दिल्ली के बजट के लिए आम लोगों की राय ली जाएगी, सीएम ने जारी किया व्हाट्सएप नंबर

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली के आगामी बजट को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया किदिल्ली का बजट 24 से 26 मार्च के बीच पेश किया जाएगा और इस बार बजट के निर्माण में आम लोगों की राय भी शामिल की जाएगी। मुख्यमंत्रीने स्पष्ट किया कि इस बजट में सभी वर्गों के सुझावों को स्थान दिया जाएगा, ताकि एक समग्र और विकास oriented दिल्ली का बजट तैयार कियाजा सके। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उनके द्वारा किए गए संकल्प पत्र में जो भी वादे किए गए हैं, वे सभी वादे बजट में शामिल किए जाएंगे।इसके अलावा, उन्होंने महिला सम्मान योजना का भी जिक्र किया, जो इस बजट का अहम हिस्सा होगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आगामी बजट में महिला सुरक्षा और सम्मान के लिए विशेष योजनाएं बनाई जाएंगी और इसका उद्देश्य दिल्ली कीमहिलाओं को बेहतर अवसर और सुरक्षा प्रदान करना है। इसके लिए एक संवाद सत्र का आयोजन 5 मार्च को दिल्ली विधानसभा में किया गया है, जिसमें महिला संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे और बजट के बारे में अपने विचार और सुझाव साझा करेंगे। सुझाव देने के लिए व्हाट्सएप नंबर जारीप्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि वे इस बार बजट तैयार करने में जनभागीदारी को सुनिश्चित करना चाहती हैं। इसके लिए उन्होंने एकव्हाट्सएप नंबर जारी किया है, जिस पर दिल्ली के लोग अपने सुझाव और विचार भेज सकते हैं। व्हाट्सएप नंबर 9999962025 के जरिए लोगअपने सुझाव दे सकते हैं। इसके अलावा, एक ईमेल आईडी भी जारी की गई है, जिस पर कोई भी दिल्लीवासी अपने विचार और सुझाव भेज सकताहै। सीएम ने यह भी बताया कि उनका उद्देश्य दिल्ली का बजट इस प्रकार तैयार करना है, जिसमें हर वर्ग का प्रतिनिधित्व हो और सभी की जरूरतों कोपूरा किया जा सके। सीएम रेखा गुप्ता ने यह भी कहा कि यह बजट लोगों के हित में होगा और दिल्ली को एक विकसित और समृद्ध शहर बनाने के लिए इसे तैयार कियाजाएगा। उन्होंने इस बात का विश्वास दिलाया कि बजट में सभी वर्गों और समुदायों के सुझावों को प्राथमिकता दी जाएगी, खासकर गरीब, मजदूर, महिलाएं, छात्र, व्यापारी, और युवा वर्ग के सुझावों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई जाएंगी। जनता से सुझाव लेंगे विधायक और मंत्रीमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह भी जानकारी दी कि दिल्ली के मंत्री और विधायक जनता से संवाद करेंगे और उनसे सुझाव लेंगे। उन्होंने कहा कि उनकाउद्देश्य सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है, ताकि हर किसी के विचार और जरूरतों को समझा जा सके। इसके अलावा, उन्होंनेयह भी कहा कि उनके द्वारा संकल्प पत्र में किए गए वादों को वे पूरा करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं और इस बार दिल्ली के विकास कार्यों कोसही दिशा में आगे बढ़ाने के लिए सभी योजनाओं पर अमल किया जाएगा। सीएम रेखा गुप्ता ने यह आरोप भी लगाया कि पहले दिल्ली में केवल बहाने बनते थे और विकास के कार्यों को टाला जाता था, लेकिन इस बार वेविकास कार्यों को बिना किसी रुकावट के लागू करेंगे। उन्होंने कहा, “पहले सिर्फ बहाने मिलते थे, इस बार दिल्ली में विकास दिखेगा और हम एकनया अध्याय लिखेंगे।” सीएम का संकल्प और वादेमुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार द्वारा किए गए सभी वादों को पूरा किया जाएगा। बजट में सरकार उन योजनाओं और कार्यक्रमों पर जोर देगीजो समाज के सभी वर्गों के लिए लाभकारी हों। मुख्यमंत्री ने कहा, “हम अपने संकल्प पत्र में किए गए हर वादे को पूरा करने के लिए पूरी तरह सेप्रतिबद्ध हैं। समय कम है, लेकिन काम बहुत हैं, और हम दिल्ली के विकास के लिए अपनी पूरी क्षमता से काम करेंगे।” मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह भी कहा कि इस बार दिल्ली के लोगों को एक नया और विकसित दिल्ली मिलेगा, जहां हर क्षेत्र में सुविधाओं का विस्तारकिया जाएगा और विकास कार्यों को गति मिलेगी। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि दिल्ली के विकास में जनता की भागीदारी को सुनिश्चित किया जाएगाऔर उनकी राय के आधार पर ही योजनाएं तैयार की जाएंगी। नए बजट में क्या होगा खास?दिल्ली के नए बजट में मुख्य तौर पर उन योजनाओं और कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो लोगों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करें औरदिल्ली को एक बेहतर शहर बना सकें। महिला सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विशेष ध्यान दिया जाएगा।सीएम ने कहा कि इस बजट में विशेष रूप से महिलाओं के लिए योजनाएं होंगी, जिनसे उनकी सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करने और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार करने की योजना है। सरकार ने यह भी घोषणा की है किदिल्ली के विकास के लिए पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ काम किया जाएगा। समापन सत्र और भविष्य की योजनाएंदिल्ली के बजट का समापन सत्र एक नई दिशा दिखाएगा और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का लक्ष्य दिल्ली को समृद्ध और विकसितबनाना है। बजट की तैयारियों में जनता की राय को शामिल कर एक ऐसा बजट तैयार किया जाएगा जो सभी वर्गों के लिए लाभकारी हो। इस बजट सेयह उम्मीद जताई जा रही है कि दिल्ली में विकास की नई लहर आएगी और राजधानी के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि अब जनता को इस बजट की कार्यान्वयन प्रक्रिया पर नजर बनाए रखनी होगी और सरकार से उचितसवाल पूछने का अधिकार रखना होगा। इससे सरकार को जिम्मेदार ठहराया जा सकेगा और सही दिशा में काम किया जा सकेगा
