भारत-कतर संबंध: द्विपक्षीय व्यापार को 28 अरब डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य

भारत और कतर ने अपने आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों मेंद्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 28 अरब डॉलर तक पहुंचाने का संकल्प लिया है। इस बैठक में दोनों देशों ने आपसी सहयोग को रणनीतिकसाझेदारी के स्तर तक ले जाने पर सहमति व्यक्त की। इस संदर्भ में भारत और कतर के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते का भी आदान-प्रदान किया गया।वर्तमान में 15 अरब डॉलर का व्यापारवर्तमान में भारत और कतर के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 15 अरब डॉलर का है। कतर ने भारत में अब तक 1.5 अरब डॉलर से अधिक का निवेशकिया है, जिसमें टेलीकॉम, रिटेल और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में उसकी भागीदारी प्रमुख है। कतर के हालिया निवेशों में रिलायंस रिटेल वेंचर्स में 1 अरब डॉलर और 2023 में इंडोस्पेस लॉजिस्टिक्स पार्क्स में 393 मिलियन डॉलर का निवेश शामिल है। इस बैठक में भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और कतर के विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी समेत कई शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक मेंव्यापार, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और अधिक विस्तार देने पर चर्चा हुई। भारत-जीसीसी एफटीए पर बातचीतबैठक के दौरान भारत और खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के बीच संभावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर भी चर्चा हुई। विदेशमंत्रालय के सीपीवी और ओआईए सचिव अरुण कुमार चटर्जी ने कहा कि दोनों पक्ष भारत-जीसीसी एफटीए पर आगे विचार कर रहे हैं और भविष्य मेंद्विपक्षीय स्तर पर भी इस पर बातचीत की संभावना को तलाश रहे हैं। इसके अलावा, कराधान को लेकर भी दोनों देशों के बीच सहमति बनी, जिसमेंदोहरे कराधान से बचने और राजकोषीय चोरी रोकने पर विशेष जोर दिया गया। ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग पर बलभारत और कतर के बीच ऊर्जा संबंध हमेशा से द्विपक्षीय सहयोग का एक महत्वपूर्ण स्तंभ रहे हैं। कतर, भारत को तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) और तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की आपूर्ति करने वाले सबसे बड़े देशों में से एक है। दोनों देशों के नेताओं ने इस ऊर्जा सहयोग को औरविस्तार देने की जरूरत पर बल दिया। फरवरी 2024 में कतर की सरकारी ऊर्जा कंपनी Qatar Energy ने भारत की Petronet LNG के साथ अपने दीर्घकालिक एलएनजी आपूर्तिसमझौते को 2048 तक के लिए बढ़ा दिया, जिसकी अनुमानित कीमत 78 अरब डॉलर बताई जा रही है। इस समझौते के तहत भारत कोदीर्घकालिक और स्थिर ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
अवध ओझा ने बीजेपी पर साधा निशाना, राज्य चलाना बीजेपी के बस की बात नहीं

