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पवन खेड़ा का आरोप: मोदी सरकार ने देशहित से समझौता किया

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति से देश को नुकसान हुआ है। उन्होंने कईउदाहरण देकर बताया कि कैसे मोदी सरकार ने भारत के हितों से समझौता किया।अमेरिका ने भारत-पाक के बीच बात करवाई:- पवन खेड़ा ने बताया कि अमेरिका के एक अधिकारी ने कोर्ट में कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीचशांति समझौता अमेरिका ने करवाया। इससे भारत की छवि को नुकसान हुआ क्योंकि भारत हमेशा कहता रहा है कि हम बिना किसी तीसरे देश कीमदद के बात करते हैं।व्यापार में चीन को फायदा, भारत को नुकसान:- भारत टेस्ला और स्टारलिंक जैसी कंपनियों को लाना चाहता था, लेकिन ये चीन को मिल गईं।अमेरिका. चाहता है कि भारत रूस से हथियार न खरीदे और BRICS से दूरी बनाए।पाकिस्तान को F-16 विमान,भारत को मना:- अमेरिका ने पाकिस्तान को फाइटर प्लेन F-16 की मदद दी, जबकि भारत को F-35 विमान नहीं दिए।इससे भारत की सुरक्षा पर सवाल उठते हैं।G-7 बैठक में भारत को नहीं बुलाया गया:- 6 साल बाद पहली बार भारत को G-7 की बड़ी बैठक में नहीं बुलाया गया। इससे भारत की अंतरराष्ट्रीयसाख को झटका लगा।चीन कर रहा है भारत के खिलाफ काम:- चीन ने अरुणाचल की जगहों के नाम बदले, ब्रह्मपुत्र नदी पर बांध बनाया और भारत को ज़रूरी चीज़ें देना बंदकर दीं। मोदी सरकार फिर भी शांत है।रूस अब पाकिस्तान को हथियार दे रहा है:- जो रूस पहले भारत का दोस्त था, अब वह पाकिस्तान को 2.6 अरब डॉलर के हथियार दे रहा है। ये चिंताकी बात है।पड़ोसी देश भारत से दूर हो रहे हैं:- कुवैत, मालदीव और नेपाल जैसे देश अब भारत से दूरी बना रहे हैं और पाकिस्तान से नज़दीक हो रहे हैं। पवन खेड़ा ने कहा कि मोदी सरकार ने विदेश नीति में बार-बार भारत के हितों से समझौता किया है। इससे देश की सुरक्षा और मान-सम्मान कोनुकसान हुआ है।उनका सीधा सवाल था:- “नमस्ते नरेंद्र… या SURRENDER नरेंद्र?”

भारत में मानसून,वरदान भी, अभिशाप भी, पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश से संकट गहराया

