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अपनी शर्तों पर देंगे हर आतंकी हमले का जवाब..आदमपुर से पीएम मोदी की हुंकार, कहा- घर में घुसकर मारेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के आदमपुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति को दोहराया औरस्पष्ट संदेश दिया कि भारत अब किसी भी आतंकी हमले का जवाब अपनी शर्तों पर देगा। उन्होंने कहा, “हम वो भारत नहीं हैं जो चुपचाप सह ले, हमघर में घुसकर मारते हैं और आतंक का अंत करते हैं।” पाकिस्तान को अप्रत्यक्ष चेतावनीप्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में पाकिस्तान का नाम लिए बिना आतंकवाद को समर्थन देने वाले देशों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि भारत अबउस दौर से निकल चुका है जब आतंकी हमलों का जवाब सिर्फ कड़ी निंदा से दिया जाता था। अब अगर कोई भारत की तरफ आंख उठाएगा तो उसेउसी की भाषा में जवाब मिलेगा। सर्जिकल और एयर स्ट्राइक का उल्लेखपीएम मोदी ने 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 की बालाकोट एयर स्ट्राइक का ज़िक्र करते हुए कहा, “हमारे वीर जवानों ने दिखा दिया किभारत अब केवल शब्दों से नहीं, कर्म से जवाब देता है।” उन्होंने कहा कि ये नए भारत की पहचान है, जो जवाब देने में देर नहीं करता और सीमा पार भीदुश्मन को सबक सिखाता है। आतंरिक सुरक्षा और सीमाओं की सुरक्षा पर फोकसमोदी ने यह भी बताया कि उनकी सरकार ने बीते वर्षों में न केवल सीमाओं की सुरक्षा को मजबूत किया है, बल्कि आंतरिक सुरक्षा तंत्र को भी बेहतरबनाया है। उन्होंने कहा, “हमने सुरक्षाबलों को खुली छूट दी है। उन्हें आदेश नहीं, आज़ादी दी गई है कि वे जब चाहें, जैसे चाहें देश के दुश्मनों कासफाया करें।” कांग्रेस के दौर में आतंकवाद पर नरमी’ का आरोपरैली के दौरान पीएम मोदी ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकारों के समय आतंकवादी घटनाएं बढ़ती थींऔर देश केवल सहता था। “कांग्रेस के समय में मुंबई हमले होते थे, संसद पर हमले होते थे, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया जाता था। आज भारत चुपनहीं बैठता, जवाब देता है,” उन्होंने कहा। सेना और सुरक्षा बलों की सराहनाप्रधानमंत्री ने भारतीय सेना और सुरक्षा बलों की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि हमारे जवानों ने हमेशा देश के लिए जान की बाज़ी लगाई है।“चाहे कारगिल हो, पुलवामा हो या हाल की शोपियां मुठभेड़ – हमारे सैनिक हर चुनौती से निपटने में सक्षम हैं,” उन्होंने कहा। शहीदों को श्रद्धांजलिपीएम मोदी ने देश के लिए बलिदान देने वाले शहीदों को भी याद किया और कहा कि उनके बलिदान को कभी व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। उन्होंनेकहा कि देशवासी न केवल अपने सुरक्षाबलों पर गर्व करते हैं, बल्कि उनके पीछे चट्टान की तरह खड़े भी रहते हैं। युवा पीढ़ी को किया प्रेरितअपने भाषण के अंत में पीएम मोदी ने युवाओं से देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए हमेशा सजग और जिम्मेदार नागरिक बनने की अपील की।उन्होंने कहा, “युवाओं को यह समझना होगा कि आजादी केवल अधिकार नहीं, जिम्मेदारी भी है – और आतंकवाद के खिलाफ हमारी यह लड़ाई उन्हींके सुरक्षित भविष्य के लिए है।” रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत का ज़िक्रपीएम मोदी ने बताया कि उनकी सरकार ने रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता पर ज़ोर दिया है। “आज हम न केवल अपनी सेना के लिए हथियार बना रहेहैं, बल्कि दुनिया को निर्यात भी कर रहे हैं,” उन्होंने कहा।

