क्या बिहार स्वीकार करेंगा कन्हैया कुमार को , राहुल गांधी के दौरे से पहले कैसा था कन्हैया कुमार का चुनावी प्रदर्शन “जानिए”

Bihar assembly Election: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में अभी करीब छह-सात महीने का समय है. राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेजहो रही हैं गतिविधियां तेज कर कांग्रेस इस बार ज्यादा मुखर रूप से उतरी हुई नजर आ रही है. आश्चर्यज के रूप में कांग्रेस ने युवा नेता कन्हैया कुमार कोदिल्ली में आजमाने के बाद बिहार भेजा है. कन्हैया दिल्ली में कांग्रेस की ओर से आजमाए जाने के पहले बिहार में वामदल के साथ अपनी किस्मतआजमा कर निकले थे. इस बार लौटे हैं तो कांग्रेस के नंबर वन नेता राहुल गांधी उन्हें ‘री-लांच’ करने बेगूसराय भी पहुंच रहे हैं. सोमवार को राहुल गांधीके साथ कन्हैया कुमार को पदयात्रा करनी है. युवाओं का मुद्दा है माहौल भी बना हुआ है। ऐसे में यह भी जानना चाहिए.याद दिलाने की जरूरत नहीं किजवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय दिल्ली में विवादित बोल के कारण कन्हैया कुमार पहली बार चर्चा में आए थे. कन्हैया का जो बयान चर्चा में रहा था. उसे लेकर पूरे देश में कहीं-न-कहीं गुस्से का माहौल था. इसके बावजूद कन्हैया का चेहरा तेजी से उभरा था. दिल्ली में चर्चित यह युवक बेगूसराय का हैयह जानकर उस समय बिहार में भी रोष का माहौल बना था. फिर उसी माहौल में उनके साथ एक लंबी-चौड़ी नेताओं की टोली जुटी और उसने खुलकरसाथ दिया. भाजपा विरोधी नेता हुए थे शामिलकन्हैया कुमार जब दिल्ली में चर्चा में आए तो भाजपा-विरोधी नेताओं का एक बड़ा नेटवर्क उनके साथ जुड़ता गया. यह नेटवर्क कन्हैया के प्रति इतनासमर्पित था कि 2019 के लोकसभा चुनाव में जब सीपीआई ने कन्हैया कुमार को बेगूसराय संसदीय सीट पर प्रत्याशी बनाया तो एक-एक कर देश केतमाम ऐसे दिग्गज चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे. बेगूसराय उस समय हॉट सीट बन गया. क्योंकि पूरे देश से भाजपा-विरोधी नेताओं का हुजूम कन्हैया केसमर्थन में बिहार आ रहा था. इस चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल ने भी बेगूसराय से प्रत्याशी दे दिया था. हालांकि लोकसभा चुनाव परिणाम आया तोसीपीआई और राजद का वोट मिलाकर भी भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी गिरिराज सिंह से बहुत दूर था. गिरिराज सिंह को इस चुनाव में 6,92,193 वोट मिले थे. असहज स्थित में आए नजरबेगूसराय लोकसभा सीट पर करारी हार के बाद कन्हैया कुमार को लेकर वामदलों के अंदर भी सहजता नहीं दिखी और वह खुद भी असहज स्थिति मेंनजर आए. इधर-उधर नजर दौड़ाने के बाद कन्हैया ने वापस अपनी राजनीति के जड़ यानी दिल्ली की ओर रुख किया. कांग्रेस ने उन्हें हाथोंहाथ लिया. बिहार के युवा चेहरे को कांग्रेस ने दिल्ली में वक्त के साथ बड़ा मौका भी दिया. 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उत्तर पूर्वी दिल्ली से भाजपा केमनोज तिवारी के सामने कन्हैया कुमार को उतारा. कन्हैया ने यहां मनोज तिवारी को ठीकठाक टक्कर दी. बेगूसराय में गिरिराज सिंह के 56.44 प्रतिशतके मुकाबले जहां कन्हैया को 22.01 प्रतिशत वोट मिले थे. वहीं उत्तर पूर्वी दिल्ली में मनोज तिवारी के 53.1 प्रतिशत के मुकाबले 44.16 फीसदीवोट मिले. मनोज तिवारी को 8,24,451 मत मिले थे तो कन्हैया कुमार को 6,85,673 वोट मिले थे. कन्हैया को बेगूसराय से ज्यादा दिल्ली में महत्वमिला. यह तो तय हो गया.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कही बड़ी बात, चीजों को सही करने के लिए देनी पड़ती है दवाई

