साकार होता दिखा। लेकिन किस्मत कोकुछ और मंजूर था। राजकोट में सौराष्ट्र के खिलाफ अभ्यास सत्र के दौरान उनका टखना मुड़ गया और वह डेब्यू से पहले ही टीम से बाहर हो गए। उसीमैच में विराट कोहली ने अपना आखिरी रेड-बॉल मैच खेला और आयुष बस किनारे से यह सब देखते रह गए। अब पीटीआई के साथ बातचीत मेंकहा, ‘बचपन से सपना था विराट सर के साथ खेलने का। मौका आया और चला गया। हां, कुछ दिन बहुत दुखी रहा, लेकिन किस्मत पर भरोसा था।’ नसीब ने भले ही उन्हें कोहली के साथ खेलने नहीं दिया, लेकिन रणजी ट्रॉफी डेब्यू पर आयुष ने ऐसा प्रदर्शन किया जिसने सबका दिल जीत लिया।हैदराबाद के खिलाफ उन्होंने 279 गेंदों पर 209 रन ठोककर शानदार दोहरा शतक लगाया। आयुष ने कहा, ‘शायद भगवान ने मेरे लिए कुछ बड़ासोचा था। विराट सर के साथ खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन रणजी डेब्यू पर दोहरा शतक लगाकर वो दर्द थोड़ा कम हो गया।’पीतमपुरा से लेकर मंडी हाउस तक हर मैदान में साथ मेहनतइस ऐतिहासिक पारी में उनके साथी सनत संगवान भी पीछे नहीं रहे। दोनों ने मिलकर 319 रनों की विशाल साझेदारी की। संगवान ने नाबाद 211 रनबनाए। आयुष ने कहा, ‘हम अंडर-23 और अंडर-25 के दिनों से साथ खेल रहे हैं। हमें पता था कि अगर पॉजिटिव क्रिकेट खेलें, तो बड़ी साझेदारी होसकती है।’ आयुष के बचपन के कोच अजय चौधरी ने याद किया, ‘वो पहली बार 10 साल से भी कम उम्र में मेरे पास आया था। तब मैंने कहा था किअभी छोटा है, दो साल बाद आना। 11 की उम्र से वह लगातार मेरे साथ है। हमने पीतमपुरा से लेकर मंडी हाउस तक हर मैदान में साथ मेहनत की।’ उन्होंने बताया कि दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) में इस साल आयुष का गेम बदल गया। अजय ने बताया, ‘पिछले साल उसे मौका नहीं मिला, लेकिनइस बार उसके आक्रामक शॉट्स ने सभी को प्रभावित किया।’ आईपीएल खेलना हर खिलाड़ी का सपना होतादिल्ली के इस युवा क्रिकेटर ने खेल के साथ पढ़ाई को भी संतुलित रखा है। आयुष ने बताया, ‘मैंने 10वीं और 12वीं में 89 और 90% अंक लिए।श्रद्धानंद कॉलेज से बी.कॉम किया और अब मेरठ की एक यूनिवर्सिटी से एमबीए कर रहा हूं।’ उन्होंने कहा, ‘क्रिकेट मेरा फोकस है, लेकिन अगर पढ़ाईसाथ में हो सकती है तो क्यों नहीं?’ आयुष ने हाल ही में दिल्ली कैपिटल्स के ट्रायल दिए हैं, जबकि मुंबई इंडियंस ने भी उन्हें 17-18 अक्तूबर कोबुलाया था। हालांकि, रणजी मैच के कारण वह ट्रायल में शामिल नहीं हो पाएंगे। आयुष ने कहा, ‘आईपीएल खेलना हर खिलाड़ी का सपना होता है।मैं बस कड़ी मेहनत कर रहा हूं और अपने माता-पिता को गर्व महसूस कराना चाहता हूं।’ नसीब ने भले ही उन्हें कोहली के साथ खेलने नहीं दिया, लेकिनरणजी ट्रॉफी डेब्यू पर आयुष ने ऐसा प्रदर्शन किया जिसने सबका दिल जीत लिया। हैदराबाद के खिलाफ उन्होंने 279 गेंदों पर 209 रन ठोककरशानदार दोहरा शतक लगाया।

सीएम योगी ने 10 लाख से अधिक छात्रों को 300 करोड़ की छात्रवृत्ति दी, शिक्षा-सशक्तिकरण में दी गई नई पहल

