"National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |    

यूपी विधानमंडल का शीतकालीन सत्र शुरू, सुधाकर सिंह को श्रद्धांजलि; कफ सिरप और SIR पर हंगामे के आसार

यूपी विधानमंडल का शीतकालीन सत्र आज से प्रारंभ हो गया है। सदन की कार्यवाही के पहले दिन सपा के दिवंगत विधायक सुधाकर सिंह कोश्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय सहित सभी दलों के नेताओं ने राजनीति और समाज केलिए किए गए उनके योगदान को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सदन की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। वहीं, विधान परिषद की कार्यवाही चलती रही। जहां पर सपा ने प्रदेश में स्कूल बंद किए जाने का आरोप लगाते हुए सदन से वॉक आउट किया। वहीं, सरकार ने बताया कि संस्कृत विद्यालयों के सेवानिवृत्त शिक्षकों को जीपीएफ का भुगतान जल्द होगा। चर्चा का आयोजन किया जाएगासत्र के पहले दिन मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज से सदन की कार्यवाही शुरू हो रही है। 24 जनवरी कोहमारे राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम पर चर्चा का आयोजन किया जाएगा। 24 जनवरी को यूपी का स्थापना दिवस भी है। हमने सर्वदलीय बैठक में विपक्षीदलों से चर्चा के लिए अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए और हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है। सदन कीकार्यवाही के पहले दिन नेता सदन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय सहित सभी दलों के नेताओं ने स्वर्गीय सपाविधायक सुधाकर सिंह के निधन पर समाज में दिये गए उनके योगदान को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। ऐसे लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिएसत्र के दौरान समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दल कोडीन कफ सिरप की तस्करी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) को लेकर हंगामा कर सकता है। साथ ही, सदन में वंदे मातरम पर होने वाली चर्चा का विरोध भी किया जा सकता है। आज सत्र शुरू होने के दिन सपाके विधान परिषद सदस्य आशुतोष सिन्हा ने कफ सिरप कांड को लेकर योगी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे लोगों परबुलडोजर क्यों नहीं चला रही है। हजारों करोड़ रुपये का गबन हुआ है और जहरीली कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत हुई है। क्या बुलडोजर काड्राईवर भी कफ सिरप पीकर सो गया है। ऐसे लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

जस्टिस जीआर स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर ओम बिरला की जांच, विपक्ष ने लगाए गंभीर आरोप

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को कहा कि वह नियमों और प्रक्रिया के अनुसार डीएमके और अन्य विपक्षी सांसदों की ओर से न्यायाधीशके खिलाफ लाए गए महाभियोग प्रस्ताव की जांच कर रहे हैं। डीएमके और इंडिया ब्लॉक के सांसदों की ओर से मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस जीआरस्वामीनाथन को हटाने के लिए महाभियोग प्रस्ताव दिया गया था। 9 दिसंबर 2024 को दिए गए महाभियोग प्रस्ताव पर विपक्ष के 100 से ज्यादासांसदों ने साइन किए थे। इनमें कांग्रेस, डीएमके, समाजवादी पार्टी और सीपीआई (एम) के सांसद शामिल थे। जस्टिस स्वामीनाथन पर विपक्षीसांसदनों ने निष्पक्षता, पारदर्शिता और धर्मनिरपेक्षता का अभाव होने का आरोप लगाया। विपक्षी सांसदों की ओर से खासतौर पर जस्टिस स्वामीनाथनपर संवैधानिक धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों के बजाय एक विशिष्ट राजनीतिक विचारधारा के आधार पर मामलों का फैसला करने का आरोप लगाया गया है। सुरक्षा में दीप जलाने की अनुमति दे दीकार्तिगई दीपम त्योहार को लेकर जस्टिस जीआर स्वामीनाथन के एक फैसले के खिलाफ तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का भी रुख किया था।दरअसल, मदुरै जिले में तिरुपरमकुंद्रम पहाड़ी पर स्थित अरुलमिगु सुब्रमण्य स्वामी मंदिर में कार्तिगई दीपम त्योहार को लेकर जस्टिस स्वामीनाथन नेदीप जलाने के निर्देश दिए थे। मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने पहाड़ी पर स्थित जिस दीपथून पर दीप जलाने की अनुमति दी थी, वह दरगाह के पासबना हुआ है। इसी के चलते राज्य सरकार ने इस निर्देश का विरोध किया था। सरकार ने कहा था कि इससे सामाजिक सद्भाव को नुकसान हो सकताहै। हालांकि, राज्य सरकार की अपील के बावजूद जस्टिस स्वामीनाथन ने अपने निर्देश को बरकरार रखा। वहीं, निर्देश पर प्रशासन की ओर से अमल नहोने पर उन्होंने सीआईएसएफ की सुरक्षा में दीप जलाने की अनुमति दे दी। कार्तिगई दीपम को लेकर कहान्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 के तहत लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला यह निर्धारित करेंगे कि औपचारिक जांच के लिए प्रस्ताव को स्वीकारकिया जाना चाहिए या नहीं। वहीं, इस मामले पर करीब 56 पूर्व सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के न्यायाधीशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर महाभियोगप्रस्ताव की निंदा की थी। उन्होंने इसे न्यायाधीशों को डराने की एक दुस्साहसी कोशिश और न्यायिक स्वतंत्रता पर हमला बताया। तमिलनाडु के मदुरै मेंमंदिर और दरगाह के बीच विवाद गहराता जा रहा है। बीते दिनों आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने भी कार्तिगई दीपम को लेकर कहा था कितिरुपरमकुंद्रम मुद्दे को हिंदुओं की ताकत के आधार पर राज्य में ही हल किया जा सकता है।

