देश सुरक्षित तो नागरिक सुरक्षित, राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे का बड़ा बयान, सोनिया गांधी पर निशाना कहा, नागरिकता नहीं ली फिर भी नाम वोटर लिस्ट में

राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि देश सुरक्षित रहेगा तो ही नागरिक सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने आगाह किया कि आज भारत को न केवलबाहरी बल्कि भीतरी शत्रुओं से भी सावधान रहने की आवश्यकता है। राज्यपाल मंगलवार को गोविंद गुरु जनजाति विश्वविद्यालय में आयोजित ‘राष्ट्रीयएकात्मकता’ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जब शासन और जनता दोनों सुरक्षित हाथों में होतेहैं तो देश विकास की दिशा में अग्रसर होता है। हर नागरिक में राष्ट्र के प्रति सद्भाव और जिम्मेदारी की भावना होनी चाहिए। बागडे ने कहा कि भारतविश्व का एकमात्र देश है जहां नदियों, पर्वतों और वृक्षों जैसे प्राकृतिक संसाधनों की पूजा की जाती है, इसलिए नागरिकों को भी राष्ट्र के आदर्श मूल्योंके प्रति श्रद्धा और कर्तव्यभाव से कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एकता की भावना हमें राष्ट्रीय सूत्र में बांधती है और यही भारत की सबसे बड़ीशक्ति है। राष्ट्रीय एकात्मता एक ऐसी भावनाअपने संबोधन में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी का नाम लेकर कहा कि कई समाचार पत्रों मेंयह बात आई है कि सोनिया गांधी ने भारत की नागरिकता नहीं ली, लेकिन उनका नाम वोटर लिस्ट में आ गया था। यह अच्छा नहीं है। वहीं, उन्होंनेकहा कि देश के विभाजन के समय जो निर्णय हुआ था, उसके विपरीत देश की आजादी के बाद भारत को धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र बनाने की बात कहते हुएकहा गया कि जो यहां रहना चाहता है रह सकता है और जो जाना चाहता है वह जा सकता है। इस दौरान करीब 10 लाख लोग मारे गए। संगोष्ठी मेंवर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ हिंदू अकैडमिशियन के डॉ. नचिकेता तिवारी ने कहा कि हिंदू समाज में अनेक विविधताएं हैं, जिन्हें एक मंच पर लाना आज कीआवश्यकता है। कुलगुरु प्रो. केशव सिंह ठाकुर ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी विविधता में निहित एकात्म चेतना है। उन्होंने कहा किराष्ट्रीय एकात्मता एक ऐसी भावना है जिसमें सभी नागरिक एकता, अखंडता और सौहार्द के साथ रहकर देश को मजबूत बनाते हैं। स्वतंत्रता सेनानियों पर आधारित प्रदर्शनी ने आगंतुकों का ध्यान आकर्षितराज्यपाल के विश्वविद्यालय पहुंचने पर कुलपति प्रो. के.एस. ठाकुर ने उनका स्वागत किया। संगोष्ठी में राष्ट्रीय जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंहआर्य, विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संगठन मंत्री मिलिंद परांडे, देशभर के शिक्षाविद्, चिंतक और युवा शोधार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जनजातीयगौरव, राष्ट्र की संकल्पना और युवाओं की भूमिका पर चर्चा की गई। साथ ही जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों पर आधारित प्रदर्शनी ने आगंतुकों काध्यान आकर्षित किया। गोविंद गुरु जनजाति विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि देश के भीतर औरबाहर दोनों जगह शत्रु हैं, जिनसे सतर्क रहना आवश्यक है। इसी दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी पर सवाल उठाए।
कर्नाटक डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार की अपील, बिहारियों को वोट डालने के लिए दें तीन दिन की सवैतनिक छुट्टी

कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने बंगलूरू के कंपनियों और अन्य नियोक्ताओं से अपील की है कि वे बिहार के रहने वाले अपने कर्मचारियोंको तीन दिन की सवैतनिक छुट्टी दें ताकि वे बिहार जाकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें। बड़ी संख्या में बिहार के लोग बंगलूरू और कर्नाटकके अन्य इलाकों में नौकरी करते हैं। इसे देखते हुए डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने ये अपील की है। मंगलवार को डीके शिवकुमार के कार्यालय कीतरफ से एक बयान जारी किया गया, जिसमें कहा गया कि ‘मैं सभी कंपनियों, व्यवसायिक प्रतिष्ठान मालिकों, होटल, ठेकेदारों, बिल्डर और दुकानदारोंसे अपील करता हूं कि वे अपने यहां काम करने वाले बिहार के लोगों को तीन दिन की सवैतनिक छुट्टी दें, ताकि वे लोग बिहार जाकर विधानसभाचुनाव में वोट दे सकें।’ बिहार में 243 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा। पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को होगा और दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होगा। 14 नवंबर को चुनाव नतीजे घोषित किए जाएंगे। 6 नवंबर को होगा और दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होगाइससे पहले 2 नवंबर को डीके शिवकुमार ने बंगलूरू में रहने वाले बिहारी समुदाय के लोगों से अपील की थी कि वे बिहार चुनाव में महागठबंधन कासमर्थन करें। डीके शिवकुमार ने बिहार मतदाता सूची से हटाए गए लाखों नामों को लेकर भी चिंता जाहिर की। बिहार विधानसभा चुनाव के पहलेचरण का मतदान 6 नवम्बर को 18 जिलों की 121 सीटों पर होगा। आज शाम पांच बजे इन 121 सीटों पर चुनाव प्रचार का शोर थम जाएगा।पहले चरण में पटना, भोजपुर, बक्सर, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, दरभंगा, समस्तीपुर, मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया, बेगूसराय, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा और नालंदा जिले की विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। खासकर तारापुर, अलीनगर, सरायरंजन, मोकामा औरलखीसराय सीटों पर सबकी नजर है। बिहार में 243 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा। पहले चरण कामतदान 6 नवंबर को होगा और दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होगा। 14 नवंबर को चुनाव नतीजे घोषित किए जाएंगे।
भारत की जीत नहीं पचा पाकिस्तान को, महिला टीम के कोच वसीम को पीसीबी ने किया बर्खास्त

पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को भारत को महिला विश्वकप 2025 की ऐतिहासिक जीत शायद रास नहीं आई है, इसलिए उसने अपनी महिला टीम केखिलाफ एक्शन लेना शुरू कर दिया है। दरअसल, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने महिला टीम के कोच मोहम्मद वसीम को पद से बर्खास्त करदिया है। दरअसल, भारत और श्रीलंका की मेजबानी में खेले गए महिला विश्वकप में पाकिस्तान की टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। टीम एकभी मुकाबले में जीत दर्ज नहीं कर पाई थी और आखिरी स्थान पर रहकर अभियान समाप्त किया। पाकिस्तान ने इस साल अप्रैल में लाहौर में हुएक्वालिफायर्स में शीर्ष पर रहते हुए महिला विश्वकप के लिए क्वालिफाई किया था। हालांकि, टूर्नामेंट में फातिमा सना के नेतृत्व में टीम कुछ खासकमाल नहीं दिखा सकी। कोलंबो में खेले सात मुकाबलो में में टीम एक भी मैच जीत नहीं सकी और आखिरी स्थान पर रहकर अपना अभियान समाप्तकिया। सात में से पाकिस्तान को चार मैचों में हार का मुंह देखना पड़ा जबकि तीन मुकाबले बारिश के कारण रद्द हो गए। टीम के मुख्य