दिल्ली विधानसभा में AAP विधायकों का जबरदस्त हंगामा, स्पीकर ने खड़े होकर शांत कराया

दिल्ली विधानसभा में सोमवार को एक बार फिर हंगामे का माहौल था। आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों ने सदन में जमकर हंगामा किया औरविधानसभा में नियमों का उल्लंघन करते हुए धक्का-मुक्की और शोर-शराबा किया। आज सदन में विशेष रूप से कैग (CAG) रिपोर्ट पर चर्चा होनीथी, लेकिन उससे पहले ही आम आदमी पार्टी के विधायकों ने अपनी नाराजगी व्यक्त की और इसे लेकर हंगामा शुरू कर दिया। AAP विधायकों की हंगामेदार एंट्रीसोमवार को दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी के सभी 22 विधायक मौजूद थे। जिन 21 विधायकों को पहले सस्पेंड किया गया था, उनकानिलंबन आज समाप्त हो गया था। इसके बाद, ये सभी विधायक सदन में पहुंचे और चर्चा के दौरान तगड़ा विरोध शुरू कर दिया। विधानसभा में कैगरिपोर्ट पर चर्चा होनी थी, लेकिन उससे पहले ही आम आदमी पार्टी के विधायकों ने इसे लेकर हंगामा खड़ा कर दिया। बीजेपी विधायक के साथ AAP विधायकों की टोका-टोकीदिल्ली विधानसभा में नियम 280 के तहत चर्चा शुरू हो रही थी। रिठाला से बीजेपी विधायक कुलवंत राणा अपनी बात रख रहे थे, लेकिन उसी दौरानआम आदमी पार्टी के विधायकों ने उन्हें लगातार टोका-टाकी करना शुरू कर दिया। इस दौरान आप विधायक संजीव झा और बीजेपी विधायककुलवंत राणा के बीच बहस भी हो गई। बीजेपी विधायक राणा इस घटनाक्रम से नाराज हो गए और इसका विरोध किया। हंगामा बढ़ने पर स्पीकर कोअपने स्थान से उठकर मामले को शांत करना पड़ा।सीएजी रिपोर्ट पर तीखा विवाददिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सीएजी रिपोर्ट को लेकर भाजपा का पक्ष रखा और आप सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा, “सीएजी रिपोर्ट ने आम आदमी पार्टी की सरकार की सभी अनियमितताओं का खुलासा किया है। आप सरकार का स्वास्थ्य मॉडल केवल लोगों काध्यान भटकाने और पैसे इकट्ठा करने का एक जरिया बनकर रह गया था। कोरोना महामारी के दौरान इस स्वास्थ्य मॉडल की कमी के कारण कई लोगअपनी जान गंवा बैठे।” सिरसा ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मॉडल में भारी भ्रष्टाचार था और उसने इस दौरान अपनी जिम्मेदारीनिभाने के बजाय अन्य मुद्दों पर ध्यान दिया। आशीष सूद ने AAP सरकार पर हमला बोलादिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने भी सीएजी रिपोर्ट पर सवाल उठाए और आप सरकार के घोटालों का खुलासा किया। उन्होंने कहा, “सीएजी रिपोर्ट केहर पन्ने के साथ दिल्ली सरकार के घोटाले सामने आ रहे हैं। जब दिल्ली के लोगों को ऑक्सीजन की जरूरत थी, जब उन्हें मोहल्ला क्लीनिक कीजरूरत थी, तब दिल्ली सरकार अपना शीश महल बनाने में व्यस्त थी। हाई कोर्ट और सीएजी ने उनके ‘मोहल्ला क्लीनिक’ और तथाकथित स्वास्थ्यमॉडल पर गंभीर आरोप लगाए हैं।” आशीष सूद ने आरोप लगाया कि आप सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं की बजाय अपनी छवि बनाने के लिए न केवल पैसे खर्च किए, बल्कि लोगों केजीवन की कोई चिंता नहीं की। उनका कहना था कि जिन चीजों की जरूरत थी, जैसे कि ऑक्सीजन, मेडिकल सुविधाएं, मोहल्ला क्लीनिक आदि, उनकी बजाय सरकार ने अपनी छवि को चमकाने में समय और संसाधन लगाए।AAP के हंगामे के बीच गोपाल राय की प्रतिक्रियाआप विधायकों के हंगामे के दौरान दिल्ली विधानसभा में आप पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक गोपाल राय ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंनेआरोप लगाया कि विधानसभा सत्र की शुरुआत में ही स्पीकर ने तानाशाही रवैया अपनाया और आप विधायकों के साथ नाइंसाफी की। गोपाल राय नेकहा, “स्पीकर ने पहले ही दिन से तानाशाह की तरह व्यवहार किया और यह निंदनीय है। हम इस सत्र में अपने मुद्दों को उठाने के लिए गए थे, लेकिनहमें इसका मौका नहीं दिया गया।” उन्होंने आगे कहा, “आज विधानसभा का आखिरी दिन है और हमारे सभी विधायक सदन में मौजूद हैं। हम चर्चा में भाग लेंगे और अपना पक्ष रखेंंगे।हमें उम्मीद है कि इस बजट के माध्यम से सरकार अपने वादों को पूरा करेगी, लेकिन अगर हमसे असहमति जताई जाती है तो हम इसका विरोध करेंगे।” संसदीय कार्यवाही की स्थितिदिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच विवादित स्थिति बनी रही। दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारीरहा। आम आदमी पार्टी ने इस आरोप को खारिज किया कि वह सीएजी रिपोर्ट से डरते हैं, जबकि बीजेपी ने इस रिपोर्ट के आधार पर दिल्ली सरकारके कार्यों की कड़ी आलोचना की। विधानसभा के भीतर जब हंगामा बढ़ने लगा और सत्र को बाधित करने की स्थिति बन गई, तो स्पीकर को बीच में हस्तक्षेप करना पड़ा। स्पीकर ने खड़ेहोकर सदन में शांति बनाए रखने का प्रयास किया और विधायकों से नियमों के तहत अपनी बात रखने की अपील की। आखिरकार क्या होगा परिणाम?दिल्ली विधानसभा में इस हंगामे और विरोध के बावजूद, यह स्पष्ट है कि दोनों प्रमुख दलों के बीच टकराव अभी थमने वाला नहीं है। जहां एक ओरआम आदमी पार्टी सीएजी रिपोर्ट को लेकर अपनी सफाई देने में लगी है, वहीं दूसरी ओर भाजपा दिल्ली सरकार के कार्यों की आलोचना करने का कोईमौका नहीं छोड़ रही। इस हंगामे के बीच, दिल्ली के लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि क्या विधानसभा में इस तरह के विवादों के बावजूद कोई ठोस निर्णय लियाजाएगा। अब यह देखना होगा कि दिल्ली सरकार आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर किस तरह की कार्रवाई करती है और विधानसभा में आगे किस तरहकी कार्यवाही होती है।
