बिहार में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त बोले कन्हैया कुमार, कांग्रेस ने कानून-व्यवस्था पर जताई गंभीर चिंता

कांग्रेस पार्टी ने बिहार की बिगड़ती कानून-व्यवस्था और शिक्षा व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। पार्टी ने आरोप लगाया कि राज्य मेंअपराधियों को कानून का कोई भय नहीं है और वे खुलेआम घूम रहे हैं। कांग्रेस ने यह भी कहा कि बिहार में जदयू-भाजपा सरकार के शासन में शिक्षाप्रणाली पूरी तरह चरमरा गई है और अब वक्त आ गया है कि इस सरकार को बदला जाए। राज्य में अपराधियों का बोलबालाAICC मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) के सदस्य डॉ. कन्हैया कुमार ने कहा कि बिहार में आम लोग खुद कोसुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं क्योंकि अपराधी बेखौफ होकर वारदात कर रहे हैं। उन्होंने उपमुख्यमंत्री के उस बयान पर कटाक्ष किया जिसमें कहा गयाथा कि राज्य से संगठित अपराध समाप्त हो चुका है।कन्हैया ने आरोप लगाया कि संगठित अपराध में लिप्त लोग अब सत्ता में हैं और शूटरों के माध्यम से वसूली का रैकेट चला रहे हैं। उन्होंने यह भी कहाकि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कभी इस तरह शासन नहीं चलाते थे, और अब राज्य की कमान असल में भाजपा के हाथ में है। नालंदा की धरती पर शिक्षा की दुर्दशाकन्हैया कुमार ने कहा कि जिस बिहार को कभी नालंदा विश्वविद्यालय और गौतम बुद्ध की तपोभूमि के रूप में जाना जाता था, वहां अब शिक्षा व्यवस्थाबुरी तरह बिखर गई है। उन्होंने दावा किया कि कॉलेजों में प्राचार्य तक की नियुक्ति अब लॉटरी प्रणाली के माध्यम से की जा रही है। एक कुलपति केहवाले से उन्होंने कहा कि शहरी इलाकों में नियुक्ति की अधिक मांग को देखते हुए प्रशासन ने यह अनोखा तरीका अपनाया है। पाँच साल में पूरी होती है तीन साल की डिग्रीउन्होंने बताया कि जहां देशभर में स्नातक की पढ़ाई तीन साल में पूरी हो जाती है, वहीं बिहार में इसे पूरा करने में पाँच साल तक लग जाते हैं। उन्होंनेराज्य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में आधारभूत ढांचे की कमी और बढ़ते भ्रष्टाचार की भी बात कही। कॉलेज बने लूट और भ्रष्टाचार के केंद्रकन्हैया कुमार ने खुलासा किया कि कुछ कॉलेज ऐसे भी हैं जिनमें मात्र चार कमरे हैं, लेकिन उनमें हजारों छात्रों का नामांकन किया गया है। उन्होंने कहाकि इनका उद्देश्य सिर्फ पैसे कमाना और डिग्री बांटना है, न कि शिक्षा देना। छात्राओं की मौत पर जताया शोकप्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कन्हैया कुमार ने हाल ही में दो छात्राओं की दुखद मौत पर भी शोक व्यक्त किया। एक छात्रा ओडिशा के एक कॉलेज की थी, जिसने यौन उत्पीड़न की शिकायत पर कार्रवाई न होने के कारण आत्मदाह कर लिया था। दूसरी छात्रा का शव हाल ही में दिल्ली में मिला था।
उत्तर प्रदेश के नेताओं ने अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की सफल वापसी पर दी बधाई, ऐतिहासिक उपलब्धि पर देशभर से मिली शुभकामनाएं