कोच को ही बर्खास्त कर दियापीसीबी ने कहा कि वसीम का अनुबंध विश्व कप के साथ ही समाप्त हो गया था और बोर्ड ने इसे आगे न बढ़ाने और इसके बजाय एक नया मुख्य कोचनियुक्त करने का फैसला किया है। बता दें कि, पूर्व टेस्ट खिलाड़ी वसीम, जो पुरुष टीम के मुख्य चयनकर्ता भी रह चुके हैं, उन्हें पिछले साल मुख्यकोच नियुक्त किया गया था। उनके कार्यकाल में पाकिस्तान की टीम एशिया कप सेमीफाइनल हार गई और फिर इस वर्ष के शुरू में टी20 विश्व कपके लीग चरण में बाहर हो गई थी। भारत और श्रीलंका की मेजबानी में खेले गए महिला विश्वकप में पाकिस्तान की टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहाथा। टीम एक भी मुकाबले में जीत दर्ज नहीं कर पाई थी और आखिरी स्थान पर रहकर अभियान समाप्त किया। अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बड़ाफैसला लेते हुए टीम के मुख्य कोच को ही बर्खास्त कर दिया।
शिमला नगर निगम में बगावत, मेयर-पार्षदों की गुटबाजी सीएम सुक्खू के सामने आई खुलकर “जानें क्या है पूरा मामला”

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में नगर निगम शिमला के मेयर और पार्षदों की गुटबाजी सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के सामने भीखुलकर सामने आ गई। ओकओवर में बुलाए पार्षदों के साथ हुई चर्चा के बाद अभी तक यह मामला सुलझा नहीं है। सीएम से मिलने के बाद खफापार्षदों ने खलोनी में बैठक कर रणनीति बनाई। पार्षद, मेयर और डिप्टी मेयर का कार्यकाल पांच साल बढ़ाने से नाराज हैं तथा बदलाव चाहते हैं।मुख्यमंत्री के सामने ही सोमवार को मेयर और पार्षद आपस में उलझ पड़े। मजबूरन मुख्यमंत्री को कांग्रेस पार्षदों के साथ अलग कमरे में बैठक करनीपड़ी। मेयर-डिप्टी मेयर का कार्यकाल पांच साल करने से नाराज चल रहे कांग्रेस पार्षदों को शांत करने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी 24 पार्षदों को सुबह10:00 बजे ओकओवर बुलाया था। महापौर सुरेंद्र चौहान और उपमहापौर उमा कौशल समेत कांग्रेस के 23 पार्षद सुबह 10:15 बजे ओकओवरपहुंचे। मुख्यमंत्री करीब 11:00 बजे मेवर और पार्षदों से मिलने आए। इस दौरान शहरी विधायक हरीश जनारथा भी बैठक में मौजूद रहे। जनारथा ने पार्षदों की नाराजगी की बात बताईबैठक शुरू होते ही कांग्रेस महिला पार्षदों ने कहा कि उन्हें मेयर के सामने बात नहीं करनी है। इसमें जिन 13 पार्षदों ने कार्यकाल बढ़ाने फैसले केखिलाफ हस्ताक्षर किए हैं, उनसे अलग से बात की जाए। इस पर मेयर सुरेंद्र चौहान भड़क गए। बोले कि निगम में कोई ग्रुप नहीं है, सब उनके साथहैं। इसलिए यहीं पर सबके सामने बात होगी। इस पर मुख्यमंत्री ने मेयर को फटकार लगा दी। उन्होंने कहा कि सभी पार्षदों को अपनी बात रखने काहक है। मेयर को अपना व्यवहार ठोक रखना चाहिए। इसके बाद 13 पार्षदों को मुख्यमंत्री अलग कमरे में ले गए। बैठक में मौजूद पार्षदों ने दावाकिया कि मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि कैबिनेट की बैठक से ठीक दो दिन पहले शहरी विधायक हरीश जनारथा ने पार्षदों की नाराजगी की बातबताई थी। इसलिए उन्होंने कार्यकाल बढ़ाने के प्रस्ताब को लंबित कर दिया था। हालांकि एक मंत्री ने कहा कि विधानसभा सत्र से पहले अध्यादेशलाना जरूरी है, इसलिए इस पर फैसला लेना पड़ा। यहां आने से किसी को नहीं रोक सकतेमुख्यमंत्री ने जिन 13 पार्षदों से अलग कमरे में बात की इनमें पार्षद कांता सुयाल, सिम्मी नंदा, अतुल गौतम, चमन प्रकाश, उर्मिला कश्यप, अनीताशर्मा, कुलदीप ठाकुर, नरेंद्र ठाकुर, विनीत शर्मा, शांता वर्मा, राम रतन वर्मा, अंकुश वर्मा और उमंग