इंडिगो की उड़ान गड़बड़ियों पर DGCA सख्त, पैनल रिपोर्ट के बाद होगी कड़ी कार्रवाई

इंडिगो एयरलाइन में हाल ही में हुई बड़े पैमाने पर उड़ानों की गड़बड़ी को लेकर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) अब कड़े कदम उठाने कीतैयारी में है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि डीजीसीए की ओर से गठित चार सदस्यीय पैनल की रिपोर्ट मिलते ही एयरलाइन केखिलाफ विस्तृत और सुधारात्मक कार्रवाई होगी।इस महीने की शुरुआत में उड़ानों में हुई गड़बड़ियों के बाद, डीजीसीए ने इंडिगो के शीतकालीन समय-सारणी में 10 प्रतिशत की कटौती की है।परिचालन संकट से पहले देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो रोजाना 2,300 फ्लाइट्स ऑपरेट करती थी। अधिकारी ने साफ किया कि इस पूरीप्रक्रिया का उद्देश्य भविष्य में ऐसी तकनीकी और परिचालन संबंधी गड़बड़ियों को दोबारा होने से रोकना है। मामले को लेकर एक अधिकरी ने कहायह पूछे जाने पर कि क्या अन्य एयरलाइंस के शेड्यूल पालन की भी निगरानी की जा रही है? इस पर जवाब देते हुए अधिकारी ने कहा ‘कोहरे केमौसम और छुट्टियों के सीजन को देखते हुए एयरलाइंस को अधिक जिम्मेदारी से काम करना चाहिए ताकि यात्रियों को असुविधा न हो। अधिकारी नेकहा हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हो’ इस बीच, इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने गुरुवार को भविष्य की रणनीतिसाझा करते हुए कहा कि कंपनी का पूरा ध्यान अब स्थिति को सुधारने पर केंद्रित है। उन्होंने गुरुवार को कहा कि एयरलाइन अब तीन प्रमुख स्तंभोंलचीलापन, मूल कारण विश्लेषण और पुनर्निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी का लक्ष्य उन कारणों को जड़ से खत्म करना है जिनकी वजह सेउड़ानें बाधित हुईं। इंडिगो एयरलाइन में हालिया उड़ान गड़बड़ियों के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए ) कड़े कदम उठाने की तैयारी मेंहै। मामले को लेकर एक अधिकरी ने कहा कि चार सदस्यीय पैनल की रिपोर्ट मिलते ही एयरलाइन के खिलाफ सख्त सुधारात्मक कार्रवाई कीजाएगी।

गोवा मुक्ति दिवस पर CM प्रमोद सावंत की अपील, राज्य को स्वच्छ रखें, सुंदरता और शांति बनाए रखें

