मुर्शिदाबाद हिंसा: वक्फ बिल को लेकर तनाव, तीन की मौत, बंगाल की राजनीति में उबाल

मुर्शिदाबाद में वक्फ बिल के विरोध में फैली हिंसा, तीन लोगों की जान गईपश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ बिल को लेकर शुरू हुआ विरोध हिंसक रूप ले चुका है। ताजा घटनाक्रम में हिंसा के चलते अब तक तीनलोगों की मौत हो चुकी है। इस स्थिति ने पूरे राज्य की राजनीतिक फिजा को गर्म कर दिया है। सुवेंदु अधिकारी का आरोपकानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि बंगाल में हिंदू समुदाय के लोग अपने घरों में भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगायाकि राज्य सरकार स्थिति को संभालने में नाकाम रही है और यहां धार्मिक आधार पर हिंसा को बढ़ावा मिल रहा है। हिंसा के बीच दुकानों को लूटा गया, पुलिसकर्मी भी घायलसुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि धुलियान इलाके में हिंदू व्यापारियों की दुकानों को निशाना बनाकर लूटा गया और हिंसा बेकाबू हो गई। अधिकारीने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम में 35 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं और प्रशासन की पकड़ से हालात बाहर हो गए हैं। केंद्रीय सुरक्षा बल की मांग, राजभवन और गृह मंत्रालय को पत्रअधिकारी ने बताया कि उन्होंने राज्यपाल को पत्र लिखकर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की मांग की है। इससे पहले भी उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय सेइसी तरह की मांग की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे को लेकर अदालत भी जा चुके हैं। ममता बनर्जी का आश्वासनवहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अल्पसंख्यक समुदाय को आश्वस्त करते हुए कहा है कि राज्य में वक्फ कानून से जुड़े नए प्रावधानों को लागू नहीं कियाजाएगा। उनका कहना है कि राज्य सरकार सभी वर्गों की भावनाओं का सम्मान करती है। भाजपा का पलटवारममता बनर्जी के इस बयान पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि ममता बनर्जी को लगता है भारतीयसंविधान पर विश्वास नहीं है, तभी वह एक संवैधानिक कानून का विरोध कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री तुष्टीकरण की राजनीति कररही हैं। राजनीतिक टकराव और आने वाली रैलीइस पूरे घटनाक्रम के बीच भाजपा ने कोलकाता के कॉलेज स्क्वायर में एक रैली का ऐलान किया है। सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि यह रैली बंगाल की“जमीनी सच्चाई” को जनता के सामने लाने का माध्यम होगी। उन्होंने दोहराया कि राज्य में स्थिति बेहद गंभीर है और सरकार को सख्त कदम उठानेचाहिए।
सेना ने अखनूर में घुसपैठ की कोशिश नाकाम की, एक जेसीओ शहीद

जम्मू कश्मीर के अखनूर सेक्टर में पाकिस्तान से घुसपैठ की एक बड़ी कोशिश को सेना ने सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया। नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में सेना के एक जूनियर कमीशंड अधिकारी (जेसीओ) शहीद हो गए, हालांकि भारतीय सेना के बहादुर जवानों नेआतंकवादियों को एलओसी पार करने से रोक लिया। किश्तवाड़ में आतंकवादियों से मुठभेड़, तीन आतंकी मारे गएइससे पहले, जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सेना ने तीन आतंकवादियों को मार गिराया था। सेना की जारी ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद के एकशीर्ष कमांडर सैफुल्ला समेत अन्य आतंकवादी मारे गए। इन आतंकवादियों ने पिछले एक साल से चेनाब घाटी क्षेत्र में आतंकवादी गतिविधियों कोअंजाम दिया था। मुठभेड़ में एक जेसीओ घायल हुए, और