मोकामा चुनावी संग्राम में घिरे ललन सिंह वायरल वीडियो पर बोले “पूरा वीडियो देखें, सच सामने आ जाएगा” राजद पर लगाया भ्रामक वीडियो फैलाने का आरोप

मोकामा विधानसभा में जनता दल यूनाईटेड के लिए चुनाव प्रचार के दौरान एक बयान को लेकर विवादों में घिरे केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फललन सिंह ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर स्पष्ट कहा कि अगर पूरा वीडियो सुन लेते तो पूरी बातसमझ में आ जाती। जिस वायरल वीडियो के कारण ललन सिंह पर प्राथमिकी दर्ज की गई, उसके बारे में सवाल पूछने पर ललन सिंह ने कहा कि वहवीडियो का सिर्फ एक हिस्सा है, पूरा वीडियो नहीं है। लोगों को पूरा वीडियो देखना चाहिए। अगर एफआईआर दर्ज हुई है, तो पूरे वीडियो की जांचहोगी। मुझसे सवाल पूछे जाएंगे और मैं जवाब दूंगा। पूरी घटना रिकॉर्डेड है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय जनता दल के लोग आदतन वीडियो काएक टुकड़ा निकालकर वायरल करते हैं। सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हैं और लोगों को गुमराह करते हैं। वोटरों की रक्षा और हौसला नहीं बढ़ाएंगे?ललन सिंह ने आगे कहा कि अगर कोई पूरा वीडियो देखेगा तो उसे समझ आएगा कि राष्ट्रीय जनता दल का यह पोस्ट भ्रामक है। जिस गांव का यहवीडियो सामने आया है, वहां एक राजद नेता रहता है। वह लोगों को डराता-धमकाता है ताकि लोग वोट देने न जाएं। मैंने कहा था कि अगर कोई नेतागरीबों को डराता है, तो गांव के लोग ऐसे नेताओं को घेरकर बंद कर दें। अगर वे वोट देने जाना चाहते हैं, तो उन्हें बूथ तक ले जाएं और मतदान के बादउनके घरों में ही रहने को कहें। कोई भी गरीबों को डराकर उनका वोट नहीं छीन सकता। यही मेरा पूरा बयान था जो शिवनार की रैली में दिया गयाथा। उन्होंने आगे कि उसी दिन मोकामा के चुनाव कार्यालय में मैंने कार्यकर्ताओं से कहा था कि मोकामा नगर परिषद के वार्ड नंबर 15 से 27 में लोगगरीबों को वोट के लिए धमका रहे हैं। गरीब हमारे वोटर हैं, नीतीश कुमार के वोटर हैं। क्या हम अपने वोटरों की रक्षा और हौसला नहीं बढ़ाएंगे? नीतीश कुमार के शासन में कानून का राज है। हम सभी कानून का सम्मान करते हैं। इसलिए अगर चुनाव आयोग के निर्देश पर मेरे खिलाफएफआईआर दर्ज की गई है, तो मैं उसका सम्मान करता हूं। सम्राट चौधरी पर केस दर्ज किया गयाबता दें कि दुलारचंद यादव हत्याकांड में आरोपी जदयू प्रत्याशी अनंत सिंह के जेल जाने के बाद केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने खुद ही मोर्चा संभाल लियाहै। वह सोमवार शाम खुली जीप में सवार होकर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के साथ चुनाव प्रचार के लिए निकले। यह रोड शो बहरपुर, मोर, शिवनारसे थाना चौक होते हुए तिराहा चौक तक पहुंचा। दोनों नेताओं ने एनडीए प्रत्याशी अनंत सिंह को जिताने की अपील की। वहीं ललल सिंह ने कहा किआप लोगों अनंत सिंह के लिए खुद से कमान संभाल लें। उनके लिए आप ही चुनाव प्रचार करें। हालांकि, इस रोड शो के बाद भी ललन सिंह औरसम्राट चौधरी पर केस दर्ज किया गया था। इसके बाद मंगलवार को ललन सिंह का एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें वह कह रहे हैं कि वोटिंग के दिनएक नेता को घर में पैक कर दिया जाएगा। इस बयान को आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए पटना जिला प्रशासन ने वीडियो निगरानी टीम कीरिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज की थी।
भारतीय मूल की गजाला हाशमी वर्जीनिया की पहली मुस्लिम और दक्षिण एशियाई लेफ्टिनेंट गवर्नर बनीं, अमेरिकी राजनीति में भारतीय अमेरिकी समुदाय का ऐतिहासिक मील का पत्थर