दिल्ली चुनाव के नतीजे आने के 10 दिन बाद भी दिल्लीवालों को मुख्यमंत्री देने में विफल रही बीजेपी पर आम आदमी पार्टी ने तीखा कटाक्ष किया है. ‘‘आप’’ नेता अवध ओझा ने कहा कि भाजपा के पास अरविंद केजरीवाल जैसा विजनरी नेता नहीं है. दिल्ली को चलाना और आगे बढ़ाना केवल आमआदमी पार्टी को ही आता है. पिछले दस साल में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी ने मानव संसाधन को लेकर जबरदस्त काम कियाहै. चुनाव के नतीजे आए दस दिन हो चुके हैं, लेकिन भाजपा अभी तक मुख्यमंत्री तय नहीं कर पाई है. इनके पास कोई नीति और चेहरा नहीं है. लड़ाई, झगड़ा, दंगा कोई भी कर ले, लेकिन राज्य चलाना और उसे सरप्लस स्टेट का दर्जा दिलवाना सबके बस की बात नहीं है. ओझा ने बताए नेता के गुणनेता का वह सबसे बड़ा गुण, जिससे राष्ट्र और समाज का विकास होता है, वह उसका विज़नरी होना है कि क्या करने से समाज, परिवार और राष्ट्र आगे बढ़ेगा. आम आदमी पार्टी पिछले दस साल से दिल्ली की सरकार चला रही थी, जिसमें हम मानव संसाधन पर काम कर रहे थे. आज दुनिया के जितने भी ताकतवर देश हैं, वह अपने मानव संसाधन के बल पर ही महाशक्ति बने हैं. चाहे वो अमेरिका जैसा देश हो, जहां 1787 में बड़ास्लम एरिया था, चाहे वो जर्मनी, जापान या चीन हो, सबने अपने मानव संसाधन पर काम किया है. प्राकृतिक संसाधन होने के बावजूद, अगर आपकामानव संसाधन मजबूत नहीं होगा तो वह राष्ट्र कभी आगे नहीं बढ़ पाएगा और मजबूत नहीं हो पाएगा. यह बात हमारे नेता अरविंद केजरीवाल कोबिल्कुल स्पष्ट थी. मानव संसाधन के दो सबसे बड़े स्तंभअवध ओझा ने कहा मानव संसाधन के दो सबसे मजबूत स्तंभ हैं. पहला शिक्षा है और दूसरा स्वास्थ्य है.प्राचीन काल में जब भारत महाशक्ति था, तोपूरी दुनिया में लगभग सारे देशों के लोग भारत के नालंदा और तक्षशिला जैसे विश्वविद्यालय में पढ़ने के लिए इच्छुक थे. फाह्यान जैसे लोग चीन सेभारत पढ़ने आए। जब देश में शिक्षा उच्चतम स्तर पर थी, तो हमारा देश महाशक्ति था. जब देश में चरक और धन्वंतरि जैसे चिकित्सक थे, तो देशमहाशक्ति था. इसी फार्मूले को ध्यान में रखते हुए अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में स्वास्थ्य और शिक्षा पर ध्यान देना शुरू किया कि हमारा मानवसंसाधन जितना मजबूत होता चला जाएगा, उतना ही हमारा परिवार, समाज और उससे राष्ट्र मजबूत होगा. राज्य को चलाना बीजेपी के बस की बात नहीं- ओझाबीजेपी इस विज़न को डीकोड ही नहीं कर पा रही है. उसे पता ही नहीं चल पा रहा है कि करना क्या है? झगड़ा, लड़ाई, दंगा कराना तो कोई भी करले, लेकिन राज्य चलाना और उसे आगे लेकर जाना, उसे सरप्लस स्टेट का दर्जा दिलवाना सबके बस की बात नहीं है. आज बीजेपी के पास 48 विधायक हैं, लेकिन इनमें से उन्हें एक भी ऐसा व्यक्ति नहीं मिल रहा है, जिसके पास केजरीवाल जैसा विज़न हो कि वह दिल्ली को आगे लेकर जाए. इनकी यह नाकामी पूरी दिल्ली प्रदेश की जनता देख रही है. ये लोग 20 फरवरी को भी शपथ नहीं ले पाएंगे, क्योंकि इस विकास धारा कोआगे बढ़ाना और आगे लेकर चलना केवल हमारे नेता अरविंद केजरीवाल और हमारी पार्टी के ही बस की बात है. चुनाव बीते दस दिन हो गए अगरबीजेपी के पास नीति है बताए और चेहरा है तो दिखाए.
