शशि थरूर के बयान पर कांग्रेस में मतभेद, हनुमंत राव बोले– यह निजी राय, पार्टी की सोच नहीं

पीएम नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बयान को लेकर पार्टी में नई बहस छिड़ गई है, जिसे उनकी ही पार्टी के नेता वी. हनुमंत राव ने कांग्रेसकी सोच से अलग बताया। हनुमंत राव ने कहा कि यह थरूर की निजी राय हो सकती है, लेकिन कांग्रेस पार्टी ऐसा नहीं सोचती। हनुमंत राव ने कहा किकांग्रेस में लोकतांत्रिक व्यवस्था है, इसलिए हर किसी को अपनी राय रखने की आजादी है। उन्होंने कहा, हमारे यहां लोकतंत्र है, इसलिए लोग अपनेविचार सामने रखते हैं। अगर किसी दूसरी पार्टी में ऐसा बयान दिया जाता, तो तुरंत कार्रवाई होती। यह उनकी सोच हो सकती है, लेकिन पार्टी ऐसानहीं सोचती। उन्हें बहादुर बतायाइससे पहले दोपहर में भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने शशि थरूर के बयान की तारीफ करते हुए उन्हें बहादुर बताया। उन्होंने उम्मीद जताई किकांग्रेस थरूर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगी। पूनावाला ने कहा, एक बार फिर शशि थरूर ने राहुल गांधी को आईना दिखाने का साहस दिखायाहै। उन्होंने कहा कि विदेश नीति किसी एक पार्टी की नहीं, बल्कि देश की होती है। मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस उनके खिलाफ कोई कदम नहीं उठाएगी।लेकिन हो सकता है कि वे उनके खिलाफ फतवा जारी कर दें, क्योंकि वे राष्ट्रीय हित को पारिवारिक हित से ऊपर नहीं रख पाते।
उत्तरी बेंगलुरु अतिक्रमण कार्रवाई पर सियासी घमासान, डीके शिवकुमार ने पिनरई विजयन को दी दखल न देने की सलाह

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शनिवार को केरल के मुख्यमंत्री को उत्तरी बंगलूरू में चल रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान में हस्तक्षेप नकरने की सलाह दी। केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने शुक्रवार को कर्नाटक की राजधानी में मुस्लिम आवासीय क्षेत्रों को कथित तौर पर ध्वस्तकिए जाने की कड़ी निंदा करते हुए इस कार्रवाई को चौंकाने वाला और पीड़ादायक बताया। उन्होंने फेसबुक पोस्ट में कहा था कि फकीर कॉलोनी औरवसीम लेआउट में वर्षों से रह रहे मुस्लिम परिवारों के घर गिराए जाना दर्दनाक और चौंकाने वाला है। पूरी तरह एक राजनीतिकइस पर प्रतिक्रिया देते हुए डी के शिवकुमार ने कहा, ‘यह पूरी तरह एक राजनीतिक बयान है। बिना तथ्य जाने पिनरई विजयन को हमारे राज्य केमामलों में दखल नहीं देना चाहिए। यह चुनाव के समय किया गया राजनीतिक हथकंडा है।’ शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि जिस जमीन पर झुग्गियां बनीथीं, वह ठोस कचरा प्रबंधन के लिए नौ साल पहले अधिसूचित की गई थी। उन्होंने कहा कि यह जगह एक पुरानी खदान और कचरा डंपिंग साइट है, जो बेहद खतरनाक और स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह है। उन्होंने कहा ‘कुछ लोगों ने रातों-रात अवैध रूप से कब्जा कर लिया। यह जमीन हड़पने कामामला है। इसमें किसी समुदाय को निशाना बनाने की बात बिल्कुल गलत है।’ बुलडोजर का इस्तेमाल नहीं कियाउपमुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि इस कार्रवाई में किसी भी तरह के बुलडोजर का इस्तेमाल नहीं किया गया। उन्होंने कहा, ‘हमने सिर्फ सार्वजनिकजमीन की रक्षा की है। यह शहर के बीचों-बीच स्थित कचरा प्रबंधन की जगह है। हम ऐसे अवैध स्लम को बढ़ावा नहीं दे सकते।’ उन्होंने यह भी भरोसादिलाया कि कांग्रेस सरकार मानवीय दृष्टिकोण रखती है और नियमों के तहत पात्र लोगों को वैकल्पिक आवास दिया जाएगा। डीके शिवकुमार ने आगेकहा कि ‘जो लोग वास्तव में जरूरतमंद और पात्र हैं, उन्हें राजीव गांधी आवास योजना के तहत घर दिए जाएंगे। लेकिन बिना कारण सरकारी जमीनपर कब्जा करने वालों को संरक्षण नहीं मिलेगा।’ शिवकुमार के अनुसार, अधिकतर अतिक्रमणकारी बाहरी लोग हैं और कुछ ही स्थानीय हैं। उन्होंनेबताया कि यह इलाका ब्यातरायनपुरा विधानसभा क्षेत्र में आता है, जहां से राजस्व मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा विधायक हैं। उन्होंने कहा, ‘वह वरिष्ठ औरअनुभवी नेता हैं और उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए थे कि किसी भी तरह की भूमि हड़पने की कोशिश न होने दी जाए।’
मनरेगा बचाने के लिए कांग्रेस का देशव्यापी अभियान, 5 जनवरी से होगा ‘मनरेगा बचाओ’ आंदोलन

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को खत्म करने के खिलाफ देशभर में अभियानचलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पांच जनवरी से पूरे देश में ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ शुरू करेगी। वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्षराहुल गांधी ने भी खरगे की तरह ही अपील की है। मनरेगा को बचाने का संकल्प लियाकांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक के बाद खरगे ने बताया कि इस बैठक में कांग्रेस नेताओं ने मनरेगा को बचाने का संकल्प लिया। उन्होंनेकहा कि पार्टी इस मुद्दे पर जनता के बीच जाएगी और सरकार के फैसले का विरोध करेगी। खरगे ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं है, बल्कियह संविधान की ओर से दिया गया काम करने का अधिकार है। इसे कमजोर या खत्म करना गरीबों और मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला है।उन्होंने यह भी कहा कि मनरेगा को खत्म करने के फैसले से लोग नाराज हैं और सरकार को इसके नतीजे भुगतने पड़ेंगे। खरगे के अनुसार, कांग्रेस इस मुद्देपर चुप नहीं बैठेगी और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखेगी। देशव्यापी अभियान चलाने की जरूरतखरगे ने कहा कि मनरेगा को खत्म किए जाने के खिलाफ देशव्यापी अभियान चलाने की जरूरत है। उन्होंने तीन कृषि कानूनों का उदाहरण देते हुए कहाकि जिस तरह कड़े विरोध के बाद सरकार को वे कानून वापस लेने पड़े थे, उसी तरह मनरेगा के मामले में भी जनता की आवाज उठेगी। कांग्रेस अध्यक्षने यह भी कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने की एक’सुनियोजित साजिश’ है। उन्होंने कहा कि यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब देश में लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के अधिकारों पर गंभीर खतरामंडरा रहा है।
पीएम मोदी ने वीर बाल दिवस पर बच्चों को संबोधित किया, साहिबजादों के अदम्य साहस को याद किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वीर बाल दिवस के मौके पर नई दिल्ली में स्थित भारत मंडपम में बच्चों को संबोधित किया। भारत मंडपम में हुएआयोजन से पहले प्रधानमंत्री ने इस वर्ष वीरता पुरस्कार से सम्मानित बच्चों के साथ संवाद भी किया। बच्चों के साथ मुलाकात करने की वीडियो भीसामने आया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘आज देश वीर बाल दिवस मना रहा है। अभी वंदे मातरम की सुंदर प्रस्तुतिहुई। आज हम उन वीर साहिबजादों को याद कर रहे हैं, जो भारत का गौरव हैं।’ उन्होंने कहा, ‘वीर साहिबजादे भारत के अदम्य साहस, शौर्य, वीरता कीपराकाष्ठा हैं। वीर साहिबजादों ने उम्र और अवस्था की सीमाओं को तोड़ दिया। वे क्रूर मुगल सल्तनत के सामने चट्टान की तरह खड़े हो गए। इससेमजहबी कट्टरता और आतंक का वजूद ही हिल गया।’ नाम का अजीत हूं, जीता न जाऊंगाउन्होंने कहा, ‘वीर साहिबजादों को छोटी सी उम्र में उस समय की सबसे बड़ी सत्ता से टकराना पड़ा। वो लड़ाई भारत के मूल विचारों और मजहबीकट्टरता के बीच थी। वो लड़ाई सत्य बनाम असत्य के बीच थी। उस लड़ाई की एक ओर गुरु गोविंद सिंह जी थे, दूसरी ओर क्रूर औरंगजेब की हुकूमतथी।’ उन्होंने कहा कि हमारे साहिबजादे उस समय छोटे ही थे, लेकिन औरंगजेब की क्रूरता को इससे फर्क नहीं पड़ा। वो जानता था कि उसे अगर भारतके लोगों को डराकर उनका धर्मांतरण कराना है तो इसके लिए उसे हिंदुस्तानियों का मनोबल तोड़ना होगा। इसलिए उसने साहिबजादों को निशानाबनाया। पीएम मोदी ने कहा कि भले ही पूरी मुगलिया बादशाहत उनके पीछे लग गई, लेकिन चारों साहिबजादों में से एक को भी डिगा नहीं पाई।साहिबजादा अजीत सिंह जी के शब्द आज भी उनके हौसले की कहानी कहते हैं। अजीत सिंह जी ने कहा था कि नाम का अजीत हूं, जीता न जाऊंगा, जीता भी गया तो जीता न आऊंगा। भाषाई विविधता हमारी ताकत बन रहीउन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले ही हमने गुरु तेगबहादुर को उनके 350वें बलिदान दिवस पर याद किया था। जिन साहिबजादों के पास गुरु तेगबहादुरजी के बलिदान की प्रेरणा हो, वो मुगल अत्याचारों से डर जाएंगे, ये सोचना ही गलत था। साहिबजादों के बलिदान की गाथा देश में जन-जन कीजुबान पर होनी चाहिए थी। दुर्भाग्य से आजादी के बाद भी देश में गुलामी की मानसिकता हावी रही। इस गुलामी का बीज अंग्रेज राजनेता मैकाले ने1835 में बोया था। उस मानसिकता से देश को आजादी के बाद भी मुक्त होने नहीं दिया गया। उन्होंने आगे कहा कि आजादी के बाद भी देश में ऐसीसच्चाईयों को दबाने की कोशिश की गई। अब भारत ने तय किया है कि गुलामी की मानसिकता से मुक्ति पानी ही होगी। अब हम भारतियों केबलिदान और शौर्य की स्मृतियां दबेंगी नहीं। अब देश के नायक-नायिकाओं को हाशिये पर नहीं रखा जाएगा, और इसलिए ‘वीर बाल दिवस’ को हमपूरे मनोभाव से मना रहे हैं। गुलामी की मानसिकता से मुक्त होते हमारे देश में, भाषाई विविधता हमारी ताकत बन रही है।
14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को पीएम राष्ट्रीय बाल पुरस्कार, क्रिकेट में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित

बिहार के 14 साल के युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार दिया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सूर्यवंशी को इस पुरस्कारसे सम्मानित किया है। समारोह के बाद वैभव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी ने वैभव की सराहना की। यहपुरस्कार पांच से 18 साल तक के बच्चों को दिया जाता है जो इस उम्र के बच्चों के लिए सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह पुरस्कार वीरता, कला एवंसंस्कृति, पर्यावरण, नवाचार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सामाजिक सेवा और खेल सहित विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए प्रतिवर्ष दियाजाता है। वैभव को खेल श्रेणी में यह पुरस्कार दिया गया है। बाएं हाथ के बल्लेबाज वैभव के भारत की अंडर-19 टीम के बाकी खिलाड़ियों के साथजुड़ने और जिम्बाब्वे के लिए रवाना होने की उम्मीद है, क्योंकि टीम आगामी अंडर-19 विश्व कप की तैयारी कर रही है जो 15 जनवरी से शुरू हो रहाहै। इसकी निराशा को पीछे छोड़ावैभव सूर्यवंशी ने हाल ही में क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा जब वह लिस्ट ए क्रिकेट में शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाजबने। विजय हजारे ट्रॉफी के एक मुकाबले में उन्होंने मात्र 84 गेंदों पर 190 रन की विस्फोटक पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 