शोपियां मुठभेड़: सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकियों को किया ढेर

जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में मंगलवार को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। यह मुठभेड़ शुकरू केलर क्षेत्र के जंगलों में हुई, जहां आतंकियों की मौजूदगी की पुख्ता जानकारी के बाद सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इस अभियान के दौरान आतंकियों ने गोलीबारीशुरू कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने कार्रवाई करते हुए तीन आतंकियों को मार गिराया। लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े थे आतंकीमारे गए आतंकियों की पहचान में दो नाम सामने आए हैं। इनमें से एक का नाम शाहिद कुट्टे पुत्र मोहम्मद यूसुफ कुट्टे है, जो शोपियां के ही चोटिपोराहीरपोरा का निवासी था। शाहिद मार्च 2023 से लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ था। वह अप्रैल 2024 में डेनिश रिसॉर्ट पर हुए हमले और मई 2024 में भाजपा सरपंच की हत्या में शामिल रहा है। इसके अलावा, फरवरी 2025 में कुलगाम में हुए टीए कर्मी की हत्या में भी उसकी संलिप्तता कीआशंका जताई जा रही है। भारतीय सेना का बयानभारतीय सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि 13 मई 2025 को राष्ट्रीय राइफल्स यूनिट को विशेष खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर शोकल केलर क्षेत्र में अभियान चलाया गया। इस दौरान आतंकियों ने जबरदस्त गोलीबारी की, जिसका जवाब देते हुए सेना ने तीनकट्टर आतंकवादियों को ढेर कर दिया। क्षेत्र में अभी भी तनावपूर्ण माहौलमुठभेड़ के बाद क्षेत्र में तलाशी अभियान जारी है और सुरक्षा बल किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए सतर्क हैं।

भारत और पाकिस्तान तनावपूर्ण रिश्तों के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने देश को किया संबोधित, देश की पराक्रमी सेनाओं और भारतवासी को किया सलाम

भारत और पाकिस्तान तनावपूर्ण रिश्तों के बीच आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रात ने आज देश को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि बीते दिनों में हमने देशका सामर्थ्य और उसका संयम दोनों देखा है. मैं सबसे पहले भारत की पराक्रमी सेनाओं, सशस्त्र बलों, हमारी खुफिया एजेंसियों, हमारे वैज्ञानिकों को हरभारतवासी की तरह से सलाम करता हूं. हमारे वीर सैनिकों ने ऑपरेशन सिंदूर के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए असीम शौर्य का प्रदर्शन किया. मैं हमारे देशकी हर माता को देश की हर बहन को और देश की हर बेटी को यह वीरता, साहस, पराक्रम को आज समर्पित करता हूं. 22 अप्रैल को पहलगाम मेंआतंकियों ने जो बर्बरता दिखाई थी. उसने देश और दुनिया को झकझोर दिया था छुट्टियां मना रहे निर्दोष मासूम नागरिकों को धर्म पूछकर उनकेपरिवार के सामने, उनके बच्चों के सामने बेरहमी से मार डाला गया था। यह आतंक का बहुत वीभत्स चेहरा था क्रूरता थी यह देश के सद्भाव को तोड़नेकी घिनौनी कोशिश भी थी मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से यह पीड़ा बहुत बड़ी थी. सेनाओं को दे दी गई आतंकियों को ढेर करने की पूरी छूटइस आतंकी हमले के बाद सारा राष्ट्र, हर नागरिक, हर वर्ग, हर समाज, हर राजनीतिक दल एक स्वर में आतंक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए उठखड़ा हुआ. हमने आतंकवादियों को मिट्टी में मिलाने के लिए भारत की सेनाओं को पूरी छूट दे दी और आज हर आतंकी, आतंक का हर संगठन जानचुका है कि हमारी बहन और बेटियों के माथों से सिंदूर हटाने का अंजाम क्या होता है. पीएम मोदी ने कहा ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ नाम नहीं है. यह देशके कोटि-कोटि लोग भावनाओं का प्रतिबिंब है. ऑपरेशन सिंदूर न्याय की अखंड प्रतिज्ञा है 6 मई की दूर रात, 7 मई की सुबह पूरी दुनिया ने इसप्रतिज्ञा को परिणाम में बदलते देखा है.भारत की सेनाओं ने पाकिस्तान में आतंक के ठिकानों पर, उनके ट्रेनिंग सेंटर्स पर सटीक प्रहार किया. आतंकियोंने सपने में भी नहीं सोचा था कि भारत इतना बड़ा फैसला ले सकता है. लेकिन जब देश एकजुट होता है नेशन फर्स्ट की भावना से भरा होता है राष्ट्रसर्वोपरि होता है तो फौलादी फैसले लिए जाते हैं. परिणाम लाकर दिखाए जाते हैं. जब पाकिस्तान में आतंक के अड्डों पर भारत की मिसाइलों ने हमलाकिया भारत के ड्रोन्स ने हमला बोला तो आतंकी संगठनों की इमारतें ही नहीं बल्कि उनका हौसला भी थर्रा गया. बहावलपुर और मुरीदके जैसे आतंकीठिकाने एक प्रकार से ग्लोबल टेररिज्म की यूनिवर्सिटी रहे हैं. दुनिया में कहीं पर भी जो बड़े आतंकी हमले हुए हैं. चाहे 9/11 हो, चाहे लंदन ट्यूबबॉम्बिंग हो या भारत में दशकों से बड़े-बड़े आतंकी हमले हुए हैं. उन सभी के तार कहीं न कहीं आतंक के इन्हीं ठिकानों से जुड़ते रहे हैं.