बाद में उनकी मृत्यु हो गई। पूरे क्षेत्र की घेराबंदी की गई है और तलाश अभियान जारी है। भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव और फ्लैग मीटिंगयह घटना भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा प्रबंधन के मुद्दों पर चर्चा के लिए हुई फ्लैग मीटिंग के दो दिन बाद सामने आई। दोनों देशों के ब्रिगेडकमांडर स्तर की बैठक में सीमा पार से हो रही आतंकवादी गतिविधियों और संघर्ष विराम उल्लंघन पर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया था। बैठक के बादभी आतंकवादियों ने घुसपैठ की कोशिश की, लेकिन सेना ने उनकी कोशिशों को नाकाम कर दिया।
बेंगलुरु में मॉरल पुलिसिंग का मामला, मुस्लिम युवती और हिंदू युवक से की गई बदसलूकी, 4 गिरफ्तार

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक मुस्लिम युवती और हिंदू युवक के साथ पार्क में बैठने को लेकर बदसलूकी और हिंसा का मामला सामने आयाहै। यह घटना शहर के चंद्रा लेआउट इलाके की है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पार्क में बैठना बना अपराध, मारपीट तक पहुँची बातजानकारी के अनुसार, बुधवार 9 अप्रैल 2025 को एक बुर्का पहने युवती अपने हिंदू मित्र के साथ स्कूटी पर बैठी थी। तभी मुस्लिम समुदाय के कुछयुवकों ने उन्हें घेर लिया और सवाल-जवाब करने लगे। युवती से पूछा गया कि वह किसके साथ और क्यों बैठी है, वहीं युवक से पूछा गया कि वहदूसरे धर्म की लड़की के साथ क्यों है। इसके बाद युवक को धमकाते हुए पास ले जाकर लकड़ी के डंडे से पीटा गया। घटना का वीडियो वायरल, पुलिस ने लिए एक्शन मेंघटना का वीडियो सामने आने के बाद बेंगलुरु पुलिस हरकत में आई और शुक्रवार तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिनमें एक नाबालिगभी शामिल है। डीसीपी वेस्ट एस गिरिश ने बताया कि पीड़ित लड़की की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने यह भी स्पष्टकिया कि फिलहाल गंभीर हिंसा की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच जारी है। प्रियांक खड़गे का विवादित बयान, सोशल मीडिया पर रोषइस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा, “यह उत्तर प्रदेश, बिहार या मध्य प्रदेश नहीं है। कर्नाटक में ऐसीहरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएँगी।” उनके इस बयान पर सोशल मीडिया में नाराजगी जताई जा रही है, और कई लोगों ने इसे क्षेत्रीय राजनीति से प्रेरितऔर भड़काऊ बताया है। युवती ने दिखाई बहादुरी, लड़कों को दिया जवाबघटना के दौरान युवती ने घबराने के बजाय आरोपियों का डटकर सामना किया। वायरल वीडियो में उसे बेरुखी और धमकियों का विरोध करते हुएसाफ देखा जा सकता है। वह स्पष्ट रूप से कहती है कि उसे किसी के साथ बैठने या दोस्ती करने का अधिकार है। पुलिस की सतर्कता और आगे की कार्रवाईबेंगलुरु पुलिस इस घटना की गंभीरता से जांच कर रही है और अन्य संभावित आरोपियों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसीघटनाओं को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और अपराधियों को कानून के तहत सजा दिलाई जाएगी।
दिल्ली एयरपोर्ट पर धूल भरी आंधी से मची अफरा-तफरी, 50 से अधिक फ्लाइटें प्रभावित