अमेरिका के वर्जीनिया प्रांत में भारतीय मूल की गजाला हाशमी लेफ्टिनेंट गवर्नर चुनी गई हैं। राज्य के इस शीर्ष पद पर पहुंचने वाली गजाला हाशमीपहले मुस्लिम और दक्षिण एशियाई मूल की महिला हैं। 61 वर्षीय डेमोक्रेट नेता गजाला हाशमी ने लेफ्टिनेंट गवर्नर पद के चुनाव में रिपबल्किन पार्टीके नेता जॉन रीड को हराया। वर्जीनिया में मंगलवार को मतदान हुआ था। अमेरिका की राजनीति में भारतीय मूल के लोगों की बढ़ती हिस्सेदारी का हीनतीजा है कि साल 2025 में हो रहे चुनाव में अमेरिका में अहम पदों पर 30 से ज्यादा भारतीय अमेरिकी और दक्षिण एशियाई उम्मीदवार चुनाव लड़रहे हैं। गजाला हाशमी एक शिक्षक रही हैं और समावेशी मूल्यों और सामाजिक न्याय की पैरोकार हैं। गजाला हाशमी ने सार्वजनिक शिक्षा, वोटिंगअधिकार और लोकतंत्र की सुरक्षा, बंदूक हिंसा की रोकथाम, पर्यावरण, आवास और किफायती स्वास्थ्य सेवा जैसे मुद्दों को अपनी प्राथमिकताबताया। लोकतंत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षणसामुदायिक संगठन ‘द इंडियन अमेरिकन इम्पैक्ट फंड’ ने वर्जीनिया के लेफ्टिनेंट गवर्नर के लिए आम चुनाव में हाशमी की ऐतिहासिक जीत पर उन्हेंबधाई दी। इम्पैक्ट ने कहा कि उसने हाशमी के अभियान में 175,000 अमेरिकी डॉलर का निवेश किया था ताकि मतदाताओं को एकजुट किया जासके और सरकार के हर स्तर पर प्रतिनिधित्व को मजबूत किया जा सके। इंडियन अमेरिकन इम्पैक्ट फंड के कार्यकारी निदेशक चिंतन पटेल ने हाशमीकी जीत को समुदाय और लोकतंत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताया। रेनॉल्ड्स कम्युनिटी कॉलेज में बतौर प्रोफेसर पढ़ायाहाशमी पहली बार नवंबर 2019 में वर्जीनिया सीनेट के लिए चुनी गई थीं। हाशमी चार साल की थीं जब वह अपनी मां और बड़े भाई के साथ भारत सेअमेरिका आईं और जॉर्जिया में अपने पिता के साथ रहने लगीं, जहां उनके पिता इंटरनेशनल रिलेशन्स में PhD कर रहे थे और बतौर शिक्षक अपनाकरियर शुरू कर रहे थे। गजाला हाशमी हाई स्कूल क्लास में टॉपर रहीं और उन्हें कई फुल स्कॉलरशिप और फेलोशिप मिलीं। हाशमी ने जॉर्जिया सदर्नयूनिवर्सिटी से ऑनर्स के साथ BA और अटलांटा में एमोरी यूनिवर्सिटी से अमेरिकन लिटरेचर में PhD की डिग्री हासिल की। हाशमी और उनके पतिअजहर साल 1991 में शादी के बाद वर्जीनिया के रिचमंड में बस गए। गजाला हाशमी ने करीब 30 साल तक पहले यूनिवर्सिटी ऑफ रिचमंड में औरफिर रेनॉल्ड्स कम्युनिटी कॉलेज में बतौर प्रोफेसर पढ़ाया।
ISRO और NASA का संयुक्त उपग्रह ‘निसार’ शुक्रवार से ऑपरेशनल, हर 12 दिन में पृथ्वी का विस्तृत अवलोकन संभव

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख वी नारायणन ने बुधवार को कहा कि नासा और इसरो मिलकर तैयार किया गया उपग्रह ‘निसार’ को इस शुक्रवार से आधिकारिक तौर पर काम करना शुरू कर देगा, यानी यह ऑपरेशनल हो जाएगा। नासा-इसरो सिंथेटिक अपर्चर रडार (निसार) अबतक का सबसे महंगा ‘पृथ्वी अवलोकन उपग्रह’ माना जा रहा है। इसमें यह क्षमता है कि यह हर 12 दिनों में दो बार पृथ्वी की ज्यादातर भूमि और बर्फसे ढकी सतहों की निगरानी कर सकता है। 2,400 किलोग्राम वजनी निसार उपग्रह को 30 जुलाई को श्रीहरिकोटा स्थित इसरो के सतीश धवनअंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) से जीएसएलवी रॉकेट के जरिये लॉन्च किया गया था। नमी का अध्ययन करने में सक्षमनारायणन ने कहा, डाटा की पूरी जांच हो चुकी है और सात नवंबर को हम एक कॉन्क्लेव में इस उपग्रह को औपचारिक रूप से ‘ऑपरेशनल’ घोषितकरेंगे। ‘एमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव (ईएसटीआईसी)’ में उन्होंने यह जानकारी साझा की। निसार मिशन ऐसा पहला मिशन हैजो दो एसएआर प्रणाली (एल-बैंड और एस-बैंड सेंसर) को एक साथ ले जा रहा है। एल-बैंड रडार घने जंगलों की छतरी के आर-पार डाटा एकत्र करसकता है और इससे मिट्टी में नमी, घनी