सीएम योगी आदित्यनाथ ने छात्र-छात्राओं को बड़ी सौगात दी। दशमोत्तर व पूर्वदशम छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम के अंतर्गत एक साथ 10 लाख 28 हजार 205 विद्यार्थियों को 300 करोड़ की छात्रवृत्ति राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में प्रेषित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नेकहा, इससे पहले भी विजयादशमी के अवसर पर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी गई थी। पहले छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया में भेदभाव, विलंब और भ्रष्टाचार जैसी समस्याएं आम थीं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में टेक्नोलॉजी आधारित डीबीटी प्रणाली लागू होने से अब पात्रछात्रों के खाते में राशि सीधे पहुंच रही है। अब छात्रवृत्ति वर्ष में एक बार नहीं बल्कि दो चरणों में (अक्टूबर और जनवरी में) दी जाएगी, ताकि छात्रों कोसमय पर सहायता मिले। वर्ष 2016-17 तक जहां केवल 8.64 लाख विद्यार्थी छात्रवृत्ति से लाभान्वित होते थे, वहीं अब यह संख्या 62 लाख तकपहुंच गई है। सीएम योगी ने कहा, सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी पात्र छात्र छात्रवृत्ति से वंचित न रहे। गत वर्ष जिन विद्यार्थियों कोसंस्थानों की लापरवाही या पोर्टल की त्रुटियों के कारण छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई थी, उनके लिए पोर्टल को पुनः सक्रिय किया गया है। जैसे ही डेटाएंट्री पूरी होगी, एक विशेष समारोह में उन्हें भी डीबीटी के माध्यम से राशि दी जाएगी। हमारा लक्ष्य स्पष्ट है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा केअधिकार से वंचित न रहे, हर छात्र अपने सपनों की उड़ान भर सके। आवास और भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रहीसीएम योगी ने भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा, बाबा साहब ने कहा था कि पढ़-लिखकर ही हम स्वावलंबीबन सकते हैं और समाज के लिए कुछ कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी बाबा साहब ने शिक्षा के बल पर अपनीराह बनाई। आज हमारे पास संसाधनों की कमी नहीं, आवश्यकता है मेहनत, अनुशासन और लगन की। पिछले आठ वर्षों में 4 करोड़ 27 लाख सेअधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ दिया गया है। 2016-17 से पहले की सरकारों ने अनुसूचित जाति और जनजाति सीएम योगी ने कहा,छात्रोंकी छात्रवृत्ति रोक दी थी, लेकिन हमारी सरकार ने न केवल वह राशि जारी की बल्कि दो वर्षों की छात्रवृत्ति एक साथ दी। हमारा स्पष्ट संकल्प है किकिसी भी विद्यार्थी के साथ भेदभाव नहीं होगा। ईमानदारी, पारदर्शिता और समान अवसर हमारी सरकार की प्राथमिकता है। सीएम योगी नेकहा,प्रधानमंत्री मोदी जी के मार्गदर्शन में प्रदेश में शिक्षा-सशक्तिकरण के लिए कई नई पहलें की गई हैं। अटल आवासीय विद्यालय के माध्यम सेसभी 18 कमिश्नरी में विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं, जहां श्रमिक परिवारों के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा, आवास और भोजन की सुविधा मिलरही है। आश्रम पद्धति विद्यालय के अंतर्गत अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रों के लिए उत्कृष्ट शिक्षा, आवास और भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जारही है। बिचौलिये हिस्सा खा जातेकस्तूरबा बालिका विद्यालय के माध्यम से गरीब और वंचित वर्ग की बालिकाओं को इंटरमीडिएट स्तर तक निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है।