पीएम ने किया सीजेड मोड़ सोनमर्ग सुरंग’ का उद्घाटन, पीएम बोले – मोदी जो वादा करता है वो निभाता है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में जेड मोड़ सोनमर्ग सुरंग को राष्ट्र को समर्पित किया। यह सुरंग सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होने के साथ-साथक्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को जोड़ने वाली इस परियोजना को सरकार केप्राथमिकताओं में शामिल किया गया है, जो क्षेत्रीय विकास और सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। सुरंग की विशेषताएंजेड मोड़ सोनमर्ग सुरंग, जो 6.5 किलोमीटर लंबी है, राष्ट्रीय राजमार्ग-1 पर स्थित है। यह सोनमर्ग जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल को सालभर कनेक्टिविटीप्रदान करेगी, जो सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी के कारण अब तक अलग-थलग हो जाता था। सामरिक दृष्टि से यह सुरंग भारतीय सेना के लिएलद्दाख क्षेत्र में आपूर्ति और संचालन को सुगम बनाएगी। *सामरिक महत्व*जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का दुर्गम भूगोल और प्रतिकूल मौसम सेना और नागरिकों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है। यह सुरंग इन बाधाओं को कम करने मेंसहायक होगी। सर्दियों में शून्य से नीचे तापमान और भारी बर्फबारी के बावजूद यह निर्बाध परिवहन सुनिश्चित करेगी। यह परियोजना चीन औरपाकिस्तान सीमा पर तैनाती और आपूर्ति की दृष्टि से भी रणनीतिक रूप से अहम है पर्यटन को बढ़ावासोनमर्ग अपनी प्राकृतिक सुंदरता और साहसिक पर्यटन के लिए प्रसिद्ध है। जेड मोड़ सुरंग के संचालन से सर्दियों में भी इस क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियांजारी रहेंगी। इससे स्थानीय व्यापार और अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिलेगा। नए रोजगार सृजन के साथ स्थानीय निवासियों को लाभ होगा। तकनीकी और निर्माण संबंधी पहलूयह सुरंग अत्याधुनिक तकनीकों से निर्मित है। इसमें वेंटिलेशन सिस्टम, फायर सेफ्टी और इमरजेंसी एग्जिट जैसे फीचर्स शामिल हैं। साथ हीपर्यावरणीय संतुलन का भी ध्यान रखा गया है। सुरंग की निगरानी के लिए दोनों छोर पर टनल कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। प्रधानमंत्री का दृष्टिकोणप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सुरंग को क्षेत्रीय विकास और सामरिक मजबूती का प्रतीक बताया। उन्होंने इसे देश की “वन इंडिया, स्ट्रॉन्ग इंडिया” अवधारणा का हिस्सा बताते हुए कहा कि यह परियोजना न केवल भौगोलिक चुनौतियों को दूर करेगी, बल्कि स्थानीय निवासियों के जीवन को भीबेहतर बनाएगी। *स्थानीय प्रतिक्रिया*सुरंग के उद्घाटन से स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने उत्साह व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना सर्दियों में भी व्यापार और पर्यटन कोचालू रखेगी। एक स्थानीय व्यापारी ने कहा कि यह सुरंग रोजगार और आर्थिक विकास के लिए एक वरदान साबित होगी। भविष्य की योजनाएंजेड मोड़ सुरंग के अतिरिक्त सरकार ने क्षेत्र में अन्य आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए भी कई परियोजनाओं की घोषणा की है। इनका उद्देश्यदूरदराज के इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ना और जीवन स्तर में सुधार करना है। जेड मोड़ सोनमर्ग सुरंग सामरिक और पर्यटन के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम है। यह परियोजना न केवल कनेक्टिविटी में सुधार लाएगी, बल्किस्थानीय निवासियों और व्यापारियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव भी सुनिश्चित करेगी। यह भारत के इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास और सामरिक तैयारियोंका एक शानदार उदाहरण है।
महाकुंभ का पहला स्नान: आस्था का महासंगम, 20 देशों से आए भक्त, 60 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