भारतीय अर्थव्यवस्था और विशेष रूप से कृषि क्षेत्र के लिए मानसून को जीवनदायिनी माना जाता है। देश की अधिकांश खेती मानसूनी वर्षा पर निर्भरहै, लेकिन यह कभी-कभी आपदा का रूप भी ले लेता है। 2025 के मानसून सत्र में यही स्थिति पूर्वोत्तर भारत में देखने को मिल रही है, जहां मूसलधारबारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। असम सहित कई राज्यों में बाढ़ से हाहाकारमणिपुर, मेघालय, सिक्किम और विशेष रूप से असम में लगातार हो रही बारिश ने गंभीर हालात पैदा कर दिए हैं। असम में स्थिति सबसे चिंताजनकहो गई है, जहां बाढ़ से अब तक करीब 6.5 लाख लोग प्रभावित हो चुके हैं। राज्य की सात प्रमुख नदियां, जिनमें ब्रह्मपुत्र प्रमुख है, खतरे के निशान सेऊपर बह रही हैं। तेज बारिश का अलर्ट, हालात और बिगड़ने की आशंकाभारतीय मौसम विभाग (IMD) और क्षेत्रीय मौसम केंद्र, गुवाहाटी ने राज्य के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक भारी से अति भारी बारिश का अलर्टजारी किया है। खासतौर पर धुबरी, दक्षिण सलमारा-मनकाचर, गोलपाड़ा और कोकराझार जिलों में तेज हवाओं, बिजली गिरने और मूसलाधार बारिशकी संभावना जताई गई है। अब तक 17 लोगों की मौत, 21 जिलों में तबाहीASDMA की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में बाढ़ और भूस्खलन से 6 लोगों की मौत हुई है। इस साल अब तक कुल 17 लोगों की जान जाचुकी है। राज्य के 21 जिलों में बाढ़ का असर देखा जा रहा है, जहां 1500 से अधिक गांव जलमग्न हैं। श्रीभूमि जिला सबसे अधिक प्रभावित है, जहां2.3 लाख से अधिक लोग संकट में हैं। 40 हजार लोग राहत शिविरों में, 288 वितरण केंद्र सक्रियराज्य सरकार की ओर से 223 राहत शिविर चलाए जा रहे हैं, जहां लगभग 40 हजार लोग शरण लिए हुए हैं। इसके अलावा 288 राहत वितरण केंद्रभी काम कर रहे हैं। हैलाकांडी जिले में कताखाल नदी ने अपने उच्चतम बाढ़ स्तर को पार कर लिया है, जबकि ब्रह्मपुत्र नदी भी कई स्थानों पर खतरे केनिशान से ऊपर बह रही है। यातायात और राहत कार्यों पर असरभारी बारिश और बाढ़ के कारण सड़क, रेल और नाव सेवाओं पर असर पड़ा है। कई स्थानों पर आवागमन पूरी तरह बाधित है, जिससे राहत व बचावकार्यों में भी रुकावट आ रही है। प्रशासन ने हालात पर नजर रखते हुए युद्धस्तर पर राहत कार्य शुरू किए हैं, लेकिन मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनोंतक बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है, जिससे हालात और खराब हो सकते हैं।

RCB की जीत का जश्न मातम में बदला, बेंगलुरु में भगदड़ से 7 की मौत, दर्जनों घायल

आईपीएल 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) की ऐतिहासिक जीत का जश्न बुधवार को एक बड़े हादसे में तब्दील हो गया। बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में होने वाली विक्ट्री परेड से पहले भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई, जिसमें 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में एकमहिला और दो पुरुष शामिल हैं, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। बेकाबू हुई भीड़, मची अफरा-तफरीघटना उस वक्त हुई जब हजारों की संख्या में उत्साहित फैंस RCB की ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाने स्टेडियम पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्टेडियम के बाहर अचानक भीड़ बेकाबू हो गई और भगदड़ मच गई। कई लोग इस भीड़ में कुचल गए। घायलों में कई की हालत नाजुक बताई जारही है और उन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। आयोजन में लापरवाही की आशंकाइस हादसे के पीछे भीड़ प्रबंधन में चूक और आयोजकों की लापरवाही की संभावना जताई जा रही है। पुलिस और आपातकालीन सेवाएं मौके परपहुंचकर हालात को संभालने में जुटी हुई हैं। अब तक मृतकों की आधिकारिक पहचान नहीं हो पाई है। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का बयानकर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “फिलहाल मृतकों और घायलों की सटीक संख्या की पुष्टि नहीं की जासकती, लेकिन मैं स्वयं मौके पर जा रहा हूं।” उन्होंने बताया कि सुरक्षा के लिए 5000 से अधिक कर्मियों को तैनात किया गया था, लेकिन भीड़अनुमान से कई गुना ज्यादा थी। RCB की ऐतिहासिक जीतRCB ने आईपीएल 2025 के फाइनल में पंजाब किंग्स को 6 रन से हराकर पहली बार ट्रॉफी अपने नाम की। टीम के बेंगलुरु लौटते ही एयरपोर्ट परहजारों प्रशंसकों ने जोरदार स्वागत किया। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से मिलने के लिए टीम जब विधान सौध पहुंची, तो रास्तों पर खड़े फैंस तालियों औरनारों से उनका स्वागत कर रहे थे। मुख्यमंत्री से भेंट के बाद एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में विक्ट्री परेड आयोजित की जानी थी, लेकिन उससे पहले ही यह जश्न दुखद हादसे में बदलगया।

