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हरियाणा सीएम ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ मानहानि का केस करने की चेतावनी दी, यमुना के पानी पर हुआ घमासान

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यमुना नदी में प्रदूषण को लेकर दिए गए बयानों पर आप नेता अरविंद केजरीवाल के खिलाफ कड़ीप्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने केजरीवाल पर झूठे और भ्रामक आरोप लगाने का आरोप लगाते हुए माफी मांगने या मानहानि का मुकदमा करने कीचेतावनी दी। केजरीवाल ने हरियाणा सरकार पर लगाए गंभीर आरोपदिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भाजपा शासित हरियाणा सरकार पर यमुना नदी के पानीको “जहरीला” बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि यह कदम दिल्लीवासियों को नुकसान पहुंचाने और इसका दोष “आप” सरकार परमढ़ने के उद्देश्य से उठाया गया है। हरियाणा सीएम का पलटवारहरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इन आरोपों को निराधार बताया और कहा कि अरविंद केजरीवाल को हरियाणा और दिल्ली के लोगों सेमाफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा, “केजरीवाल के झूठे बयान न केवल दुर्भावनापूर्ण हैं बल्कि राजनीतिक लाभ के लिए बनाए गए हैं। यदि वे माफीनहीं मांगते, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” पानी की कमी के दावों का खंडनसीएम सैनी ने कहा कि दिल्ली में पानी की कमी के लिए हरियाणा जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने दिल्ली सरकार पर वितरण प्रणाली की विफलता काआरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 10 वर्षों में यह समस्या दिल्ली सरकार की लापरवाही के कारण बनी है। दिल्ली जल बोर्ड की सीईओ का बयानदिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिल्पा शिंदे ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर अरविंद केजरीवाल के बयानों को तथ्यात्मकरूप से गलत बताया। उन्होंने कहा कि यमुना नदी के पानी को उपचारित करने की तकनीकी क्षमता मौजूद है, लेकिन अमोनिया का स्तर यदि 6.5 पीपीएम तक बढ़ जाए तो उसे नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है। आप नेता आतिशी का भाजपा पर आरोपदिल्ली की मंत्री आतिशी ने दावा किया कि भाजपा ने उपराज्यपाल के माध्यम से दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों पर दबाव बनाया और सीईओ सेपत्र लिखवाकर जारी करवाया। उन्होंने कहा कि यमुना के पानी में अमोनिया का स्तर 6.5 पीपीएम तक पहुंच चुका है, जो स्वीकार्य सीमा से छह गुनाअधिक है। सियासी तनाव में हुई बढ़ोतरीहरियाणा और दिल्ली सरकार के बीच यमुना नदी के पानी को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। जहां अरविंद केजरीवाल ने हरियाणा सरकार परदिल्ली के पानी को जहरीला करने का आरोप लगाया, वहीं हरियाणा सीएम ने इसे आप सरकार की “राजनीतिक साजिश” करार दिया।

महाकुंभ का 16वां दिन: संगम की रेती पर भक्तों का सैलाब, आज 1 करोड़ लोगों ने किया स्नान