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई शीर्ष नेताओं ने भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को Axiom-4 मिशन कीसफलता और पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी के लिए हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने इस उपलब्धि को भारत के लिए गौरवपूर्ण क्षण और युवाओं के लिएप्रेरणा स्रोत बताया। सीएम योगी ने बताया “विज्ञान के प्रति समर्पण का प्रतीक“मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स (X) पर पोस्ट कर लिखा, “पृथ्वी पर आपका स्वागत है! ऐतिहासिक एक्सिओम मिशन-4 के सफल समापन परग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला और उनकी टीम को हार्दिक बधाई। आज हर भारतीय, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के लोग, बेहद गर्व महसूस कर रहे हैं। यहमिशन विज्ञान के प्रति साहस, समर्पण और प्रतिबद्धता का प्रतीक है।” उपमुख्यमंत्री मौर्य और पाठक ने दी व्यक्तिगत शुभकामनाएंउपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्ला की वापसी को “शुभांशु की शुभ घर वापसी” बताते हुए कहा कि “उन्होंने अंतरिक्ष की ऊँचाइयों को छूकरप्रदेश और देश का मान बढ़ाया है। यह सफलता लाखों युवाओं को प्रेरणा देगी।” दूसरे उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, “धरती पर आपका स्वागत है ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला जी। 20 दिन अंतरिक्ष में और 18 दिन अंतरिक्ष स्टेशनपर बिताने के बाद सकुशल वापसी हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है।” बसपा प्रमुख मायावती ने जताया गर्वबसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि शुक्ला की सफलता न केवल युवाओं के लिए प्रेरणादायक है बल्कि यह पूरे देश के लिए उत्साहवर्धक भी है।उन्होंने शुक्ला के परिवार, इसरो के वैज्ञानिकों और पूरे मिशन से जुड़े संस्थानों को बधाई दी। सुरक्षित वापसी के साथ ऐतिहासिक मिशन पूराAxiom-4 मिशन के तहत, शुभांशु शुक्ला और उनके तीन सहयोगी अंतरिक्ष यात्री स्पेस एक्स के ड्रैगन “ग्रेस” कैप्सूल से मंगलवार को कैलिफ़ोर्निया केसैन डिएगो तट के पास 22.5 घंटे की वापसी यात्रा के बाद सुरक्षित लौटे। वैज्ञानिक प्रयोगों में भारत की भागीदारी25 जून को स्पेस एक्स के फाल्कन-9 रॉकेट से प्रक्षेपण के बाद, यह मिशन 26 जून को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से जुड़ा था। शुक्ला ने 18 दिनोंकी कक्षा यात्रा में 310 बार पृथ्वी की परिक्रमा की और लगभग 1.3 करोड़ किलोमीटर की दूरी तय की। इस दौरान उन्होंने ISRO द्वारा निर्धारित सातसूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण प्रयोग किए, जिनमें मांसपेशियों का पुनर्जनन, विकिरण प्रभाव, शैवाल अध्ययन और मानव शरीर क्रिया विज्ञान जैसे महत्वपूर्णविषय शामिल थे। ये प्रयोग भारत के गगनयान मिशन के लिए अहम माने जा रहे हैं।लखनऊ में खुशी की लहरलखनऊ निवासी शुभांशु शुक्ला की सफलता ने न सिर्फ उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे देश में उत्साह और गर्व की लहर दौड़ा दी है। शुक्ला के माता-पिता इसउपलब्धि से भावुक हो उठे, वहीं आम नागरिकों और उनके परिचितों ने इसे भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का ऐतिहासिक क्षण बताया।
मणिपुर के पांच जिलों में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई, भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद-खुफिया जानकारी के आधार पर चला संयुक्त अभियान

मंगलवार को मणिपुर के घाटी क्षेत्र में स्थित पांच जिलों इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम, काकचिंग, थौबल और बिष्णुपुर में सुरक्षा बलों ने एक साथसमन्वित तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई विशेष खुफिया सूचना के आधार पर की गई, जिसमें मणिपुर पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल(CAPF), भारतीय सेना और असम राइफल्स की टीमें शामिल रहीं। 