15 छक्के लगाए औरसिर्फ 36 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। उनकी इस पारी ने गेंदबाजों को पूरी तरह बेबस कर दिया था। वैभव हाल ही में संपन्न हुए अंडर-19 एशिया कप के लिए भारतीय टीम में शामिल थे। कुछ दिन पहले ही अंडर-19 एशिया कप के फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी कादिन खास नहीं रहा था। बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए वह 10 गेंदों पर 26 रन बनाकर आउट हो गए थे। हालांकि, उन्होंने इसकी निराशा को पीछेछोड़ा था और विजय हजारे ट्रॉफी में चमक बिखेरी थी। वैभव ने भारत की ओर से लिस्ट-ए क्रिकेट में चौथा सबसे तेज शतक जड़ा था। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित कियाइसी साल दोहा में हुए राइजिंग स्टार्स एशिया कप में वैभव भारत ए टीम के महत्वपूर्ण खिलाड़ी थे। भले ही भारत सेमीफाइनल में हार गया, लेकिनवैभव ने टूर्नामेंट में 239 रन बनाए, जिसमें यूएई के खिलाफ 32 गेंदों में शतक भी शामिल था। सिर्फ 12 साल की उम्र में रणजी डेब्यू करने वाले वैभवने आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए भी देशभर में सुर्खियां बटोरीं। अपने पहले IPL सीजन में उन्होंने 206.55 का स्ट्राइक रेट बनाएरखा और गुजरात टाइटंस के खिलाफ 38 गेंदों में 101 रन जड़कर आईपीएल इतिहास के दूसरे सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड बनाया और सबसे कमउम्र के आईपीएल शतकवीर बन गए थे। उन्होंने सबसे तेज आईपीएल शतक लगाने वाले भारतीय के मामले में यूसुफ पठान का रिकॉर्ड तोड़ा था।वैभव ने 35 गेंद पर शतक पूरा किया, जबकि यूसुफ ने 2010 में 37 गेंदों में शतक जड़ा था। भारत के युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को नई दिल्ली मेंराष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया। वैभव को खेलों में उत्कृष्ट योगदान के लिए यह पुरस्कार मिला है।
डीएसी की बैठक में स्वदेशी रक्षा परियोजनाओं को मंजूरी, नई मिसाइल और ड्रोन क्षमता पर जोर

रक्षा मंत्रालय की सर्वोच्च खरीद संस्था, रक्षा अधिग्रहण परिषद यानी डीएसी की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, भारतीयरक्षा बलों के लिए प्रमुख स्वदेशी परियोजनाओं को मंजूरी देने के लिए यह बैठक हुई। इन परियोजनाओं में दिल्ली एनसीआर क्षेत्र को हवाई खतरों सेबचाने के लिए स्वदेशी एकीकृत वायु रक्षा हथियार प्रणाली भी शामिल है। भारतीय सेना की ड्रोन क्षमताओं को बढ़ाने के उद्देश्य से, रक्षा मंत्रालयलगभग 850 लोइटरिंग मुनिशन्स (लॉइटरिंग मुनिशन्स) खरीदने का निर्णय ले सकता है। भारतीय नौसेना द्वारा अपने युद्धपोतों पर मंडरा रहे खतरों कामुकाबला करने के लिए स्वदेशी स्रोतों से बड़ी संख्या में मध्यम दूरी की सतह से वायु में मार करने वाली मिसाइल प्रणालियों की खरीद के प्रस्ताव परभी चर्चा होने की संभावना है। बैठक में भारत अमेरिका से लगभग तीन वर्षों के लिए दो सी गार्जियन MQ-9B HALE ड्रोन लीज पर लेने पर भीनिर्णय लेगा। भारत पहले ही इन ड्रोनों में से 31 के लिए समझौता कर चुका है, जिनके 2028 से भारत में आने शुरू होने की उम्मीद है। विकास को भी मंजूरी दिए जाने की संभावनारक्षा मंत्रालय की ओर से भारतीय वायु सेना के लिए 200 किलोमीटर से अधिक मारक क्षमता वाली बड़ी संख्या में एस्ट्रा मार्क 2 वायु-से-वायुमिसाइलों के विकास और खरीद को मंजूरी दिए जाने की संभावना है। इसके साथ ही निश्चित संख्या में मेटियोर वायु-से-वायु मिसाइलों की खरीद भीशामिल है। भारतीय सेना रक्षा क्षेत्र की एक सार्वजनिक इकाई के माध्यम से 200 टी-90 टैंकों का स्वदेशी नवीनीकरण करने का भी प्रस्ताव कर रहीहै। भारतीय वायु सेना के लिए इस्राइल से बड़ी संख्या में स्पाइस-1000 वायु-से-जमीनी मिसाइलों पर भी बैठक में चर्चा होने की संभावना है।