कमाई में राममंदिर आगे, वैष्णो देवी समेत शिरडी मंदिर हुए दान में पीछे,’ सालाना मिल रहा इतना दान

Ram Mandir: अयोध्या राम मंदिर लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है. यहां श्रद्धालुओं की लगातार भारी भीड़ देखने को मिल रही है.इस बारराम मंदिर ने सभी धार्मिक तीर्थ स्थलों से अधिक धनराशि में बढ़ोत्तरी हुई है. Ram Mandir Daan: अयोध्या में राममंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद अब ये धार्मिक तीर्थ स्थल लोगों का लगातार पहली पसंद बनता जा रहा है. इसबार महाकुंभ स्नान के बाद लोग भगवान राम के दर्शन करने के लिए पहुंच रहे है. प्राण प्रतिष्ठा के बाद अब तक दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्दालुओं ने दिलखोलकर दान किया. इस बार चढ़ावे के मामले में राममंदिर देश का सबसे बड़ा धार्मिक स्थल बन चुका है.महाकुंभ स्नान के बाद श्रद्धालुओं की भारीभीड़ रामलला के दर्शन करने के लिए पहुंच रही है. 13 करोड़ लोगों ने किए रामलला के दर्शनराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को हुई थी. तब से लेकर आज तक अयोध्या में करीब 13 करोड़ लोगों ने दर्शन कर लिए है जिसके बादसे चढ़ावे के मामले में राम मंदिर ने तमाम धार्मिक मंदिरों को पीछे छोड़ दिया है. साई भक्तों के लिए शिरडी का साई मंदिर प्रमुख स्थल है. शिरडी मेंसालाना चढ़ावा लगभग 400-500 करोड़ आता है. तो वहीं माता वैष्णो देवी मंदिर में सालाना चढ़ावा करीब 400 करोड़ आता है. राममंदिर का चढ़ावा पहुंचा 700 करोड़दरअसल राम मंदिर का चढ़ावा लगभग 700 करोड़ के आस पास पहुंच चुका है. इस बार महाकुंभ के एक माह में लगभग 15 करोड़ से अधिक दानजमा हुआ है. अयोध्या का राम मंदिर 2025 में पूरा बनाने का अनुमान है जिसको लेकर मंदिर परम्परागत नागर शैली में बनाया है अभी मुख्य गर्भगृह मेंप्रभु श्री राम का बालरुप स्थापित किया गया है. ये मंदिर 3 मंजिला होगा और प्रत्येक मंदिर की ऊंचाई लगभग 20 फीच रहेगी. मंदिर में कुल 392 खंभे व 44 द्धार होगें. इसकी लम्बाई 380 फीट व चौड़ाई 250 फीट और ऊंचाई 161 फीट होगी.
एक तरफ पीएम मोदी से दोस्ती, दूसरी तरफ दिया बड़ा झटका,जानें क्यों रोकी ट्रंप ने 21 मिलियन डॉलर की मदद

अमेरिका में डोनाल्ड ट्र्ंप की सरकार बनने के बाद एक ट्र्ंप ने एक बड़ा फैसला लिया है. जिसमें ट्रंप की तरफ से 21 मिलियन फंड की कटौती करनेसमेत अन्य सरकारी खर्चों पर कटौनी करने के आदेश दिए है. जब से अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की नई सरकार बनी है. तब से लगातार बजट कटौती हो रही है. अभी फिलहाल मोदी व डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात केबाद अमेरिका से मिलने वाली करोड़ो डॉलर की मदद पर रोक लगा दी है. एलन मस्त के विभाग ( Apartment of Government Efficiency) नेरविवार के दिन इस बात की घोषणा कर दी. कि अमेरिका ने भारत में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए बनाए गए 21 मिलियन के फंड में कटौती करनेका फैसला किया है. ट्रंप का फोकस सरकारी खर्चे हो कमदरअसल अबकी बार डोनाल्ड ट्रंप का फोकस सरकारी खर्चों में कटौती करने का है. इसके लिए उन्होनें नया विभाग भी तैयार किया है इस विभाग कानाम रखा गया है (डिपार्टमेंट आफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी) इसके प्रमुख टेस्ला के सीईओ एलन मस्क को बनाया गया है. DOGE ने X पर घोषणाकरते हुए कहा कि अमेरिका टैक्सपेयर के पैसे इन चीजों पर खर्च किए जाने वाले थे लेकिन फिलहाल सबको रद्द कर दिया गया है. भारत के अलावा अन्य राज्यों को भी झटकाडोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन से इस फैसले पर अंतरराष्ट्रीय सहायता में बड़ी कटौती हुई है. भारत के अलावा कई अन्य देशों को मिलने वाली इस मदद सेको भी ठप कर दिया गया है. इससे नेपाल और बांग्लादेश को भी बड़ा झटका लगा है. बीजेपी पार्टी ने इसे भारतीय चुनाव प्रक्रिया में बाहरी दखल काकरार देते हुए आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने कहा कि मतदाताओं को 21 डॉलर यह जरुर भारत की चुनावी प्रक्रिया में बाहरी हस्ताक्षेप है. विदेशी ताकतें ही भारतीय संस्थाओं में व्यवस्थित तरीके से घुसपैठ कर रही है प्रत्येत बार की तरह इस बार भी कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार के जाने- माने सहयोगी सोरोस की छाया हमारी चुनावी प्रक्रिया पर मंडरा रही है.
