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पुतिन की भारत यात्रा पर अमेरिकी संसद में बहस, ट्रंप की व्यापार नीति पर सवाल

अमेरिका और भारत के व्यापारिक संबंध ट्रंप की टैरिफ नीति के चलते बहुत बेहतर नहीं है। ऐसे में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भारत दौराअमेरिका में खूब चर्चा में है। इतना ही नहीं इस दौरे को आधार बनाकर विशेषज्ञ और अमेरिकी सांसद ट्रंप की व्यापार नीतियों को लेकर कई कठोरसवाल भी पूछते नजर आ रहे हैं। इस बात को ज्यादा हवा तब मिली जब डेमोक्रेट सांसद सिडनी कैमलेगर-डव ने पहले तो पुतिन और पीएम मोदी कीकार वाली सेल्फी को अमेरिकी संसद में बड़ा सा पोस्ट बनाकर दिखाया, फिर भारत और रूस के संबंध में बढ़ती नजदीकियां और अमेरिका और भारतके संबंध में खटास का जिक्र करते हुए ट्रंप और उनकी व्यापारिक नीति की खूब आलोचना भी की। भारत साझेदारी को फिर से मजबूत किया जा सकेडेमोक्रेट सांसद सिडनी कैमलाजर डोव ने संसद में संबोधन के दौरान भारत और अमेरिका के संबंधों में आई तल्खियों को लेकर ट्रंप को जिम्मेदारबताया। साथ ही रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे का भी जिक्र किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन की कार वालीसेल्फी का बड़ा सा पोस्ट भी दिखाया। अमेरिकी सांसद कैमलेगर डव ने पुतिन और पीएम मोदी की सेल्फी का जिक्र करते हुए कहा कि यह तस्वीरहजारों शब्दों के बराबर है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जबरदस्ती वाली नीतियों का भारी मूल्य चुकाना पड़ता है। उन्होंनेचेताया कि ट्रंप की नीतियों ने अमेरिका के रणनीतिक साझेदारों को हमारे प्रतिद्वंद्वियों की ओर धकेल दिया। डव ने इस बात पर जोर दिया कि हमे तुरंतकार्रवाई करनी होगी ताकि अमेरिका और भारत साझेदारी को फिर से मजबूत किया जा सके। इन मुद्दों का तुरंत समाधान नहीं हुआइस दौरान सांसद प्रमिला जयापल ने व्यापार और आव्रजन (इमिग्रेशन) नीतियों के कारण भारत-अमेरिका आर्थिक और लोगों के बीच संबंधों पर पड़रहे असर को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दोनों देशों में लगे टैरिफ कारोबार और उपभोक्ताओं को नुकसान पहुंचा रहे हैं। सांसद जयापल कीयह टिप्पणी ट्रंप के हालिया बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने भारत से चावल के आयात पर नए टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी। उन्होंने आरोपलगाया कि भारत अमेरिकी किसानों को नुकसान पहुंचाते हुए सस्ते चावल निर्यात कर रहा है। इस दौरान ट्रंप ने अमेरिकी कृषि उत्पादकों के लिए 12 अरब डॉलर की मदद पैकेज की घोषणा भी की। बता दें कि बैठक में कई अमेरिकी किसानों ने शिकायत की कि भारत, वियतनाम और थाईलैंड सेसस्ते आयात के कारण घरेलू कीमतें घट रही हैं। ट्रंप ने कहा कि इस समस्या का समाधान करने के लिए वे अतिरिक्त शुल्क लगाने पर विचार करेंगे।कुल मिलाकार सांसदों का मानना है कि अगर इन मुद्दों का तुरंत समाधान नहीं हुआ, तो दोनों देशों के बीच व्यापार और रणनीतिक सहयोग परनकारात्मक असर पड़ सकता है।

