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दिल्ली में ईवी क्रांति को रफ्तार साल के अंत तक 7,000 नए चार्जिंग स्टेशन, विकास कार्यों के लिए फंड की कमी नहीं बोली सीएम रेखा गुप्ता

दिल्ली सरकार साल के अंत तक करीब 7,000 नए इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की तैयारी में है। मौजूदा 8,849 चार्जिंग स्टेशनों को मिलाकर इनकी कुल संख्या 15,849 हो जाएगी, जो राजधानी में ईवी वाहनों की तेजी से बढ़ती संख्या के लिहाज से नाकाफी है। मोटर वाहन एग्रीगेटरों, डिलीवरी और ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए शुरू किए गए वेब पोर्टल पर अब तक करीब 7 लाख वाहनों का पंजीकरण हो चुका है। ऐसे हालात में दिसंबर तक दिल्ली में करीब 36,150 ईवी चार्जिंग स्टेशनों की जरूरत होगी। अधिकारियों के मुताबिक, सरकार निजी वाहनों पर निर्भरता घटाने के लिए बस बेड़े के विस्तार पर भी काम कर रही है। ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से 62 प्रमुख जाम वाले स्थानों की पहचान कर 215 सुधार कार्य तय किए गए हैं। इनमें 83 पूरे हो चुके हैं और 50 अगले छह माह में पूरे होने की उम्मीद है। कुछ कार्य बुनियादी ढांचा और व्यावहारिक कारणों से लंबित हैं। विकास कार्यों के लिए फंड की कमी नहीं होने देंगेमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बीते रविवार को आरकेपुरम विधानसभा क्षेत्र में करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले विकास कार्यों की शुरुआत की। सीएम ने कहा कि दिल्ली में विकास कार्यों के लिए फंड की कमी नहीं होने देंगे। रेखा गुप्ता ने कहा कि विकास कार्यों के तहत इलाके की सड़कों को ठीक किया जाएगा। साथ ही पुरानी और जर्जर चौपालों की मरम्मत होगी। कम्युनिटी सेंटरों को नया रूप दिया जाएगा और पार्कों को सुंदर बनाया जाएगा। लोगों की सेहत के लिए पार्कों में ओपन जिम के उपकरण लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में सांसद और विधायक को सीमित फंड उपलब्ध होता था, जिसके कारण क्षेत्रीय विकास कार्य वर्षों तक अटके रहते थे। अब पहली बार दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने सभी जनप्रतिनिधियों को यह विश्वास दिया है कि विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। वर्षों से दिल्ली में विकास कार्य ठप पड़े थे। आरकेपुरम जैसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में झुग्गी बस्तियां हैं। दिल्ली सरकार ने इन्हें हर सुविधा मुहैया कराने का संकल्प लिया है।

तमिलनाडु चुनाव से पहले अभिनेता विजय और कमल हासन की पार्टियों को मिला चुनाव चिह्न, TVK को ‘सीटी’ और MNM को ‘बैटरी टॉर्च’

भारतीय निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम और अभिनेता कमल हासन की पार्टी मक्कल निधि मय्यम को चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए हैं। विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) को तमिलनाडु चुनावों के लिए सीटी और कमल हासन की पार्टी मक्कल निधि मय्यम (एमएनएम) को बैटरी टॉर्च चुनाव चिह्न दिया गया है। बता दें कि इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। राज्य में इस बार चुनावों में विजय की पार्टी पहली बार चुनावी मैदान में होगी। चुनाव आयोग के सचिवालय की ओर से तमिलनाडु के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को जारी आदेश में कहा गया है कि इन पंजीकृत लेकिन गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की ओर से आगामी आम विधानसभा चुनावों के लिए एक समान चुनाव चिह्न दिए जाने का अनुरोध स्वीकार कर लिया गया है। यह फैसला चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 के प्रावधानों के तहत लिया गया है। 2,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में दी जाएगीआयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन विधानसभा क्षेत्रों में ये पार्टियां अपने उम्मीदवार नहीं उतारेंगी, वहां ये चिह्न अन्य उम्मीदवारों को ‘मुक्त चिह्न’ के रूप में भी आवंटित किए जा सकेंगे। इसके अलावा, यदि कोई पार्टी न्यूनतम योग्यता पूरी नहीं करती है, यानी कुल विधानसभा सीटों के कम से कम 5 प्रतिशत पर जीत दर्ज नहीं करती, तो उनका चुनाव चिन्ह वापस भी लिया जा सकता है। गौरतलब है कि विजय की टीवीके और कमल हासन की एमएनएम दोनों ही पार्टियां आगामी विधानसभा चुनावों के जरिए राज्य की राजनीति में अपना चुनावी पदार्पण करने जा रही हैं। तमिलनाडु में चुनावी सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं। एआईएडीएमके के महासचिव पलानीस्वामी ने 17 जनवरी को पार्टी के चुनावी वादों के पहले चरण की घोषणा कर दी है। इसमें महिला कल्याण ‘कुलविलक्कु योजना’ भी शामिल है, जिसके तहत सभी राशन कार्डधारक परिवारों की महिला मुखिया को हर महीने 2,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में दी जाएगी।

