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वक्फ संशोधन को JPC की मंजूरी, 16 वोट पक्ष में और 11 विरोध में पड़े, ओवैसी ने जताया विरोध

संयुक्त समिति की रिपोर्ट पर मंजूरीवक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 पर संसद की संयुक्त समिति की बैठक में अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने बुधवार को जानकारी दी कि समिति ने बहुमतसे मसौदा रिपोर्ट और संशोधित विधेयक को मंजूरी दे दी है। समिति ने सांसदों को असहमति दर्ज कराने के लिए 4 बजे तक का समय दिया है। ओवैसी ने भी जताया विरोधएआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इस विधेयक के खिलाफ अपना विरोध जताया। ओवैसी ने कहा कि उन्हें रिपोर्ट रात को ही 655 पन्नों मेंमिली, जिसे एक रात में पढ़ना असंभव था। उन्होंने उन संशोधनों के खिलाफ असहमति व्यक्त की, जो वक्फ बोर्ड के पक्ष में नहीं थे। ओवैसी ने स्पष्टकिया कि वह इस विधेयक का संसद में भी विरोध करेंगे। कांग्रेस ने भी लगाया आरोपकांग्रेस सांसद डॉ. सैयद नसीर हुसैन ने कहा कि कई आपत्तियां और सुझाव रिपोर्ट में शामिल नहीं किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नेअसंवैधानिक संशोधन लाकर अल्पसंख्यकों, विशेषकर मुस्लिम समुदाय के अधिकारों को नुकसान पहुंचाया है। हुसैन के अनुसार, इन संशोधनों काउद्देश्य मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाना है। बीजेपी का पक्षभा.ज.पा. सांसद तेजस्वी सूर्या ने वक्फ संशोधन विधेयक पर जेपीसी की बैठक के बाद बयान दिया कि सरकार का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधनमें आधुनिकता, पारदर्शिता और जवाबदेही लाना था। उनका कहना था कि ये संशोधन वक्फ बोर्ड के कामकाज में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चितकरेंगे और निहित स्वार्थों के द्वारा कानून के दुरुपयोग को रोकने में मदद करेंगे। विधेयक की प्रस्तावनावक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 को केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने 2024 में लोकसभा में पेश किया था। इस विधेयक का उद्देश्यवक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और विनियमन से जुड़ी समस्याओं को हल करने के लिए वक्फ अधिनियम, 1995 में संशोधन करना है। यह विधेयक 8 अगस्त 2024 को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजा गया था।

नागपुर में 17 वर्षीय लड़की ने आत्महत्या की, गूगल पर खोज रही थी ‘मृत्यु के बाद क्या होता है

नागपुर में एक 17 वर्षीय लड़की ने आत्महत्या कर ली। पुलिस जांच में सामने आया कि वह गूगल पर अक्सर ‘मृत्यु के बाद क्या होता है’ से जुड़ीजानकारी खोज रही थी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि लड़की एक निजी स्कूल में 12वीं कक्षा की छात्रा थी और आरबीआई के रीजनलडायरेक्टर की इकलौती संतान थी। विदेशी संस्कृति में थी लड़की की रुचिपुलिस के अनुसार, मृतका को विदेशी संस्कृतियों और मृत्यु से जुड़े विषयों में गहरी रुचि थी। उसने अपनी डायरियों में इन विषयों पर विस्तार से लिखाथा और कई हफ्तों से आत्महत्या की योजना बना रही थी। ऑनलाइन मंगाया था चाकूजांच में पाया गया कि लड़की ने ऑनलाइन एक चाकू मंगवाया था। पहले उसने अपनी कलाई पर चाकू से वार किया, फिर पत्थर के ब्लेड वाले चाकूसे क्रॉस के निशान बनाए। अंत में, उसने अपना गला काटकर आत्महत्या कर ली। सुबह मां ने दिखा खून से लतपथ शरीरसोमवार सुबह करीब 5:45 बजे, छत्रपति नगर स्थित घर में उसकी मां ने बेटी को खून से लथपथ देखा, जिससे वह घबरा गईं। उन्होंने तुरंत पुलिस कोसूचना दी। पुलिस की जांच जारीधंतोली पुलिस ने लड़की का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और उसकी ऑनलाइन गतिविधियों की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस नेआकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025: नांगलोई जाट में भाजपा प्रत्याशी मनोज शौकीन के समर्थन में रैली