अपनी पार्टी खत्म कर रहीं मायावती’, कांग्रेस नेता ने बसपा कार्यकर्ताओं से की कांग्रेस में शामिल होने की अपील

बसपा प्रमुख मायावती ने रविवार को एक अहम कदम उठाते हुए पार्टी के नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद को सभी पदों से हटा दिया। आकाशआनंद मायावती के भतीजे हैं। इससे पहले भी मायावती ने उन्हें कई बार चेतावनी दी थी। इस फैसले के बाद, कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद उदित राजने बसपा कार्यकर्ताओं से कांग्रेस पार्टी में शामिल होने की अपील की। उदित राज ने मायावती की आलोचना करते हुए दावा किया कि उनके निर्णयों से बसपा का पतन हो रहा है। उन्होंने कहा, “मायावती अपनी पार्टी कोखत्म कर रही हैं और अब बसपा में दलितों और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए कोई मिशन नहीं बचा है।” उदित राज का यह बयान 17 फरवरी के उसविवाद के बाद आया, जब उन्होंने मायावती पर बहुजन आंदोलन को कमजोर करने का आरोप लगाया था। इस संदर्भ में उदित राज ने अपने पिछलेबयान को दोहराते हुए कहा, “मैंने 17 फरवरी को लखनऊ में कहा था कि सुश्री मायावती ने बहुजन आंदोलन का गला घोटा है और अब उनका गलाघोटने का समय आ गया है।” कांग्रेस नेता ने बसपा पर स्पष्ट मिशन की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि अब पार्टी में संविधान की रक्षा करने, दलितों और ओबीसी पर हो रहेअत्याचारों का विरोध करने या निजीकरण के खिलाफ कोई लड़ाई नहीं बची है। उदित राज ने बसपा कार्यकर्ताओं से पार्टी छोड़ने और कांग्रेस मेंशामिल होने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “जो लोग मुझसे नाराज थे, उन्हें अब यह समझना चाहिए कि मेरा इरादा उन्हें स्थिति से अवगत करानाथा।” बसपा में इस बदलाव के बाद उदित राज ने यह स्पष्ट किया कि मायावती द्वारा उठाए गए कदमों से पार्टी में असंतोष बढ़ेगा, और इसका प्रभाव बसपाके भविष्य पर पड़ेगा। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक बेहतर विकल्प हो सकता है, खासकर उनकार्यकर्ताओं के लिए जो अब मायावती के नेतृत्व में निराश हो चुके हैं।
रणवीर अल्लाहबादिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, इस एक शर्त पर मिली शो ऑन एयर करने की छूट

रणवीर अल्लाहबादिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। उन्हें अपने लोकप्रिय शो ‘द रणवीर शो’ को जारी रखने की अनुमति दी गई है, लेकिनकोर्ट ने एक शर्त भी रखी है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि रणवीर को अपने शो में नैतिकता का स्तर बनाए रखना होगा और इसके लिए उन्हें एक अंडरटेकिंगदेनी होगी, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि शो का कंटेंट सभी उम्र के दर्शकों के लिए उपयुक्त हो। इस आदेश के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह भीकहा कि यह राहत इसलिए दी जा रही है क्योंकि इस शो से लगभग 280 लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला तब आया जब रणवीर अल्लाहबादिया, जो कि एक यूट्यूबर और पॉडकास्ट होस्ट हैं, को ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ नामक शो मेंअपनी विवादित टिप्पणियों के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा था। इस शो में कॉमेडियन और यूट्यूबर समय रैना के साथ उन्होंने अश्लीलटिप्पणी की थी, जिसके बाद शो को लेकर काफी विवाद उठ गया और रणवीर पर कई तरह की पाबंदियां लगाई गईं। इस मामले ने तूल पकड़ा औरइसके बाद ही सुप्रीम कोर्ट को इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करना पड़ा। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि रणवीर को विदेश यात्रा की अनुमति फिलहाल नहीं दी गई है। कोर्ट ने कहा कि जब वह जांच में पूरा सहयोग देंगे, तभीविदेश यात्रा की अनुमति पर विचार किया जा सकता है। इसके साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी एक अहम निर्देश दिया। कोर्ट ने केंद्र से ऑनलाइन सामग्री को विनियमित करने का आदेश दियाऔर इस विषय पर संबंधित पक्षों से राय लेने को कहा। यह आदेश इस बात को ध्यान में रखते हुए दिया गया कि ऑनलाइन कंटेंट में ऐसी सामग्री कानियंत्रण होना चाहिए, जो समाज के विभिन्न वर्गों के लिए उपयुक्त हो। इस फैसले से रणवीर अल्लाहबादिया को राहत मिली है, लेकिन अब उनके लिए यह जरूरी होगा कि वह अपने शो की सामग्री में सख्ती से नैतिकताका ध्यान रखें, ताकि वह अपने दर्शकों के बीच विवादों से बच सकें।
सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया से भिड़ेगा भारत, न्यूजीलैंड को 44 रन से हराया

भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी के लीग चरण के आखिरी मैच में न्यूजीलैंड को 44 रन से हराया। यह मैच दुबई में खेला गया, जहां भारत ने न्यूजीलैंड को 250 रनों का लक्ष्य दिया। न्यूजीलैंड की टीम 45.3 ओवर में 205 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। भारत की जीत में अहम योगदान वरुण चक्रवर्ती कारहा, जिन्होंने 10 ओवर में 42 रन देकर पांच विकेट लिए। इस जीत के साथ भारत सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया से भिड़ेगा। मैच में न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का निर्णय लिया। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 249 रनबनाए। श्रेयस अय्यर और हार्दिक पांड्या ने शानदार पारी खेली। श्रेयस अय्यर ने 50 रन की अहम पारी खेली, जबकि हार्दिक पांड्या ने 45 रन बनाए।भारतीय टीम को उम्मीद थी कि ये दोनों बल्लेबाज टीम को एक बड़ा स्कोर दिला पाएंगे, और उन्होंने वही किया। न्यूजीलैंड के लिए केन विलियमसन ने 81 रनों की शानदार पारी खेली, लेकिन वे अपनी टीम को जीत दिलाने में नाकाम रहे। अन्य बल्लेबाजों में सेकिसी ने भी बड़ी पारी नहीं खेली, और टीम 250 रन का लक्ष्य हासिल करने में विफल रही। मैच के दौरान वरुण चक्रवर्ती ने गेंदबाजी में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने मैच के दौरान कई महत्वपूर्ण विकेट चटकाए, जिनमें रचिन रवींद्र, डेरिलमिचेल, और माइकल ब्रेसवेल का विकेट शामिल था। वरुण ने पारी के दौरान शानदार स्पिन गेंदबाजी की और मैच को भारत के पक्ष में मोड़ दिया। इसके अलावा, अक्षर पटेल ने भी महत्वपूर्ण समय पर विकेट लिए। उन्होंने न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन को स्टंप आउट कर दिया।विलियमसन ने अपनी पारी के दौरान भारत के गेंदबाजों का अच्छा मुकाबला किया, लेकिन अक्षर की गेंद पर वे आउट हो गए। इसके बाद न्यूजीलैंडका स्कोर 176/7 हो गया था, और टीम के लिए मैच जीतना मुश्किल हो गया। भारत के लिए एक और महत्वपूर्ण क्षण तब आया जब वरुण चक्रवर्ती ने मैट हेनरी का विकेट लिया। हेनरी बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में विराट कोहलीको कैच थमा बैठे। यह विकेट मैच में भारत की स्थिति को और मजबूत कर गया। इस मैच में वरुण चक्रवर्ती के पांच विकेट ने भारत की जीत की नींवरखी। वे चैंपियंस ट्रॉफी में भारत के लिए पंजा निकालने वाले तीसरे गेंदबाज बने हैं। उनसे पहले रवींद्र जडेजा और मोहम्मद शमी यह कारनामा करचुके थे। इसके अलावा, रवींद्र जडेजा ने टॉम लेथम को आउट कर भारत को एक और सफलता दिलाई। जडेजा ने फुलर गेंद डाली, और लेथम स्वीप करने काप्रयास करते हुए गेंद की लाइन को मिस कर गए, जिसके कारण उन्हें आउट कर दिया गया। भारत की बल्लेबाजी में, श्रेयस अय्यर की 50 रन की पारी और हार्दिक पांड्या का 45 रन का योगदान खास रहा। केएल राहुल, रवींद्र जडेजा, औरअक्षर पटेल ने भी कुछ योगदान दिया, लेकिन टीम का कुल स्कोर 249 रन तक ही सीमित रह गया। न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने अच्छी साझेदारी की और टीम को एक प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुंचाया। इस मैच में भारत की गेंदबाजी ने पूरी तरह से कमाल किया। मोहम्मद शमी, कुलदीप यादव, और वरुण चक्रवर्ती ने मिलकर न्यूजीलैंड को कम रनबनाने पर मजबूर किया। न्यूजीलैंड का पीछा करते हुए भारतीय गेंदबाजों ने रन रेट को हमेशा दबाव में बनाए रखा और अंत में टीम को जीत दिलाई। इस जीत के साथ, भारत ने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया से मुकाबला तय किया है। यह सेमीफाइनल मुकाबला 4 मार्च 2025 को खेला जाएगा।भारत के लिए यह मैच महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया एक मजबूत टीम है और भारत को उसे हराने के लिए पूरी ताकत से खेलना होगा। न्यूजीलैंड के लिए यह हार निराशाजनक थी, क्योंकि उनका बल्लेबाजी क्रम काफी मजबूत था, लेकिन वे लक्ष्य का पीछा करते हुए दबाव में आ गए।अब भारत का सामना ऑस्ट्रेलिया से होगा, और दोनों टीमें सेमीफाइनल में अपनी पूरी ताकत लगाने के लिए तैयार होंगी।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महाकुंभ 2025 की ऐतिहासिक सफलता: एक गौरवमयी यात्रा

महाकुंभ का आयोजन एक ऐतिहासिक और धार्मिक महापर्व है जो भारतीय संस्कृति की महानता का प्रतीक है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजितमहाकुंभ 2025 का आयोजन न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना। इस महाकुंभ का आयोजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ केनेतृत्व में हुआ, जो इस महान आयोजन को ऐतिहासिक सफलता की ओर लेकर गए। महाकुंभ में न केवल करोड़ों श्रद्धालु पहुंचे, बल्कि इसकी भव्यताऔर सुरक्षा व्यवस्था ने भी इसे एक मील का पत्थर बना दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नेतृत्व और महाकुंभ की सफलताउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का योगदान महाकुंभ के आयोजन में अतुलनीय है। उन्होंने इस आयोजन को न केवल एक धार्मिक सभाबल्कि एक समृद्ध और सुरक्षित वातावरण में बदल दिया। उनके नेतृत्व में, प्रशासन ने महाकुंभ के आयोजन के लिए सभी तैयारियों को पूरी तरह सेसुसंगत और कार्यक्षम बनाया, ताकि इस धार्मिक पर्व में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई कठिनाई न हो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट दृष्टिकोण और उनकी तत्परता ने महाकुंभ को व्यवस्थित और सफल बनाया। इस आयोजन के दौरान, उनकेनेतृत्व में सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, परिवहन, स्वच्छता, और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया, जिससे न केवल आयोजन का स्तरऊंचा हुआ बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था को भी सम्मान मिला। महाकुंभ में श्रद्धालुओं की संख्या: एक ऐतिहासिक रिकॉर्डमहाकुंभ 2025 में कुल 66.30 करोड़ श्रद्धालु शामिल हुए, जो कि एक अभूतपूर्व संख्या है। यह आंकड़ा अमेरिका की पूरी आबादी से भी दोगुना था, और 193 देशों की कुल आबादी से अधिक था। यह आयोजन न केवल एक धार्मिक उत्सव था, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक शक्तिका प्रतीक बन गया। महाकुंभ के आयोजन में 70,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी। इनमें 37,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी, 14,000 से ज्यादाहोमगार्ड्स और सीआरपीएफ के जवान शामिल थे। इस सुरक्षा व्यवस्था ने श्रद्धालुओं को सुरक्षित महसूस कराया और इस आयोजन को एक सफलऔर व्यवस्थित रूप दिया।