भारत के प्रयागराज में महाकुंभ 2025 का पहला स्नान सम्पन्न हुआ, जहां 60 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वतीके संगम में डुबकी लगाई। यह आयोजन न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया के लिए आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व रखता है। इस साल, महाकुंभ में 20 से अधिक देशों से भक्त पहुंचे, जो भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता की वैश्विक पहचान को दर्शाता है। संगम तक 12 किलोमीटर की पदयात्रापहले शाही स्नान के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। गाड़ियों और अन्य परिवहन साधनों के बंद होने के कारण, लोगों ने संगम तक पहुंचनेके लिए 12 किलोमीटर की पदयात्रा की। श्रद्धालु भोर से ही स्नान के लिए संगम तट पर जुटने लगे। श्रद्धालुओं का उत्साह इस कदर था कि पैदलचलते हुए भी वे भजन-कीर्तन और मंत्रोच्चारण करते रहे। *सुरक्षा के कड़े इंतजाम*भीड़ को नियंत्रित करने और स्नान को सुचारू रूप से सम्पन्न कराने के लिए 60,000 से अधिक पुलिसकर्मी, अर्धसैनिक बल और अन्य सुरक्षाकर्मीतैनात किए गए थे। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से सुरक्षा पर कड़ी नजर रखी जा रही थी। विभिन्न घाटों पर आपातकालीन सेवाएं, हेल्पडेस्क और मेडिकल टीम भी तैनात थीं। संगम के रास्तों पर विशेष बैरिकेडिंग की गई ताकि भीड़ का उचित प्रबंधन किया जा सके। *विदेशी भक्तों का आकर्षण*इस बार महाकुंभ में 20 देशों से श्रद्धालु पहुंचे, जिनमें अमेरिका, रूस, जर्मनी, जापान, ऑस्ट्रेलिया और नेपाल शामिल हैं। विदेशी श्रद्धालुओं ने भारतीयआध्यात्मिकता और महाकुंभ की सांस्कृतिक विविधता को सराहा। वे कुंभ मेले में योग, ध्यान और सत्संग जैसे आयोजनों में भी भाग ले रहे हैं। कुछविदेशी पर्यटक भारतीय संस्कृति को करीब से समझने के लिए संत-महात्माओं और विद्वानों से संवाद भी कर रहे हैं। शाही स्नान का महत्वमहाकुंभ का पहला स्नान, जिसे “शाही स्नान” कहा जाता है, आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह स्नान दिन ब्रह्म मुहूर्त में शुरूहुआ, जिसमें साधु-संतों, अखाड़ों और आम श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। शाही स्नान की शुरुआत जुलूस के साथ होती है, जहां साधु अपने पारंपरिकवेशभूषा में हाथी, घोड़े और रथों के साथ संगम पहुंचते हैं। *स्नान के धार्मिक महत्व*ऐसा माना जाता है कि महाकुंभ के दौरान संगम में स्नान करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस बार पहले स्नान की तिथिको ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद शुभ माना गया, जिससे श्रद्धालुओं का उत्साह और बढ़ गया। भोजन और आवास की व्यवस्थाश्रद्धालुओं के लिए व्यापक स्तर पर भोजन और आवास की व्यवस्था की गई। विभिन्न धर्मशालाओं, आश्रमों और टेंट सिटी में हजारों श्रद्धालुओं कोठहरने की सुविधा दी गई। साथ ही, जगह-जगह लंगर और भंडारे आयोजित किए गए, जहां मुफ्त भोजन उपलब्ध कराया गया। पर्यावरण संरक्षण पर ध्यानमहाकुंभ के दौरान स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन ने प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया और घाटोंकी सफाई के लिए विशेष अभियान चलाए। जल प्रदूषण को रोकने के लिए संगम क्षेत्र में निगरानी टीम तैनात की गई। *संस्कृति का संगम*महाकुंभ सिर्फ स्नान का पर्व नहीं, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रदर्शन भी है। यहां धार्मिक चर्चा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीतऔर नृत्य का आयोजन किया गया, जिसने मेले को और भी भव्य बना दिया। *भविष्य की तैयारियां*महाकुंभ के आगामी स्नान और पर्वों के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। आने वाले हफ्तों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है। संगम परश्रद्धालुओं की आस्था और व्यवस्था के संतुलन को बनाए रखने के लिए प्रशासन हर संभव कदम उठा रहा है। महाकुंभ का यह पहला स्नान न केवल आस्था और भक्ति का प्रतीक है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और एकता का भी उत्सव है। इस अद्वितीयआयोजन ने दुनिया को यह दिखा दिया है कि भारत की आध्यात्मिकता और संस्कृति आज भी जीवंत है।
केरल में दलित एथलीट के यौन शोषण का गंभीर मामला: 62 लोगों पर आरोप, 14 गिरफ्तार