दिल्ली विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है, और नांगलोई जाट विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी मनोज शौकीन के समर्थन में एक विशालरैली का आयोजन किया गया। इस रैली में उत्तर पश्चिमी दिल्ली के सांसद योगेन्द्र चांदोलिया और भाजपा की प्रसिद्ध नेता रूबी फोगाट यादव भीशामिल हुईं। रैली पीरागढ़ी गाँव में आयोजित की गई, जहां भारी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी।जन सैलाब ने बढ़ाया उत्साहमनोज शौकीन के समर्थन में आयोजित रैली में क्षेत्रीय नागरिकों का अपार समर्थन देखने को मिला। रैली में जुटी भीड़ ने भाजपा के प्रति अपना समर्थनजताते हुए उत्साहपूर्ण नारेबाजी की और अपनी आस्था व्यक्त की। इस रैली का उद्देश्य नांगलोई जाट विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष मेंसमर्थन जुटाना था, ताकि मनोज शौकीन को विधायक बनाकर विधानसभा में भेजा जा सके।योगेन्द्र चांदोलिया ने की मनोज शौकीन के पक्ष में अपीलरैली के दौरान उत्तर पश्चिमी दिल्ली के सांसद योगेन्द्र चांदोलिया ने जोर देकर कहा कि मनोज शौकीन को विधायक बनाकर दिल्ली विधानसभा मेंभेजना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में वर्षों से विकास कार्य ठप पड़े हुए हैं, और यदि मनोज शौकीन को विधायक बनाया जाता है तोवह इन कार्यों में तेजी लाएंगे और नांगलोई जाट क्षेत्र का समग्र विकास करेंगे।रूबी फोगाट यादव का समर्थनभा.ज.पा. की प्रमुख नेता और पहलवान रूबी फोगाट यादव ने भी रैली में अपना समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी मनोज शौकीन कीईमानदारी और समर्पण की सराहना की और कहा कि उनका चुनावी संघर्ष इस क्षेत्र के विकास में एक नया मोड़ लेकर आएगा।विकास कार्यों में तेजी लाने का वादाइस मौके पर मनोज शौकीन ने कहा कि यदि वह विधायक बनते हैं तो वह क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने रैली में उपस्थित जनसमूह सेवादा किया कि वह इस क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में आवश्यक बदलाव लाएंगे।नांगलोई जाट विधानसभा क्षेत्र में भाजपा का चुनावी मोर्चामनोज शौकीन के नेतृत्व में भाजपा नांगलोई जाट विधानसभा क्षेत्र में मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है। पार्टी का दावा है कि इस बार भाजपा चुनावीमोर्चे पर पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरी है, और जनता का समर्थन भाजपा के पक्ष में है। दिल्ली विधानसभा चुनाव के इस रोमांचक मुकाबले मेंभाजपा की उम्मीदें बढ़ चुकी हैं, और रैली में उमड़ी भीड़ इस बात का स्पष्ट संकेत देती है कि जनता भाजपा की नीतियों को समर्थन दे रही है।

अली अनवर अंसारी: एक समर्पित नेता, जिन्होंने समाज की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया

पूर्व राज्यसभा सदस्य और वरिष्ठ जदयू नेता अली अनवर अंसारी ने मंगलवार को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का दामन थाम लिया। इस अवसर पर कांग्रेसके मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा और बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने उन्हें पार्टी में स्वागत किया। अंसारी का यहकदम कांग्रेस के विचारों और राहुल गांधी के नेतृत्व से प्रभावित होकर उठाया गया, जिससे राज्य में भाजपा और जदयू के बीच हलचल मच गई है। राहुल गांधी के नेतृत्व में बिहार में एक नई उम्मीदअली अनवर अंसारी का कांग्रेस में शामिल होना केवल एक राजनीतिक बदलाव नहीं है, बल्कि यह समाज के वंचित वर्गों, खासकर दलितों, आदिवासियों, अति पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और पसमांदा मुसलमानों के लिए एक नई उम्मीद का संकेत है। अंसारी ने कहा, “राहुल गांधी के विचारों सेबिहार में भाजपा और जदयू में खलबली मच गई है। उनकी बातें राज्य के विभिन्न वर्गों में उत्साह और विश्वास का संचार कर रही हैं।” इस बदलाव कोलेकर उनकी भावनाओं में स्पष्ट रूप से यह नजर आता है कि वे राहुल गांधी के नेतृत्व में एक ऐसी राजनीतिक दिशा को देख रहे हैं, जो समाज के हरवर्ग को समान अवसर प्रदान करती है। महिलाओं का सशक्तिकरण और युवाओं के लिए रोजगार के अवसरअली अनवर अंसारी का राजनीतिक करियर न केवल एक नेता के रूप में बल्कि एक समाजसेवी के रूप में भी महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने हमेशामहिलाओं के सशक्तिकरण और युवाओं को रोजगार देने के मुद्दों को अपनी प्राथमिकताओं में रखा। राज्यसभा सदस्य रहते हुए उन्होंने महिला कल्याणके लिए कई पहल कीं, जिससे लाखों महिलाओं को सम्मानजनक जीवन जीने का मौका मिला। इसके अलावा, उन्होंने बिहार के युवाओं को सरकारीयोजनाओं और रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। बुजुर्गों की सेवा और सरकारी योजनाओं का लाभअली अनवर अंसारी ने अपने राजनीतिक करियर में बुजुर्गों की सेवा के लिए भी कई महत्वपूर्ण कार्य किए। उन्होंने राज्य सरकार की योजनाओं का लाभबुजुर्गों तक पहुँचाया, जिससे उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं और पेंशन जैसी सुविधाएँ मिल सकीं। अंसारी का मानना था कि समाज के कमजोर वर्गों के लिएयोजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन ही उनकी असल मदद कर सकता है। लड़कियों के लिए विशेष सहायता और संरक्षणअली अनवर अंसारी ने खासतौर पर लड़कियों के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं पर काम किया। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा केक्षेत्रों में लड़कियों को विशेष लाभ दिलवाने के लिए कई योजनाओं को लागू किया। उनके प्रयासों से राज्य में लड़कियों के लिए विभिन्न सरकारीयोजनाओं और सहायता का विस्तार हुआ, जिससे उनकी स्थिति में सुधार हुआ।