पाकिस्तान ने लगाई थी अमेरिका से संघर्ष विराम की गुहार, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने की थी प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत

सैनिक अड्डों और वायु रक्षा प्रणाली पर भारत के हमलों से घबराए पाकिस्तान ने अमेरिका से संघर्ष विराम के लिए गुहार लगाई थी. जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस संबंध में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की तो उन्होंने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि पाकिस्तान के हर दुस्साहस काजवाब देंगे. दरअसल पाकिस्तान की ओर से परमाणु हमले का खतरा मानकर अमेरिका पाकिस्तान की इस पेशकश को स्वीकार कर खुद ही शांतिबहाली के लिए दोनों देशों के बीच कूद गया. जब वेंस ने दो दिन पहले कहा था कि हम संघर्ष के बीच में नहीं पड़ेंगे। यह दोनों देशों के बीच कामामला है तो अमेरिका को खतरा बढ़ने के आसार दिखने लगे. इसी बीच पाकिस्तान ने संघर्षविराम की बात की और अमेरिका तत्काल आगे आया वेंसऔर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दोनों देशों के अफसरों से बात शुरू कर दी थी. पाकिस्तान ने भारतीय क्षेत्र में हमले के लिए 400 से 500 ड्रोन भेजे लेकिन चिंता की सबसे बड़ी वजह शुक्रवार देर रात पैदा हुई. जब पाकिस्तान के रावलपिंडी में नूर खान एयर बेस पर धमाके हुए यहइस्लामाबाद से सटा हुआ शहर है यह एयर बेस पाकिस्तान के लिए काफी अहम है क्योंकि यह उसकी सेना के लिए केंद्रीय परिवहन केंद्रों में से एक हैऔर हवा में ईंधन भरने की क्षमता का घर है. पाकिस्तान को परमाणु कमार प्रधिकरण से है डरदरअसल इसके साथ ही यह पाकिस्तान के रणनीतिक योजना प्रभाग के मुख्यालय से भी कुछ ही दूरी पर है जो देश के परमाणु शस्त्रागार की देखरेखऔर सुरक्षा करता है. पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम से लंबे समय से परिचित एक पूर्व अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान को सबसे ज्यादाडर अपने परमाणु कमान प्राधिकरण के खत्म हो जाने का है. नूर खान पर मिसाइल हमले को एक चेतावनी के रूप में देखा गया कि भारत ऐसा कर भीसकता है. यह साफ नहीं है कि क्या अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने संघर्ष के तेजी से बढ़ने तथा संभवत परमाणु हमले की ओर इशारा किया था. हालांकि सार्वजनिक तौर पर परमाणु हमले का एकमात्र स्पष्ट संकेत पाकिस्तान की ओर से आया. अमेरिकी रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन मेंपाकिस्तान की परमाणु धमकी पर चर्चा हुई साथ ही व्हाइट हाउस यह भी समझ चुका था कि कुछ सार्वजनिक बयान और इस्लामाबाद और दिल्ली केअधिकारियों को कुछ फोनकॉल करना ही पर्याप्त नहीं है क्योंकि सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के हस्तक्षेप का पाकिस्तान पर कोई खासअसर नहीं हुआ था. डीजीएमओ स्तर की बातचीत की चर्चा के बीच विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि पाकिस्तान से एनएसए स्तर की कोई भीबातचीत नहीं की जाएगी. सोशल मीडिया पर चल रही है फेक खबरेंदरअसल सोशल मीडिया पर लगातार इस पर फेक खबरें भी चल रही हैं कि भारत और पाकिस्तान के एनएसए आपस में बातचीत करेंगे इस पर विदेशमंत्रालय सूत्रों ने बताया है कि एनएसए स्तर पर कोई बात नहीं होगी. ट्रंप प्रशासन इस बात से भी चिंतित था कि तनाव कम करने के संदेश दोनों पक्षोंके शीर्ष अधिकारियों तक नहीं पहुंच रहे थे. इसलिए अमेरिकी अधिकारियों ने फैसला किया