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को अमित शाह और योगी आदित्यनाथ ने दी श्रद्धांजलि,जनसेवा और संविधान की गहरी समझ के लिए याद किया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किया। इसके साथ ही कहा कि संविधान कीउनकी गहन समझ ने सार्वजनिक पदों पर उनके कार्यकाल को परिभाषित किया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट एक संदेश में कहा, “भारत के पूर्व राष्ट्रपतिप्रणब मुखर्जी जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि। जनसेवा के प्रति समर्पित नेता मुखर्जी जी की संविधान की गहरी समझ ने सार्वजनिक पदों पर उनकेकार्यकाल को परिभाषित किया। उनका जीवन और कार्य हमारी लोकतांत्रिक यात्रा को प्रेरित करते रहेंगे।” इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रीयोगी आदित्यनाथ ने भी प्रणब मुखर्जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पूर्व राष्ट्रपति की दूरदृष्टि भारतीय लोकतंत्र के लिए एकअमूल्य धरोहर है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कियाकि पूर्व राष्ट्रपति ‘भारत रत्न’ प्रणब मुखर्जी की जयंती पर, उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि,” मुख्यमंत्री ने आगेकहा, “उनकी दूरदृष्टि, सादगी और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण भारतीय लोकतंत्र के लिए एक अमूल्य संपत्ति है।” सार्वजनिक पदों पर उनके कार्यकाल को परिभाषित कियाएक दिग्गज राजनेता, मुखर्जी ने भारत के 13वें राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया। अपने लंबे और गौरवशाली राजनीतिक जीवन में उन्होंने विभिन्न समयोंपर विदेश, रक्षा, वाणिज्य और वित्त मंत्री सहित कई अन्य पदों पर भी कार्य किया। मुखर्जी ने 2012 से 2017 तक भारत के 13वें राष्ट्रपति के रूप मेंकार्य किया। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के रूप में, उन्होंने भारत सरकार में कई मंत्री पद भी संभाले। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को पूर्वराष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किया। इसके साथ ही कहा कि संविधान की उनकी गहन समझ ने सार्वजनिक पदों परउनके कार्यकाल को परिभाषित किया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का मणिपुर दौरा शुरू, महिलाओं के संघर्ष को करेंगी याद “नागरिक स्वागत और ऐतिहासिक कार्यक्रमों में लिया हिस्सा”

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार से मणिपुर का दो दिवसीय दौरा शुरू करेंगी। इस दौरान वे ब्रिटिश शासन के खिलाफ महिलाओं के संघर्ष कोयाद करने वाले कार्यक्रम में शामिल होंगी और संभवत मणिपुर के प्रसिद्ध श्री गोविंदाजी मंदिर में पूजा-अर्चना भी करेंगी। यह राष्ट्रपति मुर्मू का पहलादौरा है, जब से वे भारत की राष्ट्रपति बनी हैं। उनका दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सितंबर 2025 में मणिपुर दौरे के तीन महीने बाद हो रहा है। राष्ट्रपतिद्रौपदी मुर्मू सबसे पहले दोपहर में इंफाल पोलो ग्राउंड में युवा मामले और खेल विभाग द्वारा आयोजित पोलो कार्यक्रम में शामिल होंगी। इसके बाद वेसंभवतः श्री गोविंदाजी मंदिर में पूजा करेंगी, जो मणिपुर में वैष्णव धर्म का प्रमुख केंद्र है। शाम को वे सिटी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित नागरिक स्वागतसमारोह में भाग लेंगी और रात को लोक भवन में ठहरेंगी। पोस्टर और अस्थायी प्रवेश द्वार भी लगाए गएवहीं बात अगर दूसरे दिन की करें तो शुक्रवार को वे नूपी लान समारोह में शामिल होंगी। यह समारोह हर साल महिलाओं द्वारा 1904 और 1939 मेंब्रिटिश शासन के खिलाफ किए गए आंदोलनों की याद में मनाया जाता है। इसके अलावा वे नागा बहुल सेनापति जिले में आयोजित कार्यक्रम में भीशामिल हो सकती हैं। राष्ट्रपति दौरे के चलते मणिपुर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। कारण है कि कई आंतरिक सशस्त्र संगठन और प्रतिबंधित समूहों नेराष्ट्रपति दौरे के विरोध में बंद बुलाया है। इस कारण इंफाल घाटी में बाजार, स्कूल-कॉलेज बंद हैं और सड़कें सुनसान हैं। राष्ट्रपति के दौरे वाले स्थानोंपर कई पोस्टर और अस्थायी प्रवेश द्वार भी लगाए गए हैं। NRC के कार्यान्वयन पर भी जोरमणिपुर के मीतेई संगठन अरंबाई टेंगोल (एटी) ने राष्ट्रपति से अंतरविभागीय विस्थापितों की समस्या उठाने और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) लागू करने की अपील की है। संगठन का कहना है कि कई विस्थापित परिवार केंद्र सरकार की योजनाओं के बावजूद कठिन परिस्थितियों में रह रहे हैं।उन्हें सभी अधिकारों और लाभों की निष्पक्ष और पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने अवैध सीमा पार आंदोलन और NRC केकार्यान्वयन पर भी जोर दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज से दो दिन के मणिपुर यात्रा पर जा रही है। राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनका पहला यात्रा है।आइए जानते हैं इस यात्रा के दौरान वह कौन-कौन से कार्यक्रम में शामिल होंगी।

