मलेशिया में आसियान शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी की भागीदारी संशय में, विदेश मंत्री जयशंकर करेंगे प्रतिनिधित्व

मलेशिया में 26 अक्टूबर से शुरू होने वाले आसियान शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जाने की संभावना पर संशयबरकरार है। फिलहाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार से शुरू हो रहे आसियान शिखर सम्मेलन से संबंधित बैठकों में भाग लेने नहीं लेंगे। पीएम मोदी कामलयेशिया दौरा टल गया है। ऐसा माना जा रहा है कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर इन बैठकों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। मलयेशिया की राजधानीकुआलालंपुर में 26 से 28 अक्टूबर तक आसियान देशों की बैठकें आयोजित की जाएंगी। हालांकि, भारत की ओर से आधिकारिक स्तर पर अभी तकभागीदारी के स्तर की औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। दो दिवसीय यात्रा पर कुआलालंपुर पहुंचेंगेसूत्रों के मुताबिक भारत ने मलेशिया सरकार को पहले ही सूचित कर दिया है कि एस. जयशंकर इस सम्मेलन में शामिल होंगे। हालांकि, यह संभावनाबनी हुई है कि प्रधानमंत्री मोदी वर्चुअल माध्यम से आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले सकते हैं। पिछले कुछ वर्षों से प्रधानमंत्री मोदी स्वयंआसियान-भारत और ईस्ट एशिया शिखर सम्मेलनों में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते रहे हैं। इस बार मलयेशिया ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्डट्रंप सहित कई संवाद साझेदार देशों के नेताओं को आमंत्रित किया है। ट्रंप 26 अक्टूबर को दो दिवसीय यात्रा पर कुआलालंपुर पहुंचेंगे। शिखर सम्मेलन स्तर की साझेदारी में परिवर्तित हो गयाबता दें कि आसियान-भारत संवाद संबंध 1992 में क्षेत्रीय साझेदारी की स्थापना के साथ शुरू हुए। यह दिसंबर 1995 में पूर्ण संवाद साझेदारी और2002 में शिखर सम्मेलन स्तर की साझेदारी में परिवर्तित हो गया। 2012 में इन संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया। वर्तमान मेंआसियान के 10 सदस्य देश हैं , जिनमें इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, ब्रुनेई, वियतनाम, लाओस, म्यांमार और कंबोडिया।भारत और आसियान के बीच पिछले कुछ वर्षों में रिश्ते काफी मजबूत हुए हैं। दोनों पक्ष व्यापार, निवेश, सुरक्षा और रक्षा सहयोग जैसे क्षेत्रों पर विशेषजोर दे रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक शुरुआती योजना के तहत प्रधानमंत्री मोदी की कंबोडिया यात्रा भी प्रस्तावित थी, लेकिन मलयेशिया यात्रा रद्द होने केबाद अब वह दौरा भी स्थगित कर दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट जस्टिस सूर्यकांत का भारत-श्रीलंका पर्यावरण सहयोग पर जोर, बंगाल की खाड़ी साझा पारिस्थितिक है भाग्य

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने ‘भारत-श्रीलंका’ पर अपने विचार साझा किए हैं। कोलंबो विश्वविद्यालय के लॉ फैकल्टी में ‘भारत-श्रीलंका नीति संवाद: पर्यावरणीय स्थिरता और क्षेत्रीय सहयोग को आगे बढ़ाना’ विषय पर एक गोष्ठी में न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा, ‘बंगाल की खाड़ीहमें विभाजित नहीं करती, बल्कि एक साझा पारिस्थितिक भाग्य के माध्यम से दोनों देशों को बांधती है।’ आपदा प्रबंधन में सहयोग को बढ़ावा देतीलॉ फैकल्टी के कार्यक्रम में न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि भारत और श्रीलंका के बीच पर्यावरण सहयोग कोई दान या कूटनीति का विषयनहीं है, बल्कि यह अस्तित्व का सवाल है। उन्होंने कहा कि पाल्क खाड़ी और मन्नार की खाड़ी जैव विविधता के प्रमुख स्थान हैं, जहां प्रवाल भित्तियां, सीग्रास (समुद्री घास) मैदानी क्षेत्र और कई संकटग्रस्त प्रजातियां पाई जाती हैं। लेकिन अधिक मछली पकड़ने, विनाशकारी ट्रॉलिंग प्रथाओं औरअनियंत्रित तटीय निर्माण के कारण इन क्षेत्रों का पारिस्थितिक संतुलन गंभीर संकट में हैं। उन्होंने बताया कि 2004 की सुनामी से लेकर बार-बार आनेवाले चक्रवातों तक, दोनों देशों ने अनुभव किया है कि कैसे पर्यावरणीय आपदाएं राजनीतिक सीमाओं को पार कर जाती हैं। न्यायमूर्ति कांत ने कहा, ‘ये ऐसी घटनाएं हैं जो राष्ट्रीय सीमाओं को नहीं पहचानतीं और आपदा प्रबंधन में सहयोग को बढ़ावा देती हैं, फिर भी पारिस्थितिक बहाली अभी भीखंडित बनी हुई है।’ मॉडल’ को अपनाने की जरूरतजस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि भारत और श्रीलंका की न्यायपालिका को अब एक ‘क्षेत्रीय पर्यावरणीय संवैधानिक मॉडल’ को अपनाने की जरूरत है, क्योंकि कई पर्यावरणीय अधिकार और दायित्व सीमाओं से परे हैं। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि दोनों देशों को साझा भौगोलिक जिम्मेदारी निभानीहोगी क्योंकि पर्यावरणीय क्षति की रफ्तार तेज हो रही है। तेल रिसाव, प्रवाल भित्तियों का सफेद होना और मत्स्य समुदायों की आजीविका पर प्रभावजैसे मुद्दे अब दोनों देशों के साझा संकट बन गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जलवायु परिवर्तन और समुद्र स्तर में वृद्धि से तमिलनाडु और उत्तरी श्रीलंकाके तटीय इलाकों में कृषि और मत्स्य उद्योग प्रभावित हो रहे हैं। नमकीन पानी की घुसपैठ और अनिश्चित मानसून ने स्थिति को और खराब कर दिया है।उन्होंने साथ ही उन समस्याओं से निपटने के लिए संयुक्त निगरानी और डेटा साझा करने की आवश्यकता पर जोर दिया जो बिखरी हुई हैं और जिन परनजर नहीं रखी जा रही है।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा का मानसून सत्र कल से, राज्य दर्जे का प्रस्ताव बनेगा मुख्य मुद्दा पूर्ण राज्य दर्जे पर होगी अहम बहस

विधानसभा का मानसून सत्र वीरवार से शुरू होगा। करीब छह माह बाद होने जा रहा यह सत्र सीमित जरूर रहेगा लेकिन इसमें बड़ी बहस सुनाई देगी।सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने ही सत्र को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। सदन से एक विधायक अधिकतम दस सवाल पूछ सकेगा। 450 सवाल सदन मेंउठने वाले हैं। 13 प्राइवेट मेंबर्स बिल और 55 प्रस्ताव भी विधानसभा को भेजे गए हैं। बीते छह माह में हुए तमाम बड़े घटनाक्रमों पर राजनीतिक दलोंने सदन में प्रस्ताव भेजकर चर्चा मांगी है। मंत्रिमंडल ने बीते दिनों पंचायती राज एक्ट 1989, शॉप एंड बिजनेस एस्टेब्लिशमेंट बिल और गुड्स एंडसर्विसेज 2017 में बदलाव को मंजूरी दी है और इसके बाद तीनों बिलों को विधानसभा में भेजा गया है। प्रदेश सरकार सदन में इन बिलों को पारितकर सकती है। राज्य के दर्जे का साथ देतासदन में मुख्य तौर पर पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग को लेकर सत्ता पक्ष की ओर से प्रस्ताव भेजा गया है। इस प्रस्ताव पर बड़ी बहस होने की संभावना है।मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पहले ही कह चुके हैं कि सदन में साफ हो जाएगा कि कौन सा सियासी दल पूर्ण राज्य के दर्जे का साथ देता है और कौनविरोध में खड़ा नजर आता है। उपचुनाव से ठीक पहले होने वाली इस बहस पर समूचे प्रदेश के अलावा नगरोटा और बडगाम के लोगों की भी खासनजर रहेगी। सीएम उमर का सदन को भेजा गया यह प्रस्ताव प्रदेश के सबसे बड़े मुद्दे पर दलों की स्थिति को सदन में होने वाली बहस के माध्यम सेउजागर करेगा। नेकां के अलावा सदन में तीन बड़े प्रस्ताव पीडीपी ने भेजे हैं। इनमें डोडा के विधायक मेहराज मलिक पर लगे जनसुरक्षा अधिनियम(पीएसए) पर बहस होना तय है। पीडीपी ने सबसे पहले इस प्रस्ताव को सदन में भेजा था। स्वीकार कर लिया गयाबिजली शुल्क बकाया राशि पर एकमुश्त छूट मांगी गई है। पीडीपी विधायक मीर मोहम्मद फैयाज ने यह प्रस्ताव भेजा है। इसे विधानसभा में स्वीकारकर लिया गया है। एक प्रस्ताव जमीन के मालिकाना हक को लेकर भी चर्चा में है। विधानसभा सचिवालय ने सत्र को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं।पहले दिन मृतक विधायकों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। सत्र को लेकर बिजनेस कमेटी की बैठक भी बुलाई गई है। इस बैठक के बाद वीरवार को प्रारूपतय कर दिया जाएगा।
ट्रंप ने पीएम मोदी को दी दिवाली की बधाई व्हाइट हाउस में भी मनाया त्यौहार, व्यापार और सुरक्षा पर चर्चा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी को फोन कर दिवाली की शुभकामनाएं दी हैं। दिवाली पर दोनों देशों के नेताओं के बीच हुई बात कीजानकारी पीएम मोदी ने बुधवार को एक्स पर जानकारी साझा की। वहीं दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में दीवाली मनाई।इस दौरान उन्होंने दीये जलाए। दीवाली के मौके पर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मैं भारत के लोगों को दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, राष्ट्रपति ट्रंप आपके फोन कॉल और दिवाली की शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। रोशनी के इस त्योहार पर, हमारे दोमहान लोकतंत्र दुनिया को उम्मीद की रोशनी देती रहें और हर तरह के आतंकवाद के खिलाफ एकजुट रहें। 16 सितंबर के बाद से पीएम मोदी और ट्रंपके बीच यह तीसरी सार्वजनिक रूप से ज्ञात फोन कॉल थी। वाशिंगटन द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव जारी है। इसमें काफी कटौती कर दीडोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि “मैं भारत के लोगों को हमारी ओर से हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। आज मेरी प्रधानमंत्री मोदी से बेहतरीन बातचीत हुई। हमनेव्यापार पर बात की… वह इस विषय में बहुत रुचि रखते हैं। कुछ समय पहले हमने पाकिस्तान के साथ युद्ध न होने की भी चर्चा की थी। व्यापार कीवजह से मैं इस विषय को उठाने में सक्षम था, और अब भारत-पाकिस्तान के बीच कोई युद्ध नहीं है। यह बहुत अच्छी बात है। प्रधानमंत्री मोदी एकशानदार व्यक्ति हैं और वर्षों से मेरे अच्छे मित्र बन चुके हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “मैं भारत के लोगों से प्यार करता हूं। हम अपने देशोंके बीच कुछ बेहतरीन समझौतों पर काम कर रहे हैं। मैंने प्रधानमंत्री मोदी से बात की और हमारे बीच बहुत अच्छे संबंध हैं। वह रूस से ज्यादा तेल नहींखरीदेंगे। वह भी मेरी तरह रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को खत्म होते देखना चाहते हैं। वे बहुत ज्यादा तेल खरीदने नहीं जा रहे हैं। इसलिए उन्होंनेइसमें काफी कटौती कर दी है, और वे इसमें लगातार कटौती करते जा रहे हैं।” मध्य पूर्व से फ़ोन आयाअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आगे कहा, “हम पूरी दुनिया में शांति स्थापित कर रहे हैं… हम सभी को साथ लेकर चल रहे हैं। मुझे अभी मध्य पूर्व सेफ़ोन आया है। हम वहाँ बहुत अच्छा कर रहे हैं। कई देशों ने मध्य पूर्व में शांति के लिए समझौता किया है, और किसी ने नहीं सोचा था कि वे कभीऐसा होते देखेंगे। हमास की स्थिति, वे बहुत हिंसक लोग हैं। हम इसे दो मिनट में सुलझा सकते हैं। हम उन्हें एक मौका दे रहे हैं। उन्होंने सहमति जताईथी कि वे बहुत अच्छे और सीधे रहेंगे। वे लोगों की हत्या नहीं करेंगे। अगर वे समझौते का सम्मान नहीं करते हैं, तो उनका बहुत जल्दी निपटारा करदिया जाएगा। मध्य पूर्व में पूर्ण शांति है; हम सभी के साथ मित्रता के स्तर पर हैं। हर देश जो एक-दूसरे से नफरत करता था, अब एक-दूसरे से प्यारकरता है। किसी ने पहले ऐसा कुछ नहीं देखा था।