इस्राइल एयरक्राफ्ट इंडस्ट्रीज को एकमात्र विक्रेता बनाकर छह मिड-एयर रिफ्यूलर विमानों की खरीद पर भी चर्चा होगी। रक्षा मंत्रालय और सेना केशीर्ष अधिकारियों सहित रक्षा समन्वय समिति (डीएसी) द्वारा 120 किलोमीटर की मारक क्षमता वाले पिनाका रॉकेटों के विकास को भी मंजूरी दिएजाने की संभावना है, जिन्हें 45 किलोमीटर और 80 किलोमीटर की मारक क्षमता वाले रॉकेटों के लिए उपयोग किए जाने वाले एक ही लॉन्चर से दागाजा सकेगा।
10 वर्षीय श्रवण सिंह को पीएम राष्ट्रीय बाल पुरस्कार, ऑपरेशन सिंदूर में सैनिकों की सेवा के लिए सम्मानित

ऑपरेशन सिंदूर के नन्हे सिपाही श्रवण सिंह को आज दिल्ली में प्रधान मंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। ऑपरेशन सिंदूर के दौरानसरहद पर तैनात सैनिकों को श्रवण (10) घर से लस्सी, दूध और रोटी लेकर देने के लिए जाता था। राष्ट्रपति द्राैपदी मुर्मू के हाथों सम्मान पाने के बादश्रवण ने कहा कि जब पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर शुरू हुआ, तो सैनिक हमारे गांव आए। मैंने सोचा कि मुझे उनकी सेवा करनी चाहिए। मैंउनके लिए रोज दूध, चाय, छाछ और बर्फ ले जाता था। मुझे पुरस्कार पाकर बहुत अच्छा लग रहा है। मैंने कभी इसके बारे में सपने में भी नहीं सोचाथा। श्रवण सिंह पंजाब का अकेला विद्यार्थी है जिसे इस साल दिल्ली में प्रधानमंत्री नेशनल चाइल्ड अवॉर्ड में हिस्सा लेने का माैका मिला है। उसनेऑपरेशन सिंदूर में इंडियन आर्मी की बहुत मदद की थी। दूध-लस्सी पहुंचाईसीएम भगवंत मान ने श्रवण को बधाई देते हुए एक्स पर लिखा-पंजाबियों के लिए यह बड़े गर्व की बात है कि आज राष्ट्रपति द्वारा हमारे फिरोजपुर केनिवासी 10 वर्षीय श्रवण सिंह को ‘राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। हमारे गुरुओं द्वारा दी गई शिक्षाओं पर चलते हुए, ऑपरेशन सिंदूरके दौरान श्रवण सिंह ने घर से चाय-पानी और भोजन लाकर सैनिकों की जो सेवा की, वह काबिल-ए-तारीफ़ है। बच्चे के देश के प्रति हौसले और जज़्बेको सलाम। ममदोट के सिटी हार्ट स्कूल में पढ़ने वाले इस साल के श्रवण सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के दाैरान सैनिकों को दूध-लस्सी पहुंचाई थी। उसकेसाहस पर आर्मी ने उसकी प्रशंसा की थी। उसके स्कूल और बीमारी के इलाज का खर्च सेना उठा रही है।
पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की पहली पुण्यतिथि, नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, याद की उनकी सादगी और आर्थिक सुधारों की विरासत

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की आज पहली पुण्यतिथि है। इस मौके पर राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने श्रद्धांजलि दी। कांग्रेस नेताओं ने उन्हेंश्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी विनम्रता, ईमानदारी और विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुनखरगे ने पूर्व प्रधानमंत्री को एक परिवर्तनकारी नेता बताया। खरगे ने कहा कि उन्होंने देश के आर्थिक पथ को नया रूप दिया और आर्थिक सुधारों केमाध्यम से लाखों लोगों के लिए अवसरों का विस्तार किया। इसके साथ ही लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकाला। उन्होंने कहा, “अपनी विनम्रता, ईमानदारी और बुद्धिमत्ता के लिए जाने जाने वाले, उन्होंने गरिमा और करुणा के साथ नेतृत्व किया, यह सुनिश्चित करते हुए कि प्रगति समावेशी बनी रहेऔर कल्याणकारी लाभ सबसे जरूरतमंद