लुहारली टोल प्लाजा पर हंगामा, महिला टोलकर्मी से अभद्रता, 11 आरोपी गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा के दादरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लुहारली टोल प्लाजा पर उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई जब भारतीय किसान यूनियनमंच के कार्यकर्ताओं ने टोल फ्री करने की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। मंगलवार दोपहर को शुरू हुए इस धरने में कार्यकर्ताओं ने टोल कर्मियोंके साथ बहस की, जिससे हालात बिगड़ते चले गए। महिला टोलकर्मी से की गई बदसलूकी, वीडियो वायरलधरने के दौरान एक महिला टोल कर्मचारी के साथ हुई बदसलूकी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल फुटेज में देखा जा सकताहै कि कुछ प्रदर्शनकारी महिला कर्मी से न केवल बहस करते हैं, बल्कि उसे जबरन धक्का देकर वहां से हटाते हैं। बताया गया है कि एक किसान नेता नेमहिला कर्मी की गर्दन पकड़कर उसे पीछे धकेला, जिसकी चारों ओर कड़ी आलोचना हो रही है। लेन बदलने को लेकर हुआ विवादप्रदर्शन कर रहे किसानों को अपनी गाड़ियां टोल प्लाजा के लेन नंबर-1 से निकालनी थीं, लेकिन वे जबरन लेन नंबर-2 से निकलने की जिद करने लगे।इसी मुद्दे पर टोल कर्मचारियों और किसानों के बीच तीखी बहस शुरू हुई, जो बाद में हिंसक रूप में बदल गई। DCP सुधीर कुमार ने दी गिरफ्तारी की जानकारीइस मामले में ग्रेटर नोएडा के डीसीपी सुधीर कुमार ने बताया कि महिला कर्मी से बदसलूकी के मामले में प्रमुख आरोपी अमित मुखिया को पहले हीगिरफ्तार कर लिया गया था। इसके अलावा, पहले चार और प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिया गया था। अब तक पुलिस ने कार्रवाई करते हुएकुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें छह नई गिरफ्तारियां हाल ही में की गई हैं। सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रियाइस घटना का वीडियो सामने आने के बाद आम लोगों में रोष देखा जा रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स ने महिला टोलकर्मी के साथ की गई बदसलूकीकी कड़ी निंदा की है और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पंजाब में जासूसी और तालिबानी सजा से जुड़ी दो बड़ी घटनाएं, एक यूट्यूबर गिरफ्तार, एक आरोपी की आत्महत्या