पीएमओ अधिकारी ने भारत के यूएनएचआरसी चुनाव को लोकतंत्र और समावेशी विकास का प्रतीक बताया, वर्करों की संवेदनशीलता जैसे मुद्दों पर भारत ने तैयार किया ढांचा

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में भारत के चुनाव को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के वरिष्ठ अधिकारी ने भारत कीलोकतांत्रिक संस्थाओं और समावेशी विकास मॉडल पर वैश्विक विश्वास का प्रतीक बताया। पीएम के प्रधान सचिव पीके मिश्रा ने कहा कि पीएम नरेंद्रमोदी की जनभागीदारी की सोच ने शासन के स्वरूप को बदल दिया है। अब योजनाएं केवल लागू नहीं होतीं, बल्कि लोगों को सम्मान व भागीदारी केसाथ जोड़ती हैं। वह ‘नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन एवरीडे एसेंशियल्स-पब्लिक सर्विसेज एंड डिग्निटी फॉर ऑल’ को संबोधित कर रहे थे। पीके मिश्रा ने कहाकि मानवाधिकार दिवस (10 दिसंबर) लोकतांत्रिक देशों, विशेषकर भारत के लिए महत्वपूर्ण है, जहां सांविधानिक आदर्श, लोकतांत्रिक संस्थाएं औरसामाजिक मूल्य मिलकर मानव मर्यादा की रक्षा और संवर्धन करते हैं। उन्होंने कहा कि सुशासन स्वयं एक मौलिक अधिकार है, जिसमें दक्षता, पारदर्शिता, शिकायतों का त्वरित समाधान और समय पर सेवाओं की उपलब्धता शामिल है। इनकी विश्वसनीयता प्रभावित हुईपीके मिश्रा ने कहा कि भारत की सभ्यतागत सोच में हमेशा से मानव गरिमा और कर्तव्य को केंद्र में रखा गया है। धर्म, न्याय, करुणा, सेवा, अहिंसाऔर वसुधैव कुटुंबकम जैसे सिद्धांत सार्वजनिक जीवन का आधार रहे हैं। उन्होंने बताया कि 2014 से पहले भारत ने शिक्षा का अधिकार, मनरेगा औरराष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून जैसे अधिकार आधारित विकास मॉडल अपनाए, लेकिन प्रभावी क्रियान्वयन न होने से इनकी विश्वसनीयता प्रभावित हुई। संवेदनशीलता और डिजिटल निगरानी जैसे मुद्दे शामिल2014 के बाद, सरकार ने सैचुरेशन अप्रोच पर जोर दिया यानी हर पात्र व्यक्ति तक योजना पहुंचे। डिजिटल ढांचे, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर औरविकसित भारत संकल्प यात्रा जैसे अभियानों ने कागजी अधिकार को लागू अधिकार में बदला। उन्होंने बताया कि बीते 10 वर्षों में 25 करोड़ भारतीयगरीबी रेखा से ऊपर उठे, जिसका प्रमाण हाउसहोल्ड कंजम्पशन एक्सपेंडिचर सर्वे 2023-24 में भी मिलता है। पीके मिश्रा ने कहा कि गरीबी उन्मूलनसबसे प्रभावी मानवाधिकार हस्तक्षेप है और भारत यही मॉडल दुनिया के सामने रख रहा है। पीके मिश्रा ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) से उभरती चुनौतियों के लिए ढांचे विकसित करने का आग्रह किया। इनमें जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण न्याय, डाटा सुरक्षा, एल्गोरिदमिक निष्पक्षता, जिम्मेदार एआई, गिग वर्करों की संवेदनशीलता और डिजिटल निगरानी जैसे मुद्दे शामिल हैं।