केरल के पथानामथिट्टा जिले में 18 वर्षीय दलित एथलीट ने पिछले पांच वर्षों में 62 लोगों द्वारा यौन शोषण का आरोप लगाया है। यह मामला तबप्रकाश में आया जब केरल महिला समाख्या सोसाइटी के स्वयंसेवकों ने क्षेत्र भ्रमण के दौरान पीड़िता से बातचीत की। पीड़िता ने अपनी आपबीतीसाझा की, जिसके बाद इस मामले की सूचना जिला बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को दी गई। काउंसलिंग के दौरान पीड़िता ने बताया किउसका शोषण 13 वर्ष की उम्र से हो रहा था। पुलिस कार्रवाई और जांचपुलिस ने मामले में तेजी दिखाते हुए दो थानों में पांच प्राथमिकियां दर्ज की हैं। पथानामथिट्टा के पुलिस अधीक्षक वीजी विनोद कुमार ने बताया किअब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच का नेतृत्व एक पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) कर रहे हैं, और अन्य आरोपियों की पहचान की जारही है। *गिरफ्तार आरोपी और उन पर लगाए गए आरोप*गिरफ्तार आरोपियों में पीड़िता के मंगेतर, कोच, साथी खिलाड़ी, सहपाठी और पड़ोसी शामिल हैं। इनकी उम्र 19 से 30 वर्ष के बीच है, और इनमें सेकई का आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। आरोपियों पर पॉक्सो एक्ट, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम औरभारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़िता की सुरक्षा और मौजूदा स्थितिपीड़िता को सीडब्ल्यूसी के अंतर्गत एक सुरक्षित आश्रय गृह में स्थानांतरित किया गया है। काउंसलिंग के माध्यम से उसकी मानसिक स्थिति कोसंभालने का प्रयास किया जा रहा है। परिवार ने दावा किया है कि उन्हें इन घटनाओं की जानकारी नहीं थी, क्योंकि पीड़िता ने कभी कुछ नहीं बताया।पीड़िता ने खेल शिविरों और प्रतियोगिताओं के दौरान यौन शोषण का सामना किया, जहां उसे अवसरों के नाम पर बार-बार निशाना बनाया गया। *राष्ट्रीय महिला आयोग का हस्तक्षेप*राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार से तीन दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने सभीआरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि पीड़िता को जल्द न्याय मिल सके। आगे की कार्रवाई और न्याय प्रक्रियापुलिस ने 62 आरोपियों की पहचान के लिए जांच तेज कर दी है और शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। गिरफ्तार किए गए 14 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस जल्द ही अदालत में चार्जशीट दाखिल करेगी। सामाजिक संगठनों ने पीड़िता के मानसिकस्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देने की मांग की है। यह मामला न केवल यौन शोषण, बल्कि दलित समुदाय के प्रति हो रहे अत्याचार का भी एक गंभीर उदाहरण है। समाज और कानून के लिए यह घटनाएक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। पुलिस और प्रशासन का यह कर्तव्य है कि वे पीड़िता को न्याय दिलाने के साथ-साथ ऐसे अपराधों के प्रति सख्तसंदेश दें।
दंतेवाड़ा: नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, पांच नक्सली मारे गए, हथियार बरामद

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई मुठभेड़ में पांच नक्सलियों को मार गिराया गया है। इस घटना में मारे गए नक्सलियों में दोमहिलाएं भी शामिल हैं। यह मुठभेड़ छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के गुमियापाल के जंगलों में हुई। सुरक्षाबलों ने इस अभियान को सफलतापूर्वकअंजाम देकर इलाके में सक्रिय नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है। *घटना का विवरण*घटना की जानकारी के अनुसार, दंतेवाड़ा के गुमियापाल के जंगलों में नक्सलियों के छिपे होने की सूचना पर सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन चलाया। इसऑपरेशन में जिला रिजर्व गार्ड (DRG) और केंद्रीय सुरक्षा बलों की टीम शामिल थी। गुप्त सूचना के आधार पर सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदीकी। इस दौरान नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने पांच नक्सलियों को ढेर कर दिया। मुठभेड़ स्थल से मारे गए नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। मौके से सुरक्षाबलों ने दो हथियार भी बरामद किएहैं, जिनमें एक एसएलआर (SLR) और एक 12 बोर की राइफल शामिल है। इसके अलावा, नक्सलियों के पास से अन्य सामान भी बरामद हुआ है, जिनका इस्तेमाल सुरक्षाबल जांच के लिए करेंगे। सुरक्षाबलों की भूमिकादंतेवाड़ा और इसके आसपास के इलाके लंबे समय से नक्सल प्रभावित रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार और केंद्र सरकार के निर्देश पर सुरक्षाबल लगातार इनइलाकों में नक्सल विरोधी अभियान चला रहे हैं। यह मुठभेड़ इसी अभियान का हिस्सा थी। सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ बड़ी सफलताहासिल की है, जो क्षेत्र में शांति और स्थिरता स्थापित करने के प्रयासों को बल देगा। