संचार साथी विवाद गरमाया उद्धव बोले, “जासूसी का नया तरीका!” राजनीतिक तूफान केंद्र VS विपक्ष आमने-सामने

संचार साथी एप को लेकर लगातार केंद्र सरकार को घेरा जा रहा है। पूरा विपक्ष इस पर सवाल उठा रहा है। सरकार ने भी मामले को गंभीरता कोसमझते हुए तुरंत प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया था कि इस एप को लोग अपने फोन से डिलीट कर सकते हैं। इसी बीच शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धवठाकरे ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि संचार साथी एप असल में पेगासस का ही नया रूप है और भाजपा नेतृत्व वाली सरकारलोगों की जासूसी करने की तैयारी कर रही है। ठाकरे ने दावा किया कि यह एप नागरिकों के फोन में जबरन डालकर उनकी गतिविधियों की निगरानीकरने का तरीका है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। आगे कहा कि सरकार लोगों पर अविश्वास दिखाने के बजाय उन सुरक्षा चूकों की जांच करे, जिनके कारण अप्रैल में पहलगाम में बड़ा आतंकी हमला हुआ था जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सरकार को यहदेखना चाहिए कि आतंकीभारत में कैसे घुस रहे हैं, तब वह नागरिकों के फोन पर नजर रखने में व्यस्त है। इस बीच संचार मंत्रालय के 28 नवंबर केआदेश ने विवाद बढ़ा दिया है, जिसमें सभी मोबाइल कंपनियों को यह एप प्री-इंस्टॉल करने और मौजूदा फोन में भी अपडेट के जरिए शामिल करने कानिर्देश दिया गया है। सुरक्षा के लिए बनाया गयाएप को अनिवार्य रूप से शामिल करने के आदेश के बाद गोपनीयता को लेकर आशंकाएं बढ़ गईं हैं। आरोप है कि यह एप मैसेज पढ़ सकता है औरफोन डेटा तक पहुंच सकता है। ठाकरे ने कहा कि पेगासस की तरह यह भी फोन में मैलवेयर की तरह घुसकर निगरानी कर सकता है। उन्होंने पार्टीकार्यकर्ताओं से कहा कि सरकार ने बस नाम बदल दिया है, तरीका वही है। जासूसी और नागरिकों पर शक। उन्होंने कहा कि “जो लोग आपको सत्ता मेंलाए, उन्हीं पर शक करना शासन की नाकामी दिखाता है। गोपनीयता को लेकर उठे सवालों पर संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लोकसभा में कहाकि एप से किसी भी तरह की जासूसी संभव नहीं है और न ही ऐसा होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि एप लोगों की सुरक्षा के लिए बनाया गया है औरसरकार उपभोक्ताओं को कई विकल्प देना चाहती है। सिंधिया ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति एप में रजिस्टर नहीं है तो एप स्वतः सक्रिय नहीं होगाऔर उसे डिलीट भी किया जा सकता है। सरकार नागरिकों पर अविश्वास दिखा रहीसिंधिया ने यह भी कहा कि एप को अनिवार्य रूप से इंस्टॉल करने के आदेश पर मंत्रालय लोगों की प्रतिक्रिया के आधार पर संशोधन करने को तैयारहै। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार किसी पर भी निगरानी का दबाव नहीं डालना चाहती। लेकिन विपक्ष का कहना है कि सरकार ने पहले भी पेगाससमामले पर जवाब नहीं दिया था और अब वही तकनीक नए नाम के साथ लागू की जा रही है, जिससे आशंका गहरी होती जा रही है। शिवसेना(यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने संचार साथी एप को पेगासस का नया नाम बताते हुए केंद्र सरकार पर जासूसी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा किसरकार नागरिकों पर अविश्वास दिखा रही है और सुरक्षा मुद्दों से ध्यान भटका रही है।
संचार साथी एप पर घमासान ज्योतिरादित्य सिंधिया बोले, “जासूसी नहीं, सुरक्षा के लिए बनाया गया

संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लोकसभा में साफ कहा है कि ‘संचार साथी’ एप के जरिए जासूसी बिल्कुल भी संभव नहीं है। उन्होंने बताया कियह एप लोगों की सुरक्षा और मदद के लिए बनाया गया है। लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने की हमारी कोई मंशा नहीं है। हाल ही में मंत्रालय नेसभी स्मार्टफोन कंपनियों को आदेश दिया है कि वे अपने नए मोबाइल फोन्स में यह एप पहले से इंस्टॉल करके बेचें। साथ ही, मौजूदा फोन में भी इसेसॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए जोड़ा जाएगा। प्रश्नकाल के दौरान सिंधिया ने कहा, यह एप सिर्फ यूजर्स की सुरक्षा के लिए है। इससे स्नूपिंग यानीजासूसी न तो संभव है और न ही भविष्य में होगी। सरकार चाहती है कि लोग खुद को सुरक्षित रखने के लिए तकनीकी साधनों से लैस हों। मंत्रालय के28 नवंबर के आदेश में कंपनियों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि, संचार साथी एप फोन सेटअप के समय ही दिखे। एप की किसीभी सुविधा को बंद या सीमित न किया जा सके। उन्होंने चिंता जताईहालांकि, सिंधिया ने मंगलवार को यह भी कहा था कि अगर कोई यूजर इस एप को इस्तेमाल नहीं करना चाहता है तो वह इसे अपने फोन से हटाने केलिए स्वतंत्र है। राज्यसभा में कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने केंद्र सरकार के संचार साथी एप को लेकर बड़े सवाल खड़े किए। उन्होंने कहाकि यह एप नागरिकों की गोपनीयता के अधिकार को पूरी तरह समाप्त कर सकता है। सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि एप के जरिए किसी भी यूजरकी रियल-टाइम लोकेशन, सर्च हिस्ट्री, फाइनेंशियल लेन-देन को जाना जा सकता है। साथ ही SMS व वाट्सएप चैट तक की निगरानी संभव हो है।उनका दावा है कि सरकार ने मोबाइल कंपनियों को आदेश दिया है कि यह एप हर फीचर फोन और स्मार्टफोन में प्री-इंस्टॉल होना चाहिए। इसे न तोहटाया जा सकेगा और न ही डिसेबल किया जा सकेगा। सांसद ने यह भी सवाल उठाया कि अगर एप में ‘किल स्विच’ मौजूद है। तो सरकार किसी भीफोन को एक पल में बंद कर सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पत्रकारों, विपक्षी नेताओं और असहमति रखने वालों को निशाना बनानाआसान हो जाएगा। उन्होंने चिंता जताई कि एप के कारण पासवर्ड, बैंक अकाउंट की जानकारी और निजी डाटा किसी सरकारी एजेंसी या हैकर कीपहुंच में आ सकते हैं। घमासान के बीच संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का बड़ा बयान सामने आयासुरजेवाला का कहना है कि यह व्यवस्था लाखों डिवाइसेज को महीनों तक जोखिम में डाल सकती है। उन्होंने उदाहरण दिया कि अगर सरकार अपडेटजारी कर दे। लेकिन सैमसंग जैसी कोई कंपनी उसे तीन महीने देर से रोलआउट करे। तो इस दौरान उस कंपनी के सारे फोन हैकिंग के खतरे में रहेंगे।संचार साथी एप प्राइवेसी को लेकर मचे घमासान के बीच संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का बड़ा बयान सामने आया है। यह बयान उन्होंनेलोकभा में दिया जहां उन्होंने प्राइवेसी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए एप को बिल्कुल सुरक्षित बताया।
यूपी में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों पर बड़ा एक्शन, डिटेंशन सेंटर जल्द “विदेशी घुसपैठियों की सूची बनाने का आदेश”