दावोस में अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट का बयान अमेरिका-यूरोप रिश्ते मजबूत, ग्रीनलैंड टैरिफ विवाद शांत करने की अपील

अमेरिका और यूरोप के संबंधों में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी वित्त मंत्री (ट्रेजरी सेक्रेटरी) स्कॉट बेसेंट ने मंगलवार को कहा कि यूरोप के साथ अमेरिका के रिश्ते मजबूत बने हुए हैं। उन्होंने व्यापारिक साझेदारों से अपील की कि वे गहरी सांस लें और ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप प्रशासन की नई टैरिफ धमकियों से पैदा हुए तनाव को शांत होने दें। बेसेंट ने यह बात स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक के दौरान कही। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि हमारे संबंध पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हैं।” शनिवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने आठ यूरोपीय देशों से आने वाले सामान पर फरवरी से दस प्रतिशत आयात टैक्स लगाने का एलान किया था। अनुचित दबाव डालते पाए जातेइन देशों ने ग्रीनलैंड पर अमेरिका के कब्जे की मांग के खिलाफ डेनमार्क का साथ दिया था। ट्रंप का कहना है कि चीन और रूस से खतरे को देखते हुए सुरक्षा कारणों से अमेरिका को इस इलाके की जरूरत है। ट्रंप की इन धमकियों से पूरे यूरोप में गुस्सा है और राजनयिक हलचल तेज हो गई है। यूरोपीय नेता जवाबी कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं। इसमें जवाबी टैरिफ और यूरोपीय संघ के ‘एंटी-कोर्सियन इंस्ट्रूमेंट’ का पहली बार इस्तेमाल शामिल हो सकता है। अमेरिका पर दबाव बनाने के लिए यूरोपीय संघ (ईयू) के पास तीन मुख्य आर्थिक हथियार हैं। पहला- नए टैरिफ लगाना, दूसरा- अमेरिका-ईयू व्यापार समझौते को रोकना, और तीसरा- ट्रेड बजूका, जो ब्लॉक का एक खास नियम (एंटी-कोर्सियन इंस्ट्रूमेंट) के लिए लिए अनौपचारिक शब्द है। यह उन व्यक्तियों या संस्थानों पर प्रतिबंध लगा सकता है जो ईयू पर अनुचित दबाव डालते पाए जाते हैं। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने दावोस में कहा कि यूरोप के साथ रिश्ते मजबूत हैं और तनाव कम होना चाहिए। हालांकि ट्रंप ने ग्रीनलैंड मुद्दे पर डेनमार्क का साथ देने वाले आठ देशों पर दस प्रतिशत टैरिफ लगाया है। इसके जवाब में यूरोपीय संघ जवाबी कार्रवाई पर विचार कर रहा है।

रविचंद्रन अश्विन का खुलासा, शुभमन गिल की कप्तानी में भारत की हार की बड़ी वजह, मध्यक्रम और संसाधन प्रबंधन पर सवाल