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने टैरिफ लगाने के फैसले को वापस लेने से साफ मना कर दिया है. गौरतलब है कि ट्रंप के टैरिफ लगाने के बाद दुनियाभर के बाजारोंमें अस्थिरता का माहौल है और देश में भी उनका विरोध शुरू हो गया है. हालांकि ट्रंप ने अपने फैसले से पीछे हटने से मना कर दिया है और कहा है किकभी कभी चीजों को सही करने के लिए दवाई देने की जरूरत पड़ती है.अपने आधिकारिक विमान एयरफोर्स वन में मीडिया के साथ बातचीत में ट्रंप नेकहा कि वह नहीं चाहते कि दुनियाभर के बाजारों में गिरावट आए. लेकिन मैं इसे लेकर चिंतित नहीं हूं. कई बार आपको चीजों को सही करने के लिएदवाई लेनी पड़ती है.वहीं ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि टैरिफ लगाने का असर दिखने लगा है और 50 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधियों नेबातचीत की इच्छा जाहिर की है. दुनिया के कई नेताओं से की बातचीतट्रंप ने कहा कि मैंने यूरोपीय, एशियाई, पूरी दुनिया के कई नेताओं से बात की है. वे हमारे साथ समझौता करना चाहते हैं. लेकिन अब हम व्यापार घाटानहीं सहेंगे और हमने ये बात उन्हें साफ बता दी है.ट्रंप द्वारा विभिन्न देशों पर लगाए टैरिफ 9 अप्रैल से लागू हो जाएंगे. अर्थशास्त्रियों का कहना है किटैरिफ लागू होने के साथ ही नए आर्थिक युग की भी शुरुआत हो सकती है. अमेरिका की वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि गलत तरीके से व्यापारकरना सही नहीं है और हम देखेंगे कि विभिन्न देश में हमें क्या ऑफर करते हैं उसके बाद हम आगे का फैसला करेंगे. उन्होंने कहा कि कोई मंदी नहींआएगी बाजार एक दो दिन टैरिफ को लेकर प्रतिक्रिया देगा. लेकिन हमारी कोशिश है कि हम लंबे समय के लिए आर्थिक संबंध बनाएं. ट्रंप भी टैरिफके मुद्दे पर हो रहे विरोध को लेकर सचेत हैं. रविवार को सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि हमारी जीत होगा. लेकिन तब तकहिम्मत बनाए रखें. नहीं होगा आसानये आसान बिल्कुल नहीं होगा. ट्रंप ने अपनी कैबिनेट के मंत्रियों को अधिकारियों को भी निर्देश दिया है कि वे टैरिफ लगाने के सरकार के फैसले काबचाव करें और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ने के दावे को खारिज करें.ट्रंप ने अमेरिका के सहयोगी देशों पर भी टैरिफ लगाए हैं. जिनमेंइस्राइल पर भी 17 प्रतिशत टैरिफ लगाया गया है. सोमवार को इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात करेंगे. माना जा रहा है कि गाजा युद्ध के अलावा टैरिफ को लेकर भी दोनों देशों के बीच बातचीत हो सकती है. वियतनाम पर भी ट्रंप ने भारी भरकम टैरिफलगाया है.अब वियतनाम की सरकार ने भी अपने टैरिफ घटाने की बात करते हुए अमेरिका के साथ बातचीत की पेशकश की है. इटली की पीएमजॉर्जिया मेलोनी ने अमेरिका के टैरिफ पर नाराजगी जताई. लेकिन कहा है कि वह इस मुद्दे पर अमेरिकी सरकार से बातचीत के लिए तैयार हैं.