निघत अब्बास: एक नई दिशा में कांग्रेस में शामिल हुईं मजबूत आवाज

बीजेपी की प्रवक्ता और महामंत्री निघत अब्बास ने हाल ही में कांग्रेस पार्टी जॉइन की। उनका यह कदम राजनीतिक दृष्टिकोण में एक महत्वपूर्णबदलाव को दर्शाता है, जो उनके समाजसेवा के प्रति समर्पण और जनता के लिए किए गए संघर्ष को और भी मजबूत करेगा। निघत अब्बास, जोपहले बीजेपी में अपनी सक्रिय भूमिका निभा रही थीं, ने बताया कि पार्टी के भीतर उन्हें काफ़ी समय से नज़रअंदाज़ किया जा रहा था,कई बार उन्हेंजनता की भलाई के लिए काम करने में रुकावटें आईं। इसके चलते, उन्होंने कांग्रेस से जुड़ने का फैसला किया, ताकि वे बिना किसी बंधन के समाजकी सेवा कर सकें। महिला सशक्तिकरण और युवा कल्याण में निघत का योगदाननिघत अब्बास ने हमेशा महिला सशक्तिकरण के लिए काम किया है। उन्होंने न सिर्फ महिलाओं को आवाज दी, बल्कि उनके लिए कई योजनाओं कासमर्थन किया, ताकि वे समाज में बराबरी के हक से रह सकें। इसके अलावा, उन्होंने छात्रों के लिए भी कई योजनाओं का समर्थन किया, ताकि शिक्षाके माध्यम से वे बेहतर भविष्य की ओर बढ़ सकें। उनका यह मानना है कि एक सशक्त महिला और शिक्षित युवा समाज के विकास के लिए बेहदमहत्वपूर्ण हैं। कोरोना महामारी और फ्लड में लोगों के लिए उनकी सेवाकोरोना महामारी के दौरान निघत अब्बास ने संकट में फंसी जनता के लिए कई तरह की मदद पहुंचाई। यमुना किनारे बसी झुग्गियों और मयूर विहार केआसपास बसी झुग्गियों में रहने वाले विस्थापितों को फ्लड के दौरान खाद्य पैकेट और अन्य जरूरी चीजें उपलब्ध कराईं। इसके साथ ही, उन्होंनेलगातार जरूरतमंदों की मदद करने के लिए कई राहत कार्यों में भाग लिया। निघत की यह कार्यशैली उनकी समाजसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शातीहै और उनके व्यक्तित्व का अहम हिस्सा है। बीजेपी में रहते हुए रुकावटें और कांग्रेस से जुड़ने का निर्णयनिघत अब्बास ने बीजेपी में रहते हुए महसूस किया कि पार्टी में कई मुद्दों पर उनके प्रयासों को नजरअंदाज किया जा रहा था और उन्हें जनता की भलाईके लिए काम करने में कई बार रोका जाता था। उनका मानना है कि बीजेपी में रहते हुए उनके लिए विकास और समाज की भलाई के लिए काम करनामुश्किल हो गया था। यही कारण था कि उन्होंने कांग्रेस से जुड़ने का निर्णय लिया, ताकि वे राहुल गांधी के विचारों के साथ मिलकर समाज के हर वर्ग, खासकर गरीब और पिछड़े वर्ग के लिए काम कर सकें। राहुल गांधी से प्रेरणा और कांग्रेस में उनका भविष्यनिघत अब्बास ने बताया कि राहुल गांधी के विचार और उनके नेतृत्व से प्रभावित होकर ही उन्होंने कांग्रेस पार्टी जॉइन की। राहुल गांधी ने हमेशागरीबों, पिछड़े वर्गों और समाज के कमजोर तबकों के लिए काम किया है, जो निघत को काफी प्रेरित करता है। उनका यह मानना है कि राहुल गांधीकी नीतियां समाज के हर वर्ग को समान अवसर देने की दिशा में काम करती हैं और इसीलिए वे कांग्रेस के साथ अपने प्रयासों को और भी आगे बढ़ानाचाहती हैं।

कई दिग्गज नेता कांग्रेस में हुए शामिल – जिनमे भाजपा और जेडीयू के बड़े चेहरो सहित अन्य बड़े नेताओ ने भी थामा कांग्रेस का हाथ, जानिए पूरी खबर