कौन होंगा दिल्ली का नया सीएम? जनता के मन में सबसे बड़ा सवाल’जानें कब होगा शपथ ग्रहण

Delhi News: दिल्ली में बीजेपी दल की बैठक में तारीखों के ऐलान से पहले प्रवेश वर्मा और विजेंद्र गुप्ता समेत सतीश उपाध्याय का नाम आगेचल रहा है ऐसे में जनता के मन में सबसे बड़ा सवाल है Iकि आखिरकार दिल्ली का नया सीएम कौन होगा I Delhi New CM: दिल्ली में सरकार गठन को लेकर बीजेपी विधायक दल 19 फरवरी की शाम बैठक करेगा. दरअसल अंदाजा लगाया जा रहा हैकि 20 फरवरी की शाम को नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है इस बैठक को सोमवार को प्रस्तावित किया गया था. लेकिन इसेस्थागित कर दिया गया था.सोमवार को पर्यवेक्षकों के नाम की घोषणा की जाएगी और फिर बुधवार को विधायक दल के नेता का चयन कियाजाएगा. शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन दिल्ली रामलीला मैदान में किया जा सकता है. दरअसल जो भी इस विधायक दल का नेता चुना जाएगा. वहीं दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री होगा. मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी किसको मिलेगी. इसको लेकर अभी कोई अंदाजा नहीं लगाया जा सकता. 70 में 48 पर बीजेपी की जीतदिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी पार्टी को 70 सीटों में से 48 पर जीत हासिल हुई है. दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 27 सालों के बादये जीत हासिल हुई है. बीजेपी की इस शानदार जीत ने आम आदमी पार्टी के 10 साल के शासनकाल को खत्म कर दिया. दिल्ली विधानसभा चुनावकी जीत के बाद जनता के मन में सीएम को लेकर तरह तरह के नाम आ रहे है.वहीं मुख्यमंत्री पद के लिए कई निर्वाचित विधायकों के कई नाम चर्चा मेंहै.सीएम की लिस्ट में सबसे आगे नाम प्रवेश वर्मा समेत बीजेपी दिल्ली इकाई के पूर्व अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता और सतीश उपाध्याय जैसे नाम शामिल है. प्रवेश वर्मा ने हराए केजरीवालदरअसल प्रवेश वर्मा ने दिल्ली में 10 साल से लगातार रहने वाली सरकार आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल को हराया है. प्रवेश वर्मा जाटविरादरी से आते है. इसलिए उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए प्रमुख दावेदारों में माना जा रहा है. इनके साथ ही पवन शर्मा, आशीष सूद, रेखा गुप्ता औरशिखा राय सहित अन्य को भी मुख्यमंत्री पद के दावेदार के रुप में देखा जा रहा है.
चर्चा में क्यों है ? 24वाँ दिव्य कला मेला’जानें क्यों है खास कश्मीर का यह मेला ?