आज गोवा मुक्ति दिवस है। इस अवसर पर गोiवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने शुक्रवार को उद्योगों और नागरिकों से तटीय राज्य को साफ रखने औरइसकी सुंदरता और शांति को बरकरार रखने की अपील की। इसके साथ ही दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी गोवा के लोगों कोशुभकामनाएं दी है। पणजी के पास राज्य स्तरीय गोवा मुक्ति दिवस परेड को संबोधित करते हुए सावंत ने कहा कि राज्य में स्वच्छता बनाए रखनापर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल के मंत्रियों और अन्य अतिथियों की उपस्थिति में तिरंगा फहराने के बाद परेड कानिरीक्षण किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को धन्यवाद दियाउन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ई-कचरा और खतरनाक कचरे के निपटान के लिए वेस्ट मैनेजमेंट संयंत्रों को चालू कर दिया है। उन्होंने कहा, “मैं सभीउद्योगों से अपील करता हूं कि वे अपने कचरे को सड़क किनारे अवैज्ञानिक तरीके से न फेंके। सभी प्रकार के कचरे के निपाटन के लिए सुविधाएं मौजूदहैं। इसके साथ ही गोवा को स्वच्छ रखने के लिए इनका उपयोग किया जाना चाहिए।” मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की सुंदरता और शांति को बनाएरखने के लिए नागरिकों को इसे साफ रखने की जिम्मेदारी उठानी चाहिए। उन्होंने स्थानीय लोगों से ‘विकसित भारत’ और ‘विकसित गोवा’ के सपनों कोसाकार करने की दिशा में काम करने का भी आग्रह किया। इसके साथ ही सावंत ने राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी और केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया। अवसर पर गोवा के लोगों को शुभकामनाएंवहीं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी गोवा के लोगों को शुभकामनाएं दी है। उन्होंने एक्स पर लिखा गोवा मुक्ति दिवस के अवसरपर, मैं गोवा के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। आइए, हम अपने स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मान देते हुए एक भ्रष्टाचार मुक्त गोवा का निर्माणकरने का संकल्प लें, जहां सभी के लिए सुलभ स्वास्थ्य सेवा, बेहतर सड़कें और रोजगार के अवसर हों। गोवा मुक्ति दिवस हर साल 19 दिसंबर कोमनाया जाता है, जो 1961 में पुर्तगालियों से राज्य को मुक्त कराने के लिए सशस्त्र बलों द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन विजय’ की सफलता का प्रतीकहै। आज गोवा मुक्ति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने राज्य को साफ रखने और इसकी सुंदरता और शांति को बरकरार रखने की अपीलकी है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस अवसर पर गोवा के लोगों को शुभकामनाएं दी।

केरल हाई कोर्ट ने पिनाराई विजयन को दी बड़ी राहत, ईडी कार्रवाई पर तीन महीने की रोक

केरल हाई कोर्ट ने आज यानी 18 दिसंबर को केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (केआईआईएफबी) मसाला बॉन्ड मामले में सीएम पिनाराईविजयन को बड़ी राहत दी है। उच्च न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस केबाद किसी भी कार्यवाही पर तीन महीने के लिए रोक लगा दी। मामले में जस्टिस वी जी अरुण ने पूर्व राज्य वित्त मंत्री थॉमस इसाक और विजयन केमुख्य प्रधान सचिव और केआईआईएफबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के एम अब्राहम को भी अंतरिम राहत दी। यह आदेश सीएमविजयन, इसाक और अब्राहम की ओर से दायर किए गए संयुक्त याचिका पर आया है। याचिका में केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड(केआईआईएफबी) ने (ईडी) के कारण बताओ नोटिस को रद्द करने की मांग की गई थी। यह नोटिस मसाला बॉन्ड फंड के इस्तेमाल को लेकर जारीकिया गया था, जो इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए था। केआईआईएफबी को अंतरिम राहत दीकोर्ट ने कहा कि चूंकि केआईआईएफबी की याचिका पर आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी गई थी, इसलिए सीएम विजयन, इसाक और अब्राहमको भी इसी तरह की अंतरिम राहत के हकदार थे। मामले में कोर्ट ने संयुक्त याचिका स्वीकार कर ली और याचिका में दिए गए तर्कों पर ईडी से जवाबमांगा। इस निर्देश के साथ कोर्ट ने इस मामले को 23 जनवरी, 2026 को केआईआईएफबी की याचिका के साथ सुनवाई के लिए रखा है। मामले मेंकोर्ट ने केआईआईएफबी को अंतरिम राहत देते हुए कहा कि आरबीआई के नियमों (ईसीबी फ्रेमवर्क, 2019) के मुताबिक, इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ीपरियोजनाओं के लिए ‘मसाला बॉन्ड’ से पैसा जुटाना गलत नहीं है, क्योंकि ‘रियल एस्टेट’ की परिभाषा में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स नहीं आते। इसलिए, केआईआईएफबी को अंतरिम राहत दी गई है। कार्रवाई पर तीन महीने की रोक लगा दीहालांकि, केंद्रीय जांच एजेंसी के अनुसार, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए भूमि अधिग्रहण एक रियल एस्टेट गतिविधि थी और इसे मसाला बॉन्ड फंडका उपयोग करके नहीं किया जा सकता है। मामले में ईडी ने नवंबर में सीएम विजयन, इसाक और अब्राहम को 467 करोड़ रुपये के एफईएमएउल्लंघन का नोटिस जारी किया है। यह केआईआईएफबी और उसके अधिकारियों द्वारा एफईएमए और आरबीआई के नियमों के उल्लंघन से जुड़ा है, जिसकी राशि 466.91 करोड़ रुपये है। केरल हाई कोर्ट ने केआईआईएफबी मसाला बॉन्ड मामले में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, पूर्व वित्त मंत्री थॉमसइसाक और केआईआईएफबी के सीईओ के एम अब्राहम को बड़ी राहत दी है। मामले में हाई कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय की किसी भी कार्रवाई पर तीनमहीने की रोक लगा दी है।