कि वेंस को सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करनीचाहिए. उनका संदेश यह था कि अमेरिका ने यह आकलन किया है कि हिंसा में नाटकीय वृद्धि होने की बहुत अधिक संभावना है और संघर्ष पूर्ण रूप सेयुद्ध में तब्दील हो सकता है. अमेरिकी रिपोर्ट के अनुसार, वेंस ने मोदी पर लगातार हमलों पर विचार करने को कहा मोदी ने उनकी बात सुनी और स्पष्टकर दिया कि यदि पाकिस्तान ने दुस्साहस किया तो भारत हर सूरत में जवाब देगा. पाकिस्तान के विपरीत भारत ने संघर्ष विराम में किसी भी तरह कीअमेरिकी संलिप्तता को स्वीकार नहीं किया है. पाकिस्तान की ओर से गोलीबारी जारी रहने से यह भी स्पष्ट नहीं था कि संघर्ष विराम कायम रहेगा यानहीं वरिष्ठ पाकिस्तानी खुफिया अधिकारी ने कहा कि दोनों पक्षों को युद्ध के कगार से वापस लाने के लिए अमेरिकी हस्तक्षेप की आवश्यकता थी.

खरोरा सड़क हादसे पर शोक की लहर: मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री ने जताया दुख, मुआवजे की घोषणा

छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के खरोरा क्षेत्र में देर रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे प्रदेश को शोक में डुबो दिया है। इस हादसे में 13 लोगों की जानचली गई, जबकि 14 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस हृदयविदारक दुर्घटना पर गहरा शोक जताते हुए मृतकों केपरिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार मृतकों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजाररुपये की सहायता राशि प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने दिए त्वरित राहत और उपचार के निर्देशमुख्यमंत्री साय ने जिला प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने और घायलों के समुचित उपचार की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंनेकहा, “खरोरा क्षेत्र में हुई भीषण दुर्घटना की खबर अत्यंत पीड़ादायक है। मैं दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामनाकरता हूँ। राज्य सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।” कैसे हुआ हादसा: छठी कार्यक्रम से लौट रहे थे लोगयह दर्दनाक हादसा रविवार देर रात लगभग डेढ़ बजे रायपुर से लगभग 40 किलोमीटर दूर खरोरा के पास बंगोली गांव में हुआ। मिनी ट्रक में सवार लोगएक पारिवारिक छठी कार्यक्रम से लौट रहे थे, तभी सामने से तेज रफ्तार में आ रहे एक ट्रेलर ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर ही13 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 9 महिलाएं, 2 बच्चियां, एक बच्चा और 6 माह की एक शिशु शामिल हैं। घायलों को खरोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं रायपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। पुलिस और स्थानीयप्रशासन ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक, की मुआवजे की घोषणाप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस भीषण हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा, “रायपुर में सड़क दुर्घटना मेंलोगों की मौत से अत्यंत दुखी हूं। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।” प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देनेकी घोषणा की है। स्थानीय प्रशासन राहत कार्य में जुटाघटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। दुर्घटनास्थल से शवों को निकालने औरघायलों को अस्पताल पहुंचाने में प्रशासन ने तत्परता दिखाई।