उत्तर प्रदेश में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों पर बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस संबंध में 17 नगर निकायों कोनिर्देश दे दिए हैं। निर्देश में कहा गया है कि नगर निकायों में काम करने वाले रोहिंग्या और बांग्लादेशियों की सूची बनाएं और कमिश्नर व आईजी कोसौपे। कमिश्नर व आईजी को प्रथम चरण में डिटेंशन सेंटर बनाने का निर्देश दिया गया है। ये डिटेंशन सेंटर प्रदेश के हर मंडल में बनाए जाएंगे।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद अधिकारी एक्शन में आ गए हैं। घुसपैठियों को निकालने के लिए एक्शन शुरू होउत्तर प्रदेश में से विदेशी घुसपैठियों को बाहर करने के लिए दिल्ली की तर्ज पर जिलों में डिटेंशन सेंटर बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ केनिर्देश के बाद कई कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उनको वापस भेजने की प्रक्रिया पूरी होने तक डिटेंशन सेंटर में रखने के लिए जगह तलाशी जा रही हैं।शासन के निर्देश पर जिलों में खाली सरकारी इमारतों, सामुदायिक केंद्र, पुलिस लाइन, थाने आदि चिन्हित किए जा रहे हैं, जहां घुसपैठियों को कड़ीसुरक्षा में रखा जा सके। दिल्ली में करीब 18 डिटेंशन सेंटर चल रहे हैं, जिनमें तकरीबन 1500 विदेशी नागरिकों को कड़ी सुरक्षा बंदोबस्त में रखा गयाहै। इनमें अवैध रूप से सीमा पार करके आए बांग्लादेशी, रोहिंग्या और अफ्रीकी मूल के देशों के नागरिक हैं। उत्तर प्रदेश से बांग्लादेशी और रोहिंग्याघुसपैठियों को निकालने के लिए एक्शन शुरू हो गया है। इसके लिए नगर निकायों को सूची बनाकर आईजी और कमिश्नर को सौंपने के निर्देश दिएगए हैं। घुसपैठियों की जानकारी गृह विभाग को रोजानाबांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों द्वारा भारतीय नागरिकता के दस्तावेज बनवा लेने की वजह से उनका सत्यापन कराया जा रहा है। डिटेंशन सेंटरों परखाने-पीने, इलाज की सुविधा भी मुहैया कराई जाती है। सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम भी रहता है। तत्पश्चात एफआरआरओ (फॉरेन रीजनल रजिस्ट्रेशनऑफिस) के जरिए उनको वापस भेजने की प्रक्रिया की जाती है। तमाम राज्यों में पकड़े गए घुसपैठियों को पश्चिम बंगाल और असम में बीएसएफ कीमदद से वापस भेजा जाता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसकी मानक संचालन प्रक्रिया भी सभी राज्यों को भेजी है, जिसके बाद अब यूपी में भी अन्यराज्यों की तरह डिटेंशन सेंटर बनाए जाएंगे। इनके प्रबंधन और सुरक्षा की जिम्मेदारी जिला प्रशासन और पुलिस की होगी। इसके अलावा पकड़े गएघुसपैठियों की जानकारी गृह विभाग को रोजाना देनी होगी।
दिल्ली MCD चुनाव में भाजपा को झटका, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने दिखाई पकड़ “जानें क्या है पूरा मामला”

दिल्ली नगर निगम के उपचुनाव में सभी 12 सीटों के नतीजे आ गए हैं। भाजपा ने कुल सात सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं, आम आदमी पार्टी तीनसीटों पर जीती है। एक सीट पर आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक शोएब इकबाल वाली पार्टी ने कब्जा जमाया है। वहीं, कांग्रेस ने भी एक सीट परभाजपा को हराया है। आम आदमी पार्टी अपनी लाज बचाने में कामयाब रही, वह पहले की तरह तीन सीट जीत पाई। हालांकि उसकी सीटों मेंपरिवर्तन हुआ है, जबकि कांग्रेस ने खाता खोलकर सबको चौंका दिया। मटिया महल के कद्दावर नेता शोएब इकबाल ने आम आदमी पार्टी से बगावतकरके अपने उम्मीदवार को जिताने में कामयाबी हासिल की। एमसीडी उपचुनाव के परिणाम में भारतीय जनता पार्टी को झटका लगा है। भाजपा 12 में से केवल सात सीट ही जीत पाई, जबकि पहले पार्टी के पास पहले नौ सीट थीं। आम आदमी पार्टी को न नुकसान हुआ है न ही फायदा हुआ है।