महाकुंभ मेले के 16वें दिन संगम पर श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है। मौनी अमावस्या (29 जनवरी) से पहले ही संगम किनारे भक्तों की भारी भीड़उमड़ पड़ी है। मंगलवार सुबह 1 करोड़ लोगों ने गंगा में डुबकी लगाई और हर ओर भक्तजन स्नान और पूजा-अर्चना करते दिखे। अब तक करीब 15 करोड़ लोग संगम में स्नान कर चुके हैं। भीड़ के आंकड़ेरविवार को 1.74 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई थी, जबकि सोमवार रात 8 बजे तक यह संख्या 1.55 करोड़ तक पहुंच गई। मौनीअमावस्या के दिन करीब 10 करोड़ लोगों के संगम आने का अनुमान है। पूरे महाकुंभ में लगभग 45 करोड़ श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। प्रशासन के प्रयासप्रशासन को भीड़ प्रबंधन और बेहतर व्यवस्था बनाए रखने में काफी मेहनत करनी पड़ रही है। मौनी अमावस्या से पहले व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिएअधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बाबा रामदेव का शिविर और बयानयोग गुरु बाबा रामदेव ने महाकुंभ में अपना शिविर लगाया है, जहां वे लोगों को योग सिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्रीअमित शाह ने महाकुंभ में शामिल होकर परंपरा को नया आयाम दिया है। उन्होंने कहा, “पहले देश के प्रशासक ऐसे धार्मिक आयोजनों में भाग नहींलेते थे, लेकिन मोदी और शाह ने यह धारणा बदली है। वे गर्व के साथ कहते हैं कि हम हिंदू और ऋषियों के वंशज हैं।” प्रयागराज डीएम की अपीलमहाकुंभ में बढ़ती भीड़ के कारण यातायात प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बन गया है। इस पर जिला प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे चारपहिया वाहनों का उपयोग न करें। डीएम ने वरिष्ठ नागरिकों को बाइक का उपयोग करने और युवाओं को पैदल आने की सलाह दी है, ताकि यातायातव्यवस्थित रहे और बाहर सेआने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा न हो। पथराव की घटनाझांसी से प्रयागराज आ रही एक पैसेंजर ट्रेन पर पथराव का मामला सामने आया है। हालांकि, इस घटना में किसी को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिनइसने यात्रियों में भय का माहौल पैदा कर दिया। संगम पर उत्सव और चुनौती महाकुंभ में श्रद्धालुओं का उत्साह और भक्ति हर दिन बढ़ती जा रही है। हालांकि, प्रशासन और स्थानीय लोगों को भीड़ प्रबंधन और सुविधाएं बनाएरखने के लिए सतर्कता बरतनी पड़ रही है। मौनी अमावस्या पर उमड़ने वाली भीड़ के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं।