युवा दलित नेता मनीष पासवान ने कांग्रेस की सदस्यता ली, सैकड़ों समर्थकों के साथ कांग्रेस में हुए शामिल

पटना: राष्ट्रीय दलित अधिकार मंच के प्रदेश अध्यक्ष और युवा नेता मनीष पासवान ने रविवार को पटना स्थित सदाकत आश्रम में एक भव्य मिलनसमारोह के दौरान कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। वे बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम और गुजरात प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्षजिग्नेश मेवाणी की मौजूदगी में अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ कांग्रेस में शामिल हुए। राजेश राम बोले – मनीष के आने से वंचित समाज में पार्टी होगी मजबूतप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने इस मौके पर कहा कि मनीष पासवान एक सक्रिय और संघर्षशील युवा नेता हैं, जो लंबे समय से दलित अधिकारोंके लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी वंचितों की आवाज रही है और मनीष के आने से पार्टी को सामाजिक न्याय की दिशा में नईऊर्जा मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि मनीष राहुल गांधी की विचारधारा से प्रेरित होकर कांग्रेस से जुड़े हैं। जिग्नेश मेवाणी ने जताई उम्मीद – मिलकर लड़ेंगे सामाजिक न्याय की लड़ाईगुजरात कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जिग्नेश मेवाणी ने कहा कि राहुल गांधी की नेतृत्व में कांग्रेस लगातार दलित समाज के अधिकारों के लिए संघर्षकर रही है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जब समाज के हाशिए पर मौजूद लोगों की आवाज दबाई जा रही है, ऐसे में युवाओं का कांग्रेस से जुड़नासामाजिक न्याय की लड़ाई को बल देगा। मनीष पासवान बोले – कांग्रेस के साथ मिलकर करूंगा दलित समाज के लिए कामकांग्रेस में शामिल होने के बाद मनीष पासवान ने कहा कि उन्होंने अब तक दलित अधिकार मंच के माध्यम से समाज की आवाज बुलंद की, लेकिनअब वह कांग्रेस के साथ मिलकर इस संघर्ष को और आगे ले जाना चाहते हैं। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के समर्पण और सामाजिक समरसता के प्रतिप्रतिबद्धता को देखते हुए पार्टी से जुड़ने का निर्णय लिया है। मनीष ने यह भी कहा कि उनके साथ आए युवा साथी और समर्थक कांग्रेस को बिहार मेंमजबूत बनाने के लिए मिलकर काम करेंगे। अन्य प्रमुख नेता भी रहे मौजूदइस अवसर पर कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता भी उपस्थित थे, जिनमें कांग्रेस विधान मंडल दल के नेता डॉ. शकील अहमद खान, प्रो. रतनलाल, जितेन्द्र गुप्ता, ब्रजेश प्रसाद मुनन, मोती लाल शर्मा, प्रवीण सिंह कुशवाहा, अजय चौधरी, शकीलुर रहमान, सौरभ सिन्हा, ज्ञान रंजन, कुमारआशीष, राजीव मेहता, निधि पाण्डेय, राहुल पासवान, किशोर कुमार और डॉ. गौतम सहित कई नेता शामिल थे।