आप के पास पहले तीन सीटें थीं, उपचुनाव में भी तीन सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं, कांग्रेस ने उपचुनाव में खाता खोलकर सबको चौंका दिया है। दिल्ली में लगातार हार का सामना करना पड़ रहासात सीटें जीतकर भाजपा ने साफ दिखा दिया कि दिल्ली की स्थानीय राजनीति में वह अभी भी सबसे मजबूत है। उसने आम आदमी पार्टी और कांग्रेसके कई पुराने गढ़ों में सेंध लगाई। संख्या के लिहाज से आप ने उतनी ही तीन सीटें जीतीं जितनी पहले थीं, यानी नुकसान नहीं हुआ। लेकिन पुरानी तीनमें से कुछ सीटें गंवाईं और नई जीतीं हैं। पार्टी को बड़ा झटका मटिया महल में लगा है, जहां पार्टी के दिग्गज नेता रहे शोएब इकबाल ने बगावत करदी। वर्षों बाद कांग्रेस ने MCD में एक सीट जीतकर सबको चौंका दिया है। यह उसके लिए बड़ी मनोवैज्ञानिक जीत है, खासकर जब उसे दिल्ली मेंलगातार हार का सामना करना पड़ रहा था। दक्षिणपुरी सीट पहले भी आम आदमी पार्टी के पास थीआम आदमी पार्टी ने नारायण सीट भाजपा से छीनी है, यहां से वर्तमान विधायक उमंग बजाज 2022 में पार्षद बने थे। आप की राजन अरोड़ा नेभाजपा के उम्मीदवार चंद्रकांता को हराया है। इन दोनों के जो बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। राजन मात्र 148 वोट से जीतीं। मुंडका सीट सेआम आदमी पार्टी के अनिल ने जीत दर्ज की है, उन्होंने भाजपा के जयपाल को हराया है। दोनों के बीच 1577 वोट का अंतर रहा। मुंडका से 2022 मेंनिर्दलीय गजेंद्र दलाल चुनाव जीते थे मगर वह भाजपा में शामिल हो गए थे और अब मुंडका से वह भाजपा के विधायक हैं। इस तरह यह सीट आमआदमी पार्टी ने भाजपा से छीनी है। दक्षिणपुरी सीट से आम आदमी पार्टी की जीत हुई है। रामस्वरूप कनौजिया ने भाजपा की रोहिणी को हराया है।दोनों के बीच 2262 वोट का अंतर है। दक्षिणपुरी सीट पहले भी आम आदमी पार्टी के पास थी।
प्रधानमंत्री मोदी का चुनावी मंत्र, बंगाल में लोकतंत्र बचाने के लिए जनता के बीच रहो “आक्रामक रणनीति की तैयारी”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के भाजपा सांसदों को साफ संदेश देते हुए कहा है कि वे तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंऔर अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में जीत सुनिश्चित करें। प्रधानमंत्री ने सांसदों को राज्य की स्थिति पर आक्रामक रुख अपनाने औरलोकतंत्र को बचाने के नाम पर जनता के बीच और मजबूती से उतरने को कहा। नई दिल्ली में बुधवार को पश्चिम बंगाल के भाजपा सांसदों नेप्रधानमंत्री से मुलाकात की। बैठक में मालदा उत्तर से भाजपा सांसद खगन मुर्मू भी मौजूद रहे, जिन पर अक्टूबर में भीड़ ने हमला किया था। प्रधानमंत्रीने उनकी कुशलक्षेम पूछी और बाकी सांसदों से कहा कि उन्हें राज्य की तृणमूल सरकार का मजबूती से मुकाबला करना होगा ताकि लोकतांत्रिक मूल्योंको बचाया जा सके। भाजपा नेताओं के अनुसार, मोदी ने साफ कहा कि चुनाव जीतना है और जीतेंगे। नागरिक तक पहुंचने के लिए प्रेरित कियाबैठक के बाद पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने बताया कि प्रधानमंत्री ने पार्टी नेताओं को कहा कि राज्य सरकार की नाकामियों कोउजागर किया जाए और जनता के बीच लगातार पहुंच बनाकर रखा जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पार्टी को पूरी ताकत झोंकने के निर्देश दिए हैंताकि अगले साल टीएमसी सरकार को सत्ता से बाहर किया जा सके। मजूमदार ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र बचाने की इस लड़ाई को और तेज करेगी।