पंजाब के रूपनगर जिले के गांव महलान निवासी जसबीर सिंह नामक एक यूट्यूबर को राज्य में जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। मोहालीस्थित स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) ने उसे दबोचा और अदालत में पेश कर तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया। एसएसओसी केडीएसपी पवन शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। फिलहाल, जांच एजेंसियां आरोपी से पूछताछ कर रही हैं कि वह किन लोगों के संपर्क में था और किसउद्देश्य से संवेदनशील जानकारी जुटा रहा था। ‘तालिबानी सजा’ मामले में मुख्य आरोपी ने की आत्महत्याबरनाला के महलकलां थाने के तहत आने वाले गांव हरदासपुरा में 30 मई को दिल दहला देने वाली घटना हुई थी, जिसमें एक युवक सतपाल कोपुलिस वैन से खींचकर तलवारों से बेरहमी से काटा गया था। इस जघन्य वारदात का वीडियो भी वायरल हुआ था। अब इस मामले के मुख्य आरोपीबहादुर सिंह ने आत्महत्या कर ली है। उसका शव संगरूर के पास एक पेड़ से लटका मिला। पुलिस के अनुसार, बहादुर सिंह ने अपनी सेंट्रो कार की सीट बेल्ट से फांसी लगाई। शेरपुर कलां थाने के प्रभारी गुरपाल सिंह ने बताया कि मौके सेकोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। बहादुर की कार को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। पुलिस को शक है कि वह गिरफ्तारी के डर और पुलिसके दबाव के चलते मानसिक तनाव में था, जिससे आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है।परिवार शव लेने से कतरा रहा, पुलिस ने दी जानकारीथाना प्रभारी के अनुसार, बहादुर सिंह के परिजनों को कई बार फोन किया गया, लेकिन अब तक कोई भी शव लेने नहीं आया है। माना जा रहा है कि वेपुलिस कार्रवाई के डर से सामने नहीं आ रहे हैं। बहादुर सिंह इस मामले में एफआईआर में सबसे पहला नाम था और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई कीतैयारी थी। तीन आरोपी गिरफ्तार, 24 अब भी फरारइस हमले के सिलसिले में कुल 28 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने अब तक तीनआरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और बाकी 24 की तलाश जारी है। पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। सतपाल और उसका परिवार गंभीर रूप से घायलहमले में घायल सतपाल इस समय बठिंडा एम्स में वेंटिलेटर पर है। उसकी पत्नी लखविंदर कौर के सिर और पैरों में गंभीर चोटें हैं। हमलावरों ने पुलिसके चले जाने के बाद सतपाल के पिता नरंजन सिंह और भाई पलविंदर सिंह को भी पीटा और उनके घर को नुकसान पहुंचाया। तीनों का इलाजमहलकलां के सरकारी अस्पताल में चल रहा है। पुलिस दबाव में था बहादुर सिंह, आत्महत्या की आशंकासूत्रों के अनुसार, पुलिस ने बहादुर सिंह पर आत्मसमर्पण का दबाव डाला था और चेतावनी दी थी कि यदि उसने ऐसा नहीं किया, तो उसके घर कीमहिलाओं को थाने ले जाया जाएगा। इसी दबाव में उसने यह घातक कदम उठाया, ऐसा माना जा रहा है।

ऑस्ट्रेलिया के उप-प्रधानमंत्री रिचर्ड मार्लेस की भारत यात्रा, रणनीतिक साझेदारी को मिली नई मजबूती

ऑस्ट्रेलिया के उप-प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्लेस भारत के दौरे पर हैं। बुधवार को उन्होंने भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से नई दिल्ली मेंमुलाकात की। इस अहम बैठक में दोनों देशों ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को और अधिक गहरा करने पर जोर दिया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह नेपहलगाम में हुए आतंकी हमले के खिलाफ भारत की सख्त प्रतिक्रिया का समर्थन करने के लिए ऑस्ट्रेलिया का आभार जताया। इससे पहले, रिचर्डमार्लेस ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और मानेकशॉ सेंटर में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। दक्षिण एशिया के चार देशों की यात्रा पर हैं मार्लेसरिचर्ड मार्लेस इस समय दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के चार देशों—भारत, मालदीव, श्रीलंका और इंडोनेशिया—के दौरे पर हैं। यह दौरा 2 जून सेशुरू हुआ है और इसका उद्देश्य इन क्षेत्रों के साथ ऑस्ट्रेलिया के रक्षा और सुरक्षा संबंधों को और मजबूत करना है। भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्तके अनुसार, मार्लेस का यह दौरा भारत-ऑस्ट्रेलिया रणनीतिक साझेदारी की पांचवीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में हो रहा है, जिससे विशेष रूप से समुद्रीसहयोग को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण संवाद हुआ है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र और आतंकवाद पर गहन बातचीतराजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर साझा किया कि इस बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और आतंकवाद से मुकाबले पर विशेष चर्चा हुई। उन्होंनेकहा कि भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा साझेदारी अब द्विपक्षीय संबंधों की रीढ़ बन चुकी है। रिचर्ड मार्लेस ने भी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत केसाथ एकजुटता दिखाई और स्पष्ट किया कि ऑस्ट्रेलिया इस लड़ाई में भारत और अन्य देशों के साथ खड़ा है। भारत के साथ संबंध प्राथमिकता में: मार्लेसमार्लेस ने कहा कि भारत के साथ रणनीतिक सहयोग ऑस्ट्रेलिया की विदेश नीति में सर्वोच्च प्राथमिकता रखता है। उन्होंने भारत और पाकिस्तान केबीच संघर्ष विराम का भी स्वागत किया और भरोसा जताया कि दोनों देश आतंकवाद की चुनौती से निपटने में मिलकर आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने यहभी जोड़ा कि यह समय दोस्तों के साथ मिलकर काम करने का है और ऑस्ट्रेलिया भारत को एक भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार के रूप में देखता है।