अली अनवर: पसमांदा मुस्लिम अधिकारों की आवाज कांग्रेस मेंपूर्व जेडीयू सांसद और सामाजिक कार्यकर्ता अली अनवर भी कांग्रेस में शामिल हो गए। अली अनवर ने पसमांदा मुस्लिम समुदाय के अधिकारों के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया है और कांग्रेस के मंच को समानता का प्रतीक बताया। निगहत अब्बास : भाजपा नेताभाजपा की मुखर नेता और महिला अधिकारों की समर्थक निगहत अब्बास ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। बीजेपी पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि देश में कट्टरता और विभाजन की राजनीति को खत्म करने का समय आ गया है। उन्होंने कहा, “एक खास समुदाय को निशाना बनाकर उन्हें दूसरेदर्जे का नागरिक बनाने की कोशिश हो रही है। कांग्रेस का मंच सबको समानता का अधिकार देता है।” भगीरथ मांझी- दशरथ मांझी के पुत्रप्रसिद्ध ‘माउंटेन मैन’ दशरथ मांझी के पुत्र भगीरथ मांझी ने आज कांग्रेस पार्टी में शामिल होकर अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की। उन्होंने कांग्रेस की विचारधारा और राहुल गांधी के नेतृत्व से प्रेरित होकर यह निर्णय लिया। निशांत आनंद: आप से कांग्रेस तक का सफरनिशांत आनंद, जिन्होंने 2024 में गुरुग्राम से आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रह चुके हैं, अब कांग्रेस का हिस्सा बन गए। निशांत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस की नीतियों का समर्थन किया और बीजेपी पर निशाना साधा। डॉ. जगदीश प्रसाद: स्वास्थ्य सेवा से राजनीति तक का सफरडॉ. जगदीश प्रसाद, जो भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में महानिदेशक और एक प्रसिद्ध हृदय सर्जन रह चुके हैं, अब कांग्रेस का हिस्सा बन गए हैं। उन्होंने गरीबों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने पर जोर दिया। दिल्ली में 5 फरवरी को मतदानदिल्ली में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग 5 फरवरी को होगी। इससे पहले राजनीतिक दलों के बीच जोड़-तोड़ जारी है। हाल ही में कांग्रेस कोझटका लगा था जब पूर्वांचल कमेटी के अध्यक्ष शिवाजी सिंह अपने समर्थकों के साथ बीजेपी में शामिल हो गए थे। राजनीतिक समीकरण बदलने की उम्मीदइन नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने से पार्टी को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है। उन्होंने एकजुट होकर बीजेपी की नीतियों की आलोचना की और कांग्रेस के मंच को समानता और समावेशिता का प्रतीक बताया।

दिल्ली चुनाव के बीच सीएम आतिशी को कोर्ट से बड़ी राहत, कोर्ट ने रद्द किया समन, बीजेपी नेता किया था केस

राउज एवेन्यू कोर्ट का फैसलादिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री आतिशी को भाजपा नेता प्रवीण शंकर कपूर द्वारा दायर मानहानि मामले में बड़ी राहत मिली है। राउजएवेन्यू कोर्ट सेशन कोर्ट ने मानहानि मामले में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा पारित समन के आदेश को रद्द कर दिया। हालांकि, मानहानि कामुकदमा जारी रहेगा। समन के आदेश को चुनौती दीमुख्यमंत्री आतिशी ने समन के आदेश को चुनौती देते हुए राउज एवेन्यू कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी। अदालत ने इस मामले में फैसलासुरक्षित रख लिया था। 28 जनवरी को कोर्ट ने समन रद्द करते हुए कहा कि मानहानि का मुकदमा अपनी प्रक्रिया में जारी रहेगा। आदलत ने क्या सुनाया केस?अदालत ने कहा कि अगर भाजपा नेता प्रवीण शंकर कपूर की दलील को स्वीकार कर लिया जाए तो यह लगभग हर राजनीतिक नेता पर मानहानि कामुकदमा चलाने का आधार बन सकता है। क्या है पूरा मामला?भाजपा नेता प्रवीण शंकर कपूर का आरोप है कि आतिशी के बयानों से उनकी और उनकी पार्टी की छवि खराब हुई है। आतिशी ने आरोप लगाया थाकि भाजपा आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों की खरीद-फरोख्त करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि भाजपा केएक करीबी सहयोगी ने उनसे संपर्क कर भाजपा में शामिल होने की बात कही थी। इसमें यह भी कहा गया था कि ऐसा न करने पर एक महीने के अंदरप्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

दिल्ली दंगों के आरोपी को SC से बड़ी राहत, ताहिर हुसैन को चुनावों के लिए दो गई पैरोल, कोर्ट की माननी होगी शर्तें

सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों के आरोपी और आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को हिरासत में चुनाव प्रचार करनेकी अनुमति दी है। जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संजय करोल और जस्टिस संदीप मेहता की तीन सदस्यीय पीठ ने मंगलवार को हुसैन की याचिकास्वीकार करते हुए उन्हें 29 जनवरी से 3 फरवरी तक प्रचार की इजाजत दी। कड़ी शर्तों के साथ प्रचार की अनुमतिसुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ताहिर हुसैन दिन के समय सुरक्षा के साथ प्रचार कर सकते हैं, लेकिन हर रात जेल में लौटना अनिवार्य होगा। अदालत ने हुसैनपर सुरक्षा खर्च के रूप में प्रतिदिन 2.47 लाख रुपये जमा करने की शर्त लगाई है। वरिष्ठ अधिवक्ता ने रखी याचिका की दलीलहुसैन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ अग्रवाल ने कोर्ट में दलील दी कि चुनाव प्रचार के लिए उनके पास केवल चार से पांच दिन का समय बचाहै। उन्होंने कहा कि वह मुस्तफाबाद सीट से चुनाव लड़ रहे हैं और मतदाताओं से संपर्क करना उनके लिए बेहद जरूरी है। अग्रवाल ने यह भी कहा किहुसैन अपने घर के बजाय होटल में रुकेंगे और उसका विवरण अदालत को देंगे। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने किया विरोधअतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस. वी. राजू ने ताहिर हुसैन की याचिका का विरोध करते हुए कहा कि हुसैन की भूमिका गंभीर है और इस तरह कीअनुमति जेल के नियमों को कमजोर कर सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर राहत दी गई तो अन्य आरोपी भी इसी तरह की याचिकाएं दाखिलकरेंगे। अदालत का निर्देशनपीठ ने सरकारी वकील को निर्देश दिया कि सुरक्षा व्यवस्था और खर्च का विवरण प्रस्तुत किया जाए। साथ ही, हुसैन से शपथपत्र में सभी जानकारीदेने को कहा गया। ताहिर कहा से लड़ रहा है चुनाव ताहिर हुसैन मुस्तफाबाद से मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। दिल्ली उच्च न्यायालय ने पहले उन्हें नामांकनदाखिल करने के लिए हिरासत पैरोल दी थी 2020 के दंगों का मुख्य आरोपी उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी 2020 के दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी। ताहिर हुसैन पर खुफिया ब्यूरो के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या सहित कईगंभीर आरोप हैं। SC का ये कदम बना चर्चा का विषयसुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा को जन्म दिया है। कई लोगों का मानना है कि यह फैसला जेल में बंद अन्यआरोपियों के लिए मिसाल बन सकता है।

मुंबई में वायु प्रदूषण पर काबू पाने के लिए बड़ा कदम: महाराष्ट्र सरकार का पैनल गठित, पेट्रोल और डीजल की गाड़ियों पर बैन की तैयारी

महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई में वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या का समाधान करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुंबई महानगर क्षेत्र में पेट्रोल औरडीजल वाहनों पर चरणबद्ध तरीके से प्रतिबंध लगाने और केवल सीएनजी व इलेक्ट्रिक वाहनों को अनुमति देने की संभावना का अध्ययन करने के लिएसात सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। तीन महीने में पेश होगी रिपोर्ट22 जनवरी को जारी सरकारी संकल्प के अनुसार, इस समिति की अध्यक्षता सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुधीर कुमार श्रीवास्तव करेंगे। पैनल कोतीन महीने के भीतर अपनी सिफारिशों के साथ रिपोर्ट तैयार करनी होगी। इसमें परिवहन आयुक्त, मुंबई के संयुक्त पुलिस आयुक्त (यातायात), महानगर गैस लिमिटेड के प्रबंध निदेशक, महावितरण के परियोजना प्रबंधक, एसआईएएम के अध्यक्ष और संयुक्त परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन-1) शामिल हैं। वायु प्रदूषण का प्रमुख स्रोत: वाहन उत्सर्जनवाहनों से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण का प्रमुख कारण है। 9 जनवरी को बॉम्बे उच्च न्यायालय ने मुंबई में यातायात और प्रदूषण के गंभीरप्रभावों पर चिंता व्यक्त की थी। अदालत ने सरकार को उचित कदम उठाने और पेट्रोल-डीजल वाहनों के विकल्प तलाशने का सुझाव दिया था। पुराने प्रयास और वर्तमान परिदृश्य20 साल पहले वीएम लाल समिति बनाई गई थी, जिसका उद्देश्य वाहनों से होने वाले प्रदूषण के प्रभाव का अध्ययन करना था। हालांकि, वर्तमानस्थिति को देखते हुए नए और सख्त उपायों की आवश्यकता महसूस की जा रही है। मुंबई में वाहन पंजीकरण के आंकड़ेमुंबई के चार आरटीओ कार्यालयों में कुल 48 लाख वाहन पंजीकृत हैं। 2024 में ही 2.54 लाख नए वाहनों का पंजीकरण हुआ। पूरे महाराष्ट्र मेंपंजीकृत वाहनों की संख्या 3.80 करोड़ है, जो 2030 तक 6 करोड़ और 2035 तक 15 करोड़ तक पहुंच सकती है।भविष्य की दिशायह पैनल वायु गुणवत्ता सुधारने और पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों की भूमिका को प्रमुखता देगा।समिति की रिपोर्ट के आधार पर, सरकार चरणबद्ध तरीके से पेट्रोल और डीजल वाहनों को खत्म करने का निर्णय लेगी।

