मोहल्ला क्लीनिक में टॉयलेट नहीं, अस्पताल में डॉक्टर नहीं, कोरोना काल में गड़बड़ी; दिल्ली CAG रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे

दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कोविड-19 से निपटने के लिए केंद्र सरकार से मिले 787.91 करोड़ रुपये में से केवल 582.84 करोड़ रुपये ही खर्च किए गए, जबकि बाकी राशिबिना उपयोग के रह गई। इससे कोरोना संकट के दौरान आवश्यक सुविधाओं की कमी हुई। रिपोर्ट में फंड के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए गए हैं। स्वास्थ्य कर्मचारियों की भर्ती और वेतन के लिए मिले 52 करोड़ रुपये में से30.52 करोड़ रुपये खर्च नहीं किए गए, जिससे महामारी के दौरान लोगों को इलाज में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसी तरह, दवाओं, पीपीईकिट और अन्य मेडिकल सप्लाई के लिए मिले 119.85 करोड़ रुपये में से 83.14 करोड़ रुपये खर्च नहीं हुए। दिल्ली सरकार ने 2016-17 से 2020-21 के बीच 32,000 नए बेड जोड़ने का वादा किया था, लेकिन केवल 1,357 बेड जोड़े गए, जो कि कुललक्ष्य का मात्र 4.24% है। कई अस्पतालों में बेड की भारी कमी देखी गई, जहां बेड ऑक्यूपेंसी 101% से 189% तक रही, यानी एक ही बेड पर दोमरीजों को रखा गया या मरीजों को फर्श पर इलाज कराना पड़ा। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि दिल्ली में तीन नए अस्पतालों का निर्माण पहले की सरकार के कार्यकाल में शुरू हुआ था, लेकिन इनमें 5 से 6 सालकी देरी हुई और लागत भी बढ़ गई। दिल्ली के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य विभागों में 8,194 पद खाली पड़े हैं। नर्सिंग स्टाफ की 21% और पैरामेडिकल स्टाफ की 38% कमी है।राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल और जनकपुरी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में डॉक्टरों की 50-74% कमी पाई गई है। सर्जरी के लिए लंबा इंतजार और कई उपकरण खराब होने की स्थिति भी चिंताजनक है। लोक नायक अस्पताल में बड़ी सर्जरी के लिए 2-3 महीने औरबर्न व प्लास्टिक सर्जरी के लिए 6-8 महीने का इंतजार करना पड़ा। जरूरी सेवाओं की कमी भी स्पष्ट है। 27 अस्पतालों में से 14 में ICU सेवा उपलब्ध नहीं थी, 16 अस्पतालों में ब्लड बैंक की सुविधा नहीं थी, और12 अस्पतालों में एंबुलेंस की सुविधा नहीं थी। मोहल्ला क्लीनिकों की स्थिति भी खराब पाई गई है। 21 मोहल्ला क्लीनिकों में शौचालय नहीं थे, 15 क्लीनिकों में बिजली बैकअप की सुविधा नहींथी, और 12 क्लीनिकों में दिव्यांगों के लिए कोई सुविधा नहीं थी। CAG रिपोर्ट ने दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविकता को उजागर किया है। कोविड काल में सरकार द्वारा मिले फंड का सही उपयोग न करना, अस्पतालों में आवश्यक सुविधाओं की कमी, स्टाफ की कमी और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। अब सरकार को इस लापरवाही का जवाब देनाहोगा।
“अलविदा महाकुंभ” संतो सितारों के लिए अद्धभुत समागम का साक्षी बन गया त्रिवेणी का किनारा, दुनिया के लिए एक याद बन गया महाकुंभ

Mahakumbh2025: “संगम का किनारा संतों सितारा” राजनेताओं से लेकर उद्योगपतियों के अद्भुत समागम का साक्षी बना महाकुंभ आम से लेकरखास तक पूरे महाकुंभ मेले में सभी लोगों का रेला लगा महाकुंभ अब ये दुनिया के एक लिए यादगार पल बन गया है. संगम तट पर अनेक गौरवशालीक्षणों को अविस्मरणीय बनाकर विश्व के सबसे बड़े आयोजन के रूप में महाकुंभ बुधवार को महाशिवरात्रि पर्व की आखिरी डुबकी के साथ विदा होगया.महाकुंभ देश के लिए ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक जिंदगी का एक अहम हिस्सी बन गया है. इसकी सांस्कृतिक चेतना अनुकरणीय औरयादगार बन गई है. संतो और सितारों एवं राजनेताओं के अद्भुत समागम का यह साक्षी बना.इस खास मौके फिर चाहे अमीर हो या गरीब सभी ने इसअवसर का खुलकर आनंद लिया. महाकुंभ में विश्व की सबसे धनी महिलाओं में शुमार अमेरिकी महिला उद्योगपति लॉरेन पॅावेल जॉब्स ने संगम परकल्पवाल कर भारतीय संस्कृति को आत्मसात किया. तो देश व दुनिया में गिनती के अमीरों में शामिल मुकेश अंबानी और गौतम अडानी ने सेवा केजरिए इसे अविस्मरणीय बना दिया. राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री समेत कई नेता बने महाकुंभ का हिस्साराष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री समेत देश के अधिकतर राज्यों के मुख्यमंत्री राज्यपालों के अलावा केंद्र और प्रदेश के मंत्रियों ने भी महाकुंभ का हिस्साबनकर विश्व समुदाय को एकता का संदेश दिया. लॉरेन जॉब्स ने निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाश आनंद गिरि के शिविर मेंभगवा धारण कर सनातन का वैभव जानने के लिए कमला बन गई. इसी तरह अनंत अंबानी ने परेड स्थित सेक्टर में एक जहां अन्नक्षेत्र खोलकर पूरेमहाकुंभ में हर संत भक्त को मनपसंद व्यंजनों की थाली परोसवाई. वही गौतम अडानी ने 20 सेक्टर 7 दिन में 22 में एक साथ इस्कॉन के साथमिलकर अन्य क्षेत्र चला कर अतिथि सत्कार की मिसाल पेश की. महाकुंभ के मौके पर मुकेश अंबानी अपनी मां कोकिला बेन, बेटे आकाश, अनंत केअलावा बहू और बहनों के साथ जहां संगम में डुबकी लगाकर गंगा आरती की. वही अडानी ने पूरे परिवार के साथ स्नान कर दान पुण्य और सांस्कृतिकगौरव का रंग और गाढ़ा कर दिया. इसी तरह इंफोसिस फाउंडेशन की अध्यक्ष राज्यसभा सदस्य सुधा मूर्ति ने भी अपने परिवार और राष्ट्र की खुशहाली केलिए संगम में तीन दिन तक डुबकी लगाई. संगीत का महाकुंभ सितारों के लिए भी अद्भुत समागम का साक्षी बना. संगीत का महाकुंभ भी अद्भुत औरअविस्मरणीय