सड़क पर उतरे कार्यकर्ता, शंखनाद और फूलों की बारिश के साथ संजय सरावगी का रोड शो

भारतीय जनता पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी पटना पहुंच चुके हैं। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पटना पहुंचे सरावगी के स्वागत में भाजपाकार्यकर्ता सड़क पर उतरे। हाड़ कंपा देने वाली ठंड में भी भाजपा नेताओं का जोश हाई दिखा। वह संजय सरावगी के साथ रोड शो में शामिल हुए। रोडशो की शुरुआत करने से पहले प्रदेश अध्यक्ष ने बेली रोड पर बाबा साहेब की प्रतिमपर माल्यार्पण किया। इसके बाद बेली रोड से वीर चंद पटेल रोडस्थित भाजपा कार्यालय तक उन्होंने रोड शो किया। अंबेडकर प्रतिमा, बेली रोड से लेकर भाजपा प्रदेश कार्यालय तक उनका भव्य रोड शो निकालागया। इस दौरान जगह-जगह कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने शंखनाद, फूलों की बारिश और नारों के साथ उनका अभिनंदन किया। इसके बाद भाजपाकार्यालय पहुंचे। दिलीप जायसवाल ने केंद्रीय नेतृत्व के प्रति भी आभार जतायाभाजपा कार्यालय में नए प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के आगमन पर भव्य अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। मुख्य मंच पर पहुंचते ही शंखनादके साथ उनका स्वागत किया गया। कार्यक्रम में बिहार के दोनों उप मुख्यमंत्री, पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल सहित कई वरिष्ठ नेताऔर कार्यकर्ता मौजूद रहे। अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि आज का कार्यक्रम नए प्रदेशअध्यक्ष के सम्मान के लिए है। उन्होंने कहा कि लगातार दरभंगा से चुनाव जीतकर आने वाले सरावगी को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। संगठन को आगेबढ़ाने का उनका लंबा अनुभव है और वे एक सुलझे हुए व्यक्ति हैं, जो सभी को साथ लेकर चलेंगे। दिलीप जायसवाल ने केंद्रीय नेतृत्व के प्रति भीआभार जताया और कहा कि बिहार का एक साधारण कार्यकर्ता आज भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बना है, यह पूरे राज्य के लिए गर्व की बातहै। अपील की कि जो भी संरचनात्मक कमियां रह गईवहीं, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि भाजपा ऐसी पार्टी है जहां समय-समय पर दायित्व बदलते रहते हैं। संजय सरावगी आज प्रदेश अध्यक्ष केतौर पर औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण कर रहे हैं। वे लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहे हैं और जमीनी स्तर पर काम करने का अनुभव रखते हैं। सम्राटचौधरी ने कहा कि अगले तीन वर्षों तक बिहार में कोई बड़ा चुनाव नहीं है, ऐसे में पार्टी का पूरा फोकस संगठन को मजबूत करने पर रहेगा। उन्होंने हमसब और पूरा आपके साथ (संजय सरावगी) के साथ खड़ा हैं।सम्राट चौधरी ने कहा कि दिलीप जायसवाल के कार्यकाल में पार्टी ने नीचे से ऊपर तक मजबूती हासिल की और बड़ी मेजॉरिटी के साथ सत्ता में आई।लोकसभा चुनाव के बाद देश की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को और मजबूत करने का संदेश दिया, जिसका असर बिहार में भी दिखा और पार्टी ने202 सीटों पर जीत दर्ज की। उन्होंने संजय सरावगी से अपील की कि जो भी संरचनात्मक कमियां रह गई हैं, उन्हें जमीनी स्तर से मजबूत किया जाए।उन्होंने कहा कि पूरे बिहार भाजपा की यूनिट आपके साथ है।