मातृ दिवस पर प्रमोद तिवारी ने याद दिलाया 1971 का इतिहास, केंद्र सरकार से मांगा जवाब

नई दिल्ली: राज्यसभा में कांग्रेस के उप नेता और सांसद श्री प्रमोद तिवारी ने मातृ दिवस के अवसर पर स्वर्गीय इंदिरा गांधी की 1971 की निर्णायकभूमिका को स्मरण करते हुए मौजूदा केंद्र सरकार से कई गंभीर सवाल पूछे हैं। उन्होंने बांग्लादेश के निर्माण में इंदिरा गांधी के नेतृत्व को याद करते हुएकहा कि जब अमेरिका ने सातवां बेड़ा बंगाल की खाड़ी में उतारा, तब भी भारत की प्रधानमंत्री झुकी नहीं और भारतीय सेना तब तक आगे बढ़ती रहीजब तक 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों ने आत्मसमर्पण नहीं कर दिया। ‘संघर्षविराम की घोषणा दिल्ली से होनी चाहिए थी’प्रमोद तिवारी ने हाल ही में पहलगाम में 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या पर दुख व्यक्त किया और सवाल उठाया कि जब देश शोक में था और सेनानिर्णायक कार्रवाई कर रही थी, तब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्षविराम की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि यह सूचना थी या आदेश, यहस्पष्ट होना चाहिए, लेकिन देश को अपेक्षा थी कि संघर्षविराम की जानकारी सबसे पहले नई दिल्ली से आती। संसद का विशेष सत्र और सर्वदलीय बैठक की मांगश्री तिवारी ने केंद्र सरकार से मांग की कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में तत्काल एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए और संसद का विशेष सत्र आयोजितकिया जाए, जिससे वाशिंगटन डीसी में हुई घोषणा, भारत-पाकिस्तान द्वारा घोषित संघर्षविराम और पहलगाम ऑपरेशन ‘सिन्दूर’ पर खुलकर चर्चा होसके।क्या तीसरी पार्टी को मंजूरी दी गई है?उन्होंने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा भारत-पाकिस्तान संवाद के लिए ‘तटस्थ मंच’ की बात पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या अब भारतने शिमला समझौते को पीछे छोड़ दिया है और क्या तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार कर ली गई है? कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि पाकिस्तान के कब्जेवाला कश्मीर (POK) भारत का अभिन्न अंग है। सरकार की नीतियों पर जवाबदेही की मांगश्री तिवारी ने केंद्र सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की कि क्या भारत और पाकिस्तान के बीच राजनयिक वार्ता दोबारा शुरू हो रही है, और यदि हां, तो पाकिस्तान से क्या गारंटियां ली गई हैं और हमें क्या प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि पूर्व सैन्य प्रमुखों द्वारा हाल की परिस्थितियों पर की गईटिप्पणियों को गंभीरता से लेते हुए प्रधानमंत्री को स्वयं जनता के सामने जवाब देना चाहिए।

गांधी मैदान से कारगिल चौक तक गूंजे सेना के समर्थन में नारे, कांग्रेस नेताओं ने दिखाई एकजुटता