आम आदमी पार्टी का राष्ट्रपति को पत्र: आप ने मांगा मिलने का समय और बीजेपी पर लगया आरोप

आम आदमी पार्टी (AAP) ने हाल ही में राष्ट्रपति को एक पत्र लिखकर भारतीय लोकतंत्र के मूल्यों पर हमले का आरोप लगाया है। इस पत्र में दिल्लीमें भाजपा सरकार द्वारा संविधान निर्माता बाबा साहेब अंबेडकर और शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की तस्वीरें हटाने के कदम की निंदा की गई है। AAP का कहना है कि यह न केवल देश के महान सपूतों का अपमान है, बल्कि यह दलित, पिछड़े और वंचित समाज के प्रति भी एक गंभीर अपमान है।विधानसभा में विरोध और निष्कासनआम आदमी पार्टी ने जब इस मुद्दे का विरोध किया और इसे विधानसभा में उठाने का प्रयास किया, तो विधानसभा अध्यक्ष श्री विजेंद्र गुप्ता नेअलोकतांत्रिक तरीके से AAP के 21 विधायकों को 25 फरवरी को तीन दिनों के लिए सदन की बैठकों से निष्कासित कर दिया। यह कदम AAP केलिए एक बड़ा झटका था, क्योंकि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ था।पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग27 फरवरी को, जब आम आदमी पार्टी के विधायक दिल्ली विधानसभा की ओर बढ़ रहे थे, तो उन्हें दिल्ली पुलिस द्वारा भारी बैरिकेडिंग के माध्यम सेरोक दिया गया। यह घटना लोकतंत्र की हत्या के रूप में देखी जा रही है। AAP के विधायकों को विधानसभा परिसर में प्रवेश से रोकने का यह कदमएक अभूतपूर्व घटना है, जिसने विपक्ष के लिए एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। धरना और लोकतंत्र का संकटविपक्ष के विधायकों को सड़क पर धरने पर बैठना पड़ा, जो कि भारतीय लोकतंत्र के लिए एक काला धब्बा है। AAP का कहना है कि यदि विपक्षको इस तरह रोका जाएगा, तो जनता के मुद्दे कौन उठाएगा? लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष दोनों का होना आवश्यक है, ताकि आम लोगों की आवाज़सुनी जा सके। लेकिन वर्तमान स्थिति में, विपक्ष को दबाने की कोशिश की जा रही है, जिससे जनता की आवाज़ भी दब रही है। राष्ट्रपति से मुलाकात की मांगआम आदमी पार्टी का विधायक दल राष्ट्रपति से तत्काल मुलाकात करना चाहता है ताकि इस तानाशाही के खिलाफ उचित कदम उठाए जा सकें।AAP का मानना है कि यह केवल दिल्ली का मामला नहीं है, बल्कि यह पूरे देश के लोकतंत्र के लिए एक संकट का संकेत है।आम आदमी पार्टी ने राष्ट्रपति से अपील की है कि वे इस गंभीर मामले पर तुरंत संज्ञान लें और AAP के विधायकों को मिलने का समय निर्धारित करें।यह पत्र न केवल दिल्ली की राजनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, बल्कि यह भारतीय लोकतंत्र के भविष्य के लिए भी एक महत्वपूर्ण संकेत है।AAP का यह कदम दर्शाता है कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं और किसी प्रकार की तानाशाही के खिलाफ खड़े होने के लिएतैयार हैं।“अलविदा महाकुंभ” संतो सितारों के लिए अद्धभुत समागम का साक्षी बन गया त्रिवेणी का किनारा, दुनिया के लिए एक याद बन गया महाकुंभ Mahakumbh2025: “संगम का किनारा संतों सितारा” राजनेताओं से लेकर उद्योगपतियों के अद्भुत समागम का साक्षी बना महाकुंभ आम से लेकरखास तक पूरे महाकुंभ मेले में सभी लोगों का रेला लगा महाकुंभ अब ये दुनिया के एक लिए यादगार पल बन गया है. संगम तट पर अनेक गौरवशालीक्षणों को अविस्मरणीय बनाकर विश्व के सबसे बड़े आयोजन के रूप में महाकुंभ बुधवार को महाशिवरात्रि पर्व की आखिरी डुबकी के साथ विदा होगया.महाकुंभ देश के लिए ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक जिंदगी का एक अहम हिस्सी बन गया है. इसकी सांस्कृतिक चेतना अनुकरणीय औरयादगार बन गई है. संतो और सितारों एवं राजनेताओं के अद्भुत समागम का यह साक्षी बना.