कैसी रही है बिहार की राजनीति? कभी 13 विधायकों वाले दल के नेता बने थे बिहार के सीएम, तो कोई महज 50 दिन ही रहा सीएम

Bihar Politics: बिहार की राजनीति हमेशा से दिलचस्पी पैदा करने वाली रही है. फिर चाहे वह आजादी के बाद राज्य में कांग्रेस की सरकार काशासन हो या फिर जनता दल के बढ़ते वर्चस्व की कहानी और या फिर लालू प्रसाद यादव और इसके बाद नीतीश कुमार के राजनीतिक पटल पर छाजाने की दास्तां. बिहार हमेशा से राजनीतिक हलचल का केंद्र रहा है. यह हलचल राज्य में उस दौरान भी दिखी, जब आजादी के बाद कांग्रेस कीसरकार बनी थी. इतना ही नहीं जब 1967 में पहली बार कांग्रेस की सरकार गिरी तो राज्य की राजनीति इतनी दिलचस्प हो गई कि अगले 10 सालतक कोई मुख्यमंत्री तीन साल भी शासन पूरा नहीं कर पाया. इनमें कोई नेता सिर्फ 16 विधायकों के साथ मुख्यमंत्री बन गया. तो कोई महज 4 दिन हीसीएम रह पाया.बिहार में पहली सरकार 1946 में श्री कृष्ण सिन्हा के नेतृत्व में बनी थी. चूंकि वह बिना चुनाव के ही मुख्यमंत्री बन गए थे। इसलिएकांग्रेस ने 1952 में उनके नेतृत्व में ही चुनाव लड़ने का फैसला किया. इसके बाद सिन्हा 1961 में अपने निधन तक राज्य के मुख्यमंत्री पद पर रहे. हालांकि बताया जाता है कि कृष्ण सिन्हा के नेतृत्व में कांग्रेस में आंतरिक राजनीति लगातार जारी रही. खासकर जातीय स्तर पर यह सियासत सिन्हा केनिधन के बाद और खुलकर सामने आ गई. पद को लेकर छिड़ गई थी जंगदरअसल तब ब्राह्मण वर्ग से आने वाले बिनोदानंद झा कायस्थ समाज से आने वाले केबी सहाय और भूमिहार एमपी सिन्हा के बीच सीएम पद के लिएजंग छिड़ गई. इससे कांग्रेस को भारी घाटा हुआ और इसमें कई धड़े बन गए.यहीं से शुरुआत हुई कांग्रेस के राज्य में कमजोर होने और एक के बाद एकमुख्यमंत्रियों के बदलने की. दरअसल बिहार में पहले कांग्रेस ने श्री कृष्ण सिन्हा की जगह लेने के लिए दीप नारायण सिंह का नाम तय किया. हालांकिपार्टी में बढ़ती आंतरिक कलह की वजह से दीप नारायण महज 17 दिन बाद ही सीएम पद से हट गए. कांग्रेस में बीएन झा के धड़े की जीत हुई और1961 में उन्होंने सीएम पद की शपथ ली. हालांकि महज ढाई साल में ही झा को भी सीएम पद छोड़ना पड़ा और आलाकमान ने कायस्थ नेता कृष्णबल्लभ सहाय को सीएम बना दिया. सहाय ने इसके बाद पार्टी के बचे हुए कार्यकाल तक मुख्यमंत्री पद संभाला.1967 में कांग्रेस की हार के बादराज्य के मुख्यमंत्री बने महामाया प्रसाद सिन्हा महामाया प्रसाद खुद कायस्थ समुदाय से आते थे. और एक जमाने में बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्णसिन्हा से विवाद के चलते कांग्रेस छोड़ चुके थे. खुद की बनाई थी पार्टीउन्होंने अपनी खुद की एक पार्टी बनाई थी. जन क्रांति दल उनके मुख्यमंत्री बनने की कहानी कांग्रेस नेताओं के सीएम बनने से कहीं ज्यादा दिलचस्प है. दरअसल 1967 के चुनाव में महामाया प्रसाद ने सीधा मुख्यमंत्री केबी सहाय को पटना पश्चिम सीट से चुनौती दे दी थी. चौंकाने वाली बात यह है किमहामाया प्रसाद ने सीएम सहाय को इस चुनाव में बुरी तरह हरा दिया.यह चुनाव कांग्रेस के लिए भी कांटोभरा साबित हुआ दरअसल बिहार विधानसभाकी 318 सीटों में कांग्रेस को महज 128 सीटें मिलीं. वहीं राम मनोहर लोहिया के नेतृत्व में विपक्षी दलों के गठबंधन ने बहुमत हासिल कर लिया. संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी (एसएसपी) को 68 सीट पर जीत मिली. इसके अलावा जनसंघ को 26, भाकपा को 24 और प्रजा सोशलिस्ट पार्टी(पीएसपी) को 18 सीटें मिली. महामाया प्रसाद की एसएसपी ने इस चुनाव में 13 सीटें जीतीं और इसके साथ ही बिहार में कांग्रेस को सरकार से हटानेके लिए साथ आया संयुक्त विधायक दल.