बागपत में बड़ा हादसा; जैन समुदाय के निर्वाण महोत्सव में हादसा, 6 की मौत, 80 घायल

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत तहसील में जैन समुदाय के निर्वाण महोत्सव के दौरान मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। हादसा सुबह 7 से 8 बजे के बीच हुआ, जब 65 फीट ऊंचे लकड़ी के मंच की सीढ़ियां अचानक टूट गईं। इस घटना में 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 80 सेअधिक लोग घायल हो गए। घायलों में से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हादसे की पृष्ठभूमिमहोत्सव के आयोजन में आदिनाथ भगवान को प्रसाद चढ़ाने का कार्यक्रम चल रहा था। इस दौरान भगवान की 4-5 फीट ऊंची प्रतिमा को 65 फीटऊंचे मंच पर स्थापित किया गया था। भगवान तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं के लिए मचाननुमा लकड़ी की सीढ़ियां बनाई गई थीं। जैसे-जैसे श्रद्धालुभारी संख्या में सीढ़ियों पर चढ़ने लगे, भार बढ़ने के कारण मंच का संतुलन बिगड़ गया और मचान धराशायी हो गया। हादसे के बाद मची भगदड़सीढ़ियां टूटने से ऊपर चढ़े हुए श्रद्धालु एक-दूसरे पर गिरने लगे। नीचे खड़े श्रद्धालु भी इस गिरावट की चपेट में आ गए। हादसे के तुरंत बाद भगदड़ मचगई। घबराए श्रद्धालु इधर-उधर भागने लगे। चारों ओर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को ठेलों, रिक्शों और निजी वाहनों की मदद से अस्पताल पहुंचाना शुरू किया। स्थानीय लोगों की भूमिकाहादसे के बाद स्थानीय निवासियों ने बहादुरी दिखाते हुए राहत और बचाव कार्य संभाला। उन्होंने घायलों को खून से लथपथ स्थिति में मंच के मलबे सेबाहर निकाला। घायलों को सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कई गंभीर घायल मरीजों को मेरठ और दिल्ली के बड़े अस्पतालों मेंरेफर किया गया है। घटनास्थल का दृश्यघटनास्थल पर टूटी हुई लकड़ियों का मलबा और बिखरे हुए सामान दर्दनाक मंजर पेश कर रहे थे। घायल श्रद्धालुओं को रोते-बिलखते देखा गया। कुछपरिजन अपने प्रियजनों को खोजने में जुटे हुए थे। इस दौरान आयोजन समिति के सदस्य भी वहां मौजूद थे और राहत कार्यों में मदद कर रहे थे। प्रशासन की प्रतिक्रियाहादसे की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंच गई। जिलाधिकारी ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस ने मलबे कोहटाकर क्षेत्र को खाली करवाया और घायलों को अस्पताल भेजने में मदद की। आयोजन समिति पर उठे सवालहादसे के बाद आयोजन समिति पर सवाल उठने लगे हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंच और सीढ़ियों की मजबूती की उचित व्यवस्था नहींकी गई थी। आयोजन स्थल पर भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा इंतजाम न होने से हादसा और बड़ा हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लकड़ी का मंचकमजोर था और भारी भीड़ के भार को सहन नहीं कर सका। श्रद्धालुओं की प्रतिक्रियाघटनास्थल पर मौजूद श्रद्धालुओं का कहना है कि हादसा प्रशासन और आयोजन समिति की लापरवाही का नतीजा है। एक श्रद्धालु ने कहा, “हमभगवान के दर्शन के लिए आए थे, लेकिन यहां सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं थी।” एक अन्य ने बताया कि अगर मंच को मजबूत बनाया जाता औरभीड़ को नियंत्रित किया जाता, तो यह हादसा टल सकता था। घायलों का इलाज जारीअस्पताल में भर्ती घायलों में से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर इलाज न मिलता तो मृतकों की संख्या औरबढ़ सकती थी। घायलों में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी शामिल हैं। सरकार ने की घोषणाउत्तर प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और गंभीर घायलों को 50,000 रुपये की मदद की घोषणा की है।मुख्यमंत्री ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए जांच के आदेश दिए हैं। आगे की कार्रवाईप्रशासन ने मंच और सीढ़ियों के निर्माण में उपयोग की गई सामग्री की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की है। इस घटना ने धार्मिक आयोजनों मेंसुरक्षा प्रबंधों की अनदेखी पर एक बार फिर ध्यान आकर्षित किया है।

दिल्ली चुनाव: एनसीपी के वरिष्ठ नेता और स्टार प्रचारक प्रफुल पटेल ने दिल्ली की कमान संभाली, चुनाव के लिए पार्टी ने जारी किया चुनावीजनसभाओं का शेड्यूल

आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने अपने दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल को स्टारप्रचारक के तौर पर दिल्ली चुनावों की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं एनसीपी ने दिल्ली में अपने राजनीतिक प्रभाव को बढ़ाने और मतदाताओं तक पार्टी केसंदेश को पहुंचाने के लिए एक विस्तृत प्रचार अभियान का शेड्यूल जारी किया है। प्रचार अभियान का शेड्यूल जारीएनसीपी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पांच प्रमुख विधानसभा क्षेत्रों में रैलियों और जनसभाओं के आयोजन की योजना बनाई है। इनकार्यक्रमों में प्रफुल्ल पटेल पार्टी के विकास एजेंडे को जनता के समक्ष रखेंगे। 29 जनवरी 2025 को नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के रामलीला मैदानमें सुबह 11 बजे पहली जनसभा होगी। इसके बाद 30 जनवरी को चांदनी चौक के मुख्य बाजार में रोड शो और शाम 5 बजे जनसभा का आयोजनकिया जाएगा। 1 फरवरी को करोल बाग के रामजस मैदान में दोपहर 3 बजे विशाल जनसभा होगी। 2 फरवरी को तुगलकाबाद विधानसभा क्षेत्र केस्थानीय पार्क में सुबह 10 बजे महिला और युवा वर्ग के साथ संवाद किया जाएगा। अंत में, 4 फरवरी को ओखला विधानसभा क्षेत्र में शाम 6 बजेमुस्लिम समुदाय के साथ विशेष जनसभा का आयोजन किया जाएगा। प्रमुख मुद्दे होंगे एजेंडे का हिस्साप्रफुल्ल पटेल अपने भाषणों में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देंगे। एनसीपी के अन्य नेता भी इन कार्यक्रमों में उनकेसाथ मौजूद रहेंगे और पार्टी के एजेंडे को जनता के सामने रखेंगे।दिल्ली में एनसीपी की उम्मीदेंएनसीपी ने इस बार दिल्ली चुनाव में जनता के हर वर्ग तक पहुंचने का लक्ष्य तय किया है। पार्टी को उम्मीद है कि इन रैलियों और जनसभाओं के जरिएवह अपनी स्थिति को मजबूत कर पाएगी।

राहुल गांधी का संविधान बचाने का आह्वान, बीजेपी पर तीखा हमला

मध्य प्रदेश के महू में “जय बापू, जय भीम, जय संविधान” यात्रा का आयोजन हुआ, जिसका उद्देश्य संविधान के महत्व को समझाना और इसकी रक्षाके लिए जागरूकता फैलाना है। इस यात्रा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भाग लिया और संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।संविधान को बताया देश का आधारराहुल गांधी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि संविधान देश की आत्मा है और इसे कमजोर करना पूरे देश को कमजोर करने के समान है।उन्होंने बाबा साहेब अंबेडकर को श्रद्धांजलि दी और कहा कि संविधान ने सभी नागरिकों को समान अधिकार दिए हैं। राहुल ने जनता से संविधान कीमूल भावना को समझने और उसकी रक्षा के लिए आगे आने की अपील की। बीजेपी पर साधा निशानाराहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा सरकार संविधान को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार बाबा साहेब अंबेडकर और महात्मा गांधी के विचारों को दरकिनार कर रही है। राहुल ने कहा, “यह सरकारकेवल अमीरों और उद्योगपतियों के लिए काम कर रही है, जबकि गरीबों, दलितों और पिछड़े वर्गों की अनदेखी कर रही है।” गरीबी और बेरोजगारी पर चिंताराहुल गांधी ने देश में बढ़ती गरीबी और बेरोजगारी के लिए बीजेपी सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने जनता से कहा कि यह लड़ाई केवल कांग्रेसकी नहीं, बल्कि हर नागरिक की है। उन्होंने संविधान की रक्षा के लिए सभी से एकजुट होने का आह्वान किया। खड़गे का बीजेपी और आरएसएस पर हमलाकांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने “जय बापू, जय भीम, जय संविधान” यात्रा के मंच से बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला बोला। संविधान की रक्षा का आह्वानखड़गे ने कहा कि आज संविधान और लोकतंत्र को बचाने की आवश्यकता पहले से अधिक है। उन्होंने बाबा साहेब अंबेडकर को याद करते हुए कहाकि उन्होंने समाज के वंचित वर्गों को समान अधिकार दिलाने के लिए जो संघर्ष किया, उसे कमजोर करने की कोशिश हो रही है। बीजेपी और RSS पर आरोपखड़गे ने बीजेपी और आरएसएस पर संविधान को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन संगठनों ने आजादी की लड़ाई में कोई भूमिकानहीं निभाई और ब्रिटिश शासन का साथ दिया। खड़गे ने जनता से अपील की कि वे ऐसे संगठनों को सबक सिखाएं। नेहरू और गांधी का जिक्रखड़गे ने जवाहरलाल नेहरू और महात्मा गांधी के योगदान को सराहा। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने बाबा साहेब अंबेडकर के विचारों को संविधान मेंशामिल कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। खड़गे ने कहा कि संविधान हमारे समाज में समानता और अधिकार सुनिश्चित करता है। दलित और आदिवासी हक पर जोरमल्लिकार्जुन खड़गे ने दलितों और आदिवासियों पर हो रहे अत्याचारों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि समाज के वंचित वर्गों को आज भी अपनेअधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने कीअपील की। यात्रा का क्या है उद्देश्य?“जय बापू, जय भीम, जय संविधान” यात्रा का मकसद संविधान के महत्व को समझाना और इसकी रक्षा के लिए जनता को प्रेरित करना है। इस यात्राके माध्यम से कांग्रेस ने बाबा साहेब अंबेडकर के विचारों और उनके द्वारा रचित संविधान को बचाने का संदेश दिया है।