राहुल गांधी के ‘सरेंडर’ बयान पर सियासी घमासान, भाजपा ने बताया सेना का अपमान

भोपाल में एक जनसभा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि अमेरिका के पूर्वराष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक फोन कॉल के बाद मोदी ने “सरेंडर” कर दिया। यह बयान उस समय आया जब देश हाल ही में संपन्न हुए ‘ऑपरेशनसिंदूर’ पर गर्व कर रहा था, जिसमें भारतीय सेना ने पाकिस्तान की सीमा के भीतर 300 किलोमीटर अंदर घुसकर 11 एयरबेस और 9 आतंकी ठिकानोंको तबाह किया था। इस ऑपरेशन में 150 से अधिक आतंकवादियों के मारे जाने की पुष्टि सेना के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की गई थी। राहुल गांधीके इस बयान पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इसे भारतीय सेना और 140 करोड़ देशवासियों का घोर अपमान बताया।उन्होंने कहा कि यदि ऐसा बयान किसी पाकिस्तानी से आता तो भी लोग हँसते, लेकिन एक भारतीय नेता द्वारा सेना के शौर्य को ‘सरेंडर’ कहनाराष्ट्रविरोध जैसा है। जेपी नड्डा ने राहुल गांधी को ‘सरेंडर’ की परंपरा की याद दिलाते हुए कांग्रेस के अतीत का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि 1948 में कश्मीर मसले पर, 1962 में चीन के सामने, 1971 की जीत के बावजूद शिमला समझौते में, हाजी पीर दर्रे की वापसी में और सिंधु जल संधि जैसे मामलों में कांग्रेस नेदेश के हितों के साथ समझौता किया। उन्होंने कहा कि ‘सरेंडर’ शब्द कांग्रेस की डिक्शनरी में है, भारत की नहीं। इसके जवाब में राहुल गांधी ने भाजपाऔर संघ को ‘कायर’ करार देते हुए कहा कि हल्का सा दबाव पड़ते ही ये भाग जाते हैं। उन्होंने 1971 के युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि इंदिरागांधी ने अमेरिका के सेवंथ फ्लीट की धमकी के बावजूद पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया था। राहुल ने यह भी कहा कि कांग्रेस झुकती नहीं, लड़तीहै – जैसा नेहरू, पटेल और गांधी ने करके दिखाया था। इस बयान को लेकर भाजपा नेताओं में तीखा आक्रोश फैल गया। प्रवक्ता संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर सेना का अपमान करने का आरोप लगायाऔर यहां तक कहा कि क्या वे किसी विदेशी एजेंडे पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस सरकार की 26/11 के बाद की प्रतिक्रिया को निष्क्रिय बतायाऔर दावा किया कि अब मोदी सरकार डोजियर नहीं, ठोस जवाब देती है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राहुल को ‘पप्पू’ कहते हुए कहा कि ऐसेगैरजिम्मेदार बयान उन्हें गंभीरता से लेने लायक नहीं छोड़ते। वहीं, भाजपा विधायक भगवान दास सबनानी ने राहुल गांधी की राजनीतिक परिपक्वता परसवाल उठाया। भोपाल में जहां कांग्रेस ने ‘संगठन सृजन अभियान’ की शुरुआत की थी, वहीं यह बयान अब कांग्रेस के उस कार्यक्रम से भी बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनगया है। राहुल गांधी ने इस अभियान के तहत कार्यकर्ता-आधारित नेतृत्व और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बात की, लेकिन भाजपा ने इसे भी व्यंग्य कानिशाना बनाते हुए कहा कि पहले “बुद्धि का सृजन करो, फिर संगठन की बात करो।” कुल मिलाकर, राहुल गांधी के ‘सरेंडर’ वाले बयान ने न केवलराजनीतिक भूचाल खड़ा किया बल्कि एक बार फिर कांग्रेस और भाजपा को राष्ट्रवाद और सैन्य सम्मान की बहस में आमने-सामने ला खड़ा किया है।

संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से 12 अगस्त तक, केंद्र ने की तारीखों की घोषणा

विपक्ष की ओर से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और पहलगाम आतंकी हमले को लेकर लगातार संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की जा रही थी। इन मांगोंके बीच केंद्र सरकार ने संसद के आगामी मानसून सत्र की तारीखों का एलान कर दिया है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया किमानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होकर 12 अगस्त तक चलेगा। बीमा संशोधन विधेयक हो सकता है पेशइस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पेश किया जाएगा। उनमें से सबसे अहम बीमा संशोधन विधेयक माना जा रहा है। सरकार इस विधेयक केमाध्यम से बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश (FDI) की सीमा को 100 प्रतिशत तक बढ़ाने की योजना बना रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसका मसौदातैयार है और इसे जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। उसके बाद यह विधेयक संसद में प्रस्तुत किया जाएगा। ‘इंडिया’ गठबंधन की विशेष सत्र की मांगविपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ ने भी सरकार से संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता संजय राउत ने कहा किविपक्ष जनता की आवाज उठा रहा है और सरकार को विशेष सत्र बुलाना चाहिए। वहीं, कांग्रेस का दावा है कि आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ परसरकार स्वयं एक विशेष सत्र बुला सकती है। पिछला बजट सत्र दो चरणों में हुआ था आयोजितइससे पहले संसद का बजट सत्र दो हिस्सों में आयोजित किया गया था। पहला चरण 31 जनवरी से 13 फरवरी तक चला, जबकि दूसरा चरण 10 मार्च से 4 अप्रैल तक चला। राज्यसभा में रिकॉर्ड कामकाजराज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने जानकारी दी थी कि बजट सत्र के दौरान तीन अप्रैल को राज्यसभा की अब तक की सबसे लंबी बैठक हुई थी, जो अगले दिन सुबह 4:02 बजे तक चली। इस सत्र में कुल 159 घंटे काम हुआ और उत्पादकता 119 प्रतिशत रही। इस दौरान 49 निजी सदस्यों केविधेयक भी प्रस्तुत किए गए। लोकसभा में भी उल्लेखनीय कार्यलोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया कि निचले सदन की कुल 26 बैठकें हुईं, जिनकी औसत उत्पादकता 118 प्रतिशत रही। बजट सत्र के दौरानकुल 10 सरकारी विधेयक पेश किए गए और 16 विधेयक पारित किए गए, जिनमें वक्फ संशोधन विधेयक भी शामिल था।

लखनऊ में IRS अधिकारियों के बीच झड़प, असिस्टेंट कमिश्नर योगेंद्र मिश्रा सस्पेंड, जांच की मांग तेज

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित इनकम टैक्स विभाग के कार्यालय में दो वरिष्ठ अधिकारियों के बीच हुई झड़प के मामले ने अब तूल पकड़लिया है। विवाद में शामिल असिस्टेंट कमिश्नर योगेंद्र मिश्रा को सस्पेंड कर दिया गया है। उन्हें अब बंगाल-सिक्किम रीजन से अटैच कर दिया गया हैऔर निर्देश दिए गए हैं कि वह मुख्यालय पूर्व अनुमति के बिना नहीं छोड़ सकते। एफआईआर दर्ज, गंभीर आरोपलखनऊ के हजरतगंज थाने में योगेंद्र मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। यह मामला तब सामने आया जब 29 मई को नरही स्थित इनकम टैक्स दफ्तर में डिप्टी कमिश्नर गौरव गर्ग के साथ एक बैठक के दौरान विवाद हो गया, जो बाद में हाथापाई में बदल गया। बताया गया है कि झगड़े में गौरव गर्ग के नाक से खून बहने लगा, जिसके बाद उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया। योगेंद्र मिश्रा ने लगाया पक्षपात का आरोपएफआईआर दर्ज होने के बाद योगेंद्र मिश्रा ने पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाया। उनका कहना है कि गौरव गर्ग की पत्नी आईपीएस अधिकारी रवीना त्यागी लखनऊ में ही तैनात हैं और पुलिस उन्हीं के दबाव में कार्रवाई कर रही है। मिश्रा ने इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए लखनऊ पुलिस से सीसीटीवी फुटेज खंगालने की अपील की है। छवि खराब करने की साजिश का आरोपयोगेंद्र मिश्रा का दावा है कि उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने इस संबंध में पुलिस को लिखित शिकायत भी दी, लेकिन अभी तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई है। मिश्रा का कहना है कि सच सामने लाने के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