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशासनिक कुशलतामहाकुंभ के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशासनिक क्षमता को सराहा गया। उन्होंने महाकुंभ के आयोजन के लिए उत्तर प्रदेशसरकार के सभी विभागों को एकजुट किया और उनका उद्देश्य था कि किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, जल आपूर्ति, स्वास्थ्य सुविधाओं, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता दी। यह आयोजनप्रशासनिक स्तर पर एक बड़ी चुनौती थी, और मुख्यमंत्री ने इस चुनौती का पूरी तरह से सामना किया। महाकुंभ के आयोजन के दौरान उन्होंने खुद कई बार स्थल का दौरा किया और सुनिश्चित किया कि सारी व्यवस्थाएँ सही ढंग से काम कर रही हों। उनकेप्रयासों से महाकुंभ एक बड़े पैमाने पर सफल रहा, और उनकी यह कुशलता भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था के लिए एक आदर्श बन गई। महाकुंभ और विदेशी प्रतिनिधिमंडलमहाकुंभ के आयोजन में 73 देशों के 116 राजनयिकों ने भाग लिया, जो इस आयोजन की वैश्विक महत्ता को प्रमाणित करता है। इनमें से कुछ देशों केराजनयिकों ने संगम में डुबकी लगाई और भारत की संस्कृति, परंपरा और धर्म का सम्मान किया। यह आयोजन न केवल भारत के लिए गर्व का कारणथा, बल्कि दुनिया भर के देशों को भी भारतीय संस्कृति से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर था। महाकुंभ के दौरान, विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने महाकुंभ की भव्यता, व्यवस्था और श्रद्धालुओं की संख्याओं पर आश्चर्य व्यक्त किया। इससे यहसाबित हुआ कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने एक ऐतिहासिक और प्रबंधित आयोजन को आयोजित किया है। सुरक्षा व्यवस्था: महाकुंभ की सफलता की कुंजीमहाकुंभ के दौरान सुरक्षा एक प्रमुख चिंता का विषय था, लेकिन DGP प्रशांत कुमार ने इसे बहुत ही सख्ती से लागू किया गया। मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ की पहल पर, महाकुंभ क्षेत्र में 70,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। इसमें 37,000 से अधिक पुलिसकर्मी, 14,000 होमगार्ड्स और अन्य सुरक्षा बल शामिल थे। प्रत्येक श्रद्धालु के लिए एक सुरक्षित वातावरण बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया। सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन और अन्यआधुनिक तकनीकी उपकरणों का उपयोग किया गया था, जिससे हर एक घटना पर नजर रखी जा सके। यह सुनिश्चित किया गया कि श्रद्धालुओं कीसुरक्षा को सर्वोपरि रखा जाए और कोई अप्रिय घटना न हो। महाकुंभ में स्वच्छता का नया रिकॉर्डमहाकुंभ 2025 ने न केवल श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड स्थापित किया, बल्कि स्वच्छता के मामले में भी एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया।महाकुंभ के विभिन्न क्षेत्रों में 19,000 सफाईकर्मियों ने मिलकर एक साथ सफाई की और झाड़ू लगाकर एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया। इसपहल ने यह साबित कर दिया कि योगी आदित्यनाथ की सरकार न केवल धार्मिक आयोजनों को बढ़ावा देती है, बल्कि स्वच्छता और पर्यावरण को भीप्राथमिकता देती है। स्वच्छता के मामले में यह रिकॉर्ड यह दिखाता है कि प्रशासन ने इस धार्मिक आयोजन को आयोजित करने के दौरान सभी बुनियादी सुविधाओं काध्यान रखा। इस पहल ने महाकुंभ को एक संपूर्ण और सकारात्मक रूप दिया, जिससे हर कोई इस आयोजन को एक प्रेरणा के रूप में देखता है। विपक्षी नेताओं द्वारा की गई आलोचनाएँमहाकुंभ के आयोजन के दौरान कुछ विपक्षी नेताओं द्वारा आलोचना की गई, जिसमें प्रमुख नाम समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, ममताबनर्जी और कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे का है। इन नेताओं ने महाकुंभ में मची भगदड़, मृतकों की संख्या और प्रशासन की विफलताओं परसवाल उठाए। अखिलेश यादव ने महाकुंभ के दौरान लोगों के रिश्तेदारों को खोजने के लिए सरकार की आलोचना की, जबकि ममता बनर्जी ने इसे “मृत्युकुंभ” करारदिया और मृतकों की संख्या को लेकर सवाल उठाए। वहीं, मल्लिकार्जुन खड़गे ने महाकुंभ में भाजपा नेताओं के डुबकी लगाने पर टिप्पणी की कि गंगामें डुबकी लगाने से गरीबी दूर नहीं होगी। इन आलोचनाओं के बावजूद, महाकुंभ का आयोजन एक बड़ी सफलता रहा, और इसमें जो रिकॉर्ड बने, उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ के नेतृत्व में इस आयोजन को पूरी तरह से प्रबंधित किया गया था। महाकुंभ और भारतीय धर्म व संस्कृतिमहाकुंभ का आयोजन भारतीय धर्म और संस्कृति का अद्वितीय प्रतीक है। यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं था, बल्कि भारत की पुरानी संस्कृति, परंपरा और आस्था का भी प्रतिबिंब था। महाकुंभ में लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई और अपने पापों से मुक्ति प्राप्त करने की आकांक्षा की। इस आयोजन ने न केवल भारत के अंदर, बल्कि दुनिया भर में भारतीय संस्कृति की शक्ति और महानता को प्रदर्शित किया। योगी आदित्यनाथ ने इसेएक वैश्विक घटना बनाने के लिए अपनी पूरी प्रशासनिक क्षमता और समझ का उपयोग किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सभी पुलिस कर्मियों, सफाई कर्मियों और भी विभागो के कर्मचारियों ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने में अपना योगदान दिया और महाकुंभ के आयोजन कोसफलता पूर्वक पूर्ण किया.