86 घातक हथियार बरामदपुलिस महानिरीक्षक (जोन-2) के. कबीब ने बताया कि अभियान के दौरान कुल 86 हथियार जब्त किए गए हैं। इनमें 5 एके-47 राइफल, 3 इंसासराइफल, 16 सेल्फ लोडिंग राइफल (एसएलआर), 5 प्वॉइंट 303 राइफल, 19 पिस्तौल, 2 कार्बाइन, 9 अन्य किस्म की राइफलें और 16 सिंगलबैरल बंदूकें शामिल हैं। भारी मात्रा में गोला-बारूद और संचार उपकरण भी मिलेहथियारों के साथ-साथ सुरक्षाबलों को 974 राउंड गोला-बारूद, कई प्रकार के ग्रेनेड, विस्फोटक सामग्री और मोर्टार शेल भी मिले हैं। इसके अलावा, 41 मैगजीन और 6 वायरलेस हैंडसेट भी जब्त किए गए हैं। शांति स्थापना के प्रयासों को मिली मजबूतीआईजी के. कबीब ने इस अभियान को राज्य में कानून-व्यवस्था बहाल करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम उपलब्धिबताया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई राज्य में स्थायित्व और शांति की बहाली के लिए सुरक्षाबलों की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
श्री हरिमंदिर साहिब को फिर मिली RDX से उड़ाने की धमकी, जांच में जुटी पुलिस, लगातार दूसरे दिन भेजा गया धमकी भरा ईमेल

मंगलवार दोपहर को श्री हरिमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) को लेकर एक बार फिर ईमेल के जरिए विस्फोटक आरडीएक्स से उड़ाने की धमकी मिली है।यह धमकी ठीक उसी तरह की है जैसी सोमवार को भेजी गई थी। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि मामले की जांच जारी है औरसोमवार को ही इस संबंध में केस भी दर्ज कर लिया गया था।मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में तलाशी अभियानधमकी को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने श्री हरिमंदिर साहिब के आसपास के इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियांयह सुनिश्चित करने में लगी हैं कि कहीं परिसर में या आस-पास कोई विस्फोटक पदार्थ न रखा गया हो। शिरोमणि कमेटी ने सीएम को लिखा पत्रशिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सचिव प्रताप सिंह ने इस धमकी को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंनेबताया कि समिति की ईमेल आईडी पर दोबारा एक धमकी भरा मेल प्राप्त हुआ है, जिसमें कहा गया है कि श्री हरिमंदिर साहिब में आरडीएक्स रखागया है। सभी संबंधित अधिकारियों को भेजी गई पत्र की प्रतिप्रताप सिंह ने अपने पत्र के साथ धमकी वाले ईमेल की कॉपी भी संलग्न की है और मुख्यमंत्री से इस मामले की त्वरित जांच एवं सख्त कार्रवाई कीमांग की है। इस पत्र की प्रतियां अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर, पुलिस कमिश्नर, थाना कोतवाली के एसएचओ और गलियारा थाना के इंचार्ज को भीभेजी गई हैं।
राहुल गांधी को लखनऊ कोर्ट से मिली जमानत, सेना पर कथित टिप्पणी को लेकर हुआ था मामला, सिर्फ दो घंटे में लौटे दिल्ली

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी मंगलवार को लखनऊ पहुंचे, लेकिन उनका यह दौरा महज दो घंटे का रहा। उन्हें वर्ष2022 में भारतीय सेना पर दिए एक कथित विवादास्पद बयान से जुड़े मानहानि मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश होना पड़ा था। कोर्ट से राहत, मिली जमानतराहुल गांधी ने लखनऊ की विशेष अदालत में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद उनके वकील ने जमानत याचिका दाखिल की। कोर्ट ने यह याचिकास्वीकार करते हुए उन्हें 20-20 हजार रुपए की दो जमानतों के साथ रिहा कर दिया। सेना पर टिप्पणी को लेकर दर्ज हुआ था परिवादयह मामला वर्ष 2022 की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान दिए गए उस बयान से जुड़ा है, जिसे सेना की छवि को ठेस पहुंचाने वाला माना गया।