इस खास मौके फिर चाहे अमीर हो या गरीब सभी ने इसअवसर का खुलकर आनंद लिया. महाकुंभ में विश्व की सबसे धनी महिलाओं में शुमार अमेरिकी महिला उद्योगपति लॉरेन पॅावेल जॉब्स ने संगम परकल्पवाल कर भारतीय संस्कृति को आत्मसात किया. तो देश व दुनिया में गिनती के अमीरों में शामिल मुकेश अंबानी और गौतम अडानी ने सेवा केजरिए इसे अविस्मरणीय बना दिया. राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री समेत कई नेता बने महाकुंभ का हिस्साराष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री समेत देश के अधिकतर राज्यों के मुख्यमंत्री राज्यपालों के अलावा केंद्र और प्रदेश के मंत्रियों ने भी महाकुंभ का हिस्साबनकर विश्व समुदाय को एकता का संदेश दिया. लॉरेन जॉब्स ने निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाश आनंद गिरि के शिविर मेंभगवा धारण कर सनातन का वैभव जानने के लिए कमला बन गई. इसी तरह अनंत अंबानी ने परेड स्थित सेक्टर में एक जहां अन्नक्षेत्र खोलकर पूरेमहाकुंभ में हर संत भक्त को मनपसंद व्यंजनों की थाली परोसवाई. वही गौतम अडानी ने 20 सेक्टर 7 दिन में 22 में एक साथ इस्कॉन के साथमिलकर अन्य क्षेत्र चला कर अतिथि सत्कार की मिसाल पेश की. महाकुंभ के मौके पर मुकेश अंबानी अपनी मां कोकिला बेन, बेटे आकाश, अनंत केअलावा बहू और बहनों के साथ जहां संगम में डुबकी लगाकर गंगा आरती की. वही अडानी ने पूरे परिवार के साथ स्नान कर दान पुण्य और सांस्कृतिकगौरव का रंग और गाढ़ा कर दिया. इसी तरह इंफोसिस फाउंडेशन की अध्यक्ष राज्यसभा सदस्य सुधा मूर्ति ने भी अपने परिवार और राष्ट्र की खुशहाली केलिए संगम में तीन दिन तक डुबकी लगाई. संगीत का महाकुंभ सितारों के लिए भी अद्भुत समागम का साक्षी बना. संगीत का महाकुंभ भी अद्भुत औरअविस्मरणीय
कांग्रेस नेता डॉ. अजय कुमार का बीजेपी पर हमला: भारत के राष्ट्रीय हितों की अनदेखी

कांग्रेस नेता डॉ. अजय कुमार ने हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा किअमेरिका द्वारा पाकिस्तान को F-16 लड़ाकू विमानों के रखरखाव के लिए 357 मिलियन डॉलर देने का निर्णय मोदी सरकार की कूटनीतिक विफलताका एक स्पष्ट उदाहरण है। यह स्थिति भारत के राष्ट्रीय हितों के प्रति भाजपा की अनदेखी को दर्शाती है।पाकिस्तान को अमेरिकी सहायता: मोदी सरकार की चुप्पी डॉ. कुमार ने बताया कि 2022 में बाइडेन प्रशासन ने भी पाकिस्तान को इसी उद्देश्य के लिए 450 मिलियन डॉलर का पैकेज दिया था। लेकिन मोदीसरकार ने इस पर कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं दी। भारतीय सेना ने पहले ही यह स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान ने जम्मू और कश्मीर में भारतीय सैन्यप्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के लिए अमेरिकी निर्मित F-16 विमानों का उपयोग किया है। अमेरिका का यह दावा कि F-16 विमानों का उपयोग केवल आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए किया जा रहा है, एक भ्रम है। पाकिस्तान ने इससमझौते का उल्लंघन किया है, और विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर सकता। ऐसे में मोदी सरकार के लिए यहआवश्यक हो जाता है कि वह पाकिस्तान को दी जा रही अमेरिकी सहायता पर कड़ी प्रतिक्रिया दे।कांग्रेस के कार्यकाल में भारत-अमेरिका संबंध डॉ. कुमार ने कांग्रेस के कार्यकाल (2004-2014) के दौरान भारत-अमेरिका के बीच रणनीतिक और रक्षा सहयोग की वृद्धि का उल्लेख किया। पूर्वप्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने अमेरिका के साथ कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जैसे कि 2008 का असैन्य परमाणु समझौता और2005 का रक्षा ढांचा समझौता। इन समझौतों ने भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत किया और वैश्विक स्तर पर उसकी स्थिति को बढ़ाया। मोदी सरकार की कूटनीतिक विफलताडॉ. कुमार ने पीएम मोदी की हालिया अमेरिका यात्रा का भी जिक्र किया, जहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भारत के हितों को मजबूती से नहीं रखा।उन्होंने सवाल उठाया कि कैसे अमेरिका पाकिस्तान को F-16 के रखरखाव के लिए पैसे दे रहा है, जबकि भारत को F-35 बेचने की बात की जा रहीहै। सामरिक विशेषज्ञों का कहना है कि F-16, F-35 की तुलना में हवाई लड़ाई में बेहतर है। इस संदर्भ में, डॉ. कुमार ने मोदी सरकार से सवाल किया कि वह पाकिस्तान को अमेरिकी सैन्य सहायता से उत्पन्न होने वाली सुरक्षा चुनौतियों कासामना कैसे करेगी। क्या यह मोदी सरकार की कूटनीति की विफलता नहीं है, और क्या इससे भारत के राष्ट्रीय हितों को नुकसान नहीं पहुँचता?आर्थिक चुनौतियाँ और मोदी सरकार की रणनीति डॉ. कुमार ने अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ के मुद्दे पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने BRICS देशों पर 100% टैरिफ लगाने की धमकीदी थी, जबकि पीएम मोदी मुस्कुरा रहे थे। यह स्थिति भारत के लिए आर्थिक दृष्टि से गंभीर हो सकती है। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ भारत की GDP को 0.1 से 0.6 प्रतिशत तक प्रभावित कर सकते हैं। शेयर बाजार मेंगिरावट और विदेशी निवेशकों की बिक्री ने भारतीय अर्थव्यवस्था को संकट में डाल दिया है।मोदी सरकार की योजना का अभाव डॉ. कुमार ने सवाल उठाया कि क्या मोदी सरकार के पास इन आर्थिक चुनौतियों का सामना करने के लिए कोई ठोस योजना है। उन्होंने यह भी पूछाकि क्या मोदी सरकार ने टैरिफ युद्ध का मुकाबला करने के लिए कोई नीतिगत उपाय तैयार किया है। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार की पिछले तीन बड़ी आर्थिक आपदाओं—नोटबंदी, दोषपूर्ण जीएसटी, और अनियोजित लॉकडाउन—के बाद, MSME और असंगठित क्षेत्र कैसे पारस्परिक टैरिफ से बचेंगे।निष्कर्ष डॉ. अजय कुमार के बयान स्पष्ट करते हैं कि मोदी सरकार की कूटनीति और आर्थिक नीतियों में गंभीर खामियाँ हैं। कांग्रेस नेता ने यह सवाल उठाया हैकि क्या मोदी सरकार भारत के राष्ट्रीय और सामरिक हितों की रक्षा करने में सक्षम है। यह स्पष्ट है कि भारत को इन चुनौतियों का सामना करने के लिएएक ठोस और प्रभावी रणनीति की आवश्यकता है।