आंधी से उड़ा एयरपोर्ट का संचालनशनिवार शाम दिल्ली में आई तेज धूल भरी आंधी ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) पर संचालन व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावितकिया। मौसम की खराबी के चलते 50 से अधिक घरेलू उड़ानों में देरी हुई, जिससे यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। कई यात्रियों को 12 घंटे तकएयरपोर्ट पर रहना पड़ा। टर्मिनल-3 पर भारी भीड़, यात्रियों को परेशानीफ्लाइट्स में देरी के कारण टर्मिनल-3 पर भारी भीड़ जमा हो गई। यात्रियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अव्यवस्था और बदइंतजामी की शिकायतकी। भीड़भाड़ के हालात को देखते हुए टर्मिनल पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। फ्लाइट्स लेट, रद्द और डायवर्टसूत्रों के अनुसार, शनिवार सुबह तक 50 से ज्यादा उड़ानें देरी से चलीं। करीब 25 विमानों को दूसरे रूट पर डायवर्ट करना पड़ा और 7 उड़ानों को रद्दकर दिया गया। यात्रियों ने एयरलाइंस के खराब प्रबंधन को इस संकट का जिम्मेदार बताया। सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सायात्रियों ने ट्विटर और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर भीड़भाड़ और अव्यवस्था के वीडियो और तस्वीरें साझा कीं। एक यूजर ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एयरइंडिया को टैग करते हुए लिखा, “यह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट नहीं, बस स्टैंड से भी बदतर है।” एयर इंडिया का जवाबएयर इंडिया ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी कि मौसम की खराबी के कारण उड़ानों में बाधा आई है और उनकी टीम यात्रियों की मदद के लिएकाम कर रही है। इंडिगो फ्लाइट को छह बार किया गया रिशेड्यूलइंडिगो एयरलाइंस को भी यात्रियों के गुस्से का सामना करना पड़ा। यात्रियों ने शिकायत की कि उड़ानों को बार-बार रिशेड्यूल किया गया। एक यूजरने लिखा कि कोलकाता से दिल्ली आने वाली फ्लाइट 6E 2198 को छह बार बदला गया, लेकिन यात्रियों को कोई ठोस जानकारी नहीं दी गई। यात्रियों की मांग – पैसा वापस करेंबार-बार उड़ान टालने से परेशान यात्रियों ने कंपनियों से रिफंड की मांग की और कहा कि यात्रियों के साथ जानवरों जैसा व्यवहार किया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, राष्ट्रपति को विधेयकों पर निर्णय के लिए तीन महीने की सीमा

तमिलनाडु राज्यपाल विवाद से जुड़ा मामलातमिलनाडु के राज्यपाल आर. एन. रवि द्वारा राज्य विधानसभा से पारित 10 विधेयकों को राष्ट्रपति के विचारार्थ भेजे जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट नेऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने राज्यपाल की इस कार्रवाई को अनुचित ठहराते हुए कहा कि राष्ट्रपति को भी विधेयकों पर निर्णय लेने केलिए सीमित समय के भीतर कार्य करना होगा। राष्ट्रपति को तीन महीने के भीतर करना होगा निर्णयजस्टिस जे. बी. पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने स्पष्ट किया कि राज्यपाल द्वारा राष्ट्रपति को भेजे गए विधेयकों पर राष्ट्रपति को तीनमहीने के भीतर निर्णय देना आवश्यक है। यदि इस अवधि से अधिक समय लगता है, तो इसके लिए वैध कारण दर्ज करने होंगे और राज्य सरकार कोसूचित करना होगा। पूर्ण वीटो की अवधारणा अस्वीकार्यपीठ ने कहा कि राष्ट्रपति को भी राज्यपाल की तरह पूर्ण वीटो (indefinite withholding) का अधिकार नहीं है। अदालत ने यह भी जोड़ा कि यदिराष्ट्रपति समयसीमा के भीतर कोई निर्णय नहीं लेते हैं, तो राज्य सरकारें उनके खिलाफ रिट याचिका दाखिल कर सकती हैं।