न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत को वनडे सीरीज में 1-2 से शिकस्त झेलनी पड़ी। इस हार के बाद फैंस से लेकर क्रिकेट पंडितों ने टीम मैनेजमेंट और कोच गौतम गंभीर की जमकर आलोचना की है। साथ ही शुभमन गिल की कप्तानी पर भी सवाल उठाए हैं। अब इस मामले में भारत के पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का भी बयान सामने आया है। उन्होंने भी गिल की कप्तानी में कमियां गिनाई हैं। आश्चर्य की बात यह भी है कि क्रिकेट पंडितों की बात क्या गंभीर सुन भी रहे हैं, क्योंकि अश्विन ने जो तर्क दिए हैं, वो सोचने पर मजबूर करते हैं। अश्विन ने गिल की बल्लेबाजी की सराहना की, लेकिन बतौर कप्तान उनकी क्षमताओं पर सवाल खड़े किए। अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए अश्विन ने वनडे में भारतीय मध्यक्रम की जमकर आलोचना की और संसाधन प्रबंधन में स्पष्टता की कमी को उजागर किया। इस वजह से भारत को दूसरा और तीसरे वनडे में हार का मुंह देखना पड़ा था। अश्विन ने यह भी बताया कि कप्तानी के जिन पहलुओं में गिल को कठिनाई हुई, वे वही पहलू हैं जिनमें एमएस धोनी और रोहित शर्मा जैसे कप्तानों ने अपने कार्यकाल के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। तीसरा वनडे एक नई जगह परअश्विन के मुताबिक, जब मैच में रिस्क था, तब गिल अपने सर्वश्रेष्ठ संसाधनों का बेहतर तरीके से इस्तेमाल करने में नाकाम रहे। अश्विन ने कुलदीप के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाया, खास तौर पर तीसरे वनडे में डेरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स के खिलाफ। अश्विन ने कहा, ‘हम रोहित शर्मा और महेंद्र सिंह धोनी की इतनी तारीफ क्यों करते हैं? क्योंकि उन्हें पता था कि अपने संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कैसे और किस बल्लेबाज के खिलाफ करना है। यह इस सीरीज में मुझे मिसिंग दिखी।’ अश्विन का सुझाव था कि गिल के निर्णय पिछली असफलताओं से प्रभावित थे। इसी वजह से वह तीसरे और निर्णायक वनडे के दौरान गेंदबाजों पर उनका भरोसा कम हो गया था। उन्होंने कहा, ‘आपको पिछले मैच के आधार पर किसी गेंदबाज पर भरोसा नहीं खोना चाहिए। पिछले मैच में जो हो गया वो गया, लेकिन उसकी वजह से अगले मैच में आपको धारणा नहीं बनानी चाहिए। दूसरे वनडे के बाद तीसरा वनडे एक नई जगह पर था, एक नई पिच थी।’ फिलिप्स और मिचेल की साझेदारी तोड़नी चाहिएअश्विन के विश्लेषण में सबसे तीखी टिप्पणी गिल द्वारा स्टार खिलाड़ी कुलदीप यादव के खिलाफ अपनाई गई रणनीति को लेकर थी। अश्विन का तर्क था कि गिल की सख्त कप्तानी न्यूजीलैंड के मध्य क्रम, विशेष रूप से ग्लेन फिलिप्स की स्पष्ट तकनीकी कमजोरियों का फायदा उठाने में विफल रही। अश्विन ने समझाया, ‘अगर ग्लेन फिलिप्स को मध्य के ओवरों में कुलदीप यादव का सामना करना पड़ता तो यह देखना दिलचस्प होता। मैं वो दो ओवर का स्पेल जरूर देखता।’अश्विन ने हैरानी जताई कि गिल के पास कोई ‘प्लान बी’ नहीं था। अश्विन ने कहा कि गिल कुलदीप को कुछ बल्लेबाजों के सामने आने से बचाते रहे, जबकि उन्हें अपने मुख्य हथियार के तौर पर इस्तेमाल करना चाहिए था और फिलिप्स और मिचेल की साझेदारी तोड़नी चाहिए थी।

वडोदरा में केजरीवाल का जोरदार हमला गुजरात में बदलाव का ऐलान, भाजपा पर 30 साल का अपमान और भ्रष्टाचार का आरोप