AAP का BJP पर हमला, दिल्ली के बच्चों का हक मारकर रोहिंग्या को दिया एडमिशन

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक अनिल झा ने केंद्र की भाजपा सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि भाजपा कीडबल इंजन की सरकार ने दिल्ली के गरीब और जरूरतमंद बच्चों का हक छीनकर करावल नगर स्थित एक सरकारी स्कूल में 10 रोहिंग्या बच्चों कोदाखिला दे दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा एक तरफ रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ बयानबाजी करती है और दूसरी तरफ उन्हें सुविधाएं मुहैया करारही है। हरदीप पुरी पर भी साधा निशाना अनिल झा ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के उस बयान का हवाला दिया जिसमें उन्होंने रोहिंग्या शरणार्थियों को दिल्ली में ईडब्ल्यूएस फ्लैट देने कीबात कही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को भारत के गरीब, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग की चिंता नहीं है, बल्कि वह रोहिंग्याओं कोप्राथमिकता दे रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब दिल्ली के झुग्गी बस्तियों में रहने वाले बच्चों की पढ़ाई और आवास की व्यवस्था पूरी नहीं हो पाईहै, तो रोहिंग्याओं को एडमिशन और घर क्यों दिए जा रहे हैं? केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका पर भी उठाए सवालअनिल झा ने कहा कि देश की सभी सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां केंद्र सरकार के अधीन हैं, फिर भी हजारों की संख्या में रोहिंग्या दिल्ली औरएनसीआर क्षेत्र में रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की लापरवाही से हरियाणा, गुड़गांव और नोएडा जैसे क्षेत्रों में अस्थिरता का माहौल बनरहा है। भाजपा नेताओं की कथनी और करनी में अंतरउन्होंने कहा कि भाजपा के नेता एक तरफ रोहिंग्याओं को घुसपैठिया कहते हैं, तो दूसरी ओर उनके बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिला भी दिलवायाजा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनके दावे गलत हैं, तो करावल नगर के विधायक और दिल्ली सरकार के मंत्री इसे साबित करके दिखाएं। जांच और पारदर्शिता की मांगअनिल झा ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि जनता को सच जानने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार कोरोहिंग्याओं की चिंता छोड़कर दिल्ली के अल्पसंख्यक, दलित और झुग्गी बस्तियों में रहने वाले बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देना चाहिए। आम आदमीपार्टी इस मुद्दे पर भाजपा सरकार से जवाब चाहती है और विरोध जारी रखेगी।
गुजरात में छठी बार आयोजित होगा कांग्रेस अधिवेशन, मल्लिकार्जुन खरगे होंगे अध्यक्ष

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 28 दिसंबर, 1885 को हुई थी। गुजरात में कांग्रेस का पहला अधिवेशन 23 से 26 दिसंबर, 1902 के बीचअहमदाबाद में हुआ था, जिसकी अध्यक्षता सुरेंद्रनाथ बनर्जी ने की थी। दूसरा अधिवेशन – सूरत, 1907कांग्रेस का दूसरा गुजरात अधिवेशन 26-27 दिसंबर, 1907 को सूरत में आयोजित हुआ, जिसमें अध्यक्ष के रूप में रश्मि बिहारी घोष ने मार्गदर्शनकिया। तीसरा अधिवेशन – अहमदाबाद, 192127-28 दिसंबर, 1921 को कांग्रेस का तीसरी बार गुजरात आगमन हुआ और अहमदाबाद में अधिवेशन का आयोजन हुआ, जिसकी अध्यक्षता हकीमअजमल खां ने की। चौथा अधिवेशन – हरिपुरा, 1938गुजरात में कांग्रेस का चौथा अधिवेशन 19 से 21 फरवरी, 1938 को हरिपुरा में आयोजित हुआ। इस ऐतिहासिक सत्र में नेताजी सुभाष चंद्र बोस नेअध्यक्ष पद संभाला। पाँचवाँ अधिवेशन – भावनगर, 1961छठे दशक में कांग्रेस का पाँचवाँ अधिवेशन गुजरात के भावनगर में 6-7 जनवरी, 1961 को हुआ, जिसकी अध्यक्षता नीलम संजीव रेड्डी ने की। अब फिर गुजरात – अहमदाबाद 2025अब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस एक बार फिर गुजरात में अपने छठे अधिवेशन के लिए तैयार है। यह ऐतिहासिक आयोजन 8 और 9 अप्रैल, 2025 कोअहमदाबाद में होगा। पार्टी के वर्तमान अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में 8 अप्रैल को सरदार पटेल मेमोरियल में विस्तारित कांग्रेसकार्यसमिति (CWC) की बैठक होगी और अगले दिन यानी 9 अप्रैल को एआईसीसी (AICC) की बैठक साबरमती नदी के किनारे, साबरमती आश्रमऔर कोचरब आश्रम के बीच आयोजित की जाएगी।इतिहास का साक्ष्य20वीं सदी में गुजरात में हुए कांग्रेस के इन पांच ऐतिहासिक अधिवेशनों का संपूर्ण अभिलेख भी उपलब्ध है, जो पार्टी के गौरवशाली इतिहास कोरेखांकित करता है।