शामिल है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री नेआश्वासन दिया है, लिहाजा कांग्रेस के सभी बागी पंद्रह पार्षद एकजुट हैं। इसके अलावा कांग्रेस के 9 और माकपा का एक पार्षद उनके साथ है। रीस्टरप्रक्रिया के तहत महिलाओं के हक पर काम नहीं हुआ तो अविश्वास प्रस्ताव लाकर चुनौती दी जा सकती है। इस मामले को लेकर शहर में चर्चा कामाहौल गरमाया रहा। मुख्यमंत्री के साथ अलग कमरे में हुई बैठक में पार्षदों ने कहा कि उनके वार्ड में नहीं हो रहे हैं। मेयर के चहेते पार्षदों के बाड़ों मेंकरोड़ों के काम चल रहे हैं। काम पार्षदों ने कहा कि वह बदलाव चाहते हैं। किसी दूसरे पार्षद को मेवर और डिप्टी मेयर पद पर मौका मिलना चाहिए।महिलाओं का जी हक है यह मिलना चाहिए। महापौर दफ्तर जाते हैं तो वहां पर हर समय ठेकेदार बैठे रहते हैं। इस पर सीएम ने महापौर से सवालकिया। महापौर ने कहा कि वह पब्लिक ऑफिस है और वह यहां आने से किसी को नहीं रोक सकते हैं।
महिलाओं की डिजिटल सुरक्षा पर बड़ा कदम, राष्ट्रीय महिला आयोग ने साइबर कानूनों की व्यापक समीक्षा की मांग की

राष्ट्रीय महिला आयोग ने भारत के साइबर कानूनों की व्यापक समीक्षा की मांग की है ताकि महिलाओं की डिजिटल सुरक्षा, गोपनीयता और ऑनलाइनजवाबदेही को मजबूत किया जा सके। आयोग ने अपने कानूनी समीक्षा हेतु अनुशंसात्मक रिपोर्ट 2024-25 में सरकार से ऐसे सशक्त कानूनों कीजरूरत बताई है जो न केवल अपराधियों को दंडित करें बल्कि महिलाओं की गरिमा और डिजिटल स्वतंत्रता की रक्षा भी करें। यह रिपोर्ट कानून एवंन्याय, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी, महिला एवं बाल विकास, और गृह मंत्रालय को सौंपी गई है। रिपोर्ट का उद्देश्य भारत की साइबर कानूनीसंरचना को लैंगिक दृष्टिकोण से पुनर्गठित करना है। वर्षभर चले इस अभियान में देशभर में आठ क्षेत्रीय और दो राष्ट्रीय परामर्श बैठकें आयोजित कीगईं, जिनमें न्यायविदों, तकनीकी विशेषज्ञों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं, पुलिस अधिकारियों और सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। संशोधन की सिफारिश की गईआयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि डिजिटल दुनिया ने महिलाओं के लिए सीखने, रोजगार और अभिव्यक्ति के अनगिनत अवसर खोले हैं, लेकिन साथ ही यह नए प्रकार के खतरे और भय का केंद्र भी बन गई है। उन्होंने कहा कि आयोग ऐसी डिजिटल व्यवस्था चाहता है जहां कानून केवलदंड देने तक सीमित न हों बल्कि महिलाओं की गरिमा और आत्मविश्वास की भी रक्षा करें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि साइबर सुरक्षा अबमहिलाओं के सशक्तिकरण का एक अहम स्तंभ बन चुकी है। रिपोर्ट में 200 से अधिक ठोस सुझाव दिए गए हैं। इसमें सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2002, डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन अधिनियम, 2023, और भारतीय न्याय संहिता, 2023 में संशोधन की सिफारिश की गई है। आयोग नेऑनलाइन उत्पीड़न के मामलों में कड़ी सजा, पीड़ित मुआवजा फंड, निजी डेटा की सुरक्षा, और गैर-सहमति वाले कंटेंट को तुरंत हटाने की व्यवस्था परजोर दिया है। साथ ही, आईटी अधिनियम की धाराओं 66, 66C और 66D के तहत सजा बढ़ाने और धमकी देने वाले मामलों को शामिल करने कीसिफारिश की गई है। महिलाएं डिजिटल माध्यमों में सुरक्षित रह सकेंएनसीडब्ल्यू ने एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) से बनाए गए फर्जी फोटो या वीडियो को भी आईटी नियमों में शामिल करने की बात कही है। आयोग नेऑनलाइन कार्यस्थलों में यौन