अभ्युदय कोचिंग योजना के तहत प्रदेश के प्रत्येक जनपद में प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी का अवसर मिल रहा है, जिससे अब छात्रों कोबाहर नहीं जाना पड़ता। सीएम योगी ने कहा, समाज कल्याण विभाग के माध्यम से प्रदेश के 1 करोड़ 5 लाख परिवारों को 12,000 वार्षिक पेंशनडीबीटी के जरिए दी जा रही है। पहले 300 मासिक पेंशन छह महीने में दी जाती थी, जिसमें बिचौलिये हिस्सा खा जाते थे। हमारी सरकार ने इसेबढ़ाकर अब 1,000 प्रति माह किया है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत अब तक 4 लाख से अधिक बेटियों के विवाह कराए जा चुके हैं।प्रत्येक विवाह हेतु 1 लाख की सहायता राशि दी जाती है। सीएम योगी ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में देश और प्रदेश ने अभूतपूर्व परिवर्तनदेखा है। देश में 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठे हैं,जबकि उत्तर प्रदेश में 6 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। उन्होंनेकहा कि प्रधानमंत्री जी का शताब्दी संकल्प 2047 हमें प्रेरित करता है कि शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक न्याय के माध्यम से हम नवभारत केनिर्माण में सहभागी बनें।

डोनाल्ड ट्रंप की योजना, वॉशिंगटन में पेरिस की तरह भव्य स्मारक बनाएंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप राजधानी वॉशिंगटन में अपनी एक खास पहचान छोड़ना चाहते हैं। इसके लिए वह लिंकन स्मारक के पास एक पेरिसकी तरह एक विशाल दरवाजा बनवाना चाहते हैं। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में आयोजित एक रात्रिभोज के दौरान बुधवार को इस योजना का खुलासाकिया। यह रात्रिभोज उन अमीर व्यापारियों के लिए था, जिन्होंने व्हाइट हाउस में 250 मिलियन डॉलर की लागत से एक भव्य हॉल (बॉलरूम) बनवानेके लिए पैसा दान किया है। हालांकि,ट्रंप ने दरवाजा बनाने की लागत का कोई जिक्र नहीं किया। ट्रंप ने कहा, ‘यह वाकई बहुत खूबसूरत होने वालाहै’। उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे लगता है कि यह शानदार होगा’। कई राष्ट्रपति और उनके परिवार अपने कार्यकाल के दौरान व्हाइट हाउस में कोई खासबदलाव करके अपनी पहचान छोड़ने की कोशिश करते रहे हैं। ट्रंप भी ऐसा ही कर रहे हैं। उन्होंने पहले ही कुछ डिजाइन और निर्माण से जुड़े कार्यों मेंबदलाव किए हैं। इनमें सबसे बड़ा बदलाव रोज गार्डन को पक्के पत्थर से ढका हुआ आंगन बनाना है। नेपोलियन के युद्ध में लड़ाई लड़ीलेकिन यह दरवाजा केवल व्हाइट हाउस तक सीमित नहीं है। यह ट्रंप को वॉशिंगटन में एक और स्थायी स्मारक बनवाने का मौका देगा, जो स्मारकों केलिए मशहूर शहर है। यह योजना ट्रंप के उस पुराने विचार से जुड़ी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह शहर की पुरानी चीजों जैसे घास, टूटे-फूटे साइनबोर्ड और सड़कों के बीच की जगहों को नया बनाना चाहते हैं। ऐसा लगता है कि ट्रंप को फ्रांस से मिलती है। ट्रंप ने जो विशाल दरवाजा बनाने काप्रस्ताव रखा है, वह पेरिसके मशहूर आर्क डी ट्रायंफ से काफी हद तक मिलता-जुलता होगा। आर्क डी ट्रायंफ पेरिस की प्रसिद्ध सड़क चैंप्स-एलीसीजके अंत में स्थित है। यह स्मारक उन सैनिकों की याद में बनाया गया था, जिन्होंने फ्रांस की क्रांति और नेपोलियन के युद्ध में लड़ाई लड़ी थी। पेरिस में ऐसी ही एक भव्य परेड देखीइस साल की शुरुआत में वॉशिंगटन में अमेरिकी सेना के 250वें स्थापना दिवस के मौके पर एक सैन्य परेड का आयोजन किया गया था। ट्रंप को इसपरेड की प्रेरणा तब मिली थी, जब करीब आठ साल पहले उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के निमंत्रण पर पेरिस में ऐसी ही एक भव्य परेडदेखी थी। व्हाइट