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि मुठभेड़ स्थल से मिले सबूतों और हथियारों की जांच की जाएगी। मारे गए नक्सलियों की पहचान की जा रही है।माना जा रहा है कि इनमें से कुछ नक्सली संगठन के बड़े सदस्य हो सकते हैं। *नक्सली नेटवर्क पर असर*इस मुठभेड़ से नक्सली संगठन को बड़ा नुकसान हुआ है। यह घटना सुरक्षाबलों के बढ़ते दबाव और नक्सलियों की कमजोर होती पकड़ को दिखातीहै। नक्सलियों के खिलाफ इस तरह के ऑपरेशन न केवल उन्हें कमजोर करते हैं, बल्कि स्थानीय लोगों में सुरक्षा और विश्वास का माहौल भी बनाते हैं। स्थानीय प्रशासन का बयान दंतेवाड़ा के एसपी ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए इसे सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि इलाके में नक्सल विरोधी अभियान तेज करदिया गया है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियां क्षेत्र को नक्सल मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में सुरक्षाबलों ने पांच नक्सलियों को मार गिराकर नक्सल विरोधी अभियान को मजबूती दी है। मुठभेड़ में शामिल सुरक्षाबलों कीसतर्कता और रणनीति की सराहना की जा रही है। इस घटना से न केवल नक्सली नेटवर्क कमजोर हुआ है, बल्कि यह सुरक्षाबलों के साहस औरसमर्पण का उदाहरण भी है।
दिल्ली चुनाव 2025: आतिशी ने 40 लाख रुपये जुटाने के लिए क्राउड फंडिंग अभियान शुरू किया

दिल्ली की मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) की नेता आतिशी ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए 40 लाख रुपये जुटाने के उद्देश्य सेएक क्राउड फंडिंग अभियान शुरू किया है। आतिशी ने जनता से अपील की है कि वे इस अभियान में योगदान करें ताकि वे कालकाजी विधानसभा क्षेत्रसे चुनाव लड़ सकें। *क्राउड फंडिंग अभियान की शुरुआत*आतिशी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चुनावी खर्च के लिए उन्हें 40 लाख रुपये की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे उद्योगपतियों से चंदानहीं लेंगी, बल्कि जनता के योगदान से चुनावी प्रक्रिया में भाग लेंगी। अपने समर्थकों से उन्होंने 100 रुपये, 1000 रुपये या उससे अधिक का दानकरने की अपील की और इसके लिए एक ऑनलाइन लिंक भी साझा किया है। *आम आदमी पार्टी की ईमानदारी की राजनीति*आतिशी ने आम आदमी पार्टी की ईमानदारी की राजनीति की ओर इशारा करते हुए कहा कि पार्टी बड़े उद्योगपतियों से चंदा नहीं लेती, और यह उसकीसफलता का एक महत्वपूर्ण कारण है। उनका कहना था कि यदि पार्टी उद्योगपतियों से चंदा लेती, तो उसकी नीतियां उनके हितों के अनुसार होतीं, जिससे पार्टी जनता के लिए काम नहीं कर पाती। *चुनाव की तिथियां*दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए मतदान 5 फरवरी को निर्धारित किया गया है, और परिणाम 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे। वर्तमानविधानसभा का कार्यकाल 23 फरवरी को समाप्त हो जाएगा। *आतिशी का राजनीतिक करियर*आतिशी ने 2013 में आम आदमी पार्टी के गठन के बाद से पार्टी के लिए विभिन्न मुद्दों पर सक्रिय रूप से काम किया है। वे शिक्षा, स्वास्थ्य औरमहिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर विशेष ध्यान देती हैं और दिल्ली में उनके योगदान के कारण उन्हें मुख्यमंत्री बनने का अवसर भी मिला। *समर्थकों की प्रतिक्रिया*आतिशी के क्राउड फंडिंग अभियान की शुरुआत के बाद, उनके समर्थकों ने सोशल मीडिया पर इसका समर्थन किया। AAP के आधिकारिक ट्विटरहैंडल ने ट्वीट किया, “देश को आतिशी जी जैसे पढ़े-लिखे और ईमानदार नेताओं की आवश्यकता है।” इसके साथ ही समर्थकों ने दान करने के लिएलिंक साझा किया, जिससे अभियान को व्यापक समर्थन मिल रहा है। आतिशी का क्राउड फंडिंग अभियान दिल्ली की राजनीति में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आम आदमी पार्टी की ईमानदारी और जनता के प्रतिप्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह अभियान AAP की राजनीति की ईमानदारी का परीक्षण भी है, क्योंकि पार्टी ने हमेशा छोटे-छोटे दान की मदद से चुनावलड़ा है। *दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020*दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 में आम आदमी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया। AAP ने 70 सीटों में से 62 पर विजय प्राप्त की, जबकि भाजपाको 8 सीटें मिलीं और कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाई। यह चुनाव AAP के लिए एक बड़ी जीत साबित हुई, क्योंकि पार्टी ने दिल्ली की जनताद्वारा किए गए विकास कार्यों को प्रमुख आधार बनाकर चुनावी सफलता प्राप्त की। *AAP की विजय और भाजपा तथा कांग्रेस का प्रदर्शन*AAP की जीत ने पार्टी की राजनीतिक स्थिति को मजबूत किया, और अरविंद केजरीवाल को मुख्यमंत्री के रूप में फिर से चुना गया। भाजपा के लिएयह चुनाव अपेक्षाकृत कम सीटों के साथ खत्म हुआ, जबकि कांग्रेस के लिए यह और बड़ा झटका था, क्योंकि पार्टी दिल्ली की राजनीति से लगभगबाहर हो गई थी। *आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025*दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 का आयोजन फरवरी के अंत में या मार्च 2025 के पहले सप्ताह में होने की संभावना है। चुनाव की तिथियां चुनावआयोग द्वारा निकट भविष्य में घोषित की जाएंगी।
कोहरे के कारण उत्तर प्रदेश में कार दुर्घटना, बीजेपी के दो नेताओं की मौत, मुख्यमंत्री ने भी मदद का किया ऐलान

उत्तर प्रदेश में आज सुबह एक दुखद घटना घटी, जिसमें घने कोहरे के कारण एक कार ट्रक से टकरा गई। इस हादसे में बीजेपी के दो नेताओं की मौतहो गई। यह दुर्घटना कानपुर-लखनऊ हाइवे पर हुई, जहां कोहरा घना था। दुर्घटना में मृतकों की पहचान बीजेपी के स्थानीय नेता और एक पार्टीकार्यकर्ता के रूप में हुई है। दोनों नेता निजी यात्रा पर थे, जब उनकी कार अचानक ट्रक से टकरा गई। हादसे में ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति कीघटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे की जांच और पुलिस की कार्रवाईदुर्घटना के बाद पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि कोहरे के कारण दृश्यता कम थी, जिससे वाहन चालकों को रास्ते में आने वाली रुकावटों का सही अनुमान नहीं हो पाया। हादसे के बाद ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है औरहादसे के कारणों की गहन जांच की जा रही है। बीजेपी में शोक की लहर, सीएम योगी का संवेदना संदेशबीजेपी के नेताओं की मौत के बाद पार्टी में शोक का माहौल बन गया है। वरिष्ठ नेताओं ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों केपरिवारों के प्रति संवेदनाएं जाहिर की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी शोक व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायताका आश्वासन दिया। उन्होंने प्रशासन को कोहरे के मौसम में सड़कों पर सुरक्षा उपायों को कड़ी निगरानी में रखने का निर्देश दिया है। मौसम की स्थिति और यातायात पर प्रभावउत्तर प्रदेश में मौसम का असर आज महसूस होने लगा है। कानपुर सहित सात शहरों में सुबह से बारिश हो रही है, जिससे ठंड और कोहरे के कारणयातायात में रुकावट आ रही है। मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि आने वाले दिनों में और अधिक बारिश और ठंड बढ़ सकती है। इस मौसम केकारण सड़कों पर वाहन धीमी गति से चल रहे हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में किसानअपनी फसलों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। विमान और रेलवे सेवाएं प्रभावितकानपुर, इलाहाबाद, लखनऊ, वाराणसी, अलीगढ़, बरेली और मेरठ जैसे प्रमुख शहरों में बारिश और घने कोहरे का असर देखा जा रहा है, जिसकेकारण एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को समस्याएं हो रही हैं। विमानों की उड़ानें देर से हो रही हैं और रेलवे ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित हुआहै। अधिकारियों ने यात्रियों से सतर्क रहने और यात्रा के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है। सावधानी बरतने की आवश्यकतायह दुर्घटना और मौसम की स्थिति यह स्पष्ट करती है कि ठंड और कोहरे के मौसम में यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतना आवश्यक है। प्रशासनको और भी कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। सीएम ने जताया दुखउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर-लखनऊ हाइवे पर हुई दुर्घटना में बीजेपी के दो नेताओं की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया। उन्होंनेइसे अत्यंत दुखद घटना बताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की और राज्य सरकार द्वारा पीड़ित परिवारों को हर संभवसहायता देने का आश्वासन दिया। साथ ही, उन्होंने प्रशासन से खराब मौसम