ममता बनर्जी का चेतावनी भरा बयान, “मतदाता सूची से नाम हटाया तो बैठूंगी धरने पर” ‘दिल्ली से भेजे जा रहे BJP के करीबी अधिकारी’

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कृष्णानगर में आयोजित एक रैली में आरोप लगाया कि चुनाव आयोग (ईसीआई) दिल्ली से भारतीयजनता पार्टी (भाजपा) के समर्थक अधिकारियों को भेज रहा है, ताकि मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान जिलाधिकारी केकाम पर रखें। मुख्यमंत्री बनर्जी ने कोलकाता में हाल ही में हुए कार्यक्रम में फूड वेंडर्स पर हमले की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह उत्तर प्रदेश नहींहै और ऐसे कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने फूड वेंडर्स को मारा… हमने कल रात सभी को गिरफ्तार करलिया। नष्ट करना चाहतेममता ने कहा कि कौन शाकाहारी या मांसाहारी भोजन करेगा, यह भाजपा तय नहीं कर सकती, यह व्यक्तिगत चुनाव है। उन्होंने कोलकाता में हाल हीमें हुए विशाल गीता पाठ को लेकर कहा कि हम सब गीता पढ़ते हैं, इसके लिए किसी सभा की जरूरत क्या है। उन्होंने भाजपा पर राज्य में सांप्रदायिकविभाजन की संस्कृति लाने का आरोप लगाया। बनर्जी ने कहा, मैं सांप्रदायिक बंटवारे में भरोसा नहीं करती। मैं सभी धर्मों के साथ चलना चाहती हूं।सिर्फ गीता पढ़ने के लिए सार्वजनिक सभा करने की क्या जरूरत है? जो लोग भगवान से प्रार्थना करते हैं या अल्लाह से आशीर्वाद मांगते हैं, वह अपनेदिल में करते हैं। उन्होंने उन लोगों पर भी तंज कसा जो कथित तौर पर राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक ग्रंथों का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा, मैंउनसे पूछना चाहती हूं जो ‘गीता, गीता’ का जाप कर रहे हैं, श्री कृष्ण ने धर्म के बारे में क्या कहा? धर्म का मतलब है पालन करना, न कि विभाजितकरना। वे पश्चिम बंगाल को नष्ट करना चाहते हैं। वे राज्य पर कब्जा करना चाहते हैं और लोगों को बंगाली बोलने से रोकना चाहते हैं। हम सब गीतापढ़ते हैं और पाठ करते हैं। इसके लिए सभा करने की क्या जरूरत है?” बांग्लादेशी बताकर उन्हें हिरासत शिविरों में भेज सकतेकोलकाता पुलिस ने बुधवार रात को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में सात दिसंबर को हुए ‘पांच लोखों कोंठे गीता पाठ’ (पांच लाख कंठों के साथगीता पाठ) कार्यक्रम में दो फूड वेंडर्स पर हमले के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारियां मैदान थाना में दर्ज दो शिकायतों के आधारपर की गईं। शिकायतकर्ता कोलकाता के टोपसिया और हूगली जिले के अरमबाग के थे। वे कार्यक्रम में चिकन पैटी बेचने गए थे, जब उन पर कथितरूप से हमला किया गया। आरोप है कि आरोपियों ने उनका सामान फेंक दिया और उन्हें कान पकड़कर उठक-बैठक करने के लिए मजबूर किया। इसघटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पुलिस ने कहा कि फुटेज और अन्य सबूतों की जांच के बाद गिरफ्तारियां की गईं। ममता नेचेतावनी दी कि अगर किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हटाया गया तो वह धरने पर बैठेंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्रीकुछ भी कर सकते हैं। सभी बंगालियों को बांग्लादेशी बताकर उन्हें हिरासत शिविरों में भेज सकते हैं।

गोवा क्लब अग्निकांड, सौरभ और गौरव लूथरा ने अग्रिम जमानत के लिए दिल्ली कोर्ट में याचिका दायर की