हाउस को जब इस दरवाजे के बारे में जानकारी के लिए ईमेल भेजा गया, जिसमें पूछा गया था कि यह कब तक बनकर तैयार होसकता है, तो व्हाइट हाउस ने इस पर तत्काल कोई जवाब नहीं दिया। बाद में ट्रंपने एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि इस परियोजना पर हैरिसनडिजाइन नाम की एक स्थानीय कंपनी काम कर रही है। हालांकि, इस कंपनी ने भी गुरुवार को भेजे ईमेल का कोई जवाब नहीं दिया। अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रंप वॉशिंगटन में लिंकन मेमोरियल के पास एक भव्य दरवाजा बनवाना चाहते हैं, ताकि अपनी एक स्थायी छाप छोड़ सकें। यह प्रस्तावितदरवाजा पेरिस के आर्क डी ट्रायंफ से प्रेरित होगा। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में अमीर कारोबारियों के साथ एक रात्रिभोज के दौरान इस योजना का खुलासाकिया।

बिहार चुनाव जदयू की दूसरी सूची जारी, जातीय संतुलन के साथ कई बड़े चेहरे शामिल

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों की दूसरी लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में 44 प्रत्याशियोंको जगह मिली है। सीएम हाउस के सामने प्रदर्शन करने वाले गोपालपुर के वर्तमान विधायक और जदयू नेता गोपाल मंडल का टिकट काट दिया है।इस बार जदयू ने उनकी जगह बुलो मंडल को उम्मीदवार बनाया है। इस लिस्ट में पिछड़े वर्ग से 37, अतिपिछड़ा 22, सामान्य से 22, अनुसूचित जातिसे 15, अल्पसंख्यक से चार, अनुसूचित जनजाति से एक प्रत्याशी शामिल हैं। वहीं कुल 101 प्रत्याशियों में 13 महिला भी हैं। जदयू ने सबसे अधिककुशवाहा समाज के 13 प्रत्याशी, कुर्मी समाज के 12 प्रत्याशी, राजपूत समाज के 10 प्रत्याशी भूमिहार समाज के 9 प्रत्याशी, यादव और धानुकसमाज के आठ प्रत्याशियों को टिकट दिया है। जदयू ने इस सूची के जरिए प्रत्याशियों को चौंकायाजदयू की दूसरी सूची में मंत्री विजेंद्र यादव, लेशी सिंह, शीला मंडल, कलाधर मंडल, सुमित सिंह समेत कई दिग्गदों के नाम शामिल हैं। वहीं जो सीटपर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के खाते में जाने की बात सामने आई थी, वहां भी जदयू ने अपना प्रत्याशी उतार दिया है। इसमें सबसे प्रमुखकदवा सीट है। यहां से पूर्व सांसद दुलाल चंद गोस्वामी को टिकट दिया गया है। वहीं राजद छोड़कर जदयू में शामिल हुईं पूर्व मंत्री राजवल्लभ यादवपत्नी व वर्तमान विधायक विभा देवी को नवादा से टिकट दिया है। वह नवादा से चुनाव लड़ेंगी। इसके अलावा निर्दलीय प्रत्याशी और मंत्री सुमित सिंहको जदयू ने चकाई से टिकट दिया है। बुधवार देर रात भाजपा ने प्रत्याशियों की तीसरी सूची जारी की थी, गुरुवार सुबह जदयू ने अपने बाकीप्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। कुल 101 सीट पर 37 पिछड़े और 22 अतिपिछ़ड़े को टिकट दिया है। जदयू ने इस सूची के जरिए प्रत्याशियोंको चौंकाया है।

बिहार में बीजेपी का शक्ति प्रदर्शन दानापुर में गरजे योगी, बोले माफिया गए जहन्नुम, जनता है एनडीए के साथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज बिहार दौर पर आ चुके हैं। पटना एयरपोर्ट पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया। वहपूर्व सांसद रामकृपाल यादव के नामांकन कार्यक्रम में शामिल हुए। इसके बाद दानापुर में उन्होंने चुनावी सभा को संबोधित किया। योगी आदित्यनाथने कहा कि बिहार के दानापुर विधान सभा क्षेत्र की जनता आस्था का सम्मान करने वाली एनडीए सरकार के साथ है। सीएम योगी ने कहा कि उत्तरप्रदेश और बिहार का संबंध केवल एक संबंध नहीं है बल्कि एक साझी विरासत है। एक आत्मा का संबंध है, एक संस्कृति का संबंध है और एकसंकल्प का भी संबंध है। यह संबंध उसी प्रकार से अटूट है जैसे भगवान राम और मां जानकी का संबंध अटूट है। उन्होंने महागठबंधन पर हमला बोला।