उत्पीड़न को रोकने के लिए पीओएसएच अधिनियम, 2013 का दायरा बढ़ाने और महिलाओं की अशोभनीय प्रस्तुतिअधिनियम, 1986 में संशोधन की भी सिफारिश की। इसके अलावा, बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर पोक्सो अधिनियम में भी बदलाव कीअनुशंसा की गई है। रिपोर्ट में डिजिटल साक्षरता और समुदाय-आधारित जागरूकता बढ़ाने पर भी बल दिया गया है ताकि महिलाएं डिजिटल माध्यमोंमें सुरक्षित रह सकें। राष्ट्रीय महिला आयोग ने महिलाओं की ऑनलाइन सुरक्षा और गोपनीयता को सशक्त बनाने के लिए भारत के साइबर कानूनों कीसमीक्षा की सिफारिश की है। आयोग की रिपोर्ट में आईटी अधिनियम, डेटा प्रोटेक्शन कानून और न्याय संहिता में बदलाव की मांग भी की गई है।
बिहार चुनाव में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा की हुंकार, ठगबंधन ने रखा लालटेन युग में, एनडीए ने पहुंचाया LED के दौर में

बिहार विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण से पहले सियासी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। इसी क्रम में एनडीए के स्टार प्रचारक और भाजपा केराष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भोजपुर जिले के बड़हरा विधानसभा क्षेत्र के दौलतपुर खेल मैदान में विशाल जनसभा को संबोधित किया। मंच पर पहुंचतेही उन्होंने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा और केंद्र व राज्य सरकार की विकास योजनाओं को जनता के सामने रखा। जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ नेपूरे मैदान को चुनावी जोश से भर दिया। नड्डा ने भाषण की शुरुआत करते हुए कहा कि वह सबसे पहले प्राचीन काली मंदिर और वीर कुंवर सिंह कोनमन करते हैं। उन्होंने कहा कि यह चुनाव बिहार को विकसित राज्य बनाने का निर्णायक अवसर है। बिहार की विकास की गाड़ी 2005 के बाद पटरीपर आई है, अब इसे आगे बढ़ाना है। उन्होंने चेतावनी दी कि 1990 से 2005 तक का दौर अमावस्या की रात था। महागठबंधन पर कटाक्ष करते हुएकहा कि यह ठगबंधन और लठबंधन है जिसने बिहार को लालटेन युग में रखा, जबकि एनडीए ने उसे एलईडी के युग में पहुंचाया। भारत स्टेशन योजना के तहत आधुनिक बन रहेअपने संबोधन में उन्होंने बिहार में हुए बड़े बुनियादी बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले कोईलवर में एक लेन का पुल था, अब छह लेन कापुल है। पहले सड़कें और एक्सप्रेसवे सपना था, आज हर ओर हाइवे, रेलवे और इंटरनेट की रफ्तार है। उन्होंने बताया कि पटना से सासाराम एक्सप्रेसवेऔर मेट्रो परियोजनाएं बिहार के नए युग की पहचान हैं। महिलाओं को लेकर उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद हर महिला को दो लाख रुपये का लाभमिलेगा। स्वास्थ्य योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि 62 करोड़ लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 5 लाख रुपये तक की सहायतादी जा रही है। नड्डा ने कहा कि 20 साल पहले मोबाइल चार्ज करने के लिए दस रुपये देने पड़ते थे, आज हर गांव में बिजली और इंटरनेट है। उन्होंनेबताया कि 8000 से ज्यादा पंचायतों को इंटरनेट से जोड़ा गया है, रेलवे का बजट बिहार के लिए 10 गुना बढ़ा है, 98 रेलवे स्टेशन अमृत भारत स्टेशनयोजना के तहत आधुनिक बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि बिहटा में 1400 करोड़ का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और दरभंगा में 1200 करोड़ का एम्स बनरहा है। नौकरी देंगे, पर देंगे कैसे?