याचिकाकर्ता ने इसे सैनिकों के मनोबल को प्रभावित करने वाला बताया था। इसी शिकायत पर कोर्ट ने राहुल गांधी को समन जारी किया था। व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हुए पेशकोर्ट के आदेश पर राहुल गांधी खुद लखनऊ की एमपी-एमएलए अदालत में हाज़िर हुए और औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण किया। इसके बादउन्होंने कानूनी प्रक्रिया के तहत जमानत प्राप्त की। एयरपोर्ट पर हुआ गर्मजोशी से स्वागतराहुल गांधी मंगलवार दोपहर एक बजे चार्टर्ड विमान से लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे। वहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ ने उनका जोरदार स्वागतकिया। यूपी कांग्रेस के प्रभारी अविनाश पांडे, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और कई अन्य नेता भी इस दौरान मौजूद रहे।
बेंगलुरु में कॉलेज छात्रा से यौन शोषण का गंभीर मामला, दो लेक्चरार समेत तीन आरोपी गिरफ्तारशिक्षकों ने ही तोड़ा भरोसा, बार-बार किया यौन शोषण

बेंगलुरु में एक कॉलेज छात्रा के साथ हुए यौन उत्पीड़न का बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने दो कॉलेजलेक्चरारों और उनके एक दोस्त को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि तीनों ने मिलकर छात्रा के साथ अलग-अलग समय पर बलात्कार किया और उसेधमकाकर चुप रहने के लिए मजबूर किया। शिक्षा की आड़ में बुलाया और किया शोषणपीड़िता ने बताया कि भौतिक विज्ञान के लेक्चरार नरेंद्र ने उसे नोट्स देने के बहाने शहर बुलाया और एक दोस्त के घर पर उसके साथ बलात्कार किया।इसके बाद, जीव विज्ञान के लेक्चरार संदीप ने नरेंद्र के बनाए वीडियो के ज़रिए उसे ब्लैकमेल किया और फिर उसके साथ दुष्कर्म किया। धमकियां और सीसीटीवी फुटेज से किया ब्लैकमेलतीसरे आरोपी अनूप, जो संदीप का दोस्त बताया जा रहा है, ने भी छात्रा को धमकी दी कि उसके पास उसके कमरे में आने का सीसीटीवी फुटेज है।इसी डर का फायदा उठाकर उसने भी उसके साथ बलात्कार किया। परिवार को बताया सच, महिला आयोग ने दिलाया न्यायघटना को लेकर छात्रा लंबे समय तक चुप रही, लेकिन आखिरकार एक महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद उसने अपने माता-पिता को पूरी बातबताई। इसके बाद कर्नाटक राज्य महिला आयोग में शिकायत दर्ज की गई। आयोग के हस्तक्षेप के बाद, मराठाहल्ली पुलिस स्टेशन में मामला दर्जकिया गया और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच जारी, पीड़िता को न्याय दिलाने की प्रक्रिया शुरूपुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है। यह मामला न केवल शैक्षणिकसंस्थानों में सुरक्षा की चिंता बढ़ाता है, बल्कि यह भी बताता है कि जब शिक्षक ही विश्वासघात करें, तो छात्राओं के लिए न्याय की राह कितनीमुश्किल हो जाती है।
भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की ऐतिहासिक ISS यात्रा पूरी,18 दिन अंतरिक्ष में बिताकर लौटे धरती पर, किए कई अहम वैज्ञानिक प्रयोग

भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर अपनी 18 दिवसीय ऐतिहासिक यात्रा पूरी कर ली है। यहउनका पहला अंतरिक्ष मिशन था, जो एक्सिओम मिशन 4 (Ax-4) के तहत हुआ। उन्होंने 25 जून 2025 को अमेरिका के कैनेडी स्पेस सेंटर सेस्पेसएक्स फाल्कन 9 रॉकेट के ज़रिए उड़ान भरी और 26 जून को भारतीय समयानुसार दोपहर 4:01 बजे ISS पर पहुंचे। शुभांशु अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्षस्टेशन तक पहुंचने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। वैज्ञानिक