गोवा क्लब अग्निकांड मामले में दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई, जहां आरोपी गौरव लूथरा और सौरभ लूथरा ने भारत लौटने औरइस मामले में अग्रिम जमानत पाने के लिए अर्जी दी है। दोनों आरोपियों की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ लूथरा, सीनियर एडवोकेटतनवीर अहमद मीर पेश हुए और अंतरिम सुरक्षा की मांग की। सुनवाई के दौरान, आरोपी सौरभ लूथरा की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थलूथरा ने मेडिकल कारणों का हवाला देते हुए आरोपी सौरभ लूथरा की सेहत की स्थिति बताई, जिसे मिर्गी और हाई ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारी है।उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आरोपी क्लब के मालिक नहीं हैं, बल्कि सिर्फ लाइसेंसधारी हैं, जो वैध परमिशन के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंनेसाफ किया कि मालिकाना हक किसी और के पास है। गिरफ्तारी से सुरक्षा मांग रहेदिल्ली की रोहिणी कोर्ट में गोवा नाइट क्लब आग मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान रोहिणी कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता शारीरिक तौर परउसके अधिकार क्षेत्र में मौजूद नहीं है, कोर्ट ने सवाल किया कि ऐसी परिस्थितियों में अग्रिम जमानत की याचिका को कैसे स्वीकार किया जा सकताहै? जवाब में लूथरा भाईयों के वकील तनवीर अहमद मीर ने कोर्ट के सवाल का जवाब देने के लिए कानूनी मिसालों का हवाला दिया। उन्होंने कहा किवह यह एप्लीकेशन इसलिए दे रहे हैं क्योंकि याचिकाकर्ता कोर्ट के अधिकार क्षेत्र का स्थायी निवासी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह सिर्फ गिरफ्तारीसे सुरक्षा मांग रहे हैं। रेस्तरां मालिक का अवॉर्ड भी मिलाहालांकि राज्य के वकील ने विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए समय मांगा। उन्होंने कहा कि आरोपी देश छोड़कर भाग गया है, गोवा कोर्ट नेपहले ही गैर-जमानती वारंट जारी कर चुका है और अन्य जरूरी तथ्यों को रिकॉर्ड पर रखने की जरूरत है। कोर्ट ने राज्य को सभी जरूरी सूचनाओ के साथअपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया और मामले पर अगले दिन विचार करने के लिए तारीख तय की। आरोपियों के वकील ने तनवीर अहमदमीर ने कोर्ट से अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ता को अंतरिम सुरक्षा देने का आग्रह किया। राज्य के वकील ने इस अनुरोध का विरोध किया और किसीभी तरह की अंतरिम राहत देने का कड़ा विरोध किया। इस नाइट क्लब के मालिक सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा हैं। क्लब की आधिकारिक वेबसाइटके मुताबिक, सौरभ लूथरा एक गोल्ड मेडलिस्ट इंजीनियर हैं, जो कि बाद में आंत्रप्रेन्योर बन गए और रेस्तरां के बिजनेस से जुड़े हैं। यह भी दावा किागया है कि 2023 में सौरभ को आदर्श रेस्तरां मालिक का अवॉर्ड भी मिला और पहले भी कई सम्मान मिल चुके हैं।

BJP की आलोचना पर प्रियंका गांधी बोलीं, पीएम विदेश में, विपक्ष क्यों नहीं? BJP के निशाने का जवाब दिया