हरियाणा सीएम ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ मानहानि का केस करने की चेतावनी दी, यमुना के पानी पर हुआ घमासान

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यमुना नदी में प्रदूषण को लेकर दिए गए बयानों पर आप नेता अरविंद केजरीवाल के खिलाफ कड़ीप्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने केजरीवाल पर झूठे और भ्रामक आरोप लगाने का आरोप लगाते हुए माफी मांगने या मानहानि का मुकदमा करने कीचेतावनी दी। केजरीवाल ने हरियाणा सरकार पर लगाए गंभीर आरोपदिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भाजपा शासित हरियाणा सरकार पर यमुना नदी के पानीको “जहरीला” बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि यह कदम दिल्लीवासियों को नुकसान पहुंचाने और इसका दोष “आप” सरकार परमढ़ने के उद्देश्य से उठाया गया है। हरियाणा सीएम का पलटवारहरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इन आरोपों को निराधार बताया और कहा कि अरविंद केजरीवाल को हरियाणा और दिल्ली के लोगों सेमाफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा, “केजरीवाल के झूठे बयान न केवल दुर्भावनापूर्ण हैं बल्कि राजनीतिक लाभ के लिए बनाए गए हैं। यदि वे माफीनहीं मांगते, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” पानी की कमी के दावों का खंडनसीएम सैनी ने कहा कि दिल्ली में पानी की कमी के लिए हरियाणा जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने दिल्ली सरकार पर वितरण प्रणाली की विफलता काआरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 10 वर्षों में यह समस्या दिल्ली सरकार की लापरवाही के कारण बनी है। दिल्ली जल बोर्ड की सीईओ का बयानदिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिल्पा शिंदे ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर अरविंद केजरीवाल के बयानों को तथ्यात्मकरूप से गलत बताया। उन्होंने कहा कि यमुना नदी के पानी को उपचारित करने की तकनीकी क्षमता मौजूद है, लेकिन अमोनिया का स्तर यदि 6.5 पीपीएम तक बढ़ जाए तो उसे नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है। आप नेता आतिशी का भाजपा पर आरोपदिल्ली की मंत्री आतिशी ने दावा किया कि भाजपा ने उपराज्यपाल के माध्यम से दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों पर दबाव बनाया और सीईओ सेपत्र लिखवाकर जारी करवाया। उन्होंने कहा कि यमुना के पानी में अमोनिया का स्तर 6.5 पीपीएम तक पहुंच चुका है, जो स्वीकार्य सीमा से छह गुनाअधिक है। सियासी तनाव में हुई बढ़ोतरीहरियाणा और दिल्ली सरकार के बीच यमुना नदी के पानी को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। जहां अरविंद केजरीवाल ने हरियाणा सरकार परदिल्ली के पानी को जहरीला करने का आरोप लगाया, वहीं हरियाणा सीएम ने इसे आप सरकार की “राजनीतिक साजिश” करार दिया।