अनुसंधान में निभाई अग्रणी भूमिकाअपनी यात्रा के दौरान शुभांशु ने कुल मिलाकर 60 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोगों में भाग लिया, जिनमें से 7 प्रयोग विशेष रूप से भारतीय अंतरिक्षअनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा डिजाइन किए गए थे। ये सभी अध्ययन भारत के आगामी अंतरिक्ष अभियानों जैसे गगनयान और चंद्रयान से जुड़ेअनुभवों को समृद्ध करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहे। माइक्रोग्रैविटी में मांसपेशियों की कमजोरी पर अध्ययनएक महत्वपूर्ण प्रयोग में शुभांशु ने यह समझने का प्रयास किया कि अंतरिक्ष की सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण स्थितियों में मांसपेशियों की संरचना पर क्याप्रभाव पड़ता है। उन्होंने उन उपायों की भी जांच की जिनसे मांसपेशियों की क्षति को रोका जा सकता है। यह शोध न केवल अंतरिक्ष यात्रियों के लिएउपयोगी होगा, बल्कि ऑस्टियोपोरोसिस जैसे रोगों के इलाज में भी मददगार सिद्ध हो सकता है। टार्डिग्रेड्स पर किया शोध, जीवन की सीमाओं की पड़तालएक अन्य प्रयोग में शुभांशु ने टार्डिग्रेड्स नामक सूक्ष्म जीवों का परीक्षण किया। ये जीव अत्यंत विकट परिस्थितियों में भी जीवित रह सकते हैं। उन्होंनेदेखा कि ये जीव अंतरिक्ष के विकिरण और माइक्रोग्रैविटी जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों में कैसे प्रतिक्रिया करते हैं। यह शोध लंबी अंतरिक्ष यात्राओं जैसेमंगल अभियान के लिए महत्वपूर्ण समझा जा रहा है। बीज अंकुरण का परीक्षण, अंतरिक्ष में खेती की संभावनाशुभांशु ने मेथी और मूंग जैसे भारतीय बीजों को अंतरिक्ष में अंकुरित करने का प्रयोग किया। उन्होंने इन बीजों में होने वाले आनुवांशिक परिवर्तन, सूक्ष्मजीव गतिविधियों और पोषण स्तर का अध्ययन किया। यह प्रयोग भविष्य में अंतरिक्ष में खाद्य उत्पादन की संभावना तलाशने की दिशा में एकबड़ा कदम माना जा रहा है। भारत के अंतरिक्ष भविष्य को मिली नई ऊर्जाशुभांशु शुक्ला की यह यात्रा न केवल वैज्ञानिक दृष्टि से, बल्कि प्रतीकात्मक रूप से भी भारत के बढ़ते अंतरिक्ष कदमों का परिचायक है। गगनयानमिशन और अन्य भविष्य की परियोजनाओं के लिए उनका अनुभव बेहद मूल्यवान रहेगा। उनकी उपलब्धियां भारत के युवा वैज्ञानिकों और अंतरिक्षयात्रियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगी।
देश में आधार कार्ड की विश्वसनीयता पर गंभीर संकट, लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह की चेतावनी

लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह ने आधार कार्ड की पारदर्शिता और भरोसे को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि देश कीपहचान प्रणाली मानी जाने वाली आधार व्यवस्था अब फर्जीवाड़े और तकनीकी खामियों की शिकार बन चुकी है। बिहार से सामने आई एक चौंकाने वाली रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि राज्य में करीब 65 लाख फर्जी आधार कार्ड सक्रिय रूप से उपयोग में हैं।इतना ही नहीं, हजारों मृत व्यक्तियों के आधार कार्ड भी सरकारी योजनाओं और सेवाओं में आज भी चलन में हैं। भ्रष्टाचार और तकनीकी खामियों का गंभीर उदाहरणसुनील सिंह ने कहा कि यह स्थिति केवल आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि एक गंभीर प्रशासनिक विफलता भी है। जब मृत लोगों के नाम पर लाभ उठायाजा सकता है, तो यह पूरे तंत्र की साख पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि आम जनता उस पहचान प्रणाली पर भरोसा कर रही थी, जिसेसरकार सबसे सुरक्षित और अचूक मानती रही है, लेकिन