अमित शाह ने प्रयागराज महाकुंभ में डुबकी लगाई, परिवार के साथ किया पवित्र अनुष्ठान

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को प्रयागराज महाकुंभ के पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगाई। उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ भी मौजूद थे। शाह ने दोपहर करीब एक बजे संगम में डुबकी लगाई, जल आचमन किया, सूर्य को जल अर्पित किया और कुछ प्रमुखसंतों के मार्गदर्शन में अन्य धार्मिक अनुष्ठान किए। परिवार के साथ महाकुंभ में शामिल हुए अमित शाहअमित शाह महाकुंभ मेले के पवित्र स्नान के लिए अपनी पत्नी सोनल शाह, बेटे जय शाह, बहू ऋषिता और पोते-पोतियों के साथ त्रिवेणी संगम पहुंचे।उन्होंने परिवार के साथ धार्मिक अनुष्ठान किए। इस दौरान, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी वीआईपी घाट पर डुबकी लगाई। हालांकि, जब शाहडुबकी लगा रहे थे, तो आदित्यनाथ कुछ समय के लिए समूह से पीछे चले गए, लेकिन फिर जूना पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर आचार्य अवधेशानंद गिरि केकहने पर वे फिर से आगे आए और अनुष्ठान में शामिल हुए। जय शाह और ऋषिता के साथ अनुष्ठानों में भागीदारीअमित शाह के बेटे जय शाह ने संगम पर ‘आरती’ और अन्य अनुष्ठानों में भाग लिया। इस दौरान, शीर्ष संतों ने जय शाह और ऋषिता के हाल ही मेंजन्मे बच्चे को आशीर्वाद दिया। उनकी बड़ी बेटी आरती के दौरान उनके साथ थी। इस अवसर पर योग गुरु रामदेव भी संतों के साथ मौजूद थे। अमित शाह का प्रयागराज में स्वागत, अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्थाअमित शाह के प्रयागराज पहुंचने पर उनका स्वागत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक नेहवाई अड्डे पर किया। भाजपा के राज्य प्रमुख भूपेंद्र चौधरी और अन्य पार्टी नेताओं ने भी हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। शाह के दौरे के दौरानमेला क्षेत्र में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। प्रयागराज में कई स्थानों पर मार्ग परिवर्तित किए गए थे, जिससे स्थानीय नागरिकों और तीर्थयात्रियोंको कुछ असुविधाओं का सामना करना पड़ा। महाकुंभ की महत्ता पर अमित शाह का बयानमहाकुंभ के इस धार्मिक अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने “एक्स” प्लेटफॉर्म पर पोस्टकरते हुए कहा, “‘महाकुंभ’ सनातन संस्कृति की अविरल धारा का अद्वितीय प्रतीक है। कुंभ समरसता पर आधारित हमारे सनातन जीवन-दर्शन कोदर्शाता है।” उन्होंने आगे कहा, “आज धर्म नगरी प्रयागराज में एकता और अखंडता के इस महापर्व में संगम स्नान करने और संत जनों का आशीर्वाद लेनेके लिए उत्सुक हूं।” महाकुंभ 13 जनवरी से शुरू हुआ है और 26 फरवरी तक चलेगा।