हाल ही में जम्मू के गुलशन ग्राउंड में 24 वें दिव्य कला मेले का उद्घाटन किया जा रहा है. उद्घाटन का शुभारंभ जम्मू- कश्मीर के उपराज्यपाल श्री मनोजसिन्हा और केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार के द्धारा करवाया गया.इस मेले का आयोजन 14 फरवरी से लेकर 25 फरवरीतक आयोजित किया जाएगा. इसका आयोजन सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्धारा राष्ट्रीयदिव्यांगजन वित्त और विकास निगम के माध्यम से किया जा रहा है. कारीगरों के शिल्प कौशल का आयोजनइस मेले में खास तौर पर देश भर के दिव्यांग उघमियों व कारीगरों के उत्पादों और शिल्प कौशल का प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है. यहकार्यक्रम पर्यटकों को देश के विभिन्न हिस्सों से बेहतरीन उत्पादों की प्रदर्शनी का अनुभव प्रदान करेगा. मेले में करीब 20 राज्यों व केंन्द्र शासित प्रदेशोंके लगभग 100 दिव्यांग कारीगर व कलाकार और उघमी अपने उत्पादों और कौशल का प्रदर्शन करेंगें. इस कार्यक्रम में खासतौर पर दिव्यांगकलाकारों द्धारा विभिन्न प्रदर्शनियों का भी आयोजन किया जाएगा जिनमें संगीत,डांस और अन्य प्रदर्शन समेत कई प्रस्तुतियाँ करवाई जाएगी. रोजगार मेले का भी किया आयोजनइसके साथ ही रोजगार मेला का भी आयोजन किया जाएगा. जिसमें दिव्यांग लोगों को संभावित न्योक्ताओं से भी जुड़ने का भी मौका मिलेगा. दरअसल दिव्य कला मेला का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक अनूठी पहल है. इस कार्यक्रम से दिव्यांगकलाकारों को एक बड़ा मंच मिला है जिससे कलाकारों को एक उनके उत्पादों और कौशल के प्रदर्शन और मार्केटिंग के लिए बड़ा मंच मिला है.इसकार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग कलाकारों द्धारा प्रस्तुत एक विशेष कार्यक्रम’ एवं दिव्य कला शक्ति होगा. इससे पहले दिव्य कला मेले काआयोजन गुजरात में किया गया था.
सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है, महाकुंभ जाने वाले श्रद्धालुओं से CM योगी की खास अपील

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज महाकुंभ में आ रहे श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यातायात और स्वच्छता व्यवस्था बनाएरखने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि महाकुंभ आस्था का महापर्व है, जिसमें लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से आकर त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगानेके लिए उत्साहित रहते हैं। ऐसे में सभी की जिम्मेदारी बनती है कि वो अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया कि वे अपने वाहनों को सड़कों पर खड़ा न करें और निर्धारित पार्किंग स्थलों का इस्तेमाल करें, जिससे न केवलयातायात व्यवस्था सुचारु रहेगी, बल्कि त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाने का भी सभी को सुगम अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि महाकुंभ एकअद्भुत अवसर है, जिसमें पूरी दुनिया की आस्था एक साथ एकत्रित होती है। हर व्यक्ति का सकारात्मक सहयोग इस आयोजन की सफलता को कईगुना बढ़ा सकता है। सामूहिक जिम्मेदारी की अपीलमुख्यमंत्री ने महाकुंभ की स्वच्छता को लेकर भी अहम अपील की। उन्होंने संतों, आश्रमों और विभिन्न धार्मिक-सामाजिक संस्थाओं से अनुरोध किया किवे भंडारे और प्रसाद वितरण की पवित्र व्यवस्था अनवरत जारी रखें, ताकि सभी श्रद्धालु इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि स्वच्छता बनाएरखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और यह तभी संभव है जब हर व्यक्ति स्वयं स्वच्छता का पालन करे और अन्य लोगों को भी इसके लिएप्रेरित करे। कल भी वंदे भारत विशेष ट्रेन की सुविधाउत्तर रेलवे ने 17 फरवरी को भी वंदे भारत विशेष ट्रेन चलाने का ऐलान किया है। इस विशेष ट्रेन का संचालन नई दिल्ली से वाराणसी के बीच हो रहाहै और यह प्रयागराज के रास्ते से होकर गुजरेगी। वंदे भारत ट्रेन संख्या- 02252 नई दिल्ली से सुबह 5.30 बजे प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन प्रयागराज होतेहुए दोपहर 12.00 बजे वहां से निकलकर 2.20 बजे वाराणसी पहुंचेगी। वापसी में, वंदे भारत ट्रेन संख्या 02251 वाराणसी से दोपहर 3.15 बजेचलेगी और प्रयागराज होते हुए रात 11.50 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा का अस्पताल दौरा: घायल श्रद्धालुओं से मिले

दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने हाल ही में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और एल.एन.जे.पी. अस्पताल का दौरा किया, जहां उन्होंने ट्रेन चढ़ने केदौरान घायल हुए श्रद्धालुओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने घायलों की स्थिति का जायजा लिया और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्राप्तकी। सचदेवा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने डॉक्टरों और अधिकारियों से बात की है और उन्हें उचितनिर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव ने विभिन्न अस्पतालों में एक बड़ा मेडिकल दल तैनात किया है, ताकि घायलोंको त्वरित और प्रभावी चिकित्सा सहायता मिल सके। वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा, “हमारी प्राथमिकता घायलों की देखभाल करना और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करना है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि सभीघायल श्रद्धालुओं को उचित चिकित्सा सुविधा मिले।” उन्होंने यह भी बताया कि रेलवे ने प्रयागराज के लिए तीन विशेष ट्रेनें चलाने का निर्णय लियाहै, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित रूप से उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा सके। इस घटना के बाद, भाजपा ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।सचदेवा ने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे घायलों की सहायता में कोईकमी न रखें। इस प्रकार, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष का यह दौरा न केवल घायलों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि सरकार इससंकट के समय में सक्रिय रूप से काम कर रही है।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़: हादसा नहीं, नरसंहार हुआ है- सुप्रिया श्रीनेत

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 15 फरवरी को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ केवलएक हादसा नहीं, बल्कि एक नरसंहार था। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और प्रशासन की नाकामी ने इस त्रासदी को जन्म दिया, जिसमें 18 लोगों की मौतहो गई, जिनमें छोटे बच्चे भी शामिल थे। यह घटना रेल प्रशासन की लापरवाही और सुरक्षा की विफलता को उजागर करती है। प्रशासन की नाकामीरेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की चुप्पी और मृतकों के आंकड़ों को छिपाने की कोशिशें इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार की प्राथमिकता जनता की सुरक्षानहीं, बल्कि अपनी छवि बचाना है। जब लोग भगदड़ में दम तोड़ रहे थे, तब रेल मंत्री आंकड़ों को छिपाने में व्यस्त थे। यह न केवल शर्मनाक है, बल्कियह भी दर्शाता है कि सरकार आम जनता की जान की कीमत नहीं समझती। चश्मदीदों की गवाही: दिल दहला देने वाला मंजरप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्टेशन पर का दृश्य भयावह था। श्रद्धालु कुंभ की ट्रेन पकड़ने आए थे, लेकिन प्रशासन की लापरवाही ने उन्हें मौत के मुंह मेंधकेल दिया। कुलियों ने शवों को लादकर बाहर निकाला, और अस्पतालों में लाशों का अंबार लग गया। यह मानवता के खिलाफ अपराध है, जिसेनजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सुरक्षा के इंतजाम नदारद15 फरवरी को हर घंटे 1500 जनरल टिकट बेचे जा रहे थे, जिससे स्पष्ट था कि भारी भीड़ स्टेशन पर आने वाली थी। फिर भी, प्रशासन ने भीड़नियंत्रण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए। क्या पर्याप्त पुलिस बल तैनात था?