आज वही तंत्र जनधोखा बनता जा रहा है। फर्जी आधार बनाने वाले और उनका इस्तेमाल करने वाले अधिकारियों पर हो कड़ी कार्रवाईलोकदल ने यह मांग की है कि जो अधिकारी इस गड़बड़ी के लिए ज़िम्मेदार हैं, उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। पार्टी का मानना है कि जब तकदोषियों को सजा नहीं मिलेगी, ऐसी गड़बड़ियों पर रोक नहीं लग सकती। पारंपरिक पहचान व्यवस्था को दी जाए प्राथमिकतालोकदल ने सुझाव दिया है कि गांव स्तर पर ग्राम प्रधान या स्थानीय निकायों की सिफारिश आधारित पहचान प्रणाली को आधार निर्माण में महत्वदिया जाए। डिजिटल तंत्र के साथ-साथ पारंपरिक स्थानीय तंत्र को भी सशक्त बनाना जरूरी है ताकि जमीनी स्तर पर फर्जीवाड़ा रोका जा सके। यह सिर्फ बिहार नहीं, पूरे देश की चेतावनी हैसुनील सिंह ने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल बिहार तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, “यदि आज इस संकट पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आनेवाले समय में पूरे देश को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।” लोकदल की प्रमुख मांगें?UIDAI को तत्काल आधार निर्माण प्रक्रिया की समीक्षा करनी चाहिए और फर्जी आधार पर रोक के लिए सख्त व्यवस्था लागू करनी चाहिए।गांवों में पारंपरिक पहचान प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाए ताकि जमीनी सत्यापन सुनिश्चित हो सके। सरकारी धन का दुरुपयोग नहीं, जवाबदेही जरूरी हैलोकदल अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने इस पहचान तंत्र पर करोड़ों रुपये खर्च किए, लेकिन यदि यही तंत्र भ्रष्टाचार और जालसाजी का माध्यम बनजाए, तो सरकार को तत्काल जवाबदेही तय करनी चाहिए। देशवासियों का भरोसा टूट रहा है, और इसे दोबारा कायम करने के लिए कठोर कदमउठाने होंगे।
बच्चों में डर, अभिभावकों में चिंता , बीजेपी की “चार इंजन सरकार” पूरी तरह विफल, बोले अरविंद केजरीवाल

दिल्ली में स्कूलों और कॉलेजों को बार-बार मिल रही बम धमकियों ने एक बार फिर राजधानी की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।सोमवार को दो स्कूलों को धमकी मिलने के बाद, मंगलवार को सेंट थॉमस स्कूल और सेंट स्टीफन कॉलेज को भी बम धमकी मिली, जिससे पूरे शहर मेंदहशत का माहौल है। आम आदमी पार्टी ने इस स्थिति के लिए बीजेपी सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि दिल्ली की सुरक्षा के चारों पहिए फेल हो चुके हैं। पार्टी केसंयोजक अरविंद केजरीवाल, दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी और एमसीडी में विपक्ष के नेता अंकुश नारंग ने कहा कि बच्चों के मन में डरऔर परिवारों में बेचैनी साफ दिखाई दे रही है, और दिल्ली की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाली सभी बीजेपी सरकारें पूरी तरह असफल रही हैं। लगातार हो रही धमकियां, भाजपा जवाब देने को तैयार नहींअरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “दिल्ली में हो क्या रहा है? सोमवार को दो स्कूलों को बम धमकी मिली औरमंगलवार को फिर एक स्कूल और कॉलेज को। बच्चे डरे हुए हैं, अभिभावक चिंतित हैं। बीजेपी की चारों इंजन सरकारें पूरी तरह नाकाम हैं।” शिक्षण स्थानों की सुरक्षा खतरे मेंदिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने भी इस पर चिंता जताई और कहा, “यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। बार-बार स्कूलों और कॉलेजों कोबम से उड़ाने की धमकी मिल रही है। बच्चों के मन में डर समा गया है और अभिभावक बेचैन हैं। बीजेपी की चार सरकारें जो दिल्ली की कानून-व्यवस्था की जिम्मेदार हैं, वे बच्चों की सुरक्षा की परवाह तक नहीं करतीं।” जब स्कूल भी सुरक्षित नहीं, तो क्या सुरक्षित है?