कोहरे के चलते लखनऊ में चौथा T20 भारत-दक्षिण अफ्रीका मैच रद्द, शशि थरूर ने BCCI पर उठाए सवाल

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच लखनऊ में खेला जाने वाला चौथा टी20 मुकाबला कोहरा के चलते रद्द हो गया। अब इसे लेकर कांग्रेस सांसदशशि थरूर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को घेरा है। थरूर ने लखनऊ में वायु गुणवत्ता की आलोचना की है और ऐसी परिस्थिति मेंअंतरराष्ट्रीय मुकाबले की मेजबानी सौंपने के फैसले पर सवाल उठाए हैं। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला जाने वाला चौथा टी20 मैचबुधवार को लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में बिना टॉस के ही रद्द कर दिया गया। घने कोहरे के चलतेदृश्यता बेहद खराब रही, जिससे खेल कराना संभव नहीं हो सका। मैच के रद्द होने के बाद एक बार फिर बीसीसीआई की टूर और फिक्सचर कमेटीसवालों के घेरे में आ गई है। खास तौर पर सर्दियों के मौसम में उत्तर और पूर्वी भारत में डे-नाइट मुकाबले कराने के फैसले पर आलोचना तेज हो गई है।लखनऊ में इस समय साल के दौरान दिन-रात्रि मैच तय करना पहले से अनुमानित कोहरे की समस्या के कारण विवादों में आ गया है। लेकिन हालात नहीं सुधरेस्टेडियम में कोहरा इतना घना था कि हवा में गेंद को ट्रैक करना फील्डरों के लिए खतरनाक माना गया। इसी वजह से टॉस को लगातार टालना पड़ा।अंपायर्स ने कुल छह बार मैदान का निरीक्षण किया लेकिन अंत में उन्होंने मैच रद्द करने का फैसला लिया। मैच का टॉस 6:30 बजे होना था, लेकिनकोहरे की वजह से इसमें देरी हुई। पहला निरीक्षण शाम 6:50 बजे तय किया गया था, लेकिन हालात नहीं सुधरे। इसके बाद 7:30, 8:00, 8:30, 9:00 और 9:25 बजे तक लगातार निरीक्षण किए गए। 7:30 बजे हुए निरीक्षण के दौरान अंपायरों ने मैदान पर दृश्यता की जांच भी की, जिसमें एकअंपायर पिच के पास खड़े होकर बाउंड्री पर मौजूद साथी से यह पूछते नजर आए कि क्या वे एक-दूसरे और गेंद को साफ देख पा रहे हैं। इस दौरानबीसीसीआई उपाध्यक्ष और यूपीसीए अध्यक्ष राजीव शुक्ला भी मैदान पर आकर हालात का जायजा लेते दिखे, लेकिन सभी आकलनों में दृश्यता खेलके लिए अनुपयुक्त पाई गई। अहमदाबाद में खेला जाएगाथरूर ने एक्स पर लिखा, क्रिकेट प्रशंसक लखनऊ में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच चौथा टी20 मैच के शुरू होने का व्यर्थ ही इंतजार कर रहे थे।उत्तर भारत के अधिकांश शहरों में व्याप्त घने कोहरे और 411 AQI होने के कारण दृश्यता इतनी खराब है कि क्रिकेट मैच संभव नहीं है। उन्हें यह मैचतिरुवनंतपुरम में आयोजित करना चाहिए था जहां AQI लगभग 68 है। हार्दिक पांड्या लखनऊ के स्टेडियम में मास्क पहने नजर आए थे। दक्षिणअफ्रीका की टीम शुरुआत में हल्का वॉर्म-अप करने मैदान पर उतरी थी, लेकिन कोहरा लगातार बने रहने के कारण उन्हें वापस ड्रेसिंग रूम लौटना पड़ा।भारत फिलहाल इस सीरीज में 2-1 से आगे चल रहा है। आखिरी मुकाबला 19 दिसंबर को अहमदाबाद में खेला जाएगा, जिसमें जीत दर्ज करसूर्यकुमार यादव की अगुआई वाली टीम की नजरें सीरीज अपने नाम करने पर होंगी।