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर राहुल गांधी की कुलियों से मुलाकात, सुरक्षा व्यवस्था सुधारने की अपील

नई दिल्ली, 02 मार्च 2025: लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आज नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर कुलियों से मुलाकातकी। राहुल गांधी की यह मुलाकात उस वक्त हुई जब कुलियों ने उन्हें अपनी समस्याओं और परेशानियों के बारे में बताया। कुली दीपेश मीना ने राहुल गांधी से मुलाकात के बाद कहा, “हमें खुशी है कि राहुल गांधी हमसे मिलने आए। उन्होंने हमारी सभी समस्याएं सुनीं औरहमें उम्मीद है कि वे उनका समाधान करेंगे। वे यहां करीब 40 मिनट तक रुके और हमारी बातें सुनीं।” राहुल गांधी का यह कदम उस क्रम का हिस्सा है जिसमें उन्होंने पहले ट्रक ड्राइवरों और किसानों से भी मुलाकात की थी। लोकसभा चुनाव से पहलेराहुल गांधी ने ट्रक ड्राइवरों से उनकी समस्याएं जानी थीं, जबकि किसानों के साथ उन्होंने खेतों में जाकर फसल भी बोई थी। यह मुलाकातें राहुल गांधीके लिए देश के विभिन्न वर्गों की समस्याओं को सीधे तौर पर समझने का एक तरीका रही हैं।एक्स पर राहुल गांधी का संदेश सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर राहुल गांधी ने अपनी कुलियों से मुलाकात की तस्वीरें साझा की और लिखा, “अक्सर सबसे अंधकारभरे समय में ही इंसानियत की रोशनी सबसे ज़्यादा चमकती है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ के दौरान कुली भाइयों ने इंसानियत की मिसालपेश करते हुए कई यात्रियों की जान बचाई थी।” राहुल गांधी ने आगे लिखा, “इसके लिए मैंने देशवासियों की ओर से आज उनका धन्यवाद किया। लेकिन ऐसे हादसों से सीखना ज़रूरी है। भीड़नियंत्रण, आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और आपातकालीन व्यवस्थाओं को मजबूत करके इन्हें रोका जा सकता है। आशा हैसरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाएगी ताकि हर वर्ग के यात्री सुरक्षित यात्रा कर सकें।”सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत राहुल गांधी ने इस अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि भगदड़ जैसे हादसों से बचने के लिए जरूरी है कि रेलवे स्टेशनऔर अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बेहतर भीड़ नियंत्रण, बेहतर तकनीकी उपाय और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर लागू किया जाए। उनका मानना है कि इस दिशामें सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि यात्रियों को सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जा सके। राहुल गांधी का यह कदम कुलियों और रेलवे कर्मचारियों के प्रति उनकी समझ और संवेदनशीलता को दर्शाता है। इसके साथ ही, उन्होंने समाज केकमजोर वर्गों की आवाज को उठाने की भी कोशिश की है, जो आमतौर पर पृष्ठभूमि में छुपे रहते हैं।
बीजेपी पर AAP का हमला, कहा भाजपा सरकार का देगी 2500 रुपये

नई दिल्ली, 02 मार्च 2025: आम आदमी पार्टी (AAP) ने भाजपा सरकार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस वादे को लेकर हमला बोला है, जिसमेंउन्होंने दिल्ली की महिलाओं को 2500 रुपये प्रतिमाह देने की गारंटी दी थी। AAP ने भाजपा से सवाल किया है कि दिल्ली की माताओं और बहनोंको यह राशि कब मिलेगी, क्योंकि 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस आने में केवल कुछ दिन रह गए हैं, और अभी तक इस योजना को लागू करनेके लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। AAP के वरिष्ठ नेता कुलदीप कुमार ने भाजपा पर आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने महिलाओं के लिए 2500 रुपये प्रतिमाह देने की योजना कोअपनी पहली कैबिनेट बैठक में लागू करने की गारंटी दी थी, लेकिन भाजपा ने इसे जुमला साबित कर दिया। उन्होंने कहा, “हमें लगा था कि पहलेकैबिनेट में ना सही, भाजपा इसे विधानसभा सत्र में पास कर देगी, लेकिन सारा सत्र अरविंद केजरीवाल को गाली देने में निकला।” कुलदीप कुमार ने आगे कहा, “दिल्ली की महिलाओं को बेसब्री से इंतजार है कि 8 मार्च को उनका 2500 रुपये मिलेगा, लेकिन अब तक न तोमहिलाओं की बैंक डिटेल्स ली गई हैं, न कोई फॉर्म भरा गया है और न ही कोई अधिसूचना जारी की गई है। ऐसे में सवाल उठता है कि 8 मार्च कोमहिलाओं के खाते में 2500 रुपये कैसे आएंगे?”महिलाओं को 2500 रुपये देने का वादा: मोदी जी की गारंटी? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली चुनावों के दौरान वादा किया था कि भाजपा सरकार बनने पर दिल्ली की महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये दिएजाएंगे। यह योजना मोदी जी की “गारंटी” के रूप में प्रस्तुत की गई थी। भाजपा को इस वादे को पूरा करने का मौका मिला, लेकिन अब तक यहयोजना कहीं भी नजर नहीं आई है। कुलदीप कुमार ने आरोप लगाया कि भाजपा ने इस योजना को लागू करने की बजाय केवल अरविंद केजरीवाल को निशाना बनाने में समय बर्बादकिया है। उन्होंने कहा, “विधानसभा सत्र में भाजपा केवल केजरीवाल को गालियाँ दे रही है, लेकिन महिलाओं के लिए 2500 रुपये की योजना परकोई बात नहीं हो रही।” क्या 8 मार्च को महिलाओं के खाते में आएंगे 2500 रुपये?कुलदीप कुमार ने भाजपा और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल किया, “क्या 8 मार्च को दिल्ली की महिलाओं के खाते में 2500 रुपये आजाएंगे, जैसा मोदी जी ने वादा किया था?” उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी को यह डर है कि भाजपा का यह वादा भी अब एक और ‘जुमला’ साबित हो जाएगा। AAP नेता ने कहा, “दिल्ली की महिलाओं ने भाजपा को वोट दिया क्योंकि उन्होंने मोदी जी की गारंटी पर भरोसा किया था, लेकिन अब तक भाजपाने इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। 