के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठानेकी सलाह दी। उत्तर प्रदेश में बारिश और ठंड का असरउत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने मौसम की स्थिति को प्रभावित किया है। कानपुर, लखनऊ, इलाहाबाद, वाराणसी, अलीगढ़, बरेली और मेरठमें बारिश हो रही है, जिससे सड़क यातायात में समस्याएं बढ़ गई हैं और दृश्यता कम हो गई है। साथ ही, किसानों के लिए फसलों की सुरक्षा को लेकरचिंता बढ़ गई है। ठंड और कोहरे के कारण शहरी क्षेत्रों में भी ठिठुरन बढ़ गई है। मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि अगले कुछ दिनों में औरअधिक बारिश और ठंड बढ़ सकती है, जिससे स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो सकती है। यह मौसम एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर भी असर डाल रहा है, जहां विमानों की उड़ानें और ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो रहा है। अधिकारियों नेयात्रियों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने और सड़क पर यात्रा करते वक्त विशेष ध्यान देने की अपील की है।
कन्नौज में निर्माणाधीन बिल्डिंग का लेंटर गिरा, 25 से अधिक मजदूर मलबे में दबे

11 जनवरी 2025 को उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में एक गंभीर हादसा हुआ, जब कन्नौज रेलवे स्टेशन के पास एक निर्माणाधीन दो मंजिला बिल्डिंगका लेंटर गिर गया। इस घटना में 25 से अधिक मजदूर मलबे में दब गए, जिनमें से 9 गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना का विवरणशनिवार दोपहर करीब 3 बजे, कन्नौज रेलवे स्टेशन परिसर में अमृत भारत योजना के तहत एक नई बिल्डिंग का निर्माण कार्य चल रहा था। इस दौरानलेंटर डालने का काम किया जा रहा था, तभी अचानक लेंटर ढह गया और उस समय काम कर रहे लगभग 25 मजदूर मलबे में दब गए। राहत और बचाव कार्य जारीहादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस, प्रशासन और रेलवे के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। अब तक 6 मजदूरोंको मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया है, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। अन्य मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशनलगातार जारी है। प्रशासनिक ने क्या दी प्रतिक्रिया?उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री असीम अरुण भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों कोरेस्क्यू ऑपरेशन को तेज़ी से चलाने और घायलों के उपचार में कोई कमी न होने के निर्देश दिए हैं। घायलों की क्या है स्थिति?घायलों को कन्नौज जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, दो घायलों की हालत गंभीर है औरउन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता है। हादसे की हो रही जांचप्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा जब तक सभीमजदूर मलबे से पूरी तरह सुरक्षित बाहर नहीं निकल जाते।यह हादसा कन्नौज जिले के लिए एक बड़ा संकट बनकर आया है, जिसमें कई मजदूरों की जान खतरे में पड़ी है। प्रशासन और स्थानीय लोग मिलकरराहत-बचाव कार्य में जुटे हुए हैं, ताकि सभी को सुरक्षित निकाला जा सके।
अमित शाह बोले, केजरीवाल ने अन्ना जैसे संत का इस्तेमाल किया, केजरीवाल ने भ्रष्टचार के सारे रिकॉर्ड तोड़े हैं

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधीआंदोलन का इस्तेमाल सत्ता हासिल करने के लिए किया। शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद केजरीवाल ने भ्रष्टाचार के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। शराब नीति में घोटाले का आरोपअमित शाह ने दिल्ली सरकार की शराब नीति में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि इस नीति के कारण सरकारी खजानेको भारी वित्तीय नुकसान हुआ। शाह ने मोहल्ला क्लीनिक परियोजना में भी फर्जी टेस्टिंग और घोटाले की बात कही। 45 करोड़ रुपये का ‘शीशमहल’गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री केजरीवाल पर उनके आधिकारिक आवास के नवीनीकरण में 45 करोड़ रुपये खर्च कर ‘शीशमहल’ बनवाने का आरोप लगाया।