वडोदरा में आम आदमी पार्टी का बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन हुआ। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर पोस्ट किया- कार्यकर्ताओं का जोश और जज्बा बता रहा है कि गुजरात में बदलाव होकर रहेगा। सम्मेलन में साफ दिखा कि अब गुजरात डर से नहीं, हक और सम्मान की राजनीति से चलेगा। 30 साल की नाकामी, भ्रष्टाचार और दमन के खिलाफ अब जमीन से उठी आवाज भाजपा की नींद उड़ाने वाली है। उन्होंने कहा कि गुजरात कभी देश का सबसे समृद्ध राज्य था लेकिन अब भाजपा शासन में किसान, युवा और गरीब सभी पीड़ित हैं। केजरीवाल ने कहा कि उनकी पार्टी 2027 के गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से बाहर कर देगी। उन्होंने कहा, इन 30 साल में उन्होंने सबकुछ बर्बाद कर दिया और समाज के हर वर्ग का अपमान किया। यह लड़ाई सत्ता की नहीं, गुजरात के सम्मान की, गुजरातियों के आत्मसम्मान की लड़ाई है। यह किसी एक पार्टी को सत्ता से हटाकर दूसरी को सत्ता में लाने की लड़ाई नहीं है। सात करोड़ रुपये मंच पर खर्च किए गएकेजरीवाल ने सभा को संबोधित करने से पहले 18 जनवरी, 2024 को हरनी झील में हुए नौका हादसे के पीड़ित परिजनों से मुलाकात की।इस हादसे में 12 स्कूली बच्चों और दो शिक्षकों की मौत हो गई थी। उन्होंने कहा, उन्हें (सत्तारूढ़ भाजपा) आपकी परवाह नहीं, सिर्फ ठेकेदारों की परवाह है। 12 बच्चों की जान चली गई लेकिन किसी को मुआवजा नहीं मिला, किसी को सजा नहीं मिली। केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि इस घटना से जुड़े दो परिवारों की महिलाएं मुख्यमंत्री की बैठक में गई थीं लेकिन पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया और दो दिन बाद उनके घर गिरा दिए। उन्होंने कहा कि गुजरात का आदिवासी क्षेत्र सबसे पिछड़ा हुआ है और इसके विकास के लिए आवंटित धनराशि को अन्य उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि जब अनुसूचित जनजाति आरक्षित क्षेत्र देदियापाड़ा से ‘आप’ विधायक ने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत नर्मदा जिले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली पर खर्च के बारे में जानकारी मांगी तो पता चला कि राज्य के आदिवासी कल्याण कोष से 50 करोड़ रुपये खर्च किए गए।उन्होंने दावा किया कि दो करोड़ रुपये समोसे पर, पांच करोड़ रुपये टेंट पर और सात करोड़ रुपये मंच पर खर्च किए गए।

राहुल गांधी का रायबरेली में जोरदार संदेश, मनरेगा बचाओ, मोदी-अंबानी के हाथों गरीबों का पैसा नहीं जाएगा

रायबरेली में सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को भुएमऊ गेस्ट हाउस में पार्टी पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमें लड़ते रहना है और डरना नहीं है। उन्होंने वर्तमान भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार धर्म का आडंबर ओढ़े हुए है, जिसे बेनकाब करना आवश्यक है। बैठक में आगामी पंचायत चुनावों में उम्मीदवारों के चयन और पार्टी की रणनीति पर गहन विचार-विमर्श किया गया।राहुल गांधी ने कहा, हमारी तीन टर्म की सरकार में मनरेगा का जो कांसेप्ट था, उसमें पंचायतों को जिम्मेदारी देने की बात थी। उनको फाइनेंसियल रिस्पांसिबिलिटी दी जाए। उस दौरान दूसरा लक्ष्य था कि हिंदुस्तान के जो गरीब लोग हैं, उनके लिए मिनिमम वेज बने। जिससे कम कहीं भी किसी को वेज न मिले। अंबानी के साथ में चला जाएनरेंद्र मोदी यह नहीं चाहते हैं। वह पावर को पावर कांसेप्टेड करना चाहते हैं। वह पावर को अपने हाथों में लेना चाहते हैं और ब्यूरोक्रेसी के हाथों में डालना चाहते हैं। वह गरीबों को भूखा मारना चाहते हैं। मुख्य बात यह नहीं है कि मनरेगा का नाम बदला गया है,लेकिन नाम बदल कर गांधी जी का अपमान जरूर किया गया है। उससे बड़ी बात है कि जो गरीब जनता है, उससे प्रोटेक्शन हटा दिया गया है। हमारी थर्ड टर्म गर्वमेंट की जो सोच थी, उसकी जड़ को काटा गया है। कांग्रेस पार्टी पूरे देश में मनरेगा को बचाने के लिए संघर्ष कर रही है। जो मजदूरी करते हैं उनकी सुरक्षा में लगे हुए हैं। नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि देश का पूरा धन अदानी और अंबानी के साथ में चला जाए, एक तरफ हम जनता की रक्षा कर रहे हैं तो दूसरी तरफ नरेंद्र मोदी देश की जनता का पैसा खींच कर अदानी और अंबानी को देने में लगे हैं। राजनीतिक गलियारों में अहम माना जा रहाराहुल गांधी ने पार्टी की युवा शक्ति को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। इस संकेत से यह स्पष्ट होता है कि कांग्रेस आगामी पंचायत चुनावों में युवा चेहरों पर भरोसा जता सकती है। पार्टी का मानना है कि युवा जोश और नए विचारों से संगठन को मजबूती मिलेगी और जमीनी स्तर पर बेहतर प्रदर्शन किया जा सकेगा। इस अवसर पर, सांसद राहुल गांधी ने 31 विकास कार्यों का लोकार्पण किया और आठ नए कार्यों का शिलान्यास भी किया। इन विकास परियोजनाओं से क्षेत्र की जनता को लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके बाद, उन्होंने रायबरेली प्रीमियर लीग का उद्घाटन किया, जिससे स्थानीय खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। विकास कार्यों के उद्घाटन और खेल आयोजन के पश्चात, राहुल गांधी नगर पालिका अध्यक्ष शत्रोहन सोनकर के आवास पर पहुंचे। उन्होंने वहां पालिका अध्यक्ष से मुलाकात की और स्थानीय मुद्दों पर चर्चा की। इस मुलाकात को राजनीतिक गलियारों में अहम माना जा रहा है।