वनस्पति (फॉरेस्ट बायोमास) और जमीन व बर्फ की सतहों की गति मापी जा सकती है। वहीं एस-बैंड रडारछोटे पौधों और घास के इलाकों की स्थिति को बेहतर ढंग से पकड़ सकता है। यह कृषि भूमि, घास वाले पारिस्थितिक तंत्र और बर्फ में नमी काअध्ययन करने में सक्षम है। दोनों रडार प्रणाली बादलों और बारिश के बीच दिन-रात किसी भी समय डाटा एकत्र कर सकते हैं। भारत के अंतरिक्ष यात्रियों को स्वदेशी रॉकेट से अंतरिक्ष में भेजा जाएनारायणन ने कहा, अब तक मिला सभी डाटा बेहतरीन हैं। हर 12 दिन में पृथ्वी को स्कैन किया जा सकता है। यह उपग्रह बेहद उपयोगी साबित होगा।इसरो प्रमुख ने आगे बताया कि गगनयान मिशन का पहला मानव रहित परीक्षण जनवरी में किया जाएगा। इसरो का लक्ष्य है कि 2027 तक भारत केअंतरिक्ष यात्रियों को स्वदेशी रॉकेट से अंतरिक्ष में भेजा जाए। उन्होंने बताया कि इस मिशन के लिए अब तक 8,000 से ज्यादा परीक्षण किए जा चुकेहैं। इसरो पहले तीन मानव रहित उड़ानें संचालित करेगा, उसके बाद अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी की कक्षा में भेजा जाएगा।नारायणन ने यह भी कहा कि भारत 2028 तक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन का पहला मॉड्यूल लॉन्च करने की योजना बना रहा है और 2035 तक इसकेपांचों मॉड्यूल पूरी तरह संचालित कर दिए जाएंगे। यह भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन 52 टन का होगा, जिसमें तीन से चार अंतरिक्ष यात्री लंबे समय तकऔर छह सदस्य तक कम अवधि के मिशनों के लिए रह सकेंगे।
एक-एक कर खत्म करेंगे उन ओसामाओं को, हिमंत सरमा का ओसामा शहाब पर तंज “जानें क्या कुछ कहा”

बिहार में पहले चरण के मतदान के लिए चुनाव प्रचार का आज आखिरी दिन है। यही वजह है कि सभी राजनीतिक पार्टियों ने प्रचार में पूरी ताकतझोंक दी हैं। असम सीएम और भाजपा के स्टार प्रचारक हिमंत बिस्व सरमा ने भी सीवान में गठबंधन प्रत्याशी के समर्थन में रघुनाथपुर में एक जनसभाको संबोधित करते हुए कुछ ऐसा कह दिया, जिस पर हंगामा हो सकता है। दरअसल हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि राज्य में जितने भी ओसामा बिनलादेन हैं, उन सभी को खत्म करना होगा। असम सीएम ने अपने इस बयान से राजद प्रत्याशी और बाहुबली शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब परनिशाना साधा। वर्चस्व नहीं मान्य होगाअसम सीएम ने कहा कि ‘मेरे रघुनाथपुर आने से पहले, मुझे लगता था कि मुझे यहां भगवान राम, भगवान लक्ष्मण और माता सीता दिखाई देंगी, लेकिन मुझे बताया गया कि यहां कई राम, लक्ष्मण और सीता हैं, लेकिन यहां एक ओसामा भी है। मैंने पूछा कि ओसामा कौन है? ये ओसामा भी पूर्वके ओसामा बिन लादेन जैसा है। हमें ये सुनिश्चित करना होगा कि राज्य में एक भी ओसामा बिन लादेन न रहे। ओसामा का पिता शहाबुद्दीन था।’ असमसीएम ने राजद प्रत्याशी ओसामा शहाब का नाम लिए बिना उनकी तुलना ओसामा बिन लादेन से कर दी। सीएम सरमा ने कहा कि, ‘इस देश के जितनेभी ओसामा हैं, सबको एक-एक करके खत्म करना है।’ उन्होंने कहा कि यह देश राम-सीता का देश है और कभी भी ओसामा बिन लादेन जैसा किसीका वर्चस्व नहीं मान्य होगा। देश राम-सीता का देशसीवान की रघुनाथपुर सीट से ओसामा शहाब राजद के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं। जन सुराज पार्टी के टिकट पर राहुल कीर्ति चुनाव लड़ रहे हैं औरजदयू ने यहां विकास कुमार सिंह को टिकट दिया है। रघुनाथपुर को ओसामा के पिता और बाहुबली रहे शहाबुद्दीन का गढ़ माना जाता है। ओसामा केखिलाफ भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। राजद द्वारा ओसामा को टिकट देने पर भी खूब विवाद हुआ और आलोचक राजद के फैसले पर सवाल उठा रहेहैं। सीएम सरमा ने कहा कि, ‘इस देश के जितने भी ओसामा हैं, सबको एक-एक करके खत्म करना है।’ उन्होंने कहा कि यह देश राम-सीता का देश हैऔर कभी भी ओसामा बिन लादेन जैसा किसी का वर्चस्व नहीं मान्य होगा।