‘माउंटेन मैन’ के बेटे भगीरथ मांझी को नहीं मिला कांग्रेस का टिकट, बोले -राहुल गांधी ने कहा था मिलेगा, पर भरोसा टूटा

‘माउंटेन मैन’ दशरथ मांझी के बेटे और कांग्रेस नेता भगीरथ मांझी विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते थे। वह इस उम्मीद में थे कि कांग्रेस उन्हें टिकट देगी।कारण था कि राहुल गांधी ने खुद उनसे मुलाकात की थी। लेकिन, अब भागीरथ मांझी का टिकट कट गया है। इस मामले पर भागीरथ मांझी ने कहाकि मैं दिल्ली में चार दिन तक रुका रहा, लेकिन टिकट नहीं मिला। मैंने सारे कागज जमा किए थे। मैंने राहुल गांधी जी से टिकट मांगा था, उन्होंने कहाथा कि टिकट मिलेगा। मुझे पूरा भरोसा था कि टिकट मिलेगा। सबको टिकट मिल गया, लेकिन हमें नहीं मिला। मैं दिल्ली में 4 दिन तक रुका रहा, पर राहुल गांधी जी से मुलाकात भी नहीं हो पाई। यह दुखद है। भागीरथ मांझी से मुलाकात कीबता दें कि छह जून 2025 को कांग्रेस में नंबर एक की हैसियत वाले राहुल गांधी ने माउंटेन मैन दशरथ मांझी के बेटे भागीरथ मांझी से मुलाकात कीथी। इसके बाद उन्हें कांग्रेस की सदस्यता दिलाई। उन्हें पक्का मकान देने का भी दावा किया गया। इसके बाद ही चर्चा उठी कि भागीरथ मांझी कोकांग्रेस चुनावी मैदान में उतार सकती है। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने से नाराज कई नेताअपना विरोध जाता रहे हैं। अब ‘माउंटेन मैन’ दशरथ मांझी के बेटे भगीरथ मांझी ने भी अपनी नाराजगी जाहिर कर दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मैंने ऐसासोचा भी नहीं था।
“राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किए सबरीमाला मंदिर में भगवान अयप्पा के दर्शन, चार दिवसीय केरल दौरे में कई कार्यक्रमों में लेंगी हिस्सा”

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बुधवार को केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला स्थित भगवान अयप्पा मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगी। वह मंगलवार शाम चार दिवसीय दौरेपर तिरुवनंतपुरम पहुंचीं थीं। बुधवार सुबह राष्ट्रपति का काफिला राजभवन से एयरपोर्ट के लिए रवाना हुआ, जहां से हेलिकॉप्टर के जरिए वेपठानमथिट्टा जिले के प्रामदाम हेलीपैड पहुंचीं। वहां से पंबा घाटी और फिर सबरीमाला के लिए रवाना हुईं। त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड (टीडीबी) केअधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति की यात्रा के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। वह स्वामी अयप्पा रोड और पारंपरिक पैदल मार्ग से पांचगाड़ियों के काफिले और एक एंबुलेंस के साथ सबरीमाला स्थित मुख्य मंदिर (सन्निधानम) पहुंचेंगी। सुरक्षा को लेकर विशेष व्यवस्था की गई है औरहाल ही में इसका रिहर्सल भी किया गया। बुधवार शाम को वापस तिरुवनंतपुरम लौट जाएंगीबता दें कि दर्शन के बाद राष्ट्रपति बुधवार शाम को वापस तिरुवनंतपुरम लौट जाएंगी। इसके बाद गुरुवार को वे राजभवन में पूर्व राष्ट्रपति केआरनारायणन की प्रतिमा का अनावरण करेंगी। इसके बाद वर्कला स्थित शिवगिरी मठ में श्री नारायण गुरु की महासमाधि शताब्दी समारोह का उद्घाटनकरेंगी और कोट्टायम के पाला स्थित सेंट थॉमस कॉलेज की प्लेटिनम जुबली (75 वर्ष) समापन समारोह में शामिल होंगी। 