77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ सजेगा खास मेहमानों से, देशभर से 10,000 विशेष अतिथि आमंत्रित

इस साल 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली परेड को देखने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 10,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। आमंत्रित अतिथियों में आय और रोजगार सृजन में अनुकरणीय कार्य करने वाले, सर्वश्रेष्ठ नवप्रवर्तक, शोधकर्ता और स्टार्टअप, स्वयं सहायता समूह और प्रमुख सरकारी पहलों के तहत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले लोग शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को सम्मानित करने और राष्ट्रीय महत्व के आयोजनों में जन भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से उन्हें आमंत्रित किया गया है। इन विशेष अतिथियों को कर्तव्य पथ पर प्रमुख स्थान पर बैठाया जाएगा। समारोहों के अतिरिक्त, विशेष अतिथियों के लिए राष्ट्रीय युद्ध स्मारक, प्रधानमंत्री संग्रहालय और दिल्ली के अन्य प्रमुख स्थानों के भ्रमण की व्यवस्था की गई है। उन्हें संबंधित मंत्रियों से बातचीत करने का अवसर भी मिलेगा। दिल्ली पुलिस की वेबसाइटों पर उपलब्धइस बीच, 77वें गणतंत्र दिवस समारोह से पहले, खुफिया एजेंसियों से प्राप्त कई आतंकी खतरों की सूचनाओं के मद्देनजर, दिल्ली पुलिस ने कर्तव्य पथ और पूरे नई दिल्ली जिले में एक व्यापक, प्रौद्योगिकी-आधारित सुरक्षा तंत्र स्थापित किया है। इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह के लिए बैठने की जगहों का नाम भारतीय नदियों के नाम पर रखा गया है। मेहमानों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा तैनाती के तरीके में भी कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इसके अलावा, पुलिस ने सभी आमंत्रित मेहमानों और टिकट धारकों से अपील की है कि वे अपने निमंत्रण कार्ड पर दी गई जानकारी को ध्यानपूर्वक पढ़ें और निर्धारित मार्गों का ही पालन करें। मार्गों, पार्किंग और निर्धारित स्थानों से संबंधित पूरी जानकारी रक्षा मंत्रालय और दिल्ली पुलिस की वेबसाइटों पर उपलब्ध है। गणतंत्र दिवस के मौके पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड में देशभर से लगभग 10,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इसका उद्देश्य राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वालों को सम्मानित करना और जन भागीदारी बढ़ाना है।

नबीन को मोदी-शाह का समर्थन, BJP के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की राह आसान