देश सुरक्षित तो नागरिक सुरक्षित, राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे का बड़ा बयान, सोनिया गांधी पर निशाना कहा, नागरिकता नहीं ली फिर भी नाम वोटर लिस्ट में

राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि देश सुरक्षित रहेगा तो ही नागरिक सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने आगाह किया कि आज भारत को न केवलबाहरी बल्कि भीतरी शत्रुओं से भी सावधान रहने की आवश्यकता है। राज्यपाल मंगलवार को गोविंद गुरु जनजाति विश्वविद्यालय में आयोजित ‘राष्ट्रीयएकात्मकता’ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जब शासन और जनता दोनों सुरक्षित हाथों में होतेहैं तो देश विकास की दिशा में अग्रसर होता है। हर नागरिक में राष्ट्र के प्रति सद्भाव और जिम्मेदारी की भावना होनी चाहिए। बागडे ने कहा कि भारतविश्व का एकमात्र देश है जहां नदियों, पर्वतों और वृक्षों जैसे प्राकृतिक संसाधनों की पूजा की जाती है, इसलिए नागरिकों को भी राष्ट्र के आदर्श मूल्योंके प्रति श्रद्धा और कर्तव्यभाव से कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एकता की भावना हमें राष्ट्रीय सूत्र में बांधती है और यही भारत की सबसे बड़ीशक्ति है। राष्ट्रीय एकात्मता एक ऐसी भावनाअपने संबोधन में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी का नाम लेकर कहा कि कई समाचार पत्रों मेंयह बात आई है कि सोनिया गांधी ने भारत की नागरिकता नहीं ली, लेकिन उनका नाम वोटर लिस्ट में आ गया था। यह अच्छा नहीं है। वहीं, उन्होंनेकहा कि देश के विभाजन के समय जो निर्णय हुआ था, उसके विपरीत देश की आजादी के बाद भारत को धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र बनाने की बात कहते हुएकहा गया कि जो यहां रहना चाहता है रह सकता है और जो जाना चाहता है वह जा सकता है। इस दौरान करीब 10 लाख लोग मारे गए। संगोष्ठी मेंवर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ हिंदू अकैडमिशियन के डॉ. नचिकेता तिवारी ने कहा कि हिंदू समाज में अनेक विविधताएं हैं, जिन्हें एक मंच पर लाना आज कीआवश्यकता है। कुलगुरु प्रो. केशव सिंह ठाकुर ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी विविधता में निहित एकात्म चेतना है। उन्होंने कहा किराष्ट्रीय एकात्मता एक ऐसी भावना है जिसमें सभी नागरिक एकता, अखंडता और सौहार्द के साथ रहकर देश को मजबूत बनाते हैं। स्वतंत्रता सेनानियों पर आधारित प्रदर्शनी ने आगंतुकों का ध्यान आकर्षितराज्यपाल के विश्वविद्यालय पहुंचने पर कुलपति प्रो. के.एस. ठाकुर ने उनका स्वागत किया। संगोष्ठी में राष्ट्रीय जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंहआर्य, विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संगठन मंत्री मिलिंद परांडे, देशभर के शिक्षाविद्, चिंतक और युवा शोधार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जनजातीयगौरव, राष्ट्र की संकल्पना और युवाओं की भूमिका पर चर्चा की गई। साथ ही जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों पर आधारित प्रदर्शनी ने आगंतुकों काध्यान आकर्षित किया। गोविंद गुरु जनजाति विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि देश के भीतर औरबाहर दोनों जगह शत्रु हैं, जिनसे सतर्क रहना आवश्यक है। इसी दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी पर सवाल उठाए।
कर्नाटक डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार की अपील, बिहारियों को वोट डालने के लिए दें तीन दिन की सवैतनिक छुट्टी

कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने बंगलूरू के कंपनियों और अन्य नियोक्ताओं से अपील की है कि वे बिहार के रहने वाले अपने कर्मचारियोंको तीन दिन की सवैतनिक छुट्टी दें ताकि वे बिहार जाकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें। बड़ी संख्या में बिहार के लोग बंगलूरू और कर्नाटकके अन्य इलाकों में नौकरी करते हैं। इसे देखते हुए डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने ये अपील की है। मंगलवार को डीके शिवकुमार के कार्यालय कीतरफ से एक बयान जारी किया गया, जिसमें कहा गया कि ‘मैं सभी कंपनियों, व्यवसायिक प्रतिष्ठान मालिकों, होटल, ठेकेदारों, बिल्डर और दुकानदारोंसे अपील करता हूं कि वे अपने यहां काम करने वाले बिहार के लोगों को तीन दिन की सवैतनिक छुट्टी दें, ताकि वे लोग बिहार जाकर विधानसभाचुनाव में वोट दे सकें।’ बिहार में 243 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा। पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को होगा और दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होगा। 14 नवंबर को चुनाव नतीजे घोषित किए जाएंगे। 6 नवंबर को होगा और दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होगाइससे पहले 2 नवंबर को डीके शिवकुमार ने बंगलूरू में रहने वाले बिहारी समुदाय के लोगों से अपील की थी कि वे बिहार चुनाव में महागठबंधन कासमर्थन करें। डीके शिवकुमार ने बिहार मतदाता सूची से हटाए गए लाखों नामों को लेकर भी चिंता जाहिर की। बिहार विधानसभा चुनाव के पहलेचरण का मतदान 6 नवम्बर को 18 जिलों की 121 सीटों पर होगा। आज शाम पांच बजे इन 121 सीटों पर चुनाव प्रचार का शोर थम जाएगा।पहले चरण में पटना, भोजपुर, बक्सर, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, दरभंगा, समस्तीपुर, मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया, बेगूसराय, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा और नालंदा जिले की विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। खासकर तारापुर, अलीनगर, सरायरंजन, मोकामा औरलखीसराय सीटों पर सबकी नजर है। बिहार में 243 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा। पहले चरण कामतदान 6 नवंबर को होगा और दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होगा। 14 नवंबर को चुनाव नतीजे घोषित किए जाएंगे।
भारत की जीत नहीं पचा पाकिस्तान को, महिला टीम के कोच वसीम को पीसीबी ने किया बर्खास्त

पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को भारत को महिला विश्वकप 2025 की ऐतिहासिक जीत शायद रास नहीं आई है, इसलिए उसने अपनी महिला टीम केखिलाफ एक्शन लेना शुरू कर दिया है। दरअसल, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने महिला टीम के कोच मोहम्मद वसीम को पद से बर्खास्त करदिया है। दरअसल, भारत और श्रीलंका की मेजबानी में खेले गए महिला विश्वकप में पाकिस्तान की टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। टीम एकभी मुकाबले में जीत दर्ज नहीं कर पाई थी और आखिरी स्थान पर रहकर अभियान समाप्त किया। पाकिस्तान ने इस साल अप्रैल में लाहौर में हुएक्वालिफायर्स में शीर्ष पर रहते हुए महिला विश्वकप के लिए क्वालिफाई किया था। हालांकि, टूर्नामेंट में फातिमा सना के नेतृत्व में टीम कुछ खासकमाल नहीं दिखा सकी। कोलंबो में खेले सात मुकाबलो में में टीम एक भी मैच जीत नहीं सकी और आखिरी स्थान पर रहकर अपना अभियान समाप्तकिया। सात में से पाकिस्तान को चार मैचों में हार का मुंह देखना पड़ा जबकि तीन मुकाबले बारिश के कारण रद्द हो गए। टीम के मुख्य कोच को ही बर्खास्त कर दियापीसीबी ने कहा कि वसीम का अनुबंध विश्व कप के साथ ही समाप्त हो गया था और बोर्ड ने इसे आगे न बढ़ाने और इसके बजाय एक नया