अंत में नड्डा ने आरजेडी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, आरजेडी का मतलब है रंगदारी, जंगलराज और दादागिरी। उन्होंने याद दिलाया कि 2003 मेंलालू प्रसाद ने ‘तेल पिलावन, लाठियां भजावन’ रैली निकाली थी। नड्डा ने कहा, जिन लोगों ने नौकरी के बदले जमीन घोटाला किया, वे अब नईपैकिंग में जनता को गुमराह कर रहे हैं। तेजस्वी यादव कहते हैं नौकरी देंगे, पर देंगे कैसे? उनकी राजनीति अब जेल और बेल के बीच सिमट गई है।लालू, राबड़ी, तेजस्वी, मीसा सब बेल पर हैं। जेपी नड्डा ने आरजेडी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, आरजेडी का मतलब है रंगदारी, जंगलराज औरदादागिरी। उन्होंने याद दिलाया कि 2003 में लालू प्रसाद ने ‘तेल पिलावन, लाठियां भजावन’ रैली निकाली थी।
तेजस्वी यादव का बड़ा ऐलान, सरकार बनते ही ‘माई बहिन योजना’ की 30 हजार रुपये एकमुश्त राशि महिलाओं के खाते में

महागठबंधन में मुख्यमंत्री चेहरा घोषित हुए तेजस्वी यादव ने मंगलवार सुबह फिर से बड़ा एलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि अगर महागठबंधन कीसरकार बनती है तो माई बहिन योजना के तहत एक साल की पूरी राशि यानी 30 हजार एकमुश्त महिलाओं के खाते में भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा किसरकार बनने के बाद 14 जनवरी को हमारी सरकार एक साल का पूरा पैसा माता बहनों के खाते में भेज देगी। हमारा विषय बिहार बनाने का है। हमारी सरकार इसे मुफ्त कर देगीतेजस्वी यादव ने कहा कि हम लोगों ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि सरकार बनने के साथ ही जीविका (कम्युनिटी मोबिलाइजर) को स्थाई करेंगे उन्हेंहर महीने 30 हजार रुपये दिया जाएंगे। उन्होंने कहा कि 20 साल से एनडीए सरकार ने किसानों के लिए ध्यान नहीं दिया। गेहूं और धान के लिए, हमधान के एमएसपी के अतिरिक्त 300 रुपये और गेहूं के एमएसपी के अतिरिक्त 400 रुपये देंगे। इसके अलावा किसानों को सिंचाई के लिए बिजलीमुफ्त में देंगे। यानी सिंचाई में बिजली का खर्चा सरकार देगी। अभी राज्य सरकार 55 पैसा प्रति यूनिट लेती है। लेकिन, हमारी सरकार इसे मुफ्त करदेगी। राज्य के व्यापार मंडलों के 8463 पैक्स को जनप्रतिनिधि का दर्जा दिया जाएगा। वोटरों को लुभाने के लिए नया एलान कियाइधर, हर परिवार को नौकरी देने के लिए बजट कहां से लाएंगे? इस सवाल पर तेजस्वी यादव ने कहा कि हमलोगों ने एक्सपर्ट से विचार के बाद हरपरिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का एलान किया है। भाजपा की बातों को छोड़िए। जब नौकरी देंगे तो उन्हें भी पता चल जाएगा कि कुछ भीअसंभव नहीं है। तेजस्वी यादव ने हर चीज को संभव कर दिखाई है। 17 महीने के कार्यकाल में 5 लाख नौकरी दी थी और साढ़े तीन लाख प्रक्रियाधीनकरवाई थी। इस पर भाजपा वाले क्यों नहीं कुछ बोल रहे हैं? राजद नेता तेजस्वी यादव ने पहले चरण के मतदान से दो दिन पहले वोटरों को लुभाने केलिए नया एलान किया है। तेजस्वी ने दावा किया है कि सरकार बनते ही हमलोग इसे लागू करवाएंगे।
पवन सिंह की जुबान फिसली, मदन सहनी की जगह मंच से लगा दिया ‘मुकेश सहनी जिंदाबाद’ का नारा

बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार में दरभंगा के बहादुरपुर विधानसभा क्षेत्र में शनिवार को जनसभा के दौरान एक मजेदार वाकया देखने को मिला।