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने पहले अपना समर्थन पत्र सौंपा। उन्होंने उम्मीदवार के प्रति समर्थन जताते हुए पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के नामांकन पत्रों का एक सेट, इस चुनाव के लिए रिटर्निंग ऑफिसर बनाए गए पार्टी नेता के लक्ष्मण को सौंपे। रिपोर्ट्स के मुताबिक नबीन के नामांकन का समर्थन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने किया है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह के अलावा सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के अलावा धर्मेंद्र प्रधान, भूपेंद्र यादव और किरेन रिजिजू जैसे वरिष्ठ पार्टी नेता भी नबीन के नामांकन के समय मौजूद रहे। राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गयासमाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू और अन्य राज्य नेताओं ने भी नबीन के समर्थन में नामांकन पत्रों का एक सेट जमा किया। नामांकन प्रक्रिया के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पुष्कर सिंह धामी, नायब सिंह सैनी और प्रमोद सावंत भी उपस्थित रहे। बिहार, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, असम, झारखंड और अन्य राज्यों के नेताओं ने भी नबीन के समर्थन में नामांकन पत्र जमा किए। पार्टी सूत्रों के अनुसार, नबीन के पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुने जाने की संभावना है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सहित पार्टी नेतृत्व इस पद के लिए उनकी उम्मीदवारी का समर्थन कर रहे है। बता दें कि बिहार से पांच बार के विधायक रहे 45 वर्षीय नबीन को दिसंबर, 2025 में पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। परिषद के चुनाव पहले ही पूरे हो चुकेभारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव पार्टी की राष्ट्रीय परिषद और विभिन्न राज्य परिषदों के प्रतिनिधियों से बने एक निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी पार्टी का राष्ट्रीय निर्वाचन अधिकारी करता है। पार्टी के संविधान के मुताबिक, किसी भी राज्य के निर्वाचक मंडल के कम से कम 20 सदस्य मिलकर राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए किसी उम्मीदवार का प्रस्ताव रख सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि उम्मीदवार पार्टी का कम से कम चार कार्यकाल तक सक्रिय सदस्य रहा हो और उसकी सदस्यता को 15 साल पूरे हो चुके हों। इसके अलावा, यह प्रस्ताव कम से कम पांच ऐसे राज्यों से आना चाहिए, जहां राष्ट्रीय परिषद के चुनाव पहले ही पूरे हो चुके हों।

सेंगर की अपील नाकाम, पीड़िता की सुरक्षा और साक्ष्यों पर हाईकोर्ट की सुनवाई 25 फरवरी तक टली

दिल्ली हाईकोर्ट से सोमवार को उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हिरासत में हुई मौत के मामले में कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत याचिका खारिज हो गई है। यह फैसला हाईकोर्ट की ओर से सुनाया गया है। बीते दिनों उन्नाव दुष्कर्म मामले की पीड़िता ने दिल्ली उच्च न्यायालय में एक महत्वपूर्ण याचिका दायर की इस याचिका के माध्यम से पीड़िता ने पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर की सजा के खिलाफ दायर अपील में अतिरिक्त सामग्री पेश करने की मांग की है। पीड़िता का उद्देश्य अदालत में ऐसे तथ्य और दस्तावेज प्रस्तुत करना है जो हालिया घटनाक्रमों को दर्शाते हों। साथ ही, वह खुद और अपने परिवार को जान के खतरे की बात को भी अदालत के सामने रखना चाहती है। अपना जवाब दाखिल करने को कहा गयायह याचिका कुलदीप सेंगर की उस अपील के जवाब में आई है, जिसमें उन्होंने दुष्कर्म के मामले में अपनी सजा को चुनौती दी। पीड़िता ने आरोप लगाया कि सेंगर ने जांच को प्रभावित करने की कोशिश की। उन्होंने यह भी बताया कि मुकदमे के दौरान उसकी उम्र के बारे में जाली और झूठे दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया, जिनका अब अपील में भी सहारा लिया जा रहा है। अपनी याचिका में, पीड़िता ने उन्नाव के उसके स्कूल के दो अधिकारियों से उसकी जन्म तिथि प्रमाणित करने के लिए अतिरिक्त साक्ष्य दर्ज कराने का निर्देश देने की भी मांग की है। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह और न्यायमूर्ति मधु जैन की पीठ ने इस मामले का अवलोकन किया। पीठ ने पाया कि अपील पहले से ही अंतिम सुनवाई के चरण में है। अदालत ने पीड़िता की याचिका पर विचार करने के लिए 25 फरवरी की तारीख तय की है। इसके अतिरिक्त, पीठ ने पीड़िता के वकील से 31 जनवरी तक अपनी याचिका के साथ प्रासंगिक दस्तावेज दाखिल करने को कहा है। सेंगर और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से भी इस याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने को कहा गया है। एक ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती दीयह याचिका उच्च न्यायालय के 23 दिसंबर, 2025 के उस आदेश के बाद आई है, जिसमें सेंगर की आजीवन कारावास की सजा को निलंबित कर दिया गया था। उस आदेश में यह भी कहा गया था कि वह पहले ही सात साल और पांच महीने जेल में बिता चुका है। सजा के निलंबन का यह आदेश न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद और न्यायमूर्ति हरीश वैद्यनाथन शंकर की पीठ ने दिया था। हालांकि, बाद में 29 दिसंबर, 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश को स्थगित कर दिया था। सेंगर की सजा को उच्च न्यायालय ने दुष्कर्म के मामले में उसकी सजा और दोषसिद्धि को चुनौती देने वाली अपील के लंबित रहने तक निलंबित कर दिया था। उसने दुष्कर्म के मामले में दिसंबर 2019 के एक ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती दी है।