मुख्य कोचनियुक्त करने का फैसला किया है। बता दें कि, पूर्व टेस्ट खिलाड़ी वसीम, जो पुरुष टीम के मुख्य चयनकर्ता भी रह चुके हैं, उन्हें पिछले साल मुख्यकोच नियुक्त किया गया था। उनके कार्यकाल में पाकिस्तान की टीम एशिया कप सेमीफाइनल हार गई और फिर इस वर्ष के शुरू में टी20 विश्व कपके लीग चरण में बाहर हो गई थी। भारत और श्रीलंका की मेजबानी में खेले गए महिला विश्वकप में पाकिस्तान की टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहाथा। टीम एक भी मुकाबले में जीत दर्ज नहीं कर पाई थी और आखिरी स्थान पर रहकर अभियान समाप्त किया। अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बड़ाफैसला लेते हुए टीम के मुख्य कोच को ही बर्खास्त कर दिया।
शिमला नगर निगम में बगावत, मेयर-पार्षदों की गुटबाजी सीएम सुक्खू के सामने आई खुलकर “जानें क्या है पूरा मामला”

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में नगर निगम शिमला के मेयर और पार्षदों की गुटबाजी सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के सामने भीखुलकर सामने आ गई। ओकओवर में बुलाए पार्षदों के साथ हुई चर्चा के बाद अभी तक यह मामला सुलझा नहीं है। सीएम से मिलने के बाद खफापार्षदों ने खलोनी में बैठक कर रणनीति बनाई। पार्षद, मेयर और डिप्टी मेयर का कार्यकाल पांच साल बढ़ाने से नाराज हैं तथा बदलाव चाहते हैं।मुख्यमंत्री के सामने ही सोमवार को मेयर और पार्षद आपस में उलझ पड़े। मजबूरन मुख्यमंत्री को कांग्रेस पार्षदों के साथ अलग कमरे में बैठक करनीपड़ी। मेयर-डिप्टी मेयर का कार्यकाल पांच साल करने से नाराज चल रहे कांग्रेस पार्षदों को शांत करने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी 24 पार्षदों को सुबह10:00 बजे ओकओवर बुलाया था। महापौर सुरेंद्र चौहान और उपमहापौर उमा कौशल समेत कांग्रेस के 23 पार्षद सुबह 10:15 बजे ओकओवरपहुंचे। मुख्यमंत्री करीब 11:00 बजे मेवर और पार्षदों से मिलने आए। इस दौरान शहरी विधायक हरीश जनारथा भी बैठक में मौजूद रहे। जनारथा ने पार्षदों की नाराजगी की बात बताईबैठक शुरू होते ही कांग्रेस महिला पार्षदों ने कहा कि उन्हें मेयर के सामने बात नहीं करनी है। इसमें जिन 13 पार्षदों ने कार्यकाल बढ़ाने फैसले केखिलाफ हस्ताक्षर किए हैं, उनसे अलग से बात की जाए। इस पर मेयर सुरेंद्र चौहान भड़क गए। बोले कि निगम में कोई ग्रुप नहीं है, सब उनके साथहैं। इसलिए यहीं पर सबके सामने बात होगी। इस पर मुख्यमंत्री ने मेयर को फटकार लगा दी। उन्होंने कहा कि सभी पार्षदों को अपनी बात रखने काहक है। मेयर को अपना व्यवहार ठोक रखना चाहिए। इसके बाद 13 पार्षदों को मुख्यमंत्री अलग कमरे में ले गए। बैठक में मौजूद पार्षदों ने दावाकिया कि मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि कैबिनेट की बैठक से ठीक दो दिन पहले शहरी विधायक हरीश जनारथा ने पार्षदों की नाराजगी की बातबताई थी। इसलिए उन्होंने कार्यकाल बढ़ाने के प्रस्ताब को लंबित कर दिया था। हालांकि एक मंत्री ने कहा कि विधानसभा सत्र से पहले अध्यादेशलाना जरूरी है, इसलिए इस पर फैसला लेना पड़ा। यहां आने से किसी को नहीं रोक सकतेमुख्यमंत्री ने जिन 13 पार्षदों से अलग कमरे में बात की इनमें पार्षद कांता सुयाल, सिम्मी नंदा, अतुल गौतम, चमन प्रकाश, उर्मिला कश्यप, अनीताशर्मा, कुलदीप ठाकुर, नरेंद्र ठाकुर, विनीत शर्मा, शांता वर्मा, राम रतन वर्मा, अंकुश वर्मा और उमंग शामिल है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री नेआश्वासन दिया है, लिहाजा कांग्रेस के सभी बागी पंद्रह पार्षद एकजुट हैं। इसके अलावा कांग्रेस के 9 और माकपा का एक पार्षद उनके साथ है। रीस्टरप्रक्रिया के तहत महिलाओं के हक पर काम नहीं हुआ तो अविश्वास प्रस्ताव लाकर चुनौती दी जा सकती है। इस मामले को लेकर शहर में चर्चा कामाहौल गरमाया रहा। मुख्यमंत्री के साथ अलग कमरे में हुई बैठक में पार्षदों ने कहा कि उनके वार्ड में नहीं हो रहे हैं। मेयर के चहेते पार्षदों के बाड़ों मेंकरोड़ों के काम चल रहे हैं। काम पार्षदों ने कहा कि वह बदलाव चाहते हैं। किसी दूसरे पार्षद को मेवर और डिप्टी मेयर पद पर मौका मिलना चाहिए।