बिहार सरकार के मंत्री और जदयू उम्मीदवार मदन सहनी के समर्थन में पहुंचे भोजपुरी स्टार पवन सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन नेतारालाही स्थित स्कूल परिसर में जनसभा को संबोधित किया। सभा स्थल पर पवन सिंह को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। लोग छतों औरपेड़ों से लेकर बांस के सहारे तक चढ़ गए थे ताकि एक झलक पा सकें। सभा को संबोधित करते हुए पवन सिंह की जुबान फिसल गई। उन्होंने मंच परमौजूद जदयू उम्मीदवार मदन सहनी का हाथ थामते हुए नारा लगाया मुकेश सहनी जिंदाबाद। पीछे से किसी ने उन्हें याद दिलाया कि उम्मीदवार मदनसहनी हैं। पवन सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि तालाब में कूदकर मछली पकड़ने का रील बनाकरबिहार की जनता को प्रभावित नहीं किया जा सकता। यहां सिर्फ पवन सिंह की रील चलेगी। भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज़ हुसैन ने भी राहुल गांधी पर तंजतब पवन सिंह ने मुस्कुराते हुए मंच से माफी मांगी और कहा कि मदन सहनी जिंदाबाद। इसके बाद उन्होंने मदन सहनी को विजय का माला पहनाया।पवन सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि तालाब में कूदकर मछली पकड़ने का रील बनाकर बिहार कीजनता को प्रभावित नहीं किया जा सकता। यहां सिर्फ पवन सिंह की रील चलेगी। उन्होंने अपने फिल्मी अंदाज में मंच पर घूम-घूमकर जनता काउत्साह बढ़ाया। वहीं, भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज़ हुसैन ने भी राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि पानी में कूदकर ड्रामा करने और रील बनाने सेबिहार की जनता प्रभावित नहीं होगी। जनता विकास चाहती है, और वह काम केवल एनडीए सरकार ही कर सकती है। शाहनवाज ने कहा कि बिहारकी जनता 6 नवंबर को विकास और स्थिरता के लिए वोट देगी। उन्होंने लोगों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों को मजबूत करने की अपील की।
छत्तीसगढ़ में हावड़ा रूट पर पैसेंजर और मालगाड़ी की आमने-सामने टक्कर, 6 की मौत, रेस्क्यू जारी

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में लालखदान के पास बड़ा रेल हादसा हुआ है। हावड़ा रूट पर चल रही पैसेंजर ट्रेन और मालगाड़ी के बीच आमने-सामने कीजोरदार टक्कर हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतरने के कारण यात्रियों में दहशत फैल गई। मिलीजानकारी के मुताबिक कई लोगों के मरने की खबर है। रेलवे प्रशासन ने तुरंत रेस्क्यू टीम और मेडिकल यूनिट को मौके पर भेजा है। स्थानीय प्रशासनभी सहायता के लिए पहुंचा। हादसे के कारण पूरे रूट पर ट्रेन परिचालन पूरी तरह ठप हो गया। कई ट्रेनों को रद्द या रूट डायवर्ट कर दिया गया।यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। फिलहाल, रेस्क्यू जारीकोरबा पैसेंजर और मालगाड़ी में टक्कर हुई है। इस हादसे में 6 लोगों की मौत होने की खबर सामने आ रही है। वहीं कई यात्रियों के घायल होने की भीखबर है। मृतकों की संख्या बढ़ भी सकती है। फिलहाल, रेस्क्यू जारी है। मौके पर रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद हैं। हादसे की सूचना मिलतेही घटना स्थल पर लोगों की भारी भीड़ जुटी हुई है। रेलवे प्रशासन ने मेडिकल यूनिट और रेस्क्यू टीम को मौके पर भेजा है। वहीं स्थानीय प्रशासन भीमदद में जुटा हुआ है। इस हादसे की वजह से कई ट्रेनों का परिचालन ठप हो गया है। कई ट्रेन दूसरे रूट से अपने गंतव्य के लिए जा रहे हैं। हादसे काकारण अज्ञात है। रेलवे की टीम मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल कर रही है। यह हादसा बिलासपुर कटनी रेल मार्ग पर हुआ है, जो की सबसेव्यस्ततम मार्ग है जांच पड़ताल के बाद ही स्पष्ट होगा कि इस हादसे की असली वजह क्या है। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में लालखदान के पास बड़ा रेलहादसा हुआ है। हावड़ा रूट पर चल रही पैसेंजर ट्रेन और मालगाड़ी के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्रंप के दावों को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना, कहा भारत‑पाक संघर्ष को व्यापार से रोकने का दावा अब भारत के लिए दर्दनाक