उत्तराखंड में लागू हुआ समान नागरिक संहिता (UCC), सीएम धामी ने पोर्टल और नियमावली का किया उद्घाटन

उत्तराखंड में आज समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर दी गई है, जिससे राज्य एक ऐतिहासिक कदम उठा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नेमुख्य सेवक सदन में UCC के पोर्टल और नियमावली का लोकार्पण किया। इसके साथ ही उत्तराखंड स्वतंत्रता के बाद पहला राज्य बन गया है, जहांयह कानून लागू हुआ है। गृह सचिव ने शनिवार को इसके संबंध में एक पत्र भी जारी किया था। UCC का उद्देश्य समानता और महिला सशक्तिकरणसीएम धामी ने UCC की नियमावली जारी करते हुए इसे बाबा साहेब की श्रद्धांजलि बताया और गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया।उन्होंने कहा कि UCC से समाज में समानता स्थापित होगी और यह पूरे देश के लिए एक मजबूत आधार बनेगा। इस कानून से महिलाओं को सशक्तबनाने में मदद मिलेगी और सभी धर्मों के लोगों को समान अधिकार मिलेंगे। महिलाओं और बच्चों के अधिकारों में महत्वपूर्ण बदलावसीएम धामी ने यह भी बताया कि UCC से कई कुप्रथाएं समाप्त हो जाएंगी, जैसे कि हलाला और बहुविवाह। महिलाओं को संपत्ति में समानअधिकार मिलेगा और लिव-इन रिलेशनशिप से उत्पन्न बच्चों को भी अधिकार मिलेगा। तलाक और विवाह के नियम अब सभी धर्मों में समान होंगे।इसके अलावा, विवाह का पंजीकरण अनिवार्य किया जाएगा और बिना पंजीकरण के सरकारी सुविधाएं नहीं मिलेंगी। सशस्त्र बलों और लिव-इन रिलेशनशिप के लिए विशेष प्रावधानUCC में सशस्त्र बलों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिसमें सैनिक, वायुसैनिक और नौसैनिक अपने विशेषाधिकार वाले वसीयत बना सकेंगे।इसके अलावा, लिव-इन रिलेशनशिप के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा, जिससे दोनों पक्षों को कानूनी सुरक्षा मिलेगी और उनके बच्चों को वैधअधिकार मिलेंगे। UCC के लागू होने से समाज में व्यापक सुधारUCC में महिलाओं के अधिकारों पर विशेष ध्यान दिया गया है। लड़कियों की शादी की उम्र को 18 साल तक बढ़ाने, बहु-विवाह पर रोक लगाने, और गोद लेने की प्रक्रिया को सरल बनाने के प्रस्तावों के साथ यह कानून सामाजिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। UCC के तहत सभीधर्मों के बच्चों को गोद लेने का अधिकार मिलेगा, हालांकि दूसरे धर्म के बच्चे को गोद नहीं लिया जा सकेगा। UCC का सफर और भविष्य में प्रभाव UCC लागू करने का वादा मुख्यमंत्री धामी ने 2022 विधानसभा चुनावों के दौरान किया था। इसके बाद, मई 2022 में सुप्रीम कोर्ट की पूर्वन्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति गठित की गई थी, जिसने 2024 में ड्राफ्ट रिपोर्ट सौंपी। 8 मार्च 2024 कोUCC विधेयक विधानसभा में पारित हुआ और 12 मार्च 2024 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली। राज्य ने UCC लागू करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सऊदी अरब, तुर्की, इंडोनेशिया, नेपाल, फ्रांस, जर्मनी, जापान और कनाडा जैसे देशों के UCC का अध्ययन किया।

डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने पटना साहिब में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, जनप्रतिनिधियों को निरंतर काम करने की दी प्रेरणा

बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने पटना साहिब विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 69 मेंसामुदायिक भवन और सड़क का उद्घाटन तथा पुलिया का शिलान्यास किया। इस मौके पर क्षेत्रीय पार्षद मनोज मेहता भी उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों को प्रेरित किया गयाकार्यक्रम के बाद डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने क्षेत्रीय विकास के महत्व पर जोर दिया और कहा कि हर जनप्रतिनिधि का यह कर्तव्य है कि वह अपनेक्षेत्र में निरंतर विकास कार्यों के लिए तत्पर रहे। उन्होंने क्षेत्रीय पार्षद मनोज मेहता के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी योजनाएं लोगों केहित में हैं और अन्य जनप्रतिनिधियों को भी इससे प्रेरणा लेनी चाहिए। मनोज मेहरा का किया गया स्वागतइस अवसर पर क्षेत्रीय पार्षद मनोज मेहता ने डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया और उनकी जनहित में निरंतर सक्रियताकी सराहना की। उन्होंने कहा कि डॉ. सिंह जैसे जनप्रिय नेता का नेतृत्व हमेशा प्रेरणादायक रहा है, और उन्होंने सदन में रहते हुए भी अपने क्षेत्र केविकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कार्यक्रम में शामिल नेताओं के नामइस उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष निर्मल वर्मा, ब्रजेश प्रसाद मुनन, लालबाबू लाल, कपिलदेव प्रसाद यादव, अशफर अहमद, शशि रंजन, निधि पांडे, फिरोज हसन, धर्मवीर शुक्ला सहित अन्य प्रमुख कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे।

अरविंद केजरीवाल की 15 चुनावी गारंटियां, दिल्लीवासियों से भी मांगी माफी, छात्रों और बुजुर्गों के क्या है खास जानिए

आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अपनी पार्टी की 15 चुनावी गारंटियोंकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन वादों को अगले 5 सालों में पूरा किया जाएगा। दिल्ली में चुनावी माहौल गरम है और राजनीतिक दलों के बीचप्रचार तेज हो गया है। रोड शो, रैलियों, और विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए सभी पार्टियां मतदाताओं को आकर्षित करने का प्रयास कर रही हैं। वहीं, भाजपा, कांग्रेस, और आप के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है। दिल्ली में 5 फरवरी को मतदान होगा और मतगणना 8 फरवरी को कीजाएगी। केजरीवाल की प्रमुख गारंटीअरविंद केजरीवाल ने अपनी 15 गारंटियों में कई महत्वपूर्ण वादे किए हैं, जिनमें प्रमुख वादे रोजगार, महिलाओं की मदद, और बुजुर्गों के लिए मुफ्तइलाज से संबंधित हैं। उनके द्वारा किए गए वादों में युवाओं को रोजगार देना सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा गया है। महिलाओं को हर महीने ₹2100 देने और बुजुर्गों को संजीवनी योजना के तहत सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में मुफ्त इलाज प्रदान करने की गारंटी दी गई है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पानी के गलत बिल माफ करने, हर घर 24 घंटे पीने का पानी पहुंचाने और यमुना को साफ करने का वादा किया है। उन्होंनेदलित समाज के बच्चों की विदेश में पढ़ाई का खर्च भी उठाने की बात की। छात्रों और अन्य लोगों के लिए वादेकेजरीवाल ने छात्रों के लिए बस में मुफ्त यात्रा और मेट्रो किराए में विशेष छूट देने का वादा किया है। साथ ही, विश्वस्तरीय सड़कों का निर्माण करने कीयोजना है। पुजारियों और ग्रंथियों को हर महीने ₹18,000 देने का भी वादा किया गया है। किरायेदारों के लिए अलग मीटर लगाकर मुफ्त बिजली देनेकी योजना और आधुनिक सीवर सिस्टम का निर्माण भी गारंटियों में शामिल है। उन्होंने राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया को सरल और तेज करने, ऑटो-टैक्सी और ई-रिक्शा वालों के बच्चों को मुफ्त कोचिंग, बेटी की शादी के लिए₹1 लाख और ₹10 लाख का बीमा देने का भी वादा किया है। साथ ही, सभी RWA (रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) को सिक्योरिटी गार्ड रखने केलिए मासिक राशि देने की गारंटी दी गई है। केजरीवाल ने दिल्लीवासियों से माफी मांगीअरविंद केजरीवाल ने दिल्लीवासियों से यमुना और सड़कों की स्थिति को लेकर माफी मांगी। उन्होंने स्वीकार किया कि 2020 में किए गए वादों कोपूरा करने में समय लगा और इसके लिए दिल्ली सरकार जिम्मेदार है। केजरीवाल ने कहा कि अब उनके नेतृत्व में यमुना की सफाई और सड़कों कीमरम्मत पर प्राथमिकता से काम किया जाएगा, और इन वादों को जल्द ही पूरा किया जाएगा। दिल्ली के विकास की दिशाकेजरीवाल ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी अगले 5 सालों में दिल्ली के विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। उन्होंने दिल्लीवासियों को विश्वासदिलाया कि उनकी सरकार इन मुद्दों पर तेजी से काम करेगी और किए गए वादों का लाभ जनता को मिलेगा।