संविधान के अनुच्छेद 201 पर टिप्पणीफैसले में बताया गया कि संविधान के अनुच्छेद 201 के तहत राष्ट्रपति को किसी भी विधेयक पर मंजूरी देने या अस्वीकार करने का अधिकार है, लेकिन इसमें समय-सीमा नहीं दी गई थी। कोर्ट ने इस शून्यता को संविधान के संघीय ढांचे के लिए खतरा बताया और इसे मनमानी शक्तियों कासंकेत माना। संवादहीनता से बचने पर जोरसुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार को राज्यों द्वारा भेजे गए विधेयकों पर तत्परता से विचार करना चाहिए, वहीं राज्य सरकारों को केंद्र केसुझावों को गंभीरता से लेना चाहिए। पारदर्शिता और संवाद केंद्र-राज्य संबंधों में विश्वास बनाए रखने में सहायक होंगे। संविधानिक सलाह और पारदर्शिता जरूरीन्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि यदि कोई विधेयक असंवैधानिकता के आधार पर रोका जा रहा हो, तो राष्ट्रपति को अनुच्छेद 143 के तहत सुप्रीमकोर्ट से सलाह लेनी चाहिए। साथ ही, निर्णय के कारणों को राज्य सरकार को सूचित किया जाना अनिवार्य है ताकि वे आवश्यक संशोधन कर सकें। सरकारिया और पुंछी आयोग की सिफारिशों का हवालाफैसले में सरकारिया आयोग (1983) और पुंछी आयोग (2007) की सिफारिशों का भी उल्लेख किया गया, जिनमें अनुच्छेद 201 के तहत विधेयकोंपर निर्णय की समय-सीमा तय करने की आवश्यकता जताई गई थी।गृह मंत्रालय की 2016 की गाइडलाइन को कोर्ट ने माना आधारपीठ ने गृह मंत्रालय द्वारा 2016 में जारी एक कार्यालय ज्ञापन का हवाला देते हुए कहा कि अध्यादेशों पर तीन सप्ताह और विधेयकों पर तीन महीने मेंनिर्णय लेने की सिफारिश को अब न्यायिक समर्थन प्राप्त है। संघीय ढांचे की रक्षा की दिशा में कदमइस ऐतिहासिक फैसले के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति और राज्यपाल जैसे संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों की शक्तियां भीसीमित और जवाबदेह हैं। यह निर्णय केंद्र और राज्यों के बीच संतुलन और संविधान की मूल भावना की रक्षा करने में मील का पत्थर साबित हो सकताहै।
पश्चिम बंगाल में वक्फ कानून के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन, सीएम ममता बनर्जी ने दी सफाई

राज्य के कई जिलों में भड़की हिंसापश्चिम बंगाल में वक्फ (संशोधन) कानून के खिलाफ शुक्रवार को विभिन्न जिलों में प्रदर्शन हिंसक हो गए। मालदा, मुर्शिदाबाद, दक्षिण 24 परगनाऔर हुगली जिलों में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वाहनों को आग के हवाले कर दिया और सुरक्षाबलों पर पथराव किया। इसके साथ ही, कई जगहों परसड़कों को अवरुद्ध कर यातायात बाधित किया गया। ममता बनर्जी ने कानून को खारिज कियामुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य सरकार इस कानून को पश्चिम बंगाल में लागू नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्टकिया कि यह केंद्र सरकार द्वारा बनाया गया कानून है और इस पर जवाबदेही भी केंद्र की बनती है। जनता से शांति बनाए रखने की अपीलसीएम ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से सभी धर्मों के लोगों से संयम और शांति बनाए रखने की अपीलकी। उन्होंने लिखा कि धर्म के नाम पर हिंसा न करें क्योंकि हर इंसान की जान अमूल्य होती है। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति के लिए समाज मेंअशांति फैलाना गलत है। हिंसा फैलाने वालों पर होगी कार्रवाईमुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि उनकी सरकार किसी प्रकार की हिंसा का समर्थन नहीं करती है और जो लोग अशांति फैला रहे हैं उनके खिलाफकानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राज्य में यह कानून लागू ही नहीं हो रहा, तो फिर हिंसा क्यों? राजनीतिक साजिश का आरोपसीएम बनर्जी ने कुछ राजनीतिक दलों पर आरोप लगाया कि वे धर्म के नाम पर जनता को भड़काकर हिंसा फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने लोगोंसे अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं और शांति व सद्भाव बनाए रखें। बीजेपी ने ममता बनर्जी को ठहराया जिम्मेदारइस बीच, भारतीय जनता पार्टी ने ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि वह राज्य में हो रही हिंसा को बढ़ावा दे रही हैं और वक्फ कानून के विरोध कोराजनीतिक रूप से भुना रही हैं।