कांग्रेस ने सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया दावे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। दरअसल, ट्रंप ने एक बार फिर एकइंटरव्यू में दावा किया कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान संघर्ष को व्यापार के जरिए रोका था। पार्टी ने कहा कि अमेरिका के साथ होने वाला संभावितव्यापार समझौता अब भारत के लिए एक दर्दनाक अनुभव बन गया है। कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट में कहा, “एक समय कहागया था कि भारत नवंबर 2025 में क्वाड (अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत का समूह) के शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा, लेकिन अब वहनहीं हो रहा है।” उन्होंने आगे कहा, “एक समय यह भी कहा गया था कि अमेरिका के साथ सबसे पहले व्यापार समझौता करने वालों में भारत होगा।वह तथाकथित समझौता अब एक कठिनाई बन गया है, जबकि अमेरिका को निर्यात घट रहे हैं और यहां रोजगार खो रहे हैं।” परमाणु युद्ध होतारमेश ने कहा कि इस बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने 57वीं बार यह दोहराया है कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को अचानक और अप्रत्याशित रूप से कैसे रोका औरइसकी पहली घोषणा वॉशिंगटन से हुई, न कि नई दिल्ली से। कांग्रेस नेता ने ट्रंप का एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें उन्होंने दावा किया किउन्होंने व्यापार और शुल्क का उपयोग करके भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष को रोका। ट्रंप ने अमेरिकी टीवी नेटवर्क को दिए साक्षात्कार में कहा, “अगर व्यापार और शुल्क नहीं होते, तो मैं यह समझौते नहीं करा पाता। उदाहरण के लिए, भारत हमारे साथ बहुत व्यापार करता है। वे पाकिस्तान केसाथ परमाणु युद्ध करने वाले थे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने हाल ही में कहा कि अगर डोनाल्ड ट्रंप शामिल नहीं होते, तो आज लाखों लोग मारेजाते।”उन्होंने कहा, “वह बहुत बुरा युद्ध होने वाला था। मैंने दोनों देशों से कहा कि अगर उन्होंने जल्दी कोई समझौता नहीं किया, तो वे अमेरिका के साथव्यापार नहीं कर पाएंगे। और उन्होंने समझौता किया, युद्ध रुक गया। वह परमाणु युद्ध होता।” दावा करते आ रहेकांग्रेस ने पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा था कि स्वयंभू 56 इंच का सीना अब पूरी तरह सिमट चुका है और उजागर हो गयाहै। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगभग हर दूसरे द्विपक्षीय या वैश्विक सम्मेलन में भारत-पाकिस्तान के साथ-साथ कई और देशों के विवादों को खत्मकराने का दावा करते आ रहे हैं। सितंबर में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में विश्व नेताओं को संबोधित करते हुए दावा किया था कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान संघर्षको रोका था। भारत ने हमेशा यह रुख रखा है कि पाकिस्तान के साथ संघर्ष विराम की समझ दोनों सेनाओं के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्रीऑपरेशंस (डीजीएमओ) के बीच सीधे संवाद से बनी थी। कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट में कहा, “एक समय कहा गया था किभारत नवंबर 2025 में क्वाड (अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत का समूह) के शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा, लेकिन अब वह नहीं हो रहाहै।”