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को पार्टी के नेता राहुल गांधी की आगामी जर्मनी यात्रा को लेकर भाजपा की आलोचना का जवाब दिया।उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष के नेता पर सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना लगभग आधा समय देश केबाहर बिताते हैं। इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के मुताबिक, राहुल गांधी 15 से 20 दिसंबर तक जर्मनी में रहेंगे। इस दौरान वह भारतीय समुदाय से मिलेंगेऔर जर्मन मंत्रियों से भी मुलाकात करेंगे। भाजपा ने राहुल गांधी की आगामी विदेश यात्रा पर तंज कसा और कहा कि ‘राहुल तो विपक्ष के नेता नहीं, बल्कि पर्यटन के नेता हैं। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक्स पर लिखा कि संसद 19 दिसंबर तक चल रही है। लेकिन राहुल गांधी 15 से 20 दिसंबर तक जर्मनी जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार चुनाव के दौरान भी राहुल विदेश में थे और बाद में जंगल सफारी पर चले गए थे। राहुल गांधी 15 से 20 दिसंबर तक जर्मनी में रहेंगेप्रियंका गांधी ने भाजपा के हमले पर पलटवार करते हुए कहा, मोदी जी अपने काम का आधा समय विदेश में बिताते हैं… फिर विपक्ष के नेता केविदेश जाने पर सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं? इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के जर्मनी के अध्यक्ष बलविंदर सिंह ने बताया कि राहुल गांधी 15 से 20 दिसंबर तक जर्मनी दौरे पर रहेंगे और उनके साथ सैम पित्रोदा भी होंगे।कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने सांसद राहुल गांधी की जर्मनी यात्रा पर भाजपा की आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि जब पीएम मोदी आधा समयविदेश में बिताते हैं तो विपक्ष के नेता पर सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं। राहुल गांधी 15 से 20 दिसंबर तक जर्मनी में रहेंगे और भारतीय समुदाय वजर्मन मंत्रियों से मुलाकात करेंगे।

शशि थरूर ने वीर सावरकर पुरस्कार लेने से किया इनकार, कांग्रेस ने भी किया समर्थन

वीर सावरकर पुरस्कार को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने वीर सावरकर पुरस्कार लेने सेइनकार कर दिया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान थरूर ने कहा कि उन्होंने यह पुरस्कार कल ही (मंगलवार) के दिन सुनाऔर वे पुरस्कार समारोह में नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि मैंने इसके बारे में कल ही सुना। मैं वहां नहीं जा रहा हूं। शशि थरूर ने साफ किया कि वहवी.डी. सावरकर के नाम पर दिया जाने वाला कोई भी पुरस्कार स्वीकार नहीं करेंगे और न ही इससे जुड़े किसी कार्यक्रम में शामिल होंगे। तिरुवनंतपुरमसे सांसद थरूर ने यह भी कहा कि मेरी सहमति के बिना मेरा नाम घोषित करना आयोजकों की ओर से गैरजिम्मेदाराना हरकत थी। कांग्रेस ने इसे मुद्दा बना दियाथरूर के बयान के बाद पुरस्कार देने वाली हाई रेंज रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी (एचआरडीएस) इंडिया के सचिव अजी कृष्णन ने एक टीवी चैनल कोबताया कि कांग्रेस सांसद को इस मामले की जानकारी काफी पहले ही दे दी गई थी। उन्होंने कहा कि एचआरडीएस इंडिया के प्रतिनिधियों औरपुरस्कार जूरी के अध्यक्ष ने थरूर को आमंत्रित करने के लिए उनके आवास पर उनसे मुलाकात की थी और सांसद ने पुरस्कार के अन्य प्राप्तकर्ताओं कीसूची मांगी थी। उन्होंने दावा करते हुए कहा, ‘हमने उन्हें सूची दे दी थी। उन्होंने अभी तक हमें सूचित नहीं किया है कि वे कार्यक्रम में नहीं आएंगे।शायद वे डरे हुए हैं, क्योंकि कांग्रेस ने इसे मुद्दा बना दिया है। सामने झुकाव दिखायासोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट में कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘पुरस्कार की प्रकृति, इसे प्रदान करने वाले संगठन या किसी अन्य प्रासंगिकविवरण के बारे में स्पष्टीकरण के अभाव में, आज कार्यक्रम में मेरी उपस्थिति या पुरस्कार स्वीकार करने का प्रश्न ही नहीं उठता।’ उन्होंने आगे कहा किउन्हें मीडिया रिपोर्टों से पता चला कि मंगलवार को स्थानीय निकाय चुनावों में वोट डालने के लिए केरल जाने पर उन्हें इस पुरस्कार के लिए नामांकितकिया गया था। दूसरी ओर कांग्रेस नेता के मुरलीधरन ने बुधवार को इस मामले में कहा कि किसी भी कांग्रेस सदस्य को चाहे वह सांसद शशि थरूर हीक्यों न हों वीर सावरकर के नाम का कोई भी पुरस्कार नहीं लेना चाहिए। मुरलीधरन ने इसका कारण बताया कि सावरकर ने ब्रिटिशों के सामने झुकावदिखाया था। मुरलीधरन ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि शशि थरूर यह पुरस्कार स्वीकार नहीं करेंगे, क्योंकि ऐसा करना कांग्रेस पार्टी के लिए अपमानऔर शर्मिंदगी का कारण बन सकता है।