किश्तवाड़ में मुठभेड़ के दौरान एक आतंकी ढेर, सेना का अभियान जारी

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में जारी मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। सुरक्षाबलों ने एक आतंकवादी को मार गिराया है। यहकार्रवाई उस सर्च ऑपरेशन का हिस्सा है, जो 9 अप्रैल से इलाके के घने जंगलों में चलाया जा रहा है। गुप्त सूचना के आधार पर शुरू हुआ अभियानभारतीय सेना की 16 कोर और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त रूप से 9 अप्रैल को छत्रू जंगल क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन की शुरुआत की थी। यहऑपरेशन खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू किया गया था, जिसमें आतंकवादियों के जंगल में छिपे होने की सूचना थी। सेना और आतंकियों केबीच गोलीबारी भी हुई, जिसके बाद एक आतंकी को मार गिराया गया। मुश्किल हालातों में भी नहीं रुकी सेना की कार्रवाईइस अभियान को कठिन और चुनौतीपूर्ण मौसम में अंजाम दिया जा रहा है। इलाके में भारी बर्फबारी और दुर्गम पहाड़ी इलाकों के चलते सेना कोअभियान में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। फिर भी भारतीय सैनिक पूरे साहस के साथ ऑपरेशन को आगे बढ़ा रहे हैं। तीन दिनों से जंगल में छिपे थे आतंकीसूत्रों के अनुसार, आतंकी बीते तीन दिनों से जंगल में छिपे हुए थे। सेना की लगातार निगरानी और दबाव के चलते आखिरकार मुठभेड़ हुई और एकआतंकी को मार गिराया गया। अभी भी इलाके में तलाशी अभियान जारी है और अन्य आतंकियों की तलाश की जा रही है। रामनगर में भी सुरक्षा बलों की कार्रवाईकिश्तवाड़ के अलावा जम्मू के उधमपुर जिले के रामनगर क्षेत्र में भी सुरक्षाबलों का सर्च एंड डिस्ट्रॉय ऑपरेशन जारी है। यहां भी दो से तीन आतंकियोंके छिपे होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद इलाके को घेरकर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
26/11 मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा को अमेरिका से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया, NIA करेगी पूछताछ

तहव्वुर हुसैन राणा, 26/11 मुंबई हमले का आरोपी और पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक, आखिरकार अमेरिका से प्रत्यर्पित होकर भारत लायागया। यह पहली बार है जब भारत को आतंकवाद के किसी मामले में अमेरिका से प्रत्यर्पण मिला है। राणा को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कीनिगरानी में विशेष विमान से दिल्ली लाया गया, जहाँ उसे उतरते ही गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत गिरफ्तार कर लियागया। इसके बाद उसे पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ एनआईए ने 26 दिन की रिमांड की मांग की। 64 वर्षीय राणा पाकिस्तानी सेना का पूर्व डॉक्टर है और अमेरिका में इमिग्रेशन सेवाओं की आड़ में आतंकी नेटवर्क को समर्थन देता रहा है। वह लश्कर-ए-तैयबा और हरकत-उल-जिहादी इस्लामी (HUJI) जैसे संगठनों से भी जुड़ा रहा है। राणा ने डेविड हेडली को भारत में रेकी करने और हमले कीतैयारी के लिए सहयोग दिया था, जिसमें फंडिंग, दस्तावेज़ और अन्य सुविधाएं शामिल थीं। हमले से कुछ दिन पहले नवंबर 2008 में वह खुद भीभारत आया था, जहाँ उसने “इमिग्रेंट लॉ सेंटर” के बहाने अपने नेटवर्क को सक्रिय रखा। 