भाजपा स्थापना दिवस पर दिल्ली भाजपा कार्यालय में ध्वजारोहण, कार्यकर्ताओं को दी शुभकामनाएं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने किया झंडोत्तोलन, 14 जिलों में भी आयोजित हुए कार्यक्रम

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के 46वें स्थापना दिवस के अवसर पर आज दिल्ली भाजपा कार्यालय में भव्य समारोह आयोजित किया गया। प्रदेशअध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ध्वजारोहण कर समारोह की शुरुआत की, इसके बाद दीप प्रज्वलन भी किया गया। भाजपा की सफलता पर बोले प्रदेश अध्यक्षवीरेंद्र सचदेवा ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय जनता पार्टी आज दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है, और यह कार्यकर्ताओं की निष्ठा, समर्पण और वर्षों के संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व में आज देश के 21 राज्यों में एनडीए की सरकारें हैं और दिल्ली अब13वां राज्य है, जहां पूर्ण बहुमत से भाजपा सरकार बनी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा – “देश प्रथम, पार्टी द्वितीय”मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि भाजपा का हर कार्यकर्ता राष्ट्रहित में समर्पित है। उन्होंने कहा, “देश प्रथम, पार्टी द्वितीय और हम स्वयं अंतिम – यहीभाजपा का मूल मंत्र है।” उन्होंने इस अवसर पर कहा कि भाजपा सरकार समाज के हर वर्ग के उत्थान और दिल्ली के सर्वांगीण विकास के लिए कार्यरतहै। कार्यकर्ताओं और कर्मचारियों का सम्मानसमारोह में दिल्ली भाजपा कार्यालय के 38 कर्मचारियों को चुनाव प्रचार में उनके समर्पित योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम कासंचालन प्रदेश मंत्री सारिका जैन और नरेश वशिष्ठ ने किया। आयोजन में वरिष्ठ भाजपा नेता, सांसद, विधायक, पार्षद और सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थितरहे।भारतीय जनता पार्टी के 46वें स्थापना दिवस के अवसर पर दिल्ली भाजपा के सभी 14 जिलों में भी समारोह आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्यामें पदाधिकारी, कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। प्रत्येक जिले में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कार्यक्रमों का नेतृत्व किया और कार्यकर्ताओं कोसंबोधित किया। पश्चिम दिल्ली में राष्ट्रीय मंत्री डॉ. अल्का गुर्जर ने, शाहदरा में प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने, मयूर विहार में केंद्रीय राज्य मंत्री हर्षमल्होत्रा ने और उत्तर पूर्व दिल्ली में सांसद मनोज तिवारी ने कार्यक्रम को संबोधित किया। दक्षिण दिल्ली में सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, करोलबाग मेंसांसद बाँसुरी स्वराज, चांदनी चौक में सांसद प्रवीन खंडेलवाल और नजफगढ़ में सांसद कमलजीत सहरावत ने कार्यक्रमों का नेतृत्व किया। अन्य जिलोंमें भी पार्टी के प्रमुख नेताओं ने उपस्थित होकर कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया और स्थापना दिवस की भावना को सशक्त किया भविष्य की दिशा में संकल्पवीरेंद्र सचदेवा और रेखा गुप्ता दोनों ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे पूरी निष्ठा से भाजपा की विचारधारा को आगे बढ़ाएं और दिल्ली को“विकसित दिल्ली” बनाने के लिए सतत प्रयास करें। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा के नेतृत्व को पार्टी की मजबूती औरविकास का आधार बताया। यह आयोजन भाजपा की संगठनात्मक ताकत और कार्यकर्ताओं की ऊर्जा को प्रदर्शित करता है, जो पार्टी को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
अयोध्या में श्रद्धा और विज्ञान का अद्भुत संगम,. रामजन्मोत्सव की भव्यता