लोगों तक पहुंचें। अधिकार-आधारित प्रतिमान इसी दृष्टिकोण का प्रमाण है। हमने उनके दृष्टिकोण के तहतएक मजबूत भारत का निर्माण किया।” कांग्रेस अध्यक्ष ने एक्स पर लिखा, “हम एक ऐसे राजनेता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिनकी ईमानदारसार्वजनिक सेवा और स्थायी सुधारों की विरासत पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।” राष्ट्र की प्रगति के लिए पूरी तरह समर्पितराहुल गांधी ने एक्स पर लिखा कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। अपने दूरदर्शी नेतृत्व सेउन्होंने भारत को आर्थिक रूप से सशक्त किया। देश के वंचितों और गरीबों के लिए उनके ऐतिहासिक प्रयासों और साहसिक निर्णयों ने भारत को विश्वमंच पर एक नई पहचान दिलाई। उनकी विनम्रता, कर्मठता और ईमानदारी हम सभी के लिए सदैव प्रेरणादायी रहेगी। वहीं, प्रियंका गांधी वाड्रा नेकहा, “मनमोहन सिंह जी समानता के प्रबल समर्थक, एक सशक्त, साहसी और गरिमामय व्यक्तित्व थे, जो राष्ट्र की प्रगति के लिए पूरी तरह समर्पितथे। उनकी सादगी, ईमानदारी और देश के प्रति समर्पण हम सभी को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।” उनका दस साल का कार्यकाल भी शामिलइसके साथ ही असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। सरमा ने कहा कि राष्ट्रकांग्रेस नेता के योगदान को याद रखेगा, जो एक अर्थशास्त्री के रूप में प्रसिद्ध थे। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “आज पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी की पहली पुण्यतिथि पर उन्हें याद कर रहा हूं। ममुख्यमंत्री ने आगे कहा, “राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।पिछले साल 92 वर्ष की आयु में निधन हुए सिंह, 1991 से असम से राज्यसभा के लिए पांच बार चुने गए थे, जिसमें प्रधानमंत्री के रूप में उनका दससाल का कार्यकाल भी शामिल है।
क्रिसमस पर हमले की घटनाओं पर शशि थरूर की चिंता: कहा, यह सिर्फ ईसाई नहीं बल्कि पूरे देश की साझा संस्कृति पर हमला

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने क्रिसमस पर ईसाई समुदाय पर हुए हमले की घटनाओं पर चिंता जताई और कहा कि यह केवल एक समुदाय पर नहींबल्कि पूरे देश की साझा संस्कृति पर हमला है। दरअसल गुरुवार को क्रिसमस के अवसर पर ईसाई समुदाय पर हमले की देशभर में कई घटनाएं सामनेआईं। इनमें केरल में पूजा के दौरान हुई झड़प की भी घटना शामिल है। सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में शशि थरूर ने लिखा, केरल में त्योहारका माहौल तो बना रहा, लेकिन यह दुख की बात है कि क्रिसमस 2025 को खास स्थानीय घटनाओं और देशभर में असहिष्णुता के बढ़ते चलन केकारण डर और चिंता के माहौल में मनाया गया। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पलक्कड़ के पुडुस्सेरी में एक क्रिसमस कैरल समूह पर कथित तौर पर एकभाजपा कार्यकर्ता के हमले का जिक्र किया। उन्होंने कहा, हमलावरों ने कथित तौर पर प्रार्थना में शामिल लोगों को पीटा और संगीत वाद्ययंत्रों को तोड़दिया। धर्मनिरपेक्ष परंपरा पर हुए इस हमले से राज्य में सदमा फैल गया। केरल में चिंता तब और बढ़ गई जब दूसरे राज्यों से भी ऐसी खबरें आईं, जिनमें रायपुर (छत्तीसगढ़) के एक मॉल में सांता क्लॉज की मूर्ति को तोड़ना, जबलपुर में एक अंधी ईसाई लड़की पर हमला और उत्तर प्रदेश में एकचर्च में प्रार्थना में बाधा डालने की कोशिश की घटनाएं शामिल हैं। इतनी खुलेआम चुनौती क्यों दी जा रहीकांग्रेस नेता ने क्रिसमस की प्रार्थना सभा के दौरान ईसाई पादरियों की टिप्पणियों पर गहरा दुख जताया। उन्होंने लिखा, ‘मुझे यह सुनकर दुख हुआ किआर्कबिशप नेट्यो ने आधी रात की प्रार्थना के दौरान दुख जताते हुए कहा कि भारत में ईसाई समुदाय क्रिसमस 2025 डर और चिंता के माहौल में मनारहा है, और चेतावनी दी कि मणिपुर और उत्तर भारत में हुई हिंसा अब दूर नहीं है और केरल के दरवाजे पर दस्तक दे रही है।’ इनके अलावा थरूर नेकार्डिनल क्लीमिस के बयान का भी जिक्र किया, जिसमें कार्डिनल क्लीमिस ने हिंसा की घटनाओं के बीच प्रशासन की चुप्पी पर दुख व्यक्त किया।उन्होंने सवाल किया कि अपने धर्म का पालन करने के संवैधानिक अधिकार को इतनी खुलेआम चुनौती क्यों दी जा रही है? अत्याचारों का मूक दर्शक बना रहताथरूर ने पोस्ट में लिखा, ‘मैं भी ईसाई पादरियों के साथ मिलकर सरकार से ऐसी घटनाओं पर अपनी चुप्पी तोड़ने की अपील करता हूं। उनके शब्दों में, नागरिकों की सुरक्षा कोई एहसान नहीं, बल्कि एक कर्तव्य है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ‘नया भारत’ ऐसा नहीं होना चाहिए जहां समुदायप्रार्थना के दौरान होने वाली घटनाओं के डर में रहें। थरूर ने कहा, ‘समाज में एकता होनी चाहिए। सह-अस्तित्व कोई निष्क्रिय स्थिति नहीं है, बल्कि यहअपने पड़ोसी की शांति की रक्षा करने का एक सक्रिय चुनाव है। जब किसी कैरल समूह पर हमला होता है, तो यह सिर्फ ईसाई मुद्दा नहीं है, बल्कि यहहम सभी और केरल की साझा संस्कृति पर हमला है। अगर बहुसंख्यक समुदाय अल्पसंख्यक पर हो रहे अत्याचारों का मूक दर्शक बना रहता है तोशांति कायम नहीं रह सकती।’
त्रिपुरा विधानसभा अध्यक्ष बिस्व बंधु सेन का निधन, प्रधानमंत्री मोदी और नेताओं ने जताया शोक

शुक्रवार 26 दिसंबर को त्रिपुरा विधानसभा के अध्यक्ष बिस्व बंधु सेन का निधन हो गया। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, असम के मुख्यमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ कई लोगों ने दुख जताया है। 72 साल के सेन का शुक्रवार को बेंगलुरु के एक नीजि अस्पताल में निधन होगया। उन्हें ब्रेन स्ट्रोक आने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सेन का पार्थिव शरीर शनिवार को त्रिपुरा लाया जाएगा। सेन उत्तरी त्रिपुरा केधर्मनगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताते हुए कहा कि उन्हें राज्य की प्रगति को बढ़ावा देने के प्रयासों और कईसामाजिक कार्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए याद किया जाएगा। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “त्रिपुरा विधानसभा के अध्यक्ष श्री बिस्व बंधुसेन जी के निधन से दुखी हूं। उन्हें त्रिपुरा की प्रगति को बढ़ावा देने के प्रयासों और कई सामाजिक कार्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए याद कियाजाएगा। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति।”हम राज्य के विकास के लिए चर्चा करतेलोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने एक्स पर कहा, “त्रिपुरा विधानसभा के माननीय अध्यक्ष श्री बिस्व बंधु सेन जी के असामयिक निधन से गहरा दुखहुआ, उन्हें लोगों की निस्वार्थ सेवा के लिए याद किया जाएगा। उनके परिवार और समर्थकों के प्रति मेरी संवेदनाएं। ओम शांति!” असम के मुख्यमंत्रीहिमंत बिस्वा सरमा ने सेन के निधन पर शोक जताते हुए कहासे न एक जमीनी नेता थे जिन्होंने सामाजिक कार्य किए। सरमा ने सोशल मीडिया पर एकपोस्ट में कहा, “त्रिपुरा विधानसभा के अध्यक्ष श्री बिस्व बंधु सेन जी के निधन से दुखी हूं।” उन्होंने कहा, “माननीय सेन एक जमीनी नेता थे जिन्होंनेअपना जीवन सामाजिक कार्यों के लिए समर्पित कर दिया। मुझे उनके साथ हुई मुलाकातों की याद आती है, जहां हम राज्य के विकास के लिए चर्चाकरते थे।”