उन्होंने कहा कि केजरीवाल, जिन्होंने कभी सरकारी गाड़ी और बंगले का विरोध किया था, अब खुद आलीशान जीवन जी रहे हैं। पंजाब को ‘भ्रष्टाचार का एटीएम’ बनाने का आरोपअमित शाह ने यह भी आरोप लगाया कि केजरीवाल ने पंजाब को ‘भ्रष्टाचार का एटीएम’ बना दिया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार अपने अदालतीमामलों की पैरवी के लिए वकीलों की फीस चुकाने में पंजाब सरकार के राजस्व का उपयोग कर रही है। ‘आपदा मुक्ति दिवस’ का आह्वानशाह ने कहा कि 5 फरवरी को दिल्ली में ‘आपदा मुक्ति दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी (आप) दिल्ली केलिए एक आपदा बन चुकी है। उन्होंने दिल्ली के नागरिकों से भाजपा को वोट देने और भ्रष्टाचार मुक्त सरकार चुनने की अपील की। भाजपा की गारंटी ?अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी है कि सभी झुग्गीवासियों को पक्के मकान मिलेंगे। उन्होंने बताया कि भाजपा ने देशभर मेंकरोड़ों गरीबों को मकान, गैस सिलेंडर, बिजली, और शौचालय उपलब्ध कराए हैं। इसके विपरीत, उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल सरकार नेकेवल भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए मतदान 5 फरवरी को होगा और मतगणना 8 फरवरी को होगी। पिछले चुनाव में, आम आदमी पार्टी ने 70 में से 62 सीटें जीती थीं, जबकि भाजपा को 8 सीटें मिली थीं। कांग्रेस शून्य पर सिमट गई थी। इस बार के चुनाव में भाजपा और कांग्रेस सत्ता मेंवापसी के लिए प्रयासरत हैं, जबकि आम आदमी पार्टी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की कोशिश में है। 2020 दिल्ली विधानसभा चुनाव परिणाम2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में *आम आदमी पार्टी (AAP)* ने शानदार जीत दर्ज की। कुल 70 सीटों में से पार्टी ने 62 सीटें जीतीं और53.57% वोट शेयर प्राप्त किया। यह उनकी लगातार तीसरी जीत थी, जिसके बाद अरविंद केजरीवाल ने फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP)*ने 70 में से 8 सीटें* जीतीं और उन्हें *38.51% वोट शेयर* प्राप्त हुआ। यह बीजेपी का पिछली बार की तुलना में थोड़ीसुधार था, लेकिन फिर भी पार्टी को बहुमत से काफी दूर रहना पड़ा। *कांग्रेस (INC) को इस चुनाव में एक भी सीट* नहीं मिली, और उसका वोट शेयर केवल *4.26%* रहा। यह लगातार दूसरा चुनाव था, जब कांग्रेसदिल्ली विधानसभा में कोई सीट नहीं जीत पाई। इस चुनाव में आम आदमी पार्टी की जीत ने दिल्ली की राजनीति में उसकी मजबूत पकड़ को साबित किया, और केजरीवाल की सरकार ने तीसरी बारसत्ता में वापसी की।
दिल्ली शराब नीति पर कैग रिपोर्ट: 2,026 करोड़ रुपये के नुकसान का खुलासा

दिल्ली सरकार की अब रद्द हो चुकी नई आबकारी नीति पर नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट ने एक बड़ा खुलासा किया है। रिपोर्टमें दावा किया गया है कि इस नीति के कारण दिल्ली सरकार के खजाने को 2,026 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। यह पहली बार है जब कथितशराब घोटाले के वित्तीय असर को लेकर ऐसा आंकड़ा सार्वजनिक किया गया है। *क्या है मामला?*दिल्ली सरकार ने नवंबर 2021 में नई आबकारी नीति लागू की थी। इसका उद्देश्य शराब के कारोबार को व्यवस्थित करना और राजस्व बढ़ाना बतायागया था। हालांकि, इस नीति को लेकर विपक्षी दलों ने घोटाले के आरोप लगाए थे। बाद में, जुलाई 2022 में सरकार ने इस नीति को वापस लेलिया। अब कैग की रिपोर्ट ने इन आरोपों को और हवा दी है। कैग की रिपोर्ट के मुख्य बिंदु 1. राजस्व में कमीकैग रिपोर्ट के अनुसार, नई आबकारी नीति के चलते सरकारी खजाने को 2,026 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। रिपोर्ट में इस बात पर भी सवालउठाए गए कि क्यों शराब लाइसेंस जारी करने में प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। 2. अनियमितताएं:रिपोर्ट में कहा गया है कि नई नीति बनाते समय कई नियमों और प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया गया। शराब विक्रेताओं को अनुचित लाभ पहुंचाने काआरोप भी रिपोर्ट में शामिल है। 3. आबकारी विभाग पर सवालरिपोर्ट में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए गए हैं। इसमें आरोप है कि शराब लाइसेंस देने के लिए निर्धारित मापदंडों कापालन नहीं किया गया। 4. नियमों में बदलावकैग ने यह भी पाया कि शराब नीति लागू होने के बाद कई बार नियमों में बदलाव किया गया, जिससे कुछ कंपनियों को फायदा हुआ।