एमसीडी में विपक्ष के नेता अंकुश नारंग ने कहा, “अगर देश की राजधानी में स्कूल भी सुरक्षित नहीं हैं, तो फिर क्या सुरक्षित है? हर दिन स्कूलों औरकॉलेजों को धमकियां दी जा रही हैं। अभिभावक अपने बच्चों को डर के साये में स्कूल भेज रहे हैं और बीजेपी की चार इंजन सरकारें चुप बैठी हैं।सुरक्षा के मोर्चे पर इन चारों इंजनों की बुरी तरह से हार हुई है।” पहले भी दी गई थी चेतावनी, लेकिन बीजेपी ने नहीं लिया सबकआप पार्टी ने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले भी नेवी स्कूल (चाणक्यपुरी) और सीआरपीएफ स्कूल (द्वारका सेक्टर 16) को धमकियां मिल चुकीहैं। उस समय भी ‘आप’ ने कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर चिंता जताई थी और सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की थी। लेकिन बीजेपीसरकार ने तब भी अनदेखी की और अब वही खतरनाक स्थिति दोबारा लौट आई है। ‘चार इंजन’ सिर्फ प्रचार में काम करते हैं, सुरक्षा में नहींआप ने सवाल उठाया कि जिन चार बीजेपी सरकारों को दिल्ली की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है केंद्र सरकार, उपराज्यपाल, दिल्ली पुलिस औरएमसीडी उनमें से कोई भी जवाबदेह क्यों नहीं है? जब बच्चों को स्कूल भेजने से पहले माता-पिता डरने लगें, तब यह साफ हो जाता है कि बीजेपी की‘चार इंजन’ सरकारें सिर्फ प्रचार और राजनीति में व्यस्त हैं, सुरक्षा और जिम्मेदारी में नहीं।
85 दिन बाद भी पहलगाम हमले के दोषी फरार, सेना ने बताया चीन भी था हमले में पाकिस्तान के साथ

आज पहलगाम आतंकी हमले को 85 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक न किसी आतंकी की गिरफ्तारी हुई है और न ही किसी की शिनाख्त। यहचौंकाने वाला तथ्य देश की सुरक्षा एजेंसियों की विफलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। चीन भी था ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के साथभारतीय सेना के उपसेनाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर. सिंह ने हाल ही में स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने सिर्फ पाकिस्तान सेनहीं, बल्कि एक साथ तीन मोर्चों पर लड़ाई लड़ी जिसमें चीन भी प्रत्यक्ष रूप से शामिल था। उन्होंने कहा कि चीन ने पाकिस्तान को रियल-टाइमइंटेलिजेंस, यानी “लाइव इनपुट्स” दिए। यह वही चेतावनी थी जिसे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने संसद में पहले ही दे दी थी, लेकिन सरकार ने उसेनजरअंदाज किया और आज पूरा देश इसकी कीमत चुका रहा है। चीन को क्लीन चिट और मुस्कुराते जयशंकर14 जुलाई 2025 को जब विदेश मंत्री एस. जयशंकर चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग से मुलाक़ात कर रहे थे, तो उन्होंने कहा कि “भारत-चीन के रिश्तेप्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की पिछले साल अक्टूबर में कजान में हुई बैठक के बाद सुधर रहे हैं।” यह बयान ऐसे समय में आया जबचीन हमारे खिलाफ खुलेआम पाकिस्तान की मदद कर रहा था। इससे पहले जयशंकर खुद सार्वजनिक मंच पर यह भी कह चुके हैं कि भारत चीन सेछोटा देश है, और हम उनसे लड़ नहीं सकते। चीन की मदद से पाकिस्तान का आधुनिक युद्ध–तंत्रऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने चीनी हथियारों और तकनीक का खुलकर उपयोग किया। इसमें J-10C फाइटर जेट्स, PL-15E मिसाइलेंऔर तुर्की व चीन से आए ड्रोन भी शामिल