24 अक्तूबर को कोच्चि केएर्नाकुलम में स्थित सेंट टेरेसा कॉलेज की शताब्दी समारोह में हिस्सा लेने के साथ राष्ट्रपति मुर्मू का केरल दौरा संपन्न होगा। चार दिवसीय केरल दौरे परपहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बुधवार को सबरीमाला मंदिर में भगवान अयप्पा के दर्शन करेंगी। दर्शन के बाद वे तिरुवनंतपुरम लौटेंगी। दौरे के दौरान वेपूर्व राष्ट्रपति केआर नारायणन की प्रतिमा का अनावरण, श्री नारायण गुरु के समारोह और दो कॉलेजों के कार्यक्रमों में भाग लेंगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने गृह मंत्री अमित शाह को जन्मदिन की दी शुभकामनाएं, आंतरिक सुरक्षा में योगदान की सराहना की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को उनके जन्मदिन पर बधाई दी। साथ ही देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत बनानेमें उनके योगदान की सराहना की। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि गृह मंत्री अमित शाह जी को जन्मदिन की हार्दिकशुभकामनाएं। वे जनसेवा के प्रति अपनी निष्ठा और मेहनती स्वभाव के लिए व्यापक रूप से प्रशंसित हैं। पीएम मोदी ने लिखा कि भारत की आंतरिकसुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और हर भारतीय को सुरक्षित व गरिमापूर्ण जीवन देने के लिए उन्होंने सराहनीय प्रयास किए हैं। उनके लंबे और स्वस्थजीवन की कामना करता हूं। बता दें कि अमित शाह को एक कुशल संगठनकर्ता और चुनावी रणनीतिकार माना जाता है। वे प्रधानमंत्री मोदी के सबसेकरीबी सहयोगियों में गिने जाते हैं। जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएंमणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को 61वें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और राज्य में शांति और एकता कोबढ़ावा देने में उनके योगदान के लिए आभार जताया। एन बीरेन सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि माननीय केंद्रीय गृह औरसहकारिता मंत्री अमित शाह जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। देश के प्रति आपकी अटूट निष्ठा करोड़ों लोगों को प्रेरित करती है। भगवान आपको लंबा और स्वस्थ जीवनउन्होंने आगे कहा कि मणिपुर हमेशा आपके मजबूत समर्थन के लिए आभारी रहेगा, खासकर हमारे कठिन समय में आपने जिस तरह से विभिन्नसमुदायों के बीच शांति और एकता को बढ़ावा दिया, वह सराहनीय है। भगवान आपको लंबा और स्वस्थ जीवन दें, ताकि आप देश का नेतृत्व इसीतरह साहस और बुद्धिमानी से करते रहें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गृह मंत्री अमित शाह को जन्मदिन की बधाई दी और देश की आंतरिक सुरक्षा कोमजबूत करने में उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने शाह को जनसेवा के प्रति समर्पित और मेहनती बताया, साथ ही उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवनकी कामना की।
H-1B वीजा धारकों को राहत, अमेरिका में स्टेटस बदलने या वीजा बढ़ाने पर नहीं देना होगा 88 लाख का शुल्क

अमेरिका में एच-1बी वीजा आवेदकों को स्टेटस बदलवाने या प्रवास की अवधि बढ़वाने पर 88 लाख रुपये (एक लाख डॉलर) का शुल्क नहीं देनाहोगा। अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) ने सोमवार को 19 सितंबर के आदेश में दी गई छूट को स्पष्ट किया। यूएससीआईएसके दिशा-निर्देशों में कहा गया कि पहले जारी हुए और वर्तमान में मान्य एच-1बी वीजा या 21 सितंबर को रात 12:01 बजे से पहले जमा किए गएकिसी भी आवेदन पर आदेश लागू नहीं होगा। इस आदेश में किसी भी मौजूदा एच-1बी धारक के