*राजनीतिक प्रक्रिया* भाजपा का दावाभाजपा ने कैग रिपोर्ट को आधार बनाकर दिल्ली सरकार और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है। पार्टी ने इसे “शराब घोटाले” काप्रमाण बताया है और मुख्यमंत्री से इस्तीफा मांगा है। आम आदमी पार्टी की सफाईआम आदमी पार्टी (आप) ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। पार्टी का कहना है कि कैग की रिपोर्ट में कुछ सुझाव दिए गए हैं, लेकिन इसेघोटाला कहना गलत है। आप ने भाजपा पर संस्थाओं का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। *कैसे हुआ नुकसान?*रिपोर्ट के अनुसार, नई शराब नीति के तहत शराब लाइसेंस फीस में छूट दी गई और कुछ बड़े कॉरपोरेट समूहों को अनुचित लाभ दिया गया। साथ ही, लाइसेंस फीस में देरी से भुगतान की अनुमति देकर सरकार ने राजस्व का नुकसान किया। भ्रष्टाचार के आरोपकैग की रिपोर्ट ने उन आरोपों को मजबूती दी है जो दिल्ली सरकार पर पहले से लगते रहे हैं। भाजपा का कहना है कि इस नीति को लागू करने काउद्देश्य कुछ कंपनियों को लाभ पहुंचाना था। विपक्ष ने यह भी सवाल उठाया कि नीति को अचानक वापस क्यों लिया गया। भविष्य पर असरकैग की रिपोर्ट से दिल्ली सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ सकता है। इससे पहले, इस मुद्दे पर केंद्रीय एजेंसियों ने जांच शुरू की थी। रिपोर्ट काइस्तेमाल भाजपा आगामी चुनावों में आप सरकार के खिलाफ बड़े मुद्दे के रूप में कर सकती है। कैग की रिपोर्ट से दिल्ली सरकार की शराब नीति पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इसमें 2,026 करोड़ रुपये के नुकसान की बात कही गई है, जो बड़ाआंकड़ा है। हालांकि, इसे लेकर आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। जहां एक ओर भाजपा इसे घोटाला बता रही है, वहीं आप इसे राजनीति से प्रेरित आरोप मान रही है। आगे देखना होगा कि इस रिपोर्ट के आधार पर क्या कानूनी और राजनीतिक कदम उठाए जाते हैं।
यूपी, बिहार और राजस्थान में कड़ाके की ठंड, हिमाचल में पारा माइनस 11 डिग्री तक गिरा, कोहरे की चपेट मे देश के 16 राज्य

उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान में कड़ाके की ठंड ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई शहरों में तापमान 6 डिग्री सेल्सियस से भी कम दर्जकिया गया है। राजस्थान के कुछ इलाकों में तापमान 2-3 डिग्री तक गिर चुका है, वहीं उत्तर प्रदेश और बिहार के शहरों में भी ठंड ने लोगों की दिनचर्याको बुरी तरह प्रभावित किया है। हिमाचल प्रदेश में बर्फबारीहिमाचल प्रदेश के शिमला, मनाली और अन्य पर्यटन स्थलों में बर्फबारी के चलते तापमान शून्य के करीब पहुंच गया है। पहाड़ी इलाकों में न्यूनतमतापमान 11 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया है। ठंड के साथ बर्फबारी ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। घना कोहरा और दृश्यता में कमीउत्तर भारत के कई राज्यों, जैसे उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, और दिल्ली में घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित किया है। दृश्यता 50 मीटर से भीकम हो जाने के कारण सड़क और रेल यातायात में बाधाएं आई हैं। कोहरे के कारण दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ गई है। यातायात सेवाओं पर ठंड का प्रभावकोहरे और ठंड के चलते रेल और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। कई ट्रेनों को रद्द किया गया है और दर्जनों उड़ानों में देरी हुई है। यात्रियोंको समय पर गंतव्य तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासनिक कदमठंड से बचाव के लिए प्रशासन ने रैनबसेरों में सुविधाएं बढ़ाने और सड़कों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की है। गरीबों को कंबल वितरित किए जा रहेहैं और कई जगहों पर स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। कुछ इलाकों में ठंड के कारण स्कूलों में छुट्टियां भी घोषित की गई हैं। कृषि पर ठंड का प्रभावकोहरे और पाला फसलों पर नकारात्मक असर डाल रहे हैं। गेहूं, आलू और सरसों जैसी रबी फसलों की वृद्धि प्रभावित हो रही है। विशेषज्ञों का कहनाहै कि लंबे समय तक ऐसी परिस्थितियां बनी रहीं तो उत्पादन में कमी आ सकती है। उत्तर भारत में सर्दी और कोहरे का प्रकोप चरम पर है। तापमान में गिरावट और कोहरे के कारण न केवल यातायात और कृषि प्रभावित हुई है, बल्किआम लोगों का जीवन भी कठिन हो गया है। प्रशासन द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन ठंड से बचाव के लिए जनता को अतिरिक्त सतर्कताबरतने की जरूरत है।