26/11 के मुंबई हमले में आतंकवादियों ने ताज होटल, ओबेरॉय होटल, लियोपोल्ड कैफे, CST स्टेशन और चबाड हाउस जैसे स्थानों को निशानाबनाया था, जिसमें 166 लोगों की जान गई थी। इनमें विदेशी नागरिक भी शामिल थे। राणा की भूमिका इस हमले में काफी अहम मानी जाती है, और एनआईए अब उससे पूछताछ कर लश्कर, आईएसआई और पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों की भूमिका की जांच करेगी। अमेरिका में 2009 में एफबीआई ने उसे गिरफ्तार किया था और 2011 में अमेरिकी अदालत ने उसे 14 साल की सजा सुनाई थी। भारत ने 2012 मेंउसके प्रत्यर्पण की मांग की, लेकिन कानूनी लड़ाई के चलते यह प्रक्रिया लंबी चली। अंततः जनवरी 2025 में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने उसकी अपीलखारिज की और 7 अप्रैल को अंतिम याचिका भी नामंज़ूर हुई। इसके बाद 10 अप्रैल को उसे भारत प्रत्यर्पित किया गया। अब एनआईए उससे पूछताछ कर विस्तृत चार्जशीट तैयार करेगी और उसका ट्रायल दिल्ली की विशेष अदालत में चलेगा। यदि राणा दोषी पाया गया, तो उसे उम्रकैद या मौत की सजा हो सकती है। अभियोजन पक्ष की अगुवाई वरिष्ठ वकील दयान कृष्णन करेंगे, जिन्होंने अमेरिका में भी भारत का पक्षरखा था।
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिए जिलाधिकारियों को भ्रमण और सर्वे के निर्देश, कहा लोगों के पास जाकर लिया जाए जायजा

UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंधी–बारिश,ओलावृष्टि के दृष्टिगत संबंधित जनपदों के अधिकारियों को पूरी तत्परता सेराहत कार्य संचालित करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि अधिकारी क्षेत्र का भ्रमण कर सर्वे करें तथा राहत कार्य पर नज़र रखें. आकाशीय बिजली, आंधी तूफान,बारिश, वज्रपात आदि आपदा से जनहानि और पशुहानि होने की स्थिति में तत्काल प्रभावितों को राहत राशि का वितरण करें. घायलों कासमुचित उपचार कराया जाए.मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि वर्तमान में गतिमान गेहूं की सरकारी खरीद के दृष्टिगत मंडियों सहित सभी खरीद केंद्रों परगेहूं के सुरक्षित भंडारण का पूरा ध्यान रखा जाए. अधिकारीगण सर्वे कराकर फसल नुकसान का आकलन करते हुए आख्या शासन को भेजें ताकि इससंबंध में अग्रेत्तर कार्यवाही की जा सके. उन्होंने निर्देशित किया कि जल जमाव की स्थिति होने पर प्राथमिकता पर जल निकासी की व्यवस्था कराईजाए.सीतापुर जिले में खराब मौसम ने दो जिंदगियां ले ली. खेत में काम कर रहे एक किसान पर बिजली गिरने से उसकी मौत हो गई. वहीं एक महिलाकी भी दीवार गिरने से मौत हो गई.बिजली गिरने से हुई किसान की मौतबिसवां के ग्राम पंचायत जनुवा के मजरा मोचखुर्द मे आकाशीय बिजली गिरने से किसान हरिश चंद्र भार्गव (23) की मौत हो गई. हरिश्चंद्र कुल तीनभाई थे. मृतक के बड़े भाई की शादी हो चुकी है. हरिश्चंद भार्गव की अभी शादी नही हुई थी. वह बृहस्पतिवार सुबह खेत में गन्ना छीलने गए थे तभीआकाशीय बिजली गिरने से उनकी मौत हो गई. राजधानी में बृहस्पतिवार को सुबह होते ही, घने काले बादलों और झोंकेदार हवाओं संग जमकरबरसात शुरू हुई। घने बादलों की मौजूदगी से दिन में ही अंधेरा छा गया. बारिश और हवाओं की वजह से तापमान गिरने से मौसम सुहाना हो गया औरलोगों को राहत महसूस हुई.वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने कहा कि सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से लखनऊ में पूर्वा और पछुआहवाओं के समागम होने की वजह से यह आंधी और बरसात देखने को मिली है. लखनऊ में सुबह 8:30 बजे तक 7 मिमी. बारिश दर्ज की गई. जबकिएयरपोर्ट के इलाके में यह 2 मिमी. रिकॉर्ड की गई लखनऊ व आसपास के जिलों बाराबंकी, रायबरेली,सीतापुर आदि में भी अच्छी बारिश देखने कोमिली.