अखिलेश यादव का आरोप, यूपी सरकार मुद्दों से बचने के लिए वंदे मातरम पर चर्चा करवाना चाहती

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी सरकार जनता के मुद्दों से बचना चाहती है इसलिए जरूरी मुद्दों को छोड़कर वंदेमातरम पर चर्चा करवाना चाहती है जबकि इसकी चर्चा लोकसभा में हो चुकी है। उन्होंने कहा कि भाजपा की विचारधारा के लोगों ने आजादी के पहलेऔर बाद कभी भी वंदे मातरम नहीं गाया और अब जरूरी मुद्दों को बचने के लिए वंदे मातरम पर चर्चा करवाना चाहते हैं। अखिलेश यादव बृहस्पतिवारको सपा मुख्यालय में मीडिया को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लखनऊ में प्रदूषण के कारण भारत दक्षिण अफ्रीका का मैच रद्द हो गया औरसरकार के लोग कह रहे हैं कि एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) ठीक था। उन्होंने कहा कि ये लोग कहां से एक्यूआई लेकर आए। सरकार के लोगकह रहे हैं कि किसी स्वतंत्र एजेंसी के एक्यूआई के आंकड़ों पर यकीन न करें। ये लोग ऐसा इसलिए कह रहे हैं कि प्रदूषण पर कोई चर्चा न हो। 500 फीट के गड्ढे करवा दिएउन्होंने कहा कि भाजपा ने सबसे ज्यादा पेड़ कटवाए हैं। छत्तीसगढ़ में पूरे के पूरे जंगल समाप्त करवा दिए। अब अरावली की पहाड़ियों को खत्म करदेना चाहते हैं। सोनभद्र में खनन करवाते हुए 500 फीट के गड्ढे करवा दिए। ये लोग मुद्दों पर कोई बात नहीं करना चाहते हैं। बिहार के मुख्यमंत्रीनीतीश कुमार के एक युवती के हिजाब हटा देने पर अखिलेश यादव ने कहा कि इस उम्र में उनके साथ किसी हेल्पर की जरूरत है। किसी भी समुदायके इमोशन को हर्ट नहीं करना चाहिए। किसी के साथ ही भी इस तरह की घटना नहीं होना चाहिए। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा चुनाव आयोगकी मदद से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कर रही है। इसकी मदद से सरकार विपक्ष के वोट काट देना चाहती है।

मुख्यमंत्री चैंपियंस ट्रॉफी 2025-26 का आगाज 23 दिसंबर से, 26 खेल स्पर्धाओं के साथ होगा आयोजन