दार्जिलिंग से भाजपा सांसद राजू बिस्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री ने बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं के समर्पण और जनता के बीच उनकी सक्रियता कीप्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मोदी ने कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा के साथ जनसंपर्क अभियान चलाने और प्रत्येक नागरिक तक पहुंचने के लिए प्रेरितकिया है। बिस्ता के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता मुश्किल समय में लोगों के साथ खड़े रहे हैं और यह उनकी सबसे बड़ी ताकत है। आक्रामक तैयारी करने का निर्देश दियाभाजपा पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी में पूरी तरह जुट चुकी है। बिहार में भाजपा-जदयू गठबंधन की बड़ी जीतके बाद पार्टी का उत्साह बढ़ा है और केंद्र नेतृत्व चाहता है कि उसका असर बंगाल में भी दिखे। बैठक को इसी रणनीतिक तैयारी का हिस्सा माना जारहा है, जिसमें सांसदों को चुनावी माहौल और टीएमसी सरकार के खिलाफ मजबूत अभियान चलाने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री मोदीने पश्चिम बंगाल के भाजपा सांसदों को अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए आक्रामक तैयारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कितृणमूल सरकार को काउंटर करते हुए लोकतंत्र की रक्षा के लिए जनता के बीच जाना होगा।
विराट कोहली ने 53वां वनडे शतक लगाया, स्टेडियम सुरक्षा पर उठे सवाल, “जानें क्या है पूरा मामला”

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले जा रहे दूसरे वनडे में स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने एक बार फिर धमाकेदार प्रदर्शन से प्रशंसकों का दिलजीता है। उन्होंने 90 गेंदों में अपने वनडे करियर का 53वां शतक जड़ा। इस मैच में भी स्टेडियम की सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए। दरअसल, ड्रिंक्स ब्रेकके दौरान एक प्रशंसक किंग कोहली के करीब पहुंचा और उनके पैर छुए। ऐसा ही रांची वनडे में भी देखने को मिला था। यह पहला मौका नहीं है जबस्टेडियम की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। इससे पहले रांची में खेले गए पहले मुकाबले में भी एक प्रशंसक विराट कोहली के करीब पहुंच गयाथा। उस मैच में दाएं हाथ के बल्लेबाज ने 135 रनों की धमाकेदार पारी खेली थी। यह उनके वनडे करियर का 52वां शतक और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटका 83वां शतक था। ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान एक प्रशंसक विराट कोहली के करीब पहुंच गयाकोहली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी प्रारूप में सर्वाधिक शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। कोहली से पहले ये रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नामथा जिन्होंने टेस्ट में 51 शतक लगाए थे, लेकिन अब कोहली उनसे आगे निकल गए हैं। कोहली 294 पारियों में इस उपलब्धि पर पहुंचे हैं। कोहलीवनडे प्रारूप में सर्वाधिक शतक लगाने के मामले में पहले ही सचिन को पीछे छोड़ चुके हैं। सचिन के नाम वनडे में 49 शतक हैं। रायपुर में खेले जा रहेदूसरे वनडे मैच में खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर किए गए इंतजामों पर सवाल खड़े हो गए हैं। ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान एक प्रशंसक विराट कोहली केकरीब पहुंच गया और उसने उनके पैर छुए। हालांकि, तभी मैदानकर्मी मौके पर पहुंचे और उसे बाहर लेकर गए।