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026, हुमायूं कबीर ने बनाई नई पार्टी और कहा, ‘बिना हमारी पार्टी के कोई सरकार नहीं बनेगी’

पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने है। इससे पहले राजनीतिक पार्टियों ने चुनावी रण में अपनी-अपनी दावेदारी मजबूत करने केलिए तैयारी तेज कर दी है। हालांकि इन सबके बीच सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और उसके निलंबित विधायक हुमायूं कबीर के बीच विवादबढ़ता ही जा रहा है। जहां एक बार फिर हुमायूं कबीर ने अपनी एक नई पार्टी बनाने की बात पर जोर देते हुए दावा किया कि 2026 के विधानसभाचुनावों के बाद वह ‘किंगमेकर’ बनेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी बनाई जाने वाली नई राजनीतिक पार्टी के बिना कोई भी सरकार नहीं बन सकती।हालांकि दूसरी ओर टीएमसी ने भी हुमायूं कबीर के बयान पर पलटवार किया है। पार्टी के राज्य महासचिव अरूप चक्रवर्ती ने कहा कि वह केवल सपनादेख रहे हैं। उन्होंने कहा कि हुमायूं कबीर दिन-दहाड़े सपना देख रहे हैं। पहले अपनी सुरक्षा जमा बचाने की कोशिश करें, फिर सरकार बनाने की बातकरें। ऐसे बेतुके दावे सिर्फ उनकी राजनीतिक हताशा दिखाते हैं। विधायकों का समर्थन लेना पड़ेगाकबीर ने पश्चिम बंगाल में अपनी-अपनी दावेदारी प्रबल बताने वाली भाजपा और टीएमसी दोनों पार्टियों को आड़ेहाथ लेते हुए कहा कि न तो टीएमसीऔर न ही भाजपा अपने दम पर बहुमत हासिल कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में कोई भी पार्टी 148 सीटका बहुमत पार नहीं कर पाएगी। पत्रकारों से बातचीत के दौरान हुमायूं कबीर ने कहा कि मैं चुनावों के बाद किंगमेकर बनूंगा। कोई भी मेरी पार्टी कासमर्थन लिए बिना सरकार नहीं बना सकता। कबीर ने यह भी बताया कि उनकी नई पार्टी की औपचारिक घोषणा 22 दिसंबर को होगी। उन्होंने कहाकि वे 135 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे और उनकी पार्टी इतनी सीटें जीतेगी कि जो भी मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेगा, उसे उनकी पार्टी के विधायकों कासमर्थन लेना पड़ेगा। विधानसभा में बने रहेंगेइसके साथ ही जब उनसे पूछा गया कि उनकी पार्टी का नाम ‘नेशनल कंजरवेटिव पार्टी’ होगा या नहीं, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि सबकुछ 22 दिसंबर के बाद पता चल जाएगा। कबीर ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी 22 दिसंबर को बड़े जनसभा में लॉन्च की जाएगी, जिसमें लगभग एक लाखलोग शामिल होंगे। कार्यक्रम बेरहामपुर टेक्सटाइल मोर में आयोजित होगा। बता दें कि टीएमसी के निलंबित विधायक कबीर और टीएमसी के बीचखाई तब और बढ़ गई जब कबीर ने छह दिसंबर को मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद के मॉडल पर नई मस्जिद का नींव डाली किया। यह तारीखयूपी के अयोध्या में बाबरी मस्जिद के विध्वंस की बरसी थी। ऐसे में टीएमसी ने पिछले सप्ताह उन्हें पार्टी नियमों की अवहेलना और उनके विवादितबयानों के कारण निलंबित कर दिया, जिसके बाद पहले कबीर ने संकेत दिया था कि वे विधायक पद से इस्तीफा देंगे, लेकिन सोमवार को उन्होंनेअचानक रुख बदलते हुए कहा कि वे विधानसभा में बने रहेंगे।

लोकसभा में कंगना रनौत का विपक्ष पर हमला, “पीएम मोदी EVM नहीं, लोगों के दिल हैक करते हैं”