सांसद जियाउर्रहमान बर्क पर लगा बिजली चोरी का आरोप, अफसर बोले अंतिम रिपोर्ट हो रही तैयार वसूलेंगें जुर्माना

Sambhal News: संभल सांसद जियाउर्रहमान बर्क पर लगे बिजली चोरी के जुर्माने में बुधवार को सुनवाई हुई. सांसद के अधिवक्ता मोहम्मद नईमने प्रार्थना पत्र देकर समय देने का आग्रह किया है. हालांकि बिजली विभाग की ओर से समय अभी नहीं दिया गया है बिजली विभाग जुर्माने की अंतिमरिपोर्ट तैयार करने की तैयारी में है. संभल एक्सईएन नवीन गौतम ने कहा कि सांसद के अधिवक्ता बिजलीघर पहुंचे थे उन्होंने समय दिए जाने काआग्रह किया है. अब उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी. समय दिया जाएगा या नहीं इसको लेकर भी उच्च अधिकारियों सेवार्ता करेंगे. बताया कि इस जुर्माने के मामले में तीन बार नोटिस और तीन बार समय दिया जा चुका है. अब अंतिम रिपोर्ट तैयार करने की कार्रवाई कीजानी है अंतिम रिपोर्ट के बाद जुर्माना वसूलने की कार्रवाई की जाएगी.19 दिसंबर को सांसद जियाउर्रहमान बर्क के दीपा सराय स्थित आवास परबिजली चोरी का मामला विभाग ने पकड़ा था. मौके पर 16 किलोवाट से ज्यादा भार की खपत मिली थी जबकि सांसद जियाउर्रहमान बर्क और पूर्वसांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क के नाम से दो-दो किलोवाट के दो मीटर लगे थे. जिसमें कई महीने की खपत जीरो थी. मीटर की एमआरआई कराई गईतो उसमें बिजली चोरी की पुष्टि हुई थी. सांसद के आवास में हुए निर्माण की जांचइसके बाद से लगातार सुनवाई की जा रही है सांसद जियाउर्रहमान बर्क के दीपा सराय स्थित आवास के मामले में 15 अप्रैल को सुनवाई की जाएगी. एसडीएम वंदना मिश्रा इस मामले में सुनवाई करेंगी सांसद के आवास में हुए निर्माण की जांच विनियमित क्षेत्र और पीडब्ल्यूडी के जेई ने की है. यहजांच रिपोर्ट एसडीएम को दे दी गई है इस जांच रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई की जानी है.मालूम हो 11 दिसंबर 2024 को संभल नियतप्राधिकारी/उपजिलाधिकारी विनियमित क्षेत्र की ओर से सांसद को नोटिस जारी किया गया था. जिसमें कहा था कि सांसद ने अपने आवास में बिनाअनुमति के नवनिर्माण कराया है.ऑपरेशन एक्ट 1958 का है उल्लंघनजिसका नक्शा पास नहीं है यह उत्तर प्रदेश रेगुलेशन ऑफ बिल्डिंग ऑपरेशन एक्ट 1958 का उल्लंघन है इस मामले में सुनवाई जारी है.संभल डीएमन्यायालय में सांसद जियाउर्रहमान बर्क के पिता ममलुकुर्रहमान बर्क अपील दायर कर चुके हैं. पिछले शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो सकी थी इसशुक्रवार को सुनवाई हो सकती है. सांसद के पिता का कहना है कि जिस निर्माण को अवैध बताते हुए सांसद के नाम नोटिस जारी किया गया है. वहनिर्माण का हिस्सा सांसद के नाम नहीं है बल्कि उनके नाम है.उनके पिता पूर्व सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क के निधन के बाद उनके नाम विरासत दर्जहो गई थी. जो पालिका में भी दर्ज है सांसद के पिता का कहना है कि उनके नाम से नोटिस जारी होना चाहिए था. जिससे वह अपना पक्ष रख सकेंविनियमित क्षेत्र से उनके सांसद बेटे के नाम से नोटिस जारी कर दिया गया है.