रामनवमी के पावन अवसर पर अयोध्या धाम में भगवान राम के जन्मोत्सव को अद्वितीय धूमधाम के साथ मनाया गया। दोपहर 12 बजे जैसे ही भगवानराम का जन्मकाल आया, ठीक उसी समय सूर्य की किरणों ने उनके मस्तक पर ‘सूर्य तिलक’ किया, जिसे देख श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। रामलला को मिला सूर्य का चार मिनट का ‘तिलक’रामजन्म के शुभ क्षण पर सूर्य की किरणें चार मिनट तक रामलला के ललाट पर केंद्रित रहीं। यह दृश्य न केवल आस्था, बल्कि तकनीकी कौशल काभी प्रमाण था। इस ऐतिहासिक क्षण के लिए इसरो और देश के प्रमुख IIT संस्थानों के वैज्ञानिकों ने लंबे समय तक अभ्यास किया था। शनिवार कोइसका अंतिम सफल परीक्षण भी किया गया। विशेष श्रृंगार में रामलला ने दिए दिव्य दर्शनरामलला ने जन्मोत्सव पर पीले रत्नजड़ित वस्त्र और स्वर्ण मुकुट धारण कर भक्तों को दर्शन दिए। सुबह 3:30 बजे मंदिर के पट खुलने के साथ हीपूजा-अर्चना, आरती और भजन का क्रम शुरू हो गया। जैसे-जैसे घड़ी 12 के करीब पहुंची, वैसे ही भक्तों की उत्सुकता चरम पर पहुंच गई। विज्ञान की मदद से हुआ सूर्य तिलक संभवमंदिर के ऊपरी हिस्से पर लगे दर्पणों पर सूर्य की किरणें गिराईं गईं, जो विशेष पाइप और लेंस सिस्टम से गुजरती हुई गर्भगृह तक पहुंचीं। वहां सेकिरणें 90 डिग्री के कोण पर मोड़कर रामलला के मस्तक पर केंद्रित की गईं, जिससे चार मिनट तक सूर्य तिलक का अद्भुत दृश्य बना। रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंदरामनवमी के आयोजन को ध्यान में रखते हुए अयोध्या रेलवे स्टेशन पर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए। आरपीएफ के 200 जवानों की तैनाती, तीनप्रवेश और दो निकासी गेट बनाए गए। स्टेशन परिसर में 235 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी गई और संदिग्धों से पूछताछ जारी रही। भीड़ प्रबंधन के लिए बनाए गए होल्डिंग एरियाअधिक भीड़ को संभालने के लिए स्टेशन के पास तीन होल्डिंग ज़ोन तैयार किए गए हैं, जहां जरूरत पड़ने पर यात्रियों को अस्थायी रूप से रोकाजाएगा। फिर क्रमबद्ध तरीके से उन्हें स्टेशन में प्रवेश दिया जाएगा। यात्रियों को ट्रैक पार करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। मेला क्षेत्र को बांटा गया जोन और सेक्टरों मेंरामनवमी मेले को व्यवस्थित करने के लिए पूरे मेला क्षेत्र को जोन और सेक्टर में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन और सेक्टर में मजिस्ट्रेट औरपुलिस अफसरों की तैनाती की गई है। गर्मी को देखते हुए छायादार स्थान, पेयजल और दरी की व्यवस्था भी की गई हैस्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाएं भी पूरी तरह सक्रियश्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए मेला क्षेत्र में 14 स्थानों पर अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें पर्याप्त डॉक्टर और दवाएं उपलब्ध हैं। साथही, सात स्थानों पर 108 एंबुलेंस भी तैनात की गई हैं। सफाई के लिए नगर निगम ने अलग-अलग पालियों में सफाईकर्मी तैनात किए हैं। अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद ने किए दर्शनरामनवमी के मौके पर अयोध्या से सांसद अवधेश प्रसाद भी रामलला के दर्शन के लिए पहुंचे। उन्होंने कहा कि उनका राम से गहरा जुड़ाव है और वहखुद को सौभाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें राम की नगरी की सेवा करने का अवसर मिला है।
तमिलनाडु में पीएम मोदी ने किया न्यू पंबन ब्रिज का उद्घाटन, सीएम स्टालिन पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के रामनाथपुरम में देश के पहले वर्टिकल लिफ्ट रेलवे समुद्री पुल, न्यू पंबन ब्रिज का उद्घाटन किया। इस मौके परउन्होंने एक जनसभा को भी संबोधित किया, जिसमें उन्होंने तमिलनाडु के विकास को लेकर केंद्र सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों पर प्रकाशडाला। तमिलनाडु सरकार और सीएम स्टालिन पर निशानाअपने भाषण में पीएम मोदी ने डीएमके सरकार और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग बिना वजह लगातार शिकायतकरते रहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि तमिल भाषा पर सभी को गर्व है, तो कम से कम अपने हस्ताक्षर तमिल में करने की आदत डालनी चाहिए। रेल बजट में ऐतिहासिक वृद्धिप्रधानमंत्री ने बताया कि 2014 से पहले तमिलनाडु को रेलवे परियोजनाओं के लिए सालाना लगभग 900 करोड़ रुपये मिलते थे, जबकि अब यहआंकड़ा 6,000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा हो चुका है। इसके साथ ही राज्य में 77 रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बनाने का काम भी तेज़ी से चल रहा है, जिसमें रामेश्वरम स्टेशन भी शामिल है। इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को बताया ग्रोथ का आधारपीएम मोदी ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले खर्च में छह गुना की बढ़ोतरी हुई है। इसमें रेलवे, सड़क, हवाई अड्डे, बंदरगाह, बिजली, पानी और गैस पाइपलाइन जैसे क्षेत्रों में व्यापक कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर देश की तेज़ आर्थिक वृद्धि काएक अहम कारण है।