खेल महाकुंभ इस साल नए प्रारूप में मुख्यमंत्री चैंपियंस ट्रॉफी 2025-26 के नाम से आयोजित किया जाएगा और इसकी शुरुआत 23 दिसंबर से होनेजा रही है। खेल मंत्री रेखा आर्या ने पत्रकारवार्ता में इसकी जानकारी दी। गुरुवार को सचिवालय में आयोजित पत्रकारवार्ता में खेल मंत्री रेखा आर्या नेबताया कि यह प्रतियोगिता न्याय पंचायत, विधानसभा, संसदीय क्षेत्र और राज्य स्तरीय चार चरणों में आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता दौरान कुल26 खेल स्पर्धाएं आयोजित होंगी जिनमें इस बार परंपरागत खेलों को भी जगह दी गई है। चैंपियनशिप का समापन 28 जनवरी को किया जाएगा औरइस दिन मुख्यमंत्री चैंपियंस ट्रॉफी के साथ विजेता को पांच लाख की धनराशि भी दी जाएगी। चैंपियन का निर्णय उनके द्वारा जीते गए मेडल केआधार पर प्रदान किए गए अंकों के योग से किया जाएगा। तैराकी की स्पर्धा अलग से आयोजित की जाएगीइसके अतिरिक्त सांसद ट्रॉफी जीतने वाली टीम को दो लाख और विधानसभा ट्रॉफी जीतने वाली टीम को एक लाख की नकद इनाम धनराशि दीजाएगी। खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि नेशनल रिकॉर्ड तोड़ने पर खिलाड़ी को एक लाख की अतिरिक्त इनाम राशि दी जाएगी। चैंपियनशिप केलिए रजिस्ट्रेशन 14 अक्तूबर से शुरू कर दिए गए थे, अभी तक एक लाख 10 हजार से ज्यादा खिलाड़ी अपना पंजीकरण करा चुके हैं। उन्होंने बतायाकि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 22 दिसंबर तक खुले रहेंगे। प्रदेश के दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए एथलेटिक्स, बैडमिंटन और तैराकी की स्पर्धा अलग सेआयोजित की जाएगी। खेल मंत्री ने बताया कि इस श्रेणी के लिए भी रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिए गए हैं।भोजन आदि की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिएखेल मंत्री रेखा आर्या ने सचिवालय स्थित एनआईसी कार्यालय में सभी जनपद के जिलाधिकारी के साथ इस आयोजन को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंगकी। उन्होंने सभी जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि ट्रायल और खेलों में हिस्सा लेने वाले सभी खिलाड़ी के पास जूते और ट्रैकसूट हो, यह सुनिश्चितकिया जाए। उन्होंने साथ ही सर्दी से खिलाड़ियों का बचाव करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने, हर खेल स्थल पर स्वास्थ्य विभाग की टीम को तैनातकरने, आवश्यकता पड़ने पर खिलाड़ियों को रात में ठहराने और भोजन आदि की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए।

ढाका में सुरक्षा कारणों से भारतीय वीजा केंद्र बंद, अपॉइंटमेंट्स आगे बढ़ी

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए भारत ने बुधवार को अपना भारतीय वीजा आवेदन केंद्र (आईवीएसी) अस्थायीरूप से बंद कर दिया। यह केंद्र ढाका के जमुना फ्यूचर पार्क में स्थित है और राजधानी में सभी भारतीय वीजा सेवाओं का मुख्य, एकीकृत केंद्र मानाजाता है। आईवीएसी ने एक बयान में कहा कि सुरक्षा हालात को ध्यान में रखते हुए बुधवार को दोपहर 2 बजे के बाद केंद्र बंद कर दिया गया। केंद्र नेयह भी स्पष्ट किया कि जिन लोगों की आज आवेदन जमा करने की अपॉइंटमेंट थी, उनकी तारीख आगे के लिए पुनर्निर्धारित की जाएगी। इससे पहलेनई दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह को तलब किया। मंत्रालय ने ढाका में भारतीय मिशन के आसपास कुछकट्टरपंथी तत्वों द्वारा सुरक्षा माहौल बिगाड़ने की कथित योजनाओं पर गंभीर चिंता जताई। वीजा आवेदन केंद्र को बंद कर दियाविदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत को उम्मीद है कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार अपने राजनयिक दायित्वों के तहत वहां स्थित भारतीय मिशनों औरकार्यालयों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। साथ ही, बांग्लादेश में बिगड़ते सुरक्षा माहौल को लेकर भारत की कड़ी चिंता से भी दूत को अवगत करायागया। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब क्षेत्रीय सुरक्षा और राजनयिक संस्थानों की सुरक्षा को लेकर संवेदनशीलता बढ़ गई है। भारत ने स्पष्टसंकेत दिया है कि अपने नागरिकों और मिशनों की सुरक्षा उसके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।बांग्लादेश में अगले साल फरवरी महीने में आम चुनाव होने वाले हैं, लेकिन इससे पहले ही वहां पर हिंसा बढ़ने लगी है। वहीं इस अशांति के मद्देनजरभारतीय उच्चायोग ने राजधानी ढाका में मौजूद वीजा आवेदन केंद्र को बंद कर दिया है।