कहा कि राजद और कांग्रेस में सिर्फ परिवार कल्याण है। हमारा परिवार आप सब लोग हैं। उत्तर प्रदेश में माफिया तो जहन्नुम की यात्रा पर जा चुके हैं।राजद के सहयोगी सपा वाले वहां पर इस अराजकता को फैलाते थे। आज उनकी क्या दुर्गति हो रही है? यह सब आप जानते हैं। योगी ने सीएमनीतीश कुमार के कामों की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि पिछले 20 वर्षों में नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार ने कर दिखाया है।2005 से पहले बिहार की क्या स्थिति थी वह सब आप जानते थे।उनका यहां आना चुनावी माहौल को और मजबूती देगादानापुर में कार्यक्रम के बाद सीएम योगी सहरसा रवाना हो गए। वहां भाजपा प्रत्याशी व निवर्तमान विधायक डॉ. आलोक रंजन के नामंकन कार्यक्रम मेंशामिल होंगे। वहां भी सीएम योगी जनसभा को संबोधित करेंगे। प्रशासन ने मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। पूरेदानापुर क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है। ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है और ट्रैफिक नियंत्रण के लिए विशेष योजनाबनाई गई है, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। इधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन को लेकर पटना और सहरसा में भाजपाकार्यकर्ताओं में काफी उत्साह देखा जा रहा है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने पूरे शहर को भगवा झंडों और होर्डिंग्स से सजा दिया है। योगी आदित्यनाथ कायह चुनावी दौरा भाजपा के लिए एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को लगभग11:30 बजे पटना पहुंचे, जहां से वे सीधे दानापुर गए और एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। भाजपा के स्थानीय नेताओं का कहना है कियोगी आदित्यनाथ का यह दौरा कार्यकर्ताओं में नया जोश भर देगा। भाजपा जिला अध्यक्ष ने कहा कि सीएम योगी का आगमन हमारे लिए गर्व कीबात है। रामकृपाल यादव जैसे जमीनी नेता के समर्थन में उनका यहां आना चुनावी माहौल को और मजबूती देगा। उम्मीदवार मीसा भारती से हार गए थेबता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने पाटलिपुत्र संसदीय सीट से रामकृपाल यादव को मैदान में उतारा था, लेकिन वे राष्ट्रीय जनता दल(राजद) की उम्मीदवार मीसा भारती से हार गए थे। इस बार बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भाजपा ने दानापुर सीट से एक बार फिर रामकृपालयादव पर भरोसा जताया है। वहीं रामकृपाल के खिलाफ राजद ने फिर से रीतलाल यादव को मैदान में उतारा है। दानापुर से पिछले चुनाव में रीतलालयादव ने भाजपा प्रत्याशी आशा सिन्हा को हराया था। इस बार भाजपा ने आशा सिन्हा का टिकट काट दिया। इससे वह नाराज हो गईं और निर्दलीयचुनाव लड़ने का एलान किया है। भारतीय जनता पार्टी के फायर ब्रांड नेता और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एनडीए के लिए चुनावप्रचार करने बिहार दौरे पर हैं। आज उनकी पहली सभा पटना में हुई। अब दूसरी सभा सहरसा में होगी। इसके लिए भाजपा ने सारी तैयारी कर ली है।