कॉमेडी का पावर डोज है अर्जुन कपूर, रकुल प्रीत सिंह, भूमि पेडनेकर की फिल्म, जानें कैसी है ‘मेरे हसबैंड की बीवी’

मेरे हसबैंड की बीवी कॉमेडी, रोमांस और ड्रामा का एक शानदार मिश्रण है। बॉलीवुड अभिनेता अर्जुन कपूर, रकुल प्रीत सिंह और भूमि पेडनेकरअभिनीत मुदस्सर अजीज द्वारा निर्देशित यह फिल्म मजाकिया संवाद और विचित्र स्थितियों से भरी हुई है जो दर्शकों को अंत तक मनोरंजन करती है।अपने हल्के-फुल्के हास्य के साथ यह मल्टी-स्टारर एक मजेदार सिनेमाई अनुभव देने में सफल है। आज ये फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है।फिल्म की कहानी कैसी है और कलाकारों का काम किस तरह का है, ये जानने के लिए पढ़ें पूरा रिव्यू।कहानी फिल्म अंकुर चड्ढा के इर्द-गिर्द घूमती है जिसका किरदार अर्जुन कपूर ने निभाया है, जो एक रियल एस्टेट व्यवसायी है, जो अपनी कॉलेज की प्रेमिकाप्रबलिन कौर से शादी करता है, जिसका किरदार भूमि पेडनेकर ने निभाया है। प्रबलिन एक समर्पित पत्रकार है और अपने काम से बेहद प्यार करती है।हालांकि उनके विवाहित जीवन में जल्द ही बाधाएं आने लगती हैं, क्योंकि काम और व्यक्तिगत प्रतिबद्धताओं के बीच संतुलन बनाना मुश्किल होताजाता है। यह उथल-पुथल अंततः उनके रिश्ते के पतन का कारण बनती है। जब अंकुर दिल टूटने से जूझ रहा होता है, तभी उसकी मुलाकात अंतरा सेहोती है, जिसका किरदार रकुल प्रीत सिंह ने निभाया है। अंतरा उसकी पूर्व कॉलेज मेट थी और कुछ ही समय में दोनों के बीच प्यार की चिंगारी भड़क जाती है और मुख्य किरदार को प्यार का दूसरा मौका मिलजाता है। अब कहानी में मजेदार मोड़ आते हैं और दर्शक एक मजेदार सफर पर निकल पड़ते हैं। इसके बाद भावनाओं, हास्यपूर्ण घटनाओं औरअप्रत्याशित मोड़ों का एक रोलरकोस्टर आता है, जो इसे एक मनोरंजक फिल्म बनाती है। कुछ रुकावटों के साथ फिल्म अपनी मंजिल तक पहुंचती है, जो दर्शकों को अंत तक संतुष्ट कर देगी।निर्देशन ‘खेल खेल में’ और ‘हैप्पी फिर भाग जाएगी’ के निर्देशक मुदस्सर अजीज ने एक सरल लेकिन आकर्षक कहानी बनाई है जो ‘मेरे हसबैंड की बीवी’ केजरिए आधुनिक दर्शकों को पसंद आएगी। फिल्म को अपने किरदारों को स्थापित करने में थोड़ा समय लगता है, लेकिन एक बार कहानी शुरू हो जानेके बाद, यह एक मजेदार प्रवाह बनाए रखती है। पटकथा हास्य जीवंत बातचीत और मनोरंजक वन-लाइनर्स से भरी हुई है, जो एक मजेदार अनुभवसुनिश्चित करती है। हालांकि अर्जुन कपूर की यह फिल्म आपको कार्तिक आर्यन की फिल्म ‘पति पत्नी और वो’ की याद दिला सकती है। दिलचस्पबात यह है कि 2019 की इस फिल्म का निर्देशन भी अजीज ने किया था और भूमि ने लगभग वही किरदार निभाया था, जो उन्होंने मेरे हसबैंड की बीवीमें निभाया था। फिल्म का साउंडट्रैक दिल को छू जाता है, जिसमें मधुर और उत्साहवर्धक ट्रैक हैं जो पूरे अनुभव को और बेहत बनाते हैं। हालांकि डांसस्टेप अजीब हैं। अभिनय‘मेरे हसबैंड की बीवी’ के कलाकारों ने अपने अभिनय के मामले में बेहतरीन काम किया है। ‘सिंघम अगेन’ में दमदार अभिनय के बाद अर्जुन कपूर अंकुरचड्ढा के रूप में और भी सहज लग रहे हैं। इसके अलावा अभिनेता ने इस फिल्म में अपनी कॉमिक टाइमिंग से प्रभावित किया है और आपको आश्चर्यहोता है कि क्या उन्हें आगामी मल्टी-स्टारर कॉमेडी फिल्मों में लिया जाना चाहिए था। दूसरी ओर भूमि पेडनेकर ने एक बार फिर प्रबलिन कौर काकिरदार निभाते हुए अपनी अभिनय क्षमता का प्रदर्शन किया है। हालांकि उन्हें स्क्रीन पर देखकर ‘पति पत्नि और वो’ की वेदिका त्रिपाठी की याद जरूरआती है। दूसरी ओर रकुल प्रीत सिंह अंतरा की भूमिका में कमाल हैं। वह अर्जुन कपूर के साथ भी अच्छी केमिस्ट्री साझा करती हैं। हर्ष गुजराल डिनोमोरिया और आदित्य सील सहित सहायक कलाकारों ने फिल्म में अपने समयबद्ध अभिनय से हास्य को और बढ़ा दिया है। हालांकि शक्ति कपूर मेरेलिए सबसे अलग हैं। ‘एनिमल’ के बाद उन्हें इस तरह की भूमिका में देखना प्रभावी है।कैसी है फिल्म पूजा एंटरटेनमेंट के तहत वाशु भगनानी, जैकी भगनानी और दीपशिखा देशमुख द्वारा निर्मित ‘मेरे हसबैंड की बीवी’ हाल ही में रिलीज हुई एक्शन सेभरपूर फिल्मों से एक ब्रेक के रूप में काम करती है। रोमांटिक कॉमेडी और हल्के-फुल्के मनोरंजन के प्रशंसकों को यह फिल्म पसंद आएगी, खासकर वेलोग जिन्हें ‘2 स्टेट्स’ और ‘मुबारकां’ में अर्जुन कपूर पसंद आए थे। जो लोग पीरियड ड्रामा और एक्शन रिलीज के बीच एक सॉफ्ट रोमांटिक कॉमेडीका आनंद लेना चाहते हैं, उन्हें यह फिल्म खूब पसंद आएगी। हालांकि इस तरह की कहानियों की पहले भी भरमार रही है, लेकिन फिल्म का हास्य, आकर्षक अभिनय और मनोरंजक क्षण इसे कॉमेडी प्रेमियों के लिए एक आनंददायक फिल्म बनाते हैं। इसलिए ‘मेरे हसबैंड की बीवी’ को 5 में से 3 स्टार मिलना चाहिए।