पटना: भारतीय सेना के साहस, पराक्रम और बलिदान के समर्थन में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी द्वारा शनिवार को राजधानी पटना में एक भव्य तिरंगायात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा गांधी मैदान स्थित गांधी मूर्ति से आरंभ होकर कारगिल चौक तक निकाली गई, जिसका नेतृत्व एआईसीसीके राष्ट्रीय महासचिव और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावारू और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम नेकिया। सेना के प्रति समर्थन और एकजुटता का प्रदर्शनसंध्या काल में निकली इस यात्रा में कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भारत माता और सेना के समर्थन में गगनभेदी नारे लगाए। साथ ही, पाकिस्तान की नापाक हरकतों के खिलाफ भी जमकर विरोध दर्ज कराया। नेताओं ने इस यात्रा को सेना के साथ राष्ट्रीय एकजुटता का प्रतीक बताया। भूपेश बघेल बोले – ‘हम हर परिस्थिति में सेना के साथ खड़े हैं’तिरंगा यात्रा के दौरान भूपेश बघेल ने कहा कि यह आयोजन देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे वीर जवानों को समर्पित है। उन्होंने कहा कि जब देशयुद्ध जैसे हालात का सामना कर रहा है, तब कांग्रेस का हर कार्यकर्ता सेना के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने लोगों से सेना के निर्देशों का पालन करनेऔर रक्तदान जैसे योगदान देने की अपील की। कृष्णा अल्लावारू का पाकिस्तान को चेतावनी भरा संदेशप्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावारू ने कहा कि भारतीय सेना ने पहले भी पाकिस्तान को सबक सिखाया है और अब समय फिर से आ गया है कि आतंक केपनाहगारों को जवाब दिया जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सेना को पूर्ण समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है और तिरंगा यात्राओं के माध्यम से हमउनका मनोबल बढ़ा रहे हैं। राजेश राम ने कहा – ‘सेना का संदेश साफ है, भारत की ओर आंख उठाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा’प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि भारतीय सेना हर मोर्चे पर पाकिस्तान को जवाब दे रही है और कांग्रेस पार्टी उनके साथ कदम से कदम मिलाकरखड़ी है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता न केवल रक्तदान के लिए बल्कि किसी भी जरूरत में सेवा देने के लिए तैयार हैं। बड़े पैमाने पर कांग्रेस नेताओं की उपस्थितितिरंगा यात्रा में भूपेश बघेल, कृष्णा अल्लावारू और राजेश राम के अलावा कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता डॉ. शकील अहमद खान, विधान परिषदमें नेता डॉ. मदन मोहन झा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह, डॉ. समीर कुमार सिंह, प्रेमचंद्र मिश्रा, ब्रजेश पांडेय, विजेंद्र चौधरी, अजयचौधरी समेत सैकड़ों वरिष्ठ नेताओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

ग्रेटर नोएडा में युवा टाउन हॉल कार्यक्रम का आयोजन, तिरंगा यात्रा के साथ देशभक्ति का संदेश

लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री (संगठन) श्री धर्मपाल सिंह ने कहा है कि भारत को आर्थिक और सामरिक दृष्टि से महाशक्ति बनाने केलिए ‘एक देश, एक चुनाव’ प्रणाली को अपनाना अनिवार्य है। वे शनिवार को ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा यूनिवर्सिटी में आयोजित युवा टाउन हॉलकार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, जिसका विषय ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ था। कार्यक्रम से पूर्व श्री धर्मपाल सिंह ने पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं व स्थानीय नागरिकों के साथ तिरंगा यात्रा निकाली। यह यात्रा भारतीय सेना केसम्मान व समर्थन में एकजुटता दर्शाने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा, क्षेत्रीय अध्यक्ष सतेन्द्रशिसोदिया, विधायक मास्टर तेजपाल नागर, एमएलसी श्रीचंद शर्मा, विधायक धीरेन्द्र सिंह, एमएलसी नरेन्द्र भाटी और जिला पंचायत अध्यक्ष अमितचौधरी मौजूद रहे। भारतीय सेना के सम्मान में तिरंगा यात्रा, रक्तदान की अपीलतिरंगा यात्रा के दौरान श्री धर्मपाल सिंह ने लोगों से रक्तदान की अपील करते हुए कहा कि भारतीय सेना का साहस और पराक्रम हर परिस्थिति में देशकी रक्षा में सक्षम है। उन्होंने कहा कि पूरा देश सेना के साथ खड़ा है और उनके बलिदान को सलाम करता है। ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ से विकास को मिलेगा बलयुवा टाउन हॉल में संवाद करते हुए श्री सिंह ने कहा कि ‘एक देश, एक चुनाव’ एक आवश्यक प्रशासनिक सुधार है। यदि लोकसभा और विधानसभाचुनाव एक साथ तथा नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव भी एक साथ कराए जाएं तो इससे देश के संसाधन व मानवशक्ति की बचत होगी, जो राष्ट्रनिर्माण में उपयोगी सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में हुए लोकसभा चुनावों पर लगभग 1.24 लाख करोड़ रुपये का खर्च आया, जबकिबार-बार लगने वाली आचार संहिता से विकास कार्य बाधित होते हैं। राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक बचत का माध्यमश्री सिंह ने जोर दिया कि एकसाथ चुनाव से राजनीतिक स्थिरता आएगी और देश के करोड़ों रुपये बचाए जा सकेंगे, जो जनता के हित में उपयोग होसकते हैं। इससे नागरिक आत्मनिर्भर बनेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘विकसित भारत’ का संकल्प साकार होगा। पूर्व राष्ट्रपति की अध्यक्षता में बनी स्टैंडिंग कमेटीउन्होंने बताया कि ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के लिए एक स्टैंडिंग कमेटी का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता भारत के पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथकोविन्द कर रहे हैं। यह विषय अब आमजन के बीच जाकर जनमत तैयार कर रहा है। विपक्षी दलों से समर्थन की अपीलधर्मपाल सिंह ने कहा कि जब 1967 तक देश में एकसाथ चुनाव हो सकते थे, तो आज कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जैसे दलों का विरोध समझ सेपरे है। उन्होंने आह्वान किया कि गांव, शहर, गली, मोहल्ले और चाय की दुकानों तक इस विषय पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने युवाओं, महिलाओं, किसानों, मजदूरों, वकीलों, चिकित्सकों, व्यापारियों सहित सभी वर्गों से ‘एक देश, एक चुनाव’ अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट कियाकि यह एजेंडा केवल भाजपा का नहीं बल्कि पूरे देश का है।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा का बयान, “सीजफायर का स्वागत, पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ उठाना चाहिए ठोस कदम”

भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में घोषित सीजफायर पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र सचदेवा ने इसका स्वागत कियाहै। उन्होंने इस निर्णय को क्षेत्रीय शांति के लिए सकारात्मक कदम बताया और आशा जताई कि पाकिस्तान इस समझौते को ईमानदारी से निभाएगा। “भारत का संघर्ष आतंकवाद के खिलाफ, न कि आम पाकिस्तानियों से”श्री सचदेवा ने स्पष्ट किया कि भारत की नीति कभी भी आम पाकिस्तानी नागरिकों के खिलाफ नहीं रही है। उन्होंने कहा, “हमारी लड़ाई पाकिस्तान कीजमीन से संचालित आतंकवाद के खिलाफ है, जिसे वहां की सेना और सरकार का प्रत्यक्ष या परोक्ष समर्थन प्राप्त है।” उन्होंने दोहराया कि भारत नेहमेशा आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग का समर्थन किया है। “पाकिस्तान के लिए यह है एक नई शुरुआत का मौका”दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि यह सीजफायर पाकिस्तान के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व के लिए आत्मचिंतन का अवसर है। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान को अब गंभीरता से अपने देश को आतंकवाद की फैक्ट्री बनने से रोकना चाहिए। आतंक के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई अब उसकीज़िम्मेदारी है।” “स्थायी शांति के लिए जरूरी है आतंकवाद का समूल नाश”श्री सचदेवा ने यह भी कहा कि सीमाओं पर शांति तभी स्थायी हो सकती है जब पाकिस्तान अपने यहां सक्रिय आतंकी नेटवर्क्स को खत्म करे औरसीमा पार से भारत में आतंकवाद फैलाने की किसी भी कोशिश को रोके। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और सेना किसी भी प्रकार की गतिविधि केलिए पूरी तरह सतर्क है। राजनीतिक संवाद से ज्यादा जरूरी है आतंक के खिलाफ ठोस नीतिउन्होंने इस बात पर बल दिया कि पाकिस्तान को केवल राजनीतिक बयानबाज़ी तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर ठोस और पारदर्शी कार्रवाई करनीचाहिए, जिससे विश्वास बहाली हो सके।