देशभर में चल रहे मेगा प्रोजेक्ट्स का ज़िक्रप्रधानमंत्री ने उत्तर में जम्मू-कश्मीर के चिनाब ब्रिज, पश्चिम में मुंबई के अटल सेतु, पूर्व में असम के बोगीबील ब्रिज और दक्षिण में पंबन ब्रिज जैसीपरियोजनाओं का हवाला देते हुए कहा कि भारत में बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं तेज़ी से पूरी हो रही हैं। तमिलनाडु को बताया विकास का इंजनअपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के समग्र विकास के लिए तमिलनाडु की भूमिका बहुत अहम है। उन्होंने यह भी दोहराया कि राज्यकी पूरी क्षमता का उपयोग करने से पूरे देश की तरक्की को गति मिलेगी। रेलवे, सड़क और अन्य परियोजनाओं के माध्यम से राज्य को मजबूत बनानेकी दिशा में केंद्र सरकार लगातार काम कर रही है।
ट्रंप प्रशासन का फैसला रहा दुर्भाग्यपूर्ण बोले कांग्रेस के वरिष्ठ के नेता आनंद शर्मा, भारत के राष्ट्रीय हितों को रखे सर्वोपरि

कांग्रेस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को एकतरफा और दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने इससंबंध में सरकार से अपील की है कि वह टैरिफ पर रणनीति बनाते समय राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखे. साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार को इस मुद्दे परविभिन्न राजनीतिक दलों और हितधारकों को विश्वास में लेना चाहिए.पूर्व केंद्रीय मंत्री शर्मा ने शनिवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधितकिया. इस दौरान उन्होंने सरकार से अपील करते हुए कहा कि वह सभी हितधारकों के साथ बातचीत करे और उनके हितों की रक्षा करे. शर्मा ने कहाकि इस मुद्दे से निपटने के लिए विशेषज्ञों का एक टास्क फोर्स भी बनाया जाना चाहिए. शर्मा ने कहा डोनाल्ड ट्रंप द्वारा उठाया गया कदम दुर्भाग्यपूर्ण हैऔर विश्व व्यापार के लिए एक बड़ा झटका है.कांग्रेस नेता शर्मा ने आगे कहा कि यह गंभीर चिंता का विषय है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एकतरफातरीके से उच्च टैरिफ लगाए हैं. इससे वैश्विक व्यापार में बड़े पैमाने पर व्यवधान पैदा हुआ है उन्होंने कहा कि ट्रंप के टैरिफ से सभी छोटी-बड़ीअर्थव्यवस्थाओं पर असर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि ट्रंप के फैसले ने बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को उल्टा कर दिया है इस फैसले ने विश्व व्यापार संगठनको भी बड़ा झटका दिया है.जिस पर नियम-आधारित वैश्विक व्यापार करने की जिम्मेदारी है.ट्रंप ने सभी नियमों और सिद्धांता का किया उल्लंघन-आनंद शर्माउन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप ने सभी अंतरराष्ट्रीय समझौतों नियमों और सिद्धांतों का उल्लंघन किया है.कांग्रेस नेता शर्मा ने सरकार से कहा कि टैरिफलगाने के जवाब में कोई भी निर्णय लेते समय राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखा जाए. उन्होंने कहा कि निर्णय को किसानों और हितधारकों के हितों कीरक्षा करते हुए लिया जाना चाहिए. शर्मा ने यह भी कहा ऐसा कोई भी निर्णय जल्दबाजी में नहीं लिया जाना चाहिए ताकि देश को इसके परिणाम नभुगतने पड़ें.आनंद शर्मा ने आगे कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर संसद में चर्चा करनी चाहिए थी हालांकि अब सरकार को सभी राजनीतिक दलों से बातकरके उन्हें विश्वास में लेना चाहिए. शर्मा ने यह भी कहा कि अभी तक सेवा क्षेत्र पर बात नहीं हुई है उन्होंने कहा कि भारत को सेवा क्षेत्र को केंद्र मेंरखकर कोई भी व्यापार समझौता स्वीकार नहीं करना चाहिए.क्योंकि देश की विश्व व्यापार में बहुत अधिक हिस्सेदारी नहीं है. उन्होंने कहा कि अगरसेवाओं को शामिल नहीं किया जाता है तो यह देश हित में नहीं होगा.