थालापति विजय ने DMK और BJP का मजाक उड़ाया: ‘ये LKG-UKG के बच्चों की तरह लड़ रहे हैं’

फिल्म अभिनेता और तमिलगा वेत्रि कझगम (TVK) पार्टी के प्रमुख थालापति विजय ने हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और तमिलनाडु कीसत्ताधारी पार्टी द्रमुक (DMK) का मजाक उड़ाया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दोनों दलों के बीच चल रहे हैशटैग विवाद को लेकर तीखीटिप्पणी की। विजय का कहना है कि भाजपा और द्रमुक जैसे गंभीर मुद्दों को हल्के में ले रहे हैं, जो कि समाज के लिए चिंताजनक है। विजय का बयानमामल्लपुरम में बुधवार को TVK की पहली वर्षगांठ समारोह के दौरान विजय ने कहा कि त्रिभाषा नीति पर भाजपा ने द्रमुक के ‘गेट आउट मोदी’ काजवाब ‘गेट आउट स्टालिन’ से दिया। उन्होंने इसे एलकेजी और यूकेजी के बच्चों की लड़ाई से तुलना करते हुए कहा कि यह एक बचकाना व्यवहार है।विजय ने स्पष्ट किया कि केंद्र का कर्तव्य धन मुहैया कराना है, जबकि राज्य का अधिकार है धन प्राप्त करना। उन्होंने कहा, “हमारे राजनीतिक औरवैचारिक दुश्मन सोशल मीडिया पर हैशटैग के साथ खेल रहे हैं। यह सब क्या है? दोनों पक्ष लड़ने का दिखावा कर रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि हमइसे सच मान लें।” सभी भाषाओं का सम्मानविजय ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि उनकी पार्टी सभी भाषाओं का सम्मान करती है, लेकिन किसी अन्य भाषा के लिए अपने आत्मसम्मान कोनहीं छोड़ सकती। उन्होंने कहा, “कोई भी व्यक्ति कोई भी भाषा सीख सकता है, लेकिन सहकारी संघवाद और राज्य की स्वायत्तता का उल्लंघन करनाऔर किसी अन्य भाषा को थोपना अस्वीकार्य है।” विजय ने यह स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी राज्य की भाषा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को बनाएरखेगी। अन्नामलाई का पलटवारइस बीच, तमिलनाडु भाजपा के प्रमुख के अन्नामलाई ने विजय पर निशाना साधा है। उन्होंने कोयंबटूर में कहा, “कोई भी किसी भाषा को नहीं थोप रहाहै। आप (विजय) जो उपदेश देते हैं, उसका पालन करें और झूठ न बोलें।” अन्नामलाई का यह बयान विजय के आरोपों के जवाब में आया है, जिसमेंउन्होंने भाजपा और द्रमुक के बीच चल रहे विवाद को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की थी।राजनीतिक परिप्रेक्ष्य विजय का यह बयान उस समय आया है जब तमिलनाडु में भाषा विवाद एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुका है। त्रिभाषा नीति को लेकर भाजपा और द्रमुकके बीच तीखी बहस चल रही है। विजय ने इस मुद्दे पर अपनी पार्टी की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि वे किसी भी भाषा के प्रति सम्मान रखते हैं, लेकिन अपनी मातृभाषा के प्रति भी अपनी जिम्मेदारियों को नहीं भूलेंगे। थालापति विजय का यह बयान न केवल भाजपा और द्रमुक के बीच की राजनीतिक लड़ाई को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसेराजनीतिक दल गंभीर मुद्दों को हल्के में लेते हैं। विजय ने अपनी बातों के माध्यम से यह संदेश दिया है कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच समाज केमहत्वपूर्ण मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उनकी टिप्पणियाँ इस बात का संकेत हैं कि वे अपनी पार्टी के माध्यम से एक सकारात्मकऔर समावेशी राजनीति की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने की संगम घाट की सफाई, डिप्टी सीएम समेत कई मंत्री रहे मौजूद

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार सुबह प्रयागराज में महाकुंभ 2025 की औपचारिक पूर्णाहुति के लिए अरैल घाट पर सफाई अभियान में भागलिया। इस अवसर पर उन्होंने सफाईकर्मियों के साथ मिलकर घाट की सफाई की और गंगा तट पर स्नानार्थियों द्वारा छोड़े गए वस्त्रों को साफ करने मेंअपने मंत्रियों के साथ श्रमदान किया। यह सफाई अभियान महाकुंभ के उपरांत पूरे मेला क्षेत्र की स्वच्छता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम था। सफाई कार्य के बाद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ फ्लोटिंग जेटी के जरिए संगम के लिए रवाना हुए। इसदौरान उन्होंने जेटी से साइबेरियन पक्षियों को दाना खिलाया, जो इस क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता का हिस्सा हैं। संगम पहुंचकर, सीएम योगी ने मां गंगा, मां यमुना और अदृश्य रूप में मौजूद मां सरस्वती का विधिवत पूजन किया। संगम घाट पर विधिवत पूजा और आरतीवैदिक मंत्रोच्चार के बीच, मुख्यमंत्री ने मंत्रिगणों के साथ मिलकर मां गंगा का दुग्धाभिषेक किया और विधि-विधान से मां की आरती उतारी। इसअवसर पर उन्होंने लोक कल्याण की कामना की और संगम स्नान के लिए आए श्रद्धालुओं का अभिवादन किया। इस कार्यक्रम में डिप्टी सीएम केशवप्रसाद मौर्य, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, राकेश सचान, नंद गोपाल गुप्ता नंदी, अनिल राजभर, मुख्य सचिव मनोज कुमारसिंह, डीजीपी प्रशांत कुमार और प्रमुख सचिव गृह एवं सूचना संजय प्रसाद सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।