8 मार्च केवल छह दिन दूर है, और दिल्ली की महिलाएं यह जानने के लिए परेशान हैं कि उन्हें 2500 रुपयेकब मिलेंगे।” महिलाओं की बैंक डिटेल्स और फॉर्मAAP ने यह भी सवाल उठाया कि अगर भाजपा 8 मार्च को महिलाओं के खाते में 2500 रुपये डालने का दावा कर रही है, तो अब तक महिलाओं कीबैंक डिटेल्स क्यों नहीं ली गईं? न तो कोई फॉर्म भरा गया है और न ही इस योजना के बारे में कोई अधिसूचना जारी की गई है। कुलदीप कुमार ने कहा, “दिल्ली की महिलाएं आम आदमी पार्टी के कार्यालय में आकर यह सवाल पूछ रही हैं कि उन्हें 2500 रुपये कब मिलेंगे? भाजपा को जल्द से जल्द इस योजना को लागू करना चाहिए।” भाजपा की प्राथमिकता: केजरीवाल पर हमलेAAP ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा की प्राथमिकता अब भी अरविंद केजरीवाल को निशाना बनाना है, न कि दिल्ली की महिलाओं के लिएकिए गए वादों को पूरा करना। कुलदीप कुमार ने कहा, “भाजपा ने पूरी विधानसभा सत्र में सिर्फ केजरीवाल को गाली देने पर ध्यान केंद्रित किया है।अब समय आ गया है कि वे अपने वादों को पूरा करें और दिल्ली की महिलाओं को 2500 रुपये दें।” उन्होंने यह भी कहा, “भाजपा को याद रखना चाहिए कि आम आदमी पार्टी ने हमेशा लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की है, और हम हमेशा जनता केमुद्दों को उठाते रहेंगे। अगर भाजपा असंवैधानिक तरीके से विपक्ष की आवाज दबाना चाहती है, तो हम उस पर भी सवाल उठाएंगे।”AAP की अपील: महिलाओं के लिए 2500 रुपये की योजना को लागू करें कुलदीप कुमार ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से अपील की कि वह जल्द से जल्द दिल्ली की महिलाओं के खाते में 2500 रुपये की सम्मान राशि देने काकाम करें। उन्होंने कहा, “अब समय आ गया है कि भाजपा अपनी गारंटी को पूरा करे और महिलाओं को 2500 रुपये दे।” AAP ने यह भी स्पष्ट किया कि वह विधानसभा में इस मुद्दे को उठाएंगे और भाजपा से यह सवाल करेंगे कि 8 मार्च को महिलाओं के खाते में 2500 रुपये कैसे आएंगे। कुलदीप कुमार ने कहा, “हम यह सुनिश्चित करेंगे कि भाजपा के वादे पूरे हों और दिल्ली की महिलाएं उनका हक पाएं।”
हाथरस दुष्कर्म मामला : ‘बलात्कारी’ शब्द बना राहुल गांधी के लिए मुसीबत, 24 मार्च को होगी सुनवाई

हाथरस की सांसद-विधायक अदालत (MP-MLA Court) ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल किए गए मानहानि परिवादकी सुनवाई के लिए 24 मार्च की तारीख तय की है। यह जानकारी एक अधिवक्ता ने शनिवार को दी। मानहानि का यह मामला हाथरस दुष्कर्म मामलेसे जुड़ा हुआ है, जिसके कारण इस पर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा चल रही है। अधिवक्ता मुन्ना सिंह पुंढीर ने बताया कि सांसद-विधायक अदालत के अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (एसीजेएम) दीपक नाथ सरस्वती ने इसमामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख 24 मार्च को तय की है। उन्होंने कहा कि शनिवार को मामले की सुनवाई के दौरान रामकुमार उर्फ रामू कीओर से दाखिल किए गए परिवाद पर उसका बयान दर्ज किया गया। यह मामला हाथरस दुष्कर्म मामले से संबंधित है, जिसमें रामकुमार सहित तीनआरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया था। सितंबर 2020 में हाथरस जिले के एक छोटे से गांव में एक दलित युवती के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आई थी। पीड़िता को गंभीर अवस्था मेंदिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।चार आरोपियों में से तीन—रामकुमार, लवकुश, और रवि—को अदालत ने बरी कर दिया था, जबकि संदीप नामक आरोपी को दोषी ठहराया गया थाऔर वह अभी भी जेल में है। इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश का सियासी माहौल गर्म हो गया था, और विपक्षी दलों ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) पर तीखे हमले किएथे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने घटना के बाद हाथरस का दौरा किया था और पीड़ित परिवार से मुलाकात कीथी। राहुल गांधी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल, जो अब “एक्स” के नाम से जाना जाता है, पर एक पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने आरोप लगायाथा कि हाथरस दुष्कर्म पीड़िता के परिवार को घर में बंद करके रखा गया है और दुष्कर्म के आरोपियों को खुलेआम घुमने दिया जा रहा है। उनका यहबयान बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के संविधान की मूल भावना के खिलाफ था। राहुल गांधी ने आगे यह भी आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पीड़ित परिवार को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने का वादा किया था, लेकिन वहवादा पूरा नहीं किया गया। राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में यह भी कहा था कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के लोग पीड़ित परिवार की मदद करेंगे औरउनके घर का नवीनीकरण करेंगे। इस बयान के बाद रामकुमार, जो दुष्कर्म मामले से बरी हो चुका था, ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मामलादर्ज किया। अधिवक्ता मुन्ना सिंह पुंढीर ने बताया कि राहुल गांधी के खिलाफ दायर मानहानि परिवाद के मामले में अब तक तीन शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। एकशिकायत रामकुमार उर्फ रामू की तरफ से है, जबकि लवकुश और रवि ने भी इसी तरह की शिकायतें की हैं। राहुल गांधी के बयान के बाद इन तीनोंआरोपियों को आहत महसूस हुआ था और उन्होंने न्यायालय से मदद की गुहार लगाई थी। अधिवक्ता