क्या समय पर अनाउंसमेंट किए गए थे?क्या प्लेटफॉर्म बदलने की सूचना श्रद्धालुओं को दी गई थी?इन सभी सवालों के जवाब देने की जिम्मेदारी किसकी है? सरकार की जिम्मेदारी: लापरवाही की पराकाष्ठाइस घटना के बाद, सरकार ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने की कोशिश की। जनता को ही दोषी ठहराने का प्रयास किया गया। यह स्पष्ट है किइस सरकार में आम लोगों की जान की कोई कीमत नहीं है। अगर सरकार को सच में उनकी सुरक्षा की चिंता होती, तो भीड़ नियंत्रण के उचित प्रबंधकिए जाते।यह सिर्फ हादसा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है, जिसकी जिम्मेदारी सरकार को लेनी ही होगी।
कोचिंग संस्थानों को नियंत्रित करने की मांग, कन्हैया कुमार ने सरकार पर किया हमला

नई दिल्ली, 15 फरवरी: कांग्रेस ने देशभर में चल रहे निजी कोचिंग संस्थानों को नियंत्रित करने की मांग की है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि ये संस्थानमुनाफाखोरी कर रहे हैं और छात्रों व उनके अभिभावकों से कड़ी मेहनत की कमाई लूट रहे हैं। कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने कहा कि इन कोचिंग संस्थानोंकी बाढ़ आ चुकी है, क्योंकि सरकारी संस्थानों को कमजोर किया गया है, और यह निजी संस्थान युवाओं के उज्जवल भविष्य का सपना बेच रहे हैं। सरकारी संस्थानों को कमजोर करने का आरोपकन्हैया कुमार ने नई दिल्ली स्थित कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “देशभर में कोचिंग संस्थान छात्रों से मोटी फीस वसूलते हैं औरकई बार ये संस्थान अचानक गायब हो जाते हैं, लाखों रुपये हड़पने के बाद।” उन्होंने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब सरकारी स्कूलोंऔर अस्पतालों में बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलेंगी, तो लोग स्वाभाविक रूप से निजी संस्थानों की ओर रुख करेंगे, जिससे कोचिंग संस्थानों ने शिक्षाको मुनाफे का कारोबार बना दिया। विद्यार्थियों पर बढ़ता दबाव और आत्महत्या की बढ़ती घटनाएंकन्हैया कुमार ने आगे कहा कि सरकार और बाजार के बीच फंसे देश के विद्यार्थी मानसिक और शारीरिक दबाव का सामना कर रहे हैं। उन्होंने बतायाकि कई मामलों में एक पद के लिए 100 रिक्तियां होती हैं, लेकिन लाखों उम्मीदवार कोचिंग संस्थानों के मदद से प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लेने कीकोशिश करते हैं। इससे कुछ छात्रों पर अत्यधिक दबाव बढ़ जाता है, जिससे देशभर में आत्महत्या की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने बताया कि हर 24 घंटेमें करीब 28 छात्र आत्महत्या कर रहे हैं, जो व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है। यूपीए सरकार का अहम कदमकन्हैया कुमार ने यूपीए सरकार के एक अहम फैसले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “पहले सीबीएसई परीक्षा के बाद बड़ी संख्या में छात्र आत्महत्याकर लेते थे, लेकिन यूपीए सरकार ने यह फैसला लिया कि छात्र पास या फेल नहीं होंगे, बल्कि उन्हें ग्रेड दिए जाएंगे।” इस फैसले ने आत्महत्या कीघटनाओं को नियंत्रित किया था। पारदर्शी तरीके से भरे जाएं सरकारी पद: कन्हैया कुमारकन्हैया कुमार ने सरकार से यह मांग की कि खाली सरकारी पदों पर पारदर्शी तरीके से नियुक्तियां की जाएं और इस प्रक्रिया में किसी प्रकार कीधांधली न हो। उन्होंने यह भी कहा कि देश में बेरोजगारी का स्तर ऐतिहासिक रूप से उच्चतम पर पहुंच चुका है, और पीएचडी करने के बाद भी छात्रोंको नौकरी नहीं मिल रही है। कोचिंग संस्थानों को नियंत्रित करने की आवश्यकताकन्हैया कुमार ने कोचिंग संस्थानों के लिए नियमन की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि देश में आईएएस, इंजीनियर और डॉक्टर बनाने वालेजो कोचिंग संस्थान हैं, उन्हें रेगुलेट किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि कोचिंग संस्थान अपने काम में जिम्मेदारी और ईमानदारी सेकार्य करें, ताकि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो सके।