पाकिस्तान में छह नई नहरों के निर्माण की दी गई मंजूरी,नौशेरो फिरोज जिलें में शुरु हुए प्रदर्शन

पाकिस्तान के सिंध प्रांत में सरकार ने छह नई नहरों के निर्माण को मंजूरी दी है जिसके खिलाफ प्रांत के नौशेरो फिरोज जिले में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं. जेय सिंध महाज (जेएसएम) ने नहरों के निर्माण के विरोध में कई स्थानों पर प्रदर्शन किया और राष्ट्रीय राजमार्गों को अवरुद्ध कर दिया.पाकिस्तान के सिंध में सिंधु नदी पर छह नई नहरों के निर्माण को मंजूरी देने के खिलाफ शुक्रवार को जेय सिंध महाज (जेएसएम) ने विरोध प्रदर्शनकिया. जेएसएम ने तीन अलग-अलग स्थानों पर राष्ट्रीय राजमार्गों को अवरुद्ध कर दिया.जेएसएम के अध्यक्ष रियाज अली चंदियो ने नौशेरो फिरोजजिले के मोरो में राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक विरोध रैली का नेतृत्व किया. इस दौरान रियाज अली ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) द्वारा फैलाए जा रहे दुष्प्रचार को बेअसर करने के लिए विरोध प्रदर्शन शुरू किए हैं. जिसके लिए 4 अप्रैल को चुना गया. उन्होंने कहा जब तक सरकारइन सभी विवादास्पद परियोजनाओं को रद्द करने की अधिसूचना जारी नहीं करती. तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा.रियाज चंदियो ने कहा कि ग्रीनपाकिस्तान इनिशिएटिव और नई नहरों का उद्देश्य सिंध से पानी और जमीन छीनना है. पीपीपी पर लगाया आरोपउन्होंने इसे सिंध की पूरी आबादी की आर्थिक हत्या बताया जो कृषि पर निर्भर है. उन्होंने पीपीपी पर आरोप लगाया कि वे प्रांत में दिखावटी विरोधप्रदर्शन कर रहे हैं जबकि नई नहरों के निर्माण को अपनी मंजूरी दे दी है.जय सिंध कौमी महाज (जेएसक्यूएम) के नेता नियाज कलानी ने कहा किशांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाले लोगों को जबरन गायब किया जा रहा है. उन पर एफआईआर की जा रही हैं जिसके लिए नियाज ने सरकारकी निंदा की. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा विरोध प्रदर्शन को कमजोर करने के लिए रणनीति अपनाई जा रही है हालांकि विरोध प्रदर्शन और मजबूतहोते जा रहे हैं.इस बीच सिंध तरकी पसंद पार्टी ने भी विरोध प्रदर्शन को समर्थन दिया है. पार्टी अध्यक्ष कादिर मैगसी ने कहा कि उनकी पार्टी 10 अप्रैलको प्रांत में राजमार्गों पर धरना शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि राजमार्गों पर हर दिन अलग-अलग स्थानों पर धरना आयोजित किया जाएगा. मैगसी नेकहा नहरों और कॉरपोरेट खेती के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन एक ऐसे आंदोलन में बदल गए हैं जो रुकने वाला नहीं है.