थे। पाकिस्तान ने नेटवर्क-बेस्ड प्लेटफॉर्म के ज़रिए अपनी क्षमताओं को और बढ़ाया, जिसका सीधा समर्थनचीन से मिला। चीन का आर्थिक और भू–राजनैतिक अतिक्रमणचीन ने न केवल सैन्य मोर्चे पर पाकिस्तान का साथ दिया, बल्कि भारत पर आर्थिक दबाव भी बनाया। भारत के लिए जरूरी रेयर-अर्थ मिनरल्स, फर्टिलाइज़र और टनल बोरिंग मशीनों का निर्यात सीमित कर दिया गया है। वहीं, भारत-चीन व्यापार घाटा 99.2 बिलियन डॉलर के ऐतिहासिक स्तरपर पहुंच गया है। LAC पर अब भी भारत की स्थिति कमजोरचीन के कब्जे वाले इलाकों में आज भी भारतीय पेट्रोलिंग पार्टीज़ को अपने ही बिंदुओं तक पहुंचने के लिए चीन की सहमति की ज़रूरत है। गलवान, हॉट स्प्रिंग, पैंगोंग झील, देपसांग और चुमार जैसे क्षेत्रों में बनाए गए बफर ज़ोन भारत की ज़मीन पर बने हैं, जिससे भारतीय सेना अपनी ही ज़मीन परगश्त नहीं कर पा रही है। गांव, नक्शा और रणनीतिक कब्जाLAC पर चीन ने अब तक 50 नए गांव बसा लिए हैं जिनमें सड़क, बिजली, पानी और इंटरनेट जैसी बुनियादी सुविधाएं भी मौजूद हैं। इसके साथ हीचीन ने अरुणाचल प्रदेश की 30 जगहों के नाम बदल दिए हैं और भारत के नक्शे से छेड़छाड़ कर हमारे क्षेत्रीय अधिकार को चुनौती दी है। प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री की चुप्पी और पूर्व संबंधप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 जून 2020 को दिए गए बयान में दावा किया था कि “ना कोई घुसा है, ना ही घुसा हुआ है,” जिससे चीन को अंतरराष्ट्रीयस्तर पर फायदा मिला। मोदी जी की चीन से करीबी भी किसी से छिपी नहीं है वे अब तक चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से 30 बार मिल चुके हैं औरमहाबलीपुरम से लेकर साबरमती तक झूले भी साझा कर चुके हैं। लेकिन अब जब चीन खुलकर हमारे दुश्मन के साथ खड़ा है, तो यह चुप्पी चौंकानेवाली है। 28 शहीदों के परिवार आज भी न्याय की प्रतीक्षा मेंआज तक हमले के दोषी न तो पकड़े गए हैं, न ही उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई हुई है। शहीदों के परिवार सरकार से सवाल कर रहे हैं कि आखिरउन्हें कब इंसाफ मिलेगा? और हमलावर इतनी आसानी से भारतीय सीमा के 200 किलोमीटर भीतर कैसे दाखिल हुए और इतनी ही आसानी से गायबकैसे हो गए? जासूसों के साथ भाजपा की नजदीकियांइस पूरे घटनाक्रम में सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि जिन लोगों पर भारत के खिलाफ जासूसी के आरोप लगे हैं, वे भाजपा सरकार के आयोजनोंऔर कार्यक्रमों में आमंत्रित किए जा रहे थे। मई 2025 में हिसार पुलिस ने यात्रा व्लॉगर ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने केआरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसके भाजपा से संबंधों का खुलासा हुआ। ज्योति मल्होत्रा का पाकिस्तान से गहरा संपर्कज्योति ने नवम्बर 2023 से मार्च 2025 के बीच पाकिस्तान के खुफिया अधिकारियों से नियमित संपर्क रखा। रिपोर्ट्स के अनुसार, उसका मुख्य हैंडलरपाकिस्तान हाई कमिशन में कार्यरत एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश था। यहां तक कि उसने पाकिस्तानी एजेंट शकिर का नाम “जाट रंधावा” के तौर परसेव किया हुआ था। कहा जा रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी वह दानिश से संपर्क में थी। सरकार की भूमिका पर गंभीर प्रश्नअब सवाल यह है कि जब ऐसे संदिग्ध तत्व देश में खुलेआम घूम रहे थे और भाजपा के साथ उठ-बैठ रहे थे, तो हमारी खुफिया एजेंसियां औरसत्ताधारी दल क्या कर रहे थे? क्या यह राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता नहीं है?