नेहा कक्कड़ ने किया काम और जिम्मेदारियों से ब्रेक का एलान, पोस्ट हुई वायरल और फिर डिलीट

सिंगर नेहा कक्कड़ ने काम से ब्रेक लिया है। आज सोमवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर यह एलान किया। उन्होंने कुछ वक्त के लिए काम और जिम्मेदारियों से ब्रेक की बात कही। कुछ ही देर बाद पोस्ट डिलीट भी कर दिया। मगर, उनके पोस्ट के स्क्रीनशॉट वायरल हो रहे हैं। नेहा कक्कड़ ने आज कथित तौर पर अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर पोस्ट शेयर कर काम से ब्रेक का एलान किया। हालांकि, फिलहाल उनके इंस्टाग्राम अकाउंट के पोस्ट या स्टोरी पर ऐसा कोई अपडेट नहीं है। कहा जा रहा है कि सिंगर ने पोस्ट शेयर करने के चंद मिनट बाद ही डिलीट भी कर दिया, मगर इसके स्क्रीनशॉट वायरल हो रहे हैं। उन्होंने ब्रेक लेने की वजह इमोशनल डिस्ट्रेस, नेगेटिविटी व इंडस्ट्री का दबाव बताया है’। कुछ यूजर्स इसे पीआर स्टंट बता रहेबता दें कि यह पहली बार नहीं है, जब नेहा कक्कड़ ने ब्रेक लिया है। साल 2020 में नेपोटिज्म की बहस के बीच भी उन्होंने ब्रेक का एलान किया था। आज सोमवार को फिर उन्होंने ब्रेक की बात कहकर फैंस को चौंका दिया है। उन्होंने लिखा, ‘अब जिम्मेदारियों, रिश्तों, काम और हर उस चीज से ब्रेक लेने का समय है, जिसके बारे में अभी मैं सोच सकती हूं। पक्का नहीं पता कि मैं वापस आऊंगी या नहीं। शुक्रिया’। नेहा कक्कड़ ने पैपराजी और फैंस से भी गुजारिश की है कि वे उनकी निजता का ख्याल रखें। सिंगर ने लिखा, ‘ मैं पैपराजी और फैंस से रिक्वेस्ट करती हूं कि वे कहीं भी मेरी फोटोज और तस्वीरें कैप्चर न करें। मुझे उम्मीद है कि आप मेरी प्राइवेसी का सम्मान करेंगे और मुझे इस दुनिया में आजादी से जीने देंगे। कोई कैमरा नहीं प्लीज। मैं रिक्वेस्ट करती हूं’। नेहा कक्कड़ के ब्रेक के एलान पर नेटिजन्स के रिएक्शन आ रहे हैं। कुछ यूजर्स इसे पीआर स्टंट बता रहे हैं तो कुछ उन्हें सपोर्ट कर रहे हैं। फैंस लिख रहे हैं, ‘ब्रेक लेकर कुछ बेहतर और क्रिएटिव करिए’।