महिलाओं का जी हक है यह मिलना चाहिए। महापौर दफ्तर जाते हैं तो वहां पर हर समय ठेकेदार बैठे रहते हैं। इस पर सीएम ने महापौर से सवालकिया। महापौर ने कहा कि वह पब्लिक ऑफिस है और वह यहां आने से किसी को नहीं रोक सकते हैं।
महिलाओं की डिजिटल सुरक्षा पर बड़ा कदम, राष्ट्रीय महिला आयोग ने साइबर कानूनों की व्यापक समीक्षा की मांग की

राष्ट्रीय महिला आयोग ने भारत के साइबर कानूनों की व्यापक समीक्षा की मांग की है ताकि महिलाओं की डिजिटल सुरक्षा, गोपनीयता और ऑनलाइनजवाबदेही को मजबूत किया जा सके। आयोग ने अपने कानूनी समीक्षा हेतु अनुशंसात्मक रिपोर्ट 2024-25 में सरकार से ऐसे सशक्त कानूनों कीजरूरत बताई है जो न केवल अपराधियों को दंडित करें बल्कि महिलाओं की गरिमा और डिजिटल स्वतंत्रता की रक्षा भी करें। यह रिपोर्ट कानून एवंन्याय, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी, महिला एवं बाल विकास, और गृह मंत्रालय को सौंपी गई है। रिपोर्ट का उद्देश्य भारत की साइबर कानूनीसंरचना को लैंगिक दृष्टिकोण से पुनर्गठित करना है। वर्षभर चले इस अभियान में देशभर में आठ क्षेत्रीय और दो राष्ट्रीय परामर्श बैठकें आयोजित कीगईं, जिनमें न्यायविदों, तकनीकी विशेषज्ञों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं, पुलिस अधिकारियों और सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। संशोधन की सिफारिश की गईआयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि डिजिटल दुनिया ने महिलाओं के लिए सीखने, रोजगार और अभिव्यक्ति के अनगिनत अवसर खोले हैं, लेकिन साथ ही यह नए प्रकार के खतरे और भय का केंद्र भी बन गई है। उन्होंने कहा कि आयोग ऐसी डिजिटल व्यवस्था चाहता है जहां कानून केवलदंड देने तक सीमित न हों बल्कि महिलाओं की गरिमा और आत्मविश्वास की भी रक्षा करें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि साइबर सुरक्षा अबमहिलाओं के सशक्तिकरण का एक अहम स्तंभ बन चुकी है। रिपोर्ट में 200 से अधिक ठोस सुझाव दिए गए हैं। इसमें सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2002, डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन अधिनियम, 2023, और भारतीय न्याय संहिता, 2023 में संशोधन की सिफारिश की गई है। आयोग नेऑनलाइन उत्पीड़न के मामलों में कड़ी सजा, पीड़ित मुआवजा फंड, निजी डेटा की सुरक्षा, और गैर-सहमति वाले कंटेंट को तुरंत हटाने की व्यवस्था परजोर दिया है। साथ ही, आईटी अधिनियम की धाराओं 66, 66C और 66D के तहत सजा बढ़ाने और धमकी देने वाले मामलों को शामिल करने कीसिफारिश की गई है। महिलाएं डिजिटल माध्यमों में सुरक्षित रह सकेंएनसीडब्ल्यू ने एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) से बनाए गए फर्जी फोटो या वीडियो को भी आईटी नियमों में शामिल करने की बात कही है। आयोग नेऑनलाइन कार्यस्थलों में यौन उत्पीड़न को रोकने के लिए पीओएसएच अधिनियम, 2013 का दायरा बढ़ाने और महिलाओं की अशोभनीय प्रस्तुतिअधिनियम, 1986 में संशोधन की भी सिफारिश की। इसके अलावा, बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर पोक्सो अधिनियम में भी बदलाव कीअनुशंसा की गई है। रिपोर्ट में डिजिटल साक्षरता और समुदाय-आधारित जागरूकता बढ़ाने पर भी बल दिया गया है ताकि महिलाएं डिजिटल माध्यमोंमें सुरक्षित रह सकें। राष्ट्रीय महिला आयोग ने महिलाओं की ऑनलाइन सुरक्षा और गोपनीयता को सशक्त बनाने के लिए भारत के साइबर कानूनों कीसमीक्षा की सिफारिश की है। आयोग की रिपोर्ट में आईटी अधिनियम, डेटा प्रोटेक्शन कानून और न्याय संहिता में बदलाव की मांग भी की गई है।