खालिदा जिया की हालत नाजुक, वेंटिलेशन पर शिफ्ट, चीन से आई डॉक्टरों की स्पेशल टीम

बांग्लादेश की तीन बार की प्रधानमंत्री और राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष खालिदा जिया का स्वास्थ्य अभी भी नाजुक स्थिति में है। उन्हें इलाजके लिए ढाका के एवरकेयर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ऐसे में और बिगड़ते हालात को देखते हुए चीन की पांच सदस्यीय विशेषज्ञ टीम सोमवारको ढाका पहुंची और रात में अस्पताल में इलाज की प्रक्रिया में शामिल हो गई। इस टीम ने अस्पताल के चिकित्सा बोर्ड से बैठक की, जिसमें उनकेस्वास्थ्य के बारे में चर्चा हुई। अस्पताल के हृदय विशेषज्ञ और बोर्ड के प्रमुख डॉ शाहाबुद्दिन तालुकदार ने बताया कि खालिदा जिया की हालत स्थिरनहीं है और वह फिलहाल विदेश में इलाज के लिए यात्रा करने योग्य नहीं हैं। बता दें कि 80 वर्षीय खालिदा जिया को 23 नवंबर को दिल औरफेफड़ों में संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती किया गया था। उनके स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आने के बाद उन्हें चार दिन बाद कोरोनरी केयर यूनिटमें शिफ्ट किया गया। रविवार रात से उन्हें वेंटिलेशन पर रखा गया है। बांग्लादेश की पूर्व पीएम खालिदा जिया का स्वास्थ्य अभी भी नाजुक स्थिति मेंहै। इसके लिए उन्हें कोरोनरी केयर यूनिट में शिफ्ट कर वेंटिलेशन पर रखा गया। इसी बीच बिगड़ते हालात को देखते हुए चीन की पांच सदस्यीयडॉक्टरों की विशेष टीम भी इलाज के लिए बांग्लादेश पहुंची। दूसरी ओर अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है। हालत में पिछले कुछ दिनों से कोई खास सुधार नहीं हुआदूसरी ओर बांग्लादेश की पूर्व पीएम खालिदा जिया की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए अस्पताल के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस नेअस्पताल के मुख्य गेट पर बैरिकेड लगाकर मरीजों की आवाजाही और सुरक्षा को नियंत्रित किया है। खालिदा जिया के चारों ओर सभी आसपास केकमरे खाली करवा दिए गए हैं। उनकी सुरक्षा के लिए बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने उन्हें बहुत महत्वपूर्ण व्यक्ति घोषित किया है। इसके बादस्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (एसएसएफ) के जवान अस्पताल में तैनात किए गए। खालिदा जिया के स्वास्थ्य को लेकर बीएनपी उपाध्यक्ष एडवोकेटअहमद आजम खान ने बताया कि खालिदा जिया की हालत बेहद नाजुक है। उन्होंने कहा कि अब कुछ करने के लिए ज्यादा कुछ नहीं बचा है, बस पूरेदेश से दुआ की अपील है। वहीं बीएनपी के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने भी कहा कि उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर है और डॉक्टरअपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी हालत में पिछले कुछ दिनों से कोई खास सुधार नहीं हुआ है।
ऑपरेशन सिंदूर में भारत की आक्रामक रणनीति से पाकिस्तान पीछे हटने को मजबूर , नौसेना प्रमुख दिनेश के. त्रिपाठी का बड़ा खुलासा

नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने मंगलवार को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सुरक्षाबलों की कार्रवाई से पाकिस्तान को हुए नुकसान का विस्तृतब्योरा साझा किया। नेवी चीफ ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना के आक्रामक रवैये से पाकिस्तानी नौसेना को अपने बंदरगाहों के करीबरहने को ही मजबूत होना पड़ा। अपनी सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि मई में भारत की तरफ से शुरू किया गया ऑपरेशनसिंदूर अब भी जारी है और नौसेना ने तब से लेकर अब तक अभियानगत तैयारी जारी रखी है। पाकिस्तान से तनाव के बीच नौसेना की निगरानी पश्चिमीअरब सागर क्षेत्र तक बढ़ी है। उन्होंने इसके अलावा प्रोजेक्ट 75 की भी जानकारी दी, जिसके तहत भारत को छह आधुनिक सबमरीन खरीदनी हैं।उन्होंने कहा कि इसके लिए बातचीत जारी है और जल्द ही अनुबंध पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। नौसेना में शामिल कर लिया जाएगानौसेना प्रमुख ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय नौसेना की आक्रामक रणनीति और कैरियर बैटल ग्रुप की तुरंत तैनाती से पाकिस्तानीनौसेना मकरान तट पर अपने बंदरगाहों के पास ही रहने को मजबूत हो गई थी। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान पर आर्थिक दबाव बढ़ाहै, क्योंकि बड़ी संख्या में व्यापारी पोत इस देश में जाने से बच रहे हैं। साथ ही पाकिस्तान जाने वाले पोतों की बीमा की राशि भी बढ़ी है। एडमिरलत्रिपाठी ने बताया कि जल्द ही स्वदेशी न्यूक्लियर बैलिस्टिक सबमरीन आईएनएस अरिदमन को जल्द ही नौसेना में शामिल कर लिया जाएगा। उन्होंनेयह भी कहा कि नौसेना को उम्मीद है कि 2029 तक राफेल-एम के चार लड़ाकू विमानों का पहला बेड़ा मिल जाएगा।
योगी कैबिनेट की बड़ी बैठक, 21 में से 20 प्रस्ताव पास, यूपी में विकास को मिली नई रफ्तार

राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें 21 प्रस्ताव पेश किए गए, जिसमें 20 पर मंत्रिपरिषद की मुहर लगी। एक 14 नंबर के प्रस्ताव को पुनर्परीक्षण के लिए भेजा गया है। यह निजी अस्पतालों को प्रोत्साहन नीति के लिए था।बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए उद्योग करने वाले लोगों को एसजीएसटीऔर स्टांप ड्यूटी पर छूट दी जाएगी। इसके तहत मेरठ की मेसर्स पसवारा पेपर्स लिमिटेड को 65.67 हजार का लाभ आज दिया गया। 1.5 करोड़ कालाभ पहले दिया जा चुका है। इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट के तहत एक और प्रस्ताव भी पास हुआ। इसके तहत शाहजहांपुर और मथुरा की एक-एक कपंनीको लाभ मिला। बागपत में अंतरराष्ट्रीय योग केंद्र बनाने के लिए निशुल्क भूमि दी जाएगी। यह योग व आरोग्य केंद्र पीपीपी मॉडल पर बनेगा। कैबिनेटने इसे भी मंजूर किया। इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति-2005 एवं 2014 के तहत स्वीकृत एवं निष्क्रिय परियोजनाओं को निरस्तीकरण एवं क्रियाशीलपरियोजनाओं को पूर्ण कराने के लिए नीति को लागू किए जाने से रुकी हुई आवासीय परियोजनाएं पूर्ण हो सकेंगी। आर्थिक विकास को बढ़ावा भीमिलेगा। इसे मंजूरी मिलीअयोध्या में मंदिर संग्रहालय बनाया जाएगा। साथ ही उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता सीधी भर्ती नियमावली 2022 में संशोधन किया जाएगा।इसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में शामिल होने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण अवधि, खेल की अवधि और इसकेलिए आने-जाने में लगने वाले समय को भी ड्यूटी माना जाएगा। चंदौली में 4.91 अरब से 29.67 किमी सड़क को फोरलेन बनाया जाएगा। यहसकलडीहा, चहनियां और सैदपुर होते हुए जनपद को गाजीपुर से जोड़ेगा। काफी समय से इसकी मांग चल रही थी। अब इसे मंजूरी मिली। उत्तरप्रदेश जेल मैनुअल 2022 की नियमावली पर भी संशोधन किया जाएगा। इसके जाति के आधार पर किसी भी बंदी से भेदभाव नहीं हो सकेगा।राजधानी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें पेश किए गए 21 प्रस्तावों में से 20 पर मुहरलगी।
तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी राहत, करूर भगदड़ मामले में सीबीआई जांच रोकने की अपील

तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि वह करूर भगदड़ मामले में दिए गए सीबीआई जांच के आदेश को वापस ले ले और मद्रासहाईकोर्ट की तरफ से गठित एसआईटी जांच को जारी रखने की अनुमति दे। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 13 अक्तूबर के अपने आदेश में करूर हादसेकी जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दे दिया था। उसने यह फैसला अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी (तमिलगा वेत्रि कझगम) टीवीके कीयाचिका पर दिया था। बता दें कि करूर में विजय की रैली के दौरान भगदड़ मच गई थी और इसमें 41 लोगों की मौत हुई थी और 60 से ज्यादा लोगघायल हुए थे। अब तमिलनाडु सरकार ने शीर्ष अदालत में दाखिल अपने जवाब में कहा है कि स्थानीय पुलिस और विशेष जांच टीम (एसआईटी) निष्पक्ष, विस्तृत जांच करने में पूरी तरह सक्षम हैं, और ऐसी कोई असाधारण स्थिति भी नहीं है, जिससे केंद्रीय एजेंसी के दखल की जरूरत हो। याचिकाएं दायर करने का आरोप लगायातमिलनाडु सरकार का कहना है कि करूर जिला प्रशासन और पुलिस पर लापरवाही के आरोप पूरी तरह आधारहीन और निराधार हैं। रिकॉर्ड स्पष्ट रूपसे दर्शाते हैं कि प्रशासन और पुलिस ने बेहद सतर्कता, दूरदर्शिता और सभी कानूनी और प्रक्रियाओं का पालन करते हुए काम किया। सरकार ने कहाकि 606 पुलिसकर्मियों और होमगार्ड्स की तैनाती के साथ एक व्यापक योजना लागू की गई थी, जिसकी निगरानी आईजी (सेंट्रल जोन) और करूर केपुलिस अधीक्षक जैसे वरिष्ठ अधिकारियों ने की। स्थल चयन, प्रवेश मार्ग, चिकित्सा तैयारी और यातायात प्रबंधन सभी राष्ट्रीय आपदा प्रबंधनप्राधिकरण के दिशानिर्देशों के तहत थे। सरकार ने याचिकाकर्ता जीएस मणि पर राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित याचिकाएं दायर करने का आरोपलगाया। गठित एसआईटी और एक-सदस्यीय जांचसुप्रीम कोर्ट ने इस घटना को राष्ट्र की अंतरात्मा को झकझोर देने वाली बताते हुए निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई को जांच सौंपी थी। सर्वोच्चन्यायालय ने उस दौरान हाईकोर्ट की ओर से गठित एसआईटी और एक-सदस्यीय जांच आयोग की नियुक्ति पर रोक लगा दी थी। साथ ही तमिलनाडुसरकार को केंद्रीय एजेंसी के साथ पूर्ण सहयोग करने का निर्देश दिया था। अदालत ने मद्रास हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति एन सेंथिलकुमार की भी आलोचनाकी थी कि उन्होंने टीवीके और उसके सदस्यों को पक्षकार बनाए बिना उनके खिलाफ टिप्पणियां कीं। तमिलनाडु सरकार ने शीर्ष अदालत में दाखिलअपने जवाब में कहा है कि स्थानीय पुलिस और विशेष जांच टीम (एसआईटी) निष्पक्ष, विस्तृत जांच करने में पूरी तरह सक्षम हैं, और ऐसी कोईअसाधारण स्थिति भी नहीं है, जिससे केंद्रीय एजेंसी के दखल की जरूरत हो।