महाकुंभ से जुड़े लोगों का सम्मानमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दिन महाकुंभ नगर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेने की योजना बनाई है। वे उन कर्मचारियों औरसंस्थाओं से मुलाकात करेंगे जिन्होंने महाकुंभ को ऐतिहासिक, दिव्य, भव्य, स्वच्छ, सुरक्षित और डिजिटल बनाने में योगदान दिया है। इस दौरान उन्हेंसम्मानित भी किया जाएगा। शाम को, सीएम योगी पुलिसकर्मियों से संवाद करेंगे और सुरक्षित महाकुंभ के लिए उनका आभार प्रकट करेंगे। इसके अलावा, कुम्भ की व्यवस्था मेंलगे अधिकारियों और मेला प्रशासन से जुड़े लोगों के साथ भी उनकी बैठक प्रस्तावित है। महाकुंभ की तैयारी और स्वच्छता का महत्वमहाकुंभ का आयोजन हर 12 वर्ष में होता है और यह एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक घटना है। इस दौरान लाखों श्रद्धालु संगम में स्नान करनेआते हैं, जिससे स्वच्छता और व्यवस्था बनाए रखना अत्यंत आवश्यक हो जाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह कदम न केवल स्वच्छता केप्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास है, बल्कि यह महाकुंभ के आयोजन को सफल और सुरक्षित बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। इस सफाई अभियान के माध्यम से, मुख्यमंत्री ने यह संदेश दिया है कि स्वच्छता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक की जिम्मेदारीहै। उन्होंने सभी से अपील की कि वे अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने में योगदान दें। सीएम योगी आदित्यनाथ का संगम घाट की सफाई में भाग लेना और महाकुंभ की तैयारी के लिए किए जा रहे प्रयास यह दर्शाते हैं कि सरकार धार्मिकआयोजनों के साथ-साथ स्वच्छता और सुरक्षा को भी प्राथमिकता दे रही है। यह न केवल श्रद्धालुओं के लिए एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करेगा, बल्कि आने वाले समय में महाकुंभ के आयोजन को और भी भव्य और दिव्य बनाने में मदद करेगा।
पुणे रेप केस के आरोपी पर एक लाख का इनाम, फोटो जारी, तलाश में लगी 13 टीमें… पढ़ें अब तक क्या-क्या हुआ

पुणे के स्वर्गेट डिपो में एक बस के अंदर 26 वर्षीय महिला के साथ हुए बलात्कार के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना के बाद महाराष्ट्र कीफडणवीस सरकार ने एक्शन मोड में आकर कई कदम उठाए हैं। विपक्षी दलों के हमलों के बीच, परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने मामले की गंभीरताको देखते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। आरोपी की पहचान और इनाम की घोषणापुणे पुलिस ने आरोपी की पहचान कर ली है, जिसका नाम दत्तात्रेय रामदास गाडे है। उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाले व्यक्ति को 1 लाख रुपयेका इनाम देने की घोषणा की गई है। पुलिस ने आरोपी की फोटो भी जारी की है। बताया जा रहा है कि आरोपी ने बस में महिला के साथ बलात्कारकिया था, जिसके बाद महिला ने पुलिस से संपर्क किया और उसी दिन मामला दर्ज कराया। मंत्री सरनाईक के निर्देशमंत्री प्रताप सरनाईक ने स्वर्गेट डिपो के सहायक परिवहन अधीक्षक और बस डिपो प्रबंधक के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदिजांच में दोनों दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें निलंबित किया जाएगा। इसके साथ ही, उन्होंने महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) को स्वर्गेटबस डिपो में सभी मौजूदा सुरक्षा कर्मियों को बदलने का निर्देश दिया है। उनका कहना है कि बेहतर सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के लिए यह कदमउठाया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। घटना का विवरणयह घटना मंगलवार की सुबह हुई, जब बलात्कार पीड़िता फलटण में अपने घर लौटने के लिए बस का इंतजार कर रही थी। आरोपी ने उसे “दीदी” कहकर संपर्क किया और झूठा दावा किया कि उसके गंतव्य तक जाने वाली बस कहीं और खड़ी है। इसके बाद, वह उसे डिपो में खड़ी महाराष्ट्र राज्यपरिवहन निगम की बस में ले गया और उसके साथ बलात्कार किया। पुलिस की कार्रवाईपुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए 13 टीमें गठित की हैं। इनमें से आठ टीमें क्राइम ब्रांच यूनिट की हैं और पांच टीमें स्वर्गेट पुलिस स्टेशन की हैं।