सिंह ने कहा कि शनिवार को रामकुमार के मामले में सुनवाई हुई थी, जिसमें उसका बयान अदालत में दर्ज किया गया। इस मामले मेंअगली सुनवाई 24 मार्च को होगी। राहुल गांधी ने उन आरोपियों के खिलाफ बयान दिया था, जिनको अदालत ने दुष्कर्म के आरोप से बरी कर दियाथा। राहुल गांधी के ट्वीट में आरोप था कि ये लोग बाहर घूम रहे हैं, जबकि अदालत ने उन्हें निर्दोष करार दिया था। अधिवक्ता मुन्ना सिंह पुंढीर ने यह भी दावा किया कि न्यायालय का निर्णय आ चुका था और राहुल गांधी को इसके बारे में पूरी जानकारी थी। इसकेबावजूद, राहुल गांधी ने जानबूझकर यह बयान दिया, जिससे इन आरोपियों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची। राहुल गांधी को इस मामले में नोटिस भी भेजागया था, लेकिन उन्होंने इसका कोई जवाब नहीं दिया। इस मामले में अब अदालत को यह तय करना होगा कि क्या राहुल गांधी ने जानबूझकर इन आरोपियों की मानहानि की है। अगर अदालत राहुल गांधीको दोषी ठहराती है, तो उन्हें मानहानि के मामले में सजा हो सकती है। इस तरह के मामलों में आरोपियों को क्षति की भरपाई के रूप में आर्थिक दंड भीलगाया जा सकता है। यह मामला अब राजनीतिक और कानूनी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बन गया है। जहां एक ओर यह मामला राहुल गांधी की बयानबाजी और उनके द्वाराकिए गए आरोपों के कारण सुर्खियों में है, वहीं दूसरी ओर यह न्यायपालिका की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाता है। इस तरह के मामलों में न्यायका असर केवल आरोपियों के लिए ही नहीं, बल्कि आम जनता के लिए भी महत्वपूर्ण होता है। राहुल गांधी की राजनीति और उनके द्वारा उठाए गए मुद्दे हमेशा ही चर्चा का विषय रहे हैं। हालांकि, इस मामले में उनका बयान न केवल हाथरसदुष्कर्म कांड से जुड़ा है, बल्कि वह भारत में दलितों और उनके अधिकारों के बारे में उनके विचारों को भी उजागर करता है। यह देखना दिलचस्प होगाकि अदालत इस मामले में क्या फैसला सुनाती है और क्या यह मामला भविष्य में और भी व्यापक राजनीतिक बहस का कारण बनेगा।
मतभेद की चर्चा के बीच कांग्रेस मीटिंग में दिखे शशि थरूर: ‘पार्टी एकता की मजबूत पुष्टि…’

केरल में कांग्रेस ने पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ बैठक के बाद विश्वास जताया कि वह अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में वामपंथी सरकारको सत्ता से बेदखल कर देगी। तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर – जिनके हालिया बयानों ने उनके और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेद कीअटकलों को हवा दी है – इस बैठक में शामिल होने वाले प्रमुख लोगों में से एक थे। यह बैठक थरूर के हालिया अखबार लेख को लेकर उठे विवाद के बीच हुई, जिसमें पार्टी के कुछ नेताओं ने निवेश माहौल को सुधारने में वामलोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार की भूमिका पर अनुकूल टिप्पणी के लिए आलोचना की थी। तनाव को और बढ़ाते हुए, मलयालम पॉडकास्टमें थरूर के बयानों को कई लोगों ने नेतृत्व की एक सूक्ष्म कोशिश के रूप में देखा, जिससे पार्टी के राज्य नेतृत्व के भीतर कुछ गुटों में बेचैनी पैदा होगई। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटेन के विदेश मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स के साथ उनकी सेल्फी ने भी तीखी प्रतिक्रिया को जन्म दिया। बैठक में नेताओं ने राजनीतिक रणनीति और राज्य के भविष्य पर चर्चा की और यह करीब तीन घंटे तक चली। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुनखड़गे, राहुल गांधी, एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल, वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, केरल कांग्रेस प्रमुख के सुधाकरन, केरलविधानसभा में कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता वीडी सतीसन, तिरुवनंतपुरम सांसद थरूर और केरल की एआईसीसी प्रभारी दीपा दासमुंशीसमेत कई लोग शामिल हुए खड़गे ने एक्स पर बैठक के अंश साझा करते हुए लिखा, “केरल में बदलाव अपरिहार्य है। कांग्रेस ने केरल के विकासप्रतिमान और कल्याण मॉडल का निर्माण किया है, और हम अपने यूडीएफ को सत्ता में लाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। अगले साल, लोग राज्यमें दमनकारी और सांप्रदायिक दोनों मोर्चों को हरा देंगे।” कथित तौर पर कांग्रेस आलाकमान ने बैठक के दौरान केरल के नेताओं को कड़ी चेतावनी दीऔर पार्टी हितों के विपरीत बयान देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही।सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि नेताओं को राजनीतिक रणनीति के बारे में बहुत सावधान रहना चाहिए और ऐसा कुछ भी नहींकरना या कहना चाहिए जो पार्टी लाइन के अनुरूप न हो। थरूर ने इस बैठक का इस्तेमाल संगठनात्मक मजबूती के महत्व को उजागर करने के लिएकिया। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने उनसे उनकी हालिया टिप्पणियों पर स्पष्टीकरण के लिए दबाव नहीं डाला, क्योंकि उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया थाकि मलयालम पॉडकास्ट में उनकी टिप्पणियों का अंग्रेजी अनुवाद गलत तरीके से किया गया था।बाद में, एक्स पर एक पोस्ट में थरूर ने कहा, “कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे, राहुल गांधी और महासचिव दीपा दासमुंशी के साथ आज केरल कांग्रेस नेताओंकी एक अच्छी बैठक हुई, जो चुनावी मौसम में पार्टी एकता की मजबूत पुष्टि के साथ समाप्त हुई।” कांग्रेस केरल में मुख्य विपक्षी पार्टी है औरएलडीएफ से सत्ता छीनने की कोशिश कर रही है। केरल में अगले साल मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने हैं।