अमेरिका में आने-जाने पर रोक नहीं है। अमेरिकीएजेंसी ने कहा, यह आदेश 21 सितंबर को पूर्वाह्न 12:01 बजे या उसके बाद किए गए उस आवेदन पर भी लागू नहीं होगा, जिसमें आवेदक ने अपनेस्टेटस में बदलाव कराने या फिर प्रवास की अवधि बढ़वाने की इच्छा जताई है। हालांकि, यदि वह व्यक्ति स्थिति में परिवर्तन या संशोधन या प्रवासविस्तार के लिए अयोग्य है, तो शुल्क लागू होगा। भारतीय पेशेवरों पर प्रभाव पड़ सकताअगर आवेदक किसी दूसरे वीजा जैसे अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए एफ-1 वीजा, अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए एल-1 वीजा पर अमेरिका में प्रवेश करताहै और बाद में वहीं रहते एच-1बी वीजा हासिल करता है तो उसे एक लाख डॉलर शुल्क नहीं देना होगा। वह एच-1बी वीजा पर अमेरिका में आ-जासकता है और उसे जुर्माना नहीं देना पड़ेगा। एच-1बी वीजा के लिए शुल्क को सालाना एक लाख डॉलर तक बढ़ाए जाने से भारतीय पेशेवरों पर प्रभावपड़ सकता है। हाल के वर्षों में कुल एच-1बी आवेदनों में से 71 फीसदी भारतीय हैं। आदेश में दी गई छूट को स्पष्ट कर दियाये दिशा-निर्देश अमेरिकी चैंबर ऑफ कॉमर्स की तरफ से ट्रंप प्रशासन के शुल्क लगाने के निर्णय के खिलाफ मुकदमा दायर करने के बाद जारी किएगए हैं। कोलंबिया की कोर्ट में 16 अक्तूबर को दायर मुकदमे में कहा गया, यह राष्ट्रपति के वैध अधिकार का अतिक्रमण है। भारत के नागरिकों कोअमेरिका में प्रवास की अवधि बढ़वाने पर 88 लाख शुल्क नहीं देने होंगे। एच1-बी वीजा से जुड़े इस नियम को लेकर अमेरिका ने 19 सितंबर केआदेश में दी गई छूट को स्पष्ट कर दिया है।
छठ पूजा की यमुना घाटों पर फिर से वापसी: दिल्ली सरकार ने बनाएगी 17 मॉडल घाट, 1000 से ज्यादा कार्यक्रम

छठ पूजा को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तैयारियों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि “वर्षों से यमुनापर छठ की पूजा सरकार द्वारा बंद कर दी गई थी जिस प्रतिबंध को इस बार हमारी सरकार ने हटाया है। लगभग 17 पॉइंट्स पर सरकार द्वारा मॉडलछठ घाट बनाए जा रहे हैं। दिल्ली में 1000 से अधिक छठ कार्यक्रमों के लिए आवेदन आ चुके हैं। इस सब में सारी व्यवस्थाएं सरकार की तरफ से दीजाएंगी। हर जिले में कम से कम एक मॉडल छठ घाट जरूर बनाया जाएगा।” इस वर्ष, शहर में छठ पूजा स्थलों की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में काफी बढ़ने की उम्मीद है। पिछले वर्ष, केवल 929 स्थानों पर छठ कार्यक्रमआयोजित किए गए थे। लेकिन आज तक, हमें छठ पूजा मनाने के लिए समितियों से 1000 से ज़्यादा आवेदन प्राप्त हुए हैं। यमुना नदी पर हमारे द्वाराबनाए जाने वाले 17 घाटों के अलावा, सरकार इन सभी 1000 घाटों, या समय सीमा तक जितने भी घाट बनेंगे, उनके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएंप्रदान करेगी। इसमें टेंट, बिजली, स्वच्छता और शौचालय शामिल हैं। प्रत्येक जिले और उप-जिले में कम से कम एक आदर्श छठ घाट बनायाजाएगा। भव्य स्वागत द्वार बनाए जाएंगे। छठ व्रतियों के लिए पूरी दिल्ली में जगह-जगह पर विशेष प्रबंध किए गए हैं। उन पर पुष्प वर्षा की जाएगीऔर उनका स्वागत किया जाएगा। समग्र धार्मिक माहौल को ध्यान में रखते हुए भोजपुरी और मैथिली भाषाओं में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजितकिए जाएंगे।सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहीछठ पूजा की तैयारियों पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है कि हमारे श्रद्धालुस्वच्छ जल में खड़े होकर पूजा-अर्चना करें। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि इस त्योहार के सभी कार्यक्रम बिना किसी बाधा केसंपन्न हों। अपने-अपने क्षेत्रों में उन सभी घाटों पर जाएंगे आज से एक विशेष स्वच्छता अभियान शुरू होगा, जिसमें हमारे सभी जनप्रतिनिधि – सांसद, विधायक और पार्षद अपने-अपने क्षेत्रों में उन सभी घाटों पर जाएंगे जहां छठ पूजा होनी है और विशेष स्वच्छता अभियान चलाएंगे। दिल्ली कीमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता कहती हैं कि 2021 में दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक अवज्ञा के लिए धारा 188 आईपीसी के तहत यमुना नदी पर छठ मनाने गएकुछ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। पिछली सरकारों द्वारा जो भी एफआईआर या मामले दर्ज किए गए थे, हम अपनी सरकार के तहत उनसभी शिकायतों को वापस लेंगे, और हम उन सभी मामलों को वापस लेंगे।
यूपी में हलाल सर्टिफिकेशन पर पूरी तरह बैन: सीएम योगी बोले – आतंकवाद, लव जिहाद और धर्मांतरण का जरिया था

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को एक बार फिर हलाल सर्टिफिकेशन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यूपी मेंहलाल सर्टिफिकेशन पर पूरी तरह से रोक लगी है। उत्तर प्रदेश में अब कोई भी संस्था हलाल सर्टिफिकेट लगाकर अपने प्रोडक्ट नहीं बेच पाएगा। इसदौरान सीएम योगी ने अपील की कि कोई भी सामान खरीदते समय जीएसटी जरूर दें। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सामानखरीदते समय एक चीज जरूर देखिए। क्या उसमें हलाल सर्टिफिकेशन तो नहीं लिखा हुआ है। यानि हर वस्तु में हलाल सर्टिफिकेशन। हमने यूपी मेंबैन किया है। बेचने का दुस्साहस नहीं करेगामुझे लगता है यूपी में कोई उसे खरीदने या बेचने का दुस्साहस नहीं करेगा, लेकिन आप आश्चर्य करेंगे कि साबुन का भी हलाल, कपड़े का भी हलाल।सीएम योगी ने कहा कि हमने जब कार्रवाई शुरू की तो 25 हजार करोड़ रुपये देश के अंदर हलाल सर्टिफिकेशन से होता है। भारत सरकार या राज्यसरकार की किसी भी एजेंसी ने उन्हें मान्यता नहीं दी है। ये सारा का सारा पैसा आतंकवाद के लिए, लव जिहाद के लिए और धर्मांतरण में दुरुपयोगहोता है। सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश ने इसके खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की है। हलाल सर्टिफिकेशन के नाम पर भारत के ग्राहकों का शोषण करनेवालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। कोई सामान खरीदते हैं तो ये जरूर देखिए कि जीएसटी हमें देना है। भगवान राम और कृष्ण मिथकमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारे देश में अंग्रेजी शासन से मोर्चा लेने की चर्चा तो होती है लेकिन राजनीतिक इस्लाम की चर्चा नहीं होती।राजनीतिक इस्लाम ने हमारी आस्था पर कुठाराघात किया। हमारे पूर्वजों ने बिट्रिश और फ्रांस के उपनिवेश के खिलाफ ही लड़ाई नहीं लड़ी, राजनीतिकइस्लाम को लेकर भी मोर्चा लिया था। वीर शिवाजी और महाराणा प्रताप के नाम इसमें उल्लेखनीय हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधनमें कांग्रेस को भी निशाने पर रखा। कहा कि कांग्रेस प्रभु राम और कृष्ण को नकारती थी। कांग्रेस ने अदालत में एफिडेविट देकर कहा था कि भगवानराम और कृष्ण मिथक हैं। सपा ने निर्ममता के साथ राम भक्तों पर गोलियां चलाई थीं। उन्होंने कहा कि आज दुनिया अयोध्या में आकर प्रभु श्रीराम केदर्शन कर अभिभूत हो रही है। पिछले साल 6 करोड़ लोगों ने अयोध्या में प्रभु राम का दर्शन किया। प्रयागराज में महाकुंभ के 66 करोड़ से अधिक लोगसाक्षी बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा और कांग्रेस के लोग इसमें शुरूआत से ही खोट निकाल रहे थे।