स्पेन में डीएमके सांसद कनिमोझी का अनोखा जवाब, “भारत की राष्ट्र भाषा है , “विविधता में एकता”

विदेश में भारत का पक्ष रखने गईं कनिमोझी को मिला जोरदार समर्थनडीएमके सांसद कनिमोझी ने स्पेन में एक कार्यक्रम के दौरान भारत की राष्ट्र भाषा से जुड़े एक जटिल सवाल का ऐसा जवाब दिया कि हॉल देर तकतालियों से गूंजता रहा। वे एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रही थीं, जो ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान-प्रायोजित आतंकवाद पर भारतका पक्ष विभिन्न देशों में रख रहा है। इसी दौरान मैड्रिड में भारतीय समुदाय के एक कार्यक्रम में उनसे पूछा गया कि भारत की राष्ट्र भाषा क्या है? “विविधता में एकता” को बताया भारत की असली पहचानकनिमोझी ने बेहद हाजिरजवाबी से जवाब देते हुए कहा, “आप भारत की राष्ट्र भाषा के बारे में जानना चाहते हैं… भारत की राष्ट्र भाषा है – विविधता मेंएकता।” उनके इस जवाब को न केवल स्थानीय भारतीय समुदाय ने सराहा, बल्कि सोशल मीडिया पर भी यह तेजी से वायरल हो गया है। उन्होंने आगेकहा कि यही संदेश पूरी दुनिया तक पहुँचाया जा रहा है और आज के दौर में यही सबसे महत्वपूर्ण बात है। सात बहुदलीय प्रतिनिधिमंडलों में एक कर रही है नेतृत्वभारत सरकार ने 33 देशों में पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियों और भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी साझा करने के लिए सात बहुदलीयप्रतिनिधिमंडल भेजे हैं। कनिमोझी स्पेन, ग्रीस, स्लोवेनिया, लातविया और रूस यात्रा पर गए प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर रही हैं। इस दल मेंसमाजवादी पार्टी से राजीव राय, नेशनल कॉन्फ्रेंस से मियां अल्ताफ अहमद, बीजेपी से बृजेश चौटा, आरजेडी से प्रेम चंद गुप्ता, आप पार्टी से अशोककुमार मित्तल, और पूर्व राजनयिक मंजीव सिंह पुरी व जावेद अशरफ शामिल हैं। तीन-भाषा नीति पर डीएमके का विरोध जारीडीएमके लंबे समय से केंद्र सरकार की तीन-भाषा नीति और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का विरोध करती रही है। पार्टी का आरोप है कि केंद्रहिंदी को गैर-हिंदी भाषी राज्यों पर थोपने की कोशिश कर रहा है। कनिमोझी ने यह भी कहा था कि केंद्र सरकार तमिलनाडु को फंड रोक कर शिक्षाप्रणाली को कमजोर करने की कोशिश कर रही है, जो बच्चों के भविष्य को नुकसान पहुँचा सकती है। संघवाद और क्षेत्रीय पहचान की रक्षा में डीएमके का रुख स्पष्टडीएमके की नीति दो-भाषा प्रणाली (तमिल और अंग्रेज़ी) पर आधारित है और वह क्षेत्रीय भाषाओं की रक्षा को संघीय ढांचे की आत्मा मानती है। पार्टीका यह मानना है कि तीन-भाषा नीति से राज्यों की स्वायत्तता पर आघात होता है और यह क्षेत्रीय अस्मिता के खिलाफ है।