बिहार चुनाव में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा की हुंकार, ठगबंधन ने रखा लालटेन युग में, एनडीए ने पहुंचाया LED के दौर में

बिहार विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण से पहले सियासी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। इसी क्रम में एनडीए के स्टार प्रचारक और भाजपा केराष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भोजपुर जिले के बड़हरा विधानसभा क्षेत्र के दौलतपुर खेल मैदान में विशाल जनसभा को संबोधित किया। मंच पर पहुंचतेही उन्होंने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा और केंद्र व राज्य सरकार की विकास योजनाओं को जनता के सामने रखा। जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ नेपूरे मैदान को चुनावी जोश से भर दिया। नड्डा ने भाषण की शुरुआत करते हुए कहा कि वह सबसे पहले प्राचीन काली मंदिर और वीर कुंवर सिंह कोनमन करते हैं। उन्होंने कहा कि यह चुनाव बिहार को विकसित राज्य बनाने का निर्णायक अवसर है। बिहार की विकास की गाड़ी 2005 के बाद पटरीपर आई है, अब इसे आगे बढ़ाना है। उन्होंने चेतावनी दी कि 1990 से 2005 तक का दौर अमावस्या की रात था। महागठबंधन पर कटाक्ष करते हुएकहा कि यह ठगबंधन और लठबंधन है जिसने बिहार को लालटेन युग में रखा, जबकि एनडीए ने उसे एलईडी के युग में पहुंचाया। भारत स्टेशन योजना के तहत आधुनिक बन रहेअपने संबोधन में उन्होंने बिहार में हुए बड़े बुनियादी बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले कोईलवर में एक लेन का पुल था, अब छह लेन कापुल है। पहले सड़कें और एक्सप्रेसवे सपना था, आज हर ओर हाइवे, रेलवे और इंटरनेट की रफ्तार है। उन्होंने बताया कि पटना से सासाराम एक्सप्रेसवेऔर मेट्रो परियोजनाएं बिहार के नए युग की पहचान हैं। महिलाओं को लेकर उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद हर महिला को दो लाख रुपये का लाभमिलेगा। स्वास्थ्य योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि 62 करोड़ लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 5 लाख रुपये तक की सहायतादी जा रही है। नड्डा ने कहा कि 20 साल पहले मोबाइल चार्ज करने के लिए दस रुपये देने पड़ते थे, आज हर गांव में बिजली और इंटरनेट है। उन्होंनेबताया कि 8000 से ज्यादा पंचायतों को इंटरनेट से जोड़ा गया है, रेलवे का बजट बिहार के लिए 10 गुना बढ़ा है, 98 रेलवे स्टेशन अमृत भारत स्टेशनयोजना के तहत आधुनिक बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि बिहटा में 1400 करोड़ का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और दरभंगा में 1200 करोड़ का एम्स बनरहा है। नौकरी देंगे, पर देंगे कैसे?अंत में नड्डा ने आरजेडी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, आरजेडी का मतलब है रंगदारी, जंगलराज और दादागिरी। उन्होंने याद दिलाया कि 2003 मेंलालू प्रसाद ने ‘तेल पिलावन, लाठियां भजावन’ रैली निकाली थी। नड्डा ने कहा, जिन लोगों ने नौकरी के बदले जमीन घोटाला किया, वे अब नईपैकिंग में जनता को गुमराह कर रहे हैं। तेजस्वी यादव कहते हैं नौकरी देंगे, पर देंगे कैसे? उनकी राजनीति अब जेल और बेल के बीच सिमट गई है।लालू, राबड़ी, तेजस्वी, मीसा सब बेल पर हैं। जेपी नड्डा ने आरजेडी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, आरजेडी का मतलब है रंगदारी, जंगलराज औरदादागिरी। उन्होंने याद दिलाया कि 2003 में लालू प्रसाद ने ‘तेल पिलावन, लाठियां भजावन’ रैली निकाली थी।