पुलिस ने बताया कि इन टीमों को जिले से बाहर भी भेजा गया है। स्वर्गेट पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी दत्तात्रेय रामदास गाडे(36) एक हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ पुणे और आसपास के अहिल्यानगर जिले में चोरी, डकैती और चेन स्नैचिंग के आधा दर्जन मामले दर्जहैं। गाडे 2019 से एक अपराध में जमानत पर बाहर था। विपक्ष का हमलाइस घटना के बाद विपक्ष ने सरकार पर हमला बोल दिया है। राकांपा (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा किस्वर्गेट बस स्टैंड के सामने ही पुलिस चौकी है। यदि पुलिसकर्मी वहां गश्त करते होते, तो ऐसी घटना नहीं होती। उन्होंने आरोपी की जल्द गिरफ्तारीऔर उसके मुकदमे को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की मांग की है। वहीं, महाराष्ट्र कांग्रेस ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फणडवीस से इस्तीफा मांगा है। कांग्रेस का कहना है कि राज्य में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं।राष्ट्रीय महिला आयोग की प्रतिक्रिया राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने मुंबई के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर मामले में तत्काल कार्रवाई की मांगकी है। एनसीडब्ल्यू ने कहा है कि वह मामले की बारीकी से निगरानी करेगी और आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई करेगी।निष्कर्ष पुणे रेप केस ने न केवल स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, बल्कि यह भी दर्शाता है कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर समाजमें जागरूकता और सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। सरकार और पुलिस की कार्रवाई इस दिशा में महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ ही समाज कोभी इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। इस मामले में आगे की कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी की प्रतीक्षा की जा रही है।
सिर पर टोपी और मजाकिया अंदाज, धर्मेंद्र का स्टाइल देख खुश हो गए फैन्स, तारीफों के बांधे पुल

धर्मेंद्र, बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता, सोशल मीडिया पर हमेशा सक्रिय रहते हैं और अपने फैंस के साथ अपनी लाइफ की झलकियां शेयर करते रहतेहैं। वह अक्सर अपने परिवार के साथ तस्वीरें पोस्ट करते हैं, जो बहुत ही तेजी से वायरल हो जाती हैं। यह तस्वीरें न सिर्फ उनके फैंस, बल्कि उनकेपरिवार के सदस्यों द्वारा भी सराही जाती हैं। हाल ही में, उन्होंने एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें वह अपनी जीभ दिखाते हुए पोज देते नजर आ रहे थे। यहपोस्ट उनके फन साइड को दिखाता है और उन्होंने इसके साथ एक मजेदार कैप्शन भी लिखा, “ऐसे वैसे लोग, बन जाते हैं कैसे, मुझे तो, मैं, मैं भी बन-ना ना आया…वैसा बनूं तू कैसे?” धर्मेंद्र के इस पोस्ट पर उनकी बेटी ईशा देओल ने भी कमेंट किया, “पापा,” और उनके बेटे करण देओल ने लिखा, “बहुत प्यारे बड़े पापा।” धर्मेंद्र केफैंस ने भी इस तस्वीर पर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं और उन्हें खूब प्यार और आशीर्वाद भेजा। यह पोस्ट दिखाता है कि धर्मेंद्र न केवल एक शानदारअभिनेता हैं, बल्कि एक अच्छे और खुशमिजाज परिवारिक सदस्य भी हैं, जो अपने परिवार के साथ खुश रहने की पूरी कोशिश करते हैं। धर्मेंद्र का सोशल मीडिया पर सक्रिय रहना उनके फैंस के लिए हमेशा एक खुशखबरी होती है। इससे पहले भी उन्होंने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर कईपोस्ट्स किए थे, जिसमें उनके परिवार और दोस्तों के साथ उनकी मस्ती और उनकी खूबसूरत यादें साझा की गई थीं। एक और पोस्ट में, उन्होंनेअभिनेत्री आलिया भट्ट के साथ अपनी एक तस्वीर शेयर की थी। इस पोस्ट में उन्होंने आलिया को ‘प्यारी बहू’ और ‘सुंदर बेटी’ कहा था। इस तस्वीर कोउन्होंने फिल्म “रॉकी और रानी की प्रेम कहानी” के प्रमोशन के दौरान शेयर किया था, जिसमें उन्होंने आलिया के साथ स्क्रीन स्पेस साझा किया था।धर्मेंद्र ने इस पोस्ट में लिखा, “एक उत्कृष्ट कलाकार, प्यारी बहू, सुंदर बेटी। हमेशा आरके के लिए प्रार्थना करें।” धर्मेंद्र की यह पोस्ट एक क्यूट और दिल छू लेने वाला इशारा था, जो उनके परिवार के प्रति उनकी प्रेमभावना को दर्शाता है। “रॉकी और रानी की प्रेमकहानी” एक रोमांटिक फिल्म थी, जिसमें रणवीर सिंह और आलिया भट्ट मुख्य भूमिका में थे। फिल्म का निर्देशन करण जौहर ने किया था और धर्मेंद्र केसाथ जया भट्ट, शबाना आज़मी जैसे दिग्गज अभिनेता भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में थे। धर्मेंद्र की आगामी फिल्म “इक्कीस” है, जो एक युद्ध ड्रामा है। यह फिल्म सेकेंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल के जीवन पर आधारित है, जिन्होंने 1971 केभारत-पाक युद्ध में शहादत दी और मरणोपरांत उन्हें परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। इस फिल्म में धर्मेंद्र के अलावा अमिताभ बच्चन के पोतेअगस्त्य नंदा भी मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म के बारे में कहा जा रहा है कि यह एक प्रेरणादायक कहानी होगी, जो दर्शकों को देशभक्ति औरबलिदान का संदेश देगी। धर्मेंद्र की इस फिल्म को लेकर उनके फैंस में काफी उत्साह है, और वह इसे लेकर काफी उत्सुक हैं। धर्मेंद्र की फिल्मों और उनके परिवार के साथ उनके पोस्ट्स दर्शाते हैं कि वह न केवल एक बेहतरीन अभिनेता हैं, बल्कि एक अच्छे इंसान और परिवारके अहम सदस्य भी हैं। उनकी सोशल मीडिया गतिविधियाँ और पोस्ट्स उनके व्यक्तित्व का एक और सकारात्मक पहलू दिखाती हैं, जो उनके फैंस औरपरिवार के बीच एक मजबूत रिश्ते की तरह काम करती हैं।