लोकसभा में चुनावी सुधारों पर चर्चा के दौरान सांसद कंगना रनौत ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि संसद का पूरा साल विपक्ष केहंगामे में बीता और नए सांसद होने के नाते यह अनुभव उनके लिए परेशान करने वाला रहा। कंगना ने विवादों, नारेबाजी और सदन की कार्यवाही रोकनेके विपक्ष के तरीकों को लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ बताया। इस दौरान विपक्ष के ईवीएम हैक करने वाले आरोपों पर उन्होंने कहा कि पीएम मोदीईवीएम हैक नहीं करते बल्कि लोगों को दिलों को हैक करते हैं। कंगना ने अपने भाषण की शुरुआत विपक्ष के एसआईआर नारे और विपक्ष द्वारा किएगए हंगामे को याद करते हुए की। उन्होंने कहा कि जब भी सरकार कोई काम आगे बढ़ाती, विपक्ष उसका विरोध करने के लिए नियमों को तोड़ता।उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास न तो ठोस तथ्य हैं और न ही कोई स्पष्ट रणनीति। कंगना ने कहा कि जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बोलनेउठे तो उनसे उम्मीद थी कि कोई बड़ा खुलासा होगा, पर उनका भाषण बिना तथ्यों और गंभीरता के था। चुनावी धांधली में एक प्रधानमंत्री तक दोषी पाई गईकंगना ने विपक्ष द्वारा एक अंतरराष्ट्रीय मूल की महिला की तस्वीर उठाने को गंभीर अपमान बताया। उन्होंने कहा कि उस महिला ने खुद सोशल मीडियापर कहा था कि उसका भारत से कोई संबंध नहीं है और वह भारत कभी नहीं आई। इसके बावजूद विपक्ष ने उसकी तस्वीर का दुरुपयोग किया। कंगनाने सदन की ओर से उस महिला से माफी भी मांगी और इसे महिलाओं के सम्मान पर चोट बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बार-बार महिलाओं केअपमान में शामिल होती रही है, जबकि प्रधानमंत्री ने महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। कंगना ने ईवीएम परविपक्ष के आरोपों को आधारहीन कहा। उन्होंने याद दिलाया कि चुनाव में गड़बड़ी की असल घटनाएं कांग्रेस शासन के दौरान बैलेट पेपर के समय हुईथीं। उन्होंने इंदिरा गांधी बनाम राज नारायण केस का उदाहरण देते हुए कहा कि चुनावी धांधली में एक प्रधानमंत्री तक दोषी पाई गई थीं। यह उत्सव एकसाथ होना चाहिएकंगना ने तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि आज कांग्रेस ईवीएम पर सवाल उठाती है, जबकि वास्तविक धांधलियां उसके शासन में होती थीं। उन्होंनेप्रियंका गांधी के बयान “पुरानी बातें न करें” पर भी तंज कसते हुए कहा कि सोनिया गांधी बिना पूरी नागरिकता के भी वोट डालती रही थीं। कंगना नेकहा कि बिहार में एसआईआर लागू होने के बाद 60 लाख से ज्यादा गैर-वैध वोटर आईडी रद्द किए गए। इनमें घुसपैठियों के अलावा ऐसे लोग भीशामिल थे जो इस दुनिया में नहीं रहे या कहीं और स्थानांतरित हो चुके थे। उन्होंने कहा कि अगर ये वोटर असली होते तो कोई न कोई विरोध में सामनेआता। कंगना ने बताया कि इन सुधारों के बाद ही बिहार में 67% की रिकॉर्ड मतदान हुआ, जो लोगों के विश्वास की बड़ी मिसाल है।कंगना ने वन नेशन वन इलेक्शन को लागू करने की जोरदार मांग की और कहा कि बार-बार चुनाव होने से देश को भारी आर्थिक नुकसान होता है।10,000 करोड़ रुपये से अधिक का बोझ बार-बार चुनावों में खर्च होता है। उन्होंने कहा कि नागरिकों, प्रशासन और पूरे सिस्टम पर इसकी भारी मारपड़ती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावों को लोकतंत्र का उत्सव कहा है और यह उत्सव एकसाथ होना चाहिए। कंगना ने अपने भाषणका अंत जय हिंद के नारे के साथ किया।