दिल्ली विधानसभा चुनाव: बीजेपी ने केजरीवाल पर लगाया बाबा साहब अंबेडकर से नफरत करने का आरोप, अमृतसर की घटना पर जतायादुख

अमृतसर में बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ का मामला तूल पकड़ रहा है। भाजपा नेता संबित पात्रा ने इस घटना को लेकरआम आदमी पार्टी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बाबा साहेब अंबेडकर का अपमान हैऔर इसके लिए आम आदमी पार्टी को जिम्मेदार ठहराया। वीडियो पर बीजेपी का दावासंबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमृतसर के मुख्य चौराहे पर स्थित अंबेडकर की प्रतिमा को एक व्यक्ति ने हथौड़े से तोड़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने इसे रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि घटना की वीडियो सामने आने के बावजूद आप सरकार चुप्पी साधे हुएहै। बीजेपी ने लगाया गंभीर आरोपउपमुख्यमंत्री का वादा पूरा नहीं कियासंबित पात्रा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने पंजाब चुनाव से पहले अनुसूचित जाति से उपमुख्यमंत्री बनाने का वादा किया था, लेकिन उसे अब तकपूरा नहीं किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आप सरकार ने संविधान के साथ बाबा साहेब की तस्वीर हटाकर अपनी फोटो लगाई थी। केजरीवाल से माफी मांगने की मांग कीभाजपा नेता ने कहा कि अमृतसर की घटना के लिए केजरीवाल को अंबेडकर की प्रतिमा के सामने जाकर माफी मांगनी चाहिए और उन्हें अपने पद सेइस्तीफा देना चाहिए। कांग्रेस ने भी केजरीवाल को घेरादिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए आम आदमी पार्टी को दलित विरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि आप जोवादे करती है, उन्हें पूरा नहीं करती और इस घटना से यह साबित हो गया है। कानून व्यवस्था पर सवालभाजपा ने पंजाब में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है औरआम आदमी पार्टी के नेतृत्व में कौमी अमन-चैन प्रभावित हो रहा है। केजरीवाल पर साजिश का आरोपभाजपा नेता ने आशंका जताई कि अरविंद केजरीवाल खुद पर हमला करवाकर भाजपा को बदनाम करने का प्रयास कर सकते हैं। उन्होंने कहा किकेजरीवाल को ड्रामा छोड़कर दलित समाज और बाबा साहेब अंबेडकर से माफी मांगनी चाहिए।