शशि थरूर ने पॉडकास्ट विवाद पर दी प्रतिक्रिया, बोले- पार्टी की बैठक में रहेंगे

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान अपने पार्टी में रहने को लेकर दिए गए बयान को लेकर उत्पन्न हुए विवाद पर अपनीप्रतिक्रिया दी है। शशि थरूर ने कहा कि उन्होंने पॉडकास्ट में जीवन और खुशी के बारे में 45 मिनट की बातचीत की थी और इसमें किसी भीराजनीतिक विवाद की बात नहीं की थी। थरूर ने कहा कि वह अभी भी इस विवाद को पूरी तरह से समझ नहीं पाए हैं और उन्होंने सवाल उठाने वालेपत्रकारों से यह पूछा कि क्या वे उन्हें इस विवाद के बारे में और अधिक स्पष्टता दे सकते हैं। शशि थरूर ने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी की एक बैठकशुक्रवार को बुलाई गई है, और वह इस बैठक में बाकी सभी नेताओं के साथ मौजूद रहेंगे। यह बयान उस समय आया जब शशि थरूर के एक पॉडकास्ट साक्षात्कार ने कांग्रेस पार्टी और उनके समर्थकों के बीच कुछ अनबन पैदा कर दी थी।थरूर ने इस विवाद को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने पॉडकास्ट में कोई ऐसी बात नहीं की थी जो पार्टी की नीतियों के खिलाफ हो।उनका कहना था कि पॉडकास्ट में जीवन के अन्य पहलुओं पर बात की गई थी और यह पूरी बातचीत किसी राजनीतिक विवाद से दूर थी। उन्होंने कहाकि जब उन्होंने पॉडकास्ट सुना, तो वह खुद भी यह समझने में असमर्थ थे कि विवाद किस बारे में था। इसके बाद, थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए एक और बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि मोदी की अमेरिका यात्रा ने भारतीयों केलिए सकारात्मक परिणाम दिए हैं। थरूर का यह बयान उस समय आया जब वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के बाद मीडिया में आएथे और उनकी आलोचना की गई थी कि उन्होंने मोदी की तारीफ की थी। थरूर ने इस पर सफाई दी और कहा कि उन्होंने यह बयान भारत के हितों कोध्यान में रखते हुए दिया था। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी राजनीतिक मुद्दे पर विचार करते समय केवल पार्टी हितों को ध्यान में नहीं रखा जासकता। शशि थरूर ने मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान कुछ मुद्दों को भी उठाया, जैसे कि अवैध अप्रवासियों की वापसी और व्यापार संबंधी मुद्दे, जो यात्रा केदौरान अनुत्तरित रह गए थे। हालांकि, उन्होंने कहा कि यह कूटनीति का हिस्सा था और प्रधानमंत्री मोदी ने इन मुद्दों को बंद दरवाजों के पीछे उठाया, जोकि एक सामान्य कूटनीतिक प्रक्रिया है। थरूर ने स्पष्ट किया कि कूटनीति में सब कुछ सार्वजनिक रूप से नहीं रखा जाता और इसे समझने की जरूरतहै। इसके साथ ही, थरूर ने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार और शुल्क पर होने वाली बातचीत का स्वागत किया। उन्होंने कहा किअमेरिका द्वारा हम पर शुल्क लगाने से भारत के निर्यात को नुकसान हो सकता था, लेकिन अब यह समझौता दोनों देशों के लिए फायदेमंद साबितहोगा। थरूर ने इस समझौते को एक सकारात्मक कदम बताया और कहा कि इसने भारत के व्यापार हितों की रक्षा की है। उन्होंने कहा कि एक भारतीयके रूप में वह इस सकारात्मक परिणाम की सराहना करते हैं और यह महत्वपूर्ण है कि हम हमेशा केवल पार्टी हितों के बजाय राष्ट्रीय हितों पर ध्यान दें। शशि थरूर के इस बयान से यह स्पष्ट हो गया कि वह कूटनीतिक दृष्टिकोण को समझते हैं और पार्टी की नीतियों से इतर राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकतादेते हैं। उनका यह बयान यह भी दर्शाता है कि वह राजनीति के अलावा देश के हितों की बात करने में संकोच नहीं करते हैं। थरूर का कहना था कि वहकिसी पार्टी के प्रवक्ता नहीं हैं और उनके लिए भारतीय हित सबसे ऊपर हैं। कांग्रेस पार्टी के भीतर शशि थरूर के इस बयान के बाद पार्टी के भीतर एक बार फिर से चर्चा का दौर शुरू हो गया है। पार्टी नेताओं ने उनके बयान कोलेकर अपनी-अपनी राय दी है, लेकिन थरूर ने इसे किसी राजनीतिक विवाद से जोड़ा नहीं। उनकी प्रतिक्रिया ने यह साफ कर दिया कि उनका उद्देश्यपार्टी के भीतर विवादों को बढ़ाना नहीं है, बल्कि वह राष्ट्रीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने में विश्वास रखते हैं। इस विवाद के बीच कांग्रेस पार्टी के अंदर इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देने वाले नेताओं की संख्या बढ़ रही है। पार्टी ने शशि थरूर के बयान को लेकर अपनीस्थिति स्पष्ट नहीं की है, लेकिन यह साफ है कि पार्टी की आगामी बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। शशि थरूर ने भी कहा है कि वह पार्टी कीबैठक में मौजूद रहेंगे और उम्मीद करते हैं कि पार्टी के सभी सदस्य इस मुद्दे पर एक साथ चर्चा करेंगे।